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- पेरिस। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को फ्रांस की चार दिवसीय यात्रा के समापन पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति फ्रांस के मजबूत समर्थन की सराहना की।इस यात्रा के दौरान जयशंकर ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरोट के साथ बैठकें कीं।विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने उस क्षितिज 2047 खाका और रक्षा औद्योगिक खाका को पूरी तरह से लागू करने की प्रतिबद्धता जताई जिन पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी।’’जयशंकर और मैक्रों के बीच चर्चा में ‘‘मजबूत विश्वास, सहजता और साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाया गया जो भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की विशेषता है।’’विज्ञप्ति में कहा गया है कि जयशंकर और बैरोट ने सुरक्षा, अंतरिक्ष, आतंकवाद के खिलाफ कदमों और वैश्विक मुद्दों से जुड़े रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-फ्रांस सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और उसकी सराहना की। दोनों पक्षों ने प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, जीव विज्ञान, शिक्षा, प्रतिभा गतिशीलता, संग्रहालय सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों के उभरते क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया।
- भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि जनसंघ से भाजपा तक के सफर में उनकी पार्टी की संस्कृति और सिद्धांत कभी नहीं बदले हैं, इसीलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के पिछले 11 वर्षों में वह इतना कुछ हासिल कर सकी।शाह ने मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रशिक्षण शिविर में कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों में ‘भारत का सार’ नहीं था, यही कारण था कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू की सरकार छोड़ने और जनसंघ बनाने का फैसला किया था।केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा अपने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के लिए नर्मदापुरम जिले के पर्वतीय पर्यटन कस्बे पचमढ़ी में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया।भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी के सफर को लेकर कहा, ‘‘जनसंघ से भाजपा तक, न हमारी विचारधारा बदली, और न ही हमारा संकल्प।’’शाह ने कहा, ‘‘जब आप आत्मनिरीक्षण करेंगे, तो आपको एहसास होगा कि हम अक्सर पार्टी के बजाय अपने लिए ज़्यादा काम करते हैं। अब समय आ गया है कि हम पार्टी के लिए काम करना शुरू करें।’’उन्होंने जनसंघ की शुरुआत को लेकर कहा कि आजादी के बाद नेहरू ने पूरी तरह से कांग्रेस पर अपना प्रभुत्व जमाया और कांग्रेस की छत्रछाया में स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए कई लोग नेहरू सरकार की नीतियों के स्पष्ट होने के बाद कांग्रेस छोड़ कर चले गए। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ कई लोगों को लगा कि देश गलत दिशा में जा रहा है। नेहरू सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों में भारत, उसकी मिट्टी, उसकी प्राचीन संस्कृति, उसके सामाजिक मूल्यों, जीवनशैली और धर्म का सार नहीं था।’’
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने के किसी भी प्रयास का निर्णायक कार्रवाई से जवाब दिया जाएगा। राष्ट्र हित के लिए सरकार का दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने पार्टी और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में अनुशासन, वैचारिक प्रतिबद्धता और सार्वजनिक सेवा के महत्व पर भी जोर दिया।श्री शाह कल मध्य प्रदेश के आकर्षक पर्वतीय स्थल पचमढ़ी में भारतीय जनता पार्टी के सांसद-विधायक प्रशिक्षण शिविर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। 200 से अधिक पार्टी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस जनसभा में भाग लिया।
श्री शाह ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी और अहमदाबाद में दुर्भाग्यपूर्ण विमान दुर्घटना में जान गवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार सुरक्षित, विकसित और समृद्ध भारत के दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने में सक्रिय रूप से जुटी हुई है। श्री शाह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने 26 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, सात करोड़ परिवारों को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की हैं और किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय पोत परिवहन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि भारत वर्ष 2029 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसका श्रेय पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘निर्णायक और भ्रष्टाचार मुक्त’ शासन को दिया।
एनडीए सरकार की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर कल डिब्रूगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में श्री सोनोवाल ने कहा कि भारत ‘नीतिगत और वंशवादी कुशासन’ के युग से आगे निकल चुका है और अब बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।श्री सोनोवाल ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुये कहा कि 2014 में करीब तीस हजार स्टार्टअप थे जो अब बढ़कर एक लाख से अधिक हो गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें सड़क, रेलवे, इंटरनेट कनेक्टिविटी और जोगीघोपा, धुबरी, पांडु और डिब्रूगढ़ में आधुनिक नदी बंदरगाह शामिल हैं और ये असम को वैश्विक व्यापार मार्गों से जोड़ेंगे। -
नई दिल्ली। उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को 2025 में 5.41 लाख शिकायतें मिलीं, जिनमें से 23 प्रतिशत शिकायतें दक्षिणी राज्यों से थीं, जो मजबूत क्षेत्रीय जुड़ाव को दर्शाता है।
भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए चेन्नई में ‘दक्षिणी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उपभोक्ता संरक्षण’ पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खरे ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज 28.54 लाख शिकायत के मामलों में से केवल 5.62 लाख मामले पेंडिंग हैं, जबकि दक्षिणी राज्यों में यह संख्या केवल 13.34 प्रतिशत है।उन्होंने दक्षिणी राज्यों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि कर्नाटक और केरल आयोगों ने दर्ज मामलों से अधिक मामलों का निपटारा किया है और कई जिला आयोगों ने लगातार तीन वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक डिस्पोजल रेट हासिल किया है। इसके अलावा, वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से 11,900 से अधिक मामलों की सुनवाई की गई।अपने मुख्य भाषण में खरे ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल युग में अनुकूलनीय कानूनी और डिजिटल तंत्र की आवश्यकता है। उन्होंने राइट टू रिपेयर पोर्टल, ई-जागृति और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को मजबूत बनाने जैसी पहलों के महत्व को रेखांकित किया, जो मुकदमे से पहले के चरण में उपभोक्ता शिकायतों के निवारण का त्वरित और परेशानी मुक्त तरीका है।उन्होंने एआई-पावर्ड यूनिफाइड प्लेटफॉर्म ई-जागृति को लेकर कहा कि इसमें ई-दाखिल और कॉन्फोनेट जैसी प्रमुख प्रणालियों का इंटीग्रेशन किया गया है, जो चैटबॉट-बेस्ड रजिस्ट्रेशन, बहुभाषी पहुंच और कानूनी पेशेवरों और दिव्यांग यूजर्स के लिए सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।इसके अलावा, खरे ने डार्क पैटर्न, फर्जी समीक्षा और भ्रामक विज्ञापनों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) द्वारा उठाए गए नियामक कदमों पर भी प्रकाश डाला।उद्घाटन सत्र के दौरान, एनसीडीआरसी के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप साहि ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के विकसित हो रहे दायरे और पारंपरिक न्यायालयों से उपभोक्ता आयोगों की ओर मुकदमेबाजी में बढ़ते बदलाव पर प्रकाश डाला। -
अहमदाबाद. अहमदाबाद के मेघाणी नगर के बच्चों के लिए अपने घरों के ऊपर से उड़ते हुए विमान को देखना एक मजेदार गतिविधि हुआ करती थी, लेकिन उनके इलाके में एअर इंडिया के विमान के गिरने के बाद यह साधारण खुशी भी उनसे छीन गई है। सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित मेघाणी नगर और असरवा क्षेत्रों के लोगों के लिए चीजें कभी समान्य नहीं होंगी, जिन्होंने देश की सबसे भयावह विमान दुर्घटनाओं में से एक देखी। इस हादसे में कुछ ही सेकंड में 265 लोगों की मौत हो गई। अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई 171) विमान बृहस्पतिवार दोपहर सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद मेघाणी नगर क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में 242 लोग सवार थे। यश परमार पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बचपन में हम छत के ऊपर से गुजरते विमानों की आवाजें सुनते थे और अपने दोस्तों के साथ छत पर खड़े होकर आकाश में उड़ते इन विशाल विमानों को देखते थे। वह कहते हैं, ‘‘हम विमानों को देखकर हाथ हिलाते थे। इस हादसे पहले तक यह हमारी पसंदीदा गतिविधि थी; लेकिन अब, जब भी कोई विमान हमारे नजदीक से गुजरता है, तो हमें घबराहट होने लगती है। इंजन की आवाज अब हमें बेचैन कर देती है। हम अब विमानों को देखकर हाथ हिलाने के लिए छतों पर नहीं जाते। हमारे माता-पिता ने चिंता के कारण हमें छत पर जाने से रोक दिया है।'' असरवा निवासी हितेश शाह ने एअर इंडिया के विमान को गिरते देखा था। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद विमानों के प्रति लोगों का नजरिया बदल गया है। शाह ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र के लोग हर घंटे अपने घरों के ऊपर से बड़े विमानों को उड़ते हुए देखने के आदी हो चुके हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा। लेकिन अब, हर कोई डरा हुआ है, जब भी वे विमान के इंजन की आवाज़ सुनते हैं, तो वे प्रार्थना करते हैं। अब हम हर विमान को संदेह की नजर से देखते हैं, और उम्मीद करते हैं कि यह हमारे ऊपर दुर्घटनाग्रस्त न हो जाए।'' इस दुर्घटना ने न केवल विनाश और मृतकों के शोकाकुल परिवारों के लिए जिंदगी भर जख्म दिया है, बल्कि इसने उन इलाकों के निवासियों के मन पर भी गहरा आघात पहुंचाया है जो विमान की आवाज सुनने के आदी हो चुके थे। मेघाणी नगर निवासी हीराबेन प्रजापति ने कहा कि उनकी जैसी कई महिलाओं को लगा कि दुश्मन के विमानों ने हवाई अड्डे पर बमबारी की है, और लोग आग और धुएं का विशाल बादल देखकर छिपने के लिए भागे। उन्होंने कहा, ‘‘कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान और हमारे घरों के अंदर कंपन हमारे जीवन का हिस्सा थे, और हम कभी परेशान नहीं होते थे। लेकिन अब, जब भी कोई विमान दोपहर में गुजरता है, हम अपने घरों से बाहर निकल आते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह उस दुर्भाग्यपूर्ण विमान की तरह दुर्घटनाग्रस्त न हो। कई लोग डर के मारे ठीक से सो नहीं पाते हैं।''
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हैदराबाद. भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने शनिवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय वायुसेना के अद्वितीय पराक्रम का शानदार उदाहरण है। एयर चीफ मार्शल ने यह भी कहा कि इस अभियान ने दुश्मन पर त्वरित, सटीक और निर्णायक प्रहार करने की भारतीय वायुसेना की क्षमता को प्रदर्शित किया। यहां डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' ने सशस्त्र बलों के बीच असाधारण समन्वय और एकीकरण को प्रदर्शित किया है। उन्होंने युवा अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सेवा में आगे बढ़ने के साथ-साथ एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाएं। वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर भारतीय वायुसेना के अद्वितीय पराक्रम का एक शानदार उदाहरण है जिसमें हमने दुश्मन पर त्वरित, सटीक और निर्णायक प्रहार करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। आप वायुसेना का भविष्य हैं और आपको यह समझना होगा कि वायुसेना हमेशा से ही सबसे पहला कदम उठाने वाली रही है और रहेगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत के प्रत्येक नागरिक द्वारा भारतीय वायुसेना पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए।'' यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की विभिन्न शाखाओं में फ्लाइट कैडेट्स के सेवा में शामिल होने से पहले के प्रशिक्षण के सफलतापूर्वक पूरा होने पर आयोजित किया गया।
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अहमदाबाद.एअर इंडिया विमान दुर्घटना के बाद अब तक कुल 270 शव अहमदाबाद सिविल अस्पताल में लाए गए हैं। अस्पताल के चिकित्सकों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने पहले मरने वालों की संख्या 265 बताई थी।
