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जौनपुर/ जौनपुर के सिकरारा क्षेत्र में बोधापुर गांव के पास मंगलवार शाम जीप की टक्कर से बेकाबू हुई एक मोटरसाइकिल के ऑटो रिक्शा से जा टकराने से उस पर सवार दादा-पोती की मौके पर मौत हो गई तथा दो अन्य लोग जख्मी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अतीश कुमार सिंह ने बताया कि बोधापुर गांव निवासी परमानन्द मिश्र (60) मोटरसाइकिल से अपनी पोतियों महक (13) और परी (आठ) को लेकर बाजार से लौट रहे थे, तभी घर के पास मोड़ पर एक तेज रफ्तार जीप ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जिससे उनका वाहन अनियंत्रित होकर एक ऑटो रिक्शा से जा टकराया। सिंह ने बताया कि इस घटना में परमानन्द और उनकी बड़ी पोती महक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी छोटी पोती परी एवं ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। अपर पुलिस अधीक्षक स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया तथा परी को गम्भीर स्थिति के मद्देनजर उसे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाये गये हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को आज मंगलवार को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा,” हमारे पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि।”
14 नवम्बर, 1889 को इलाहाबाद में जन्मे थे पंडित नेहरूपीएम इंडिया वेबसाइट के अनुसार, 14 नवम्बर, 1889 को इलाहाबाद में जन्मे पंडित नेहरू ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया। उन्होंने उच्च शिक्षा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से हासिल की। 1912 में भारत लौटने के बाद वे सीधे राजनीति से जुड़ गए।1916 में उनकी महात्मा गांधी से हुई थी मुलाकात1916 में उनकी महात्मा गांधी से मुलाकात हुई। पंडित नेहरू सितंबर 1923 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव बने। 1928 में लखनऊ में साइमन कमीशन के खिलाफ एक जुलूस का नेतृत्व किया। इसी साल भारतीय स्वतंत्रता लीग की स्थापना की।आजादी के बाद पंडित नेहरू बने देश के पहले प्रधानमंत्रीआजादी के बाद वह देश के पहले प्रधानमंत्री बने। नेहरू के लिए 1964 का साल अच्छा नहीं रहा। जनवरी में भुवनेश्वर में उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके बाद उनकी सेहत लगातार गिरती गई। इस वजह से उनका ज्यादातर कामकाज लाल बहादुर शास्त्री को देखना पड़ा। इसी साल 27 मई को उनका निधन हो गया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को “शहरी विकास वर्ष 2005” के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित एक समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने शहरी विकास, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति से संबंधित कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
पीएम मोदी ने इन विकास कार्यों का किया शिलान्यास और लोकार्पणप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहरी विकास विभाग, सड़क एवं भवन विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा राजस्व विभाग के लिए 5,536 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इनमें शहरी विकास विभाग अंतर्गत 1447 करोड़ रुपये के जामनगर, सूरत, अहमदाबाद, गांधीनगर तथा जूनागढ शहर के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया।अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट फेज-3 का शिलान्यासप्रधानमंत्री ने 1347 करोड़ रुपये के शहरी विकास कार्य और अहमदाबाद में 1000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले साबरमती रिवरफ्रंट फेज-3 का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 1006 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 22 हजार से अधिक आवासीय इकाइयों का लोकार्पण भी किया।शहरी स्थानीय निकायों को 3,300 करोड़ रुपये की धनराशि की जारीसाथ ही प्रधानमंत्री ने स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत गुजरात में शहरी स्थानीय निकायों को 3,300 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी किया।अहमदाबाद में ओपीडी के साथ 1800 बेड वाले आईपीडी का किया शिलान्यासइसके अलावा सड़क एवं भवन विभाग के 170 करोड़ रुपये, जल संसाधन विभाग के 1860 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।गांधीनगर में यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर का लोकार्पणगांधीनगर में यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर का लोकार्पण किया गया। अहमदाबाद में 588 करोड़ रुपये की लागत से ओपीडी के साथ 1800 बेड वाले आईपीडी का शिलान्यास किया गया।अहमदाबाद में ओपीडी के साथ 1800 बेड वाले आईपीडी का शिलान्यासइस अस्पताल में संक्रामक रोग के लिए 500 बेड की सुविधा होगी। प्रधानमंत्री ने स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना अंतर्गत 17 महानगर पालिकाओं को 2731 करोड़ रुपये तथा 149 नगर पालिकाओं को 569 करोड़ रुपये के चेक वितरण भी किया गया।बायोडाइवर्सिटी पार्क, स्कूल, ड्रेनेज लाइन और अस्पताल प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटनइस मौके पर प्रधानमंत्री ने सूरत महानगर पालिका के 232 करोड़ रुपये की लागत से तैयार चार जनकल्याणकारी परियोजनाओं – बायोडाइवर्सिटी पार्क, स्कूल, ड्रेनेज लाइन और अस्पताल प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन कार्यक्रम स्थल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। सूरत की कांकरा खाड़ी के पास विकसित 145 करोड़ रुपये के ‘वाइल्ड वैली बायोडाइवर्सिटी पार्क’ सूरत को उसके पर्यावरण-प्रेमी स्वरूप में एक विशिष्ट पहचान देगा। सूरत अब केवल उद्योग शहर नहीं बल्कि एक ईको-फ्रेंडली शहर के रूप में भी उभर रहा है।इस कार्यक्रम में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, केन्द्रीय शहरी आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल समेत अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने गांधीनगर से शहरी विकास वर्ष 2025, गुजरात की शहरी विकास योजना और राज्य स्वच्छ वायु कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दरअसल, नरेन्द्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात में “शहरी विकास वर्ष 2005” की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य योजनाबद्ध बुनियादी ढांचे, बेहतर शासन और शहरी निवासियों के लिए बेहतर जीवन स्तर के माध्यम से गुजरात के शहरी परिदृश्य का कायाकल्प करना था। आज इस पहल के 20 वर्ष पूरे होने पर एक समारोह आयोजित किया गया था। -
नई दिल्ली। गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा पर बात की। उन्होंने विरोधियों को कठघरे में खड़ा करते हुए विशाल जनसमूह को उस दबाव के बारे में बताया जिससे ढेर सारी उम्मीदें जुड़ी हैं।
इतने कम समय में हम 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बनेप्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “कल (सोमवार) 26 मई थी और 2014 में 26 मई को मुझे पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने का अवसर मिला। उस समय, भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी। हमने कोरोना से लड़ाई लड़ी, पड़ोसियों से भी मुसीबतें झेलीं, प्राकृतिक आपदा भी झेली, इसके बावजूद इतने कम समय में हम 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बने। क्योंकि हम विकास चाहते हैं, प्रगति चाहते हैं।”यह हम सभी के लिए गर्व की बातप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हमने अब जापान को पीछे छोड़ दिया है। मुझे आज भी याद है कि जब हम छठे से पांचवें स्थान पर पहुंचे थे, तो पूरे देश में उत्साह था, खासकर युवाओं में। कारण स्पष्ट था, भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया था, वही देश जिसने हम पर 250 साल तक राज किया। हमारा लक्ष्य है कि 2047 में हिंदुस्तान को विकसित होना ही चाहिए।आजादी के 100 साल ऐसे मनाएंगे कि दुनिया में विकसित भारत का झंडा फहरता रहेगापीएम मोदी ने कहा, हम आजादी के 100 साल ऐसे मनाएंगे कि दुनिया में विकसित भारत का झंडा फहरता रहेगा। पीएम मोदी ने आगे कहा, “मुझ पर जो दबाव बनने वाला है, जो बनना शुरू भी हो गया है कि मोदी ठीक है, हम अर्थव्यवस्था में 4 नंबर पर तो पहुंच गए, अब बताओ कि 3 नंबर पर कब पहुंचेंगे। इसका एक समाधान आपके पास है। हमारे जो ग्रोथ सेंटर हैं, वे अर्बन एरिया हैं, हमें अर्बन बॉडीज को इकोनॉमी के ग्रोथ सेंटर बनाने का प्लान करना होगा। जनसंख्या के कारण वृद्धि होती चले, ऐसे शहर नहीं हो सकते हैं। शहर आर्थिक गतिविधि के तेजतर्रार केंद्र होने चाहिए।”