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-शहरों और गांवों में सुशासन तिहार के प्रति लोगों में दिखा उत्साह
-लोग अपनी समस्याओं के निवारण और जरूरतों की पूर्ति के लिए आगे आकर कर रहे आवेदनरायपुर। प्रदेश के लोगों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ’सुशासन तिहार' आज से प्रारंभ हो गया है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रथम चरण में आम नागरिकों की जरूरतों, समस्याओं, शिकायतों का समाधान करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा इस दौरान पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।कोरबा जिले में भी आज से सभी नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार का आयोजन प्रारंभ हो गया है। नागरिक अपनी जरूरतों को पूरा करने उत्साहपूर्वक स्वस्फूर्त आवेदन करने पहुँच रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी उनके आवेदन स्वीकार कर पावती प्रदान कर रहे हैं। कई आवेदक खुद अपने आवेदन समाधान डिब्बे में डाल रहे हैं। आमजनो को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रक्रिया से अवगत भी कराया जा रहा है। नगरीय निकायों के सभी जोन कार्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है। निगरानी हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दायित्व सौंपा गया है। हर गांव और शहर में मुनादी कराकर लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।सुशासन तिहार में ग्रामीणों में दिखा उत्साहरंगमती व द्रुपती बाई ने नए पीएम आवास व शौचालय निर्माण के लिए किया आवेदनकोरबा विकासखंड के कोरकोमा पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में आज सुबह से ही ग्रामीणों की कतार लगी रही। ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुँचकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर समाधान पेटी में स्वयं आवेदन जमा कर रहे थे। सुशासन तिहार का लाभ लेने आए कोरकोमा निवासी श्री अरदेसी सारथी व उसकी धर्मपत्नी रंगमती सारथी ने नए पीएम आवास व शौचालय के लिए आवेदन जमा किया। उन्होंने बताया कि जनहितैषी सरकार, आम नागरिकों की परेशानियों को अच्छे से समझती है, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा सराहनीय पहल करते हुए पंचायतों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण समाधान पेटी में अपनी शिकायत जमा कर रहे हैं, जिसे प्रशासन द्वारा जांच कर तत्परता से निराकरण किया जाएगा।कोरकोमा की द्रुपती सारथी ने भी आवास व शौचालय निर्माण के लिए आवेदन जमा किया। उसने बताया कि सरकार द्वारा आमजनों की परेशानियों के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। इससे जरूरतमंद हितग्राही लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार गोढ़ी व करतला विकासखण्ड के नोनबिर्रा पंचायत में भी सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। ग्रामीण शिविर में आकर अपनी जरूरतों की पूर्ति हेतु आवेदन जमा कर रहे हैं। - -सुशासन तिहार-2025 को लेकर बीजापुर जिले के लोगो में उत्साहरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पहल पर आयोजित सुशासन तिहार 2025 का जिले के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। शासकीय कार्याे में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने राज्य में आज 8 अप्रैल से सुशासन तिहार का शुभारंभ हो गया है। बीजापुर जिले में पहले चरण में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसके लिए कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों, तहसील, जनपद, नगर पंचायत, एसडीएम कार्यालय सहित जिला मुख्यालय में कलेक्टर कार्यालय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला पंचायत सहित नगरपालिका नगर पंचायतोें मे भी समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जा रहे है।कलेक्टर ने सुशासन तिहार के आयोजन के लिए अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही जिले के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। ग्रामीण एवं शहरी जनमानस में सुशासन तिहार एवं समाधान पेटी के प्रति काफी उत्साह देखने को मिल रहा है वहीं आम जनता को सुगमतापूर्वक आवेदन लिखने हेतु समाधान पेटी में आवेदन करने हेतु सहयोगी के रूप में जिला प्रशासन द्वारा कर्मचारियों को संलग्न किया गया है। कलेक्टर ने सभी पंचायतों में ग्रामीणों के द्वारा अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने हेतु आवेदन की उपलब्धता सहित ग्रामीणों को आवेदन करने के लिए प्रेरित करने, सुदूर क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए है।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य के सभी जिलों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज सुकमा जिले में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और मार्गदर्शन में आज से सुशासन तिहार प्रारम्भ किया गया है। सुशासन तिहार 2025 के तहत सुकमा जिला प्रशासन द्वारा आम जनता में जन जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार अभियान प्रारंभ किया गया है। कलेक्टर श्री ध्रुव ने अभिवन पहल करते हुए विशेष रूप से दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों को आवेदन भरने में मदद करने के लिए सुशासन संगवारी भी नियुक्त किए हैं। शासन की यह सकारात्मक पहल सुनिश्चित करेगी कि कोई भी व्यक्ति सुशासन तिहार से वंचित न रहे।सुशासन तिहार के प्रथम दिवस में सुकमा जिले के सभी पंचायतों और नगरीय निकायों के क्षेत्रों में लोगों ने अपने आवेदन दिए। जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी सुशासन तिहार में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। लोग सुशासन तिहार के बारे में जानकारी लेने लगे और अपनी समस्या और मांग से संबंधित आवेदन समाधान पेटी में जमा किए। कलेक्टर श्री ध्रुव ने जिलेवासियों से अपील की है कि आम जन सुशासन तिहार के अवसर का लाभ उठाकर अपनी समस्याओं और सुझावों को सुशासन पेटी में दर्ज करें, ताकि उन्हें जल्द समाधान मिल सके।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में शासन प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार शासकीय योजनाओं को उचित क्रियान्वयन कर आम लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
