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- -मुख्यमंत्री ने की रायपुर में सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग स्थापना, 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण एवं प्रत्येक जोन में एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज भाठागांव स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड में नवनिर्मित इनोवेशन सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। साथ ही जयस्तंभ चौक के मल्टीलेवल पार्किंग में नवनिर्मित को-वर्किंग स्पेस आरंभ का वर्चुअली लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग की स्थापना, रायपुर जिले में 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण और नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक जोन में एक-एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर ओयो के फाउंडर श्री रितेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रूपए का निवेश करने और 15 हजार रोजगार सृजन करने की बात कहीं। इनोवेट के गेम जोन में मुख्यमंत्री श्री साय एवं ओयो फाउंडर श्री अग्रवाल ने टेबल टेनिस खेल में हाथ आजमाया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने एवं रोजगार के नये अवसर पैदा करने स्मार्ट सिटी का विचार क्रियान्वित किया। रायपुर को भी स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित किया गया है। राज्य सरकार स्मार्ट सिटी के अनुरूप सुविधाओं को लगातार बढ़ाने के लिए पहल कर रही हैं। श्री साय ने कहा कि युवा उद्यमियों के दिमाग में उद्यम के बहुत से विचार हैं। वे अपना स्टार्टअप आरंभ करना चाहते हैं बस उन्हें थोड़ा सहयोग देने की आवश्यकता है फिर वे कमाल कर दिखाएंगे। सरकार युवाओं के लिए यही सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन के कार्याें की सरहाना की।उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए एक आफिस, फर्नीचर, एक अच्छा लोकेशन, कंप्यूटर, वाईफाई चाहिए, लेकिन इतने सब कुछ के लिए ही जो बजट लगता है वो बहुत से युवा उद्यमियों के बस की बात नहीं होती। को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर के रूप में यही आफिस स्पेस उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 48 लाख रुपए की लागत से जयस्तंभ चैक के मल्टीलेवल पार्किंग सेंटर में आरंभ स्टार्टअप को-वर्किंग सेंटर तथा एक करोड़ रुपए की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में इनोवेशन सेंटर तैयार किया गया है। यहां स्टार्टअप उद्यमियों को काम करने के लिए आफिस मिल जाएगा। साथ ही प्राइवेट कैबिन होंगे, कंप्यूटर मिल जाएंगे और फर्नीचर उपलब्ध होगा, कैफेटेरिया होगा। प्रेजेंटेशन के लिए आडिटोरियम होगा। उन्हें केवल अपने आइडिया पर काम करना होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि को-वर्किंग सेंटर होगा तो अन्य स्टार्टअप कंपनियां भी यहां आपरेट करेंगी। इस तरह से एक तरह की सोच वाले उद्यमी एक ही स्थान पर काम करेंगे, इससे वे आपस में विचारों को साझा भी करेंगे, जिससे नवाचार का एक बेहतरीन वातावरण राजधानी में तैयार होगा। उन्होंने कहा कि रितेश अग्रवाल ने छोटी सी उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया। उनके पास एक विचार था कि लोग अच्छे सुविधाजनक होटल चाहते हैं। डिजिटल क्रांति उसी समय शुरू हुई थी, लोग तेजी से स्मार्ट फोन अपना रहे थे, उन्होंने ओयो एप आरंभ किया और इस छोटे से विचार ने हास्पिटैलिटी सेक्टर में क्रांति ला दी। छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं के पास भी ऐसे अनेक विचार हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित हैं। आज को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर की शुरूआत इसी का हिस्सा है।इस अवसर पर ओयो के फाउंडर श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि स्टार्टअप के जरिए हमें बड़ी सफलता मिली थी और वर्तमान में 22 हजार होटल संचालित हो रहा है। छत्तीसगढ़ में इनोवेट के शुरू होने से हजारों युवाओं को फाउंडर बनने का अवसर मिलेगा। गांव के युवाओं के सपने भी पूरे हो सकेंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में 500 करोड़ रूपए निवेश करने की तैयारी हमारी कंपनी ने की है और 15 हजार रोजगार भी सृजनित किए जाएंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों की सरहाना करते हुए कहा कि यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, इससे निश्चित ही स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ एक स्टार्टअप राज्य बनेगा। श्री अग्रवाल ने खुशी जताते हुए कहा कि यह देखा गया है कि बड़ी कंपनी के शुभारंभ में उद्यमी पहुंचते थे, लेकिन आज छत्तीसगढ़ में सुखद अवसर है कि मुख्यमंत्री सहित अन्य सम्मानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए है।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवाचार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए है। इससे जिले में रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। 50 से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवगुरूकुल संस्था के युवाओं को जाॅब आफर लेटर दिया। शी-हब से जुड़ी महिलाओं और स्टार्टअप कंपनियों के युवा उद्यमियों का सम्मान किया। साथ ही बी.पी.ओ. सेंटर से जुड़े युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। कार्यक्रम के दौरान नवाचार क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री विक्रम उसेंडी, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 12 दिसंबर को राजधानी रायपुर, कोरबा और बिलासपुर जिले के तखतपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 10.30 बजे रायपुर सिविल लाईन स्थित न्यू-सर्किट हाऊस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करेंगे।मुख्यमंत्री दोपहर 12.05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 12.55 बजे कोरबा के मुड़ापार हेलीपेड पहुंचेेंगे और सीएसईबी फुटबॉल ग्राउण्ड में दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम तथा विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकर्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय कोरबा से अपरान्ह 2.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.05 बजे बिलासपुर जिले के तखतपुर पहुंचेंगे और 3.10 बजे जे.एम.पी. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रागंण में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकर्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवपदस्थ कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.15 बजे तखतपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.45 बजे रायपुर लौट आएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय शाम 6 बजे रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में पीएम स्व-निधि, डे-एनयूएलएम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए नगरीय निकायों, बैंकों तथा लाभार्थियों के सम्मान समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रात्रि 7.15 बजे रायपुर के पंडरी अटल एक्सप्रेस-वे फ्लाईओव्हर के नीचे ‘बॉक्स स्पोर्स्टस कॉम्पलेक्स‘ का लोकार्पण करेंगे।
