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नई दिल्ली। भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने के बाद पाकिस्तान ने 7 मई की रात को कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की। सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल हैं।
एकीकृत काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम से पाकिस्तान का हमला किया नाकामहालांकि भारत ने इन हमलों को एकीकृत काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा नाकाम कर दिया गया। इन हमलों के मलबे को अब कई स्थानों से बरामद किया जा रहा है, जो पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि करते हैं।एस-400 सुदर्शन चक्र ने पाकिस्तान की मिसाइलों को मार गिरायाभारतीय वायुसेना के एस-400 सुदर्शन चक्र वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम को कल रात भारत की ओर बढ़ रहे लक्ष्यों पर दागा गया। कई डोमेन विशेषज्ञों ने एएनआई को बताया कि ऑपरेशन में लक्ष्यों को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया गया। आधिकारिक सरकारी पुष्टि का इंतजार है।जवाबी कार्रवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को किया निष्प्रभावीवहीं आज गुरुवार सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई स्थानों पर वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को निशाना बनाया। भारतीय जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान की ही तरह उसी तीव्रता से की गई है। विश्वसनीय रूप से पता चला है कि लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को निष्प्रभावी कर दिया गया है।सूत्रों ने बताया कि भारत की ओर से बुधवार की सुबह शुरू किए गए कई सटीक हमलों में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है, जिससे इस समय हताहत हुए आतंकवादियों की सटीक संख्या बताना चुनौतीपूर्ण हो गया है।नौ प्रमुख आतंकी शिविरों को बनाया गया निशानाबताना चाहेंगे, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए हमलों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े पाकिस्तान के नौ प्रमुख आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। चार लक्ष्य पाकिस्तान के अंदर स्थित थे और शेष पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में स्थित थे। सुरक्षा बलों ने बहावलपुर, मुरीदके, सरजाल और महमूना जोया में चार आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया।भारत के निशाने पर पीओके के पांच अन्य स्थान भीमबर में मरकज अहले हदीस बरनाला, कोटली में मरकज अब्बास और मस्कर राहील शाहिद, शवाई नाला कैंप और मुजफ्फराबाद में मरकज सैयदना बिलाल थे। इस बीच, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में मोर्टार और भारी कैलिबर आर्टिलरी का इस्तेमाल करते हुए नियंत्रण रेखा के पार अपनी अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। भारत ने पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और आर्टिलरी की गोलीबारी रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की। -
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ने गुरदासपुर जिले में 8 मई से हर रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट का आदेश जारी किया है। यह फैसला सिविल डिफेंस एक्ट, 1968 के तहत इमरजेंसी स्थितियों से निपटने के लिए लिया गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक यह ब्लैकआउट अगले आदेश तक जारी रहेगा। गुरदासपुर की जेल और अस्पताल इस आदेश से बाहर रखे गए हैं, लेकिन उनके खिड़कियों को बंद और पूरी तरह ढका रहना अनिवार्य होगा, ताकि कोई रोशनी बाहर न जा सके।
यह निर्णय तब लिया गया जब भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के भीतर नौ आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने 7 मई की रात भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिनमें अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल हैं। इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।भारतीय सेना की इंटीग्रेटेड काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम्स ने सभी हमलों को समय रहते नाकाम कर दिया। इन प्रयासों को विफल करने में IAF की S-400 “सुदर्शन चक्र” एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली ने अहम भूमिका निभाई। इन हमलों के मलबे को कई जगहों से बरामद किया गया है, जो पाकिस्तान की भूमिका की पुष्टि करता है। वहीं गुरुवार सुबह, भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस राडार और सिस्टम्स को निशाना बनाया। लाहौर में एक एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। -
नई दिल्ली। भारत दौरे पर पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय सेना की तरफ से की गई एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा कि एक पड़ोसी और करीबी साझेदार के रूप में यह महत्वपूर्ण है कि आपको स्थिति की अच्छी समझ हो।
विदेश मंत्री जयशंकर ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा, “भारत की ओर से आपका स्वागत है। आज हम 20वीं भारत-ईरान संयुक्त आयोग की बैठक में सह-अध्यक्षता करेंगे। हाल के वर्षों में हमारे सहयोग में कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अक्टूबर 2024 में कजान में मुलाकात की थी और 26 अप्रैल को फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने हमारे संबंधों को और मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।”एस जयशंकर ने एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी देते हुए बताया, “महामहिम, इस साल हमारी कूटनीतिक साझेदारी की 75वीं वर्षगांठ है, जो हमारी गहरी दोस्ती और सहयोग को दर्शाती है। मुझे विश्वास है कि हम इसे उचित रूप से मनाएंगे। आप ऐसे समय में भारत आए हैं, जब हम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए एक क्रूर आतंकी हमले का जवाब दे रहे हैं। इसके जवाब में हमने 7 मई को सीमा पार आतंकी ढांचे पर लक्षित और संयमित कार्रवाई की।”विदेश मंत्री ने आगे कहा, “हमारा इरादा तनाव बढ़ाने का नहीं है, लेकिन अगर हम पर सैन्य हमले होते हैं, तो उसका जवाब बहुत कड़ा होगा। एक पड़ोसी और करीबी साझेदार के रूप में आपके लिए स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है। एक बार फिर दिल्ली में आपका हार्दिक स्वागत है।”ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची का भारत दौरा रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से है। दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश भारत-ईरान मैत्री संधि की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। अगस्त 2024 में पदभार ग्रहण करने के बाद से यह अराघची की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भारत-ईरान मैत्री संधि पर हस्ताक्षर की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संयुक्त आयोग की बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी हितों के मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए आगे के रास्ते की समीक्षा होगी। उनका राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का भी कार्यक्रम है। -
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके के नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। रक्षा मंत्रालय ने अपनी प्रेस ब्रीफिंग में इस कार्रवाई को सीमित, केंद्रित और बिना उकसावे वाला बताया। इस स्ट्राइक को लेकर पूरे देश में जहां खुशी का माहौल है, वहीं मशहूर हस्तियां भी भारतीय सशस्त्र बलों के साहस को सलाम कर रही हैं।
