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- रायपुर - प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार, परमानन्द नगर कोटा, सत्यम विहार कॉलोनी रायपुरा, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर, बड़ा अशोक नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध चौक के समीप, शंकर नगर, अवन्ति विहार कॉलोनी सहित राजधानी शहर में लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. नगर निगम रायपुर द्वारा विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने की व्यवस्था देने से इससे शहर के निवासी प्रतिदिन सैकड़ों आमजनों को लगातार बढ़ती शीतलहर से सहज बचाव सहित त्वरित राहत मिल रही है.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा श्री हनुमान मन्दिर के समीप और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, भाठागांव चौक के समीप, कुकरीपारा, दूधाधारी मठ मार्ग, सरोना, चंदनीडीह, कबीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-2, हीरापुर चौक सुलभ शौचालय काम्प्लेक्स के समीप , कबीर चौक रामनगर, गीतांजलि नगर शंकर नगर, जगन्नाथ चौक रामनगर, प्रियदर्शिनी नगर, भाठागांव, नगर पालिक निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा, नगर निगम जोन 10 कार्यालय और अन्य लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठजन सेवा समिति ने 92 वर्षीय प्रमोदिनी देशमुख का उनके निवास पर सम्मान किया। महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठतम सभासद सम्मान योजना के अंतर्गत किए गए इस सम्मान में समिति के अध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, नमिता शेष, संध्या खंगन, दिव्या पात्रीकर, नेत्रा देशमुख, विजया देशमुख, गौरी क्षीरसागर सहित अनेक कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों और सभासदों ने उनका सम्मान किया। सूत माला, शाल और श्रीफल से किए गए सम्मान के प्रति प्रमोदिनी ने सभी का आभार माना। बताते चलें कि महाराष्ट्र मंडल ने अपनी वरिष्ठजन सेवा समिति के माध्यम से दिसंबर महीने में 80 वर्ष से अधिक आयु के अपने 17 वरिष्ठतम सभासदों को सम्मानित किया।
- - अभियान के पहले दिन जीवनदायिनी तांदुला नदी की साफ-सफाई करने उमड़ा जनसैलाबबालोद। , बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल स्त्रोतों के साफ-सफाई एवं उनके संवर्धन तथा पुनरूद्धार करने के साथ-साथ जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2025 के अंतिम दिन आज बालोद शहर व जिले के जीवनदायिनी तांदुला जलाशय के साफ-सफाई के माध्यम से नीर चेतना अभियान का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान के पहले दिन आज जीवनदायिनी तांदुला नदी के साफ-सफाई के इस पुनीत कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने नगर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों, एनएसएस, रेडक्राॅस के सदस्यों, छात्रा-छात्राओं एवं आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी की साफ-सफाई कर जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जिले में चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य लघु वन उपज संघ के अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा ने पानी के महत्व, आवश्यकता एवं पानी के लगातार विदोहन के फलस्वरुप भविष्य में आने वाले भीषण जल संकट के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने तांदुला नदी को बालोद शहर व जिले के लिए जीवनदायिनी बताते हुए संपूर्ण जिले वासियों से इसके संरक्षण व संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन ने लगातार गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य को आज के समय की प्रमुख आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है। श्री जैन ने कहा कि नहाते एवं गाड़ी धोने तथा अन्य दैनिक क्रियाकलापों के लिए पानी का कम उपयोग करने जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से हम जल संरक्षण तथा जल संचयन की दिशा में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने तांदुला नदी की साफ सफाई तथा उनके पुनरुद्धार के अलावा जिले में जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस नीर चेतना अभियान की भूरी भरी सराहना की।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज के दिन को बहुत ही पावन, पुनीत दिवस बताते हुए आशा व्यक्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस नीर चेतना अभियान के माध्यम से जीवनदायिनी तांदुला नदी के समुचित साफ-सफाई एवं पुनरूद्धार सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह नीर चेतना अभियान बालोद जिले में जल के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हवा और पानी मनुष्य के साथ-साथ संपूर्ण प्राणी जगत के लिए सर्व प्रमुख आवश्यकताओं में सेे एक है। उन्होंने आज से कुछ महीने पूर्व के तांदुला नदी के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वे बालोद जिले के कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया था उस समय तांदुला नदी जल कंुभीयों से पटा हुआ था। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण एवं जल संवर्धन अभियान के फलस्वरूप आप सभी के सहयोग से तांदुला नदी में इस स्थान से जल कुंभी को साफ-सफाई करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण जिले वासियों के सहयोग से जल संचय, जन भागीदारी के अंतर्गत बालोद जिले को प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने के अलावा जिले को अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई है। इस अवसर पर उन्होंने आने वाले समय में संपूर्ण देश एवं दुनिया की भाँति बालोद जिले में भी भयावह जल संकट के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट की चुनौतियों की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अभी से इसका समुचित उपाय सुनिश्चित करना आवश्यक है। श्रीमती मिश्रा ने हम सभी को अपने दैनिक क्रियाकलाप, व्यवहार, तथा घरेलु दैनिक दिनचर्या के माध्यम से पानी के संरक्षण एवं संवर्धन की शुरूआत करना चाहिए। जिससे कि हमारे छोेटे-छोटे प्रयासों से मनुष्य के अलावा सभी जीव-जंतुओं के जीवन की रक्षा हेतु अनुकूल परिवेश उपलब्ध हो सके। इस मौके पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य जनों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी में उतर कर इस जीवनदायिनी नदी की साफ-सफाई की।