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- शासन के न्यौता भोजन की अवधारणा से बच्चों के फूड हैबिट में आया सकारात्मक परिवर्तन
- बच्चों को जब पढ़ाई के साथ मिला स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन तो स्कूल जाने में बढ़ी रूचि
- ग्राम डुन्डेरा के पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में न्योता भोजन का हुआ बेहतरीन आयोजन
- जनसहभागिता से अभिभावकों तथा समाज का स्कूलों के प्रति बढ़ा दायित्व
राजनांदगांव । न्यौता भोजन की अवधारणा से बच्चों के फूड हैबिट में सकारात्मक परिवर्तन आया है। शासन के न्योता भोजन की पहल के कारगर परिणाम दिखाई दे रहे हैं। भोजन जब स्वादिष्ट व पौष्टिक हो और पढ़ाई करने के साथ-साथ ऐसा स्वादिष्ट व्यंजन मिले तो बच्चों में न केवल अध्ययन के प्रति रूचि बढ़ती है, बल्कि उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है। वहीं स्कूल जाने के लिए बच्चों में खुशी रहती है। ऐसी ही खुशी और मुस्कान दिखाई दे रही है, पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुन्डेरा के बच्चों के चेहरों पर। शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक शाला डुन्डेरा में उनकी थाली में आज परोसा गया है, गरमा-गरम जलेबी, भजिया, बर्फी, पूड़ी एवं अन्य सुरूचिपूर्ण भोजन। विभिन्न व्यंजनों के साथ बच्चों ने दैनिक भोजन दाल, चावल, पापड़, आलूगोभी की सब्जी, सलाद का आनंद लिया। बच्चों ने प्रार्थना कर भोजन खाना प्रारंभ किया। भोजन करने के पहले बच्चों ने हैंडवाश किया और अपने साफ-सुथरे हाथों को दिखाकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं पीएमश्री स्कूल डुन्डेरा में बच्चों को दाल, चावल, सब्जी, पूड़ी, पापड़, फल एवं मिठाई दी गई। शाला प्रबंधन एवं विकास समिति शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा के अध्यक्ष श्री विरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि स्कूल में न्योता भोजन जनसहभागिता से अच्छी तरह संचालित हो रहा है। सहायक शिक्षक पीएमश्री प्राथमिक शाला डुंडेरा के श्री राकेश चंद्रवंशी ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत न्योता भोजन आयोजित किया जा रहा है। विशेष आयोजनों पर न्योता भोजन का आयोजन किया जा रहा है। शाला प्रबंधन समिति एवं पालकों द्वारा खासतौर पर जन्मदिन विभिन्न पर्व के अवसर पर न्योता भोजन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज समिति के अध्यक्ष श्री प्रीतराम वर्मा की ओर से न्योता भोजन का आयोजन किया गया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए जनसहभागिता से न्योता भोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे अभिभावकों तथा समाज की सहभागिता एवं दायित्व स्कूलों के प्रति बढ़ी है।
उल्लेखनीय है कि न्योता भोजन की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। समुदाय के सदस्य ऐसे अवसरों व त्यौहारों पर अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान कर सकते हैं। यह पूरी तरह स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान दे सकते हैं। न्योता भोजन, स्कूल में दिए जाने वाले मिड-डे मील का विकल्प नहीं है, बल्कि यह इसके अतिरिक्त है। दान दाताओं को न्योता भोजन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। -
- उपभोक्ता के घर का बिजली बिल हो जाएगा शून्य
- घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट हो रहा स्थापित
- जिले में घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए 527 आवेदन हुए प्राप्त, 19 हितग्राहियों के घरों में संयंत्र किए गए स्थापित
राजनांदगांव । शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। योजनांतर्गत राजनांदगांव जिले में घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए 527 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 19 हितग्राहियों के घरों में संयंत्र स्थापित किए गए है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 से प्रभावशील है। यह स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते हंै। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट श्चद्वह्यह्वह्म्4ड्डद्दद्धड्डह्म्.द्दश1.द्बठ्ठ या क्करूस्ह्वह्म्4ड्डत्रद्धड्डह् म् मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है। -
- वंशिका को पढ़ाई के लिए मिली एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि
- वंशिका और उनकी मां श्रीमती संगीता ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त
- वंशिका को आगे की शिक्षा के लिए होगी मदद, गरीबी नहीं बनेगी शिक्षा के लिए बाधा
- श्रम विभाग में मां के श्रमिक पंजीयन होने से बिटिया वंशिका हुई लाभान्वित
राजनांदगांव । निर्माणी श्रमिक श्रीमती संगीता साहू की बिटिया वंशिका साहू को 10वीं कक्षा में राज्य स्तर पर टॉप 10 के छठवां स्थान प्राप्त करने पर राज्य शासन की ओर से 1 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि मिला है। आर्थिक रूप में बेहद कमजोर परिवार से संबंध रखने वाली वंशिका को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए राज्य शासन की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना मददगार बनी है। वंशिका ने बताया कि वे राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम हालेकोसा में निवास करती हैं और शिक्षा भी स्थानीय शासकीय स्कूल में पढ़ाई कर रही है। उन्होंने बताया कि उनकी मां श्रीमती संगीता साहू भवन निर्माण कार्य में मजदूरी का कार्य करती है और उनके पिता श्री तोरनलाल साहू की छोटी सी कपड़े की दुकान है। उनकी मां का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में श्रमक पंजीयन कार्ड बना हुआ है। वंशिका ने बताया कि उनके माता-पिता मजदूरी करके दोनों भाई-बहन की पढ़ाई करा रहे हैं। वंशिका ने कहा कि प्राप्त राशि से शिक्षा के लिए मदद मिली है और मेरे माता-पिता के होने वाले खर्च का भार भी कम हुआ। माता-पिता के परिश्रम को ध्यान में रखते हुए वंशिका समर्पित भाव से पढ़ाई कर रही है। वंशिका डॉक्टर बनना चाहती हैं, जिसके लिए वह बॉयोलॉजी विषय लेकर पढ़ाई कर रही है। वंशिका ने 10वीं कक्षा में 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य की मेरिट सूची में छठवां स्थान प्राप्त किया है।
वंशिका की मां श्रीमती संगीता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत अच्छी है। वह शुरू से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। वह स्कूल से घर आने पर पढ़ाई में ज्यादा समय देती है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि श्रम विभाग में उनके श्रमिक पंजीयन कराने से उनकी बिटिया के श्रेष्ठ प्रदर्शन से 1 लाख रूपए की मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन से प्राप्त राशि मेरी बिटिया के आगे की शिक्षा और डॉक्टर बनने के सपने के लिए बहुत मददगार होगी। वंशिका और उनकी मां श्रीमती संगीता साहू ने योजना के अंतर्गत उन्हें लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया।
