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नई दिल्ली। भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ के कपाट बृष लग्न पर शुक्रवार सुबह सात बजे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। इस मौके पर सेना की भक्तिमयी धुनों और भक्तों के जयकारों से समुची केदारपुरी गूंज उठी। लगभग 15 हजार श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी बने। अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी के नाम से लिया पहला संकल्पइस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर की प्रथम पूजा में शामिल होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहला संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कपाट खुलने पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दी।केदारनाथ धाम में तड़के 3 बजे से ही जुटने लगे थे श्रद्धालुआज सुहावने मौसम और मंद-मंद हवा के बीच मेरू-सुमेरू पर्वत शृंखला की तलहटी पर मंदाकिनी और सरस्वती नदी के मध्य में विराजमान केदारनाथ धाम में तड़के 3 बजे से ही श्रद्धालु जुटने लगे थे। सुबह पांच बजे तक मंदिर परिसर भक्तों से सरोबार हो गया था। बाबा केदार के जयकारों के बीच सुबह 6:30 बजे रावल भीमाशंकर और मुख्य पुजारी बागेश लिंग चांदी की प्रभा के साथ मंदिर के दक्षिण द्वार पर पहुंचे। यहां पर श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल और अन्य कार्मिकों ने उनकी अगवानी की। इसके उपरांत बीकेटीसी के सीईओ ने मंदिर के कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया से अवगत कराया।बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में रहे मौजूदसभी धार्मिक औपचारिकताओं और परंपराओं के निर्वहन के उपरांत सुबह सात बजे बृष लग्न पर भगवान श्रीकेदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के समय लगभग 15 हजार श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। इसके उपरांत मदिर के गर्भगृह में मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने भगवान केदारनाथ को समाधि रूप से जागृत किया और अन्य परंपराओं का निर्वहन किया। लगभग साढ़े आठ बजे से भक्तों को गर्भगृह के दर्शन कराए गए। इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंड़े, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला सहित बीकेटीसी के अधिकारी आदि मौजूद रहे।इससे पहले अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम के खोले गए थे कपाटज्ञात हो, इससे पहले, अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बीते बुधवार को 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे थे। यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खोले जाने के बाद अब चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमुनोत्री से यात्रा शुरू करने पर चारधाम यात्रा में किसी भी प्रकार की रुकावट भक्तों को नहीं आती है। यमुनोत्री, यमुना नदी का उद्गम स्थल है। यमुना जी यमराज की बहन हैं और उन्हें वरदान प्राप्त है कि वह अपने जल के माध्यम से सभी का दुख दूर करेंगी। मान्यता है कि जो श्रद्धालु यमुनोत्री में स्नान करता है, उसे मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाती है। इसी वजह से भक्त चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से करते हैं।इस बार भी बाबा केदारनाथ दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमानहर साल की तरह इस बार भी बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं 2 मई से शुरू होंगी। -
मुंबई . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को यहां ‘विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन सम्मेलन' (वेव्स) में भारत पैवेलियन का उद्घाटन किया। ‘‘कला से कोड तक'' विषय वाला यह मंडप भारत की ‘वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना को दर्शाता है और देश की कलात्मक परंपराओं को प्रदर्शित करता है जो लंबे समय से रचनात्मकता, सद्भाव और सांस्कृतिक कूटनीति का प्रतीक रही हैं। मोदी ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वेव्स में भारत पैवेलियन हमारी सिनेमाई परंपरा और हमारे देश में मौजूद अवसरों को प्रदर्शित करता है। मैं दुनिया से भारत आने और यहां के रचनात्मक अवसरों का पता लगाने का आह्वान करता हूं।'' प्रधानमंत्री प्रदर्शनी स्थल पर महाराष्ट्र पैवेलियन भी गये।
उन्होंने कहा, ‘‘जब सिनेमा और रचनात्मकता की बात आती है, तो महाराष्ट्र की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस राज्य ने रचनात्मकता और सिनेमा की दुनिया से जुड़े लोगों की कई पीढ़ियों को तैयार किया है। महाराष्ट्र की सांस्कृतिक गहराई और कलात्मक ऊर्जा मनोरंजन क्षेत्र को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती रहती है।'' मोदी ने कहा कि भारत पैवेलियन देश में हुए महत्वपूर्ण नवाचार को दर्शाता है।
मंडप में चार क्षेत्र हैं जो आगंतुकों को भारत की कहानी कहने की परंपराओं की निरंतरता से परिचित कराते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ओम की प्रतिध्वनि से लेकर तबले की थाप तक, भीमबेटका के उत्कीर्ण प्रतीकों से लेकर आज के डिजिटल स्क्रीन तक, नटराज के नृत्य से लेकर सिनेमाई ब्लॉकबस्टर तक, यह मंडप इस बात का जीवंत संग्रह होगा कि भारत ने किस प्रकार वैश्विक कहानी को आकार दिया और अभी भी दे रहा है।'' भारत पैवेलियन हितधारकों के लिए भारत की शानदार प्रतिभा, उन्नत कहानी कहने की प्रौद्योगिकियों और तेजी से बढ़ते बाजार की संभावनाओं से जुड़ने का एक बहुमूल्य मौका पेश करता है। अधिकारी ने कहा, ‘‘सांस्कृतिक विरासत के प्रदर्शन से कहीं अधिक, भारत पैवेलियन अंतर-सांस्कृतिक साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देने में सरकार के मजबूत समर्थन का प्रतिबिंब है, जो खुद को रचनात्मक नवाचार और सहयोग के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करता है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को पहलगाम हमले में संलिप्त हर आतंकवादी को ढूंढ़ने का संकल्प जताया और कहा कि उन सभी से चुन-चुन कर इस जघन्य कृत्य का जवाब लिया जाएगा। शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार किसी भी आतंकवादी को नहीं बख्शेगी।