- -प्रदेश अध्यक्ष देव ने छत्तीसगढ़वासियों को नववर्ष-2026 की बधाई और शुभकामनाएँ दीरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रदेशवासियों को नववर्ष पर बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा है कि आने वाला नववर्ष उत्कर्ष का हो। छत्तीसगढ़ महतारी के आँचल में सुख- समृद्धि, विश्वास, सफलता, आरोग्य, सबको जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की शक्ति और आनंद के वास वाला हो। श्री देव ने कहा कि हम सब मिलकर पवित्र जनादेश की भावनाओं को आत्मसात् करके एक नए छत्तीसगढ़ की रचना और उसे सँवारने के लिए संकल्पित हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण का जो नया सूर्योदय हुआ है, उसके आलोक में अब एक नया छत्तीसगढ़ आकार लेने जा रहा है। नक्सलवाद के जड़ से सफाए के संकल्प की सिद्धि और 'महतारी गौरव वर्ष' में महिलाओं का सर्वतोमुखी सशक्तीकरण प्रदेश में एक नया प्रतिमान गढ़ने जा रहा है। श्री देव ने कहा कि सन् 2026 में प्रदेश की सरकार विश्वास के नए आलोक में छत्तीसगढ़ को सँवारने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सब नए साल की बेला पर इसी संकल्प से जुड़ें।
- दुर्ग / आबकारी आयुक्त श्रीमती आर. संगीता के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह के दिशा-निर्देशानुसार व सहायक आयुक्त आबकारी श्री सी.आर. साहू के मार्गदर्शन में 31 दिसम्बर 2025 को गस्त के दौरान आबकारी विभाग जिला दुर्ग वृत-भिलाई क्रमांक-02 के द्वारा अवैध शराब के परिवहन की सूचना मिलने पर त्वरित विधिवत कार्यवाही कर आरोपी गीतेश कुमार देशलहरे स्थान यादव मोहल्ला बोरसी भाटा के कब्जे से मध्य प्रदेश राज्य में विक्रय हेतु अधिकृत 12 नग प्लास्टिक बोतल बॉम्बे स्पेशल व्हिस्की (750 एम.एल.) एवं आरोपी एवं एवन निषाद, पिता त्रिभुवन निषाद उम्र 27 वर्ष ग्राम ननकट्टी के कब्जे से 50 नग पाव देशी मदिरा शोले मसाला कुल मात्रा 18 बल्क लीटर जिसका बाजार मूल्य 10760 रूपये है तथा एक हीरो होंडा स्प्लेन्डर वाहन क्रमांक CG 04A 0976 जिसका बाजार मूल्य लगभग 30,000 रूपये, कुल कीमत लगभग 40760 रूपये जप्त किया गया। मौके पर आरोपी के कब्जे से अत्यधिक मात्रा में विदेशी शराब पाए जाने एवं आरोपी द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) का उल्लघंन किये जाने पर आरोपी के विरूद्ध धारा 34(2), 36, 59(क) में दर्ज कर गिरफ्तार किया जाकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। इस प्रकरण की विवेचना सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुप्रिया शर्मा द्वारा की जा रही है। इस प्रकरण में आबकारी उप निरीक्षक हरीश पटेल, प्रियंक ठाकुर, भोजराम रत्नाकर, आबकारी मुख्य आरक्षक भरथरी, आबकारी आरक्षक संदीप तिर्की एवं ड्राइवर दीपक राजू, प्रकाश राव एवं धनराज का योगदान रहा।
- -एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का हुआ शुभारंभ-स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावारायपुर /मनोरम प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित सियादेवी जलाशय को इको-टूरिज्म केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सियादेवी जलाशय का नैसर्गिक सौंदर्य, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे पर्यटन की दृष्टि से मनोरम स्थल है। गुरूर विकासखंड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय में नवस्थापित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का शुभारंभ आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने फीता काटकर एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र न केवल जिले के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।सियादेवी जलाशय क्षेत्र का विकास इको-टूरिज्म की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से इस पर्यटन स्थल की स्वच्छता, सुरक्षा एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही, क्षेत्रीय विकास एवं नहर मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित किए जाने की बात कही।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्थानीय समुदाय के सहयोग से प्रारंभ किया गया यह एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल है। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा ने इस पहल को जिले के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू सियादेवी जलाशय क्षेत्र के समग्र विकास का आग्रह किया।इस अवसर पर सभी ने बैम्बू राफ्टिंग कर जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पर्यटक उपस्थित थेे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कॉरिडोर का करेंगे भूमिपूजन-स्वदेश दर्शन योजना में कॉरिडोर निर्माण के लिए 146 करोड़ रूपए की मिली है मंजूरी-पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विश्व स्तरीय सुविधाओं का होगा विकासरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कबीरधाम जिले के भोरमदेव कॉरिडोर का 01 जनवरी को भूमिपूजन करेंगे। इस कॉरिडोर के लिए केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। इसके अंतर्गत ऐतिहासिक और धार्मिक केंद्र भोरमदेव मंदिर परिसर एवं आसपास के स्थलों के समग्र विकास किया जाएगा।भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित किए जा रहे भूमिपूजन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोकसभा संसद श्री संतोष पाण्डेय विधायक श्रीमती भावना बोहरा, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा सहित अनेक पूर्व विधायक, आयोग निगम मंडल के अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप तैयार की गई यह परियोजना धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन विकास का त्रिवेणी संगम बनेगी। इसके पूरा होने से भोरमदेव क्षेत्र विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, वहीं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।