- -10 एकड़ जमीन का चिन्हांकन, खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षणरायपुर, / नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी की स्थापना होने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ने लगभग 10.03 एकड़ भूमि का चिन्हांकन कर लिया है। यह भूमि सेक्टर-33 के ग्राम उपरवारा क्षेत्र में स्थित है, जिसका कुल क्षेत्रफल 40,614.216 वर्गमीटर है।मिली जानकारी के अनुसार खेल एवं युवा कल्याण विभाग को 90 वर्षों की लीज पर भूमि प्रदान की जाएगी। तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड (NTPC) अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।अकादमी के बनने से नवा रायपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- -देरी व लापरवाही पर जताई नाराजगी, अधिकारियों और एजेंसियों को लगाई फटकार-अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम में लापरवाही एवं उदासीनता पर होगी कड़ी कार्रवाईरायपुर।. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने आज मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मिशन के कार्यों में देरी और लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों और एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। मिशन अमृत 2.0 के नोडल अधिकारी, अभियंता, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कन्सल्टेंट्स एवं उनके डिप्टी टीम लीडर्स, असिस्टेंट कन्सट्रक्शन मैनेजर्स तथा चयनित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद थे।नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के अधिकारियों को मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा फील्ड में जाकर प्रगति व गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक में कार्यों की भौतिक प्रगति और समयबद्ध योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। उल्लेखनीय है कि मिशन अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के 36 नगरीय निकायों में पेयजल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 29 में कार्यादेश जारी हो चुके हैं।डॉ. बसवराजु ने सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि मिशन के कार्य समय पर पूरे नहीं होने पर केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलेगी, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। मिशन अमृत 2.0 को मार्च-2026 तक पूरा करना है। यह केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। भारत सरकार और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को मिशन के कार्यों में कुशल मानव संसाधन लगाने के साथ ही ड्राइंग-डिजाइन, सर्वे डॉटा और अन्य कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए।नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु ने नगरीय निकायों को प्रत्येक स्वीकृत कार्य के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने लगातार पत्राचार के बाद भी कार्यों में उदासीनता बरतने वाले नगरीय निकायों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनवरी-2024 के बाद से परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं और मार्च-2025 तक कोई भुगतान लंबित नहीं है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य में देरी ठीक नहीं है। सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय और उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिंह सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -अम्बिकापुर, कांकेर और बालोद जिले के कलेक्टरों ने लिया तैयारियों का जायजा-पहले चरण में लोगों से लिए जाएंगे 11 अप्रैल तक आवेदनरायपुर, /राज्य व्यापी सुशासन तिहार को लेकर अम्बिकापुर, बालोद और कांकेर जिले में भी लोगों का उत्साह दिख रहा है। इन जिलों में लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर समाधान पेटी में जमा कराए। कलेक्टर सहित वरिष्ठ प्राशसनिक अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन देने की अपील की जा रही है। लोगों को आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायत, नगरीय निकायों जिला मुख्यालयों और तहसील कार्यालय समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समाज के सभी वर्गों से तत्परता से संवाद एवं समाधान के उद्देश्य से सुशासन तिहार की शुरुआत आज 8 अप्रैल से की गई है। इस अभियान के अंतर्गत आज से 11 अप्रैल तक आवेदन लिए जा रहे हैं। दूसरे चरण में इन आवेदनों का निराकरण 12 अप्रैल से 4 मई के मध्य संबंधित विभागों द्वारा किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में आमजनता की समस्याओं के निराकरण हेतु आगामी 05 मई से 31 मई तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आवेदकों को उनके आवेदनों की यथासंभव समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।ग्रामीणों को जानकारी देने मुनादीअंबिकापुर कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने आज विकासखंड लखनपुर एवं उदयपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में केवरा, कुंवरपुर, अंधला, जजगा, उदयपुर, सोनतराई एवं डांड़गांव का दौरा कर सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को सहज और सरल भाषा में समझकर आवेदन भरने में सहायता करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार की जानकारी लोगों तक पहुंचाने हेतु मुनादी, पंपलेट और पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने कहा।कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए ऑनलाइन आवेदनकांकेर के कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और सुशासन तिहार में लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी आवेदन दिए जा सकते हैं।हॉट बाजारों में समाधान पेटी की व्यवस्थाबालोद जिले के कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देश पर सुशासन तिहार में लोगों से आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायतों के साथ-साथ हाट बाजारों में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। जहाँ पर अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा संयुक्त जिला कार्यालय के साथ-साथ जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों के जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों मंे भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी लगाई गई है।
