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- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने गुरूर विकासखंड के ग्राम तार्री में स्थानीय नाले में चल रहे सुदृढ़ीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण कर प्रगतिरत कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कार्य से होने वाले जल के संरक्षण एवं नाला के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वहाँ कार्यरत महिलाओं से भी चर्चा की और उन्हें जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संरक्षण करने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- बालोद. राज्य के उत्कृष्ठ शैक्षणिक संस्थाओं में कक्षा 6वीं में निःशुल्क अध्ययन एवं प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 26 जुलाई को 2026 को आयोजित किया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को वर्तमान में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत् होना तथा कक्षा 4थीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया होना अनिवार्य है। ऐसे विद्यार्थी उक्त योजना के तहत् आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने के पात्र होगें। उन्होंने बताया कि चयन परीक्षा के प्राप्ताकों की मेरिट के आधार पर कक्षा 6वीं के लिये अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु आबंटित किए गए राज्य में स्थित उत्कृष्ठ शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिया जाएगा।प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही योजनांतर्गत विद्यार्थियों का चयन पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र अर्थात् ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित शालाओं के कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। नगर पालिका तथा नगर निगम क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थी योजना का लाभ लेने हेतु पात्र नहीं होंगे। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाने हेतु आयोजित परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी अपने आवेदन पत्र के साथ कक्षा 4थीं की अंक सूची, जाति प्रमाण-पत्र, पालक का आयकरदाता नहीं होने प्रमाण-पत्र संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण-पत्र अपने शाला में 20 जुलाई 2026 तक जमा कर सकते है।
- बालोद. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार जिला जेल बालोद में बंदियों के परिजनों को विधिक जानकारी एवं प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु विधिक सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ आज 15 मई 2026 को प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद श्री एस.एल. नवरत्न द्वारा किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री नवरत्न ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद द्वारा जिला जेल बालोद में विधिक सहायता हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों के साथ-साथ उनके परिवारजनों को भी निःशुल्क विधिक सहायता एवं आवश्यक कानूनी परामर्श उपलब्ध कराना है।हेल्प डेस्क के माध्यम से बंदियों के परिजनों को बंदियों के प्रकरणों की जानकारी, जमानत प्रक्रिया, अपील, कानूनी अधिकारों जानकारी दी जाएगी। जानकारी एवं संसाधनों के अभाव में बंदियों के परिवारजन को उचित कानूनी सहायता नहीं मिल पाती। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर न्यायिक सहायता पहुंचाई जा सके। हेल्प डेस्क में लीगल एड डिफेंस कौंसिल एवं पैरा लीगल वालिंटियर्स नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, जो बंदियोे परिवारजनों की समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक कानूनी सलाह एवं सहयोग प्रदान करेंगे। प्रत्येक नागरिक को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस अवसर पर जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री ताजुद्दीन आसिफ, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संजय सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश बालोद श्रीमती हीरा सिन्हा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, लीगल एड डिफेंस कौसिल व कौंसिलगण श्री श्रीनिवास पाण्डेय चीफ, जेल अधीक्षक बालोद श्री एस.पी.कुर्रे एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के पैरालीगल वालिटिंयर्स उपस्थित रहें।--
- 0- जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना जरूरी0- भू-जल संरक्षण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित0- कलेक्टर ने दिलाई जल संरक्षण और स्वच्छता की शपथबिलासपुर. जिले में भू-जल संवर्धन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागृह शनिचरी बाजार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, नगर निगम सभापति श्री विनोद सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, डीएफओ श्री नीरज यादव, पार्षद श्री बंधु मौर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला में नगरीय निकायों के अध्यक्ष, जिला पंचायत और जनपद सदस्य सहित 154 ग्रामों के सरपंच, सचिव, रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट, उप अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ, बिल्डर्स एवं बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई।बतौर मुख्य अतिथि बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी को केवल अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने कहा कि तेजी से घटते भू-जल स्तर और बढ़ती जल समस्या को देखते हुए अब प्रत्येक नागरिक को पानी बचाने के लिए जागरूक होना जरूरी है। वर्षा जल संचयन, तालाब संरक्षण और पौधरोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए आज से ही सामूहिक प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि अपने विशेष दिन जैसे जन्मदिन, वर्षगांठ जैसे आयोजनों पर हमें एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। गांवों में तालाब, कुएं और पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित कर जल संकट से बचा जा सकता है। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसे जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि जल संरक्षण और स्वच्छता को जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से पौधरोपण, स्वच्छता और जल बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि भू-जल का अत्यधिक दोहन होने से जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। भविष्य में जल संकट से बचने के लिए हमें जल संरक्षण के लिए हमारे गांव और शहर के हिसाब से नई तकनीक को अपनाना होगा। हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें एक दिशा में ठोस कार्य योजना बनाकर इसे क्रियान्वित करना होगा। तालाब, डबरी और वर्षा जल संचयन जैसी संरचनाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने स्वच्छता, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता को भी समय की आवश्यकता बताते हुए लोगों से कचरे का पृथक्करण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि जिस प्रकार चोर सामान चुरा लेता है, उसी तरह हम धरती का पानी लगातार खत्म कर रहे हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए अभी से जल संरक्षण पर गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने साइबर अपराधों से सतर्क रहने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भू-जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता जरूरी है। वहीं नगर निगम के उपायुक्त श्री खजांची कुमार ने कार्यशाला को जनजागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।कार्यशाला में राजनांदगांव जिले के सहायक परियोजना अधिकारी श्री फैज अहमद ने वी वायर टेक्नोलॉजी, पोंड विथ इंजेक्शन वेल सहित अन्य विभिन्न भू-जल संरक्षण संरचनाओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जल संरक्षण के वैज्ञानिक तरीकों और वर्षा जल संचयन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक तकनीक से नक्शे का तथ्यात्मक आंकलन, स्थल का चयन, ग्राम पंचायत की कार्ययोजना, संरचनाओं की स्वीकृति, संरचनाओं का निर्माण, संरचनाओं का उपयोग और उनके मरम्मत एवं संधारण के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
- बिलासपुर. जिले की होनहार छात्रा कुमारी कंचनलता को उच्चशिक्षा के लिए नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत आर्थिक मदद मिली है कंचन को इससे अपनी वकालत की पढ़ाई करने में सहायता मिलेगी। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कंचन के लिए पढ़ाई जारी रखना चुनौती बनता जा रहा था। लेकिन सुशासन तिहार के तहत वार्ड क्रमांक 19 में आयोजित समाधान शिविर में इस योजना से मिली मदद से अब पढ़ाई की फीस भरना आसान होगा। कंचन ने इसके लिए मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।श्रमिक परिवार की सीमित आय के बीच वकालत की पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन राज्य शासन की नोनी सशक्तिकरण योजना ने कंचन के सपनों को नई उड़ान दे दी है सरकंडा निवासी कुमारी कंचनलता को योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस सहायता राशि से अब उन्हें अपनी एलएलबी की पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंचनलता ने बताया कि वे शुरू से ही कानून की पढ़ाई कर समाज के जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने का सपना देखती हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार पढ़ाई छोड़ने का विचार भी आया। कंचन ने कहा कि शासन की इस योजना ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है और अब वे पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी। कंचनलता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उल्लेखनीय हैं कि श्रम विभाग के द्वारा संचालित नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना आज प्रदेश की अनेक बेटियों के लिए शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद बन रही है।
- 0- समोदा में विकास घोषणाओं की सौगात: स्वास्थ्य केंद्र, सीसी रोड और आंगनबाड़ी भवन निर्माण को मिली मंजूरी0- शिविर में 655 आवेदन प्राप्त एवं 147 आवेदन का त्वरित समाधानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा में सुशासन तिहार 2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल। राज्य शासन के निर्देश पर एक महीने के भीतर सभी आवेदनों का समाधान कर आवेदक को लिखित सूचना दी जाएगी।विकास कार्यों की तत्काल घोषणा और निर्देशसांसद ने जनहित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए:समोदा में स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 15 दिनों के भीतर अस्थायी भवन में शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही बनरसी में धान मंडी के लिए उपयुक्त स्थान का चयन ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर करने को कहा। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने ओलावृष्टि और बाढ़ राहत की रुकी हुई राशि का तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए।उन्होंने महतारी वंदन योजना और गैस कनेक्शन के आवेदनों को लेने में आनाकानी करने वाले कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी पात्र हितग्राही का आवेदन रिजेक्ट नहीं होना चाहिए।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वार्ड क्रमांक 9 में कैलाश सतनामी के खेत से लेकर रमेश सोनकर के खेत तक सीसी रोड का निर्माण के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की साथ ही आगनवाड़ी भवन निर्माण की घोषणा की।शिविर को संबोधित करते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार का मूल मंत्र अंत्योदय है। जब-जब कमल का फूल खिलता है, सरकार खुद चलकर जनता के पास आती है। सुशासन का अर्थ है कि आम आदमी को छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।सांसद ने नवजात शिशुओं का अन्नप्रासन्न कराया और किशोरियों को हेल्थ किट वितरित की। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 52 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।