भोरमदेव कॉरिडोर में मुख्य मंदिर से लेकर मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोदा जलाशय तक फैले ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए उनका संरक्षण और विकास किया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन, पुरातत्व विभाग एवं कबीरधाम जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार की है।भोरमदेव मंदिर परिसर का भव्य विकास के अंतर्गत मुख्य मंदिर में छह आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जिनमें नागद्वार प्रमुख होगा। परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल संग्रहालय का निर्माण, पिलर हॉल, गार्डन, चिल्ड्रन पार्क, प्रसाद मंडप, अनुष्ठान भवन, यज्ञ स्थल, और सीढ़ियों का निर्माण किया जाएगा।मंदिर परिसर के तालाब का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ यहां म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए ठहरने हेतु डोम, छायायुक्त मार्ग, स्टेज और भंडारा भवन का निर्माण प्रस्तावित है। पूरे परिसर और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों को शामिल करते हुए प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, पेयजल, बिजली, ड्रेनेज सिस्टम, वृक्षारोपण और सड़क उन्नयन आदि के कार्य होंगे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आज महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं आयुक्त राजीव कुमार पांडेय की उपस्थिति में संपन्न हुई। जनहित और शहर के विकास को गति देने के उद्देश्य से इस बैठक में कुल 10 प्रमुख प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिन्हें सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।निगम के 66 MLD फिल्टर प्लांट (WTP) से निकलने वाले वेस्ट वाटर के लिए खम्हरिया माईनर नहर का आर.सी.सी. कवर सहित लाइनिंग कार्य किया जाएगा।वार्ड क्रमांक 07 स्थित रानी अवंती बाई सरोवर के जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।एस.एल.आर.एम. सेंटरों में कचरा पृथकीकरण और गीले कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत वार्ड 22 कुरूद बस्ती से गोकुल नगर तक डामरीकरण एवं नाली निर्माण कार्य को हरी झंडी दी गई। संजय नगर तालाब (वार्ड 06, जी.ई. रोड) पर नए वाणिज्यिक परिसर के निर्माण हेतु परिषद ने अपनी सहमति प्रदान की।पूर्व साडा द्वारा 30 वर्षीय लीज पर आवंटित भूखंडों के प्रयोजन परिवर्तन हेतु विधि अनुसार प्रक्रिया निर्धारण को स्वीकृत किया गया। जोन 02 वैशाली नगर के सांस्कृतिक भवन को शासकीय फिजियोथेरेपी महाविद्यालय, दुर्ग को किराए पर देने का निर्णय लिया गया है।वाहन शाखा के सुचारू संचालन हेतु उच्च कुशल, कुशल एवं अर्द्धकुशल चालक व हेल्परों की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई।आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से जल कर संशोधन के तहत विशेष छूट का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।बैठक में अपर आयुक्त सह सचिव राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी के कोसरिया, महापौर परिषद के सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सीजू एन्थोनी, साकेत चंद्रकार, चंद्रशेखर गंवई, संदीप निरंकारी, केशव चौबे, मालती ठाकुर उपस्थित थे। साथ ही जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता वेशराम सिंहा, अनिल सिंह, अरविंद शर्मा, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, सहायक राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
- -कर्मियों का अनुभव हमारी बहुमूल्य पूंजी - ईडी एम.एस.चौहानरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी डंगनिया मुख्यालय के भारप्रेषण कक्ष में आज अधीक्षण अभियंता सहित 7 अधिकारी-कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पश्चात् विदाई दी गई। इस अवसर पर पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एम.एस.चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विदाई समारोह में मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री ए.एम.परियल, मुख्य अभियंता (भार प्रेषण) श्रीमती शारदा सोनवानी, मुख्य अभियंता (एस.एंड पी) श्री केबी पात्रे, मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट) श्री प्रसन्ना गोसावी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री एच.एल.पंचारी ने संयुक्त रूप से सेवानिवृत्तजनों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृतिचिन्ह भेंट कर उनके सुखमय जीवन की कामना की।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री चौहान ने बिजली कर्मियों के कार्यां की सराहना करते हुए हुए कहा कि बिजली कर्मियों के पास बहुमूल्य अनुभव की पूंजी है और उनके योगदान से हम उपभोक्ता संतोष के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं।आज सेवानिवृत्त कर्मचारियों में अधीक्षण अभियंता श्री अरूण कुमार चक्रवर्ती खेदामारा भिलाई, अधीक्षण अभियंता श्री नरेंद्र कुमार बिसेन रायपुर, निज सचिव श्री के. श्रीनिवास बिलासपुर, अनुभाग अधिकारी श्री भीष्म प्रसाद तिवारी रायपुर, लाइन सहायक श्रेणी- एक श्री राम दयाल साहू भिलाई, लाइन सहायक श्रेणी- एक श्री ए. गोविंद राजू बिलासपुर, कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री जी.ई. हैरिस कोरबा शामिल हैं। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता (पी.एंड एस.) श्री पंकज चौधरी तथा संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया। सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों ने सेवा के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
