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- नयी दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की अपनी ऐतिहासिक यात्रा से पहले, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन की तैयारियों को एक ‘‘अद्भुत यात्रा'' बताया है और कहा कि इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। भारतीय वायुसेना के 39 वर्षीय पायलट चालक दल के तीन अन्य सदस्यों के साथ स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्षयान से आईएसएस की यात्रा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह अंतरिक्षयान फाल्कन 9 रॉकेट के जरिये मंगलवार को भारतीय समयानुसार शाम पांच बजकर 52 मिनट पर फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा। एक्सिओम-4 मिशन के पायलट शुक्ला के अलावा चालक दल के अन्य सदस्यों में पोलैंड से स्लावोस्ज उजनांस्की-विस्नीवस्की, हंगरी से टिबोर कापू और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन शामिल हैं। इस प्रक्षेपण के साथ ही शुक्ला लगभग चार दशक बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे। राकेश शर्मा ने 1984 में रूस के सोयूज अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। लखनऊ में जन्मे शुक्ला ने मंगलवार को प्रक्षेपण से पहले ‘एक्सिओम स्पेस' द्वारा जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘यह एक अद्भुत यात्रा रही है; ये ऐसे क्षण हैं, जो वास्तव में आपको एहसास कराते हैं कि आप किसी ऐसी चीज का हिस्सा बन रहे हैं, जो आपसे कहीं बड़ी है। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि इसका हिस्सा बनकर मैं कितना भाग्यशाली हूं।'' शुक्ला को प्यार से ‘‘शक्स'' के नाम से जाना जाता है।टिबोर कापू ने कहा, ‘‘शक्स (शुक्ला) की बुद्धिमत्ता और उनके पास मौजूद ज्ञान से पता चलता है कि उनकी उम्र 130 साल हो सकती है।'' व्हिटसन, एक अनुभवी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में 675 दिन बिताए हैं और 10 अंतरिक्ष चहलकदमी की है। व्हिटसन ने कहा, ‘‘मेरे लिए, ड्रैगन कैप्सूल में उन्हें पायलट के रूप में रखना बहुत अच्छी बात है। वह पहले से ही परिचालन के मामले में बहुत कुशल हैं और जब अंतरिक्ष यान प्रौद्योगिकियों की बात आती है, तो वह बहुत ही कुशल हैं।'' स्लावोस्ज ने कहा कि शुक्ला अपने दृष्टिकोण को लेकर बहुत केन्द्रित हैं और परिस्थितियों पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हैं। पोलिश अंतरिक्ष यात्री ने कहा, "वह बहुत केंद्रित हैं। वह रिकॉर्ड समय में एक, दो, तीन, चार कदम आगे बढ़ जाते हैं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि वह इतनी तेजी से वहां कैसे पहुंच जाते हैं।'' शुक्ला ने अपने साथियों की प्रशंसा की तथा उन्हें एक ‘‘शानदार'' दल बताया तथा कहा कि वे ‘‘जीवनभर उनके मित्र'' रहेंगे। उन्होंने कहा कि अपने आदर्श राकेश शर्मा की तरह वह भी अगली पीढ़ी को अंतरिक्ष विज्ञान को करियर के रूप में अपनाने और अंतरिक्ष यात्री बनने का प्रयास करने के लिए प्रेरित करना चाहेंगे।
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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि भारत यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) जैसी विश्वस्तरीय डिजिटल पहलों के साथ कैशलेस क्रांति को अपना रहा है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “पिछले 11 वर्षों में भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक शानदार यात्रा का अनुभव किया।”
प्रतिदिन 70,000 करोड़ रुपए से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन
वहीं एक दूसरी पोस्ट में कहा गया, “भारत कैशलेस क्रांति को अपना रहा है। प्रतिदिन 70,000 करोड़ रुपए से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन और एक दिन में 59.6 करोड़ लेनदेन के साथ डिजिटल पेमेंट्स अब मानक बन गए हैं।”वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने आगे कहा कि आम नागरिक के जीवन को आसान बनाने से लेकर कारोबारी आत्मविश्वास को बढ़ाने तक, यह रियल और विजिबल चेंज का एक दशक रहा है।भारत आज न केवल सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है, बल्कि क्लाइमेट एक्शन और डिजिटल इनोवेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक प्रमुख वैश्विक भागीदार भी है।
यूपीआई ने इस वर्ष मई में 18.68 बिलियन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड कर मजबूत वृद्धि दर्ज की
यूपीआई ने इस वर्ष मई में 18.68 बिलियन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड कर मजबूत वृद्धि दर्ज की, जो अप्रैल में 17.89 बिलियन थे।
यूपीआई ट्रांजैक्शन में सालाना आधार पर 33% से अधिक की वृद्धि
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई ट्रांजैक्शन पिछले वर्ष इसी महीने 14.03 बिलियन ट्रांजैक्शन की तुलना में सालाना आधार पर 33 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।पिछले महीने मूल्य के हिसाब से यूपीआई ट्रांजैक्शन बढ़कर 25.14 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो अप्रैल में 23.95 लाख करोड़ रुपए से 5 प्रतिशत अधिक है। यह पिछले वर्ष मई में 20.45 लाख करोड़ रुपए से लगभग 23 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
मई में एवरेज डेली ट्रांजैक्शन की मात्रा 602 मिलियन रही
मई में एवरेज डेली ट्रांजैक्शन की मात्रा 602 मिलियन रही, जबकि एवरेज डेली ट्रांजैक्शन अमाउंट 81,106 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
यूपीआई ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम में अपना प्रभुत्व किया मजबूत
यूपीआई ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम में अपना प्रभुत्व मजबूत किया है और कुल ट्रांजैक्शन की मात्रा में इसकी हिस्सेदारी पिछले वित्त वर्ष के 79.7 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 83.7 प्रतिशत हो गई है।
यूपीआई ने 2024-25 के दौरान 185.8 बिलियन ट्रांजैक्शन की सुविधा प्रदान की
आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट से पता चलता है कि यूपीआई ने 2024-25 के दौरान 185.8 बिलियन ट्रांजैक्शन की सुविधा प्रदान की, जो सालाना 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मूल्य के संदर्भ में, यूपीआई ट्रांजैक्शन वित्त वर्ष 24 में 200 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 261 लाख करोड़ रुपए हो गया।
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नई दिल्ली। इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश और किसी ने नहीं बल्कि उनकी पत्नी ने ही रची थी। राजा की हनीमून के दौरान मेघालय में हत्या कर दी गई थी। यह जानकारी सोमवार सुबह डीजीपी एल. नोंग्रांग ने दी। उन्होंने बताया कि पत्नी सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। जबकि तीन अन्य हमलावरों को रातभर चली छापेमारी के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी मेघालय के सोहरा क्षेत्र में छुट्टियां मना रहे थे, जहां 23 मई को वे लापता हो गए थे। उनका शव 2 जून को एक गहरी खाई में मिला। जबकि उस समय उनकी पत्नी की तलाश की जा रही थी। डीजीपी ने बताया कि एक आरोपी को यूपी से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य को इंदौर से एसआईटी ने गिरफ्तार किया।नोंग्रांग ने कहा कि सोनम ने यूपी के नंदगंज थाने में सरेंडर कर दिया। और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया है कि पत्नी ने ही पति की हत्या के लिए उन्हें सुपारी दी थी। इस मामले में मध्यप्रदेश में कुछ और लोगों की तलाश अब भी जारी है।मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने मामले को सुलझाने के लिए राज्य पुलिस की सराहना की। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, “7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस ने राजा मर्डर केस में बड़ी सफलता हासिल की है। तीन हमलावर जो मध्यप्रदेश से हैं उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला ने सरेंडर कर दिया है और एक और हमलावर की तलाश जारी है… बहुत अच्छा काम किया।”मावलाखियात गांव के एक गाइड अल्बर्ट पडे ने राजा और उसकी पत्नी को 23 मई की सुबह करीब 10 बजे तीन पुरुषों के साथ देखा था, जब वे नोंग्रिआत से मावलाखियात की ओर 3,000 सीढ़ियां चढ़ रहे थे। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले उन्होंने कपल को प्रसिद्ध लिविंग रूट्स ब्रिज दिखाने के लिए पूछा था। हालांकि, उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया और किसी और गाइड को साथ लिया था। अल्बर्ट ने यह भी बताया कि तीनों पुरुष हिंदी में बात कर रहे थे। इससे स्पष्ट था कि वे स्थानीय नहीं थे।दोनों परिवारों ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। राजा का शव वेसॉडोंग फॉल्स के पास एक खाई में मिला था। उनकी अंगुली से सोने की अंगूठी और गले से चेन गायब थी। इससे हत्या की आशंका और मजबूत हो गई। अगले दिन एक खून से सनी मछेती (चाकू) भी वहीं पास में मिला और दो दिन बाद एक रेनकोट मिला जो माना जा रहा था कि उसी कपल का था। यह मावकमा गांव में मिला, जो सोहरारीम और खाई के बीच स्थित है जहां राजा का शव मिला था।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं, शुक्रवार को सोनम के परिवार ने भी केंद्र से केस को सीबीआई को सौंपने की अपील की और मेघालय पुलिस की जांच पर असंतोष जताया था।सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने बताया था, “मेरी बेटी का अपहरण हुआ है और वह अब भी अपहर्ताओं की गिरफ्त में है। मेघालय पुलिस इस मामले की सही तरीके से जांच नहीं कर रही। लापरवाही शुरू से ही रही है। अगर पहले ही सेना तैनात कर दी जाती, तो दोनों को समय पर बचाया जा सकता था।”11 मई को हुई थी शादीशादी के बाद 11 मई को दंपति ने 20 मई को मेघालय के लिए रवाना हुए थे। वे 22 मई को मावलाखियात गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक स्कूटर किराए पर लिया था। 24 मई को उनका स्कूटर शिलॉंग से सोहरा की ओर जाने वाले रास्ते में एक कैफे के पास लावारिस हालत में मिला। इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई। मामले की जांच के लिए एक एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया, जिसमें चार डीएसपी भी शामिल हैं। -
नई दिल्ली। 9 जून को भारत के केरल राज्य में स्थित विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह (Vizhinjam Port) एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर जहाज MSC IRINA पहली बार दक्षिण एशिया के किसी पोर्ट पर आया और सुबह के समय विझिंजम पोर्ट पर सफलतापूर्वक लंगर डाला। यह जहाज अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर वेसल (ULCV) की कैटेगरी में आता है और इसकी टीईयू (TEU) क्षमता 24,346 है, जो इसे दुनिया में सबसे ज़्यादा कंटेनर ले जाने वाला जहाज बनाता है।
यह खास आगमन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि विझिंजम पोर्ट को 2 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को समर्पित किया था। यह पोर्ट अब बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए भी पूरी तरह तैयार दिख रहा है। MSC IRINA की लंबाई 399.9 मीटर और चौड़ाई 61.3 मीटर है। यह एक फुटबॉल के मैदान से लगभग चार गुना बड़ा है। जहाज में कंटेनर को 26 परतों तक ऊंचाई में रखा जा सकता है, जिससे इसकी क्षमता और प्रभावशाली हो जाती है। यह जहाज लाइबेरिया के झंडे के अंतर्गत समुद्र में चलता है और मार्च 2023 में लॉन्च हुआ था। इसकी पहली यात्रा अप्रैल 2023 में शुरू हुई थी।पहले भी आए हैं बड़े जहाज, अब बना अहम समुद्री केंद्रविझिंजम पोर्ट पहले भी MSC Türkiye और MSC Michel Cappellini जैसे बड़े जहाजों को संभाल चुका है। इससे यह साफ है कि यह बंदरगाह अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।पर्यावरण के प्रति भी सजगMSC IRINA न सिर्फ आकार में बड़ा है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। इसमें खास एनर्जी-सेविंग तकनीकें लगाई गई हैं जो कार्बन उत्सर्जन को 4% तक कम करती हैं, जिससे इसका कार्बन फुटप्रिंट घटता है।पोर्ट की अब तक की उपलब्धियांविझिंजम पोर्ट ने जुलाई 2024 में ट्रायल ऑपरेशन शुरू किया था और दिसंबर 2024 से व्यावसायिक ऑपरेशन शुरू हुआ। अब तक यहां 349 जहाज आ चुके हैं और कुल 7.33 लाख कंटेनरों को हैंडल किया गया है। MSC IRINA का भारत आना केवल एक जहाज की यात्रा नहीं, बल्कि विझिंजम पोर्ट के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरने की एक बड़ी पहचान है। यह भारत के समुद्री व्यापार, इन्फ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भागीदारी का प्रतीक बन गया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल को आज सोमवार को एक साल पूरे हो रहे हैं। केंद्र में पिछले 11 साल से सत्तासीन एनडीए सरकार की कई उपलब्धियां रही हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि कश्मीर घाटी तक ट्रेन का सपना अब साकार हुआ है। घाटी के लोग अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक जा सकते हैं। यह कार्य बहुत सराहनीय है।
श्री श्री रविशंकर ने मीडिया से बात करते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक से वह कश्मीर जाते रहे हैं। घाटी के लोगों ने कभी ट्रेन नहीं देखी थी। उन्हें ट्रेन में बैठने का बहुत शौक होता था। उन्हें ट्रेन देखने के लिए पहले जम्मू आना पड़ता था। अब यह बहुत हर्ष की बात है कि इतने साल के बाद कश्मीर घाटी का रेल से संपर्क हुआ है। इसके जरिए अब वहां के लोग कश्मीर से कन्याकुमारी तक जा सकते हैं। यह काम बहुत सराहनीय है। जब अलग-अलग भाषा और अन्य संस्कृतियों के लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, यह असली भारत की एकता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि सरकार ने कश्मीर को नया स्वरूप दिया है। पहले और अब के कश्मीर में जमीन-आसमान का अंतर आया है। पिछले कई साल में आतंकी घटनाओं में कमी आई है।आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि पिछले 11 साल में भारत ने बहुत तरक्की की है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जल्द ही हमारा देश तीसरी बड़ी अर्थशक्ति बन जाएगा। देश में पिछले 70 साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में जो काम नहीं हुआ था, वह पिछले 11 साल में हुआ है। गरीबों के बैंक खातों में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलिए खत्म हुए हैं। नारी शक्ति को 11 साल में बल मिला है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं काफी सशक्त हुई हैं। पहले महिलाएं घूंघट ओढ़कर घर में रहती थीं और सिर्फ घर का काम देखती थीं। अब महिलाएं सामाजिक क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभाने में आगे बढ़ रही हैं।उन्होंने तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्धार का जिक्र कर मोदी सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र उन सभी तीर्थ स्थलों को नया रूप दिया गया है जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थे। यह अपने-आप में आस्था को छूने वाली बात है। फिर चाहे महाकाल, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ या अयोध्या हो – आज देशभर में तीर्थस्थलों का पुनरोद्धार किया गया है। खास तौर पर यह आस्थावान लोगों के लिए हृदयस्पर्शी है। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण के 71 नए मामले सामने आए हैं और वर्तमान में राज्य में उपचाराधीन मामलों की संख्या 693 है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि नए मामलों में शनिवार से सामने आए मामले शामिल हैं और इस अवधि के दौरान बीमारी के कारण किसी की मौत नहीं हुई। इसने कहा कि नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के 53 मरीज ठीक भी हुए हैं। इसके साथ ही राज्य में वर्तमान में उपचाराधीन मामलों की संख्या 693 है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में स्थिति नियंत्रण में है। इन मामलों में मरीजों को हल्के लक्षण हैं।