समाज कल्याण एवं श्रम विभाग से जरूरतमंदों को ई-श्रम कार्ड एवं भवन अनुज्ञा पत्र, राजस्व विभाग से किसानों को किसान किताब तथा ग्रामीणों को आय प्रमाण पत्र वितरित किए गए। परिवहन विभाग से युवाओं को लर्निंग लाइसेंस सौंपे गए। उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। दिव्यांगजनों के ट्राइसाइकिल के आवेदन पर सांसद ने एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर नगर पालिका आरंग अध्यक्ष श्री संदीप जैन, समोदा नगर पंचायत अध्यक्ष श्री छोटेलाल सोनकर, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा, तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- दामिनी देवदास ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवादरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। आरंग विकासखंड के नगर पंचायत समोदा में आयोजित सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम समोदा निवासी श्रीमती दामिनी देवदास एवं खुशबू सोनवानी के आवेदन पर जल्द ही राशन कार्ड बनाया गया।श्रीमती दामिनी देवदास ने कहा कि मैं आज सुशासन तिहार में अपने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था जिसके बाद जल्द मुझे राशन कार्ड प्रदान किया गया । मैं पिछले 4 साल से राशन कार्ड बनवाना चाहती थी लेकिन किसी कारणवश नहीं बन पाया था । अब सुशासन तिहार में तुरंत बन गया, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त करती हूं।श्रीमती खुशबू सोनवानी ने बताया कि पहले मेरा राशन कार्ड नहीं बना था अब सुशासन तिहार में आवेदन के बाद जल्द मेरा राशन कार्ड बन गया। अब मुझे और मेरे परिवार को राशन से संबंधित कोई समस्या नहीं होगी।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा, तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- 40 किलो सड़ा-गला फल मौके पर कराया गया नष्टरायपुर। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आज खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लालपुर स्थित होलसेल फल मार्केट का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने तरबूज के 2, अनार के 1, आम के 1 और मौसंबी के 1, कुल 5 नमूने संग्रहित किए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।कार्रवाई के दौरान मौके पर रखे 2 कैरेट, लगभग 40 किलोग्राम सड़े-गले फल को टीम ने नष्ट कराया। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य प्रयोगशाला से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सजग रहें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना विभाग को दें।---
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रायपुर। प्रदेश की प्यास बुझाने वाले गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र में आने वाले गांवों के लिए राहत भरी बड़ी खबर है। जल जीवन मिशन के तहत शासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की सजगता के चलते ग्राम कोसमी में किया गया नया बोर खनन पूरी तरह सफल रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां भूजल स्तर गिरने से कुछ व्यावहारिक दिक्कतें आ रही थीं, वहीं शासन के त्वरित एक्शन ने ग्रामीणों की इस बड़ी चिंता को दूर कर दिया है। हाल ही में भूजल स्तर में आई गिरावट को देखते हुए पीएचई विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाई। कोसमी और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए विभाग द्वारा युद्धस्तर पर काम शुरू किया गया। इसी कड़ी में कोसमी में किया गया नया बोर खनन पूरी तरह सफल रहा, जिससे अब गांव में प्रचुर मात्रा में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।
डूबान क्षेत्र के ग्राम कोसमी, कोड़ेगांव-आर और तिर्रा जैसे गांवों में आ रही आंशिक दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। कोसमी में सफल बोर खनन के बाद अब पाइपलाइन के जरिए घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डूबान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और गिरते वॉटर लेवल को देखते हुए शासन स्तर पर विशेष योजना बनाई गई है। कोसमी की सफलता के बाद अब तिर्रा और कोड़ेगांव में भी बंद पड़े हैंडपंपों को सुधारने और नए विकल्पों पर तेजी से काम चल रहा है। किसी भी ग्रामीण को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। कोसमी में पानी की सफल सुगबुगाहट और नए बोर से पानी निकलते देख ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी तकलीफ को समझा और गर्मी के चरम पर होने से पहले ही पानी की पुख्ता व्यवस्था कर दी। इस सफल प्रयास से अब आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य गांवों में भी पानी की किल्लत पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद जाग गई है। -
-जनसमस्या निवारण शिविर में मिली आटा चक्की, आजीविका को मिला नया आधार
रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आजीविका संवर्धन का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम तिलई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में श्रीमती चित्रलेखा को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत आटा चक्की प्रदान की गई, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत हुई है।श्रीमती चित्रलेखा लंबे समय से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए रोजगार के अवसर की तलाश कर रही थीं। सीमित संसाधनों के कारण उनके पास नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। ऐसे में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया।शिविर में उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आटा चक्की उपलब्ध कराई गई। अब वे अपने गांव में ही अनाज पिसाई की सुविधा प्रदान कर सकेंगी, जिससे उन्हें घर बैठे नियमित आय प्राप्त होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। श्रीमती चित्रलेखा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला है और आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खुला है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंच रही हैं और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दे रही हैं। -
-स्व-सहायता समूहों के जरिए आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं, मत्स्य पालन से बढ़ रही आय