श्रमिकों के बच्चों को सरकार देती है राशि -
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत छत्तीसगढ़ भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल की ओर से पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों की मदद की जाती है। कक्षा 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रम में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने पर 5 हजार रूपए से लेकर 12 हजार 500 रूपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के बच्चे, जो छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करते हैं, उन्हें एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, साथ ही दोपहिया वाहन खरीदने के लिए एक लाख रूपया दिया जाता है। - -जिला न्यायालय सहित गरियाबंद, देवभोग, तिल्दा, राजिम और आरंग में भी होगा आयोजनरायपुर / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के वार्षिक कलेण्डर के अनुसार 14 दिसंबर को को पूरे देश में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में राजीनामा योग्य लंबित मामला, भाड़ा नियंत्रण, चेक बाउन्स, आबकारी विधि, सिविल विधि, यातायात संबंधी, परिवार न्यायालय, विद्युत, दूरसंचार, नगर निगम, जलकर, भूमिकर, श्रम विधि, आपराधिक विधि के मामलों का निराकरण राजीनामा के माध्यम से किया जाता है। जिला रायपुर तथा जिला गरियाबंद, तहसील देवभोग, तिल्दा, एवं राजिम तथा नवीन तहसील आरंग में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 दिसम्बर शनिवार को एक साथ किया जायेगा। नेशनल लोक अदालत की तैयारी के संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर माननीय श्री बी०पी० वर्मा ने न्यायाधीशगण की बैठक ली। बैठक में उनके द्वारा निर्देश दिया गया है कि अधिक से अधिक मामलों को चिन्हांकित कर प्रीसिटिंग के माध्यम से राजीनामा के आधार पर प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाये। उनके द्वारा बताया गया कि, नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जन जन को सरल, सस्ता, तथा सुलभ न्याय प्रदान कराया जाना है एवं व्यक्त किया कि, नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार सार्वजनिक स्थल हाट बाजार, रेल्वे स्टेशन, बस स्टॅण्ड एवं ग्रामीण अंचल मुनादी कराकर किया जा रहा है, तथा इसके अतिरिक्त रेल्वे स्टेशन व चौक चौराहो में ट्रैफिक स्पीकर के माध्यम से भी नेशनल लोक अदालत का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इस बार लोगों को विशेष रूप से मोबाईल वैन के माध्यम से भी नेशनल लोक अदालत का लाभ उनके घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा । लोक अदालत में पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं की सुविधा हेतु हेल्प डेस्क का भी गठन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आकर हेल्प डेस्क के माध्यम से लोक अदालत का लाभ प्राप्त कर सकते है।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को जारी की राशिरायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 166 नगरीय निकायों को कुल 66 करोड़ छह लाख रुपए की पार्षद निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 14 नगर निगमों को 21 करोड़ 96 लाख रुपए, 48 नगर पालिकाओं को 20 करोड़ 70 लाख रुपए और 104 नगर पंचायतों को 23 करोड़ 40 लाख रुपए की पार्षद निधि जारी की है। नगरीय निकायों के विकास और नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ये राशि प्रदान की गई है। वार्डों के विकास और आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए इस निधि का उपयोग किया जाएगा।नगरीय निकायों को जारी की गई पार्षद निधि की यह राशि चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित कुल निधि का 50 प्रतिशत है। इससे पहले इस वर्ष जुलाई में भी निकायों को 65 करोड़ 72 लाख 24 हजार रुपए का आवंटन जारी किया गया था। पार्षद निधि के रूप में नगर निगमों में प्रत्येक वार्ड के लिए छह लाख रुपए, नगर पालिकाओं में प्रत्येक वार्ड के लिए साढ़े चार लाख रुपए और नगर पंचायतों में प्रत्येक वार्ड के लिए तीन लाख रुपए प्रावधानित है।उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव से हाल ही में विभिन्न नगरीय निकायों के पार्षदों ने मुलाकात कर पार्षद निधि की राशि जारी करने की मांग की थी। श्री साव ने उनकी मांग पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभाग को पार्षद निधि जल्द जारी करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने नगरीय निकायों को इस निधि का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने को कहा है। साथ ही सभी कार्यों का क्रियान्वयन वार्डों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पार्षदों की अनुशंसा से करने के निर्देश दिए हैं।श्री साव ने उम्मीद जताई है कि पार्षद निधि के माध्यम से वार्ड स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। सरकार का उद्दे श्य सभी को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने पार्षद निधि से कराए जाने वाले सभी कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के नाम संदेश देंगे, जिसका सीधा प्रसारण 12 दिसंबर को अपराह्न 4 बजे एवं रात्रि 8 बजे क्षेत्रीय समाचार चैनलों, आकाशवाणी, एफएम रेडियो एवं सीएमओ के सोशल मीडिया प्लेटफार्म से किया जाएगा।
- रायपुर /खेती-किसानी में उलझे द्वारिका पटेल ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उन्हें भी मुफ्त में तीर्थ यात्रा का मौका मिलेगा। उनकी पत्नी रामाबाई को भी कभी लगता नहीं था कि वह अपने पति के साथ रामलला का दर्शन करने अयोध्या जा पाएगी। जब से अयोध्या में मंदिर बना और रामलला विराजमान हुए तब से रामाबाई की इच्छा थी कि वह भी भगवान राम का दर्शन करें। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा तीर्थ यात्रियों का चयन किए जाने के लिए आवेदन मंगाए जाने पर पटेल दम्पति ने अपना आवेदन जमा किया और ये भाग्यशाली रहे कि लॉटरी में भी दोनों का नाम निकल आया। अपना नाम आने के बाद खुद को सौभाग्यशाली मानते हुए पति-पत्नी ने खुशी-खुशी कोरबा से अयोध्या तक यात्रा की। अयोध्या से रामलला का दर्शन करने के बाद खुद को धन्य समझने वाले पटेल दम्पति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित छत्तीसगढ़ की सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।