आज गुजरात सरकार ने शहरी विकास वर्ष के 20 साल पूरे होने का मनाया जश्नपीएम मोदी ने गुजरात का जिक्र करते हुए कहा, “मैं गुजरात का ऋणी हूं। इस धरती ने मुझे बड़ा किया है। यहां मुझे जो शिक्षा और सबक मिले, आप सबके बीच रहकर मैंने जो सीखा, आपने मुझे जो मार्गदर्शन दिया, आपने जो सपने मुझे सौंपे, मैं उन्हें देश की जनता के हित में लागू करने का प्रयास कर रहा हूं। मुझे खुशी है कि आज गुजरात सरकार ने शहरी विकास वर्ष के 20 साल पूरे होने का जश्न मनाया, जिसकी शुरुआत 2005 में हुई थी।”2035 में गुजरात 75 वर्ष का हो जाएगाप्रधानमंत्री ने कहा, “जब 2035 में गुजरात 75 वर्ष पूरे करेगा, तो मेरा मानना है कि हमें अगले 10 वर्षों के लिए अभी से योजना बनानी शुरू कर देनी चाहिए। हमें एक विजन तय करना होगा कि तब तक गुजरात उद्योग, कृषि, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में कहां पहुंच जाएगा। हमें आज ही दृढ़ संकल्प लेना होगा और जब गुजरात 75 वर्ष का हो जाएगा, यानी ठीक एक साल बाद, ओलंपिक आयोजित किए जाएंगे। देश की इच्छा है कि ओलंपिक भारत में आयोजित किए जाएं।”आने वाले दिनों में हमें टूरिज्म पर बल देना चाहिएउन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में हमें टूरिज्म पर बल देना चाहिए। गुजरात ने कमाल कर दिया है। कोई सोच सकता है कि कच्छ के रेगिस्तान में जहां कोई जाने का नाम नहीं लेता था, आज वहां जाने के लिए बुकिंग नहीं मिल रही है। चीजों को बदला जा सकता है। यहां तक कि वडनगर में भी उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। काशी की तरह वडनगर भी सभ्यता का प्राचीन केंद्र है। यहां 2,800 साल से भी ज्यादा पुराने इतिहास के प्रमाण मौजूद हैं। ऐसी विरासतों को विश्व मानचित्र पर लाना और उनके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करना हमारी जिम्मेदारी है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि एक बार कल्पना करते हुए अगर हम उसे जमीन पर उतारने का प्रयास करें, तो कितने अच्छे परिणाम मिल सकते हैं, ये हम भलीभांति देख रहे हैं। वही कालखंड था, जब हमने रिवर फ्रंट बनाया। वही कालखंड था, जब हमने दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम बनाने का सपना देखा, उसे पूरा किया। वही कालखंड था, जब दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बनाने के लिए सोचा, उसे पूरा किया। -
नयी दिल्ली. अमेरिकी अधिकारियों का एक दल आने वाले हफ्तों में भारत आ सकता है, जो दोनों देशों के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते पर अगले दौर की चर्चा करेगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और अमेरिका नौ जुलाई से पहले अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमत हो सकते हैं। अभी तक हुई बातचीत में भारत ने घरेलू वस्तुओं पर 26 प्रतिशत जवाबी शुल्क से पूरी छूट देने पर जोर दिया है। सूत्रों में से एक ने कहा, ‘‘व्यापार वार्ता के लिए अमेरिकी दल के भारत आने की उम्मीद है। बातचीत तेज गति से आगे बढ़ रही है।'' भारत के मुख्य वार्ताकार, वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने पिछले सप्ताह वाशिंगटन की अपनी चार दिवसीय यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित समझौते पर अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ बातचीत की। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी व्यापार वार्ता को गति देने के लिए पिछले सप्ताह वाशिंगटन में थे। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक से दो बार मुलाकात की।
अमेरिका ने दो अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत जवाबी शुल्क लगाया था, लेकिन बाद में इसे 90 दिन के लिए नौ जुलाई तक रोक दिया गया। हालांकि, भारतीय सामान पर अमेरिका में अब भी 10 प्रतिशत शुल्क लागू है। -
दाहोद (गुजरात). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पाकिस्तान पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि उसका एकमात्र लक्ष्य भारत के प्रति नफरत को बढ़ावा देना और नुकसान पहुंचाना है, जबकि भारत गरीबी उन्मूलन और आर्थिक प्रगति के पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने यहां एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर' की सराहना की और कहा कि यह महज सैन्य कार्रवाई नहीं थी बल्कि ‘‘भारत के लोकाचार और भावनाओं की अभिव्यक्ति'' थी। भारत ने छह और सात मई की दरमियानी रात यह अभियान शुरू किया जिसके तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय भी शामिल हैं। पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों की गोली मारकर की गई हत्या का बदला लेने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, ‘‘इस तरह के आतंकी हमले के बाद भारत और मोदी कैसे चुप बैठ सकते हैं? जो कोई भी हमारी बहनों का सिंदूर मिटाने की हिमाकत करेगा, उसका निश्चित ही सफाया कर दिया जाएगा।" उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि मोदी से लड़ना इतना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उस जिम्मेदारी का हिस्सा है जो देश के लोगों ने उन्हें 26 मई 2014 को ‘‘प्रधान सेवक'' बनाकर दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी ने देश की सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों को खुली छूट दी और इसके योद्धाओं ने वह कर दिखाया जो दुनिया ने दशकों से नहीं देखा था। उन्होंने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘विभाजन के बाद अस्तित्व में आया यह देश भारत के प्रति नफरत पाले हुए है। यह केवल भारत को नुकसान पहुंचाना चाहता है। वहीं, भारत का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, आर्थिक विकास करना और विकसित राष्ट्र बनना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार की नीति उन क्षेत्रों में विकास को ले जाने की है जो पिछड़े रह गए हैं।''
प्रधानमंत्री ने लोगों से होली, दिवाली और गणेश पूजा जैसे त्योहारों के दौरान भारत में बने उत्पादों को खरीदने और उपयोग करने की जोरदार अपील की। मोदी ने कहा, ‘‘क्या आपको नहीं लगता कि हमें आयातित उत्पादों का उपयोग बंद करना चाहिए? हमारे त्योहारों के दौरान, हम पटाखे और गणेश मूर्तियों जैसी आयातित वस्तुओं का उपयोग करते हैं (जो अच्छा नहीं है)। हमारे देश की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए, सभी को केवल भारत में बने उत्पादों को खरीदने का संकल्प लेना चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे देश की प्रगति के लिए जो कुछ भी आवश्यक है, वह सब भारत में ही उपलब्ध होना चाहिए।'' मोदी ने गुजरात के दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र सहित 24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने 9,000 अश्व शक्ति (एचपी) के देश के पहले लोकोमोटिव इंजन का अनावरण किया। साथ ही 21,405 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप का उद्घाटन किया। उन्होंने अहमदाबाद-वेरावल वंदे भारत सेवा और वलसाड-दाहोद एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और उपस्थित लोगों को बताया कि देश भर में 70 मार्गों पर अब अत्याधुनिक वंदे भारत ट्रेनें परिचालित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘एक समय था जब भारत को इंजन और डिब्बे आयात करने पड़ते थे। आज हम भारत में इनका निर्माण करते हैं और दूसरे देशों को निर्यात करते हैं।'' अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन और वेरावल स्टेशन के बीच दिन में वंदे भारत सेवा शुरू की गई। इससे उन श्रद्धालुओं को सुविधा होगी जो गिर सोमनाथ जिले के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि गुजरात में रेलवे लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है।
इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री ने वडोदरा में एक भव्य रोड शो किया, जहां उत्साही भीड़ ने उनका स्वागत किया। वहां उपस्थित लोगों में कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार के सदस्य भी थे। मोदी ने गुजरात की अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत वडोदरा हवाई अड्डे से शहर के बाहरी इलाके में स्थित वायुसेना स्टेशन तक रोड शो के साथ की। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में जानकारी देने के लिए नियमित संवाददाता सम्मेलन करने के कारण सुर्खियों में रहीं कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार के सदस्य भी प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए एकत्र उत्साही भीड़ में मौजूद थे। कर्नल कुरैशी वडोदरा से हैं और उनके माता-पिता, बहन शायना सुनसारा और भाई मोहम्मद संजय कुरैशी भी रोड शो में मौजूद थे। - मुंबई । महाराष्ट्र में समय से पहले मानसून ने दस्तक दे दी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपनी सामान्य तारीख से दो सप्ताह पहले मुंबई पहुंच गया। रविवार की रात से हो शुरू हुई बारिश ने मुंबई को अस्त व्यस्त कर दिया। पटरियों में पानी भरने से लोकल रेल सेवाएं प्रभावित हुई, इसके साथ ही मेट्रो, बस और सड़क यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। मुंबई के साथ ही राज्य के दूसरे हिस्सों में भी तेज बारिश हो रही है जिससे फसलों के भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।75 सालों में सबसे सबसे जल्द मुंबई पहुंचा मानसूनदक्षिण-पश्चिम मानसून के अपनी सामान्य तारीख से पखवाड़े भर से भी अधिक समय पहले मुंबई पहुंचने पर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने कहा है कि देश की वित्तीय राजधानी में 75 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है। मौसम विभाग की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 26 मई को मुंबई में दस्तक दी। पिछले 75 वर्षों में मानसून इतना शीघ्र पहुंचा है।’’ मुंबई में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 11 जून है। नायर ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 1956 में 29 मई को मुंबई पहुंचा था। यह 1962 और 1971 में इसी तारीख को पहुंचा था।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी के बीच मुंबई के कई इलाकों में सुबह के कुछ घंटों तक भारी बारिश हुई। इसके बाद दिन में रुक रुक कर बारिश होती रही। भारी बारिश के कारण मध्य रेलवे के मस्जिद, भायखला, दादर, माटुंगा और बदलापुर रेलवे स्टेशन पर पटरियां जलमग्न हो गई, जिससे विभिन्न ट्रेन की आवाजाही धीमी हो गई। कई लोकल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। हालांकि पश्चिम रेलवे की पटरियों पर पानी जमा नहीं हुआ है और ट्रेन का परिचालन होता रहा है। लेकिन बारिश के कारण ट्रेन देर से चलने के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी । मुंबई के किंग्स सर्किल, मंत्रालय, दादर टीटी ईस्ट, परेल टीटी, कालाचौकी, चिंचपोकली और दादर स्टेशन सहित निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। परेल में राजकीय केईएम अस्पताल क्षेत्र में भी जलजमाव हो गया। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के प्रवक्ता ने बताया कि द्वीपीय शहर में चार स्थानों पर जलभराव के कारण कई मार्गों की बसों का मार्ग परिवर्तन करना पड़ा।मौसम विभाग ने मुंबई और आस-पास के इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है, जो सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकती है। मुंबई, ठाणे और पालघर जैसे तटीय जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, जहां पर समुद्री हवाओं के तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बहुत तेज बारिश हो रही है।भूमिगत मेट्रो स्टेशन जलमग्नमुंबई की पहली पूरी तरह भूमिगत मेट्रो लाइन 3 में पानी भर जाने के कारण ट्रेन सेवा स्थगित कर दी गई। मेट्रो स्टेशन के अंदर जलभराव से 33 किलोमीटर लंबे कोलाबा-बीकेसी-आरे जेवीएलआर भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर पर भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण की गुणवत्ता एवं मानसून की तैयारियों को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) द्वारा दी गई जानकारी में कहा कि आज अचानक और तीव्र बारिश के कारण, डॉ. एनी बेसेंट रोड पर आचार्य अत्रे चौक स्टेशन के निर्माणाधीन प्रवेश/निकास ढांचे में पानी का रिसाव हुआ। यह घटना तब हुई जब प्रवेश/निकास पर निर्मित आरसीसी जल-अवरोधक दीवार पास से अचानक पानी के प्रवेश के कारण ढह गई। एहतियाती उपाय के तौर पर तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ली और आचार्य अत्रे चौक के बीच ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। आरे जेवीएलआर से वर्ली तक की सेवाएं प्रभावित नहीं हैं और नियमित रूप से जारी हैं। नौ मई को एमएमआरसी ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और आचार्य अत्रे चौक स्टेशनों के बीच भूमिगत मेट्रो सेवाओं का विस्तार किया था।आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारीराज्य में भारी बारिश से उत्पन्न आपातकालीन स्थिति की आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने समीक्षा की। राज्य में भारी बारिश के कारण उत्पन्न आपातकालीन स्थिति से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। महाजन ने कहा कि यह पहली बार है कि मई माह में राज्य में इतनी बड़ी मात्रा में प्री-मानसून बारिश शुरू हुई है। भारी बारिश के कारण राज्य में उत्पन्न स्थिति में आवश्यक उपाय एवं सावधानियां बरतने के लिए सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को आदेश जारी किए गए हैं।मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिन तक बारिश की चेतावनी जारी की है। प्री-मानसून बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ रहा है । ऐसी स्थिति में सड़कें बंद होने की संभावना को देखते हुए उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे काम के अलावा अपने घरों से बाहर न निकलें तथा मानसून पर्यटन के लिए झरनों और अन्य स्थानों पर जाते समय सतर्क और सावधान रहें। आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों की सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ( एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ( एसडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया है ।मई में हुई बारिश पिछले 50 वर्षों में अभूतपूर्व: पवारमहाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे जिले की बारामती तहसील का दौरा कर बारिश के कारण उत्पन्न हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पुणे की तीन तहसीलों में मई में हुई बारिश पिछले 50 वर्षों में अभूतपूर्व है। रविवार को बारामती, इंदापुर और दौंडा तहसीलों में भारी बारिश हुई, जिसके कारण राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को जिला कलेक्टर के तत्काल अनुरोध पर दो विशेष टीमों को तैनात करना पड़ा।पवार ने बताया कि हमने भारी बारिश वाले जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर बात कर स्थिति और राहत प्रयासों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि कृषि, फसलों, पशुओं और घरों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए। राज्य और जिला स्तर के अधिकारी सतर्क रहें, एक दूसरे के संपर्क में रहें और समन्वय और सहयोग के जरिए तुरंत बचाव और राहत कार्य करें ।