मशहूर हस्तियां भी भारतीय सशस्त्र बलों के साहस को सलाम कर रही हैंइस कड़ी में बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने प्रेस ब्रीफिंग की एक तस्वीर पोस्ट की और सैनिकों के प्रति अपना गहरा सम्मान और आभार व्यक्त किया है। करीना कपूर खान ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर प्रेस ब्रीफिंग की तस्वीर शेयर की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह नजर आ रही हैं।भारतीय सेना की बहादुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मेरा सलामकरीना कपूर खान ने लिखा, ”हम सेना के प्रयासों के लिए आभारी हैं। मैं उनकी बहादुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सलाम करती हूं। आइए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों। जय हिंद।” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर शेखर कपूर, रवीना टंडन, सुनील शेट्टी, रणदीप हुड्डा, सिद्धार्थ मल्होत्रा, मनीष पॉल, अमीषा पटेल, रोहित शेट्टी, संजय दत्त, जैकी भगनानी समेत अन्य सितारों की भी प्रतिक्रिया आई।भारतीय सेना दुनिया को दिखा रहा है कि वह राष्ट्र के लिए कितना जिम्मेदार हैफिल्म निर्माता-निर्देशक शेखर कपूर ने भारतीय सेना को सलाम करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ”पहलगाम आतंकी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया एक ऐसे राष्ट्र के लिए उपयुक्त है, जो दुनिया को दिखा रहा है कि वह कितना जिम्मेदार और आश्वस्त है। बिना किसी बयानबाजी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया गया। यह उन क्षेत्रों और संगठनों पर एक सटीक प्रहार है, जिन्होंने निर्दोष नागरिकों को मारने वाले आतंकियों का समर्थन किया था।”भारत हमेशा से शांति के पक्ष में खड़ा रहा हैअभिनेत्री रवीना टंडन ने लिखा, ”भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहा है। फिर भी, दशकों से हम ऐसे हमलों के शिकार होते आए हैं। दोनों देशों के बीच शांति के लिए कई पहल और बातचीत हुई। इसके बावजूद, पाकिस्तान लगातार अपनी सेना की मदद से ऐसा करता आया है, जिसकी वजह से अनगिनत निर्दोषों की जान जा चुकी है। दुनिया को अब आतंकी कारखानों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। भारत की कार्रवाई सोची-समझी है, जिसका उद्देश्य केवल आतंकियों को खत्म करने का है, न कि नागरिकों को। हमारे सैनिकों के साथ देशवासियों ने धैर्य और साहस दिखाया। मैं देश, हमारे सशस्त्र बलों, लीडर्स के साथ खड़ी हूं। श्री राम हमें बुराई का नाश करने के लिए मार्गदर्शन दें।” सुनील शेट्टी ने लिखा, ”आतंक के लिए कोई जगह नहीं है। जीरो टॉलरेंस, टोटल जस्टिस। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट करने की कार्रवाई के संबंध में विभिन्न राजनीतिक दलों को जानकारी देने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक के अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अध्यक्षता की और भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी सभी दलों के नेताओं के साथ साझा की। बैठक में सभी दलों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार और सेना के इस कदम का समर्थन किया।
रक्षा मंत्री ने सभी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से कहा, “आज सर्वदलीय बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बहुत अच्छे से हुई है। गंभीर विषय था इसलिए सभी ने गंभीरता से अपने बात रखी। सबसे पहले रक्षा मंत्री ने सभी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। इसके बाद सभी ने अपना मत रखा और सुझाव भी दिए। सभी नेताओं ने सेनाओं को बधाई भी दी। कहा कि हम एकजुट हैं और सेना की हर कार्रवाई में साथ देंगे। मैं सभी नेताओं को धन्यवाद करता हूं और ये सकारात्मक बैठक थी।”केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने फेक न्यूज के प्रति लोगों को किया आगाहरिजिजू ने फेक न्यूज़ के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा, “कई फेक न्यूज़ फैलाई जा रही हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि केवल प्रामाणिक सूचनाओं पर भरोसा करें और असत्यापित खबरों से बचें।” उन्होंने नेताओं द्वारा दिए गए सुझावों को मूल्यवान बताया और कहा कि सरकार इन पर विचार करेगी।कांग्रेस पार्टी का सरकार को पूर्ण समर्थनकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार को पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा की जाए, ताकि सांसद अपने विचार रख सकें और इससे जनता का विश्वास बढ़े। हालांकि, सरकार ने इस सुझाव पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया है। जैसा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने कहा, कि उन्होंने (सरकार ने) कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन पर हम चर्चा नहीं करना चाहते। सबने सपोर्ट किया है।वहीं, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया है। जैसा कि मल्लिकार्जुन खरगे जी ने कहा, कि उन्होंने (सरकार ने) कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन पर हम चर्चा नहीं करना चाहते, सबने सपोर्ट किया है।( -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राजधानी में आयोजित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और इसके परिणामों एवं आतंकी ठिकानों पर बमबारी के पीछे सरकार की मंशा और किसी भी संभावित स्थिति के लिए उसकी तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का उद्देश्यकेंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य विपक्षी नेताओं को सीमा पार आतंकी शिविरों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ सेना के सबसे व्यापक अभियानों में से एक के बारे में जानकारी देना था।इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अन्य सहित सभी दलों के शीर्ष नेताओं ने बैठक में भाग लिया।सभी दलों ने सेना की कार्रवाई की सराहना कीराजनाथ सिंह द्वारा विपक्ष को जानकारी दिए जाने के दौरान सभी दलों ने सेना की कार्रवाई की सराहना की और विदेशी धरती से पनप रहे आतंकवाद को कुचलने के सरकार के प्रयास में समर्थन जताया।किरेन रिजिजू ने कहा- सभी दलों ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाईसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी दलों ने सशस्त्र बलों की सराहना की और आतंक के खिलाफ एक स्वर में बात की। उन्होंने कहा “सभी दलों ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाई। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं है और सभी ने एक जैसी बातें कीं। उन्होंने सशस्त्र बलों की सराहना की और सरकार को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।”विपक्ष के नेता बोले- “हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दियाउन्होंने आगे कहा कि सभी दलों ने राजनीतिक परिपक्वता दिखाई और सशस्त्र बलों के साथ-साथ सरकार के लिए भी स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, “हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया है।”मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “बैठक में केंद्र ने हमें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। हमने उन्हें बताया कि हम सरकार के साथ हैं।”असदुद्दीन ओवैसी ने भी सफल ऑपरेशन के लिए सशस्त्र बलों को बधाई दीवहीं एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी ने भी सफल ऑपरेशन के लिए सशस्त्र बलों को बधाई दी और एक कदम आगे बढ़ते हुए सरकार से पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाले समूह द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाना शुरू करने को कहा।उन्होंने कहा, “मैंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए सशस्त्र बलों के साथ-साथ सरकार की भी सराहना की। हमें टीआरएफ के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय अभियान शुरू करना चाहिए ताकि इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया जा सके। हमें इसे आतंकवादी संगठन घोषित करने में अमेरिका का समर्थन भी लेना चाहिए।” -
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की और कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बिना किसी निर्दोष नागरिक को नुकसान पहुंचाए अंजाम दिया गया और न्यूनतम कोलेटरल डैमेज के साथ 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। राजनाथ सिंह ने यह बयान DRDO द्वारा आयोजित नेशनल क्वालिटी कॉन्क्लेव में दिया। उन्होंने कहा, “मैं हमारे सशस्त्र बलों को बधाई देता हूं जिन्होंने कल जिस साहस और वीरता से कार्रवाई की, वह प्रशंसनीय है। पाकिस्तान और पीओके में आतंकी शिविरों को नष्ट करना हमारे लिए गर्व की बात है।”