रायपुर। प्रदेश में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अब केवल जनसमस्याओं के निराकरण का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचने से महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के ग्राम पर्री की महिलाओं ने सामूहिक प्रयासों से स्वरोजगार की मिसाल प्रस्तुत की है।विकासखंड सूरजपुर के ग्राम पर्री में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान माँ अम्बे महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती मिथलेश्वरी सिंह को मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदान किया गया। यह सहायता समूह द्वारा संचालित मत्स्य पालन गतिविधियों को और अधिक मजबूत करेगी तथा ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि का आधार बनेगी।उल्लेखनीय है कि समूह की महिलाओं ने ग्राम के शासकीय तालाब को 10 वर्षों की लीज पर लेकर संगठित रूप से मछली पालन का कार्य शुरू किया है। शासन की योजनाओं और विभागीय सहयोग से महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मत्स्य पालन जैसे व्यवसाय से जुड़कर वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार और आत्मविश्वास की नई प्रेरणा दे रही हैं।मत्स्य पालन विभाग द्वारा शिविर में महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और संसाधनों की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मत्स्याखेट जाल सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और ग्रामीण परिवारों की आय में निरंतर सुधार आएगा। साथ ही विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहा है। जाल प्राप्त करने के बाद श्रीमती मिथलेश्वरी सिंह ने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से समूह की महिलाओं को मत्स्याखेट कार्य में काफी सुविधा मिलेगी तथा उनकी आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार जैसे आयोजनों के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। - -घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने दी सहमति-जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक संपन्नसूरजपुर । जिले के तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के लिए जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों के पुनर्वास और रोजगार संबंधी विषयों पर चर्चा की गई।बैठक के दौरान ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से संबंधित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित रोजगार के दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई । बैठक में लिए गए इस निर्णयों के आधार पर ही अब प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के अंतर्गत कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हैं।जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय इनकी संख्या 161 खातेदार रही।निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए 95 रोजगार का प्रावधान किया गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
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राजनांदगांव । एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र नवागांव वार्ड 1 क्रमांक 1 में सहायिका के 1 पद पर नियुक्ति हेतु 1 जून 2026 तक आवेदन आमंत्रित की गई है। भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक निर्धारित तिथि तक ई-भर्ती पोर्टल URL http://aww.e-bharti.in/ पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हंै। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय एवं पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है।
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-मेसर्स माँ शीतला कृषि केन्द्र को नोटिस जारी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने खरीफ 2026 में जिले के किसानों को सहकारी व निजी क्षेत्रों से आवश्यक मात्रा में उर्वरकों का वितरण सुगमता एवं पादर्शिता से करने तथा अवैध रूप से उर्वरकों के भण्डारण एवं कालाबाजारी को रोकने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। इसी कड़ी में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम बेलगांव में मेसर्स माँ शीतला कृषि केन्द्र के परिसर एवं कृषि केन्द्र के ग्राम माड़ीतराई में स्थित गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में भण्डारित खाद किसान सुपर पाउडर लगभग 300 बोरी, एनएफएल यूरिया-290 बोरी, एनपीके 20:20:10-580 बोरी, एमओपी आईपीएल-273 बोरी, एनपीके 28:280:0-18 बोरी, डीएपी आईपीएल-52 बोरी, यूरिया एचयूआरएल-65 बोरी तथा किसान सुपर दानेदार 675 बोरी, इस प्रकार कुल अवैध रासायनिक उर्वरक भण्डारण लगभग 2253 बोरी पाया गया। टीम द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खण्ड-7 का उल्लंघन पाये जाने के फलस्वरूप भंडारित उर्वरकों का जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील किया गया है। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के धाराओं के उल्लंघन के संबंध में संबंधित को कारण बताओ नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने की दशा में आगामी कार्रवाई की जाएगी। अवैध खाद के भण्डारण पर जप्ती की कार्रवाई के समय उर्वरक निरीक्षक, सहायक संचालक कृषि श्रीमती संध्या कोचरे, सहायक संचालक कृषि डॉ. बीरेन्द्र अंनत, कृषि विकास अधिकारी डोंगरगढ़ श्री पीके नाग एवं राजस्व निरीक्षक श्री शिवेन्द्र मिश्रा, क्षेत्रीय पटवारी श्री प्रकाश चंद्राकर उपस्थित थे। - -अब योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभमहासमुन्द / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुसार प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार आमजन के लिए राहत और खुशियों की सौगात बनता जा रहा है। इसी क्रम में जिले के पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम मुढ़ीपार के श्री सतानंद निषाद के लिए भी सुशासन तिहार का समाधान शिविर खुशियां लेकर आया।श्री सतानंद निषाद का श्रम कार्ड नहीं बनने के कारण वे शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं के लाभ से वंचित थे। उन्होंने सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में श्रम कार्ड बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर में अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका श्रम कार्ड बना दिया गया।श्रम कार्ड बनने के बाद श्री सतानंद निषाद के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से उनकी लंबे समय से लंबित समस्या का निराकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि साय सरकार आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है, जिससे ग्रामीणों को काफी राहत मिल रही है।