रामलला दर्शन तीर्थ यात्रा के यादगार पलों को बताते हुए द्वारिका प्रसाद खुद को बहुत रोमांचित महसूस करते हैं। पाली विकासखंड के ग्राम चैतमा में रहने वाले किसान द्वारिका पटेल ने बताया कि पत्नी रामाबाई के साथ रामलला दर्शन के लिए चयन होने के बाद दोनों कोरबा से बस में सवार होकर बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां अन्य यात्रियों के साथ सभी का स्वागत अभिनंदन किया गया। स्पेशल ट्रेन में सवार होने के बाद वे अयोध्या तक पहुंचे। इस दौरान ट्रेन में भजन-कीर्तन का माहौल था और भगवान श्री राम के जयकारे के साथ लंबी दूरी की यात्रा का पता ही न चला। अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर और उनकी प्रतिमा का दर्शन बहुत ही सुखद अनुभूति कराने वाला अविस्मरणीय पल था। रामाबाई ने बताया कि तीर्थ यात्रा में पति के साथ जाने का मौका मिला। अन्य तीर्थ यात्रियों के बीच मेल मिलाप और पारिवारिक रिश्ते जैसे अनुभव हुए। उन्होंने कहा कि यात्रा यादगार रही। अभी भी उस यात्रा को याद करने पर भगवान रामलला आंखों में दिखाई देते हैं। रामाबाई ने बताया कि हम दोनों दिन भर खेती किसानी के कार्य में व्यस्त रहते हैं और अपने गांव के आसपास से कही और नहीं जा पाते। छत्तीसगढ़ की सरकार ने घर से लेकर अयोध्या तक बस, स्पेशल ट्रेन और नाश्ते-भोजन के साथ रहने की व्यवस्था की और बिना पैसा लिए निःशुल्क में श्री रामलला दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से हम जैसे परिवारों को सुनहरा मौका दिया उसके लिए हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
- -118 लेक्चरर, 96 शिक्षक और 263 सहायक शिक्षकों, 40 पीवीटीजी सहित 500 से अधिक शिक्षकों की हुई नियुक्ति-शिक्षकों की नियुक्ति में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समाज को मिली वरीयतारायपुर / कुछ समय पहले तक अपने विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थी परेशान थे। स्कूलों में विषय से संबधित शिक्षक नहीं होन या फिर एकमात्र शिक्षक होने और कभी-कभी उनके अवकाश में रहने से अध्यापन ठप होने जाने की शिकायत पालकों की भी रहती थी। कई बार शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन तक भी होते रहते थे। शिक्षकों की कमी का सबसे ज्यादा खामियाजा विद्यार्थियों को ही भुगतना पड़ता था। समय पर पाठयक्रम पूरे नहीं होते थे तो उन्हें विषय का ज्ञान भी नहीं मिल पाता था। कई बार तो शिक्षकों की कमी को देखते हुए कुछ विद्यार्थी अपने आसपास के विद्यालयों से दूर जाकर अन्य विद्यालय तक में पढ़ाई करते थे। वहीं शिक्षक नहीं होने पर सीमित संख्या में उपलब्ध शिक्षकों के कंधे पर भी अन्य विषयों का अध्यापन कराने की मजबूरी आ जाती थी। कुछ इन्हीं समस्याओं को ध्यान रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा कोरबा जिले में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। जिले में सैकड़ों ऐसे विद्यालय थे, जहां शिक्षकों की कमी थीं, उन विद्यालयों में विषय से संबंधित लेक्चचर, शिक्षकों, सहायक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। अब शिक्षक नियुक्त हो जाने से विद्यालयों में अध्यापन व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई है।कोरबा जिले में शिक्षा व्यवस्था को पहले से और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।कोरबा जिले में दो हजार से अधिक विद्यालय है। हायर सेकेण्डरी, माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला विद्यालय में शिक्षकों की कमी की शिकायत लगातार कलेक्टर के पास आती रहती थी। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से सभी विद्यालयों की जानकारी जुटाकर शिक्षकों की कमी को दूर करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विषय शिक्षकों की भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मंगाए गए और निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले उम्मदवारों का चयन किया गया। प्राथमिक शाला कोरई में मानदेय के आधार पर नियुक्त हुई शिक्षिका चंद्रिका पैंकरा और प्राथमिक शाला कदमझेरिया की शिक्षिका शकुंतला कंवर ने बताया कि स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में जिम्मेदारी मिलने के बाद वे भी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का अध्यापन करा रहे हैं। यह खुशी की बात है कि शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता बरतते हुए गांव के बेरोजगार योग्य युवाओं को भी अवसर दिया गया है। जिले के हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कुल 118 लेक्चरर की नियुक्ति की गई। इसी तरह माध्यमिक शाला में 96 शिक्षकों और प्राथमिक शाला में 263 सहायक शिक्षकों सहित 40 पीवीटीजी शिक्षकों की नियुक्ति की गई। कुल 517 शिक्षकों की नियुक्ति जिले में की गई है। सभी शिक्षकों को मानदेय के आधार पर रखा गया है और डीएमएफ से उन्हें प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। जिसमें रिक्त पदों के विरूद्ध शिक्षकों की नियुक्ति हो जाने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल मिलने लगा है। उनका समय पर पाठयक्रम पूरा हो रहा है वहीं विषय ज्ञान का स्तर भी सुधरने लगा है। एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शिक्षकों को राहत मिली है। अभिभावक भी इस व्यवस्था से संतुष्ट है। खास बात यह भी है कि शिक्षकों की नियुक्ति में जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समाज को भी वरीयता दी गई है। उन्हें भी उनकी योग्यता के आधार पर जिले के अनेक विद्यालयों में शिक्षक सहित भृत्य एवं अन्य पदों पर रखा गया है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर समाज की मुख्यधारा में आ सकें।भृत्यों की नियुक्ति सहित अन्य सुविधाओं पर भी दिया गया है ध्यान -जिले के हायर सेकेण्डरी, माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला विद्यालय में लेक्चचर, शिक्षकों, सहायक शिक्षकों की नियुक्ति तो की ही गई है। इसके साथ ही विद्यालयों में 270 भृत्य भी नियुक्त किए गए हैं। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जर्जर विद्यालयों की भी सुध ली है। उन्होंने जर्जर भवनों की जानकारी मंगाकर नए भवन स्वीकृत किए हैं। जिले में संचालित शासकीय संस्थाओं के भवन, किचन शेड, शौचालय इत्यादि की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार स्वीकृति दी गई है। जिले के परीक्षा परिणाम में सुधार हेतु केंद्रीय परीक्षा पद्धति अपनाते हुए जिले के समस्त विद्यालय हेतु पाठ्यक्रम निर्धारित कर नियत समय पर त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षा संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया है। कक्षा 10वीं एवं 12वीं के कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए बोर्ड परीक्षा के पूर्व शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु नवीन कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के 2100 से अधिक प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने नाश्ते वितरण कराए जा रहे हैं। खाना पकाने गैस कनेक्शन दी गई है। विद्यालयों में आवश्यक संसाधान मुहैया कराया जा रहा है और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- दुर्ग, / दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन पर स्वापक, औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार, निवारण