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नयी दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल की तस्वीर लेने को लेकर श्रीनगर जाने वाले विमान यात्रियों के बीच गजब का जुनून देखने को मिल रहा है। इस पुल का उद्घाटन छह जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस बयान के अनुसार, विमान के पायलट विशेष घोषणाएं कर रहे हैं और यात्री दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल (मेहराबदार पुल) की तस्वीरें लेने के प्रति काफी उत्सुकता दिखा रहे हैं। रेलवे बोर्ड के सूचना और प्रचार मामलों के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने रविवार को कहा, ‘‘चिनाब नदी पर बना पुल हर ऊंचाई से प्रशंसा प्राप्त करता है, जहां धरती से उठे गर्व की गूंज बादलों के बीच गूंजती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इन दिनों जम्मू-कश्मीर की शानदार घाटियों से गुजरने वाली हर उड़ान एक खास पल का गवाह बनती है। जैसे ही विमान चिनाब घाटी के पास पहुंचता है, पायलट की आवाज केबिन में गूंजती है: ‘‘आपके नीचे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे-मेहराब पुल (चिनाब पुल) है।'' जैसे ही यह घोषणा होती है, यात्री खिड़कियों की ओर दौड़ पड़ते हैं और अपने मोबाइल फोन पर इस ऐतिहासिक चमत्कार का वीडियो रिकॉर्ड करना और तस्वीरें लेना शुरू कर देते हैं। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘केबिन में गर्व की भावना का प्रसार होता है - यात्री ताली बजाते हैं, मुस्कुराते हैं और भारतीय इंजीनियरिंग के चमत्कार के लिए प्रशंसा के शब्द साझा करते हैं।'' रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आस-पास के गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों के स्थानीय लोग अलग-अलग जगहों से पुल की तस्वीरें लेते और वीडियो रिकॉर्ड करते देखे जा सकते हैं। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ लोग इस पल को सीधे प्रसारित कर रहे हैं, जबकि अन्य इसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तुरंत साझा कर रहे हैं।'' कुमार के अनुसार, आसमान में उड़तीं उड़ानें चिनाब पुल को देखने का झरोखा बन गई हैं, जमीन पर भी लोग इस विस्मयकारी रचना को कैद करने में व्यस्त हैं जो भविष्य की पीढ़ियों के साथ साझा करने के लिए इतिहास के एक भाग को संरक्षित करती है। महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के हिस्से के रूप में ‘चिनाब पुल' दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे-मेहराब पुल है। नदी तल से 359 मीटर ऊपर यह सलाल बांध के पास चिनाब नदी पर बना है और इसकी कुल लंबाई 1,315 मीटर है। इसका इस्पात से बना मुख्य मेहराब अकेले 467 मीटर लंबा है और यह 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा को भी झेल सकता है। यह एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा और कुतुब मीनार से लगभग पांच गुना ऊंचा है। इस विशाल संरचना को बनाने में 28,000 मीट्रिक टन इस्पात का इस्तेमाल किया गया है।
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार विधानभवन समेत प्रमुख प्रतिष्ठानों और अति विशिष्ट लोगों (वीआईपी) को रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) खतरों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उन्नत तकनीक खरीदने की योजना बना रही है। प्रदेश सरकार संसद के सुरक्षा प्रोटोकॉल से सबक लेते हुए बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र तैयार करने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' (ईसीआईएल) जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इस सिलसिले में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि डीआरडीओ, ईसीआईएल, राज्य पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों और राज्य व राष्ट्रीय आपदा मोचन प्राधिकरणों के साथ बातचीत की जा रही है। इस योजना में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) की भी अहम भूमिका है।
एक अधिकारी ने रविवार को एक न्यूज़ एजेंसी बताया, “इस प्रणाली का उपयोग वीआईपी और वीवीआईपी सुरक्षा के साथ-साथ राज्य भर में विभिन्न स्थलों पर उच्च स्तरीय अधिकारियों व मंत्रियों और कार्यक्रमों के दौरान किया जाएगा।” उन्होंने बताया, “यह अमेरिका या फ्रांस जैसे देशों की तकनीक पर आधारित होगा।”
प्रस्तावित सीबीआरएन प्रणाली खासकर पाकिस्तान के साथ हालिया तनावों के मद्देनजर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। यह पहल उत्तर प्रदेश विधान भवन परिसर की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए कदम पर भी आधारित है। इस साल की शुरुआत में विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों और अन्य आगंतुकों को जारी किये जाने वाले वाहन स्टिकर पास में छेड़छाड़ का मामला सामने आने पर उन स्टिकर को ‘आरएफआईडी टैग' से बदल दिया गया था। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पांच मार्च को एक सत्र के दौरान सुरक्षा चिंताओं को उजागर करते हुए कहा था, “हमारे संज्ञान में आया है कि विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए पास के साथ छेड़छाड़ करके नकली वाहन पास बनाए जा रहे हैं। यह सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय है और मामले को जांच के लिए भेज दिया गया है।” सीबीआरएन सुरक्षा प्रणाली के तहत विषाणु व विषाक्त पदार्थ जैसे खतरों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने के लिए कई तकनीकों को शामिल किया जाएगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, एक ‘सेटअप' की लागत 10 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
राज्य सरकार साथ ही साथ उन्नत रोबोटिक निगरानी उपकरणों को खरीदने की भी योजना बना रही है, जो अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की हाल ही में ताजमहल की यात्रा के दौरान किये गये सुरक्षा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान से प्रेरित है। फ्रांसीसी तकनीक पर आधारित ये रोबोट दिन-रात निगरानी की क्षमता प्रदान करेंगे और इन्हें विधान भवन परिसर, हवाई अड्डों या प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है। हर रोबोट की कीमत लगभग 80 लाख रुपये है और इसे मानव जीवन को खतरे में डाले बिना दुर्गम और खतरनाक क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए तैयार किया गया है। यह पहियेदार उपकरण 90 मीटर तक की रेंज के साथ विस्फोटकों को पकड़ने के लिए वाहनों को स्कैन कर सकते हैं। यहां तक कि ये सीढ़ियों, उबड़-खाबड़ इलाकों और तंग जगहों को भी पार करने में सक्षम हैं। अधिकारी ने बताया, “युद्ध अब गुजरे जमाने की बात हो गए हैं। हमें भविष्य के लिए तैयार रहना होगा।”
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर इस प्रणाली को लागू किया जाता है तो उत्तर प्रदेश सीबीआरएन और विस्फोट की गतिविधियों के खतरों के खिलाफ संसद की तर्ज पर एकीकृत सुरक्षा मॉडल अपनाने वाला पहला राज्य बन जाएगा। -
मदुरै (तमिलनाडु). केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि वर्ष 2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी। पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने मदुरै को ‘परिवर्तन' का शहर बताया और कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता सम्मेलन बदलाव लाएगा और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को सत्ता से बेदखल करेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-अन्नाद्रमुक मिलकर तमिलनाडु में राजग की सरकार बनाएंगे और लोग 2026 के चुनावों में द्रमुक को हराएंगे। शाह ने कहा कि द्रमुक सरकार 100 प्रतिशत विफल रही है। शाह ने कहा, ‘‘ वर्ष 2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजग सरकार बनाएगा।''
शाह ने राज्य, जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को संबोधित करने से पहले भाजपा की तमिलनाडु इकाई की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। कोर कमेटी की बैठक का नेतृत्व करने से पहले उन्होंने मदुरै मीनाक्षी मंदिर में पूजा-अर्चना की। अप्रैल में तमिलनाडु की अपनी यात्रा के दौरान शाह ने अन्नाद्रमुक के साथ संबंधों को फिर से बहाल करने की घोषणा की थी। अपने संबोधन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कानून-व्यवस्था को लेकर द्रमुक शासन पर निशाना साधा और पश्चिमी कोंगू क्षेत्र के गांवों में बुजुर्गों की लक्षित हत्याओं को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की अपील की और अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन को ‘उपयुक्त गठबंधन' करार दिया। उन्होंने अमित शाह को ‘भारत का लौह पुरुष, दूसरा सरदार वल्लभभाई पटेल' बताया।
भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने कहा कि एकमात्र लक्ष्य राज्य में द्रमुक को सत्ता से हटाना है और उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया। मदुरै में अमित शाह ने मुख्यमंत्री स्टालिन को यह बताने की चुनौती दी कि क्या उन्होंने वर्ष 2021 में किये गए द्रमुक के चुनावी वादों को पूरा कर दिया है। - मुंबई। मुंबई में एक उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा कि यदि मांसाहारी भोजन से किसी शाकाहारी व्यक्ति की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं तो वह ऐसी जगह से भोजन खरीदता ही क्यों है जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार का भोजन उपलब्ध होता है। मुंबई उपनगरीय (अतिरिक्त) जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पिछले महीने जारी आदेश में कहा कि यह तर्कसंगत लगता है कि ‘‘कोई समझदार व्यक्ति भोजन ग्रहण करने से पहले शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के बीच फर्क पहचान सकता है।'' आयोग ने एक भोजनालय के खिलाफ दो व्यक्तियों द्वारा की गई उस शिकायत को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्हें शाकाहारी भोजन मंगाने बावजूद मांसाहारी भोजन परोसा गया।आयोग ने इस मामले में कहा, "यदि शिकायतकर्ता शाकाहारी हैं और मांसाहारी भोजन से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो उन्होंने ऐसा रेस्तरां क्यों चुना जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन उपलब्ध था, बजाय इसके कि वे केवल शाकाहारी भोजन परोसने वाले रेस्तरां से ऑर्डर करते।" शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने 19 दिसंबर 2020 को मुंबई के सायन स्थित 'वाउ मोमो' रेस्तरां को भाप से पके ‘दार्जीलिंग मोमो' के साथ एक सॉफ्ट ड्रिंक का ‘ऑर्डर' दिया था। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शाकाहारी पसंद को दो बार विशेष रूप से स्पष्ट किया था, लेकिन उन्हें भाप के पकाए गए ‘चिकन दार्जीलिंग मोमो' परोसे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रेस्तरां के कर्मचारियों ने उनकी बात को नजरअंदाज किया और रेस्तरां के ‘बोर्ड' पर शाकाहारी या मांसाहारी विकल्प स्पष्ट रूप से नहीं दिखाए गए थे। शिकायतकर्ताओं ने मानसिक तनाव, भावनात्मक कष्ट और धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचने का दावा करते हुए छह लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि शिकायतकर्ताओं ने स्वयं मांसाहारी मोमो का ऑर्डर दिया था, जैसा कि बिल में दिखा रहा है। कंपनी ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ताओं ने उनके कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार किया और उत्पात मचाया, जिसके कारण कंपनी ने उनके पैसे वापस कर लिए और उन्हें मुफ्त में भोजन भी दिया। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने 1,200 रुपये का वाउचर भी उपहार में देने की पेशकश की, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने तीन लाख रुपये की मांग की। कंपनी ने दावा किया कि यह शिकायत कंपनी को परेशान करने के उद्देश्य से की गई थी।
- मथुरा (उप्र)। मथुरा में एक हफ्ते पहले वृन्दावन के मंदिर में दर्शन करते समय मध्यप्रदेश की महिला जज का मंगलसूत्र चोरी होने के मामले में शुरू की गयी कार्रवाई के तहत पुलिस ने अब तक 10 महिला चोरों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि विगत एक जून को मध्यप्रदेश के जिला उज्जैन में तैनात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेमा साहू अपने परिवार के सदस्यों के साथ ठाकुर श्री राधारमण मंदिर में दर्शन कर रही थीं तभी उनके गले से सोने का मंगलसूत्र किसी महिला ने चोरी कर लिया। उन्होंने बताया कि यह जानकारी मिलने के बाद मुहिम चलाई गई, जिसके बाद शनिवार को पुलिस ने 10 महिला चोरों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से कई पर्स बरामद किए हैं जिनमें नकदी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, डेबिट कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस आदि महत्वपूर्ण कागजात तथा कुल 18 हजार 652 रुपये बरामद किए गए हैं। कुमार ने बताया, ‘‘पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी महिलाएं मध्यप्रदेश व राजस्थान से यहां आकर वृन्दावन व मथुरा के भीड़भाड़ वाले मंदिरों में जेब काटने, मोबाइल फोन व आभूषण आदि बहुमूल्य चीजों की चोरी करती हैं। गिरफ्तार सभी महिलाओं को जेल भेज दिया गया है।''
- अहमदाबाद। गुजरात के सुरेन्द्रनगर और अमरेली जिलों में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन किशोर समेत पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि सुरेन्द्रनगर-ध्रांगधरा मार्ग पर दुधरेज रेलवे फाटक के निकट मध्य रात्रि एक ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच हुई टक्कर में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। ‘ए' डिवीजन पुलिस थाने के निरीक्षक आर एम संगाडा ने बताया कि मृतकों की पहचान दिव्यांश परमार (18), इमरान मोवर (16) और अफजल सिपाई (22) के रूप में हुई है जो सुरेन्द्रनगर कस्बे के निवासी थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘तीनों व्यक्ति शहर वापस जा रहे थे तभी उनकी मोटरसाइकिल की विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से टक्कर हो गई। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चालक को हिरासत में लिया गया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।'' एक अन्य दुर्घटना में, शनिवार रात अमरेली जिले के सावरकुंडला-महुवा रोड पर एक तेज रफ्तार कार ने दो मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे इन वाहनों पर सवार एक महिला और 14 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। सावरकुंडला पुलिस थाने के निरीक्षक सीएन कुगासिया ने कहा कि अज्ञात चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग गया।उन्होंने बताया कि एक परिवार के पांच सदस्य शनिवार रात सावरकुंडला शहर के बाहरी इलाके में एक रेस्तरां में रात का खाना खाने गए थे और दो अलग-अलग मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर लौट रहे थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘किसी कारण से वे सावरकुंडला-महुवा मार्ग पर वितरित दिशा में जा रहे थे तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। 58 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लड़के ने सुबह अमरेली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।'' उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान वनिता जोशी (58) और जय जोशी (14) के रूप में हुई है। साथ ही परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हुए हैं।
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नयी दिल्ली। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने वाले रोड्स स्कॉलरशिप ट्रस्ट ने 2028 से भारतीयों के लिए छात्रवृत्तियों की संख्या को देश की जनसंख्या के अनुरूप बढ़ाने की योजना बनाई है। यह जानकारी ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सर रिचर्ड ट्रेनर ने दी। अगले साल से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदनों की घोषणा से पहले, भारत आए ट्रेनर ने ‘ बताया कि वर्तमान में भारतीय अभ्यर्थियों को सालाना छह छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। ट्रेनर ने कहा, ‘‘अब प्राथमिकता उन स्थानों के लिए कुछ अतिरिक्त छात्रवृत्तियां प्रदान करने की है, जहां जनसंख्या के अनुपात में विद्वानों की संख्या अधिक हो सकती है और भारत उन देशों में से एक है। इसलिए, हमारे पास भारत के लिए प्रति वर्ष छह छात्रवृत्तियां हैं, जो अच्छी बात है, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं, इस देश में डेढ़ अरब लोग हैं, इसलिए अधिक छात्रवृत्तियां होनी चाहिए।''