- -ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में सुबह से ही लोग आवेदन देने पहुंचे-जिलों में कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारी कर रहे निरीक्षण-आवेदन के लिए समाधान पेटी की व्यवस्थारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आज से शुरू हुए राज्य व्यापी “सुशासन तिहार में लोगों द्वारा अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन देने का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग बेहिचक आवेदन दे रहे हैं। लोगों को भरोसा है कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए त्वरित पहल की जाएगी। सुशासन तिहार के पहले चरण में आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए 8 अपै्रल से 11 अपै्रल तक राज्य के सभी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और जिला मुख्यालयों में आवेदन लिए जा रहे हैं।राजधानी रायपुर में आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने राजधानी के विभिन्न वार्डों में पहुंच कर लोगों को अपनी समस्या के निराकरण के लिए आवेदन देने की अपील की। उन्होंने नगर निगम के जोन क्रमांक 4 के कार्यालय और विभिन्न वार्डों में आवेदन लिये जाने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने लोगों से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए बिना किसी हिचक के आवेदन करने कहा।महासमुंद जिले में कलेक्टोरेट, जनपद और तहसील कार्यालय में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। सुशासन तिहार के सफल संचालन के लिए कलेक्टर द्वारा 51 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। कलेक्टर महासमुंद श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर आवेदन लेने की प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों से कहा कि लोगों को आवेदन देने के लिए किसी प्रकार का दिक्कत न हो इसका विशेष रूप से ध्यान दें। आवश्यकतानुसार कई केंद्रों में आवेदन देने मदद करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं।धमतरी जिले के कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा सहित जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रोमा श्रीवास्तव और तीनों अनुभागों के अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों ने आज पोटियाडीह, परसतराई, ग्राम पंचायतों में पहुंचकर सुशासन तिहार के दौरान आवेदन लेने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान अशिक्षित आवेदकों के आवेदन लिखने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को आवेदन देने से मना या रोका नहीं जाए। इसके बाद कलेक्टर ने नगर निगम क्षेत्र में हटकेशर वार्ड पहुंचकर वहां मौजूद महिलाओं और लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में अपनी मांगों और समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन करने को कहा।जगदलपुर जिले में जिले के सभी गांवों, नगरीय क्षेत्रों के सभी वार्डों कलेक्टर कार्यालय सहित सभी शासकीय कार्यालयों में लोगों से आवेदन लेने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार बालोद जिले में भी लोगों से आवेदन लेने के लिए सभी महत्वपूर्ण स्थानों में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है।नागरिकों को है सुशासन पर भरोसामहासमुंद जिले के ग्राम परसदा के निवासी श्री विक्रम चंद्राकर ने गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए नलकूप खनन के लिए आवेदन किया है। उन्हें विश्वास जताया है कि उनकी मांग का निराकरण होगा। इसी तरह ग्राम खैराभाठा के दुलारी बाई तारक ने कहा कि यह सरकार की अच्छी सोच है कि हमें अपनी मांग और समस्याओं को बताने एक उचित प्लेटफॉर्म मिल रहा है।सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार तीन चरणों में आयोजित होगा पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 5 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी स्थित उनके निवास कार्यालय में निगम-मंडलों के नवनियुक्त अध्यक्षों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अध्यक्षों को नवीन दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के प्रति संकल्पबद्ध है। निगम-मंडलों के माध्यम से शासन की अनेक योजनाएँ और हितग्राहीमूलक कार्यक्रम ज़मीनी स्तर तक पहुँचते हैं। उन्होंने सभी अध्यक्षों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ करें तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाएँ।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा,छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा और छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर भी उपस्थित रहे।
- -आवेदकों को तिलक लगाकर व गुलदस्ता देकर किया गया अभिनन्दन-कलेक्टर ने स्वयं आवेदन लेकर दी पावती-सुशासन तिहार को लेकर लोगों में भारी उत्साहरायपुर, / राज्य शासन के निर्देशानुसार आज बलौदाबाजार जिले में सुशासन तिहार 2025 के प्रथम चरण के तहत आवेदन लेने का शुभारंभ आज जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में हुआ। आवेदन प्राप्त करने के स्थल को रंगोली एवं बैनर से आकर्षक ढंग से सजाया गया तथा प्रथम आवेदक का तिलक लगाकर व गुलदस्ता देकर स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। कलेक्टर दीपक सोनी ने संयुक्त जिला कार्यलय में आवेदन प्राप्ति स्थल पर स्वयं आवेदको से आवेदन प्राप्त किया और पंजी में आवश्यक प्रविष्टि कर पावती दिया।उन्होंने इस दौरान सुशासन तिहार में सबकी सहभागिता हेतु लोगों को प्रोत्साहित किया।जिले में सुशासन तिहार को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। सुशासन तिहार के उद्देश्य को जन- जन तक पहुंचने के लिए सायकिल रैली, नारा लेखन सहित अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।विकासखंड कसडोल के ग्राम पंचायत गिरौद में एसडीएम की उपस्थिति में प्रथम आवेदक श्रीमती प्रेमलता पटेल का तिलक लगाकर व गुलदस्ता भेंट कर अभिनन्दन किया गया। प्रेमलता के आवेदन को पंजी में प्रविष्टि उपरांत पावती दी गई और आवेदन को समाधान पेटी में डाला गया। प्रेमलता पटेल ने बताया कि सुशासन तिहार राज्य शासन की बहुत अच्छी पहल है। इसके माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांग से सम्बंधित आवेदनों का उपयुक्त निराकरण तय समय पर होगा। उन्होंने बताया कि एक सामाजिक भवन मांग के लिए आवेदन दिया है।नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार में एसडीएम की उपस्थिति में वार्ड क्रमांक 3 में प्रथम आवेदक सूरज पटेल का गुलाब फूल देकर स्वागत किया गया। विकासखंड भाटापारा के ग्राम पंचायत देवरी में मंडल अध्यक्ष की उपस्थिति में प्रथम आवेदक का स्वागत किया गया। इसीतरह सभी नगरीय निकायों के वार्डो और ग्राम पंचायतों में सुशासन तिहार का आगाज हुआ।
- -गांव-गांव, शहर-शहर में लगी समाधान पेटियां-सुशासन तिहार को लेकर लोगों में उत्साह-8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदनरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ आज 08 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी।समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के नव नियुक्त अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री हरीश दुहन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री दुहन को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को श्री दुहन ने एसईसीएल द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत राज्य के खनन प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास नालियाँ ढकने के दिये निर्देश
महापौर मीनल ने प्रगतिरत कार्यो की विस्तृत समीक्षा की.
