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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को पार्षद विनोद सिंह के साथ जोन-4 खुर्सीपार क्षेत्र का साइकिल से प्रातः निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आई.टी.आई. ग्राउण्ड, श्रीराम वाटिका एवं खुर्सीपार खेल मैदान का जायजा लेकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने आईटीआई ग्राउंड में हो रहे सौंदर्यकरण एवं विकास कार्य का बारीकी से अवलोकन किया, जल भराव ना हो को दृष्टिगत करते हुए कार्य करने कहा गया है। खेल मैदान में व्यक्तिगत कार्यक्रम कराये जाने पर सफाई शुल्क सहित किराया लेने कहा गया है जिस मैदान का रखरखाव एवं व्यवस्था बेहतर हो सके । उद्यानों की साफ-सफाई, रखरखाव और नागरिक सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिये, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकें। आयुक्त ने अधिकारियों को भी साइकिल से प्रातः भ्रमण करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकता है तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। लोगों से अनुरोध किए हैं की प्रति दिवस साइकिल का उपयोग करें जिससे ट्रैफिक नियंत्रण, पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और आर्थिक बचत भी होगा । निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता संजय वर्मा, उप अभियंता चंद्रकांत साहू, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, अतुल यादव सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पुलगांव एवं उरला स्थित शासकीय हाईस्कूल में अतिरिक्त कक्ष, हॉल एवं शौचालय निर्माण कार्य हेतु आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं क्षेत्रवासियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पुलगांव हाईस्कूल में 10 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा, वहीं उरला हाईस्कूल में अतिरिक्त कक्षों के साथ हॉल एवं शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इन निर्माण कार्यों से विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण, पर्याप्त स्थान एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना को लगातार मजबूत कर रही है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।केबिनेट मंत्री श्री यादव ने कहा कि शिक्षा केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी सरकार की प्राथमिकता है। विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से विद्यार्थियों को सुगम शिक्षण व्यवस्था मिलेगी तथा शिक्षकों को भी बेहतर ढंग से अध्यापन कार्य करने में सुविधा होगी।कार्यक्रम के दौरान इसी वर्ष घोषित परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और अनुशासन से ही सफलता प्राप्त होती है तथा विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ अध्ययन जारी रखना चाहिए।उन्होंने बताया कि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के अन्य शासकीय विद्यालयों में भी संधारण एवं मरम्मत कार्य कराए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सभी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, जिला उपाध्यक्ष अशोक राठी, मंडल अध्यक्ष कौशल साहू, महेन्द्र लोढ़ा, बंटी चौहान, सभापति श्याम शर्मा, पार्षद अश्वनी निषाद, शिव नायक, साजन जोसफ, श्रीमती हीरोंदी चंदानिया, भाजयुमो अध्यक्ष हिमांशु सिंह, डीईओ अरविन्द मिश्रा, कार्यकर्ता एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने काँकेर जिले के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता और अपेक्स बैंक के पूर्व अध्यक्ष समर्पित जनसेवक महावीर सिंह राठौर के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। अपने शोक संदेश में श्री देव ने उन्हें संगठन का एक मजबूत स्तंभ और वैचारिक निष्ठा का प्रतीक बताते हुए कहा कि वे भाजपा संगठन के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रहकर वर्षों तक समाज और संगठन की सेवा करते रहे।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि राठौर जी का निधन केवल काँकेर भाजपा के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण संगठन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना पूरा जीवन पार्टी की विचारधारा के विस्तार और जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनके संघर्ष और संगठन के प्रति अटूट समर्पण को सदैव याद रखा जाएगा। श्री देव ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरा भाजपा परिवार उनके साथ खड़ा है। उनका अंतिम संस्कार दिनांक 15 मई को उनके गृह ग्राम कोरर में सम्पन्न होगा।
- बिलासपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज बालोद जिले के गुंडरदेही नगर पंचायत में अटल परिसर का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने इस दौरान अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति का अनावरण भी किया। गुंडरदेही में 20 लाख रुपए की लागत से अटल परिसर का निर्माण किया गया है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व और कृतित्व देश के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्र निर्माण और जन कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। श्री साव ने कहा कि अटल जी की स्मृतियों को संजोने वाला यह परिसर आने वाली पीढ़ियों में देशसेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करेगा। उन्होंने गुंडरदेही नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।
