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नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा की गई सटीक कार्रवाई के बाद, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने बुधवार को करतारपुर कॉरिडोर को “अगले आदेश तक” बंद करने की घोषणा की।
गुरदासपुर के उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि कॉरिडोर आज बंद है, जिला प्रशासन को कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ हैपंजाब के गुरदासपुर जिले के उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि कॉरिडोर आज के लिए बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों के लिए जिला प्रशासन को कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। पाकिस्तान के नारोवाल जिले स्थित ऐतिहासिक श्री दरबार साहिब गुरुद्वारा की यात्रा पर निकले लगभग 150 भारतीय श्रद्धालु गुरदासपुर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्हें वापस लौटने को कहा गया।डेरा बाबा नानक स्थित आईसीपी के ज़रिए श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर में प्रवेश करते हैंगुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक स्थित आईसीपी के ज़रिए श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर में प्रवेश करते हैं। एक श्रद्धालु ने मीडिया से कहा, “इमिग्रेशन और रक्षा अधिकारियों ने हमें बताया कि स्थिति अनुकूल नहीं है और हमें लगभग सुबह 11 बजे वापस लौटने की सलाह दी।”सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष यहीं बिताए थे और यहीं उनका निधन हुआ थायह गुरुद्वारा सिखों के लिए अत्यंत आध्यात्मिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे और यहीं उनका निधन हुआ था। 9 नवंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित किया गया करतारपुर कॉरिडोर एक वीज़ा-मुक्त सीमा मार्ग है, जो भारतीय नागरिकों और ओवरसीज़ सिटीज़न्स ऑफ़ इंडिया (ओसीआई) कार्ड धारकों को भारत-पाकिस्तान सीमा से मात्र 4.7 किलोमीटर दूर स्थित गुरुद्वारे तक बिना वीज़ा के जाने की अनुमति देता है।भारतीय सैन्य कार्रवाई के बाद, अमृतसर की ओर जा रही दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली की ओर मोड़ दिया गयाभारतीय सैन्य कार्रवाई के बाद, अमृतसर की ओर जा रही दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया, और पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। पंजाब प्रशासन ने घोषणा की है कि पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। गुरदासपुर और पठानकोट जिलों में शैक्षणिक संस्थान तीन दिन के लिए बंद रहेंगे। फाजिल्का जिले में ये संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे।पहलगाम आतंकी हमले के जबाव में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दियाइससे पहले आज सुबह, पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों (25 भारतीय और 1 नेपाली) की हत्या के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के भीतर नौ आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया गया। ये सभी आतंकी ठिकाने उन संगठनों से जुड़े थे जो 22 अप्रैल के हमले के लिए जिम्मेदार थे। -
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने 8 मई को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित वरिष्ठ मंत्री सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बैठक का एजेंडाबैठक का एजेंडा विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने पर केंद्रित है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया, “सरकार ने 8 मई, 2025 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में संसद पुस्तकालय भवन, संसद परिसर में समिति कक्ष: जी-074 में सर्वदलीय नेताओं की बैठक बुलाई है।”वहीं बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की बहादुरी की जमकर सराहना की। कैबिनेट मंत्रियों ने इस सफल अभियान के लिए पीएम मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी रात भर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सैन्य कमांडरों के साथ संपर्क में रहे, ताकि अभियान योजना के अनुसार सुचारू रूप से पूरा हो।सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप दिखाईवहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर किया गया नष्टकर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन को लेकर बताया, “पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और पीओके दोनों में फैला हुआ है। पीओके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।”वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, “रात 1 बजकर पांच मिनट से 1 बजकर 30 मिनट के बीच हमला किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक को जानमाल से बचाने के लिए स्थानों का चयन किया गया था।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया है।
बुधवार की सुबह शुरू किया गया यह अभियान भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गयाराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी।” बुधवार की सुबह शुरू किया गया यह अभियान भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया।बीती रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच 24 मिसाइलों से नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गयाबीती रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच 24 मिसाइलों से नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गया, जिनमें मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और बहावलपुर स्थित प्रमुख प्रतिष्ठान शामिल थे, ये वे स्थान हैं, जिन्हें आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र माना जाता है।अभियान में लगभग 70 आतंकवादी मारे गएसरकारी सूत्रों के अनुसार इस अभियान में लगभग 70 आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई समझ-बूझकर, आनुपातिक और गैर-उग्र प्रकृति की थी, जिसमें नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को छोड़कर, विशेष रूप से आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया था।कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की जमकर सराहना कीवहीं, बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की बहादुरी की जमकर सराहना की। कैबिनेट मंत्रियों ने इस सफल अभियान के लिए पीएम मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी रात भर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सैन्य कमांडरों के संपर्क में रहे, ताकि अभियान योजना के अनुरूप संपन्न हो।सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाईवहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार (8 मई) को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई हैकर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने दशकों से पीओके और अपनी सीमाओं के भीतर आतंकी शिविरों, लॉन्च पैडों और भर्ती केंद्रों का एक नेटवर्क विकसित किया है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य उन्हीं बुनियादों को ध्वस्त करना था।” ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार (8 मई) को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित वरिष्ठ मंत्री मौजूद होंगे। बैठक का एजेंडा विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने पर केंद्रित है। -
