- Home
- देश
-
नई दिल्ली। कोलकाता के बड़ा बाजार स्थित एक होटल में आग की चपेट में आने से 14 लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया। साथ ही उन्होंने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, “कोलकाता में आग लगने की दुर्घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं। अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा, घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।”पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने एक बयान में कहा, “मछुआ बाजार के एक होटल में लगी आग में 14-15 लोगों की मौत हो गई, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह महज एक घटना नहीं है बल्कि यह हत्या है, क्योंकि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। कोलकाता में स्थिति बेहद खराब है। फायर ब्रिगेड मंत्री और मुख्यमंत्री को इस पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री के पास समय ही कहां है। वह सिर्फ जश्न मनाने में व्यस्त हैं।”वहीं, चश्मदीद चंचल गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि होटल में आग मंगलवार देर रात करीब 9 बजे के आसपास लगी थी। आग लगने के बाद दमकल विभाग की टीम को मौके पर पहुंचने में एक घंटा लगा था और करीब ढाई घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सुबह साढ़े चार बजे के आसपास शवों को होटल से बाहर निकाला गया। इस हादसे में करीब 18 से 20 लोगों की मौत हुई है।यह घटना मंगलवार देर रात की है। कोलकाता के बड़ा बाजार के मछुआ फल मंडी स्थित ऋतुराज होटल में अचानक आग लगी थी। यह आग इतनी भीषण थी कि इसने कुछ ही देर में पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया और होटल के अंदर धुआं भर गया। इस दौरान होटल में मौजूद कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, धुएं की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। -
दीघा. पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में समुद्र तट पर स्थित पर्यटन शहर दीघा में नवनिर्मित ‘जगन्नाथ धाम' में मंगलवार शाम होने वाले ‘महायज्ञ' की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस अनुष्ठान में हिस्सा लेंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दीघा में नवनिर्मित ‘जगन्नाथ धाम' पुरी स्थित 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर की प्रतिकृति है। इसका बुधवार को ‘अक्षय तृतीया' के अवसर पर उद्घाटन किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने बताया, “मुख्यमंत्री मंदिर में होने वाले ‘महायज्ञ' में शामिल होंगी। इस दौरान कई अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।” एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ‘महायज्ञ' में लगभग 100 क्विंटल ‘आम काठ' (आम की लकड़ी) और ‘बेल काठ' (बेल वृक्ष की लकड़ी) के साथ दो क्विंटल घी का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
अधिकारी के मुताबिक, अनुष्ठान के लिए विभिन्न तीर्थ स्थलों से पवित्र जल पहले ही मंदिर में लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बुधवार को मंदिर के उद्घाटन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाव के लिए गमछा दिया जाएगा। अधिकारी के अनुसार, राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से लाए गए लाल बलुआ पत्थर से लगभग 24 एकड़ भूमि पर बनाए गए ‘जगन्नाथ धाम' में “शानदार वास्तुकला, अद्भुत नक्काशी और पारंपरिक डिजाइन का मिश्रण देखने को मिलेगा।” ममता ने सोमवार को कहा था कि यह मंदिर “अगले कई हजार वर्षों” तक लोगों के समागम स्थल के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा था, “यह मंदिर निश्चित रूप से राज्य में एक नया आयाम जोड़ेगा। दीघा एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आकर्षण के रूप में उभरेगा। यह सद्भाव का स्थल बनेगा।” ममता ने कहा था, “समुद्र के कारण दीघा का एक खास आकर्षण है। अब अगर यह तीर्थस्थल बन जाता है, तो अधिक पर्यटक यहां आएंगे। मुझे लगता है कि मूर्तिकारों ने शानदार काम किया है।” ‘जगन्नाथ धाम' का निर्माण हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हिडको) ने करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से किया है। मंदिर की दैनिक गतिविधियों का प्रबंधन अंतरराष्ट्रीय कृष्ण चेतना समाज (इस्कॉन) करेगा। ममता ने 2018 में दीघा में ‘जगन्नाथ धाम' के निर्माण की घोषणा की थी। मंदिर का निर्माण 2022 में शुरू हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की तरह दीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर को भी गर्भगृह, जगमोहन, नट मंदिर (नृत्य कक्ष) और भोग मंडप नामक चार मंडपों में विभाजित किया गया है, जो इतिहास और परंपरा से समृद्ध हिंदू आस्था की जीवंत झलक दिखाते हैं। दीघा मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियां प्राचीन पुरी जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियों की प्रतिकृतियां हैं और इन्हें पत्थर से तराशा गया है। -
देहरादून. उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट छह माह बंद रहने के बाद अक्षय तृतीया के पर्व पर बुधवार को फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी हालांकि केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट क्रमश: दो मई और चार मई को खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अन्य सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। अधिकारियों ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में अपार उत्साह नजर आ रहा है और अब तक देश-विदेश के 22 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। उत्तरकाशी जिले में देवी गंगा की मूर्ति को मंगलवार दोपहर 12 बजे उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए डोली में रवाना किया गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोल दमाउ, सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों और मां गंगा के जयकारों के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने देवी की मूर्ति को बेटी की तरह नम आंखों के साथ गंगोत्री के लिए विदा किया। तीर्थ पुरोहित राजेश सेमवााल ने बताया कि भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम करने के बाद बुधवा सुबह डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि पूर्वह्वा साढ़े 10 बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे, जहां अगले छह माह तक श्रद्धालु देवी गंगा के दर्शन कर सकेंगे। सोमवाल ने बताया कि देवी गंगा की डोली कुल 25 किलोमीटर पैदल यात्रा कर धाम पहुंचती है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि देवी यमनुा की डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल खुशीमठ से बुधवार सुबह यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी और विधिवत पूजा अर्चना के बाद 11 बजकर 55 मिनट पर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बीच, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सेठ ने ऋषिकेश में मीडिया से बातचीत में बताया कि कश्मीर के पहलगाम की आतंकी घटना के मद्देनजर चारधाम यात्रा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया, “हम यात्रियों को सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।”
अधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 6000 पुलिसकर्मी , 17 पीएसी कंपनी और केंद्र की तरफ से भेजी गई 10 कंपनी सुरक्षा बलों को चारधाम और यात्रा मार्गों पर तैनात करने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से बिना किसी चिंता के तीर्थयात्रा करने को कहा।
सेठ ने बताया कि पूरे यात्रा क्षेत्र को इस बार 15 ‘सुपर जोन' में बांटा गया है, जिसमें करीब 2000 से अधिक ‘क्लोज सर्किट कैमरे' लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जन सुरक्षा के साथ- साथ उत्तराखंड पुलिस का ध्यान यातायात व्यवस्था को सुचारू करने पर भी होगा। अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय रहेंगी और संदिग्धों पर निगरानी रखी जाएगी। पुलिस महानिदेशक ने ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश में यात्रियों से बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया ली। -
नई दिल्ली। आईआईटी-आईएसएम धनबाद में इस साल प्लेसमेंट के मामले में नया रिकॉर्ड बना है। संस्थान के प्लेसमेंट सेल के मुताबिक, अप्रैल 2025 तक कुल 1,025 छात्रों को कैंपस सिलेक्शन मिला है। सबसे ऊंचा पैकेज मिनरल्स एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग के छात्र सौरव शक्ति को मिला है, जिन्हें अमेजन ने 1.26 करोड़ रुपये के सालाना वेतन पर नौकरी ऑफर की है। उनकी पोस्टिंग जापान में होगी। यह संस्थान के इतिहास में किसी छात्र को मिला अब तक का सबसे बड़ा पैकेज है।
इस साल 4 छात्रों को 60 लाख रुपये से अधिक के पैकेज मिले हैं, जबकि 48 छात्रों को 51 से 60 लाख रुपये, 27 छात्रों को 41 से 50 लाख, 58 छात्रों को 31 से 40 लाख, 150 छात्रों को 21 से 30 लाख, 386 छात्रों को 11 से 20 लाख और 291 छात्रों को 6 से 10 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी मिली है।संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर धीरज कुमार ने बताया कि कुल 1,622 छात्रों ने प्लेसमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से अब तक 78 प्रतिशत को नौकरी मिल चुकी है। बाकी 22 प्रतिशत छात्रों को भी कई कंपनियों से ऑफर मिले हैं, लेकिन अंतिम चयन से पहले उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में 50 से अधिक कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आने वाली हैं।बीटेक कोर्स के छात्रों को सबसे ज्यादा नौकरी मिली है। बीटेक में 62.87%, ड्यूल बीटेक में 92.86%, बीटेक-एमटेक ड्यूल डिग्री में 75%, एमएससी में 51.24%, एमएससी टेक में 45%, इंटीग्रेटेड एमएससी में 71.43%, एमटेक में 30.35% और एमबीए में 60.66% छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है।इस बार की प्लेसमेंट ड्राइव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी देश-विदेश की बड़ी कंपनियों ने भाग लिया है, जिससे छात्रों को बेहतरीन अवसर मिले हैं। - नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ की बुआई से पहले किसान जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा है कि प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए।श्री चौहान ने सोमवार को यहां देशभर के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) से ऑनलाइन संवाद करते हुए कहा कि खरीफ की बुआई से पहले सभी केंद्रों और संबंधित संस्थानों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसान जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
-
नई दिल्ली ।जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को कहा कि घाटी में 48 पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई कश्मीर के पहलगाम शहर के पास बैसरन घास के मैदालन में पर्यटकों पर हुए भीषण आतंकी हमले के बाद की गई है। आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक नेपाली नागरिक और एक स्थानीय नागरिक समेत 25 पर्यटक मारे गए थे। आतंकवादियों ने हिंदू पुरुषों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाया था।
घाटी में कुल 87 पर्यटन स्थल जिनमें 48 पर्यटक स्थल किए गए बंदघाटी में कुल 87 पर्यटन स्थल हैं, जिनमें से 48 अब बंद हो चुके हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में गिरावट देखी गई है। श्रीनगर हवाई अड्डे पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी गिरावट देखी गई। बताना चाहेंगे जो गंतव्य बंद कर दिए गए हैं उनमें युसमर्ग, तौशामैदान, दूधपथरी, अहरबल, कौसरनाग, बंगस, करिवान डाइवर चंडीगाम, बंगस वैली, वुलर/वाटलब, रामपोरा और राजपोरा, चेरहर, मुंडिज-हमाम-मरकूट झरना, खाम्पू, बोस्निया, विजीटॉप, सूर्य मंदिर, वेरिनाग गार्डन, सिंथन टॉप, मार्गनटॉप, अकाड पार्क, हब्बा खातून पॉइंट, बाबारेशी, रिंगावली, गोगलदारा, बदेरकोटे, श्रुंज झरना, कामनपोस्ट, नामब्लान झरना, इको पार्क खडनियार, संगरवानी, जामिया मस्जिद, बादामवारी, राजोरी कदल, आली कदल, पदशापाल रिसॉर्ट्स, फकीर गुजरी, दारा, अस्तानमार्ग व्यू प्वाइंट, अस्तानमार्ग पैराग्लाइडिंग, ममनेथ और महादेव हिल्स, बौद्ध मठ, दाचीगाम – ट्राउट फार्म/ मत्स्य पालन से परे खेत, अस्तानपोरा, खास तौर पर कायम गाह रिसॉर्ट, लछपटरी, हंग पार्क और नारानाग शामिल हैं।अन्य स्थलों को प्रदान की गई उचित सुरक्षाअन्य स्थलों को उचित सुरक्षा प्रदान की गई है। एक अधिकारी ने कहा कि इनमें से कुछ स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पहलगाम में पर्यटकों की हत्या से देश भर में आक्रोश फैल गया है, सभी धर्मों और क्षेत्रों के लोगों ने आतंकवादियों द्वारा की गई बर्बर हत्याओं की स्पष्ट रूप से निंदा की है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवादियों, उनके समर्थकों और संचालकों को पकड़ा जाएगा और उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते। सुरक्षा बलों ने आदिल हुसैन थोकर और आसिफ शेख सहित सक्रिय आतंकवादियों के 10 घरों को ध्वस्त कर दिया है, जिन्हें पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार बताया गया है।जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में हमले को जघन्य, बर्बर, अमानवीय और कायरतापूर्ण कृत्य बताया गया। इसमें कहा गया कि इस तरह की आतंकी घटनाएं कश्मीरियत के मूल्यों, संविधान के मूल्यों और एकता, शांति और सद्भाव की भावना पर सीधा हमला करती हैं। विधानसभा ने हाल ही में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ एकजुटता व्यक्त की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच आज सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई। प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री के बीच यह बैठक करीब 40 मिनट तक चली।
इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से रक्षा मंत्रालय में मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख से सेना की तैयारी, पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद उठाए गए कदम और सीमाओं की स्थिति की जानकारी ली।वहीं, सोमवार को भारत और फ्रांस के बीच नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन विमानों का सौदा भी होना है। इस डील से पहले राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) द्वारा फ्रांस से 26 राफेल-एम लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई है। हाल ही में मिली इस मंजूरी के बाद अब यह डील होने जा रही है। इसके तहत नौसेना के लिए मरीन (एम) श्रेणी के राफेल लड़ाकू विमान खरीदे जा रहे हैं।सोमवार को इससे जुड़े समझौतों पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए जाएंगे। फ्रांस के रक्षा मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत में शामिल होंगे। इस सब घटनाक्रम के बीच राजनाथ सिंह पीएम मोदी से मिलने प्रधानमंत्री आवास पहुंचे थे। यहां दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक गंभीर वार्ता हुई है।गौरतलब है कि पाकिस्तान की सेना पिछले चार दिनों से नियंत्रण रेखा के उस ओर से गोलीबारी कर रही है। भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है। गोलीबारी का यह सिलसिला पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुआ है। इस बीच रविवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।रक्षा मंत्री और जनरल अनिल चौहान की यह मुलाकात भी करीब 40 मिनट तक चली। माना जा रहा है कि इस दौरान आतंकवाद के खात्मे को लेकर जनरल अनिल चौहान ने रक्षा मंत्री को सैन्य रणनीति और तैयारियों से अवगत कराया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की यह मुलाकात दिल्ली में रक्षा मंत्री के आवास पर हुई थी।माना जा रहा है कि रक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने भारतीय सैन्य बलों की तैयारियों पर रक्षा मंत्री को जानकारी दी थी। रक्षा तैयारियों को लेकर रविवार को दिल्ली में बीएसएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे। रविवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी गृह मंत्रालय गए थे। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-I में वर्ष 2025 के लिये 4 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 57 पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सहित भारत सरकार के अनेक मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। पद्म पुरस्कार विजेता कल सुबह (29 अप्रैल, 2025) राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। पद्म पुरस्कार विजेता राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री संग्रहालय का भ्रमण भी करेंगे।
साल की पहली पद्म सेरेमनी में 71 हस्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया है। जबकि अन्य हस्तियों को जल्द ही दूसरे समारोह में सम्मानित किया जाएगा। 4 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 57 पद्म श्री पुरस्कार दिए गए।साउथ फिल्मों के एक्टर अजीत, डायरेक्टर शेखर कपूर को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। वहीं पंकज उधास को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिया गया। क्रिकेटर आर अश्विन को पद्मश्री, हॉकी खिलाड़ी श्रीजेश को पद्म भूषण, वहीं कुवैत की योग टीचर शेखा अली को भी चिकित्सा क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस से पहले 2025 के लिए 139 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया था।139 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित किया था। इनमें से 71 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य की उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किया गया। शेखर कपूर, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एआईजी हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष डी. नागेश्वर रेड्डी, वायलिन वादक लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम और तेलुगु सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण को पुरस्कार प्रदान किए है।
-
नई दिल्ली। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत को 12 दिन और बढ़ाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान एनआईए ने अदालत को बताया कि राणा पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और सवालों के जवाब टाल रहा है। एनआईए ने जोर देकर कहा कि मामले की गहराई से जांच और राणा से और जानकारी लेने के लिए उसकी हिरासत बढ़ाना जरूरी है।
एनआईए की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन और विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र मान ने पैरवी की, जबकि राणा की ओर से लीगल सर्विसेज के वकील पीयूष सचदेव ने बचाव पक्ष रखा। राणा के वकील ने अतिरिक्त हिरासत का विरोध करते हुए कहा कि अब और हिरासत की कोई आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एनआईए के विशेष न्यायाधीश चरण जीत सिंह ने राणा को 12 दिन की और एनआईए हिरासत में भेजने का आदेश दिया।तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक है, जो पहले पाकिस्तान सेना में डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। 1990 के दशक में वह कनाडा चला गया और 2001 में कनाडाई नागरिकता हासिल की। बाद में वह शिकागो में बस गया, जहां उसने कई व्यवसाय शुरू किए, जिसमें एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी भी शामिल थी। उसे इस महीने की शुरुआत में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में कथित भूमिका निभाने का आरोप है। इन हमलों को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था, जिसमें 170 से अधिक लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था।राणा का नाम लंबे समय से उन लोगों की सूची में शामिल था जिन्हें भारत 26/11 हमलों के लिए जिम्मेदार मानता है। राणा की प्रत्यर्पण प्रक्रिया और अब भारत में चल रही पूछताछ भारत सरकार के उस निरंतर प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत सभी दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने की कोशिश की जा रही है। -
नई दिल्ली। उत्तराखंड के तीर्थ स्थल हरिद्वार में चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया सोमवार सुबह 7 बजे से ऋषिकुल मैदान में शुरू हो गई है। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही तीर्थयात्री लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपने पंजीकरण की प्रतीक्षा करते नजर आए।