अधिकारियों ने कहा कि पिछले 24 घंटे में, शहर की दमकल टीम ने विमान दुर्घटनास्थल से एक शव और शरीर के कुछ अंग बरामद किए हैं। बीजे मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धवल गमेती ने कहा, "विमान दुर्घटनास्थल से अब तक लगभग 270 शव सिविल अस्पताल लाए गए हैं।" डीएनए नमूनों का मिलान करके शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया अभी जारी है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव रिश्तेदारों को सौंप दिए जाएंगे। अहमदाबाद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा (एएफईएस) ने मेघाणीनगर क्षेत्र में विमान दुर्घटना स्थल से पिछले 24 घंटे में मानव शरीर के कुछ अंग और एक शव बरामद किया है। बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद से 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई 171) विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद मेघाणीनगर में एक मेडिकल हॉस्टल और उसके कैंटीन परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। -
भुवनेश्वर/चाईबासा/रांची. ओडिशा-झारखंड सीमा पर शनिवार सुबह नक्सल रोधी अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले एवं सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन के एएसआई सत्यवान कुमार सिंह (34) उस टीम का हिस्सा थे, जो माओवादियों द्वारा लूटे गए विस्फोटकों को बरामद करने के लिए सारंडा जंगल में तलाश अभियान चला रही थी। अधिकारियों ने बताया कि आईईडी में विस्फोट राउरकेला के निकट बलंग गांव के पास सुबह करीब छह बजे हुआ, जब सीआरपीएफ और ओडिशा पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) की एक संयुक्त टीम इलाके में तलाश अभियान चला रही थी। विस्फोट में एएसाआई सत्यवान के पैर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें राउरकेला के एक अस्पताल ले जा गया जहां उनकी मृत्यु हो गई। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बांको में एक पत्थर खदान के पास से माओवादियों ने 27 मई को करीब पांच टन विस्फोटक लूट लिया था। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने लूटे गए विस्फोटकों का अब तक तीन-चौथाई हिस्सा बरामद कर लिया है, हालांकि सुरक्षा बल जिलेटिन के बचे हुए पैकेट की तलाश जारी रखे हुए हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सीआरपीएफ कर्मी की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ओडिशा-झारखंड सीमा पर तलाश अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के एएसआई सत्यवान सिंह के बलिदान के बारे में जानकर दुख हुआ। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर सेवा और साहस का सर्वोच्च मानदंड स्थापित किया है। मैं शहीद जवान की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।" झारखंड पुलिस ने एक बयान में कहा कि शाम पांच बजे रांची स्थित सीआरपीएफ की 133 बटालियन मुख्यालय में एएसआई सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
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मुंबई. विमानन कंपनी ‘एअर इंडिया' ने शनिवार को घोषणा की कि वह अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजन और जीवित बचे लोगों को 25-25 लाख रुपये का अंतरिम भुगतान करेगी। एअर इंडिया ने एक बयान में बताया कि यह अंतरिम भुगतान मूल कंपनी ‘टाटा संस' द्वारा पहले घोषित किए गए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे के अतिरिक्त है। चालक दल के 12 सदस्यों सहित 242 यात्रियों को ले जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 241 यात्रियों सहित 270 लोगों की मौत हो गई। एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैम्पबेल विल्सन ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एअर इंडिया प्रत्येक मृतक के परिवार और जीवित बचे लोगों को 25-25 लाख रुपये या लगभग 21,000 ब्रिटिश पाउंड का अंतरिम भुगतान करेगी।'' उन्होंने बताया कि यह राशि ‘टाटा संस' द्वारा पहले ही घोषित एक-एक करोड़ रुपये या लगभग 85,000 ब्रिटिश पाउंड की मदद के अतिरिक्त दी जाएगी। ‘टाटा संस' के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उनका समूह अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये की राशि देगा। कैम्पबेल ने कहा कि 200 से अधिक प्रशिक्षित देखभालकर्ता मौजूद हैं और ‘‘प्रत्येक परिवार को परामर्श और अन्य सेवाओं तक पहुंच के साथ-साथ समर्पित सहायता प्रदान की गई है।'' उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजन को उनके प्रियजन के शव एवं निजी सामान सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एअर इंडिया प्रमुख ने कहा, ‘‘इस प्रक्रिया में मदद के लिए हमारी टीम परिवारों और अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।'' ‘एअर इंडिया' प्रमुख ने कहा कि कंपनी डीजीसीए के निर्देशानुसार, बोइंग 787 विमानों की एहतियाती सुरक्षा जांच पूरी करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा, ‘‘हम विनियामक द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी जांच पूरी कर लेंगे। प्राधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है।'' उन्होंने कहा कि विमान का डेटा रिकॉर्डर बरामद कर लिया गया है, जो आधिकारिक जांच का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि एअर इंडिया इन जांचों में ‘‘पूरी तरह से सहयोग'' कर रही है।
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नई दिल्ली।. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने शनिवार को कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भारतीय विमान बेड़े में मौजूद बोइंग ड्रीमलाइनर 787 श्रृंखला के विमानों की जांच का समय बढ़ाने का आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि 8 विमानों की पहले ही जांच हो चुकी है और तत्काल सभी विमानों की जांच की जाएगी। केंद्रीय उड्डयन मंत्री आज नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, “पिछले दो दिन बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुई दुर्घटना से पूरा देश स्तब्ध है। इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।” उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल पर गया था, ताकि देख सकूं कि क्या किया जाना चाहिए, क्या सहायता प्रदान की जानी चाहिए और यही गुजरात सरकार का रवैया था। भारत सरकार और मंत्रालय के अन्य लोगों का भी यही रवैया था। जब हम घटनास्थल पर पहुंचे, तो हमने देखा कि सभी संबंधित विभागों की टीमें ज़मीन पर काम कर रही थीं, जो भी संभव हो, बचाव करने की कोशिश कर रही थीं, आग को कम करने और मलबे को हटाने की कोशिश कर रही थीं, ताकि शवों को जल्द से जल्द अस्पताल भेजा जा सके।केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को तुरंत सक्रिय किया गया, जिसे विशेष रूप से विमानों के आसपास होने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं की जांच करने के लिए बनाया गया था। AAIB के माध्यम से हो रही तकनीकी जांच से एक महत्वपूर्ण अपडेट कल शाम 5 बजे के आसपास घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स की बरामदगी है। AAIB टीम का मानना है कि ब्लैक बॉक्स की डिकोडिंग गहराई से जानकारी देने वाली है कि दुर्घटना की प्रक्रिया के दौरान या दुर्घटना से पहले के क्षणों में वास्तव में क्या हुआ होगा, इसकी जानकारी। हम इस बात का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि AAIB द्वारा पूरी जांच के बाद क्या परिणाम या रिपोर्ट सामने आएगी।राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि हमारे देश में सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं, जब यह घटना घटी, तो हमें लगा कि बोइंग 787 सीरीज में भी विस्तृत निगरानी की जरूरत है। DGCA ने भी 787 विमानों की विस्तृत निगरानी करने का आदेश दिया है। आज हमारे भारतीय विमान बेड़े में 34 विमान हैं। मेरा मानना है कि 8 विमानों की पहले ही जांच हो चुकी है और तत्काल सभी विमानों की जांच की जाएगी।केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि एयर इंडिया को यात्रियों के परिवारों को हर संभव तरीके से सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि डीएनए परीक्षण से पुष्टि के बाद शव संबंधित परिवारों को सौंपे जा रहे हैं और उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा, “अपनी जान गंवाने वाले लोगों की कहानियां देखना बहुत ही हृदय विदारक है, हमने एयर इंडिया को निर्देश दिया है कि वह यात्रियों के परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को सुगम बनाए। एक तरफ डीएनए परीक्षण भी हो रहा है ताकि शवों की पहचान की जा सके और उन्हें संबंधित परिवारों को दिया जा सके।”उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार इसके साथ समन्वय कर रही है। डीएनए परीक्षण की पुष्टि होने के बाद शवों को संबंधित परिवारों को सौंप दिया जाएगा और हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह प्रक्रिया भी जल्द से जल्द पूरी हो जाएगी लेकिन दस्तावेज़ीकरण और प्रक्रिया का पालन करना होगा।ज्ञात हो, 12 जून को लंदन के गैटविक जा रहा AI-171 बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एयरलाइंस ने कहा कि विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक ही दुर्घटना में बच पाया। वहीं दूसरी ओर एयर इंडिया के विमान AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। यह समिति कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करके गठित की गई है। -
नई दिल्ली।. एक्सिओम-4 मिशन की लॉन्चिंग पर ताजा अपडेट आया है। केंद्रीय विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी है कि 19 जून को एक्सिओम-4 मिशन लॉन्च होगा।
भारत के लिए एक्सिओम-4 मिशन काफी अहम है, क्योंकि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के रूप में पहला भारतीय अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाएगा। 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला लखनऊ में जन्मे हैं। उन्हें जून 2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला। उन्हें 2000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव हासिल है। वे सुखोई-30 एमके 1, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डॉर्नियर और एएन-32 जैसे फाइटर जेट्स को उड़ा चुके हैं।भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के लिए भी मिशन महत्वपूर्ण होगा। वे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर विशेष खाद्य और पोषण संबंधी प्रयोग करेंगे।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। उन्होंने बताया कि “भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ले जाने वाले एक्सिओम-4 मिशन की लॉन्च तारीख अब 19 जून 2025 के लिए फिर से निर्धारित की गई है। साथ ही स्पेस एक्स टीम ने पुष्टि की है कि लॉन्च को पहले स्थगित करने वाले सभी मुद्दों पर पूरी तरह से काम किया गया है।”उन्होंने कहा कि आगे का कोई भी अपडेट समय के अनुसार साझा किया जाएगा।दरअसल, 11 जून को मिशन कुछ तकनीकी परेशानी के कारण स्थगित करना पड़ा। चौथी बार ऐसा हुआ कि मिशन लॉन्च करने की तारीख बदली गई। 11 जून को मिशन स्थगित करने की घोषणा करते हुए इसरो ने जानकारी दी कि लॉन्च से पहले टेस्टिंग के दौरान प्रोपल्शन बे में एलओएक्स रिसाव का पता चला था।13 जून को इसरो प्रमुख वी नारायणन ने एक बयान में कहा, “इसरो, नासा, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के ज्वेज्दा मॉड्यूल में देखी गई समस्या को जिम्मेदारी के साथ हल करने के लिए काम कर रहा है, जिसके कारण एक्सिओम मिशन 4 (एक्स-4) में देरी हुई।”फिलहाल मिशन लॉन्च करने की नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है। हर भारतीय इस मिशन की सफल लॉन्चिंग का इंतजार कर रहा है। -
नई दिल्ली।. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने आज शनिवार को नीट यूजी 2025 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। राजस्थान के लिए यह गर्व का मौका है, क्योंकि हनुमानगढ़ के रहने वाले महेश कुमार ने 720 में से 686 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। सीकर के एक प्रसिद्ध करियर संस्थान में पिछले तीन साल से तैयारी कर रहे थे।
अपनी मेहनत के बलबूते वो 4 मई को आयोजित इस परीक्षा में पूरे देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों में पहले स्थान पर आ पाए। महेश एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके माता-पिता दोनों सरकारी नौकरी में हैं। उनकी पढ़ाई की यात्रा मेहनत, अनुशासन और लगन से भरी रही है। उनकी इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार और गांव को गर्व महसूस कराया है, बल्कि यह सीकर के लिए भी एक और बड़ी उपलब्धि है। अब सीकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी का एक उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है।नीट यूजी 2025 का रिजल्ट फाइनल आंसर की के साथ अब आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध है। उम्मीदवार अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स की मदद से विषयवार अंक, कुल स्कोर, प्रतिशत रैंक और अपनी योग्यता स्थिति वेबसाइट पर देख सकते हैं।