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- केंद्रपाड़ा. ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में 18 वर्षीय एक छात्रा ने पुरुष शिक्षक द्वारा परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले 'अनुचित तरीके से तलाशी' लिए जाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छात्रा की मां ने शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि 19 फरवरी को जब उसकी बेटी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीएचएसई) द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल हो रही थी, तो एक पुरुष शिक्षक ने उसकी 'अनुचित तरीके से तलाशी' ली। यह घटना ओडिशा में पट्टामुंडई कॉलेज की है। पट्टामुंडई ग्रामीण पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक धीरज लेंका ने बताया कि महिला शिक्षकों के बजाय छात्राओं की तलाशी कथित तौर पर पुरुषों द्वारा ली गई, जो सीएचएसई दिशानिर्देशों के खिलाफ है। शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘ उत्पीड़न से परेशान होकर 12वीं कक्षा की छात्रा ने 24 फरवरी को आत्महत्या कर ली थी।'' प्रभारी निरीक्षक धीरज लेंका ने कहा, ‘‘ शिकायत कल दर्ज की गई थी। हमने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि क्या हुआ था। अगर सबूत मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
- पालघर. महाराष्ट्र के पालघर जिले में द्वेष के कारण छह साल की एक बच्ची की हत्या करने के आरोप में रविवार को एक किशोर लड़के को हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि ‘सीरियल किलर' पर केंद्रित एक हिंदी फिल्म से प्रेरित होकर किशोर ने इस वारदात को अंजाम दिया। पेल्हर पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा कि लड़की का शव सुबह करीब 4.30 बजे श्रीराम नगर पहाड़ी पर पाया गया। पेल्हर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक जितेंद्र वंकुटे ने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी' से कहा, ‘‘हमने नालासोपारा से 13 वर्षीय एक लड़के को हिरासत में लिया है। मृतका उसकी चचेरी बहन है। उसने कथित तौर पर ईर्ष्या के कारण उसकी हत्या कर दी क्योंकि उसे लगा कि हर कोई उसे लाड़-प्यार करता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बच्ची शनिवार शाम से लापता थी, जिसके बाद उसके परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। पास की एक कंपनी के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में लड़का बच्ची को कहीं ले जाता हुआ दिखाई दिया। लड़के ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने अपराध कबूल कर लिया।'' अधिकारी ने कहा कि हिंदी फिल्म से प्रेरित होकर नाबालिग ने कथित तौर पर लड़की का गला घोंट दिया और फिर उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। यह फिल्म एक ‘सीरियल किलर' के बारे में है। वानकुटे ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
- चंडीगढ़. पंजाब में रविवार को नशा विरोधी अभियान के तहत 510 स्थानों पर छापेमारी की गयी और 43 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि अभियान के दो दिनों में 333 ऐसे लोगों को पकड़ा गया और राज्य भर में 27 प्राथमिकी दर्ज की गईं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इन तस्करों के पास से 776 ग्राम हेरोइन, 14 किलोग्राम अफीम, 38 किलोग्राम चूरा पोस्त, 2,615 नशीली गोलियां और 4.60 लाख रुपये नकद बरामद किए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की थी। राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का भी गठन किया है। विशेष पुलिस महानिदेशक अर्पित शुक्ला ने बताया कि 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली 300 से अधिक पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में छापेमारी की और दिनभर चले अभियान के दौरान 619 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की।
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प्राथमिकी में सात नामजद, एक गिरफ्तार
जलगांव. केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक कार्यक्रम में लड़कों के एक समूह द्वारा उनकी बेटी और उसकी कुछ सहेलियों को परेशान किए जाने के संबंध में रविवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार रात कोथली गांव में संत मुक्ताई यात्रा के दौरान यह घटना हुई जिसके संबंध में मुक्ताईनगर थाने में रक्षा खडसे की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। मुक्ताईनगर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में सात लोग नामजद हैं, जिनमें से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी गई हैं। अधिकारी ने बताया कि सातों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत पीछा करने और अन्य अपराधों को लेकर मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं क्योंकि आरोपियों बिना अनुमति के लड़कियों की तस्वीरें लेने और वीडियो बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि लड़कियों के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सात लोगों के नाम बताए।