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- - ओपीडी में कर्मचारी एवं डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की- चिकित्सालय के मेस में नाश्ता और दाल का स्वाद चखा- मेनू अनुसार मरीजों को नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के दिये निर्देशदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज जिला चिकित्सालय दुर्ग का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय ओपीडी में कर्मचारी और डॉक्टर अनुपस्थित पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्हांेने जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन को ओपीडी प्रारंभ होने के पूर्व कर्मचारी एवं डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इस दौरान कलेक्टर ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं आभा आईडी की जानकारी ली। शिकायत के आधार पर ई.सी.जी. मशीन संचालन हेतु ऑपरेटर की ड्यूटी, नाम एवं मोबाईल नंबर एवं समय उल्लेखित करने निर्देशित किये। कलेक्टर ने सिकलसेल प्रबंधन कक्ष में सिकलिंग पहचान की जानकारी ली। उन्होंने चिन्हांकित लोगों का ऑनलाईन एंट्री कराने तथा पेसेंट के ओपीडी पर्ची में आभा आईडी अद्यतन करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। सिविल सर्जन ने बताया कि अंकित महिला स्व. सहायता समूह द्वारा उक्त व्यवस्था संचालित की जा रही है। कलेक्टर श्री सिंह ने यहां पर पेसेंट के लिए तैयार नाश्ता, दाल एवं भोजन का स्वाद चखा। उन्होंने समूह के सदस्यों को निर्धारित मेनू के आधार पर चिकित्सालय में भर्ती पेेसेंट को समय पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बाते कहीं। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के जन औषधि केन्द्र में उपलब्ध दवाइयों और विभिन्न वार्डों का भी निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से रू-ब-रू चर्चा कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. अशिशान मिंज को चिकित्सालय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और चिकित्सकों और कर्मचारियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा अनुपस्थिति पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिये।
- दुर्ग। चंडी मंदिर से उरला शिवनाथ एनिकट तक सड़क चौड़ीकरण कार्य हेतु आज दुर्ग के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री गजेन्द्र उपस्थितजन को सम्बोधित करते हुए बताया की क्षेत्र के संवार्गीण विकास के लिए निरंतर कार्य जारी है। भूमिपूजन के साथ क्षेत्र के नागरिकों से किये गए चुनावी वादे भी पूरे हो रहे है।लगभग ₹452.47 लाख की लागत से बनने वाली यह सड़क लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। उरला में आयोजित भूमिपूजन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने बताया की करीब 13 वर्षों से लंबित इस कार्य के प्रारंभ होने से नागरिकों में उत्साह का माहौल है। सड़क चौड़ीकरण को लेकर लगातार दुर्ग के जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते रहे लेकिन कुछ नहीं हुआ, वार्ड भ्रमण में नागरिकों ने जब सड़क की समस्या से उन्हें अवगत कराये तो मंत्री गजेन्द्र यादव ने तत्काल इस्टीमेट बनवाये और शासन से राशि स्वीकृति कराकर कार्य प्रारंभ कराये।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की यह कार्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास की कड़ी को और अधिक मजबूत करने का प्रतीक है। उरला क्षेत्र में खेल मैदान, मांगलिक भवन, सीसी रोड निर्माण सहित सर्वांगीण विकास के कई कार्य निरंतर जारी हैं।प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि विकास का लाभ हर वार्ड, हर मोहल्ले तक पहुंचे। सड़क, पानी, बिजली, खेल मैदान और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं लोगों के जीवन को बेहतर बनाती हैं। जनता से किये सभी वादों को पूर्ण करने प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है।सड़क बनने से होंगे ये लाभ -चंडी मंदिर से उरला होते हुए शिवनाथ एनिकट तक सड़क चौड़ीकरण होने से प्रतिदिन गांव से शहर आने वाले ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। यह प्रमुख मार्ग कई गांव को दुर्ग से जोड़ता है आवागमन का प्रमुख मार्ग भी है। जहां से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी। व्यापार, शिक्षा और दैनिक आवागमन में सुविधा बढ़ेगी।इस अवसर पर सभापति श्याम शर्मा, मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर, कौशल साहू, महेंद्र लोढ़ा, बंटी चौहान, जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, एमआईसी मेंबर श्रीमति लीना देवांगन, कांशीराम कोसरे, ज्ञानेश्वर ताम्रकार, पार्षद श्रीमति रेशमा सोनकर सहित क्षेत्र के नागरिक एवं कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
- दुर्ग / जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा ने जांच में शिकायत प्रमाणित होने पर श्री देवेश कुमार देशमुख सहायक शिक्षक एलबी शासकीय प्राथमिक शाला खाड़ा जिला दुर्ग को छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 23 एवं नियम 03 के उप नियम-01 के खण्ड 01,02 तथा 03 का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए श्री देशमुख को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम 01 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री देशमुख का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग नियत किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
