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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने बताया कि 22 मई को प्रति मिनट 31,814 टिकट बुक की गई हैं। रेलवे के इतिहास में टिकट बुकिंग का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
यह आंकड़ा रेलवे के टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म की क्षमता को भी दिखाता है।इसके अलावा रेलवे ने बताया कि अनधिकृत ऑटोमेटेड बुकिंग पर कार्रवाई करते हुए उसके एआई संचालित सिस्टम ने टिकट बुकिंग के लिए 2.5 करोड़ संदिग्ध यूजर र्आईडी को निष्क्रिय कर दिया है।वहीं, आईआरसीटीसी के माध्यम से भारतीय रेलवे एक सहज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता अनुकूल टिकटिंग अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। देश भर में लाखों यात्रियों के हितों की रक्षा करने और समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नवाचार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।रेल मंत्रालय बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि निष्पक्षता और दक्षता को और बढ़ाने के लिए नए यूजर प्रोटोकॉल जारी किए जाएंगे। रेलवे ने कहा, “जिन यूजर्स ने आधार के जरिए ऑथेंटिकेशन नहीं किया होगा, वे एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी), तत्काल और प्रीमियम तत्काल की टिकट पंजीकरण के तीन दिन बाद बुक कर पाएंगे। वहीं, आधार-वेरिफाइड यूजर्स बिना किसी देरी के टिकट की बुकिंग कर सकते हैं।”मंत्रालय ने कहा कि एवरेज डेली यूजर लॉगिन वित्त वर्ष 2023-24 में 69.08 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 82.57 लाख हो गया है, जो 19.53 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जबकि इसी अवधि में एवरेज डेली टिकट बुकिंग में 11.85 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अतिरिक्त ई-टिकटिंग की हिस्सेदारी अब कुल रिजर्व टिकट बुकिंग में 86.38 प्रतिशत हो गई है।आपको बता दें, भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रणाली में सुधार किए, जो इस प्रकार है--87 प्रतिशत सामग्री को तेज़ लोड समय और कम सर्वर लोड के लिए सीडीएन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।-परिष्कृत एआई एल्गोरिदम का उपयोग करके बॉट ट्रैफ़िक का सक्रिय पता लगाना और उसे कम करना।-संदिग्ध उपयोगकर्ता आईडी को सक्रिय रूप से निष्क्रिय करना और साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत दिल्ली के भगवान महावीर वनस्थली पार्क में पौधारोपण किया। यह प्रयास अरावली श्रृंखला को फिर से हरित बनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, जो ‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ का हिस्सा है।
अरावली दुनिया की सबसे पुरानी पर्वतमाला में से एकइसकी जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा कि अरावली दुनिया की सबसे पुरानी पर्वतमाला में से एक है, जो गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक फैली हुई है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र से संबंधित कई पर्यावरणीय चुनौतियां सामने आई हैं, जिनसे निपटने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार का ध्यान इस पर्वतमाला से जुड़े क्षेत्रों के पुनर्जीवन पर है।स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बनाएंगे योजनाएंउन्होंने कहा कि सरकार जल प्रणालियों को सुधारने, धूल भरी आंधियों पर नियंत्रण करने, थार रेगिस्तान के पूर्व की ओर विस्तार को रोकने और अन्य उपायों पर काम करेगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर योजनाएं बनाई जाएंगी।नवीन पौधारोपण तकनीकों को भी अपनाया जाएगाप्रधानमंत्री ने कहा कि जहां स्थान की कमी है, जैसे शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में, वहां परंपरागत के साथ-साथ नवीन पौधारोपण तकनीकों को भी अपनाया जाएगा। सभी गतिविधियां ‘मेरी लाइफ’ पोर्टल पर जियो-टैग करके मॉनिटर की जाएंगी।इसके साथ ही आज प्रधानमंत्री ने दिल्ली सरकार की एक पहल के तहत नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। यह कदम स्वच्छ शहरी परिवहन और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ दिल्लीवासियों के जीवन को आसान बनाएगा।पीएम मोदी ने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे इस हरित अभियान में सक्रिय भागीदारी करेंविश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री ने आज अपने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर ‘सिंदूर’ पौधा भी रोपित किया। यह पौधा हाल ही में गुजरात यात्रा के दौरान 1971 के युद्ध में साहस और बलिदान का प्रतीक बनीं वीर महिलाओं ने प्रधानमंत्री को भेंट किया था।इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे इस हरित अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। कार्यक्रम के दौरान उनके साथ पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली के उपराज्यपाल बीके सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और राज्य के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित थे। - अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में बीते दिनों से चल रहा राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अंतिम दिन गुरूवार को गंगा दशहरा पर्व पर अभिजित मुहूर्त योगी आदित्यनाथ ने दर्शन के साथ ही कई विकास कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय के मुताबिक गुरूवार को योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन भी था और उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा से पहले हनुमान गढ़ी में दर्शन किया। उनकी उपस्थिति में सुबह साढ़े छह बजे से देवताओं का यज्ञमंडप में पूजन प्रारम्भ हुआ जो दो घंटे चला। इसके बीद नौ बजे से हवन शुरू हुआ जो घंटे भर चला।बाद में केंद्रीयकृत व्यवस्था के अंतर्गत एक साथ सभी देवालयों में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान प्रारम्भ हुआ। सभी मंदिरों को कैमरा एवं स्क्रीन से एक साथ जोड़ा गया था। श्रीराम दरबार और शेषावतार के साथ जिन मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा हुई उनमें वे हैं परकोटा के ईशान कोण पर स्थित शिव मंदिर, अग्नि कोण में गणेशजी, दक्षिणी भुजा के मध्य में हनुमान जी, नैऋत्य कोण में सूर्य, वायव्य कोण में मां भगवती के साथ परकोटा की उत्तरी भुजा के मध्य में अन्नपूर्णा माता शामिल हैं।