- रायपुर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अधीन राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट – एनआईबीएसएम), रायपुर में स्वच्छता पखवाड़ा (16 से 31 दिसंबर 2025) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस पखवाड़े में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों, किसानों, युवाओं तथा स्थानीय समुदाय की व्यापक और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता शपथ, संस्थान एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम, कचरे से धन विषय पर जन-जागरूकता गतिविधियाँ, प्लास्टिक कचरा उन्मूलन हेतु श्रमदान, ग्राम संपर्क कार्यक्रम, किसान दिवस समारोह, हस्ताक्षर अभियान, प्लॉगिंग कार्यक्रम, वॉकथॉन तथा विभिन्न सामुदायिक लामबंदी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने का प्रभावी प्रयास किया गया।आयोजित गतिविधियाँ स्वच्छ भारत मिशन की भावना और उद्देश्यों के अनुरूप रहीं, जिनका उद्देश्य स्वच्छता, सतत स्वच्छता पद्धतियों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता के प्रति जन-जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ करना था। कार्यक्रमों ने स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के प्रति प्रतिभागियों को प्रेरित किया।स्वच्छता पखवाड़ा के समापन पर संस्थान परिवार एवं सहभागियों ने सामूहिक रूप से स्वच्छ, हरित और सतत भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन न केवल स्वच्छता के संदेश को मजबूती देने में सफल रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट करने का सशक्त उदाहरण भी बना।
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-प्री-समिट कोलॉक्वियम की घोषणा
रायपुर । विश्व व्यापार संगठन (वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन—डब्ल्यूटीओ) की स्थापना के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर, अपने स्कूल ऑफ लॉ एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत स्थापित सेंटर फॉर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन एंड वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन स्टडीज़ के माध्यम से 2 से 4 अक्टूबर, 2026 तक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन “डब्ल्यूटीओ@30 समिट” का आयोजन करेगा।यह शिखर सम्मेलन वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम तथा सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से, डब्ल्यूटीओ चेयर्स प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम की प्रमुख आउटरीच पहल के रूप में परिकल्पित इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक व्यापार के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा छात्रों, युवा पेशेवरों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और प्रैक्टिशनर्स के लिए अकादमिक एवं व्यावसायिक अवसरों का विस्तार करना है।मुख्य शिखर सम्मेलन से पूर्व, विश्वविद्यालय 6 फरवरी, 2026 को “वैश्विक व्यापार में करियर, डब्ल्यूटीओ की 30-वर्षीय विरासत और भविष्य की दिशाएँ” विषय पर एक दिवसीय प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम का आयोजन करेगा। यह कोलॉक्वियम छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षाविदों और व्यापार विशेषज्ञों के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि एवं नीति के क्षेत्र में उभरते रुझानों, आवश्यक कौशलों और विकसित हो रहे करियर मार्गों पर सार्थक विमर्श का मंच प्रदान करेगा।कोलॉक्वियम का प्रमुख आकर्षण “मीट द यंग ट्रेड लीडर” शीर्षक से आयोजित एक विशेष प्रत्यक्ष संवाद सत्र होगा, जिसमें वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की यंग ट्रेड लीडर (भारत) तथा ग्लोबल काउंसिल में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं औद्योगिक नीति विश्लेषक सुश्री आरुषि श्रीवास्तव प्रतिभागियों से संवाद करेंगी। यह सत्र प्रतिभागियों को समकालीन वैश्विक व्यापार अधिवक्तिता से परिचित कराने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि में करियर निर्माण के व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करेगा।कार्यक्रम में “वैश्विक व्यापार करियर, डब्ल्यूटीओ का संस्थागत विकास और उससे आगे” विषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रमुख विशेषज्ञ और प्रैक्टिशनर्स भाग लेंगे। चर्चा के दौरान पिछले तीन दशकों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि के विकास, वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के संस्थागत स्वरूप में आए परिवर्तनों तथा वैश्विक आर्थिक विकास पर व्यापार नीति के प्रभावों पर विमर्श किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में वैश्विक व्यापार परिदृश्य को आकार देने वाली चुनौतियों और अवसरों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।कोलॉक्वियम का समापन “डब्ल्यूटीओ@30 समिट” की आधिकारिक पुस्तिका और समर्पित वेबपेज के औपचारिक विमोचन के साथ होगा, जिससे अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाले मुख्य शिखर सम्मेलन की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ होगा। शिखर सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुतियों के लिए तकनीकी सत्रों के साथ-साथ डिजिटल व्यापार एवं डेटा शासन, सतत विकास, संस्थागत सुधार तथा व्यापार एवं प्रतिस्पर्धा नीति जैसे प्रमुख विषयों पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएँगी।शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण भारत में पहली बार आयोजित किया जाने वाला मॉक वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन सिमुलेशन होगा, जिसके माध्यम से छात्रों और युवा पेशेवरों को बहुपक्षीय व्यापार वार्ताओं और प्रस्ताव मसौदा निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, सिमुलेशन से पूर्व सभी पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए व्यापार वार्ता पर एक प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।इस पहल के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि के क्षेत्र में अधिवक्तिता, क्षमता निर्माण और उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “इंटरनेशनल नेटवर्क फॉर ट्रेड एडवोकेसी, डेवलपमेंट एंड रिसर्च (आईएन-टैडर)” की स्थापना भी की जाएगी।प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम के लिए भारतीय एवं विदेशी प्रतिभागियों से पंजीकरण आमंत्रित किए गए हैं। भारतीय शिक्षाविदों और पेशेवरों के लिए पंजीकरण शुल्क ₹1,000 तथा शोधार्थियों और छात्रों के लिए ₹800 निर्धारित किया गया है। विदेशी प्रतिभागियों के लिए शिक्षाविदों और पेशेवरों का पंजीकरण शुल्क 20 अमेरिकी डॉलर तथा शोधार्थियों और छात्रों के लिए 10 अमेरिकी डॉलर है। पंजीकरण शुल्क में 6 फरवरी, 2026 को आयोजित कार्यक्रम हेतु पंजीकरण किट, दोपहर का भोजन और हाई टी शामिल है। आवास शुल्क पंजीकरण में शामिल नहीं है और इच्छुक प्रतिभागी उपलब्धता के आधार पर प्रथम आओ, प्रथम पाओ के सिद्धांत पर पृथक रूप से आवास का विकल्प चुन सकते हैं। पंजीकरण शुल्क किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।डब्ल्यूटीओ@30 शिखर सम्मेलन से संबंधित विस्तृत जानकारी 6 फरवरी, 2026 को आयोजित प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम के दौरान साझा की जाएगी। -