- दंतेवाड़ा ।जिला पंचायत से दी गई जानकारी अनुसार जिला सामाजिक अंकेक्षण का प्रमुख उद्देश्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जो अब ’’वीबी जी राम जी’’ योजना के नाम से परिवर्तित हुआ है। उसके अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाना है, ताकि योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन मदद मिले व स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढे। इस क्रम में जिला पंचायत दंतेवाड़ा के सामाजिक अंकेक्षण इकाई टीम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में के अंतर्गत प्रथम चरण में अंकेक्षण हेतु 143 ग्राम पंचायतों का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया। और इकाई ने द्वितीय चरण का सामाजिक अंकेक्षण हेतु विगत 09 फरवरी 2026 से पुनः प्रारंभ कर दिया है। यहा पुरे राज्य मे गौरवशाली उपलब्धि रही। क्योंकि सामाजिक अंकेक्षण के प्रथम चरण को पूर्ण करते हुए द्वितीय चरण का अंकेक्षण प्रारंभ करना पूरे प्रशासनिक टीम की के लिए एक चुनौती था। जबकि अन्य जिले इस चरण तक नहीं पहुंच पाए है। यह प्रयास सुनिश्चित करता है कि जब समाज और शासन मिलकर काम करते है, तो विकास की राह और भी उज्जवल हो जाती है। जिला प्रशासन व सामाजिक अंकेक्षण टीम व सबकी मेहनत और समर्पण ही इस कार्य को सफल बनाया है।
- -नक्सल पीड़ितों की मदद और नए कानूनों के पालन पर रहा जोरदंतेवाड़ा । जिला कार्यालय में आज कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस मैराथन बैठक में जिला स्तरीय राहत एवं पुनर्वास, नए कानूनों के क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा और एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।बैठक का आरंभ राहत एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा के साथ हुआ। कलेक्टर श्री ध्रुव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले नागरिकों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और घायलों को हर संभव मदद देने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल पीड़ित परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति जांची और अधिकारियों को इसे प्राथमिकता देने को कहा। इसके अतिरिक्त, साम्प्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान के तहत छात्रवृत्ति, आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण के दौरान स्टायपेण्ड और पीड़ित परिवारों को डिजिटल डेटाबेस को अपडेट करने की प्रगति पर भी चर्चा की गई।इसके साथ ही बैठक में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को सभी सड़कों का ‘सेफ्टी ऑडिट’ जल्द पूरा करने और ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में शहर के मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं के नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने, और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग को ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और एंबुलेंस में जीपीएस ट्रैकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस और त्वरित उपचार मिल सके। वहीं, शिक्षा विभाग को नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।बैठक के अंतिम चरण में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा की गई। इसमें नशा मुक्ति, पुनर्वास और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की कार्ययोजना पर विचार हुआ। पुलिस और परिवहन विभाग ने भी अपनी कार्रवाई और जागरूकता अभियानों का ब्यौरा पेश किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आर.के. बर्मन सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
- -समय सीमा पर प्रकरणों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दें अधिकारी-कलेक्टरदंतेवाड़ा । कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आज राजस्व अधिकारियों की बैठक डंकनी सभाकक्ष में ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी राजस्व अधिकारियों द्वारा दिए गए समय सीमा पर राजस्व प्रकरणों का निपटारा किया जाना सर्वाधिक जरूरी है। अगर किसी कारणवश प्रकरणों के निराकरण में विलंब हुआ है तो पर भी व्यक्तिगत रूचि लेकर मामले को सबसे पहले प्राथमिकता दे आगामी लिए जाने वाले बैठक में इसकी बारीकी से इसकी जांच की जाएगी। कुल मिलाकर कलेक्टर ने यह भी कहा कि सभी अनुविभागीय अधिकारी सभी प्रकरणों की समीक्षा नियमित रूप से स्वयं करें। साथ ही उन्होंने सभी तहसीलदारों को तहसीलों के रिकार्ड रूम की निरीक्षण करने की भी हिदायत दी। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामवार शिविर आयोजन के दौरान कर खसरा, बी-1 का वाचन स्वयं की उपस्थिति में किया जाना सुनिश्चित किया जाए।आज संपन्न हुए राजस्व अधिकारियों की बैठक के मुख्य एजेंडे के अनुसार बी-1 बांटना, 2031 मृत वन पट्टाधारी कृषकों का शतप्रतिशत पीएम किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पंजीयन, विवादित, अविवादित नामांतरण, ग्राम पंचायत नामांतरण पंजी, विवादित, अविवादित बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, धारा 115 त्रुटि सुधार, धारा 114 गलत प्रविष्टि, वृक्ष कटाई, ई-कोर्ट में न्यायालयीन प्रकरणों के प्रगति की समीक्षा, जीर्ण-शीर्ण नक्शा नवीनीकरण, स्वामित्व योजना, मसाहती ग्रामों की जानकारी, नजूल घोशित नक्शों का खसरा मेटनेश, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों की जानकारी, आधार, मोबाईल, जेन्डर प्रविष्टि किसान-किताब, अभिलेख शुद्धता नक्शा खसरों में अंतर-शून्य रकबे वाला खसरा, डीआईएलआरएमपी ( डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम) नक्शा बटांकन, नियद नेल्लानार के सुरक्षा कैम्पों में व्यक्ति मूलक योजनाओं की सेचूरेशन स्थिति, जियो रिफरेसिंग कार्य एवं सर्वे, भू-अभिलेख अद्यतीकरण, भूमिहीन कृषि मजदूर योजना, (पंडित दीनदयाल उपाध्याय), भू-अर्जन प्रकरणों की स्थिति, भूमि अधिग्रहण संबंधी जानकारी, भू-अर्जन के प्रकरण में मुआवजा वितरण की जानकारी, लोक सेवा गारण्टी, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत समस्त क्षति का मुआवजा की स्थिति उपयोगिता प्रमाण पत्र, मांग पत्र, उच्च न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों प्रभारी अधिकारी नियुक्ति, जवाबदावा प्रस्तुत करने की स्थिति, वन अधिकार पत्र से संबधित, वनाधिकार मान्यता पत्रों के प्रकरणों को रिकार्ड रूम में जमा किए जाने की जानकारी जैसे प्रमुख बिन्दु षामिल थे।