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*- धान उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुंडरा, जामगांव (एम) और घुघुवा में गत वर्ष की तुलना हुई अधिक खरीदी, वहीं पंदर में कम हुई है*
*- कलेक्टर ने ग्राम गब्दी के किसान से मोबाईल में चर्चा कर धान बेचने की जानकारी ली**- रकबा समर्पण नहीं कराने पर कुर्मीगुण्डरा के समिति प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस**- निर्धारित मात्रा से बोरे में धान की अधिक तौल होने पर जामगांव (एम) के समिति प्रबंधक को भी कारण बताओ नोटिस*दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम कुर्मीगुण्डरा, जामगांव (एम), घुघवा और पंदर में धान उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने पंदर में एसआईआर कार्य का भी अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आये किसानों से रू-ब-रू चर्चा कर व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।धान उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुंडरा, जामगांव (एम) और घुघुवा में गत वर्ष की तुलना इस वर्ष अधिक खरीदी, वहीं पंदर में कम खरीदी हुई है। आज की तिथि में धान उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुण्डरा में 8295 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 2378 क्विंटल, धान पतला 2003 क्विंटल एवं धान सरना 3914 क्विंटल शामिल है। जबकि गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र में 7006 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। जामगांव (एम) उपार्जन केन्द्र में 5940 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 2737 क्विंटल, धान पतला 943 क्विंटल एवं धान सरना 2261 क्विंटल शामिल है। गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र में 5346 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसी प्रकार घुघवा उपार्जन केन्द्र में 4750 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 1960 क्विंटल, धान पतला 435 क्विंटल एवं धान सरना 2356 क्विंटल शामिल है। गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र 4460 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। पंदर उपार्जन केन्द्र में आज की तिथि में 5492 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 1322 क्विंटल, धान पतला 1912 क्विंटल एवं धान सरना 2258 क्विंटल शामिल है। जबकि गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र में 6299 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी।कलेक्टर श्री सिंह ने कुर्मीगुण्डरा उपार्जन केन्द्र में धान बिक्री कर चुके ग्राम गब्दी के किसान श्री चितरंजन लाल से मोबाईल पर चर्चा कर धान की उपज एवं रकबा समर्पण आदि के संबंध में जानकारी ली। किसान चितरंजन ने कलेक्टर को अवगत कराया कि उन्होंने उत्पादित धान फसल 55.20 क्विंटल धान की बिक्री कर चुके हैं। अब उनके पास बिक्री हेतु धान शेष उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने रकबा समर्पण नहीं होने की जानकारी दी। कलेक्टर श्री सिंह ने समिति द्वारा किसान से रकबा समर्पण नहीं कराने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने धान बेच चुके सभी कृषकों से बिक्री पश्चात् शीघ्रतापूर्वक रकबा समर्पण कराने अधिकारियों को निर्देशित किया।इसी प्रकार जामगांव (एम) उपार्जन केन्द्र में धान बोरे में अधिक तौल कराने की शिकायत पर कलेक्टर ने मौके पर धान बोरे की रेण्डम तौल करायी। जिसमें बोरा में 300 ग्राम धान की अधिक मात्रा पायी गई। बोरे में निर्धारित मात्रा से अधिक धान तौल कराने पर कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस देने निर्देशित किया। कलेक्टर श्री सिंह ने उक्त गांवों में एसआईआर के अंतर्गत डिजिटाइजेशन कार्यों का भी अवलोकन किया और प्रगति लाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव, तहसीलदार श्री पवन ठाकुर, खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग भदौरिया, सीसीबी के प्रभारी नोडल अधिकारी श्री हृदेश शर्मा, धान उपार्जन केन्द्रों के समिति प्रबंधक व अन्य कर्मचारी और धान बेचने पहुंचे क्षेत्र के कृषक उपस्थित थे। - -किसान भूपेन्द्र, पवन और सतीश ने कहा कि टोकन तुहर एप से सब किसानों के लिए समान अवसररायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार के मंशानुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। जिले के 182 धान उपार्जन केन्द्रों में आज दिनांक तक 80 हजार 600 टन धान की खरीदी की जा चुकी है। बता दें कि जिले में धान खरीदी का अभी 40 दिन शेष है।जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी शुरू हो गई है। महासमुंद जिले के ग्राम बेलसोंडा धान उपार्जन केंद्र में विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी सुचारू और पारदर्शी तरीके से जारी है। अब तक इस केंद्र में 9,330.80 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है, जिसमें 2,346.80 क्विंटल मोटा धान तथा 6,984 क्विंटल सरना (पतला) धान शामिल है। किसानों की बढ़ती भागीदारी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ खरीदी केंद्र की सफलता को दर्शाती हैं। बेलसोंडा के केंद्र प्रभारी ने बताया कि अधिकांश किसान पहले से ही ऑनलाइन टोकन कटवाकर निर्धारित समय पर धान लेकर केंद्र पहुंच रहे हैं। इससे खरीदी प्रक्रिया तेज़, सरल और भीड़मुक्त बनी हुई है।यहां धान बेचने आए नांदगांव के किसान भूपेंद्र कुमार पटेल ने अपने 7 एकड़ खेत से उपजाया 80 क्विंटल धान बेचकर खरीदी प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली से उन्हें केंद्र पर इंतजार नहीं करना पड़ा और पूरी प्रक्रिया सहज रही। इसी तरह नांदगांव की सतीश सोनी ने अपने 5 एकड़ खेत से उपजाए गए धान में से 28 क्विंटल धान बेलसोंडा केंद्र में बेचा। वे भी निर्धारित समय पर पहुंचीं और बिना किसी परेशानी के खरीदी प्रक्रिया संपन्न की।घोड़ारी गांव के लघु कृषक पवन कुमार चक्रधारी ने 2 एकड कृषि भूमि पर अपनी मेहनत से उपजाएं 44.40 क्विंटल धान केंद्र में आसानी से विक्रय किया। छोटे किसान होने के बावजूद उन्होंने समय पर टोकन कटवा कर खरीदी का लाभ उठाया और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की। केंद्र प्रभारी ने बताया कि केंद्र में खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता और कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के साथ किया जा रहा है।टोकन की सुविधा नजदीकी सीएससी, मोबाइल ऐप व सहकारी समिति कार्यालय में उपलब्ध है। यहां बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। तौल, नमी की जांच और भुगतान प्रणाली पूरी तरह डिजिटाइज्ड है। किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे बैंक खाते में जमा किया जा रहा है। बेलसोंडा केंद्र में सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते किसानों का विश्वास और सहभागिता लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और अधिक मात्रा में किसानों के धान की खरीदी होने की उम्मीद है।