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रहीइस मौके पर राम जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही। हालांकि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस अवसर बाहर के लोगों से अयोध्या न आने का अनुरोध किया था और प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर राम दरबार वाले प्रथम तल पर आमंत्रितों के अतिरिक्त किसी अन्य को जाने की अनुमति नहीं दी गयी थी। मुख्यमंत्री योगी के दौरे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भीड़ ने बड़े उत्साह के साथ जय श्री राम का नारा लगाया। मुख्यमंत्री ने भक्तों का गर्मजोशी से अभिवादन किया और उनके साथ अपने जन्मदिन की खुशी साझा की। कई लोगों ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे जीवन और लोगों की सेवा जारी रखने की प्रार्थना की।इस मौके पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय, स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज और अन्य संत-महंत व विशिष्ठ अतिथि उपस्थित थे।गुरूवार को ही अयोध्या नगर निगम के गठन के दो साल पूरा होने के मौके पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। उन्होंने रामकथा पार्क में 30.38 करोड़ रुपये के 50 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और 35.08 करोड़ रुपये के 92 कार्यों का शिलान्यास किया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री आवास पर सिंदूर का पौधा लगाया। ये पौधा उन्हें 25-26 मई को गुजरात दौरे के दौरान कच्छ में 1971 के भारत-पाक युद्ध में बहादुरी दिखाने वाली महिलाओं के ग्रुप ने भेंट किया था।दरअसल, इस सिंदूर के पौधे को ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर देखा जा रहा है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने 7 मई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखा गया था।सिंदूर का पौधा एक खास पत्तेदार पौधा है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इसे शुभता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह पौधा पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होता है और अक्सर मंदिरों और घरों में लगाया जाता है। इसकी देखभाल आसान होती है।
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नयी दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए अपने रणनीतिक सहयोग का विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर नयी दिल्ली की जबर्दस्त जवाबी कार्रवाई के प्रति आस्ट्रेलियाई समर्थन की सराहना की। भारत की यात्रा पर आये आस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ अपनी वार्ता में सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा में जवाब देने का अधिकार है तथा इस कायराना हमले के बाद भारत की कार्रवाई नपी-तुली, गैर-बढ़ावा देने वाली तथा जिम्मेदाराना थी।
बैठक में अपने संबोधन में ऑस्ट्रेलियाई नेता ने कहा कि भारत के साथ आस्ट्रेलिया के संबंध ‘सर्वोच्च प्राथमिकता' के हैं और यह ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय हित के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मार्लेस की नयी दिल्ली यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। इस साझेदारी से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिली है। सिंह और मार्लेस ने रक्षा-औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने तथा उसमें विविधता लाने पर सहमति व्यक्त की। मार्लेस ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री भी हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एक अलग भेंटवार्ता में ऑस्ट्रेलियाई नेता ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति आस्ट्रेलिया के समर्थन को दोहराया। बयान के अनुसार मोदी ने आस्ट्रेलिया में हाल के चुनाव में ऑस्ट्रेलियाई लेबर पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर मार्लेस को बधाई दी। दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसने आज पांच साल पूरे कर लिए हैं। इसमें कहा गया कि मोदी और मार्लेस ने रक्षा औद्योगिक सहयोग, लचीली आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिजों, नयी और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया। पीएमओ के बयान में कहा गया, ‘‘उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत का साझा दृष्टिकोण द्विपक्षीय सहयोग का मार्गदर्शन करता रहेगा।'' बयान के अनुसार मोदी ने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को इस साल के अंत में भारत में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित भी किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भेंटवार्ता में सिंह और मार्लेस ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की तथा जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। टेलीविजन पर प्रसारित टिप्पणियों में सिंह ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में ‘‘महत्वपूर्ण मील के पत्थर' हासिल करने का उल्लेख किया तथा उसे और आगे ले जाने के लिए ‘‘नये जोश'' के साथ काम करने की उम्मीद जताई। सिंह ने भारत की पश्चिमी सीमा पर ‘‘अत्यधिक चुनौतियां'' पेश आने का भी जिक्र किया। उनका इशारा पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद की ओर था। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष स्वतंत्र एवं खुले हिंद महासागर तथा प्रशांत द्वीप क्षेत्र की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमत हुए। मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को लगातार मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि, स्थिरता एवं प्रगति के अपने साझा उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता का आह्वान किया।'' उसने कहा कि सिंह और मार्लेस ने ऑस्ट्रेलिया-भारत संयुक्त अनुसंधान परियोजना पर हस्ताक्षर का स्वागत किया तथा रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने और विविधता लाने पर सहमति व्यक्त की। मंत्रालय ने कहा, ‘‘उन्होंने इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने वाली तीसरी भारत-ऑस्ट्रेलिया 2प्लस 2 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।'' मंत्रालय ने कहा कि सिंह-मार्लेस बैठक ने दोनों पक्षों को उभरते क्षेत्रीय और वैश्विक परिदृश्यों के संदर्भ में द्विपक्षीय संबंध की स्थिति की समीक्षा करने का अवसर प्रदान किया। उसने कहा, ‘‘चर्चा में रक्षा रणनीतिक सहयोग और सुरक्षा, उद्योग सहयोग, साइबर और नयी उभरती प्रौद्योगिकियां, आतंकवाद-निरोध, जल-सर्वेक्षण और समुद्री सुरक्षा जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई।''