बैठक में कलेक्टर ने उपरोक्त सभी बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा करते हुए अद्यतन जानकारी ली। कलेक्टर ने अंत में बैठक में यह भी कहा कि अपने-अपने अनुभाग में राजस्व अधिकारियों द्वारा शांति व्यवस्था बनाये रखने कानून के पालन के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू रूप संचालन के लिए के लिए प्रतिबंधात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाही किया जाना भी अति आवश्यक है। अतः समाज में असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्यवाही किया जाना अपेक्षित हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, सहित सभी अनुभाग के एसडीएम, तहसीलदार, उपस्थित थे।
- -राइडिंग व वॉल्व स्थापित कर लो-प्रेशर की समस्या का किया जा रहा समाधानरायपुर। रायपुर नगर निगम में सभी जोनों के जल विभाग द्वारा नाली से गुजरे पाइपलाइनों एवं घरेलू नल कनेक्शनों का लगातार सर्वे कर शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है। विभिन्न वार्डों के टेल-एन्ड्स (Tail Ends) में जल आपूर्ति के दौरान लो-प्रेशर की समस्या के निराकरण के लिए पाइप को बीच से राइडिंग तथा काटकर वॉल्व स्थापित किए जा रहे हैं। रायपुर नगर निगम के जल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर के 70 वार्डो में 45 टंकियों से जल वितरण वाहिनी के माध्यम से जलप्रदाय सुनिश्चित की जाती है। जल वितरण पाइपलाइन अधिकतर स्थानों पर सुरक्षित जगहों से प्रत्येक गलियों में सावधानीपूर्वक बिछाई गई है। छोटी-छोटी गलियों एवं एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जल वितरण पाइप को बिछाते समय बीच-बीच में छोटी-बड़ी नालियों को क्रॉस करते हुए ले जाने की आवश्यकता पड़ने पर बहने वाली नालियों के नेचुरल-फ्लो को ध्यान में रखते हुए ऊपर उठाकर क्रॉस किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी जगहों पर जहां घरेलू कनेक्शन नालियों से गुजरे हैं, वहां विगत 2-3 वर्षों में वृहद अभियान चलाते हुए सभी कनेक्शनों को संबंधित जोनों के जल विभाग के माध्यम से ऊपर किया गया है। अभी भी कुछ स्थानों पर नालियों के नजदीक लगभग 5 किलोमीटर पाइपलाइन को हटाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जल विभाग के माध्यम से हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है।रायपुर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बड़े साइज के जल वितरण पाइप्स को केसिंग लगाकर सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सभी जोनों में जल बोर्ड की टीमों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग कर ऐसे स्थान जहां नाली से होकर गुजरने वाले पाइपलाइनों की शिफ्टिंग की जरूरत है, वहां टीमों को निर्देशित कर विस्तृत सर्वे कर कराकर पाइपलाइनों एवं नल कनेक्शनों की शिफ्टिंग की कार्यवाही की जा रही है। file photo
- रायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ नवा अंजोर विजन@ 2047 मॉनिटरिंग पोर्टल की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित रहे।मुख्य सचिव ने नवा अंजोर विजन@ 2047 के अंतर्गत निर्धारित इंडिकेटर्स की राज्य स्तरीय समीक्षा करते हुए सभी विभागीय सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों की नियतकालिक उपलब्धि तथा अद्यतन जानकारी मॉनिटरिंग पोर्टल में समय-समय पर दर्ज करना सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की प्रभावी निगरानी एवं मूल्यांकन संभव है, जिससे राज्य के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में गति आएगी।मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को अपने विभागीय डैशबोर्ड पर ऑनलाइन प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित इंडिकेटर्स के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में विजन 2047 के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही पर विशेष जोर दिया गया।
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- झारखंड में अंधविश्वास के खिलाफ अभियान- अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान के अंतर्गत डॉ. दिनेश मिश्र ने झारखंड प्रवास में जमशेदपुर सिगमेडा गोविंदपुर,बिस्टुपुर में जागरूकता अभियान संचालित किया , सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों से संवाद, चर्चा की, व्याख्यान दियारायपुर। प्रदेश के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ एवं अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ .दिनेश मिश्र ने जमशेदपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि झारखंड में भी डायन प्रताड़ना,जादू टोने के सन्देह में महिलाओं प्रताड़ना के अनेक मामले है । आर टी आई और अन्य माध्यमों से मुझे जानकारी मिली है कि झारखंड में 7हजार से अधिक मामले डायन के सन्देह में महिला प्रताड़ना के है जिनमें से 1800 से अधिक महिलाओं की हत्या हुई है । अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीति के कारण होने वाली यह घटनाएं सभ्य समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक है । निर्दोष महिलाओं को इस अंधविश्वास और प्रताड़ना से बचाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि- देश के 17 प्रदेशों में अंधविश्वास,जादू टोने की मान्यता के कारण महिलाओ के साथ प्रताड़ना की घटनाएं घटती है और उनके मानवाधिकार हनन के मामले सामने आते है ,जो चिंतनीय है । झारखंड, बिहार, ओडिसा, असम, राजस्थान, हरियाणा छत्तीसगढ़ में ऐसी घटनाओं के समाचार अक्सर सुनाई पड़ते है ।