- -ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया-शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण, मौके पर 300 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत गुरूर विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम हितेकसा में गुरुवार को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम हितेकसा में आज आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत हितेकसा सहित हितेकसा कलस्टर में शामिल आसपास के 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अंतर्गत आज हितेकसा में आयोजित शिविर में उपस्थित जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम सहित जनपद सदस्य श्री हेमंत गुरूपंच, श्री अजीत कुंजाम, श्री डालेन्द्र साहू, श्री तानसिंह देहारी एवं सरपंच श्री भूपेश हिरवानी सहित अन्य अतिथियों के द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बाॅक्स का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख पत्र का वितरण किया गया। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र एवं केसीसी कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम हितेकसा में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 492 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 300 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू ने सुशासन तिहार 2026 के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के सभी वर्गों के विकास हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। श्रीमती साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वास्तविक आवश्यकताओं को जानने एवं समझने के अलावा उसका समुचित निराकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित होने वाले शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर श्रीमती साहू ने संपूर्ण जीव जगत के लिए पानी की आवश्यकता के संबंध में प्रकाश डालते हुए सभी लोगों से पानी के सदुपयोग तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में सहभागिता निभाने की अपील की। इस मौके पर उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत शिविर में उपस्थित लोगों को पानी के एक-एक बूंद का सदुपयोग करते हुए पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं जल संरक्षण के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागता सुनिश्चित करने की अपील भी की। जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू को सुशासन तिहार 2026 के आयोजन को राज्य शासन के अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी कार्य बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभाग के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू ने सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की पड़ताल की जा रही है। जिससे कि आम जनता को उनके कल्याण हेतु संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने शिविर में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों के द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के जानकारी देने के अलावा शिविर में प्राप्त कुल आवेदन एवं उनके निराकरण के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन करते हुए ग्राम पंचायत हितेकसा के सरपंच श्री भूपेश हिरवानी ने शिविर में बड़ी संख्या में उपस्थिति के लिए अतिथियों ग्रामीणों एवं अधिकारी-कर्मचारियों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।उल्लेखनीय है कि हितेकसा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पंचायत हितेकसा सहित सोनडोंगरी, कन्हारपुरी, बोहारडीह, दरगहन, मोखा, मुजगहन, धानापुरी, नारागांव, बड़भूम, पोंड, कर्रेझर, भेजामैदानी और कोचवाही ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हितेकसा शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 256 आवेदन, महिला एवं बाल विकास विभाग के 23 आवेदन, खाद्य विभाग के 54, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 25, श्रम विभाग के 10, स्वास्थ्य विभाग के 04, जल संसाधन विभाग के 07, समाज कल्याण विभाग के 05, तहसील गुरूर को 42 कृषि के 15, शिक्षा विभाग के 06, सहकारिता विभाग के 03, एवं स्वास्थ्य विभाग के 04 सहित विभिन्न विभागों से कुल 492 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 300 आवेदनों का निराकरण किया गया।
- -राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता में आयोजित दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री श्री साय-अठारह सौ से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी-मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत एवं 2 कांस्य पदक प्रदान किए जाएंगे-दीक्षांत समारोह के आयोजन का पूर्वाभ्यास किया गयारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर का ग्यारहवां दीक्षांत समारोह 15 मई को आयोजित किया जाएगा। कृषि महाविद्यालय रायपुर स्थित कृषि मंडपम में प्रातः 11 बजे से आयोजित इस दीक्षांत समारोह में 1 हजार 880 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएगी। दीक्षांत समारोह राज्यपाल एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री रमेन डेका की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम मौजूद रहेंगे। दीक्षांत समारोह में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व निर्देशक डाॅ. अशोक कुमार सिंह दीक्षांत भाषण देंगे। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश देंगे। दीक्षांत समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत एवं 2 कांस्य पदक प्रदान किये जाएंगे। इस दौरान भव्य दीक्षांत शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में कृषि विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियाँ वितरित की जाएँगी। स्नातक कृषि पाठ्यक्रम के 1234 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएँगी। स्नातकोत्तर स्तर पर 518 एवं पी.एचडी. स्तर पर 128 पंजीकृत विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए अकादमिक परिधान निर्धारित किया गया है। छात्र कोसे रंग अथवा ऑफ वाईट रंग का कुर्ता तथा सफेद पायजामा पहनेंगे, वहीं छात्राएं कोसे रंग या ऑफ वाईट रंग की साड़ी पहनेंगी। दीक्षांत समारोह के अतिथि कोसे रंग का जैकेट पहनेंगे। दीक्षांत समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, प्रबध मण्डल, विद्या परिषद तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्यों सहित विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष भी शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह के सुव्यवस्थित आयोजन हेतु समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। कृषि महाविद्यालय रायपुर में स्थित कृषि मंडपम में आज दीक्षांत समारोह की रिहर्सल की गई जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
