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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के किसानों की तरक्की की राहें आसान हुई है। आरंग ब्लाॅक के अमोदी गांव के निवासी श्री करण मानिकपुरी कृषक परिवार से है। वे बताते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है और किसानों की तरक्की भी बहुत हो रही है।
श्री मानिकपुरी बताते हैं कि कृषक उन्नति योजना के तहत राशि मिलने से बच्चों की भविष्य की चिंताएं दूर हो गई है। बच्चों को अच्छे स्कूल में अच्छी शिक्षा दे रहे है। साथ ही बच्चों को घर से स्कूल तक आने-जाने के लिए वाहन की सुविधा भी शुरू कराई है। बच्चों के भविष्य के लिए एलआईसी भी कराया गया है। इससे भविष्य उनका सुरक्षित हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार 3100 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीद रही है। इससे खेती को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है और फसल को सुरक्षित करने के लिए खेत में फेंसिंग भी जल्द करा सकेंगे। वे यह भी बताते हैं कि आने वाले समय में कृषक उन्नति योजना के तहत राशि मिलने पर खेत में बोर कराकर अधिक फसल का उत्पाद कर सकेंगे।श्री मानिकपुरी बताते हैं कि धान खरीदी केंद्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। टोकन की सुविधा भी आसान हुई है। इससे हम जैसे किसानों को बहुत ही फायदा मिल रहा है। इसके लिए श्री मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया। -
*तकनीक की उड़ान से ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा ने खरीफ और रबी सीजन में कमाये दो लाख रुपए*
*तकनीक से जुड़ी इसलिए बिटिया को भी तकनीक की ओर मोड़ दिया और बिटिया को बना रहीं आईटी इंजीनियर*
रायपुर/ जो हाथ कुशलता से चूल्हा-चौंका का काम करते हैं वे तकनीक के क्षेत्र में भी उतनी ही कुशलता का परिचय दे सकते हैं। देश भर की ड्रोन दीदियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इस सोच को साकार कर दिया है। रायपुर जिले की ग्राम नगपुरा की ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता की उड़ान ड्रोन की तरह है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम के चलते वे भी ड्रोन दीदी बनीं। ड्रोन चलाना सीखा और बहुत थोड़े समय में इसमें कुशल हो गईं। चंद्रकली बताती हैं कि हुनरमंद होने से उनके काम का मूल्य भी कई गुना बढ़ गया। वे केवल 10 मिनटों में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर देती हैं और इससे 300 रुपए कमा लेती हैं। गांव में खेतों में छिड़काव के बाद उनके ड्रोन चालन की कुशलता की जानकारी पड़ोसी गांवों में भी फैल गई। खूब काम मिला और पूरी लगन के साथ चंद्रकली ने लगभग 700 एकड़ खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर दिया।
सबसे बड़ी खूबी यह है कि तकनीक ने उन्हें समय की बाधा से पूरी तरह से मुक्त कर दिया। वे बच्चों को तैयार करती हैं। घर में चूल्हा-चौका कर लेती हैं फिर खेतों के लिए निकल पड़ती हैं। उनके हाथ में ड्रोन का रिमोट होता है। जैसे ही चंद्रकली ने ड्रोन कंट्रोल रिमोट ऑन करती हैं, धीरे-धीरे ड्रोन गति लेते हुए आसमान की ओर उड़ता है और खेत का चक्कर काटने लगता है। अब चंद्रकली अब अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती है।
रायपुर जिले की आरंग विकासखंड की निवासी श्रीमती वर्मा कुछ महीनों पहले महिला समूह से जुडकर बहुत ही कम आमदनी प्राप्त कर रही थीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2023 को नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरूआत की थी। जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त रूप के साथ साथ आत्मनिर्भर बनाते हुए आधुनिकता से जोड़ना है। इसी योजना के तहत छत्तीसगढ़ की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को चयन किया गया जिसमें रायपुर जिले की चन्द्रकली वर्मा भी शामिल थी।
श्रीमती चन्द्रकली बताती हैं कि उनके समूह में अच्छे कार्य को देखते हुए इस योजना के लिए चयनित किया गया और ऑनलाइन इन्टरव्यू हुआ। जिसके लिए उन्हें ग्वालियर में 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई और दिसंबर 2023 में इन्हें ड्रोन निःशुल्क दिया गया, साथ ही परिवहन के लिए ड्रोन वाहन दिया गया। वे बताती हैं कि मुझे अन्य दीदियों के साथ उत्तर प्रदेश के फूलपुर में आमंत्रित किया गया, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें नमो ड्रोन दीदी की उपाधि दी। इसके बाद श्रीमती चन्द्रकला के आने बाद किसानों को इसकी बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जो वे मैनुवल तरीके से कीटनाशक का छिड़काव करते हैं वह अब ड्रोन से मिनटों में ही हो जाता है। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलने लगा। चंद्रकला को दो लाख रूपये से अधिक की आय कर चुकी है जिससे वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहीं है उनकी बेटी आईटी में इंजीनियरिंग कर रही हैं। तकनीक का महत्व जब चंद्रकला ने समझा तो अपनी बिटिया को भी तकनीक की ओर मोड़ दिया, यह चमत्कार नमो ड्रोन दीदी योजना का है।
श्रीमती चन्द्रकला कहती हैं कि मुझे गर्व है कि मै ड्रोन दीदी हूं। मै आज नई तकनीक का उपयोग कर रही हूं। अपने गांव के खेती किसानी में मदद कर रही हूं। जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और लागत भी कम आएगी। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देती हूं और अन्य महिलाओं से आग्रह करती हूं कि इस तकनीक से जुड़ें और छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाएं। -
*नालंदा लाइब्रेरी से 21, तक्षशिला 4 और सेंट्रल लाइब्रेरी से 9 युवाओं को मिली सफलता*
*नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ, सहकारी निरीक्षक एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी बने*
रायपुर । छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग 2023 के परीक्षा में रायपुर जिला प्रशासन की लाइब्रेरी से पढ़ाई करने वाले युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल की है। यहां से पढ़ने वाले 34 युवाओं का चयन हुआ है। यहां से युवा नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ, सहकारी निरीक्षक एवं बाल विकास परियोजना समेत अन्य पदांे पर चयनित हुए है। चयनित युवाओं ने जिला प्रशासन भी धन्यवाद जताया है।
