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- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्री देवेंद्र फडणवीस को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे और श्री अजीत पवार को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री द्वय श्री एकनाथ शिंदे और श्री अजीत पवार के दूरदर्शी नेतृत्व में महाराष्ट्र की विकास यात्रा अनवरत जारी रहेगी। डबल इंजन की सरकार दोगुनी ऊर्जा से महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊंचाई पर ले कर जाएगी।
- -धान खरीदी के एवज में 6.15 लाख किसानों को 6727.93 करोड़ रूपए का भुगतान-शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर 0771-2425463रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 29.22 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 6.15 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 6727 करोड़ 93 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 5 दिसम्बर को 65663 किसानों से 2.98 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 70692 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 76378 टोकन जारी किए गए हैं। राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 06 दिसम्बर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है कि बाबा साहब बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। अनेक भाषाओं के जानकार होने के साथ ही वे विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और कुशल राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने सामाजिक भेदभाव और छूआ-छूत के विरूद्ध अभियान चलाया और सबके लिए समान अधिकार, स्वतंत्रता और व्यवहार की वकालत की। बाबा साहब का देश की उन्नति के लिए दिया गया अतुलनीय योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
- -नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25-स्थानीय निकायों के आम निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजितरायपुर / राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में नगर पालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत के आम निर्वाचन 2024-25 हेतु शासन स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग,नगरीय प्रशासनएवं पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारिओं की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अटल नगर नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय के सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजू एस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विशेष सचिव श्री तारण सिन्हा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने राज्य में आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रियाएं चुनाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, जिससे समय पर और निष्पक्ष चुनाव कराया जा सके। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को सुचारू और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए तैयारियों का मूल्यांकन किया गया। मतदान दलों के मानदेय एवं उनके परिवहन हेतु वाहनों के किराये के संबंध में समीक्षा की गई।बैठक में चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने कहा कि निर्वाचन कार्य की आवश्यकता को देखते हुए आयोग एवं जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रिक्त पदों तथा जिलों में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी-जनपद पंचायत एवं तहसीलदार/नायब तहसीलदार के रिक्त पदों की पूर्ति हो।इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, उप सचिव डॉ. नेहा कपूर, डॉ. अनुप्रिया मिश्रा एवं श्री आलोक कुमार श्रीवास्तव सहित सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित थें।
- -महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित विष्णु देव सरकार-हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मददरायपुर । छत्तीसगढ़ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा के उद्देश्य से विष्णु देव सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना से हितग्राही महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं इस मदद की राशि से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अतिरिक्त आय उपार्जन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने लगी है।श्रीमती बिंदिया प्रजापति को जब से महतारी वंदन योजना के तहत हर महिने एक-एक हजार रूपए मिल रहे है, उनके चेहरे में खुशी की चमक देखते ही बन रही है। मरवाही विकासखण्ड के ग्राम धरहर की श्रीमती प्रजापति महतारी वंदन की राशि का उपयोग अपने ईंट व्यवसाय के कारोबार को बढ़ाने में कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर बिंदिया बाई को पहले ईंट बनाने के लिए मिट्टी, पकाने के लिए भूंसी-लकड़ी आदि के लिए उधारी लेना पड़ता था, अब उन्हें दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता।बलौदा बाजार जिला के वनांचल ग्राम बल्दा कछार की निवासी श्रीमती ममता परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है, जिसमें बचत कर वो अपनी बेटियों को शिक्षित कर रही हैं। कोरिया जिले के ग्राम जमड़ी की निवासी श्रीमती सुनीता साहू के जीवन में महतारी वंदन योजना ने बदलाव लाया। तीन बच्चों की मां श्रीमती साहू ने योजना से मिली राशि को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है।बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय की निवासी लाभार्थी श्रीमती चंद्रमणि और उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर 6 सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करते हैं। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना अब उनके परिवार के लिए सहारा साबित हो रही है। जिससे चंद्रमणि को एक हजार रूपए तथा उसकी सास रुकनी को महतारी वंदन योजना से 500 रुपए एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत 500 रूपए मिल रही है, जो इस गरीब परिवार के लिए बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन उपयोगी साबित हो रही है।इसी तरह कई महिलाएं हैं जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना की बदौलत आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। सरकार का यह कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है।गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