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- कलेक्टर सूर्यसभा में हुए शामिल
- जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिल रही अभूतपूर्व सफलता
- ग्राम भोथीपारखुर्द में 22 घरों में सौर पैनल स्थापना कार्य पूर्ण कर कनेक्शन चालू
- ग्राम में बहुतायत सोलर कनेक्शन लगने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल
राजनांदगांव । जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अभूतपूर्व सफलता मिल रही है। जिला प्रशासन के प्रयासों ने योजना को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाकर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम भोथीपारखुर्द में आयोजित सूर्यसभा में शामिल हुए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित रही। ग्राम भोथीपारखुर्द में 22 घरों में सौर पैनल स्थापना कार्य पूर्ण कर कनेक्शन चालू हो गया है। वहीं 21 घरों में सौर पैनल कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है। साथ ही लगभग 10 नये आवेदन वेंडर चयन हेतु प्रक्रियाधीन हैं। इस तरह ग्राम भोथीपारखुर्द सौर ऊर्जा से जगमगा उठा है। ग्राम में बहुतायत सोलर कनेक्शन लगने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। विद्युत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे है।
कलेक्टर ने कहा कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना महत्वाकांक्षी पहल है। जिसका उद्देश्य देश के हर घर तक मुफ्त बिजली पहुंचाना है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना है तथा बिजली बिल मुफ्त अथवा बहुत कम करना है। इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैलन लगाने के लिए भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा अपनाने प्रेरित करने की दृष्टि से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में सक्रिय भागीदारी करने वाले दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इससे अन्य नागरिकों को भी प्रोत्साहन मिला। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा और फील्ड स्तर पर किए गए प्रयासों ने इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया है। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने और अपने घरों में सौर पैनल स्थापित कर स्वच्छ सस्ते एवं निरंतर ऊर्जा स्रोत से सशक्त बनाने की अपील की गई। इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल श्री कौशलेन्द्र पाण्डेय, जनपद सीईओ श्री मनीष साहू एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। - महासमुंद / जिले में पेट्रोल एवं डीजल की दैनिक आवश्यकता, उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा शुक्रवार को जिले के पट्रोल / डीजल वितरकों एवं ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा बताया गया कि नागरिकों में पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में कमी संबंधी भ्रम के कारण अचानक पेट्रोल एवं डीजल की मांग बढ़ गयी है, जो हितग्राही वाहन में 100-200 रूपये का पेट्रोल डलवाते थे वही लोग टैंक फुल कराना चाह रहे हैं, जिससे की किसी एक पंप में ड्राई की स्थिति निर्मित होने पर निकटस्थ के पंप में लोगों की भीड़ बढ़ जा रही है। ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में वर्तमान में 7,18,000 लीटर पेट्रोल एवं 7,33,000 लीटर डीजल उपलब्ध है, जो कि जिले के औसत दैनिक खपत के हिसाब से आगामी पेट्रोल 5 दिवस एवं डीजल 2 दिवस हेतु पर्याप्त है तथा ऑयल कंपनी द्वारा लगातार आपूर्ति जारी है। जिले में अगर पैनिक की स्थिति निर्मित नहीं होती है तो स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जायेगी। अतः जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि पेट्रोल एवं डीजल में कमी संबंधी भ्रम/अफ़वाहों को ध्यान न दें तथा भ्रम में आकर अनावश्यक लाईन में लगने अथवा घरों में अनावश्यक पेट्रोल एवं डीजल का स्टॉक जमा करने की आवश्यकता नहीं है । आवश्यकता पड़नें पर ही पेट्रोल एवं डीजल प्राप्त करें। बैठक में दुपहिया वाहनों को 200 रूपये, कार को 1500 रूपये, ट्रक / बस को 10,000 रूपये, कृषि कार्यों में प्रयुक्त होने वाले वाहनों के लिए जरिकेन में 2,000 रूपये का ईंधन एक बार में प्रदान करने का निर्णय लिया गया।बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, श्री तेजपाल ध्रव, डिप्टी कलेक्टर (प्रभारी खाद्य अधिकारी), श्री तरूण नायक सहायक खाद्य अधिकारी, विक्रय अधिकारी ऑयल कंपनी एवं जिले के पेट्रोल / डीजल पंप संचालक उपस्थित थे।
- महासमुंद / सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम मोगरा में समाधान शिविर का आयोजन विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। शिविर में आमजन की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए तथा मौके पर ही आवेदनों का निराकरण किया गया।कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य जुगनू चंद्राकर, जनपद सदस्य श्री महेंद्र साहू, श्रीमती निधि लोकेश चंद्राकर, श्रीमती नीता तुलाराम साहू, श्रीमती पुष्पा ध्रुव, श्रीमती विजय लक्ष्मी जांगड़े सहित 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से एडीएम अक्षा गुप्ता, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल, जनपद पंचायत सीईओ श्री बी.एस. मंडावी एवं नायब तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।मुख्य अतिथि विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं को गांव स्तर पर सुनकर उनका त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें ताकि आमजन को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कार्य कर रहे हैं। शिविर में ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं से संबंधित 1430 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
