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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 121वें एपिसोड को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं ने भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदल दिया है।
भारत के युवाओं ने भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदल दिया हैपीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम पूरी दुनिया में भारत की प्रतिभा की तारीफ होते देखते हैं। भारत के युवाओं ने भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदल दिया है। किसी भी देश के युवा की रुचि किस तरफ है, किधर है, उससे पता चलता है कि देश का भविष्य कैसा होगा।आज भारत का युवा साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की ओर बढ़ रहा हैपीएम मोदी ने कहा कि आज भारत का युवा, साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की ओर बढ़ रहा है। ऐसे इलाके, जिनकी पहचान पहले पिछड़ेपन और दूसरे कारणों से होती थी, वहां भी युवाओं ने ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं जो हमें नया विश्वास देते हैं।छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा का विज्ञान केंद्र आजकल सबका ध्यान खींच रहा हैउन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा का विज्ञान केंद्र आजकल सबका ध्यान खींच रहा है। कुछ समय पहले तक दंतेवाड़ा का नाम केवल हिंसा और अशांति के लिए जाना जाता था, लेकिन अब वहां, एक साइंस सेंटर, बच्चों और उनके माता-पिता के लिए उम्मीद की नई किरण बन गया है। इस साइंस सेंटर में जाना बच्चों को खूब पसंद आ रहा है। वे अब नई-नई मशीनें बनाने से लेकर टेक्नोलॉजी का उपयोग करके नए प्रोडक्ट्स बनाना सीख रहे हैं। उन्हें 3डी प्रिंटर्स और रोबोटिक कारों के साथ ही दूसरी इनोवेशन चीजों के बारे में जानने का मौका मिला है।साइंस और इनोवेशन के प्रति बढ़ता आकर्षण भारत को नई ऊंचाई पर ले जाएगापीएम मोदी ने आगे कहा कि अभी कुछ समय पहले मैंने गुजरात साइंस सिटी में भी साइंस गैलरी का उद्घाटन किया था। इन गैलरी से ये झलक मिलती है कि आधुनिक विज्ञान की संभावना क्या है, विज्ञान हमारे लिए कितना कुछ कर सकता है? मुझे जानकारी मिली है कि इन गैलरी को लेकर वहां बच्चों में बहुत उत्साह है। साइंस और इनोवेशन के प्रति ये बढ़ता आकर्षण, जरूर भारत को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को पीड़ादायक बतायाबता दें कि पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को पीड़ादायक बताया। पीएम मोदी ने इस बात का भरोसा भी दिलाया कि साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब दिया जाएगा।( -
नयी दिल्ली. सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों ने एक जटिल रोबोटिक सर्जरी के जरिए 36 वर्षीय महिला के पेट से एक विशाल ‘एड्रेनल ट्यूमर' को सफलतापूर्वक निकाला है। सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप बंसल ने दावा किया कि 18.2 गुणा 13.5 सेंटीमीटर माप वाला ‘एड्रेनल ट्यूमर' अब तक का सबसे बड़ा ट्यूमर है, जिसे रोबोटिक सर्जरी द्वारा निकाला गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया जोखिम भरी थी, क्योंकि ट्यूमर का न केवल आकार बहुत बढ़ गया था, बल्कि शरीर की तीन महत्वपूर्ण संरचनाओं - पीठ की नस, यकृत और दाहिने गुर्दे- तक भी फैल चुका था और खतरनाक तरीके से उनसे चिपक गया था। ‘यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट' विभाग के प्रमुख डॉ. पवन वासुदेव ने कहा कि आसपास की महत्वपूर्ण संरचनाओं को नुकसान पहुंचाए बिना ट्यूमर को पूरी तरह से हटाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि सटीक जगह पर चीरा लगाना ऐसी सर्जरी करने की कुंजी है और दा विंची रोबोट से प्राप्त 3डी तस्वीर तथा इसकी निपुण रोबोटिक भुजाओं के कारण जटिल सर्जरी को अधिक सटीकता के साथ करना संभव हो पाता है, जो आमतौर पर लैप्रोस्कोपी से संभव नहीं होता। डॉ. वासुदेव ने बताया कि इस मामले में सर्जरी तीन घंटे से अधिक समय तक चली और ट्यूमर को बिना किसी जटिलता के पूरी तरह से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के अनेक लाभ हैं, जिनमें छोटा चीरा लगाना, सटीक कार्य, सर्जरी के बाद कम दर्द, अपेक्षाकृत शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शीघ्र काम पर वापसी शामिल है।
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एनआईए ने इस मामले में औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थीपहलगाम में मंगलवार को हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एनआईए की टीम बुधवार से ही पहलगाम में घटनास्थल पर मौजूद है और साक्ष्य जुटाने में जुटी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनआईए की टीमें आतंकियों के हमले के तरीके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए इलाके की बारीकी से जांच कर रही हैं। बैसरन घाटी में हुए इस हमले को कश्मीर के सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है। एनआईए की टीमें उन चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने इस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा।एनआईए के एक आईजी, एक डीआईजी और एक एसपी की निगरानी में जांच चल रही हैएनआईए के एक आईजी, एक डीआईजी और एक एसपी की निगरानी में जांच चल रही है। ये टीमें आतंकियों के प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच कर रही हैं ताकि यह समझा जा सके कि हमलावर कैसे आए और कहां से भागे। फोरेंसिक विशेषज्ञों और अन्य जांच एजेंसियों की मदद से घटनास्थल की गहन छानबीन की जा रही है। इसका मकसद इस आतंकी साजिश का पर्दाफाश करना है, जिसने इतनी बड़ी त्रासदी को अंजाम दिया।केंद्र सरकार पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया थाइससे पहले केंद्र सरकार पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश जारी कर दिया था। -
नई दिल्ली। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल ने रविवार को जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार को निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।
22 अप्रैल को हुए इस क्रूर हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी22 अप्रैल को हुए इस क्रूर हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ)’ ने इस हमले को अंजाम दिया था। इस हमले ने भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक कूटनीतिक और सार्वजनिक आक्रोश पैदा कर दिया है।एफबीआई कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के सभी पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हैपटेल ने एक्स पर लिखा, “एफबीआई कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के सभी पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती है। एफबीआई भारत सरकार को अपना पूरा समर्थन देना जारी रखेगी।” उन्होंने आगे कहा, “यह आतंकवाद की बुराइयों से हमारी दुनिया को लगातार होने वाले खतरों की याद दिलाता है।”अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमले के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और आतंकवादी कृत्य की कड़ी निंदा कीअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमले के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और आतंकवादी कृत्य की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी को फोन किया और जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में निर्दोष लोगों की जान जाने पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और इस जघन्य हमले के अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए भारत के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।”ट्रंप ने पहलगाम हमले को लेकर भारत- पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने से किया इनकारहालांकि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी लेकिन पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए रोम जाते समय जब एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने उस प्रस्ताव को दोहराने से इनकार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह स्थिति को लेकर चिंतित हैं और क्या वह भारत और पाकिस्तान के नेताओं से बात करने की योजना बना रहे हैं, ट्रंप ने जवाब दिया, “उस सीमा पर 1500 वर्षों से तनाव है।” उन्होंने कहा, “लेकिन वे किसी न किसी तरह से इसका समाधान निकाल लेंगे। मुझे यकीन है कि मैं दोनों नेताओं को जानता हूं।” मध्यस्थता करने का कोई इरादा न दिखाने के बावजूद, ट्रंप और उनके अधिकारियों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और भारत को समर्थन देने का वादा किया।( -