0 सभी ठेेकेदारो को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश0
रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने 15 वें वित्त आयोग के कार्यो की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को अनेक निर्देश दिये। प्रभारी अपर आयुक्त श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री यू.के. धलेन्द्र, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा सीनियर, श्री अंशुल शर्मा जुनियर, उपअभियंताओं, कार्य के अनुबंधित सभी ठेकेदारों की उपस्थिति में बैठक में महापौर ने सभी अधिकारियों को प्लान के अंतर्गत कार्यो को करने के निर्देश दिये।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बैठक में सभी ठेकेदारों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। महापौर ने निर्देशित किया है कि सभी कार्यो की सतत मॉनिटरिंग की जाए.
महापौर ने निर्देशित किया कि जिन बडे नालो में गौ माता गिर जाती है, उनका चिन्हांकन कर ड्रेन कव्हर हेतु कार्य किया जाये। महापौर ने ड्रेन कव्हर, पेवर वर्क, पेंटिंग कार्य उद्यान आदि मुख्य विषयों को लेकर समीक्षा की एवं ड्रेन कव्हर में कुछ मुख्य स्थानों जैसे रायपुर शहर के सभी 70 वार्डो के समस्त मुख्य मार्गो, सभी महापुरूषों की प्रतिमाओ और चौक -चौराहों का चिन्हाकन कर ड्रेन कव्हर हेतु प्राथमिकता से कार्य करवाने के निर्देश दिये हैँ। साथ ही स्कूल, हास्पिटल, बाजार, कमर्शियल काम्पलेक्स वाले स्थानों बडे फ्लाई ओव्हर के नीचे बाई पास में, कार्य के संबंध में निर्देश दिये हैँ।
महापौर ने उद्यान हेतु चारों विधानसभा क्षेत्रों के उद्यानों का चिन्हांकन कर सौंदर्यीकरण कार्य किये जाने की जानकारी पर कहा कि कुछ उद्यानों के सौंदर्यीकरण का कार्य अत्यंत धीमा गति से चल रहा हैं, जिन्हे समयसीमा पर कार्य कर पूर्ण करवाने के निर्देश दिये गये हैँ। साथ ही जिन स्थानों में कार्य प्रगतिरत है, वहां के वार्ड पार्षदों को जानकारी में दिये बिना कोई भी कार्य नहीं किये जाने का निर्देश महापौर ने अधिकारियो को दिया है। -
रायपुर - प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आदेशानुसार और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्व दीप के मार्ग निर्देशन में आज से नगर पालिक निगम रायपुर के सभी 70 वार्डों में आमजनों से समस्याओं और शिकायतों के आवेदन प्राप्त करने सार्वजनिक स्थलों पर सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक शिविर आयोजन हुआ. यह सिलसिला दिनांक 11 अप्रैल 2025 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक जारी रहेगा. आज पहले दिन सभी 10 जोनों के तहत समस्त 70 वार्डो में शिविर स्थल पर आमजनों ने कुल 1779 आवेदन जमा किये, इसमें 1373 आवेदन मांगों और 406 आवेदन शिकायतों से सम्बंधित रहे.पहले दिन जोन 1 में 100, जोन 2 में 397, जोन 3 में 319, जोन 4 में 149, जोन 5 में 105,जोन 6 में 270, जोन 7 में 150,जोन में 122,जोन 9 में 63 और जोन 10 में 104 आवेदन आमजनों ने जमा कराये.
