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- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मण्डावी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 426 करोड़ रुपए से अधिक लागत की योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के दिए निर्देश
8,091 किलोमीटर लाइनें, 2217 ट्रांसफॉर्मर, 7950 बसाहटें
रायपुर/ आदिवासी अँचलों में बिजली से वंचित रह गए घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 3 अतिविशिष्ट योजनाओं के माध्यम से 77,292 घरों में बिजली पहुंचाने की कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा इस महती कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है जिसमें से 2 योजनाएं केंद्र सरकार की है तथा 1 योजना छत्तीसगढ़ शासन की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 426 करोड़ रुपए से अधिक लागत की इन योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्रता से करने के निर्देश दिए है। वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष श्री रोहित यादव ने तीनों योजनाओं की प्रगति की नियमित तौर पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था की है।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की अति पिछड़ी 7 जनजातियों जिनमें अबुझमाड़िया, बैगा, भारिया, पहाड़ी कोरवा, कमार तथा बिरहोर शामिल हैं, इन 7 जनजातियों के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रिड से विद्युतीकृत गांवों के 7,077 घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 37 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 1,087 बसाहटों में 363.24 किलोमीटर 11 के.वी. लाइन, 267 नग 25 के.वी.ए. क्षमता के वितरण ट्रांसफॉर्मर तथा 650 किलोमीटर से अधिक निम्नदाब लाइनें बिछाई जा रही है। पीएम जनमन के तहत अभी तक 4,500 घरों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है।
प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की घोषणा हाल ही में की गई है जिसके अंतर्गत 919 गांवों के 65,711 अविद्युतीकृत घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 323 करोड़ 63 लाख रुपए की कार्ययोजना को स्वीकृति मिली है। जिसके अंतर्गत 6,863 बसाहटों में 1889.56 किलोमीटर लाइनें, 25 के.वी.ए. क्षमता के 1950 वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाएंगे तथा 5,188 किलोमीटर से अधिक निम्नदाब लाइनें बिछाई जाएंगी।
आदिवासी बहुल गांवों में बिजली पहुंचाने में सबसे बड़ी समस्या वहां के सघन वन क्षेत्र होते हैं। घने जंगलों में बहुत से क्षेत्र पहुंच विहीन होती हैं। इसके अलावा बस्तर के सघन वन क्षेत्रों में विरासत में मिली नक्सलवाद की समस्या भी है जिसके समाधान की दिशा में राज्य सरकार द्वारा केंद्र की मदद से लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस मोर्चे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में बड़ी सफलताएं भी मिल रही हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सुरक्षाबलों की तैनाती केंद्र तथा राज्य शासन द्वारा की गई है। जिसके लिए सुरक्षा कैम्प बनाए गए है। सुरक्षा कैम्पों के समीप 5 किलोमीटर के दायरे में बहु-आयामी विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नियद नेल्लानार योजना प्रांरभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत 24 सुरक्षा कैम्पों के 5 किलोमीटर के दायरे में 96 गांवों में घरों को रोशन करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया गया है। इसमें ग्रिड से विद्युतीकृत 8 गांवों के 105 आवासों तथा ऑफग्रिड विद्युतीकृत 61 गांवों के 4,399 आवासों को ग्रिड से विद्युतीकृत करने की योजना प्रचलन में है। 61 करोड़ रुपए की लागत से इस योजना के अंतर्गत उपकेंद्रों, वितरण लाइनों की स्थापना की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत बीजापुर जिले के यथागुण्डम तथा चिन्तावागु गांवों का विद्युतीकरण किया गया है तथा 60 आवासों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष श्री रोहित यादव के निर्देशानुसार इन तीनों योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाना है। एम.डी. डिस्ट्रीब्यूशन श्री भीमसिंह कंवर द्वारा नियमित तौर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है। -
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव के प्रति जताया आभार