रक्षामंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की सटीकता अकल्पनीय थी। नौ आतंकी कैंपों को नष्ट किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मारा गया। यह कार्यवाही पूरी सावधानी के साथ की गई ताकि निर्दोष लोग प्रभावित न हों।” 7 मई की सुबह भारत ने लॉन्ग रेंज हाई-प्रिसिजन स्ट्राइक वेपन्स का इस्तेमाल कर पाकिस्तान और POK में गहराई तक मौजूद नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में 7 मई की रात भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों जैसे अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले की कोशिश की।भारतीय वायुसेना ने S-400 सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इन सभी हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। हमले का मलबा कई जगहों से बरामद हुआ है, जिससे पाकिस्तान की भूमिका की पुष्टि होती है। 8 मई की सुबह, भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस रडार और सिस्टम्स को निशाना बनाया। -
नई दिल्ली। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान की हालिया आक्रामक कार्रवाई का संयमित, सटीक और पूरी तरह लक्षित जवाब दिया है। इस बारे में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने आज गुरुवार को मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत ने 7 मई को जो जवाबी कार्रवाई की, वह गैर-भड़काऊ थी और केवल सुरक्षा खतरों पर केंद्रित थी।
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात भारत के कई सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। निशाने पर अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज जैसे शहर थे। लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली और एकीकृत काउंटर-यूएएस ग्रिड ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया।भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई वायु रक्षा रडार और सिस्टम को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। इसमें लाहौर स्थित एक वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। भारत ने यह स्पष्ट किया है कि वह केवल तभी सैन्य कार्रवाई करता है जब उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होता है।इसके साथ ही, पाकिस्तान ने कुपवाड़ा, बारामूला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में अकारण गोलाबारी की, जिसमें मोर्टार और भारी तोपों का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में तीन महिलाओं और पांच बच्चों सहित 16 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई। भारतीय सेना ने इस गोलीबारी का भी उचित और संतुलित जवाब दिया।भारत ने साफ किया है कि वह उकसावे में नहीं आता, लेकिन अगर देश की सुरक्षा पर हमला होता है, तो उसका निर्णायक और लक्षित जवाब दिया जाएगा। -
नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान सख्त संदेश देते हुए कहा है कि उसकी हाल की सैन्य कार्रवाई किसी भी तरह से उकसावे वाली नहीं थी, बल्कि यह 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि भारत ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है, किसी भी धार्मिक स्थल या आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान की असलियत अब पूरी दुनिया के सामने आ चुकी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री खुद स्वीकार कर चुके हैं कि उनके देश के आतंकी संगठनों से रिश्ते हैं। यह साबित करता है कि पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़ बन चुका है और वह इन आतंकवादी समूहों का समर्थन करता है।विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत पर झूठे आरोप लगाता है, जबकि सच यह है कि वह खुद आतंकियों को पनाह देता है। मिस्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ सबूत सौंपे थे, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।पाकिस्तान की उस मांग को भी भारत ने खारिज किया जिसमें उसने पहलगाम आतंकी हमले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय समिति बनाने की बात कही थी। मिस्री ने कहा कि भारत पहले भी कई बार हमलों के सबूत पाकिस्तान को देता रहा है, लेकिन उसने कभी भी जांच में सहयोग नहीं किया।भारत पर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के पाकिस्तान के आरोप पर विदेश सचिव ने कहा कि भारत ने केवल आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके उलट, पाकिस्तान ने एलओसी पर स्थित गुरुद्वारों को निशाना बनाया है, जो पूरी तरह निंदनीय है। विक्रम मिस्री ने यह भी बताया कि जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करने की बात आई, तो केवल पाकिस्तान ने इसका विरोध किया। यह स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान अब भी इन संगठनों को समर्थन और शरण दे रहा है।इस बीच, बुधवार रात पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इन हमलों का मकसद भारत के शहरों को नुकसान पहुंचाना था।
- उत्तरकाशी ।उत्तरकाशी में गंगनानी के पास तीर्थयात्रियों को ले जा रहा हेलिकॉप्टर आज दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में पायलट सहित 6 लोगों की मौत हे गई है, वहीं एक व्यकित घायल है। हेलिकॉप्टर एक निजी कंपनी का है।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घटना स्थल पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं ।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उत्तरकाशी के गंगनानी के समीप हेलीकॉप्टर क्रैश में कुछ लोगों के हताहत होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। ईश्वर हादसे में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। प्रशासन को घायलों को हर संभव सहायता पहुंचाने एवं हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लगातार अधिकारियों के संपर्क मंस हूं और हर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।“उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम की यात्रा चल रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। कुछ पैदल यात्रा पर निकले हैं तो कई लोग हेलीकॉप्टर से पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर मौसम विभाग ने गुरुवार को कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में बिजली गरजने के साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
- नई दिल्ली। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सेना की ओर से लगातार 14वें दिन गुरुवार को हुई गोलीबारी में एक सैनिक समेत 15 लोग मारे गए। इसके अलावा, 40 से अधिक घायल हुए हैं। रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने बयान में कहा, “7-8 मई 2025 की रात को पाकिस्तानी सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर के सामने वाले क्षेत्रों में एलओसी पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों और तोपखाने से गोलीबारी की।”भारतीय सेना ने दिया फायरिंग का मुंहतोड़ जवाबबयान में कहा गया है, “भारतीय सेना ने भी इस फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया।” सेना के नगरोटा मुख्यालय वाले व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर लिखा, “जीओसी और व्हाइट नाइट कोर के सभी रैंक 5 फील्ड रेजीमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं, जिन्होंने 7 मई 2025 को पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में अपने प्राणों की आहुति दी। हम पुंछ सेक्टर में मासूम नागरिकों पर किए गए टारगेट अटैक के सभी पीड़ितों संग खड़े हैं।”एलओसी के संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर किया जा रहा है स्थानांतरितजम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंचने के बाद एलओसी के संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। पुंछ और बारामूला के जिला अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायल नागरिक भर्ती हुए हैं और जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेष उपचार की जरूरत वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।