- -किसान अनिल प्रजापति ने सरकार की योजना की सराहना कीरायपुर। शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन कार्य सुचारू रूप से जारी है। सूरजपुर जिले की खोपा धान खरीदी समिति में धरतीपारा निवासी 29 वर्षीय किसान अनिल प्रजापति पिता श्री ललन राम प्रजापति 30 क्विंटल धान का विक्रय के लिए आए । उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। निश्चित रूप से यह किसान हित में किया जा रहा है।किसान अनिल ने कहा कि प्राप्त होने वाली धनराशि का उपयोग वे व्यापार में निवेश, घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा बच्चे की शिक्षा में करेंगे। उन्होंने कहा धान का यह मूल्य किसानों को धान की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने खुशी जाहिर की है कि शासन किसान हित में कार्य कर रही है। इसके अलावा किसान अनिल प्रजापति ने ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए कहा कि इस ऐप ने खरीदी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है। ऑनलाइन टोकन बुकिंग, लंबी कतारों से मुक्ति, समय की बचत जैसी सुविधाओं ने किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि अब खरीदी केंद्र में अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती है।किसान अनिल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य शासन को किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि-“सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाएं और सुविधाएं हमारे जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं। हमें अच्छा मूल्य, पारदर्शी व्यवस्था और समय पर भुगतान मिलता है, जिसके लिए हम राज्य शासन के आभारी हैं।” साथ ही उन्होंने खरीदी केंद्रों में उपलब्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था, शेड, एवं पारदर्शी तौल प्रक्रिया जैसी सुविधाओं की प्रशंसा की।उल्लेखनीय है कि टोकन वितरण को लेकर किसानों की आशंकाओं को दूर करते हुए भूमि आधारित टोकन प्रणाली लागू की गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया-02 एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को 01 टोकन, 02 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को 02 टोकन और तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को 03 टोकन प्रदान किए जाएंगे। किसान ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 08 बजे से शाम 05 बजे तक ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
- -आधा दर्जन से अधिक किसानों के दस एकड़ खेतों में सिंचाई की मिली सुविधारायपुर ।जिला कोरिया के विकासखण्ड मुख्यालय बैकुण्ठपुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम भखार में खरपोली एक पुराना तालाब था। यह तालाब सिर्फ एक जल निकाय नहीं, बल्कि पूरे गांव की जीवन रेखा था। लेकिन समय के साथ, इस तालाब की हालत जर्जर हो गई थी। महात्मा गांधी नरेगा की मदद से ग्रामीणों ने अपने तालाब को एक नया जीवन देते हुए बहुपयोगी जल संसाधन बना लिया है।बरसों से गाद और मिट्टी भर जाने के कारण, तालाब ने अपनी गहराई खो दी थी। गांव वालों के लिए यह एक बड़ी समस्या बन गई थी क्योंकि हर साल गर्मी आते ही तालाब पूरी तरह से सूख जाता, जिससे न तो मवेशियों के लिए पानी बचता और न ही खेतों की सिंचाई के लिए। गांव के लोग लंबे समय से इसकी दशा सुधारने की मांग कर रहे थे।ग्राम पंचायत की मांग के अनुसार इसे ग्राम सभा के लेबर बजट में शामिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में, जिला पंचायत, कोरिया की पहल पर, इस तालाब के गहरीकरण कार्य की स्वीकृति जारी की गई। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटीयोजना के तहत, ग्राम पंचायत चारपारा को कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया और खरपोली तालाब गहरीकरण कार्य के लिए 7 लाख 55 हजार की राशि स्वीकृत की गई।खरपोली तालाब में गहरीकरण का कार्य शुरू करना आसान नहीं था। तालाब में बहुत अधिक मात्रा में कमलदण्ड के पौधे उगे हुए थे, जिससे गाद निकालने और खुदाई के दौरान श्रमिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच, मेट और रोजगार सहायक ने हार नहीं मानी। उन्होंने गांव में मुनादी कराई, मजदूरों से समन्वय स्थापित किया और हर सप्ताह 100 से अधिक श्रमिकों को काम में लगाया। सामुदायिक प्रयास से यह मुश्किल कार्य धीरे-धीरे पूरा होने लगामनरेगा के तहत स्वीकृत खरपोली तालाब के गहरीकरण के सकारात्मक परिणाम सामने आए। कार्य पूर्ण होने के बाद, खरपोली तालाब में पर्याप्त पानी का भराव संभव हो सका। इस कार्य से सीधे तौर पर 8 परिवार लाभान्वित हुए, जिनमें परिवार प्रमुख श्री कतवारी, संतोष,द्वारिका, विश्वनाथ,कीर्तिदेव और रामप्रसाद,भैयालाल जैसे किसान शामिल थे, जिनके पास कुल 2.70 हेक्टेयर रकबा था।इस कार्य के पूर्णता के बाद सबसे बड़ा बदलाव सिंचाई के क्षेत्र में आया। आस पास के आधा दर्जन से ज्यादा किसानों को अपने खेतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने लगा, जिससे धान की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस अतिरिक्त आय से किसानों के जीवन स्तर में सुधार होने लगा है। इतना ही नहीं, तालाब से निकाली गई मिट्टी का उपयोग सड़क के किनारे तटबंध बनाने और सड़क को मजबूत करने में भी किया गया। खरपोली तालाब का यह पुनरुद्धार कार्य सामूहिक प्रयास और मनरेगा की मदद से ग्रामीण जीवन में समृद्धि लाने का एक सफल उदाहरण बन गया।
- -ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बलरामपुररायपुर । भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अब तक 314 नागरिकों द्वारा आवेदन किए जा चुके हैं, जिससे आमजनों में योजना को लेकर उत्साह देखा जा सकता है।इसी कड़ी में नगर पालिका बलरामपुर पुलिस लाईन रोड निवासी श्री सुदेश्वर तिवारी ने प्रेरणादायक पहल करते हुए अपने घर की छत पर 03 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। श्री तिवारी ने बताया कि सूर्य की अनंत ऊर्जा को अपनाकर हर घर अपनी विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर सकता है। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि भविष्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस योजना को तेजी से आम नागरिकों तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। योजना के तहत सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने पर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। योजनान्तर्गत शासन द्वारा 01 किलोवाट पर 45 हजार रुपए, 02 किलोवाट पर 90 हजार रुपए तथा 03 किलोवॉट पर 01 लाख 08 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्री सुदेश्वर तिवारी की पहल उदाहरण है कि जब सरकारी योजनाएँ नागरिकों की दूरदर्शिता और सक्रिय सहभागिता से जुड़ती हैं, तब ऊर्जा-आत्मनिर्भर भारत का सपना वास्तविकता में बदलने लगता है।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए वेब पोर्टलpmsuryaghar.gov.in या PMSuryaGhar Mobile App पर पंजीयन कर लॉगिन आईडी प्राप्त किया जाता है तत्पश्चात स्वयं वंडर का चुनाव कर वेब पोर्टल पर आवेदन पूर्ण किया जाता है। निर्धारित अनुबंध के बाद वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाती है।