उन्होंने यहां असम के बोडो समुदाय के प्रमुख नेता उपेंद्र नाथ ब्रह्मा की प्रतिमा का अनावरण और एक सड़क के नामकरण के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘पहलगाम में जिस किसी ने भी यह कायरतापूर्ण हमला किया है, हम किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। हम हर दोषी को ढूंढ निकालेंगे।'' गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चल रही है और 1990 के दशक से कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ मजबूती से लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज वो ये न समझ लें कि हमारे 26 नागरिकों की जान लेकर ये लड़ाई जीत गए हैं... मैं सभी आतंक फैलाने वालों को कहना चाहता हूं कि ये लड़ाई का अंत नहीं है... एक मुकाम है और हर व्यक्ति को चुन-चुन कर जवाब भी मिलेगा और जवाब लिया भी जाएगा।'' शाह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि यह खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चाहे पूर्वोत्तर हो, चाहे वामपंथी उग्रवाद का क्षेत्र हो, चाहे कश्मीर पर पड़ी आतंक की छाया हो, हरेक का हमने मजबूती के साथ जवाब दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई ये कायराना हमले करके ये समझता है कि हमारी बड़ी जीत है तो ये एक बात साफ तौर से समझ लीजिये, (यह) नरेन्द्र मोदी सरकार है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस देश की इंच-इंच भूमि पर से आतंकवाद को मूल समेत उखाड़ने का हमारा संकल्प है और ये सिद्ध होकर रहेगा।'' पहलगाम हमले को लेकर शाह ने कहा, ‘‘इस लड़ाई में न केवल 140 करोड़ भारतीय बल्कि पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है, लामबंद होकर सभी देश आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में भारत की जनता के साथ खड़े हैं। जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होगा हमारी लड़ाई जारी रहेगी और जिन लोगों ने ये कृत्य किया है, उसका उचित दंड उन्हें निश्चित रूप से दिया जाएगा।'' पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए शाह ने कहा कि पूरा देश उन लोगों का दर्द महसूस कर रहा है जिन्होंने आतंकवादियों की गोलियों से अपने प्रियजनों को खो दिया। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो सहित अन्य लोग शामिल हुए। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के लोकप्रिय पर्यटन शहर पहलगाम के पास बैसरन में 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में 26 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। उपेंद्र नाथ को श्रद्धांजलि देते हुए शाह ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन असम में बोडो समुदाय की प्रगति के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद खुशी की बात है कि आज उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है और दिल्ली में उनके सम्मान में एक सड़क का नामकरण किया जा रहा है।'' शाह ने कहा कि उपेंद्र नाथ की प्रतिमा देश भर के उन छोटे आदिवासी समुदायों के लिए स्वाभिमान का प्रतीक होगी जो आजादी के इतने सालों बाद भी सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। -
नयी दिल्ली. देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के मद्देनज़र, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 11 राज्यों को समाज के कमजोर वर्गों को लू लगने जैसी बीमारियों से बचाने के लिए “तत्काल एहतियाती कदम” उठाने को कहा है। आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2018 से 2022 के बीच गर्मी और लू लगने से 3,798 लोगों की मौत दर्ज की गई, जिससे स्पष्ट होता है कि “एकीकृत और समावेशी उपायों” की तत्काल आवश्यकता है। एनएचआरसी ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए आश्रय गृह, राहत सामग्री की आपूर्ति, काम के घंटों में बदलाव और गर्मी से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए मानक प्रक्रियाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। बयान में कहा गया है कि मानव अधिकार आयोग द्वारा इन राज्यों से मौजूदा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के दिशानिर्देश के तहत उठाए गए कदमों की ‘कार्रवाई रिपोर्ट' आयोग को सौंपने को कहा गया है। गर्मी और लू से सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तरी, मध्य और पश्चिमी राज्यों में कमजोर तबकों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, श्रमिकों, बुजुर्गों, बच्चों और बेघर लोगों के लिए आयोग ने त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यों को भेजे अपने पत्र में एनएचआरसी ने गर्मी की लहरों के प्रभाव को कम करने के लिए एनडीएमए के दिशानिर्देशों को दोहराया है। साथ ही, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और सामुदायिक भवनों जैसे सार्वजनिक स्थलों को जरूरतमंदों के लिए खुला रखा जाए, जहां पंखे, पीने का पानी और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने के दिशानिर्देश दिए गए। इसके अलावा दिशानिर्देश में, बस्तियों और श्रमिक कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को पंखे, और ओआरएस पैकेट मुहैया कराना, काम के समय में बदलाव करना, छायादार विश्राम स्थल, पानी की व्यवस्था और गर्मी से बचाने में कारगार कपड़ों के उपयोग को बढ़ावा देना भी जरूरी उपायों में शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. रेल मंत्रालय ने देशभर के रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल घड़ियों के लिए नए डिज़ाइन आमंत्रित करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता की घोषणा की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को पांच लाख रुपये तक के इनाम मिलेंगे।
मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “रेलवे ने रचनात्मक प्रतिभागियों से डिज़ाइन आमंत्रित किए हैं। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्लेटफॉर्म और स्टेशनों पर लगने वाली डिजिटल घड़ियों का मानकीकरण करना है। यह प्रतियोगिता तीन श्रेणियों (पेशेवर, कॉलेज/विश्वविद्यालय छात्र और स्कूल छात्र) में आयोजित की जाएगी।” विज्ञप्ति के अनुसार, “जिस प्रतिभागी का डिज़ाइन पूरे भारतीय रेलवे में उपयोग के लिए चुना जाएगा, उसे पांच लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा, प्रत्येक श्रेणी में पांच-पांच सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनकी राशि 50,000 रुपये होगी।” प्रतिभागी एक मई से 31 मई 2025 के बीच ऑनलाइन माध्यम से अपने डिज़ाइन जमा कर सकते हैं।
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया, “डिज़ाइन उच्च गुणवत्ता वाले फॉर्मेट में, बिना किसी वॉटरमार्क या लोगो के जमा करने होंगे। साथ में मौलिकता प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।” उन्होंने कहा, “प्रतिभागी एक से अधिक डिज़ाइन जमा कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक डिज़ाइन के साथ एक संक्षिप्त विवरण देना होगा, जिसमें डिज़ाइन के विषय और विचार की जानकारी होनी चाहिए। यह अनिवार्य है कि सभी डिज़ाइन मौलिक हों और किसी भी बौद्धिक संपदा अधिकार या कॉपीराइट का उल्लंघन न करते हों।” कुमार ने बताया कि “स्कूल श्रेणी” में कक्षा बारहवीं तक के छात्र भाग ले सकते हैं, जिन्हें वैध स्कूल पहचान पत्र अपलोड करना होगा। “कॉलेज श्रेणी” में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज में नामांकित छात्र शामिल होंगे, जबकि अन्य सभी “पेशेवर श्रेणी” में रखे जाएंगे। -
