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नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि अगले दो दिनों तक देश के पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। अगले 7 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अधिकांश कई स्थानों पर हल्की/मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है, 3 और 4 जून को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
आईएमडी ने कहा कि 3 से 7 जून के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की/मध्यम वर्षा, गरज के साथ तूफान, बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 3 और 4 जून को बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड में भी कुछ स्थानों पर हल्की एवं मध्यम वर्षा होने की संभावना है।इसके अलावा 3 और 4 जून को केरल और माहे, तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर हल्की और मध्यम वर्षा, 3 और 4 जून को केरल और 3 जून को तटीय कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।मौसम विभाग के अनुसार 3 से 5 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर हल्की/मध्यम वर्षा, गरज के साथ तूफान, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, 4 से 5 जून के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी और तेज/तूफ़ानी हवाओं के साथ वर्षा जारी रहने की संभावना है।आपको बता दें, पिछले 24 घंटे के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, त्रिपुरा, गुजरात क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि देखी गई।मणिपुर में इंफाल पूर्वी जिले के वांगखेई, पोरोमपाट में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई इलाके जलमग्न हैं, बचाव कार्य जारी हैं। असम में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।आईएमडी ने 3 और 4 जून को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की/मध्यम वर्षा के साथ गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने वाली तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। 3 और 4 जून को बिहार, पश्चिमी मध्य प्रदेश और 4 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से 70 किमी प्रति घंटे तक की गति से तूफानी हवा चलने की संभावना है।आईएमडी ने कहा कि अगले दो दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश में 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से 70 किमी प्रति घंटे तक की गति से तूफानी हवा चलने की संभावना है। वहीं, 3 जून को पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी तूफानी हवा चल सकती है।इसके अलावा आज मंगलवार को उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है। - बिलासपुर/राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर 4 जून को बिलासपुर प्रवास पर पहुंच रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीमती राहटकर नई दिल्ली से विमान से रवाना होकर 10.05 बजे बिलासपुर पहुचेंगी। सवेरे 10.30 बजे रेलवे ऑडिटोरियम में मानव तस्करी विरोधी विषय पर आयोजित वर्कशॉप में शामिल होंगी। आरपीएफ पर्सनल के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। दोपहर 12.30 बजे गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय में पॉश एवं सायबर सेक्यूरिटी जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। अपरान्ह 3 बजे बिलासपुर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेंगी। शाम 5 बजे सर्किट हाउस में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों से मुलाकात करेंगी। इसके बाद शाम 7 बजे राजधानी रायपुर के लिए सड़क मार्ग से होकर रवाना हो जायेंगी।
- खेती - किसानी के उन्नत तकनीक से अवगत हुए किसानबिलासपुर/तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भरनी में भारत सरकार के कृषि मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन के समन्वय से विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान किसानों को नवीन वैज्ञानिक खोजों, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं कृषि विभाग तथा संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं से अवगत कराने हेतु प्रारंभ किया गया है।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्षा डॉ. माधवी वस्त्रकार जी ने विशेष रूप से सहभागिता की। उन्होंने उपस्थित किसान भाइयों को फसल चक्र अपनाने, ग्रीष्मकालीन धान की फसल न लगाने तथा वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण करने की अपील की। कृषि विज्ञान केंद्र के पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. जयंत साहू ने किसानों को बीज उपचार, रोग प्रबंधन, एवं आगामी फसलों से संबंधित नवीन वैज्ञानिक जानकारियाँ प्रदान कीं। वहीं, जिला नोडल अधिकारी एवं सहायक मृदा परीक्षण अधिकारी मांझी मैडम ने मृदा परीक्षण व मृदा स्वास्थ्य के महत्व पर किसानों को जागरूक किया। कार्यक्रम में मत्स्य पालन, उद्यानिकी, पशुपालन तथा फसल बीमा से संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे एवं अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी।इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अश्विन सतपाल, क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री ओ.पी. डहरिया तथा श्रीमती अंशु वासनिक की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अशोक प्रसाद द्वारा किया गया।
- नयी दिल्ली. रेल मंत्रालय चाहता है कि लाल सिग्नल पार करने के मामलों को रोकने के लिए ट्रेन चालक दल को पर्याप्त आराम देने और ‘रनिंग रूम' में अनावश्यक बहस से बचने के संबंध में परामर्श दिया जाए। सभी जोन के महाप्रबंधकों को संबोधित एक पत्र में 30 मई को मंत्रालय ने लाल सिग्नल पार करने के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और संबंधित विभाग प्रमुखों से सुरक्षा और विभिन्न मुद्दों पर उन्हें परामर्श जारी करने का आग्रह किया। मंत्रालय के अनुसार ट्रेन चालक दल को परामर्श दिया जाए, जैसे "मुख्यालय और रनिंग रूम में पर्याप्त आराम करें; रनिंग रूम में अनावश्यक बहस से बचें। मार्ग निर्देशों का पालन करेंगे, ट्रेन संचालन के दौरान मोबाइल फोन को बैग में बंद रखें।” पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि पिछले वर्ष (2024-25) के दौरान, सुरक्षा सूचना प्रबंधन प्रणाली (एसआईएमएस) पर 33 एसपीएडी (सिग्नल पासिंग एट डेंजर या रेड सिग्नल पार करना) घटनाएं दर्ज की गईं। पत्र में कहा गया है, "पहले से जारी एहतियाती उपायों के बावजूद, इस वर्ष एसपीएडी के छह मामले सामने आए हैं, जिससे चालक दल के सदस्यों की कठोर काउंसलिंग तथा अधिकारियों और पर्यवेक्षकों द्वारा आवश्यक निगरानी और सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता सामने आई है।
- नयी दिल्ली. रत्नाकर पटनायक और दिनेश पंत ने सोमवार को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंध निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी में चार प्रबंध निदेशक होते हैं।एलआईसी ने दो अलग-अलग बयानों में कहा कि पटनायक और पंत दोनों को 14 मई, 2025 की भारत सरकार की अधिसूचना के तहत प्रबंध निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। बयान के मुताबिक, एलआईसी के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने से पहले पटनायक निगम के कार्यकारी निदेशक (निवेश-फ्रंट ऑफिस) और मुख्य निवेश अधिकारी थे। एक अन्य बयान में कहा गया है कि प्रबंध निदेशक की भूमिका संभालने से पहले पंत एलआईसी के नियुक्त ‘एक्चुअरी' और कार्यकारी निदेशक (एक्चुरियल) रह चुके हैं।