रायपुर/ छत्तीसगढ़ को बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व मिल गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव को धन्यवाद दिया है। यह टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व होगा। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2829.387 वर्ग किलोमीटर होगा। इनमें आरक्षित वन 1254.586 वर्ग किलोमीटर, संरक्षित वन 1438.451 वर्ग किलोमीटर तथा राजस्व क्षेत्र 136.35 वर्ग किलोमीटर शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को देश के 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किए जाने की जानकारी राष्ट्र को दी है। उन्होंने कहा कि भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में हमने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। कुल 2829.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बाघ अभयारण्य में 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर/ क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट शामिल है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, और इसका बफर क्षेत्र 780.15 वर्ग किलोमीटर का है। यह इसे आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाता है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश में अधिसूचित होने वाला 56वां टाइगर रिजर्व बन गया है।
भारत की राष्ट्रीय वन्यजीव योजना में परिकल्पित संरक्षण के लिए परिदृश्य दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, नव अधिसूचित बाघ अभयारण्य मध्य प्रदेश में संजय दुबरी बाघ अभयारण्य से सटा हुआ है, जो लगभग 4500 वर्ग किलोमीटर का परिदृश्य परिसर बनाता है। इसके अलावा, यह अभयारण्य पश्चिम में मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य और पूर्व में झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने अक्टूबर, 2021 में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य को अधिसूचित करने के लिए अंतिम मंजूरी दी थी।
छोटा नागपुर पठार और आंशिक रूप से बघेलखंड पठार में स्थित यह बाघ अभयारण्य विविध भूभागों, घने जंगलों, नदियों और झरनों से समृद्ध है, जो समृद्ध जीव विविधता के लिए अनुकूल हैं और इसमें बाघों के लिए महत्वपूर्ण आवास मौजूद हैं।
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण द्वारा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से 365 अकशेरुकी और 388 कशेरुकी सहित कुल 753 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। अकशेरुकी जीवों का प्रतिनिधित्व ज्यादातर कीट वर्ग द्वारा किया जाता है। कशेरुकी जीवों में पक्षियों की 230 प्रजातियाँ और स्तनधारियों की 55 प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनमें दोनों समूहों की कई संकटग्रस्त प्रजातियाँ शामिल हैं।
इस अधिसूचना के साथ, छत्तीसगढ़ में अब 4 बाघ रिजर्व हो गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मिल रही तकनीकी और वित्तीय सहायता से इस प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। -
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी दावा आपत्ति
रायपुर। फिजियो थैरेपी के दो अस्थाई पदों की भर्ती के लिए दावा आपत्ति 25 नंवबर को जिला परियोजना कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ली जाएगी। यह भर्ती धरसींवा और तिल्दा के क्षेत्रों में एक-एक पद पर होगी। इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय में दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी। दावा आपत्ति के बाद अंतिम चयन प्रक्रिया की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। -
रायपुर। महेन्द्रा कंपनी द्वारा लाइवलीहुड काजेल जोरा में दो महीने का ट्रैक्टर मकैनिकल वर्कशॉप आयोजित किया जा रहा है। इस कोर्स के लिए आवेदन आज से शुरू होगा, जिसमें उम्मीदवारों को ट्रैक्टर की मरम्मत और देखभाल के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कोर्स का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इच्छुक उम्मीदवार आज से आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान ट्रैक्टर से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षार्थी अपनी नौकरी के लिए तैयार हो सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए संबंधित केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
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रायपुर। लाईवलीहुड कॉलेज, जोरा में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले में निवासरत 18 से 45 वर्ष तक के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी निःशुल्क प्रशिक्षण योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत सोलर पम्प तकनीशियन, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, रिटेल सेल्स एसोसिएट, सेविंग मशीन ऑपरेटर, डोमेस्टिक आईटी हेल्पडेस्क अटेंडेंट, मेकअप आर्टिस्ट में प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कम्प्यूटर स्किल्स, कम्युनिकेशन स्किल्स और व्यक्तित्व विकास पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। न्यूनतम योग्यता 8वीं और 10वीं कक्षा उत्तीर्ण है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय नंबर 0771-2443066 या मोबाइल नंबर 9109321845, 9399791163 पर संपर्क किया जा सकता है।