जम्मू, पुंछ, राजौरी, सांबा, कठुआ, बारामूला, कुपवाड़ा और गुरेज में सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैंजम्मू, पुंछ, राजौरी, सांबा, कठुआ, बारामूला, कुपवाड़ा और गुरेज में सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, वायु सेना ने श्रीनगर हवाई अड्डे काे नियंत्रण में ले लिया है और 10 मई तक सभी नागरिक उड़ान संचालन निलंबित कर दिए गए हैं। बता दें कि भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किएरक्षा मंत्रालय (एमओडी) के बयान के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इनमें सवई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद (पीओके); मुरिदके (पाकिस्तान); सरजल कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान); मरकज अहले हदीस, बरनाला (पीओके); मरकज अब्बास, कोटली (पीओके); मेहमूना जोया कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान); मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर (पाकिस्तान); सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद (पीओके); और मसकर रहील शहीद गुलपुर कैंप, कोटली (पीओके) शामिल हैं। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए हमलों में पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है
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नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और उसके अंतरिक्ष यात्रियों के कदम चांद पर पहुंचेंगे। वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन के लिए अपने रिकॉर्ड किए गए संदेश में मोदी ने कहा कि देश में अन्वेषण के मिशनों में ‘‘मंगल और शुक्र भी हमारे रडार पर हैं''। उन्होंने मंगलवार को रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश में कहा, ‘‘भारत की अंतरिक्ष यात्रा का अर्थ दूसरों से प्रतिस्पर्धा करना नहीं है। इसका अर्थ है एक साथ मिलकर ऊंचाइयों को छूना। हम मानवता की भलाई के लिए अंतरिक्ष की खोज करने के वास्ते एकसाथ मिलकर लक्ष्य साझा करते हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत ने दक्षिण एशियाई देशों के लिए एक उपग्रह प्रक्षेपित किया है और ‘जी-20' देशों की अध्यक्षता के दौरान घोषित ‘जी-20 उपग्रह मिशन' ‘ग्लोबल साउथ' के लिए एक उपहार होगा। मोदी ने 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमारा पहला मानव अंतरिक्ष-उड़ान मिशन ‘गगनयान' हमारे देश की बढ़ती आकांक्षाओं को प्रदर्शित करता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले हफ्तों में, एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए इसरो-नासा के संयुक्त मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा करेगा। एक्सिओम-4 मिशन को 29 मई को प्रक्षेपित करने की योजना है और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला तथा तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री कक्षीय प्रयोगशाला में 14 दिन का प्रवास करेंगे। इसी तरह ग्लेक्स-2025 का आयोजन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री महासंघ और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा किया जा रहा है। मोदी ने कहा, ‘‘अंतरिक्ष केवल एक मंजिल नहीं है। यह जिज्ञासा, साहस और सामूहिक प्रगति की घोषणा है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा इसी भावना को प्रदर्शित करती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2035 तक, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन अनुसंधान और वैश्विक सहयोग में नई सीमाएं खोलेगा। वर्ष 2040 तक किसी भारतीय के कदम चंद्रमा पर होंगे। मंगल और शुक्र भी हमारे रडार पर हैं।'' मोदी ने कहा कि वर्ष 1963 में एक छोटे रॉकेट को लॉन्च करने से लेकर, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बनने तक, हमारी यात्रा उल्लेखनीय रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी यात्रा उल्लेखनीय रही है। हमारे रॉकेट 1.4 अरब भारतीयों के सपने लेकर जाते हैं। भारत की उपलब्धियां महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पड़ाव हैं। इसके अलावा, वे इस बात का सबूत हैं कि मानवीय भावना गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे सकती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने वर्ष 2014 में अपने पहले प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंचकर इतिहास रच दिया। चंद्रयान-1 ने चंद्रमा पर पानी की खोज में सहायता की। चंद्रयान-2 ने हमें चंद्रमा की उच्चतम-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भेजीं। चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के बारे में हमारी समझ को बढ़ाया।'' मोदी ने कहा, ‘‘हमने रिकॉर्ड समय में क्रायोजेनिक इंजन तैयार किए। हमने एक ही मिशन में 100 उपग्रह भेजे। हमने अपने प्रक्षेपण यानों से 34 देशों के 400 से अधिक उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं। इस वर्ष हमने दो उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित किया, जो एक बड़ा कदम है।
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नयी दिल्ली. आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को विद्युत क्षेत्र को कोयला आवंटन के लिए भारत में पारदर्शी तरीके से कोयला दोहन व आवंटन की संशोधित योजना (शक्ति) को मंजूरी दे दी, ताकि उन्हें दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक कोयला आवश्यकता को पूरा करने में मदद मिल सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने ‘लिंकेज' प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से यह मंजूरी दी। कोयला मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ सीसीईए ने केंद्रीय क्षेत्र/राज्य क्षेत्र/स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी) के ताप विद्युत संयंत्रों को नए कोयला लिंकेज देने को मंजूरी दे दी है।'' संशोधित शक्ति (भारत में पारदर्शी रूप से कोयला दोहन व आवंटन योजना) नीति की शुरूआत के साथ दो विकल्प केंद्रीय उत्पादन कंपनियों/राज्यों को अधिसूचित मूल्य पर कोयला लिंकेज तथा सभी उत्पादन कंपनियों को अधिसूचित मूल्य से अधिक प्रीमियम पर कोयला लिंकेज प्रस्तावित किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि ‘अधिसूचित मूल्य पर कोयला' खंड के अंतर्गत संयुक्त उद्यमों (जेवी) और उनकी अनुषंगी कंपनियों सहित केंद्रीय क्षेत्र की ताप विद्युत परियोजनाओं (टीपीपी) को कोयला लिंकेज प्रदान करने की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। इसके अलावा, राज्यों के लिए निर्धारित कोयला लिंकेज का उपयोग राज्य अपनी विद्युत उत्पादन कंपनियों, शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के माध्यम से पहचाने जाने वाले स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों (आईपीपी) या विद्युत क्रय समझौता (पीपीए) वाले मौजूदा आईपीपी द्वारा 'अधिसूचित मूल्य पर कोयला' खिड़की के तहत नई विस्तार इकाई की स्थापना के लिए कर सकते हैं। ‘अधिसूचित मूल्य से अधिक प्रीमियम' खंड के अंतर्गत, कोई भी घरेलू कोयला आधारित विद्युत उत्पादक जिसके पास पीपीए है या जो संबद्ध नहीं है तथा आयातित कोयला आधारित विद्युत संयंत्र (यदि उन्हें ऐसा चाहिए) नीलामी के आधार पर 12 महीने तक की अवधि के लिए या 12 महीने से अधिक की अवधि के लिए 25 वर्ष तक कोयला प्राप्त कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय क्षेत्र की ताप विद्युत परियोजनाओं (टीपीपी) को विद्युत मंत्रालय की सिफारिश पर नामांकन के आधार पर कोयला लिंकेज मिलना जारी रहेगा। वहीं विद्युत मंत्रालय की सिफारिश पर नामांकन के आधार पर राज्यों को निर्धारित लिंकेज का इस्तेमाल, राज्यों में राज्य उत्पादन कंपनी द्वारा किया जा सकेगा।