इससे पहले दिन में, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रक्षा खडसे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं गुजरात में थी, इसलिए मेरी बेटी ने कार्यक्रम में जाने की अनुमति मांगने के लिए मुझे फोन किया। मैंने उसे एक गार्ड और दो-तीन कर्मियों को साथ जाने को कहा। मेरी बेटी और उसकी सहेलियों का पीछा किया गया तथा उन्हें धक्का दिया गया। उनकी तस्वीरें ली गईं और वीडियो भी बनाए गए। जब मेरे कर्मियों ने आपत्ति जताई, तो लड़कों ने अनुचित व्यवहार किया और 30- 40 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।'' रक्षा खडसे ने कहा कि जब वह आज सुबह घर लौटीं तो उनकी बेटी ने उन्हें बताया कि उन्हीं लड़कों ने 24 फरवरी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। उन्होंने कहा था, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि ऐसी घटनाएं किसी सांसद या केंद्रीय मंत्री की बेटी के साथ होती हैं, तो कल्पना कीजिए कि आम लोगों को क्या सहना पड़ता होगा।'' मंत्री ने कहा कि मुक्ताईनगर के कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि ये लड़के स्कूल जाते समय लड़कियों को परेशान करते हैं। खडसे ने कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री और पुलिस उपाधीक्षक से बात की है।''उन्होंने मांग की कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रायगढ़ में पत्रकारों से कहा, ‘‘रक्षा खडसे की बेटी को परेशान करने वाले लोग एक राजनीतिक दल से हैं। स्थानीय पुलिस ने उनमें से कुछ को गिरफ्तार कर लिया है और इस संबंध में मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'' रक्षा खडसे के ससुर, पूर्व मंत्री एवं राकांपा (एसपी) नेता एकनाथ खडसे ने कहा, ‘‘पुलिस को पहले भी इन लड़कों के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया। ये लड़के शातिर अपराधी हैं।'' उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं और अपराधियों को पुलिस का कोई डर नहीं है। एकनाथ खडसे ने कहा, ‘‘लड़कियां शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आती हैं। माता-पिता का मानना है कि उनकी बेटियों के नाम का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए। हमने शिकायत की क्योंकि हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था।'' राकांपा (एसपी) नेता ने कहा, ‘‘मैंने पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक से बात की है। जब हम पहले थाने गए थे, तो हमें दो घंटे तक बैठाए रखा गया। पुलिस ने हमें इस मुद्दे पर फिर से विचार करने के लिए कहा क्योंकि यह लड़कियों से संबंधित है। युवकों ने पुलिस के साथ भी मारपीट की है। इन लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।'' इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि महायुति सरकार में राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री खडसे की बेटी के साथ गुंडों द्वारा छेड़छाड़ और सुरक्षा गार्ड को धक्का दिए जाने की घटना बेहद चिंताजनक है एवं यह दर्शाती है कि राज्य में महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं।'' सपकाल ने दावा किया कि खडसे इसलिए थाने में बैठीं क्योंकि उनकी बेटी और अन्य लड़कियों से छेड़छाड़ करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा था। सपकाल ने कहा कि गृह विभाग का कामकाज संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का ध्यान कानून व्यवस्था पर नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘एक मंत्री की बेटी के साथ सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में छेड़छाड़ की गई, यह दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। फडणवीस को गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए तथा राज्य में माताओं और बहनों की सुरक्षा के लिए राज्य को पूर्णकालिक सक्षम गृह मंत्री देना चाहिए।'' कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पुलिस सुरक्षा में खडसे की बेटी के साथ छेड़छाड़ की खबर महाराष्ट्र में एक सच्चाई है। उन्होंने दावा किया, ‘‘मंत्री को सीधे थाने जाकर मांग करनी पड़ी कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। हम लंबे समय से कह रहे हैं कि राज्य में पुलिस का अब कोई डर नहीं रह गया है, क्योंकि गैंगस्टर को महायुति का संरक्षण प्राप्त है।'' वडेट्टीवार ने कहा कि महायुति सरकार को उसकी केंद्रीय मंत्री ने आईना दिखा दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह घटना मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को जगाएगी? - भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत चार मार्च को यहां विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के लगभग 