- अयोध्या,। उत्तर प्रदेश के आयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि परिसर में पांच जून को राजा राम और परकोटे में विराजमान अन्य देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। संयोग से, इस दिन मुख्यमंत्री का 53वां जन्मदिन भी है और वह इस अवसर पर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लेंगे। एक बयान के मुताबिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगा और विशेष पूजा-अर्चना, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देव विग्रहों की स्थापना होगी। अयोध्या के संतों-महंतों का कहना है कि यह आयोजन ऐतिहासिक होगा।संत समुदाय का कहना है, ‘‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के विकास के माध्यम से रामनगरी का खोया हुआ गौरव वापस लौटाया है। पिछले आठ वर्षों में अयोध्या में 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं ने शहर को वैश्विक स्तर पर नयी पहचान दी है।'' इसने कहा कि सड़क, रेल, हवाई अड्डा, सौंदर्यीकरण और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं ने अयोध्या को दुनिया के मानचित्र पर चमकदार बनाया है। रामकथा पार्क, सरयू तट का सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंदिर परिसर इसकी बानगी हैं। मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर अयोध्या में उत्साह का माहौल है। संत-महंतों ने योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभरी है। सरयू त्रयोदशी जन्मोत्सव के अवसर पर नदी तट पर विशेष आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने अयोध्या पहुंचने लगे हैं। अंजनी सेवा संस्थान के अध्यक्ष शशिकांत महाराज ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज ने ही प्रभु को टाट से निकाल भव्य मंदिर में विराजमान कराया है। पांच जून को एक बार फिर से राजा राम को प्रतिष्ठित करेंगे। योगी महाराज प्रभु राम का तिलक करेंगे।'' महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री राजा राम समेत अन्य देवताओं की प्रतिमा की स्थापना करने आ रहे हैं। यह बहुत ही हर्ष का विषय है। खुशी की बात है कि एक संन्यासी ने प्रदेश के आध्यात्मिक मूल्यों को समझा और ऊर्जावान बना दिया। आज आजीविका के लिए अयोध्या के लोगों को बाहर जाना नहीं पड़ता।'' उन्होंने कहा, ‘‘लोग यहीं व्यवसाय कर रहे हैं। कोई प्रसाद का तो कोई फूल माला। बाहर से व्यापारी आकर होटल इत्यादि में निवेश कर रहे हैं। आज गूगल पर अयोध्या लिखा जाए तो सबसे पहले दिपोत्सव की छवि बनकर आती है।'' व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा, ‘‘अयोध्या में ‘नित्य महोत्सव, नित्य सुमंगल' जैसा माहौल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसी व्यवस्थाएं कर दी हैं कि व्यापार काफी बढ़ रहा है।''
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति चुने जाने पर ली जे-म्यांग को बुधवार को बधाई दी। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, ‘‘श्री ली जे-म्यांग को कोरिया गणराज्य (आरओके) का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई। हम भारत-कोरिया गणराज्य विशेष रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने और इसे मजबूत करने के लिए एक साथ काम करने को लेकर तत्पर हैं।'' उदारवादी विचारधारा के विपक्षी उम्मीदवार ली जे-म्यांग को मंगलवार रात को राष्ट्रपति चुना गया था। उनकी इस जीत से दक्षिण कोरिया में कई महीनों से जारी राजनीतिक उथल-पुथल पर विराम लग जाएगा। रूढ़िवादी नेता यून सुक येओल द्वारा अचानक ‘मार्शल लॉ' लगाए जाने के बाद देश में राजनीतिक उथल-पुथल की शुरुआत हुई थी।
- नई दिल्ली। भारत में जातिगत जनगणना कब होगी, इसकी डेट अब सामने आ गई है। देश में जातीय जनगणना दो फेज में कराई जाएगी। इसका पहला चरण एक अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। वहीं दूसरे चरण की शुरुआत एक मार्च 2027 से होगी। पहले फेज में जातिगत जनगणना चार राज्यों में कराई जाएगी। जिसमें पहाड़ी क्षेत्र उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। बता दें कि देश में पिछली बार जनगणना साल 2011 में हुई थी।भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने बुधवार को एक बयान में बताया कि जातियों की गणना के साथ-साथ जनगणना-2027 को दो चरणों में कराने का निर्णय लिया गया है। जनगणना-2027 के लिए संदर्भ तिथि मार्च, 2027 के प्रथम दिन 00:00 बजे होगी। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के असमकालिक बर्फीले क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि अक्टूबर, 2026 को होगी। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 के प्रावधान के अनुसार उपरोक्त संदर्भ तिथियों के साथ जनगणना कराने के आशय की अधिसूचना संभवतः 16.06.2025 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी।बयान में आगे बताया गया है कि भारत की जनगणना, जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत की जाती है। भारत की पिछली जनगणना 2011 में दो चरणों में की गई थी, अर्थात् i) चरण I – मकान सूचीकरण (एचएलओ) (1 अप्रैल से 30 सितंबर 2010) और (ii) चरण II – जनगणना (पीई) (09 फरवरी से 28 फरवरी 2011) संदर्भ तिथि – मार्च 2011 के पहले दिन 00:00 बजे, तथा जम्मू -कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फ से ढके असमकालिक क्षेत्रों के लिए यह 11 से 30 सितंबर 2010 के दौरान आयोजित की गई थी और संदर्भ तिथि अक्टूबर 2010 के पहले दिन 00.00 बजे थी ।जनगणना 2021 को भी इसी तरह दो चरणों में आयोजित करने का प्रस्ताव था, पहला चरण अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान और दूसरा चरण फरवरी 2021 में आयोजित किया जाना था। 2021 में आयोजित की जाने वाली जनगणना के पहले चरण की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं और 1 अप्रैल, 2020 से कुछ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में क्षेत्रीय कार्य शुरू होने वाला था। हालांकि, देश भर में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण जनगणना का काम स्थगित करना पड़ा।