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंक पर नकेल कसने के अपने अभियान के तहत बृहस्पतिवार को श्रीनगर में 21 स्थानों पर तलाशी ली। पुलिस ने यह कार्रवाई 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किये गए हमले और उसमें 26 लोगों के मारे जाने की पृष्ठभूमि में की है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जिन घरों पर तलाशी ली गई उनमें अल-उमर आतंकवादी संगठन के संस्थापक मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ लतराम का घर भी शामिल है। लतराम को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के साथ 1999 में अपहृत इंडियन एयरलाइंस की उड़ान 814 के यात्रियों के बदले जेल से रिहा किया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि बल ने जिले में आतंकवाद को समर्थन देने वाले बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के उद्देश्य से शहर में कई स्थानों पर तलाशी तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि ये तलाशी प्रतिबंधित संगठनों के आतंकवादी सहयोगियों के खिलाफ जारी कार्रवाई का हिस्सा है और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि 21 स्थानों पर तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि तलाशी जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों की निगरानी में कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उचित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की गई। प्रवक्ता ने बताया कि यह तलाशी हथियार, दस्तावेज, डिजिटल उपकरण आदि जब्त करने के लिए की गई, जिसका उद्देश्य किसी भी षड्यंत्रकारी या आतंकवादी गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए साक्ष्य एकत्र करना और खुफिया जानकारी एकत्र करना था। प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की निर्णायक कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे राष्ट्र-विरोधी और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों की पहचान करके और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना तथा केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर पुलिस शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता के मुताबिक हिंसा, व्यवधान या गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक मई से ‘एक राज्य एक आरआरबी' योजना लागू होने के साथ ही 700 जिलों में 22,000 से अधिक शाखाओं वाले 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) देशभर में काम करेंगे। ‘एक राज्य एक आरआरबी' के अंतर्गत 11 राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों के 26 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को राज्य/केंद्र शासित क्षेत्र में एकल आरआरबी में समाहित कर दिया गया है। वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने कहा, इस विलय से आरआरबी की संख्या 43 से घटकर 28 हो गई है, जिससे आरआरबी की व्यवहार्यता तथा वित्तीय प्रदर्शन में और सुधार होगा। डीएफएस से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘अब 28 आरआरबी होंगे जिनकी 700 जिलों में 22000 से अधिक शाखाएं होंगी।'' इस विलय के परिणामस्वरूप एकीकृत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का पूंजी आधार बढ़ेगा, जिससे संबंधित राज्य विशिष्ट लक्ष्यों के अनुरूप ऋण वृद्धि तथा विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। सभी संस्थाओं की अधिकृत पूंजी 2,000 करोड़ रुपये होगी।
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नयी दिल्ली. छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर 5,000 फुट की ऊंचाई वाली पहाड़ी से माओवादियों को खदेड़ कर सुरक्षा बलों ने पुनः इसे अपने नियंत्रण में ले लिया है। सुरक्षा बलों ने नौ दिन के गहन नक्सल विरोधी अभियान के बाद यह सफलता हासिल की है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। घने जंगल में स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी हिडमा, देवा, दामोदर, आजाद और सुजाता जैसे खूंखार नक्सली नेताओं का अड्डा थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह से सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में ले लिया है और इस पर तिरंगा फहराया गया है। यह अभियान छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी नक्सल-रोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) व इसके कोबरा बल के लगभग 24,000 सुरक्षाकर्मियों ने भाग लिया। सूत्रों ने बताया कि बलों ने नौ दिन के अभियान के बाद लगभग 5,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित इस रणनीतिक बिंदु पर नियंत्रण हासिल किया। सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अभियान पर करीबी नजर रख रहे हैं और आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। सीआरपीएफ के महानिदेशक जी पी सिंह ने बुधवार को कर्रेगुट्टा का दौरा किया और जारी अभियान की प्रगति का जायजा लिया। हेलीकॉप्टर और ड्रोन की सहायता से यह अभियान 21 अप्रैल को कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा पहाड़ियों के दुर्गम भूभाग और घने जंगलों में शुरू किया गया था, जो बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु (तेलंगाना) जिलों से सटी अंतर-राज्यीय सीमा के दोनों ओर लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। जिस इलाके में अभियान जारी है, वह रायपुर से 450 किलोमीटर दूर घने जंगलों से घिरी पहाड़ियों के बीच मौजूद है। इसे माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की बटालियन नंबर-1 का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है, जो नक्सलियों की सबसे मजबूत लड़ाका इकाई है। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों के लिए हेलीकॉप्टर से रसद पहुंचाई जा रही है और माना जा रहा है कि यह भारत का सबसे बड़ा नक्सल-रोधी अभियान है, जो घने जंगल और पहाड़ियों के बीच जारी है। यह अभियान नक्सलियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का हिस्सा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की है। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नक्सलियों के साथ कोई शांति वार्ता नहीं की जाएगी।
एक अधिकारी ने कहा, एक स्पष्ट संदेश भेजा गया है कि जो लोग आत्मसमर्पण करेंगे, उनका सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत पुनर्वास किया जाएगा, लेकिन जो लोग हिंसा का रास्ता चुनेंगे, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।'' जानकारी मिली थी कि माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर-1, तेलंगाना राज्य समिति (टीएससी) और दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (डीकेएसजेडसी) के 500 से अधिक नक्सली हिडमा, बरसे देवा और दामोदर जैसे अपने शीर्ष नेताओं के नेतृत्व में एक बैठक के लिए एकत्र हुए थे और इलाके में छिपे हुए हैं।
