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- दुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु 13 फरवरी 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा माह जून में पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा (CEE) लिया जाना संभावित है। उक्त वेबसाइट पर आवेदन करने वाले दुर्ग जिले के अभ्यर्थियों को जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जायेगा। जो आवेदक निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्राप्त करना चाहते है वे भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीयन पश्चात् 20 अप्रैल 2026 तक गूगल https://forms.gle/RRA9qRbAQd5p5cFY6 लिंक के माध्यम से अथवा क्यू आर कोड स्केन कर आवेदन कर सकते है। आवेदक को सेना भर्ती कार्यालय द्वारा जारी पंजीयन क्रमांक एवं व्हाट्अप मोबाईल नम्बर का उल्लेखित करना अनिवार्य होगा।
- 0- कलेक्टर ने निःशुल्क सुविधा का लाभ उठाने की अपील कीदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निरंतर मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन में जिले के शासकीय व अशासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों का मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेशन का कार्य निरंतर किया जा रहा है। कई स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, जबकि कुछ स्कूलों में परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं, विद्यार्थियों की स्कूल में उपस्थिति कम होने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को समन्वय बनाकर स्कूलों में शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी बच्चों का अपडेशन सुनिश्चित किया जा सके। फ़रवरी माह में स्कूलों में कुल 12122 मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट तथा 677 आधार अपडेट किया गया है।भारत सरकार के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया वर्तमान में निःशुल्क की जा रही है। कलेक्टर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए अपने बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन आधार सेवा केंद्रों अथवा स्कूलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अवश्य कराएं। वर्तमान में यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध है, बाद में प्रति बच्चे 125 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। इसलिए सभी अभिभावक समय रहते इस सुविधा का लाभ अवश्य लें।
- 0- शासकीय सीसीएम कॉलेज में निर्माण कार्य में प्रगति लाएं0- ई-ऑफिस प्रकिया अब तहसील एवं विकासखण्ड स्तर के कार्यालयों में भी होगी शुरू0- संभाग आयुक्त ने ली संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठकदुर्ग. संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि संभाग अंतर्गत सभी जिलों में पेय जल व्यवस्था प्रभावित न हो, इस पर पीएचई विभाग के अधिकारी विशेष नजर रखें। उन्होंने कहा कि संभाग अंतर्गत जलाशयों में पानी का पर्याप्त भराव है, आवश्यकता होने पर जिलों को पानी की उपलब्धता कराई जाएगी। उन्होंने पीएचई विभाग के अधिकारियों को सचेत किया कि कहीं से भी पानी की समस्याएं नहीं आनी चाहिए। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने कहा कि जल जीवन मिशन अंतर्गत जहां कार्य पूर्ण हो चुके हैं, लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया जाए। श्री राठौर आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक में पेय जल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पीएचई विभाग के अधिकारियों को उक्त निर्देश दिए।उन्होंने शासकीय सीसीएम कॉलेज में आवश्यक निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान विभागों को राशि जमा होने के बावजूद भी कार्य अप्रारंभ होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य एजेंसी विभाग पीडब्ल्यूडी, विद्युत यांत्रिकी एवं पीएचई विभाग के अधिकारियों को उक्त कॉलेज में निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित सिविल वर्क सीसीटीवी कैमरा, एसी एवं लिफ्ट मशीन लगाने का कार्य और छात्रावासों में पानी की व्यवस्था के कार्य समय अवधि में पूर्ण किया जाए। इसी प्रकार जनपद स्तर पर निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को कार्यों का पंजी अवलोकन निरीक्षण के दौरान करायी जाए। उन्होंने चिकित्सालयों में सीजीएमएससी को स्वीकृत कार्य प्रारंभ कराने निर्देश दिए।संभाग आयुक्त श्री राठौर ने कहा कि संभागीय ई-ऑफिस प्रक्रिया में दुर्ग संभाग प्रदेश में प्रथम पायदान पर कायम है। इसी प्रकार दुर्ग जिला भी प्रदेश भर में दूसरे क्रम पर है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रक्रिया अब तहसील एवं विकासखण्ड स्तर के कार्यालयों में भी शुरू की जाए। संभागायुक्त श्री राठौर ने संभाग के सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी अधीनस्त कार्यालयों में भी उपस्थिति हेतु बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली अपनाएं। बैठक में संभाग स्तर के विभागवार समय-सीमा प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुमलाल यादव और उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर एवं समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजनांदगांव । एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव ग्रामीण-1 अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केन्द्र पार्रीखुर्द-2 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के एक पद पर भर्ती के लिए 2 अप्रैल 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल http://aww.e-bharti.in/ के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित की गई है। भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक निर्धारित तिथि तक ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना राजनांदगांव ग्रामीण-1 से प्राप्त की जा सकती है।
