सरकार के हिस्सेदारी बेचने के ऐलान से LIC के शेयरों में बड़ी गिरावट
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा के बाद मंगलवार को कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान LIC का शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूट गया। बीएसई पर LIC का शेयर शुरुआती कारोबार में 7.92 प्रतिशत गिरकर 390.70 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। सुबह करीब 10:40 बजे शेयर 397.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्शाता है।
सरकार ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए LIC की 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की है। इसके साथ ही ग्रीनशू विकल्प के तहत अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का भी प्रावधान रखा गया है। यदि यह विकल्प पूरी तरह लागू होता है तो सरकार कुल 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 31,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है।निवेशकों की चिंता का एक बड़ा कारण OFS का 382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस भी रहा, जो सोमवार के बंद भाव से लगभग 11 प्रतिशत कम है। रियायती मूल्य और बाजार में बड़ी मात्रा में शेयर आने की संभावना के चलते LIC के शेयरों पर दबाव बना रहा।OFS मंगलवार को गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए खुला, जबकि खुदरा (Retail) निवेशकों के लिए यह बुधवार से खुलेगा।सरकार की इस हिस्सेदारी बिक्री का उद्देश्य LIC में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाना और सेबी (SEBI) के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding) नियमों का पालन करना है।फिलहाल LIC में केंद्र सरकार की 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि आम निवेशकों के पास केवल 3.5 प्रतिशत शेयर हैं। यदि 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी पूरी तरह बिक जाती है तो सरकार की हिस्सेदारी घटकर 90 प्रतिशत रह जाएगी। सेबी ने LIC को मई 2027 तक न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का पालन करने के लिए सरकार की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत तक लाने की समय-सीमा दी है।









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