ऋषिकुल मैदान में स्थापित चार धाम यात्रा पंजीकरण केंद्र पर इस बार विशेष व्यवस्थाएं की गई हैंऋषिकुल मैदान में स्थापित चार धाम यात्रा पंजीकरण केंद्र पर इस बार विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 20 काउंटर स्थापित किए गए हैं। इनमें से 18 काउंटर सामान्य पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि विशेष रूप से दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिकों और विदेशी पर्यटकों के लिए अलग काउंटर खोला गया है। इस व्यवस्था से सभी श्रेणियों के तीर्थयात्रियों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है।पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की गई हैपर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऋषिकुल मैदान में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा, “20 काउंटरों वाला पंजीकरण केंद्र स्थापित किया गया है, जिसमें तीन काउंटर विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और विदेशी पर्यटकों के लिए नामित हैं। हमारा उद्देश्य सभी तीर्थयात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना है। पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।”श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैंश्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पंजीकरण केंद्र पर पानी, छाया और बैठने की व्यवस्था की गई है ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, मेडिकल सुविधाएं और पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके।चारधाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम शामिलपंजीकरण केंद्र पर पहुंचे एक तीर्थयात्री रमेश कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मैं पहली बार चारधाम यात्रा पर जा रहा हूं। ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आसान रही और अब मैं अपनी यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हूं।” हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड में चारधाम यात्रा करते हैं। चारधाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम शामिल हैं। इस वर्ष भी यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रा को और व्यवस्थित करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही, यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, आवास और अन्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए टेरर अटैक के बाद पाकिस्तान-भारत बॉर्डर से सटे गांवों में बीएसएफ अलर्ट मोड में है। पंजाब के गुरदासपुर जिले के सीमावर्ती गांव में भी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों ने गांव के लोगों को अलर्ट रहने के लिए कह दिया है। सुरक्षा बल ने किसानों को भी जल्द से जल्द अपनी फसलों की कटाई करने के लिए कह दिया है।
भारत सरकार का पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुखदरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। पहलगाम में 26 पर्यटकों की मौत के बाद केंद्र सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर चुकी है।पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते में तनावगुरदासपुर जिले के सीमावर्ती गांव के किसान गुरतार सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते में तनाव है। बीएसएफ ने भी हम सभी लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। बीएसएफ ने हमें स्पष्ट कर दिया है कि अगर हमें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि देखने को मिलती है, तो फौरन अलर्ट रहें और हर प्रकार की स्थिति का सामना करने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार रखें।बीएसएफ के अधिकारियों ने फसलों की कटाई करने को कहाउन्होंने कहा कि बीएसएफ के अधिकारियों ने हमें कहा है कि हम अपनी फसलों की कटाई कर लें। हम बीएसएफ की बातों से पूरी तरह से सहमत हैं, क्योंकि इससे पहले भी दोनों देशों के बीच युद्ध हो चुके हैं और हम देख चुके हैं कि इस युद्ध ने हमारा किस तरह से नुकसान किया है। हम तो यही चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति पैदा न हो, क्योंकि अगर ऐसा होता है, तो इससे हमारा बहुत नुकसान होगा।भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्णकिसान गुरनाम सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद हमें स्पष्ट कह दिया गया है कि हम सभी लोग चौकस रहें, क्योंकि कुछ भी हो सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हैं। हालांकि, हमने अपने जीवन में युद्ध देखे हैं, जिसे देखते हुए हमने खुद को मानसिक रूप से तैयार कर लिया है और किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति पैदा होगी, तो निश्चित तौर पर इसका हमें बहुत नुकसान होगा।हमें अलर्ट रहने के लिए कह दिया गयावहीं, एक अन्य किसान ने भी यही बात कही। उन्होंने कहा कि हमें अलर्ट रहने के लिए कह दिया गया है, क्योंकि कुछ भी हो सकता है। जिस तरह से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हमला हुआ है, उससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। हम चाहते हैं कि युद्ध न हो, क्योंकि अगर युद्ध होता है, तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान सीमा से सटे गांव के लोगों को होगा। ऐसे में हम यही अपील करते हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध न हो। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत लगातार पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस बीच, भारत सरकार ने पाकिस्तान के कई यूट्यूब चैनलों पर कार्रवाई करते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
ये चैनल भारत की सेना और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भड़काऊ सामग्री कर रहे थे प्रसारितभारत सरकार के गृह मंत्रालय की सिफारिशों पर कई पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर प्रतिबंध लगाया गया है। ये चैनल जम्मू-कश्मीर में दुखद पहलगाम आतंकी घटना की पृष्ठभूमि में भारत, उसकी सेना और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भड़काऊ और सामुदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री, गलत और भ्रामक कथन प्रसारित कर रहे थे।इन पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर की गई कार्रवाईभारत ने जिन पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की है, उनमें डॉन न्यूज (19.6 लाख सब्सक्राइबर), इरशाद भट्टी (8.27 लाख सब्सक्राइबर), समा टीवी (1.27 करोड़ सब्सक्राइबर), एआरवाई न्यूज (1.46 करोड़ सब्सक्राइबर), बोल न्यूज (78.5 लाख सब्सक्राइबर), रफ्तार (8.04 लाख सब्सक्राइबर), द पाकिस्तान रेफरेंस (2.88 लाख सब्सक्राइबर), जियो न्यूज (1.81 करोड़ सब्सक्राइबर), समा स्पोर्ट्स (73.5 हजार सब्सक्राइबर), जीएनएन (35.4 लाख सब्सक्राइबर), उजैर क्रिकेट (2.88 लाख सब्सक्राइबर), उमर चीमा एक्सक्लूसिव (1.25 लाख सब्सक्राइबर), अस्मा शिराजी (1.33 लाख सब्सक्राइबर), मुनीब फारूक (1.65 लाख सब्सक्राइबर), सुनो न्यूज एचडी (13.6 लाख सब्सक्राइबर) और राजी नामा (2.70 लाख सब्सक्राइबर) पर प्रतिबंध लगाया है।इससे पहले भारत ने सिंधु जल समझौते को रोकने का किया फैसलाइससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक में भारत ने सिंधु जल समझौते को रोकने का फैसला किया है।विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत ने सिंधु जल समझौते को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है। यह कदम भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है।पाकिस्तानी नागरिकों को सभी वीजा छूट भी रद्द करने का किया फैसलाइसके साथ ही, सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क के तहत जारी किए गए सभी वीजा छूट रद्द करने का फैसला भी किया है। इसके अलावा भारत में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया है।अटारी बॉर्डर चेकपोस्ट बंद करने का भी लिया निर्णयइस फैसले के साथ ही अटारी बॉर्डर चेकपोस्ट को भी बंद किया जाएगा, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच जमीनी संपर्क भी समाप्त हो जाएगा। ये सभी फैसले भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के मद्देनजर उठाए ये कदमबताना चाहेंगे भारत ने कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के मद्देनजर ये कदम उठाया है। इस हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया। सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया।