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- स्वास्थ्य केन्द्र में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने एवं जर्जर भवन डिस्मेंटल करने के दिए निर्देश
- प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा
- गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर एवं कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शुक्रवार को शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के मद्देनजर छुरिया विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जनपद पंचायत कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। संभागायुक्त श्री राठौर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुरिया के महिला वार्ड, पुरूष वार्ड, नवजीवन कक्ष एवं प्रसूति कक्ष का अवलोकन किया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही परिसर स्थित जर्जर आवासीय भवन को डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए, जिससे परिसर का विस्तार किया जा सके और बेहतर सुविधाएं विकसित हो सके। संभागायुक्त श्री राठौर ने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुरिया का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में शीघ्र बाउंड्रीवाल निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए ट्रांसफार्मर लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्र के शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुरिया नये भवन में शिफ्ट होने पर स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जनसामान्य को मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकेंगे।
संभागायुक्त श्री राठौर ने जनपद पंचायत कार्यालय छुरिया का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद पंचायत क्षेत्र में संचालित निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शाखा का निरीक्षण कर योजना की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जनपद पंचायत क्षेत्र में अब तक लगभग 10 हजार 300 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गया हैं। संभागायुक्त ने शेष आवासों का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित आवासों के जियोटैग की ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर पोर्टल में दर्ज प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने सभी आवासों का जियोटैग समय पर पूर्ण करने और ऑनलाइन प्रविष्टियों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर निर्माण कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने कहा, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो सके। संभागायुक्त श्री राठौर ने जनपद पंचायत में ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता बढ़ाई जाए, जिससे जनसामान्य को त्वरित एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन, एसडीएम श्री श्रीकांत कोर्राम, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरीलाल साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। - -समाधान शिविर में मिली ट्रायसिकल, अब आत्मनिर्भर बनेगा 13 वर्षीय डिगेशमहासमुंद / सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर आमजनों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में पिथौरा विकासखंड के ग्राम राजपुर निवासी 13 वर्षीय डिगेश अजय के जीवन में भी यह शिविर नई उम्मीद और खुशियां लेकर आया।समाधान शिविर में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के हाथों डिगेश को ट्रायसिकल प्रदान की गई। ट्रायसिकल मिलने से अब डिगेश को आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वह स्वयं आसानी से आवागमन कर सकेगा।डिगेश के पिता श्री संतराम अजय ने बताया कि उनका बेटा बचपन में अन्य बच्चों की तरह खेलता-कूदता और दौड़-भाग करता था, लेकिन सात वर्ष की उम्र में अचानक बीमारी की चपेट में आने के बाद उसका चलना-फिरना बंद हो गया। तब से परिवार को उसे हर जगह ले जाने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने बताया कि गांव में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर आयोजित होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने बेटे के लिए ट्रायसिकल हेतु आवेदन किया था। आवेदन के बाद शिविर में ही उनके बेटे को ट्रायसिकल उपलब्ध करा दी गई।श्री संतराम अजय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल से उनके बेटे को नई जिंदगी मिली है। अब डिगेश आत्मनिर्भर होकर स्वयं अपने काम कर सकेगा और कहीं आने-जाने में उसे कठिनाई नहीं होगी।
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- विभिन्न प्रजाति के पौधों का संग्रहण मन को उल्लास से भर देने वाला
- किसानों के लिए यहां प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में मिर्च का थरहा उपलब्ध
- शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री समृद्ध नर्सरी
- फूल एवं फलों की विभिन्न किस्में उपलब्ध
राजनांदगांव । इन दिनों पेण्ड्री स्थित शासकीय उद्यान रोपणी की बगिया ग्रीष्म ऋतु में भी खुबसूरत फूलों से गुलजार है। वहीं वृक्ष विभिन्न वेरायटी के आम जिनमें आम्रपाली, लंगड़ा, दशहरी, चौसा, बाम्बेग्रीन लदे हुए हैं। राहत और सुकून से भरे शासकीय उद्यान रोपणी में विभिन्न प्रजाति के पौधों का संग्रहण मन को उल्लास से भर देने वाला है। सबसे खास बात यह है कि किसानों के लिए यहां प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में जापानी पद्धति से नमी, तापमान एवं प्रकाश की संतुलित मात्रा के माध्यम से बीज से थरहा तैयार किया जा रहा है। जिससे किसानों को आसानी से थरहा उपलब्ध हो जाता है। अभी यहां योगी नामधारी मिर्च की प्रजाति का थरहा लगाया गया है। किसान स्वयं बीज देकर यहां थरहा लगा रहे हैं। सीडलिंग यूनिट के जीर्णाद्धार का कार्य डीएमएफ की राशि से किया गया है। जिससे यहां पुन: किसानों के लिए अंकुरित पौधे उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। नर्सरी में कलमी पौधे, ग्रुटी पौध, शंकर पपीता, शंकर मुनगा और बिजू पौधे ब्रिकी के लिए उपलब्ध हैं। शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री समृद्ध नर्सरी है, जहां फूल एवं फलों की विभिन्न किस्में उपलब्ध है। यहां आम, अमरूद, संतरा, आंवला, लीची, अनार, पपीता, नारियल, अशोक, गंधराज, चंपा, गुलमोहर, हरसिंगार, बाटल ब्रश, चीकू, सिल्वर ओक, एक्जोरा, यूफोर्बिया, रातरानी, कदम, पीपल, बोगनविलिया, गुलाब, मनीप्लांट, अलमेंडा, रजनीगंधा, जरबेरा, कनेर, सहित विभिन्न पौधे बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