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राजनांदगांव । भारत सरकार की पीएम राहत (प्रधानमंत्री-रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेसन एण्ड एस्योरड ट्रीटमेंट) योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल एवं कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पीडि़तों को गोल्डन ऑवर अर्थात सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद के महत्वपूर्ण समय में बिना किसी देरी के अस्पतालों में भर्ती कर अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम 1 लाख 50 हजार रूपए तक का कैशलेस उपचार पंजीकृत सभी शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में पीएम-राहत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा हैं। इसी कडी में पीएम-राहत योजना अंतर्गत प्रथम प्रकरण का भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव में पंजीयन कर उपचार किया गया। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पचपेड़ी निवासी श्री मिनेश कोसरे का 15 मार्च 2026 को वाहन चलाते समय मौहाभांठा नाले के पास वाहन अनियंत्रित होने पर सड़क दुर्घटना हो गई थी। दुर्घटना से श्री मिनेश कोसरे के सिर पर चोट लगने पर उन्हें तत्काल उपचार के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव लाया गया और पीएम-राहत योजना के तहत पंजीबद्ध करते हुए उपचार प्रारंभ किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि पीएम-राहत योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। दुर्घटना होने के बाद तत्काल ईलाज मिलने पर कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस योजना में गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष प्रावधान किया गया है। जिले में पीएम-राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के समस्त 34 शासकीय अस्पताल जिसके अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री राजनांदगांव, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, सोमनी तथा समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिले के कुल 37 निजी अस्पताल प्रभारी व संचालकों को प्रशिक्षण प्रदाय कर आवश्यक जानकारी प्रदाय किया किया गया है। पीएम-राहत योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी निकटतम स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों एवं कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है। -
- एचपीवी टीकाकरण के लिए कुल 32 स्वास्थ्य केन्द्रों को चिन्हांकित
राजनांदगांव । राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर जिले में एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ जिला चिकित्सालय राजनांदगांव से किया गया। शुभारंभ दिवस पर कुल 23 किशोरी बालिकाओं को एचपीव्ही का वैक्सीन लगाया गया। जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए कुल 32 स्वास्थ्य केन्द्रों को चिन्हांकित किया गया है, जहां लगभग 10 हजार 500 लाभार्थियों को टीकाकरण किया जाएगा। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकर, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री पूजा मेश्राम, अस्पताल सलाहकार श्री अविन चौधरी, डॉ. स्नेहा जैन, श्री विकास राठौर, श्री अखिलेश चोपड़ा, श्री हितेश कुलहाड़े, श्री कौशल शर्मा, श्रीमती वंदना कोसरिया, श्रीमती निहारीका टोप्नो, श्री अखिलेश सिंह, श्री हेमंत साहू, श्री मनीष निमजे, स्टॉफ नर्स श्रीमती मंजू कामड़े, स्टॉफ नर्स श्रीमती फालेश्वरी मरावी, मितानीन प्रशिक्षक श्रीमती किरण यादव सहित अन्य मितानीन एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (एनसीआरपी) 2022 के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 11.6 लाख महिलाओं में कैंसर के नए मामले पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसी सभी किशोरियां पात्र होंगी, जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है, किंतु अभी 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है। शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में एचपीवी टीकाकरण नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। अभिभावक अपनी पात्र किशोरियों का पंजीकरण युवीन पोर्टल के माध्यम से करा सकते हैं। सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण के बाद सामान्यत: हल्का दर्द, सूजन, ललिमा या बुखार जैसे हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं, जो सामान्य रूप से 2 से 3 दिनों में पैरासिटामोल की दवा से ठीक हो जाते हैं। टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को 30 मिनट तक ऑब्जर्वेशन रूम में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रतिकूल प्रभाव का उचित प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और विश्व भर में करोड़ों लोगों को लगाया जा चुका है। टीकाकरण सत्र चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। आयु के प्रमाण के लिए आधार कार्ड या अन्य फोटो पहचान पत्र मान्य होंगे। पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र भी मान्य किया जाएगा। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिसके तहत मंगलवार को डोंगरगांव तहसील अंतर्गत ग्राम खुज्जी, मारगांव, गिरगांव, अर्जुनी, बीजाभाठा, मटिया, बगदई, बघमार, साल्हे, लक्ष्मणभरदा, गनेरी-मनेरी, नादिया, रायतापाली तथा राजनांदगांव तहसील अंतर्गत सुरगी क्षेत्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खनिज अमला द्वारा खनिज रेत, गिट्टी एवं ईंट का अवैध परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की गई। जिसमें ग्राम आतरगांव निवासी संतोष वैष्णव के स्वामित्व की माजदा-सीजी 08 एल 0767 से चूना पत्थर (गिट्टी), ग्राम छीताकसा निवासी गुलाब साहू के स्वामित्व की हाईवा-सीजी 08 एजी 5179 से रेत एवं ग्राम आमगांव निवासी आरएन चक्रधारी के स्वामित्व की माजदा-सीजी 08 एआर 4067 से ईंट का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना आरक्षी केन्द्र डोंगरगांव को सुपुर्द किया गया। इसी तरह ग्राम बिलौदी निवासी अमित हरयानो के स्वामित्व की हाईवा-सीजी 08 बीडी 7487 से रेत का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना सुरगी को सुपुर्द किया गया। सभी प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन के रोकथाम के लिए ग्रामों में मुनादी कराई गई है तथा खनिज विभाग द्वारा लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- राजनांदगांव । महापौर श्री मधुसूदन यादव द्वारा जिला चिकित्सालय बसंतपुर में बच्चों को विटामिन ए की अनपूरक दवा पिलाकर शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। शिशुु संरक्षण माह का आयोजन 17 मार्च से 21 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान सभी 5 मंगलवार एवं 5 शुक्रवार को विशेष टीकाकरण सत्र में 6 माह से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आईएएएफ एवं विटामिन ए की सीरप पिलायी जाएगी।
- - पदयात्री मार्ग में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश- खाद्य दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर श्री यादव ने जिले में शासकीय योजनाओं के सुचारू संचालन, व्यवस्थाओं में सुधार एवं योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। कलेक्टर ने आगामी चैत्र नवरात्रि पर्व को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पदयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पदयात्री मार्गों की समुचित सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं सेवा पंडालों में स्वास्थ्य टीम की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने खाद्य दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने तथा खाद्य सामग्री में मिलावट करने वाले प्रतिष्ठानों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही एक्सपायरी तिथि वाली खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों की सघन जांच करने के निर्देश दिए। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ एवं हाइजेनिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। चिरायु योजना अंतर्गत बच्चों के उपचार का नियमित फॉलोअप लेने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के तहत बालिकाओं को नि:शुल्क टीकाकरण किया जा रहा है, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने, प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध कराने तथा नजदीकी अस्पतालों की सूची चस्पा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री यादव ने सभी आंगनबाड़ी एवं स्कूली बच्चों के आधार अपडेशन को अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित तिथि के अनुसार स्कूलों में शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत आधार अपडेशन सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश प्राचार्यों को दिए।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने नगरीय निकायों में ऐसे स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए, जहां सफाई करने के बाद कचरा डंप किया जाता है। ऐसे स्थानों पर स्वच्छता से संबंधित आकर्षक पेंटिंग एवं नारा लेखन कर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने नदी किनारे अवैध रूप से संचालित हो रहे मोटर पम्पों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मोटर पम्पों की जांच कर तत्काल जप्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने लक्ष्य निर्धारित करते हुए धान के उठाव के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की नाका लगाकर जांच कर करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चलाने वालों पर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का नियमानुसार निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनमानस उम्मीद लेकर जनदर्शन में आते है। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समाधान शीघ्र करें। जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, भू-अर्जन, अवैध अतिक्रमण हटाने, सीमांकन, नजूल से संबंधित, पेंशन, राजस्व रिकार्ड दुरूस्त कराने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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- राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 6118 से अधिक 6499 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का हुआ पंजीयन
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पंजीयन होने पर जिले की सात परियोजनाओं से उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित पर्यवेक्षकों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर ने राजनांदगांव शहरी परियोजना के चिखली सेक्टर से श्रीमती पार्वती साहू, राजनांदगांव ग्रामीण-1 के सुरगी सेक्टर से श्रीमती दुर्गा जादौन, राजनांदगांव ग्रामीण-2 के घुमका सेक्टर से सुश्री दिशा शिंदे, डोंगरगांव के आरी सेक्टर से श्रीमती बेबी गीतांजली दीवान, डोंगरगढ़ के मेढ़ा सेक्टर से श्रीमती संतोषी राजपूत, छुरिया-1 के रंगीटोला सेक्टर से सुश्री सौम्या चौबे, छुरिया-2 के कुमर्दा सेक्टर से सुश्री वीना यादव को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को जमीनी स्तर पर सफलता पूर्वक क्रियान्वयन करने में पर्यवेक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जिले को 6118 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पंजीयन का वार्षिक लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसके महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तथा पर्यवेक्षकों के प्रयासों से लक्ष्य से अधिक 6499 पंजीयन कर अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पर्यवेक्षकों ने निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाया है। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों के प्रयासों से जिले में योजना की प्रगति में तेजी आयी है और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में भी सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने पर्यवेक्षकों को आगे भी इसी तरह प्रतिबद्धता, निष्ठा एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक महत्वकांक्षी योजना है। जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार तथा मजदूरी के क्षति के एवज में नकद राशि के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को पहले बच्चे के जन्म पर 2 किस्तों में गर्भावस्था के पंजीयन पर एवं 6 महीने के भीतर एक बार प्रसव पूर्व जांच कराये जाने पर पहली किस्त के रूप में 3 हजार रूपए और दूसरी किस्त के रूप में 2 हजार रूपए बच्चे के जन्म के पंजीकरण तथा बीसीजी, पोलियो, डीटीपी एवं हिपेटाइसिस बी या इसके समानांतर प्रथम चक्र का टीका लगाये जाने के बाद प्रदान की जाती है। वही दूसरी संतान बालिका होने पर एकमुश्त 6 हजार रूपए प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ लेने हेतु एलएमपी (अंतिम माहवारी) से 570 दिवस अथवा बच्चे के जन्म के 270 दिवस के भीतर आवेदन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं सहायता के लिए निकटस्थ आंगनबाड़ी केन्द्र एवं राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1515 पर भी संपर्क किया जा सकता है। -
राजनांदगांव । माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित मेले में शामिल होने वाले पदयात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत डोंगरगढ़ पहुंचने वाले पदयात्री मार्गों पर युद्ध स्तर पर साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का कार्य किया जा रहा है। प्रमुख पदयात्री मार्ग मोतीपुर सुकुलदैहान-मुसरा-अछोली डोंगरगढ़ मार्ग में झाड़ू लगाने के साथ-साथ पेड़ों एवं पुल-पुलियों की पुताई तथा जंगल-झाड़ी की साफ-सफाई कराई जा रही है।
इसी प्रकार डोंगरगढ़ आने वाले अन्य प्रमुख मार्गों जैसे तुमड़ीबोड़-राका-बधियाटोला-डोंगरगढ़, खैरागढ़-ढारा-डोंगरगढ़-चिचोला, डोंगरगढ़-बोरतलाव, गाजमर्रा-राजकट्टा तथा कोलिहापुरी-मेंढ़ा-मुरमुंदा मार्गों पर भी साफ-सफाई के साथ सावधानी सूचक सूचना बोर्ड, संकेतक बोर्ड, पुल-पुलियों पर हेजार्ड मार्कर तथा पेड़ों में ट्री-स्टड्स सहित अन्य आवश्यक साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
लोक निर्माण विभाग द्वारा दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में बांस-बल्ली से जिगजैग बैरिकेडिंग तथा बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए स्पीड ब्रेकरों की रंगाई-पुताई का कार्य किया जा रहा है। मेला स्थल में भी भारी भीड़ एवं यातायात नियंत्रण के लिए पूर्व वर्षों की भांति विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे लाखों पदयात्री श्रद्धालुओं को सुचारू एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त हो सके। -
राजनांदगांव । माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित मेले में शामिल होने वाले पदयात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सेवा पंडालों में ड्यूटी लगाए गए सुपरवाइजर, सीएचओ, एएनएम, आरएचओ, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं मितानिन, टेनरों की बैठक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनांदगांव तथा डोंगरगढ़ में आयोजित कर तैयारियों के संबंध में समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने सेवा पंडालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवा, सीपीआर तथा पर्याप्त मात्रा में ओआरएस व जीवन रक्षक घोल रखने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी मेला डॉ. बीएल तुलावी ने बताया कि चैत्र नवरात्रि मेला के दौरान 15 एम्बुलेंस एवं 3 बाईक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मेला में 23 चिकित्सा अधिकारी, 36 आयुष चिकित्सा अधिकारी, 15 आरएमए, 252 पैरामेडिकल स्टॉफ, 114 मितानीन की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गयी है। साथ ही 5 दवा वितरण केन्द्र के माध्यम से 24 घंटे दवा वितरण की सुविधा रहेगी। मेला के दौरान पुराना अस्पताल डोंगरगढ़, छिरपानी अस्पताल, पुराना अस्पताल राजनांदगांव मेें कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके साथ ही 45 निजी अस्पतालों द्वारा 17 स्थानों पर पदयात्रियों एवं दर्शनार्थियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएगी। - -अवकाश के दिनों पर भी मिलेगी पंजीयन की सुविधारायपुर / राज्य के आम नागरिकों को पंजीयन संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो और वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यों का सुचारू एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के सभी पंजीयन (स्टाम्प दस्तावेज) कार्यालय चयनित अवकाश दिवसों में भी संचालित (खुले) किए जाएंगे।जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय 22 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च तथा 31 मार्च 2026 को भी सामान्य कार्यदिवसों की तरह खुले रहेंगे। इन तिथियों में दस्तावेजों के पंजीयन सहित अन्य सभी संबंधित सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।शासन के इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे अपने लंबित पंजीयन कार्यों को समय पर पूरा कर सकें। विशेष रूप से वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनज़र इन दिनों में पंजीयन कार्यों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है।राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष सुविधा का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथियों में अपने पंजीयन संबंधी कार्यों का निष्पादन कराएं, जिससे अनावश्यक भीड़ और अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।