- -राज्य में महासमुन्द जिला प्रदेश में अव्वल एक लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा-गरीब परिवारों का सपना हो रहा है साकाररायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) महाअभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने गति और मजबूती दोनों दी है। परिणामस्वरूप पात्र हितग्राहियों को पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले ने अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2016 से 2024-25 की अवधि में कुल 1 लाख 36 आवासों का निर्माण कर इतिहास रच दिया है, जो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी जिले द्वारा प्राप्त सर्वाधिक उपलब्धि है। जिंदगी भर कच्चे मकानों में रहने वाले एक लाख परिवार अब अपने नए, सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के घर में सपनों की नई शुरुआत कर रहे हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ देश के उन सभी नागरिकों तक पक्की छत पहुँचाने का संकल्प लिए आगे बढ़ रही है, जिनके सिर पर अब तक अपना घर नहीं था। जिला प्रशासन महासमुद की सतत् मॉनिटरिंग, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प के चलते लगभग एक लाख ग्रामीण परिवारों को नया, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है। यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में आवास संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। कलेक्टर के कुशल नेतृत्व जिला पंचायत सीईओ मार्गदर्शन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीम भावना ने इस लक्ष्य को वास्तविक रूप दिया। लगातार फील्ड विज़िट, गुणवत्ता जांच और पारदर्शिता इस सफलता के प्रमुख बिंदु रहे। जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना में कुल 1 लाख 29 हजार आवासों का लक्ष्य मिला है, जिनमें से शेष आवासों का निर्माण भी तेज गति से जारी है। प्रशासन ने कहा है कि आगामी महीनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्दी ही प्राप्त कर लिया जाएगा।प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही ग्राम बरेकेल कला के श्रीमती अंगुरी बाई ने भावुक होकर बताया कि उनके सपनों का घर बनने से वे बहुत खुश है। वे कहती है कि यह घर मेरे बुढ़ापे का सहारा बन गया है। पहले खपरैल के घर में बारिश के दिनों में पानी टपकने से, तो ग्रीष्म में धूल और गर्मी की समस्या से उन्हें बहुत अधिक परेशानी होती थी। वे इस दौर में हमेशा गांव में जब भी दूसरे के पक्के मकान देखती थी, मन में बस एक ही ख्वाहिश उठती थी कि उनका भी अपना छत का घर होता। आज प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके उन अधूरे सपनों को पूरा कर उनके समस्याओं को दूर किया है। इसके लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन का दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है।आवास के हितग्राही श्रीमती शिवबती ध्रुव ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनके सपनों का घर बनकर तैयार हो गया है। वे कहती है कि अपने घर और पति के सपनों को प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने बताया कि शादी के समय वे कच्चे खपरैल के घर में आई थी तबसे आज लगभग 25 वर्षों बाद उनका सपना पूरा हुआ है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर मिला है। बारिश हो या गर्मी अब घर में सुकून है। मैं सरकार और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करती हूँ। ऐसे ही लाखों हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ महासमुंद जिले में मिला है तथा शेष हितग्राहियों को लाभ मिलने जा रहा है।
- रायपुर। रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने गुरुवार की रात्रि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।श्री मूणत ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंंत्री अमित शाह के आगमन से पूरे छत्तीसगढ़ में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उनका मार्गदर्शन और उपस्थिति छत्तीसगढ़ राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- रायपुर। रायपुर पश्चिम विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने आज भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ के प्रभारी एवं बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन से सौजन्य मुलाकात की।इस अवसर पर श्री मूणत ने उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव में, विशेषकर बांकीपुर सीट पर लगातार पाँचवीं बार मिली ऐतिहासिक जीत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्री मूणत ने कहा कि यह शानदार जीत जनता के बीच श्री नवीन के प्रति गहरे विश्वास और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का प्रमाण है। श्री नवीन का मार्गदर्शन और अनुभव सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।श्री मूणत ने कहा कि श्री नवीन के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में पार्टी और जनता का कल्याण होता रहे, यही कामना है।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के द्वारा तीन दिवसीय ’मिश्रित मत्स्य पालन’ विषय पर प्रशिक्षण आज समापन हुआ। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद द्वारा प्रायोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ राज्य के अलग- अलग जिलों से कुल 25 प्रशिक्षणर्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।इस प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अजय कुमार वर्मा, अधिष्ठाता, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी, इं.गां.कृ.