नई दिल्ली। दिग्गज अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल द्वारा अमेरिका को भेजे जाने वाले शिपमेंट की अगले साल से भारत में मैन्युफैक्चर करने की योजना की रिपोर्ट पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि अब मेक इन इंडिया वैश्विक स्तर पर जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक न्यूजपेपर की क्लिप को शेयर करते हुए लिखा, “वैश्विक स्तर पर मेक इन इंडिया।”
एप्पल अगले साल तक अमेरिका के लिए आईफोन की पूरी असेंबली भारत में स्थानांतरित करने की योजना बना रही हैउनका यह बयान मैन्युफैक्चरिंग में देश की बढ़ती क्षमताओं को दिखाता है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, टेक्नोलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एप्पल अगले साल तक अमेरिका के लिए आईफोन की पूरी असेंबली भारत में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। यह एप्पल की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेटजी में एक बड़ा कदम होगा क्योंकि कंपनी चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी व्यापार तनाव के कारण एप्पल पर अपना उत्पादन चीन से बाहर ले जाने का दबाव बना रहे हैंहालांकि, अंतिम निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखला को कितनी तेजी से मजबूत कर सकता है और चीन एवं अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता कैसे आगे बढ़ती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी व्यापार तनाव के कारण एप्पल पर अपना उत्पादन चीन से बाहर ले जाने का दबाव बना रहे हैं। ट्रंप ने हाल ही में पुष्टि की कि चीन के साथ टैरिफ पर चर्चा अभी भी जारी है।
भारत में एप्पल के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर पहले से ही अपने ऑपरेशंस का विस्तार कर रहे हैंभारत में एप्पल के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर पहले से ही अपने ऑपरेशंस का विस्तार कर रहे हैं। बेंगलुरु में फॉक्सकॉन का नया प्लांट इसी महीने चालू होने की उम्मीद है और यह पूरी क्षमता पर 20 मिलियन आईफोन का उत्पादन कर सकता है। भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पहले से ही मजबूत है। पिछले साल, भारत में 22 बिलियन डॉलर के आईफोन असेंबल किए गए थे। मौजूदा समय में दुनिया भर में एप्पल के कुल आईफोन उत्पादन में भारत का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है, जो देश की मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दिखाता है। -
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा के लिए किसी भी समय, कहीं भी और किसी भी प्रकार से मुकाबले के लिए तैयार है। अपनी यही तैयारी प्रदर्शित करते हुए नौसेना ने सफलतापूर्वक एंटी-शिप फायरिंग की है। यह परीक्षण भारतीय नौसेना के जहाजों से किया गया। नौसेना की इस एंटी-शिप फायरिंग ने लंबी दूरी के सटीक आक्रामक हमले के लिए प्लेटफार्म, सिस्टम और चालक दल की तत्परता को पुनः प्रमाणित किया है।
भारतीय नौसेना किसी भी समय युद्ध के लिए तैयाररविवार को नौसेना ने बताया कि चालक दल की तत्परता को प्रदर्शित करने के लिए उन्होंने कई सफल एंटी-शिप फायरिंग की हैं। भारतीय नौसेना किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी तरह से राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए युद्ध के लिए तैयार हैं।पर्यटकों का नाम पूछ-पूछकर आतंकियों ने उन पर गोली चलाईगौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलियां बरसाई थीं। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में दो सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं, जिनमें एक नौसेना अधिकारी भी थे। ये सैन्य अधिकारी भी अन्य सैलानियों की भांति परिवार के साथ छुट्टियां बिताने जम्मू-कश्मीर गए थे। मंगलवार को आतंकवादियों ने यहां पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया और पर्यटकों का नाम पूछ-पूछकर आतंकियों ने उन पर गोली चलाई।नौसेना का विध्वंसक आईएनएस सूरत, दुश्मन की मिसाइल को हवा में नष्ट करने की क्षमता से है लैसजम्मू-कश्मीर स्थित पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 48 घंटे के भीतर ही भारत ने अपने शत्रुओं को एक सख्त संदेश देते हुए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षण किया था। यह मिसाइल परीक्षण भारतीय नौसेना ने अपने डिस्ट्रॉयर आईएनएस सूरत पर अरब सागर में किया था। नौसेना ने मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी थी। नौसेना के मुताबिक इस दौरान भारत के स्वदेशी मिसाइल विध्वंसक आईएनएस सूरत ने समुद्र में लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदने में कामयाबी हासिल की। नौसेना का यह विध्वंसक दुश्मन की मिसाइल को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता से लैस है।पाकिस्तानी सेना बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही हैआतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों से पाकिस्तान बुरी तरह तिलमिलाया हुआ है। यही कारण है कि पाकिस्तानी सेना बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए अपनी चौकियों से फायरिंग कर रही है। 26-27 अप्रैल की रात को भी पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने तुतमारी गली और रामपुर सेक्टर के सामने के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की। भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया है।भारतीय सेना पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह से सतर्क और तैयार हैभारतीय सेना पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह से सतर्क और तैयार है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। सेना प्रमुख ने सेना की अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की है। वहीं भारतीय नौसेना ने भी अपनी तैयारियों को मजबूती से प्रदर्शित किया है।( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 121वें एपिसोड में पहलगाम हिंसा, अंतरिक्ष के क्षेत्र में हमारी उपलब्धियों, अन्नदाताओं के कड़े परिश्रम से लेकर वैश्विक पटल पर भारत का मान बढ़ाने समेत कई अहम मुद्दों से देशवासियों को रूबरू कराया। आइए पीएम मोदी के संबोधन की 5 प्रमुख बातों पर एक नजर डालते हैं।