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रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 8 जोन कमिश्नर श्री ए. के. हालदार के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री अभिषेक गुप्ता के नेतृत्व और उप अभियंता श्री लोचन प्रसाद चैहान की उपस्थिति में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 के नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न स्थानों में अवैध निर्माण एवं स्वीकृति विपरीत निर्माण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस क्रम में आज जोन क्रमांक 08 के तहत वार्ड क्रमांक 70 संत रविदास वार्ड के तहत डुमरतालाब से सरोना जाने वाले मुख्य मार्ग के पास श्रीमती पूर्णिमा चावड़ा द्वारा लगभग 2400 वर्गफीट भूखंड क्षेत्र में व्यवसायिक अनुमति के विपरीत किये गए निर्माण को तोडने की कार्यवाही की गयी एवं भवन स्वामी को भूतल में पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया गया । जोन क्षेत्र के अंतर्गत मोहबाबाजार से एम्स होते हुए टाटीबंध मुख्य मार्ग में लगभग 15 ठेलों और गुमटियों हटाने की कार्यवाही की गई ।
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बैठक में मरीजों के हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
बिलासपुर/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 55 पद की स्वीकृति के साथ ही बजट सत्र में की गई घोषणा के अनुरूप जिले में शासकीय फिजियोथैरेपी कॉलेज खोले जाने की तैयारी करने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने आज सिम्स में स्वशासी समिति की बैठक में ये महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सिम्स अस्पताल के बेहतर संचालन के लिए स्वशासी समिति के सामान्य सभा की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, पूर्व विधायक श्री कृष्णमूर्ति बांधी सहित समिति के सदस्य और अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और सिम्स स्वशासी समिति के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने उदारतापूर्वक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को बेहतर बनाने 27 करोड़ 90 लाख रूपए और सिम्स मेडिकल कॉलेज के लिए 1 करोड़ रूपए की स्वीकृति भी दी। उन्होंने मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में आवश्यकतानुसार वाटर कूलर और ए.सी. की व्यवस्था करनेे के निर्देश दिए। सिम्स अस्पताल में 60 लाख रूपए से एसीएलएस एम्बुलेंस की स्वीकृति दी। डीन ने बताया कि सिम्स अस्पताल में वर्तमान में 3 नग बीसीएलएस एम्बुलेंस उपलब्ध है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी के फलस्वरूप रिपोर्टिंग में विलंब को दूर करने टेलीरेडियोलॉजी के लिए अनुमति दी गई। चिकित्सालय भवन के एमआरडी, ओपीडी एवं पेयिंग वार्ड में रिनोवेशन एवं मरम्मत कार्य की स्वीकृति दी गई।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति सहित स्वशासी समिति के सदस्य और अन्य अधिकारी 'मौजूद थे। -
नगर निगम क्षेत्र में सुशासन तिहार में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिक
निगम कमिश्नर ने लिया शिविर का जायजा
बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में पूरे प्रदेश में 8 अप्रैल से शुरू हुए सुशासन तिहार 2025 के तहत शिविर में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे,जिन्होंने आवेदन दिया। सुशासन तिहार के पहले दिन बिलासपुर नगर निगम के सभी 70 वार्डों में आयोजित शिविर में कुल 742 आवेदन प्राप्त हुए, सभी शिविरों में समाधान पेटी भी रखा गया है जिसमें नागरिकों ने अपने आवेदन डाले। वार्डों में लगाए गए शिविर का निगम कमिश्नर अमित कुमार ने निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया और नागरिकों से बातचीत की।
विदित है की बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी 70 वार्डों में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से आमजन के आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में तीन चरणों में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
यह तिहार प्रदेश में सुशासन की सशक्त स्थापना, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और जन संवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। सरकार शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, प्रभावशीलता और जन-हितैषी प्रशासन की स्थापना को लेकर कटिबद्ध है। इस तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे आम जनता से जुड़कर, उनकी समस्याओं को समयबद्ध ढंग से सुलझाने का कार्य करेगा। सुशासन तिहार-2025” के आयोजन के उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। शिविर स्थलों में
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर समाधान पेटी भी रखी गई है, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल में व्यवस्था है। कॉमन सर्विस सेंटर का भी ऑनलाइन आवेदन लेने हेतु उपयोग किया जा सकता है। -
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में सुबह से ही लोग आवेदन देने पहुंचे
जिला पंचायत सीईओ ने शिविरों का लिया जायज़ा
बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शुरू हुए राज्य व्यापी “सुशासन तिहार में लोगों द्वारा अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन देने का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग बेझिझक आवेदन दे रहे हैं। लोगों को भरोसा है कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए त्वरित पहल की जाएगी। सुशासन तिहार के पहले चरण में आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक जिले की सभी 486 ग्राम पंचायतों, नगर निगम, नगरीय निकायों और जिला मुख्यालयों में आवेदन लिए जा रहे हैं।