गौरतलब है कि ऑटोमेटिक सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट के अंतर्गत सीडलिंग के लिए नारियल बुरादा, परलाईड, वर्मी कोलाईट का उपयोग किया जाता है। इसमें मृदा का उपयोग नहीं किया जाता। बीज का विकास मशीनरी स्वींग मेथड से होता है। प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में टमाटर, बैंगन, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा, करेला, कद्दू, लौकी जैसी फसलों का सिडलिंग किया जाता है। प्रतिकूल मौसम में भी नर्सरी तैयार की जा सकती है। बीज का अंकुरण नियंत्रित वातावरण में होता है। अधिकतम संख्या में पौधे तैयार होते हैं। प्रति एकड़ बीज की मात्रा कम लगती है। तैयार की जाने वाली पौध नर्सरी स्वस्थ, एक समान एवं रोग रहित होती है। रोपण करने हेतु सही समय पर नर्सरी तैयार हो जाती है। प्रत्येक पौधे में निर्धारित आवश्यकतानुसार जड़ों का विकास होता है। उचित जड़ों के विकास के कारण खेत में ट्रांसप्लाटिंग टीपी उपरांत पौधों की जीवितता प्रतिशत अधिक होती है। अपेक्षाकृत कम अवधि में फलन प्रारंभ हो जाता है। सभी पौधों की एक समान वृद्धि होती है। -
- ग्राम साल्हे में बिहान की ओर से लगाया गुपचुप का स्टॉल
- मुंगोड़ी और चाट की दुकान से हुई तरक्की, प्रतिमाह हो रही 15 हजार रूपए से अधिक आय
- 50 डिसमिल जमीन और मोटर सायकल खरीदी
राजनांदगांव । सुशासन तिहार अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर श्रीमती शगुन साहू के लिए खास रहा। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की ओर से गुपचुप का स्टॉल लगाया था। उन्होंने बताया कि वे माँ पद्मा महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी है और उन्होंने महिला स्वसहायता समूह से 50 हजार रूपए का ऋण लिया था। जिससे उन्होंने मुंगोड़ी और चाट का दुकान प्रारंभ किया। व्यवसाय प्रारंभ करने के बाद उनके जीवन में तरक्की की राह खुली। प्राप्त आमदनी से उन्होंने 50 डिसमिल जमीन खरीदी है और मोटर सायकल खरीदी है। उन्होंने कहा कि अब वे आर्थिक रूप से संपन्न हैं। उन्होंने बताया कि पहले जब वह शादी होकर आयी थी, तब घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। लेकिन समूह से जुडऩे के बाद आत्मविश्वास बढ़ा और आजीविका मूलक गतिविधियों से जुडऩे का फायदा मिला। प्रतिमाह 15 हजार रूपए से अधिक की आय प्राप्त हो रही है।
श्रीमती शगुन साहू ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर काम करने का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाएं आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही हैं और उनका मनोबल भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आगे भी वे अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में आने से जनसामान्य को बहुत फायदा मिल रहा है। शिविर में जनसामान्य आधार कार्ड, श्रमिक कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड बनवा सकते हैं और शासन की योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बिहान से मदद मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। - -मौके पर हुआ समाधान, अब बिना दफ्तरों के चक्कर के मिलेंगी सुविधाएंरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ राज्यभर में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के तहत सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मूरता में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कंचनपुर निवासी किसान श्री अविनाश लकड़ा को मौके पर ही उनकी ‘किसान किताब’ (ऋण पुस्तिका) प्रदान की गई।काफी समय से ऋण पुस्तिका नहीं होने के कारण अविनाश लकड़ा को कृषि कार्यों और विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सुशासन तिहार के शिविर में आवेदन करने पर राजस्व विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराई। दस्तावेज प्राप्त होने के बाद अविनाश ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया है। ऋण पुस्तिका मिलने से अब अविनाश लकड़ा आसानी से किसान पंजीयन करा सकेंगे। इसके माध्यम से वे समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर सकेंगे और कृषि ऋण, आय प्रमाण पत्र तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी सरलता से प्राप्त कर पाएंगे। इससे उनकी खेती-बाड़ी से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य सुगम हो जाएंगे।अविनाश लकड़ा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण अब गांव-गांव में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है और लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी और राहत देने वाला साबित हो रहा है।
- -प्रत्येक आवेदन का होगा निराकरण - खाद्य मंत्री श्री बघेल-हितग्राहियों को मिले स्वामित्व पट्टा, ट्राइसाइकिल, सुपोषण टोकरीमहासमुंद / प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत शुक्रवार को जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत मुढ़ीपार में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल मौजूद थे।शिविर में खाद्य मंत्री श्री बघेल एवं अतिथियों द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया गया। इस दौरान मंत्री श्री बघेल ने विभागों को प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविर में प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा लंबित मामलों का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिविर में 18 ग्रामों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शिविर में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा विभिन्न विभागों के स्टॉलों में अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।