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि महिला प्रताड़ना और उनके मानवाधिकार हनन के कारणों में एक प्रमुख कारण अंधविश्वास और डायन के संदेह में प्रताड़ना भी है । समाचार माध्यमों और प्रत्यक्ष रूप से मिलती ऐसे मामलों की जानकारी कोई छिपी बात नहीं है पर यह महिलाओं के अधिकारों, को लेकर किये जाने वाले दावों और वास्तविकता स्थिति के संबंध भिन्नता बताती है । महिला प्रताड़ना के अनेक मामलों में तो उन्हें मानव या इंसान ही नही समझा जाता और उन्हें मानव अधिकार देने के दावे झूठे साबित हो जाते है । प्रताड़ना इतनी अधिक की अनेक महिलाओं की मृत्यु घटनास्थल पर हो जाती है ।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और ,वैज्ञानिक जागरूकता की कमी ,गैर जरूरी,परंपराओं को आंख मूंद कर पालन करने की आदत से न ही अंधविश्वास खत्म हो पाते हैं और न ही पीड़ितों को राहत मिल पाती है । देश के 17 प्रदेशों में डायन ,चुड़ैल ,जैसे अंधविश्वास के कारण होने वाली घटनाएं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में भी दर्ज होती रही हैं.पर न जाने क्यों वे शासन प्रशासन की योजनाओं की प्राथमिकता की सूची में नहीं आ पाती।.डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि झारखंड के 24 जिलों में सात हजार से अधिक मामले तथा 1800 से अधिक हत्या कर मामले पुलिस में हैं जिनमें से गढ़वा जिले के 795,पलामू जिले के299, हजारीबाग के 287,रांची जिले के112 मामले है. बाकी अन्य जिलों के भी सैकड़ों मामले हैं।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि गरीब परिवार ,विधवा, परित्यक्ता, बेसहारा, महिलाएं ऐसी प्रताड़ना की शिकार अधिक हुई हैं कि उनमें में 40 से 60 वर्ष की महिलाओं की संख्या अधिक है । डायन प्रताड़ना के मामलों प्रताड़ना के तौर तरीके बड़े ही क्रूर है,। हमने पाया है कि गला काटने, जिंदा जला कर मारने, चारों ओर से घेर कर पीटने से मौतें हुई हैं । अनेक मामलों में तो किसी बैगा के कहने पर उन्हें आग का घेरा पार करने, बीमार को ठीक करने, मृतक को पुनर्जीवित करने को कहा गया और असफल होने पर उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। जिसमें सिर के बाल काटने, मुंह काला करने, दांत तोड़ने, जीभ काटने, आंख फोड़ने जैसी अमानुषिक अत्याचार किया । कुछ मामलों में तो वे घटनास्थल पर रात भर पड़ी रही और उनकी मृत्यु हो गयी , तो कभी उन्हें अस्पताल भी ले जाने नही दिया गया । मेरा अनेक स्थानों पर जाना हुआ और उनसे मुलाकात होती है । उनके परिजनों से बात होती है। वे बताते है ऐसी घटनाओं के बाद उनका गाँव मे रहना भी दूभर हो जाता है । लचकेरा की एक महिला तो सालों घर से बाहर नहीं निकली.। उसे किसी भी इंसान से,किसी भी आवाज से डर लगता था,। बहुत दिनों बाद नॉर्मल हो पाई।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास दो प्रकार के हैं -एक तो वे जो सामाजिक परंपराओं से जुड़ते गए और दूसरे जो बीमारियों और उनके इलाज को लेकर हैं । जादू टोना, भूत प्रेत,सूर्य ग्रहण ,अमावस्या, नजर लगना, आँख फड़कना ,बिल्ली के रास्ता काटने, छीकने, दिशा शूल, ग्रहों के सम्बंध में शुभ अशुभ ,जैसी मान्यताएं हावी रहीं। वहीं दूसरे प्रकार के अंधविश्वास बीमारियों और उनके कारणों व उनके उपचार के सम्बंध में हैं.। बीमारियों के कारण संक्रमण, कुपोषण और दुर्घटनाएं है. जिनमे से संक्रमण बैक्टीरिया, फंगस, वायरस से होता है । कुपोषण से बचने के लिए सन्तुलित ,पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है,तथा दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सावधानी ,सतर्कता जरूरी है, पर अंधविश्वास एवं भ्रम के कारण आज भी अनेक लोग बीमारियों का कारण जादू टोना,नजर लगना, तन्त्र, मन्त्र मानते हैं । इसी लिए उसके उपचार के लिए बैगा, गुनिया, झाड़ फूँक के फेर में आ जाते हैं.और बैगा के बहकावे में आकर अंधविश्वास में पड़कर गलत कार्यों को अंजाम देते हैं. जिससे डायन प्रताड़ना, बलि,ठगी, जैसी घटनाएं होती हैं.।डॉ .मिश्र ने कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं की पूजा करने की बात कही गयी है । वही दूसरी ओर ऐसी घटनाएं निर्दोष महिलाओं के जीवन के लिए ही खतरा बन जाती हैं.। डायन के संदेह में प्रताड़ना के निर्मूलन , उनके सामान्य मानवाधिकारों के हनन की रोकथाम के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने जनजागरण सभाएं करने ,युवाओं और छात्रों को सम्मिलित करने,स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने व सक्षम कानून बना । महिलाओ और सभी प्रताडितों के अधिकारों की रक्षा की जा सकती है । झारखंड में डायन प्रताड़ना निरोधक कानून भी है, जिसके पूरे ग्रामीण अंचल में प्रचार प्रसार करना ,ग्राम पंचायतों में पोस्टर लगवाना आवश्यक है। डायन के सन्देह में प्रताड़ित महिलाओं के उपचार, मुआवजे ,निवास पुनर्वास, रोजगार, की व्यवस्था करने की आवश्यकता है । साथ ही ऐसे मामलों के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बना कर महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने की जरूरत है । प्रदेश सरकार को डायन के संदेह में प्रताड़ित महिलाओ के अधिकारों और उनके जीवन की रक्षा के लिए ठोस पहल करने की आवश्यकता है ताकि झारखंड में डायन के सन्देह में प्रताड़ना बंद हो ,हत्याए रुकें और प्रताडितों को राहत और न्याय मिल सके ।