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नई दिल्ली। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली स्थित सहकारिता मंत्रालय में सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने अन्न भंडारण योजना में पीएसीएस की व्यापक भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि यह जरूरी है कि पीएसीएस को इस योजना का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए ताकि उनकी वित्तीय व्यवहार्यता और सामाजिक प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने एफसीआई, एनसीसीएफ, नेफेड और राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशनों को पीएसीएस को अधिक से अधिक गोदामों से जोड़ने के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए।
अमित शाह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने की दिशा में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना एक बड़ा कदम है।उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक प्रगति को मापने के दो प्रमुख मापदंड हैं, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और रोजगार सृजन। अन्न भंडारण योजना इन दोनों पहलुओं को सशक्त बनाने का माध्यम है, जिसका उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार के अवसरों को सृजित करना है। शाह ने कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) के अंतर्गत ऋण अवधि के विस्तार से पीएसीएस की वित्तीय स्थिति में सुधार हेतु त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और मुरलीधर मोहोल के अलावा सहकारिता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, उपभोक्ता मंत्रालय, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), नाबार्ड, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) सहित अन्य संगठनों के अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्यों को अपने स्तर पर अधिक से अधिक पीएसीएस को इस योजना में शामिल करना चाहिए और राज्य स्तरीय मार्केटिंग फेडरेशनों को भी इससे जोड़ा जाना चाहिए, ताकि एक संपूर्ण सहकारी आपूर्ति श्रृंखला विकसित की जा सके। अमित शाह ने सभी उपस्थित संगठनों से समन्वय के साथ योजना को समयबद्ध और प्रभावशाली तरीके से लागू करने का आह्वान किया ताकि यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य की पूर्ति में मील का पत्थर सिद्ध हो। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की अग्रणी विमानन कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की अग्रणी विमानन कंपनियों के लिए निवेश का एक बेहतरीन अवसर प्रस्तुत करता है। उन्होंने विश्व स्तरीय हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे में भारत के निवेश को रेखांकित किया और कहा कि 2014 में देश में 74 परिचालन हवाई अड्डे थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 162 हो गई है।
इस क्षेत्र में तेजी से विकास का संकेतपीएम मोदी ने आगे कहा कि भारतीय वाहकों ने 2,000 से अधिक नए विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं, जो इस क्षेत्र में तेजी से विकास का संकेत है। उड़ान योजना की सफलता पर जोर देते हुए और इसे भारतीय नागरिक विमानन इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि इस पहल के तहत, 15 मिलियन से अधिक यात्रियों को किफायती हवाई यात्रा का लाभ मिला है।विमानन क्षेत्र में वृद्धि से नई उड़ानें, नौकरियां और संभावनाएं पैदा होती हैंप्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विमानन क्षेत्र में वृद्धि से नई उड़ानें, नौकरियां और संभावनाएं पैदा होती हैं। पीएम मोदी ने रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) के उदय को एक उभरते क्षेत्र के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि भारत विमान रखरखाव के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने के प्रयासों में तेजी ला रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत में 96 एमआरओ सुविधाएं थीं, जो अब बढ़कर 154 हो गई हैं। - मेरठ/लखनऊ. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि विकसित कृषि के बिना विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। चौहान ने विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 के अंतर्गत रविवार को मेरठ जिले के दबथुआ विकासखण्ड सुरूरपुर में कृषक वैज्ञानिक संवाद में हिस्सा लिया। चौहान ने अभियान के चौथे दिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया और दबथुवा और जंगेठी गांवों में चारपाई पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के उपाय सुझाए। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर देश के हर किसान को सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि खेती के क्षेत्र में सिंह से बड़ी प्रेरणा कोई नहीं हो सकती। चौहान ने यह भी बताया कि 29 मई को जब यह अभियान शुरू हुआ, तब सिंह की पुण्यतिथि भी थी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि बिना विकसित कृषि के विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने संदेश दिया कि यदि मंत्री, सांसद, वैज्ञानिक, कृषि विभाग पूरे देश में एक टीम के साथ काम करें तो देश का उत्पादन भी बढेगा और किसानों की आय भी बढेगी, साथ ही हम विश्व को खाद्य सामग्री देने में सक्षम भी हो सकेंगे। लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रदेश के 75 जनपदों में अब तक लगभग 2700 स्थानों पर विभिन्न गणमान्य जनप्रतिनिधि/कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि एवं सहवर्ती विभाग के अधिकारियों के साथ आज चौथे दिन तक लगभग 3,25,000 से अधिक किसानों ने भाग लिया है।
- मंडी . हिमाचल प्रदेश के मंडी में रविवार को एक पिकअप वाहन के पुल की रेलिंग से टकरा जाने से उसमें सवार पांच श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि वाहन पंजाब के लुधियाना से मंडी में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जा रहा था, उस दौरान ही यह दुर्घटना घटी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन पुल की रेलिंग से टकरा गया।मृतकों में से तीन की पहचान सुखविंदर, उमेश और सागर के रूप में हुई है तथा तीनों पंजाब के रहने वाले थे, जबकि दो अन्य की पहचान अभी नहीं हो पाई है। मंडी की पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि वाहन चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला प्रशासन को मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- नयी दिल्ली। अगर आप रात में देर तक जागते हैं तो उम्र बढ़ने के साथ आपकी दिमागी क्षमता कमजोर होने का खतरा सुबह जल्दी उठने वालों की तुलना में अधिक है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। अध्ययन में कहा गया है कि व्यक्ति का ‘क्रोनोटाइप' यानी उसके सोने-जागने की प्रवृत्ति यह निर्धारित करती है कि वह दिन के किन हिस्सों में सबसे अधिक सक्रिय रहता है। रात में देर तक जागने वाले या शाम को अधिक सक्रिय रहने वालों का सोने एवं जागने का चक्र देर से शुरू होता है, जबकि सुबह जल्दी उठने वाले लोग जल्दी सोते और जल्दी जागते हैं। नीदरलैंड स्थित ‘यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर ग्रोनिंगन' की शोधकर्ता एना वेंजलर ने कहा, ‘‘क्या आप सुबह जल्दी उठते हैं या रात को देर तक जागते हैं? अपने ‘क्रोनोटाइप' को बदलना मुश्किल होता है, लेकिन आप अपनी जीवनशैली को इसके अनुसार ढाल सकते हैं।'' इस अध्ययन में करीब 23,800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके तहत उनकी दिमागी क्षमता का 10 वर्षों की अवधि तक विश्लेषण किया गया। अध्ययन में यह पाया गया कि रात में देर तक जागने वाले लोगों की दिमागी क्षमताओं में गिरावट की दर सुबह उठने वालों की तुलना में अधिक थी। यह निष्कर्ष ‘द जर्नल ऑफ प्रिवेंशन ऑफ अल्जाइमर डिजीज' में प्रकाशित हुआ है।