पीएम मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर गहरा शोक व्यक्त कियाअपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक पीड़ितों के साथ है और इस हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, “आज जब मैं आपसे ‘मन की बात’ कर रहा हूं, तो मन में गहरी पीड़ा है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई आतंकी वारदात ने देश के हर नागरिक को दुख पहुंचाया है। पीड़ित परिवारों के प्रति हर भारतीय के मन में गहरी संवेदना है। भले वह किसी भी राज्य का हो, वह कोई भी भाषा बोलता हो, लेकिन वह उन लोगों के दर्द को महसूस कर रहा है, जिन्होंने इस हमले में अपने परिजनों को खोया है। मुझे अहसास है कि हर भारतीय का खून आतंकी हमले की तस्वीरों को देखकर खौल रहा है। पहलगाम में हुआ यह हमला आतंक के सरपरस्तों की हताशा को दिखाता है, उनकी कायरता को दिखाता है।”प्रधानमंत्री ने दिवंगत वैज्ञानिक कस्तूरीरंगन के योगदान को किया यादपीएम मोदी ने देशवासियों के नाम संबोधन में दिवंगत वैज्ञानिक कस्तूरीरंगन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कस्तूरीरंगन ने इसरो और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किए। इसके साथ ही उन्होंने आर्यभट्ट सैटेलाइट की लॉन्चिंग के 50 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और बताया कि कैसे भारत अब एक ग्लोबल स्पेस पावर बन चुका है। साथ ही, चंद्रयान-3 और गगनयान जैसे मिशनों का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अब भारत ने अपने स्पेस सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर के लिए भी खोल दिया है। आज बहुत से युवा स्पेस स्टार्टअप में नए झंडे लहरा रहे हैं। 10 साल पहले इस क्षेत्र में सिर्फ एक कंपनी थी, लेकिन आज देश में, सवा तीन सौ से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं। आने वाला समय स्पेस में बहुत सारी नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। भारत नई ऊंचाइयों को छूने वाला है।प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन ब्रह्मा में भारत की भूमिका पर प्रकाश डालाहाल ही में म्यांमार में आए भूकंप की घटना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन ब्रह्मा में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला। ऑपरेशन ब्रह्मा की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय टीम के साहसिक कार्यों की जानकारी दी। वैश्विक मानवीय प्रयासों में भारत की भागीदारी पर भी उन्होंने बात की। पीएम ने बताया कि भारत ने अफगानिस्तान और नेपाल को बड़ी मात्रा में वैक्सीन और दवाएं भेजी हैं। साथ ही, इथियोपिया में बच्चों के इलाज के लिए प्रवासी भारतीयों के प्रयासों की भी तारीफ की।प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सफलता का भी किया जिक्रप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सफलता का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस अभियान के तहत देश भर में 140 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए गए हैं और यह अभियान पर्यावरण की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह अभियान उस मां के नाम है, जिसने हमें जन्म दिया और यह उस धरती मां के लिए भी है, जो हमें अपनी गोद में धारण किए रहती है। भारत की इस पहल को देखते हुए, देश के बाहर भी लोगों ने अपनी मां के नाम पर पेड़ लगाए हैं।पीएम ने कर्नाटक, हिमाचल, केरल और राजस्थान जैसे राज्यों में सेब, केसर और लीची की अनोखी खेती के लिए किसानों की सराहना कीइसके अलावा, पीएम मोदी ने अपने संबोधन में खेती में नवाचार का भी जिक्र किया। उन्होंने कर्नाटक, हिमाचल, केरल और राजस्थान जैसे राज्यों में सेब, केसर और लीची की अनोखी खेती के उदाहरण देकर किसानों की नवोन्मेषक सोच को सराहा। पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए विज्ञान और युवा प्रतिभा की सराहना भी की। दंतेवाड़ा और गुजरात साइंस सिटी जैसे उदाहरणों से यह जताया कि विज्ञान और नवाचार की ओर देश का युवा आगे बढ़ रहा है। -
बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को कहा कि इसके जीएसएलवी प्रक्षेपण यान के दूसरे चरण को हाल ही में अंतरिक्ष एजेंसी के अध्यक्ष वी नारायणन ने महेंद्रगिरि स्थित ‘इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स' (आईपीआरसी)से श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण परिसर के लिए रवाना किया। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि आईपीआरसी और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशकों ने भी 24 मार्च को आयोजित इस समारोह में भाग लिया। इसरो ने एक बयान में कहा, ‘‘यह तरल चरण भू तुल्यकालिक प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी-एफ16) के आगामी मिशन के लिए निर्धारित है, जो नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इस मिशन के लिए प्रक्षेपण अभियान की गतिविधियां अप्रैल 2025 के पहले सप्ताह में श्रीहरिकोटा में शुरू हो चुकी हैं।''
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नयी दिल्ली. भारत और चीन जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करेंगे। पांच साल के अंतराल के बाद यह यात्रा होने जा रही है। इस कदम को पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध से बुरी तरह प्रभावित दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि यह यात्रा जून से अगस्त तक दो मार्गों - उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा और सिक्किम में नाथू ला के जरिए होगी। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा का हिंदुओं के साथ-साथ जैन और बौद्धों के लिए भी बड़ा धार्मिक महत्व है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त 2025 तक होने वाली है।'' प्रारंभ में कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में यात्रा को निलंबित कर दिया गया था और बाद में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। (प्रधानमंत्री नरेन्द्र)मोदी-(चीनी राष्ट्रपति) शी (चिनफिंग) वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने पिछले कुछ महीनों में कई बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना था। जनवरी में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बीजिंग का दौरा किया और अपने चीनी समकक्ष सन वेइदोंग के साथ बातचीत की। बैठक में दोनों पक्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर सहमत हुए थे। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘इस साल लिपुलेख दर्रे से उत्तराखंड होते हुए पांच जत्थे तथा नाथू ला दर्रे से सिक्किम होते हुए 10 जत्थे (मानसरोवर) यात्रा पर जायेंगे। हर जत्थे में 50 यात्री होंगे।'' यात्रा के लिए आवेदन संबंधित वेबसाइट पर जमा किए जा सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आवेदकों में से यात्रियों का चयन उचित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में इजाफा हो। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित 51,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद रोजगार मेले के 15वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है। उन्होंने डिजिटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था वाला देश बना रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मोदी ने कहा कि ऑटोमोबाइल और फुटवियर उद्योगों में उत्पादन व निर्यात ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा किए गए बदलाव का हवाला देते हुए कहा कि अंतर्देशीय जलमार्ग के माध्यम से माल प्रबंधन की मात्रा 2014 में 1.8 करोड़ टन थी, जो बढ़कर 14.5 करोड़ टन हो गई है, जबकि राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या पांच से बढ़कर 110 हो गई है और उनकी लंबाई 2,700 किलोमीटर से बढ़कर 5,000 किलोमीटर से अधिक हो गई है। मोदी ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह रही है कि विकास समावेशी रहा है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
