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नयी दिल्ली. दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अगले पांच साल में दुनिया की ‘डेटा' (इंटरनेट) राजधानी बनने के लिए तैयार है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2025 में सिंधिया ने कहा कि भारत को दुनिया भर में ‘डिजिटल-फर्स्ट' अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जाता है। इस ‘डिजिटल-फर्स्ट' अर्थव्यवस्था का नेतृत्व दूरसंचार क्रांति कर रही है। सिंधिया ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अगले पांच साल में भारत दुनिया की इंटरनेट राजधानी बन जाएगा।''
मंत्री ने कहा कि दूरसंचार ग्राहक आधार एक दशक पहले 80 करोड़ था जो बढ़कर अब 1.2 अरब पर पहुंच गया है। इसके साथ दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाजार है। ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ता आधार बढ़कर 94 करोड़ हो गया है। सिंधिया ने कहा कि इसके साथ ही, ‘कनेक्टिविटी' यानी संपर्क लागत और मोबाइल हैंडसेट की कीमतों में भारी गिरावट आई है। उन्होंने उन दिनों को याद किया जब शुल्क 16 रुपये प्रति मिनट तक थे। मंत्री ने कहा, ‘‘जब हम डेटा की बात करते हैं, तो 11 साल पहले एक जीबी डेटा की कीमत 287 रुपये होती थी। आज एक जीबी डेटा की कीमत नौ रुपये है। संचार की लागत में 97 प्रतिशत की कमी आई है।'' वैश्विक स्तर पर, भारत में ‘डेटा' संचार की लागत दुनिया के औसत का पांच प्रतिशत है। -
पणजी. अपनी साथी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के साथ सफलतापूर्वक विश्व का चक्कर लगाने के बाद गोवा लौटीं लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘समुद्र की दुनिया समान ग्रह पर है, लेकिन एक पूरी तरह से भिन्न दुनिया है।'' नौसेना के सहयोग से दोनों ने आईएनएसवी तारिणी जहाज से 238 दिनों में 25,600 समुद्री मील से अधिक की दूरी तय की। नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह भारतीय महिलाओं द्वारा नौकायन जहाज से दुनिया की पहली परिक्रमा थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वास्को के ‘मोरमुगाओ पोर्ट अथॉरिटी' में आठ महीने का 'नाविका सागर परिक्रमा द्वितीय' अभियान पूरा कर लौटीं इन दो साहसी महिलाओं और उनके जहाज का स्वागत किया। पिछले साल दो अक्टूबर को अभियान को हरी झंडी दिखाने वाले नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भी इस मौके पर मौजूद थे। सिंह ने कहा कि दोनों महिला अधिकारियों की उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘आपने न केवल पृथ्वी का चक्कर लगाया है, बल्कि आपने हर भारतीय के दिल में जगह बनाई है।'' उन्होंने उन्हें ‘‘देश की बहादुर बेटियां'' कहा।
रक्षामंत्री ने कहा, ‘‘आज आप दोनों से मिलने के बाद मुझे ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता अपनी दो बेटियों से मिल रहा है।'' उन्होंने कहा कि महिलाओं ने प्रवेश पाने के बाद से भारतीय रक्षातंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर हवाई हमलों में महिला अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के ने कहा, ‘‘हां, हमने यह कर दिखाया। दो अक्टूबर को हम बहुत उम्मीद और साहस के साथ गोवा से निकले थे....आज हम यहां मजबूत होकर खड़े हैं।'' -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के काराकाट से एक सभा को संबोधित करते हुए आतंकियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मैं बिहार की धरती से से कहना चाहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर से भारत की ताकत दुश्मनों के साथ पूरी दुनिया ने देखी है। लेकिन, दुश्मन यह समझ लें कि यह तो हमारी तरकस का एक ही तीर है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई न रुकी है न ही थमी है। आतंक का फन अगर फिर उठेगा भारत उसे बिल से खींचकर कुचलने का काम करेगा।
हमारी लड़ाई देश के हर दुश्मन सेपीएम मोदी ने कहा कि हमारी लड़ाई देश के हर दुश्मन से है। चाहे सीमा पार हो देश के भीतर हो। बीते वर्षों में हमने हिंसा और अशांति फैलाने वालों का खात्मा किया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब मैं बिहार आया था तो मैंने कहा था कि आतंकियों को उसकी कल्पना से परे सजा दी जाएगी। आज बिहार में, मैं जब आया हूं तो अपना वचन पूरा करके आया है। जिन लोगों ने पाकिस्तान में बैठकर हमारी बहनों को सिंदूर उजाड़ा था। हमारी सेना ने उनके ठिकानों को खंडहर में बदल दिया है। भारत की बेटियों की शक्ति क्या होती है। यह पाकिस्तान ने भी देख लिया है, दुनिया ने भी देख लिया है। जिस पाकिस्तानी सेना की पनाह में आतंकी खुद को सुरक्षित मानते थे। हमारी सेनाओं ने एक ही झटके में उनको भी घुटने पर ला दिया। पाकिस्तान के एयर बेस, सैन्य ठिकानों कुछ ही मिनट में तबाह कर दिए। यह नया भारत है और उसकी ताकत है।बिहार वीर कुंवर सिंह की धरतीपीएम मोदी ने कहा कि बिहार वीर कुंवर सिंह की धरती है। यहां से हजारों युवा देश की सुरक्षा के लिए सेना में अपनी जवानी लगा देते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुनिया ने हमारी बीएसएफ का अभूतपूर्व पराक्रम और अदम्य साहस देखा है। हमारी सीमा में तैनात बीएसएफ के जवान सुरक्षा की अभेद चट्टान है। मां भारती की रक्षा हमारे बीएसएफ के जवानों के लिए सर्वोपरि है। मातृभूमि की सेवा का पवित्र धर्म निभाते हुए 10 मई बीएसएफ सब इंस्पेक्टर इम्तियाज शहीद हो गए थे। मैं उन्हें आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसी परिस्थितियों में विकास की पूरी कोशिश कीपीएम मोदी ने आगे कहा कि बिहार में कुछ साल पहले तक सासाराम, कैमूर, आसपास के जिलों में नक्सलवाद हावी था। मुंह पर नकाब लगाए हाथों में बंदूक थामे नक्सली कब कहां सड़कों पर निकल आएं, हर किसी को यह डर था। सरकारी योजना आती थी लेकिन नागरिकों तक नहीं पहुंचती। नक्सल प्रभावित इलाकों में अस्पताल, मोबाइल टावर, स्कूल नहीं थे। यहां पर सड़क बनाने वाले लोगों को मार दिया जाता था। इन लोगों को बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान पर विश्वास नहीं था। लेकिन, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसी परिस्थितियों में विकास की पूरी कोशिश की।वो दिन दूर नहीं जब माओवादी हिंसा का पूरी तरह से खात्मा हो जाएगा2014 के बाद से हमने इस दिशा में तेजी से काम किया। माओवादियों को उनके कामों की सजा दी। हम युवाओं को विकास की मुख्यधारा में लेकर आए। 11 साल का प्रतिज्ञा का फल अब देश को मिलना शुरू हुआ है। पीएम ने आगे कहा कि 2014 से पहले देश में सवा सौ ज्यादा जिले नक्सल प्रभावित थे। अब सिर्फ 18 जिले नक्सल प्रभावित बचे हैं। वो दिन दूर नहीं जब माओवादी हिंसा का पूरी तरह से खात्मा हो जाएगा। शांति, सुरक्षा, शिक्षा गांव गांव तक बिना रुकावट के साथ पहुंचाया जाएगा। नीतीश कुमार के नेतृत्व में जब बिहार से जंगलराज सरकार की विदाई हुई तो बिहार ने भी प्रगति की। बिहार में टूटी सड़कें, हाईवे, खराब रेलवे अब सिर्फ इतिहास बनकर ही रह गई है। -
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहली बार बिहार पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार बिक्रमगंज में एक जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 48,520 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की रीति नए भारत की नीति बन गई है।
पीएम मोदी ने कहा- ‘वचन निभाने के बाद यहां आया हूँ’पीएम मोदी ने ‘प्राण जाय पर वचन न जाई’ की चर्चा करते हुए कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद बिहार की ही धरती से आतंकवाद को चेताया था और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उस वचन को निभाने के बाद यहां आया हूँ।आतंक के आकाओं के ठिकानों को मिट्टी में मिलाने का किया था वादाउन्होंने महत्ती जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, कितने निर्दोष नागरिक मारे गए। इस जघन्य आतंकी हमले के एक दिन बाद मैं बिहार आया था और मैंने बिहार की धरती से देश को वादा किया था, वचन दिया था, बिहार की धरती पर आंख में आंख मिलाकर हमने कह दिया था कि आतंक के आकाओं के ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा।बिहार की धरती पर मैंने कहा था उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगीउन्होंने कहा, “बिहार की धरती पर मैंने कहा था उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। आज जब मैं बिहार आया हूं तो अपने वचन पूरा करने के बाद आया हूं। इन लोगों ने पाकिस्तान में बैठकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था। हमारी सेना ने उनके ठिकानों को खंडहर में बदल दिया है। ये नया भारत है, ये नए भारत की ताकत है।”पाकिस्तान के एयरबेस और सैन्य ठिकानों को हमने कुछ ही समय में कर दिया तबाहपीएम मोदी ने आगे कहा कि आज दुनिया ने देख लिया कि हमारे देश की बेटियों के सिंदूर में क्या शक्तियां होती हैं, देश ने भी देखा, दुनिया ने भी देखा। पाकिस्तान की सेना की छत्रछाया में आतंकी सुरक्षित मानते थे, लेकिन भारतीय सेना ने एक ही झटके में इन्हें घुटने पर ला दिया है। पाकिस्तान के एयरबेस और सैन्य ठिकानों को हमने कुछ ही समय में तबाह कर दिया। यह नया भारत है और नए भारत की ताकत है।