जिला पंचायत बिलासपुर के सीईओ और ग्रामीण क्षेत्रों के नोडल अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने ने जिले के खजूरी नवागांव, काथाकोनी, हिर्री आदि विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर आवेदन लेने की प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों से कहा कि लोगों को आवेदन देने के लिए किसी प्रकार का दिक्कत न हो,इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को आवेदन देने से मना या रोका नहीं जाए। उन्होंने मौजूद महिलाओं और लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में अपनी मांगों और आवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। आवेदन का प्रारूप दल के पास उपलब्ध है। जिले के कलेक्टोरेट, जिला पंचायत, सभी जिला कार्यालय,जनपद और तहसील कार्यालय में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। सुशासन तिहार तीन चरणों में आयोजित होगा। पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। -
बिलासपुर/राजस्व संबंधित मामलों के निराकरण के लिए जिले में राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम का सिलसिला जारी है। तीसरे दिन 9 अप्रैल को 24 गांवों में शिविर आयोजित किये जाएंगे। इनमें बिलासपुर तहसील में ग्राम सेंदरी के शासकीय हाईस्कूल, मटियारी में शासकीय प्राथमिक शाला धनुवारपारा मोहरा, सिरगिट्टी में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, बेलतरा तहसील में ग्राम पंचायत सेमरा एवं ग्राम पंचायत करमा, बिल्हा तहसील में ग्राम बिटकुली एवं उमरिया, बोदरी तहसील में ग्राम पंचायत भवन सरवानी एवं ग्राम पंचायत भवन कड़ार, मस्तूरी तहसील में भनेसर एवं डोड़की, सीपत तहसील में ग्राम खोंधरा, पचपेड़ी तहसील में ग्राम पचपेड़ी एवं भटचौरा, तखतपुर तहसील में ग्राम पंचायत भवन बीजा, ग्राम पंचायत भवन राजपुर, ग्राम पंचायत भवन सोनबंधा एवं ग्रांम पंचायत भवन बेलपान, सकरी तहसील में सैदा, संबलपुरी एवं नेवरा, कोटा तहसील में नवागांव के ग्राम पंचायत भवन, रतनपुर तहसील में ग्राम पंचायत भवन जाली एवं ग्राम पंचायत भवन जोगीपुर, बेलगहना तहसील में नगोई एवं सोढ़ाखुर्द में शिविर आयोजित होंगे।
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*डॉ संध्या तिवारी बनी महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष*
रायपुर,। छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज केंद्रीय समिति की रायपुर में हुवी आम बैठक में नए पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। पूर्व अध्यक्ष श्री विनय तिवारी के कार्यकाल की समाप्ति के बाद *श्री दिवाकर तिवारी* को सर्वसम्मति से संगठन का नया *प्रांत अध्यक्ष* चुना गया, साथ ही, *श्री बिहारीलाल शर्मा, श्री अजय शर्मा, श्री आकाश दुबे श्रीमती सुषमा तिवारी* को संगठन के *महासचिव* और भारतरत्न तिवारी को उपाध्यक्ष तथा नीरज दुबे को कोषाध्यक्ष पद का दायित्व सौंपा गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में कमलेश शर्मा ,राहुल शर्मा ,सुनीता नीतू ,मनोज शर्मा, आदित्य मिश्रा, लक्ष्मीकांत शर्मा ,शैलेश मिश्रा ,एन पी उपाध्याय ,संजय दुबे अमिताभ दुबे का नाम प्रस्तावित किया गया ,इसके अलावा, *डॉ. संध्या तिवारी*को **महिला प्रकोष्ठ की प्रांताध्यक्ष** चुना गया।छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज केंद्रीय समिति प्रदेश की सबसे बड़ी ,पुरानी एवम प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन है, जो समाज सेवा, शिक्षा और सांस्कृतिक उन्नयन के क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय है।नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने तथा समाज हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर शपथ ग्रहण का आयोजन एवम शासन द्वारा निगम मंडल में हुवी नियुक्तियों में समाज के प्रतिनिधियों का सम्मान एवम परशुराम जयंती को हर्षोल्लास से मनाये जाने का निर्णय हुवा ।यह जानकारी महासचिव अजय शर्मा ने दी । - रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में बीते तीन महीने में 213 अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति आदेश जारी किये गए हैं। इसमें प्रथम एवं व्दितीय वर्ग के 13 अधिकारी तथा तृतीय व चतुर्थ वर्ग के 200 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। कंपनी प्रबंधन ने क्षेत्रीय कार्यालयों को भी निर्देश दिए हैं कि पात्रतानुसार विद्युत कर्मियों के पदोन्नति आदेश शीघ्र जारी किये जाएं।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के अध्यक्षव्दय श्री सुबोध कुमार सिंह एवं डॉ. रोहित यादव तथा प्रबंध निदेशक श्री आरके शुक्ला, श्री भीमसिंह कंवर एवं श्री एसके कटियार ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पदोन्नत अधिकारी-कर्मचारियों को आह्वान किया है कि वे अपनी पूरी क्षमता, लगन और निष्ठा के साथ प्रदेश के विद्युत विकास में अपनी भागीदारी दें। समर्पण के साथ उपभोक्ताओं को संतुष्ट करें। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी अपने कर्मियों के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। इसी दिशा में उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर सम्मान और पदोन्नति जैसे अवसर पूरी पारदर्शिता के साथ प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने तीनों कंपनी के मानव संसाधन विभाग और क्षेत्रीय कार्यालयों को पदोन्नति के कार्य को तीव्र गति से पूरा करने पर बधाई दी और उम्मीद जताई की बचे हुए पदों पर भी शीघ्र पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन विभाग से सहायक अभियंता, कार्यपालन अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, मुख्य अभियंता और कार्यपालक निदेशक के पदोन्नति आदेश जारी किये जाते हैं, जिनमें अभियंता (कॉमन) कैडर के ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब्यूशन व सिविल संकाय के 11 अधिकारियों के पदोन्नति आदेश जारी किये गए हैं। इसमें कार्यपालक निदेशक के तीन व मुख्य अभियंता के पांच तथा अधीक्षण अभियंता के तीन अधिकारियों को पदोन्नति प्राप्त हुई है। जनरेशन कंपनी से दो मुख्य अभियंताओं को कार्यपालक निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया है।इसी तरह तृतीय व चतुर्थ वर्ग की पदोन्नति तीनों कंपनी के मानव संसाधन विंग के अलावा क्षेत्रीय कार्यालय से किया जाता है। इसमें तृतीय व चतुर्थ वर्ग के सबसे अधिक 200 कर्मियों को पदोन्नति प्रदान की गई है। ट्रांसमिशन कंपनी लाइन अटेंडेंट ग्रेड एक के पद पर 22, टेस्टिंग अटेडेंट ग्रेड-एक पर 48 तथा ऑफिस अटेंडेस एवंदफ्तरी के एक-एक पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। वहीं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी मुख्यालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर 28 कर्मियों को पदोन्नत किया गया है।इसी तरह डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में लाइन अटेंडेंट एक के पद पर राजनांदगांव रीजन में 13 व दुर्ग रीजन में 19 कर्मियों की पदोन्नति की गई है। लाइन असिस्टेंट ग्रेड दो के पद पर राजनांदगांव में 48 कर्मियों को पदोन्नति प्रदान की गई है।
- बिलासपुर/मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत 23 अप्रैल 2025 को बिलासपुर रेल्वे स्टेशन से पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क के लिए 375 तीर्थयात्री तथा 11 शासकीय अनुरक्षक सहित 386 तीर्थयात्रियों का दल रवाना होगा। जिसमे 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजन, परित्यक्ता एवं विधवा शामिल हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए समाज कल्याण विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा मैथ्यू ने बताया कि आवेदकों द्वारा निर्धारित प्रपत्र में सभी आवश्यक पूर्ति कर आवेदन पत्र संबंधित जनपद पंचायत, नगरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय में दिनांक 13 अप्रैल तक जमा करना होगा। जनपद पंचायत, नगर पंचायत एवं नगरीय निकाय द्वारा प्राप्त सभी आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 15 अप्रैल तक कार्यालय संयुक्त संचालक, समाज कल्याण विभाग, कमरा नं. 04, पुराना कम्पोजिट भवन, बिलासपुर में जमा करना होगा।
- बिलासपुर/सूचना के अधिकार के संबंध में 17 अप्रैल को संभाग स्तरीय कार्यालयों के जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला सह प्रशिक्षण का यह आयोजन जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में उक्त तिथि को सवेरे 11 बजे से शुरू होगी। संभागायुक्त महादेव कावरे ने सभी संभागीय अधिकारियों को पत्र जारी कर जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को कार्यशाला में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
- बिलासपुर/जनसमुदाय को स्वास्थ्य पोषण के प्रति जागरूक करने एवं पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन के उद्देश्य से 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी है।जारी आदेश के अनुसार पोषण पखवाड़ा के शुभारंभ पर साईकिल रैली, पोषण रथ के साथ पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुपोषण से मुक्ति के संबंध में दायित्व निभाने शपथ ली जाएगी। पोषण पखवाड़ा के दौरान मुख्य रूप से एनिमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, सुपोषण अभियान की थीम पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पोषण पखवाड़े के लिए प्रतिदिन आयोजित की जाने वाली गतिविधि कलैंडर एवं सहयोगी विभागों की कार्यदायित्व की कार्ययोजना तैयार की गई है। इस दौरान की जाने वाली समस्त गतिविधियों को जनआंदोलन के डैशबोर्ड पोर्टल www.poshanabhiyaan.gov.in पर अनिवार्यतः प्रतिदिन अपलोड किया जाएगा।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। बालाजी मंदिर में सोमवार को रामनवमी महोत्सव के समापन पर प्रभु श्रीराम का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच रजत छत्र की छाया में राज्याभिषेक किया गया। मंदिर के मंडप में राजसी ठाटबाट के साथ हुए प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक को भक्तगणों ने भावविभोर होकर देखा। सुबह दस बजे शुरू हुआ राज्याभिषेक लगभग चार घंटे चला। आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में इस मंदिर में पूरे पांच दिन भक्तगणों के हुजूम के बीच धूमधाम से रामनवमी महोत्सव मनाया गया। समिति के अध्यक्ष पीवी राव और सचिव पीएस राव के नेतृत्व में धार्मिक सद्भाव से मनाए गए इस महोत्सव में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।