मोदी ने कहा कि इस साल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शीर्ष पांच में से तीन ‘टॉपर' महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। मोदी ने कहा कि इस दशक में युवाओं ने प्रौद्योगिकी, डेटा और नवाचार के क्षेत्र में भारत के उत्थान को गति दी है। उन्होंने कहा कि देश ‘रियल टाइम' डिजिटल लेनदेन में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि जब युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देते हैं, तो देश का तेजी से विकास होता है और वैश्विक मंच पर देश की एक अलग पहचान बनती है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हर कदम पर यह सुनिश्चित कर रही है कि देश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते रहें। ‘स्किल इंडिया', ‘स्टार्टअप इंडिया' और ‘डिजिटल इंडिया' जैसी पहलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक खुला मंच प्रदान कर रही हैं। मोदी ने कहा कि भारत के युवा अपनी लगन व नवाचार के जरिए दुनिया को दिखा रहे हैं कि देश में कितनी अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई में आयोजित होने वाला विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) भी युवाओं के लिए वैश्विक मंच पर अपने कौशल दिखाने का एक बड़ा अवसर होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें कृत्रिम मेधा (एआई) और ‘इमर्सिव मीडिया' को समझने का भी मौका मिलेगा तथा यह कार्यक्रम डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में एक नयी ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि मीडिया, गेमिंग और मनोरंजन के क्षेत्र में नवाचार करने वालों के लिए ‘वेव्स' प्रतिभा दिखाने का एक अभूतपूर्व अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट में सरकार ने ‘मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देने और देश के युवाओं को वैश्विक मानकों के उत्पाद बनाने का अवसर प्रदान करने के लक्ष्य के साथ ‘मैन्युफैक्चरिंग मिशन' की घोषणा की है। मोदी ने कहा, ‘‘मैन्युफैक्चरिंग मिशन न केवल देश भर में लाखों एमएसएमई और छोटे उद्यमियों की मदद करेगा, बल्कि देश भर में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।'' -
नयी दिल्ली. सरकार ने शनिवार को मीडिया से रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण करने से बचने को कहा। साथ ही कहा कि इस तरह की सूचना देने से जाने-अनजाने में शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद रक्षा मामलों पर रिपोर्टिंग के मद्देनजर यह परामर्श जारी किया गया है। आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल पहलगाम में पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, सभी मीडिया मंचों, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा-संबंधी अभियानों से संबंधित मामलों पर रिपोर्टिंग करते समय पूरी जिम्मेदारी से काम लें और मौजूदा कानूनों और नियमों का कड़ाई से पालन करें।'' परामर्श में यह भी कहा गया है कि संवेदनशील जानकारी का समय से पहले खुलासा करने से अनजाने में शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है और परिचालन प्रभावशीलता तथा कर्मियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। परामर्श में करगिल युद्ध, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और कंधार विमान अपहरण जैसी पिछली घटनाओं का हवाला दिया गया, जब ‘‘अबाधित कवरेज से राष्ट्रीय हितों को लेकर प्रतिकूल परिणाम सामने आये थे।''
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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान समर्थक रुख अपनाने के आरोप में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिससे राज्य में इस तरह के मामलों में गिरफ्तार लोगों की संख्या 11 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। शर्मा ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच कोई समानता नहीं है। दोनों देश दुश्मन राष्ट्र हैं और हमें ऐसे ही रहना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि कृषक मुक्ति संग्राम समिति के एक नेता को शुक्रवार को उसकी ‘भारत विरोधी टिप्पणी' के लिए गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कोई भी ऐसा रुख अपनाएगा, उसे गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो हम उन पर रासुका के प्रावधान लगाएंगे। हम सभी (सोशल मीडिया) पोस्ट की समीक्षा कर रहे हैं और हमें जो भी राष्ट्र विरोधी लगता है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'' शर्मा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि शुक्रवार रात श्रीभूमि जिले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी ने फेसबुक पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद' लिखा था।
सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि कछार जिले में इसी तरह के आरोपों में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘कछार पुलिस ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के समर्थन में पोस्ट करने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है।'' मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि ‘ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट' (एआईयूडीएफ) के अमीनुल इस्लाम सहित दो लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया जबकि शुक्रवार को राज्यभर में छह और गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने शुक्रवार को ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेगा जो पहलगाम में हुए जघन्य हमले के संबंध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान का समर्थन और बचाव करता है।'' शर्मा ने बताया कि पहले पकड़े गए लोगों में से दो कछार जिले के सिलचर से तथा एक-एक हैलाकांडी, मोरीगांव, नगांव, शिवसागर, बारपेटा और विश्वनाथ से है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। -
अहमदाबाद. गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को कहा कि अहमदाबाद और सूरत में तलाश अभियान के बाद महिलाओं और बच्चों सहित एक हजार से अधिक अवैध बांग्लादेशी आप्रवासी हिरासत में लिए गए हैं और उनके निर्वासन के प्रयास जारी हैं। अहमदाबाद में कम से कम 890 और सूरत में 134 बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया गया है। मंत्री ने इसे गुजरात पुलिस का अब तक का अपनी तरह का सबसे बड़ा अभियान बताया। संघवी ने गुजरात में रह रहे अवैध आप्रवासियों को आगाह किया कि वे खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उन्हें पकड़कर निर्वासित कर दिया जाएगा। उन्होंने अवैध आप्रवासियों को शरण देने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी। वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संघवी ने सूरत में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को पकड़ने में ऐतिहासिक सफलता मिली है। अहमदाबाद पुलिस ने 890 और सूरत पुलिस ने 134 अवैध आप्रवासियों को पकड़ा है। यह राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ गुजरात पुलिस का सबसे बड़ा अभियान है।'' उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों ने गुजरात आने से पहले भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहने के लिए पश्चिम बंगाल में नकली दस्तावेज बनवाए। मंत्री ने कहा, ‘‘इनमें से कई लोग मादक पदार्थ तथा मानव तस्करी से जुड़े हैं, और जैसा कि हमने देखा कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार बांग्लादेशियों में से दो अलकायदा के ‘स्लीपर सेल' में काम करते थे। इन बांग्लादेशियों की पृष्ठभूमि और गुजरात में उनकी गतिविधियों की जांच की जाएगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘जितनी जल्दी हो सके उनके निर्वासन के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी करने की व्यवस्था की गई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम देश के विभिन्न हिस्सों और गुजरात में पहुंचने के लिए उनके नकली दस्तावेजों की भी जांच करेंगे और नकली दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'' संघवी ने कहा कि पुलिस को समूचे गुजरात में अवैध आप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पाकिस्तानी नागरिकों को गुजरात छोड़ने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि दूसरे देशों के नागरिक उनके राज्य में अवैध रूप से न रहें। मंत्री ने अभियान चलाकर पूरी रात ‘‘घुसपैठियों'' को सफलतापूर्वक पकड़ने के लिए अहमदाबाद शहर और सूरत पुलिस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को इस बात का सबूत दिया जाएगा कि हिरासत में लिए गए लोगों ने उस राज्य (बंगाल) में कैसे फर्जी दस्तावेज बनवाए। अहमदाबाद में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विकास सहाय ने संवाददाताओं से कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और दस्तावेजी और अन्य सबूतों के आधार पर उनकी राष्ट्रीयता का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार जब पुलिस यह स्थापित कर लेगी कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं, तो केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ समन्वय कर उनके निर्वासन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाएगी।'' सहाय ने कहा कि शुक्रवार आधी रात के बाद तीन बजे के आसपास अहमदाबाद और सूरत में एक साथ अभियान चलाया गया।