नई दिल्ली। पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर देश भर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस अभियान पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपनी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया मंच पर भारतीय सेना के साहसिक कदम की सराहना कीउन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संक्षिप्त संदेश देते हुए लिखा—”जय हिंद! जय इंडिया!” इस एक पंक्ति के संदेश में उन्होंने न केवल भारतीय सेना के साहसिक कदम की सराहना की, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए इस निर्णायक कदम को भी अप्रत्यक्ष समर्थन दिया।भारत ने बीती रात एक पूर्व-नियोजित और सटीक सैन्य अभियान चलायामुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह वक्तव्य ऐसे समय पर आया है जब केंद्र सरकार की ओर से भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को लेकर आधिकारिक पुष्टि की गई है। देश के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि भारत ने बीती रात एक पूर्व-नियोजित और सटीक सैन्य अभियान चलाया, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचों को पूरी तरह नष्ट किया गया।पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गएसोमवार रात जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे। इसी घटना के जवाब में भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी इस अभियान की सराहना की। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक बयान जारी कर कहा कि यह एक सफल सैन्य कार्रवाई है। जय हिंद!भारत ने आतंक के खिलाफ उठाया मजबूत कदमदूसरी ओर, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाओं पर उन्हें गर्व है। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने लिखा कि लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों पर मिसाइल हमले कर भारत ने आतंक के खिलाफ मजबूत कदम उठाया है।दरअसल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने आतंक के खिलाफ अपनी दृढ़ नीति को दोहराया है और ममता बनर्जी जैसे क्षेत्रीय नेताओं का इस पर समर्थन एक व्यापक राष्ट्रीय एकजुटता का संकेत देता है। - कटिहार (बिहार)/ बिहार के कटिहार जिले में एक कार और ट्रैक्टर की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हादसा सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि को समेली प्रखंड कार्यालय के पास हुआ जब कार सवार लोग विवाह समारोह से लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि हादसे के शिकार लोगों की पहचान के प्रयास जारी हैं। कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘समेली प्रखंड कार्यालय के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर एक एसयूवी और विपरीत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर के बीच टक्कर में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।'' उन्होंने बताया कि मरने वालों में सभी पुरुष थे।शर्मा ने बताया कि पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हादसे के शिकार लोगों को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां आठ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि घायलों का उपचार किया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार ये सभी सुपौल के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि माना जा रहा है कि ये सभी एसयूवी में सवार थे। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
- शाहजहांपुर / शाहजहांपुर जिले के मदनापुर क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल और कार की जबरदस्त टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने मंगलवार को बताया कि सोमवार रात मदनापुर थाना क्षेत्र के बरेली-इटावा मार्ग पर काविलपुर गांव के पास कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने से टक्कर हो गई। उन्होंने बताया कि टक्कर की वजह से कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड्ड में जा गिरी। द्विवेदी के अनुसार मोटरसाइकिल पर चार युवक सवार थे और टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल की पेट्रोल की टंकी में विस्फोट के साथ आग लग गई। उन्होंने बताया कि कि हादसे में कार सवार सुधीर (40) तथा सोनू (18) की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव बमुश्किल कार से बाहर निकाले गये। अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार रवि (20), आकाश (20), दिनेश (19) तथा अभिषेक (19) को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान चारों ने दम तोड़ दिया। द्विवेदी ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार चारों युवक तिलहर कस्बे के रहने वाले थे और मदनापुर क्षेत्र के एक गांव में किसी आयोजन में शामिल होने गए थे, वहीं कार सवार बरेली निवासी लोग मदनापुर क्षेत्र के ही गिरधरपुर गांव में एक बारात में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
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नई दिल्ली। भारत ने 7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी शिविरों पर हमला किया। यह हमला भारत की तरफ से हालिया समय में किया गया सबसे बड़ा जवाबी हमला था। इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया। यह हमला उस आतंकवादी हमले के जवाब में था, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। यह भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक नया मोड़ है।
हमले में अत्याधुनिक हथियारों का उपयोगऑपरेशन सिंदूर में भारत के राफेल फाइटर जेट्स ने Scalp मिसाइलें और Hammer बम दागे। ये मिसाइल और बम भारतीय वायुसेना के सबसे आधुनिक और शक्तिशाली हथियारों में से हैं। यह हमला पूरी तरह से छिपकर और सटीकता के साथ किया गया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस हमले में 90 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं। हमला पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की ढांचागत संरचनाओं को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया था, जिन पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है। पाकिस्तान ने इस हमले को “Act of War” करार दिया है।Scalp मिसाइल क्या है और यह कैसे काम करती है?Scalp मिसाइल, जिसे Storm Shadow भी कहा जाता है, एक यूरोपीय एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल है, जिसे MBDA द्वारा विकसित किया गया है। यह मिसाइल 1,300 किलोग्राम वजन की है और इसे 300 किमी तक के लक्ष्य पर सटीक हमला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मकसद ऐसे स्थिर और महत्वपूर्ण टारगेट को नष्ट करना है, जैसे कि किले जैसी मजबूत आतंकी छिपने की जगहें और अहम कमांड सेंटर। खास बात यह है कि यूक्रेन ने पिछले साल इस मिसाइल का उपयोग रूस के अंदर गहरे लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए किया था।यह मिसाइल अपनी सटीकता गाइडेड नेविगेशन सिस्टम से प्राप्त करती है, जिसमें दिशा-निर्देश, GPS और इलाके का नक्शा शामिल होते हैं। जब Scalp मिसाइल अपने टारगेट के करीब पहुंचती है, तो इसमें मौजूद इन्फ्रारेड सर्च सिस्टम पहले से तय किए गए टारगेट की इमेज से मिलाकर सटीक हमला करता है। इससे हमले के दौरान कम से कम सहायक नुकसान होता है। इसके अलावा, मिसाइल की कम ऊंचाई पर उड़ान इसे पता लगाना बहुत मुश्किल बना देती है, जिससे यह और भी प्रभावी साबित होती है।Hammer बम कैसे काम करता है?ऑपरेशन में भारत ने Hammer बम का भी इस्तेमाल किया, जो एक मॉड्यूलर एयर-टू-ग्राउंड हथियार है। इसकी रेंज 70 किमी तक है और इसे किसी भी आम बम के साथ जोड़ा जा सकता है। इसे अलग-अलग वजन के बमों के साथ जोड़ा जा सकता है, जो 125 किलोग्राम से लेकर 1000 किलोग्राम तक हो सकते हैं। इसे फ्रांसीसी रक्षा कंपनी Safran ने विकसित किया है। यह बम इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बच सकता है और इसे मुश्किल इलाकों में भी कम ऊंचाई से दागा जा सकता है।इन बमों की खासियत यह है कि ये स्थिर और चलते हुए दोनों प्रकार के लक्ष्यों को नष्ट कर सकते हैं, जैसे कि आतंकी लॉन्चपैड्स और कमांड पोस्ट। साथ ही, यह दुश्मन के बचाव सिस्टम से बच सकता है और मजबूत बंकरों को भी नष्ट कर सकता है। -
नई दिल्ली। भारत की ओर से पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के ‘कुछ ही देर बाद’ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और उन्हें की गई कार्रवाई की जानकारी दी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान में बुधवार को यह बात बताई। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह भारत-पाकिस्तान की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और उम्मीद है कि यह ‘जल्द खत्म होगा।’