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-सीख समझ और भविष्य की नींव गढ़ने का हो रहा है अनूठा प्रयास
मोहला। बचपन की सीख, समझ और कसावट जीवन की आधारशिला है। बचपन और बालपन में सीखी गई चीजें जीवन की दिशा तय करती है। बचपन और बालपन एक कच्ची मिट्टी की तरह होता है, जिसे जिस रूप में ढाला जाए, वैसा आकर लेकर यथार्थ रूप में साकार होता है। इस विषय और बात को दृष्टिगत रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का भविष्य संवारने का काम मजबूती के साथ किया जा रहा है। जिले के दूरस्थ महाराष्ट्र राज्य की सीमा से लगे हुए ग्राम-मडिय़ानवाड़वी के आंगनबाड़ी केंद्र में अध्यनरत बच्चों का भविष्य सवारने का काम बखूबी किया जा रहा है। यहां अध्ययनरत बच्चों का देखरेख खुशनुमा माहौल में मां की तरह किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचते ही बच्चों को हास परिहास के साथ खुशनुमा माहौल में समूह में बैठाया जाता है। सुबह बच्चों को हेल्दी नाश्ता दिया जाता है। साथ ही बच्चों को पोषण युक्त भोजन दिया जाता है। पारिवारिक माहौल में बच्चों को शिक्षा के साथ जीवन की पाठशाला भी सिखाया जाता है। बच्चों को विविध गतिविधियों में परंपरागत करने के उद्देश्य से खेल-कूद, साफ-सफाई सिखा दिया जा रहा है। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी यहां किया जा रहा है। जीवन के नैतिक मूल्यों और संस्कार की सीख भी दिया जा रहा है। जिले के अंतिम छोर के मडिय़ानवाड़वी आंगनबाड़ी केंद्र में यह दृश्य देखकर भविष्य बढ़ते भारत का सुनहरा भविष्य का आईना दिख रहा है। -
महासमुंद / महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने आज अपने निवास पर ’’देश का प्रकृति परीक्षण’’ अभियान के तहत अपना परीक्षण कराया। इस अवसर पर जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रवीण चंद्राकर, चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रजीत साहू, और प्रकृति परीक्षण हेतु डॉ. सर्वेश दूबे उपस्थित थे। विधायक श्री सिन्हा ने अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया और इसे स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
बतादें कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवम आयुर्वेद दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम है। यह अभियान 26 नवंबर 2024 से 25 दिसंबर 2024 तक पूरे देश में संचालित हो रहा है।
आधुनिक जीवनशैली के कारण बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं जैसे तनाव, अनिद्रा, अवसाद, और चिड़चिड़ापन को आयुर्वेद के माध्यम से कम किया जा सकता है। आयुर्वेद में बताए गए शारीरिक और मानसिक प्रकृति का परीक्षण करके इन समस्याओं का समाधान प्राप्त किया जा सकता है। यह अभियान नागरिकों को निःशुल्क प्रकृति प्रमाण पत्र प्रदान करता है, जिसे सीधे उनके मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकता है। परीक्षण के बाद, नागरिकों को उनके लिए उपयुक्त आहार और जीवनशैली का चार्ट भी दिया जाता है। महासमुंद जिले में संचालित सभी आयुष संस्थाओं में यह परीक्षण निःशुल्क उपलब्ध है। -
- आड़े वक्त में काम आ रही है योजना की सहायता राशि
जगदलपुर। राज्य शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार और परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना की सहायता से गरीब परिवारों के महिलाओं को आत्म सम्बल मिला है। उक्त योजना की सहायता राशि इन महिलाओं के लिए घर की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही आड़े वक्त में काम आ रही है। बस्तर जिले के बकावंड निवासी चंद्रमणि भद्रे के परिवार के लिए तो यह योजना की सहायता वर्तमान में किसी वरदान से कम नहीं है।बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय की निवासी लाभार्थी श्रीमती चंद्रमणि पति अर्जुन भद्रे बताती हैं कि उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर 6 सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करते हैं। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना अब उनके परिवार के लिए एक महत्ती सहारा साबित हो रही है। जिससे चंद्रमणि को एक हजार रूपए तथा उसकी सास रुकनी को महतारी वंदन योजना से 500 रुपए एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत 500 रूपए मिल रही है। जो इस गरीब परिवार के लिए बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन उपयोगी साबित हो रही है। वह अब अपने दो बच्चों में से बड़ी बेटी रंभा को 7 वीं में पढ़ा रही है वहीं छोटी बेटी रेशमा अभी आंगनबाड़ी केन्द्र जा रही है। चंद्रमणि सरकार की महतारी वंदन योजना की सहायता को परिवार के लिए एक बड़ी मदद निरुपित करते हुए कहती हैं कि दो बेटियों के जन्म पर उसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजनांतर्गत मिली करीब 10 हजार रुपए को उसने भविष्य की जरूरत के मद्देनजर सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करवाया है। जो इन दोनों बच्चियों के बड़े होने पर उनके काम आ सके। - रायपुर । पानी जीवन का आधार है, पानी की कमी से जूझते ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल-हर घर जल के माध्यम से अब राहत की सांस ले रहे हैं। राज्य सरकार की जल जीवन मिशन योजना ने कोरिया जिले के हजारों घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है।