- दीघा (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर समुद्र तटीय शहर दीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन किया। बनर्जी ने तीन साल में मंदिर का निर्माण करने वाले श्रमिकों और इंजीनियरों को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा, “मैं उद्घाटन कार्यक्रम के लिए यहां आए सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं। उद्घाटन के लिए सभी धर्मों के लोग आए थे।” अनुष्ठान के तहत बनर्जी ने मंदिर के अधिकारियों को सोने की झाड़ू भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में यह मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में उभरेगा।उन्होंने कहा, “आज के कार्यक्रम में पुजारी, सिख और बौद्ध समुदायों के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी मौजूद थे।” बनर्जी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि दीघा में जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के दौरान उन्हें जो भावनाएं महसूस हुईं, वे शब्दों से परे हैं। उन्होंने कहा, “यह पवित्र स्थान हमारे ‘मां, माटी, मानुष' का है, और इसे हिडको टीम, स्थानीय निवासियों, कलाकारों, उद्योगपतियों और राज्य भर के श्रद्धालुओं के सामूहिक प्रयासों से जीवंत किया गया है। भगवान जगन्नाथ का यह विनम्र निवास बंगाल की आत्मा को दर्शाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक गौरवपूर्ण व स्थायी प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा।”
- कोडूरु . आंध्र प्रदेश के नेल्लोर ज़िले में बुधवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में पांच मेडिकल छात्रों समेत छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार पथिरेड्डीपालेम गांव के पास राजमार्ग पर स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप दोपहर करीब ढाई बजे यह हादसा तब हुआ जब एक मोड पर कार अनियंत्रित होकर दुकान में जा घुसी। पुलिस ने बताया कि हादसे में दुकान के अंदर मौजूद एक स्थानीय निवासी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया, “कार में सवार सभी मेडिकल छात्र एक समारोह से लौट रहे थे, जब यह दुर्घटना हुई।” पुलिस ने बताया कि छात्र नेल्लोर स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर थे। हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। एक अन्य छात्र की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 479 के प्रावधानों को पूर्ण रूप से लागू करने को कहा है। बीएनएसएस की यह धारा उन विचाराधीन कैदियों को जमानत पर रिहा करने का प्रावधान करती है, जो अपने अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम सजा की आधी अवधि जेल में बिता चुके हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा कारागार के महानिदेशकों और महानिरीक्षकों को लिखे पत्र में कहा है कि धारा 479(3) जेल अधीक्षक पर ऐसे पात्र विचाराधीन कैदियों को जमानत पर रिहा करने के लिए संबंधित अदालत के समक्ष आवेदन दायर करने की विशिष्ट जिम्मेदारी डालती है। इस धारा में प्रावधान है कि ऐसे विचाराधीन कैदी जिन्होंने अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम कारावास की सजा का आधा समय हिरासत में बिता चुके हैं, उन्हें न्यायालय द्वारा जमानत पर रिहा किया जाएगा। पहली बार अपराध करने वालों के लिए, यह प्रावधान अधिकतम सजा का एक तिहाई हिस्सा पूरा करने पर लागू होता है। मंत्रालय ने इसके कार्यान्वयन के लिए अतीत में बार-बार किए गए आह्वान का हवाला देते हुए दोहराया कि बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधान विचाराधीन कैदियों की लंबी अवधि तक हिरासत में रहने की समस्या से निपटने और जेलों में भीड़भाड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पत्र में कहा गया, ‘‘ इसलिए, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध है कि वे धारा 479 के प्रावधानों के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए जेल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करें और निर्धारित प्रारूप में गृह मंत्रालय को मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।'
- होटल में 16 घंटे तक आग के बीच फंसी रही बिल्ली को बचाया गयाकोलकाता.कोलकाता में 14 लोगों की जिंदगी लीलने वाली होटल में लगी भीषण आग के हादसे में बुधवार को राहत का एक क्षण तब सामने आया जब दमकल कर्मियों ने 16 घंटे से अधिक समय तक इमारत के अंदर फंसी रही एक बिल्ली को बचा लिया। बिल्ली बड़ा बाजार में स्थित ऋतुराज होटल की तीसरी मंजिल पर एक कमरे में फंस गई थी और घने धुएं से बचकर निकलने या बंद खिड़की के शीशों से बाहर आने में असमर्थ थी। मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे होटल की तीसरी मंजिल से नीचे की मंजिलों पर आग लग गई थी। रात भर चले बचाव एवं अग्निशमन अभियान के दौरान, शुरू में किसी ने भी इस बिल्ली पर ध्यान नहीं दिया। बुधवार को शाम करीब चार बजे अग्निशमन कर्मियों ने इसकी धीमी आवाज सुनी और देखा कि तीसरी मंजिल की खिड़की से चिपकी हुई बिल्ली नीचे उतरने का रास्ता ढूंढ रही थी। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद अंततः बिल्ली को तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे उतरने की कोशिश की और उसे एक तौलिये में लपेटकर सुरक्षित नीचे ले आए। होटल में लगी आग में 14 लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, जब आग लगी तो होटल के 42 कमरों में 88 लोग ठहरे हुए थे।अधिकतर लोग अंदर फंस गए थे और दम घुटने से उनकी मौत हो गई, जबकि कुछ लोग कथित तौर पर घबराहट में ऊपरी मंजिलों से कूद गए। अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "जिन लोगों की मौत हुई उनमें अधिकतर लोग अंदर फंस गए थे और घने धुएं से बच नहीं पाए।"
- खेडा . गुजरात के खेडा जिले में बुधवार शाम एक ही परिवार के छह सदस्य नदी में डूब गए, जिनमें अधिकतर किशोर चचेरे भाई-बहन थे। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना कनीज गांव में हुई।खेडा के पुलिस अधीक्षक राजेश गढिया ने बताया, ‘‘छह व्यक्ति जो 14-21 वर्ष की आयु के भाई-बहन या रिश्ते के भाई-बहन थे - मेश्वो नदी में नहाने गए थे, जिसमें वे डूब गए। इनमें चार लड़कियां और दो लड़के थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘सभी छह शव निकाल लिये गये हैं।''उन्होंने बताया कि छह मृतकों में से दो कनीज गांव के निवासी थे और चार उनके रिश्ते के भाई-बहन थे जो अहमदाबाद से उनसे मिलने आए थे। अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद महेमदाबाद पुलिस और दमकल विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और एक बचाव अभियान शुरू किया।