एनटीए जल्द ही एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले के लिए जरूरी कट-ऑफ अंक भी जारी कर सकता है। पिछले साल, सामान्य श्रेणी के लिए कट-ऑफ 50 प्रतिशत था, जबकि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए यह 40 प्रतिशत था।इस साल की कट-ऑफ भी ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट में मिले उच्चतम अंकों के आधार पर तय की जाएगी। नीट यूजी 2025 में पास होने वाले छात्र एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए होने वाली केंद्रीकृत काउंसलिंग में शामिल होने के योग्य होंगे। अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा करवाई जाएगी, जबकि राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य की सीटों के लिए अलग से काउंसलिंग करेंगी। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-NEET यूजी 2025 ने मेडिकल में प्रवेश के लिए परिणाम आज घोषित किए गए हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा परिणाम जारी किये गए हैं। स्कोर कार्ड परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट – ntaneet.nic.in पर उपलब्ध हैं। उम्मीदवार अपने स्कोर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से मेरिट सूची देख सकते हैं।
नीट 4 मई को देश भर के पांच सौ बावन शहरों और भारत के बाहर 14 शहरों में स्थित 5400 से अधिक विभिन्न केंद्रों पर 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए आयोजित की गई थी। राजस्थान के महेश कुमार ने पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि मध्य प्रदेश के उत्कर्ष अवधिया और महाराष्ट्र के कृषांग जोशी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी 15 से 19 जून को साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की यात्रा पर रहेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर 15 से 16 जून को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा होगी। राजधानी निकोसिया में पीएम मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस से बातचीत करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 16-17 जून को कनाडा के कनानास्किस की यात्रा करेंगे। यह जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की लगातार छठी भागीदारी होगी। वहीं, 18 जून को पीएम मोदी क्रोएशिया की यात्रा करेंगे।भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने तथा भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।पीएम मोदी 16 से 17 जून को रहेंगे कनाडामंत्रालय के अनुसार, कनाडा में शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचाPM Modi will be on a visit to Cyprus, Canada and Croatia from 15 to 19 Juneर, विशेष रूप से एआई-ऊर्जा संबंध और क्वांटम-संबंधी मुद्दे शामिल होंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।18 जून को पीएम मोदी क्रोएशिया रहेंगेइसके बाद अपने दौरे के अंतिम चरण में, क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे। पीएम मोदी प्रधानमंत्री प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविच से भी मिलेंगे।क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। - नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि सड़क सुरक्षा का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है और सरकार का ध्यान सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने की दिशा में काम करने पर होना चाहिए। टम्टा ने वीआरयू और सड़क सुरक्षा पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विचारों पर काम करना चाहिए। इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत जेन टॉड ने सड़क दुर्घटनाओं को एक मूक महामारी बताया और पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और मोटरसाइकिल चालकों जैसे संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ताओं (वीआरयू) की सुरक्षा की तत्काल जरूरत पर बल दिया। भारत में 2021 में 1,54,000 से अधिक सड़क हादसे हुए थे। इनका हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि हर दुर्घटना को टाला नहीं जा सकता, लेकिन कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है और मरने वालों में अक्सर युवा, दैनिक यात्री और अकेले कमाने वाले लोग होते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सड़क सुरक्षा पाठशाला' का शुभारंभ था। यह आठ से 13 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए ‘ट्रैक्स' द्वारा विकसित एक सड़क सुरक्षा मॉड्यूल है।
- नयी दिल्ली. लोकपाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ काम करने का अनुभव रखने वाले अधिकारियों से प्रतिनियुक्ति पर अपनी जांच शाखा में शामिल होने के लिए आवेदन मांगे हैं। एक आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, भारत के लोकपाल की जांच शाखा में प्रतिनियुक्ति के आधार पर विभिन्न पदों- यानी उप निदेशक (डीडी)/पुलिस अधीक्षक (एसपी), अन्वेषण/जांच अधिकारी, सहायक अन्वेषण/जांच अधिकारी और निजी सहायक- के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013, देश में एक जनवरी, 2014 को लागू हुआ, जब इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। हालांकि, इसका कामकाज अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के बाद 27 मार्च, 2019 को ही शुरू हो सका था। अपने वैधानिक कार्यों के निर्वहन के लिए लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम की धारा 11 लोकपाल को लोकसेवकों एवं पदाधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दंडनीय किसी भी अपराध की प्रारंभिक जांच के लिए एक जांच प्रकोष्ठ के गठन का अधिकार देती है। लोकपाल की एक पूर्ण पीठ ने 30 अगस्त, 2024 को बैठक आहूत की और इस तरह का एक जांच प्रकोष्ठ गठित करने का फैसला किया। इसने उपनिदेशक/अधीक्षक के पदों, अन्वेषण/जांच अधिकारी और सहायक अन्वेषण/जांच अधिकारी के चार-चार पदों और निजी सहायक के दो पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किये हैं। दस जून को जारी भर्ती परिपत्र में कहा गया है कि विभिन्न केंद्रीय सरकारी सेवाओं, सीबीआई, ईडी, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) और राज्य या केंद्र शासित प्रदेश पुलिस निकायों के अधिकारी आवेदन करने के पात्र होंगे। इसमें कहा गया है कि सामान्य/आर्थिक और बैंकिंग/साइबर मामलों में जांच करने का अनुभव रखने वाले अधिकारियों की आवश्यकता है। परिपत्र में कहा गया है कि प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति के लिए चुने गए अधिकारियों के वेतन और भत्ते, मकान किराया भत्ता, परिवहन भत्ता, कार्यभार ग्रहण करने का समय, यात्रा भत्ता और स्थानांतरण भत्ता, बच्चों की शिक्षा भत्ता, एलटीसी, महंगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधाएं, छुट्टी और अन्य नियम एवं शर्तें, लोकपाल अधिकारी एवं कर्मचारी (सेवा की शर्तें) विनियम, 2024 के अधिसूचित होने तक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए स्वीकार्य मौजूदा दिशा-निर्देशों/नियमों द्वारा शासित होंगी।