700 कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक रूप से उद्घाटन करेंगे। संघ के एक पदाधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आयोजित किया जाएगा। संघ के पदाधिकारी ने बताया कि आठ मार्च को शिविर के समापन सत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आरएसएस के विचारक तथा विद्या भारती के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सोनी संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि उद्घाटन से एक दिन पहले, मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग और अन्य गणमान्य व्यक्ति सोमवार को उसी स्थान पर भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने बताया कि पूरे प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरएसएस के संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे। संघ के अनुसार, आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती, एक गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन है, जो 1952 से देश में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है। तब उसने गोरखपुर में अपना पहला स्कूल स्थापित किया था। बयान में कहा गया है कि विद्या भारती देश भर में 22,000 स्कूल चलाती है। इन विद्यालयों में सामूहिक रूप से 1,54,000 शिक्षक और लगभग 36 लाख विद्यार्थी हैं।
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नयी दिल्ली। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को डेयरी क्षेत्र में स्थिरता और पुनर्चक्रण पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान कई राज्यों में बायोगैस संयंत्र स्थापित करने के लिए विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस अवसर पर अधिकारी पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार डेयरी प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और नाबार्ड बड़े पैमाने पर बायोगैस परियोजनाओं और 'सस्टेन प्लस परियोजना' के तहत नई वित्तपोषण पहल की घोषणा भी करेंगे। कार्यशाला में टिकाऊ खाद प्रबंधन मॉडल पर तकनीकी सत्र होंगे, जिनसे डेयरी अपशिष्ट को बायोगैस, संपीडित बायोगैस (सीबीजी) और जैविक उर्वरकों में बदलने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- जूनागढ़ (गुजरात),। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात की तीन दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन रविवार को गिर सोमनाथ जिले में स्थित सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और देशवासियों के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया। बाद में मोदी ने प्रभास पाटन स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम शिव मंदिर में दर्शन किए और प्रार्थना की। मंदिर के दर्शन के बाद मोदी पड़ोसी जूनागढ़ जिले में स्थित सासन के लिए रवाना हुए। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के समापन के बाद भगवान सोमनाथ की पूजा करने के उनके संकल्प का हिस्सा थी। उन्होंने कहा, ‘‘प्रयागराज में ‘एकता का महाकुंभ' करोड़ों देशवासियों के प्रयासों से संपन्न हुआ। मैंने एक सेवक की तरह मन ही मन संकल्प किया था कि महाकुंभ के बाद मैं 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ की पूजा करूंगा।'' उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर 45 दिवसीय महाकुंभ में भारत और दुनिया भर से 66.21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आये। मोदी ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘आज सोमनाथ दादा की कृपा से वह संकल्प पूरा हुआ है। मैं सभी देशवासियों की ओर से एकता के महाकुंभ की सफलता को श्री सोमनाथ भगवान के चरणों में समर्पित करता हूं। साथ ही उनके (देशवासियों) स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।'' मोदी ने आज सुबह जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया। तीन हजार एकड़ में फैला वनतारा रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी के परिसर में स्थित है। यह वन्यजीवों के कल्याण के लिए समर्पित बचाव केंद्र है, तथा दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए पशुओं को अभयारण्य, पुनर्वास व चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है। रविवार शाम को प्रधानमंत्री गिर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्यालय सासन गिर पहुंचे, जहां वह तीन मार्च (सोमवार) को विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बैठक से पहले प्रधानमंत्री सोमवार सुबह जंगल सफारी का आनंद लेंगे।एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक के बाद मोदी सासन में कुछ महिला वनकर्मियों से बातचीत करेंगे।