सपना हुआ साकार: सुंदरी की मुस्कान में छलकी खुशीसोनहत विकासखंड के पोड़ी ग्राम पंचायत के श्रीमती सुंदरी के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं। पहले उन्हें दूरदराज के कुओं और तालाबों से पानी लाना पड़ता था, जिससे न केवल समय, बल्कि मेहनत भी बहुत लगती थी। लेकिन अब घर में लगे नल से साफ पानी मिलने से उनकी जिंदगी आसान हो गई है। वे कहती हैं, अब मुझे बच्चे को छोड़कर पानी लाने की चिंता नहीं करनी पड़ती। यह सरकार का बड़ा उपहार है।किचकिच से मुक्ति: मानसिंह का बदला जीवनग्राम कछवाखोह के मानसिंह बताते हैं कि उनके लिए घर में नल लगने का सपना कभी हकीकत नहीं लग रहा था। पानी की किल्लत और आपसी झगड़ों ने उनके जीवन को कठिन बना रखा था। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत उनके घर तक नल कनेक्शन पहुंचा, और अब पानी की किचकिच से छुटकारा मिल गया है। मानसिंह भावुक होकर कहते हैं, ष्यह हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं।उपलब्धि13 गांवों में 1477 घरों तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है और हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी की सुविधा मिल रही है। कलेक्टर द्वारा लगातार इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है जहाँ खामियां है, उसे दूर किया जा रहा है और जिले के अन्य गांवों व घरों में भी शीघ्र नल कनेक्शन व पानी मिले इस पर कार्य किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में न केवल पानी की समस्या का समाधान किया है, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी ऊंचा उठाया है।यह योजना न केवल जल संकट से राहत दिला रही है, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और समय की बचत जैसे कई आयामों में ग्रामीणों की जिंदगी को बेहतर बना रही है।
- सरकारी मदद और अपने हौसलों से पाई नई पहचानबिलासपुर/ "नमो ड्रोन दीदी योजना" से जिले के ग्राम चक्राकुंड की प्रीतमा दीदी के सपनों को उड़ान मिल रही है। ड्रोन उड़ाकर प्रीतमा आर्थिक सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महिला सशक्तिकरण की अभिनव योजना से समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह मिली है। इस खरीफ वर्ष में प्रीतमा 36000 की कमाई कर चुकी है। नमो ड्रोन दीदी योजना " से ड्रोन दीदी बनकर मुझे एक नई पहचान मिली है और मैं इस माध्यम से आजीविका कमाकर आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रही हूं।' ये शब्द है ड्रोन दीदी प्रीतमा वस्त्रकार के ,जिले के तखतपुर ब्लॉक के छोटे से गांव चक्राकुंड,चोरभट्टीकला में रहने वाली प्रीतमा कई वर्षों से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह से बैंक सखी के रूप में जुड़ी हुई है जिससे उन्हें वेतन के रूप में 6000 रुपए प्राप्त होते हैं। प्रीतमा की खुशियों का उस समय ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें पता चला कि प्रधानमंत्री नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 'ड्रोन दीदी ' के लिए उनका चयन किया गया है,और प्रशिक्षण लेने के लिए ग्वालियर जाना है।प्रीतमा बताती है कि ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के दौरान उन्हें एक नया अनुभव मिला छोटे से गांव से निकलकर प्रशिक्षण के लिए बड़े शहर जाना मुझ जैसी सामान्य महिला के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं था। 15 दिनों के प्रशिक्षण के बाद वह ड्रोन चलाने में पूरी तरह पारंगत हो गई और उन्हें बिहान योजना से ड्रोन दिया गया। अब वह ड्रोन के माध्यम खेतों में यूरिया का छिड़काव कर इस खरीफ सीजन में 36000 रुपए की अतिरिक्त कमाई कर चुकी है। प्रीतमा ने बताया कि वह अब तक 120 एकड़ खेत में छिड़काव कर चुकी है और इस माध्यम से छिड़काव करने पर किसानों के समय और लागत में भी काफी कमी आती है,एक एकड़ में ड्रोन से छिड़काव के लिए सिर्फ तीन सौ रुपए लिए जाते हैं, जिसके कारण अब किसान ड्रोन से छिड़काव को प्राथमिकता कर रहे हैं।प्रीतमा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि शासन की महिलाओं के आर्थिक संबल के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से अब आम महिलाएं भी अपनी पहचान बनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महतारी वंदन योजना से भी महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण की अभिनव योजना "नमो ड्रोन दीदी योजना" के तहत जिले की स्व सहायता समूह से जुड़ी दो महिलाओं सुश्री सीमा वर्मा और श्रीमती प्रीतमा वस्त्रकार को ड्रोन दिया गया है। 'ड्रोन दीदी' बनकर ये दीदियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, और अपने घर परिवार को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- -धान खरीदी के एवज में 5.49 लाख किसानों को 5994.82 करोड़ रूपए का भुगतान-शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर 0771-2425463 जारीरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 26.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 5.49 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 5994 करोड़ 82 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 4 दिसम्बर को 58468 किसानों से 2.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 66453 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 44349 टोकन जारी किए गए हैं।राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते है।
- रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में 5 दिसम्बर गुरूवार को प्रस्तावित जनदर्शन कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया है।