वि. उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौतम रॉय ने अपने उदबोधन में कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में चल रही मछली पालन की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एस. सासमल ने अपने उद्बोधन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ‘मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति’ विषय पर तैयार तकनीकी बुलेटिन का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. वर्मा ने कहा कि सिर्फ भारत से ही नही बल्कि विदेशों से भी प्रशिक्षणार्थी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में प्रशिक्षण लेने के लिए आए हैं, यह गर्व की बात है। इस प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र के बाद दो सत्रों में मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति विषय पर डॉ. एस. आर गौर, प्राध्यापक एवं श्री तोषण कुमार ठाकुर, ने विस्तृत जानकारी दी।प्रशिक्षण के दूसरे दिन डॉ. एस. सासमल एवं डॉ. अंकित ठाकुर ने मिश्रित मछली पालन के प्रायोगिक पहलुओं पर प्रक्षेत्र प्रशिक्षण दिया। इस कड़ी में तालाबों का चयन, मछली बीज संचयन, खाद प्रबंधन, प्राकृतिक भोजन उत्पादन आदि को प्रायोगिक रूप से प्रदर्शित किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस में श्री अमित वर्मा, मत्स्य निरीक्षक, मछली पालन विभाग,रायपुर ने मछली पालन में राज्य सरकार तथा केन्द्रीय सरकार के सब्सिडी स्कीमस् के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही साथ किसान कैसे सब्सिडी का लाभ उठा सकते है उसके बारें में भी जानकारी दी। डॉ. एस. सासमल ने मिश्रित मछली पालन पद्धति के शुद्ध आय-व्यय के बारे में जानकारी दी एवं समन्वित मछली पालन करके आपने आय को कैसे दोगुना किया जा सकता है इससे अवगत करवाया।समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री कृष्णा चम्पालाल हिरवानी, प्रदेश अध्यक्ष, सहकारिता प्रकोष्ठ, छ.ग. धीवर समाज महासभा एवं विशिष्ठ अतिथि श्री सुशील जलक्षत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षा एवं संस्कृतिक प्रकोष्ठ, छ.ग. धीवर समाज महासभा एवं मीडिया फेडरेशन ऑफ इण्डिया के छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव पक्की कूर्मा राव उपस्थित थे। डॉ. एस. सासमल, प्रशिक्षण प्रभारी ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण के गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव सभी के साथ साझा किए।
- -गणना पत्रक संकलन एवं डिजिटाजेशन में तेजी लाने के निर्देशबलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को सुहेला प्रवास के दौरान तहसील कार्यलय में एसआईआर कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने बीएलओ एवं ऑपरेटर से गणना पत्रक संकलन एवं डिजिटाईजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने तहसीलदार से अब तक की डिजिटाइजेशन प्रतिशत की जानकारी ली और तय समय पर कार्य पूर्ण करने के. निर्देश दिये।उन्होंने ऑपरेटर से कहा कि डिजिटाइजेशन के साथ -साथ गणना पत्रकों का संकलन क़ा कार्य भी करें ताकि समय सीमा में कार्य पूर्ण हो सके। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय का निरीक्षण करते हुए तहसीलदार कक्ष, नायब तहसीलदार क़क्ष, प्रतीक्षा क़क्ष, माल जमादार क़क्ष लोक सेवा केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होने लोक सेवा केन्द्र संचालक से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र हेतु आवश्यक दस्तावेजों की सूची, आरटीआई एवं लोक सेवा केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी हेतु फ्लेक्स लगाने के. निर्देश दिये।इस दौरान तहसीलदार किशोर वर्मा, नायब तहसीलदार दिलीप श्यामल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- बलौदाबाजार /शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदाबाजार में उपकरण यांत्रिकी, मशीनिष्ट, वुड वर्क टेक्निशियन (कारपेंटर) व्यवसाय के लिए एवं शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कसडोल में वेल्डर प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कराये जाने के लिए प्रशिक्षण सत्र अगस्त 2025 से जुलाई 2026 हेतु मेहमान प्रवक्ता (गेस्ट लेक्चरर) के लिए 3 से 9 दिसम्बर 2025 को शाम 4 बजे तक आवेदन मंगाये गये है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में स्वयं उपस्थित होकर कार्यालय शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदाबाजार, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा(छ.ग.) में जमा कर सकते है।अधिक जानकारी के लिए संस्था के सूचना पटल एवं जिले की वेबसाईट http://balodabazar.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
- बलौदाबाजार / जिले में "डे केयर सेंटर-सियान गुड़ी" संचालन हेतु इच्छुक समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक संस्था,ट्रस्ट,स्थानीय निकाय, सी.एस.आर. ईकाईयों,ग्रामीण,नगरीय निकाय, चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थान से समाज कलयाण विभाग द्वारा 15 दिसम्बर 2025 तक आवेदनआमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिये कार्यालय उप संचालक समाज कल्याण बलौदाबाजार -भाटापारा से संपर्क किया जा सकता है।मख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर वृद्धजनों के देख-भाल, संरक्षण, मनोरंजन, एकाकी जीवन से बचाव और सुरक्षा के उद्देश्य से सभी 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के अतिवरिष्ठ नागरिक, अकेले,विधवा, दिव्यांग वरिष्ठजन, गरिबी रेखा से नीचे, अनुसुचित जाति,जनजाति, दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रो के वरिष्ठ नागरिकों के लिए "डे केयर सेंटर-सियान गुड़ी की स्थापना की जानी है।
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*ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने धान खरीदी प्रक्रिया बनाई आसान*