- बेंगलुरू । मुझे नहीं पता कि मेरी गलती क्या है ? हमारे पास टिकट थे ' , आरसीबी के एक समर्थक ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर यह बात कही जो आईपीएल में टीम की जीत के जश्न को देखने आया था लेकिन भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद का मातम देखकर स्तब्ध था । इसके अलावा 33 चोटिल प्रशंसकों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा ।आनन फानन में आयोजित इस कार्यक्रम के टिकट भी हड़बड़ी में बेचे गए । मुख्य द्वार नंबर 12 और 13 के अलावा क्लब हाउस प्रवेश द्वार नंबर 10 पर भी भारी भीड़ जमा हो गई जिन पर नियंत्रण के लिये पर्याप्त सुरक्षाबल नहीं था । दोपहर साढे तीन बजे तक प्रशंसकों की संख्या कई गुना बढ गई जिससे पुलिस और स्टेडियम के सुरक्षा अधिकारियों को सारे दरवाजे बंद करने पड़े ताकि वे लोग भीतर नहीं आ सकें जिनके पास टिकट नहीं था । अपने दोस्तों के साथ आये पोस्ट ग्रेजुएट छात्र प्रशांत शेट्टी ने कहा ,‘ हम अपने सितारों को देखने आये थे । मैने समारोह के टिकट लिये थे लेकिन भीतर नहीं जा सका । पुलिस ने अचानक सारे रास्ते और दरवाजे बंद कर दिये और मुख्य द्वार के पास लाठीचार्ज शुरू कर दिया ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे नहीं पता कि हमारी क्या गलती थी । हमें समारोह का न्यौता मिला था , हमने टिकट खरीदे थे लेकिन मार और गालियां खाई । हमारे जैसे प्रशंसकों के लिये भयावह दिन ।'' करीब साढे चार बजे कुबोन पार्क मेट्रो स्टेशन से और भीड़ आ गई जिससे पुलिस को हल्का बलप्रयोग करना पड़ा । गेट नंबर दस पर बच्चे और महिला भगदड़ का शिकार हुए । दूर से भी महिलाओं को बेहोश होकर गिरते देखना और प्रशंसकों को एक दूसरे को कुचलकर भागते देखना दुखद था । स्टेडियम के भीतर कार्यक्रम एक घंटे तक चला और टीम साढे छह बजे वापिस लौट गई लेकिन प्रशंसक स्टेडियम के पास ही रहे जिससे ट्राफिक जाम हो गया और अफरा तफरी फैलती रही ।
- नयी दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत का जश्न मनाए जाने के दौरान बेंगलुरु में बुधवार को हुई भगदड़ की घटना को “बेहद हृदयविदारक” बताया। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “बेंगलुरु में हुई दुर्घटना बहुत ही हृदयविदारक है। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भगदड़ में जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया।कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बताया कि आईपीएल में आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के जुटने के बाद मची भगदड़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए।
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नई दिल्ली। केंद्र ने कोविड के वास्ते अस्पतालों में सुविधाओं की जांच के लिए 5 जून को मॉक ड्रिल आयोजित करने की योजना बनाई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। देश में कोविड-19 मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि के मद्देनजर इस सप्ताह के शुरू में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में तकनीकी समीक्षा बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
राज्यों को ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि पीएसए प्लांट, एलएमओ टैंक, एमजीपीएस लाइनों जैसी ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणालियों का आकलन करने वाली एक मॉक ड्रिल 2 जून को आयोजित की गई थी।देश में पिछले 24 घंटों में कोविड के 862 मामले दर्ज किए गए। कुल सक्रिय मामले 4,302 हो गए हैं। इनमें से केरल 1,373 मामलों के साथ राज्यों की सूची में सबसे ऊपर है, उसके बाद महाराष्ट्र और गुजरात क्रमशः 510 और 461 मामलों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।मंगलवार को देश में सात मौतें भी दर्ज की गईं। इनमें महाराष्ट्र से चार और दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु से एक-एक शामिल है। इस साल 1 जनवरी से भारत में 44 मौतें हुई हैं, जिनमें मुख्य रूप से निमोनिया, कोरोनरी रोग और तपेदिक जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति शामिल हैं। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अधिकांश मामले हल्के हैं और घर पर ही उनका इलाज किया जा रहा है।समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, आपातकालीन प्रबंधन प्रतिक्रिया (ईएमआर) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के प्रतिनिधियों ने भी कोविड-19 की स्थिति और तैयारी के उपायों का आकलन करने के लिए बैठक में भाग लिया।आईडीएसपी के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं।इस मामले से अवगत एक अधिकारी ने कहा, ‘आईसीएमआर वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से पूरे जीनोम अनुक्रमण के लिए सकारात्मक एसएआरआई नमूने भेजे जाते हैं।’ उन्होंने कहा कि मंत्रालय स्थिति की बारीकी से निगरानी करता रहता है और वह समय पर हस्तक्षेप और प्रभावी संचार के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के झाबुआ में हुए दर्दनाक सड़क हादसे पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पीएम मोदी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “मध्य प्रदेश के झाबुआ में हुई दुर्घटना में लोगों की मृत्यु से गहरा दुख हुआ। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।”इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिवारवालों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”झाबुआ जिले के सजेली रेलवे फाटक पर हुए हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों के काल-कवलित होने और दो लोगों के घायल होने के समाचार से हृदय अत्यंत व्यथित है। मृतकों के निकटतम वैध वारिसों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति व शोक संतप्त परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।”