- -27 बड़े औद्योगिक समूहों को 32 हजार 225 करोड़ रुपए के नवीन पूंजी निवेश के लिए प्रदान किए गए ‘इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर’-मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास नीति के संबंध में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप को किया सम्बोधितरायपुर /छत्तीसगढ़ में नए नए उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां मिनरल्स का विपुल भंडार है, अनुकूल औद्योगिक वातावरण है, साथ ही उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा कर राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 तैयार की गई है। इस नवीन नीति में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए रेड कारपेट छत्तीसगढ़ में खुला है। निवेश की जटिलताएं अब छत्तीसगढ़ में नहीं रही। सिंगल विंडों सिस्टम ने सब कुछ बहुत सरल कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संयुक्त रूप से ‘‘छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के संबंध में हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम (स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप)’’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। इसके लिए हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना होगा। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। छत्तीसगढ़ के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा।उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेकर किया गया है। नई नीति तैयार करने में उद्योगपतियों से सुझावों को शामिल किया गया है। इस नीति से प्रदेश में निवेश तो आएगा ही, नये उद्योगों की स्थापना होगी, साथ ही राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा।नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार श्री संजीत सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन गया है। छत्तीसगढ़ के नवीन औद्योगिक नीति की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। इस नीति से प्रदेश में सस्टेनेबल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। नई नीति में एमएसएमई उद्योगों को सशक्त बनाने का अच्छा प्रयास किया गया है। नये क्षेत्रों में निवेश के लिए इंसेन्टिव स्कीम तैयार की गई है। इस उद्योग नीति में रोजगार सृजन महत्वपूर्ण पहलू है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर प्रदान किए। इनमें राज्य के कोर सेक्टर के साथ ही नये निवेश क्षेत्रों जैसे आईटी, एआई, डाटा सेंटर, एथेनॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें शिवालिक इंजीनियरिंग, मां दुर्गा आयरन एण्ड स्टील, एबीआरईएल ग्रीन एनर्जी, आरएजी फेरो एलायज, रिलायंस बायो एनर्जी, यश फैंस एण्ड एप्लायंसेस, शांति ग्रीन्स बायोफ्यूल, रेक बैंक डाटा सेंटर आदि सम्मिलित हैं।मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन, निर्यात प्रोत्साहन और उद्योगों की मंजूरी और स्थापना की प्रक्रिया के सरलीकरण पर फोकस किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने बताया कि नवीन औद्योगिक विकास नीति में राज्य की प्राथमिकताओं एवं राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिये प्रावधान किये गये हैं ।कार्यक्रम में आयोजित पैनल डिस्कशन में रोजगारवर्धक औद्योगिक विकास में औद्योगिक अधोसंरचना, नीति समर्थन एवं उद्योग स्थापना हेतु औपचारिक आवश्यकताओं को कम करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- दुर्ग । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षा हेतु आवेदन प्रारंभ हो गया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से सम्बद्ध महाविद्यालयों के बीए/बीएससी / बीकॉम / बीएससी गृह विज्ञान / बीबीए प्रथम सेमेस्टर (राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020) में नियमित / प्राइवेट के रूप में अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाईन पद्धति से विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट www.durguniversity.ac.in द्वारा परीक्षा फॉर्म एवं शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2024 निर्धारित की गई है। विलम्ब शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2024 तय की गई है। आगे जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव दिग्विजय कुमार ने बताया कि विद्यार्थी संबंधित महाविद्यालय और परीक्षा केन्द्र में परीक्षा आवेदन 19 दिसंबर 2024 तक जमा कर सकते हैं।नियमित विद्यार्थी नामांकन आवेदन करने के समय उपयोग की गई यूजर आई. डी. एवं पासवर्ड तथा प्राइवेट विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरते समय उपयोग की गई यूजर आई. डी. का उपयोग कर परीक्षा आवेदन फॉर्म भर सकेंगे। यदि परीक्षा आवेदन करने में छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का सामना करना पड़े तो वें विश्वविद्यालय के हेल्पलाईन- Help Desk For Payment Related Queries- 8871580649, Technical Help Desk- 8062526431 Email help desk: [email protected] पर सम्पर्क कर सकेंगे। विद्यार्थी परीक्षा शुल्क विवरण हेतु विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।
- - मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन की पूरी टीम को किया पुरस्कृतबिलासपुर । मंडल के सभी स्टेशनों की स्वच्छता, यात्री सुविधाओं के साथ ही सेवा मापदंडों के बेहतर प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय के मार्गदर्शन में 'बेस्ट केप्ट स्टेशन ऑफ द मंथ' अवार्ड प्रदान करने की अभिनव पहल की गई है | इसके अंतर्गत प्रत्येक माह मंडल के 08 स्टेशनों को नामित कर यहाँ के समग्र प्रबंधन का मूल्यांकन करते हुये उत्कृष्टता के आधार पर स्टेशन के विभिन्न विभाग के पर्यवेक्षकों को पुरस्कृत किया जा रहा है ।