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महाकुंभनगर. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान 45 दिनों तक उमड़े श्रद्धालुओं के जनसैलाब के बीच अपनों से बिछड़े कुल 54,375 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ''महाकुंभ मेले के दौरान देश के कोने-कोने से और विदेश से आए 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इस दौरान, अपने परिवार से बिछड़े 54,375 लोगों का पुनर्मिलन कराया गया। बिछड़ने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक थी।'' बयान के अनुसार, ''इस बार महाकुंभ में भूले-भटके लोगों को शीघ्रता से उनके परिवार से मिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की स्थापना की थी। महाकुंभ में इन केंद्रों के माध्यम से 35,000 से अधिक श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य किया गया।'' बयान में कहा गया है कि अमृत स्नान पर्व मकर संक्रांति के दौरान लापता 598 श्रद्धालुओं, मौनी अमावस्या के दौरान लापता 8,725 श्रद्धालुओं और बसंत पंचमी के दौरान लापता 864 श्रद्धालुओं को डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की मदद से उनके परिजनों से मिलवाया गया। इसमें बताया गया है कि अन्य स्नान पर्वों और सामान्य दिनों में खोए हुए 24,896 लोगों का भी उनके परिवारों के साथ पुनर्मिलन कराया गया और इस तरह डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की मदद से परिजनों से मिलवाए गए भूले-भटके लोगों की संख्या 35,083 रही। बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पूरे महाकुंभनगर में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें अत्याधुनिक एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित चेहरा पहचान प्रणाली, मशीन लर्निंग और बहुभाषीय समर्थन जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी। वहीं, दूसरी ओर भूले-भटके लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में गैर-सरकारी सामाजिक संस्थाओं भारत सेवा दल और हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति की भी अहम भूमिका रही। भारत सेवा दल के भूले-भटके शिविर के संचालक उमेश चंद्र तिवारी के अनुसार, महाकुंभ के समापन तक शिविर ने 19,274 बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया। बयान में कहा गया है, ''महाकुंभ मेले में बिछड़े सभी 18 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। शिविर के माध्यम से न सिर्फ खोए हुए लोगों को खोजा गया, बल्कि उनके घरों तक पहुंचाने में भी मदद की गई।'' बिहार के मुजफ्फरपुर के कपलेश्वर साहनी की सास कृष्णा देवी को केंद्र ने आखिरी दिन परिजनों से मिलाया। इसी तरह, छत्तीसगढ़ के रायपुर के बृजलाल चौहान की पत्नी जंगी देवी भी अपने घर पहुंच गईं।
- लखनऊ। रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि 45 दिन के महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण 50 हजार से अधिक लोग अपने परिवारों से बिछड़ गए थे, जिन्हें सफलतापूर्वक उनके परिजनों से मिला दिया गया। सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, महाकुंभ मेले के दौरान देश और विदेश के हर कोने से आए 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में पवित्र स्नान किया।इस दौरान, कुल 54 हजार 357 बिछड़े हुए लोग अपने परिवारों से मिल पाए। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। इस बार राज्य सरकार ने डिजिटल “लॉस्ट एंड फाउंड” केंद्र स्थापित किए थे, जिससे लोगों को जल्द से जल्द उनके परिवारों से मिलाया जा सके। इन डिजिटल केंद्रों के माध्यम से 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को महाकुंभ के दौरान उनके परिवारों से मिलाने में सफलता मिली। मकर संक्रांति पर 598 श्रद्धालु, मौनी अमावस्या पर 8 हजार 725 लोग और बसंत पंचमी पर 864 लोगों को इसके माध्यम से उनके परिवारवालों से मिलाया गया। इन डिजिटल लॉस्ट एंड फाउंड केंद्रों की मदद से अपने परिवारों से फिर से मिल गए।इसके अलावा, अन्य स्नान पर्वों और सामान्य दिनों में 24 हजार 896 लोग अपने परिवारों से मिलाए गए। इस तरह, महाकुंभ समाप्त होने तक कुल 35 हजार 083 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर महाकुंभ नगरी में 10 डिजिटल लॉस्ट एंड फाउंड केंद्र स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित फेस रिकॉग्निशन सिस्टम, मशीन लर्निंग और बहुभाषी सपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद थीं।अन्य संस्थाओं ने भी की मदददूसरी ओर, गैर-सरकारी सामाजिक संगठन, जिसमें मुख्य रूप से भारत सेवा दल और हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति शामिल थी, ने भी खोए हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत सेवा दल के “भूल-भटके कैंप” के निदेशक उमेश चंद्र तिवारी के अनुसार, महाकुंभ समाप्त होने तक इस कैंप ने 19 हजार 274 बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिला दिया। इसके अलावा, मेले के दौरान 18 खोए हुए बच्चे भी अपने परिवारों से मिल गए।बता दें कि 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी को खत्म होने वाले इस महाकुंभ में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। खासकर मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे स्नान पर्वों पर भारी भीड़ उमड़ी थी।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके।
डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे।लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा।योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज रविवार को घोषणा की कि सरकार देश से नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 12 अलग-अलग मामलों में 29 नशा तस्करों को सजा दी गई है। यह कार्रवाई सरकार की सख्त जांच प्रक्रिया और प्रभावी रणनीति का नतीजा है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार नशा तस्करों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा, “ये तस्कर हमारे युवाओं को नशे की लत में डालकर सिर्फ पैसे कमाने के लिए उनका जीवन बर्बाद करते हैं। हमारी ठोस जांच रणनीति के कारण 29 नशा तस्करों को सजा मिली है। हम इस लड़ाई को और तेज करेंगे और भारत को नशामुक्त बनाएंगे।”सरकार और राज्य प्रशासन मिलकर नशे के कारोबार पर लगातार शिकंजा कस रहे हैं। हाल ही में मणिपुर की स्थिति पर हुई समीक्षा बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में ड्रग कार्टेल (नशा माफिया) को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मणिपुर को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।दिल्ली में भी, गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में नशे के व्यापार पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों में नशीली दवाओं की तस्करी और खपत को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।राज्यों में भी नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जा रहे हैं। पंजाब में पुलिस ने 290 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया, 750 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की और 232 एफआईआर दर्ज की। इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने 6 महीने का विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें पुलिस को नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी बनाई गई है। -
नई दिल्ली। इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना ‘रमजान’ आज से शुरू हो गया है। शनिवार शाम चांद दिखने के बाद ‘रमजान’ के पवित्र महीने का आज (रविवार) से आगाज हुआ। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को ‘रमजान’ की बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि यह हमारे समाज में शांति और सद्भाव लेकर आएगा। यह पवित्र महीना चिंतन, कृतज्ञता और भक्ति का प्रतीक है, साथ ही हमें करुणा, दया और सेवा के मूल्यों की याद दिलाता है। रमजान मुबारक!”
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी ‘रमजान’ की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “रमजान मुबारक! यह पवित्र महीना आपके जीवन को खुशियों से भर दे और आपके दिल में शांति लाए।” केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘रमजान’ की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं सभी लोगों को रमजान की शुभकामनाएं देता हूं।इसके अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों को ‘रमजान’ की बधाई दी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “सभी को रमजान की दिली मुबारकबाद।”गौरतलब है कि रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे मुसलमान पूरे विश्व में रोजा रखकर (उपवास) मनाते हैं। रमजान के दौरान मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं, जिसे रोजा कहा जाता है। रमजान के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं और अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं।- - चेन्नई. चेन्नई में राष्ट्रीय अनुसंधान प्रदर्शनी ‘आईआईएनवेनटिव' में प्रदर्शित 185 नवाचारों में वायु गुणवत्ता के आधार पर यात्रा मार्ग सुझाने वाला एक ऐप, गाय के गोबर पर आधारित एक ‘फोमिंग एजेंट', रेलवे पटरियों की सफाई के लिए एक रोबोट प्रणाली और बांस के पाउडर का उपयोग करके बोतलें बनाने की एक प्रणाली शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय (एमओई) के इस दो दिवसीय प्रमुख कार्यक्रम के तीसरे संस्करण का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास द्वारा किया जा रहा है। इस बार इस प्रदर्शनी में न केवल आईआईटी बल्कि एनआईटी, आईआईएससी (बेंगलुरु) और आईआईएसईआर के नवाचार और उपकरण भी शामिल किए गए हैं। आईआईटी, हैदराबाद ‘हेल्दीरूट' नामक नेविगेशन ऐप पेश कर रहा है, जो वास्तविक समय के वायु गुणवत्ता आंकड़ों को यातायात प्रवाह के साथ जोड़ता है, ताकि उपयोगकर्ताओं को कम से कम यातायात भीड़ और बेहतर वायु गुणवत्ता वाले मार्ग सुझाए जा सकें। आईआईटी, हैदराबाद की अंतरा रॉय ने बताया, ‘‘मौजूदा ऐप मुख्य रूप से यातायात और समय संबंधी बेहतर रूट पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन खराब वायु गुणवत्ता के कारण स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने में विफल रहते हैं। हमारा ऐप वायु प्रदूषण आंकड़ों को यातायात भीड़ के साथ एकीकृत करके, एक नया नेविगेशन समाधान प्रदान करता है।'' राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), केरल ने ‘एविबोट' प्रदर्शित किया है।