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रायपुर। सिपेट द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के उम्मीदवारों के लिए प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग के विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों की निःशुल्क ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। यह प्रशिक्षण 2024-25 वर्ष के लिए निर्धारित है और उम्मीदवारों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करेगा। मशीन ऑपरेटर असिस्टेंट - प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग, मशीन ऑपरेटर असिस्टेंट - इंजेक्शन मोल्डिंग, मशीन ऑपरेटर असिस्टेंट - ब्लो मोल्डिंग, मशीन ऑपरेटर - लेथ में निशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी। उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता 10वीं पास व आयु सीमा 18-30 वर्ष (आरक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा में छूट) निर्धारित की गई है। आवेदन के लिए उम्मीदवारों को दस्तावेज़ों की फोटो कॉपी (अंकसूची, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो) के साथ आवेदन पत्र ईमेल या डाक के माध्यम से सिपेट, रायपुर भेजना होगा। प्रशिक्षण के बाद, सफल प्रशिक्षार्थियों को प्लास्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए सिपेट, रायपुर में संपर्क किया जा सकता है।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ विधानसभा का चतुर्थ सत्र 16 दिसम्बर से प्रारंभ होकर 20 दिसम्बर तक रहेगा। इस सत्र में कुल 4 बैठकें होंगी।
- -बैगा, गुनिया, सिरहा को प्रत्येक वर्ष मिलेगी 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधिजगदलपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बैगा, गुनिया और सिरहा जैसे परंपरागत जनजातीय समुदायों को अब प्रत्येक वर्ष 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। यह पहल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने के साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के फैसले छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके गौरव को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समुदाय की परंपराओं को संजोने और उन्हें समाज के विकास में भागीदार बनाने के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, पूर्व विधायक महेश गागड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -गौरसिंग मुकुट पहनाकर किया गया अभिनन्दन-मुख्यमंत्री ने किया बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन और स्टाल्स का अवलोकनरायपुर 1 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आज बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचने पर बस्तरिया अंदाज में स्वागत हुआ| उनके स्वागत में जनजातीय लोक नर्तक दलों ने आकर्षक प्रस्तुति दी| जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक गौर सिंग मुकुट पहनाकर उनका अभिनन्दन किया|प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के आयोजन हेतु विशेष तैयारियां की गई थीं| इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन एवं विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। प्राधिकरण के बैठक स्थल पर संभाग के सात जिलों बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए साझा किया गया। इन स्टालों में विकास और नवाचार की विस्तृत झलक दिखी|'बस्तर कॉफी' के सफर की दिखी झलकबस्तर जिले के स्टाल में 'बस्तर कॉफी' की प्रक्रिया और उसके प्रसार को रोचक ढंग से दिखाया गया है। प्रदर्शनी में कॉफी उत्पादन, ताजा चेरी उत्पादन से लेकर कॉफी की धुलाई, भुनाई, पिसाई और पाउडर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। 'बस्तर कैफे' की पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है। बस्तर कॉफी ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है।कला और नवाचार का संगमकोण्डागांव जिले ने स्टाल के माध्यम से अपनी पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक विकास परियोजनाओं को सामने रखा है। झिटकू मिटकी आर्टिसन प्रोड्यूसर ने बेल मेटल कला से अयोध्या के श्री राम मंदिर के स्थापत्य को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिले में हो रहे पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने गारमेंट फैक्ट्री, एनीमिया मुक्त कोण्डागांव अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, 'मावा कोण्डानार' मोबाइल ऐप: पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानकारी दी गई।शिक्षा और बाल विकास में नवाचारदंतेवाड़ा जिले ने शिक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को साझा किया। बाल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल से बाहर और अप्रवेशी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है । बाल मित्र पुस्तकालय एवं पंचायत के जरिए बच्चों को नेतृत्व और निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास के लिए भी अहम साबित हो रहा है।लघु वनोपज से बढ़ती आजीविकाकांकेर जिले में लघुवनोपज आधारित परियोजनाओं और उद्यानिकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। फ्रेश सीताफल परियोजना स्थानीय किसानों सहित स्वसहायता समूह की दीदियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनी है। पोषण और रोजगार, लघु धान के मछली पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन में रोजगार के नए अवसर और आजीविका संवर्धन की जानकारी दी गई है।