वेंजलर ने कहा, ‘‘हमारे अध्ययन में भी यह पाया गया कि रात में देर तक जागने वाले लोग अधिक धूम्रपान करते हैं और अधिक शराब पीते हैं तथा शारीरिक गतिविधि कम करते हैं। दिमागी क्षमता कमजोर होने के 25 प्रतिशत मामलों की वजह धूम्रपान और खराब नींद हो सकती है।'' अध्ययन में यह भी पाया गया कि उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों की दिमागी क्षमता कमजोर होने की दर अधिक पाई गई और इसका कारण पर्याप्त एवं अच्छी नींद का अभाव हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ये अधिकतर वे लोग होते हैं जिन्हें सुबह जल्दी काम पर जाना होता है, जिससे वे कम सो पाते हैं और मस्तिष्क को पर्याप्त विश्राम नहीं मिल पाता।'' उन्होंने बताया कि व्यक्ति का नींद चक्र उम्र के साथ बदलता है।वेंजलर ने कहा, “बचपन में सभी बच्चे सुबह जल्दी उठते हैं। किशोरावस्था में वे देर रात तक जागते हैं और 20 की उम्र के बाद यह चक्र फिर धीरे-धीरे सुबह की ओर लौटने लगता है और 40 की उम्र तक अधिकतर लोग फिर से सुबह जल्दी उठने वाले बन जाते हैं।” वेंजलर ने हालांकि यह भी कहा कि यह बदलाव सभी में नहीं होता।उन्होंने सलाह दी कि जितना संभव हो सके, शरीर के नींद चक्र के विरुद्ध काम करने से बचना चाहिए।उन्होंने कहा, “आप जल्दी सोने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अगर शरीर मेलाटोनिन (नींद लाने वाला हार्मोन) नहीं बना रहा, तो नींद नहीं आएगी यानी शरीर अभी सोना नहीं चाहता।” वेंजलर ने यह भी कहा, “अगर व्यक्ति को अपने नींद चक्र के खिलाफ काम करना पड़े, तो मस्तिष्क को पर्याप्त विश्राम नहीं मिल पाता और व्यक्ति बुरी आदतों को अपनाने लगता है। देर तक जागने वाले लोगों को सुबह की बजाय थोड़ा देर से काम शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए।''
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नई दिल्ली। भारत की एविएशन इंडस्ट्री बढ़कर पैसेंजर ट्रैफिक में दुनिया के शीर्ष तीन बाजारों में शामिल हो गई है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के डेटा में यह जानकारी दी गई। आईएटीए में भारत, नेपाल और भुटान के निदेशक अमिताभ खोसला ने कहा कि वैश्विक बाजार में भारत का तीसरे स्थान पर पहुंचना मजबूत एयरलाइनों, कनेक्टिविटी में वृद्धि और एयरपोर्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर में वृद्धि के कारण संभव हुआ है।
एविएशन इंडस्ट्री देश में रोजगार, आर्थिक गतिविधि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने में मदद कर रही हैउन्होंने बताया कि एविएशन इंडस्ट्री देश में रोजगार, आर्थिक गतिविधि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने में मदद कर रही है। रिपोर्ट में बताया गया, “भारत के एविएशन सेक्टर की जीडीपी में हिस्सेदारी 1.5 प्रतिशत है और यह सेक्टर करीब 77 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से रोजगार दे रहा है।”एविएशन द्वारा समर्थित पर्यटन, जीडीपी में 2,710 करोड़ रुपए का योगदान देता हैखोसला ने कहा, “2023 में इंडस्ट्री ने भारत की अर्थव्यवस्था में 53.6 अरब डॉलर का योगदान दिया।” उन्होंने आगे कहा, “एविएशन द्वारा समर्थित पर्यटन, जीडीपी में 2,710 करोड़ रुपए का योगदान देता है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक वस्तुओं और सेवाओं की स्थानीय खरीद के माध्यम से अर्थव्यवस्था में सालाना 29.4 अरब डॉलर जोड़ते हैं।”कुल मिलाकर 2023 में यात्रा और पर्यटन क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद का 6.5 प्रतिशत और कुल रोजगार का 8.9 प्रतिशत हिस्सा थाउन्होंने कहा, “कुल मिलाकर 2023 में यात्रा और पर्यटन क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद का 6.5 प्रतिशत और कुल रोजगार का 8.9 प्रतिशत हिस्सा था।” रिपोर्ट में बताया गया कि 2023 में मध्य पूर्व 13.7 मिलियन यात्रियों के साथ भारतीय यात्रियों के लिए शीर्ष अंतरराष्ट्रीय गंतव्य था, जिसके बाद एशिया प्रशांत क्षेत्र और यूरोप का स्थान था।वर्तमान में भारत में 116 एयरपोर्ट्स हैं जो कमर्शियल सेवाएं प्रदान करते हैं, जिनमें से 96 सीधे कनेक्शन प्रदान करते हैंवर्तमान में भारत में 116 एयरपोर्ट्स हैं जो कमर्शियल सेवाएं प्रदान करते हैं, जिनमें से 96 सीधे कनेक्शन प्रदान करते हैं और इन एयरपोर्ट्स पर प्रत्येक दिन 521 आउटबाउंड अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हैं। पिछले पांच वर्षों में 103 नए अंतरराष्ट्रीय मार्ग शुरू किए गए हैं। वर्तमान में देश में 99 एयरलाइनें चल रही हैं। भारत ने खुद को दुनिया के छठे सबसे बड़े एयर कार्गो बाजार के रूप में भी स्थापित किया है और 2023 में 3.3 मिलियन टन हवाई माल का परिवहन किया था। -
नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में एक सर्वदलीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मलेशियाई राजधानी में स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस और हिंदू संत एवं दार्शनिक स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रतिनिधिमंडल ने कुआलालंपुर में रामकृष्ण मिशन और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कीमलेशिया में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा, “भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कुआलालंपुर के ब्रिकफील्ड्स में नेताजी सुभाष चंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की।” मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने कुआलालंपुर में रामकृष्ण मिशन का भी दौरा किया और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।यह यात्रा भारत की ओर से आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में प्रति शून्य सहिष्णुता और अडिग रुख को रेखांकित करती हैमलेशिया में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि संसद सदस्य संजय कुमार झा के नेतृत्व में भारत का एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 31 मई, 2025 की शाम को कुआलालंपुर पहुंचा। यह यात्रा भारत की ओर से आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में प्रति शून्य सहिष्णुता और अडिग रुख को रेखांकित करती है, और ऑपरेशन सिंदूर के रणनीतिक महत्व को भी उजागर करती है।प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक पार्टी के सदस्य शामिल हैंप्रतिनिधिमंडल में जनता दल-यूनाइटेड के सांसद संजय कुमार झा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अपराजिता सारंगी, तृणमूल कांग्रेस से अभिषेक बनर्जी, भाजपा से सांसद बृजलाल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के जॉन ब्रिटास, भाजपा से प्रदान बरुआ, हेमंग जोशी, पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस सांसद सलमान खुर्शीद और फ्रांस में भारत के पूर्व राजदूत मोहन कुमार थे।प्रतिनिधिमंडल ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख से अवगत करायामलेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा, “प्रतिनिधिमंडल ने मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी द्वारा विस्तृत जानकारी के साथ अपनी वार्ता शुरू की, जिसमें उन्होंने भारत-मलेशिया के मजबूत संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला और ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दृढ़ता से व्यक्त करने के लिए मलेशिया-विशिष्ट संदेश को रेखांकित किया। जम्मू और कश्मीर में हाल ही में हुए नृशंस आतंकवादी हमलों के मद्देनजर कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों के साथ व्यापक बातचीत में, प्रतिनिधिमंडल ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख से अवगत कराया। चर्चा में ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि पर चर्चा की गई, जो भविष्य में आतंकवादी हमलों का जवाब देने, उन्हें रोकने और उन्हें रोकने के भारत के अधिकार का प्रदर्शन है।” -