नालंदा परिसर स्थित लाइब्रेरी से श्री पुनीत राम वर्मा, खाद अधिकारी, सहायक संचालक, श्री सागर वर्मा नायब तहसीलदार, श्री कुलदीप पटेल नायब तहसीलदार, श्री अतुल भोई, नायब तहसीलदार, श्री विमल खांडेकर नायब तहसीलदार, प्रीती भगत, नायब तहसीलदार, श्री पुष्कर पटले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, लोकेश्वरी साहू, जेल अधीक्षक, श्री अमन दुबे, जिला सेनानी, श्री अजय कुमार मारकंडे, जिला सेनानी, सुमन श्यामनानी, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी, श्री भानुप्रताप साहू, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा लेखा अधिकारी, श्री आलोक सिंह मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा लेखा अधिकारी, श्री पीयूष कुमार कंवर, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी, श्री विनोद कुमार बांधे, राज्य कर निरीक्षक, श्री रूपेंद्र सोनवर्षा, सहकारी निरीक्षक, श्री संजय नायक सहकारी निरीक्षक, लोकश्री श्रीवास, सहकारी निरीक्षक, नागेश साहू, सहकारी निरीक्षक, सौरभ जाम्बुलकर, सहकारी निरीक्षक, श्री अभय दुबे सहकारी निरीक्षक (सहकारी निरीक्षक अनुपूरक सूची) में चयन किया गया है।
साथ ही, मोतीबाग स्थित तक्षशिला लाइब्रेरी से श्री कुलदीप पटेल, नायब तहसीलदार, श्री ओमप्रकाश साहू, राज्य कर निरीक्षक, श्री मुकेश यदु, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी वित्त विभाग, श्री चंद्रकांत नेताम, सहकारी निरीक्षक के लिए चयन किया गया है।
इसके अलावा सेंट्रल लाइब्रेरी से श्री त्रिलोक, जिला आबकारी अधिकारी, राजेश कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त, विनय कश्यप, सहायक पंजीयक, योगेंद्र, सहकारी निरीक्षक, खुशबु साहू, सहकारी निरीक्षक, रेशमा मिश्रा, बाल विकास परियोजना अधिकारी, शैलेंद्र कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त, तोमन कुमार, नायब तहसीलदार, विद्या साहू, सहकारी निरीक्षक के पद पर चयनित हुए। -
भिलाई/ नगर निगम भिलाई के 77 mld एवं 66 mld दो बड़े जल शोधन संयंत्र संचालित हो रहे हैं । जिनके माध्यम से नगर निगम भिलाई एवं रिसाली के नागरिकों को पानी की प्रतिपूर्ति की जाती है। जल शोधन संयंत्र में शिवनाथ नदी से पानी आता आता है। नेहरू नगर बटालियन के पास संयंत्र में आधुनिक मशीनों द्वारा उसे साफ करके पीने के योग्य बनाया जाता है। नव नियुक्त आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय संयंत्र का निरीक्षण करने के लिए गए। वहां पर पानी कैसे साफ किया जाता है, किस प्रकार से रा वॉटर को पीने की योग्य बनाते हैं। उसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। ऑटोमेटिक सिस्टम होने के कारण कंप्यूटर में यह पता चल जाता है पानी कैसे आ रहा है, कहां जा रहा है, किस प्रकार से शुद्धिकरण हो रहा है, अगर कहीं पर भी कोई गड़बड़ी होती है तो सिस्टम बता देता है। वहां उपस्थि आधिकारिक कर्मचारियों को निर्देश दिए की पानी की सप्लाई सुचारू रूप से चलनी चाहिए। एक बैकअप प्लान भी होना चाहिए अगर कभी किसी कारण से एक सिस्टम में खराबी आ जाए दूसरा चालू कर दिया जाए ।वहां पर स्थित लेबोरेटरी का भी निरीक्षण किय। किस प्रकार से नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों से पानी का सैंपल लाया जाता है। वहां पर जांच किया जाता है। कि पानी पीने के योग्य है कि नहीं। उसमें किसी प्रकार की बैक्टीरिया या कोई अशुद्धि तो नहीं है। गौरतलब है कि नगर निगम भिलाई के कर्मचारी विभिन्न वार्डों में जाते हैं
औचक रूप से किसी घर से या बोरिंग से पानी का सैंपल लेते हैं। लाकर के लेबोरेटरी में चेक करते हैं। कि पानी के सप्लाई में किसी प्रकार का अशुद्धि तो नहीं है। यह देख करके बहुत अफसोस होता है कि कुछ लोग इतनी कीमती पानी को बर्बाद करते हैं। नल को बंद नहीं करते, नगर निगम के नल को तोड़ देते हैं। जिससे पानी बेकार गिरता है। पानी सबको बचाना आवश्यक है।निरीक्षण के दौरान अभियंता संजय अग्रवाल, बृजेश श्रीवास्तव, अर्पित बंजारे, जनसंपर्क अधिकारी अजय शुक्ला आदि उपस्थित रहे। - भिलाई, दुर्ग जिले में दुर्ग जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी माध्यम से सस्ते दर पर यात्री सिटी बस चलाई जाएगी। नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा शासन को परमिट के लिए पत्र लिखा गया है। परमिट प्राप्त होते ही नगर निगम भिलाई दुर्ग क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर सिटी बस संचालित होने लगेंगी। परमिट के प्रत्याशा में सिटी बसों का संचालन मे विलंब हो रहा था। जन सुविधा, आम नागरिकों, एवं जनप्रतिनिधियों को मांग को देखते हुए इसमें शीघ्रता लाई जा रही है ।
- रायपुर। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा जारी आदेश के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भारत सरकार के ‘‘ जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय’’ के रिसर्च एसोसिएट फेलोशिप चयन समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गठित इस चयन समिति में डॉ. चंदेल सहित देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों के कुल 22 सदस्य रखे गये हैं। इस समिति के अध्यक्ष बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. राकेश भटनागर हैं एवं उपाध्यक्ष जी.बी. पंत विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति डॉ. मोहन सिंह चौहान को बनाया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर गठित इस प्रतिष्ठित चयन समिति का मुख्य कार्य देश भर के प्रतिभाशाली छात्रों को अनुसंधान हेतु फेलोशिप उपलब्ध कराना तथा उनका मार्गदर्शन करना है। डॉ. चंदेल का रिसर्च एसोसिएट फेलोशिप चयन समिति में मनोनयन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
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-तीन महीनों में काम पूरा करने के निर्देश
रायपुर। बिलासपुर जिले के सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से रिनोवेशन किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के कन्वर्जेंस से यह राशि जुटाई जाएगी। बिलासपुर के कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज अस्पताल भवन एवं परिसर का निरीक्षण कर डॉक्टरों और इंजीनियरों के साथ बैठकर रिनोवेशन की कार्ययोजना बनाई। उन्होंने सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन) और आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) के अधिकारियों को अगले तीन महीनों में रिनोवेशन का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव, पीएचसी की प्रभारी डॉ. आकांक्षा दुबे और डीपीएम सुश्री पीयूली मजूमदार सहित आरईएस और सीजीएमएससी के अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने अस्पताल परिसर में बने शासकीय आवास गृहों में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याएं सुनी और रिनोवेशन की कार्ययोजना में इसे भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने इलाज कराने आए मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल की व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने महिला वार्ड का भ्रमण कर प्रसव की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। श्री शरण ने बढ़ते ठंड को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों में तीन दिनों में मरीजों के लिए कंबल की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने मुख्यालय में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा करते हुए उनके आवास की मरम्मत और पेयजल की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में सिम्स (CIMS) के खाली पड़े दो छात्रावासों का उपयोग मेडिकल वार्ड के रूप में करने की अनुमति प्रदान की।