अधिनियम-1988 की धारा-3 सहपठित धारा-11 के तहत न्यायालयीन आदेश पारित कर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रोहित कनौजिया पिता नंदू कनौजिया निवासी यादव चौक रूआबांधा बस्ती भिलाई जिला दुर्ग को 06 माह के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने आदेशित किया है। आदेश पारित करने के पूर्व संभाग आयुक्त द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत जवाब/तर्क, न्याय दृष्टांतों एवं शपथपूर्वक कथन का अध्ययन कर उस पर मनन किया गया। प्रकरण में प्रस्तुत ईश्तगासा मय दस्तावेजों का अवलोकन किया गया है। तथ्य के अनुसार रोहित कनौजिया के विरूद्ध नारकोटिक्स एक्ट के 02 मामले दर्ज कर कार्यवाही की गई है। इसके अलावा लड़ाई, झगड़ा व मारपीट, जुआं, आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास के भी मामले लगातार दर्ज होते रहे हैं। जेल से छूट जाने के पश्चात् लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलप्ति रहा है तथा उसकी प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं हुई है। वर्तमान में भी शराब व गांजा सहित अन्य मादक पदार्थ बेचने की शिकायत लगातार मिलती रही है। स्वतंत्र साक्षी के कथन से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि रोहित कनौजिया रूआबांधा क्षेत्र में हर मोहल्ले में लड़कों का गेंग बना कर रखा है। साथ ही उक्त क्षेत्र में गांजा/शराब बेचने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। जमानत पर न्यायालय से छूट जाने से उसका मनोबल बढ़ता जा रहा है। वह अवैध रूप से शराब व गांजा जैसे नशीली पदार्थों का अवैध व्यापार करने का आदी हो गया है। उनकी आपराधिक गतिविधियों से समाज में रहने से विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में प्रकरण में आये प्रतिवेदन, जवाब, साक्षियों के बयान एवं तर्क के आधार पर उसे जेल में निरूद्ध किया जाना आवश्यक है।ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदक के द्वारा आदतन अपराध घटित करने के कारण इस पर अंकुश लगाने प्रतिबंधक धाराओं के तहत कार्यवाही की गई है। इसके बाद भी इसकी आदतों में कोई सुधार परिलक्षित नहीं हुआ, बल्कि ये अपराधी बन गया है। आम जनता में इसके आतंक से भय व्याप्त हो गया है। लोग इसके विरूद्ध रिपोर्ट करने की साहस करना तो दूर इसकी उपस्थिति की सूचना देने तक के लिए घबराते हैं। अनावेदक के विरूद्ध थाना भिलाई नगर जिला दुर्ग में 16 विभिन्न अपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस द्वारा आपराधिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर पृथक-पृथक न्यायिक दण्डाधिकारी एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी के न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किये गये। अनावेदक के विरूद्ध इसके भय एवं आतंक के कारण कोई भी जन साधारण न्यायालय में गवाही देने से बचता है। संभागायुक्त श्री राठौर ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए 06 दिसम्बर 2024 को न्यायालयीन आदेश पारित कर अपराधिक प्रवृत्ति में संलिप्त रोहित कनौजिया को केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने के आदेश दिये हैं।
- दुर्ग, / जिले के ग्राम बोरई निवासी रामकृष्ण साहू के परिवार के लिए 8 फरवरी 2023 का दिन उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ लेकर आया। एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले रामकृष्ण, एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत हैं, और उनकी पत्नी जांत्री साहू घर पर ही छोटे बच्चो को ट्यूशन क्लास कराती हैं। उनकी 8 वर्षीय बेटी नित्या की हंसी-खुशी भरी जिंदगी उस दिन अचानक बदल गई, जब खेलते समय वह गिर गई। परिवार ने तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया। जांच में खुलासा हुआ कि नित्या दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) से पीड़ित है। यह बीमारी शरीर की तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों को कमजोर कर देती है। नित्या की स्थिति ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनी जीवनदायिनीआर्थिक चुनौतियों के बीच उपचार की शुरुआत करते हुए रामकृष्ण और जांत्री ने अपनी बेटी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। चार महीने तक अस्पताल में नित्या का इलाज चला। इलाज के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव पड़ा। इलाज का खर्च मध्यम वर्गीय परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। इस कठिन समय में, रामकृष्ण ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत आवेदन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उनकी अपील पर त्वरित कार्रवाई हुई। आवेदन करने के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें 1,75,000 रू. की सहायता राशि प्रदान की गई। यह सहायता राशि उनके लिए उम्मीद की एक किरण बनकर आई। रामकृष्ण ने बताया, “सरकार की इस मदद ने हमारी बेटी को एक नया जीवन दिया। हम छत्तीसगढ़ सरकार और माननीय मुख्यमंत्री के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं।”आज नित्या पूरी तरह स्वस्थ है और फिर से अपनी सामान्य जिंदगी जी रही है। रामकृष्ण साहू का परिवार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है। यह कहानी दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ सरकार कैसे संकट में फंसे परिवारों की मदद के लिए तत्पर है और उनकी समस्याओं का समाधान करती है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना जैसे प्रयास जरूरतमंदों के लिए एक मजबूत सहारा है, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि राज्य के हर नागरिक को जीवन के कठिन क्षणों में सरकार का समर्थन मिले। यह योजना छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय दृष्टि और संवेदनशीलता का प्रमाण है।
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दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिले के दुर्ग विकासखण्ड के ग्राम मचांदूर में 12 दिसम्बर 2024 को दाऊ उत्तम साव शासकीय महाविद्यालय में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। समस्त विभाग के अधिकारियों को आवश्यक विभागीय जानकारी के साथ शिविर में प्रातः 10 बजे उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