नई दिल्ली। जेईई एडवांस्ड 2025 के परिणामों में कोटा ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखी है। कोटा के रजित गुप्ता ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर शहर का नाम रोशन किया। इसके साथ ही कोटा के चार छात्रों ने टॉप-10 में जगह बनाई। कोटा को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं का गढ़ माना जाता रहा है। लगातार दूसरी बार कोटा ने इस परीक्षा में टॉप रैंक हासिल की है।
जेईई एडवांस्ड के परिणामों में कोटा के सक्षम जिंदल ने दूसरी रैंक, अक्षत चौरसिया ने छठी रैंक और देवेश पंकज ने आठवीं रैंक हासिल कीजेईई एडवांस्ड के परिणामों में कोटा के सक्षम जिंदल ने दूसरी रैंक, अक्षत चौरसिया ने छठी रैंक और देवेश पंकज ने आठवीं रैंक हासिल की। कोटा के कोचिंग संस्थानों ने इन उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए छात्रों और उनके परिवारों को बधाई दी। राजित गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय कठिन मेहनत, नियमित पढ़ाई और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा, “जेईई एडवांस्ड की तैयारी के लिए मैंने दो साल तक दिन-रात मेहनत की। कोटा के कोचिंग सिस्टम और शिक्षकों की मदद से मैं यह मुकाम हासिल कर पाया।”रजित का सपना आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करने का हैरजित का सपना आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करने का है। दूसरी रैंक हासिल करने वाले सक्षम जिंदल ने बताया कि नियमित अभ्यास और मॉक टेस्ट ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई। जेईई एडवांस्ड देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। जेईई एडवांस्ड 2025 परीक्षा 18 मई 2025 को आयोजित हुई थी।रिजल्ट 2 जून 2025 को सुबह 10:00 बजे घोषित हुआ है, रिजल्ट चेक करने के लिए जेईई एडवांस्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएंरिजल्ट 2 जून 2025 को सुबह 10:00 बजे घोषित हुआ है। रिजल्ट चेक करने के लिए जेईई एडवांस्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर “जेईई एडवांस 2025 रिजल्ट” लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद 7-अंक का रोल नंबर, जन्म तिथि और 10-अंक का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें। सबमिट बटन दबाएं, रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा, जिसमें विषयवार अंक, कुल अंक, ऑल इंडिया रैंक, और श्रेणी-वार रैंक शामिल होंगे। रिजल्ट डाउनलोड करें और प्रिंट आउट ले लें। रिजल्ट केवल ऑनलाइन उपलब्ध है, कोई हार्ड कॉपी नहीं भेजी जाएगी। प्रोविजनल ‘आंसर की’ 25 मई 2025 को जारी हुई थी और आपत्तियां 27 मई तक दर्ज की जा सकती थी। फाइनल ‘आंसर की’ और रिजल्ट 2 जून 2025 को जारी हुए। क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवार काउंसलिंग में 3 जून 2025 से हिस्सा ले सकते हैं। -
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2025 की तारीख करीब आने के साथ ही इसका उत्साह भी खासा बढ़ता नजर आ रहा है। दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के प्रमुख उत्सव कार्यक्रम ‘योग संगम’ को पहले ही भारत और उसके बाहर 25,000 से अधिक संगठनों से असाधारण प्रतिक्रिया मिल चुकी है। जी हां, योग के अब तक के सबसे बड़े और सबसे समावेशी उत्सव के लिए मंच तैयार कर रहा है।
हर तरफ से मिल रहा समर्थनशीर्ष-स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों से लेकर प्रसिद्ध गैर सरकारी संगठनों तक, और प्रमुख कॉरपोरेट्स से लेकर प्रभावशाली सरकारी विभागों तक, हर तरफ से समर्थन मिल रहा है। एकल फाउंडेशन, अंतर्राष्ट्रीय योग संघ (IYA) और अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संगठन (INO) जैसे संगठन उनमें से हैं जिन्होंने पूरे दिल से इसमें भाग लेने का संकल्प लिया है।भारत के सबसे प्रतिष्ठित परिसरों में इस कार्यक्रम की दिखाई देती है गूंजउल्लेखनीय शैक्षणिक संस्थानों ने योग संगम की भावना को उत्साह के साथ अपनाया है। आईआईटी कानपुर, आईआईएम मुंबई, एनआईटी कुरुक्षेत्र, आईआईएम बैंगलोर, बीआईटी मेसरा और वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने पंजीकरण कराया है, जिससे भारत के सबसे प्रतिष्ठित परिसरों में इस कार्यक्रम की गूंज दिखाई देती है।सरकारी विभाग भी कर रहे हैं उदाहरण पेशयहां तक कि सरकारी विभाग भी उदाहरण पेश कर रहे हैं। गोवा वन भवन के प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, अल्टिन्हो ने योग संगम के साथ हाथ मिलाया है – जो पर्यावरण जागरूकता और समग्र कल्याण के साथ योग के संरेखण पर प्रकाश डालता है।राज्य स्तर पर संगठनात्मक पंजीकरण में अग्रणी ये राज्यवहीं राज्य स्तर पर, राजस्थान, तेलंगाना, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब संगठनात्मक पंजीकरण में अग्रणी के रूप में उभर रहे हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में योग के लिए गहरे समर्थन को दर्शाता है।अब तक का सबसे प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बनाने का किया गया आह्वानजैसे-जैसे योग संगम का पैमाना और भावना बढ़ती जा रही है, आयोजक सभी शेष शैक्षणिक, सरकारी, कॉर्पोरेट और गैर-लाभकारी संस्थानों से इस आंदोलन में शामिल होने और इसे अब तक का सबसे प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बनाने में मदद करने का आह्वान कर रहे हैं।ऐसे में आप भी इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनें। इसके लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कराएं।IDY ने सफलतापूर्वक पूरे किए 10 वर्षउल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इसका उद्देश्य योग को एक वैश्विक आंदोलन के रूप में बढ़ावा देना है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ाता है। ज्ञात हो, IDY ने सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं, और इस वर्ष 2025 में, हम 11वें IDY को वास्तव में वैश्विक और समावेशी तरीके से मनाएंगे।‘योग संगम’ में भारत भर में 1 लाख से अधिक स्थानों पर होगा समन्वित सामूहिक योग प्रदर्शनआगामी 21 जून 2025 को आयोजित होने वाले IDY 2025 के प्रमुख कार्यक्रम ‘योग संगम’ में भारत भर में 1 लाख से अधिक स्थानों पर कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) पर आधारित एक समन्वित सामूहिक योग प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस सामूहिक उत्सव का उद्देश्य योग के कालातीत अभ्यास और आज की दुनिया में इसकी स्थायी प्रासंगिकता के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करना है। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित एक निबंध प्रतियोगिता की रविवार को घोषणा की जो एक जून से 30 जून तक आयोजित की जाएगी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक ‘पोस्ट' के जरिए बताया कि शीर्ष तीन विजेताओं को 10,000-10,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा और उन्हें दिल्ली के लाल किले में आयोजित होने वाले 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने का विशेष अवसर मिलेगा। पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ढांचों पर सटीक हमले किए थे जिसके बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। भारतीय पक्ष ने हवाई अड्डों, वायु रक्षा प्रणालियों, कमान एवं नियंत्रण केंद्रों और रडार स्थलों सहित कई प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाकर पाकिस्तानी हमलों का कड़ा जवाब दिया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 10 मई को घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान के बीच भूमि, वायु और समुद्र में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने को लेकर सहमति बन गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दावा है कि भारत ने इस ऑपरेशन के जरिए आतंकवाद के विरुद्ध एक ‘‘नयी लाल रेखा'' खींच दी है। रक्षा मंत्रालय ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘रक्षा मंत्रालय युवा प्रतिभाओं को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आमंत्रित करता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर - आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को पुनर्परिभाषित करना' विषय पर रक्षा मंत्रालय की द्विभाषी निबंध प्रतियोगिता में भाग लें।'' इसमें कहा गया, ‘‘प्रतियोगिता की तिथियां: एक जून से 30 जून, 2025 तक। प्रति व्यक्ति एक प्रविष्टि। हिंदी या अंग्रेजी में।'' मंत्रालय ने प्रतियोगिता और ऑपरेशन सिंदूर के ‘लोगो' के बारे में विवरण देने वाला एक पोस्टर भी साझा किया।
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नई दिल्ली। सिक्किम में रविवार को लगातार बारिश हुई, जिससे तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ गया, जबकि इस सप्ताह की शुरुआत में हुई एक दुखद दुर्घटना के बाद नौ लापता लोगों की तलाश अभी भी स्थगित है। शुक्रवार को मंगन जिले के चुबोम्बु के पास 11 लोगों को ले जा रहा एक पर्यटक वाहन सड़क से उतरकर करीब 1,000 फीट नीचे तीस्ता नदी में जा गिरा। उस रात दो यात्रियों को बचा लिया गया, जबकि चालक सहित शेष नौ लोगों का अभी भी पता नहीं चल पाया है।
बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी, जिसमें आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान शामिल हैंपुलिस अधीक्षक (एसपी) सोनम देचू भूटिया ने शनिवार को पुष्टि की कि बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है, जिसमें आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान शामिल हैं। एसपी भूटिया ने मीडिया को बताया, “वाहन मलबे में फंसा हुआ है और उसे निकाला नहीं जा सका है। आस-पास कोई शव नहीं मिला है।” उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण अभियान में बाधा आ रही है।भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया हैरात भर हुई भारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने से हालात और खराब हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। अगले 24 घंटों के लिए ग्यालशिंग, नामची, सोरेंग, गंगटोक और पाकयोंग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।मंगन के पुलिस अधीक्षक सोनम देचू भूटिया के अनुसार, 115 पर्यटक वर्तमान में लाचेन में और लगभग 1,350 लाचुंग में फंसे हुए हैंजिला अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से उत्तरी सिक्किम के थींग और चुंगथांग क्षेत्रों में कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। मंगन के पुलिस अधीक्षक सोनम देचू भूटिया के अनुसार, 115 पर्यटक वर्तमान में लाचेन में और लगभग 1,350 लाचुंग में फंसे हुए हैं। भूटिया ने कहा, “कई भूस्खलनों के कारण दोनों दिशाओं से पहुंच अवरुद्ध होने के कारण, पर्यटकों को अपने होटलों में रहने की सलाह दी गई है। एक बार सड़कें पूरी तरह से साफ हो जाने के बाद निकासी शुरू हो जाएगी।”करीब 24 घंटे से बंद मोबाइल कनेक्टिविटी शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बहाल हुईपूरे दिन क्षेत्र में भारी बारिश जारी रही, जिसका खास तौर पर चुंगथांग उप-विभाग पर असर पड़ा। शुक्रवार दोपहर को बाधित हुई बिजली आपूर्ति शनिवार शाम तक बहाल हो गई। करीब 24 घंटे से बंद मोबाइल कनेक्टिविटी शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बहाल हुई। अधिकारी रविवार तक पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए भी काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में बादल फटने से तीस्ता नदी में उफान आया है, जिससे बचाव और राहत कार्यों में चुनौतियां बढ़ गई हैं। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में रविवार को ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया और बॉलीवुड अभिनेत्री शरवरी वाघ ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कर्तव्य पथ पर साइकिल भी चलाई।
‘संडे ऑन साइकिल’ पहल अब एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुकी हैकेंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “पिछले 24 रविवारों से फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयास के तहत नियमित साइकिलिंग का आयोजन किया गया है। हालांकि, हर साइकिलिंग लंबी दूरी की नहीं होती, लेकिन ‘संडे ऑन साइकिल’ पहल अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुकी है। पीएम मोदी ने फिट इंडिया का मंत्र दिया और देश के युवाओं ने उसे साकार किया है।”देशभर में 5,000 से अधिक स्थानों पर संडे ऑन साइकिल का किया गया आयोजनमनसुख मांडविया ने बातचीत में कहा, “आज फिट इंडिया मूवमेंट का 25वां संस्करण है। इस अवसर पर देशभर में 5,000 से अधिक स्थानों पर संडे ऑन साइकिल का आयोजन किया गया। यह विशेष संस्करण हमारे देश के उन बहादुर सैनिकों को समर्पित है, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया।” इसके अलावा, बॉलीवुड अभिनेत्री शरवरी वाघ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “इतने सारे मुस्कुराते चेहरे देखकर मैं बहुत खुश हूं। आज रविवार है और हर कोई आया है और मुझे बहुत खुशी है कि मैं आप सभी के साथ इस पहल में शामिल हो रही हूं। मैं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को बधाई देना चाहती हूं, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रयास किया है।”मैं मनसुख मांडविया जी की आभारी हूं, जिन्होंने मुझे यहां आमंत्रित कियाशरवरी वाघ ने बातचीत में बताया कि “आज ‘संडे ऑन साइकिल’ का 25वां संस्करण है और मैं इसका हिस्सा बनकर बेहद खुश हूं। मैं मनसुख मांडविया जी को यहां आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद देती हूं। पीएम मोदी ने फिट इंडिया अभियान को शुरू किया है और उन्हीं की वजह से संडे ऑन साइकिल अभियान लोगों तक पहुंच रहा है। मैं सिर्फ इतना ही कहूंगी कि मुझे भारतीय सेना और अपने देश पर गर्व है।” - नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने शनिवार को फिल्मों का प्रमाणन आयु-आधारित श्रेणियों के आधार पर करने की अधिसूचना जारी की, ताकि आयु-आधारित फिल्मों को देखने को बढ़ावा दिया जा सके, विशेष रूप से अभिभावक मार्गदर्शन समूह के लिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना में दिसंबर 1991 में अधिसूचित नियमों में संशोधन किया, जिसमें सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए फिल्मों को मंजूरी देने के सिद्धांत निर्धारित किए गए थे। नियम केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को फिल्मों की विषय-वस्तु की प्रकृति और प्रकार के अनुसार ‘यू/ए7 प्लस', ‘यू/ए 12 प्लस' और ‘यू/ए 16प्लस' चिह्नों के साथ अनुमोदन के साथ अप्रतिबंधित सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए फिल्मों को प्रमाणित करने की अनुमति देते हैं। अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘सात वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चे तथा सात वर्ष से कम आयु के बच्चों के माता-पिता के मार्गदर्शन के साथ उपयुक्त सामग्री को ‘यू/ए 7 प्लस' रेटिंग के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा; तेरह वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चे तथा तेरह वर्ष से कम आयु के बच्चों के माता-पिता के मार्गदर्शन के साथ उपयुक्त सामग्री को ‘यू/ए 13 प्लस' रेटिंग के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इसी प्रकार सोलह वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चे तथा सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चों के माता पिता के मार्गदर्शन के साथ उपयुक्त सामग्री को ‘यू/ए 16प्लस' रेटिंग के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