- -कृषि विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक का समापन हुआरायपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना की त्रिदिवसीय 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक का गुरुवार को यहां समापन हुआ। बैठक के तृतीय दिवस में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान खरपतवार प्रबंधन से संबंधित आधुनिक तकनीकों, कृषि उपयोगी उत्पादों, नवाचारों एवं अनुसंधान आधारित समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। उद्योग प्रतिनिधियों ने कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग, प्रभावी खरपतवार नियंत्रण उपायों तथा किसानों तक उन्नत तकनीक पहुंचाने के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। इस तीन दिवसीय समीक्षा बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने विभिन्न फसलों को हानि पहुंचाने वाले खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण की विभिन्न विधियों पर सारगर्भित चर्चा की तथा फसलों को इनसे होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने हेतु मंथन किया। इस दौरान विभिन्न रासायनिक खरपतवारनाशकों से मिट्टी, जल एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई और इसे रोकने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। हानिकारक हर्बिसाइड के उपयोग को सीमित करते हुए खरपतवार प्रबंधन की वैकल्पिक विधियों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया।उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आगामी 12 से 14 मई 2026 तक अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना” की 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस तीन दिवसीय बैठक का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (NRM) डॉ. ए. के. नायक द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में किया गया। यह परियोजना देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में फसलों में खरपतवार नियंत्रण पर अनुसंधान तथा नवीनतम तकनीकांे के विकास एवं उनके किसानों के बीच प्रसार हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के माध्यम से चलाई जा रही है।इस समीक्षा बैठक में देश भर के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालय में संचालित 17 प्रमुख केंद्रों, तथा 7 स्वयंसेवी केंद्रों में खरपतवार अनुसंधान में लगे कार्यरत वैज्ञानिकों के अलावा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAU), ICAR संस्थानों तथा हर्बीसाइड उद्योगों लगभग 100 वैज्ञानिकों के शामिल हुए। समीक्षा बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 में किए गए अनुसंधान कार्यों एवं विस्तार गतिविधियों की प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा आगामी दो वर्षों के लिए तकनीकी कार्यक्रम पर गहन विचार विमर्श करते हुए अंतिम रूप दिया गया।
- -कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोरबिलासपुर, /स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की राज्य सलाहकार मोनिका सिंह द्वारा गुरुवार को जनपद पंचायत तखतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत निगारबंद, राजाकापा, बहुरता, पूरा एवं हरदी में सामुदायिक शौचालय तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छाग्राहियों द्वारा किए जा रहे श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली।उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण कार्य में संलग्न स्वच्छाग्राही समूह के सदस्यों से स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की। साथ ही ग्राम सरपंचों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों को पहले समझाइश दी जाए तथा इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर जुर्माने का प्रावधान लागू किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कचरा फैलाने वालों की जानकारी देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत की टीम, सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्राही एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। साथ ही ग्रामीणों से गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने एवं प्रबंधन को लेकर संवाद किया गया।
- -हितग्राहियों को मौके पर मिला विभिन्न योजनाओं का लाभबिलासपुर /जिले के तखतपुर ब्लॉक के हरदी में गुरुवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप के मुख्य आतिथ्य में सुशासन तिहार अंतर्गत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाये स्टॉलों में पहंुचकर योजनाओं की जानकारी ली। शिविर के माध्यमों से आज कुल 277 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. माधुरी वस्त्रकार, जनपद पंचायत सभापति, जनपद पंचायत सदस्य, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह, सरपंचगण, विभागीय अधिकारी, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप ने कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी एक ही जगह पर मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाएं तेजी से आमजन तक पहुंच रही हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से हो रहा है। जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. माधुरी वस्त्रकार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनकल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए शासन द्वारा सुशासन तिहार अंतर्गत शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने शिविर उपस्थित होकर अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लेने की अपील ग्रामीणों से की। राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत आमजनों की समस्या की सुनवाई और निराकरण हो रहा है। शिविर में आज 5 हितग्राहियों को राशनकार्ड, 8 को पेंशन स्वीकृति, 12 को मनरेगा जॉब कार्ड, 30 को आयुष्मान कार्ड, 40 को लर्निंग ड्राईविंग लाइसेंस, 70 का बी.पी. एवं शुगर जांच, 30 का सिकल सेल जांच, 80 का स्वास्थ्य परीक्षण, 10 को आवास स्वीकृति एवं 5 समूह को 30 लाख का चेक वितरण, 72 को पट्टा वितरण, शिशुओं का अन्नप्राशन एवं महिलाओं का गोद भराई का कार्यक्रम किया गया।