एनआईटी, कालीकट के सहायक प्रोफेसर ए पी सुधीर ने कहा कि यह रोबोट कुकुट व्यवसाय में स्वचालित प्रणाली की आवश्यकता को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी से लैस यह रोबोट स्वयं ही अंडे एकत्र करता है, जिससे नुकसान सीमित होता है, उत्पादन बढ़ता है और मानव श्रम कम होता है। एनआईटी, सिलचर ने बांस के पाउडर का उपयोग करके बोतलें बनाने के लिए मैन्युअल रूप से संचालित प्रणाली विकसित की है।
- सैकड़ों लोगों के खिलाफ कार्रवाई कीमुंबई. मुंबई पुलिस ने जुआ अड्डों और शराब की दुकानों समेत 207 जगहों पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया, जिसके तहत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान में 13 पुलिस उपायुक्त, 41 सहायक पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक और शहर के पांच क्षेत्रों के पुलिसकर्मी शामिल थे। यह अभियान शुक्रवार देर रात शुरू हुआ और शनिवार तड़के तक जारी रहा। अधिकारी ने कहा, हमने 12 वांछित आरोपियों को पकड़ा, 46 के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए और 25 के खिलाफ वारंट जारी किए, 16 से हथियार जब्त किए और 54 लोगों के खिलाफ मुंबई पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। हमने स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 15 मामले भी दर्ज किए, 14 जुआ और शराब के अड्डों पर छापेमारी की।'' उन्होंने बताया कि 113 स्थानों पर नाकाबंदी के कारण 6901 वाहनों की जांच की गई, जिसके बाद 1891 लोगों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया, जबकि 70 लोगों को शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
- अहमदाबाद. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और आणंद में बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। गुजरात के एक दिवसीय दौरे के दौरान, मंत्री ने पश्चिमी रेलवे जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचकर निर्माण कार्य का विस्तार से निरीक्षण किया। वैष्णव ने कहा, “स्टेशन का डिजाइन और स्वरूप अहमदाबाद की संस्कृति और विरासत को दर्शाएगा।” उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुनर्विकास कार्य साढ़े तीन साल में पूरा हो जाएगा।पश्चिमी रेलवे के अनुसार, अहमदाबाद स्टेशन के पुनर्विकास का काम नवंबर 2023 में सौंपा गया था और इसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की समीक्षा करने के बाद, वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 200 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का दौरा किया। वैष्णव ने कहा कि पुल का ‘गार्डर' भारत में बनाया गया है और घटकों का निर्माण हापुड़ के सालासर संयंत्र में किया गया है। मंत्री ने आणंद में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का भी दौरा किया और कार्य प्रगति की सराहना की।उन्होंने पत्रकारों से कहा, "करीब 360 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी तत्परता से जारी है।" मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेगी, जिसमें 12 स्टेशन होंगे। परिचालन शुरू करने की समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा कि काम बहुत तेजी से जारी है और जल्द से जल्द परिचालन शुरू करने के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ‘एनएक्सटी कॉन्क्लेव' में राजनीति और शिक्षा जगत सहित विभिन्न क्षेत्रों की कई जानी-मानी वैश्विक हस्तियों से मुलाकात की और उनके साथ विचार साझा किए। बैठकों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर पोस्ट में संबंधित क्षेत्रों में इन हस्तियों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘अपने अच्छे मित्र और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट से मिलकर बहुत प्रसन्नता हुई। वह हमेशा से भारत के मित्र रहे हैं। हम सभी ने उन्हें उनकी वर्तमान यात्रा के दौरान मोटे अनाज का आनंद लेते देखा है।'' मोदी ने श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और कहा कि वह हमेशा विक्रमसिंघे के साथ बातचीत के लिए उत्सुक रहते हैं और विभिन्न मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हैं। मोदी ने जिन लोगों से मुलाकात की, उनमें कार्लोस मोंटेस और जोनाथन फ्लेमिंग भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोंटेस ने सामाजिक नवाचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी, फिनटेक आदि में भारत की प्रगति की सराहना की है। ‘एमआईटी स्लोअन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट' से जुड़े फ्लेमिंग ने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किया है। मोदी ने एन. लिबर्ट से मुलाकात के बाद कहा कि पार्किंसन रोग के इलाज में लिबर्ट का योगदान सराहनीय है और इससे आने वाले समय में कई लोगों के लिए बेहतर गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो, रूसी अंतरिक्ष यात्री ओलेग आर्टेमियेव, नवाचार विशेषज्ञ एलेक रॉस, प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी ब्रायन ग्रीन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों एवं भू-राजनीति के विशेषज्ञ वेसलिन पोपोवस्की से भी मुलाकात की।