- -माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहलरायपुर /वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने महतारी शक्ति ऋण योजना का अपने निवास कार्यालय से लांचिंग की। इस अवसर पर राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री विनोद अरोरा भी उपस्थित थे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "यह योजना माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।"राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री अरोरा ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत, जिन बहनों का खाता ग्रामीण बैंक में है और जिनमें महतारी वंदन योजना की राशि जमा होती है, उन्हें स्वरोजगार के लिए 25 हजार रुपए तक का ऋण बिना किसी औपचारिकता के उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा शुरू की गई महतारी शक्ति ऋण योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना महिलाओं को न केवल वित्तीय मदद प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार और समाज के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करने में भी सहायक होगी।
- -हितग्राहियों ने कहा- पीएम सूर्यघर बहुत अच्छी योजना, सभी को लेना चाहिए इसका फायदा-प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से रोशन होंगे 25 हजार घररायपुर / बिलासपुर जिले के बोदरी निवासी श्री अनुराग शर्मा ने लगभग 7 महीने पहले अपने घर की छत पर 7 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया, तब से उन्हें बिजली के बिल की फिक्र नहीं करनी पड़ती हैै। पहले जहां वे हर माह दो से पांच हजार का बिजली बिल दे रहे थे, वहीं अब बिल नहीं आ रहा है उल्टे अतिरिक्त बिजली भी उत्पादित हो रही है। इसके लिए उन्हें सरकार से 78 हजार की सब्सिडी भी मिली है। इससे उन्हें आर्थिक बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी योजना है सभी को इसका फायदा लेना चाहिए।धमतरी जिले के पतंजलि नगर निवासी हेमन्त साहू बताते हैं कि उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना का लाभ लेने आवेदन दिया और एक माह में ही उनका सौर पैनल लग गया। पहले जहां एक हजार रुपए बिजली बिल आता था, अब बिलकुल बिजली बिल नहीं पटाना पड़ रहा। वहीं गीता साहू कहती हैं कि वह योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के बाद अपनी स्कूटी भी निश्चिंत होकर चार्ज करतीं हैं।छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर योजना लगातार लोकप्रिय होते जा रही है। राज्य में 25 हजार घर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ते दर पर स्थायी ऊर्जा मुहैय्या कराना है। सौर ऊर्जा का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में सौर पैनलों के माध्यम से घरेलू उपयोग के लिए बिजली का उत्पादन किया जाता है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही सौर पैनल इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनशैली के सुधार के साथ ही पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।उल्लेखनीय है कि शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह सोलर प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। इस योजना में प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जा रहा है। पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन कर इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है।
- -नागरिकों को मिलेगी इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर / छत्तीसगढ़ के चार शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में नागरिकों को जल्द ही इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इन चारों शहरों में कुल 240 ई-बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर के लिए 100, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 तथा कोरबा के लिए 40 ई-बसों की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर इसके लिए सुडा को नोडल एजेंसी तथा संबंधित जिलों में गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ई-बस सेवा प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के शहरों में कम कार्बन उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण का संरक्षण होगा। कम ऊर्जा खपत और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ ही नागरिकों को आरामदायक आवागमन की सुविधा सुलभ होगी। इसे शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिले।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के ढांचे को दुरुस्त करने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना प्रारंभ की गई है। सार्वजनिक परिवहन की इस अभिनव योजना में केंद्र सरकार द्वारा शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसका एक बड़ा हिस्सा शहरों में बस डिपो एवं बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी अधोसंरचना विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। शहरों की जनसंख्या के आधार पर बसों की संख्या निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने सड़कों पर इन ई-बसों को उतारने की तैयारियां तेज करते हुए चारों शहरों में बस डिपो और बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 67 करोड़ 40 लाख रुपए मंजूर करते हुए निविदा आमंत्रण की भी अनुमति दे दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने चारों शहरों में ई-बस सेवा के संचालन के लिए अलग-अलग गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को इन दोनों कार्यों के लिए राशि स्वीकृत करते हुए निविदा आमंत्रित करने कहा है।