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देहरादून। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) ने केदारनाथ मंदिर में पर्यावरण मानदंडों के कथित उल्लंघन के लिए केदारनाथ नगर पंचायत और लोक निर्माण विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूकेपीसीबी ने कहा कि ये नोटिस राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश का पालन करते हुए जारी किए गए हैं। इससे पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने केदारनाथ में ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन और मलजल निपटान तंत्र के निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां पाई थीं। टीम ने पाया कि कूड़ेदानों से एकत्र ठोस अपशिष्ट को अलग करके एक छोटे गड्ढे में एकत्र किया जाता था, जिसका निर्माण तकनीकी रूप से सही तरीके से नहीं किया गया था और न ही सीमेंट का फर्श बनाया गया था। यूकेपीसीबी के सदस्य सचिव पराग मधुकर धकाते ने केदारनाथ नगर पंचायत के कार्यकारी अधिकारी को भेजे नोटिस में कहा कि वहां ‘लीचेट' संग्रह की कोई सुविधा भी नहीं थी। उन्होंने बताया कि टीम को यह भी पता चला कि अनुपचारित सीवेज को मंदाकिनी और सरस्वती नदियों में बहाया जा रहा है। टीम ने पाया कि केदारनाथ में 600 केएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माणाधीन है और मलजल का निपटान गड्ढों में किया जाता है। टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर शौचालय के सोखने वाले गड्ढे जरूरत से ज्यादा भरे हुए थे और उनकी नियमित सफाई की आवश्यकता है। नोएडा में रहने वाले सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता अमित गुप्ता की शिकायत पर कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि एसटीपी का काम पूरा करने की मूल समयसीमा दिसंबर 2024 थी, जो अब बढ़ाकर मई 2025 कर दी गई है। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई भी अनुपचारित सीवेज नदियों में न जाए। नोटिस में यह भी कहा गया है कि निर्माणाधीन एसटीपी की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि हर साल चार धाम यात्रा के दौरान केदारनाथ में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। नोटिस में कहा गया है कि केदारनाथ नगर पंचायत के ईओ और गुप्तकाशी में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता यदि निर्देशों का पालन नहीं करते तो पर्यावरण क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा और उन्हें अन्य कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही 30 अप्रैल को चार धाम यात्रा शुरू हो जाएगी। केदारनाथ मंदिर दो मई को श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज शनिवार को बताया कि अब तक ‘उड़ान योजना’ के तहत 625 हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इन मार्गों से देश के 90 हवाई अड्डे आपस में जुड़ गए हैं और 1.49 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने इसका लाभ उठाया है। गौरतलब है कि ‘उड़ान योजना’ 21 अक्टूबर 2016 को शुरू हुई थी और इसकी पहली उड़ान 27 अप्रैल 2017 को शिमला से दिल्ली के बीच भरी गई थी। इसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों को भी हवाई यात्रा से जोड़ना और लोगों को सस्ती हवाई सेवाएं उपलब्ध कराना था। सरकार ने बताया कि भारत में हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 थी, जो अब 2024 तक बढ़कर 159 हो गई है। यानी पिछले 10 साल में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।
‘उड़ान’ योजना के तहत सरकार ने अब तक 4,023 करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय सहायता (वीजीएफ) दी है ताकि कंपनियां दूरदराज के इलाकों में भी उड़ानें चला सकें। इससे छोटे शहरों में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार को बढ़ावा मिला है और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ा है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि ‘उड़ान’ सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक बड़ा बदलाव है। इसने छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को भी देश के हवाई नेटवर्क से जोड़ दिया है और आम आदमी के लिए हवाई यात्रा को सस्ता और आसान बना दिया है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय आज शनिवार को सभी मीडिया चैनलों, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सावधानी बरतने और मौजूदा कानूनों तथा नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार की “रियल टाइम कवरेज”, दृश्य प्रसारण या “स्रोत आधारित” जानकारी का प्रसारण नहीं किया जाना चाहिए। समय से पहले संवेदनशील जानकारी का खुलासा करने से शत्रुतापूर्ण तत्वों को लाभ मिल सकता है और हमारे सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता तथा उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
मंत्रालय ने अतीत के उदाहरण भी याद दिलाए हैं, जैसे करगिल युद्ध, मुंबई आतंकवादी हमला (26/11) और कंधार अपहरण की घटनाएं, जहां अनियंत्रित कवरेज ने राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला था। इसलिए मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आम नागरिकों से यह अपेक्षा की गई है कि वे न केवल कानूनी दायित्वों का पालन करें बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति नैतिक जिम्मेदारी भी निभाएं।एडवाइजरी में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहले भी सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(p) का पालन करने का निर्देश दिया गया था। इस नियम के तहत “किसी भी आतंकवाद-रोधी अभियान की लाइव कवरेज को प्रतिबंधित किया गया है और मीडिया को केवल सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी की समय-समय पर ब्रीफिंग तक सीमित रहना होगा, जब तक कि अभियान समाप्त न हो जाए।” यदि किसी चैनल द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।मंत्रालय ने दोहराया है कि सभी टीवी चैनल, मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता देश की सुरक्षा के लिए सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का पालन करें, और राष्ट्र सेवा में उच्चतम मानकों को बनाए रखें। यह एडवाइजरी सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के साथ जारी की गई है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को 15वें रोजगार मेला कार्यक्रम में 51,236 नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। यह कार्यक्रम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आयोजित हुआ इसमें देशभर के 47 केंद्रों से जुड़ा रहा। पीएम मोदी ने नए कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि अब वे भारत की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “आपकी लगन जितनी अधिक होगी, हम उतनी तेजी से विकसित भारत की ओर बढ़ेंगे।”