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नयी दिल्ली.सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय योजना एवं कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की बुधवार को मंजूरी दे दी। इसका कुल परिव्यय 60,000 करोड़ रुपये होगा। यह भारत की व्यावसायिक शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘ योजना का लक्ष्य 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को उद्योग से जुड़े नए ‘ट्रेड' (पाठ्यक्रमों) के साथ ‘हब' व ‘स्पोक' व्यवस्था में उन्नत बनाना और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता बढ़ाना है। इसमें इन संस्थानों में कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना भी शामिल है।
वित्त वर्ष 2024-25 और वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के अनुसार, इसे केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा, जिसका परिव्यय 60,000 करोड़ रुपये होगा। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 30,000 करोड़ रुपये, राज्य की 20,000 करोड़ रुपये और उद्योग की 10,000 करोड़ रुपये हिस्सेदारी होगी। साथ ही एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक द्वारा केंद्रीय हिस्से के 50 प्रतिशत की सीमा तक समान रूप से सह-वित्तपोषण किया जाएगा। - नयी दिल्ली । पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए आसूचना ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी मनीष रंजन की पत्नी जया मिश्रा ने भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में किए गए मिसाइल हमलों को ‘जरूरी' कदम बताया और साथ ही कहा कि कार्रवाई ऐसी हो कि ‘फिर किसी का सिंदूर न उजड़े और कोई बच्चा अनाथ न हो।' उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। जया ने अपने पति को ‘शहीद' का दर्जा दिए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहती हूं कि मेरे पति को शहीद का दर्जा मिले। यह अवश्य मिलना चाहिए।''अपने पति की मौत के मातम में डूबी जया ने कहा कि सरकार को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि फिर किसी का सिंदूर न उजड़े और फिर किसी के बच्चे अनाथ न हों। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित झालदा शहर से फोन पर बातचीत में जया ने बुधवार को कहा, ‘‘यह कार्रवाई (मिसाइल हमले की) बिल्कुल होनी चाहिए थी। जरूरी था। मैं तो चाहती हूं कि पूरा पाकिस्तान ही तबाह हो जाए। हमारे घर में जो आतंकवादी छुपे हैं, उन पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे वह कश्मीर में छिपे हों या देश के दूसरे कोनों में। उनका खात्मा होना चाहिए।'' यह पूछे जाने पर कि सशस्त्र बलों की आज की कार्रवाई से उन्हें कुछ सुकून तो मिला होगा, जया ने कहा कि ‘सुकून तो अब मिलने वाला नहीं है'। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ तसल्ली जरूर मिलेगी। आतंकवाद का समर्थन करने वाले और आतंकवादियों को पनाह देने वाले हर शख्स को चुन-चुन कर मारा जाए, चाहे वह कोई हिन्दुस्तानी हो या पाकिस्तानी।'' जया ने कहा कि पाकिस्तान तो तबाह हो जाएगा और अपनी मौत मारा जाएगा लेकिन सीमा पार के आतंकवादियों से कहीं ज्यादा खतरा उन लोगों से है जो ‘अपने ही देश में छुपे' हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनका खात्मा जरूरी है।''यह पूछे जाने पर कि वह सरकार से और क्या चाहती हैं, जया ने कहा, ‘‘एक बात जरूर कहना चाहती हूं कि आने वाली पीढ़ी को यह सब न सहना पड़े। ऐसे हमलों में किसी का सिंदूर न उजड़े, कोई बच्चा अनाथ न हो।'' मनीष रंजन हैदराबाद में आईबी के ‘सेक्शन ऑफिसर' के पद पर तैनात थे और पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए थे। उनके अलावा इस हमले में और 25 लोग मारे गए थे। मनीष रंजन अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ छुट्टियों में दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में ‘मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटन स्थल बैसरन की वादियों में घूमने गए थे। मूल रूप से बिहार के रहने वाले मनीष रंजन का अंतिम संस्कार झालदा में किया गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी थी। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने सख्त जवाबी कार्रवाई में मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये, जिनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं। इस अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर भावुक जया ने कहा, ‘‘जब मेरा ही सिंदूर उजड़ गया तो फिर इसका क्या? यह सारी चीजें पहले ही हो जानी चाहिए थीं। इसी बात का तो बहुत ज्यादा गुस्सा है...ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ और। मेरा सिंदूर तो वापस नहीं आएगा।'' जया ने कहा कि उन्हें इस बात का बहुत कष्ट है कि सरकार ऐसी कार्रवाई पहले क्यों नहीं करती और क्यों लोगों के मारे जाने का इंतजार करती है? उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को सब कुछ पता होता है। कौन-कौन से आतंकवादी संगठन हैं और कौन-कौन लोग उनके कमांडर या प्रमुख हैं। तो फिर लोगों के मारे जाने का इंतजार क्यों किया जाता है? इतने सारे लोग चले गए तब जाकर आप ऑपरेशन कर रहे हैं। क्या फायदा ऐसी कार्रवाई का? पहले ही कार्रवाई कीजिए। मरने का इंतजार क्यों?'' जया ने कहा कि आतंकवादियों को ‘कोर्ट ट्रायल' का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए बल्कि ‘सीधे गोली मार दी जानी चाहिए, जैसे मेरे पति को मारी गई थी'। पहलगाम हमले में जया और बच्चों के सामने ही आतंकवादियों ने मनीष रंजन की हत्या की थी।जया ने 22 अप्रैल की घटना को याद करते हुए कहा कि मनीष को गोली लगने के बाद वह अपने बच्चों की जान बचाने के लिए 10-11 किलोमीटर तक भागती रहीं लेकिन उन्हें कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं मिला। पहलगाम की घटना के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ठीक से याद नहीं है लेकिन करीब 10-11 किलोमीटर भागी थी बच्चों को लेकर। लेकिन कोई बचाने नहीं आया। लगातार गोलियां चल रही थीं। मैं जंगलों में भाग रही थी बच्चों को लेकर, इस उम्मीद में कि कोई तो बचाने आएगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘बहुत गुस्सा भी आ रहा था। नीचे पहुंचीं तो लोगों ने बताया कि वे भारतीय सेना से हैं।''पहलगाम हमले के बाद जया का एक वीडियो बहुत वायरल हुआ था, जिसमें वह कहती सुनी जा रही हैं कि मेरे बच्चों को मत मारो। इसी दौरान सेना का एक जवान यह कहता है कि वह ‘इंडियन आर्मी' से है।
- अमृतसर/तरनतारन. भारत और पाकिस्तान के मध्य बुधवार को बढ़े तनाव के बीच दोनों सीमावर्ती अमृतसर तथा तरनतारन के गांवों में स्थिति शांत है और लोग रोजमर्रा के अपने काम करते नजर आए। भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये, जिनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं। अधिकारियों ने विद्यालयों और अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि, दोनों जिलों में लोग शांत हैं। तरनतारन के सीमावर्ती गांव चिन्ना बिधि चंद के निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि गांव में किसी तरह की दहशत नहीं है। स्कूल बंद होने के कारण बच्चे अपने घरों में हैं। तरनतारन के सीमावर्ती गांव नौशहरा ढल्ला के रहने वाले सुच्चा सिंह ने कहा कि लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त हैं और किसान अपने खेतों में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी सरकारी अधिकारी ने लोगों को उनके घरों को छोड़ने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए नहीं कहा है। तरनतारन जिले के सीमावर्ती गांव के एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि किसी ने उन्हें घर छोड़ने के लिए नहीं कहा। ग्रामीण ने कहा, ‘‘गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है।''अमृतसर जिले के अटारी, महावा, पुल मोहरा और भिखविंड के सीमावर्ती गांवों में भी स्थिति शांत नजर आई।अटारी में एक ग्रामीण ने बताया कि उन्हें दूसरी जगहों से रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं और वे स्थिति के बारे में जानना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है और वे बिल्कुल भी डरे हुए नहीं हैं। हालांकि, जिन किसानों के खेत कंटीले बाड़ से परे हैं, उन्हें अपने खेतों में जाने की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि अमृतसर और तरनतारन जिलों की सभी सीमाओं (भारत-पाकिस्तान से जुड़ी सीमा) पर गेट बंद हैं। इस बीच, लोग अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर कतारों में खड़े हुए नजर आए। अमृतसर हवाई अड्डे के निदेशक ने लिखित रूप से बताया कि सभी वाणिज्यिक/नागरिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान परिचालन 10 मई सुबह 5.30 बजे तक निलंबित कर दिये गये हैं।