रायपुर, / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पशु संरक्षण और संवेदनशील सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशु रेस्क्यु वाहन का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। 13 लाख 60 हजार रूपए की लागत के इस वाहन को श्री विजय शर्मा द्वारा विधायक मद से प्रदान किया गया है।
लोकार्पण के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से वाहन की तकनीकी विशेषताओं, उपयोगिता और संचालन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही वाहन का परीक्षण कराते हुए घायल पशुओं को सुरक्षित रूप से वाहन में लाने एवं ले जाने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस आधुनिक पशु रेस्क्यु वाहन के माध्यम से सड़क दुर्घटना अथवा अन्य कारणों से घायल पशुओं को त्वरित रूप से घटनास्थल से पशु चिकित्सालय तक पहुंचाया जा सकेगा। उपचार के उपरांत पशुओं को सुरक्षित रूप से गौशाला अथवा पशु शेल्टर तक ले जाने की भी समुचित व्यवस्था वाहन में उपलब्ध है। इससे घायल एवं असहाय पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा और उनकी जान बचाने में प्रभावी सहायता मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गौ संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पशु रेस्क्यु वाहन जैसी सुविधाएं न केवल पशुओं के जीवन की रक्षा करेंगी, बल्कि आम नागरिकों और पशुपालकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन का नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी सतत निगरानी और रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे। - -साल के अंतिम दिन पुलिस अधिकारियों उपमुख्यमंत्री मंत्री श्री शर्मा की विशेष पहल से मिली सौगातरायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अनुशंसा पर तथा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को वर्ष के अंतिम दिन एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत पुलिस अधिकारियों के हित में यह निर्णय लिया गया है, जिसे पुलिस महकमे में उत्साहवर्धक कदम माना जा रहा है।गृह (पुलिस) विभाग द्वारा विभागीय पदोन्नति एवं छानबीन समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान प्राप्त 16 अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक/सहायक सेनानी या समतुल्य रैंक के पद से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/उप सेनानी या समतुल्य रैंक के पद पर स्थानापन्न रूप से पदोन्नत किया गया है। पदोन्नत अधिकारियों में श्री रितेश चौधरी, श्री जितेन्द्र कुमार खूंटे, श्रीमती अंजली नाग (गुप्ता), श्री कर्ण कुमार उके, श्री मनोज कुमार ध्रुव, श्री पुष्पेन्द्र नायक, श्री मनोज तिर्की, श्रीमती सारिका वैद्य, सुश्री निधि नाग, श्री कपिल चन्द्रा, श्री अविनाश कुमार मिश्रा, श्री ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी, श्री योगेश कुमार साहू, श्री मयंक तिवारी, सुश्री रश्मीत कौर चांवला तथा श्री अनिल कुमार विश्वकर्मा शामिल हैं।
- रायपुर / उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर से आधुनिक तकनीक से युक्त 02 स्क्वायर बेलर मशीनों का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया।इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मशीनों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं उद्देश्य के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि स्क्वायर बेलर मशीन अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जो एक घंटे में लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में हार्वेस्टर से कटे हुए पैरा को चौकोर बंडल (बेल) के रूप में तैयार करती है। इन बंडलों का उपयोग आगे चलकर गौ-वंश के लिए चारे के रूप में किया जाएगा, जिससे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।यह भी जानकारी दी गई कि स्क्वायर बेलर मशीनों के उपयोग से खेतों में पैरा जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इससे न केवल किसानों को अवशेष प्रबंधन में सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी और गौ संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चारे के सुव्यवस्थित संग्रहण और परिवहन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसान हित, गौ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। स्क्वायर बेलर मशीन जैसी पहल से कृषि अवशेषों का सार्थक उपयोग होगा और किसानों को आर्थिक एवं पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर लाभ मिलेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मशीनों के नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
- - आवश्यक पार्ट्स बाहर से मंगवाए गएरायपुर- रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा राजधानी शहर रायपुर में नगर घड़ी चौक ( बाबा गुरू घासीदास टाइम स्क्वायर ) में स्थापित नगर घड़ी का संधारण कार्य किया जा रहा है. नगर घड़ी में आवश्यक तकनीकी सुधार कार्य करने आवश्यक पार्ट्स रायपुर शहर और छत्तीसगढ़ राज्य में उपलब्ध नहीं होने के कारण आवश्यक पार्ट्स को छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर से मंगवाया गया है. आवश्यक पार्ट्स अगले 2-3 दिवस में आने के उपरांत शीघ्र नगर घड़ी का संधारण कार्य रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कर लिया जायेगा.