- दुर्ग, / छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्यिक कर पंजीयन (विभाग) द्वारा जिले में नवीन उप पंजीयक कार्यालय बोरी (अचल संपत्ति से संबंधित पंजीयन) में प्रारंभ किया जा रहा है। नवीन कार्यालय ग्राम बोरी में पुराना तहसील कार्यालय भवन, शासकीय चिकित्सालय के पास संचालित होगा। नवीन कार्यालय में पंजीयन कार्य 16 दिसंबर 2024 दिन सोमवार से प्रारंभ होगा। नवीन उप पंजीयक कार्यालय का शुभारंभ विधानसभा क्षेत्र साजा विधायक श्री ईश्वर साहू के मुख्य आतिथ्य में 13 दिसंबर 2024 को किया जाएगा। जिला पंजीयक सुश्री प्रियंका श्रीरंगे से प्राप्त जानकारी अनुसार नवीन उप पंजीयक कार्यालय के प्रारंभ होने से चीचा, डोड़की, देउरकोना, अरसी, सुखरीकला, टेकापार, तुमाखुर्द, फुण्डा, सिलतरा, बोरीबुजुर्ग, परसदाखुर्द, दनिया, पथरिया, डोमा, नवांगांव, परसदापार, मड़ियापार, पुरदा, करेली, गाड़ाडीह, लिटिया, जोगीगुफा, सेमरिया, हसदा, चिखला, बिरेझर, हिरी, खर्रा, रौता, टेमरी, पोटिया, सेवती कुल 32 ग्रामों की रजिस्ट्रीयां स्थानीय रूप से हो सकेंगी तथा पक्षकारों को दुर्ग या धमधा जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूर्व में इन ग्रामों की रजिस्ट्रीयां धमधा या दुर्ग में ही होती थीं अब इन सभी क्षेत्रों की रजिस्ट्रीयां नवीन उप पंजीयक कार्यालय बोरी में होंगी। उप पंजीयक कार्यालय का स्थानीयकरण होने से इन क्षेत्रों की निवासी आमजनता को जहां पंजीयन कराने के लिए दुर नहीं जाना पड़ेगा वहीं उप पंजीयक कार्यालय दुर्ग तथा धमधा में भी क्षेत्र की कमी होने से कार्यालयों में भीड़ कम होगी। 16 दिसंबर 2024 से नवीन उप पंजीयक कार्यालय बोरी में इन सभी क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले अचल संपत्तियों से संबंधित समस्त दस्तावेजों का पंजीयन कराया जा सकता है।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे ने प्रधान मंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत सांतरा में आवास के हितग्राहियों से चर्चा की और हितग्राहियों को आवास निर्माण योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने संबंधित अधिकारी को ग्राम पंचायत में अप्रारंभ आवास के कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए कहा। ग्राम सांतरा, छाटा, गोंडपेंड्री के प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर आवास कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिये।भ्रमण के दौरान प्रगतिरत् कार्यों के हितग्राही अनुज बघेल, रंजीत, राम बघेल, गेंदलाल, सत बाई एवं सुख्खु ने बताया कि शासन द्वारा 02 किस्त का अनुदान प्राप्त हो चुका है। सीईओ श्री दुबे ने हितग्राहियों को आवास निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी और उन्हे प्रोत्साहित किया। उन्होंने रोजगार सहायक को समय में मस्टरोल जारी करवा कर 90 दिवस का भुगतान करने एवं आवास मित्र, तकनीकी सहायक को आवश्यक निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम छाटा में जीवनलाल, धोराजी, पन्नालाल और गुलाब चंद के आवास का और ग्राम गोंडपेंड्री में हितग्राही कुमारी बाई के आवास का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, आवास कॉर्डिनेटर जिला पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, तकनीकी सहायक, आवास मित्र, रोजगार सहायक, सरपंच, सचिव उपस्थित थे।
- भिलाई ।जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवीजी द्वारा बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर भिलाई, में चल रही दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला में वेद शास्त्र के प्रमाणों से विश्व का प्रत्येक जीव एकमात्र आनंद ही चाहता है इसलिए आस्तिक है के सिद्धांत को समझाने के पश्चात् देवी जी ने दूसरे दिन वेदों के द्वारा यह भी प्रमाणित किया कि विश्व का प्रत्येक जीव नास्तिक है क्योंकि हर कोई इंद्रियों की भक्ति करता है लोग कहते हैं कि भगवान सब के अंतःकरण में व्याप्त है लेकिन इसको शतसः मानते नहीं है यदि कोई प्रतिक्षण ईश्वर को अपने अंतःकरण में बैठा माने, अपने साथ हर जगह महसूस करें, तो वह कोई अपराध कर ही नहीं सकता। क्योंकि पाप तभी होते हैं, जब हम यह भूल जाते हैं कि हम उस परमपिता के अधीन हैं और वह प्रतिक्षण हमारे कार्यों को देख रहा है, हमारे कर्मों को हमारे अंदर बैठकर लिखता रहता है। जब लोग मंदिर में जाते हैं केवल उतने समय के लिए भगवान के सामने मंत्र, जाप, श्लोक आदि बोल देते हैं, जैसे ‘‘त्वमेव माता च पिता त्वमेव“ आदि लेकिन मन की आसक्ती घर के माता-पिता में होती है। मंदिर में खड़े होकर भी हमारा ध्यान संसारी कार्यों में लगा रहता है। इस प्रकार हर व्यक्ति, सर्वान्तर्यामी भगवान को धोखा देने का प्रयास करता है और मात्र इंद्रियों की भक्ति करता है। लोग किसी की मृत्यु पर कहते हैं- ‘‘राम नाम सत्य है“ लेकिन यही वाक्य यदि कोई किसी शुभ अवसर पर कह दे, तो इसे महान अपशगुन माना जाता है। हम इतना भी नहीं जानते कि भगवान के नाम में स्वयं भगवान अपनी समस्त शक्तियों के साथ बैठे हुए हैं अर्थात् राम का नाम तो स्वयं राम ही है वह तो सर्वथा शुभ ही है। इसी प्रकार हम लोग ईश्वर को न मानकर संसारी मान्यताओं, खोखली परंपराओं और इंद्रियों की भक्ति को अधिक मान्यता देते हैं। उपरोक्त सभी उदाहरणों से यह सिद्ध होता है कि विश्व का प्रत्येक जीव नास्तिक है।ईश्वर की वास्तविक भक्ति करने के लिए हमें संसार के स्वरूप को समझना होगा? संसार का स्वरूप आगे प्रवचन में बताया जाएगा। प्रवचन का समापन श्री राधा कृष्ण भगवान की भव्य आरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।
- दुर्ग / सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रचलित राशनकार्डों के नवीनीकरण हेतु 31 अक्टूबर 2024 तक वृद्धि की अनुमति प्रदान की गई थी। प्रभारी खाद्य नियंत्रक श्री टी.एस. अत्री के अनुसार राज्य शासन द्वारा विचारोंपरांत राशनकार्ड नवीनीकरण की समय-सीमा 01 दिसम्बर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक बढ़ायी गई है।
- - राजेन्द्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक लगेगा डिवाईडर- सर्विस लेन से अतिक्रमण को हटाने अधिकारी को दिए निर्देशदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने सहित सड़क दुर्घटनाओं को रोकने प्रभावी उपाय करने को कहा। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.) को झरोखा बोगदा पुलिया से डी-मार्ट एवं आरोग्यम हॉस्पिटल से झरोखा बोगदा पुलिया तक मुख्य सड़क मार्ग के दोनों ओर सर्विस रोड निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को कहा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे डी-मार्ट, मारूति शोरूम, झरोखा मैरिज पैलेस, हेरीटेज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल जैसे अन्य व्यवसायिक संस्थाआंे में आवागमन के दौरान आम नागरिकों को सुविधा होगी। उन्होंने नगर निगम अधिकारी को नेहरू नगर चौक से कुम्हारी टोल प्लाजा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के दोनों ओर निर्मित सर्विस लेन में अतिक्रमण को हटाने के साथ समतल करने के निर्देश दिए।इसी प्रकार बोरसी चौक के पास स्थित पुलिया को तोड़कर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के निर्देश दिए। बिजली विभाग को महाराजा एवं मिनीमाता चौक के मध्य स्थित बिजली खम्भा को अन्य जगह स्थानांतरित करने को कहा। भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा टक्कर मार भागना मोटरयान दुर्घटना प्रतिकर स्कीम 2022 लागू की गई है। कलेक्टर ने जिले में घटित हिट एंड रन सड़क दुर्घटना के प्रकरण में पीड़ित गंभीर घायल/मृतक के कानूनी प्रतिनिधि को मुआवजा राशि हेतु/दावा निपटान प्रक्रियाओं में तेजी लाने निर्देश दिए। भवन अनुज्ञा प्रदान करते समय पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चत करने को कहा। राजेन्द्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक पतला डिवाईडर लगाने को कहा। उन्होंने आमजनों की जान-मान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने पर बल दिया। सड़क दुर्घटना रोकने के लिए व्यापक प्रयास करने बल दिया।कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य सड़कों पर चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की सड़कों में यातायात सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार विमर्श कर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। कलेक्टर ने जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में यातायात जागरूकता बढ़ाने तथा नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने दुर्घटना से बचने के लिए दो पहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने व कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने निर्देश दिए।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात ऋचा मिश्रा ने बताया कि सड़कों पर ब्लैक एवं ग्रे स्पॉट्स को चिन्हांकित कर दुर्घटनाओं को कम करने कोशिश लगातार जारी है। जिले के संभावित दुर्घटना क्षेत्रों को चिन्हांकित कर सड़क सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक इंतजाम किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्गो को सहायक सड़कों से जोड़ने वाले पॉइंट पर गति अवरोधक रम्बल्ड स्ट्रिप बनाने को कहा। इस हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चिन्हांकित स्थानों में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा।बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, आरटीओ श्री एस.एल.लकड़ा, श्री सुभाष बंजारे, डीएसपी श्री विंदराज, बीएसपी श्री सरोज झा व श्री कमरूद्दीन, कार्यपालन अभियंता, नगर निगम, एन.एच.ए.आई सहित लोक निर्माण विभाग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 12 दिसम्बर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने उनकी रचनाओं के आम जीवन पर प्रभाव को याद करते हुए कहा कि मैथिलीशरण गुप्त जी की राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत खड़ी बोली की रचनाओं ने भारतीय समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी रचनाओं के प्रभाव को देखते हुए उन्हें राष्ट्रकवि की उपाधि प्रदान की गई थी। उन्होंने खड़ी बोली को काव्य भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और नये कवियों को काव्यलेखन के लिए प्रेरित किया। गुप्त जी को उनके कालजयी साहित्य के लिए पद्मभूषण सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुप्त जी की रचनाएं भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं जो नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करती रहेगी।
- -’लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग’ के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँरायपुर /छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नया आयाम बताया।गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि श्रीमती हेमल शर्मा और श्री अमित सोनी ने मुख्यमंत्री श्री साय से आज मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन वेबसाईट https://www.easemytrip.com में जशपुर जिले को शामिल किया गया है। इसके बाद जिले के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इस वेबसाइट में शामिल होने वाला जशपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, इससे पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी तथा पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।मधेश्वर पहाड़ : प्रकृति और आस्था का संगमजशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से 35 किलोमीटर दूर स्थित मधेश्वर पहाड़, शिवलिंग के आकार की अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में पूजते हैं।पर्यटन और रोमांच का केंद्रमधेश्वर पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव करते हैं। जशपुर जिले में पर्यटन और रोमांचक खेलों के विकास की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं।
- नई दिल्ली / छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के हरदीभाटा ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार - 2024 समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों हरदीभाटा के सरपंच श्री मुनेन कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया। पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विभिन्न श्रेणियों में हर साल पुरस्कार दिए जाते हैं। इस साल ये पुरस्कार कुल 15 राज्यों की 45 पंचायतों व संस्थाओं को दिए गए।इसी के तहत दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार 27 पंचायतों को प्राप्त हुआ है। ये पुरस्कार कुल 9 विषयों के तहत दिया जाता है, जिनमें गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका युक्त पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त पंचायत, सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत और महिला हितैषी पंचायत शामिल हैं। ग्राम पंचायत हरदीभाटा को सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपए पुरस्कार की राशि भी प्रदान की गई।
- -सिकल सेल संस्थान छत्तीसगढ़ का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में होगा उन्नयनरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, नवा रायपुर में सिकल सेल संस्थान के संचालक मंडल की 10वीं बैठक आयोजित की गयी । बैठक में राज्य में सिकल सेल संस्थान छत्तीसगढ़ को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन किए जाने पर विस्तार से चर्चा की गयी। स्वास्थ्य मंत्री ने संचालक मंडल के सदस्यों से उच्च स्तरीय लैब निर्माण कार्य की वस्तुस्थिति को जाना। श्री जायसवाल ने सिकल सेल मरीजों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं और सुलभ इलाज के लिए योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।गौरतलब है कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत शून्य से 40 वर्ष आयु वर्ग के सभी व्यक्तियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग कर पोर्टल में इंट्री की जा रही है। बीते एक वर्ष के दौरान राज्य में योजना के अंतर्गच 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें सिकल सेल मरीजों की संख्या 15 हजार 385 है जबकि सिकल सेल वाहकों की संख्या 1 लाख 88 हजार है। राज्य शासन की तरफ से स्क्रीनिंग किए गए लोगों को सिकल सेल जेनेटिक कार्ड प्रदान किए जा रहे हैं और चिन्हांकित मरीजों का निरन्तर फालोअप भी लिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत मरीजों को निःशुल्क दवाइयां एवं जरूरतमंदों को रक्त की भी आपूर्ति की जा रही है।