सुडा द्वारा रायपुर में बस सेवा प्रारंभ करने के लिए बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु रायपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को 14 करोड़ 33 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इसमें आठ करोड़ 60 लाख रुपए का केन्द्रांश और पांच करोड़ 73 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। सुडा ने बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी 12 करोड़ 90 लाख रुपए मंजूर किए हैं। दुर्ग-भिलाई में ई-बसों हेतु बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए दुर्ग-भिलाई अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को छह करोड़ 73 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सुडा द्वारा जारी की गई है। इसमें चार करोड़ चार लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 69 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। वहां बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 11 करोड़ दो लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। बिलासपुर में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बिलासपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को आठ करोड़ 37 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें पांच करोड़ दो लाख रुपए का केन्द्रांश और तीन करोड़ 35 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसी तरह कोरबा में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कोरबा अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को सात करोड़ 19 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसमें चार करोड़ 31 लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 88 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए वहां तीन करोड़ 78 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।चार श्रेणियों में बांटा गया है शहरों को, जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत की गई हैं बसेंप्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। 20 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख और पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता है। इसके आधार पर रायपुर को 100 मीडियम ई-बसों, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम ई-बसों, बिलासपुर को 35 मीडियम और 15 मिनी ई-बसों तथा कोरबा को 20 मीडियम एवं 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों का क्रय तथा संचालन एजेंसी का चयन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 सर्वेक्षण
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए हितग्राहियों को समय देने के दिए निर्देश
रायपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए वर्तमान में जारी सर्वेक्षण के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं है, उनके आवेदन तत्काल निरस्त नहीं करते हुए उन्हें दस्तावेजों के लिए समय प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगरीय निकायों को हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राहियों के राजस्व कार्यालयों में लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने के लिए राजस्व विभाग को पत्र प्रेषित किया है।
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी क्षेत्रों में 'सबके लिए आवास' मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। इसके लिए हितग्राही परिवार का आधार कार्ड, बैंक खाता, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज इत्यादि की प्रविष्टि भारत सरकार द्वारा अनिवार्य की गई है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव को कुछ हितग्राहियों के माध्यम से यह पता चलने पर कि वांछित दस्तावेजों में से मुख्यतः राजस्व संबंधी दस्तावेजों की कमी के कारण पोर्टल पर हितग्राहियों की जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही है, श्री साव ने हितग्राहियों की असुविधा को देखते हुए और योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने के लिए सहानुभूतिपूर्वक कार्यवाही करते हुए सभी नगरीय निकायों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में योजना के अन्तर्गत प्रक्रियाधीन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) में प्राप्त हो रहे आवेदनों में अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त न करते हुए संबंधित हितग्राहियों को दस्तावेजों की पूर्ति के लिए यथोचित समयावधि प्रदान करने को कहा है, जिससे अधिकतम हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा सके। श्री साव ने हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश नगरीय निकायों को दिए हैं, जिससे कि संभावित हितग्राहियों को दस्तावेज प्राप्त करने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ हर हाल में अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही परिवार को आवास दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राही परिवारों को योजना में शामिल करने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। -
तीन महीनों में काम पूरा करने के निर्देश
रायपुर/ बिलासपुर जिले के सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से रिनोवेशन किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के कन्वर्जेंस से यह राशि जुटाई जाएगी। बिलासपुर के कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज अस्पताल भवन एवं परिसर का निरीक्षण कर डॉक्टरों और इंजीनियरों के साथ बैठकर रिनोवेशन की कार्ययोजना बनाई। उन्होंने सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन) और आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) के अधिकारियों को अगले तीन महीनों में रिनोवेशन का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव, पीएचसी की प्रभारी डॉ. आकांक्षा दुबे और डीपीएम सुश्री पीयूली मजूमदार सहित आरईएस और सीजीएमएससी के अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।
कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने अस्पताल परिसर में बने शासकीय आवास गृहों में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याएं सुनी और रिनोवेशन की कार्ययोजना में इसे भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने इलाज कराने आए मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल की व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने महिला वार्ड का भ्रमण कर प्रसव की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। श्री शरण ने बढ़ते ठंड को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों में तीन दिनों में मरीजों के लिए कंबल की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने मुख्यालय में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा करते हुए उनके आवास की मरम्मत और पेयजल की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में सिम्स (CIMS) के खाली पड़े दो छात्रावासों का उपयोग मेडिकल वार्ड के रूप में करने की अनुमति प्रदान की। -