- हैदराबाद. थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री को शनिवार को यहां आयोजित ग्रैंड फिनाले के बाद 72वीं मिस वर्ल्ड का ताज पहनाया गया। वह अपने देश की पहली मिस वर्ल्ड बनी हैं। इथियोपिया की हासेट डेरेजे एडमसु को उपविजेता घोषित किया गया। भारत की प्रतिभागी नंदिनी गुप्ता शीर्ष 8 में पहुंचने से पहले ही प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। इस मौके पर चुआंगश्री ने कहा, “लोगों का नेतृत्व करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उनकी शालीनता को अपने कार्यों में शामिल करते हुए अगुवाई करें। यही सबसे अच्छी चीज है जो हम अपने आस-पास के लोगों और अपनी दुनिया के लिए कर सकते हैं।” वह जूरी के एक सदस्य सोनू सूद के सवाल का जवाब दे रही थीं। सूद ने पूछा था कि मिस वर्ल्ड बनने के उनके सफर में उन्हें क्या सीख मिली है। दिलचस्प बात है कि मिस वर्ल्ड वेबसाइट के अनुसार, चुआंगश्री को मिस वर्ल्ड के 72वें संस्करण में भाग लेने के लिए हैदराबाद रवाना होने से ठीक एक सप्ताह पहले 22 अप्रैल को मिस वर्ल्ड थाईलैंड 2025 का ताज पहनाया गया था। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की प्रथम उपविजेता इथियोपिया की हासेट डेरेजे भी अपने देश की पहली प्रतियोगी हैं जो मिस वर्ल्ड प्रतिस्पर्धा में इस मुकाम तक पहुंची हैं। मिस वर्ल्ड वेबसाइट के अनुसार, इथियोपिया ने 2003 से प्रतिनिधि भेजना शुरू किया था।जूरी के एक सदस्य व अभिनेता राणा दग्गुबाती के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए डेरेजे ने कहा कि उन्हें इस बात पर "बहुत गर्व" है कि वह अपने देश से इतनी दूर तक पहुंचने वाली पहली प्रतिभागी हैं। डेरेजे ने कहा, "बहुत से लोग सोचते हैं कि मिस वर्ल्ड सिर्फ एक सौंदर्य प्रतियोगिता है। लेकिन यह उससे कहीं बढ़कर है। मैं यहां तक पहुंचने वाली पहली इथियोपियाई हूं और मुझे इस पर बहुत गर्व है।" द्वितीय उपविजेता पोलैंड की माजा क्लाज्दा मनोविज्ञान की तृतीय वर्ष की छात्रा हैं।आयोजकों के अनुसार, तेलंगाना में एक महीने तक उद्देश्यपूर्ण गतिविधियों, सांस्कृतिक मिलन और उद्देश्य-संचालित गतिविधियों के जीवंत कार्यक्रमों के बाद, दुनिया भर से पहुंची 108 प्रतिभागियों ने विश्व सौंदर्य प्रतियोगिता में मिस वर्ल्ड का ताज जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा की। विजेता ओपल, अंतरराष्ट्रीय संबंधों की छात्रा हैं। उन्हें मनोविज्ञान और मानव विज्ञान में रुचि है और वह राजदूत बनना चाहती है। उन्होंने स्तन कैंसर के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों के लिए स्वयंसेवी के तौर पर काम किया है।मिस वर्ल्ड वेबसाइट के अनुसार, ओपल को उकेलेले (वाद्य यंत्र) बजाने में भी महारत हासिल है। उनके पास सोलह बिल्लियां और पांच कुत्ते हैं। मिस वर्ल्ड की अध्यक्ष जूलिया मोर्ले सी.बी.ई. ने जूरी का नेतृत्व किया और 72वीं मिस वर्ल्ड की विजेता की घोषणा की।
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भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को होलकर राजवंश की रानी अहिल्याबाई होलकर को भारत की विरासत की बहुत बड़ी संरक्षक बताया और कहा कि केंद्र सरकार ‘नागरिक देवो भव' के मंत्र पर काम कर रही है जो उन्हीं (अहिल्याबाई) का दर्शन था। देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में ‘लोकमाता देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन' कार्यक्रम के दौरान मोदी ने इंदौर मेट्रो के अलावा दतिया और सतना में नवनिर्मित हवाई अड्डों का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और 300 रुपये का सिक्का भी जारी किया। अहिल्याबाई होलकर को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देवी अहिल्याबाई के एक कथन को याद करते हुए कहा कि उसका भाव यही था कि ‘‘जो कुछ भी हमें मिला है, वो जनता द्वारा दिया गया ऋण है, जिसे हमें चुकाना है।'' मोदी ने कहा, ‘‘आज हमारी सरकार लोकमाता अहिल्याबाई के इन्हीं मंत्रों पर चलते हुए कार्य कर रही है। ‘नागरिक देवो भव' ये आज शासन का मंत्र है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार महिला नीत प्रगति की दृष्टि को विकास की धुरी बना रही है और सरकार की हर बड़ी योजना के केंद्र में महिलाएं हैं। बता दें कि अठारहवीं सदी के मालवा में होलकर राजवंश की रानी अहिल्याबाई को उनके असाधारण शासन, सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति योगदान के लिए याद किया जाता है। देवी अहिल्याबाई ने 1767 से 1795 तक पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा अंचल पर शासन किया था।
मोदी ने कहा कि देवी अहिल्याबाई कहती थीं कि शासन का सही अर्थ जनता की सेवा करना और उनके जीवन में सुधार लाना होता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज का कार्यक्रम उनकी इस सोच को आगे बढ़ाता है। आज इंदौर मेट्रो की शुरुआत हुई है, दतिया और सतना भी अब हवाई सेवा से जुड़ गए हैं। इन सभी परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में सुविधाएं बढ़ेंगी, विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अनेक नए अवसर बनेंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर का नाम सुनते ही मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है और उनके महान व्यक्तित्व के बारे में बोलने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देवी अहिल्याबाई प्रतीक हैं कि जब इच्छाशक्ति होती है, दृढ़ प्रतिज्ञा होती है तो परिस्थितियां कितनी ही विपरीत क्यों ना हों, परिणाम लाकर दिखाया जा सकता है।'' मोदी ने कहा कि 250-300 साल पहले जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, उस समय ऐसे महान कार्य कर जाना कि आने वाली अनेक पीढ़ियां उसकी चर्चा करें, ये कहना तो आसान है लेकिन करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘लोकमाता अहिल्याबाई ने प्रभु सेवा और जनसेवा को कभी अलग नहीं माना। कहते हैं कि वह हमेशा शिवलिंग अपने साथ लेकर चलती थीं। उस चुनौतीपूर्ण कालखंड में एक राज्य का नेतृत्व, कांटों से भरा ताज, लेकिन लोकमाता अहिल्याबाई ने अपने राज्य की समृद्धि को नई दिशा दी।