इसी क्रम में मंडल के जांजगीर-नैला, पेंड्रारोड, राबर्ट्सन, ईब, घुंघुटी, बोरिडांड स्टेशनों व कुसमुंडा ब्लॉक स्टेशन व जिंदल स्टील केबिन को नामित कर वाणिज्य, परिचालन, विद्युत, इंजीनियरिंग, संकेत एवं दूरसंचार सहित विभिन्न विभाग के कार्य कुशलता के मापदण्डों और समग्र प्रबंधन का मूल्यांकन किया गया | मूल्यांकन उपरान्त ईब स्टेशन को माह सितम्बर-अक्टूबर 2024 में सभी मापदंडों पर उत्कृष्ट पाया गया, फलस्वरूप 'बेस्ट केप्ट स्टेशन ऑफ द मंथ' ग्रुप अवार्ड के लिए चयनित किया गया | मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय ने ईब स्टेशन के सभी विभागों की पूरी टीम को सामूहिक रूप से 'बेस्ट केप्ट स्टेशन ऑफ द मंथ' रनिंग शील्ड तथा नगद पुरस्कार से सम्मानित किया | मंडल रेल प्रबंधक द्वारा इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम की सराहना की गई है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने की अपेक्षा व्यक्त की गई | इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री योगेश कुमार देवांगन, वरि.मंडल अभियंता श्री राजीव कुमार, वरि.मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह भी उपस्थित थे |
- -विधायक लता उसेण्डी ने प्रतियोगिता में शामिल होकर दिव्यांगों का किया उत्साहवर्धनकोण्डागांव । बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी के मुख्य आतिथ्य में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय शारीरिक बौद्धिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय ऑडिटोरियम में हुआ। इस मौके पर विधायक सुश्री उसेण्डी ने सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाकर खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। विधायक सुश्री उसेण्डी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगो में असीम प्रतिभाएं होती है। ऐसे आयोजनों से उन्हें सामने लाने का मौका मिलता है। सरकार दिव्यांग़जनो के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके हित के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही है। जिले में दिव्यांगजनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समग्र शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के चिन्हाकंन एवं आवश्यकता अनुसार उपयोग में आने वाले संसाधनों हेतु विद्यालयों के अध्ययनरत बच्चे शामिल हुए।सुश्री उसेण्डी ने मैदान में पहुंचकर विभिन्न खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दिव्यांग प्रतिभागियों से भेंट कर परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साहवर्धन किया। इंडोर स्टेडियम सह आडिटोरियम कोण्डागांव में जिले से 500 से अधिक दिव्यांगजन शामिल हुए। दिव्यांगों ने इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के खेल में भरपूर उत्साह दिखाया। प्रतियोगिता में ट्रायसायकल दौड़, सामान्य दौड़, मटका फोड़, नींबू दौड़, गोला फेंक, जलेबी दौड़, कुर्सी दौड़ व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये। रंगोली एवं चित्रकला में मुख्य थीम नशा मुक्त भारत अभियान पर विभिन्न प्रकार के चित्र व रंगोली बनाया गया, जिसमें 150 दिव्यांगजनों को पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में 02 ट्रायसायकल, 02 व्हील चेयर एवं बैशाखी भी प्रदान किया गया।उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय शारीरिक बौध्दिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में दिव्यांग बच्चों को सम्मिलित करने का मुख्य उद्देश्य इनको उचित अवसर प्रदान करते हुए सर्वागीण विकास करना है। जिले में कुल 1570 दिव्यांग बच्चे हैं, जिनमें 918 दिव्यांग प्रमाण पत्र वाले बच्चे हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 896 बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती हैं। इस अवसर पर श्री दीपेश अरोरा, जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आदित्य चांडक, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती ललिता लकड़ा, समग्र शिक्षा अधिकरी श्री महेन्द्र पाण्डे सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे।
- -नई औद्योगिक नीति: निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला का उद्योग मंत्री ने किया शुभारंभरायपुर / प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति पर आधारित निर्यात प्रोत्साहन एवं निवेश हेतु स्टेकहोल्डर कनेक्ट कार्यशाला का शुभारंभ किया। नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार श्री संजीत कुमार, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेस कुमार सहित उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि हम सब राज्य के औद्योगिक विकास एवं राज्य से निर्यात में वृद्धि करने के उद्देश्य से आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा एवं विचार-विमर्श के लिए यहां एकत्रित हुए है। प्रदेश में नवीन उद्योग नीति 2024-2030 जो एक नवंबर से लागू हो चुकी है। निश्चित तौर पर हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग कैसे स्थापित हो इसे ध्यान में रखकर यह उद्योग नीति तैयार की गई है। हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हाल ही में आयोजित केबिनेट बैठक में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है।इस नीति में ज्यादा से ज्यादा अनुदान सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है। राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में भी उद्योग स्थापित हो इसमें प्रावधान किए गए है। उद्योग धंधे स्थापित होने से प्रदेश का विकास होगा और लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उद्यामियों की सुविधा के लिए प्रदेश में सिंगल विंडो प्रणाली लागू किया गया है। प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित होने से प्रदेश का तेजी से विकास होगा। श्री देवांगन ने कहा कि उद्योगों के साथ-साथ इससे अप्रत्यक्ष रूप से हजारो लोगों को भी रोजगार मिलेगा।नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार श्री संजीत सिंह ने कहा कि कार्यशाला के आयोजन के लिए मैं प्रदेश सरकार का धन्यवाद देना चाहता हूं। छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति अन्य राज्यों के लिए उदाहरण साबित होगी। सिंगल विंडो प्रणाली से उद्यामियों को सहुलियत होगी। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री सिंह ने आश्वस्त किया कि नीति आयोग की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। सचिव उद्योग श्री रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में औद्योगिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा। इस नीति के अंतर्गत औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन से ब्याज अनुदान, राज्य लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छुट, विद्युत शुल्क छुट, प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान के प्रावधान किए गए है। सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेस कुमार ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला के दौरान सवाल-जवाब के दौरान जिज्ञासा का समाधान किया गया।
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- प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की
- शासन की विभिन्न योजनाओं का होना चाहिए प्रभावी क्रियान्वयन
- जिले में जल संरक्षण पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता
- अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
राजनांदगांव । जिले के प्रभारी सचिव श्री अविनाश चंपावत ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों एवं उनके प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रभारी सचिव ने कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर होना चाहिए और उनका लाभ संबंधित जनसामान्य को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में जल संरक्षण पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। जहां पर भी जल संरक्षण के कार्य हो रहे हैं, वहां पर स्वसहायता समूहों द्वारा मत्स्य पालन की भी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि जिले में किसानों द्वारा व्यापक तौर पर धान की खेती की जाती है और इसके लिए अधिक मात्रा में जल का उपयोग होता है, इससे भू-जल के स्तर में गिरावट आती है। इसके लिए कृषि विभाग और उसके मैदानी अमलों द्वारा कम जल में उत्पादित होने वाले फसलें जैसे चना, अरहर, रागी, बाजरा, मक्का, तिलहनी एवं लघु धान्य फसलों की खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित करना चाहिए। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। श्री चंपावत ने जल संसाधन विभाग के अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जहां भी जलाशयों से तालाबों को भरा जाता है, वहां नाली इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि पानी की पूर्ण उपयोगिता के साथ सिंचाई भी हो सके।
जिले के प्रभारी सचिव श्री अविनाश चंपावत ने कहा कि श्रम विभाग संचालित योजनाओं के तहत श्रम अधिकारी अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पंजीयन के साथ प्रशिक्षण से भी जोड़े और उन्हें लाभ दिलाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देने और रोजगार से जोडऩे के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में गिरते भू-जल को देखते हुए जल संरक्षण के लिए नरेगा सहित अन्य मदो से कार्य किया गया है। यहां धान की जगह अन्य कम जल उपयोगिता वाली विभिन्न फसले लेने के लिए किसानों को प्रेरित भी किया जा रहा है। इसके अलावा जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण के कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुपोषण को दूर करने के लिए जिले में पोट्ठ लईका पहल की शुरूआत की गई है और इसमें सफलता भी मिल रही है। जिले के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अन्य विभागों के विशेष कार्यों का भी उल्लेख किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने जिले में पुलिस विभाग के संबंधित कार्य के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा साईबर अपराध को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए सतत रूप से अभियान चलाकर साईबर अपराध से बचने के लिए लोगों को जानकारी दी जा रही है। इसके लिए वालिंटियर्स भी बनाए गए हैं, जो लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
जिले के प्रभारी सचिव श्री अविनाश चंपावत द्वारा ली गई बैठक में सभी विभागों की गतिविधियों की बारी-बारी से समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्य एवं योजनाओं के संबंध में प्रगति एवं इसके तहत कराए गए विशेष कार्यों अंतर्गत नरेगा जल संरक्षण एवं अन्य कार्यों का उल्लेख किया। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, मछली पालन, पशुधन, श्रम, खनिज, खाद्य, राजस्व, क्रेडा, विद्युत, व्यापार एवं उद्योग, समाज कल्याण, लोक निर्माण विभाग, आदिवासी विकास, योजना एवं सांख्यिकीय सहित अन्य विभागों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन प्रताप सिंह तोमर, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों को समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 14 हजार 218 टन धान की खरीदी की गई। जिले में आज 3 हजार 275 किसानों से 32 करोड़ 71 लाख रूपये धान की खरीदी हुई। इस प्रकार अब तक 139 उपार्जन केन्द्रों में 39 हजार 617 किसानों से 01 लाख 67 हजार 972 टन धान की खरीदी हुई है। इन किसानो से अब तक 386 करोड़ 57 लाख रूपये की धान की खरीदी की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है। जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।