*सुचारू धान खरीदी व्यवस्था से किसान शशिकांत पटेल संतुष्ट*बिलासपुर/जिले में धान खरीदी कार्य इस वर्ष भी सुचारू और व्यवस्थित रूप से जारी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले के 140 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य प्राथमिकता के साथ निरंतर प्रगति पर है। धान खरीदी केंद्रों में की गई टोकन व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल, छाया, पेयजल और बैठने की सुविधाओं से किसानों को राहत मिल रही है।मस्तुरी विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र कौड़िया पहुंचे ग्राम मुड़पार के युवा किसान शशिकांत पटेल ने बताया कि वे 67 कट्टी धान का विक्रय करने आए है। परिवार के साथ मिलकर लगभग 7 से 8 एकड़ कृषि भूमि में खेती का कार्य करते है। इस वर्ष उन्होंने घर बैठे ही मोबाइल से टोकन तुंहर हाथ ऐप से टोकन कटवाया जो काफी सरल था। उन्होंने बताया कि टोकन प्रक्रिया व्यवस्थित है जिससे किसानों को लंबी कतार में नहीं लगना पड़ता, समय की बचत होती है और अनावश्यक परेशानी भी नहीं होती। धान खरीदी केंद्र पहुंचने पर धान की तौलाई एवं विक्रय करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आई। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र में पेयजल, छाया तथा बैठने जैसी सुविधाएँ पूरी तरह उपलब्ध हैं, जिससे धान विक्रय का पूरा अनुभव सहज और सरल रहा। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिल रहा है। किसान सम्मान निधि योजना एवं समर्थन मूल्य पर धान विक्रय की राशि से वे अपने परिवार की स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर ज्यादा ध्यान दे पा रहे है। उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है। श्री पटेल ने केंद्र और राज्य शासन द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इसी तरह केंद्र में टोकन कटाने पहंुचे किसान मनहरण लाल पटेल ने बताया कि वे 16 एकड़ कृषि भूमि में खेती करते है और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से लाभान्वित है। केंद्र में आज टोकन कटाने आए है और उन्हें आसानी से टोकन मिल गया। किसी तरह की समस्या नहीं हुई। - बलौदाबाजार, /आबकारी आयुक्त आर संगीता के निर्देश पर कलेक्टर दीपक सोनी एवं जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पलारी वृत्त क्षेत्र अंतर्गत आबकारी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 35 बल्क लीटर महुआ शराब बाजार मूल्य 7000 जब्त किया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना पलारी के ग्राम खैरी में आरोपी लख्खीराम पिता कुनुराम साकिन कानाकोट के कब्जे से 10 लीटर हाथभठ्ठी महुआ शराब जब्त किया गया। साथ ही अवैध कच्ची महुआ शराब के मुखबीरी सूचना पर दबिश देकर विधिवत तलाशी लेने पर 30 किलोग्राम क्षमता वाली प्लास्टिक बोरी में भरी 20 नग कुल 600 किलो ग्राम महुआ लाहन एवं 5 लीटर क्षमता वाली 5 नग जरीकेन में भरी कुल 25 बल्क लीटर महुआ शराब नाला में लावारिस हालात में बरामद हुई एवं महुआ लाहन की सेंपल लेकर सभी लाहन को मौके पर नष्ट किया गया। कुल महुआ शराब 35 बल्क लीटर का बाजार मूल्य 7,000:एवं 600 किलोग्राम लाहन का बाजार मूल्य 36,000- का होना पाया।आरोपी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)क(च) 34(2) 59(क), प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया एवं अज्ञात आरोपी की पतासाजी की जा रही है।कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक पी.माधव राव, नगर सैनिक दुर्गेश्वरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- -नशा मुक्ति केन्द्र से अब तक 181 युवाओं ने छोड़ा नशापान, नई जिंदगी की शुरुआत से उत्साहितबलौदाबाजार / जिला प्रशासन द्वारा नशामुक्त समाज की दिशा में चलाई जा रही पहल लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। विशेष रूप से जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्र कई युवाओं और परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर निरंतर कार्य हो रहा है। नई दिशा अभियान के तहत स्थापित नशा मुक्ति केन्द्र स्थापना के बाद से 181 लोगों को नशे से पूर्ण रूप से मुक्त किया गया है। 16 व्यक्ति वर्तमान में उपचाररत हैं।जिला प्रशासन द्वार जिले को पूरी तरह नशामुक्त बनाने एवं नशे से पीड़ित व्यक्तियों को सुरक्षित एवं नियंत्रित वातावरण में मनोरोग विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिशा अभियान की शुरुआत विगत पिछले वर्ष की गई है।संगी मितान सेवा संस्थान द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र -जिले में नशा मुक्ति केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त एवं अनुदानित संस्था संगी मितान सेवा संस्थान द्वारा जुलाई 2024 से किया जा रहा है। नशा मुक्ति केंद्र खैरघटा रोड, बलौदाबाजार-भाटापारा में स्थित है। जहां अब तक 192 हितग्राही पंजीकृत है, स्थापना के बाद से 181 लोगों को नशे से पूर्ण रूप से मुक्त किया गया है। 16 व्यक्ति वर्तमान में उपचाररत हैं।दूसरा नशा मुक्ति केंद्र का भाटापारा में हुआ शुभारंभ-इसी क्रम में जिले में नशामुक्ति सेवाओं का विस्तार करते हुए भाटापारा के महारानी चौक में जिले के दूसरे नशा मुक्ति केंद्र का बुधवार को संक्षिप्त उद्घाटन किया गया। यह केंद्र 15 युवाओं की क्षमता वाला है और वर्तमान में 10 युवक यहां उपचाररत हैं।केंद्र की प्रमुख सुविधाएं -विशेषज्ञ मनोरोग चिकित्सकों की निगरानी में शारीरिक व मानसिक उपचार।मेडिकल आकलन, डिटॉक्सिफिकेशन और काउंसलिंग।पौष्टिक भोजन, योग, मनोरंजन व खेलकूद गतिविधियां।आत्मनिर्भरता हेतु प्रशिक्षण—धूपबत्ती, कपूर टिक्की निर्माण इत्यादि।सुरक्षित आवासीय व्यवस्था और 24×7 निगरानी।नई दिशा अभियान नशामुक्ति की पहल - जिला प्रशासन द्वारा युवाओं, बच्चों और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए गांव-गांव जागरूकता गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं।मास्टर वॉलेंटियरों द्वारा हर ग्राम पंचायत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिले के विभिन्न महाविद्यालयों में 42 कैंप और 34 कार्यशालाएं, जिनमें 24,107 विद्यार्थी शामिल हुए। अभियान के माध्यम से 12,150 लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाएं पहुंचाई गईं। भारत माता वाहिनी के 140 समूहों के 1400 सदस्य अभियान में सक्रिय योगदान दे रहे है, जो गांवों में दीवार लेखन तथा प्रेरक पोस्टरों के माध्यम से सतत जागरूकता का कार्य कर रही है।नशा मुक्ति केंद्र ने कई युवाओं के जीवन में लाई नई रोशनी-जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्र कई युवाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आया है। यहाँ भर्ती हुए अनेक युवक, जो लंबे समय तक नशे की गिरफ्त में थे, अब पूरी तरह नशामुक्त होकर जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। परिवारों ने भारी मन से अपने बेटों और परिजनों को उपचार के लिए केंद्र में भेजा था और आज वही युवा न केवल नशे से छुटकारा पा चुके हैं, बल्कि अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।केंद्र में उपचार और काउंसलिंग के बाद अनेक युवाओं ने नशे को हमेशा के लिए छोड़ दिया। उल्लेखनीय बात यह है कि उनमें से कई को वहीं रोजगार का अवसर भी प्राप्त हुआ है। कुछ युवक केंद्र में ही केयर टेकर के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं तो कुछ ने किचन में कुक के रूप में अपनी नई भूमिका संभाली है। नशे से लड़कर जीवन में नए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने की उनकी यह यात्रा जिले के लिए प्रेरक उदाहरण बन गई है।