रोड्स हाउस के अंतरिम ‘वॉर्डन' ने कहा, ‘‘हम अतिरिक्त छात्रवृत्तियों के लिए धन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि ट्रस्ट को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की फीस का भुगतान करने तथा छात्रों के जीवन-यापन के व्यय का भुगतान करने के लिए निधि में धन की आवश्यकता है।'' छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाने के लिए चीन और अफ्रीका जैसे अन्य देश भी प्राथमिकता में हैं। वर्तमान में चीन से चार और अफ्रीका से 21 अभ्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। ट्रेनर ने कहा, ‘‘हम छात्रवृत्ति योजना की 125वीं वर्षगांठ, जो कि 2028 है, तक इन तीनों क्षेत्रों में कुछ अतिरिक्त विद्वानों को शामिल करना चाहेंगे। हम अभी से लेकर 125वीं वर्षगांठ तक धन जुटाने पर बड़ा जोर देने जा रहे हैं।'' ट्रेनर स्वयं 1970 में रोड्स छात्रवृत्ति के लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर रोड्स छात्रवृत्ति से अपने जीवन में आए बदलाव के बारे में बताते हैं। रोड्स छात्रवृत्ति उन प्रतिभाशाली छात्रों को दी जाती है, जिन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में दो से तीन साल की पढ़ाई करनी होती है। 18-23 वर्ष (विशेष परिस्थितियों में 27 वर्ष तक) के छात्र आवेदन करने के पात्र हैं। रोड्स छात्रवृत्ति विश्व की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे पुरानी स्नातक पाठ्यक्रम के लिए दी जाने वाल छात्रवृत्तियों में से एक है, जिसकी स्थापना 1903 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में की गई थी। अगले साल के शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया तीन जून को शुरू हुई और अभ्यर्थी 23 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति के प्रमुख भारतीय लाभार्थियों में अर्थशास्त्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया, लेखक गिरीश कर्नार्ड, पर्यावरण कानून विशेषज्ञ लावण्या राजमणि, राजनीतिक टिप्पणीकार और चुनाव विश्लेषक महेश रंगराजन और ओलंपियन रंजीत भाटिया शामिल हैं। -
नयी दिल्ली,। देश में पिछले 48 घंटे में कोविड-19 के 769 नये मामले सामने आए, जिसके साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या छह हजार के पार पहुंच गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। मंत्रालय के अनुसार, केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य है, उसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली का स्थान है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्र ‘मॉक ड्रिल' आयोजित कर रहा है और सभी राज्यों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 6,133 है और पिछले 24 घंटों में छह और संक्रमितों की मौतें हुई हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अधिकतर मरीजों में हल्के लक्षण थे और वे घर पर ही उपचार के बाद ठीक हो गए। इस साल जनवरी के बाद से देश में कोविड-19 से 65 लोगों की मौत होने की सूचना है। 22 मई तक देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 257 थी। कोविड-19 की मौजूदा स्थिति और तैयारी के उपायों का आकलन करने के लिए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, आपात प्रबंधन प्रतिक्रिया (ईएमआर) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) तथा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों की समीक्षा बैठकें स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो जून और तीन जून को हुईं। आधिकारिक सूत्रों ने चार जून को बताया कि आईडीएसपी के तहत राज्य एवं जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों (आईएलआई) और गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों (एसएआरआई) की करीबी निगरानी कर रही हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘‘एसएआरआई की पुष्टि वाले नमूनों को आईसीएमआर वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है।''
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सशक्त महिलाएं आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं और पिछले 11 वर्षों में एनडीए सरकार ने महिला-नेतृत्व वाले विकास को एक नई दिशा दी है। गृहमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मोदी सरकार के लिए मां और मातृभूमि से बढ़कर कुछ नहीं।#11YearsOfSashaktNari’ में सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके मनोबल को नई उड़ान दी है।”
अमित शाह ने बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से लेकर स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना से रसोई में धुएं से मुक्ति, तीन तलाक पर प्रतिबंध, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, और सशस्त्र बलों में महिलाओं की भर्ती जैसे कदमों ने महिलाओं को राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भागीदारी दिलाई है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला सशक्तिकरण को लेकर सोशल मीडिया पर कहा कि “महिलाएं आज विज्ञान, शिक्षा, खेल, स्टार्टअप और सशस्त्र बलों जैसे सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं।” उन्होंने कहा कि “एनडीए सरकार ने महिला-नेतृत्व वाले विकास की परिभाषा ही बदल दी है।”प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इससे लाखों परिवारों को धुएं से मुक्त रसोई मिली है। मुद्रा योजना के जरिए लाखों महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं के नाम से घर देने का भी उल्लेख किया गया, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने देशभर में बेटियों को सुरक्षित और शिक्षित करने के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत की।- - गढ़चिरौली । महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले के कटेजरी गांव में आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार 26 अप्रैल 2025 को राज्य परिवहन (ST) की बस सेवा शुरू हुई। यह ऐतिहासिक कदम सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि बदलाव, विकास और विश्वास की एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है। कटेजरी गांव के साथ-साथ यह बस सेवा चांदगांव, धनौरा, पेंडरी, मरूमगांव और धरेखेड़ा जैसे लगभग 30 गांवों को गढ़चिरौली से जोड़ती है। अब यह बस प्रतिदिन दो बार गढ़चिरौली और कटेजरी के बीच चलेगी। छत्तीसगढ़ सीमा से सटे इस आदिवासी बहुल इलाके को पहले नक्सल प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता था, लेकिन अब यहां विकास की रफ्तार दिखाई दे रही है।गांव के लोगों के मुताबिक पहले बच्चों को स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था और किसानों व महिलाओं को बाहर आने-जाने में काफी कठिनाई होती थी। अब बस सेवा के शुरू होने से उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया है। ग्रामीणों ने इसे “सपने के सच होने” जैसा बताया। कटेजरी थाना क्षेत्र के अनुसार, पहले यह पूरा इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए कुख्यात था, लेकिन अब सुरक्षा बलों और प्रशासन की साझा कोशिशों से हालात बदल चुके हैं। पुलिस स्टेशन की मांग पर शासन ने सर्वे कराया और फिर 26 अप्रैल से यह बस सेवा शुरू की गई। बता दें कि कटेजरी गांव की जनसंख्या लगभग 500 है और पहले यह क्षेत्र नक्शे पर ” रेड जोन” के रूप में पहचाना जाता था। अब यहां नक्सल गतिविधियों की जगह बसों के हॉर्न की आवाज सुनाई देती है। यह पहल ना केवल एक परिवहन सुविधा का विस्तार है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अब यह क्षेत्र नक्सलवाद की छाया से उबरकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो चुका है।
- लखनऊ/ भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की आज लखनऊ में रिंग सेरेमनी हुई. शहर के 5 स्टार होटल द सेंट्रम में इंगेजमेंट का कार्यक्रम आयोजित हुआ. पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार, पीयूष चावला और यूपी रणजी टीम के कप्तान आर्यन जुयाल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. रिंकू सिंह अपने परिवार के साथ देर रात होटल पहुंचे. यहां उन्होंने घर और रिश्तेदारों के बच्चों को दुलारा, उन्हें केक खिलाया. रिंग सेरेमनी में अखिलेश, डिंपल यादव, प्रिया की सांसद फ्रेंड इकरा हसन भी शामिल हुई. रिंग सेरेमनी में सिक्योरिटी का खास इंतजाम किया गया था. 300 मेहमानों को स्पेशल पास से एंट्री दी गई. पास में बारकोड स्कैनिंग सिस्टम भी लगाया गया था.