उन्होंने युवाओं की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि जब देश के विकास में युवा भागीदार बनते हैं, तो तेजी से तरक्की होती है। उन्होंने ‘स्किल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने नवाचार, स्वरोजगार और तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा दिया है।डिजिटल क्रांति में भारत की उपलब्धियों को उजागर करते हुए पीएम मोदी ने UPI, ONDC और GeM जैसी पहलों का उदाहरण दिया और इसके पीछे युवाओं की मेहनत को श्रेय दिया।प्रधानमंत्री ने 2025-26 के केंद्रीय बजट में घोषित ‘मैन्युफैक्चरिंग मिशन’ की भी चर्चा की, जो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को गति देगा और युवा उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा वाले उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने बताया कि ऑटोमोबाइल, फुटवियर, खादी और कुटीर उद्योग जैसे क्षेत्रों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है और खादी का कारोबार अब 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि जलमार्गों के माध्यम से माल ढुलाई 2014 में 18 मिलियन टन से बढ़कर आज 145 मिलियन टन हो गई है और राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 5 से बढ़कर 110 हो गई है, जो लगभग 5,000 किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं।पीएम मोदी ने मुंबई में 2025 में होने वाले ‘वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट’ (WAVES 2025) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन एआई और नए मीडिया क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा और इसके तहत वर्कशॉप्स भी आयोजित की जाएंगी।महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की प्रशंसा करते हुए पीएम मोदी ने हालिया यूपीएससी परीक्षा परिणामों का जिक्र किया, जिसमें शीर्ष दो स्थान महिलाओं ने हासिल किए। उन्होंने कहा कि आज का युवा समावेशिता का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में शामिल होकर अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने की अपील भी की।पीएम मोदी ने कहा, “हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बनाएंगे जो ‘विकसित’ भी होगा और ‘समृद्ध’ भी।” ये नई नियुक्तियां गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, राजस्व विभाग और उच्च शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों और संगठनों में की गई हैं। अक्टूबर 2022 से शुरू हुए रोजगार मेला अभियान के तहत अब तक 10 लाख से अधिक स्थायी सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। पहले रोजगार मेले में 75,000 और दिसंबर 2023 में आयोजित 14वें मेले में 71,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद बीएसएफ भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में सख्ती बरत रहा है। इसी कड़ी में बीएसएफ ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में नाकाबंदी करके सर्च आपरेशन चलाया है। साथ ही अपनी क्विक रिएक्शन टीमों को सक्रिय कर दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों को अलर्ट रहने की अपील कीपंजाब के अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फाजिल्का, पठानकोट व फिरोजपुर आदि जिलों में बहुत से गांव ऐसे हैं, जहां के किसानों की आधी जमीनें पाकिस्तान में और आधी भारत के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। बीएसएफ ने इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती करने के साथ ही साथ-साथ सीमा से सटे गांवों में भी पेट्रोलिंग और तलाशी अभियानों को बढ़ाया गया है। संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट देने के लिए स्थानीय ग्रामीणों को भी अलर्ट रहने की अपील की गई है।टीमें 24 घंटे गश्त के साथ-साथ किसी भी संदिग्ध हलचल का तत्काल जवाब देने के लिए तैनातबीएसएफ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपनी क्विक रिएक्शन टीमों को सक्रिय कर दिया है। यह टीमें 24 घंटे गश्त के साथ-साथ किसी भी संदिग्ध हलचल का तत्काल जवाब देने के लिए तैनात की गई हैं। बीएसएफ के साथ पंजाब पुलिस भी अपने स्तर पर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर रही है। संवेदनशील जगहों पर नाके, चेकिंग अभियान और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। -
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच चुका है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली। इस हादसे के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। इसमें 60 साल से पुराने सिंधु जल समझौते पर रोक लगाना, पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करना, पाकिस्तान दूतावास के सभी अधिकारियों को वापस भेजने आदि जैसे फैसले शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने अटारी-वाघा बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान किया है। अटारी-वाघा बॉर्डर भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार का एकमात्र जमीनी रास्ता है। सरकार के इस फैसले ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को लगभग पूरी तरह रोक दिया है।
अटारी-वाघा बॉर्डर: व्यापार का महत्वपूर्ण रास्ताअटारी-वाघा बॉर्डर, जो भारत के पंजाब में अमृतसर से 28 किलोमीटर और पाकिस्तान के लाहौर से 24 किलोमीटर की दूरी पर है, दोनों देशों के बीच व्यापार का एकमात्र जमीनी मार्ग रहा है। यह न केवल व्यापार के लिए बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है। हर शाम होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी दोनों देशों के जवानों के बीच एक अनोखा प्रदर्शन है, जो हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती है। लेकिन व्यापार के लिहाज से यह चेकपोस्ट दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी थी।लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023-24 में इस बॉर्डर के जरिए 3,886.53 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ, जिसमें 6,871 ट्रकों की आवाजाही और 71,563 यात्रियों का आना-जाना शामिल था। इसके अलावा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (अप्रैल 2024 से जनवरी 2025) में भारत ने पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रोक के बावजूद 447.7 मिलियन डॉलर (लगभग 3,720 करोड़ रुपये) का सामान निर्यात किया।इन निर्यातों में मुख्य रूप से जरूरी सामान शामिल थे। इसमें दवाइयां 110.1 मिलियन डॉलर (लगभग 915 करोड़ रुपये), दवाओं के कच्चे माल (एपीआई) 129.6 मिलियन डॉलर (लगभग 1,077 करोड़ रुपये), चीनी 85.2 मिलियन डॉलर (लगभग 708 करोड़ रुपये), ऑटो पार्ट्स 12.8 मिलियन डॉलर (लगभग 106 करोड़ रुपये), उर्वरक 6 मिलियन डॉलर (लगभग 50 करोड़ रुपये) आदि मुख्य रूप से शामिल थे।दूसरी ओर, पाकिस्तान से भारत का आयात बहुत कम रहा, जो मात्र 0.42 मिलियन डॉलर (लगभग 3.5 करोड़ रुपये) था। इसमें कुछ खास कृषि उत्पाद शामिल थे, जैसे अंजीर: 78,000 डॉलर (लगभग 65 लाख रुपये), जड़ी-बूटियां (तुलसी और रोजमेरी) 18,856 डॉलर (लगभग 16 लाख रुपये) आदि।यह आंकड़ा दर्शाता है कि भले ही 2019 के पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात पर 200% शुल्क लगा दिया था और ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) का दर्जा वापस ले लिया था, लेकिन फिर भी दोनों देशों के बीच सीमित व्यापार जारी रहा।क्या-क्या सामान था व्यापार में शामिल?अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए होने वाला व्यापार मुख्य रूप से रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा था। भारत से पाकिस्तान को कई तरह के खाद्य पदार्थ और कच्चा माल निर्यात किया जाता था। आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से सोयाबीन, पोल्ट्री फीड, सब्जियां (जैसे आलू, प्याज, टमाटर), लाल मिर्च, प्लास्टिक दाना, और प्लास्टिक यार्न जैसी चीजें निर्यात होती थीं। इसके अलावा, पंजाब से स्ट्रॉ रीपर्स (कृषि उपकरण) भी पाकिस्तान को भेजे जाते थे, जो वहां के किसानों के लिए महत्वपूर्ण थे।पाकिस्तान से भारत को सूखे मेवे (बादाम, पिस्ता, किशमिश, अंजीर), सूखी खजूर, जिप्सम, सीमेंट, कांच, रॉक सॉल्ट, और अलग-अलग जड़ी-बूटियां आयात की जाती थीं। इस रास्ते से ही अफगानिस्तान से आने वाले सामान, खासकर सूखे मेवे, भी भारत इसी रास्ते से पहुंचते थे। इसी के चलते यह बॉर्डर अफगानिस्तान के साथ भारत के व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि अफगान सामान पाकिस्तान के रास्ते इस चेकपोस्ट से भारत आता था।