*पुलकित आंखों से देखा राज्याभिषेक*सर्वप्रथम मंदिर के पुजारी गोपालाचारी के सान्निध्य में विधि-विधान से मंडप के बीचों-बीच राज सिंहासन को स्थापित कर मंत्रोच्चारित जल से उसका शुद्धीकरण किया गया। शुद्धीकरण के पश्चात पुजारी ने सिंहासन के ठीक सामने रजत निर्मित सुदर्शन चक्र तथा शठगोपम् को वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए प्रतिष्ठित किया। और उसके बाद चावल से भरी एक पीतल की थाली में चांदी से निर्मित प्रधान कलश पर श्रीफल और चांदी की अन्य थाली में तांबूल पत्तों पर प्रभु श्रीराम की पादुकाएं रखी गईं। पुजारी ने यजमान के रूप में बैठे बी अकमु नायडु दंपति से प्रभु की पादुकाओं का पवित्र जल से प्रक्षालन कराया, तत्पश्चात पूजा-अर्चना कराई। यजमान दंपति ने प्रभु श्रीराम की पादुकाओं को शिरोधार्य करके मंदिर की परिक्रमा भी की। सिंहासनारूढ़ होने से पहले भगवान श्रीराम और माता सीता के उत्सव विग्रहों को नूतन वस्त्रों तथा स्वर्णाभूषणों से अलंकृत किया गया। उसके बाद पूरे विधि विधान से राजतिलक लगाकर प्रभु श्रीराम और माता सीता का राज्याभिषेक किया गया। सिंहासन पर विराजमान होने के बाद जब प्रभु श्रीराम और माता सीता ने दर्शन दिए, तो इस अलौकिक दृष्य को वहां पर उपस्थित सभी श्रद्धालुगण पुलकित आंखों से देखते रह गए। सिंहासन स्थल पर ही लक्ष्मण और हनुमान के विग्रहों को भी पूरी साज-सज्जा के साथ रखा गया था।*राज्याभिषेक के वृत्तांत का रसपान*इस दौरान सुब्रमण्यम शर्मा ने राज्याभिषेक के वृत्तांत को कथा के माध्यम से सुनाया, जिसका भक्तगणों ने रोमांचित होकर रसपान किया। राज्याभिषेक के उपरांत पुजारी ने तीर्थप्रसाद देने के बाद भक्तों के शीर्ष पर शठगोपम् रखकर आशीर्वाद दिया। यहां उल्लेख करना आवश्यक है कि शठगोपम् भगवान की मुख्य मूर्ति का प्रतीक होता है। प्रभु के दर्शन के लिए आए सभी भक्तों को मंंदिर में स्थापित मुख्य मूर्ति के चरण स्पर्श की अनुमति नहीं होती, इसलिए पुजारी शठगोपम् को भक्तों के सिर पर रखते हैं। पांच दिनों तक चले महोत्सव में उपाध्यक्ष के सुब्बाराव, कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, उप कोषाध्यक्ष एनएस राव, संयुक्त सचिव के लक्ष्मीनारायण व एस रवि तथा एक्जीक्यूटिव कमेटी के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- महाराष्ट्र मंडल में रामनवमी महोत्सव के अंतिम दिन अरविंद जोशी ने मेघनाथ, वैशाली जोशी ने उर्मिला, संगीता निमोणकर ने सुलोचना और धनश्री पेंडसे ने की मंदोदरी ने चरित्र की व्याख्यारायपुर। विभीषण विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार का साथ छोड़कर प्रभु राम के पास चले गए। रावण से हुए युद्ध में उन्होंने धर्म यानी प्रभु श्रीराम का साथ दिया।इसके बावजूद आज भी हमारे समाज में विभीषण न केवल अस्वीकार्य है बल्कि गाली व अपमान का सूचक भी है। महाराष्ट्र मंडल में रामनवमी महोत्सव के अंतिम दिन सचेतक रविंद्र ठेंगडी ने विभीषण के पात्र पर इस आशय के विचार रखे। इस मौके पर अरविंद जोशी ने मेघनाथ पर, वैशाली जोशी ने उर्मिला पर, धनश्री पेंडसे ने मंदोदरी पर और संगीता निमोणकर ने सुलोचना के चरित्र का विश्लेषण किया।ठेंगड़ी ने महाभारत के भीष्म और रामायण के पात्र विभीषण का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए कहा कि भीष्म नीतियों के खिलाफ चलने वाले अंधे राजा धृतराष्ट्र और कौरव पुत्रों के साथ रहे। हर क्षण उन्हें धर्म और न्याय की राह पर चलने की सीख देते रहे। यही कारण है कि आज भी हमारे समाज में अपने परिवार के साथ खडे़ भीष्म को उनकी प्रतीज्ञा के लिए याद किया जाता है। आप भी सुख- दुख में परिवार के साथ एकजुट रहें।*मेघनाथ के वध पर अहंकार मत करना लक्ष्मण: जोशी*अरविंद जोशी ने कहा कि रामायण में इंद्रजीत एक अद्वितीय योद्धा है, जिनका वध शेषनारायण के अवतार लक्ष्मण ने किया। युद्ध में लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध किया। एक कथा प्रचलित है कि मेघनाथ की पत्नी सुलोचना लक्ष्मण से कहती हैं कि मेघनाथ का वध आपने किया है, इस अहंकार में मत रहना। उनका वध उर्मिला के पतिव्रत धर्म और नारी का सम्मान न करने वाले रावण का साथ देने के अधर्म के कारण हुआ। जोशी ने कहा कि अधर्म का साथ देने वालों का अंतत: यही हश्र होता है।*मेघनाथ की पत्नी सुलोचना की पतिव्रता सीता से कम नहीं: संगीता*संगीता निमोणकर के अनुसार सुलोचना वासुकी नाग की पुत्री और लंका के राजा रावण के पुत्र मेघनाद की पतिव्रता पत्नी थी। लक्ष्मण के साथ हुए युद्ध में मेघनाद का वध हुआ। उसके कटे हुए शीश को भगवान श्रीराम के शिविर में लाया गया था। अपने पति की मृत्यु का समाचार पाकर सुलोचना ने अपने ससुर रावण से राम के पास जाकर पति का शीश लाने की प्रार्थना की, किंतु रावण के इंकान करने के बाद वे प्रभु श्रीराम के शिविर में जाकर अपने पति का शीश लाती हैं। सुलोचना आज भी रामायण कथा में लंका की सम्मानीय की पात्र हैं।*त्याग, समर्पण, धैर्य, धर्मपरायणता की प्रतिमूर्ति थीं उर्मिलाः वैशाली*वैशाली जोशी ने बताया कि रामायण में उर्मिला, लक्ष्मण की पत्नी के रूप में धैर्यवान, समर्पण और धर्मपरायण स्त्री के रूप में चित्रित की गई हैं। मिथिला के राजा जनक और रानी सुनयना की पुत्री उर्मिला को नागलक्ष्मी का अवतार माना जाता है। उर्मिला कठिन परिस्थितियों में भी शांत और स्थिर रहतीं थीं। आज के आधुनिक युग में उर्मिला का पात्र भी हर उम्र की नारियों को जीवन जीने के तौर तरीके सिखाता है।*रावण को सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने की सलाह देतीं थीं मंदोदरीः धनश्री*धनश्री पेंडसे ने बताया कि रामायण में मंदोदरी रावण की पत्नी, सुंदर, बुद्धिमान और धर्मपरायण महिला के रूप में चित्रित की गई है, जो अपने पति को हमेशा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की सलाह देती है। रावण उनकी सलाह को अक्सर नजरअंदाज कर देता है। रावण के सीता का अपहरण करने के कृत्य को लंका में सबसे पहले मंदोदरी ने गलत व अधर्म बताया था और उसे धर्म के मार्ग पर चलने की सलाह भी दी थी।



























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