एक्स पर एक पोस्ट में, रुबियो ने कहा, ‘‘मैं भारत और पाकिस्तान की स्थिति पर करीबी नजर रख रहा हूं। उम्मीद है कि यह जल्द खत्म होगा और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारतीय और पाकिस्तानी नेतृत्व दोनों के साथ बातचीत जारी रहेगी।’’भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू चलाया। भारतीय सशस्त्र बलों ने नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए, जिनमें प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है।US स्थित भारतीय दूतावास का बयानअमेरिका स्थित भारतीय दूतावास बयान में ने कहा, ‘‘भारत की कार्रवाइयां केंद्रित और सटीक रहीं हैं। ये नपी-तुली, जिम्मेदार और स्थिति को बढ़ावा न देने वाली थीं। किसी भी पाकिस्तानी नागरिक, आर्थिक या सैन्य लक्ष्य को निशाना नहीं बनाया गया। केवल ज्ञात आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया।’’वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, ‘‘भारत के पास विश्वसनीय सुराग, तकनीकी जानकारी, हमले में बचे लोगों की गवाही और अन्य साक्ष्य हैं जो इस हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों की स्पष्ट संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।’’ दूतावास ने कहा, ‘‘यह उम्मीद की गई थी कि पाकिस्तान आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वाले बुनियादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’’दूतावास ने कहा कि इसके बजाय, बीते पखवाड़े के दौरान पाकिस्तान इसे नकारता रहा और भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाए। बयान में कहा गया है कि आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक क्रूर और जघन्य हमले में 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।भारत ने US, रूस, ब्रिटेन, सऊदी समेत कई देशों को दी जानकारीभारत ने बुधवार तड़के अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित कई प्रमुख देशों से संपर्क किया और उन्हें पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POJK) में नौ आतंकी ठिकानों पर किए गए सैन्य हमले के बारे में जानकारी दी। ये सैन्य हमले पहलगाम आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर किए गए हैं।एक सूत्र ने बताया, “वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने कई देशों में अपने समकक्षों से बात की है और उन्हें भारत द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है।” इसमें कहा गया, “इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और रूस शामिल हैं।”जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्यालय तबाहभारतीय वायुसेना ने ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के मुख्यालयों को रात के वक्त निशाना बनाया जिनमें आतंकियों के छिपने के नौ ठिकाने शामिल हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।भारतीय वायुसेना के सटीक अभियान में निशाना बनाए गए ठिकानों में बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह, तेहरा कलां का सरजल, कोटली का मरकज अब्बास और मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप शामिल हैं। ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं।इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें मुरिदके का मरकज तैयबा, बरनाला का मरकज अहले-हदीस और मुजफ्फराबाद का शवावाई नाला कैंप शामिल हैं। कोटली में मक्का राहील शाहिद और सियालकोट में मेहमूना जोया को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों में हिजबुल मुजाहिदीन के शिविर और प्रशिक्षण केंद्र स्थित हैं। भारत द्वारा चुने गए नौ लक्ष्यों में चार पाकिस्तान में और शेष पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हैं। -
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। भारतीय सेना ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (X) पर यह घोषणा की।
इस मिशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया था। इसका उद्देश्य लंबे समय से सक्रिय आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिज्बुल मुजाहिदीन (HM) जैसे संगठनों की बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करना था।भारत ने जिन आतंकवाद से जुड़े ठिकानों को नष्ट किया, उनमें शामिल हैं:मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर: जैश-ए-मोहम्मद से संबद्ध- दक्षिणी पंजाब में स्थित बहावलपुर लंबे समय से मसूद अजहर के नेतृत्व वाले जैश-ए-मोहम्मद के लिए केंद्रीय कमान के रूप में काम करता रहा है। यह समूह भारत में कई हाई-प्रोफाइल हमलों से जुड़ा हुआ है। इसमें 2001 में संसद पर हमला और 2019 में पुलवामा बम विस्फोट शामिल हैं।मरकज तैयबा, मुरीदके – लश्कर द्वारा संचालित। लाहौर से लगभग 40 किमी दूर स्थित, मुरीदके लश्कर और उसके प्रमुख संगठन, जमात-उद-दावा के लिए मुख्य केंद्र के रूप में कार्य करता है। 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस परिसर में प्रशिक्षण मैदान, रसद सुविधाएँ और प्रशिक्षण यूनिट्स हैं। यह 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल है।सरजाल, तेहरा कलां – जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है। नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित यह इलाका भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए लगातार एंट्री पॉइंट के रूप में काम करता रहा है।महमूना जोया, सियालकोट – एचएम द्वारा इस्तेमाल किया गया।मरकज अहले हदीस, बरनाला – लश्कर से जुड़ा हुआ है। तेहरा कलां की तरह, बरनाला साइट का इस्तेमाल अक्सर घुसपैठ बिंदु के रूप में किया जाता रहा है।कोटली का मरकज अब्बास – जैश-ए-मोहम्मद का ठिकाना। पाक अधिकृत कश्मीर में कोटली को बार-बार फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) और आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने के अड्डे के रूप में पहचाना जाता रहा है।कोटली का मस्कर राहील शाहिद – एचएम द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।मुजफ्फराबाद का शावाई नाला कैंप – लश्कर द्वारा संचालित।मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप – जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है।न्याय पूरा हुआ: भारतीय सेनाभारतीय सेना ने एक्स पर कहा, ”जस्टिस इज सेर्वेड’ (न्याय पूरा हुआ)। सेना ने बताया कि उसने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए हैं। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बदले के रूप में की गई।एक्स पर भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय (जन सूचना) ने पोस्ट किया: “न्याय हुआ।” समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान और PoJK में कई ठिकानों पर किए गए ये हमले भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए संयुक्त ऑपरेशन थे, जिनमें सटीक हथियारों का उपयोग किया गया।रक्षा मंत्रालय (MoD) के बयान के अनुसार, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत इन हमलों को अंजाम दिया। इसमें कुल नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया।रक्षा मंत्रालय ने इस अभियान को लक्षित, मापा-तौला और गैर-उत्तेजक (non-escalatory) बताया और यह स्पष्ट किया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या पर भारत का जवाब है। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार भारत पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए संकल्पित है और इसके लोग आतंकवाद को जड़ों से समाप्त करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे सशस्त्र बलों पर गर्व है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या पर भारत का जवाब है।’’
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत के सशस्त्र बलों का कड़ा जवाब है, जो दिखाता है कि देश आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत यह सुनिश्चित करेगा कि आतंकवाद के हर अपराधी पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने लिखा, ‘‘ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर किया गया कड़ा प्रहार है। भारत आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।’’ वित्त मंत्री एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस समय इटली के मिलान में हैं।गृह राज्य मंत्री संजय कुमारकेंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने वहीं चोट की जहां (दुश्मन को) दर्द हो। कुमार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर – सटीक, निर्दयी और निर्मम। जब भारत हमला करता है, तो यह तीव्र और तय होता है। हमारी सेना ने वहीं चोट की जहां उसे दर्द हो। पहलगाम के शहीदों का बदला लिया गया। भारत से पंगा लोगे तो कीमत चुकाओगे। अपने वीरों पर गर्व है! मेरा भारत महान।’’केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डीकेंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत माता की जय! हर हर महादेव। जय हिंद।’’ बीआरएस नेता के. कविता ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘भारत माता की जय। जय हिंद।’’पर्यटन मंत्री शेखावतकेंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) में आतंकवादी ढांचे पर हमला करने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भारतीय तिरंगे की एक छवि के साथ ‘जय हिंद!’ लिखा।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर ‘जय हिंद’ और ‘जय हिंद की सेना’ लिखा।गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेलगुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई की सराहना करते हुए ‘एक्स’ पर ‘‘भारत माता की जय’’ का नारा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘‘भारत का ‘आपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ है। भारत माता की जय।’’महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेमहाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय हिंद! ऑपरेशन सिंदूर!’’केंद्रीय मंत्री चिराग पासवानलोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘‘सत्यमेव जयते। जय हिंद की सेना।’’ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझीओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की और कहा कि पूरा देश अपने वीर सैनिकों के साथ है। मुख्यमंत्री माझी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत एकजुट है। ‘आपरेशन सिंदूर’ में हमारे वीर सशस्त्र बलों द्वारा दिखाई गई सटीकता और संकल्प को सलाम करता हूं। आतंकवाद पर हर वार एक संदेश है कि हम अपनी संप्रभुता को चुनौती देने वाले किसी भी प्रकार के खतरे को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पाकिस्तान और पीओके से उत्पन्न होने वाले सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ भारत की एक अडिग राष्ट्रीय नीति है।” उन्होंने कहा, “हमें अपने भारतीय सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है जिन्होंने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया है। हम उनके दृढ़ संकल्प और साहस की सराहना करते हैं। ” खरगे के अनुसार, पहलगाम आतंकवादी हमले के दिन से, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस स्पष्ट रूप से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कोई भी निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सशस्त्र बलों और सरकार के साथ खड़ी है।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिनतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने सशस्त्र बलों के पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए जाने का बुधवार को स्वागत किया। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर स्टालिन ने लिखा, ‘‘ तमिलनाडु आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना के साथ है। हमारी सेना के साथ और हमारे देश के लिए, तमिलनाडु पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा है।’’सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांगसिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बुधवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत अपनी एकता और शांति के खिलाफ किसी भी प्रकार के खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने इस अभियान की सफलता पर गर्व व्यक्त किया।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्माराजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए मिसाइल हमलों का बुधवार को स्वागत किया। शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ‘भारत माता की जय’ लिखते हुए ‘आपरेशन सिंदूर’ हैशटैग के साथ तिरंगे की इमोजी पोस्ट की। उन्होंने लिखा, ‘‘शौर्यं तेजः संयमश्च, यत्र भारतसैनिका:। विजयं तेषु नित्यं स्यात्, जयतु भारतमाता॥’’राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोतराजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’का स्वागत करते हुए बुधवार को कहा कि हम पूरी मजबूती से भारतीय सेना तथा भारत सरकार के साथ खड़े हैं। गहलोत ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर आतंक पर कड़ा प्रहार किया है।’’ ‘जय हिंद’ और भारतीय तिरंगे की इमोजी के साथ गहलोत ने पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी और पूरा भारत इस कार्रवाई का स्वागत करता है और हम भारतीय सेना तथा भारत सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।’’असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्माअसम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई की बुधवार को प्रशंसा की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पोस्टर के साथ ‘जय हिंद’ लिखकर इस कार्रवाई की सराहना की। मुख्यमंत्री ने लड़ाकू विमानों और वायुसेना के जवानों का एक छोटा वीडियो भी पोस्ट किया और लिखा, “भारत की आन बान और शान – भारत की सेना।”पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जीपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जय हिंद! जय इंडिया!’ मुख्यमंत्री का यह संदेश आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के बाद आया। इस पोस्ट को राष्ट्र की सुरक्षा में लगे बलों के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रतिक्रिया ममता बनर्जी के उस पहले रुख के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस भारतीय जमीन पर हुए आतंकी हमलों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई में, उसके साथ खड़ी रहेगी।तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डीतेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बुधवार को कहा कि आतंकवादी ठिकानों पर किए गए हमलों से देश गौरवान्वित है और वह भारतीय सशस्त्र बलों के साथ मजबूती से खड़े हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एक भारतीय नागरिक के रूप में, मैं अपने सशस्त्र बलों के साथ मजबूती से खड़ा हूं। पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर किए गए हमलों से हम गौरवान्वित हैं।” उन्होंने लिखा, “आइए, हम इसे राष्ट्रीय एकजुटता और एकता का क्षण बनाएं, और सभी एक स्वर में बोलें – जय हिंद! ऑपरेशन सिंदूर।”आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडूआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशक के ‘एक्स’ पोस्ट को दोबारा साझा (रीपोस्ट) करते हुए “जय हिंद” लिखा।पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवारराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पहलगाम आतंकी हमले का ‘करारा जवाब’ देने के लिए बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्व रक्षा मंत्री पवार ने कहा कि मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे भारत ने नौ स्थानों पर सफल हवाई हमले किए और बदला लिया। वरिष्ठ राजनेता ने कहा, ‘‘पहलगाम हमले का मुंहतोड़ जवाब देकर देश की संप्रभुता की रक्षा करने और अपने नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए भारतीय सैनिकों को बधाई।’’पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनीपूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जोरदार समर्थन किया और विश्वास जताया कि सशस्त्र बल सीमा पार संचालित आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘‘महज शुरुआत’’ बताते हुए एंटनी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारतीय सेना सीमा पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों के पीछे छिपे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाएगी।मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमामेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई की बुधवार को सराहना की। संगमा से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ भारत याद रखता है और भारत जवाबी कार्रवाई करता है। आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। जय हिंद।”सपा अध्यक्ष अखिलेश यादवसमाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बुधवार को सराहना की। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भारतीय सेवा के पराक्रम की सराहना करते हुए कहा, ‘‘पराक्रमो विजयते (बहादुर विजयी होते हैं)।’’बसपा प्रमुख मायावतीबसपा प्रमुख मायावती ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने की भारतीय सेना की ‘आपरेशन सिंदूर’ कार्रवाई गौरवमय व सराहनीय।’’पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालदिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की। केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमें भारतीय सेना और अपने वीर जवानों पर गर्व है। आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में 140 करोड़ भारतवासी, भारतीय सेना के साथ खड़े हैं। भारतीय सेना का साहस, हर देशवासी का विश्वास है। हम सब साथ हैं…आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। जय हिंद, जय भारत।’’ -
नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर भी शामिल है। बहावलपुर आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद का एक प्रमुख गढ़ माना जाता है। भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से जिन चिन्हित स्थानों पर हमला किया गया, वहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें निर्देशित किया गया। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए विभत्स आतंकी हमले के प्रतिशोध में किए गए इन हमलों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य तनाव में एक और अध्याय जोड़ता है। बताना चाहेंगे, ऐसा पहली बार नहीं है जब भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाया है। इससे पहले भी ऐसे कई मौके आए हैं जब भारत ने पाकिस्तान को नाकों चने चबवा दिए।
ऐसे में हर भारतीय के लिए भारत-पाक सैन्य टकरावों का इतिहास जानना बेहद अहम होगा। यह सब शुरू होता है भारत की स्वतंत्रता और उपमहाद्वीप के विभाजन के बाद 1947 के युद्ध से, जो पुलवामा आत्मघाती बम विस्फोट के प्रतिशोध में भारत की 2019 बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक तक फैला हुआ है।1947 में पहला भारत-पाक युद्धयह युद्ध प्रथम कश्मीर युद्ध के रूप में भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नव स्वतंत्र राष्ट्र भारत और पाकिस्तान के बीच पहला युद्ध तत्कालीन रियासत जम्मू और कश्मीर को लेकर छिड़ा था। इसकी शुरुआत अक्टूबर 1947 में हुई जब पाकिस्तान समर्थित आदिवासी मिलिशिया ने रियासत पर आक्रमण किया। महाराजा हरि सिंह द्वारा जम्मू और कश्मीर के भारतीय संघ में विलय के बाद, भारत ने इस क्षेत्र की रक्षा के लिए अपनी सेना भेजी, जिससे दोनों देशों के बीच पूर्ण पैमाने पर संघर्ष हुआ।यह संघर्ष जनवरी 1949 तक जारी रहा, जब संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्ध विराम लागू किया गया जिसके परिणामस्वरूप नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का विभाजन हुआ।1965 में दूसरा भारत-पाक युद्ध5 अगस्त, 1965 को कश्मीर को लेकर फिर एक बार दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष छिड़ गया। यह तब शुरू हुआ जब हजारों पाकिस्तानी सैनिकों ने स्थानीय विद्रोहियों के वेश में जम्मू और कश्मीर में एलओसी के पार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की। ‘ऑपरेशन जिब्राल्टर’ के नाम से जाना जाने वाला यह गुप्त अभियान, इस क्षेत्र को अस्थिर करने और स्थानीय विद्रोह को भड़काने के उद्देश्य से चलाया गया था। इस पर भारत ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू करके जवाब दिया, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पूर्ण पैमाने पर युद्ध में तब्दील हो गया। युद्ध 23 सितंबर, 1965 तक जारी रहा, जब दोनों पक्ष सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में युद्ध विराम पर सहमत हुए।1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम1971 का भारत-पाक युद्ध पूर्वी पाकिस्तान जो कि अब बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है, पर पाकिस्तानी सेना के दमन और उसकी स्वतंत्रता की मांग के कारण शुरू हुआ था। भारत ने बांग्लादेशी स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थन में युद्ध में प्रवेश किया और पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर भीषण लड़ाई के बाद, 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान की सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस युद्ध के कारण बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया।1999 में कारगिल युद्ध1999 का कारगिल युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच एक उच्च-ऊंचाई वाला संघर्ष था, जो मई से जुलाई तक लड़ा गया था, जब पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारत ने वायु सेना के ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ द्वारा समर्थित क्षेत्र को पुनः प्राप्त करने के लिए ‘ऑपरेशन विजय’ शुरू किया। युद्ध 26 जुलाई को समाप्त हुआ और भारत ने नियंत्रण हासिल कर लिया, यह दिन अब ‘कारगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।2016 में उरी हमला18 सितंबर, 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी में एक भारतीय सेना के अड्डे पर आतंकवादी हमले में 19 सैनिक मारे गए जिसके बाद भारत ने 28-29 सितंबर को नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक की। भारतीय सेना ने पीओके में कई आतंकवादी लॉन्च पैड को निशाना बनाया, जिसमें घुसपैठ की तैयारी कर रहे आतंकवादी हताहत हुए।2019 में पुलवामा हमला26 फरवरी, 2019 को, भारतीय वायु सेना ने पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमले किए, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए -
नई दिल्ली। भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। पाकिस्तान ने बुधवार की सुबह कई प्रमुख हवाई अड्डों पर हाई सिक्योरिटी अलर्ट लागू कर दिया। ऐसी खबरें भी आईं कि पाकिस्तान ने कमोबेश सभी उड़ानें रद्द कर दीं।
कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जाने वाली सारी फ्लाइट्स कैंसिलमीडिया रिपोर्ट्स से सामने आया है कि पाकिस्तान ने कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जानी वाली सारी फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है। वहीं, भारतीय सेना के एक्शन के बाद पाकिस्तान सहमा हुआ है और वहां के आसमान में भी सन्नाटा पसरा है।बुधवार सुबह 11 बजे पाकिस्तानी आसमान में छाई रही खामोशीफ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24’ से पता चलता है कि बुधवार की सुबह 11 बजे पाकिस्तानी आसमान में खामोशी छाई रही। भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के आसमान में एकाध प्लेन ही उड़ते दिखे। इसमें बीजिंग से दुबई और लाहौर से कराची जाने वाली फ्लाइट शामिल थी। अमूमन सुबह के इस वक्त में पाकिस्तान के आसमान में विमानों की काफी आवाजाही होती है। लेकिन, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सहमे पाकिस्तान के आसमान में भी सन्नाटा छाया है।माना जा रहा है कि भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने किसी अनहोनी की आशंका के लिहाज से तमाम फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है। इससे पहले पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय विमानों के लिए बंद करने का फैसला किया था।भारतीय सेना ने आतंकियों के नौ ठिकानों पर किया सटीक हमलाभारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया। बताया गया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित उन आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जाती रही है। कुल मिलाकर नौ स्थानों को निशाना बनाया गया है।किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नहीं बनाया गया निशानाभारत ने एयरस्ट्राइक पर कहा कि हमारी कार्रवाई केंद्रित, संतुलित और गैर-उत्तेजक रही है। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है। भारत ने लक्ष्य चयन और कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय संयम दिखाया है। यह कदम बर्बर पहलगाम आतंकी हमले के बाद उठाए गए हैं, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी। हम अपने उस संकल्प पर कायम हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा -
नई दिल्ली। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का भारत ने पाकिस्तान को तगड़ा जवाब दिया है। भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देते हुए पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को नष्ट करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि उन्हें देश के सशस्त्र बलों पर गर्व है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या के प्रति भारत की प्रतिक्रिया हैकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, ” ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या के प्रति भारत की प्रतिक्रिया है। मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” -
नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने दो टूक कहा कि मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए तैयार है।
हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या के प्रति भारत की प्रतिक्रिया है। मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”भारत का पैगाम-छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहींकेंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पहलगाम पर भारत का पैगाम- “छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा भारत की आत्मा पर हमला करने वालों को कड़ी सज़ा मिलेगी। भारत आतंकवाद को उसकी जड़ से उखाड़ फेंकने में सक्षम भी है और संकल्पबद्ध भी है। मिटा देंगे आतंकवाद का नासूर – ऑपरेशन सिंदूर।”विश्व को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना होगाविदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “विश्व को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना होगा।” 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। बताया जा रहा है कि इस एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी रात ऑपरेशन पर करीबी निगरानी बनाए रखीवहीं, भारतीय सेना सुबह 10.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी। इस पूरे ऑपरेशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े। यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें जम्मू-कश्मीर में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। -
नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे भारत सरकार की मंशा स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि भारत के पास पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान आतंकियों की शरणस्थली है। भारत ने नपे-तुले अंदाज में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरता पूर्ण थाविदेश सचिव ने कहा, “26 नवंबर 2008 को हुए हमले के बाद भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरता पूर्ण था, जहां मौजूद लोगों को करीब से उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया, साथ ही उन्हें यह नसीहत दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें।”जम्मू-कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था हमलाउन्होंने आगे कहा कि यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। यह अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य देश के प्रतीक को प्रभावित करना था। पिछले वर्ष लगभग 2 करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इसलिए संभवतः इस समय का मुख्य उद्देश्य एक संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखना था।उन्होंने बर्बर कार्रवाई को लेकर कहा- पहलगाम का हमला बहुत बर्बरतापूर्ण था। पाकिस्तान के आतंकियों से संबंध उजागर हुए हैं, हमलावरों की पहचान भी हुई है। परिवारों के सामने गोली मारी गई, पर्यटकों पर गोली बरसाई गई। आतंक के संबंध का पाकिस्तान से लंबा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। आतंकी हमले में टीआरएफ की भूमिका आई। प्रत्यक्षदर्शियों के इनपुट के आधार पर उन्हें चिन्हित किया गया।हमले का यह तरीका जम्मू-कश्मीर और देश में सांप्रदायिक दंगे फैलाने से प्रेरित थाहमले का यह तरीका जम्मू-कश्मीर और देश में सांप्रदायिक दंगे फैलाने से प्रेरित था। एक समूह ने खुद को टीआरएफ कहते हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। इसे यूएन ने प्रतिबंधित किया है और यह लश्कर से जुड़ा हुआ है।पाकिस्तान स्थित समूहों के लिए कवर के तौर पर टीआरएफ का इस्तेमाल किया गयापाकिस्तान स्थित समूहों के लिए कवर के तौर पर टीआरएफ का इस्तेमाल किया गया। लश्कर जैसे संगठन टीआरएफ जैसे संगठनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहलगाम हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं।टीआरएफ के दावे और लश्कर से सोशल मीडिया पोस्ट इसे साबित करती हैंटीआरएफ के दावे और लश्कर से सोशल मीडिया पोस्ट इसे साबित करती हैं। हमलावरों की पहचान भी हुई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद फैलाने के पाकिस्तान के प्लान की योजना साबित हुई है। पाकिस्तान आतंकवादियों के शरण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। -
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को दोहराया। पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में 9 बड़े आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने रातभर चल रहे ऑपरेशन पर पैनी नजर बनाए रखीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने रातभर इस ऑपरेशन पर नजर रखी। इस बीच जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “दुनिया को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए।” भारतीय सेना ने पुष्टि की है कि हमले पूरी सटीकता के साथ सावधानीपूर्वक किए गए, ताकि पाकिस्तान में किसी नागरिक या सैन्य ढांचे को नुकसान न पहुंचे। इस ऑपरेशन में 22 अप्रैल के पहलगाम हमले से जुड़े आतंकी समूहों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लक्षित किए गए 9 ठिकानों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी समूहों के प्रशिक्षण शिविर और अड्डे शामिल थेसूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन के दौरान शीर्ष सैन्य कमांडरों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। आधिकारिक बयानों के मुताबिक, 9 लक्ष्यों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सक्रिय आतंकी समूहों के कैंप और लॉजिस्टिक ठिकाने शामिल थे।ऑपरेशन का मकसद तनाव बढ़ाना नहीं, बल्कि आतंकी ढांचे को नष्ट करना थाभारतीय सेना के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे हमले केंद्रित और सटीक थे। हमने केवल उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ हमले की योजना बनाई गई थी।” सेना ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन का मकसद तनाव बढ़ाना नहीं, बल्कि आतंकी ढांचे को नष्ट करना था, जिसमें नागरिक, सैन्य और आर्थिक ढांचों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। प्रवक्ता ने कहा, “न्याय हुआ, जय हिंद।”ऑपरेशन सिंदूर 2019 के बालाकोट हवाई हमलों के बाद भारत के सबसे बड़े सीमा-पार ऑपरेशन में से हैभारतीय खुफिया एजेंसियों ने पता लगाया था कि पहलगाम हमले के तार पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों से जुड़े हैं, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के प्रतिनिधि द रेजिस्टेंस फ्रंट ने जिम्मेदारी ली थी। इसके जवाब में भारत ने कूटनीतिक दबाव और सैन्य तैयारियों के साथ निर्णायक कार्रवाई का वादा किया था। ऑपरेशन सिंदूर 2019 के बालाकोट हवाई हमलों के बाद भारत के सबसे बड़े सीमा-पार ऑपरेशन में से है। -
नई दिल्ली। भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य के लोगों की ओर से पहलगाम आतंकवादी हमले में त्वरित न्याय दिलाने वाले देश के बहादुर सैनिकों को सलाम किया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- ‘सिक्किम की जनता की ओर से देश के उन बहादुर सैनिकों को सलाम, जिन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले में त्वरित न्याय दिलाया’मुख्यमंत्री ने आज सुबह सोशल मीडिया फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ संकल्प का एक शक्तिशाली प्रतीक है। सिक्किम की जनता की ओर से देश के उन बहादुर सैनिकों को सलाम, जिन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले में त्वरित न्याय दिलाया।’‘सैनिकों का साहस हमारी संप्रभुता की रक्षा करता है’उन्होंने आगे कहा, ‘सैनिकों का साहस हमारी संप्रभुता की रक्षा करता है और हर भारतीय मां की गरिमा को बनाए रखता है, जो गर्व और स्वतंत्रता के साथ सिंदूर लगाती हैं। जय हिन्द!’ उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें एक नेपाल के नागरिक भी शामिल था। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ देश में उपजा गम और गुस्सा आज बुधवार सुबह नए जज्बे के रूप में दिखा। पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आधी रात बाद किए गए वायुसेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सुनकर लोगों के कलेजे को कुछ ठंडक पहुंचीं। हमले में अपने परिजनों को गंवानों वालों ने बदला लेने के लिए भारतीय सेना को सलाम करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।