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नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून और मॉनसून की बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान ने तबाही मचाई। बिजली आपूर्ति और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित किया। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में नोडल अधिकारियों को जलभराव बिंदुओं की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया हैदिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि 30 लाख मीट्रिक टन कचरे की सफाई के कारण नालों से पानी तेजी से निकाला गया। नोडल अधिकारियों को जलभराव बिंदुओं की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।आईएमडी ने दिल्ली में रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट जारी कियाआईएमडी ने दिल्ली में रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में आज हल्की बारिश और गरज के साथ बौछार पड़ने की आशंका है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। सप्ताह के दौरान तापमान 43-46 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।मुंबई में 26 मई को प्री-मानसून बारिश ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ामुंबई में 26 मई को प्री-मानसून बारिश ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सुबह 9 से 10 बजे के बीच दक्षिण मुंबई में एक घंटे में 104 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि 12 घंटों में 254 मिमी बारिश हुई। कोलाबा में 295 मिमी बारिश के साथ मई का सर्वाधिक रिकॉर्ड बना। भारी बारिश से लालबाग, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और अन्य निचले इलाकों में जलभराव हुआ, जिससे यातायात और लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। बीएमसी और एनडीआरएफ की टीमें जल निकासी और राहत कार्य में जुटी हैं।भारतीय मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी कियामहाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने नागरिकों से अपील की कि आवश्यक कार्य के बिना घर से न निकलें, खासकर दोपहर 2 से 4 बजे तक, क्योंकि तेज हवाओं (60-70 किमी/घंटा) के साथ और बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।रायगढ़ में मूसलाधार बारिश के कारण यातायात व्यवस्था ठपरायगढ़ में मूसलाधार बारिश के कारण यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। नेरल-कलंब मार्ग पर पुल के ऊपर पानी भरने से यातायात बंद कर दिया गया। म्हसाला-श्रीवर्धन मार्ग जलमग्न होने और सपोली-हेतावने-गोंडव फाटा मार्ग पर तटबंध टूटने से सड़कें बंद हैं।तमिलनाडु के कोयंबटूर में लगातार दूसरे दिन बारिश ने कहर बरपायावहीं, तमिलनाडु के कोयंबटूर में लगातार दूसरे दिन बारिश ने कहर बरपाया। उप्पिली पलायम रोड पर एक तेज रफ्तार कार ने एक ऑटो को टक्कर मार दी और खाई में पलट गई। स्थानीय लोगों और पीलामेडु अग्निशमन दल ने मणिकंदन को सुरक्षित निकाला और अस्पताल पहुंचाया। सिंगनल्लूर पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को निकाला और दुर्घटना की जांच शुरू की। जिले में बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित हुआ।भारी बारिश और तूफान के कारण जलभराव, यातायात बाधित, और स्कूल-कॉलेज बंदतमिलनाडु में भारतीय मौसम विभाग ने कोयंबटूर, नीलगिरी जैसे जिलों के लिए रेड अलर्ट और चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम जैसे क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश और तूफान के कारण जलभराव, यातायात बाधित, और स्कूल-कॉलेज बंद हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।गुजरात के अरवल्ली जिले स्थित मोडासा में भी भीषण तूफान ने तबाही मचाईगुजरात के अरवल्ली जिले स्थित मोडासा में भी भीषण तूफान ने तबाही मचाई। पड़ोसी राज्य राजस्थान के साकरिया गांव में 8-10 मिनट तक चली आंधी में पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे उखड़ गए और घरों को भी खासा नुकसान हुआ। साकरिया स्टेशन पर वर्षों पुराना पीपल का पेड़ गिर गया, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दाहोद में 24,000 करोड़ रुपए की रेलवे और अन्य सरकारी परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए देश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने गुजरात के दाहोद में विशाल जनसभा को किया संबोधितगुजरात के दाहोद में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज हम 140 करोड़ भारतीय मिलकर अपने देश को विकसित बनाने में जुटे हैं। देश की तरक्की के लिए जो कुछ भी चाहिए, वो हम भारत में ही बनाएं, ये आज के समय की मांग है। भारत आज तेज गति से मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। देश की जरूरत के सामान का निर्माण हो या फिर दुनिया के अलग-अलग देशों में हमारे देश की बनी हुई चीजों का एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है।”देश ने 2014 के बाद कई अकल्पनीय और अभूतपूर्व फैसले लिएपीएम मोदी ने कहा, “आज 26 मई का दिन है। साल 2014 में आज के ही दिन पहली बार मैंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। गुजरात के आप सभी लोगों ने मुझे भरपूर आशीर्वाद दिया और बाद में देश के कोटि-कोटि जनों ने भी मुझे आशीर्वाद देने में कोई कमी नहीं रखी। आपके आशीर्वाद की शक्ति से मैं दिन-रात देशवासियों की सेवा में जुटा रहा। इन वर्षों में देश ने वो फैसले लिए जो अकल्पनीय और अभूतपूर्व हैं। इन वर्षों में देश ने दशकों पुरानी बेड़ियों को तोड़ा है। देश हर सेक्टर में आगे बढ़ा है। आज देश निराशा के अंधकार से निकलकर विश्वास के उजाले में तिरंगा फहरा रहा है।”प्रधानमंत्री ने देश में हो रहे विकास कार्यों का किया जिक्रप्रधानमंत्री ने देश में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा, “आज भारत रेल, मेट्रो और इसकी जरूरी टेक्नोलॉजी खुद बनाता भी है और दुनिया में एक्सपोर्ट भी करता है। हमारा ये दाहोद इसका जीता-जागता प्रमाण है। थोड़ी देर पहले यहां हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें सबसे शानदार दाहोद की इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री है। तीन साल पहले मैं इसका शिलान्यास करने आया था। अब इस फैक्ट्री में पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बनकर तैयार हो गया है।”पीएम मोदी ने कहा कि आज गुजरात को एक और उपलब्धि हुई हासिलपीएम मोदी ने कहा कि आज गुजरात को एक और उपलब्धि हासिल हुई है। गुजरात के शत-प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “चाहे इंग्लैंड हो, सऊदी अरब हो, फ्रांस हो या कई अन्य देश, वहां चलने वाली ट्रेनों के पुर्जे भारत में ही बनते हैं। मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी, इटली और अन्य देशों में कई बड़े रेलवे उपकरण और पुर्जे भारत में ही बनते हैं और निर्यात किए जाते हैं। हमारे विभिन्न उद्योग, एमएसएमई और लघु उद्योग कई बेहतरीन पुर्जे बनाकर अद्भुत काम कर रहे हैं जो अब वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं।” - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 2014 में आज ही के दिन उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उसके बाद देश ने कई अकल्पनीय और अभूतपूर्व फैसले लिए हैं।24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभप्रधानमंत्री गुजरात के दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र सहित 24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद-वेरावल वंदे भारत ट्रेन और वलसाड-दाहोद एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।इन वर्षों में देश ने दशकों पुरानी बेड़ियों को तोड़ाप्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा, “आज 26 मई है। साल 2014 में इसी तारीख को मैंने पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। सबसे पहले गुजरात के लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया, फिर करोड़ों भारतीयों ने मुझे आशीर्वाद दिया। आपके आशीर्वाद की शक्ति से मैं दिन रात देशवासियों की सेवा में जुटा रहा। इन वर्षों में देश ने वो फैसले लिए जो अकल्पनीय और अभूतपूर्व हैं। इन वर्षों में देश ने दशकों पुरानी बेड़ियों को तोड़ा है। देश हर सेक्टर में आगे बढ़ा है।”आज देश निराशा के अंधकार से निकलकर विश्वास के उजाले में फहरा रहा तिरंगाउन्होंने कहा कि आज देश निराशा के अंधकार से निकलकर विश्वास के उजाले में तिरंगा फहरा रहा है। आज हम 140 करोड़ भारतीय मिलकर अपने देश को विकसित भारत बनाने के लिए जी-जान से जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की तरक्की के लिए जो कुछ भी चाहिए, वो हम भारत में ही बनाएं, ये आज के समय की मांग है। भारत आज तेज गति से मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। देश की जरूरत के सामान का निर्माण हो या फिर दुनिया के अलग-अलग देशों में हमारे देश की बनी हुई चीजों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।