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बिलासपुर/आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी में 3 दिसम्बर को सवेरे 10 बजे से टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक लिमिटेड द्वारा एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प निःशुल्क शिक्षा लर्न विथ अर्न प्रोगाम के अंतर्गत डिप्लोमा इन मेकाट्रोनिक्स के लिए है। जिसमें 18 से 23 वर्ष आयु के 12वीं पास या 2 वर्षीय आईटीआई उत्तीर्ण एवं अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थी शामिल हो सकते है। स्टाइपेंड 18149 रूपए, क्लासरूम अटेंडेंस बोनस 2500 एवं रिटेनशन अवार्ड 1000 होगी। अधिक जानकारी के लिए संस्था कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह उपस्थित थे।
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दुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में चल रहे SIR अभियान की प्रगति का जायज़ा लेने आज केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने वार्डों में व्यापक भ्रमण किया। वार्ड 44 गुरुघासीदास नगर में उन्होंने बीएलओ एवं SIR कार्य में संलग्न कर्मचारियों से गणना फॉर्म की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और शेष कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री यादव ने वार्ड के नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे बीएलओ का सहयोग कर गणना फॉर्म शीघ्र भरें, ताकि निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा हो सके।
निरीक्षण के दौरान मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्डों में SIR फॉर्म भरने की प्रगति, लंबित कार्य और समस्याओ के निदान करने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। जिन मतदाताओं के मतदान केंद्र बदले गए हैं, उनके फॉर्म में शिफ्टिंग स्पष्ट रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने कहा गया कि प्रत्येक मतदाता का गणना फॉर्म अनिवार्य रूप से भरा जाए।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने नागरिकों को SIR की महत्वूर्ण भूमिका समझाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया न केवल निर्वाचन व्यवस्था को मजबूत बनाती है बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से ज़मीन पर लागू करने में भी सहायक है।मंत्री श्री यादव ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाए। व्यक्तिगत जिम्मेदारी से वे अपने बूथ लेवल अधिकारी के पास गणना पत्र भरकर जमा करे। मतदाता जिस मतदान केंद्र के क्षेत्र की छोड़कर अन्यत्र शिफ्ट हो चुके है। छोड़ चुके मतदान केंद्र से अपना नाम हटवाए और जिस केंद्र में स्थाई रूप से निवास कर रहे है उस मतदान केंद्र में वे अपना नाम जुड़वाए।मंत्री श्री यादव ने सभी पार्षदों, मंडल अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं से अपने-अपने वार्डों में सक्रियता बढ़ाने, टीम के साथ समन्वय बनाए रखने और मतदाताओं के सतत संपर्क में रहकर उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु प्रेरित किया।इस दौरान उपस्थित बीएलओ, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव साझा किए और SIR कार्य को और बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने हेतु जिला प्रशासन से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किये।इस अवसर पर पार्षद सरिता चंद्राकर, मनीष कोठारी, संजय अग्रवाल, साजन जोसफ, गुलशन साहू, प्रकाश गीते, मंडल अध्यक्ष महेन्द्र लोढ़ा, आसिफ अली, विनोद चंद्राकर, अनिकेत यादव, एडीएम अभिषेक अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव, निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता उपस्थित रहे। - -मेहनत से मिली नई उड़ान: किसान प्रदीप पटेल अब खरीदेंगे अपना ट्रैक्टररायपुर ।सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुवा के युवा एवं मेहनतकश किसान प्रदीप पटेल ने इस खरीफ सीजन में अपनी उपज बेचकर अपने एक बड़े सपने को सच करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में प्रदीप ने करीब 2 एकड़ भूमि से प्राप्त 51.60 क्विंटल धान राज्य सरकार को बेचा है। प्रति क्विंटल 3100 रुपये के समर्थन मूल्य से वे बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि में अपनी जमा पूंजी जोड़कर वे ट्रैक्टर खरीदने का सपना पूरा करेंगे—जो उनके कृषि कार्यों को और भी सरल, तेज़ और आधुनिक बनाएगा।प्रदीप पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत है। साथ ही उन्होंने टोकन सिस्टम की भी प्रशंसा की। पहले जहाँ टोकन लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती थी, वहीं अब ऑनलाइन ‘तुंहर टोकन’ सुविधा से किसान अपने मोबाइल में ही टोकन काट पा रहे हैं।धान खरीदी केन्द्र में पेयजल, गुणवत्तापूर्ण बारदाना और समय पर व्यवस्था मिलने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है—यह बात भी प्रदीप ने खुशी जताते हुए कही। प्रदीप पटेल की यह सफलता कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएँ, तकनीकी सुविधाएँ और किसान की मेहनत मिलकर कैसे जीवन में प्रगति की नई राहें खोलती हैं।
- -धान से धन तक: बाबूलाल की मेहनत पर सरकार की मुहररायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों की मेहनत अब उपार्जन केंद्रों में खुशियों के रूप में नजर आ रही है। खेतों में छह माह तक की अथक साधना, बीज से लेकर बालियों तक का सफर, आज अपने अनमोल मूल्य के रूप में किसानों को लौट रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान का क्रय 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर किया जा रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव किसानों की संतुष्टि, आत्मविश्वास और मुस्कान में स्पष्ट झलक रहा है।नारायणपुर जिले के महावीर चौक निवासी किसान श्री बाबूलाल देवांगन इसी सफलता के सजीव उदाहरण हैं। परंपरागत तरीकों से अपने 2 एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करने वाले श्री देवांगन ने इस वर्ष उत्कृष्ट उपज प्राप्त की और माहका उपार्जन केंद्र में 40 क्विंटल धान बेचा। खेती में उनकी पत्नी का सहयोग और परिवार के चार बेटे-बहुओं का संयुक्त प्रयास उनकी खेती-किसानी की निरंतर प्रगति का आधार है।श्री देवांगन ने धान खरीदी प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार द्वारा समय पर खरीदी, सुविधाजनक व्यवस्था और उचित मूल्य प्रदान किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि धान बेचकर प्राप्त राशि से हम परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ खेती को और उन्नत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।प्रदेश सरकार कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए किसानों के कठिन परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। समर्थन मूल्य पर सुगम और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों में आत्मसंतोष का संचार किया है। सरकार के इसी दूरदर्शी प्रयास ने श्री बाबूलाल जैसे अनगिनत किसानों के चेहरों पर मुस्कान और जीवन में नई आशा का संचार किया है।