- -विष्णुदेव साय सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर श्रम विभाग देने जा रहा बड़ी राहतरायपुर / प्रदेश में विष्णुदेव साय सरकार के एक साल पूर्ण होने पर निर्माणी श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अपंजीकृत निर्माणी श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु हो जाने पर उनके आश्रितों को एक लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि ऐसे निर्माणी श्रमिक जो कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हैं, लेकिन किसी कारणवश जिनका पंजीयन नहीं हो पाया है, उनकी कार्यस्थल में मृत्यु होने पर श्रमिक के आश्रितों को किसी तरह की आर्थिक सहायता राशि नहीं मिल पाती थी। श्रमिकों की इन परेशानियों को देखते हुए श्रम मंत्री सह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल श्री लखन लाल देवांगन के निर्देश पर अब विभाग मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना की अधिसूचना में आंशिक संशोधन करने जा रही है। अभी तक निर्माणी श्रमिक के सामान्य मृत्यु पर 1 लाख, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख, कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर 2.50 लाख की सहायता राशि मिलती है। अब अपंजीकृत निर्माणी श्रमिक के कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि आश्रितों को दी जाएगी।एक साल में 1502 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को दी गई सहायता राशिजनवरी से लेकर नवंबर तक कुल 1502 निर्माण श्रमिकों को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना का लाभ दिया गया है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देश पर ऐसे निर्माणी श्रमिकों के आश्रितों को तत्काल सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से की जा रही है।
- संभागायुक्त श्री कावरे ने की समीक्षा, पेंशन प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण डीडीओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगीस्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर जताई गहरी नाराज़गी, अनुपस्थित विभागीय अधिकारियों को नोटिस देने के भी दिए निर्देशरायपुर /संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में लंबित पेंशन प्रकरणों पर आज विभागीय अधिकारियों और आहरण संवितरण अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने पिछली समीक्षा बैठक के निर्देशों अनुसार लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने पर स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की और अगले महीनें तक प्रगति दिखाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। संभागायुक्त ने आज की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित विभागीय अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। श्री कावरे ने आज जल संसाधन, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, आबकारी, राज्य कर, सामाज कल्याण, कृषि आदि विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारियों के साथ विभागों में लंबित पेंशन प्रकरणों पर कार्रवाई की गहन समीक्षा की। उन्होंने शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों को उनकी सेवा निवृत्ति से छह महीने पहले तैयार कर कोष लेखा पेंशन कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए ताकि प्रकरणों में सामान्य आपत्तियों जैसे नाम सुधार, दस्तावेज अपलोड करने जैसी आपत्तियों का समय पर निराकरण हो सके। श्री कावरे ने सभी अधिकारियों और आहरण संवितरण अधिकारियों को अपने स्तर पर निराकरण कर पेंशन प्रकरणों के निपटारें में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सख्ती दिखाते हुए कहा कि शासकीय सेवा से रिटायर होने वाले सेवक को पेंशन का समय पर सही भुगतान आहरण संवितरण अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। प्रकरण के संबंध में किसी भी त्रुटि सुधार के लिए समय पर कार्रवाई कर पेंशन प्रकरण का निराकरण सुनिश्चित करें। संभागायुक्त ने पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बाद लंबित ईडब्ल्यूआर प्रकरणों पर भी त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश बैठक में दिए है।बैठक में संभागायुक्त ने जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में पेंशन प्रकरणों के लंबे समय से निराकरण नहीं होने पर अधिकारियों के प्रति गहरी नाराज़गी जताई। श्री कावरे ने लंबे समय से लंबित पेंशन प्रकरणों पर तेजी से कार्रवाई कर अगले महीने की समीक्षा बैठक में प्रगति दिखाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को कहा कि प्रगति नहीं होने पर अधिकारियों सहित आहरण संवितरण अधिकारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।श्री कावरे ने बताया कि जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति होने वाली है, उनके दस्तावेजों या कार्मिक संपदा रिकार्ड में सुधार आहरण संवितरण अधिकारी के स्तर पर किया जा सकता है। ऐसे सभी शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण छह महीने पहले ही तैयार कर कोष लेखा पेंशन कार्यालय को भेजे जाये ताकि समय पर त्रुटि सुधार किया जा सके और सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। श्री कावरे ने बताया कि सेवानिवृत्ति हो चुके शासकीय सेवकों के कार्मिक संपदा रिकार्ड में सुधार संयुक्त संचालक, कोष लेखा पेंशन स्तर पर होगा। इसलिए ऐसे सभी प्रकरणों को विभाग तैयार कर संयुक्त संचालक कोष लेखा पेंशन को भेंजे।
- रायपुर। राजधानी रायपुर में जमीनी विवाद को लेकर आज सरे आम गोली चली। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।मिली जानकारी के अनुसार यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के राजातालाब के रविनगर क्षेत्र की है। फजिया मेमन नाम की एक महिला ने रवि नगर रोड पर जमीन खरीदी थी। जहां आज वे पटवारी के साथ जमीन का सीमांकन करने पहुंची। इसी दौरान करीब साढ़े 10 बजे आरोपी हरदयाल सिंह वहां पहुंच गया। उसने खुद को जमीन का मालिक बताया। फिर बाउंड्रीवाल में गेट पर लगे फजिया के ताले को तोड़ दिया। विवाद बढऩे पर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। हाथापाई के दौरान हरदयाल ने अपने दो नली बंदूक से हवा में फायरिंग कर दी। ।एएसपी सिटी लखन पटले ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आज यहां पर एक भूमि का सीमांकन होना था। सीमांकन से पहले ही आरोपी हरदयाल सिंह मौके पर पहुंचा और प्रार्थिया जिसने सीमांकन के लिए अपील की थी, जब वहां पहुंची तो आरोपी हरदयाल सिंह ने जमीन का मालिकाना हक खुद को बताते हुए विवाद किया और इस दौरान उसने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से हवाई फायरिंग भी की। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी हरदयाल सिंह को पूछताछ के लिए थाना लेकर पहुंची। पूछताछ के बाद पुलिस आगे की कार्यवाही करेगी। आरोपी के पास से पुलिस ने बंदूक और एक जिंदा कारतूस भी जब्त किया है।






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