- - विभिन्न योजनाओं के हितग्राही हुए लाभान्वितदुर्ग / सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन आज जनपद पंचायत पाटन क्षेत्र के ग्राम मर्रा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 786 आवेदन प्रस्तुत किए। विभागीय अधिकारियों द्वारा 136 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, शेष आवेदनों का निराकरण समय-सीमा में पूरी की जाएगी।शिविर में दैमार, सेलूद, गाड़ाडीह, बठेनी, धौराभांठा, मर्रा, गुजरा, फेकारी, मटंग, पंदर, परसाही, सांतरा, सेमरी एवं द. मोखली के ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पहुंचकर आवेदन जमा किए और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं ।हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरितशिविर में जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया। लखपति दीदी योजना अंतर्गत भारती वर्मा, पुष्पा पाटिल, दानेश्वरी वर्मा, प्रीति यादव एवं मंजू वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 हितग्राही अवध निर्मलकर, रत्ना मानिकपुरी, किसन यादव, धर्मिन बाई, रामकुमार साहू एवं सावित्री राजपूत को आवास की चाबी सौंपी गई। खाद्य विभाग द्वारा 9 हितग्राही योगिता वर्मा, खिलेश्वरी, तामेश्वरी, पूजा, आत्माराम बारले, रानी गायकवाड़, रमा बाई वर्मा, रत्ना कावडे एवं राजकुमारी को राशन कार्ड वितरित किए गए।स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं कविता वर्मा, चित्रा महिलांगे, गीता पटेल एवं कल्याणी बघेल को मच्छरदानी प्रदान की गई। स्वच्छताग्राही दीदियों एवं ग्राम पंचायत मटंग में नए शौचालय निर्माण कराने वाले 5 हितग्राही पुष्पा मधुकर, रमेश कुमार, रश्मि ठाकुर, अनिता वैष्णव एवं डाली यादव को सम्मान पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा 10 हितग्राही स्वामित्व योजना के तहत अधिकार पत्र तथा 2 हितग्राहियों को लर्निंग लाइसेंस वितरित किए गए।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीलम चंद्राकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती क्रीर्ति नायक, जनपद सदस्य पाटन श्री खेमलाल देशलहरे, सरंपच शैलेन्द्री साहू एवं भूषण भारद्वाज, सरपंच श्रीमती गायत्री साहू, एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव, जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जागेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -स्वास्थ्य केंद्रों में चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान-यू-विन पोर्टल के माध्यम से स्वयं पंजीकरण की सुविधाबिलासपुर-/जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित इस विशेष अभियान के प्रति अब लोगों में जागरूकता बढ़ने लगी है। बड़ी संख्या में किशोरियां अपने अभिभावकों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचकर एचपीवी वैक्सीन लगवा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे आने वाली पीढ़ी की बेटियों को गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में एचपीवी टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इनमें पीएचसी बेलगहना, टेंगनमाड़ा, बेलतरा, लखराम, चकरभाठा, करगीकला, पचपेड़ी, सीपत, सीएचसी बिल्हा, कोटा, मस्तूरी, रतनपुर एवं तखतपुर सहित जिला अस्पताल बिलासपुर और अर्बन पीएचसी गांधी चौक, बंधवापारा, देवरीखुर्द एवं राजकिशोर नगर शामिल हैं। टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल https://uwinselfregistration.mohfw.gov.in/login के माध्यम से ऑनलाइन सेल्फ रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। अभिभावक एवं पात्र किशोरियां घर बैठे पंजीकरण कर सकती हैं। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ रही गंभीर बीमारियों में शामिल है, लेकिन समय पर एचपीवी वैक्सीन लगवाकर इससे काफी हद तक बचाव संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय में टीकाकरण कराने की अपील की है। साथ ही लोगों से अफवाहों और भ्रांतियों से दूर रहकर वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करने का आग्रह भी किया गया है।एचपीवी एक सामान्य वायरस है, जिसके कुछ प्रकार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण बनते हैं। यह संक्रमण लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में मौजूद रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका शरीर में वायरस के खिलाफ मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन के लिए वही किशोरियां पात्र होंगी जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया हो लेकिन अभी 15वां जन्मदिन नहीं मनाया हो। आयु सत्यापन के लिए आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र अथवा माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र मान्य किए गए हैं। इसके साथ ही फिजिकल कॉनसेंट फॉर्म एवं ऐज डिक्लरेशन फॉर्म भरना आवश्यक होगा।स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है। आशा कार्यकर्ता, मितानिन और स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर अभिभावकों को टीके के महत्व की जानकारी दे रहे हैं। टीकाकरण केंद्रों में पहुंच रहे अभिभावकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान के बाद अब वे इस वैक्सीन की उपयोगिता को समझ रहे हैं और अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए टीकाकरण को जरूरी मान रहे हैं।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले में संचालित ’सुशासन तिहार-2026’ अभियान के तहत समस्याओं के मौके पर निपटारे का कार्य निरंतर जारी है। इसी कड़ी में 15 मई 2026 (शुक्रवार) को जिले के विभिन्न नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों के अंतर्गत नगर पालिक निगम रिसाली के दुर्गा मैदान स्टेशन मरोदा में विशेष शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 11 से 21 और 32 से 34 के नागरिक अपनी समस्याएँ साझा कर सकेंगे। वहीं नगर पंचायत पाटन के वार्ड क्र. 04 स्थित देवांगन समाज भवन में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 04, 05 और 06 के नागरिक शामिल होंगे।इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत धमधा के अंतर्गत ग्राम राजपुर में भव्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में राजपुर सहित साल्हेखुर्द, नवागांव, कोनका, रौंदा, परसकोल, गोरपा, भिलौरी, पेंड्रावन, अकोली, ठेलका, बरहापुर, धरमपुरा, पगबंधी, अगार, पेंड्री, कुटहा, रक्शा, बिरझापुर, परसबोड़, खपरी, घौठा, खैरझिटी, घौटवानी, धूमा, अछोली, हिरेतरा और बिरेभाठ ग्राम पंचायतों के ग्रामीण उपस्थित होकर अपनी शिकायतों और मांगों का निराकरण करा सकेंगे।
- भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल ’’सुशासन तिहार 2026’’ के अंतर्गत वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन एवं निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने हेतु 14 मई 2026, गुरुवार को वार्ड क्रमांक 20 वैशाली नगर स्थित लोकांगन परिसर में ’’जन समस्या निवारण शिविर’’ का आयोजन किया गया है।इस शिविर में वार्ड क्रमांक 14, 15, 16, 19, 20, 26, 27, 28 एवं 29 के नागरिक शामिल होकर विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने आवेदन भी जमा किये हैं । शिविर में राष्ट्रीय आयुष मिशन, मेडिकल स्वास्थ्य विभाग, एम.एम.यू. चलित स्वास्थ्य शिविर, महिला एवं बाल विकास विभाग, उज्ज्वला योजना, पशुधन विभाग, राशन कार्ड, पेयजल एवं जल कार्य, लोक कर्म विभाग, नामांतरण एवं लीज डीड फ्री-होल्ड, राष्ट्रीय पेंशन योजना, जन स्वास्थ्य विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, समाज कल्याण विभाग, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, श्रम विभाग, ई-श्रमिक कार्ड, वन विभाग, पुलिस सहायता केन्द्र तथा जन मित्र योजना सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए।शिविर में नागरिकों को स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज संबंधी मार्गदर्शन, योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान की गई। निगम प्रशासन द्वारा अधिक से अधिक नागरिकों से शिविर में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ लेने एवं अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई थी, संबंधित वार्ड के नागरिकों की सहभागिता अच्छी रही ।
- दुर्ग / पाटन विकासखण्ड के ग्राम बेलौदी में उल्टी-दस्त के मरीज प्राप्त होने की सूचना पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग के निर्देश में डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी दुर्ग, डॉ. भुनेश्वर कठौतिया, खंड चिकित्सा अधिकारी, पाटन श्रीमती रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग, डाँ उमेश मिर्जा, श्री उत्तम मधुकर सुपरवाईजर एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता व मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दानी से मिली जानकारी अनुसार प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में 14 मई को कुल 150 घरों का सर्वे किया गया जहाँ उल्टी-दस्त के 02 नये मरीज मिले हैं। विगत दिवस 11 मई से आज दिनांक तक कुल 58 मरीज मिले जिनमें से 10 मरीजों का ईलाज जिले के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। 06 मरीज जिला अस्पताल, 03 मरीज सेलूद हॉस्पिटल व 01 मरीज आस्था हॉस्पिटल में भर्ती हैं व अन्य सभी मरीज घर पर चिकित्सकीय उपचार ले रहे हैं। संक्रमित क्षेत्र में उल्टी-दस्त से किसी भी मरीज की मृत्यु नही हुई है। सक्रिय सर्वेलेंस का कार्य स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है। वर्तमान में स्थिति सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणजनों से अपील की गई है कि पानी उबाल कर पिये, सड़ीगली सब्जी न खायें, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य चिकित्सकीय परामर्श लें और अपने व परिवार का ध्यान रखें।
- -कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा कीबिलासपुर / भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान संचालित किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों की बैठक लेकर अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अभियान के सफल संचालन, जनजागरूकता गतिविधियों एवं विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमुख सचिव, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग श्री सोनमणि वोरा द्वारा भी अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तहत जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, जनसुनवाई, शिकायत निवारण एवं जागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत विभिन्न शिविरों, जनसुनवाई कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही आयोजित कार्यक्रमों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट एवं फोटोग्राफ्स निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी विभागों को अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने तथा शासन की मंशानुरूप कार्यक्रमों का लाभ आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
- बिलासपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य में स्वच्छ, निष्पक्ष एवं डोपिंग मुक्त खेल वातावरण को प्रोत्साहित करने 15 मई को ऑनलाइन एंटी-डोपिंग शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ऑफ इंडिया (NADA) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल अधिकारियों एवं खेल संगठनों को डोपिंग के दुष्प्रभावों, प्रतिबंधित पदार्थों, एंटी-डोपिंग नियमों, परीक्षण प्रक्रिया तथा खिलाड़ियों की जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।ऑनलाइन जागरूकता सत्र शाम साढ़े चार बजे से शुरू होगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने राज्य के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल संघों, खेल अधिकारियों और खेल संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने बताया कि स्वच्छ खेल संस्कृति को बढ़ावा देना खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य एवं खेलों की पारदर्शिता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से खिलाड़ियों को सही जानकारी प्राप्त होगी तथा वे डोपिंग से जुड़े जोखिमों एवं नियमों के प्रति अधिक सजग हो सकेंगे।
- रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उपभोक्ताओं के लिये बिजली बचत का सहारा बन रही है। इस योजना से संयुक्त परिवार को भी मिली बड़ी राहत मिल रही है।रायपुर के डीडी नगर निवासी अजय देवांगन ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर में पांच-पांच किलोवाट क्षमता के दो सोलर संयंत्र स्थापित किए हैं। कुल 10 किलोवाट क्षमता वाले इन सोलर संयंत्रों के लगने के बाद उनके घर का बिजली बिल काफी कम हो गया है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित इस योजना का लाभ अब आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। अजय देवांगन का तीन भाइयों का संयुक्त परिवार एक साथ रहता है। घर में कुल 13 कमरे हैं, जहां नियमित रूप से एसी सहित अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग होता है। पहले अधिक बिजली खपत के कारण बिजली बिल भी ज्यादा आता था, लेकिन अब दिनभर सोलर पैनलों से बिजली उत्पादन होने के कारण बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र लगने के बाद दो महीने तक उनका बिजली बिल शून्य भी आया। संयुक्त परिवार होने के कारण घर का विद्युत लोड अधिक रहता है, फिर भी अब बिजली बिल पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने उनके परिवार को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए भी प्रेरित किया है।सरकार द्वारा इस योजना में दोहरी सब्सिडी भी दी जा रही है। सोलर संयंत्रों की स्थापना पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए तथा छत्तीसगढ़ सरकार से 15 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है।
- रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के निस्तारण एवं निर्धारित समय पर उपस्थित होने के संबंध में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए। ई-ऑफिस में मंत्रालय में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले विभागों को भी सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ विभागों में प्रथम स्थान पर समाज कल्याण विभाग रहा। दूसरे स्थान पर गृह विभाग और तृतीय स्थान पर परिवहन विभाग को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत, दूसरे स्थान पर अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेद्वी रहे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव श्री सचिदानंद आलोक तीसरे स्थान पर रहे। उप सचिव स्तर के अधिकारियों में वन विभाग के उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग के श्री किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय और गृह विभाग के उप सचिव श्री रामप्रसाद चौहान को तीसरे स्थान के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए। अवर सचिव श्रेणी के अधिकारियों में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव श्री अरूण कुमार मिश्रा को प्रथम, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के श्री मगनलाल पवार को द्वितीय और गृह विभाग के श्री पूरन लाल साहू को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया। अनुभाग स्तर के अधिकारियों में सामान्य प्रशासन विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री नंदकुमार मेश्राम को प्रथम, श्री भोले नाथ सारथी वन विभाग को दूसरा और गृह विभाग के श्री पी.नागराजन को तीसरा स्थान मिला। सहायक अनुभाग स्तर के अधिकारियों में श्रीमती रेखा देवांगन को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सचिवालय सहायक में महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री दौलत राम वर्मा को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक स्तर पर नगरीय प्रशासन विभाग के श्री प्रमोद कुमार को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग के श्री विक्रम प्रताप कश्यप को दूसरा स्थान और सामान्य प्रशासन विभाग के श्री सुरेन्द्र कुमार को तीसरा स्थान मिला। डाटा एंट्री ऑपरेटर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (तकनीकी) श्रीमती माया देवांगन को प्रथम स्थान मिला।समयबद्धता के लिए उपस्थिति रैकिंग में सहायक अनुभाग अधिकारी सुश्री कांति सूर्यवंशी प्रथम स्थान पर रही। स्टेनोटायपिस्ट श्री रमाकांत, निज सचिव अराधना साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री हुप्पल देवांगन, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री जयप्रकाश साव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती जयमनी पहाड़िया, भृत्य श्री जीघन राम साहू, अवर सचिव श्री लीना राकेश, अनुभाग अधिकारी श्री मुकेश कुमार शाकार और श्री मुकेश कुमार तांडी दूसरे स्थान पर रहें। इसी तरह से उपस्थिति में तीसरे स्थान प्राप्त करने वालों में कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मुकेश राम प्रधान, अवर सचिव श्री ओमप्रकाश पात्रे, वरिष्ठ सचिवालय सहायक प्रमीला यादव, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री संतोष कुमार साहू, श्रीमती सुधा शेंडे, श्री त्रिभुवन निषाद और श्री विनोद कुमार अठानकर सहायक अनुभाग अधिकारी तीसरे स्थान पर रहें। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी गई।
- -बस्तर के 3056 गाँवों तक पहुँचा मोबाइल नेटवर्क, 425 गाँवों में पहली बार बस सेवारायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आगामी कार्य योजना के संबंध में अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया। नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर क्षेत्र के सुदूर वनांचल गांवों तक बिजली की लाईने पहुंची है। गांवों में मुक्त बिजली कनेक्शन और सोलर लाईट लगायी गई है। मनरेगा से स्थानीय रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के मकान बनाये गए हैं। क्षेत्र के अंदरूनी ईलाकों में अब ग्रामीण को राशनकार्ड, उज्जवला गैस, बैंक पास बुक जैसी अनेक व्यक्तिमूलक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राही उठा रहें है।बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक शालाएं, 8947 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले गए है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में आयुष्मान मंदिर बनाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी गई है। 3056 ग्रामों में मोबाईल नेटवर्क पहुचाया गया हैं। इसी तरह से 85 प्रतिशत बसाहटों में बारह मासी सड़कें बनायी गई है। मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 50 मार्गों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र के 425 गांवों में पहली बार बस सेवाएं प्रारंभ की गई है। बैठक में नियद नेल्लानार योजना 2.0 के संबंधी कार्ययोजना के बारे में अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- -अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूर्ण करने के दिए निर्देश-ओवर-ब्रिज पर यातायात शुरू होने से शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को मिलेगी राहतरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेल्वे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर-ब्रिज के अंतिम चरण के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को ओवर-ब्रिज का काम जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर अधिकारियों से इसके तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने यहां लाइटिंग के लिए अच्छी गुणवत्ता के पोल्स और लाइट्स का उपयोग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी भी इस दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कचना ओवर-ब्रिज के निरीक्षण के बाद कहा कि इसका 96 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। थोड़े से बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के चालू होने से रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को ट्रैफिक-जॉम और रेलवे फाटक के बंद होने के कारण यातायात बाधित होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। श्री साव ने कहा कि राज्य शासन लगातार राजधानी के यातायात को सुदृढ़, व्यवस्थित और तेज करने में लगी हुई है। कचना का यह ओवर-ब्रिज भी इसमें काफी महत्वपूर्ण है, जो अब लगभग पूर्णता की ओर है। इस सड़क से आना-जाना करने वालों के लिए यह बहुप्रतीक्षित ओवर-ब्रिज जल्द ही खोल दिया जाएगा।49 करोड़ की लागत से बन रहा ओवर-ब्रिज इस रूट के यातायात को करेगा व्यवस्थित और तेजलोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस रेलवे ओवर-ब्रिज का 96 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। पुल के मध्य के रेलवे वाले भाग के साथ ही दोनों छोरों पर पुल एवं पहुंच मार्ग का काम पूर्ण कर लिया गया है। अभी पेंटिंग एवं फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है। इनके पूर्ण होते ही नाली निर्माण और लाइटिंग का काम तत्परता से प्रारंभ किया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के शुरू हो जाने से इस रूट का यातायात व्यवस्थित और तेज होगा।
- -शहरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे - शंगीता आर.रायपुर.। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक लेकर सुशासन, जवाबदेही, जन सेवा एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों का पूरा अमला एक साथ इस बैठक में शामिल हुए।नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे।सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने अधिकारियों के लिए “थंब-रूल” निर्धारित करते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार या अभद्र भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।बैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी तथा प्रत्येक माह विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नवीन अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का गंभीरता से अध्ययन कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।बैठक में सचिव ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण एवं जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवनों का निरीक्षण कर वर्षा जल संचयन की प्रभावी योजना बनाई जाए तथा पीएचई विभाग से समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित जानकारी ली जाए।उन्होंने हैंडपंप रिचार्ज, सोक-पिट निर्माण तथा जल संरक्षण के स्थानीय मॉडल विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का घर केवल भवन नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन का प्रतीक होता है। उन्होंने अधिकारियों को वार्डवार सर्वे कर पात्र हितग्राहियों की पहचान करने तथा आवास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन निकायों द्वारा अभी तक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उन्हें शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।बैठक में सचिव ने 15वें वित्त आयोग, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यों तथा अन-टाइड फंड के उपयोग की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई राशि जनता की सुविधा और विकास के लिए है, इसलिए उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को लंबित कार्यों की सूची प्रस्तुत कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में प्रस्तुत जवाब तथ्यात्मक, मजबूत एवं समयबद्ध हों तथा न्यायालय के आदेशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेंशन केंद्रों एवं मॉडल स्कूलों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक कल्याण एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।बैठक में सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक श्री जितेंद्र कुशवाहा, उप संचालक श्री अरुण साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, सचित साहू, अधीक्षण अभियंता श्री रमेश सिंह और ओएसडी श्री निशिकांत वर्मा भी मौजूद थे।
- - केंद्रीय सचिव ने परखी धरातल की हकीकत; सर्वे टीमें बढ़ाने के निर्देशरायपुर ।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने आज धमतरी जिले का दौरा कर महत्वाकांक्षी 'नक्शा प्रोजेक्ट' की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। नगर पालिक निगम धमतरी के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर पहुंचे सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन 'शून्य त्रुटि' (Zero Error) के साथ समय सीमा में पूरा किया जाए। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को सर्वे टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने श्री डोमार सिंह साहू के मकान में चल रहे आरओआर (Record of Rights) निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा। उन्होंने नक्शा पोर्टल की कार्यप्रणाली, प्लॉट सत्यापन और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। सचिव ने सर्वे टीम से तकनीकी सवाल भी किए। जैसे:एक प्रविष्टि में कितना समय लगता है?दर्ज भूमि और वास्तविक कब्जे के अंतर को कैसे सुलझाया जा रहा है? शासकीय भूमि के संरक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं?श्री नरेंद्र भूषण ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में नागरिक सुविधाओं और पारदर्शिता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने ड्राफ्ट प्रकाशन, दावा-आपत्ति और निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि "नागरिकों की सहभागिता ही इस योजना की सफलता की आधारशिला है।"