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नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत मैन्युफैक्चरिंग से लेकर डिफेंस के क्षेत्र तक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स में लिखे एक लेख में उन्होंने बताया कि 2014 के बाद देश के रक्षा क्षेत्र में आधुनिकरण और निर्यात में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत मिशन’ के तहत किए गए सुधारों का परिणाम है। इसमें रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया में सुधार, रक्षा उत्पादन एवं निर्यात को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां और कुछ क्षेत्रों में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति जैसे फैसले शामिल हैं, जिससे घरेलू कंपनियों को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
पुरी ने बताया कि मोदी सरकार की नीति में मैन्युफैक्चरिंग हमेशा केंद्र में रही है। सरकार सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष इंसेंटिव्स दे रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स असम में 27,000 करोड़ रुपए की लागत से सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट बना रही है, जो 2025 के मध्य तक शुरू हो जाएगा और इससे लगभग 27,000 नौकरियां पैदा होंगी। वहीं, एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक ज्वाइंट वेंचर के तहत 3,706 करोड़ रुपए की लागत से उत्तर प्रदेश के जेवर में सेमीकंडक्टर यूनिट बनाई जा रही है। यह यूनिट डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स पर केंद्रित होगी और इसका उत्पादन 2027 में शुरू होगा। पुरी ने जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी जोर दिया और बताया कि सरकार ‘अंत्योदय के माध्यम से सर्वोदय’ के विजन पर काम कर रही है। इसके तहत अब तक 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के अंतर्गत लगभग 11 करोड़ किसानों को 3.68 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है।वहीं ‘लखपति दीदी’ पहल के तहत एक करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को सालाना एक लाख रुपए से अधिक की आमदनी कमाने में सहायता मिली है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 3 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का विस्तार किया है। इसके तहत 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों को, उनकी आय चाहे जो भी हो, हर साल 5 लाख रुपए का नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना से लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।- -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में अंजी ब्रिज और चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया। इस खास मौके पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे पुल का निरीक्षण कियाप्रधानमंत्री की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें वे चिनाब ब्रिज पर तिरंगा लेकर जाते हुए नजर आ रहे हैं। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब पुल का निरीक्षण किया था। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से बात भी की थी। निरीक्षण के बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की।साथ ही, प्रधानमंत्री ने यूएसबीआरएल परियोजना से जुड़े श्रमिकों से भी बात की थी।नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चिनाब रेल ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज हैनदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चिनाब रेल ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंप और हवा की स्थिति को झेलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जम्मू और श्रीनगर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए यह ब्रिज अहम है।ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जम्मू-कश्मीर का पहला दौरा है, जहां वे कश्मीर के लोगों को 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं को देने जा रहे हैंचिनाब ब्रिज और अंजी पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके अंतर्गत निर्मित यह पुल कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ेगा, यात्रा का समय घटाकर लगभग 3 घंटे कर देगा और क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जम्मू-कश्मीर का पहला दौरा है, जहां वे कश्मीर के लोगों को 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं देने जा रहे हैं।प्रधानमंत्री के जम्मू-कश्मीर के दौरे को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैंप्रधानमंत्री के जम्मू-कश्मीर के दौरे को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बलों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल का दौरा कर वहां की तैयारियों का निरीक्षण किया था, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया ‘एक्स’ हैंडल पर दी थी।( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला सिर्फ निर्दोष लोगों पर नहीं, बल्कि इंसानियत और कश्मीरियत पर सीधा प्रहार था। पाकिस्तान की यह साजिश भारत में दंगे भड़काने और कश्मीर के मेहनतकश लोगों की आजीविका पर चोट करने की कोशिश थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों ने जिस एकता और साहस के साथ इसका जवाब दिया, वह पूरे देश और दुनिया के लिए एक स्पष्ट संदेश है। उन्होंने कहा कि यह वही आतंकवाद है जिसने घाटी के स्कूल जलाए, अस्पतालों को निशाना बनाया और दो पीढ़ियों का भविष्य तबाह किया। अब जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प ले लिया है।
विकास की हर बाधा को पहले ‘मोदी’ का सामना करना पड़ेगाप्रधानमंत्री ने कटरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में 46 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम हमले से राज्य में विकास का वातावरण डिगने वाला नहीं है। विकास की हर बाधा को पहले ‘मोदी’ का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के युवा बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा भी कर रहे हैं। बाजार, मॉल और सिनेमा हॉल फिर से जीवंत हो रहे हैं। लोग चाहते हैं कि कश्मीर एक बार फिर फिल्म शूटिंग और खेलों का केंद्र बने। पर्यटन न सिर्फ लोगों को जोड़ता है, बल्कि रोजगार भी पैदा करता है, लेकिन पाकिस्तान, जो मानवता और पर्यटन दोनों का विरोधी है, कश्मीर के पर्यटन और गरीबों की आजीविका को निशाना बना रहा है।एक महीने पहले, आज की ही रात पाकिस्तान के आतंकियों पर बरसी थी कयामतप्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आज 6 जून है। संयोग से ठीक एक महीने पहले, आज की ही रात पाकिस्तान के आतंकियों पर कयामत बरसी थी। अब पाकिस्तान कभी भी ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनेगा तो उसे अपनी शर्मनाक शिकस्त याद आएगी। पाकिस्तानी फौज और आतंकियों ने कभी नहीं सोचा था कि भारत, पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों पर इस तरह वार करेगा। वर्षों की मेहनत से उन्होंने आतंक की जो इमारतें बनाई थीं, वो कुछ ही मिनटों में खंडहर बन गईं।”चिनाब और अंजी पुल भारत की इंजीनियरिंग शक्ति का प्रतीकउन्होंने कहा कि चिनाब और अंजी पुल भारत की इंजीनियरिंग शक्ति का प्रतीक हैं। ये दुर्गम पहाड़ियों में बने हैं और अब पर्यटन, व्यापार और स्थानीय उद्योगों के लिए रीढ़ साबित होंगे। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल परियोजना जम्मू-कश्मीर की नई पहचान और भारत की नई शक्ति का प्रतीक बन गई है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर को दो नई वंदे भारत ट्रेनें और 46 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं, जो क्षेत्र को नई गति देंगी।रियासी जिले को शीघ्र ही एक नया मेडिकल कॉलेज मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर होंगीप्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू और श्रीनगर में अब आईआईटी, आईआईएम, एम्स और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। पिछले पाँच वर्षों में सात नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं और एमबीबीएस सीटों की संख्या 500 से बढ़कर 1300 हो गई है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि रियासी जिले को शीघ्र ही एक नया मेडिकल कॉलेज मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर होंगी।भाजपा-नीत राजग सरकार के 11 वर्ष गरीबों के कल्याण को रहे समर्पितप्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-नीत राजग सरकार के 11 वर्ष गरीबों के कल्याण को समर्पित रहे हैं। इन वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से चार करोड़ गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। जो लोग दलितों और पिछड़ों के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें उनकी सरकार की योजनाओं में लाभ पाने वालों को देखना चाहिए- ये वही दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग हैं, जो पहले झोपड़ियों और जंगलों में जीवन बिताते थे।इसके पहले प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज का उद्घाटन किया। उन्होंने अंजी पुल का भी उद्घाटन किया। इसके साथ-साथ प्रधानमंत्री ने कटरा रेलवे स्टेशन से कटरा और श्रीनगर को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया और इस अभूतपूर्व परियोजना को संभव बनाने वाले इंजीनियरों और निर्माण श्रमिकों की पीठ थपथपाई। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शुभारंभ करने वाले हैं। हालांकि, परियोजनाओं के शुभारंभ के बीच जिस पल ने सभी का ध्यान खींचा, वह था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे पुल पर राष्ट्रीय ध्वज लहराना।