डॉ दिनेश मिश्र ने बताया कि उनके पिछले सप्ताह झारखंड प्रवास में आरंभ युवा मंच के विकास कुमार, अंकुर, प्रदीप से सिदगोड़ा लाइब्रेरी में, डायन प्रताड़ना से संबंधित मामलों पर चर्चा हुई । अर्जक संघ के आर बी साहू के साथ छोटा गोविंदपुर , में बिष्टुपुर में ही सामाजिक कार्यकर्ता अर्पिता श्रीवास्तव तथा अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ, स्कूली बच्चों के साथ व्याख्यान सत्र आयोजित हुआ जिसमें अंधविश्वास निर्मूलन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर चर्चा हुई. । - -विज्ञानदूत, मोबाइल एसटीईएम बाइक” पहल का दंतेवाड़ा में शुभारंभदंतेवाड़ा ।जिला प्रशासन दंतेवाड़ा एवं शिक्षार्थ ट्रस्ट की संयुक्त पहल “विज्ञानदूत ,मोबाइल एसटीईएम बाइक” का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अभिनव कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के कुआकोंडा विकासखंड के दूरस्थ एवं वंचित विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों तक एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित) शिक्षा को सुलभ, रोचक एवं प्रभावी ढंग से पहुँचाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद ठाकुर, डीएमसी श्री हरीश गौतम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इस पहल को जिले में गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया। परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षित स्थानीय युवा एसटीईएम शिक्षण किट से सुसज्जित मोटरसाइकिलों के माध्यम से चयनित 13 विद्यालयों में पहुँच कर विद्यार्थियों के साथ प्रायोगिक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण सत्र संचालित करेंगे। इन सत्रों के जरिए बच्चों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमता तथा नवाचार की भावना को विकसित किया जाएगा।“विज्ञानदूत” पहल न केवल विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और समझ को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित करेगी। समुदाय-आधारित इस सतत शिक्षा मॉडल के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक शिक्षण संसाधन पहुँचाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल प्रशासन, समुदाय एवं सामाजिक संस्था के समन्वित प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो जिले में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध होगी।
- महासमुंद। महासमुंद (ग्रामीण) एकीकृत बाल विकास परियोजना अंतर्गत ग्राम पंचायत जोगीडीपा के ग्राम जोगीडीपा में आंगनबाड़ी सहायिका का 01 पद रिक्त होने पर ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से 16 फरवरी 2026 को ऑनलाइन विज्ञापन जारी किया गया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी ने बताया कि इस पद के लिए इच्छुक एवं पात्र महिला अभ्यर्थी 17 फरवरी से 03 मार्च 2026 तक ई-भर्ती पोर्टलhttps://aww.e-bharti.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी योग्य आवेदिकाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़-शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड-कोटा अंतर्गत केंदा व्यपवर्तन योजना की नहरों सुदृढ़ीकरण एवं लाईनिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 22 लाख 73 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर योजना का रूपांकित सिचंाई क्षेत्र 1093 हेक्टेयर में 663 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।विकासखण्ड-कोटा के अंतर्गत सल्का नवागांव उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर के जीर्णोद्धार एवं माईनर नहरों में सीमंेट कांक्रीट लाईनिंग कार्य हेतु 3 करोड़ 92 लाख 48 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इस योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षेत्र 1214 हेक्टेयर में 836 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। सिंचाई सुविधा के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- - भटगांव में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को मिली गतिरायपुर। प्रदेश में संतुलित एवं समावेशी विकास को गति देने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के कार्य निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लगभग 18.38 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन किया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्राम शिवनंदनपुर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में अधोसंरचना मद अंतर्गत 3.41 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें नकना तालाब घाट निर्माण, फुटपाथ निर्माण, अटल परिसर निर्माण, आर.सी.सी. नाली निर्माण तथा बी.टी. रोड निर्माण कार्य शामिल हैं।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एक अन्य भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुईं, जिसमें लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 14.97 करोड़ रुपए (लगभग 15 करोड़ रुपए) की लागत से दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य शामिल हैं। इनमें भटगांव से अनरोखा मार्ग (6.00 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 878.50 लाख रुपए तथा पकनी से चेन्द्रा मार्ग (5.60 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 618.63 लाख रुपए की स्वीकृति सम्मिलित है।इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा व्यापारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्राम स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण होगा और स्थानीय नागरिकों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम अधोसंरचना उपलब्ध हो सकेगी।इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शासन का उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में वन विकास निगम अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से कोंडागांव जिले के नगर पंचायत फरसगांव के वार्ड क्रमांक 8 के निवासी श्री धनसिंह हिडको के पक्के मकान सपना पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि वर्षों तक अपने परिवार के साथ एक कच्चे मकान में निवास करता था। हर मौसम अपने साथ नई परेशानी लेकर आता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था, कच्ची दीवारों से नमी रिसती थी और हर साल छत की मरम्मत में मेहनत और पैसा दोनों लगते थे। ऐसे हालात में परिवार की सुरक्षा और बच्चों का भविष्य चिंता का विषय बना रहता था।उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी की हमेशा यह इच्छा थी कि हमारा भी एक पक्का घर हो, जहाँ हम सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। लेकिन एक सामान्य किसान के लिए पक्का मकान बनवाना केवल एक सपना ही था। तभी वार्ड में मुनादी और शिविर के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, जिसके तहत शासन द्वारा पात्र हितग्राहियों को पक्के मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।धनसिंह ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया और सभी प्रक्रियाएँ पूरी कीं। जब स्वीकृति मिली तो उनकी पत्नी की आँखें खुशी से नम हो गईं। धीरे-धीरे निर्माण कार्य शुरू हुआ और कुछ ही समय में उनके सपनों का पक्का घर तैयार हो गया। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है, जहाँ बारिश और मौसम की मार का भय नहीं है। धनसिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना कई गरीब परिवारों के पक्का मकान के सपना को पूरा कर रही है।
- रायपुर। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में संचालित योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। राज्य शासन की वित्तीय सहायता एवं स्व-सहायता समूह आधारित आजीविका मॉडल से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसी क्रम में बलरामपुर जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत अमरावतीपुर की श्रीमती मनबासों ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित करते हुए ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है।श्रीमती मनबासों का परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर स्थिति में था। सीमित संसाधनों में परिवार का भरण-पोषण करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में उन्नति महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय उनके जीवन में परिवर्तनकारी साबित हुआ। समूह के माध्यम से उन्हें सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 60 हजार रुपये तथा बैंक से 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।प्राप्त वित्तीय सहयोग से मनबासों ने अपने गांव में किराना एवं पूजा सामग्री की दुकान प्रारंभ की। निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं व्यवसायिक प्रबंधन के माध्यम से उन्होंने अपने उद्यम को सुदृढ़ किया। वर्तमान में वे प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। जहां पहले परिवार की आय हजारों रुपये तक सीमित थी, वहीं अब स्थायी आय के स्रोत से परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।श्रीमती मनबासों ने प्राप्त आय से अपने बच्चों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित की है तथा परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं। वे अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर एवं वित्तीय संस्थानों से समुचित सहयोग प्राप्त कर महिलाएं कृषि एवं दिहाड़ी मजदूरी से आगे बढ़कर स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।राज्य शासन द्वारा संचालित महिला स्व-सहायता समूह मॉडल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रहा है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- -खेल और चुनाव के मूल्य साझा हैं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमाररायपुर,। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज दिल्ली के कॉमनवेल्थ गेम्स स्पोर्ट्स (CWG) कॉम्प्लेक्स में अपने वार्षिक खेल सप्ताह 2026 के उत्सव की शुरुआत की। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और आज सुबह कार्यवाही को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।अपने संबोधन में, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने कहा कि पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्पक्षता जैसे मूल्य जो खेलों को परिभाषित करते हैं, वही उन चुनावी प्रक्रियाओं को भी परिभाषित करते हैं जिन्हें ECI कायम रखता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सप्ताह भर चलने वाले इस उत्सव के दौरान खेल आयोजनों में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।संबोधन के बाद, श्री ज्ञानेश कुमार ने "रन फॉर डेमोक्रेसी" (लोकतंत्र के लिए दौड़) थीम के तहत 100 मीटर की महिला दौड़ को हरी झंडी दिखाई। इस वर्ष के वार्षिक खेल सप्ताह के उत्सव का विषय (थीम) "मैदान पर सद्भाव, लोकतंत्र में शक्ति" (Harmony on the field, Strength in Democracy) है। ECI के रिक्रिएशन क्लब द्वारा आयोजित इस वार्षिक खेल सप्ताह में 383 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिनमें 72 महिलाएं शामिल हैं। ये स्पर्धाएँ 7 खेलों की 43 श्रेणियों में आयोजित की जाएंगी, जिनमें शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स ट्रैक इवेंट (पुरुषों और महिलाओं के लिए विभिन्न आयु वर्गों में 100, 200, 400 और 800 मीटर दौड़) शामिल हैं।
- रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी के जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों और अन्य ग्रामीणों ने सरपंच श्री शिवमूर्ति कोसले और विहान स्व-सहायता समूहों की प्रमुख सुश्री गीता बंजारे के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया।लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी, सचिवालय की विभिन्न शाखाओं और हरे-भरे उद्यान का भ्रमण कराया गया और इन स्थानों के संबंध में उन्हें विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। ग्रामीणों ने परिसर में स्थापित तोप का भी अवलोकन किया यह वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान उपयोग में लाया गया था। भ्रमण एवं अवलोकन के बाद ग्रामीणों ने बताया कि लोकभवन में आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इस ग्राम को राज्यपाल श्री डेका ने गोद लिया है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा बिना अनुज्ञप्ति लाईसेंस के व्यवसाय करने एवं सड़को पर अवैध रूप से सामान रखकर सड़क बाधा करने वालो पर चालानी कार्यवाही का अभियान चलाया जा रहा है।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली के नेतृत्य में जोन-1 नेहरू नगर स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी एवं उनकी टीम द्वारा वार्ड क्रं. 17 आकाश गंगा के हिमालय काम्पलेक्स के पास प्रतिष्ठान में अनुज्ञप्ति लाईसेंस नहीं पाये जाने एवं अवैध रूप से सड़क पर सामान रखकर आवागमन बाधित करने वालो पर चालानी कार्यवाही करते हुए समझाइस दी गई है। फूल किड्स के पास अनुज्ञप्ति लाईसेंस नहीं पाये जाने पर 500 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। वहीं सड़क बाधा करने वाले नैनतारा ज्वेलर्स 2000 रूपये, एस.एस.पेपर्स 2000 रूपये एवं अरोरा टायर्स हाउस से 500 रूपये इस प्रकार कुल 5000 रूपये की चालानी कार्यवाही की गई है। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा बिना अनुज्ञप्ति लाईसेंस के व्यवसाय करने एवं सड़को पर अवैध रूप से सामान रखकर सड़क बाधा करने वालो पर चालानी कार्यवाही का अभियान चलाया जा रहा है।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली के नेतृत्य में जोन-1 नेहरू नगर स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी एवं उनकी टीम द्वारा वार्ड क्रं. 17 आकाश गंगा के हिमालय काम्पलेक्स के पास प्रतिष्ठान में अनुज्ञप्ति लाईसेंस नहीं पाये जाने एवं अवैध रूप से सड़क पर सामान रखकर आवागमन बाधित करने वालो पर चालानी कार्यवाही करते हुए समझाइस दी गई है। फूल किड्स के पास अनुज्ञप्ति लाईसेंस नहीं पाये जाने पर 500 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। वहीं सड़क बाधा करने वाले नैनतारा ज्वेलर्स 2000 रूपये, एस.एस.पेपर्स 2000 रूपये एवं अरोरा टायर्स हाउस से 500 रूपये इस प्रकार कुल 5000 रूपये की चालानी कार्यवाही की गई है -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत नवनिर्मित केम्प-2 उच्च स्तरीय जलागार के राइजिंग पाईप लाईन से इंटर कनेक्शन का कार्य दिनांक 17 फरवरी 2026 को सुबह 9 बजे से प्रारंभ किया जायेगा, जिसमें 24 घंटे का समय लगने की संभावना है। जिसके कारण दिनांक 18 फरवरी 2026 को सुबह चंद्रा मौर्या, मदर टेरेसा नगर, वैशाली नगर, कोहका मंगल बाजार, हाउसिंग बोर्ड में जलप्रदाय आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी। दिनांक 18 फरवरी 2026 को सायं तक सभी जगह पानी सप्लाई किया जायेगा। नगर निगम प्रशासन प्रभावित क्षेत्र के निवासियों से अपील करता है कि कृपया अपनी आवश्यकतानुसार जल का संचय पहले से कर लें ताकि असुविधा से बचा जा सके। संधारण कार्य का उद्देश्य भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। असुविधा के लिए हमें खेद है।
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बिलासपुर/ न्यू कंपोजिट बिल्डिंग में आज दोपहर कचरे के एक ढेर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल नियंत्रण के प्रयास शुरू किए। सूचना मिलते ही अग्निशमन और होम गार्ड का संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और आग पर शीघ्र काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियातन परिसर की साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 5 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वच्छता से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही और नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के निर्देश पर रायपुर नगर निगम जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत कुशालपुर चौक के समीप अमृततुल्य दुकान और फल ठेलों की स्वच्छता का औचक निरीक्षण नगर निगम जोन 5 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा स्वच्छता निरीक्षक श्री दिलीप साहू श्री प्रेम मानिकपुरी की उपस्थिति में किया। इस दौरान नगर निगम जोन 5 में प्राप्त जनशिकायत स्थल निरीक्षण के दौरान पूरी तरह सही पायी गयी एवं गंदगी मिलने पर अमृततुल्य दुकान के संचालक पर 500 रू. और 6 फल ठेला संचालकों अण्डा ठेला संचालकों पर 1200 रू. उन्हें भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए कुल 1700 रू. जुर्माना किया गया एवं प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया गया।