- नयी दिल्ली.। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के लिए बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘नया भारत' आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने में सक्षम और दृढ़ संकल्पित है। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी की प्रतिक्रिया आई। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई इस कार्रवाई में बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना भी तबाह कर दिया गया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। ‘ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या पर भारत का जवाब है।'' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहलगाम पर भारत का संदेश - अगर हमें छेड़ोगे, तो हम छोड़ेंगे नहीं।'' नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत की आत्मा पर हमला करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने में सक्षम और दृढ़ संकल्पित है। हम आतंकवाद के खतरे को मिटा देंगे।''केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सशस्त्र बलों की वीरता और साहस को सलाम किया और कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के साथ पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘कहा था आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे, लो... मिला दिया। पहलगाम का बदला पूरा हुआ। सेना के शौर्य व साहस को सलाम। अपनी बहनों के सिंदूर का बदला भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' से लिया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा सक्षम, सशक्त, सक्षम और सामर्थ्यवान भारत है।'' प्रधान ने कहा, ‘‘आज का भारत अपनी रक्षा करना भी जानता है और मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है। देश ने आतंकवाद के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख एक बार फिर जाहिर कर दिया है।''भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्रवाई ‘नए भारत की भावना' को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के सशस्त्र बलों को सलाम। उन्होंने यह कर दिखाया है! आपका साहस शब्दों से ज्यादा बोलता है, और आपके कार्य नए भारत की भावना को दर्शाते हैं। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले का बदला लिया है!'' भाजपा ने पाकिस्तान को एक परोक्ष संदेश में ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह नया भारत है। घर में घुसकर मारेगा।''
- -18 हवाई अड्डों पर परिचालन अस्थायी रूप से बंदनयी दिल्ली/मुंबई/बेंगलुरु. पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मंगलवार देर रात सशस्त्र बलों द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के कारण 200 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और श्रीनगर सहित कम से कम 18 हवाई अड्डों पर परिचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। एअर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और कुछ विदेशी एयरलाइनों ने विभिन्न हवाई अड्डों के लिए अपनी सेवाएं रद्द कर दीं। सूत्रों ने बताया कि देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में कम से कम 18 हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इनमें श्रीनगर, लेह, जम्मू, अमृतसर, पठानकोट, चंडीगढ़, जोधपुर, जैसलमेर, शिमला, धर्मशाला और जामनगर शामिल हैं। सूत्र के अनुसार, एयरलाइनों ने विभिन्न हवाई अड्डों से आने-जाने वाली 200 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं जिनमें अकेले इंडिगो ने लगभग 160 उड़ानें रद्द की हैं। एअर इंडिया ने कहा, ‘‘विमानन अधिकारियों द्वारा इन हवाई अड्डों को बंद करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट जैसे हवाई अड्डों से आने-जाने वाली एअर इंडिया की उड़ानें 10 मई को 05:29 बजे (भारतीय समयानुसार) तक रद्द की जा रही हैं।'' सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में एयरलाइन ने यह भी कहा कि इस अवधि के दौरान यात्रा के लिए वैध टिकट रखने वाले यात्रियों को पुनर्निर्धारण शुल्क पर एक बार की छूट या रद्द के लिए पूर्ण धन वापसी की पेशकश की जाएगी। इंडिगो ने कहा कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, धर्मशाला, बीकानेर और जोधपुर से आने-जाने वाली उड़ानें दिनभर के लिए रद्द कर दी गई हैं। एयरलाइन ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमें अपने नेटवर्क में उड़ान कार्यक्रम में बदलाव की आशंका है और सभी ग्राहकों को सलाह देते हैं कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति के बारे में अद्यतन जानकारी प्राप्त करें।'' ‘एक्स' पर साझा की गई जानकारी में स्पाइसजेट ने कहा कि धर्मशाला, लेह, जम्मू, श्रीनगर और अमृतसर सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हवाई अड्डे अगले आदेश तक बंद रहेंगे। प्रस्थान, आगमन और परिस्थितिवश अन्य उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। प्रभावित यात्री उपलब्धता के अनुसार पूर्ण धनवापसी या वैकल्पिक उड़ान का विकल्प चुन सकते हैं। एक सूत्र ने बताया कि देश के सबसे बड़े और व्यस्ततम हवाई अड्डे दिल्ली हवाई अड्डे से रात 12 बजे से कम से कम 35 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सूत्र ने बताया कि 23 प्रस्थान और आठ आगमन संबंधी घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा, चार अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान संबंधी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अमेरिकन एयरलाइंस सहित विदेशी एयरलाइनों ने दिल्ली हवाई अड्डे से अपनी कुछ सेवाएं रद्द कर दी हैं। अकासा एयर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘क्षेत्र में मौजूदा स्थिति के कारण, श्रीनगर हवाई अड्डे को नागरिक परिचालन के लिए बंद कर दिया गया है। परिणामस्वरूप, श्रीनगर से हमारी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।'' क्षेत्रीय विमानन कंपनी स्टार एयर ने कहा कि नांदेड़, हिंडन, आदमपुर, किशनगढ़ और भुज के लिए उसकी उड़ानें आज के लिए रद्द कर दी गई हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण हमारे नेटवर्क की कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिनमें अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर और हिंडन से आने-जाने वाली उड़ानें दोपहर तक रद्द करना शामिल है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कृपया ध्यान दें, हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं।'' डीआईएएल, राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) का संचालन करता है।बेंगलुरु हवाई अड्डा ने बुधवार को यात्रियों के लिए एक परामर्श जारी किया, जिसमें कहा गया कि मौजूदा हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण सात मई को कुछ उड़ानें रद्द कर दी गई । बेंगलुरु (बीएलआर) हवाई अड्डा ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइनों से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें। बीएलआर हवाई अड्डा ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हमें हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण अपने नेटवर्क में कुछ उड़ानों पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। सभी यात्रियों से अनुरोध है कि कृपया नवीनतम जानकारी के लिए सीधे अपनी एयरलाइन से संपर्क करें। आप उनके (एक्स) पेज पर समय-समय पर अपडेट भी पा सकते हैं।'' इस बीच, कतर एयरवेज ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उसने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण पाकिस्तान के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। पहगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा शामिल है।