नागरिकों को मिलेगी इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा: मुख्यमंत्री साय
रायपुर / छत्तीसगढ़ के चार शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में नागरिकों को जल्द ही इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इन चारों शहरों में कुल 240 ई-बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर के लिए 100, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 तथा कोरबा के लिए 40 ई-बसों की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर इसके लिए सुडा को नोडल एजेंसी तथा संबंधित जिलों में गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ई-बस सेवा प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के शहरों में कम कार्बन उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण का संरक्षण होगा। कम ऊर्जा खपत और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ ही नागरिकों को आरामदायक आवागमन की सुविधा सुलभ होगी। इसे शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिले।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के ढांचे को दुरुस्त करने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना प्रारंभ की गई है। सार्वजनिक परिवहन की इस अभिनव योजना में केंद्र सरकार द्वारा शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसका एक बड़ा हिस्सा शहरों में बस डिपो एवं बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी अधोसंरचना विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। शहरों की जनसंख्या के आधार पर बसों की संख्या निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने सड़कों पर इन ई-बसों को उतारने की तैयारियां तेज करते हुए चारों शहरों में बस डिपो और बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 67 करोड़ 40 लाख रुपए मंजूर करते हुए निविदा आमंत्रण की भी अनुमति दे दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने चारों शहरों में ई-बस सेवा के संचालन के लिए अलग-अलग गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को इन दोनों कार्यों के लिए राशि स्वीकृत करते हुए निविदा आमंत्रित करने कहा है। सुडा द्वारा रायपुर में बस सेवा प्रारंभ करने के लिए बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु रायपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को 14 करोड़ 33 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इसमें आठ करोड़ 60 लाख रुपए का केन्द्रांश और पांच करोड़ 73 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। सुडा ने बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी 12 करोड़ 90 लाख रुपए मंजूर किए हैं। दुर्ग-भिलाई में ई-बसों हेतु बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए दुर्ग-भिलाई अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को छह करोड़ 73 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सुडा द्वारा जारी की गई है। इसमें चार करोड़ चार लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 69 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। वहां बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 11 करोड़ दो लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। बिलासपुर में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बिलासपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को आठ करोड़ 37 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें पांच करोड़ दो लाख रुपए का केन्द्रांश और तीन करोड़ 35 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसी तरह कोरबा में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कोरबा अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को सात करोड़ 19 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसमें चार करोड़ 31 लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 88 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए वहां तीन करोड़ 78 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
चार श्रेणियों में बांटा गया है शहरों को, जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत की गई हैं बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। 20 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख और पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता है। इसके आधार पर रायपुर को 100 मीडियम ई-बसों, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम ई-बसों, बिलासपुर को 35 मीडियम और 15 मिनी ई-बसों तथा कोरबा को 20 मीडियम एवं 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों का क्रय तथा संचालन एजेंसी का चयन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। -
हितग्राहियों ने कहा- पीएम सूर्यघर बहुत अच्छी योजना, सभी को लेना चाहिए इसका फायदा
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से रोशन होंगे 25 हजार घर
रायपुर/ बिलासपुर जिले के बोदरी निवासी श्री अनुराग शर्मा ने लगभग 7 महीने पहले अपने घर की छत पर 7 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया, तब से उन्हें बिजली के बिल की फिक्र नहीं करनी पड़ती हैै। पहले जहां वे हर माह दो से पांच हजार का बिजली बिल दे रहे थे, वहीं अब बिल नहीं आ रहा है उल्टे अतिरिक्त बिजली भी उत्पादित हो रही है। इसके लिए उन्हें सरकार से 78 हजार की सब्सिडी भी मिली है। इससे उन्हें आर्थिक बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी योजना है सभी को इसका फायदा लेना चाहिए।
धमतरी जिले के पतंजलि नगर निवासी हेमन्त साहू बताते हैं कि उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना का लाभ लेने आवेदन दिया और एक माह में ही उनका सौर पैनल लग गया। पहले जहां एक हजार रुपए बिजली बिल आता था, अब बिलकुल बिजली बिल नहीं पटाना पड़ रहा। वहीं गीता साहू कहती हैं कि वह योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के बाद अपनी स्कूटी भी निश्चिंत होकर चार्ज करतीं हैं।
छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर योजना लगातार लोकप्रिय होते जा रही है। राज्य में 25 हजार घर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ते दर पर स्थायी ऊर्जा मुहैय्या कराना है। सौर ऊर्जा का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में सौर पैनलों के माध्यम से घरेलू उपयोग के लिए बिजली का उत्पादन किया जाता है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही सौर पैनल इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनशैली के सुधार के साथ ही पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह सोलर प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। इस योजना में प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जा रहा है। पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन कर इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है। -
माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल
रायपुर /वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने महतारी शक्ति ऋण योजना का अपने निवास कार्यालय से लांचिंग की। इस अवसर पर राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री विनोद अरोरा भी उपस्थित थे।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "यह योजना माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री अरोरा ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत, जिन बहनों का खाता ग्रामीण बैंक में है और जिनमें महतारी वंदन योजना की राशि जमा होती है, उन्हें स्वरोजगार के लिए 25 हजार रुपए तक का ऋण बिना किसी औपचारिकता के उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा शुरू की गई महतारी शक्ति ऋण योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना महिलाओं को न केवल वित्तीय मदद प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार और समाज के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करने में भी सहायक होगी। - समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किये जाने हेतु मुख्यमंत्री का जताया आभारनारायणपुर। पूरे छत्तीसगढ़ सहित नारायणपुर जिले में 14 नवंबर से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत हुई है। जिलें में वर्तमान में 17 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान की ख़रीदी की जा रही है।धान बेचने आए किसान मानूराम ने बताया कि उनका 03 एकड़ खेत है और धान खरीदी केन्द्र माहका में 50 क्विंटल धान बेचा है। मानूराम के परिवार में 6 सदस्य है, जिसमें उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटी है। उन्होंने धान की खेती में 02 बोरा डीएफई और 02 बोरा युरिया का उपयोग किया है। उनका कहना है कि इस बार समर्थन मूल्य पर धान बेचने की प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम और पारदर्शी से चल रही है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण अब उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि केन्द्र पर अच्छी व्यवस्था और अधिकारियों का सहयोग देखकर खुशी हुई। अब हमें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। उन्होंने कर्मचारियों का सहयोग की प्रशंसा की। धान बेचने के दो दिवस के भीतर किसानों के खातो में राशि अंतरित कि जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों के लिए बड़ी राहत है और हमें समय पर हमारा भुगतान मिल रहा है।किसान मानूराम ने कहा कि इस बार समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए मंडी में लंबी कतारों से बचने के लिए पहले से स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है और समर्थन मूल्य भी 3100 रूपये है जो हम किसानों के लिए बड़ी राहत की बात है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग का यह प्रयास सराहनीय है। इससे हमारी मेहनत का सही दाम मिल रहा है। किसान मानूराम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के द्वारा किये गये व्यवस्थाओं की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएं भविष्य में भी जारी रहेंगी। किसान मानूराम ने बताया कि धान बेचकर वह इस राशि से अपने खेत का मरम्मत कर आगे की फसल लेंगे और अपने परिवारिक कार्यों में उपयोग करेंगे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में कोसा मुख्यालय छत्तीसगढ़ एवं ओड़ीसा सब एरिया (कोसा) मुख्यालय नया रायपुर के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों कर्नल सुमीत शर्मा एवं कर्नल शैलेन्द्र पटनायक ने सौजन्य भेंट की । उन्होंने विजय दिवस के अवसर पर सेंट्रल पार्क नया रायपुर में आयोजित होने वाले सोल्जराथान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल को आमंत्रित किया।यह दौड़ कार्यक्रम सन 1971 में भारत की पाकिस्तान पर विजय की स्मृति में मनाए जाने वाले विजय दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिसमें सेना के योद्धाओं के साथ-साथ आम नागरिक भी भाग लेंगे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर डॉ. अरविंद नेरल, डॉ. सुमित त्रिपाठी उपस्थित थे।
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संविधान दिवस की 75 वीं वर्षगाँठ पर रायपुर में बड़ा आयोजन
भाजपा के थिंक टैंक माने जाते हैं राकेश सिन्हासंविधान दिवस पर रायपुर लोकसभा की 100 से अधिक कालेजों में आयोजित हो रही हैं प्रतियोगितायें, 50 हजार युवा हो रहे सम्मिलितरायपुर/भारत के 75 वें संविधान दिवस पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र के 100 से अधिक कालेजों में “मेरा संविधान-मेरा अभिमान” विषय पर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है । इस अवसर पर कॉलेज युवाओं को देश के संविधान के महत्व को समझाने और संविधान के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प लेने के उद्देश्य से रायपुर लोकसभा के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल के दिशानिर्देश पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने जानकारी दी है कि, इस अभियान के समापन समारोह में 7 दिसंबर,शनिवार को भाजपा के थिंकटैंक और सुप्रसिद्ध विचारक राज्यसभा सांसद श्री राकेश सिन्हा जी शिरकत करेंगे.समारोह में विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जायेगा साथ ही देश के संविधान की रक्षा हेतु युवाओं को शपथ भी दिलाई जाएगी.कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन ने बताया कि देश के 75 वें संविधान दिवस पर रायपुर लोकसभा के अंतर्गत आने वाले सभी केन्द्रीय शैक्षिणक संस्थाओं आईआईएम, एनआईटी,ट्रिपल आई टी,एम्स और सिपेट समेत 100 से अधिक कॉलेज़ो में मेरा संविधान-मेरा अभिमान विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है |मेरा संविधान- मेरा अभिमान कार्यक्रम का समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह 7 दिसंबर को दोपहर 12 बजे साइंस कॉलेज रायपुर के ऑडिटोरियम में रखा गया गया है | इसमें भाजपा के थिंकटैंक और सुप्रसिद्ध विचारक राज्यसभा सांसद श्री राकेश सिन्हा जी और रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल जी सहित अनेक वरिष्ठ नेता,अधिकारी शिरकत करेंगे। - -नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत कार्य तत्काल शुरू करें-कलेक्टर ने की फ्लैगशीप योजनाओं की समीक्षाबिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों की बैठक लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्कूल आने के पूर्व बच्चों के हाथों में जाति प्रमाण पत्र होने चाहिए। लिहाजा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ही उनका प्रमाण पत्र तैयार किया जाये। इस संबंध में राजस्व अफसरों की बुधवार को आयोजित बैठक में विस्तृत रूपरेखा तैयार किया जायेगा। बैठक में निगम आयुक्त श्री अमित कुमार एवं जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने सिकल सेल की जांच के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर फोकस करने के निर्देश दिए। शुरूआत में ही बीमारी पकड़ में आ जाने पर इलाज आसान हो जाता है। कलेक्टर ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वीकृत तमाम विकास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले 10 दिनों के भीतर कार्य शुरू कर सूचित किया जाये। कलेक्टर ने पीएम आवास योजना की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने धीमी कार्य प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में राजस्व सहित आयुष्मान कार्ड, चिरायु, एनआरसी,पीएमश्री स्कूल लोक सेवा गारण्टी सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की समीक्षा कर निर्देश दिए।
- - कुंआगोंदी धान खरीदी केन्द्र में अब तक कुल 220 किसानों ने 9132 क्विंटल से अधिक मात्रा में धान की बिक्री कीबालोद । राज्य शासन द्वारा अन्नदाता किसानों के मेहनत का सम्मान करते हुए उनके उपज का उचित दाम दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु राज्य में शुरू की गई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना अपने उद्देश्यों पर पूरी तरह से सफलीभूत हो रहा है। राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत धान खरीदी के कार्य को सुगम एवं पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से धान खरीदी केन्द्रों में की गई चाक-चैबंद व्यवस्था से बालोद जिले के नगरीय एवं मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के सुदूर वनाचंल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के धान खरीदी केन्द्रों में भी बंफर धान की खरीदी हो रही है। राज्य शासन के प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर से प्रति एकड 21 क्विंटल धान खरीदी के निर्णय के फलस्वरूप इन क्षेत्रों में निवासरत समाज के सभी वर्गों के लोगों के अलावा आदिवासी समाज के कृषकों के द्वारा भी समर्थन मूल्य पर अपनी धान की बिक्री हेतु विशेष रूची दिखाई दे रही है। शासन के इस जन हितैषी निर्णय एवं धान खरीदी केन्द्र्रों में की गई बेहतर व्यवस्था का परिणाम है कि जिले के आदिवासी बाहुल्य डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम कुंआगोंदी के धान खरीदी केन्द्र में आज 29 नवंबर तक 220 कृषकों के द्वारा कुल 9132.40 क्विंटल धान की बिक्री की जा चूकी है। इस तरह से धान खरीदी केन्द्र कुंआगोंदी में अब तक 02 करोड़ 11 लाख 20 हजार 288 रुपये की धान की खरीदी की जा चूकी है। धान खरीदी योजना के नई व्यवस्था के तहत धान बिक्री के 72 घण्टे की अवधि में किसानों के खाते में राशि जमा होने से किसानों में सर्वस्व हर्ष व्याप्त है। इस तरह से अन्य क्षेत्रों की भाँति धान खरीदी योजना के तहत उनके मेहनत का शीघ्र मेहताना मिलने से वनांचल के किसानों के घरों में भी खुशियाँ आ रही है।राज्य शासन की इस योजना की सराहना करते हुए धान खरीदी केन्द्र कुंआगोदी के अंतर्गत ग्राम जरहाटोला के कृषक श्री सुखदेव ने बताया कि उन्होंने 19 नवंबर को धान खरीदी केन्द्र ग्राम कुंआगोदी में पहुँचकर कुल 66 क्विंटल 80 किलो धान की बिक्री की थी। किसान सुखदेव ने बताया कि धान बिक्री के 72 घण्टे के भीतर उनके खाते में कुल 01 लाख 54 हजार 768 रुपये की राशि जमा हो गया। इसी तरह इस योजना की सराहना ग्राम कांडे़ के कृषक श्री शशिकांत ने भी किया है। उन्होंने बताया कि वे अपने परिवारजनों के साथ 19 नवंबर को धान खरीदी केन्द्र कांडे़ में पहुँचकर कुल 43 क्विंटल 60 किलो धान की बिक्री की है। उनके खाते में धान बिक्री के 72 घण्टे की अवधि में 01 लाख 01 हजार 552 रुपये की राशि जमा होने से उसमें सुरक्षाबोध एवं आत्मविश्वास का भाव जागृत हुआ है। जिससे वे उनके परिजन बहुत ही प्रसन्नचित है। इस योजना की सराहना करते हुए इन दोनों किसानों ने कहा कि इतने कम अवधि में इतनी बड़ी राशि जमा होने से उन्होंने एवं उनके परिवार वालों में खुशी का ठिकाना नही रहा। किसानों ने कहा कि राज्य शासन की इस योजना के फलस्वरूप समय पर अपने मेहनत का मेहनताना मिलने से मेरे अलावा हम सभी किसानों में हर्ष व्याप्त होने के साथ-साथ शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी बलवती हुई है। इनके अलावा वनांचल के किसान श्री पूनाराम, सोमनाथ एवं सावित्री बाई सहित अन्य किसानों ने भी इस योजना की सराहना करते हुए इसके माध्यम से राज्य के किसानों को संबल प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुूख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