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नई दिल्ली। देश भर में कोविड-19 के मामलों में तेजी से उछाल आया है। अब तक 1,000 से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिनमें हाल ही में कन्फर्म किए गए 752 नए केस भी शामिल हैं। फिलहाल में केरल सबसे ज्यादा एक्टिव मामले हैं। वहीं, सोमवार को बिहार के पटना में 31 वर्षीय युवक में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। यह नए आउटब्रेक में बिहार में कोविड का पहला मामला है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, केरल में कोविड-19 के 430 एक्टिस केस हैं। जिन राज्यों में तेजी के केस बढ़ रहे हैं उनमें महाराष्ट्र (209), दिल्ली (104), गुजरात (83), कर्नाटक (47), उत्तर प्रदेश (15) और पश्चिम बंगाल (12) शामिल हैं।अकेले दिल्ली में पिछले सप्ताह में 99 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे एक नए आउटब्रेक के बारे में जनता की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वर्तमान में कोई एक्टिव मामला नहीं होने की सूचना दी है।बिहार में कोविड-19 का पहला मामलाबिहार के पटना में 31 वर्षीय युवक में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि संक्रमण की ताजा लहर में यह बिहार का पहला मामला है। मरीज का निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है और उसका राज्य से बाहर की यात्रा का कोई रिकॉर्ड नहीं है।पटना के सिविल सर्जन अविनाश कुमार सिंह ने पीटीआई को बताया, ‘‘पटना के एक युवक में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई, हालांकि उसका राज्य से बाहर की यात्रा का कोई रिकॉर्ड नहीं है। संक्रमण का स्तर बहुत हल्का है। मामले की बारीकी से निगरानी की जा रही है और सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।’’दिल्ली सरकार ने जारी की नई एडवाइजरीपिछले सप्ताह, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने एक नई एडवाइजरी जारी कर सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को तैयारी बढ़ाने का निर्देश दिया। एडवाइजरी में अस्पतालों से प्रमुख उपकरणों की उपलब्धता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है, “वेंटिलेटर, Bi-Pap, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, PSA आदि जैसे सभी उपकरण वर्किंग स्थिति में हों।”अस्पतालों को कर्मचारियों के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी करनी होगी, IHIP पर ILI/SARI मामलों की रिपोर्ट देनी होगी और सभी पॉजिटिव नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल में जमा करना होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि “अस्पताल परिसर में मास्क पहनने सहित श्वसन शिष्टाचार का पालन किया जा रहा है।”भारत में कोविड-19 के नए सब-वेरिएंट पाए गएभारत में तमिलनाडु में कोविड-19 के सबवेरिएंट NB.1.8.1 का एक मामला और गुजरात में LF.7 के चार मामले पाए गए हैं। यह जानकारी INSACOG के अनुसार है, जो पूरे भारत में फैली प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है जो SARS-CoV-2 वायरस के विकास को ट्रैक और अध्ययन करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से दोनों को ‘वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग’ के रूप में लिस्ट किया गया है, लेकिन ‘वेरिएंट ऑफ कन्सर्न’ के रूप में नहीं। ये सब-वेरिएंट एशिया में बढ़ते संक्रमणों से जुड़े हैं। इस बीच, भारत में JN.1 के मामले ज्यादा हैं। - न्यूयॉर्क/मनामा/सियोल. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने न्यूयॉर्क में कहा कि पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए भारत के पास अब एक नया दृष्टिकोण है और इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जायेगा। थरूर ने सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए गुयाना जाने से कुछ घंटे पहले यह बात कही।
थरूर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में 9/11 स्मारक पर जाकर आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी, उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि दुनिया को आतंकवाद की ‘‘साझा समस्या'' के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होना होगा। भारतीय सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को बहरीन के उपप्रधानमंत्री शेख खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख पर चर्चा की। अलग-अलग भारतीय प्रतिनिधिमंडलों ने दक्षिण कोरिया और स्लोवेनिया के नेताओं को 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत की कतई न सहन करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) के बारे में जानकारी दी। पहलगाम में हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस' की घोषणा करने में एकजुट है।'' उन्होंने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। थरूर ने कहा कि पहलगाम हमलों के बाद अब एक नया मानदंड बनने जा रहा है कि पाकिस्तान में बैठा कोई भी व्यक्ति यह सोचने की जुर्रत नहीं करेगा कि वह सीमा पार करके भारतीय नागरिकों की हत्या करेगा और उसे कोई दंड नहीं मिलेगा। थरूर ने कहा कि ऐसा करने वालों को ‘‘इसकी कीमत चुकानी'' होगी।
आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प को व्यक्त करने तथा आतंकवाद के साथ पाकिस्तान के संबंधों को रेखांकित करने के लिए थरूर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल गुयाना, पनामा, कोलंबिया, ब्राजील और अमेरिका की यात्रा पर है। थरूर ने न्यूयॉर्क में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्यों और प्रमुख मीडिया संस्थानों एवं ‘थिंक टैंक' के लोगों के एक चुनिंदा समूह से कहा कि पाकिस्तान के लिए भारत का संदेश स्पष्ट है: ‘‘हम कुछ भी शुरू नहीं करना चाहते थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम आतंकवादियों को केवल एक संदेश भेज रहे थे। आपने शुरू किया, हमने जवाब दिया।''
थरूर ने कहा, ‘‘अब एक नया मानदंड बनने जा रहा है। पाकिस्तान में बैठे किसी भी व्यक्ति को यह मानने की अनुमति नहीं दी जाएगी कि वह सीमा पार करके हमारे नागरिकों की हत्या कर सकता है और उसे कोई दंड नहीं दिया जाएगा। इसकी कीमत चुकानी होगी और यह कीमत व्यवस्थित रूप से बढ़ती जा रही है।'' उन्होंने कहा कि भारत ने अपने कुछ पड़ोसियों से बहुत अलग विमर्श पर ध्यान केंद्रित किया है।
थरूर ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भयावह हमले के बारे में विस्तार से बात की। इसकी जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट' नामक आतंकवादी संगठन ने ली थी लेकिन वह बाद में मुकर गया था। बहरीन की राजधानी मनामा में भारतीय सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने बहरीन के उपप्रधानमंत्री शेख खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख पर चर्चा की। बहरीन में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सर्वदलीय सांसदों ने बहरीन की संसद के उच्च सदन शूरा बहरीन के अध्यक्ष अली बिन सालेह अल सालेह से भी मुलाकात की तथा आतंकवाद के खिलाफ लड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के भारत के संकल्प को रेखांकित किया।'' भाजपा सांसद बैजयंत जय पांडा के नेतृत्व वाला यह प्रतिनिधिमंडल उन सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक हैं, जिन्हें भारत ने विश्व के 33 देशों की राजधानियों का दौरा करने का जिम्मा सौंपा है। वे पाकिस्तान की मंशाओं और आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया, खासकर 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराएंगे। पांडा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और बहरीन के बीच विश्वास, साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित प्रगाढ़, ऐतिहासिक मित्रता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमने आपसी हितों के मामलों और आतंकवाद के सभी स्वरूपों से लड़ने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता पर चर्चा की।'' प्रतिनिधिमंडल के सदस्य एवं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बैठक के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘हमारी सरकार ने हमें यहां भेजा है, साथ ही दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भी अन्य सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को भेजा है, ताकि विश्व को पता चले कि भारत किस खतरे का सामना कर रहा है।'' दक्षिण कोरिया में, जनता दल (यूनाइटेड) के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रवासियों