- -उदयपुर विकासखण्ड ने प्रदेश में रचा कीर्तिमान, मतदाता सूचियों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरारायपुर,। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) अभियान के तहत सरगुजा जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। जिले के उदयपुर विकासखण्ड ने मतदाता सूचियों के 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर पूरे प्रदेश में एक मिसाल पेश की है।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विलास भोसकर के निर्देशन में यह कार्य उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार डिजिटाइजेशन प्रक्रिया में मतदान केन्द्रवार मतदाता सूचियों का सत्यापन, नामों का मिलान, बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वे, नए पात्र मतदाताओं की जानकारी संकलन, अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृतकों के नामों की जांच तथा सभी आवश्यक प्रपत्रों का अद्यतन शामिल रहा।उदयपुर विकासखण्ड के 78 मतदान केन्द्रों की मतदाता सूचियों को पूर्णतया डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित कर सुरक्षित डेटाबेस पर अपलोड किया गया है। पात्र मतदाताओं की आयु, पता, फोटो और दस्तावेजों का सूक्ष्म सत्यापन किया गया। इसके साथ ही नए मतदाताओं के पंजीकरण और सुधार हेतु शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।उदयपुर एसडीएम श्री बनसिंह नेताम ने इस उपलब्धि को बीएलओ, सुपरवाइजर, निर्वाचन कर्मियों एवं तकनीकी टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि टीम ने समयबद्ध और मानक अनुसार कार्य करते हुए प्रदेश में आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है।जिला कलेक्टर ने उदयपुर टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि अन्य विकासखण्डों में भी डिजिटाइजेशन एवं मतदाता सूची अद्यतन का कार्य तेजी से प्रगति पर है और जल्द ही पूरे जिले में प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।SIR 2026 के तहत सरगुजा जिले की यह उपलब्धि प्रदेश में सुचारू, पारदर्शी और सटीक निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- रायपुर । राज्य शासन के मंशानुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। कोण्डागांव विकासखंड के धान खरीदी केंद्र गोलावण्ड में धान बेचने पहुंचे युवा किसान श्री सूरजु राम ने बताया कि उनके परिवार का 2 एकड़ की जमीन है। आज वे कुल 41 क्विंटल धान बेचने आए हैं। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में धान बेचने में कोई परेशानी नही हुई। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र के माध्यम से धान की खरीदी से सुविधानजनक होने के साथ-साथ पारदर्शिता भी आई है।जिले में अब तक 01 लाख 81 हजार क्विंटल से अधिक धान उपार्जितखाद्य अधिकारी श्री नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के उपार्जन केन्द्रों से अब तक 01 लाख 81 हजार 275 क्विंटल धान उपार्जित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जिले में गुरूवार की स्थिति में सबसे ज्यादा धान की खरीदी उपार्जन केन्द्र बहीगांव में कुल 9545.60 क्विंटल, गम्हरी में कुल 8887.20 क्विंटल, अरण्डी में कुल 6461.60 क्विंटल, सिंगनपुर में कुल 6471.20 क्विंटल, फरसगांव में कुल 6455.20 क्विंटल और मुलमुला में कुल 6102 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
- - अंतागढ़-नारायणपुर 46 किलोमीटर लंबी सड़क उन्नयन के लिए भूमिपूजन- 137 करोड़ रूपए की लागत से होगा उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण- मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग और विधायक श्री विक्रम उसेण्डी ने किया भूमिपूजनरायपुर ।अंतागढ़-नारायणपुर क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग को सरकार ने पूरी कर दी है। वन, पर्यावरण, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में 46 किलोमीटर लंबी इस सड़क के उन्नयन कार्य का गुरुवार को ग्राम ताड़ोकी में आयोजित कार्यक्रम में भूमिपूजन किया गया। इस सड़क निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 136 करोड़ 77 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। भूमिपूजन समारोह की अध्यक्षता विधायक अंतागढ़ श्री विक्रमदेव उसेण्डी द्वारा की गई तथा सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित थे।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के नागरिकों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। इस सड़क निर्माण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी, जो आज पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य को समय सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी तथा विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश में तीव्र गति से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया जा रहा है, जिसमें सभी मतदाताओं को जिन्हें बीएलओ द्वारा फार्म उपलब्ध कराए गए हैं, वे उसे भरकर समय-सीमा में बीएलओ के पास जमा करावें। मंत्री श्री कश्यप ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकास कार्यों को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। माओवाद की चुनौतियों के कारण विकास कार्यों में जो बाधाएं थीं, उन्हें सरकार दूर कर रही है। केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को धान का 3100 रूपए प्रति क्विंटल मूल्य मिल रहा है। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है। सरकार द्वारा चरण पादुका योजना को फिर से शुरू की गई है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 05 लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में चहूंमुखी विकास हो रहा है। क्षेत्र के विकास के लिए यह सड़क वरदान सिद्ध होगी। इससे आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस सड़क निर्माण के अलावा रेल लाईन का निर्माण भी इस अंचल के विकास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल लाईन बिछाई जा रही है, वर्तमान में ताड़ोकी तक रेल लाईन बिछाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए शुरू कीए गई महतारी वंदन योजना के तहत पात्र सभी महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेंडी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके निर्माण से अंतागढ़-नारायणपुर के बीच आवागमन सुगम होगा, जिससे कृषि, व्यापार, शिक्षा एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार होगा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव से शहरों की दूरी घट गई है, गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, जिसका फायदा हर क्षेत्र को मिल रहा है।