- बालोद । वर्तमान में कृषि यांत्रिकीकरण के विस्तार होने से धान की ज्यादातर कटाई हार्वेस्टर द्वारा की जा रही है। हार्वेस्टर से धान कटाई करने पर धान की पराली खेत में ही पड़ी रहती है जिसे वहाँ से उठाना किसानों के लिए अतिरिक्त मेहनत का काम होता है। जिससे अगली फसल लगाने में किसानों को बहुत समय लग जाता है परंतु अब बेलर मशीन होने से यह कार्य बहुत ही सरल हो गया है। इस बेलर मशीन द्वारा एक दिन में 100 से 150 बंडल तक पराली बाँधा जा सकता है। ट्रैक्टर द्वारा चलित यह बेलर मशीन किसानों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है। विकासखंड डौंडी के भर्रीटोला निवासी संतोष यादव द्वारा यह मशीन सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है जिसे देखकर किसान अति प्रसन्न है क्योंकि इसमें बहुत कम समय में खेत एकदम साफ भी हो जाता है और अगली फसल के लिए खेत की तैयारी की जा सकती है। किसानों के घर गाय, बैल आदि पशु होते है जिन्हें खिलाने के लिए वर्ष भर के लिए पराली इक्कठा करके रखना पड़ता है। जिससे रखने के लिए बहुत ज्यादा जगह लगता था परंतु बेलर मशीन से बने इस बंडल को कम जगह में आसानी से और ज्यादा मात्रा में संग्रहित करके रख सकते हैं। सामान्यत एक बोझा पराली में 5 से 6 किलो पैरा आता है परंतु बेलर मशीन से बने एक बंडल में 15 से 17 किलो पैरा होते है। मतलब एक बंडल में 3 बोझा पैरा इकठ्ठा हो जाता है इसलिए कम स्थान पर ज्यादा पैरा इकठ्ठा कर संग्रहित भी सकते है। इसके साथ ही खाद बना सकते है या अन्य उपयोग में ले सकते हैं। बेलर मशीन संचालक ने बताया कि अब तक वे बहुत से किसानों के धान की पराली का बंडल बनाने का काम कर चूके है। उन्होंने बताया कि 4 दिन में अब तक धान की पराली के 400 बंडल बनाए हैं और सामान्यतः एक दिन में 3 से 4 एकड़ तक के पैरा का बंडलिंग आसानी से हो जाता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से जिले के सभी विकासखंडों में बेलर मशीन प्रदाय किया गया है, जिसका उपयोग करने किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के सेवाभवन में ट्रांसमिशन कंपनी के 5 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री राजेश कुमार शुक्ला द्वारा प्रशस्ति पत्र, घड़ी, शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई।इस अवसर पर कनिष्ठ पर्यवेक्षक श्री अरविंद कुमार सोलोमोन, रायपुर, लाइन सहायक श्रेणी-एक, श्री अशोक कुमार साहू, भिलाई, लाइन सहायक श्रेणी-दो, श्री सीताराम साहू, भिलाई, लाइन परिचारक श्रेणी-एक, श्री हसेंद्र कुमार वर्मा, भिलाई, फार्मासिस्ट श्री मूल सजीवन शर्मा, रायपुर को सेवानिवृत्ति पश्चात् विदाई समारोह में सम्मानित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोठिया, श्री एम.एस.चौहान, श्री संजय पटेल, श्री डी.के. तुली, मुख्य अभियंता श्री जी.आनंद राव, सी.एम.ओ. डॉ. एच.एल. पंचारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाशन अधिकारी श्री गोविंद पटेल तथा आभार प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता श्री राजेश सिंह द्वारा किया गया।
- दुर्ग / ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसेंसी (बीईई) भारत सरकार द्वारा ऊर्जा एवं जल संरक्षण के प्रति कृषकों में जागरूकता लाने हेतु आज कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) विकासखण्ड पाटन दुर्ग में अर्द्ध दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।छ.ग.राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) से प्राप्त जानकारी अनुसार कार्यशाला में क्रेडा विभाग के जिला प्रभारी श्री रवीन्द्र कुमार देवांगन द्वारा सोलर पंप एवं अन्य सौर संयंत्रों के सफल संचालन हेतु विस्तृत जानकारी कृषकों को दी गई। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक डॉ विजय जैन (कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा ’अ’) ने अपने अनुभव साझा करते हुये बताया कि वर्तमान में बिजली एवं जल के अत्यधिक दोहन से उत्पन्न ऊर्जा संकट तथा निरंतर गिरते हुये जल स्तर के कारण भविष्य में आने वाली कठिनाईयों के निदान के लिए आज संरक्षण बहुत ही आवश्यक है। उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई द्वारा किसानों को जल एवं मृदा संरक्षण हेतु कार्यशाला की उपयोगिता तथा कार्यशाला में दिये जाने वाली जानकारी के प्रयोग द्वारा ऊर्जा संरक्षण किये जाने हेतु प्रोत्साहित किया। श्री कमल नारायण वर्मा (विषय विशेषज्ञ उद्यानकीय) द्वारा किसानों को अवगत कराया गया कि फसल चक्र परिवर्तन के माध्यम से किस्म के आधार पर पानी की आवश्यकता पड़ती है जिसकी जानकारी होने पर बहुत अधिक मात्रा में जल का संरक्षण किया जा सकता है।रबी के फसल में दलहन तिलहन फसलों का उपयोग मृदा एवं जल संरक्षण दोनों में सहायक है, तथा मिथेन गैस के उत्सर्जन को किस प्रकार कम किया जा सकता है। श्री दिनेश सिन्हा (सोलेक्सी इको पॉवर) द्वारा ऊर्जा दक्ष पंपों का प्रदर्शनीय कर ऊर्जा बजत की जानकारी दिया गया, जिससे कृषकों द्वारा भविष्य में कृषि कार्य के लिए ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग एवं फसल चक्र अपनाते हुये जल संरक्षण हेतु संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के समापन पूर्व जिला प्रभारी क्रेडा द्वारा अर्द्ध दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित कृषकों को सौर समाधान ऐप द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी, योजनाओं हेतु आवेदन प्रक्रिया की जानकारी, शिकायतों पर कार्यवाही तथा क्रेडा अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ऑनलाईन मानिटरिंग के माध्यम से संयंत्रों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई तथा उनके मोबाईल में ऐप इंस्टाल कराया गया।कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों के लगभग 70 कृषक उपस्थित हुए। कार्यक्रम में केडा से सहायक अभियंता श्री नितेश बन्छोर, श्री दिनेश चंद्रा, उप अभियंता श्री हरीश श्रीवास्तव, श्री विक्की चौधरी, कु. यामिनी देवांगन एवं श्री सोनल कुमार सोनी, श्री खेमराज वर्मा एवं क्रेडा के अन्य स्टॉफ उपस्थित रहे।
- दुर्ग, / जिले में रूआबांधा बीज निगम प्रक्षेत्र में साथी बाजार का संचालन किया जाना प्रस्तावित है, जिसके भूमि पूजन कार्यक्रम एवं एफ.पी.ओ. फेडरेशन गठन के संबंध में जिला पंचायत सभागार में बैठक आयोजित की गई।साथी बाजार का संचालन पूर्ण रूप से एक फेडरेशन के द्वारा किया जाना है। उक्त फेडरेशन में दुर्ग जिले के अंतर्गत समस्त एफ.पी.ओ./एफ.पी.सी. के सदस्यों द्वारा निर्मित फेडरेशन के माध्यम से साथी बाजार का संचालन किया जाना है। इस हेतु जिले के समस्त फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाईजेशन, कंपनी के डायरेक्टर एवं बी.ओ.डी. के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई।जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि फेडरेशन निर्माण के लिए आवश्यक कार्य किया जाना है। बैठक में फेडरेशन के सदस्य बनने के लिए अंशपूंजी का निर्धारण किया गया। प्रति एफ.पी.ओ. अंशपूंजी की भागीदारी का निर्णय लिया गया। साथ ही संचालक मंडल हेतु नाम का प्रस्ताव व एफ.पी.ओ. में सदस्यों की संख्या का निर्धारण किया गया। इसके साथ ही साथी बाजार संचालन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित किया गया।राष्ट्रीय समन्वयक साथी परियोजना श्री मनीष शाहा, राज्य प्रमुख साथी परियोजना अधिकारी श्री अनुराग लाल, नोडल कृषि विश्वविद्यालय रायपुर डॉ. गजेन्द्र चन्द्राकर सहित कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।










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