- अंबाला. हरियाणा में अंबाला शहर के मोती नगर इलाके में एक मकान की छत गिरने से एक दंपति और उनके पांच वर्षीय बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान जावेद अली उर्फ राजू (35), उनकी पत्नी अनु (32) और बेटा नूर अहमद (पांच) के रूप में हुई है। यह हादसा दोपहर साढ़े तीन बजे के आसपास हुआ।हादसे के वक्त जावेद की बेटी घर के बाहर खेल रही थी, जिसके कारण उसकी जान बच गई। घर की छत लकड़ी की बल्लियों से बनी थी और बीच में एक भारी लोहे की बीम रखी गई थी। अचानक वह बीम गिर गई, जिससे छत ढह गई और तीनों मलबे में दब गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने बताया कि दमकल, एंबुलेंस और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने करनाल स्थित उनके परिजनों को सूचना दे दी है।जावेद अली अंबाला शहर में कई वर्षों से गुब्बारे और खिलौने बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
- नयी दिल्ली. अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) में एक विशिष्ट नौसैन्य वायु स्क्वाड्रन की डोर्नियर पायलट लेफ्टिनेंट कमांडर दिव्या शर्मा भारतीय नौसेना की योग्य उड़ान प्रशिक्षक बनने वाली ‘‘पहली महिला'' बन गई हैं। बुधवार को ‘एक्स' पर एक पोस्ट में एएनसी ने कुछ तस्वीरें साझा कीं। इसने पोस्ट में कहा कि ‘आईएनएस उत्क्रोश' पर ‘आईएनएएस 318' की डोर्नियर पायलट लेफ्टिनेंट कमांडर दिव्या शर्मा ने भारतीय नौसेना की पहली महिला योग्य उड़ान प्रशिक्षक के रूप में इतिहास रच दिया। पोस्ट में कहा गया, ‘‘पथप्रदर्शक आकाश और प्रेरणादायक पीढ़ियाँ।' आईएनएस उत्क्रोश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में एक नौसैन्य हवाई स्टेशन है।स्क्वाड्रन ने अपनी यात्रा आइलैंडर विमान को शामिल करने के साथ शुरू की थी, जिसकी जगह 1999 में डोर्नियर विमान ने ली थी। डोर्नियर विमान अत्याधुनिक समुद्री गश्ती रडार का उपयोग करके लंबी दूरी तक समुद्री निगरानी करने में सक्षम है।
- वाराणसी . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को वाराणसी में एक सामूहिक विवाह समारोह में भाग लिया और एक आदिवासी युवती का पारंपरिक रूप से कन्यादान किया। आयोजकों के मुताबिक शंकुलधारा तालाब के पास अक्षय तृतीया के अवसर पर बड़े पैमाने पर सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 125 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। एकता के प्रतीकात्मक संकेत के रूप में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आदिवासी युवती राजवंती का कन्यादान किया। सोनभद्र जिले के जोगीडीह की रहने वाली राजवंती का विवाह रेणुकूट के आदिवासी युवक अमन से हुआ है। आयोजकों के अनुसार सामूहिक विवाह का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना था, जिसमें उच्च जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के वर-वधू एक मंच पर एकत्र हुए। उन्होंने बताया कि भागवत ने दुल्हन के पैर धोने और पिता की तरह आशीर्वाद देने समेत सभी पारंपरिक रस्में निभाईं। आयोजकों ने बताया कि सभी 125 दुल्हनों की बारात शंकुलधारा तालाब से शुरू हुई और पारंपरिक संगीत, ढोल व आतिशबाजी के साथ ऐतिहासिक द्वारकाधीश मंदिर तक पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठान किए गए। उन्होंने बताया कि सभी समुदायों ने अनुष्ठानों में हिस्सा लिया, जिसमें प्रत्येक सामाजिक समूह के पुजारी ने अलग-अलग विवाह संपन्न कराया। भागवत खुद उनमें से एक वेदी पर बैठे रहे। आयोजकों ने बताया कि पहली बार पिछड़े और दलित समुदायों के दूल्हे उच्च जाति के दूल्हों के साथ घोड़े पर सवार हुए।
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नई दिल्ली। भारतीय डाक एवं दूरसंचार लेखा एवं वित्त सेवा (आईपीएंडटीएएफएस) के 1992 बैच के अधिकारी ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने बुधवार को भारतीय कॉरपोरेट मामलों के संस्थान (आईआईसीए) के नए महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण किया है। आईआईसीए, भारत सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत एक थिंक टैंक है। ज्ञानेश्वर कुमार सिंह अपने तीन दशकों से अधिक के शानदार करियर के साथ वित्त, कॉर्पोरेट कानून, दिवालियापन, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व, ईएसजी रिपोर्टिंग, सार्वजनिक नीति, ई-गवर्नेंस और क्षमता निर्माण में व्यापक अनुभव लेकर आए हैं।
ज्ञानेश्वर कुमार सिंह के पास जेएनयू (समाजशास्त्र में एमए और एम.फिल), एफएमएस दिल्ली (वित्त में एमबीए) और दिल्ली विश्वविद्यालय (एलएलबी और इतिहास में बीए ऑनर्स) सहित प्रतिष्ठित संस्थानों से शैक्षिक डिग्रियां हैं। यूएनडीपी अफगानिस्तान के क्षमता विकास सलाहकार के रूप में उनका अंतरराष्ट्रीय कार्यकाल उनके प्रोफाइल में वैश्विक आयाम जोड़ता है।कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अनुसार, इससे पहले उन्होंने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव, निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण निधि प्राधिकरण (आईईपीएफए) के सीईओ और भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के शासी निकाय के सदस्य सहित विभिन्न प्रमुख भूमिकाओं में कार्य किया है। वह 2019-2021 तक भारतीय कंपनी सचिव संस्थान और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान की केंद्रीय परिषद के लिए सरकार द्वारा नामित भी थे।उल्लेखनीय है कि उन्होंने 2017-18 के दौरान आईआईसीए के महानिदेशक और सीईओ का पद भी संभाला था, जब उन्होंने संस्थान में उल्लेखनीय बदलाव किया और इसे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाया।वह 2018 से 2021 तक दिवाला कानून समिति (आईएलसी) के सदस्य सचिव थे। उन्होंने दिवाला और दिवालियापन संहिता के कार्यान्वयन और उसके बाद के संशोधनों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें प्रीपैकेज्ड दिवाला समाधान पर संशोधन अधिनियम भी शामिल है, जिसने संहिता को अर्थव्यवस्था की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बना दिया।उन्होंने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में एनसीएलटी, एनसीएलएटी, आईईपीएफए और आईबीबीआई जैसी कई नई संस्थाओं की स्थापना और सुदृढ़ीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ज्ञानेश्वर कुमार सिंह के पास कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) में प्रमुख दक्षता है और उन्होंने राष्ट्रीय सीएसआर पुरस्कार योजना शुरू करने में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। -
नई दिल्ली। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुरुवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में पहले विश्व श्रव्य-दृश्य मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 का उद्घाटन किया। यही नहीं, इस दौरान पीएम मोदी ने भारतीय सिनेमा की 5 दिग्गज हस्तियों: गुरु दत्त, पी. भानुमति, राज खोसला, ऋत्विक घटक और सलिल चौधरी पर स्मारक डाक टिकट भी लॉन्च किया। बताना चाहेंगे भारत आज से इस चार दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