- -तीन दिनों तक बिलासपुर बना शिवाजी के स्वराज का साक्षी, उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाबबिलासपुर /हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय जीवन, शौर्य, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रजावत्सल शासन पर आधारित विश्व-प्रसिद्ध ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का तीन दिवसीय भव्य मंचन बिलासपुर में सांस्कृतिक इतिहास रचते हुए संपन्न हुआ। अंतिम दिन पर उमड़े हजारों दर्शकों ने यह प्रमाणित कर दिया कि शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व और उनका स्वराज दर्शन आज भी जनमानस में उतना ही प्रेरक और प्रासंगिक है।पुलिस ग्राउंड में आयोजित इस विराट मंचन की शुरुआत महागणपति एवं माँ भवानी की आरती से हुई, जिसके पश्चात संपूर्ण वातावरण राष्ट्रभावना और श्रद्धा से ओतप्रोत हो उठा। लोकगीतों, ओजपूर्ण भजनों, प्रभावशाली संवादों, जीवंत अभिनय, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और भव्य मंच सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत इस महानाट्य ने लगातार लगभग तीन घंटे तक दर्शकों को भावविभोर बनाए रखा। प्रत्येक दृश्य पर दर्शकों की तालियां गूंजती रहीं और अनेक प्रसंगों ने भावनात्मक वातावरण निर्मित किया।यह आयोजन केवल एक नाट्य प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सशक्त सांस्कृतिक जनआंदोलन बनकर उभरा। तीनों दिनों में बड़ी संख्या में नागरिक, परिवार, युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन उपस्थित रहे। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब समाज अपने इतिहास और आदर्शों से जुड़ता है, तब उसकी सांस्कृतिक चेतना और भी सुदृढ़ होती है।मुख्य अतिथि धर्मजीत सिंह विधायक तखतपुर ने कहा कि “छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित इस महानाट्य का भव्य मंचन यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग का गठन पूर्णतः सार्थक दिशा में कार्य कर रहा है। युवा आयोग केवल आयोजन नहीं कर रहा, बल्कि शिवाजी महाराज के चरित्र, उनके सामाजिक उद्देश्य और राष्ट्रनिर्माण के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य कर रहा है। ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं और समाज में एकता की भावना को मजबूत करते हैं।”विशिष्ट अतिथि सुशांत शुक्ला, विधायक बेलतरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन आज भी भारत को पुनः विश्व नेतृत्व की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा इस प्रकार का भव्य आयोजन करना सराहनीय पहल है, जिसने हमें इतिहास को जीवंत रूप में देखने का अवसर दिया।”छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा कि “शिवाजी महाराज का जीवन हमें यह सिखाता है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सत्ता नहीं, सेवा है। हिंदवी स्वराज केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि न्याय, सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान का सजीव दर्शन है। ‘जाणता राजा’ ने युवाओं को नेतृत्व का सही अर्थ समझाया है और समाज को यह संदेश दिया है कि संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है। यह आयोजन तीन दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कार और संकल्प है।”महानाट्य के माध्यम से शिवाजी महाराज के न्यायप्रिय शासन, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता, धार्मिक सहिष्णुता और स्वराज की अवधारणा को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने इसे केवल ऐतिहासिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि वर्तमान समय के लिए मार्गदर्शक संदेश बताया।समापन अवसर पर ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा और राष्ट्रगौरव का वातावरण निर्मित हुआ। मराठा समाज, सर्व हिंदू समाज बिलासपुर तथा शिवाजी कंस्ट्रक्शन एंड टीम बिलासपुर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार प्रकट किया। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।महानाट्य ‘जाणता राजा’ का मंचन भले ही संपन्न हो गया हो, किंतु हिंदवी स्वराज, सेवा, न्याय और स्वाभिमान का संदेश जन-जन के हृदय में स्थायी रूप से अंकित हो गया। बिलासपुर ने यह अनुभव किया कि शिवाजी केवल इतिहास का गौरव नहीं— वे आज भी भारत की चेतना, प्रेरणा और आत्मबल के प्रतीक हैं।
- रायपुर /महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने संयम, रणनीति और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए यादगार जीत दर्ज की। यह क्षण करोड़ों देशवासियों के लिए गर्व, उत्साह और उल्लास का अवसर है।मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए हार्दिक बधाई देते हुए आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
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- महानदी महाआरती में हुए शामिल, छत्तीसगढ़ की समृद्धि की प्रार्थना की
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धर्म नगरी राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के भव्य समापन अवसर पर सर्वप्रथम प्राचीन एवं ऐतिहासिक राजीव लोचन मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भगवान श्री राजीव लोचन के श्रीचरणों में नमन करते हुए उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि यह पावन तीर्थ हमारी सनातन आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है।इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक एकता और लोक परंपराओं का विराट उत्सव है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करता है।मंदिर दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय महानदी तट पर आयोजित भव्य महाआरती में शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और दीपों की पावन ज्योति से आलोकित वातावरण ने पूरे संगम क्षेत्र को दिव्य आभा से भर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धापूर्वक महानदी मैया की आरती उतारकर प्रदेश की उन्नति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है और यह सामाजिक सद्भाव, विश्वास तथा समरसता को सुदृढ़ करता है।इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयालदास बघेल, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।












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