के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार के रुख को दोहराया और कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। सियोल में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व विदेश मंत्री डॉ यून यंग-क्वान, संसदीय विदेश मामलों की समिति के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि किम गुन, पूर्व उप विदेश मंत्री चो ह्यून, राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी केंद्र के निदेशक मेजर जनरल शिन सांग-ग्यून समेत प्रतिष्ठित कोरियाई गणमान्य व्यक्तियों के साथ भी बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के बीच कोई अंतर नहीं किया जा सकता है। इसने कहा, ‘‘कोरियाई पक्ष ने आतंकवाद के प्रति अपना दृढ़ विरोध व्यक्त किया तथा भारत की स्थिति के प्रति अपनी समझ व्यक्त की।'' सियोल गए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘बातचीत के दौरान शांति, क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खतरे का सामना करने के लिए बहुपक्षीय प्रयासों को मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा हुई।'' इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद कनिमोई के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ‘भारत का संदेश दुनिया तक पहुंचाने' के लिए स्लोवेनिया पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल की अगवानी स्लोवेनिया में भारतीय राजदूत अमित नारंग ने की।
भारतीय दूतावास ने यहां ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत का संदेश दुनिया तक पहुंचाया जा रहा। सांसद कनिमोई के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल स्लोवेनिया पहुंचा। राजदूत अमित नारंग और दूतावास के अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।'' राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले के नेतृत्व में एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को कतर शूरा परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. हमदा अल सुलैती और कतर के अन्य सांसदों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि यह यात्रा सीमा पार आतंकवाद पर भारत के एकजुट रुख को दर्शाती है। कतर में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘कतर ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कतई न सहन करने की नीति पर जोर दिया और कहा कि आतंकवाद की वैश्विक स्तर पर निंदा की जानी चाहिए।'' इससे पहले, प्रतिनिधिमंडल ने दूतावास में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
यह प्रतिनिधिमंडल दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया और मिस्र भी जायेगा।
दोहा में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा संदेश दुनिया तक पहुंचाया जा रहा। सुप्रिया सुले के नेतृत्व में कतर आए बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल का हार्दिक स्वागत।'' गुयाना में प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर कहा कि उनका दौरा भारत के ‘‘आतंकवाद को कतई न सहन करने की नीति'' को रेखांकित करता है। इसने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दृढ़ है और एकजुट है।'' पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने सात मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे, जिसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी कार्रवाइयों का कड़ा जवाब दिया। दोनों पक्षों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच 10 मई को बातचीत के बाद सैन्य संघर्ष को रोकने पर सहमति बनी थी। -
नयी दिल्ली. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने परंपरागत अपशिष्ट जल शोधन विधियों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प विकसित किया है जिसमें ‘स्पेंट मशरूम वेस्ट' (मशरूम की कटाई के बाद बचा अपशिष्ट) से तैयार ‘बायोचार' और एक प्राकृतिक एंजाइम ‘लैकेस' का उपयोग किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बायोचार एक प्रकार का चारकोल है जिसे बायोमास जैसे कि लकड़ी, कृषि अपशिष्ट और अन्य जैविक पदार्थों को उच्च तापमान पर, ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में गर्म करके बनाया जाता है। जलशोधन के लिए मशरूम अपशिष्ट का उपयोग करने की इस तकनीक को 'भीमा' नाम दिया गया है जो लैकेस एंजाइम की सहायता से अपशिष्ट जल से एंटीबायोटिक तत्वों को हटाने का कार्य करती है और पारंपरिक विधियों में उत्पन्न होने वाले विषैले उप-उत्पादों से बचा जा सकता है। इस शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित ‘जर्नल ऑफ इनवायरमेंट मैनेजमेंट' में प्रकाशित हुए हैं।
यह नव विकसित प्रणाली विश्वकर्मा पुरस्कार 2024 की ‘जल स्वच्छता' विषयवस्तु के अंतर्गत अंतिम सूची में चयनित हुई है। आईआईटी गुवाहाटी के कृषि एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी स्कूल के प्रमुख सुदीप मित्रा ने बताया कि उनकी शोध टीम ने अस्पतालों के अपशिष्ट, औद्योगिक अपशिष्ट और सतही जल में सामान्यतः पाए जाने वाले 'फ्लोरोक्विनोलोन' समूह के हानिकारक एंटीबायोटिक्स जैसे 'सिप्रोफ्लॉक्सासिन', 'लेवोफ्लॉक्सासिन' और 'नॉरफ्लॉक्सासिन' को हटाने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने कहा, “पारंपरिक अपशिष्ट जल शोधन विधियां महंगी होती हैं और द्वितीयक प्रदूषक उत्पन्न करती हैं। इसके विपरीत, हमारा तरीका प्राकृतिक एंजाइम लैकेस का उपयोग करके प्रदूषकों को विघटित करता है।” पीएचडी शोधकर्ता अनामिका घोष ने कहा, “इस तकनीक की एक अन्य विशेषता यह है कि विघटन प्रक्रिया में जो उप-उत्पाद बने, वे विषैले नहीं हैं जिससे यह तकनीक पर्यावरण के लिए सुरक्षित और टिकाऊ समाधान के रुप में देखी जा सकती है।” यह अनुसंधान आईआईटी-गुवाहाटी में जैव विज्ञान और जैव इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर लता रंगन और उनके छात्रों के सहयोग से किया गया है। अनुसंधान दल ने हाल में किसानों के लिए बायोचार तैयार करने और कृषि के लिए इसके अनेक लाभों पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। मोरीगांव जिला कृषि कार्यालय के सहयोग से उसके कार्यालय परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में कुल 30 स्थानीय किसानों ने भाग लिया। -
रायबरेली .रायबरेली के डलमऊ में गंगा घाट पर अस्थि विसर्जन के लिए गए पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के तीन सदस्य गंगा नदी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गयी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक अमेठी के जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के पालपुर से नौ लोगों का एक समूह आज सुबह डलमऊ गंगा घाट पर अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचा था। विसर्जन के दौरान समूह के चार सदस्य कथित तौर पर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथियों ने तुरंत शोर मचाया, जिससे आस-पास के गोताखोरों और स्थानीय लोग भी जुट गए। गोताखोरों की त्वरित कार्रवाई से एक युवक को बचा लिया गया, लेकिन तीन लोगों की डूबने से मौत हो गयी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव कुमार सिन्हा ने बताया, ‘‘मृतकों की पहचान चंद्र कुमार कौशल (60), बालचंद्र कौशल (42) और उनके बेटे आर्यन (17) के रूप में हुई है।'' सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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अयोध्या .टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रविवार को भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली अपनी पत्नी एवं अभिनेत्री अनुष्का शर्मा परिवार के साथ अयोध्या पहुंचे जहां उन्होंने हनुमानगढ़ी और भगवान श्री रामलला के दर्शन-पूजन किए। विराट-अनुष्का ने पहले हनुमानगढ़ी जाकर हनुमान जी की पूजा अर्चना की और आशीर्वाद मांगा। इसके बाद भगवान श्री रामलला का दर्शन किया। हनुमानगढ़ी के महंत संजय दास ने बताया कि दोनों रविवार सुबह हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे और फिर उन्होंने राम मंदिर में दर्शन किए। क्रिकेटर और अभिनेत्री ने अपनी यात्रा के दौरान मीडिया से दूरी बनाए रखी।