पहलगाम में जो घटना हुई है, वह काफी निंदनीय है और हम इस घटना की निंदा करते हैंजम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “पहलगाम में जो घटना हुई है, वह काफी निंदनीय है और हम इस घटना की निंदा करते हैं। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि 30-35 सालों में उन्हें जम्मू-कश्मीर से कुछ भी हासिल नहीं हुआ है और भविष्य में भी कुछ नहीं मिलेगा। हालांकि, जहां तक पहलगाम का सवाल है, हमें दुख है और अफसोस है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को हमारे मेहमानों पर हमला हुआ और वे लोग मारे गए।”जम्मू-कश्मीर को आतंकवादियों द्वारा बनाए गए एजेंडे को हराना होगापहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस के विधायक गुलाम अहमद मीर ने कहा, “इस हमले के बाद पूरा देश एकजुट है और इस हमले की निंदा कर रहा है। जम्मू-कश्मीर के लोग भी इस हमले की निंदा करने के लिए बड़ी संख्या में सामने आए हैं। आज सदन में भी यही आवाज गूंजेगी कि जम्मू-कश्मीर को आतंकवादियों द्वारा बनाए गए एजेंडे को हराना होगा और उसमें पहला कदम यहां भाईचारा स्थापित करना है।”पहलगाम आतंकी हमले के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सकीना इटू ने कहा, “दुख व्यक्त करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है, क्योंकि ऐसी घटनाएं पूरी मानवता को कलंकित करती हैं। ऐसी घटनाएं बहुत गलत हैं और कभी नहीं होनी चाहिए।”22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थीबता दें, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 18(1) के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया था। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आदेश में कहा, “मैं मनोज सिन्हा, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 18(1) के तहत मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जम्मू में 28 अप्रैल सोमवार सुबह 10:30 बजे जम्मू-कश्मीर विधानसभा की बैठक आहूत करता हूं।” 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। -
अमरेली.गुजरात के अमरेली जिले में एक ट्रक चालक को एक शेरनी को कुचलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक वन अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना 24 अप्रैल को देवलिया गांव के पास अमरेली-सावरकुंडला राजमार्ग पर हुई।
सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) विरलसिंह चावड़ा ने बताया कि आरोपी राजेश पडारिया तेज गति से वाहन चला रहा था और उसने मंगलवार तड़के शेरनी को कुचल दिया। चावड़ा के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए तीन टीम गठित की गईं और सीसीटीवी कैमरे के फुटेज तथा खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी के मुताबिक, टीम ने आसपास के इलाकों की जांच की और पेट्रोल पंप तथा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर वाहन की पहचान की गई। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम 2022 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया और उसकी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। -
कोलकाता. राष्ट्रीय अन्वेष्ण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए बितान अधिकारी के कोलकाता स्थित आवास पर रविवार को पहुंची। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम ने पहलगाम के पास बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए पर्यटक (अधिकारी) के परिवार के सदस्यों से बात की। आतंकवाद-रोधी कार्य पर विशेष ध्यान देने वाली कानून प्रवर्तन एजेंसी की एक टीम इस हमले में मारे गए एक अन्य व्यक्ति समीर गुहा के आवास गई और उनके परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। गुहा का घर कोलकाता के बेहाला इलाके में स्थित है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में पश्चिम बंगाल के तीन लोग मारे गए हैं, जिनकी पहचान बितान अधिकारी (कोलकाता के बैष्णभघाटा), समीर गुहा (कोलकाता के साखेर बाजार) और मनीष रंजन (पुरुलिया के झालदा) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा था कि एनआईए की विशेष टीम ने पहलगाम हमले में जीवित बचे पर्यटकों सहित प्रत्यक्षदर्शियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बल पहलगाम और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीर पंजाल क्षेत्र के घने जंगलों में आतंकवादियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रहे हैं और इसमें मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और ड्रोन जैसे नवीनतम उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को मुंबई में पहले ‘विश्व दृश्य-श्रव्य और मनोरंजन शिखर सम्मेलन' (वेव्स) का उद्घाटन करेंगे। यह चार दिवसीय कार्यक्रम है, जिसमें मीडिया और मनोरंजन जगत के दिग्गज शामिल होंगे। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मीडिया और मनोरंजन जगत की शीर्ष हस्तियों के साथ बातचीत कर सकते हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इसमें अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, मोहनलाल, हेमा मालिनी और चिरंजीवी जैसे शीर्ष अभिनेताओं के भाग लेने की उम्मीद है। शिखर सम्मेलन में विषय-आधारित पूर्ण सत्र और चर्चाएं होंगी, जिनका उद्देश्य भारत और अन्य स्थानों पर दृश्य-श्रव्य जगत के भविष्य को आकार देना है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ‘वैश्विक मीडिया वार्ता' की अध्यक्षता कर सकते हैं, जिसमें कई देशों के मंत्री, मीडिया जगत के दिग्गज और नीति निर्माता भाग लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मुंबई को वेव्स शिखर सम्मेलन का स्थायी स्थल बनाए जाने की उम्मीद है। इसे मीडिया और मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा सम्मेलन कहा जा रहा है, जो कि व्यापार और अर्थव्यवस्था क्षेत्र के लिए दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच की बैठक के समान है। पहले दिन की शुरुआत 'लेजेंड्स एंड लेगेसीज: द स्टोरीज दैट शेप्ड इंडियाज सोल' शीर्षक पर एक पैनल चर्चा से होगी, जिसमें अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, मिथुन चक्रवर्ती, रजनीकांत, मोहनलाल और चिरंजीवी शामिल होंगे। इस सत्र का संचालन अभिनेता अक्षय कुमार करेंगे।