कार्यक्रम में जिला पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष नारायण मरकाम, जनपद अध्यक्ष अंतागढ़ मनोरमा मण्डावी, नगर पंचायत अंतागढ़ अध्यक्ष राधेलाल नाग, मुख्य वन संरक्षक राजेश चंदेले, श्री महेश जैन, अपर कलेक्टर अंतागढ़ ए.एस. पैकरा, लोक निर्माण विभाग संभाग भानुप्रतापपुर के कार्यपालन अभियंता महेन्द्र कश्यप, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं आशुतोष डड़सेना, जिला परिवहन अधिकारी ऋषभ नायडू सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -बस्तर के मूली धान खरीदी केंद्र में किसानों को मिल रही हर सुविधारायपुर ।राज्य शासन की पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था का सकारात्मक असर अब गांव-गांव में साफ दिख रहा है। खरीदी केंद्रों में समयबद्ध तौल, टोकन प्रणाली की सुगमता और बेहतर सुविधाओं ने किसानों को राहत दी है। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखण्ड के मूली धान खरीदी केंद्र में आज पहुंचे किसानों ने कहा कि इस साल की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद है।कुम्हरावण्ड निवासी किसान लखीराम ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की स्पष्ट व्यवस्था और टोकन प्रक्रिया के बेहतर संचालन ने उन्हें काफी सुविधा दी है। केंद्र में पर्याप्त स्टाफ की मौजूदगी से तौल में किसी तरह की देरी नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि आज 60 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया है और बिना किसी परेशानी के प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जिससे हमारा समय बचा है।कुम्हरावण्ड के ही किसान दलपति कश्यप ने कहा कि 27 नवम्बर का टोकन लेकर सुबह केंद्र पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार तौल के लिए हमाल और बारदाना उपलब्ध हैं, किसानों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। इस बार खरीदी केंद्र में आने पर ऐसा लगता है कि किसानों की सुविधाओं का सचमुच ध्यान रखा गया है।कुम्हरावण्ड निवासी महिला कृषक श्रीमती मंगली कश्यप ने बताया कि उनके पास कुल 10 एकड़ कृषि भूमि है, जिनमें इस वर्ष अच्छी पैदावार हुई है। वे 116 क्विंटल धान बिक्री के लिए लायी थीं। खेत में नलकूप होने से अब रबी सीजन में ढाई एकड़ में मक्का की फसल लेने की तैयारी कर रहीं हैं।मूली धान खरीदी केंद्र के प्रभारी श्री एमआर भद्रे ने बताया कि इस वर्ष खरीदी सीजन के लिए पर्याप्त बारदाना, सुचारू परिवहन व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं पहले से सुनिश्चित कर दी गई हैं। किसानों को उनके धान की तौल और भुगतान से संबंधित हर जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध हो रही है, जिससे पारदर्शिता और भी बढ़ी है। इस बार बोरीगांव, बारदा, कुम्हरावण्ड, किंजोली, चापापदर, मूली, चिखल करमरी और करंजी के कुल मिलाकर 865 किसानों में केंद्र में धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया है।
- -नारायणपुर के कस्तूरमेटा से सुकमा के दुलेड़ के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य शिविरों से मिल रही बड़ी राहत-1324 ग्रामीणों का मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुरक्षाबलों के सहयोग और स्वास्थ्य अमले के दृढ़ संकल्प से स्वास्थ्य शिविरों के सफल आयोजन की सराहना कीरायपुर। बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित और अत्यंत दुर्गम इलाकों नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विशेष स्वास्थ्य शिविरों ने आशा और सेवा की नई राह बनाई है। सुरक्षा चुनौतियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए इन शिविरों का सफल आयोजन ग्रामीणों के लिए जीवन-रक्षक साबित हुआ।नारायणपुर के कस्तूरमेटा से सुकमा के दुलेड़ के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य शिविरों से मिल रही बड़ी राहतइस अभियान में रायपुर मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल मेडिकल कॉलेज और कांकेर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ मेडिकल छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। इन शिविरों में चिकित्सकों की टीमों ने हजारों की आबादी वाले अंदरूनी गांवों में पहुँचकर स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और जागरूकता सेवाएं प्रदान कीं।नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर के सबसे कठिन इलाकों में सफल आयोजननारायणपुर जिले के ईरकभट्टी, बेड़माकोटी, कस्तूरमेटा और कांदुलपार, सुकमा जिले के दुलेड़, लखापाल, और बीजापुर जिले के गूंजेपर्ती, पुतकेल, कोंडापल्ली और मुतवेंडी जैसे बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में इन शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से कुल 1324 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और सभी को निःशुल्क दवाइयाँ व उपचार उपलब्ध कराया गया।सघन स्वास्थ्य परीक्षण में मलेरिया, टीबी, सिकलसेल पर दिया गया विशेष ध्यानसंयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर डॉ. महेश शांडिल्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इन शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ वंचित ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर भी किया गया। इन शिविरों में नारायणपुर में 367, सुकमा में 318, बीजापुर में 639 ग्रामीणों की ओपीडी जांच की गई। जिसमें 83 मलेरिया पॉजिटिव मामले प्राप्त हुए जिनका तत्काल उपचार प्रारम्भ किया गया। इसके साथ ही 207 की टीबी जांच, 464 ग्रामीणों की सिकलसेल व एनीमिया स्क्रीनिंग, 212 ग्रामीणों की नेत्र जांच के साथ 129 ग्रामीणों के लिए नवीन आयुष्मान कार्ड का निर्माण किया गया है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य दलों के कार्यों की सराहना कीअत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन स्वास्थ्य शिविरों का सुरक्षाबलों के सहयोग और स्वास्थ्य अमले के दृढ़ संकल्प से सफल आयोजन की उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन और प्रशासन की बस्तर के आखिरी छोर में ग्रामीणों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के अपने संकल्प पर दृढ़ता को दर्शाता है।
















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