इससे पहले, 13 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के अगले दिन विराट और अनुष्का वृंदावन पहुंचे थे। दोनों ने प्रेमानंद महाराज को दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया था। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से बात की। इस खास एपिसोड में उन्होंने वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने योग और स्वस्थ जीवन पर जोर देते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया ही स्ट्रॉन्ग इंडिया’ की नींव है। यह कार्यक्रम आकाशवाणी, दूरदर्शन, और अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया।
अब आयुष को पूरी दुनिया में वैज्ञानिक तरीके से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगीपीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ”योग दिवस के साथ-साथ आयुर्वेद के क्षेत्र में भी कुछ ऐसा हुआ है, जिसके बारे में जानकर आपको बहुत खुशी होगी। कल ही यानी 24 मई को डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक और मेरे मित्र तुलसी भाई की मौजूदगी में एक एमओयू साइन किया गया है। इस समझौते के साथ ही इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ हेल्थ इंटरवेंशन्स के तहत एक डे डेडिकेटेड ट्रेडिशनल मेडिसिन मॉड्यूल पर काम शुरू हो गया है। इस पहल से, आयुष को पूरी दुनिया में वैज्ञानिक तरीके से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।”सीबीएसई की अनोखी पहल: स्कूलों में आप ने ब्लैकबोर्ड तो देखा होगा, लेकिन अब कुछ स्कूलों में ‘शुगर बोर्ड’ भी लगाया जा रहा हैस्कूलों में हो रहे विकास के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ”आपने स्कूलों में ब्लैकबोर्ड तो देखा होगा, लेकिन अब कुछ स्कूलों में ‘शुगर बोर्ड’ भी लगाया जा रहा है। सीबीएसई की इस अनोखी पहल का उद्देश्य है, बच्चों को उनके शुगर इनटेक के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत, कितनी चीनी लेनी चाहिए, और कितनी चीनी खाई जा रही है, ये जानकर बच्चे खुद से ही हेल्दी विकल्प चुनने लगे हैं। यह एक अनोखा प्रयास है और इसका असर भी बड़ा सकारात्मक होगा। बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली की आदतें डालने में यह काफी मददगार साबित हो सकता है। कई अभिभावकों ने इसे सराहा है और मेरा मानना है, ऐसी पहल दफ्तरों, कैन्टीनों और संस्थानों में भी होनी चाहिए। आखिरकार, सेहत है तो सब कुछ है। फिट इंडिया ही स्ट्रॉन्ग इंडिया की नींव है।’मन की बात’ का प्रसारण 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों, और 11 विदेशी भाषाओं में किया जाता है, जिसमें फ्रेंच, चीनी, और अरबी जैसी भाषाएं शामिल हैं। -
नई दिल्ली।‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया। हर बार की तरह पीएम मोदी ने अद्भुत और प्रेरणास्पद किस्से सुनाए। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में काटेझरी गांव की कहानी देशवासियों के साथ साझा की। यह भारत का एक ऐसा गांव है जहां पर आजादी के 77 साल बाद कोई सरकारी बस पहुंची। उन्होंने ये भी बताया कि इतने बरसों बाद बस पहुंचने की वजह क्या रही?
जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत कियापीएम मोदी ने कहा, ” मैं आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताना चाहता हूं, जहां पहली बार एक बस पहुंची। जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत किया। बस को देखकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। गांव में पक्की सड़क थी, लोगों को जरूरत थी, लेकिन पहले कभी यहां बस नहीं चल पाई थी। क्योंकि ये गांव माओवादी हिंसा से प्रभावित था।”माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैउन्होंने आगे कहा, ” यह जगह है महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में, और इस गांव का नाम है, काटेझरी। काटेझरी में आए इस परिवर्तन को आसपास के पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। अब यहां हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी है। गांव के लोगों का कहना है कि बस के आने से उन लोगों का जीवन बहुत आसान हो जाएगा।”केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई हैबता दें कि केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में माओवाद को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस गांव में 20 मई को बस सेवा शुरू हुई, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ ), छत्तीसगढ़ पुलिस, और अन्य विशेष बलों ने संयुक्त अभियान चलाए हैं।( - गुवाहाटी. असम सरकार ने शनिवार को पहलगाम आतंकवादी हमले के चार पीड़ितों के परिवारों को अनुग्रह राशि प्रदान की तथा राज्य के मंत्री देशभर के विभिन्न शहरों में उनके आवासों पर गये। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘एक्स' पर कई पोस्ट में कहा कि उनके तीन कैबिनेट सहयोगी पीड़ितों के घरों पर गये। उन्होंने कहा, ‘‘असम के लोगों की ओर से मेरे सहयोगी रानोज पेगु ने जयपुर में दिवंगत नीरज उधवानी के परिवार को सहायता राशि प्रदान की है। हमें उम्मीद है कि इससे उन्हें तत्काल कठिनाइयों से निपटने में मदद मिलेगी।'' पेगु ने कहा कि उन्होंने उनकी पत्नी और उधवानी की मां को तीन-तीन लाख रुपये सौंपे।मंत्री रंजीत कुमार दास उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुभम द्विवेदी के आवास पर गये। उन्होंने कहा, ‘‘असम इस अपूरणीय क्षति की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमेशा याद रखा जायेगा।'' मंत्री कृष्णेंदु पॉल कोलकाता में बिटन अधिकारी के आवास पर गये। पॉल ने कोलकाता में एक अन्य पीड़ित समीर गुहा के परिवार से भी मुलाकात की और सहायता राशि सौंपी। असम सरकार जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दे रही है।
- नयी दिल्ली. नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने शनिवार को कहा कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सुब्रह्मण्यम ने नीति आयोग शासी परिषद की 10वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कुल मिलाकर वैश्विक और आर्थिक माहौल भारत के अनुकूल है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जब बोल रहा हूं, तब हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। आज हम 4,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के आंकड़ों का हवाला देते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था जापान से बड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही भारत से बड़े हैं और अगर हम अपनी योजना और सोच पर कायम रहते हैं, तो ढाई-तीन साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे।'' आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल के बयान पर एक सवाल का जवाब देते हुए, सुब्रह्मण्यम ने कहा, ‘‘शुल्क दरें क्या होंगी, यह अनिश्चित है। लेकिन जिस तरह चीजें बदल रहीं हैं, हम विनिर्माण के लिए सस्ती जगह होंगे।'' ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका में बिकने वाले एप्पल आईफोन का विनिर्माण अमेरिका में ही होगा, न कि भारत में या कहीं और। नीति आयोग के सीईओ ने यह भी कहा कि संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने का दूसरा चरण तैयार किया जा रहा है और इसकी घोषणा अगस्त में की जाएगी।
- मुंबई. महाराष्ट्र सरकार जल्द ही अहिल्यानगर जिले में 18वीं सदी की इंदौर शासक अहिल्याबाई होल्कर की जन्मस्थली चोंडी के लिए 681 करोड़ रुपये की विकास योजना को मंजूरी देगी। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मई को चोंडी में अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह में भाग लेंगी। शिंदे ने अहिल्यानगर में संवाददाताओं को बताया कि विकास योजना को मंजूरी देने वाला सरकारी प्रस्ताव (जीआर) सोमवार या मंगलवार को जारी होने की संभावना है। शिंदे ने बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की थी और उन्हें 31 मई के कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। परिषद के अध्यक्ष ने कहा, "राज्य सरकार ने तीर्थयात्रा विकास परियोजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसमें से चोंडी को 681 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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गुव्वलचेरुवु. आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में शनिवार सुबह एक ट्रक के कार से टकरा जाने की घटना में दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत अपने परिवार के साथ चिंतापुट्टायपल्ली गांव जा रहे थे, इस दौरान सुबह करीब साढ़े नौ बजे गुव्वलचेरुवु घाट रोड पर यह हादसा हुआ। पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, “वे कार से कडप्पा की ओर जा रहे थे। उनके पीछे फर्नीचर से लदा हुआ ट्रक चल रहा था। ट्रक ने एक मोड़ पर कार को टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार कुल छह लोगों में से चार की मौत हो गई।” मृतकों में श्रीकांत, उनकी पत्नी, बेटी और एक भतीजा शामिल हैं। हादसे में घायल दो वयस्कों की हालत खतरे से बाहर है। अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। -