मनोरंजन उद्योग के भविष्य पर चर्चा के लिए वैश्विक मंच कराएगा उपलब्धयह समारोह ऑडियो विजुअल और मनोरंजन उद्योग के भविष्य पर चर्चा के लिए वैश्विक मंच उपलब्ध कराएगा। सम्मेलन की थीम है ‘कनेक्टिंग क्रियेटर्स, कनेक्टिंग कंट्रीज’। सम्मेलन का उद्देश्य भारत को मीडिया, मनोरंजन और डिजिटल नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसमें फिल्मों, ओटीटी, गेमिंग, कॉमिक्स, डिजिटल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रसारण और उभरती तकनीक को साथ लाकर इस क्षेत्र में भारत की क्षमता का प्रदर्शन करना शामिल है।100 से अधिक देशों के कलाकार, निवेशक और नीति निर्माता हुए एकत्रकार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज यहां मुंबई में 100 से अधिक देशों के कलाकार, निवेशक और नीति निर्माता एक साथ एक ही छत के नीचे एकत्र हुए हैं। एक तरह से आज यहां वैश्विक प्रतिभा और वैश्विक रचनात्मकता के एक ईको-सिस्टम की नींव रखी जा रही है।बीती एक सदी में भारतीय सिनेमा ने भारत को दुनिया के कोने-कोने में ले जाने में पाई सफलतापीएम मोदी ने आगे कहा- ”वर्ल्ड ऑडियो विजुअल और एंटरटेनमेंट समिट यानी वेव्स.. ये सिर्फ एक ऐक्रोनिम नहीं है। ये एक वेव है- संस्कृति की, रचनात्मकता की। वेव्स एक ऐसा वैश्विक मंच है, जो आप जैसे हर कलाकार, हर निर्माता का है। जहां हर कलाकार, हर युवा एक नई योजना के साथ रचनात्मक दुनिया के साथ जुड़ेगा। आज 1 मई है। आज से 112 साल पहले 3 मई, 1913 को भारत में पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र रिलीज हुई थी, इसके निर्माता दादासाहेब फाल्के जी थे और कल ही उनकी जन्म जयंती थी। बीती एक सदी में भारतीय सिनेमा ने भारत को दुनिया के कोने-कोने में ले जाने में सफलता पाई है।”सभी का प्रयास आने वाले वर्षों में वेव्स को देगा नई ऊंचाईउन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा- ”आज वेव्स में इस मंच पर हमने भारतीय सिनेमा के अनेक दिग्गजों को डाक टिकट के माध्यम से याद किया है। बीते वर्षों में मैं कभी गेमिंग वर्ल्ड, कभी म्यूजिक की दुनिया के लोगों से, फिल्म मेकर्स से मिला, कभी स्क्रीन पर चमकने वाले चेहरों से मिला। इन चर्चाओं में अक्सर भारत की रचनात्मकता, सृजनात्मक क्षमता और वैश्विक सहयोग की बातें उठती थीं। लाल किले से मैंने ‘सबका प्रयास’ की बात कही है। आज मेरा ये विश्वास और पक्का हो गया है कि आप सभी का प्रयास आने वाले वर्षों में वेव्स को नई ऊंचाई देगा।” -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेघालय के मावलिंगखुंग से असम के पंचग्राम तक 22,864 करोड़ रुपये की कुल लागत से 166.80 किलोमीटर लंबे राजमार्ग के निर्माण की बुधवार को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस राजमार्ग परियोजना का 144.80 किलोमीटर लंबा हिस्सा मेघालय और 22 किलोमीटर लंबा हिस्सा असम में स्थित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में यह फैसला किया गया। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने मेघालय में मावलिंगखुंग (शिलांग के पास) से असम में पंचग्राम (सिलचर के पास) तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-06 के 166.80 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले मार्ग के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के प्रस्ताव को हाइब्रिड एन्युटी मोड पर मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल पूंजी लागत 22,864 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित हाई-स्पीड गलियारा गुवाहाटी से सिलचर के बीच चलने वाले यातायात के लिए सेवा स्तर में सुधार करेगा। इसके विकास से त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और असम के बराक घाटी क्षेत्र की मुख्य भूमि और गुवाहाटी से सड़क संपर्क में सुधार होगा और यात्रा की दूरी एवं यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। बयान के मुताबिक, यह राजमार्ग देश की लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाने में भी योगदान देगा। यह गलियारा असम और मेघालय के बीच संपर्क में सुधार करेगा और मेघालय में उद्योगों के विकास सहित आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, क्योंकि यह मेघालय के सीमेंट और कोयला उत्पादन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। वैष्णव ने कहा, ‘‘यह गलियारा गुवाहाटी हवाई अड्डे, शिलांग हवाई अड्डे और सिलचर हवाई अड्डे से आने वाले राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करेगा। यह पूर्वोत्तर में पर्यटक स्थलों को जोड़ेगा जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।'' यह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना गुवाहाटी, शिलांग और सिलचर के बीच संपर्क को भी बेहतर करेगी। यह राजमार्ग मेघालय में री भोई, पूर्वी खासी हिल्स, पश्चिम जैंतिया हिल्स एवं पूर्वी जैंतिया हिल्स और असम में कछार जिले से होकर गुजरेगा। इसके पूरा होने पर शिलांग-सिलचर कॉरिडोर क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो मेघालय, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में रोजगार सृजन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए बुनियादी ढांचे को बेहतर करती है। -
नई दिल्ली। देश के करोड़ों गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आगामी चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 355 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह दर 10.25% रिकवरी दर पर लागू होगी और किसानों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करेगी। इस फैसले से देशभर के लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों, उनके आश्रितों और चीनी उद्योग से जुड़े करीब 5 लाख श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। यह दर 10.25% की बेसिक रिकवरी रेट पर लागू होगी और हर 0.1% रिकवरी बढ़ने पर 3.46 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त राशि मिलेगी। वहीं, रिकवरी रेट घटने पर एफआरपी में प्रति 0.1% पर 3.46 रुपये की कटौती की जाएगी।