- अगरतला. त्रिपुरा में प्रेम त्रिकोण के कारण मारे गए एक युवक के माता-पिता ने अपने बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। त्रिपुरा के धलाई जिले में प्रेम प्रसंग के एक मामले में 26 वर्षीय शरीफुल मियां की कथित तौर पर हत्या कर उसके शव को आइसक्रीम फ्रीजर में छिपाकर रख दिया गया था। हत्या के सिलसिले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अगरतला के मस्जिद पारा इलाके में रहने वाला शरीफुल इलेक्ट्रीशियन का काम करता था और 20 वर्षीय महिला के साथ उसका प्रेम प्रसंग था। महिला का रिश्ते का भाई भी उससे प्रेम करता था। शरीफुल के माता-पिता ने कहा कि वे मुख्यमंत्री माणिक साहा से आग्रह करेंगे कि उनके बेटे की हत्या करने वालों को कड़ी सजा दी जाए। शरीफुल के पिता आलमगीर मियां ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई की उपाध्यक्ष पापिया दत्ता ने उनके परिवार से मुलाकात की और उनके बेटे की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘पापिया दत्ता ने मुझे आश्वासन दिया है कि वह मुख्यमंत्री माणिक साहा से मेरी मुलाकात करवाएंगी। अगर मुझे मुख्यमंत्री से मिलने का मौका मिलता है, तो मैं उनसे आग्रह करूंगा कि मेरे बेटे की हत्या करने वालों को कड़ी सजा दी जाए।'' शरीफुल की मां मसुदा ने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी' से कहा, ‘‘मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि मेरा बेटा अब जिंदा नहीं है.। मैं मेरे मासूम बेटे की हत्या में शामिल लोगों को कड़ी सजा मिलने का श्राप देती हूं ताकि किसी और परिवार के साथ ऐसा नहीं हो।'' मसुदा ने कहा कि उन्हें पता था कि उनका बेटा किसी महिला से प्रेम करता था।उन्होंने कहा, ढाई महीने पहले शरीफुल ने मुझे बताया कि वह एक महिला से प्रेम करता है। मैंने महिला का धर्म पूछा। जब उसने मुझे बताया कि वह हिंदू है तो मैंने अपने बेटे को समझाया कि इससे क्या बुरा हो सकता है लेकिन उसने महिला से संबंध बनाए रखे। ऐसा लगता है कि वह महिला मेरे बेटे से बहुत प्यार करती थी।'' मसुदा ने आरोप लगाया कि महिला के रिश्ते का भाई ने अकेले ही हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया क्योंकि वह महिला के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करके उसकी संपत्ति हड़पना चाहता था। उन्होंने कहा कि आठ जून से उनके बेटे के लापता होने के बाद उन्होंने महिला से संपर्क किया था लेकिन उसे अपने बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने कहा कि महिला के रिश्ते के भाई ने शरीफुल को मारने की एक सोच-समझकर योजना बनाई और उसे आठ जून को पश्चिमी त्रिपुरा के दक्षिण इंदिरानगर में एक रिश्तेदार के घर बुलाया। उसने बताया कि आरोपी ने वहां मौजूद तीन अन्य लोगों की मदद से शरीफुल का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और फिर उन्होंने शव को ट्रॉली बैग में रखा। पुलिस ने बताया कि अगले दिन आरोपी ने गंडाचेरा में रहने वाले अपने माता-पिता को अगरतला आने और ट्रॉली बैग अपने साथ ले जाने के लिए बुलाया। उन्होंने कहा, ‘‘उसके माता-पिता एक कार से अगरतला आए और ट्रॉली बैग गंडाचेरा ले गए। उन्होंने शव को अपनी दुकान में आइसक्रीम फ्रीजर में छिपा दिया।'' पुलिस ने बताया कि हाल में महिला के पिता की मौत हो गई थी और उसका रिश्ते का भाई महिला का शारीरिक शोषण करना चाहता था। उसने बताया कि आरोपी जानता था कि जब तक महिला का प्रेमी है, वह तब तक ऐसा नहीं कर सकता, इसलिए उसने उसकी हत्या करने की साजिश रची।
- नयी दिल्ली. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और ‘ग्रीनपीस इंडिया' ने दिल्ली के रेहड़ी-पटरी वालों और घर से बाहर काम करने वाले कामगारों को सरल, स्थानीय भाषाओं में लू की चेतावनी देने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आईएमडी ने इसे एक ‘ऐतिहासिक पहल' बताया जिससे मौसम पूर्वानुमान अधिक समावेशी और सुलभ हो गया है।एक बयान में कहा गया, ‘‘दिल्ली भर में रेहड़ी-पटरी वालों के नेटवर्क और आईएमडी ने लू की चेतावनी को समुदाय तक पहुंचाने के लिए हाथ मिलाया है।'' इस परियोजना के तहत आईएमडी के दैनिक पूर्वानुमान और लू के अलर्ट को सरल बनाया गया है और स्थानीय भाषाओं में अनुवादित किया गया है। ये संदेश कई सामुदायिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साझा किए जाते हैं तथा पोस्टरों और हस्तलिखित नोटिसों के माध्यम से रेहड़ी-पटरी पर लगने वाली दुकानों, श्रमिक चौकों और अपशिष्ट संग्रहण स्थलों पर प्रदर्शित किए जाते हैं।
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नई दिल्ली। अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के विमान एआई-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। यह समिति कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करके गठित की गई है।इसकी जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट जारी करके दी है। इस पोस्ट में विमान हादसे की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो हादसे के कारणों का पता लगाएगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पोस्ट के मुताबिक, समिति का मुख्य उद्देश्य इस हादसे के कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मौजूदा नियमों (एसओपी) और दिशा-निर्देशों की समीक्षा करना है। इसके साथ ही, समिति ऐसी दुर्घटनाओं से निपटने के लिए नए और व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने का सुझाव देगी।पोस्ट में कहा गया है कि यह समिति अन्य संगठनों की ओर से की जा रही जांचों का विकल्प नहीं है। इसका ध्यान केवल भविष्य में हादसों को रोकने और उनके प्रबंधन के लिए बेहतर नियम बनाने पर केंद्रित है।वहीं, अधिकारियों ने बताया कि समिति जल्द ही अपनी जांच शुरू करेगी और समयबद्ध तरीके से अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस कदम से विमानन सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है।