- दुर्ग। केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि नया वर्ष हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि लेकर आए। मंत्री श्री यादव ने कहा कि नववर्ष आत्मचिंतन और सकारात्मक संकल्प लेने का अवसर होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नए साल में प्रकृति संरक्षण को प्राथमिकता दें, पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में अपनी सहभागिता निभाएँ तथा सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करें।शिक्षा ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि आइए, नववर्ष में हम सभी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और प्रदेश के विकास तथा जनकल्याण कार्यों में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।नये वर्ष मे दुर्ग को मिलेगी सौगात-साल 2026 में दुर्गवासियों को कई सौगात मिलने वाली है। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों को लेकर मंत्री गजेन्द्र यादव निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे है। गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समायावधी में कार्य पूर्ण निर्देश दिए है। खेल को बढ़ावा देने उरला क्षेत्र में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम आगामी 4 माह में पूर्ण हो जाएगा। गयानगर में निर्माणाधीन मांगलिक भवन आधे से ज्यादा कार्य हो चुका है अप्रैल के आखिरी तक पूर्ण हो जाएगा। इसी तरह तैराक में रूचि रखने वाले खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है, फरवरी तक आधुनिक स्विमिंग पुल का लोकार्पण किया जाएगा।कसारीडीह सिविल लाइन में रजिस्ट्री कार्यालय का नया भवन और शीतला सब्जी मंडी का उन्नयन कार्य भी इसी वर्ष पूर्ण हो जाएगा।शिक्षा के क्षेत्र में साइंस कॉलेज में फंड की कमी अधूरे पड़े ऑडीटोरियम निर्माण को पूर्ण करने मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आई है और इस वर्ष यह कार्य भी पूर्ण हो जाएगा।आयुर्वेद अस्पताल के पीछे वार्ड 15 सिकोला बस्ती में 50 लाख सामुदायिक भवन,बघेरा से आनंद सरोवर होते हुए नेशनल हाईवे तक अप्रोच सड़क, 2 करोड़ की लागत से शुरू हुए निर्माण कार्य भी पूर्ण हो जाएगा।जेल तिराहा से मिनिमाता पुलगांव चौक तक और महाराजा चौक से बोरसी तक फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू किया जाना है।
- दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" के 129वें एपिसोड को लेकर दुर्ग विधानसभा क्षेत्र ने पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।इस उपलब्धि पर शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने भारतीय जनता पार्टी दुर्ग के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर दुर्ग शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह रहता है। प्रत्येक माह समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बैठकर इस संवाद को सुनने की परंपरा दुर्ग में बनी है।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव स्वयं जनसंपर्क एवं सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से आमजन को मन की बात सुनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल विचारों का आदान-प्रदान है, बल्कि यह देश के युवाओं, वैज्ञानिकों, किसानों, महिलाओं और जनसाधारण के नवाचारों और सफल प्रयासों को उजागर करने का एक प्रेरणादायी माध्यम है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के इस संवाद में बदलते भारत की तस्वीर, विज्ञान, तकनीक, कौशल विकास और सामाजिक समरसता के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे प्रयासों की झलक मिलती है, जो भावी कार्ययोजनाओं के निर्धारण में दिशा प्रदान करती है। दुर्ग विधानसभा की यह उपलब्धि भाजपा कार्यकर्ताओं की निष्ठा, सक्रियता और समाज के प्रति समर्पण का प्रतिफल है।मन की बात पर दुर्ग को उपलब्धि मिलने पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक, मन की बात के जिला प्रभारी संतोष सोनी एवं सह प्रभारी रजा खोखर, विधान सभा प्रभारी राहुल पंडित, सह प्रभारी आसिफ़ अली सैय्यद, मंडल अध्यक्ष बंटी चौहान, मनमोहन शर्मा, कौशल साहू, महेन्द्र लोढ़ा, कमलेश फेकर, मंडल के प्रभारी, मन के बात के अतिथि, बूथ कार्यक्रम के प्रभारी, बूथ अध्यक्ष कार्यकर्ता के साथ साथ प्रत्येक कार्यकर्ता जिन्होंने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया उन सभी को बधाई दिए है।
- बिलासपुर /जिले के युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष शिविर एवं विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजय अग्रवाल ने इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्याें एवं जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसके अनुसार हायर सेकेण्डरी स्कूलों एवं महाविद्यालयों में शिविर लगाकर छात्र-छात्राओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म 6 भरवाये जाएंगे। नुक्कड़ नाटक आदि स्वीप गतिविधियों के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण एवं मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूक करेंगे। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विभिन्न नवाचार के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाएगा। पूर्व में गठित मतदाता साक्षरता क्लबों को पुनः ऐक्टिवेट किया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए जिले द्वारा संधारित अधिकारिक सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित रूप से मतदाता जागरूकता पर आधारित कंटेंट साझा किये जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने युवाओं से अपील है कि वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं और अपने मताधिकार के महत्व को समझें।