बता दें कि मध्य प्रदेश के झाबुआ में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को एक कार के ऊपर ट्राला पलट गया। जिससे कार में सवार नौ लोगों की मौत हो गई है, वहीं तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रात को लगभग दो बजे झाबुआ जिले के थांदला मेघनगर के बीच में पड़ने वाले संजेली रेलवे फाटक के पास निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के करीब एक ट्राले का संतुलन बिगड़ा और वह करीब से गुजर रही कार पर पलट गया। कार में सवार लोग एक शादी समारोह से लौट रहे थे। - झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक ट्राला कार पर पलट गया। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा जिले के मेघनगर में हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया और घायल को अस्पताल पहुंचाया। सीएम मोहन यादव ने घटना पर दुख जताया है। इस घटना में मृतकों के निकटतम वैध वारिसों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।जानकारी के अनुसार झाबुआ जिले के मेघनगर इलाके में देर रात भीषण हादसा हुआ। राजस्थान से आ रहा एक ट्राला ईको वैन पर पलट गया। हादसे में ईको में सवार नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस बचाव कार्य कर कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचा। जांच के बाद डॉक्टरों ने नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।बताया जा रहा है कि ईको कार में सवार सभी लोग एक शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। इस दौरान मेघनगर इलाके में रात करीब तीन से चार के बीच में यह हादसा हो गया।इनकी हुई मौत1. मुकेश पिता गोपाल खपेड़ (40)2. सावली पति मुकेश खपेड़ (35)3. विनोद पिता मुकेश खपेड़ (16)4. पायल पिता मुकेश खपेड़ (12)5. मढ़ी पति भारू बमनिया (38)6. विजय भारू बमनिया (14)7. कांता पिता भारू बमनिया (14)8. रागिनी रामचंद्र बमनिया (9)9. अकली पति सोमला परमार (35)ये गंभीर घायल...पायल सोमला परमार (19)आशु पिता रामचंद्र बमनिया (5)सीएम ने जताया दुखसीएम मोहन यादव ने कहा कि झाबुआ जिले के सजेली रेलवे फाटक पर हुए हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों के काल-कवलित होने और दो लोगों के घायल होने के समाचार से हृदय अत्यंत व्यथित है। मृतकों के निकटतम वैध वारिसों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
- श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को यहां एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें इस सप्ताह के अंत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घाटी के लिए रेलवे लिंक के प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। मोदी विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चेनाब ब्रिज का उद्घाटन करेंगे और इसके साथ ही कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने वाली वंदे भारत रेल सेवा का भी उद्घाटन करेंगे। उपराज्यपाल ने लोगों से बड़ी संख्या में उद्घाटन स्थल पर एकत्र होने और इसे यादगार बनाने की अपील की।
- देहरादून. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि उनका सपना देहरादून में हवा में चलने वाली ‘डबल डेकर' बस शुरू करने का है, जिसमें लोग ऊपर ही ऊपर यहां से वहां सफर कर सकें। यहां एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि देहरादून में बहुत यातायात जाम रहता है। उन्होंने कहा, ‘‘हर बार मैं हवाई जहाज से आता हूं, हेलीकॉप्टर से आता हूं। एक बार गाड़ी से भी आया हूं, यहां अंदर (यातायात जाम की) बहुत समस्या है।'' उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस दौरान मौजूद थे।गडकरी ने कहा, ‘‘मेरा एक सपना है कि मैं हवा में चलने वाली ‘डबल डेकर' बस देहरादून में शुरू करना चाहता हूं। जो ऊपर ही चलेगी। सवा सौ-डेढ़ सौ लोग ऊपर ही ऊपर इधर से उधर सफर करेंगे।'' उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री धामी से कहेंगे कि वह उन्हें इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजें। गडकरी ने कहा कि सब कुछ संभव है। उन्होंने युवा छात्रों से कहा, ‘‘आपको समस्याओं को समझना पड़ेगा।'' उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो समस्याओं को अवसरों में बदल देते हैं, जबकि कुछ लोग इसके उलट अवसरों को समस्याओं में बदल देते हैं।
- गोंडा (उप्र) .गोंडा जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में मां-बेटे समेत पांच लोगों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मनोज कुमार रावत ने बताया कि पहली घटना मंगलवार को मोतीगंज थाना क्षेत्र के दर्जीकुआं-मनकापुर मार्ग पर हुई। उन्होंने बताया कि उत्तर पुरवा सोठिया गांव के रंजीत यादव (18) अपनी मां मीना यादव (43) और गांव की ही बिंदू देवी (35) के साथ नवाबगंज के कोल्हमपुर स्थित एक मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहा था, तभी रास्ते में उसकी मोटरसाइकिल में सामने से आ रहे गढ़ी के सौतिहवा के मनोज वर्मा (25) की मोटरसाइकिल से जोरदार टक्कर हो गई। रावत के अनुसार इस हादसे में रंजीत यादव, मीना यादव और मनोज वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई।एएसपी के अनुसार, हेलमेट न पहनने के कारण तीनों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही जान चली गई। घायल बिंदू देवी को गंभीर हालत में गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। रावत के मुताबिक दूसरी दुर्घटना सोमवार देर रात कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के अहिरौरा मोड़ के पास हुई।उन्होंने कहा कि पचमरी गांव के मन्नू (28) और श्रवण (25) जरवल रोड गए थे और लौटते समय किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। रावत ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है और दोनों ही मामलों में जांच की जा रही है ।