व्यापार की वैल्यू: कितना था कारोबार?अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए होने वाले व्यापार की वैल्यू समय के साथ उतार-चढ़ाव से गुजरी है। लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 में इस मार्ग से 4,370.78 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था, जो 2022-23 में घटकर 2,257.55 करोड़ रुपये रह गया। लेकिन 2023-24 में इसमें उछाल आई और व्यापार बढ़कर 3,886.53 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान 6,871 कार्गो मूवमेंट्स दर्ज किए गए, जो व्यापारिक गतिविधियों में हल्की रिकवरी का संकेत देते हैं।हालांकि, दोनों देशों के बीच सीधा व्यापार 2019 के बाद से काफी कम हो गया था। 2019 में भारत ने पाकिस्तान से व्यापार पर सख्ती की और पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में भारत के साथ व्यापार रोक दिया था। फिर भी, तीसरे देशों (जैसे दुबई) के जरिए अप्रत्यक्ष व्यापार चलता रहा। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की दुनियाभर में कड़ी निंदा हो रही है। विश्व के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर न सिर्फ हमले की निंदा कर रहे हैं बल्कि भारत के लिए अपना समर्थन भी जता रहे हैं। शुक्रवार को ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कोफ ने पीएम मोदी से बात की।
पीएम कीर स्टार्मर ने कहा इस दुख की घड़ी में ब्रिटेन भारत के लोगों के साथ खड़ा हैविदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया और भारतीय धरती पर हुए जघन्य आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस बर्बर आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि ब्रिटेन इस दुखद की घड़ी में भारत के लोगों के साथ खड़ा है।”नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कोफ ने कायरतापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा की हैएक अन्य पोस्ट में विदेश मंत्रालय ने बताया, “नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कोफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया और भारत के पहलगाम में हुए दुखद व अमानवीय सीमा पार आतंकी हमले पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कायरतापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के सभी रूपों व अभिव्यक्तियों को खारिज किया ।” पोस्ट में कहा गया, “प्रधानमंत्री मोदी ने समर्थन और एकजुटता के लिए पीएम स्कोफ को धन्यवाद दिया और कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए नीदरलैंड के साथ मिलकर काम करने को तत्पर है।”फ्रांस ने कहा दुख की इस घड़ी में हम भारत के साथ मजबूती से खड़ा हैंइससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को ही जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और कहा कि दुख की इस घड़ी में फ्रांस भारत और उसके लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने लिखा, “मैंने मंगलवार को हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के बारे में अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी से बात की, हमले में दर्जनों निर्दोष नागरिकों की दुखद मौत हो गई। दुख की इस घड़ी में फ्रांस भारत और उसके लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। फ्रांस अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जहां भी जरूरी होगा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।”अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस मुद्दे पर भारत के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया हैबता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस मुद्दे पर पीएम मोदी से बात कर चुके हैं। दोनों ने इस जघन्य अपराध की निंदा की और भारत के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया।आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल – पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मारे गए लोगों में एक नेपाली पर्यटक भी शामिल है। -
नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी आज शुक्रवार को श्रीनगर पहुंचे हैं। यहां सेना के कमांडर्स ने जनरल द्विवेदी को मौजूदा हालात और आतंकियों के खिलाफ सेना द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सेना प्रमुख को नियंत्रण रेखा के मौजूदा हालात के बारे में भी जानकारी दी गई।
गौरतलब हो, आज सुबह नियंत्रण रेखा पर कुछ जगहों पर छोटे हथियारों से गोलीबारी हुई, जिसकी शुरुआत पाकिस्तान ने की थी। भारतीय सेना ने इसका प्रभावी तरीके से जवाब दिया है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर आर्मी चीफ का यह दौरा काफी अहम है। भारतीय सेना प्रमुख यहां सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को श्रीनगर का यह दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वह महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर जाएंगे। आर्मी चीफ की इस विजिट के दौरान उन्हें आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी जा रही है।जम्मू कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के टॉप कमांडर्स आर्मी चीफ को सैन्य संरचनाओं की भी जानकारी देंगे। आर्मी चीफ कश्मीर घाटी और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों द्वारा किए गए आतंकवाद विरोधी उपायों की भी जानकारी ले रहे हैं। आर्मी चीफ की इस विजिट के दौरान सेना की 15 कोर के कमांडर और राष्ट्रीय राइफल्स के अन्य कमांडर मौजूद रहे।सेना प्रमुख अवंतीपोरा में विक्टर फोर्स के मुख्यालय का दौरा करेंगे। यह सेना का एक डिवीजन है जो दक्षिण कश्मीर में ऑपरेशन का प्रभारी है। वह फील्ड पर ऑपरेशनल कमांडरों से मिलेंगे और प्राप्त इनपुट्स की समीक्षा करेंगे। सेना प्रमुख को मौजूदा ऑपरेशन की स्थिति तथा निकट भविष्य के लिए तैयार किए जा रहे सुरक्षा तंत्र के बारे में जानकारी दी जाएगी।जनरल द्विवेदी अपने जम्मू कश्मीर दौरे के दौरान श्रीनगर में चिनार कोर के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे। यहां वे उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सुचेंद्र कुमार तथा 15 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में व्यापक सुरक्षा समीक्षा की जाएगी तथा सैन्य योजनाओं व आवश्यक बदलावों पर चर्चा की जा सकती है।आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से सेना ने इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ सघन अभियान चला रखा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने मंगलवार को पर्यटकों पर गोलियां बरसाई थीं। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद से सेना व सुरक्षाबलों ने संदिग्ध स्थानों की घेराबंदी कर रखी है। सेना बल हेलीकॉप्टर के जरिए भी निगरानी कर रही हैं। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन के निधन पर दुख जताया। इसरो के पूर्व प्रमुख कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन का आज शुक्रवार को बेंगलुरु में निधन हो गया। उन्होंने 84 वर्ष की आयु में अपने बेंगलुरु स्थित आवास में आखिरी सांस ली। बताया जा रहा है कि आज सुबह करीब 10 बजे उनका निधन हो गया। कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन सबसे लंबे वक्त तक इसरो चीफ के पद पर कार्यरत रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर कहाराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, ”यह जानकर दुख हुआ कि डॉ. कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन अब हमारे बीच नहीं रहे। इसरो के प्रमुख के रूप में उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ज्ञान के प्रति अपने जुनून के साथ, उन्होंने विविध क्षेत्रों में भी बहुत योगदान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने में मदद की, जो पहले से ही अगली पीढ़ी के निर्माण पर गहरा प्रभाव डाल रही है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।”