- -लौट आई चेहरे पर मुस्कान, आधुनिक तकनीक से कृत्रिम हाथ करेगा कामरायपुर । एक वक्त था जब एक हाथ से काम आसान नहीं हो पाता था। तकलीफें बहुत होती थी, लेकिन समस्याओं को दूर करने का काम छत्तीसगढ़ सरकार ने किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते है। क्योंकि उनकी वजह से आज मुझे कृत्रिम हाथ मिला और उन हाथों से अब सब काम भी आसान हो जाएगा। यह कहना है दुर्ग निवासी श्री मोहन कन्हाई। दिव्यांग मोहन यह कहते है कि निःशुल्क कृत्रिम फंक्शनबेल हाथ मिलने से काफी खुशी हुई। पहले रोजगार की चिंता अक्सर सताते रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि दोनों हाथ से काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी तो रोजगार भी मिल सकेगा।उल्लेखनीय है कि यह अत्याधुनिक कृत्रिम हाथ 36 से ज्यादा ग्रिप पैटर्न बनाने में सक्षम है और इसे एंड्राइड और साफ्टवेयर एप से भी संचालित किया जा सकता है। साथ ही, यह कृत्रिम हाथ चार्ज भी किया जाता जाता है। यह कृत्रिम हाथ 35 किलो तक वजन उठाने में सक्षम हैं, जिससे उपयोगकर्ता को अपने दैनिक कार्यों में सहूलियत मिलती है। इस तकनीकी डिवाइस को पोलैंड की एक कंपनी ने 13 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया है, जो कि एक उन्नत और किफायती विकल्प है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासन पहुंच रही आपके द्वारः विधायक श्री अनुज शर्मा-शिविर के माध्यम से समस्याओं का त्वरित निराकरण पहली प्राथमिकता: कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह-शिविर में 200 प्रकरणों का हुआ निराकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12 हितग्राहियों दी गई आवास की चाॅबीरायपुर । धरसींवा ब्लाॅक के मांढर ग्राम पंचायत में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विधायक श्री अनुज शर्मा एवं कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप उपस्थित थे। इस दौरान 200 आवेदनों का निराकरण किया गया.शिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रशासन आपके द्वार तक पहुंच रहा है। जहां पर आम नागरिकों के समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से विभागों के स्टाॅल लगाए गए और वहां पर समस्याओं का निराकरण भी तंुरत किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम की पहुंच हर गांवों तक हो गई है। जहां पर समस्याओं का निराकरण करने में परेशानियां नहीं हो रही है। विधायक श्री शर्मा ने कहा कि अवैध शराब, अवैध प्लाटिंग पर कड़ी कार्रवाई जाएं।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि पहले की अपेक्षा राजस्व मामले में कमी आई है। 90 से 95 प्रतिशत तक राजस्व मामलों का निपटारा किया जा रहा है। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन के माध्यम से जनसमस्या काॅल सेंटर का संचालन किया जा रहा है। जहां पर 24 घंटे काॅल सेंटर का संचालन किया जाता है। जिले में कोई भी समस्या होने पर कोई भी व्यक्ति किसी भी समय में काॅल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसी तरह जनदर्शन के माध्यम से भी अपनी समस्याओं का शिकायत करा सकते है।इस शिविर के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत श्री भूषण लाल साहू, भूषण राव कोटे, अंगेश्वर साहू, ढेला बह साहू, महेश कुम्भकार, संतोषी देवांगन, शिव कुमार साहू, मारूती देवांगन, जीवन लाल साहू, मिलेष तारक, अनुसुईया वर्मा, शलैन्द्री धीवर को आवास की चाॅबी का वितरण किया गया। किसानों को बीज का वितरण किया गया। विधायक ने बच्चों का अन्नप्रासन भी किया।
- -बस्तर संभाग के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक लेकर बेहतर व सुव्यवस्थित ढंग से निर्वाचन सम्पन्न कराने के दिए निर्देश-नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2024रायपुर / राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में सुबह 11.00 बजे से नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों में आगामी आम/उप निर्वाचन अंतर्गत निर्वाचन कार्यों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा की गई। बैठक में बस्तर संभाग के संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी श्री ओ.पी. पाल, आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे सहित संभाग के सभी जिला के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को बस्तर संभाग में पारदर्शिता, निष्पक्षता के साथ शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में प्रति एक हजार मतदाता के लिए एक मतदान केन्द्र और पंचायतों में निर्वाचन के लिए प्रति 500 मतदाता हेतु एक मतदान केन्द्र बनाया जाय । साथ ही यह भी कहा कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में अनिवार्य रूप से जोड़े जाएं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बैठक में मुख्य रूप से चुनाव के सुचारू रूप से संचालन हेतु चुनाव की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केन्द्रों की स्थिति और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण तैयारियों की समीक्षा की । इस बैठक के माध्यम से चुनाव के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के साथ ही प्रदेश के सभी संभागों में निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा सम्पन्न हो गई है। आगामी समय में चुनाव की तैयारियों के संबंध में मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ आयोग की संयुक्त रूप से बैठक की जाएगी, जिसके तहत चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली चुनौतियों और संभावित समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी । उन्होंने अधिकारियों को चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, मतदाता जागरूकता बढ़ाने और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि 01 अक्टूबर 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र लोगों के नाम निर्वाचक नामावली में अनिवार्य रूप से होने चाहिए।इस दौरान बैठक में बस्तर संभागायुक्त श्री सिंह ने संभाग के सभी जिलों में की जा रही निर्वाचन की तैयारियों की संक्षिप्त जानकारी दी। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर संभाग श्री सुंदरराज ने निर्वाचन के दौरान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था के संबंध जानकारी दी। साथ ही संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिलों के निर्वाचन संबंधी तैयारियों की अद्यतन स्थिति से आयोग को अवगत कराया।राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंहने सुरक्षा उपायों और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कर्मचारियों की तैनाती, और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और सहयोग बना रहे ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