- नयी दिल्ली. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से अन्य संस्थानों के साथ मिलकर किए गए एक संयुक्त सर्वेक्षण में खुलासा किया गया कि सात राज्यों के 19 जिलों में उप-केंद्रों से लेकर उप-जिला अस्पतालों तक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप की दवाओं की भारी कमी है। अध्ययन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर विशेषज्ञों की कमी भी पाई गई है और ये निष्कर्ष 2020-21 की ग्रामीण स्वास्थ्य सांख्यिकी रिपोर्ट के समान हैं जिसमें सीएचसी-स्तर पर चिकित्सकों (82.2 प्रतिशत) और सर्जनों (83.2.9 प्रतिशत) की कमी को दिखाया गया था। ‘इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर)' में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि जन स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेज में मधुमेह और उच्च रक्तचाप के उपचार के प्रबंधन बेहतर हैं। सभी केंद्रों में उपकरणों की स्थिति तो बेहतर थी लेकिन दवाओं की उपलब्धता की स्थिति निराशाजनक पाई गई। हालांकि, तृतीयक देखभाल सुविधाओं (सरकारी और निजी) में सभी दवाओं की उपलब्धता अन्य स्तरों की स्वास्थ्य केंद्रों की तुलना में बेहतर थी। सात राज्यों के 19 जिलों में स्वास्थ्य केंद्रों का एक ‘क्रॉस-सेक्शनल' सर्वेक्षण किया गया जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों स्वास्थ्य केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। ‘क्रॉस-सेक्शनल' सर्वेक्षण अवलोकन संबंधी अध्ययन हैं जो एक ही समय में आबादी से आंकड़ा का विश्लेषण करते हैं। मूल्यांकन के लिए भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों और अन्य प्रासंगिक दिशानिर्देशों का उपयोग किया गया।अध्ययन में कहा गया, ‘‘अधिकांश सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों ने मधुमेह और उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए जरूरी दवाओं के स्टॉक में नहीं होने की सूचना दी। मूल्यांकन किए गए स्वास्थ्य केंद्रों में से लगभग एक-तिहाई यानी 35.2 प्रतिशत ने टैबलेट मेटफॉर्मिन के न होने की सूचना दी और लगभग आधे से थोड़े कम यानी 44.8 प्रतिशत ने टैबलेट एम्लोडिपिन न होने की सूचना दी।'' ये दवाएं एक से सात महीने से उपलब्ध नहीं थी।
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पुणे. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को प्रति हेक्टेयर कृषि आय बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि केंद्र अपने 'स्वच्छ पौधा कार्यक्रम' के जरिये बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा दे रहा है। महाराष्ट्र को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। चौहान ने जोर देकर कहा कि कृषि मंत्री का काम तब तक पूरा नहीं माना जाता, जब तक वह किसानों के खेतों का दौरा नहीं करता। कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ पुणे में राज्य सरकार द्वारा आयोजित भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय कृषि हैकाथॉन में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार स्वच्छ पौधा कार्यक्रम (सीपीपी) शुरू कर रही है। इस योजना के तहत हम देश भर में नौ संयंत्र स्थापित करेंगे। इनमें से तीन संयंत्र महाराष्ट्र में लगेंगे, जिसके लिए केंद्र 300 करोड़ रुपये खर्च करेगा। महाराष्ट्र में ये संयंत्र पुणे, नागपुर और सोलापुर जिलों में लगेंगे।'' सीपीपी का उद्देश्य पूरे देश में फलों की फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम किसानों को उनकी भूमि के आकार की परवाह किए बिना उच्च गुणवत्ता वाली, वायरस मुक्त रोपण सामग्री तक पहुंच प्रदान करके बागवानी में महत्वपूर्ण मसलों को हल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चौहान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक विकसित भारत (वर्ष 2047 तक) की कल्पना की है। प्रति हेक्टेयर कृषि आय बढ़ाने की आवश्यकता है। एक कृषि मंत्री का काम तब तक पूरा नहीं माना जा सकता जब तक वह किसानों के खेतों का दौरा नहीं करता। आइए हम 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' को सफल बनाएं। केंद्र द्वारा 29 मई को शुरू किए गए पखवाड़े भर के अभियान का उद्देश्य वैज्ञानिक हस्तक्षेप के माध्यम से भारतीय कृषि को बदलना है। इसका उद्देश्य भारत को ‘दुनिया की खाद्य टोकरी' बनने में मदद करना है।
- नयी दिल्ली. भारत के दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने को लेकर छिड़ी बहस के बीच प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की सदस्य शमिका रवि ने सोमवार को कहा कि जीडीपी के एक बड़े असंगठित क्षेत्र को न मापे जाने के बावजूद भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने 26 मई को कहा था कि भारत 2025 के अंत तक दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। उसके पहले नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा था कि भारत, जापान को पीछे छोड़कर चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। रवि ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ऐसा बहुत ही महत्वपूर्ण असंगठित घटक के बावजूद है जिसे जीडीपी में मापा नहीं जाता है।'' इसके पहले 30 मई को मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा था, ‘‘नीति आयोग के सीईओ ने जो कहा, उसे नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य और पूर्व सीईए अरविंद विरमानी ने स्पष्ट किया है कि यह वित्त वर्ष 2025-26 की कहानी है।'' विरमानी ने कहा था कि भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की प्रक्रिया में है और यह 2025 के अंत तक हो जाएगा।
- नयी दिल्ली. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए प्रतिष्ठित रोड्स छात्रवृत्ति के लिए आवेदन मंगलवार को शुरू हो गए।अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रोड्स स्कॉलरशिप पूर्णरूप से वित्तपोषित है जो उत्कृष्ट छात्रों को ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में दो से तीन साल का अध्ययन करने में सहायता करती है। इसमें आवेदन के लिए 18 से 23 वर्ष की आयु के छात्र (विशेष परिस्थितियों में 27 तक) पात्र हैं। इसमें कुल छह छात्रों को चुना जाएगा और उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन 23 जुलाई 2025 तक किए जा सकते हैं। रोड्स हाउस के अंतरिम वार्डन और रोड्स ट्रस्ट के सीईओ सर रिचर्ड ट्रेनर ने कहा, ‘‘रोड्स स्कॉलरशिप भारत से ऐसे असाधारण युवा प्रतिभाओं की खोज जारी रखेगी जो अकादमिक उत्कृष्टता, सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता प्रदर्शित करते हों।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम 2026 के लिए आवेदन प्रांरभ करने को लेकर उत्साहित हैं और ऑक्सफोर्ड में रोड्स स्कॉलर्स की अगली पीढ़ी का स्वागत करने के लिए तत्पर हैं।'' रोड्स छात्रवृत्ति विश्व की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे पुरानी स्नातक फेलोशिप में से एक है, जो 1903 में शुरू की गई।