- रायपुर। गरियाबंद वनमंडल के परसुली वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाघमार परिसर में एक ग्रामीण पर भालू के हमले की घटना सामने आई है। ग्राम कोचईमुड़ा निवासी 45 वर्षीय श्री पुराणिक यादव को आज सुबह लगभग 6 बजे भालू ने हमला कर घायल कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल श्री यादव को प्राथमिक उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गरियाबंद पहुंचाया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल व्यक्ति के इलाज में किसी प्रकार की कमी न हो और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए श्री यादव को तत्काल सहायता राशि प्रदान की है। साथ ही विभागीय कर्मचारी उनके साथ रहकर हर संभव सहयोग कर रहे हैं।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन की जनहितैषी योजनाओं के तहत वन्यप्राणी हमले में घायल व्यक्तियों को अधिकतम 59 हजार 100 रूपए तक की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अलावा, घायल व्यक्ति के संपूर्ण उपचार के बाद दवाइयों और इलाज में आने वाले खर्च का भुगतान भी शासन द्वारा किया जाएगा।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह संवेदनशील है तथा ऐसी परिस्थितियों में त्वरित राहत सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।वन मंत्री श्री कश्यप के निर्देश पर भालू के हमले से घायल पुराणिक यादव को गरियाबंद में डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें मेकाहारा अस्पताल रायपुर रेफर किया गया है।
- रायपुर /प्रदेश में घरेलू एलपीजी की उपलब्धता और उपभोक्ताओं तक उसकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा सतत निगरानी और समीक्षा की जा रही है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने खाद्य संचालक तथा सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ 17 मार्च 2026 को समीक्षा बैठक लेकर घरेलू एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को और अधिक सुलभ बनाने के लिए व्हॉट्सएप नंबर, मोबाइल नंबर, आईवीआरएस और वेबसाइट यूआरएल के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। उन्होंने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा जारी नए बुकिंग नंबर (मोबाइल 8927225667 एवं आईवीआरएस 8391990070) को भी आमजन तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में बताया गया कि घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 214 छापों में 1013 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं, जिनमें रायपुर जिले में सर्वाधिक 392 तथा बिलासपुर जिले में 201 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि घरेलू गैस का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही हो और आम उपभोक्ताओं को उसका पूरा लाभ मिल सके।खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित एलपीजी बुकिंग को शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों। इसके तहत अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बल कैम्प, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट की कैंटीन को उनकी मासिक आवश्यकता के अनुरूप गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, भारत सरकार, राज्य सरकार एवं उनके सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालयों, कैंटीन एवं गेस्ट हाउस को उनकी विगत माहों के उपभोग का 50 प्रतिशत की सीमा तक, जबकि पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाइयों तथा होटल एवं रेस्टोरेंट को निर्धारित सीमा (20 प्रतिशत) के अंतर्गत कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।एलपीजी बुकिंग एवं आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग का कॉल सेंटर (1800-233-3663 एवं 1967) सक्रिय है, जहां प्राप्त शिकायतों का ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर राहत मिल सके। file photo
- -कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों के लिए ए आई पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ-आई.आई.टी., आई.आई.एम., एन.आई.टी., नार्म जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ दे रहे हैं प्रशिक्षणरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षण एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। कृषि महाविद्यालय रायपुर में 16 से 20 मार्च तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की विभिन्न प्रविधियों एवं उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने के गुर सिखाये जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 17 महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आई.आई.टी. भिलाई, आई.आई.आई.टी. नया रायपुर, एन.आई.टी. रायपुर, आई. आई. एम. रायपुर, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिर्वसिटी नया रायपुर, गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर, आई.सी.ए.आर. - नार्म हैदराबाद तथा आई.सी.ए.आर - एन.आई.बी.एस.