शिविर को संबोधित करते हुए खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य शासन आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा किसानों को समय पर खाद का उठाव करने की सलाह दी गई। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।मंत्री श्री बघेल ने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर भी विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य सेवाओं की सतत निगरानी आवश्यक है। बच्चों को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिले, यह सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधे संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है।सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें तथा अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष खुलकर रखें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अमला मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद श्रीमती चौधरी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने हेतु स्व-सहायता समूहों से जुड़ने तथा युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम जनता की समस्याओं का निराकरण गांव स्तर पर ही हो तथा लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम बन रहा है। विधायक श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों, महिलाओं एवं जरूरतमंद परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने कहा। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, जिला सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ऊषा धृतलहरे, जनपद उपाध्यक्ष श्री ब्रम्हानंद पटेल, विधायक प्रतिनिधि श्री कैलाशचंद्र अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदुलारी सिन्हा, श्री कंवलजीत सिंह छाबड़ा,, जनपद सदस्य श्री पुरुषोत्तम धृतलहरे, श्री सीताराम सिन्हा, सरपंच श्रीमती सुमित्रा पटेल, श्री सादर राम पटेल, श्री अजय डड़सेना, श्री अजय अग्रवाल उपस्थित रहे।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को राजस्व, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, खाद्य, शिक्षा तथा सामाजिक कल्याण विभाग की योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। कई हितग्राहियों को मौके पर प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र एवं अन्य लाभ वितरित किए गए। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, किसान, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में आमजन की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित 1600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। जिसका मौके पर निराकरण किया जा रहा है। इस अवसर पर सुपोषण कीट, अन्नप्राशन, गोद भराई, 04 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, स्वामित्व पट्टा तथा हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।ज्ञातव्य हो कि 18 मई 2026 को जिले में तीन क्लस्टरों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम पंचायत बावनकेरा, विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत भस्करापाली तथा विकासखंड सरायपाली अंतर्गत ग्राम पंचायत चारभांठा शामिल हैं।
- - अधिकार अभिलेख पत्र प्राप्त होने पर श्रीमती कस्तुरी बाई ने प्रसन्नता व्यक्त की- ग्राम उचईपुर निवासी रूपचंद को मिला मालिकाना हक- जन समस्या निवारण शिविर साल्हे में हितग्राहियों को मिला अधिकार अभिलेख पत्रराजनांदगांव । वर्षों से अपने घर और जमीन पर निवास करने के बावजूद कानूनी दस्तावेजों के अभाव में असुरक्षा महसूस करने वाले ग्रामीणों के लिए स्वामित्व योजना आशा की नई किरण बनकर सामने आई है। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में तहसील कुमरदा क्षेत्र के हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। ग्राम उचईपुर निवासी श्रीमती कस्तुरी बाई ने अधिकार अभिलेख पत्र प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से जिस जमीन पर उनका परिवार रह रहा था, उसका कोई पक्का दस्तावेज नहीं होने से हमेशा चिंता बनी रहती थी। अब शासन की योजना से उन्हें जमीन का अधिकार अभिलेख प्राप्त हुआ है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षा और भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि अब जरूरत पडऩे पर वे बैंक से ऋण लेकर अपने घर और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगी। इसके लिए उन्होंने शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार उचईपुर निवासी श्री रूपचंद को भी स्वामित्व योजना के तहत जमीन का अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने शासन की इस योजना की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि तहसील कुमरदा अंतर्गत स्वामित्व योजना के माध्यम से अब तक 58 नागरिकों को अधिकार अभिलेख पत्र वितरित किया जा चुका है। इससे ग्रामीणों को अपनी आबादी भूमि का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त हो रहा है, साथ ही संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना तथा ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। भारत शासन के निर्देशानुसार स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी भूमि का स्वामित्व अधिकार प्रदान करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा ग्रामों में आबादी भूमि का चिन्हांकन किया गया। इसके अनुरूप सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ड्रोन सर्वे कर नक्शे तैयार किए गए। राजस्व विभाग ने भूमि स्वामियों के कब्जे का चिन्हांकन कर दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण की। इसके बाद अंतिम नक्शा तैयार कर स्वामित्व अधिकार पत्र जारी किए गए, जिससे ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध हो सका। स्वामित्व योजना ग्रामीणों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है। अब गांवों में रहने वाले लोग अपनी जमीन के पक्के दस्तावेजों के साथ आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना महसूस कर रहे हैं।


























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