महिला सशक्तिकरण का उदाहरणनारायणपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। स्वसहायता समूहों की दीदियों ने हर्बल गुलाल, मशरूम उत्पादन, कड़कनाथ पालन और बटेर पालन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है।पोषण आहार और एकीकृत कृषि, कृषि में नवीन तकनीकों के समावेश का प्रदर्शन किया गया है।यातायात और आवासीय योजनाओं की प्रगतिसुकमा जिले के स्टाल में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। हक्कुम मेल अंतर्गत यातायात सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना,आवासीय परियोजनाओं से सकारात्मक बदलाव, लखपति दीदी योजना मरईगुड़ा (वन) पंचायत, महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण में हो रहे सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया गया।'नियद नेल्ला नार' योजना के सकारात्मक परिणामबीजापुर जिले में प्रदेश सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचालित 'नियद नेल्ला नार' योजना के माध्यम से समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें ग्रामीणों के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग, जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन के माध्यम से दुनिया के पटल पर रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई है।
- -सरगुजा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्पर्धा में जीते मैडल, मुख्यमंत्री ने उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएंरायपुर / सरगुजा के चार खिलाडियों ने कर्नाटक के कुर्ग में 10 से 14 नवंबर तक आयोजित प्रोफेशनल नेशनल किक बॉक्सिंग लीग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए 2 स्वर्ण और एक -एक रजत और कांस्य पदक हासिल इस राष्ट्रीय स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया। पदक विजेता इन खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।वाको इंडिया किक बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित इस स्पर्धा में सरगुजा की स्वाति राजवाड़े ने 60 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड, सरवर एक्का ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड मैडल, सत्यम साहू ने 70 किलो से कम वजन वर्ग में रजत और संजना मिंज ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इस अवसर पर किक बॉक्सिंग एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री छगन लाल मूंदड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष श्री तारकेश मिश्रा, सचिव श्री आकाश गुरु दीवान और टीम के कोच श्री खिलावन दास उपस्थित थे।
- रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका आज विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) श्री एमबी ओझा के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके मौलश्री विहार स्थित निवास पर गए और उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया।उल्लेखनीय है की स्वर्गीय श्री ओझा ने1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युद्ध में भारत की विजय के साक्षी भी रहे।उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मिशनों में सभी को अपने अद्भुत शौर्य एवं पराक्रम से परिचित कराया।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की 19 नवम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का साहसपूर्वक विरोध किया और जीवन के अंतिम क्षण तक हार नहीं मानी।रानी लक्ष्मी बाई ने अपनी मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए प्राण तक न्यौछावर कर दिए। श्री साय ने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई का साहस और शौर्य आज भी लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
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बिलासपुर /डीएमएफ मद से साढ़े 12 लाख रूपए की लागत से दो नये शव वाहन खरीदे गए हैं। इनमें से एक का उपयोग बिल्हा विकासखण्ड के नगर निगम बिलासपुर क्षेत्र और दूसरे को तखतपुर को आवंटित किया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण ने नगर निगम क्षेत्र के लिए आवंटित वाहन को हरी झण्डी दिखाई। दिवंगत लोगों के पार्थिव शरीर को अस्पताल से उनके निवास तक निःशुल्क पहुंचाया जायेगा। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अ्रग्रवाल और सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री गिरिधर मालवीय के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतरत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के प्रपौत्र श्री गिरिधर मालवीय जी के निधन का समाचार पाकर उन्हें गहरा दुःख पहुंचा है। शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभु श्री राम से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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बिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक टीएल बैठक में धान खरीदी सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और लम्बित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने झांसी हादसा को ध्यान में रखते हुए यहां भी सभी अस्पतालों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल, सिम्स सहित सभी सामुदायिक अस्पतालों में फायर ऑडिट कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने अस्पताल भवनों की संपूर्ण वायरिंग और बिजली चलित उपकरणों की एक बार सर्विसिंग करा लेने को भी कहा है। उन्होंने अस्पतालों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों को चालू हालत में रखने केे भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने नगरीय इलाकों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना -2 की भी समीक्षा की। फिलहाल योजना के अंतर्गत आवेदन लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि च्वाईस सेन्टरों के जरिए भी इसके लिए आवेदन लिये जाएं। स्कूल जतन योजना के तहत मरम्मत में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जानकारी ली। उन्हो्रंने इस मामले को टीएल में दर्ज कर प्रति सप्ताह कार्रवाई प्रतिवेदन अवगत कराने को कहा है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा से हुई मौत के बाद दी जाने वाली आर्थिक सहायता में विलंब होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विलंब होने पर लोग दलाल किस्म के लोगों के चंगुल में आ जाते हैं। इसलिए इस मामले को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से निपटाया जाए। उन्होंने ऐसे मामलों में पुलिस से जरूरी रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है। ज्यादातर मामले पुलिस से रिपोर्ट प्राप्त होने में विलंब को एक प्रमुख कारण बताया गया। बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि खरीदी केन्द्रों में किसानों की सुविधाओं का ख्याल रखा जाए। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ सुमित अग्रवाल, सहायक कलेक्टर तन्मय खन्ना सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। - रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में 24 में राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता जो की 27 से 31 दिसंबर 2024 के बीच रायपुर में आयोजित होगी जिसमें लगभग 800 प्रतिभागी (तीरंदाजी एवं फुटबॉल) भाग लेंगे। इसकी पूर्व तैयारी एवं विभिन्न कार्यक्रमों के लिए स्वागत समिति का आज गठन किया गया और प्रारंभिक बैठक आयोजित हुई। जनजाति समाज के विकास के लिए 1952 में जशपुर (छत्तीसगढ़) से शुरू हुई यह यात्रा निरंतर जारी है और पूरे देश में वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा बालक/ बालिकाओं के लिए छात्रावास एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न प्रकार के प्रकल्प चल रहे हैं। जिनमें लाखों की संख्या में बालक एवं बालिकाएं जो की जनजाति समाज के दूर वनांचल क्षेत्र के होते हैं और जिन्हें वह सुविधा प्राप्त नहीं हो पाती जिसके अभाव में वह अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाते । इन्हीं उद्देश्यों को लेकर वनवासी विकास समिति काम करती है। रायपुर छत्तीसगढ़ में यह कीड़ा प्रतियोगिता आयोजित की जानी है ।इसके लिए पूरे छत्तीसगढ़ के वनवासी कल्याण आश्रम के अधिकारी एवं अखिल भारतीय के अधिकारी उपस्थित हुए, और पूरे कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी गई, आज इस कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय और शबरी कन्या आश्रम की बहनो द्वारा संध्या आरती के साथ हुई, कल्याण आश्रम की बहिनों द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए। वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री भगवान सहाय ने कल्याण आश्रम द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रम एवं अखिल भारतीय स्तर पर वनवासी समिति के बालक और बालिकाओं का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व पर भी चर्चा की और कहा कि लगभग दो लाख छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष प्रारंभिक स्तर पर खेलकूद की प्रतियोगिताओं में जनजाति क्षेत्र से भाग लेते हैं।वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ के प्रांतीय सचिव श्री अनुराग जैन ने इस कार्यक्रम के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी, तत्पश्चात स्वागत समिति का गठन किया गया जिसमें सभी क्षेत्र (चिकित्सा ,शिक्षा,व्यवसाय,समाज)के सेवाभावी ,गणमान्य व्यक्तियों के नाम सामने आए जिनमें से प्रमुख श्री केदार कश्यप (मंत्री छत्तीसगढ़ शासन) श्री राजेश मूणत विधायक रायपुर पश्चिम, पूर्व विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा,एन आई टी रायपुर के संचालक प्रो रमन्ना राव,आई आई टी भिलाई के डायरेक्टर श्री राजीव प्रकाश, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सच्चिदानंद शुक्ल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अमर परवानी समाजसेवी वसंत अग्रवाल, व्यवसायी श्री सरल मोदी , राम मंदिर ट्रस्ट के श्री ब्रज लाल गोयल,पार्षद अमर बंसल,डॉ आनंद जोशी, आदि के नाम प्रमुख हैं। सभी की सहमति से इस समिति के अध्यक्ष का दायित्व श्री केदार कश्यप को दिया गया एवं सचिव श्री अमर बंसल को बनाया गया।