एम. बरोण्डा जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को कृषि शिक्षा अनुसंधान में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस की विभिन्न टेकनिक्स एवं टूल्स के प्रभावी उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.), भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश तथा आई.सी.ए.आर.-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (एन.आई.बी.एस.एम.) बरोण्डा के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिलदेव दीपक सहित कृषि विश्वविद्यालय के निदेशकगण तथा विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठातागण उपस्थित थे।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में हमारे जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है और अब यह हमारी सामान्य दिनचर्या का एक हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा विशेषकर उच्च शिक्षा अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने अहम योगदान दिया है। यह शिक्षण, शोध और अकादमिक कार्यों को अधिक प्रभावी बना रही है। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कृषि शिक्षा जैसे पेशेवर क्षेत्रों में ए आई का उपयोग शिक्षण गुणवत्ता, नवाचार और शोध को बेहतर बनाने के लिए अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पाठ योजना निर्माण, पाठ्य सामग्री निर्माण, मूल्यांकन आदि शिक्षण संबंधी कार्यों तथा शोध लेखन, साहित्य समीक्षा, संदर्भ प्रबंधन आदि शोध संबंधी कार्यों के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागी अपनी कक्षाओं, प्रयोगशाला तथा शोध कार्यों में विभिन्न ए आई तकनीक एवं टूल्स का प्रभावी उपयोग करना सीखेंगे जिससे उनकी कार्यक्षमता और नवाचार क्षमता वृद्धि होगी। आई.आई.टी. भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि कोविड काल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ने लगा है। कोविड के दौरान आई.आई.टी. कानपुर ने विभिन्न ए आई टूल्स का उपयोग कर कोविड के केसेस के प्रतिदिन के आकड़ों तथा उसके पीक पीरियड के बारे में सटीक पूर्वानुमान जारी किए थे। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में भी ए आई तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए मौसम संबंधी पूर्वानुमान तथा कृषि सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न ए आई टूल्स के माध्यम से वर्षा जल एवं उपलब्ध भूजल के आंकड़ों का उपयोग कर किसानों के लिए उपयुक्त फसलों का चयन किया जा सकता है। इसके साथ ही विगत वर्षों में घटित कीट-बीमारियों के प्रकोप तथा वर्तमान जलवायविक परिस्थितियों का अध्ययन कर फसलों को कीटों एवं बीमारियों के प्रकोप से बचाया जा सकता है। इसी प्रकार फसल उत्पादन एवं इनके विक्रय हेतु भी ए आई टूल्स का उपयोग किया सकता है। एन.आई.बी.एस.एम. के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। एन.आई.टी. रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमन्ना ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।गौरतलब है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो प्रमुख घटकों में आयोजित किया गया है। पहला घटक नव नियुक्त संकाय सदस्यों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य उन्हें विश्वविद्यालय की दृष्टि, मिशन और शैक्षणिक ढांचे से परिचित कराना है। दूसरा घटक शिक्षण एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर प्रशिक्षण है, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक ए आई टूल्स और तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे इनका प्रभावी उपयोग कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, विस्तार गतिविधियों तथा अनुसंधान कार्यों में कर सकें। इन पाँच दिनों के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, विचार-विमर्श तथा प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधारित शिक्षण एवं अनुसंधान की नवीनतम प्रवृत्तियों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की संयोजक कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे हैं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के मैदानी अमलों की दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दो लाइनमैन को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत श्री ओंकार साहू लाइन सहायक श्रेणी-1 (220 केवी उपकेंद्र सरायपाली) एवं श्री सीताराम लाइन परिचारक श्रेणी-1 (एमआरटी संभाग भिलाई) को दिल्ली में तकनीकी दक्षता एवं निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, भारत सरकार विद्युत मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत किया गया।वार्षिक कार्यों के मूल्यांकन आधार पर छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी से दो लाइनमैन का चयन हुआ तथा राष्ट्रीय मंच पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। श्री ओंकार साहू ने वर्ष 2025 में सरायपाली, बसना और सांकरा सब-स्टेशन पर अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। इनमें 160 एमवीए ट्रांसफार्मर का आंतरिक निरीक्षण, तेल निस्पंदन, सीटी प्रतिस्थापन, पैनल इंस्टालेशन एवं बैटरी सेट रिप्लेसमेंट तथा इंसुलेटर बदलने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर निष्पादित करने के लिए पुरस्कृत किया गया। उनकी ईमानदारी, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा से समय पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति होती रही।इसी प्रकार श्री सीताराम साहू द्वारा 132 केवी उपकेंद्र राजनांदगांव उपकेंद्र में पुराने कंट्रोल रूम से पुराने ट्रांसफार्मरों, पुराने फीडर पैनलों को विच्छेदित कर नए निर्माण किए गए। कंट्रोल रूम में नए कंट्रोल एवं रिले पैनलों का टर्मिनेशन, परीक्षण एवं स्थापना के कार्यों को अतिशीघ्र समयावधि में संपन्न किया गया।