- -नाम जुड़वाने अब तक 1037 आवेदनबिलासपुर, /भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 1 जनवरी 2026 के संदर्भ में जिले के सभी छः विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के द्वारा आज सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की बैठक आयोजित कर दावा आपत्तियों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। राजनैतिक दलों को संचयी एवं बढ़ते क्रम में साप्ताहिक सूची सौंप दी गई है। जिसके विवरण के अनुसार फार्म - 6 नये निर्वाचक के रूप में नाम शामिल करने के लिए प्राप्त कुल दावा आपत्त्यिों की संख्या 1037 है। फार्म 7 में विलोपन के लिए प्राप्त कुल दावा आपत्तियों की संख्या शून्य है। फार्म 8 स्थानांतरण और त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त कुल दावा आपत्तियों की संख्या शून्य है।बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी एवम बहुजन समाज पार्टी, मार्कसवादी कम्यूनिस्ट पार्टी एवं छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे ।
- बिलासपुर /जिला प्रशासन की अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इस क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जांच टीम ने तीन स्थलों पर छापामार कार्रवाई कर 4.80 लाख रूपए के अवैध धान जब्त किये। आरोपियों के विरूद्ध मण्डी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि तीन संस्थाओं में 390 बोरी (155 क्विंटल) धान बरामद किया गया है। राजस्व विभाग के नेतृत्व में खाद्य एवं मण्डी विभाग के अधिकारियों से बनी टीम द्वारा छापे की कार्रवाई की गई। इनमें कृषि उपज मंडी समिति क्षेत्र अंतर्गत मुरकुटा के एक व्यापारी से 63 बोरी (25 क्विंटल) धान, कृषि उपज मंडी समिति कोटा क्षेत्र अंतर्गत दिनेश राज लोरमी के वाहन से 100 बोरी (40 क्विंटल) धान और कर्मा ट्रेडर्स चंगोरी कोटा के संस्थान से 227 बोरी (90 क्विंटल) धान शामिल हैं। अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के विरूद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अब तक जिले में अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के कुल 56 प्रकरण तैयार किये गए हैं। इनसे लगभग 36 लाख 83 हजार 304 रूपये मूल्य के 304 क्विंटल धान बरामद किये गए हैं।
- -प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँरायपुर / दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम — जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान प्राप्त होगा।सेवा क्षेत्र के दायरे का विस्तार करते हुए, मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, तथा NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत सम्मिलित किया है। इन संस्थाओं को अब औद्योगिक विकास नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन एवं अनुदान का लाभ मिलेगा।पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी प्रकार राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित किए जाने पर उन्हें नीति के अंतर्गत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, व्यापक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति को और अधिक तेज एवं संतुलित बनाने में सहायता मिलेगी।
- -बस्तर की लोक-संस्कृति का महोत्सव-लोक-संस्कृति का यह महोत्सव 10 जनवरी से 06 फरवरी तक चलेगारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देश पर छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बस्तर पंडुम 2026 के आयोजन की तैयारियां शुरु कर दी गई है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में “बस्तर पंडुम 2026” का आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगात्मक स्वरूप में किया जाएगा। यह आयोजन बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति के संरक्षण और संवर्धन का एक भव्य मंच बनेगा।राज्य शासन ने बस्तर संभाग के सभी सात जिलों-बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर-में इस उत्सव को व्यापक सहभागिता के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग की 1885 ग्राम पंचायतों से जुड़े 32 जनपद मुख्यालयों में 12 विधाओं पर आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर से चयनित लोक कलाकारों और कला दलों को निःशुल्क ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में आमंत्रित किया जाएगा। पहले चरण में जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 से 20 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होंगी। प्रत्येक विधा से एक-एक विजेता दल का चयन किया जाएगा, जिन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। जनपद स्तर पर आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत को 5 लाख रुपये का बजट आबंटित किया गया है।दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 24 से 29 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर प्रत्येक विधा के विजेता दल को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। अंतिम और सबसे भव्य चरण के रूप में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 2 से 6 फरवरी 2026 तक जगदलपुर, जिला बस्तर में आयोजित होगी। इसमें सातों जिलों से चयनित 84 विजेता दल भाग लेंगे। संभाग स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये तथा शेष 48 प्रतिभागी दलों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।