बिहार के सैकड़ों नौजवान सुरक्षा के लिए सेना और बीएसएफ में अपनी जवानी खपा देते हैंउन्होंने कहा कि बिहार के सैकड़ों नौजवान सुरक्षा के लिए सेना और बीएसएफ में अपनी जवानी खपा देते हैं। देश और दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ के अभूतपूर्व पराक्रम और अदम्य साहस को देखा है। ये बीएसएफ सीमा पर अभेद चट्टान है। उन्होंने शहीद इम्तियाज को भी श्रद्धांजलि दी और नमन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अभी तो तरकश से एक ही तीर निकाला है। आतंकवाद की लड़ाई न रुकी है न थमी है। आतंकवाद का फन अगर निकला तो बिल से खींचकर कुचलने का काम किया जाएगा। - -मत्स्य पालन भारत की खाद्य सुरक्षा का अभिन्न अंग – श्री शिवराज सिंह चौहान-तकनीकों को किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की आवश्यकता है – श्री शिवराज सिंह-किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए मजबूत मत्स्य क्षेत्र विकसित होना चाहिए- श्री चौहान-कार्यक्रम में 600 से अधिक किसान एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शामिल हुईंभुवनेश्वर । भारतीय कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भुवनेश्वर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद केंद्रीय मीठाजल मत्स्य पालन संस्थान (ICAR-CIFA), काउसल्यागंगा में 'विकसित कृषि संकल्प अभियान (VKSA-2025)' का विधिवत शुभारंभ किया। यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य कृषि एवं मत्स्य पालन क्षेत्र में नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर एक टिकाऊ और समृद्ध भारत का निर्माण करना है।अपने उद्घाटन भाषण में श्री चौहान ने VKSA-2025 की दूरदर्शी सोच को रेखांकित करते हुए बताया कि यह अभियान देश के 1.5 करोड़ से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल तकनीकी प्रचार-प्रसार और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है, बल्कि किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नवाचारों से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा। श्री चौहान ने मत्स्य पालन को भारत की खाद्य सुरक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए ICAR-CIFA द्वारा विकसित सभी तकनीकों को किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो और एक मजबूत मत्स्य क्षेत्र विकसित हो सके।इस अवसर पर ओडिशा सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं कृषि, किसान सशक्तिकरण व ऊर्जा मंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री श्री गोकुलानंद मलिक, एकामरा विधायक श्री बाबू सिंह एवं पिपिली विधायक श्री अश्रित पटनायक उपस्थित रहे।ICAR की ओर से महानिदेशक एवं सचिव (DARE) डॉ. एम. एल. जाट, उपमहानिदेशक (मत्स्य विज्ञान) डॉ. जे. के. जेना, उपमहानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह और ICAR-ATARI कोलकाता के निदेशक डॉ. प्रदीप डे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।डॉ. एम. एल. जाट ने VKSA-2025 को एक परिवर्तनकारी प्री-खरीफ अभियान करार देते हुए कहा कि यह पहल वैज्ञानिक शोध को किसानों की ज़मीनी ज़रूरतों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है।कार्यक्रम में 600 से अधिक किसान एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शामिल हुईं और वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर कृषि व मत्स्य पालन से संबंधित उन्नत तकनीकों, सतत खेती के तरीकों और एकीकृत दृष्टिकोणों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान, मत्स्य पालन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में ICAR-CIFA द्वारा विकसित “CIFA Argu VAX–I” नामक एक नवाचारात्मक मछली टीके का लोकार्पण माननीय कृषि मंत्री द्वारा किया गया। यह टीका मछलियों में परजीवी संक्रमण की रोकथाम कर मत्स्यपालकों की आर्थिक हानि को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।कार्यक्रम के दौरान एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), खोरधा और ICAR-CIFA द्वारा विकसित उत्पादों और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। यह आयोजन समुदाय की भागीदारी और जमीनी स्तर पर नवाचार की शक्ति को दर्शाता है।कार्यक्रम का सफल समापन उपमहानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों को इस अभियान की शुरुआत को ऐतिहासिक और प्रभावशाली बनाने के लिए धन्यवाद दिया।यह अभियान 29 मई से 12 जून 2025 तक देशभर में चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य एक समावेशी, सशक्त और भविष्य-उन्मुख कृषि प्रणाली का निर्माण करना है।
- नयी दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अगस्त में अपने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) के चौथे वर्ष को शुरू करने की तैयारी कर रहा है और कुलपति योगेश सिंह ने विश्वविद्यालय की तैयारियों के बारे में व्यापक चिंताओं को स्वीकार किया है, लेकिन साथ ही आश्वासन दिया है कि इस पहल का समर्थन करने के लिए ‘‘सुविधाएं जुटाई जाएंगी''। सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘चिंताएं बहुत वास्तविक हैं। यह पहली बार है जब शोध, उद्यमिता और कौशल पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। ये नए रास्ते हैं। शिक्षक चिंतित हैं, लेकिन यह चौथा वर्ष हमारे देश में स्नातक अध्ययन के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाला होगा।'' कार्यक्रम की शुरुआत अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, अधूरे पाठ्यक्रम और शैक्षणिक अपेक्षाओं पर स्पष्टता की कमी को लेकर संकाय और छात्रों की आलोचना के बीच हुई है। कई कॉलेजों में अभी भी उन्नत प्रयोगशालाओं, शिक्षण संसाधनों और अतिरिक्त शैक्षणिक वर्ष के लिए आवश्यक अन्य आवश्यक सुविधाओं का कथित तौर पर अभाव है। सिंह ने हालांकि छात्रों से आग्रह किया कि वे नामांकन में संकोच न करें। उन्होंने कहा, ‘‘चिंता मत करो। अगर सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो सुविधाओं का प्रबंध किया जायेगा। यह हमारे छात्रों के हित में है।'' शिक्षक संघ और शिक्षाविद हालांकि संशय में हैं। कई लोगों ने बताया है कि पुनर्गठित कार्यक्रम से पढ़ाई छोड़ने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि छात्रों को चौथे वर्ष के मूल्य और विषय-वस्तु के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के बलांगीर जिले की एक अदालत ने शादी के उपहार के रूप में पार्सल बम भेजकर दूल्हे समेत दो व्यक्तियों की हत्या करने के मामले में बुधवार को कॉलेज के एक आरोपी व्याख्याता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलिस ने बताया कि ज्योति विकास कॉलेज में व्याख्याता आरोपी पुंजीलाल मेहर की दूल्हे की मां से रंजिश थी और इस कॉलेज में वह प्राचार्य के पद पर कार्यरत थीं। आरोपी पुंजीलाल कुछ दिनों तक कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य थे, उसके बाद दूल्हे की मां संजुक्ता साहू वहां नयी प्राचार्य बनीं। इसने बताया कि इस कारण से आरोपी पुंजीलाल ने उनके बेटे सौम्य की हत्या की साजिश रची और 2018 में शादी के उपहार के रूप में बम भेजा। सरकारी वकील चितरंजन कानूनगो ने बताया कि पटनागढ़ में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) सोनाली पटनायक की अदालत ने मामले में आरोपी मेहर (56) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धाराओं 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और 201 (अपराध के साक्ष्य नष्ट करना) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं तीन और चार के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने दो धाराओं के तहत आजीवन कारावास, दो आरोपों के तहत 10 साल कैद और एक अन्य आरोप के तहत सात साल कैद की सजा सुनाई। कानूनगो ने कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने अदालत में 62 गवाहों और 100 दस्तावेजी साक्ष्यों को पेश किया। सरकारी वकील ने कहा, ‘‘हमारा कहना था कि इसे दुर्लभतम मामलों में से एक माना जाए। हालांकि, अदालत ने इसे दुर्लभतम मामलों में से एक नहीं माना, क्योंकि सभी जघन्य अपराध के मामलों को इस तरह नहीं माना जा सकता।'' उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा सुनाई गई सजा से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।अदालत ने दोषी पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कानूनगो ने अदालत के बाहर मीडियाकर्मियों को बताया कि उसे जीवनभर सलाखों के पीछे रहना होगा। वर्ष 2018 में मामले की जांच के समय अपराध शाखा की अगुआई करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अरुण बोथरा ने कहा, ‘‘जब हमने मामला अपने हाथ में लिया, तो कोई सबूत नहीं था, कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, जांच को आगे बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं था। आरोपी पुंजीलाल मेहर पर कोई संदेह नहीं था।'' बोथरा ने बताया कि अपराध शाखा को आरोपी पुंजीलाल द्वारा बलांगीर के एसपी को भेजे गए गुमनाम पत्र से सुराग मिले। बोथरा ने ‘ कहा, ‘‘मेरी जानकारी के अनुसार, यह पहला मामला है जिसमें पार्सल बम विस्फोट मामले के आरोपी को दोषी ठहराया गया है। यह एक मुश्किल मामला था और ओडिशा अपराध शाखा ने इसे सुलझा लिया।'' बोथरा ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हमने आरोपी पुंजीलाल मेहर के कब्जे से पत्र का कवर, पत्र की प्रति, उसे छापने के लिए इस्तेमाल किया गया प्रिंटर और पत्र को सील करने के लिए इस्तेमाल किया गया चिपकने वाला पदार्थ जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। सभी का वैज्ञानिक रूप से मिलान किया गया और उन्हें प्रमाणित किया गया।'' उन्होंने बताया कि बाद में आरोपी ने पुलिस के सामने पूरी घटना के बारे में बताया और बम बनाने की प्रक्रिया भी दिखाई। आरोपी पुंजीलाल ने स्वीकार किया कि उसने पार्सल बम बनाने की प्रक्रिया इंटरनेट पर वीडियो से सीखी थी। बोथरा ने कहा, ‘‘मैं संतुष्ट महसूस कर रहा हूं कि अदालत द्वारा आरोपी को दोषी ठहराया गया