हालांकि, सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह भी फैसला लिया है कि जिन चीनी मिलों की रिकवरी 9.5% से कम है, वहां कोई कटौती नहीं की जाएगी और ऐसे किसानों को न्यूनतम 329.05 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं 2025-26 सीजन के लिए गन्ने का उत्पादन लागत (A2+FL) 173 रुपये प्रति क्विंटल आंका गया है। इसके मुकाबले 355 रुपये प्रति क्विंटल की एफआरपी 105.2% अधिक है, जिससे किसानों को दोगुने से भी अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। यह दर वर्तमान चीनी सीजन 2024-25 की तुलना में 4.41% अधिक है।यह एफआरपी 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाले चीनी सीजन में लागू होगी और इसके तहत चीनी मिलें किसानों से गन्ना इसी दर पर खरीदेंगी। यह फैसला देशभर के लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों, उनके परिवारों और चीनी मिलों में काम करने वाले लगभग 5 लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगा। इसके अलावा खेत मजदूरों और परिवहन जैसे सहायक क्षेत्रों में लगे लोगों की आजीविका पर भी इसका सकारात्मक असर होगा। एफआरपी तय करने में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों और राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों से परामर्श को ध्यान में रखा गया। पिछले सीजन 2023-24 में किसानों को देय 1,11,782 करोड़ रुपये में से 1,11,703 करोड़ रुपये (99.92%) का भुगतान हो चुका है। वहीं चालू सीजन 2024-25 में 97,270 करोड़ रुपये में से 85,094 करोड़ रुपये (87%) की राशि किसानों को मिल चुकी है। - नयी दिल्ली.वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सही रणनीतियों, लगातार घरेलू सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास तथा रोजगार सृजन पर पुरजोर ध्यान देकर आगे बढ़ेगी। वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। आर्थिक मामलों के विभाग की मासिक आर्थिक समीक्षा के मार्च संस्करण में कहा गया कि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि वृहद आर्थिक स्थिरता, लचीला बाहरी क्षेत्र, राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण, कम होती मुद्रास्फीति, बेहतर रोजगार संभावनाओं और उच्च उपभोग व्यय से प्रेरित है। इसमें कहा गया कि इस स्थिरता की कुंजी निजी पूंजी निर्माण के पास है और नियामक उपाय निजी क्षेत्र को अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं भारत के लिए चुनौतियां पेश कर रही हैं, लेकिन साथ ही इस वजह से तुलनात्मक बढ़त का लाभ उठाकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विनिर्माण में अपनी स्थिति को मजबूत करने का मौका भी है। रिपोर्ट में कहा गया कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर लगातार ध्यान केंद्रित करने के साथ, भारत इन जोखिमों को कम कर सकता है। देश रणनीतिक व्यापार वार्ता, घरेलू सुधारों और विनिर्माण निवेशों में उभरते अवसरों का लाभ उठा सकता है। मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक घटनाक्रमों से पैदा हुई अनिश्चितताएं वित्त वर्ष 2025-26 में वृद्धि के लिहाज से एक प्रमुख जोखिम हैं। निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं को इस जोखिम के प्रति सचेत रहना चाहिए और अनिश्चितता को खुद पर हावी होने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
- श्रीनगर. पहलगाम हमले के कुछ दिनों बाद, जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने 59 पाकिस्तानी नागरिकों को उनके मूल देश वापस भेजने के लिए पंजाब पहुंचाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी। अधिकारियों के अनुसार, दशकों से घाटी में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों कोविभिन्न जिलों से इकट्ठा किया गया और बसों में पंजाब ले जाया गया, जहां उन्हें सीमा पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। इनमें शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद कांस्टेबल मुदस्सिर अहमद शेख की मां भी पहले शामिल थीं। मई 2022 में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए कांस्टेबलन मुदस्सिर अहमद शेख की मां शमीमा अख्तर निर्वासित लोगों में से एक थीं। हालांकि, बाद में उन्हें यहीं रहने की अनुमति दे दी गई। शमीमा के देवर मोहम्मद यूनुस ने सावधानीपूर्वक दिए स्पष्टीकरण में कहा कि शहीद मुदस्सिर की मां घर लौट आई हैं और उन्हें निर्वासन के लिए नहीं ले जाया गया। यूनुस ने कहा, "हम भारत सरकार के आभारी हैं।" इससे पहले, मुदस्सिर के चाचा ने संवाददाताओं से कहा था कि उनकी भाभी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की हैं, इसलिए उन्हें निर्वासित नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी भाभी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से हैं, जो हमारा क्षेत्र है। केवल पाकिस्तानियों को ही निर्वासित किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि मुदस्सिर की मृत्यु के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिवार से मुलाकात की थी और उपराज्यपाल भी दो बार परिवार से मिलने आए थे। यूनुस ने कहा, ‘‘मेरी भाभी जब यहां आई थीं, तब उनकी उम्र 20 साल थी और वह 45 साल से यहां रह रही हैं। (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी और अमित शाह से मेरी अपील है कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।'' शमीमा ने 1990 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के फैलने से पहले सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद मकसूद से विवाह किया था। पुलिसकर्मी की याद में बारामूला शहर के मुख्य चौक का नाम शहीद मुदस्सिर चौक रखा गया है।मुदस्सिर के प्रशस्ति पत्र के अनुसार, अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने वाली एक बड़ी आतंकवादी साजिश को विफल करने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें शांति काल का तीसरे सबसे बड़े सम्मान से 2022 में मरणोपरांत सम्मानित किया गया। पच्चीस मई 2022 को एक वाहन में सवार भारी हथियारों से लैस तीन विदेशी आतंकवादियों की गतिविधि के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी, जिनका इरादा अमरनाथ यात्रा पर हमला करने का था। इस सूचना के जवाब में, उत्तरी कश्मीर के बारामूला में सुरक्षा बलों द्वारा तेजी से एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया। अभियान टीम के अनुभवी और सतर्क सदस्य कांस्टेबल मुदस्सिर अहमद शेख ने संदिग्ध वाहन को पहचानने में तत्परता दिखाई और उसे चुनौती दी। आसन्न खतरे को भांपते हुए आतंकवादियों ने भागने की कोशिश की। शेख ने अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए, वाहन पर हमला करके निर्णायक कार्रवाई की।बहादुरी का परिचय देते हुए उन्होंने एक आतंकवादी को गाड़ी से बाहर खींच लिया। इसके बाद शेष आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके कारण शेख गंभीर रूप से घायल हो गए। बहुत ज़्यादा खून बहने और असहनीय दर्द से जूझने के बावजूद शेख़ ने हिम्मत नहीं हारी और पकड़े गए आतंकवादी से हाथापाई जारी रखी। आख़िरकार उन्होंने उसे मार गिराया। हालांकि, घायल शेख ने अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया।शमीमा ने अपने पति के साथ मई 2023 में दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह पुरस्कार लिया। पिछले सप्ताह पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद केंद्र ने कई कदमों की घोषणा की थी, जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, इस्लामाबाद के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर करना, तथा अल्पकालिक वीजा पर रह रहे सभी पाकिस्तानियों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने या कार्रवाई का सामना करने का आदेश देना शामिल था। निर्वासित किए जा रहे 59 लोगों में अधिकतर पूर्व आतंकवादियों की पत्नियां और बच्चे हैं, जो पूर्व आतंकवादियों के लिए 2010 की पुनर्वास नीति के तहत घाटी में लौटे थे। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 36 पाकिस्तानी श्रीनगर में, नौ-नौ बारामूला और कुपवाड़ा में, चार बडगाम में और दो शोपियां जिले में रह रहे थे।