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देवी अहिल्याबाई भारत की विरासत की बहुत बड़ी संरक्षक थीं। जब देश की संस्कृति पर, हमारे मंदिरों, हमारे तीर्थ स्थलों पर हमले हो रहे थे, तब लोकमाता ने उन्हें संरक्षित करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने काशी विश्वनाथ सहित पूरे देश में हमारे अनेकों मंदिरों का, हमारे तीर्थों का पुनर्निर्माण किया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि जिस काशी में लोकमाता अहिल्याबाई ने विकास के इतने काम किए, उस काशी ने उन्हें सांसद चुनकर सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा आज अगर कोई काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन करने जाएगा तो वहां देवी अहिल्याबाई की मूर्ति भी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि माता अहिल्याबाई राष्ट्र निर्माण में हमारी नारी शक्ति के अमूल्य योगदान का प्रतीक भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज जितने भी हमारे बड़े अंतरिक्ष अभियान हैं, उनमें बड़ी संख्या में महिला वैज्ञानिक काम कर रही हैं। चंद्रयान-3 अभियान में तो 100 से अधिक महिला वैज्ञानिक और इंजीनियर शामिल थीं।'' मोदी ने इस अवसर पर अहिल्याबाई होलकर का संबंध अपने गृह राज्य गुजरात से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा, ‘‘देवी अहिल्या ने विश्व प्रसिद्ध माहेश्वरी साड़ी के लिए नए उद्योग लगाए और बहुत कम लोगों को पता होगा कि देवी अहिल्या जी हूनर की पारखी थीं और वह गुजरात के जूनागढ़ से कुछ परिवारों को माहेश्वर लाईं और उनको साथ जोड़कर, आज से ढाई सौ-तीन सौ साल पहले माहेश्वरी साड़ी का काम आगे बढ़ाया।'' उन्होंने कहा, ‘‘माहेश्वरी साड़ी आज भी अनेक परिवारों का गहना बन गया है और इससे हमारे बुनकरों को बहुत फायदा हुआ है।'' मोदी ने भोपाल में एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, कार्यों और भारतीय समाज और संस्कृति में उनके योगदान को दर्शाया गया था। कार्यक्रम का गवाह बनने के लिए भारी संख्या में महिलाएं जंबूरी मैदान पहुंची थीं और उनमें से कई महिलाओं ने पारंपरिक पीले और सिंदूरी रंग की साड़ियां पहन रखी थीं। ‘ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद प्रधानमंत्री मोदी पहली बार भोपाल पहुंचे थे। - नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत शामिल कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि 31 मार्च 2025 को या उससे पहले सेवानिवृत्त होने वाले NPS कर्मचारी, जिन्होंने कम से कम 10 साल की सेवा पूरी की है, या उनके जीवनसाथी इस नई योजना के तहत अतिरिक्त लाभ ले सकते हैं। यह लाभ NPS के मौजूदा लाभों के अलावा होगा।वित्त मंत्रालय के अनुसार, UPS चुनने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एकमुश्त राशि मिलेगी। यह राशि उनकी आखिरी सैलरी और महंगाई भत्ते का दसवां हिस्सा होगी, जो प्रत्येक छह महीने की पूर्ण सेवा के लिए दी जाएगी। इसके अलावा, मासिक अतिरिक्त राशि भी मिलेगी, जो UPS के तहत स्वीकार्य पेंशन और महंगाई राहत (DR) से NPS की एन्युटी राशि घटाकर निकाली जाएगी। कर्मचारियों को बकाया राशि भी दी जाएगी, जिस पर PPF दरों के हिसाब से साधारण ब्याज मिलेगा। इस लाभ के लिए दावा करने की आखिरी तारीख 30 जून 2025 है।UPS और NPS में कर्मचारियों को मिला विकल्पवित्त मंत्रालय ने जनवरी 2025 में UPS को नोटिफाई किया था, जो 1 जनवरी 2004 से लागू NPS के तहत शामिल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को 50 प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन का वादा किया गया है, जो सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों की औसत मूल सैलरी पर आधारित होगी। यह लाभ 25 साल की न्यूनतम सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। NPS के तहत पेंशन बाजार रिटर्न पर निर्भर करती है, जबकि UPS में सुनिश्चित राशि का प्रावधान है।मंत्रालय ने बताया कि करीब 23 लाख सरकारी कर्मचारियों को UPS और NPS के बीच चयन करने का विकल्प दिया गया है। यह कदम कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए उठाया गया है। कर्मचारी अपनी जरूरतों के हिसाब से इन दोनों योजनाओं में से किसी एक को चुन सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे समय रहते इस अवसर का लाभ उठाएं और निर्धारित तारीख से पहले दावा करें। यह योजना केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से सुनिश्चित पेंशन की मांग कर रहे थे। सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लिए आर्थिक स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गोवा तट पर देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर अधिकारियों और नौसैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का सीधा हमला है और अगर पाकिस्तान कुछ भी गलत या अनैतिक करता है, तो उसे इस बार भारतीय नौसेना की मारक क्षमता और क्रोध का सामना करना पड़ेगा। राजनाथ सिंह ने दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, यह सिर्फ एक विराम है, एक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने फिर से यही गलती की तो भारत की जवाबी कार्रवाई और भी कड़ी होगी।
पाकिस्तानी नौसेना बाहर न निकले, अन्यथा उसे परिणाम भुगतने होंगेऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की “मौन सेवा” की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि शक्तिशाली कैरियर बैटल ग्रुप ने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तानी नौसेना बाहर न निकले, अन्यथा उसे परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि अगर उसने बुरी नजर डालने की कोशिश की तो भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई भारतीय नौसेना के हाथों होगी।पाकिस्तान की धरती से खुलेआम भारत विरोधी गतिविधियां चल रही हैंराजनाथ सिंह ने बल देते हुए कहा कि पाकिस्तान को यह समझने की आवश्यकता है कि स्वतंत्रता के बाद से वह जो खतरनाक आतंकवाद का खेल खेल रहा है अब उसका समय खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से खुलेआम भारत विरोधी गतिविधियां चल रही हैं और भारत, सीमा तथा समुद्र दोनों तरफ आतंकवादियों के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया आतंकवाद के खिलाफ अपने नागरिकों की रक्षा करने के भारत के अधिकार को स्वीकार कर रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान को अपनी धरती पर चल रहे आतंकवाद की नर्सरी को अपने हाथों से उखाड़ फेंकना चाहिए।राजनाथ सिंह ने हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को भारत को सौंपने का आह्वान कियारक्षा मंत्री ने हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को भारत को सौंपने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये दोनों न केवल भारत की ‘मोस्ट वांटेड आतंकवादियों’ की सूची में हैं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी भी हैं। मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा को हाल ही में भारत लाया गया है। हाफिज सईद भी मुंबई हमलों का दोषी है और उसके अपराध के लिए न्याय होना चाहिए।अगर पकिस्तान से बातचीत होगी तो वह केवल आतंकवाद और POK पर होगीपाकिस्तान द्वारा बार-बार बातचीत की पेशकश पर रक्षा मंत्री ने फिर स्पष्ट किया कि अगर बातचीत होगी तो वह केवल आतंकवाद और पीओके पर होगी। अगर पाकिस्तान बातचीत के लिए गंभीर है तो उसे हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को भारत को सौंप देना चाहिए ताकि न्याय हो सके।वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना और वायुसेना के जवानों और अब नौसेना के योद्धाओं के साथ बातचीत में राजनाथ सिंह ने संतोष व्यक्त किया कि चाहे ज़मीन हो, आसमान हो या समुद्र, भारत कहीं भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने गोवा की मुक्ति के दौरान आईएनएस विक्रांत के पुराने संस्करण के योगदान को याद करते हुए कहा कि इस विमानवाहक पोत ने 1961 में ऑपरेशन के दौरान भारतीय नौसेना के बेड़े का नेतृत्व किया था और अब अपने नए स्वदेशी अवतार में यह आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प का नेतृत्व कर रहा है। -
नई दिल्ली। उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण में संलिप्त तीन आरोपियों को आज शुक्रवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। सजा का ऐलान कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दिया है। इस हत्याकांड में संलिप्त पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को 302, 201, 354 के तहत दोषी करार दिया गया है।