है और पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।'' जांच एजेंसी के अनुसार, पार्सल बम उपहार स्वरूप साहू परिवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर से पटनागढ़ भेजा गया था, जो बोलंगीर से लगभग 230 किलोमीटर दूर है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पुंजीलाल ने रायपुर की एक कूरियर एजेंसी से एसके शर्मा/सिन्हा जैसे किसी दूसरे नाम से पार्सल भेजा था। इसने बताया कि वहां सीसीटीवी की सुविधा नहीं थी और पकड़े जाने से बचने के लिए उसने ऐसा किया। पुलिस ने बताया कि उसने बहुत ही चालाकी से काम किया और उस पर संदेह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी। दूल्हे के पिता रवींद्र साहू ने कहा, ‘‘हमें अपूरणीय क्षति हुई है। हम मौत की सजा का अनुरोध कर रहे थे। फिर भी, हम अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं।'' पीड़िता की मां संजुक्ता साहू ने भी अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त किया और आरोपी पुंजीलाल की तुलना एक राक्षस से की। सॉफ्टवेयर इंजीनियर सौम्य शेखर साहू, जो 2018 में 26 वर्ष के थे, और उनकी 85 वर्षीय दादी जेमामणि साहू विस्फोट में मारे गए। सौम्य की पत्नी सीमा साहू, 23 फरवरी, 2018 को बलांगीर जिले के पटनागढ़ स्थित उनके घर में शादी के उपहार के रूप में रखे गए पार्सल बम में विस्फोट होने से गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। विस्फोट उस समय हुआ था जब दूल्हे ने उपहार खोला।नवविवाहिता और उसके परिवार के अनुरोध के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपराध शाखा को घटना की जांच करने का आदेश दिया था। अपराध शाखा ने 23 मार्च, 2018 को जांच अपने हाथ में ली और अप्रैल 2018 में मेहर को गिरफ्तार कर लिया गया। वह फिलहाल पटनागढ़ की उप-जेल में बंद है। जांच एजेंसी ने कहा कि इस अपराध को बदला लेने की मंशा के तहत अंजाम दिया गया था।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए ‘येलो' और ‘ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दिल्ली में बुधवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 1.8 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 1.1 डिग्री अधिक है। दिल्ली में सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 70 प्रतिशत थी। आईएमडी ने सामान्य रूप से बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने तथा 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। बृहस्पतिवार को गरज के साथ छींटे पड़ने के साथ हवा की गति अस्थायी रूप से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, ‘ऑरेंज' अलर्ट का मतलब है कि निवासियों को सतर्क रहना चाहिए और संभावित रूप से खराब मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए। इस बीच, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता “मध्यम” श्रेणी में दर्ज की गई। शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 151 था। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को “अच्छा”, 51 से 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 से 200 को “मध्यम”, 201 से 300 को “खराब”, 301 से 400 को “बहुत खराब” और 401 से 500 को “गंभीर” माना जाता है।
- पंजाब के एक गांव में सैन्य संघर्ष के दौरान 10 वर्ष के बालक ने सैनिकों को चाय, लस्सी पहुंचायीचंडीगढ़. पंजाब के तारा वाली गांव में महज 10 साल के एक लड़के ने यह सुनिश्चित किया कि उसके गांव से पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब दे रहे भारतीय सैनिकों को चाय और लस्सी के लिए परेशान न होना पड़े। जब ‘ऑपरेशन सिंदूर' अपने पूरे चरम पर था, तब श्रवण सिंह (10) ने भी अपना योगदान दिया और अपने गांव में तैनात सैनिकों के लिए पानी, बर्फ, चाय, दूध और लस्सी लेकर गया। इन कार्यों के लिए हाल में उसे सातवीं इन्फैंट्री डिवीजन के ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग' मेजर जनरल रणजीत सिंह मनराल द्वारा सम्मानित किया गया। श्रवण का गांव फिरोजपुर जिले के ममदोट इलाके में है। उसने कहा, ‘‘मैं बड़ा होकर फौजी बनना चाहता हूं। मैं देश की सेवा करना चाहता हूं।उसके पिता ने कहा, ‘‘ हमें उस पर गर्व है। सैनिक भी उससे प्यार करते थे। उन्होंने बताया कि चौथी कक्षा के छात्र श्रवण ने बिना किसी के कहे ही खुद ही राशन की आपूर्ति की।तारा वाली गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब दो किलोमीटर दूर है।‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने छह मई की देर रात पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। यह ‘ऑपरेशन' 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।
- नयी दिल्ली. केंद्र ने बुधवार को संयुक्त सचिव स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए विभिन्न सरकारी विभागों के 41 अधिकारियों के विभाग बदले। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि राजस्थान कैडर के 2003 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी भानु प्रकाश येतुरू को भारत निर्वाचन आयोग का उप निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया है। आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनबालागन पी और संजय कुमार अग्रवाल को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसी तरह मनीषा चंद्रा और मीरा मोहंती को रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।वरिष्ठ अधिकारी इशिता गांगुली त्रिपाठी को रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया गया है। आशीष माधोराव को वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार से चार राज्यों की दो दिवसीय यात्रा करेंगे और कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। अपने तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने से पहले प्रधानमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रमों के तहत विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे और कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मोदी 29 और 30 मई को सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। वह बृहस्पतिवार को ‘‘सिक्किम ऐट 50: जहां प्रगति उद्देश्य से मिलती है और प्रकृति विकास को बढ़ावा देती है'' कार्यक्रम से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे और सिक्किम में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे तथा उनका उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह जनसभा को संबोधित करेंगे। पश्चिम बंगाल में वह अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में नगर गैस वितरण परियोजना की आधारशिला रखेंगे और शाम को बिहार में पटना हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। वह शुक्रवार को बिहार के काराकाट में 48,520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में वह कानपुर नगर में करीब 20,900 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे तथा सार्वजनिक समारोह को संबोधित करेंगे। मोदी ने राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों का दौरा किया है तथा नौ जून को अपनी सरकार की वर्षगांठ से पहले वह और भी राज्यों का दौरा करेंगे। नौ जून को ही उन्होंने पिछले साल अपने तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली थी। विभिन्न राज्यों के दौरों में अपने भाषणों में उन्होंने विकास संदेश के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को सख्त संदेश भी दिया। चार राज्यों के उनके दौरे का जिक्र करते हुए बयान में कहा गया है कि सिक्किम सरकार ने ‘‘सुनाउलो, समृद्ध और समर्थ सिक्किम'' थीम के तहत एक साल तक गतिविधियों की एक लंबी श्रृंखला की योजना बनाई है, जिसमें सिक्किम की सांस्कृतिक समृद्ध, परंपरा, प्राकृतिक वैभव और इसके इतिहास का जश्न मनाया जाएगा। उनके द्वारा शुरू की जाने वाली परियोजनाओं में नामची में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना 500 बिस्तरों वाला नया जिला अस्पताल, सांगाचोलिंग में यात्री रोपवे और गंगटोक के सांगखोला में अटल अमृत उद्यान में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि अलीपुरद्वार और कूचबिहार में नगर गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना भारत में सीजीडी नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। कुल 1010 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य 2.5 लाख से अधिक घरों, 100 से अधिक वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को पाइप से प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराना है। इसके अलावा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कार्य कार्यक्रम (एमडब्ल्यूपी) लक्ष्यों के अनुरूप लगभग 19 सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) स्टेशन स्थापित करके वाहनों के लिए सीएनजी उपलब्ध कराना भी इस परियोजना का उद्देश्य है। बयान में कहा गया है कि इससे सुविधाजनक, विश्वसनीय, पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी ईंधन आपूर्ति होगी और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पटना हवाई अड्डे पर नया टर्मिनल करीब 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। नए टर्मिनल पर हर साल करीब एक करोड़ यात्रियों को सुविधा देने की क्षमता है। मोदी 1,410 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले बिहटा हवाई अड्डे के नए सिविल एन्क्लेव की आधारशिला भी रखेंगे। काराकाट में शुरू की जाने वाली परियोजनाओं में औरंगाबाद जिले में नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना, द्वितीय चरण (तीन गुणा 800 मेगावाट) शामिल है, जिसकी लागत 29,930 करोड़ रुपये से अधिक है। इसका उद्देश्य बिहार और पूर्वी भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बयान में कहा गया है कि इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में सस्ती बिजली उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री बक्सर और भरौली के बीच एक नए गंगा पुल के निर्माण के अलावा राज्य में विभिन्न सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। उत्तर प्रदेश में वह 2,120 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले, चुन्नीगंज मेट्रो स्टेशन से कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन खंड का उद्घाटन करेंगे। इसमें 14 स्टेशन शामिल होंगे, जिनमें पांच नए भूमिगत स्टेशन होंगे जो शहर के प्रमुख स्थलों और वाणिज्यिक केंद्रों को मेट्रो नेटवर्क में जोड़ेंगे। बयान में कहा गया है कि वह सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे और बिजली एवं सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। बयान के अनुसार, वह प्रधानमंत्री आयुष्मान वय वंदना योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और चेक वितरित करेंगे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के दाहोद में 9000 अश्व शक्ति (एचपी) वाले जिस इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था वह भारतीय रेलवे के लिए विकसित अब तक का सबसे शक्तिशाली एकल-इकाई वाला विद्युत इंजन है। रेल मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘अब तक, मालवाहक इंजन आमतौर पर 4500 या 6000 एचपी क्षमता पर संचालित होते थे। यद्यपि 12,000 एचपी इंजन मौजूद हैं लेकिन वह दो छह-छह हजार एचपी वाली इकाइयों को जोड़कर बनाए गए हैं।'' इसने कहा, ‘‘इसके विपरीत, दाहोद में निर्मित इंजन एक एकीकृत, उच्च शक्ति के साथ समाधान प्रदान करता है जो आसानी से काफी लंबी और भारी मालगाड़ियों को खींच सकता है।'' इसमें कहा गया है कि 9000 एचपी वाला इंजन भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक- माल ढुलाई वाले अति व्यस्त मार्ग, का समाधान प्रदान करता है। बयान में कहा गया, ‘‘भारी वजन खींचने के लिए कम इंजनों की आवश्यकता होने से रेल यातायात को सुगम किया जा सकता है, जिससे व्यस्त गलियारों पर दबाव कम हो सकता है।'' इसमें कहा गया, ‘‘इसके अलावा, कई छोटे इंजनों को एक उच्च क्षमता वाले इंजन से बदलने के कारण भारतीय रेलवे परिचालन लागत, श्रमबल की आवश्यकताओं और ऊर्जा खपत को कम कर सकता है। इससे अंतत: उद्योगों के लिए रसद लागत भी कम हो जाएगी। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पद्म पुरस्कार समारोह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस दृष्टिकोण को साकार करता है, जिसमें लोगों के नेतृत्व वाले सामाजिक परिवर्तनों को प्रोत्साहित करने के लिए उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है, जो चुपचाप सकारात्मक बदलाव लाए हैं। पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वालों के सम्मान में मंगलवार को रात्रिभोज का आयोजन करते हुए शाह ने यह भी कहा कि सम्मानित शख्सियतों की उपलब्धियां पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी। समारोह के बाद मंत्री ने कहा, ‘‘पद्म पुरस्कार समारोह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस दृष्टिकोण को साकार करता है, जिसके तहत चुपचाप सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करके जन-नेतृत्व वाले सामाजिक परिवर्तन को प्रोत्साहित किया जाता है।'' शाह ने पद्म पुरस्कार पाने वाली शख्सियतों को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘पद्म पुरस्कार 2025 से सम्मानित हस्तियों की मेजबानी करके मुझे खुशी हुई।'' गृह मंत्री ने सम्मान प्राप्त करने वाली हस्तियों से उनकी अनूठी जीवन यात्रा और समाज में उनके द्वारा लाए गए बदलावों के बारे में बात की और कहा कि यह एक अविस्मरणीय अनुभव था। उन्होंने कहा, ‘‘आज पद्म पुरस्कार से सम्मानित हस्तियों के लिए आयोजित रात्रिभोज में, (मुझे) विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी उन प्रतिष्ठित शख्सियतों से बातचीत करने का सौभाग्य मिला, जो अपने-अपने अनूठे तरीकों से हमारी दुनिया को बेहतर बना रहे हैं।'' भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर, भरतनाट्यम नृत्यांगना शोभना चंद्रकुमार, अभिनेता अनंत नाग और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की कुलपति सोनिया नित्यानंद उन 68 प्रतिष्ठित हस्तियों में शामिल हैं जिन्हें मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। पच्चीस जनवरी को 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 139 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को देश के नागरिक सम्मान पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के लिए नामित किया गया। राष्ट्रपति ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री मोदी और शाह सहित अन्य की मौजूदगी में राष्ट्रपति भवन में दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में 68 चयनित हस्तियों को पुरस्कार प्रदान किए। राष्ट्रपति मुर्मू ने 28 अप्रैल को पहले अलंकरण समारोह के दौरान 71 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) खेहर को सार्वजनिक मामलों के लिए देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया। कथक नृत्यांगना कुमुदिनी रजनीकांत लाखिया और प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा के लिए क्रमश: लाखिया के पोते और सिन्हा के बेटे ने पुरस्कार हासिल किए। राष्ट्रपति ने चंद्रकुमार, व्यवसायी नल्ली कुप्पुस्वामी चेट्टी, पुरातत्वविद् कैलाश नाथ दीक्षित, नर्तक जतिन गोस्वामी, अभिनेता अनंत नाग और साध्वी ऋतंभरा सहित नौ प्रसिद्ध हस्तियों को तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया। अर्थशास्त्री दिवंगत बिबेक देबरॉय और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा अध्यक्ष दिवंगत मनोहर जोशी के लिए सम्मान क्रमशः देबरॉय की पत्नी और जोशी के बेटे ने प्राप्त किए। ये सम्मान कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल और सिविल सेवा समेत विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में दिए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है, पद्म भूषण उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है तथा पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से उसने ‘‘गुमनाम नायकों'' को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करना शुरू किया है। इस साल, पद्म पुरस्कार 30 ‘‘गुमनाम नायकों'' को दिए गए। - -देश का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 3539.59 लाख टन हुआ- शिवराज सिंह-किसानों की अथक मेहनत, वैज्ञानिकों की कुशलता, सरकार की किसान हितैषी नीतियों-योजनाओं का सद्परिणाम-धान, गेहूं, मक्का, मूंगफली, सोयाबीन में उत्पादन ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़े- केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान-कृषि संबंधी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन से देश में खाद्यान्न भंडार भर गए- श्री शिवराज सिंह-कृषि एवं किसान कल्याण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार के केंद्र में रहा है- श्री शिवराज सिंहनई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2024-25 के तृतीय अग्रिम अनुमान जारी करते हुए बताया कि देश के खाद्यान्न में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है और खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 3539.59 लाख टन हो गया है। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि धान, गेहूं, मक्का, मूंगफली, सोयाबीन में उत्पादन ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हमारे किसान भाइयों-बहनों की अथक मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों की कुशलता और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की किसान हितैषी नीतियों-योजनाओं के सफल कार्यान्वयन व राज्य सरकारों के सहयोग से देश में खाद्यान्न के भंडार भर गए है।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कृषि एवं कल्याण का विचार प्रधानमंत्री श्री मोदी के केंद्र में रहा है। कृषि उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने पर प्रधानमंत्री जी का मुख्य ध्यान रहा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कई योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं। चाहे किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाना हो, पर ड्रॉप-मोर क्रॉप हो, मैकेनाइजेशन की योजना हो, सस्ती खाद हो या फर्टिलाइजर सब्सिडी, जो लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) जैसी योजना हो या अन्य, इन सबके सद्परिणाम हमारे सामने है। श्री चौहान ने कहा कि किसानों की उन्नति, खाद्यान्न उत्पादन में बढ़ोतरी के रूप में हम सकारात्मक परिणाम देख सकते हैं। श्री शिवराज सिंह ने कहा े कहािवराज सिंह चौहान नि चावन मकि उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना, ठीक दाम देना, नुकसान की भरपाई करना, कम ब्याज पर ऋण देना और अनेक योजनाओं के कारण आज देश के खाद्यान्न भंडार भरे हुए हैं। उत्पादन निरंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि दलहन व तिलहन के उत्पादन और बढ़ाना है, जिसके प्रयास किए जा रहे हैं।