संचालक भू-अभिलेख श्री विनित नंदनवार ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन शहरों धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में यह पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। धमतरी इसमें अग्रणी है, जहाँ ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सर्वाधिक अधिकार अभिलेखों के ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं।कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सचिव को बताया कि जिले में प्रोजेक्ट के साथ-साथ डिजिटल डोर नंबरिंग भी लागू की जा रही है। भविष्य में इसके माध्यम से ऑनलाइन टैक्स और यूटिलिटी बिल का भुगतान आसान होगा। नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन हो सकेगा और 'स्मार्ट गवर्नेंस' को बढ़ावा मिलेगा।नगर निगम आयुक्त एवं नोडल अधिकारी प्रिया गोयल ने वार्डवार जनसंख्या और सर्वे अमले की जानकारी दी। वहीं, स्टेट मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने पोर्टल की तकनीकी चुनौतियों और विधिक समाधानों पर प्रकाश डाला।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण और उन्हें रोजगार के सुलभ अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से ई-श्रम साथी (eShram Sathi) मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का मुख्य ध्येय निर्माण श्रमिक न हो हताश, ई-श्रम साथी ऐप में करे काम की तलाश के संकल्प को चरितार्थ करना है।यह ऐप विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए बनाया गया है जो अपने कौशल के अनुरूप उपयुक्त कार्य की तलाश में रहते हैं, ताकि वे बिचौलियों के बिना सीधे काम पा सकें। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रमिकों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे, जिसमें वे अपने निवास स्थान के निकटतम उपलब्ध कार्यों की त्वरित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऐप पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क और उपयोग में सरल रखी गई है, जिससे श्रमिक स्वयं अपना डेटा दर्ज कर सकते हैं और अपनी दक्षता के अनुसार कार्य का चयन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह ऐप श्रमिकों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सटीक जानकारी और उनका सीधा लाभ दिलाने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।नियोक्ताओं के लिए भी यह ऐप एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है, जहाँ वे अपनी आवश्यकतानुसार कुशल और अकुशल श्रमिकों की खोज कर सकते हैं। यह एक तेज़ और भरोसेमंद डिजिटल माध्यम है जो पंजीकृत एवं विभाग द्वारा सत्यापित श्रमिकों तक सीधी पहुंच प्रदान करता है, जिससे नियोक्ताओं के समय और भर्ती प्रक्रिया की लागत में महत्वपूर्ण बचत होगी। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (श्रम विभाग) ने सभी पात्र नागरिकों से इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने की अपील की है। किसी भी तकनीकी समस्या या विस्तृत जानकारी हेतु विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0771-3505050 और निकटतम श्रम कार्यालय से संपर्क करने का परामर्श दिया है।
- -अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के निर्देश-आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों के बुनियादी ढांचे में सुधार की प्राथमिकतारायपुर /छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों की जनोन्मुखी और महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली और अधिकारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित निगरानी प्रणाली (Data-driven Monitoring System) को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षमता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों की समस्या है, वहां प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ समन्वय करने को कहा। समग्र शिक्षा के तहत जिन स्कूलों में कमरों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित स्कूल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -लघु वनोपज प्रसंस्करण से हजारों महिलाओं को मिला सम्मानजनक रोजगार और आय का स्थायी जरियारायपुर / छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में वन धन विकास केंद्र महिलाओं की आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त आधार बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन और प्रधानमंत्री जनमन योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य में अब तक 155 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 139 सामान्य क्षेत्रों में और 16 केंद्र विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीव्हीटीजी) क्षेत्रों में संचालित हैं। इन केंद्रों ने पारंपरिक लघु वनोपज संग्रहण को आधुनिक प्रसंस्करण से जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ न केवल वनोपजों का संग्रहण होता है, बल्कि उनका प्राथमिक प्रसंस्करण और उच्च गुणवत्ता वाले हर्बल उत्पादों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पहल ने हजारों महिलाओं को उनके गांव के समीप ही स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है। वन धन विकास केंद्रों की सफलता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। लगभग 4 हजार 900 महिला स्व-सहायता समूह इन केंद्रों से सीधे जुड़े हैं। करीब 55 हजार महिला सदस्य गांवों और हाट-बाजारों में संग्रहण एवं प्रसंस्करण के कार्य में संलग्न हैं। पिछले पांच वर्षों में संग्रहण कार्य के लिए महिलाओं को लगभग 4 करोड़ रुपये का कमीशन वितरित किया गया है।प्राथमिक संग्रहण के साथ-साथ मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 1,300 महिला समूहों की 17,000 महिलाएं हर्बल उत्पाद निर्माण से जुड़ी हैं। इस विशिष्ट कार्य के लिए अब तक करीब 1 करोड़ रुपये का कमीशन महिलाओं को दिया गया है। तैयार उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग को की जा रही है। इसी कड़ी में 4 केंद्रों ने 25.17 लाख रुपये का शुद्ध लाभांश अर्जित कर एक मिसाल पेश की है।वन धन विकास केंद्रों की यह मुहिम न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से वनांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही है। यह पहल लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के सपने को छत्तीसगढ़ के जंगलों में हकीकत में बदल रही है।


























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