इन उपलब्धियों के लिए प्रबंधन ने दोनों लाइनमैन को बधाई दी और आगे भी इसी तत्परता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रदेश में 400 केवी उपकेंद्र के 5 नग, 220 केवी उपकेंद्र के 27 नग, 132 केवी उपकेंद्र के 105 नग उपकेंद्र हैं। जहां मैदानी अमलों को 24×7 तत्पर तैनात रहना पड़ता है। लाइनमैन विषम परिस्थितियों में भी अपनी टीम के साथ सुधार कार्य के लिए सतत प्रयासरत रहते हैं। ऐसे कर्मवीरों को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा प्रशस्ति पत्र, मैडल एवं प्रतीकात्मक भेंट से पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के लाइनमैन का सम्मान कंपनी के लिए गर्व का विषय है।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय में आज महापौर परिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहर के विकास का वित्तीय खाका तैयार किया गया।बजट प्रस्तुतिकरण के दौरान आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने निगम द्वारा तैयार किया गया आगामी वित्तीय वर्ष का बजट महापौर के समक्ष प्रस्तुत किया। महापौर नीरज पाल ने बजट के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा प्रारंभ की, जिसमें परिषद के सदस्यों ने बजट की बारीकी से समीक्षा की और शहर हित में अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।गहन विचार-विमर्श के उपरांत, परिषद के सदस्यों ने जनहितैषी कार्यों और शहर की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए बजट में आवश्यक संशोधनों को शामिल किया। इसके पश्चात, वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस बजट को अंतिम निर्णय हेतु सामान्य सभा में भेजने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।बैठक में महापौर परिषद सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सीजू एन्थोनी, संदीप निरंकारी, साकेत चंद्राकर, केशव चौबे, एकांश बंछोर, आदित्य सिंह, लालचंद वर्मा, मन्नान गफ्फार खान, चंद्रशेखर गंवई, रीता सिंह गेरा, नेहा साहू, अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी. के. कोसरिया, प्रभारी अधीक्षण अभियंता वेशराम सिन्हा, सभी जोन आयुक्त अजय राजपूत, येशा लहरे, कुलदीप गुप्ता, अमरनाथ दुबे, अजय गौर, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, संजय अग्रवाल, संजय वर्मा, अनिल सिंह, अरविन्द शर्मा, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, राजस्व अधिकारी जे पी तिवारी, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं उप संचालक खनिज विभाग के मार्गदर्शन मे जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमला बिलासपुर द्वारा 17 मार्च को कोटा, बेलगहना, कोनचरा, बिरकोना, सरकंडा, सिरगिट्टी, सिलपहरी, चकरभाठा, मुढ़िपार, रहँगी क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान कोनचरा क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 02 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया। सिलपहरी क्षेत्र से खनिज साधारण पत्थर का अवैध उत्खनन करते पाये गए 01 जेसीबी वाहन तथा 01 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। चकरभाठा क्षेत्र से खनिज मुरुम का अवैध परिवहन करते पाये गए 03 हाइवा वाहनों को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 07 वाहनों को पुलिस थाना सिरगिट्टी व चकरभाठा में अभिरक्षा मे रखा गया है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- - राजधानी स्थित मुख्यालय में सफलतापूर्वक संचालित है ई-ऑफिस- डिजिटल हस्ताक्षर से हो रहा फाइलों का अनुमोदनरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के राजधानी स्थित डंगनिया मुख्यालय में ई-ऑफिस का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के बाद अब इसका विस्तार किया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी बिजली दफ्तर में 1 अप्रैल 2026 से ई-ऑफिस प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसमिशन कंपनी के सभी कक्षा से सभी मैदानी अफसरों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है।छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के साथ फाइलों के त्वरित व पारदर्शी निराकरण के लिए ई-ऑफिस का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में मुख्यालय स्तर पर 10 नवंबर 2025 से किया जा चुका है। अब इसे प्रदेश के सभी कार्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री एएम परियल ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में अब पेपरलेस काम की तैयारी की जा रही है। इसके तहत 1 अप्रैल से मैदानी स्तर के कार्यालयों में भी ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किया जा रहा है। ई-ऑफिस के माध्यम से अब नोटशीट, आदेश, पत्र और परिपत्र जैसे सभी दस्तावेजों का निर्माण, अनुमोदन, प्रेषण तथा संधारण पूरी तरह डिजिटल रूप से किया जाएगा। इससे कार्यों में गति आएगी और कागज के उपयोग में कमी होगी।इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के ऊर्जा सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ईआईटीसी) ने आज से ऑनलाइन ट्रेनिंग आरंभ कर दी है। छह पालियों में इसका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऊर्जा नेट पर ई-ऑफिस के लिए स्व-सेवा पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, दिशा-निर्देश और सामान्य प्रश्नों का अध्ययन करें। इस पहल से संसाधनों और समय की बचत होगी तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- रायपुर / खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के दिशानिर्देश पर छत्तीसगढ़ में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ कमर्शियल गैस कनेक्शन वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैसर्गिक गैस मंत्रालय के अधीन लागू करने का निर्णय लिया गया है।खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने कहा कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहे और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कमर्शियल उपभोक्ताओं को विगत माहों की खपत के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत की सीमा के अंदर एलपीजी प्रदाय करने पर सहमति बनी है।कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों एवं चिकित्सालयों के साथ-साथ सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन को पूर्ण प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उनके गेस्ट हाउस और कैंटीन के लिए 50 प्रतिशत, पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाई तथा रेस्टोरेंट एवं होटल के लिए 20 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित की गई है।उन्होंने कहा कि कमर्शियल एलपीजी के वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी बनी रहे। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि आम नागरिकों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े, साथ ही सभी वर्गों तक संतुलित रूप से गैस की उपलब्धता बनी रहे।
- -गैस वितरण में बाधा उत्पन्न करने वालों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई-अस्पताल, वृद्धाश्रम सहित अन्य सामाजिक संस्थानों को गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर / एलपीजी गैस से जुड़े मुद्दों को लेकर आज कलेक्टरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने जिले के एलपीजी वितरकों की बैठक ली। अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में एलपीजी सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है। नियमानुसार उपभोक्ताओं को सिलेण्डर का वितरण किया जा रहा है। यह ध्यान रखें कि वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। साथ ही यदि कोई तत्व वितरण में बाधा पहुंचाता है या एजेंसी कार्यालय में नियम के विरूद्ध सिलेण्डर लेने की कोशिश या डिलिवरी मैन से दुर्व्यवहार करता है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि सभी वितरक व्यवस्था बनाए रखें एवं किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सूचना दें। उन्होेंने कहा कि अस्पताल जैसे एम्स, मेकाहारा, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम एवं अन्य समाज कल्याण विभाग से जुड़े अन्य संस्थानों में भी गैस की पूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान स्थिति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन की लिमिट रखी गई है जिसके बाद की अगली बुकिंग की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अभी नए कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन लेने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। आदेश आने पर रायपुर जिले के इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने आम उपभोक्ताओं से अपील की, कि पैनिक न हों जिले में इस समय पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। एजेंसी के कार्यालय में पहुंचकर किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न करें, हमारे कार्यों में सहयोग करें। सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार सिलेण्डर दिया जाएगा। इस अवसर पर खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा सहित खाद्य विभाग के अधिकारी एवं जिले के एलपीजी वितरक उपस्थित थे।
- -शिक्षण संस्थाओं एवं अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या नशीली चीजें बेचने पर करें सख्त कार्यवाही :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से डीईएएफपीपी (DEAF) एवं निष्क्रिय (Inoperative) खातों,लंबित राजस्व प्रकरणों, कॉल सेंटर से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं व अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या अन्य नशीली चीजें बेचने पर सख्त कार्यवाही करें।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण करें, इसके साथ ही कॉल सेंटर एवं अन्य लंबित शिकायतों का भी समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।इसके अलावा कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे DEAF एवं Inoperative बैंक खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन बारों के लाइसेंस 3 दिवस के लिए निलंबित किए गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार एफ.एल. 2(क) श्रेणी के रेस्टोरेंट बाररास्ता (Raasta) तथा एफ.एल. 3 ग्रैंड इंपीरिया एवं एफ.एल. 4(क) क्लब मिथ्या के लाइसेंसों को 17 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत निलंबित किया गया है।यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर, रायपुर द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान 24 जनवरी 2026 एवं 1 फरवरी 2026 को निर्धारित समयावधि रात्रि 12:00 बजे के बाद संचालन पाए जाने पर की गई। साथ ही आबकारी विभाग द्वारा की गई जांच में भी इन प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गईं तथा लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर प्रकरण दर्ज किया गया।उक्त प्रकरण में कलेक्टर (आबकारी) न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31(ख) के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों बारों के लाइसेंस 3 दिवस के लिए निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही संबंधित आबकारी अधिकारियों को इन प्रतिष्ठानों को सीलबंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।














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