श्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रसन्नता की बात है कि 2024-25 के तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार देश ने अनुमानित 3539.59 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया है, जो 2023–24 के 3322.98 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन से 216.61 लाख मीट्रिक टन अधिक (6.5% की वृद्धि) है। श्री चौहान ने बताया कि कृषि वर्ष 2024–25 में धान, गेहूं, मक्का, मूंगफली, सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन प्राप्त हुआ है। खरीफ मौसम में बुवाई क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, साथ ही धान, मक्का, बाजरा, मूंग, सोयाबीन, गन्ना जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की उपज में भी वृद्धि दर्ज की गई है।श्री चौहान ने विभिन्न फसलों के उत्पादन का विवरण देते हुए बताया कि चावल उत्पादन 1490.74 लाख मीट्रिक टन (रिकॉर्ड), गेहूं 1175.07 लाख मीट्रिक टन (रिकार्ड), मक्का 422.81 लाख मीट्रिक टन (रिकार्ड), श्रीअन्न 180.15 लाख मीट्रिक टन, तूर 35.61 लाख मीट्रिक टन, चना 113.37 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है। तिलहन में 426.09 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है, जिसमें मूंगफली 118.96 लाख मीट्रिक टन (रिकार्ड), सोयाबीन 151.80 लाख मीट्रिक टन (रिकार्ड), रेपसीड-सरसों में 126.06 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि गन्ना 4501.16 लाख मीट्रिक टन, कपास 306.92 लाख गांठें (प्रत्येक गांठ 170 किलोग्राम), जूट 84.33 लाख गांठें (प्रत्येक गांठ 180 किलोग्राम) है। चावल उत्पादन 1490.74 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो 2023-24 के 1378.25 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की तुलना में112.49 लाख मीट्रिक टन अधिक है। गेहूं उत्पादन 1175.07 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो गत वर्ष के उत्पादन की तुलना में 42.15 लाख मीट्रिक टन अधिक है। श्रीअन्न उत्पादन 180.15 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो गत वर्ष से4.43 लाख मीट्रिक टन अधिक है। इसके अलावा, पोषक/मोटे अनाजों का उत्पादन 621.40 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो 2023-24 के उत्पादन से 52.04 लाख मीट्रिक टन अधिक है।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि दलहन उत्पादन 252.38 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो गत वर्ष के 242.46 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की तुलना में 9.92 लाख मीट्रिक टन ज्यादा है। मूंग उत्पादन 38.19 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष के 31.03 लाख मीट्रिक टन उत्पादन से 7.16 लाख मीट्रिक टन अधिक है। तूर उत्पादन 35.61 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष के 34.17 लाख मीट्रिक टन उत्पादन से 1.44 लाख मीट्रिक टन अधिक है। तिलहनों का कुल उत्पादन 426.09 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो गत वर्ष के 396.69 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की तुलना में 29.40 लाख मीट्रिक टन अधिक है। सोयाबीन उत्पादन 151.80 लाख मीट्रिक टन एवं मूंगफली का उत्पादन 118.96 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में क्रमश: 21.18 लाख मीट्रिक टन एवं 17.16 लाख मीट्रिक टन अधिक है। इसी तरह, गन्ने का उत्पादन 4501.16 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है।
- -केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने आज फिर मीडिया से कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की-किसानों की खेती से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान होगा - श्री शिवराज सिंह-दोतरफा होगा संवाद, किसानों से आमने-सामने बैठकर होगी बात - श्री शिवराज सिंह-खेत की आवश्यकता के अनुसार आगे के शोध का रास्ता तय होगा- श्री चौहान-केंद्रीय कृषि मंत्री ने सामूहिक स्वामित्व और समर्पण से अभियान से जुड़ने का आह्वान कियानई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री शिवराज सिंह चौहान कल ओडिशा के पुरी से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा शुरू की गई यह ऐतिहासिक पहल, वैज्ञानिक नवाचार और जमीनी स्तर पर भागीदारी के माध्यम से भारतीय कृषि को बदलने तथा देश के खाद्य भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। 15 दिवसीय अभियान के दौरान श्री चौहान लगभग 20 राज्यों की यात्रा करेंगे। इस मिशन को साकार करने में राज्य सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और सभी राज्यों से सामूहिक स्वामित्व और समर्पण के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाने की अपेक्षा जताई गई है।इस अभियान में दो-तरफा संचार दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, एक तरफ वैज्ञानिक किसानों के साथ अनुसंधान और तकनीकी जानकारी साझा करेंगे, वहीं दूसरी तरफ वे किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी जुटाएंगे। ये निष्कर्ष भविष्य के अनुसंधान प्रयासों को दिशा देने तथा व्यावहारिक, स्थान-विशिष्ट समाधान प्रदान करने में मदद करेंगे।’ बुधवार को मीडिया से एक बार फिर बातचीत के दौरान श्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि कल से एक व्यापक अभियान शुरू हो रहा है। ‘लैब टू लैंड’ को जोड़ने के लिए कल से हमारे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक अभियान पर निकलेंगे।श्री चौहान ने कहा कि 16 हजार वैज्ञानिकों की टीमें बनी हैं, जो गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करेंगी। 2170 टीमें बनी हैं जो संपर्क करेंगी।। एक दिन में एक टीम 2 गांवों में जाएंगी। यह अभियान 15 दिन तक चलेगा और किसानों के बीच बैठकर सीधा संवाद होगा। क्षेत्र की जलवायु, पानी, मिट्टी के पोषक तत्व व अन्य बातों का ध्यान रखते हुए उसके आधार पर कौन सी फसल बोनी चाहिए, कौन सी वैराइटी होनी चाहिए, खाद का कितना संतुलित उपयोग करना चाहिए,उसके साथ-साथ प्राकृतिक खेती और दलहन और तिलहन की खेती के संबंध में किसानों से चर्चा की जाएगी। वैज्ञानिक,किसानों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान सीधे संवाद के जरिए सुलझाएंगे। खेत की आवश्यकता के अनुसार आगे शोध की दिशा भी तय होगी।श्री चौहान ने एक बार फिर से सभी लोगों से इस अभियान से जुड़ने और देशव्यापी स्तर पर इसे कारगर व सफल बनाने का आह्वान किया।यह अभियान 29 मई से 12 जून, 2025 तक 700 से अधिक जिलों में आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में 731 केवीके, 113 आईसीएआर संस्थान, राज्य स्तरीय विभाग तथा कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन के अधिकारी तथा नवोन्मेषी किसान शामिल होंगे। इस अभियान के जरिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की दिशा में एक मजबूत अध्याय जोड़ने का प्रयास किया गया है।
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नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग में 28 से 30 मई तक पूर्वोतर राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई है I आईएमडी ने कहा कि अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोतर भारत में आंधी, बिजली के साथ व्यापक रूप से व्यापक हल्की/मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 29 मई से 1 जून के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, अगले 7 दिनों के दौरान असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 और 30 तारीख को असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
इसके अलावा, 29 को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में, 30 मई को अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।आईएमडी ने कहा कि ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर एक अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र है। इसके धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से पर एक डिप्रेशन में केंद्रित होने की संभावना है। अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिमी तट (केरल, कर्नाटक, तटीय महाराष्ट्र और गोवा) पर भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है, 28-30 तारीख के दौरान केरल में अत्यधिक भारी वर्षा, 28 और 29 मई को कर्नाटक के तटीय और घाट क्षेत्रों में और 29 और 30 मई, 2025 को तमिलनाडु के घाट क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 28 से 30 मई तक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, म्यांमार के तटों के साथ-साथ और उसके आसपास न जाएं। साथ ही मछुआरों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे 28 से 30 मई तक अंडमान सागर में न जाएं।इसके अलावा, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ, 29 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में गरज और तेज़ हवा के साथ बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है।वहीं, 28 और 29 तारीख को विदर्भ में, 28-30 तारीख के दौरान छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, 29-31 तारीख के दौरान बिहार में भारी वर्षा की संभावना है, 28 मई को विदर्भ, छत्तीसगढ़, 28 और 29 मई को ओडिशा और 30 मई को बिहार में बहुत भारी वर्षा की संभावना है। 28 मई से 1 जून के दौरान उत्तराखंड में भी छिटपुट भारी वर्षा की संभावना है। - नई दिल्ली। भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के 148वें कोर्स की पासिंग आउट परेड में पहली बार 17 महिला कैडेट्स 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स के साथ परेड ग्राउंड पर कदम से कदम मिलाकर मार्च करेंगी। त्रिसेवा प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षित महिला कैडेट्स नौसेना और वायुसेना की सेवा में शामिल होंगी। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद वर्ष 2021 में महिलाओं को एनडीए में प्रवेश की अनुमति दी गई थी और अब उसका परिणाम सशक्त रूप में सामने आ रहा है। यह परेड नए भारत की सोच और महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट प्रमाण भी है।बराबरी की ओर एक बड़ा कदमइस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव अगस्त 2021 में पड़ी, जब सुप्रीम कोर्ट ने एक साहसी और दूरदर्शी फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि महिलाओं को भी एनडीए और नौसेना अकादमी की प्रवेश परीक्षाओं में सम्मिलित होने की अनुमति दी जाए। यह निर्णय एक याचिका के बाद लिया गया था जिसमें पात्र महिलाओं को भी समान अवसर देने की मांग की गई थी। यह केवल एक कानूनी फैसला नहीं था, बल्कि भारतीय सेना में लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम था।नया भारत, नई सोचआज भारत की सेना में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ बढ़ ही नहीं रही बल्कि एक प्रेरणा बन रही है। नए भारत में महिला अधिकारी अब फ्रंटलाइन ऑपरेशन्स में भाग ले रही हैं और लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं। एनडीए से ग्रेजुएट हो रही ये 17 कैडेट्स भी आने वाले वर्षों में उस बदलाव का नेतृत्व करेंगी जो भारतीय सेना को और समावेशी और आधुनिक बनाएगा।हर मोर्चे पर महिला सशक्तिकरणहाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह संदेश दिया कि भारतीय नारी सम्मान और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर सक्रिय है। एक तरफ सिंदूर उजाड़ने वालों को सजा दी गई तो कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाकर भारत की मातृशक्ति का अहसास कराया। यह केवल सैन्य ताकत नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और नारी गरिमा का भी प्रतीक है। भारतीय सेना का यह नया स्वरूप एक ओर मातृशक्ति के सम्मान को दर्शाता है तो दूसरी ओर यह भी बताता है कि महिला अधिकारी अब निर्णायक भूमिकाओं में भी पीछे नहीं हैं।मोदी सरकार ने ऐसे बदली तस्वीरइस बदलाव के पीछे कहीं न कहीं बीते एक दशक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में चलाई गईं कई क्रांतिकारी योजनाओं की सोच भी है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘जननी सुरक्षा योजना’ जैसी पहलों ने भी महिला स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखा। एनडीए में महिलाओं की एंट्री एक ऐसे दृष्टिकोण का एक हिस्सा है जिसके मुताबिक भारत में महिलाओं को केवल पूजा नहीं जाता बल्कि उन्हें नेतृत्व देने और निर्णय लेने के अवसर भी दिए जाते हैं।भारतीय परंपरा और आधुनिक सोच का संगमभारत एक ऐसा देश है जहां नारी को सदा से ‘शक्ति’ का रूप माना गया है। यहां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती जैसे देवी स्वरूपों की पूजा होती है। नए भारत में पूजन केवल प्रतीकात्मक नहीं रह गया है बल्कि इसका साक्षात रूप देश की सेनाओं, वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं, न्यायालयों और संसद में दिख रहा है।नारी शक्ति का नया स्वरूपऐसे में एनडीए की इन पहली महिला कैडेट्स का पासआउट होना एक युगांतकारी घटना है। यह निर्णय, यह दृश्य और यह सफलता तीनों ही नए भारत के निर्माण की कहानी कहते हैं। एक ऐसा भारत जो नारी को केवल आराधना का विषय नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का भागीदार भी मानता है। ये 17 महिला कैडेट्स ना केवल अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा हैं बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी तय करेंगी।
- नई दिल्ली। कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को 2025–26 विपणन सत्र के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी। जिन फसलों में MSP में सबसे अधिक वृद्धि हुई, उनमें नाइजर सीड (रामतिल) को ₹820 प्रति क्विंटल की सबसे बड़ी वृद्धि मिली, इसके बाद रागी में ₹596 प्रति क्विंटल, कपास में ₹589 प्रति क्विंटल और तिल (सेसम) में ₹579 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। मुख्य खाद्यान्न धान के लिए MSP ₹69 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।दालों की श्रेणी में, तूर (अरहर) का MSP ₹450, मूंग का ₹86 और उड़द का ₹400 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया हैदालों की श्रेणी में, तूर (अरहर) का MSP ₹450, मूंग का ₹86 और उड़द का ₹400 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। तिलहनों में, मूंगफली, सूरजमुखी बीज और सोयाबीन के समर्थन मूल्य क्रमशः ₹480, ₹441 और ₹436 बढ़ाए गए हैं। इस कदम से किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति में मदद मिलने और आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।यह वृद्धि 2018-19 के केंद्रीय बजट की उस घोषणा के अनुरूप है जिसमें MSP को देशव्यापी औसत उत्पादन लागत का न्यूनतम 1.5 गुना निर्धारित करने की बात कही गई थीयह वृद्धि 2018-19 के केंद्रीय बजट की उस घोषणा के अनुरूप है जिसमें MSP को देशव्यापी औसत उत्पादन लागत का न्यूनतम 1.5 गुना निर्धारित करने की बात कही गई थी। सरकार के अनुसार, किसानों को उनकी लागत पर सबसे अधिक लाभांश बाजरे में 63 प्रतिशत अनुमानित है, इसके बाद मक्का और तूर में 59 प्रतिशत, और उड़द में 53 प्रतिशत। बाकी फसलों के लिए लाभांश कम से कम 50 प्रतिशत होने का अनुमान है।सरकार ने कहा है कि हाल के वर्षों में उसने दालों, तिलहनों और पोषक-अनाजों, जिन्हें श्री अन्न भी कहा जाता है, की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए तुलनात्मक रूप से अधिक MSP प्रदान किए हैं। इसका उद्देश्य न केवल किसानों की आय बढ़ाना है, बल्कि पोषण सुरक्षा और फसल विविधता को भी बढ़ावा देना है।सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़े पिछले एक दशक में किसानों के लिए खरीद और वित्तीय सहायता में महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाते हैंसरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़े पिछले एक दशक में किसानों के लिए खरीद और वित्तीय सहायता में महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाते हैं। 2014-15 से 2024-25 के दौरान धान की खरीद 7,608 लाख मीट्रिक टन (LMT) रही, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 4,590 LMT थी। सभी 14 खरीफ फसलों के लिए कुल खरीद इसी अवधि में 7,871 LMT रही, जो पिछले दशक के 4,679 LMT से कहीं अधिक है।पिछले एक दशक में धान किसानों को MSP के तहत ₹14.16 लाख करोड़ का भुगतान किया गया हैपिछले एक दशक में धान किसानों को MSP के तहत ₹14.16 लाख करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि 2004-05 से 2013-14 के बीच यह ₹4.44 लाख करोड़ था। इसी तरह, सभी 14 खरीफ फसलों के लिए कुल MSP भुगतान ₹16.35 लाख करोड़ रहा, जो पहले की अवधि के ₹4.75 लाख करोड़ की तुलना में तीव्र वृद्धि है। भारत तीन-मौसमी फसल चक्र का पालन करता है: खरीफ फसलें, जो मानसून पर निर्भर होती हैं, जून-जुलाई में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती हैं; रबी फसलें मानसून के बाद अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती हैं और जनवरी से कटाई शुरू होती है; और गर्मी की फसलें रबी और खरीफ के बीच की अवधि में उगाई जाती हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित ब्याज छूट योजना (एमआईएसएस) के अंतर्गत ब्याज छूट (आईएस) घटक को जारी रखने और आवश्यक निधि व्यवस्था को मंजूरी दी है। कैबिनेट के इस निर्णय से पता चलता है कि किसानों की आय को दोगुना करने, ग्रामीण ऋण इको-सिस्टम को मजबूत करने और समय पर और सस्ती ऋण पहुंच के माध्यम से कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, संशोधित ब्याज छूट योजना (एमआईएसएस) केंद्रीय क्षेत्र की एक योजना है, जिसका उद्देश्य किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को सस्ती ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।संशोधित ब्याज छूट योजना के अंतर्गत-• किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक के अल्पकालिक ऋण मिले, जिसमें ऋण देने वाली पात्र संस्थाओं को 1.5 प्रतिशत ब्याज छूट प्रदान की गई।• इसके अतिरिक्त, समय पर ऋण चुकाने वाले किसान शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) के रूप में 3 प्रतिशत तक के प्रोत्साहन के पात्र हैं, जिससे किसान क्रेडिट कार्ड ऋणों पर उनकी ब्याज दर प्रभावी रूप से 4 प्रतिशत हो जाती है।• केवल पशुपालन या मत्स्य पालन हेतु लिए गए ऋणों पर ब्याज लाभ 2 लाख रुपये तक लागू है।वहीं, इस योजना की संरचना या अन्य घटकों में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है। आपको बता दें, देश में 7.75 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड खाते हैं। इस सहायता को जारी रखना कृषि के लिए संस्थागत ऋण के प्रवाह को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, जो उत्पादकता बढ़ाने और छोटे और सीमांत किसानों के लिए वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।कृषि ऋण की मुख्य विशेषताएं• किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से संस्थागत ऋण संवितरण वर्ष 2014 में 4.26 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर दिसंबर 2024 तक 10.05 लाख करोड़ रुपये हो गया।• समग्र कृषि ऋण प्रवाह भी वित्त वर्ष 2013-14 में 7.