- -पहले एक घंटे में 500 युवाओं ने दी उपस्थितिरायगढ़। अग्निवीर भर्ती रैली के पहले दिन आज, छत्तीसगढ़ के 02 जिलों सारनगढ़-बिलाईगढ़ और जांजगीर-चंपा के युवाओं ने अपना कौशल दिखाया । आज के लिए कुल 917 युवाओं को एडमिट कार्ड जारी किए गये थे, जिसमें से 770 उम्मीदवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ।उम्मीदवारों ने एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने में बहुत उत्साह और शारीरिक दृढ़ता दिखाई और इसमें से 285 युवाओं ने दौड़ पास की है । दौड़ पास उम्मीदवारों को इसके बाद शारीरिक प्रवीणता, कागजी कार्यवाही और मेडिकल जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा ।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के 33 जिलों के लिए आयोजित सेना भर्ती के लिए 8556 युवाओं ने सीईई परीक्षा पास की थी ।जिला प्रशासन, रायगढ़ और सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में भर्ती प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है तथा युवाओं में इस रैली भर्ती के प्रति अपार उत्साह देखा जा रहा है । भारतीय सेना में चयन निष्पक्ष, पारदर्शी केवल योग्यता के आधार पर होता है, इसलिए सेना भर्ती कार्यालय ने अनाधिकृत व्यक्तियों से सावधान रहने की अपील की है ।
- -बीसीसीआई के साथ साझेदारी में रविशंकर स्टेडियम का होगा कायाकल्पदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला क्रीडांगन निर्माण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने जिला क्रीडांगन समिति में नए सदस्यों के मनोनयन, रविशंकर स्टेडियम के जीर्णाेद्धार एवं निर्माण कार्य, लीज प्रक्रिया, युवा उत्सव आयोजन एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा कर संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में जिला क्रीडांगन समिति में नये सदस्यों को शामिल करने हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिस पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव, विधायक अहिवारा श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं महापौर श्री धीरज बाकलीवाल भी उपस्थित थे।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने अवगत कराया कि रविशंकर स्टेडियम को 33 साल के लिए बीसीसीआई को लीज पर दिया जाएगा। बीसीसीआई द्वारा स्टेडियम को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा जिससे खेल के क्षेत्र में इसे नई पहचान मिलेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देषित करते हुए कहा कि स्टेडियम में खेल के अतिरिक्त अन्य कार्यक्रम या स्टेडियम के आस-पास अन्य असमाजिक गतिविधियां न हो इस बात का विषेष ध्याान रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में जनवरी माह में प्रदेश स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इसको देखते हुए जनवरी के पहले स्टेडियम में आवश्यक निर्माण कार्य एवं जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण कराए जाएं। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने विकासखण्ड स्तरीय एवं जिला स्तरीय स्तरीय युवा उत्सव आयोजन के संबंधित तैयारियों एवं गतिविधियों की जानकारी ली। खेल एवं विकासखण्ड नोडल अधिकारी ने आयोजन स्थल एवं आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा खेल गतिविधियों में गढ़वा बाजा को शामिल किया जाएगा। छत्तीसगढ़ी लोकगीतों के आयोजन में मोहरी वादन को जोड़ा जाएगा। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, अपर कलेक्टर श्री मुकेश रावटे, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री विलियम लकड़ा एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- -05 दिसंबर से धान उठाव का कार्य प्रारंभदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कोड़िया एवं बोरीगारका के धान खरीदी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोड़िया में स्थित सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक एवं किसानों से चर्चा की। समिति प्रबंधक ने बताया कि कल से धान उठाव का कार्य प्रारंभ होना है। नियमित रूप से धान खरीदी जारी है। किसानों को समय सीमा के भीतर भुगतान किया जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में बारदाने भी उपलब्ध है। कलेक्टर सुश्री चौधरी नेे समिति प्रबंधक से कहा कि छोटे किसानों को धान बिक्री प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने समिति प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी को प्रति सप्ताह स्टॉक सत्यापन कराए जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने पीडीएस प्रक्रिया से संबंधित समस्या का भी शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने उपस्थित कृषकों की समस्या सुनी और उन्हें आश्वासित किया कि टोकन की समस्या का निराकरण शासन स्तर पर किया जाने का प्रावधान है। टोकन कटने में आने वाली आंॅनलाईन समस्या के निराकरण हेतु शासन से चर्चा की जाएगी। उन्होंने धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों का सही संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी खाद्य नियंत्रक श्री टी.एस. अत्री, डी.एम.ओ. श्री भौमिक बघेल व अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।











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