जमशेदपुर. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कृष्ण कुमार (40), उनकी पत्नी डोली देवी (35) और उनकी नाबालिग बेटियों के शव शुक्रवार रात आदित्यपुर थाना क्षेत्र के गम्हरिया के चित्रगुप्त नगर स्थित उनके घर में फंदे से लटके मिले। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर आत्महत्या की आशंका जताई है।
अधिकारियों ने बताया कि गम्हरिया स्थित एक इस्पात संयंत्र में वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में काम करने वाले कृष्ण कुमार को हाल ही में कैंसर से पीड़ित होने का पता चला था, जिसके बाद से वे मानसिक रूप से काफी तनाव में थे। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। -
जैसलमेर. कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले ने पूरे देश के साथ साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सैनिकों को भी आक्रोशित कर दिया था और पड़ोसी देश के साथ संघर्ष छिड़ने पर उन्होंने सीमावर्ती चौकियों पर कमान संभाली। सीमा सुरक्षा बल की सैनिक जसबीर ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले पर उन्हें बहुत गुस्सा आया।
उन्होंने कहा, "हम भी शादीशुदा हैं और पहलगाम हमला हुआ तो हमें भी बहुत गुस्सा आया। हमने उन महिलाओं का दर्द महसूस किया जिन्होंने अपने पति खो दिए।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से दुश्मन को जवाब मिल गया है।
जसबीर ने कहा, “उनकी हरकत का जवाब उन्हें मिल गया है। अगर आइंदा ऐसी हरकत करेंगे तो उसका जवाब भी मिलेगा।” राजस्थान के चार जिलों - श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर की 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है। जसबीर ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी की भी प्रशंसा की और कहा कि महिला अधिकारियों को वहां देखना गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा, "बहुत गर्व की बात थी। हमें बहुत अच्छा लगा कि उन्होंने इतना अच्छा काम किया और हमारे देश का नाम रोशन किया।” उन्होंने कहा, “पाकिस्तान वालों को भी पता चला कि भारत से पंगा लेना कोई आसान बात नहीं है। एक अन्य सैनिक सरिता ने कहा कि पहलगाम हमले के तुरंत बाद उन्हें पुरुषों के साथ तैनात किया गया था।
उन्होंने कहा,"ड्रोन उड़े, संदिग्ध हरकतें देखी गईं, लेकिन हमारे बलों ने हर कोशिश को विफल कर दिया। दिन हो या रात, हालात चाहे जो भी रहे हों हम ड्यूटी पर तैनात थे।” सैनिक सोनल ने हमले के बाद की भावनात्मक स्थिति को याद करते हुए कहा, "पहलगाम के आतंकी हमले में कई महिलाओं के पतियों को निशाना बनाया गया। यह हमारे सिंदूर पर सीधा प्रहार था। पाकिस्तान का तो ऐसी हरकतों का इतिहास रहा है लेकिन अब हम हमेशा तैयार और सतर्क रहते हैं।" सैनिक ने कहा, “पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम किया है। आगे भी करेंगे।'
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सात मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू करते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया। बदले में, पाकिस्तान ने जैसलमेर, बाड़मेर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों समेत कई स्थानों पर नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की विफल कोशिश की। इस बीच सीमा पर भीषण गर्मी को देखते हुए बीएसएफ ने अपने जवानों के लिए कई कदम उठाए हैं। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि जवानों के शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखने के लिए ड्यूटी पॉइंट पर वाटर कूलर, नींबू पानी, छाछ की व्यवस्था की गई है। अधिकारी ने कहा, "रेगिस्तान में पारा 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है और बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन बीएसएफ के जवान और अधिकारी पूरी तरह से सतर्क हैं और ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।" - - इस साल मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमाननयी दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया जो 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर इसका सबसे जल्दी आगमन है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मानसून 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था।दक्षिण-पश्चिमी मानसून सामान्यतः एक जून तक केरल में प्रवेश करता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता है। 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिमी भारत से इसकी वापसी शुरू हो जाती है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, मानसून दक्षिणी राज्य में पिछले साल 30 मई को, 2023 में आठ जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में तीन जून को, 2020 में एक जून को, 2019 में आठ जून को, और 2018 में 29 मई को आया था। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी उसी तरह पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह बड़े पैमाने पर परिवर्तनशीलता और वैश्विक, क्षेत्रीय एवं स्थानीय कारकों से तय होता है। आईएमडी ने अप्रैल में इस साल मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान जताया था जिससे अल नीनो की स्थिति की संभावना खारिज हो गई। अल नीनो प्रणाली भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर राज्य का विकास जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सभी राज्य प्रगति नहीं करेंगे, तब तक भारत भी पूरी तरह से विकसित नहीं हो सकता। यह बैठक ‘विकसित भारत : 2047 के लिए विकसित राज्य’ विषय पर भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
अपने उद्घाटन भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि भारत में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और इसलिए हमें ऐसे शहरों का निर्माण करना चाहिए जो भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा, “विकास, नवाचार और स्थिरता हमारे शहरों के विकास का आधार होना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों से मिलकर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हमें विकास की रफ्तार तेज करनी होगी। अगर केंद्र और राज्य मिलकर काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहेगा।”उन्होंने राज्यों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव दिया कि हर राज्य को कम से कम एक पर्यटन स्थल को वैश्विक स्तर पर विकसित करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, “हर राज्य को ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ मॉडल अपनाना चाहिए। इससे आसपास के शहरों और क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।”प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिक अब केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा, “विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। यह 140 करोड़ लोगों की आकांक्षा है और इसे तभी पूरा किया जा सकता है जब हर राज्य मिलकर विकास करे।” महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश को महिलाओं को वर्कफोर्स में शामिल करने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे महिलाएं सम्मान के साथ कार्यबल में शामिल हो सकें।”यह बैठक केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक विचार-विमर्श का मंच है। इसमें उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास और देशभर में स्थायी रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा की गई।-







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