श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि चूकी इस प्रतियोगिता के लिए पूरे भारतवर्ष से जनजाति क्षेत्र के प्रतिभागी भाग लेंगे अतः हम सब का एक कर्तव्य और दायित्व है कि उनके लिए यह प्रतियोगिता यादगार साबित हो, इसका प्रयास करना चाहिए ।समिति के अध्यक्ष श्री केदार कश्यप ने भी आश्वस्त किया कि हम सब के सहयोग से यह प्रतियोगिता सभी के लिए यादगार होगी ।कार्यक्रम का संचालन श्री राजीव शर्मा सचिव, वनवासी विकास समिति रायपुर के द्वारा किया गया।इस अवसर पर वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ के प्रांत अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, छत्तीसगढ़ प्रांत संगठन मंत्री श्री रामनाथ कश्यप, मध्य क्षेत्र संगठन मंत्री श्री प्रवीण ढोकले, सुभाष बड़ोले, नागेश काले,श्रीमती माधवी जोशी, रवि गोयल, डॉ विजय शांडिल्य, डॉ आशुतोष शांडिल्य, श्रीमती संगीत चौबे, डॉ विजय चौबे, डॉ मीना मुर्मू, तिसेन भगत आदि उपस्थित रहे।
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रायपुर / राज्य शासन द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा नगर पंचायत को नगर पालिका गठित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत सिमगा की सीमाएं ही नगर पालिका परिषद सिमगा की सीमाएं होंगी।
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किसान धान खरीदी केन्द्रों में माइक्रो एटीएम से निकाल सकेंगे 10 हजार रूपए
राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से हो रही धान खरीदी
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक और बड़ी सुविधा दी है। इससे किसानों को तत्काल राशि की जरूरत पूरी हो सकेगी। धान बेचने केन्द्रों में पहुंचे किसान अब वहां माइक्रो एटीएम से दो हजार रूपए से लेकर दस हजार रूपए तक की राशि निकाल सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा दी गई इस सुविधा से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
राज्य में 14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था भी शासन ने सुनिश्चित की है। परन्तु किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 10 हजार रूपए तक की राशि माइक्रो एटीएम से तुरन्त प्रदान किए जाने की सुविधा दी है। किसानों को धान बेचने के लिए उपार्जन केन्द्र तक उसके परिवहन के लिए किराए पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली-मजदूरी का भुगतान करने के लिए अब न तो किसी से राशि उधार लेने की जरूरत होगी, न ही बैंक का चक्कर लगाना होगा। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त इस सुविधा से किसान बेहद प्रसन्न है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। चालू खरीफ विपणन वर्ष में 14,562 किसानों से लगभग 55 हजार टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के लिए राज्य में इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। धान बेचने के लिए 27.68 लाख किसानों ने पंजीयन कराया गया है, जिसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल है। धान खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट, बारदाना, किसानों के लिए बैठक एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। -
निषाद समाज के सामाजिक भवन के लिए 10 लाख और निषाद समाज के पीड़ित परिवार की सहायता राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की घोषणा
मुख्यमंत्री निषाद समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन व आदर्श विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के ग्राम-फुंडहर में छत्तीसगढ़ निषाद समाज के 23वें राज्य स्तरीय युवक-युवती एवं विधवा-विधुर परिचय सम्मेलन तथा आदर्श विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विवाहित जोड़ियों को शुभकामनाएं दी और निषाद समाज द्वारा किए जा रहे इस कार्य की सराहना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने घोघरा नवापारा में समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गत दिनों ग्राम छरछेद में हुई घटना में निषाद समाज के पीड़ित परिवार की सहायता राशि को 10 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए करने और साथ ही पीड़ित परिवार के चार बच्चों को 18 वर्ष होते तक प्रतिमाह 4 हजार रूपए की भी सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के 2 युवाओं को कलेक्टर दर पर नौकरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निषाद समाज के सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित 10 युवाओं को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज द्वारा यह आयोजन बहुत अच्छा प्रयास है। सामाजिक एकता बहुत जरूरी है। समाज मे सभी बराबर होते हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। संगठित समाज से सिर्फ समाज को ही फायदा नहीं होता बल्कि समाज के साथ-साथ देश भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उन्नति के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। शिक्षा से ही समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से सभी को शिक्षा का महत्व समझते हुए शिक्षा से जोड़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी गुहा निषाद राज के वंशज हैं, जिन्होंने श्री राम की नौका पार कराई थी। हमारी सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से प्रभु श्री राम के दर्शन करने का आग्रह किया। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना पुनः प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निषाद समाज को शासन की मत्स्य पालन की योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदीजी की गारंटी को हम पूरा कर रहे हैं। दो साल का बकाया धान बोनस, तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी, आवासहीनों को प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति जैसे अनेक निर्णय हमारी सरकार ले रही है और क्रियान्वित भी कर रही है। समर्थन मूल्य पर 14 नवम्बर से धान खरीदी की जा रही है। किसानों को 72 घण्टे में ही बेची गई धान की कीमत देने की व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, विधायक श्री मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर श्री एम आर निषाद, श्री सुरेश धीवर सहित बड़ी संख्या में निषाद समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। - *अतिक्रमण की सूक्ष्म जाँच कर धारा 36 और 40 के तहत सरपंच पर कार्रवाई के दिये निर्देश**धमतरी ज़िले की कुर्रा ग्राम पंचायत का मामला, एक माह में निराकरण के आदेश भी दिए*रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने धमतरी ज़िले के कलेक्टर और एसडीएम के आदेश को पलट ग्राम पंचायत कुर्रा के सरपंच के विरुद्ध अतिक्रमण की शिकायत की सूक्ष्म जाँच कर विधि अनुरूप निराकरण करने के निर्देश जारी किए है । श्री कावरे ने इस प्रकरण में कलेक्टर और एसडीएम के फ़ैसले में प्रस्तुत साक्ष्यों का पंचायत राज अधिनियम की धारा 36 और धारा 40 प्रावधानों के तहत सूक्ष्म जाँच कर एक माह में निराकरण के आदेश जारी किए है ।धमतरी ज़िले की कुर्रा ग्राम पंचायत के सरपंच खम्हन लाल साहू और उनके परिजनों द्वारा चार स्थानों पर गाँव की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण,अतिक्रमित ज़मीन पर पक्का मकान और दुकान बनाकर लाभ लेने की शिकायत उप सरपंच और पंचों ने की थी। शिकायत की जाँच भखारा के तहसीलदार ने की और सरपंच के परिजनों पर अर्थदंड लगाया था। शिकायतकर्ताओं ने इस पर आगे कार्रवाई के लिए कुरुद के एसडीएम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया परंतु एसडीएम ने प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया था।एसडीएम के फ़ैसले के विरुद्ध शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर न्यायालय में अपील की थी। धमतरी कलेक्टर ने भी एसडीएम के फ़ैसले को सही मानते हुए प्रकरण में अपील की माँग ख़ारिज कर दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर और एसडीएम के फ़ैसले के विरुद्ध रायपुर संभागायुक्त न्यायालय में अपील की थी।कमिश्नर श्री कावरे ने पूरे प्रकरण में दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर जिरह के लिए बुलाया और प्रस्तुत साक्ष्यों का प्रतिपरीक्षण किया। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर श्री कावरे ने एसडीएम के आदेश और कलेक्टर के अपील ख़ारिज करने के फ़ैसले को पलट दिया। संभागायुक्त ने प्रकरण की सुनवाई के बाद उसे पंचायत राज अधिनियम की धारा 36 और धारा 40 के तहत कार्रवाई योग्य माना। उन्होंने प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों, अवैध अतिक्रमण पर भखारा तहसीलदार के प्रतिवेदन, सरपंच पर शासकीय विकास कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता सहित सरपंच के परिजनों द्वारा शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण की भी सूक्ष्म जाँच करने के निर्देश दिये है । कमिश्नर ने कुरुद के एसडीएम को पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह जाँच एक माह में पूरी कर विधिसम्मत निर्णय देने के भी आदेश दिए है ।
- बिलासपुर। अपने एक दिवसीय बिलासपुर प्रवास में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक अनुसंधान सेवाएं एवं डॉ. राजेंद्र लाकपाले, निदेशक प्रक्षेत्र, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया।महाविद्यालय आगमन पर कुलपति एवं अन्य अतिथियों का स्वागत डॉ. आर.के.एस. तिवारी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। इसके पश्चात कुलपति ने उत्तक संवर्धन, मृदा विज्ञान, फल,सब्जी परिक्षण एवं प्रसंस्करण, उद्यानिकी, पादप रोग,विषाणु सूचीकरण एवं आणविक जीव विज्ञान, पादप स्वास्थ्य क्लिनिक, सस्य विज्ञान, कीट विज्ञान, कंप्यूटर, शहतूत रेशम कीट पालन इकाई, अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय का अवलोकन कर किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी ली। प्राध्यापक एवं वैज्ञानिकों से चर्चा के दौरान माननीय कुलपति महोदय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं स्वरोजगारमुखी शिक्षा पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर के समस्त प्राध्यापक, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे।