विनय नरवाल की मां ने कहा- ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वादे को निभाया’इस हमले में जान गंवाने वाले करनाल (हरियाणा) के विनय नरवाल की मां आशा ने आंसू पोछते हुए कहा, ” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वादे को निभाया है। उन्होंने बदला ले लिया है। मैं उनके साथ हूं, जनता और हमारा पूरा परिवार उनके साथ है। सेना के जवानों को मैं संदेश देना चाहती हूं कि वो आगे बढ़ते रहें और ऐसे ही बदला लेते रहें, जिससे ऐसी घटना दोबारा न घटे।”संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने कहा- ‘ऑपरेशन सिंदूर को सुनकर मैं बहुत रोई। मेरे आंसू आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि हैं’वहीं पुणे की प्रगति जगदाले ने पहलगाम में अपने पति संतोष जगदाले को गंवाया है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करती हैं। उन्होंने पाकिस्तान को यह दिखा दिया कि वह चुप बैठने वालों में से नहीं है। संतोष की बेटी असावरी जगदाले ने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर को सुनकर मैं बहुत रोई। मेरे आंसू आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि हैं।”कौस्तुभ गणबोटे की पत्नी संगीता गणबोटे ने ने कहा- ‘भारत ने जो कार्रवाई की है वो एकदम सही है’पहलगाम में पुणे के कौस्तुभ गणबोटे की भी कायर आतंकवादियों ने जान ली है। उनकी पत्नी संगीता गणबोटे ने ने कहा, ”भारत ने जो कार्रवाई की है वो एकदम सही है और ऑपरेशन का नाम सिंदूर देकर महिलाओं को सम्मान भी दिया है।” कौस्तुभ गणबोटे के बेटे कुणाल गणबोटे ने कहा, ” हमने जो बदला लिया है, वह एकदम सही है और यही होना चाहिए था। हम सभी इसी चीज की प्रतीक्षा कर रहे थे हम भारत सरकार से बहुत उम्मीद लगाकर बैठे थे। सरकार के इस कदम से खुशी में आंखें नम हैं।”इस आतंकी हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी के प्राण पखेरू भी उड़े हैं। उन्होंने अपना नाम न छापने का आग्रह करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करना चाहती हैं। उन्होंने मेरे पति की मौत का बदला लिया है। जिस तरह से उन्होंने पाकिस्तान को जवाब दिया, उसने हमारा भरोसा कायम रखा है। यह उनके पति को सच्ची श्रद्धांजलि है। शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी ने कहा कि वह लगातार खबरें देख रहे हैं। वह भारतीय सेना को सलाम करते हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और सेना ने देश की जनता का दर्द समझा। जब से हमने यह खबर सुनी है, पूरा परिवार कुछ हल्का महसूस कर रहा है। -
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया। इसके बाद देश के कई इलाकों से उड़ानों को रद्द या देर से चलाया गया।
एयर इंडिया ने 7 मई दोपहर तक इन स्थानों के लिए रद्द की उड़ानेंइस स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया ने जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 7 मई दोपहर तक रद्द कर दी हैं। कंपनी ने कहा है कि आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट दिया जाएगा।एयर इंडिया ने यह भी बताया कि अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली भेज दिया गया है। यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद जताया गया है।इंडिगो एयरलाइंस ने भी लिया यह फैसलाइंडिगो एयरलाइंस ने भी जानकारी दी कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए आज के लिए श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, धर्मशाला, बीकानेर और जोधपुर से उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें।उत्तरी भारत के कई हिस्सों में एयरपोर्ट बंदस्पाइसजेट ने भी बताया कि उत्तरी भारत के कई हिस्सों जैसे धर्मशाला, लेह, जम्मू, श्रीनगर और अमृतसर के एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। उड़ानों पर इसका असर पड़ेगा, इसलिए यात्री अपनी यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं और फ्लाइट स्टेटस की जानकारी लेते रहें।‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवादी संगठनों के उन ठिकानों पर किया गया जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में शामिल थे। उस हमले में 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक की जान गई थी। भारत सरकार ने बताया कि इस कार्रवाई में सभी नौ ठिकाने सफलतापूर्वक तबाह किए गए और पाकिस्तान की आम जनता या सेना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।पीएम मोदी ने रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से रखी नजरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े। -
नई दिल्ली। ठीक 15 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान से पहलगाम हमले का बदला ले लिया है। पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया है। देर रात हुए हमले के बाद भारत के रक्षा मंत्री ने इसकी जानकारी साझा की।
पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर रात भर हमले किए गएरक्षा मंत्री ने एक्स पर लिखा- भारत माता की जय! बालाकोट हमले के छह साल बाद पाकिस्तान को फिर से दहलाया गया। आतंकवादी ठिकानों पर रात भर चले अभियान के तहत हमले किए। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग डीजी आईएसपीआर ने कोटली, मुरीदके और बहावलपुर समेत नौ स्थानों पर हमलों की पुष्टि की है। जिसके मुख्य टारगेट जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे जिहादी ठिकाने थे।हमला 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का हिस्सा थायह हमला 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें जम्मू-कश्मीर में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े। भारतीय सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि हमले केंद्रित, नपे-तुले और उकसावे के नहीं थे। लक्ष्य, जिन्हें ज्ञात आतंकी शिविर और बुनियादी ढांचे के रूप में पहचाना गया था, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित थे -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मंगलवार को गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक में 7 मई को होने वाले राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) की तैयारियों की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह मॉक ड्रिल की जा रही है।
ये अधिकारी बैठक में हुए शामिलकेंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और सिविल डिफेंस के प्रमुख वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इसके अलावा बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक पीयूष आनंद, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड के महानिदेशक विवेक श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।तैयारियों की हुई समीक्षागृह मंत्रालय की बैठक के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक सदस्य ने कहा कि हम तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन खामियों को दूर किया जाना है, उनकी पहचान कर ली गई है। इस बैठक का उद्देश्य ग्रामीण और गांव स्तर के क्षेत्रों सहित 244 नागरिक सुरक्षा-निर्दिष्ट जिलों में मॉक ड्रिल की तैयारियों का आकलन करना और समन्वित निष्पादन सुनिश्चित करना था।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का दिया निर्देशउल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूती देने के उद्देश्य से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया था।पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के बाद लिया गया निर्णययह निर्णय पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के बाद लिया गया है। इस मॉक ड्रिल में हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों को सचेत करने के लिए सायरन की प्रभावशीलता का परीक्षण करना और नागरिकों और छात्रों को बुनियादी आत्म-सुरक्षा उपायों के बारे में शिक्षित करना शामिल है।आपातकालीन स्थिति में निपटने का किया जाएगा पूर्वाभ्यासइसके अलावा युद्ध के संभावित खतरे के दौरान अंधेरा कर देने की आपात प्रक्रिया (क्रैश ब्लैकआउट) का अभ्यास और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को छिपाकर बुनियादी ढेंच की रक्षा करना शामिल होगी। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी की योजनाओं को अद्यतन किया जाएगा और उनका पूर्वाभ्यास भी कराया जाएगा।इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्यइस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना और राज्य तथा स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा करना है। यह मॉक ड्रिल विभिन्न स्तरों पर नागरिक सुरक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता को जांचने का एक समन्वित प्रयास है।गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे इस अभ्यास की पूरी योजना पहले से तैयार करें और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर उसका सफल आयोजन सुनिश्चित करें। यह पहल देश की समग्र सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है और भविष्य की किसी भी आपात स्थिति से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। -
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक महिला की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर-द्वितीय के प्रपौत्र की विधवा होने का दावा करते हुए कानूनी ‘उत्तराधिकारी' होने के नाते लाल किले पर कब्जे का अनुरोध किया था। प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने शुरू में याचिका को ‘‘गलत धारणा'' वाली और ‘‘निराधार'' करार दिया और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘शुरू में रिट याचिका दायर की गई थी जो गलत और निराधार है। इस पर विचार नहीं किया जा सकता।'' पीठ ने याचिकाकर्ता सुल्ताना बेगम के वकील को याचिका वापस लेने की अनुमति नहीं दी। वकील ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी के परिवार की सदस्य हैं।''