-
नयी दिल्ली. लद्दाख के पहाड़ों में स्थित और ‘रैंचो स्कूल' के नाम से मशहूर ड्रुक पद्मा कार्पो स्कूल को आखिरकार अपनी स्थापना के दो दशक से भी ज्यादा समय बाद सीबीएसई से मान्यता मिल गई है। कई वर्षों के विलंब और अस्वीकृतियों के बाद यह मान्यता दी गई। वर्ष 2009 में आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘3 इडियट्स' से प्रसिद्धि पाने वाला यह स्कूल अब तक जम्मू-कश्मीर राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड (जेकेबीओएसई) से संबद्ध था। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में पारंपरिक ‘‘रटंत शिक्षा'' से हटकर नवीन शिक्षण तरीकों से पढ़ाई पर जोर देने के लिए सुधारों का प्रस्ताव किए जाने से बहुत पहले ही अपने नवीन शिक्षण तरीकों के लिए मशहूर यह स्कूल अब कक्षा 12 तक विस्तार करने की योजना बना रहा है। स्कूल की प्रधानाचार्य मिंगुर आंगमो ने कहा, ‘‘कई वर्षों की देरी के बाद हमें आखिरकार सीबीएसई से मान्यता मिल गई है और कक्षा 10 के हमारे पहले बैच के छात्र अब अपने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणामों का इंतजार कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा, उत्कृष्ट परिणाम रिकॉर्ड और शिक्षण एवं सीखने के अभिनव तरीके होने के बावजूद इन वर्षों में कई प्रयासों के बाद भी हमें जेकेबीओएसई से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिली।'' केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के संबद्धता मानदंडों के अनुसार, स्कूलों को संबंधित राज्य बोर्ड से ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र' की आवश्यकता होती है। लद्दाख को केंद्र-शासित प्रदेश का दर्जा मिलने से पहले से ही स्कूल मंजूरी पाने की कोशिश कर रहा था। आंगमो ने कहा, ‘‘बुनियादी ढांचे का पहले से ही विस्तार किया जा रहा है और हम 2028 तक कक्षा 11 और 12 शुरू करने की योजना बना रहे हैं। हम अपने शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण भी आयोजित कर रहे हैं, ताकि छात्रों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के हिसाब से पढ़ाने में सुविधा हो सके। हमारे पढ़ाने के तरीके पारंपरिक कक्षा शिक्षण से अलग थे और सीबीएसई ने एनईपी के बाद अपनी शिक्षा पद्धति में भी सुधार किया है, इसलिए हमारे लिए दोनों को मिलाना आसान होगा।
-
छत्रपति संभाजीनगर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने रविवार को कहा कि कैंसर से लड़ना नीति निर्माताओं के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र है और पिछले आठ वर्षों में उच्च गुणवत्ता वाले इलाज के लिए 3000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। वह यहां राज्य कैंसर संस्थान में ‘ट्रूबीम' सुविधा (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी में इस्तेमाल होने वाला लीनियर एक्सेलरेटर) का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कैंसर के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमने जांच और पहचान के लिए अपने मानक को बढ़ा दिया है। 1,75,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (एएएम) में मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच की गई है। हमने जांच के लिए 30 वर्ष की आयु अनिवार्य कर दी है। नीति निर्माताओं के लिए कैंसर का उपचार एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है।'' नड्डा ने कहा कि मुंह के कैंसर को लेकर 26.70 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई है, जिसके बाद 1.63 लाख मामले सामने आए। उन्होंने कहा, ‘‘स्तन कैंसर के लिये 14.6 करोड़ लोगों की जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप 57,179 मामलों का पता चला। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को लेकर नौ करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई और 96,973 लोगों के इससे ग्रस्त होने का पता चला।'' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘ट्रूबीम सुविधा यहां उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने में मदद करेगी। हमारी सरकार कैंसर से आक्रामक तरीके से लड़ रही है। कैंसर शब्द लोगों को डराता है, उन्हें भावनात्मक और आर्थिक रूप से तोड़ देता है। हम कम से कम समय पर हस्तक्षेप कर सकते हैं और सक्रिय रणनीति बनाकर मरीजों के जीवन को बेहतर बना सकते हैं।'' केंद्र सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि 20 राज्य कैंसर संस्थान (एससीआई) और इतने ही तृतीयक कैंसर देखभाल संस्थान (टीसीसीसी) स्थापित किए गए हैं, जिनमें महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के छत्रपति संभाजीनगर और लातूर के भी संस्थान हैं। उन्होंने कहा कि हर साल 14.50 लाख लोगों में कैंसर पाया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले आठ वर्षों में हमने उच्च गुणवत्ता वाले उपचार के लिए 3000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। कैंसर हमारी सरकार के तहत एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र बन गया है। इसे पहले नजरअंदाज किया जाता था।'' नड्डा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कैंसर के इलाज में लोगों की मदद कर रही है।प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) योजना 1960 प्रकार की शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं को कवर करती है, जिनमें से 219 विशेष रूप से कैंसर से संबंधित हैं। इससे गरीबों को फायदा हो रहा है। अब तक इस योजना के जरिए 68.43 लाख मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं। सरकार ने उपरोक्त पैकेज पर 13160 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।'' इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यहां शुरू की गई ‘ट्रूबीम' सुविधा राज्य में पहली ऐसी सुविधा है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले मराठवाड़ा के लोगों को कैंसर के इलाज के लिए मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल जाना पड़ता था। ट्रूबीम मशीन सुनिश्चित करेगी कि उन्हें यहीं पर उच्च गुणवत्ता वाला उपचार मिल सके। यहां पीईटी (पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी) स्कैन को भी मंजूरी दी गई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘कैंसर खान-पान और जीवनशैली की आदतों के कारण फैल रहा है। हम कैंसर से लड़ने के लिए दो तरीके अपना रहे हैं। हम मरीजों का इलाज कर रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों की जांच कर रहे हैं।
-