- जयपुर. राजधानी जयपुर के होटल जय महल पैलेस में भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के बेटे की शादी में भाजपा के कई नेता शामिल हुए। तोमर के बेटे प्रबल प्रताप सिंह का विवाह भरतपुर की अरुंधति सिंह राजावत से हुआ है।विवाह समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, बॉलीवुड अभिनेता अरबाज खान शामिल हुए। इसके अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य नेताओं ने भी शिरकत की। विवाह समारोह की शाम को जाकिर हुसैन के ‘इंडियन बीट्स बैंड' ने शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति से यादगार बना दिया।
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नई दिल्ली। देशभर में आज बुधवार को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अक्षय तृतीया की बधाई दी। साथ ही उन्होंने सफलता और संपन्नता की कामना भी की।
बधाई संदेश में पीएम मोदी ने लिखा…पीएम मोदी ने एक्स अकाउंट पर लिखा, “आप सभी को अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनाएं। मानवता को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए सफलता, संपन्नता और प्रसन्नता लेकर आए, जो विकसित भारत के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे।”लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दींलोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पर लिखा, “सर्व शुभता एवं कल्याणकारी पावन पर्व अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं। अनंत पुण्यफल देने वाला यह दिन शुभ संकल्पों के साथ सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं आरोग्य का नवसंचार करें। अक्षय मंगल की कामना के साथ भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा सदा सभी पर बनी रहे।”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अक्षय तृतीया की दी बधाईइसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अक्षय तृतीया की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “प्रकृति और संस्कृति के संगम के प्रतीक पर्व, अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनाएं। यह पावन पर्व सभी के जीवन में अक्षय पुण्य, सौभाग्य और समृद्धि लेकर आए, यह कामना करता हूं।”सीएम योगी ने एक्स पर लिखा- पावन पर्व अक्षय तृतीया की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंसाथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, “पावन पर्व अक्षय तृतीया की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। सृष्टि के संरक्षक, जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी की कृपा से आप सभी का जीवन अपार सुख, अक्षय ऊर्जा और असीम समृद्धि से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है।”केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अक्षय तृतीया की बधाई दी। उन्होंने कहा, “दान पुण्य, सुख समृद्धि एवं मंगल कार्यों की परंपरा से जुड़े पर्व ‘अक्षय तृतीया’ की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से प्रार्थना है कि इस शुभ दिन पर उनकी कृपा सब पर बरसे।”अक्षय तृतीया के अवसर पर सोना खरीदना काफी शुभअक्षय तृतीया के अवसर पर सोना खरीदने को काफी शुभ माना जाता है। इस साल अक्षय तृतीया पर देशभर में 12,000 करोड़ रुपए के सोने की बिक्री हो सकती है। यह बयान इंडस्ट्री बॉडी की ओर से मंगलवार को दिया गया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में हुए हादसे पर दुख जताया। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही मृतक और घायलों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की।
पीएमओ ने पीएम मोदी के बयान के हवाले से पोस्ट किया शेयरप्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम मोदी के बयान के हवाले से बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा, “आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में दीवार गिरने से हुई मौतों से बहुत दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।”मंदिर में दीवार गिरने से तीन महिलाओं समेत 8 श्रद्धालुओं की मौतइससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में दीवार गिरने से तीन महिलाओं समेत 8 श्रद्धालुओं की मौत पर दुख जताया था। साथ ही उन्होंने इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पर लिखा, “श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी के चंदनोत्सव के दौरान दीवार गिरने से श्रद्धालुओं की मौत से मैं बहुत दुखी हूं। भारी बारिश के कारण दीवार गिरने से हुई इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैंने वहां के हालात के बारे में जिला कलेक्टर और एसपी से बात की है। मैंने घायलों को इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। मैं समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहा हूं।”इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने श्रद्धालुओं की दुखद मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। इसे हृदय विदारक घटना बताते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को इस तरह दुखद तरीके से अपनी जान गंवानी पड़ी।वार्षिक उत्सव चंदनोत्सवम के दौरान दर्शन के लिए टिकट खरीदने के लिए कतार में खड़े थे श्रद्धालुज्ञात हो, बुधवार को शुरू होने वाले वार्षिक उत्सव चंदनोत्सवम के दौरान दर्शन के लिए टिकट खरीदने के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर दीवार गिर गई। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवान मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा अन्य विभागों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे से आठ शवों को निकाला गया और किंग जॉर्ज अस्पताल ले जाया गया। मृतकों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।अक्षय निधि विभाग के प्रधान सचिव विनय चैन ने तिरुपति में घटना को लेकर कहा कि कारण का पता लगाना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, “इसलिए हमारे लिए घटना के कारणों पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। प्रथम दृष्टया, हमने पाया है कि तड़के 2.30 से 3.30 बजे के बीच भारी बारिश हुई थी। हम घटना की जांच कर रहे हैं… फिलहाल, हमें जानकारी मिली है कि करीब आठ लोगों की मौत हो गई है। सारा मलबा साफ कर दिया गया है… बचाव कार्य पूरा हो गया है।”वहीं एक अधिकारी ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। एसडीआरएफ के एक जवान के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 2.30 बजे हुई।
























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