- नयी दिल्ली. प्रसिद्ध नाटककार गिरीश कर्नाड के दो लोकप्रिय नाटकों 'तुगलक' तथा 'अग्नि और बरखा' का मंचन राष्ट्रीय राजधानी स्थित श्री राम सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एसआरसीपीए) के ग्रीष्मकालीन रंगमंच महोत्सव के दौरान किया जाएगा। यह महोत्सव पांच जून से शुरू हो रहा है।समकालीन और पारंपरिक शैलियों का मिश्रण प्रस्तुत करने वाले इस महोत्सव में पद्मश्री पुरस्कार विजेता राम दयाल शर्मा की 'डाकू सुल्ताना' और मनीष वर्मा की 'स्टक' सहित चार प्रस्तुतियां दी जाएंगी। एसआरसीपीए के कार्यकारी उपाध्यक्ष हेमंत भरत राम ने एक बयान में कहा, "हर नाटक को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ तैयार किया गया है ताकि मंच पर उसका जादू फिर से जीवंत हो सके। कलाकारों ने अपने किरदार को आत्मसात करने के लिए नियमित शारीरिक प्रशिक्षण और साहित्यिक सत्रों में भाग लिया है। दिल्ली की सांस्कृतिक दुनिया में रंगमंच को समृद्ध करते हुए, एसआरसीपीए हास्य, प्रेम और समकालीन मुद्दों से जुड़े विविध रंगों वाले चुने हुए नाटकों को प्रस्तुत कर रहा है।" गिरीश कर्नाड का नाटक 'तुगलक', जिसे के. माधवन ने निर्देशित किया है, एक ऐसा नाटक है जो इतिहास और राजनीति की कहानी को जोड़ता है। यह एक ऐसे सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक की कहानी है, जो बहुत आदर्शवादी था, लेकिन उसकी सोच और सपने पूरे नहीं हो सके। वह एक आदर्श राज्य बनाना चाहता था, लेकिन उसकी कोशिशें नाकाम रहीं। वहीं 'अग्नि और बरखा', गिरीश कर्नाड के कन्नड़ नाटक 'अग्नि मत्तु माले' का हिंदी रूपांतरण है, जिसे के. एस. राजेन्द्रन ने निर्देशित किया है। यह एक पौराणिक कहानी है जिसमें सत्ता, प्रेम और आध्यात्मिक बलिदान के भाव दिखाए गए हैं। एक अलग अंदाज में, नाटक "स्टक" एक मनोवैज्ञानिक कॉमेडी-ड्रामा है जो समकालीन रिश्तों की नाजुक प्रकृति पर प्रकाश डालता है।
- आगरा . जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के नगला नाथू गांव के पास मंगलवार को यमुना नदी में नहाते समय चार किशोरियां डूब गईं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को छह लड़कियां सुबह करीब 10 बजे नहाने के लिए नदी में उतरी थीं, लेकिन वे सभी डूबने लगीं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने उनमें से दो को बचा लिया, जबकि चार डूब गईं। बाद में स्थानीय लोगों ने उनके शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान दिव्या (14), संध्या (12), शिवानी (17) और नैना (14) के रूप में हुई है।बचाई गई दो लड़कियों, सोनम और मुस्कान को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। नगला नाथू के स्थानीय निवासी दीपेश ने कहा कि वह दोस्तों के साथ नदी पर गया था, जब उसने लड़कियों को डूबते हुए देखा। उन्होंने कहा, "वे हमसे थोड़ा आगे नहा रही थीं। अचानक, वे सभी डूबने लगीं। मैं उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गया लेकिन पानी बहुत गहरा था।" उसने शोर मचाया और गांव वालों को सूचित किया, जो मौके पर पहुंचे।उसने कहा, "किसी तरह हम दो लड़कियों को बचाने में कामयाब रहे लेकिन बाकी को नहीं बचाया जा सका।"आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने घटना की पुष्टि की।उन्होंने कहा, "यह एक बहुत दुखद घटना है। चार लड़कियों की मौत हो गई है। बाकी दो का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल में मौजूद हैं और स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।"
- ईटानगर. अरुणाचल प्रदेश सरकार ने समूचे राज्य में 386 ऐसे सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है जिनमें चालू शैक्षणिक वर्ष में एक भी छात्र का दाखिला नहीं हुआ। एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के आंकड़ों के विस्तृत विश्लेषण के बाद राज्य शिक्षा विभाग ने सोमवार को आदेश जारी किया, जिसमें बड़ी संख्या में ऐसे स्कूलों की पहचान की गई है जो कई वर्षों से बंद पड़े हैं। इस निर्णय का उद्देश्य शैक्षिक बुनियादी ढांचे को युक्तिसंगत बनाना और शिक्षण कर्मचारियों और सुविधाओं का बेहतर उपयोग करना है। इसके कारण लगभग हर जिले के स्कूल प्रभावित हुए हैं, जिनमें कुरुंग कुमे, तवांग, अंजॉ, चांगलांग और ऊपरी सुबानसिरी जैसे दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं। इस सूची में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक सरकारी स्कूल शामिल हैं, जिनमें इस साल और कुछ मामलों में कई शैक्षणिक सत्रों से एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम कामेंग जिले में सबसे अधिक 73 स्कूल बंद हुए हैं। अन्य जिलों में पापुमपारे में 50 स्कूल, पश्चिम सियांग में 31 स्कूल, ऊपरी सुबानसिरी और सियांग में 28-28 स्कूल तथा पूर्वी कामेंग में 23 स्कूल बंद हुए हैं। कई अन्य जिलों में भी एक से लेकर 22 स्कूल बंद हुए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को बंद करना एक बड़ी युक्तिसंगत पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शैक्षिक संसाधनों को समेकित करना और सीखने के परिणामों में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिना छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके उन संस्थानों में कर्मचारियों को पुनः नियुक्त करना है जो सक्रिय रूप से बच्चों की सेवा कर रहे हैं और जिन्हें सहायता की आवश्यकता है। राज्य में दूसरी बार है जब इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों को बंद किया गया है। पिछले साल भी राज्य सरकार ने 600 स्कूलों को बंद किया था, जो या तो बंद थे या जिनमें कोई दाखिला नहीं हुआ था।
- नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए नए आरक्षण और अधिवास नियम पेश किए, जिसमें स्थानीय लोगों के लिए 85 प्रतिशत नौकरियां और लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों में कुल सीट की एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय हितों की रक्षा करना है, जहां पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को 2019 में हटाए जाने के बाद लद्दाख के लोग अपनी भाषा, संस्कृति और भूमि की रक्षा के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सरकार द्वारा जारी कई अधिसूचनाओं के अनुसार, नौकरियों, स्वायत्त परिषदों और अधिवास में आरक्षण की नीतियों में बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू होंगे। नए नियमों के तहत, जो लोग केंद्र शासित प्रदेश में 15 साल की अवधि तक निवास कर चुके हैं या सात साल की अवधि तक अध्ययन कर चुके हैं और केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी शैक्षणिक संस्थान में कक्षा 10वीं या 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे केंद्र शासित प्रदेश के तहत किसी भी पद पर या ‘कैंटोनमेंट बोर्ड' के अलावा किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के तहत नियुक्ति के प्रयोजनों के लिए लद्दाख के मूल निवासी होंगे। केंद्र सरकार के अधिकारियों, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों, केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और स्वायत्त निकाय के अधिकारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वैधानिक निकायों के अधिकारियों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त शोध संस्थानों के अधिकारियों जिन्होंने 10 वर्षों की अवधि तक केंद्र शासित प्रदेश में सेवा की है, उनके बच्चे भी अधिवास के लिए पात्र हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत बना हुआ है।एक अन्य अधिसूचना में सरकार ने कहा कि लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद अधिनियम, 1997 के तहत परिषद की कुल सीट में से कम से कम एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और ऐसी सीट अलग-अलग क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों को बारी-बारी से आवंटित की जा सकती हैं। लद्दाख के लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए पहली बार जनवरी 2023 में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इसने लद्दाख के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों का सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए कई बैठकें कीं। अक्टूबर 2024 में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। उसके बाद तीन दिसंबर 2024 को और फिर इस साल 15 जनवरी और 27 मई को लद्दाख के नागरिक संगठनों के नेताओं के साथ बातचीत की गई।
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नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एसपी) सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलती से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र की ओर से आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा किए जाने का स्वागत किया और भारत के आतंकवाद से लड़ने के दृढ़ संकल्प को दोहराया। यह जानकारी मिस्र में भारतीय दूतावास ने एक प्रेस बयान में दी।
मिस्र द्वारा आतंकवाद की कड़ी निंदा का भारतीय दूतावास ने किया स्वागतदो दिवसीय मिस्र दौरे पर गए इस प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मिस्र के नेताओं, बुद्धिजीवियों और प्रभावशाली लोगों के साथ बातचीत की, जिसकी अध्यक्षता मिस्र के पूर्व विदेश मंत्री नबील फहमी ने की। मिस्र में भारतीय दूतावास ने मंगलवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रेस बयान में कहा कि उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प को भी स्पष्ट रूप से व्यक्त किया और मिस्र द्वारा आतंकवाद की कड़ी निंदा का स्वागत किया।प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के सदस्य शामिल हैंप्रतिनिधिमंडल ने कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका के सफल दौरे के बाद सोमवार को मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंचा। इसमें भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी, ‘आप’ सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, तेलुगु देशम पार्टी के लवू श्री कृष्ण देवरायलु, कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन और पूर्व राजदूत सैयद अकबरुद्दीन शामिल थे।दोनों देशों ने भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गति को स्वीकार किया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख की पुष्टि कीये सभी सोमवार को मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंचे। मंगलवार को, प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व, अरब लीग, मीडिया और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत जारी रखी। दोनों देशों ने भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गति को स्वीकार किया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख की पुष्टि की।मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलती ने भारत के साथ पूर्ण एकजुटता जताई और आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने का स्वागत कियाबयान में कहा गया कि मिस्र ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस बात की सराहना करता है। मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलती ने भारत के साथ पूर्ण एकजुटता जताई और आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत से भी मुलाकात की और भारत के अरब दुनिया के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने आतंकवाद का मुकाबला करने और इसके लिए बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा कि यह आयोजन भारत और मिस्र के बीच ऐतिहासिक संबंधों और साझा बलिदानों को दर्शाता हैइससे पहले, मंगलवार सुबह काहिरा के हेलियोपोलिस युद्ध स्मारक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा कि यह भारत और मिस्र के बीच ऐतिहासिक संबंधों और साझा बलिदानों को दर्शाता है। नबील फहमी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र के प्रमुख बुद्धिजीवियों, मीडिया नेताओं और प्रभावशाली लोगों के साथ चर्चा की।प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत की सैद्धांतिक स्थिति और सामूहिक संकल्प को दोहराया और मिस्र के लगातार समर्थन का स्वागत कियाप्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत की सैद्धांतिक स्थिति और सामूहिक संकल्प को दोहराया और मिस्र के लगातार समर्थन का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का साक्षात्कार प्रमुख मिस्र मीडिया आउटलेट्स ने लिया, जिसमें उन्होंने आतंकवाद विरोधी, क्षेत्रीय सहयोग और जन-केंद्रित कूटनीति पर भारत के दृष्टिकोण को व्यक्त किया। इन बैठकों ने भारत और मिस्र की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और आतंकवाद के खतरे से निपटने की साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।





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