नयी दिल्ली.भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद गौतम गंभीर को धमकी भरे ईमेल भेजने के आरोप में कथित मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे इंजीनियरिंग के 21 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान गुजरात के जिग्नेशसिंह परमार के रूप में हुई है और उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि आरोपी परमार ने 22 अप्रैल को गंभीर को एक संदिग्ध जीमेल अकाउंट से धमकी भरे ईमेल भेजे थे। यह वही दिन था जब आतंकवादियों ने कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की हत्या कर दी थी। पुलिस उपायुक्त (मध्य) एम. हर्षवर्धन ने एक बयान में कहा, आरोपी ‘‘परमार इंजीनियरिंग का छात्र है। उसके परिवार का दावा है कि वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है। आगे की जांच की जा रही है।'' पुलिस ने पहले कहा था कि उसे गौतम गंभीर से जुड़े एक ईमेल आईडी पर कथित धमकी भरा मेल मिलने की जानकारी मिली है। धमकी भरे ईमेल के स्क्रीनशॉट के साथ राजेंद्र नगर पुलिस थाना में ईमेल के जरिये शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गंभीर को दो धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिनमें लिखा था, ‘‘मैं तुम्हें मार दूंगा'' और भेजने वाले का नाम ‘‘आईएसआईएस कश्मीर'' था। डीसीपी ने बयान में कहा, ‘‘गौतम गंभीर को पहले से ही दिल्ली पुलिस की सुरक्षा प्राप्त है। हम विशिष्ट सुरक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी नहीं करते हैं।'' यह पहली बार नहीं है जब गंभीर को धमकी मिली हो। इससे पहले 2022 में भी उन्हें इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जिसके बाद अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी। -
पुणे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को यहां पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए संतोष जगदाले और कौस्तुभ गणबोटे के परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नरसंहार के लिए जिम्मेदार लोगों को करारा जवाब मिलेगा। नड्डा ने कहा कि पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 अप्रैल के हमले का कड़ा जवाब देंगे। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। केंद्रीय मंत्री ने पुणे के कर्वेनगर में जगदाले के परिवार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने शहर के कोंढवा क्षेत्र में गणबोटे के परिवार से मुलाकात की। नड्डा ने जगदाले और गणबोटे की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिवार के सदस्यों से बात कर संवेदना व्यक्त की। नड्डा ने बाद में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर साझा करते हुए कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायरतापूर्ण आतंकी हमले में दिवंगत हुए संतोष जगदाले जी और कौस्तुभ गणबोटे जी के पुणे स्थित निवास पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।'' उन्होंने कहा, ‘‘ इस कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य की हम निंदा करते हैं। भारतीय जनता पार्टी इस दुख की घड़ी में समस्त पीड़ित परिजनों के साथ खड़ी है।'' नड्डा ने कहा, ‘‘मैं समस्त देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आतंकी हमले से संबंधित लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। देश में आतंकवाद का समूल विनाश हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है।'' इससे पहले पुणे के प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन करने के बाद नड्डा ने ‘एक्स' पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘आज पुणे के प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपती मंदिर में बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और देशवासियों के सुख, सौभाग्य व समृद्धि के लिए प्रार्थना की।'' उन्होंने कहा, ‘‘पहलगाम में हुए आतंकियों के कायराना हमले से समूचा देश व विश्व आक्रोशित है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार इस हमले में शामिल और षड्यंत्र करने वाले देश के दुश्मनों को कठोर सजा देगी।'' नड्डा ने कहा, ‘‘विघ्नहर्ता गणेश जी से प्रार्थना करता हूं कि वे समस्त देशवासियों को शक्ति और सम्बल प्रदान करें।''
-
जम्मू. भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास रहने वाले ग्रामीण अपनी हिफाजत के लिए तैयारी में जुट गए हैं। वे भूमिगत बंकरों को साफ करने के साथ कंटीले तारों के पास स्थित खेतों में लगी फसलों की कटाई कर रहे हैं। पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी से निवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में हजारों भूमिगत सुरक्षित आश्रय स्थल बनाए हैं। अधिकारियों ने कहा कि हालांकि 2021 के बाद से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं कम हुई हैं। वर्ष 2021 में दोनों देशों ने संघर्ष विराम समझौते को नवीनीकृत किया था, लेकिन पहलगाम आतंकी हमलों के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो गई हैं। आर एस पुरा सेक्टर के त्रेवा गांव की पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने कहा, ‘‘कोई नहीं जानता कि आगे क्या होगा। हमने भूमिगत बंकर तैयार करने का फैसला किया है, ताकि सीमा पार से गोलीबारी की स्थिति में हम खुद को बचा सकें।'' भारत पाकिस्तान के साथ 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जिसमें से 221 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा और 744 किलोमीटर नियंत्रण रेखा जम्मू-कश्मीर में आती है। भारत और पाकिस्तान ने 25 फरवरी, 2021 को जम्मू-कश्मीर की सीमाओं पर नए सिरे से संघर्ष विराम लागू करने की घोषणा की, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आई। भारत और पाकिस्तान ने शुरू में 2003 में एक संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इस समझौते का उल्लंघन किया। वर्ष 2020 में संघर्ष विराम के 5,000 से अधिक उल्लंघन दर्ज किए गए जो एक वर्ष में सबसे अधिक मामले थे। सीमा के आसपास रहने वाले लोगों को पाकिस्तान की गोलाबारी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने दिसंबर 2017 में जम्मू, कठुआ और सांबा के पांच जिलों में 14,460 निजी और सामुदायिक बंकरों के निर्माण को मंजूरी दी थी। ये बंकर अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब बसे गांवों को कवर करते हैं। बाद में सरकार ने संवेदनशील आबादी के लिए 4,000 से ज़्यादा बंकर को मंजूरी दी थी। बंकर सफाई अभियान की निगरानी कर रही कौर ने कहा कि वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं और सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हमारी सरकार सीमा पार बैठे आतंकवादियों और उनके आकाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे। हम उन सभी लोगों का खात्मा चाहते हैं जिन्होंने निहत्थे और निर्दोष नागरिकों की निर्मम हत्या की है।'' एक ग्रामीण सेवा राम ने बताया कि महिलाएं बंकरों की सफाई में व्यस्त हैं, जबकि पुरुषों ने गेहूं की खड़ी फ़सल की कटाई कुछ दिन पहले करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम निहत्थे सैनिक हैं और दुश्मन का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।'' अधिकारियों ने बताया कि सांबा, कठुआ तथा पुंछ और राजौरी जिलों के गांवों