12 जून को गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया का विमान टेक ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद हादसे का शिकार हो गया था। इस विमान में 242 लोग सवार थे, जिसमें से 1 व्यक्ति ही जिंदा बच पाया। स्थिति का जायजा लेने प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को घटनास्थल पर गए और वहां की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की थी। उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों का भी हाल जाना था। इस बीच, एयर इंडिया ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों की सहायता के लिए ‘मित्र एवं सहायता केंद्र’ भी स्थापित किया है। यह केंद्र मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई और गेटेविक हवाई अड्डे पर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मदद करना है। इसकी जानकारी एयर इंडिया ने शुक्रवार को ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी थी। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, जहां 2013-14 से अंतर्देशीय उत्पादन 142 प्रतिशत बढ़कर 147 लाख टन हो गया है। उन्होंने ‘अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि सम्मेलन 2025’ कार्यक्रम के दौरान कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि दर 9 प्रतिशत है, जो सभी कृषि से जुड़े क्षेत्रों में सबसे अधिक है।
केंद्रीय मंत्री ने कल शुक्रवार को नीली क्रांति, मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि (एफआईडीएफ), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, पीएम-मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन ने राज्यों से एफआईडीएफ का बेहतर उपयोग करने, आईसीएआर के साथ मिलकर कार्यान्वयन कैलेंडर की योजना बनाने और शीतजल मत्स्य पालन, सजावटी मत्स्य पालन और खारे जलीय कृषि का विस्तार कर निर्यात बढ़ाने का आग्रह किया।उन्होंने पोषण में सुधार, उत्पादन को बढ़ावा देने और विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देने के लिए अंतर्देशीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित किया।इस दौरान, केंद्रीय मंत्री सिंह ने मत्स्य पालन क्षेत्र में अंतर्देशीय राज्यों द्वारा की गई सराहनीय प्रगति की सराहना की और उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।वहीं, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा कि मत्स्य पालन किसानों की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी हितधारकों के प्रयासों की प्रशंसा की।कार्यक्रम में डिजिटल टूल, वैल्यू एडिशन और मछली पकड़ने के बाद की गतिविधियों में काम करने वाले 300 से अधिक मत्स्य पालन स्टार्ट-अप के लिए भी समर्थन को प्रोत्साहित किया गया।मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय तथा अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने पोषण सुरक्षा, ग्रामीण समृद्धि और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में अंतर्देशीय मत्स्य पालन की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान को इनोवेशन के साथ इंटीग्रेट करने, देशी प्रजातियों को बढ़ावा देने और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाने के महत्व को रेखांकित किया। -
नई दिल्ली। देश में साउथ-वेस्ट मॉनसून (southwest monsoon) तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह 17 जून तक देश के ज़्यादातर हिस्सों को कवर कर लेगा। इसके साथ ही मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत में पड़ रही भीषण गर्मी में भी राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों में मॉनसून विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक पहुंच जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी दस्तक देगा।कहां-कहां होगी बारिश?अब से 17 जून तक मध्यप्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और बिहार में 15 जून तक धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएं चल सकती हैं। इन राज्यों में 19 जून तक कहीं-कहीं भारी बारिश का भी अनुमान है।महाराष्ट्र में तेज बारिश का अलर्टपश्चिम भारत के हिस्सों जैसे मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, मराठवाड़ा, कोंकण, गोवा, सौराष्ट्र और कच्छ में 16 जून तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें से कुछ इलाकों में 19 जून तक भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। खासकर कोंकण और गोवा में 13 से 16 जून के बीच बेहद भारी बारिश (24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से ज़्यादा) का खतरा है।इस बीच, महाराष्ट्र के रत्नागिरी और रायगढ़ जिलों में 14 जून के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 15 से 17 जून तक इसे ऑरेंज अलर्ट में बदला जाएगा। मुंबई, पुणे, पालघर, सतारा और कोल्हापुर जैसे इलाकों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत को मिलेगी राहतउत्तर-पश्चिम भारत यानी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 19 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं की संभावना है।दिल्ली में शुक्रवार को गर्म और उमस भरे मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि 14 जून से आसमान में बादल छाने और बारिश शुरू होने की संभावना है जिससे राजधानी में तापमान 40 डिग्री से नीचे आ सकता है।हीटवेव से कब मिलेगी राहत?15 जून तक राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और पश्चिमी यूपी में लू और तेज़ गर्मी का असर बना रहेगा। गुरुवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि 15 जून के बाद गर्मी में थोड़ी राहत मिलेगी।उत्तराखंड और पूर्वी-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 19 जून तक कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में 17 जून तक धूल भरी आंधी और गरज-चमक हो सकती है।दक्षिण भारत में मॉनसून सक्रियदक्षिण भारत के कई हिस्सों में 13 से 17 जून तक भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। खासतौर से दक्षिणी कर्नाटक और कोंकण-गोवा के हिस्सों में 20 सेंटीमीटर से ज़्यादा बारिश हो सकती है। इस दौरान केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी widespread बारिश जारी रहेगी।आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और रायलसीमा में भी हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा।मॉनसून के तेज़ी से उत्तर और पश्चिम की ओर बढ़ने से किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शुक्रवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात हुई। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजराइल और ईरान के बीच हाल के घटनाक्रमों और उभरती स्थिति के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की चिंता को साझा किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर बल दिया। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। इजरायल ने शुक्रवार की सुबह ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र और तेहरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर स्थिति की जानकारी दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरफ से फोन आया। उन्होंने मुझे मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। मैंने भारत की चिंताओं को साझा किया और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया।”वहीं, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ रहे तनाव की स्थिति में निश्चित तौर पर भारत सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। जिसको लेकर तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने देश में मौजूद भारतीय नागरिकों को एक ‘अर्जेंट एडवाइजरी’ जारी की है। इस एडवाइजरी में यहां रह रहे भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने, गैर-जरूरी आवाजाही से बचने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। यह सलाह शुक्रवार सुबह इजरायल के ईरान पर बड़े हवाई हमले करने के बाद आई है, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की चिंता बढ़ गई है। इजरायल ने ऑपरेशन को ‘नेशन ऑफ लायंस’ नाम दिया है।ईरान पर हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा, “इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ शुरू किया है। यह हमला इजरायल के अस्तित्व पर उत्पन्न खतरे को दूर करने के लिए किया गया है। ईरान सिर्फ तीन साल के अंदर 10,000 बैलिस्टिक मिसाइल विकसित करने की तैयारी कर रहा है। अगर 10,000 मिसाइलें उसने छोटे से इजरायल पर दाग दीं, तो क्या होगा। यह असहनीय खतरा है, जिसे रोका जाना चाहिए। इजरायल ने ईरान के मुख्य संवर्धन केंद्र सहित अन्य ठिकानों पर लक्षित हमले किए हैं।”बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने नौ परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त उच्च-संवर्धित यूरेनियम का हाल के वर्षों में उत्पादन किया है। यह इजरायल के लिए खतरा है। इसलिए जब तक यह खतरा खत्म नहीं हो जाता है, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा।इजरायल के हमले में वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई। वहीं, इजरायल ने पूरे देश में विशेष आपातकाल की घोषणा कर दी है। -
नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय आज नई दिल्ली में ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ पर आधारित हाइब्रिड वैश्विक शिखर सम्मेलन-योग कनेक्ट का आयोजन करेगा। यह सम्मेलन 21 जून को 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए एक प्रमुख कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे।इसमें विश्व के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय योग संस्थानों और स्वास्थ्य समुदायों के सहभागी भी वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे। शिखर सम्मेलन में बहरीन, अमरीका, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया सहित चार से अधिक देशों के विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दशक भर के प्रभाव के अध्ययन संबंधी रिपोर्ट- योग प्रभाव जारी की जाएगी। एक दशक में योग के प्रभाव पर एक ई-बुक और योग अनुसंधान के विज्ञान संबंधी विश्लेषण पर रिपोर्ट का अनावरण भी किया जाएगा। शिखर सम्मेलन में विभिन्न विषयगत सत्र होंगे।
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नई दिल्ली। देश के हर तीन में दो वरिष्ठ नागरिकों (66 फीसदी) को प्रौद्योगिकी भ्रमित करती है और आधे से अधिक बुजुर्ग आबादी (51 फीसदी) को ऐसा लगता है कि डिजिटल तकनीक से बातचीत के दौरान उनसे गलतियां हो सकती हैं। हेल्पएज इंडिया के एक हालिया अध्ययन से इसका खुलासा हुआ है। ‘अंडरस्टैंडिंग इंटर-जनरेशनल डायनेमिक्स ऐंड परसेप्शन ऑन एजिंग’ शीर्षक वाला अध्ययन 15 जून को होने वाले विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस से पहले शुक्रवार को जारी किया गया है।
अंतर पीढ़ीगत संबंधों और एक-दूसरे के परस्पर नजरिये को देखना के उद्देश्य के साथ यह अध्ययन 10 महानगरों और गैर महानगरों में किया गया था। सर्वेक्षण में कुल 5,798 लोग शामिल थे, जिनमें 70 फीसदी उत्तरदाता 18 से 30 साल आयु वर्ग वाले युवा थे और 30 फीसदी 60 फीसदी से अधिक के वरिष्ठ नागरिक थे।रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुर्ग अपनी डिजिटल साक्षरता के लिए युवाओं को देखते हैं, जिनमें 54 फीसदी उनके बच्चे और 50 फीसदी पोते-पोतियां इसके लिए उनके मार्गदर्शक बनते हैं। मगर 78 फीसदी युवाओं को लगता है कि डिजिटल कौशल सीखने में बुजुर्गों का रवैया उदासीन है और 66 फीसदी युवाओं का मानना है कि वे भूल जाते हैं। सर्वेक्षण में शामिल 44 फीसदी बुजुर्गों को डिजिटल प्रौद्योगिकी के बारे में दोबारा पूछने में शर्म महसूस होती है, जबकि 24 फीसदी बुजुर्गों को लगता है कि इससे उपकरण खराब हो सकते हैं।हेल्पएज इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी रोहित प्रसाद ने बताया, ‘भारत में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और पारिवारिक संबंध दमदार है। लगभग 86 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस होता है। मगर इसके पीछे एक चिंताजनक वास्तविकता भी है कि बुजुर्ग भावनात्मक रूप से काफी अलग-थलग महसूस करते हैं और उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी बातों को परिवार में तवज्जो नहीं दी जाती है।’डिजिटल उपकरणों और टूल्स तक पहुंच के मामले में अधिकतर बुजुर्गों (71 फीसदी) को बेसिक फीचर वाले मोबाइल फोन उपयोग करने में आसानी होती है और केवल 41 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि वे स्मार्टफोन चलाते हैं।ऑनलाइन सेवा का उपयोग करने वाले सिर्फ 5 फीसदी ही बुजुर्ग हैं और 13 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि वे कंप्यूटर चलाते हैं और 13 फीसदी बुजुर्गों ने ही सोशल मीडिया के उपयोग के बारे में बताया।ऑनलाइन सेवाओं की अगर बात करें तो 50 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने कभी भी बिजली, पानी, मोबाइल रिचार्ज आदि यूटिलिटी बिलों का ऑनलाइन भुगतान नहीं किया है। 45 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने कभी ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग नहीं किया है।

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