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अगर दलीलों पर विचार किया जाए तो ‘‘केवल लाल किला ही क्यों, फिर आगरा, फतेहपुरी सीकरी आदि के किले क्यों नहीं''। दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने पिछले साल 13 दिसंबर को बेगम द्वारा दिसंबर 2021 में उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि चुनौती ढाई साल से अधिक की देरी के बाद दायर की गई थी, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता। बेगम ने कहा कि वह अपने खराब स्वास्थ्य और बेटी के निधन के कारण अपील दायर नहीं कर सकीं।
उच्च न्यायालय ने कहा था, ‘‘हमें उक्त स्पष्टीकरण अपर्याप्त लगता है। मामले में ढाई साल से अधिक की देरी भी हुई है। याचिका कई दशकों तक लंबित रही, जिसके कारण (एकल न्यायाधीश द्वारा) ने इसे खारिज कर दिया था। देरी के लिए माफी के अनुरोध का आवेदन खारिज किया जाता है। नतीजतन, अपील भी खारिज की जाती है। यह समय सीमा से बंधा हुआ है।'' एकल न्यायाधीश ने 20 दिसंबर, 2021 को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अवैध रूप से लिए गए लाल किले पर कब्जा हासिल करने के अनुरोध वाली बेगम की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 150 से अधिक वर्षों के बाद अदालत का रुख करने और इसमें हुई अत्यधिक देरी को लेकर कोई न्यायसंगत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने परिवार को उनकी संपत्ति से वंचित कर दिया था, जिसके बाद बादशाह को देश से निर्वासित कर दिया गया था और लाल किले का कब्जा मुगलों से जबरदस्ती छीन लिया गया था। इसमें दावा किया गया है कि बेगम लाल किले की मालिक थीं क्योंकि उन्हें यह उनके पूर्वज बहादुर शाह ज़फर-द्वितीय से विरासत में मिला था, जिनकी मृत्यु 11 नवंबर, 1862 को 82 वर्ष की आयु में हुई थी और भारत सरकार इस संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर चुकी है। याचिका में केंद्र को लाल किले को याचिकाकर्ता को सौंपने या पर्याप्त मुआवजा देने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। -
नयी दिल्ली. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की और कहा कि रूस आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का पूरा समर्थन करता है तथा पहलगाम आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। रूसी दूतावास की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि पुतिन ने आतंकवादी हमले को ‘‘बर्बर'' करार दिया और दोनों नेताओं ने हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ ‘‘बिना समझौता किए लड़ाई'' की आवश्यकता पर बल दिया। इसने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने इस वर्ष भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री का निमंत्रण स्वीकार कर लिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मोदी के साथ बातचीत में पुतिन ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।'' पुतिन 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले की सबसे पहले निंदा करने वाले विश्व नेताओं में शामिल हैं। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। जायसवाल ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति ने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को ‘‘पूर्ण समर्थन'' देने की बात कही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उन्होंने (पुतिन) इस बात पर जोर दिया कि इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।'' जायसवाल ने कहा कि मोदी तथा पुतिन ने ‘भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और प्रगाढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने रूस के ‘विजय दिवस' की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर रूसी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस वर्ष के अंत में भारत में होने वाले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। रूसी वक्तव्य में कहा गया कि राष्ट्रपति ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए बर्बर आतंकवादी हमले में भारतीय नागरिकों की मृत्यु पर एक बार फिर गहरा शोक जताया। इसमें कहा गया कि बातचीत के दौरान विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के रूप में रूस-भारत संबंधों की रणनीतिक प्रकृति पर जोर दिया गया। वक्तव्य में कहा गया कि ये संबंध ‘‘बाहरी प्रभाव'' के अधीन नहीं हैं तथा सभी क्षेत्रों में गतिशील रूप से विकसित हो रहे हैं। इसमें कहा गया कि मोदी ने पुतिन और सभी रूसी लोगों को ‘विक्टरी डे' की 80वीं वर्षगांठ की बधाई दी।
मोदी और पुतिन के बीच फोन पर बातचीत रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत करने के कुछ दिन बाद हुई है। इस बातचीत के बाद जयशंकर ने हमले के ‘‘दोषियों, समर्थकों और साजिशकर्ताओं'' को न्याय के दायरे में लाने का भारत का संकल्प दोहराया। रूसी दूतावास के अनुसार, लावरोव ने 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र के प्रावधानों के अनुरूप द्विपक्षीय आधार पर राजनीतिक एवं कूटनीतिक तरीकों से नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया। पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत ने हमले के ‘‘सीमा पार संबंधों'' का हवाला देते हुए इसमें शामिल लोगों को कठोरतम दंड देने का वादा किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ 29 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि सशस्त्र बलों को आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने की ‘‘पूर्ण अभियानगत स्वतंत्रता'' है। -
नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लीलता को लेकर केंद्र सरकार गंभीर हो गई है। संसद की सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी स्थायी समिति 7 मई को सुबह 11 बजे बैठक करने जा रही है, जिसमें उल्लू जैसे ऐप्स पर परोसे जा रहे कंटेंट को लेकर अहम चर्चा होगी। इस बैठक में संसदीय समिति सरकार से सवाल पूछेगी और ठोस कार्रवाई की मांग भी करेगी। इस समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद निशिकांत दुबे हैं, जिन्होंने इस मुद्दे पर पहले ही कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह नहीं चलेगा, हमारी कमेटी इस पर कार्रवाई करेगी। यह मोदी सरकार है, अब इंतजार कीजिए।”
बैठक में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव के भी शामिल होने की संभावना है। समिति के सदस्यों का मानना है कि उल्लू जैसे कई ऐप्स पर बिना किसी सेंसरशिप के लगातार बोल्ड और अश्लील कंटेंट दिखाया जा रहा है, जो समाज और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। इसके खिलाफ सख्त नीतिगत और कानूनी उपायों पर विचार किया जाएगा।समिति के कई सदस्यों ने इन प्लेटफॉर्म्स को भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए खतरा बताया है। समाज के कई वर्गों से भी लगातार शिकायतें आ रही हैं कि ये कंटेंट बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार को प्रभावित कर रहे हैं। इस बैठक के जरिए सरकार यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जा रहे कंटेंट को लेकर कड़े नियम लागू हो सकते हैं। - नयी दिल्ली।. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच कई राज्यों से सात मई को ‘मॉक ड्रिल' आयोजित करने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन और नागरिकों को किसी भी हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना शामिल है। अन्य उपायों में दुर्घटना की स्थिति में ‘ब्लैकआउट' के उपाय, महत्वपूर्ण संयंत्रों और प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा निकासी योजनाओं को अद्यतन करने एवं उनका पूर्वाभ्यास करने के प्रावधान शामिल हैं। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा अपने विकल्पों पर विचार करने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शीर्ष रक्षा अधिकारियों सहित कई उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं। इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। मोदी ने हमले को अंजाम देने वालों और साजिश करने वालों का ‘‘दुनिया के आखिरी छोर तक पीछा करने'' और ‘‘उनकी कल्पना से भी'' ज्यादा कठोर सजा देने का संकल्प जताया है।




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