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 25.49 लाख करोड़ रुपये हो गया।• अगस्त 2023 में किसान ऋण पोर्टल (केआरपी) के शुभारंभ जैसे डिजिटल सुधारों ने दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाया है।इसके अलावा, वर्तमान ऋण लागत प्रवृत्तियों, औसत एमसीएलआर ( वह न्यूनतम ब्याज दर है जो बैंकों को अपनी उधार देने की दर के रूप में तय करनी होती है) और रेपो दर बदलाव को देखते हुए, ग्रामीण और सहकारी बैंकों को सहयोग देने और किसानों के लिए कम लागत वाले ऋण तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ब्याज छूट दर को 1.5 प्रतिशत पर बनाए रखना आवश्यक है। - नई दिल्ली। भारतीय रेल की लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को भारतीय रेल में दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, ताकि यात्रियों और वस्तुओं का निर्बाध एवं तेज परिवहन सुनिश्चित किया जा सके। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 3,399 करोड़ रुपए है और इन्हें 2029-30 तक पूरा किया जाएगा।परियोजनाओं के दौरान लगभग 74 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इन परियोजनाओं में शामिल हैं-1- रतलाम-नागदा तीसरी और चौथी लाइन2. वर्धा-बल्हारशाह चौथी लाइनआपको बता दें, ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं, जो एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हुई हैं। ये यात्रियों, वस्तुओं और सेवाओं के लिए निर्बाध संपर्क प्रदान करेंगी। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के चार जिलों को समाहित करने वाली ये दो परियोजनाएं भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 176 किलोमीटर तक विस्तारित करेंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लगभग 784 गांवों तक संपर्क सुविधा बढ़ाएंगी, जिनकी आबादी लगभग 19.74 लाख है।ये कोयला, सीमेंट, क्लिंकर, जिप्सम, फ्लाई ऐश, कंटेनर, कृषि वस्तुओं और पेट्रोलियम उत्पादों जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 18.40 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन का साधन है, जो जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक लागत, तेल आयात (20 करोड़ लीटर) को कम करने और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (99 करोड़ किलोग्राम) में कमी करने में मदद करेगा, जो 4 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।सरकार की यह पहल यात्रा सुविधा में सुधार करेगी, लॉजिस्टिक लागत, तेल आयात और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में योगदान देगी, जिससे टिकाऊ और कुशल रेल संचालन को मजबूती मिलेगी। परियोजनाएं कंटेनर, कोयला, सीमेंट, कृषि वस्तुओं और अन्य सामानों के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्गों पर लाइन क्षमता को बढ़ाकर लॉजिस्टिक दक्षता को भी बढ़ाएँगी। इन सुधारों से आपूर्ति श्रृंखलाओं के बेहतर उपयोग की आशा है, जिससे आर्थिक विकास में तेजी आएगी।वहीं, बढ़ी हुई लाइन क्षमता से गतिशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल के लिए परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान किसानों को ऋण के लिए संशोधित ब्याज छूट योजना (एमआईएसएस) के तहत छूट को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, आवश्यक निधि व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई।
‘एमआईएसएस’ एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका उद्देश्य किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को सस्ती ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना है‘एमआईएसएस’ एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका उद्देश्य किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को सस्ती ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 3 लाख रुपए तक के अल्पकालिक ऋण 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर मिलते हैं, जिसमें पात्र ऋण देने वाली संस्थाओं को 1.5 प्रतिशत ब्याज छूट प्रदान की जाती है।पशुपालन या मत्स्य पालन के लिए दिए गए ऋणों पर ब्याज लाभ 2 लाख रुपए तक लागू हैइसके अलावा, ऋण का समय पर भुगतान करने वाले किसान शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) के रूप में 3 प्रतिशत तक के प्रोत्साहन के पात्र होते हैं, जिससे केसीसी ऋणों पर उनकी ब्याज दर प्रभावी रूप से 4 प्रतिशत हो जाती है।केवल पशुपालन या मत्स्य पालन के लिए दिए गए ऋणों पर ब्याज लाभ 2 लाख रुपए तक लागू है।कृषि में संस्थागत ऋण के प्रवाह को बनाए रखने के लिए इस समर्थन को जारी रखना महत्वपूर्ण हैएक आधिकारिक बयान के अनुसार, योजना की संरचना या अन्य घटकों में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है। देश में 7.75 करोड़ से अधिक केसीसी खाते हैं। कृषि में संस्थागत ऋण के प्रवाह को बनाए रखने के लिए इस समर्थन को जारी रखना महत्वपूर्ण है, जो उत्पादकता बढ़ाने और छोटे और सीमांत किसानों के लिए वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।केसीसी के माध्यम से संस्थागत ऋण वितरण 2014 में 4.26 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर दिसंबर 2024 तक 10.05 लाख करोड़ रुपए हो गया हैकेसीसी के माध्यम से संस्थागत ऋण वितरण 2014 में 4.26 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर दिसंबर 2024 तक 10.05 लाख करोड़ रुपए हो गया है। बयान में कहा गया है कि कुल कृषि ऋण प्रवाह भी वित्त वर्ष 2013-14 में 7.3 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 25.49 लाख करोड़ रुपए हो गया है। अगस्त 2023 में किसान ऋण पोर्टल के शुभारंभ जैसे डिजिटल सुधारों ने क्लेम प्रोसेसिंग में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाया है।मंत्रिमंडल का निर्णय ग्रामीण क्रेडिट इकोसिस्टम को मजबूत करने और समय पर किफायती ऋण पहुंच के माध्यम से कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को पुष्ट करता हैआधिकारिक बयान में कहा गया है कि मौजूदा ऋण लागत प्रवृत्तियों, औसत एमसीएलआर और रेपो दर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए, ग्रामीण और सहकारी बैंकों को समर्थन देने और किसानों के लिए कम लागत वाले ऋण तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ब्याज छूट दर को 1.5 प्रतिशत पर बनाए रखना आवश्यक है। बयान में कहा गया है, “मंत्रिमंडल का निर्णय किसानों की आय को दोगुना करने, ग्रामीण क्रेडिट इकोसिस्टम को मजबूत करने और समय पर किफायती ऋण पहुंच के माध्यम से कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।” -
नई दिल्ली। विनायक दामोदर सावरकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “भारत माता का सच्चा सपूत” कहा। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में वीर सावरकर के योगदान की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र उनके अदम्य साहस और संघर्ष को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि देश के लिए सावरकर का बलिदान और समर्पण विकसित भारत के निर्माण में पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।
पीएम मोदी ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा पोस्टपीएम मोदी ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत माता के सच्चे सपूत वीर सावरकर जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की कठोर से कठोर यातनाएं भी मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण भाव को डिगा नहीं पाईं। आजादी के आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता। देश के लिए उनका त्याग और समर्पण विकसित भारत के निर्माण में भी पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इन शब्दों के साथ अर्पित की श्रद्धांजलिपीएम मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी वीर सावरकर की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने ‘एक्स’ पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि वीर सावरकर ने अपना पूरा जीवन भारतीय समाज को “अस्पृश्यता के अभिशाप से मुक्त करने और इसे एकता के मजबूत सूत्र में बांधने” के लिए समर्पित कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए साहस और संयम की पराकाष्ठा को पार करने वाले स्वातंत्र्यवीर सावरकर जी ने राष्ट्रहित को अखिल भारतीय चेतना बनाने में अविस्मरणीय योगदान दिया। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को अपनी लेखनी से ऐतिहासिक बनाने वाले सावरकर जी को अंग्रेजों की कठोर यातनाएं भी डिगा नहीं सकीं। उनकी जयंती पर, कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से, हम वीर सावरकर जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय समाज को अस्पृश्यता के अभिशाप से मुक्त करने और इसे एकता के मजबूत सूत्र में बांधने के लिए समर्पित कर दिया।” नासिक में जन्मे थे विनायक दामोदर सावरकरविनायक दामोदर सावरकर, जिन्हें वीर सावरकर के नाम से जाना जाता है, का जन्म 28 मई, 1883 को नासिक में हुआ था। सावरकर एक स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, वकील और लेखक थे और उन्हें ‘हिंदुत्व’ शब्द गढ़ने के लिए जाना जाता था। सावरकर ‘हिंदू महासभा’ के एक प्रमुख व्यक्ति भी थे।