- नयी दिल्ली/नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए न्याय की शुरुआत है। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर का जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत - ‘ऑपरेशन सिंदूर' - न्याय हुआ। राष्ट्र समर्थन करता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जय हिंद। भारत माता की जय हो।''पहलगाम हमले के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सैन्य हमले किए गए। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत जिन नौ ठिकानों पर हमला किया गया, उनमें से चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे। वायुसेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन ठिकानों पर स्वास्थ्य केंद्रों की आड़ में आतंकी ठिकाने संचालित हो रहे हैं, ताकि उनका पता नहीं चल सके।
- अहमदाबाद. । पहलगाम आतंकी हमले में अपने पति और पुत्र को खोने वाली एक महिला ने बुधवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। गुजरात के भावनगर की काजलबेन परमार ने सरकार से अनुरोध किया कि जब तक पाकिस्तान का सफाया नहीं हो जाता, उसके खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। सूरत की रहने वाली एक अन्य महिला, जिनके पति की भी आतंकी हमले में मौत हो गई थी, ने सेना की कार्रवाई पर खुशी जताई और कहा कि उसे सरकार पर पूरा भरोसा है। काजलबेन परमार ने भावनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पाकिस्तान पर हवाई हमले को लेकर मुझे बहुत गर्व है। मैं सशस्त्र बलों को सलाम करती हूं और भारत माता की जयकार करती हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आभारी हूं और इस हमले से बहुत खुश हूं। ऐसे हमले जारी रखें और पाकिस्तान को मिटा दें, मोदी साहब से यही मेरी प्रार्थना है।'' पहलगाम आतंकी हमले में उनके पति यतीश परमार और बेटे स्मित की भी मौत हो गयी थी। 22 अप्रैल के आतंकी हमले में गुजरात के तीन लोगों की मौत हो गयी थी। काजलबेन परमार ने कहा, ‘‘मेरा बेटा 12वीं कक्षा में था। वह अक्सर मुझसे कहता था कि वह भारतीय सेना में शामिल होना चाहता है और देश के लिए लड़ना चाहता है। लेकिन उससे पहले, हम मोरारी बापू की राम कथा में भाग लेने के लिए कश्मीर गए और पहलगाम गए, जहां उन लोगों ने (आतंकवादियों ने) मेरे बेटे और पति को मार डाला। मैं पाकिस्तान का सफाया होते देखना चाहती हूं।'' काजलबेन के बड़े बेटे अभिषेक परमार ने कहा कि वह पहलगाम आतंकवादी हमले के 15वें दिन पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई से बहुत खुश है। अभिषेक ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने 15वें दिन पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की। मैंने अपने पिता और भाई को खो दिया। अब मोदी ने उन्हें जवाब दे दिया है और मैं इस बात से खुश हूं।'' दिवंगत शैलेश कलाथिया की पत्नी शीतलबेन कलाथिया ने संवाददाताओं से कहा कि वह पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कार्रवाई से ‘‘बहुत संतुष्ट'' हैं। उन्होंने सूरत में कहा, ‘‘मोदी सरकार ने उन लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए जो कुछ भी किया है, उससे मैं बहुत खुश हूं, जिन्होंने हिंदू और मुसलमान के नाम पर मेरे पति और अन्य लोगों की जान ले ली। हमें सरकार पर पूरा भरोसा है और उसने अब तक जो कुछ भी किया है, वह उचित है।'' उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को छीन लिया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब तक इस बात को स्वीकार नहीं कर पाई है कि उसकी आंखों के सामने उसके पिता के साथ क्या हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हम तबाह हो गए हैं। हम गुजरात सरकार से अपील करते हैं कि वह हमारे बच्चों के भविष्य और शिक्षा के लिए जो कुछ कर सकती है, करे। मैं पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई से बहुत खुश हूं।''
- नयी दिल्ली.।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर' चलाए जाने के कुछ घंटे बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। सूत्रों का कहना है कि जैसे ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में कैबिनेट को जानकारी दी, पूरे मंत्रिमंडल ने मेजें थपथपाकर इस कार्रवाई और प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की। समझा जाता है कि मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी अलग से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत ये सैन्य हमले किए गए। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 भारतीय नागरिकों की जान गई थी। मंत्रिमंडल की बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी को स्थिति से अवगत कराया।
- -बैठक में उपस्थित सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी और तीनों सेनाओं का अभिनंदन किया-ऑपरेशन सिंदूर, भारत की सीमा, सेना और नागरिकों की ओर आंख उठाने वालों को भारत का मुंहतोड़ जवाब-पहलगाम आतंकी हमले को नज़रअंदाज किए बिना ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इसका उचित जवाब दिया है जिससे पूरी दुनिया में एक मज़बूत संदेश गया है-ऑपरेशन सिंदूर पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की zero tolerance की नीति का परिचायक है-इस समय देश ने एकजुटता का जो प्रदर्शन किया है उससे देशवासियों का हौंसला बढ़ा है-अत्यावश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, अग्निशमन आदि के सुचारु संचालन की व्यवस्था की जाए और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए-गृह मंत्री ने राज्यों से SDRF, सिविल डिफेंस, होमगार्ड्स, एनसीसी आदि को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रखने को कहा-सोशल एवं अन्य मीडिया में अवांछनीय तत्वों द्वारा देश विरोधी दुष्प्रचार पर कड़ी नजर रखी जाए और राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से इस पर त्वरित कार्रवाई हो-Seamless communication को बनाए रखने के हरसंभव प्रयास हों और vulnerable points की सुरक्षा को भी और दुरुस्त किया जाएनई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में पाकिस्तान और नेपाल के सीमावर्ती राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के उपराज्यपाल और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और सिक्किम सरकार के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 22 अप्रैल, 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि देश इस आतंकी हमले के गुनहगारों और आतंकवाद के समर्थकों को कड़ा जवाब देगा। गृह मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णय़ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, भारत की सीमा, सेना और नागरिकों की ओर आंख उठाने वालों को भारत का मुंहतोड़ जवाब है। बैठक में उपस्थित सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी और तीनों सेनाओं का अभिनंदन किया।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को नज़रअंदाज किए बिना ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इसका उचित जवाब दिया है जिससे पूरी दुनिया को एक मज़बूत संदेश गया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा specific inputs के बाद आतंकी कैंपों के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की zero tolerance की नीति का परिचायक है। श्री शाह ने कहा कि इस समय देश ने एकजुटता का जो प्रदर्शन किया है उससे देशवासियों का हौंसला बढ़ा है।