पहलगाम में कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के बाद घाटी में पर्यटन को भी झटका लगा थाइंजीनियरिंग के इस चमत्कार का उद्घाटन करने के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब नदी के ऊपर बने पुल पर सैर की और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर गर्व से तिरंगा लहराया। प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम पहलगाम हमले के षड्यंत्रकारियों को करारा जवाब देने के साथ-साथ पाकिस्तान के लिए भी कड़ा संदेश था। साथ ही घाटी में पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को भी इससे बल मिलेगा। पहलगाम में कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के बाद घाटी में पर्यटन को भी झटका लगा था।चिनाब पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ेगा और सभी मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगाचिनाब पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ेगा और सभी मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगा। यह भूकंप और सर्दियों के दौरान सबसे न्यूनतम तापमान को भी झेल सकता है, जब पारा शून्य से नीचे चला जाता है।चिनाब ब्रिज को एक वास्तुशिल्प चमत्कार के रूप में सराहा जाता है, जो नदी से 359 मीटर ऊपर खड़ा हैचिनाब रेलवे पुल के उद्घाटन के बाद, पीएम मोदी ने एक फोटो प्रदर्शनी भी देखी, जिसमें पुल के निर्माण के दौरान आने वाली तकनीकी कठिनाइयों को प्रदर्शित किया गया था। उन्होंने इंजीनियरों और श्रमिकों के साथ भी बातचीत की, जिन्होंने मौसम और स्थानीय बाधाओं को पार करते हुए 359 मीटर ऊंचे दुनिया के सबसे ऊंचे पुल के काम को पूरा किया, जो पेरिस के एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। चिनाब ब्रिज को एक वास्तुशिल्प चमत्कार के रूप में सराहा जाता है, जो नदी से 359 मीटर ऊपर खड़ा है। -
नयी दिल्ली. अखिल भारतीय किसान संघों के महासंघ (एफएआईएफए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि टिकाऊ कृषि गतिविधियों को व्यापक रूप से अपनाने में उच्च प्रारंभिक लागत, खंडित बुनियादी ढांचे और किसानों के बीच कम जागरूकता प्रमुख बाधाएं हैं। संगठन ने जलवायु-सहिष्णु कृषि प्रौद्योगिकियों में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। एफएआईएफए ने नयी दिल्ली में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान ‘भविष्य का पोषण: जलवायु-सहिष्णु कृषि पर एक रिपोर्ट' शीर्षक से एक श्वेत पत्र जारी किया, जिसमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करने के लिए टिकाऊ यानी पर्यावरण अनुकूल कृषि गतिविधियों की तत्काल जरूरत बतायी गयी है। रिपोर्ट में अनियमित वर्षा, बेमौसम सूखा, तापमान में उछाल और कीटों के बढ़ते प्रकोप को उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक सहित प्रमुख कृषि राज्यों में फसल चक्र को बाधित करने वाले प्रमुख खतरों के रूप में चिन्हित किया गया है। आंध्र प्रदेश के सांसद पुट्टा महेश कुमार इस कार्यक्रम में मौजूद थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के कृषि समुदाय में 80 प्रतिशत से अधिक छोटे और सीमांत किसान सीमित अनुकूलन क्षमता के कारण काफी प्रभावित हैं। एफएआईएफए के महासचिव मुरली बाबू ने कहा, ‘‘मिट्टी का क्षरण, खेती की बढ़ती लागत और गिरते जल स्तर कृषि उत्पादकता और आय पर महत्वपूर्ण दबाव डाल रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें 'अधिक उत्पादन' दृष्टिकोण से 'बेहतर उत्पादन' मानसिकता में बदलाव करना चाहिए।''
फसल बीमा कार्यक्रम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और सूक्ष्म सिंचाई पहल जैसी मौजूदा सरकारी योजनाओं को स्वीकार करते हुए, एफएआईएफए ने उच्च प्रारंभिक लागत, खंडित बुनियादी ढांचे और किसानों के बीच कम जागरूकता सहित कार्यान्वयन अंतराल की पहचान की। संगठन ने जलवायु-सहिष्णु बीज किस्मों के लिए अनुसंधान और विकास में सार्वजनिक निवेश बढ़ाने, किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने और सटीक कृषि उपकरणों को बढ़ावा देने की सिफारिश की। रिपोर्ट में भारत के विविध कृषि परिदृश्य में जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए नीति निर्माताओं, शोध संस्थानों और निजी पक्षों के बीच सहयोग की आवश्यकता भी बतायी गयी है। -
नई दिल्ली। पिछले ग्यारह वर्षों में, भारत के शहरी परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव आया है। किफायती आवास उन लोगों तक पहुंच गया है जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। बेहतर सड़कें, स्वच्छ हवा, बेहतर सार्वजनिक सेवाएं और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ शहर ज्यादा रहने लायक बन गए हैं। मध्यम वर्ग के लिए, ये गरिमा और सुविधा लाए हैं। ये लाभ दीर्घकालिक दृष्टि, निरंतर वित्तपोषण और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम हैं। पहली बार घर खरीदने वालों से लेकर रोज़ाना मेट्रो से यात्रा करने वालों तक, करोड़ों नागरिकों ने अपने घरों, अपनी सड़कों और अपने आस-पड़ोस में बदलाव महसूस किया है।
भारत के शहरी परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव25 जून 2015 को शुरू किए गए स्मार्ट सिटीज मिशन ने भारतीय शहरों को एक नया जीवन दिया। इसने लोगों के रहने, घूमने, काम करने और अपना समय बिताने के तरीके को फिर से परिभाषित किया। 2025 तक, 7545 स्वीकृत परियोजनाओं में से 93 प्रतिशत पूरी हो गई थीं, जिनका कुल निवेश 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। 100 स्मार्ट शहरों में से प्रत्येक अब एक एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र चलाता है। ये केंद्र बेहतर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, अपशिष्ट संग्रह और जल प्रबंधन में सहयोग करते हैं।आवास के मामले में 23 स्मार्ट शहरों में 35,000 किफायती घर बनाए83,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 1,884 आपातकालीन कॉल बॉक्स और 3,000 सार्वजनिक पता प्रणाली अब शहरों को सतर्क और उत्तरदायी रहने में मदद करती हैं। 1,200 से अधिक सार्वजनिक स्थान परियोजनाओं ने शहर के पार्कों, झील के किनारों और बाजारों में जीवन वापस ला दिया है। 2,300 सरकारी स्कूलों में 9,400 स्मार्ट कक्षाओं और 41 नई डिजिटल लाइब्रेरी के साथ शिक्षा में सुधार हुआ है। 15 शहरों में 3,100 अस्पताल के बिस्तरों और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड पेश करने के साथ स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को भी बढ़ावा मिला। आवास के मामले में, 23 स्मार्ट शहरों में 35,000 किफायती घर बनाए। स्मार्ट तकनीक का उपयोग करके जल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट और सीवरेज सिस्टम को उन्नत किया गया। 1,700 किलोमीटर स्मार्ट सड़कों, 713 किलोमीटर साइकिल लेन, 23,000 साइकिल और 1,500 से अधिक बसों को सार्वजनिक बेड़े में शामिल करने से परिवहन सुगम हो गया। 50 से अधिक शहरों ने 200 से अधिक उच्च-प्रभाव वाली परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी की ओर रुख किया।प्रधानमंत्री आवास योजना बनी उम्मीदप्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) लाखों मध्यम-वर्ग और निम्न-आय वाले परिवारों के लिए एक मजबूत आशा बन गई है। 2015 में शुरू की गई यह योजना हर भारतीय के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक घर के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ी है। यह योजना सिर्फ़ घर बनाने तक ही सीमित नहीं है। इसने शहरों के परिवारों को गर्व, स्थिरता और सशक्तिकरण दिया है। इसका विस्तार, पहुँच और निष्पक्षता पर जोर ने इसे स्वतंत्र भारत में सबसे प्रभावशाली शहरी कल्याण योजनाओं में से एक बनाया है।केंद्र ने सहायता के रूप में 1.97 लाख करोड़ रुपये देने का वादा कियाकेंद्र ने सहायता के रूप में 1.97 लाख करोड़ रुपये देने का वादा किया है। इसमें से 1.69 लाख करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। 2014 से 2025 तक, 19 मई तक, 1.16 करोड़ से ज़्यादा घरों को मंज़ूरी दी गई। 1.12 करोड़ से ज़्यादा घरों का निर्माण शुरू हो चुका है। 92.72 लाख से ज़्यादा घर बनकर तैयार हो चुके हैं या सौंपे जा चुके है। ये सिर्फ़ आंकड़े नहीं हैं, ये प्रगति की ठोस कहानियां हैं।मेट्रो रेल विस्तारदशकों में शहरी परिवहन में सबसे बड़ी तेज़ी देखी गई। अब 29 शहरों में मेट्रो रेल चल रही है या बन रही है। मई 2025 तक, भारत में 1,013 किलोमीटर मेट्रो लाइन परिचालन में थी, जो 2014 में सिर्फ़ 248 किलोमीटर थी। यानी सिर्फ़ ग्यारह साल में 763 किलोमीटर का इज़ाफ़ा। कुल मेट्रो रेल नेटवर्क के मामले में भारत अब दुनिया भर में तीसरे स्थान पर है। इस अवधि में 992 किलोमीटर की 34 मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। 