पीएम मोदी ने कहा-एक महान व्यक्तित्व डॉ. के. कस्तूरीरंगन के निधन से बहुत दुखी हूंप्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कस्तूरीरंगन से मुलाकात की पुरानी फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”मैं भारत की वैज्ञानिक और शैक्षिक यात्रा में एक महान व्यक्तित्व डॉ. के. कस्तूरीरंगन के निधन से बहुत दुखी हूं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति उनके निस्वार्थ योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने इसरो में कड़ी लगन से काम किया और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसके लिए हमें वैश्विक मान्यता भी मिली। उनके नेतृत्व में महत्वाकांक्षी उपग्रह प्रक्षेपण भी हुए और नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया गया।”पीएम मोदी ने एक्स पर आगे लिखा, ”राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रारूपण के दौरान और भारत में शिक्षा को अधिक समग्र और दूरदर्शी बनाने के लिए डॉ. कस्तूरीरंगन के प्रयासों के लिए भारत हमेशा उनका आभारी रहेगा। वे कई युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक उत्कृष्ट मार्गदर्शक भी थे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, छात्रों, वैज्ञानिकों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।”कस्तूरीरंगन ने नौ साल तक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को शानदार ढंग से आगे बढ़ायाउल्लेखनीय है, डॉ. के. कस्तूरीरंगन ने इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग में भारत सरकार के सचिव के रूप में (1994-2003) 9 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को शानदार ढंग से आगे बढ़ाया था। डॉ. कस्तूरीरंगन ने बॉम्बे विश्वविद्यालय से ऑनर्स के साथ विज्ञान स्नातक और भौतिक विज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री ली और 1971 में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद में काम करते हुए प्रायोगिक उच्च ऊर्जा खगोल विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।इसरो के अध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में, अंतरिक्ष कार्यक्रम ने भारत के प्रतिष्ठित प्रमोचन यान, ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पी.एस.एल.वी.) के सफल प्रमोचन और संचालन और भू-तुल्यकाली उपग्रह प्रमोचन यान (जीएसएलवी) सहित कई प्रमुख मील के पत्थर के साक्षी रहे। उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से नवाजा जा चुका है। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बदले का काउंटडाउन शुरू हो गया है। डीडी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में जिन आतंकियों की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है उनके घरों को ध्वस्त किया गया है। इस क्रम में आसिफ शेख और आदिल थोकर के घरों को विस्फोट से ध्वस्त किया गया है।
आतंकवाद पर सेना का एक्शनइससे पहले पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों की पहचान की गई थी। आतंकियों के नाम आदिल हुसैन थोकर, अली भाई और हाशिम मूसा बताए गए हैं। इनमें से अली भाई और हाशिम मूसा पाकिस्तान के निवासी हैं।इससे पहले भारतीय सेना प्रमुख पहुंचे जम्मू-कश्मीरवहीं भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी इस समय जम्मू-कश्मीर में मौजूद हैं। सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बादामी बाग कैंट में कोर कमांडर के साथ एक बैठक भी की है।रक्षा मंत्री ने तीनों सेना प्रमुखों को दिए हैं उचित दिशा-निर्देशइसके अलावा नॉर्दन कोर के उच्चाधिकारियों के साथ भी उन्होंने समीक्षा बैठक की है। यहां ध्यान ये भी दिया जाना जरूरी है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों से बातचीत की थी और उन्हें उचित दिशा-निर्देश दिए थे।पीएम मोदी ने खुला ऐलान कर कहा था- ‘आतंकवादी मॉड्यूल को पूरे तरीके से किया जाएगा ध्वस्त’वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह खुला ऐलान किया था कि सभी आतंकवादी मॉड्यूल को पूरे तरीके से ध्वस्त कर दिया जाएगा। उसी के तहत भारतीय सेना प्रमुख का जम्मू-कश्मीर पहुंचना व कोर कमांडर से मुलाकात करना और समीक्षा बैठक करना अहम माना जा रहा है। यही नहीं सेना प्रमुख इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात करने वाले हैं और यहां की स्थितियों के बारे में विचार-विमर्श करने वाले हैं।22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ था कायराना आतंकवादी हमलाबताना चाहेंगे, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है और पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, केंद्र सरकार ने कई कूटनीतिक उपायों की घोषणा की थी, जिसमें अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना (एसवीईएस) को निलंबित करना और 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी निलंबित करना शामिल हैं। -
मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का पहला ऐसा हवाई अड्डा होगा, जहां पर वाटर टैक्सी की सुविधा उपलब्ध होगी। फडणवीस ने सरकार-संचालित नियोजन प्राधिकरण सिडको की समीक्षा बैठक में कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ‘बहु-स्तरीय परिवहन संपर्क' स्थापित किया जाना चाहिए। फडणवीस ने कहा, “इस हवाई अड्डे पर वाटर टैक्सी की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। यह देश का पहला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा, जहां ऐसी सुविधा होगी। विमान मरम्मत की सुविधा के साथ अच्छी पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होनी चाहिए। हवाई अड्डे तक सड़क, रेल, मेट्रो और जल परिवहन संपर्क के काम समय पर पूरे किए जाने चाहिए।” उन्होंने कहा, “मेट्रो स्टेशन से हवाई अड्डे तक बहु-स्तरीय परिवहन तंत्र बनाया जाए। नागरिकों को इस संबंध में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए। सिडको के माध्यम से किए जा रहे कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासीय एवं आवास निर्माण के क्षेत्र में काम करने वालों की गुणवत्ता उच्च होनी चाहिए।
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देहरादून. गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट तीस अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर खुलने के साथ ही शुरू होने वाली इस वर्ष की चार धाम यात्रा की तैयारियों को परखने के लिए बृहस्पतिवार को यहां ‘मॉक ड्रिल' की गयी। आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला ने यहां बताया कि इस ‘मॉक ड्रिल' का आयोजन उन सात जिलों में किया गया जहां से होकर श्रद्धालु चारधामों-बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री तक पहुंचते हैं । उन्होंने बताया कि इन जिलों में जमीनी स्तर पर तैयारियों को परखने के लिए यह अभ्यास किया गया। उन्होंने कहा कि ‘मॉक ड्रिल' से यात्रा की तैयारियों को और अधिक मजबूत और पूर्णतया सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी । ‘मॉक ड्रिल' देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में की गयी । इसका आयोजन राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निकट पर्यवेक्षण में किया। रुहेला ने कहा कि ‘मॉक ड्रिल' का उद्देश्य चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों को एक मंच पर लाना था ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपदा और आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस उद्देश्य में काफी हद तक सफल रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के बीच अच्छा समन्वय दिखाई दिया हालांकि कुछ जगह कमियां भी मिलीं जिन्हें यात्रा शुरू होने से पहले दूर कर लिया जाएगा।

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