से भी ऐसी ही सूचनाएं मिली हैं। पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास स्थित सलोत्री गांव के निवासी मोहम्मद फारूक ने कहा, ‘‘स्थिति तनावपूर्ण है और हम पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए हमेशा की तरह अपने सैनिकों के पीछे मजबूती से खड़े हैं।'' जम्मू क्षेत्र की सीमा पर शांति बनी हुई है, लेकिन कश्मीर घाटी में बृहस्पतिवार से दो रातों तक संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है। हालांकि, सीमा पार से गोलीबारी में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। दक्षिण कश्मीर में पहलगाम के पास लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर सैलानी थे। इस हमले के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल सभी आतंकवादियों और इसकी साजिश रचने वालों को ‘‘उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा देने'' का संकल्प जताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अब आतंकियों की ‘‘बची खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने'' का समय आ गया है। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए उसके साथ राजनयिक संबंधों में व्यापक कटौती, सिंधु जल संधि स्थगित करने और अटारी चौकी को बंद किए जाने समेत कई फैसले किए।
-
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तानी नागरिकों की चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले के बाद चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके 77 पाकिस्तानी हिंदू श्रद्धालु अब यात्रा नहीं कर पाएंगे।
चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा हैचारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक कुल 21 लाख से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है। यात्रा में भाग लेने के लिए विदेशों से भी 24,729 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। खास बात यह है कि इस यात्रा में शामिल होने के लिए पाकिस्तान से भी 77 श्रद्धालुओं ने अपना नाम दर्ज कराया था।पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार सख्तदरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार सख्त है। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने त्वरित फैसला लेते हुए पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया। सुरक्षा कारणों से एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। इस वर्ष 100 से अधिक देशों के लोगों ने यात्रा में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है।विदेशी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई हैपाकिस्तानी नागरिकों की वापसी को लेकर प्रशासन ने आवश्यक कदम उठा उन्हें सुरक्षित तरीके से देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, अन्य विदेशी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।30 अप्रैल से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही हैबता दें कि 30 अप्रैल से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं 2 मई से शुरू होंगी, जब धाम के कपाट खुलेंगे। -
चतरा. झारखंड के चतरा जिले में शनिवार को एक वाहन के सड़क किनारे पेड़ से टकरा जाने से एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना सदर पुलिस थाना क्षेत्र के गंधारिया गांव के पास हुई।
सदर थाना प्रभारी बिपिन कुमार ने बताया कि राखेड़ गांव के झामुमो नेता अमरदीप प्रसाद का परिवार चार पहिया वाहन से इटखोरी प्रखंड स्थित माता भद्रकाली मंदिर में पूजा करने जा रहा था। उन्होंने बताया, "दोपहर करीब दो बजे मंदिर से लौटते समय चालक को झपकी आ गई और वाहन गंधारिया गांव के पास एक पेड़ से टकरा गया।" पुलिस ने बताया कि घायलों का पहले चतरा के सदर अस्पताल में इलाज किया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर कर दिया गया। मृतकों की पहचान प्रसाद की नवविवाहिता बेटी आम्रपाली कुमारी (26), उनकी बहन पिंकी देवी (40) और उनकी मां बिमली देवी (75) के रूप में हुई है। -
हमीरपुर . हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर जिले के करनेहरा गांव में शनिवार को ‘पाकिस्तान एयरलाइंस' लिखा विमान के आकार का गुब्बारा मिला। स्थानीय लोगों ने गुब्बारे को देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस ने इसे जब्त कर लिया। हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर ने कहा कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। शुक्रवार को हमीरपुर और चंबा जिला आयुक्तों के कार्यालयों को उड़ाने की धमकी मेल के जरिए भेजे जाने के बाद तलाश अभियान प्रारंभ किया गया था। कर्मचारियों को बाहर निकाला गया और परिसर की तलाशी ली गई, लेकिन कुछ नहीं मिला। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें कुछ लोगों को नादौन शहर में कुछ मुस्लिमों को परेशान करते हुए दिखाया गया है। स्थानीय थाना प्रभारी अधिकारी निर्मल सिंह ने वीडियो की पुष्टि की लेकिन कहा कि इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। -
लाहौर. वाघा सीमा के रास्ते पिछले तीन दिनों में 450 से अधिक भारतीय पाकिस्तान से स्वदेश लौट चुके हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर वीजा रद्द होने के कारण ये लोग अपने देश लौट गये हैं। अधिकारियों ने यहां बताया कि शनिवार को रवाना होने वालों में 23 भारतीय भी शामिल हैं, जो पीएसएल (पाकिस्तान सुपर लीग) 2025 की प्रसारण कंपनी का हिस्सा थे। शनिवार को सीमा पार करने वाले भारतीयों की वास्तविक संख्या बाद में पता चलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को लगभग 300 भारतीय और बृहस्पतिवार को लगभग 100 भारतीय इसी रास्ते से स्वदेश लौटे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही 200 पाकिस्तानी नागरिक भी भारत से स्वदेश लौट आये हैं।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में लोकप्रिय पर्यटन शहर पहलगाम के पास शुक्रवार दोपहर आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे और कई घायल हो गए। नयी दिल्ली में केंद्र सरकार ने पहलगाम हमले के तार सीमा पार से जुड़े होने के मद्देनजर बुधवार को पाकिस्तानी सैन्य सलाहकार (अताशे) को निष्कासित करने, 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने और अटारी-वाघा सीमा-चौकी को तत्काल बंद करने समेत कई कदमों की घोषणा की थी। अटारी-वाघा सीमा भारत में अमृतसर और पाकिस्तान में लाहौर के निकट स्थित है।
अधिकारियों ने बताया कि सिख परिवारों समेत भारतीय मूल के कुछ विदेशी नागरिकों को भारतीय आव्रजन और सुरक्षा अधिकारियों ने पाकिस्तान में प्रवेश करने से रोक दिया। लाहौर से लगभग 80 किलोमीटर दूर ननकाना साहिब में रहने वाले भारतीय मूल के कनाडाई सिख परिवार को कथित तौर पर वाघा सीमा के जरिए भारत में प्रवेश देने से मना कर दिया गया और उन्हें दुबई के रास्ते हवाई यात्रा करने की सलाह दी गई। बृहस्पतिवार को 105 भारतीय और 28 पाकिस्तानी नागरिक अपने-अपने वतन के लिए रवाना हुए थे।






















.jpg)