2013-14 में प्रतिदिन 28 लाख यात्रियों की संख्या अब 1.12 करोड़ को पार कर गई है। नई लाइनें चालू करने की गति नौ गुना बढ़ गई है। औसतन अब हर महीने 6 किलोमीटर मेट्रो लाइनें चालू हो रही हैं, जबकि 2014 से पहले यह आंकड़ा सिर्फ 0.68 किलोमीटर प्रति महीने था। मेट्रो रेल के लिए वार्षिक बजट भी छह गुना से अधिक बढ़ गया है, जो 2013-14 में 5,798 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 34,807 करोड़ रुपये हो गया है।उड़ान योजना21 अक्टूबर 2016 को शुरू की गई उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) योजना ने आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सस्ता और सुलभ बना दिया है। अपने छठे वर्ष में, उड़ान ने 625 मार्गों के माध्यम से 2 जल हवाई अड्डों और 15 हेलीपोर्ट सहित 90 हवाई अड्डों को जोड़ा है। 27 अप्रैल 2017 को शिमला से दिल्ली के लिए पहली उड़ान भरी गई। तब से, 1.49 करोड़ से अधिक यात्रियों को कम लागत वाली क्षेत्रीय हवाई यात्रा का लाभ मिला है। भारत का हवाई अड्डा नेटवर्क 2014 में 74 हवाई अड्डों से बढ़कर 2024 में 159 हो गया है। वंचित क्षेत्रों में हवाई संपर्क का समर्थन करने के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि के रूप में 4,023.37 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इस योजना ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है, स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच में सुधार किया है और टियर 2 और टियर 3 शहरों में व्यापार को बढ़ावा दिया है, जिससे समावेशी क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिला है।रियल एस्टेट विनियमनघर खरीदने वालों के हितों की रक्षा करने और आवास क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए, संसद ने 2016 में रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम पारित किया। यह रियल एस्टेट लेनदेन में जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। आरईआरए के तहत, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने एक नियामक प्राधिकरण स्थापित किया, जिसे पंजीकृत विकास के लिए परियोजना विवरण सूचीबद्ध करने वाले सार्वजनिक पोर्टल को बनाए रखने का काम सौंपा गया।17 मार्च, 2025 तक, पूरे भारत में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों द्वारा 1.4 लाख से अधिक उपभोक्ता शिकायतों का समाधान किया गया है। यह दर्शाता है कि कैसे कानून ने रियल एस्टेट बाजार में विश्वास बहाल करने और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करने में मदद की है। -
नई दिल्ली। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष क्रिस्टेल शाल्डेमोज के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्हें पाकिस्तान प्रायोजित सीमापार आतंकवाद और 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के बारे में जानकारी दी गई।
बेल्जियम में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “यह कश्मीर में प्रगति को बाधित करने और स्थिति को सांप्रदायिक बनाने के लिए राष्ट्रीय नीति के एक साधन के रूप में सीमा पार आतंकवाद के उपयोग के बारे में वरिष्ठ संसदीय स्तर पर जानकारी देने का एक अच्छा अवसर था। (क्रिस्टेल शाल्डेमोज ने) पहलगाम में जघन्य आतंकवादी हमले की निंदा और आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की भारत की दृढ़ नीति की सराहना की।”रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस बैठक ने कश्मीर में विकास को कमजोर करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए राष्ट्रीय नीति के रूप में आतंकवाद के पाकिस्तान के इस्तेमाल को उजागर करने का अवसर दिया।उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हमने यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के संबंध में भारत की स्थिति से अवगत कराया। हमने अनुरोध किया कि वह पाकिस्तान में आतंकवादी तंत्र को समर्थन देने की लागत, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय सहायता के संदर्भ में, को उजागर करने पर विचार करें। हम भारत के प्रति उनके स्पष्ट स्नेह और मानवता और लोकतंत्र को बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता से बहुत प्रभावित हुए।”बाद में ब्रसेल्स में मीडिया के साथ बातचीत में प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के प्रति भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लक्ष्यों तथा आतंकवाद से निपटने सहित भारत-यूरोपीय संघ की मजबूत साझेदारी के लिए रोडमैप पर प्रकाश डाला।प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को यूरोपीय संसद के सदस्यों (एमईपी) से मुलाकात की और सीमा पार आतंकवाद, वैश्विक शांति और भारत-यूरोपीय संघ के संबंधों को मजबूत करने सहित आतंकवाद से निपटने पर चर्चा की। यूरोपीय संघ के पक्ष को 22 अप्रैल के घातक पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत की सुनियोजित और लक्षित प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस का संदेश दिया गया।बैठक के दौरान, यूरोपीय संसद के सदस्यों ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की। प्रतिनिधियों ने आतंकवाद के खतरे, जिसमें भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, पर ब्रसेल्स स्थित प्रमुख थिंक टैंकों के साथ गहन विचार-विमर्श भी किया।भारतीय सांसदों ने ब्रसेल्स में थिंक टैंक समुदाय के सदस्यों के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित देश के आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के भारत के एकीकृत और स्पष्ट संदेश को भी व्यक्त किया।इसके अलावा, प्रतिनिधियों ने भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत की, जिन्होंने हाल के आतंकवादी हमलों के पीड़ितों के साथ अपनी गहरी एकजुटता व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत और सैद्धांतिक रुख तथा इसकी जीरो टॉलरेंस नीति का समर्थन किया।उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की आवाज को बुलंद करने में प्रवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में रविशंकर प्रसाद (भाजपा), दग्गुबाती पुरंदेश्वरी (भाजपा), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी), गुलाम अली खटाना (भाजपा), अमर सिंह (कांग्रेस), समिक भट्टाचार्य (भाजपा), एम. थंबीदुरई (एआईएडीएमके), पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर और पूर्व राजदूत पंकज सरन सहित विविध राजनीतिक प्रतिनिधित्व शामिल हैं।फ्रांस, इटली, डेनमार्क और ब्रिटेन की यात्राएं संपन्न करने के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के महत्व और पाकिस्तान प्रायोजित सीमापार आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई को उजागर करने के लिए भारत के वैश्विक कूटनीतिक संपर्क अभियान के एक हिस्से के रूप में बेल्जियम में है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अयोध्या में दिव्य राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या एक और गौरवशाली क्षण की साक्षी बनी है। दिव्य राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा सभी राम भक्तों को श्रद्धा और आनंद से भर देने वाली है।
पीएम मोदी ने कामना की कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम सभी देशवासियों को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य प्रदान करें।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “प्रभु श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या एक और गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी है। भव्य-दिव्य राम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा का यह पावन अवसर समस्त रामभक्तों को श्रद्धा और आनंद से भावविभोर करने वाला है। मेरी कामना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम सभी देशवासियों को सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद दें। जय सियाराम!”अयोध्या के लिए गुरुवार को एक और ऐतिहासिक दिन रहा। पहली बार पूरी दुनिया के सामने राजा राम दरबार की झलक दिखाई गई। भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान समेत संपूर्ण राम दरबार की भव्य प्रतिमा मंदिर के प्रथम तल विराजमान हो गई।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य मंदिर में राजा राम की प्राण प्रतिष्ठा की। इस मौके पर वैदिक मंत्रों की ध्वनि चारों दिशाओं में गुंजायमान रही। अभिजीत मुहूर्त, वेदघोष और मंत्रोच्चार की ध्वनि के बीच अयोध्या में गंगा दशहरा के अवसर पर श्रीराम दरबार सहित समस्त नवनिर्मित देवालयों में प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में हुए इस त्रिदिवसीय अनुष्ठान का यह अंतिम दिन था, जिसमें वैदिक परंपरा और आधुनिक तकनीक का दुर्लभ संगम देखने को मिला। सुबह 6:30 बजे यज्ञमंडप में आवाह्नित देवताओं के पूजन के साथ अनुष्ठान की विधिवत शुरुआत हुई। दो घंटे चले इस पूजन के बाद सुबह 9 बजे से हवन प्रारंभ हुआ, जो लगभग एक घंटे तक चला। इसके बाद सभी नवनिर्मित देवालयों में केंद्रीयकृत दृश्य और श्रव्य माध्यमों की सहायता से एक साथ प्राण प्रतिष्ठा का पावन कार्य सम्पन्न हुआ।

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