इस महोत्सव की विशेषता यह होगी कि इसमें केवल वही कलाकार भाग ले सकेंगे, जो बस्तर संभाग के वास्तविक मूल निवासी हैं और जनजातीय लोक कला विधाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, गांवों और कस्बों में अपनी कला से पहचान बना चुके वरिष्ठ कलाकारों के साथ-साथ नवोदित कलाकारों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों को पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह (फोटो फ्रेम) प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासी मुखियाओं, जनप्रतिनिधियों एवं संस्कृति प्रेमियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।इस संपूर्ण आयोजन के लिए संचालनालय, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। संस्कृति विभाग से श्री युगल तिवारी, नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक (मोबाइलः 94063-98080) को आयोजन का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय हेतु श्री प्रशांत दुबे (मोबाइलः 75093-62263) एवं श्री भाविन राठौर (मोबाइलः 99071-41307) को नामांकित किया गया है। सभी जिलों को अपने-अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि “बस्तर पंडुम 2026” को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से आयोजित किया जाए, ताकि बस्तर की लोक-संस्कृति की असली पहचान को सहेजते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में धनुर्मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को वैकुंठ एकादशी उत्सव विशाल जनसमुदाय के बीच धार्मिक सद्भाव से मनाया गया। दक्षिण भारत में इसे मुक्कोटि एकादशी भी कहा जाता है। बालाजी मंदिर और गणेश मंदिर के बीच बना वैकुंठ द्वार (उत्तर द्वार) ब्रह्ममुहूर्त में ही खुल गया था। सबसे पहले पंडित गोपालाचारी के सान्निध्य में विशेष रूप से सुसज्जित श्रीविष्णु के अवतारी भगवान बालाजी, माताओं श्रीदेवी-भूदेवी के उत्सव विग्रहों को मंडप के बीचों बीच स्थापित किया गया। उसके बाद उनकी वैदिक विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के पश्चात वैकुंठ द्वार को भक्तों के प्रवेश के लिए खोल दिया गया।*उत्तर द्वार से गुजरने से मिलता है वैकुंठ धाम*ऐसा धार्मिक विश्वास है कि इस द्वार से गुजरने वाले को वैकुंठ धाम (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है। इसलिए भक्तगणों ने इसी द्वार से प्रविष्ट करते हुए सर्वप्रथम श्रीविष्णु, श्रीदेवी-भूदेवी के दर्शन किए और उसके बाद परिसर में स्थित तीनों मंदिरों में माथा टेकने के उपरांत दक्षिण द्वार से बाहर की ओर प्रस्थान किया। उत्सव की तैयारियां काफी पहले से की गई थीं। उत्सव को देखते हुए मंदिर परिसर में स्थित मुख्य मंदिर के साथ-साथ, श्रीदेवी और भूदेवी के मंदिरों को भी फूलों के आकर्षक तोरणों से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अध्यक्ष पीवी राव और सचिव पीएस राव ने असुविधा, भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए जगह-जगह वालंटियर तैनात किए थे।*कन्नड़ भवन तक लगी भक्तगणों की कतार*भीड़ का आलम यह था कि भक्तगण कन्नड़ भवन तक कतार में थे। इधर बालाजी मंदिर और गणेश मंदिर के बीच की तीनों गैलरियां भी श्रद्धालुओं से खचाखच भर गई थीं। वैकुंठ द्वार (उत्तर द्वार) से प्रवेश करने तथा महाविष्णु के दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए समिति के पदाधिकारी के सुब्बाराव, टीवीएन शंकर, एनएस राव, के लक्ष्मीनारायण और एस रवि कड़ी नजर रखे हुए थे। अध्यक्ष पीवी राव ने कहा कि वैकुंठ एकादशी का विशेष महत्व है, इस दिन दर्शन करने से श्रीविष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। सचिव पीएस राव ने मंदिर में जुटी भक्तों की भीड़ को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि श्रीविष्णु के दर्शन से हमारे सभी पाप मिट जाते हैं।*एकादशी देवी की आंखों की ज्वाला से मुरासुर भस्म*पद्मपुराण के अनुसार मुर नामक दानव के अत्याचारों से भयभीत होकर देवतागण भगवान विष्णु की शरण में गए। मुर से मुक्ति के लिए देवताओं द्वारा प्रार्थना करने पर श्रीविष्णु ने मुरासुर से युद्ध किया, जो काफी लंबा चला। उस महा शक्तिशाली राक्षस के संहार के लिए विष्णु भगवान ने दिव्यास्त्र की खोज में भद्रिकाश्रम की हैमावती नामक गुफा में पहुंचे, जहां अपनी थकान दूर करने के लिए उन्होंने कुछ देर विश्राम किया। सोते हुए श्रीविष्णु को मारने के उद्देश्य से वह गुफा में घुस गया। तभी भगवान के शरीर से दुर्गा के रूप में एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई और उस देवी ने अपनी आंखों की ज्वाला से मुरासुर को भस्म कर दिया। तब श्रीविष्णु ने प्रसन्न होकर उस शक्ति को एकादशी नाम दिया और वरदान मांगने को कहा। एकादशी ने वरदान मांगा कि जो भी उनके प्राकट्य दिवस धनुर्मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को व्रत रख कर पूजा करेंगे, उन्हें वैकुंठ धाम की प्राप्ति होगी। तब से वैकुंठ एकादशी उत्सव मनाया जाता है।
- रायपुर/ अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल का उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर में जिलाधीश कार्यालय के सामने नगर निगम रायपुर के पण्डित रविशंकर शुक्ल उद्यान परिसर में स्थित उनके प्रतिमा स्थल के समक्ष पुष्पांजलि आयोजन रखा गया.नगर निगम रायपुर के तत्वावधान में रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रमुख रूप से नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं नवयुवकों, आमजनों ने प्रतिमा स्थल पर अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल का उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन किया.







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