- रायपुर। वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों पर आश्रितों की अधिकतम आय सीमा में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 7 हजार 750 रुपये प्रतिमाह करने को स्वीकृति प्रदान की गई है।उल्लेखनीय है कि साल 2014 के बाद से शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि राज्य में श्रमिकों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। अर्द्ध कुशल श्रमिकों के लिए दैनिक मजदूरी की दर अब 10,900 रुपये प्रति माह तक पहुंच गई है। ऐसे में शासकीय सेवकों के आश्रित सदस्य 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से अधिक आय प्राप्त कर रहे थे, उन्हें परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब, आय सीमा बढ़ाने के साथ जिन आश्रितों की आय 3,050 रुपये से अधिक थी, वे सभी परिवार पेंशन का लाभ प्राप्त करने के पात्र हो सकेंगे।इस कदम से शासकीय सेवकों के आश्रितों की स्थिति सुधरेगी और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जो शासकीय सेवक के निधन के बाद परिवार पेंशन पर निर्भर रहते हैं। आय सीमा में इस वृद्धि से उन्हें भी अब परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा।
- नारायणपुर ।राज्य सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान 2 करोड़ 12 लाख रूपये का लोकार्पण एवं 65 करोड़ 5 लाख रूपये का भूमिपूजन कर जिले वासियों को सौगत दिया। उन्होंने राहत शिविर भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 50 लाख रूपये, शबरी एम्पोरियम का नवनीकरण कार्य हेतु 24 लाख 52 हजार रूपये, कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय 100 सीटर हेतु 37 लाख 70 हजार रूपये से निर्मित भवनों का लोकापर्ण किया। उन्होंने कस्तुरमेटा से इकपाड़ सड़क निर्माण हेतु 2 करोड़ 19 लाख 94 हजार रूपये, कस्तुरमेटा कुतुल रोड से तोके सड़क निर्माण हेतु 10 करोड़ 32 लाख 38 हजार रूपये, सोनपुर मसपुर रोड से तुमेरादि सड़क निर्माण हेतु 14 करोड़ 58 लाख 98 हजार रूपये, सोनपुर से ऐहनार सड़क निर्माण हेतु 4 करोड़ 32 लाख 60 हजार रूपये, कड़ेमेटा से कोडोली सड़क निर्माण हेतु 18 करोड़ 78 लाख 64 हजार रूपये और कस्तुरमेटा से मकसोली सड़क निर्माण हेतु 18 करोड़ 67 लाख 41 हजार रूपये से निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, जिला पंचायत सदस्य प्रताप मण्डावी, पार्षद जैकी कश्यप, सरपंच कानागांव मगंड़ूराम नुरेटी, बृजमोहन देवांगन, नरेंद्र मेश्राम, प्रीतेश जैन, नारायण मरकाम, रीता मण्डल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वासु जैन, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -बस्तर ओलंपिक के विजेता खिलाड़ियों को किया पुरस्कृतरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जीवन में संपूर्ण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से गांव के प्रतिभाओं को निखारने का अच्छा अवसर मिला है। मंत्री श्री कश्यप आज बस्तर ओलम्पिक-2024 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर बस्तर ओलम्पिक के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जनजातीय बाहुल्य और माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग में खेल के माध्यम से विकास और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया गया। इस आयोजन को लेकर बस्तर के युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया, जिसमें सुदूर गांवों से आए युवा अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया।बस्तर ओलम्पिक-2024 के तहत नारायणपुर जिले में विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 16 नवंबर तक किया गया, जिसमें नारायणपुर विकासखंड हेतु प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 11 नवंबर तक नारायणपुर के परेड ग्राउंड और खेल परिसर में किया गया, जिसमें जिले के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ओरछा विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता 14 से 16 नवंबर तक आयोजन किया गया।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि इस अवसर का फायदा उठाते हुए राज्य स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित कर खेल के क्षेत्र में आगे बढ़े। खिलाड़ियों को हमेशा खेल भावना के साथ खेलकर अपने अनुशासन का परिचय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने मलखम्भ खेलों का हुंनरबाज बनकर देश के कई शहरों में प्रदर्शन कर अपने अबूझमाड़ का नाम रोशन किया है।








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