कोर्ट ने हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर 302, 201, 354ए और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय किए। वहीं, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आईपीसी की धारा 302, 201 और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत दोषी करार दिया गया।आपको बता दें, सुनवाई के इस दौरान कोर्ट के बाहर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो इसके लिए कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई और उत्तराखंड के अन्य जनपदों से भी पुलिस बलों को बुलाया गया।दो साल आठ महीने तक इस पूरे मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट में कुल 47 गवाह पेश किए गए। 19 मई को ही इस पूरे मामले की सुनवाई पूरी हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने सजा सुनाने के लिए 30 मई की तारीख निर्धारित की थी। एसआईटी ने इस मामले में 500 पन्नों का आरोपपत्र भी दाखिल किया था। दो साल आठ महीने चले इस मामले की सुनवाई में कुल 47 गवाह अदालत में पेश किए गए थे।दरअसल, घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं होने की वजह से अंकिता भंडारी ने रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था। लेकिन, उन्हें नौकरी ज्वाइन किए 20 दिन भी पूरे नहीं हुए थे कि वह गायब हो गईं। इसके बाद अंकिता के पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराने के लिए पौड़ी, मुनिकीरेती और ऋषिकेश के चक्कर काटे। लेकिन, किसी ने भी उनकी नहीं सुनी। इसके बाद जब इस मामले में दबाव बढ़ा, तो इसे पुलिस को सौंप दिया गया। इसके बाद पुलिस ने पुलकित आर्य और उसके दो अन्य साथी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया।इसके बाद 24 सितंबर 2022 को चीला नदी से अंकिता भंडारी का शव बरामद हुआ था। इस हत्याकांड ने उत्तराखंड के लोगों को उद्वेलित कर दिया था। लोगों ने सड़क पर उतरकर इस हत्याकांड में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लोगों ने इस मामले में पुलिस प्रशासन पर ढुलमुल रवैया अपनाने का भी आरोप लगाकर अपना आक्रोश जाहिर किया था। -
पटना. बिहार के दो दिवसीय दौरे पर आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राज्य के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का बिहार का यह 50वां दौरा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शाम को पटना में पार्टी के वीरचंद पटेल मार्ग स्थित कार्यालय में करीब एक घंटा बिताया, उसके बाद वह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के आवास पर एक निजी समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुए और वहां से वह राजभवन में रात्रि विश्राम के लिए चले गए। भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों को बताया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने हमसे दो चीजों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। पहला, लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभों से अवगत कराना। दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि समाज के सभी वर्गों को संगठन में जगह मिले।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम भाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री हमारे बीच थे। उनका पहले केवल 45 मिनट रुकने का कार्यक्रम था लेकिन उन्होंने अधिक समय तक रुकने का फैसला किया। हां, उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का भी जिक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि इसने दुनिया को भारत की वीरता से परिचित कराया है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक में जदयू अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संबंधित मुद्दा भी उठाया गया, जायसवाल ने कहा, ‘‘यह उन बैठकों में से नहीं थी जहां इस तरह के मामलों पर चर्चा की जाती है। एजेंडा पहले ही तय कर लिया गया था।'' उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती सार्वजनिक लोकप्रियता से विपक्ष घबरा गया है, क्योंकि अब उनके पास पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ सफल हालिया सैन्य अभियान के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि है। बाद में सिन्हा, जिनके बेटे की शादी होने वाली है ने स्ट्रैण्ड रोड स्थित अपने आवास में प्रधानमंत्री की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि "यह सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अविस्मरणीय क्षण था।" मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत पटना हवाई अड्डे के नए टर्मिनल और शहर के बाहरी इलाके बिहटा में एक नए सिविल एन्क्लेव का उद्घाटन करके की। इन दोनों पर कुल मिलाकर 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इसके बाद उन्होंने एक विशाल रोड शो निकाला, जो हवाई अड्डे के पास अरण्य भवन के बाहर से शुरू हुआ और लगभग चार किलोमीटर दूर राज्य भाजपा कार्यालय में समाप्त हुआ। यात्रा में एक घंटे से अधिक समय लगा जिसमें मोदी का वाहन धीमी गति से आगे बढ़ रहा था। प्रधानमंत्री मोदी की एक झलक पाने के लिए हजारों लोग सड़क के दोनों ओर और छतों पर एकत्र हुए थे। प्रधानमंत्री ने अपनी कार के अंदर से ही हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। पूरे मार्ग पर बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगे हुए थे, जिन पर प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ 'ऑपरेशन सिंदूर' लिखा हुआ था। लोगों ने ‘भारत माता की जय' के नारों के बीच प्रधानमंत्री के काफिले पर पुष्प वर्षा की। वहां खड़े लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं जो केसरिया पगड़ी बांधे शंख बजा रही थीं। उपस्थित महिलाओं के एक समूह ने कहा, ‘‘हम यहां बिहार की महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने आए हैं, क्योंकि उन्होंने दुनिया को सिंदूर की ताकत से परिचित कराया है।'' प्रधानमंत्री शुक्रवार को रोहतास जिले में एक रैली के साथ राज्य के अपने दौरे का समापन करेंगे, जहां वह 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का अनावरण भी करेंगे। -
नयी दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि अफगान नागरिकों के लिए एक ‘‘नया वीजा मॉड्यूल'' लागू किया गया है जिसके तहत वह छह श्रेणियों में भारतीय वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां एक प्रश्न के उत्तर में संवाददाताओं को बताया कि ये श्रेणियां हैं- मेडिकल वीजा, मेडिकल अटेंडेंट वीजा, बिजनेस वीजा, प्रवेश वीजा, छात्र वीजा और संयुक्त राष्ट्र राजनयिक वीजा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास अफगान नागरिकों के लिए एक नया ‘मॉड्यूल' है। मुझे लगता है कि इसे पिछले महीने ही लागू किया गया।'' जायसवाल ने कहा कि पुराने वीजा ‘मॉड्यूल' को बंद कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास अब अफगान नागरिकों के लिए एक नया वीजा मॉड्यूल है जो 29 अप्रैल को यानी पिछले महीने लागू हुआ।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अब सभी अफगान नागरिक इन छह श्रेणियों में भारतीय वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "अफगान नागरिक जो पुरानी नीति के अनुसार जारी किए गए वीजा पर भारत में हैं, उन्हें अब इसे नयी नीति के अनुसार परिवर्तित कराना होगा। उन्हें यहां दिल्ली या भारत के किसी अन्य हिस्से में एफआरआरओ से संपर्क करना होगा।'' विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि नया वीजा ‘मॉड्यूल' भारत-अफगानिस्तान के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगा।










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