हाई स्कूल के छात्र रहते हुए ही स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना शुरू कर दिया थासावरकर ने हाई स्कूल के छात्र रहते हुए ही स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना शुरू कर दिया था और पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज में पढ़ते हुए भी उन्होंने ऐसा करना जारी रखा। वे राष्ट्रवादी नेता लोकमान्य तिलक से बहुत प्रभावित थे। यूनाइटेड किंगडम में कानून की पढ़ाई के दौरान वे इंडिया हाउस और फ्री इंडिया सोसाइटी जैसे समूहों के साथ सक्रिय हो गए। उन्होंने ऐसी किताबें भी प्रकाशित कीं, जो पूर्ण भारतीय स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए क्रांतिकारी तरीकों को बढ़ावा देती थीं। ब्रिटिश औपनिवेशिक अधिकारियों ने उनकी एक रचना ‘द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस’ को गैरकानूनी घोषित कर दिया, जो 1857 के ‘सिपाही विद्रोह’ या प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बारे में थी।इतिहास में दर्ज हैं उनके किस्सेवीर सावरकर पहले ऐसे पहले देशभक्त हैं, जिन्होंने एडवर्ड सप्तम के राज्याभिषेक समारोह का उत्सव मनाने वालों को त्र्यम्बेकश्वर में बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर कहा था कि गुलामी का उत्सव मत मनाओ। यह भी इतिहास में दर्ज है कि विदेशी वस्त्रों की पहली होली पुणे में 07 अक्टूबर, 1905 को वीर सावरकर ने जलाई थी। इसीलिए अगर स्व के आलोक में तप, त्याग और तितिक्षा जैसे गौरवशाली भारतीय मूल्यों को मिट्टी में गूंथकर यदि एक हिंदुत्व की मूर्ति गढ़ी जाए, तो उस मूर्ति का नाम होगा वीर विनायक दामोदर सावरकर होगा। वीर सावरकर वही क्रांतिवीर हैं जिन्हें ब्रितानी हुकूमत ने क्रांति के अपराध में काला-पानी का दंड देकर 50 वर्ष के लिए अंडमान की सेलुलर जेल डाल दिया था। ( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केन्द्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लिखा गया एक लेख साझा किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र 2047 तक देश के ‘विकसित भारत’ सपने के अनुरूप 30 ट्रिलियन डॉलर विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक्स पर कहा, “पूर्वोत्तर भारत अब सीमांत क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि अग्रणी क्षेत्र बन गया है।” दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया, “केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने व्यापार, कनेक्टिविटी के लिए रणनीतिक केंद्र के रूप में इस क्षेत्र के उदय और विकसित भारत के लिए देश के 30 ट्रिलियन डॉलर के विजन पर एक विस्तृत लेख लिखा है। इस लेख पर एक नजर डालें।”इससे पहले, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की कुंजी है।”उन्होंने आगे कहा, “मेरा आर्टिकल यह बताता है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र किस तरह दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत के रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में बदल रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र व्यापार, कनेक्टिविटी और विकसित भारत के प्रति हमारी 30 ट्रिलियन डॉलर की महत्वाकांक्षा को बढ़ावा दे रहा है।”हाल ही में हुए ‘राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट 2025’ में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र वैश्विक साझेदारी और आपसी हितों के केंद्र के रूप में उभरा है।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में 4.3 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) के लिए भारत की अगली आर्थिक महाशक्ति बनने का मंच तैयार हो गया।उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, “हम बी2जी और बी2बी संवाद जारी रखेंगे, जहां पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय निवेशकों और राज्य सरकारों के बीच एक सेतु का काम करेगा और सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक स्वीकृत परियोजना तेजी से वास्तविकता में तब्दील हो।”जापान से लेकर यूरोप और आसियान देशों तक – 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने समिट में भाग लिया।प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया है कि पूर्वोत्तर अब विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष स्तर की प्रतिभा प्रदान करता है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। -
नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सामान्य से अधिक बारिश होने के पूर्वानुमान से कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग में जोरदार वृद्धि होने की उम्मीद है, जबकि मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी। यह जानकारी क्रिसिल द्वारा बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमानआईएमडी ने दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान लगाया है। रिपोर्ट में कहा गया है, “सामान्य से अधिक मानसून के लगातार दूसरे वर्ष का पूर्वानुमान सच होता है तो स्वस्थ कृषि उत्पादन, ग्रामीण मांग को मजबूत करने और खाद्य कीमतों पर नियंत्रण रखने के अर्थव्यवस्था के एक और वर्ष की उम्मीद की जा सकती है।”वित्त वर्ष 2025 की मार्च तिमाही में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति में भारी गिरावटवित्त वर्ष 2025 में, कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 4.6 प्रतिशत बढ़ा, जो वित्त वर्ष 2015-24 के औसत 4.0 प्रतिशत से अधिक है। इसी तरह, वित्त वर्ष 2025 की मार्च तिमाही में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (सीपीआई) में भारी गिरावट आई, क्योंकि खाद्य आपूर्ति में सुधार हुआ, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति कम हुई।संतुलित कृषि विकास के लिए वर्षा का एक स्वस्थ अस्थायी और क्षेत्रीय वितरण आवश्यकमुद्रास्फीति पर सकारात्मक संकेत अप्रैल में भी जारी रहे, जब सीपीआई मुद्रास्फीति गिरकर 3.2 प्रतिशत पर आ गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर बारिश पूर्वानुमान के अनुरूप होती है, तो ये सकारात्मक रुझान जारी रहने की संभावना है। संतुलित कृषि विकास के लिए वर्षा का एक स्वस्थ अस्थायी और क्षेत्रीय वितरण आवश्यक है।जून में पूरे देश में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावनाआईएमडी के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि जून में पूरे देश में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पिछले तीन सत्रों के रुझान को बदल देगा, जिसमें जून में सामान्य से कम बारिश हुई थी, और यह बुवाई गतिविधि और जल संसाधनों की पुनःपूर्ति के लिए अच्छा संकेत है। आईएमडी ने कहा कि मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, और उत्तर-पश्चिम भारत में समग्र मानसून सीजन के लिए सामान्य है। केवल पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।बेमौसम बारिश, हीटवेव, चक्रवात और बाढ़ पर भी कड़ी निगरानी की जरूरतहालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान और उसके बाद होने वाली प्रतिकूल जलवायु घटनाओं, जैसे कि अत्यधिक, कम या बेमौसम बारिश, हीटवेव, चक्रवात और बाढ़ पर भी कड़ी निगरानी की जरूरत है। उदाहरण के लिए, वित्त वर्ष 2025 में, पर्याप्त वर्षा से खाद्यान्न उत्पादन और मुद्रास्फीति को लाभ हुआ, लेकिन मौसम की अनिश्चितताओं के कारण अधिक संवेदनशील सब्जी उत्पादन को नुकसान हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 में खाद्य मुद्रास्फीति का लगभग 41 प्रतिशत हिस्सा हीटवेव और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश जैसे प्रतिकूल मौसम घटनाओं से प्रेरित सब्जियों की कीमतों में वृद्धि से उपजा है। -
बेंगलुरु/ भारतीय मूल की गायिका-गीतकार और रैपर राजा कुमारी को मंगलवार को अमेरिकन म्यूजिक अवॉर्ड (एएमए) से सम्मानित किया गया। उन्हें सोमवार रात लॉस एंजिल्स में आयोजित 51वें एएमए में ‘आर्केन लीग ऑफ लीजेंड्स: सीजन 2' के लिए नामांकित किया गया था। इससे पहले ‘पीटीआई-भाषा' को दिए गए एक साक्षात्कार में कुमारी ने कहा था कि वह एएमए के लिए नामांकित होने वाली भारतीय मूल की पहली संगीतकार हैं। कुमारी, ब्रिटेन की हिप-हॉप कलाकार स्टेफलॉन डॉन और डोमिनिकन-ब्राजीलियन कलाकार जरीना डी मार्को के सहयोग से बनी ‘आर्केन लीग ऑफ लीजेंड्स' सीरीज के गीत 'रेनेगेड (वी नेवर रन)' को पसंदीदा साउंडट्रैक श्रेणी के तहत नामित किया गया था। कुमारी ने बताया कि यह गाना उनके लिए वाकई खास है।
कुमारी ने कहा, स्टेफलॉन (डॉन) और मैं सिद्धू (मूसे वाला) से काफी हद तक जुड़े हुए हैं। सिद्धू के साथ उनका भी एक गाना है। मैं सिद्धू से उस समय मिली थी जब हम साथ काम कर रहे थे, तो उन्होंने मुझे यह गाना सुनाया था। इसलिए, मेरे दिल में हमेशा उनके लिए एक खास जगह रही है क्योंकि हम दोनों ही एक तरह से सौम्य व्यक्तित्व वाले हैं।'' रैपर ने कहा कि उन्हें इस गाने के लिए इसलिए संपर्क किया गया क्योंकि फिल्म में उनका किरदार भारतीय है। कुमारी ने कहा, ‘‘उन्होंने (आर्केन टीम) मेरे बारे में सुना था कि मैं हमारी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हूं और एक महिला के रूप में इस तरह का संगीत बनाने में सक्षम हूं।'' कुमारी ने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि यह गाना इतना बड़ा हिट होगा। कुमारी ने कहा, ‘‘यह गाना स्पॉटिफाई पर 'वायरल 50' चार्ट पर दुनिया के शीर्ष 10 में पहुंच गया। यह कुछ ऐसा था जो अचानक से हुआ। मैंने बस एक फिल्म के लिए एक गाना किया था। मुझे इससे बहुत उम्मीदें नहीं थीं। इसने लोगों को वास्तव में प्रभावित किया।'' रैपर ने कहा कि एएमए नामांकन ऐसे समय में मिला जब वह यह मानने लगी थी कि शायद बड़ा बनने के लिए किसी एक शैली पर ही ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा से एक वैश्विक कलाकार रही हूं, इसलिए एएमए पुरस्कार एक शानदार मौका है। मुझे अभी बहुत काम करना बाकी है।

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