श्री अमित शाह ने कहा कि 6-7 मई, 2025 की रात भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने आतंकवादियों से जुड़े 9 specific स्थानों पर हमला कर आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया। गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा किए गए इस हमले में लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज़्बुल मुजाहिदीन और अन्य आतंकी संगठनों के आतंकवादी प्रशिक्षण और हथियार कैंपों और ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मॉक ड्रिल के लिए जारी दिशानिर्देशों के तहत सभी राज्य अपनी तैयारियां करें। उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, अग्निशमन आदि के सुचारु संचालन की व्यवस्था की जाए और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। गृह मंत्री ने राज्यों से SDRF, सिविल डिफेंस, होमगार्ड्स, एनसीसी आदि को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रखने को कहा। उन्होंने कहा कि नागरिकों और गैरसरकारी संगठनों के माध्य़म से जनभागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जाए।श्री अमित शाह ने कहा कि सोशल एवं अन्य मीडिया में अवांछनीय तत्वों द्वारा देश विरोधी दुष्प्रचार पर कड़ी नजर रखी जाए और राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से इस पर त्वरित कार्रवाई हो। गृह मंत्री ने कहा कि seamless communication को बनाए रखने के हरसंभव प्रयास हों और vulnerable points की सुरक्षा को भी और दुरुस्त किया जाए। उन्होंने राज्यों से कहा कि वे जनता में अकारण भय फैलने से रोकें और अफवाहों के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए उचित कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच समन्वय को और बेहतर किया जाए।
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नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर हमलों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कई देशों के एनएसए के साथ बातचीत की। डोभाल ने अपने समकक्षों को भारत की तरफ से की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। अजीत डोभाल ने अमेरिका के एनएसए और विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के एनएसए जोनाथन पॉवेल, सऊदी अरब के एनएसए मुसैद अल ऐबन, यूएई के एनएसए शेख तहनून, यूएई के एनएससी के महासचिव अली अल शम्सी और जापान के एनएसए मासातका ओकानो से बात की।
डोभाल ने अपने समकक्षों को भारत की तरफ से की गई कार्रवाई और क्रियान्वयन के तरीके के बारे में जानकारी दीइसके अलावा, रूस के एनएसए सर्गेई शोइगु, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी और फ्रांस के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोन्ने के साथ भी संपर्क स्थापित किया गया।डोभाल ने अपने समकक्षों को भारत की तरफ से की गई कार्रवाई और क्रियान्वयन के तरीके के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का तनाव बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान तनाव बढ़ाने का फैसला करता है तो भारत इसका दृढ़ता से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। एनएसए आने वाले दिनों में भी अपने समकक्षों के साथ संपर्क में रहेंगे।सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाईवहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने बुधवार की सुबह संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया थाकर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन को लेकर बताया, “पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और पीओके दोनों में फैला हुआ है। पीओजेके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।” -
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत ने बिना सीमा पार किए हैमर, स्कल्प और मिसाइलों से पाकिस्तान और पीओके में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के 9 ठिकाने बर्बाद कर दिए। इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय मरकज सुभान अल्लाह रहा।
जैश-ए-मोहम्मद का सबसे महत्वपूर्ण आतंकी केंद्र था मरकज सुभान अल्लाहमरकज सुभान अल्लाह जैश-ए-मोहम्मद का सबसे महत्वपूर्ण आतंकी केंद्र था, जो बहावलपुर में 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह केंद्र पुलवामा हमले जैसे आतंकी हमलों की योजना और प्रशिक्षण का गढ़ रहा है। मरकज सुभान अल्लाह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर के बाहरी इलाके में एनएच-5 कराची-तोर्क हम राजमार्ग पर कराची मोड़ के पास स्थित है। यह जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य प्रशिक्षण और प्रचार केंद्र है। जैश-ए-मोहम्मद का यह परिचालन मुख्यालय 14 फरवरी, 2019 के पुलवामा हमले सहित कई आतंकी योजनाओं से जुड़ा हुआ है। 2015 में अफ्रीकी देशों (यूके सहित) से जुटाए गए धन से इसका निर्माण किया गया था।किस काम में इस केंद्र का होता था इस्तेमालइस केंद्र का इस्तेमाल जैश-ए-मोहम्मद के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने, विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने और आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए किया जाता था। इस केंद्र में 600 से अधिक कैडर (आतंकी) रहकर प्रशिक्षण ले रहे थे। सैटेलाइट इमेजरी से पुष्टि हुई है कि मरकज सुभान अल्लाह के प्रशिक्षण शिविर, जिम्नेजियम, स्विमिंग पूल और हथियार डिपो पूरी तरह नष्ट हो गए। भारत के इस हमले ने जैश और आईएसआई को गहरा झटका दिया है, क्योंकि भारत ने 100 किलोमीटर अंदर तक सटीक हमला किया है।मसूद अजहर ने इस केंद्र को आवास बना रखा थाजैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख नेता मौलाना मसूद अजहर ने इस केंद्र को आवास बना रखा था। फिलहाल जैश प्रमुख मसूद अजहर को इस्लामाबाद (रावलपिंडी) में पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षात्मक हिरासत में ले रखा है। यहीं पर जैश के वास्तविक प्रमुख मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और जैश के सशस्त्र विंग का प्रमुख यूसुफ अजहर (उस्ताद घोरी) ने अड्डा बना रखा था। वह रिश्ते में मसूद अजहर का साला भी है। यहीं से आतंकियों को राइफल, रॉकेट लॉन्चर और विस्फोटकों का प्रशिक्षण दिया जाता था। शारीरिक प्रशिक्षण के लिए मार्च, 2018 से जिम्नेजियम, जुलाई, 2018 से स्विमिंग पूल और गहरे पानी में गोताखोरी पाठ्यक्रम चलाया जाता था।पुलवामा हमले के लिए प्रशिक्षण केंद्र था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थेसटीक सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मरकज सुभान अल्लाह इस ऑपरेशन का प्रमुख लक्ष्य था। यहां पर कट्टरपंथी विचारधारा का धार्मिक प्रशिक्षण देने के लिए मौलाना रफीक उल्लाह 2022 से मुख्य प्रशिक्षक तैनात हैं।मरकज सुभान अल्लाह 2019 के पुलवामा हमले के लिए प्रशिक्षण केंद्र था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इसी के बाद भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। मरकज सुभान अल्लाह को ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायु सेना ने स्कैल्प और हैमर मिसाइलों का उपयोग करके तबाह कर दिया। -
नई दिल्ली। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर ने माना कि बुधवार की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए मिसाइल हमलों में उसके परिवार के 10 सदस्य मारे गए। मसूद का नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल है।
मीडिया को जारी किए गए उर्दू बयान में मसूद ने कहा, “मेरे परिवार के 10 सदस्य जिनमें पांच बच्चे, मेरी बड़ी बहन और उसका पति, मेरा इस्लामिक विद्वान भतीजा, उसकी पत्नी और मेरी भतीजी शामिल हैं, इसके अलावा मेरी पुरानी दोस्त हजीफा, उसकी मां और दो अन्य सहकर्मी भी मारे गए।”मीडिया को दिया बयानमीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि हमले में अपनों के मारे जाने पर मसूद अजहर फूट-फूटकर रोया। साथ ही मसूद ने कहा, मैं शब्दों से परे दुखी हूं, लेकिन मुझे न तो खेद है, न ही डर है। मैं अल्लाह से प्रार्थना कर रहा हूं कि मुझे अल्लाह के इन 14 मेहमानों में शामिल किया जाए जो आज शहीद हो गए हैं।पीओके में आतंकवादी ढांचे को सटीकता से बनाया निशानाबुधवार को करीब 1:44 बजे भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचे को सटीकता से निशाना बनाया और पाकिस्तान में किसी भी सैन्य लक्ष्य पर हमला नहीं किया।


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