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नयी दिल्ली. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि सरकार देशभर के विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर बजट प्रस्तावों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट के बाद ‘कृषि और ग्रामीण समृद्धि' पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, “कृषि के विकास और किसानों की समृद्धि के बिना विकसित भारत का निर्माण नहीं किया जा सकता है।” एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण विकास और कृषि वृद्धि, सरकार के एजेंडे में केन्द्रीय स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रशासन मखाना बोर्ड के गठन के लिए प्राप्त सुझावों पर काम करेगा। वेबिनार के दौरान चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि क्षेत्र और किसान भाई-बहन समृद्ध हो रहे हैं।' कृषि मंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए नीति को अमल में लाने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “बजट प्रस्तावों को जमीनी स्तर पर लागू करना हमारा संकल्प है।” चौहान ने किसानों को समर्थन देने के लिए छह सूत्री रणनीति भी बताई। इसमें उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना, उचित मूल्य सुनिश्चित करना, नुकसान की भरपाई करना, कृषि में विविधता लाना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार ने शनिवार को कहा कि एक अप्रैल से राष्ट्रीय राजधानी के पेट्रोल पंप 15 और 10 साल से पुराने वाहनों को क्रमश: पेट्रोल और डीजल नहीं देंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण रोधी उपायों पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि पेट्रोप पंप पर ऐसे उपकरण लगाए जाएंगे जो अधिक पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का उद्देश्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर अंकुश लगाना तथा शहर में वायु प्रदूषण से निपटना है, जो निवासियों के लिए निरंतर एक चुनौती बनी हुई है। पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस निर्णय के बारे में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को सूचित करेगी, जिसके बाद मंत्रालय शहर के पेट्रोल पंप मालिकों को अधिसूचित करेगा। शहर में 425 से अधिक पेट्रोल पंप हैं।
बैठक के बाद सिरसा ने कहा, ‘‘हम पेट्रोल पंप पर ऐसे उपकरण लगा रहे हैं, जो 15 साल से पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।'' दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को भी 31 मार्च के बाद ईंधन नहीं दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार, पेट्रोल और डीजल चालित ऐसे करीब 55 लाख वाहन हैं, जिनमें से 66 प्रतिशत दोपहिया और 54 प्रतिशत चार पहिया वाहन हैं। सरकार की योजना दिसंबर 2025 तक, दिल्ली में सीएनजी चालित करीब 90 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन बसों को हटाने और उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें परिचालित करने की है, ताकि स्वच्छ और अधिक टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा दिया जा सके। नये नियमों के कार्यान्वयन के बारे में अधिक जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि दिल्ली के कई पेट्रोल पंप ने प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए पहले ही एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से लैस कैमरे लगाए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘ये कैमरे वर्तमान में उन वाहनों का पता लगाते हैं जिनके पास पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है और पेट्रोल पंप कर्मी ऐसे वाहनों को ईंधन देने से इनकार कर देते हैं। हम वाहनों के अधिक पुराने होने का पता लगाने के लिए एआई से लैस कैमरों का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए हमें अपनी प्रणाली को अद्यतन करने की आवश्यकता है।'' उन्होंने कहा कि जिन पेट्रोल पंप पर अभी ऐसे उपकरण नहीं हैं, वहां जल्द ही इन्हें लगाया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली सरकार अधिक पुराने वाहनों की पहचान करने के लिए टीम तैनात करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोका जाए या यदि वे पहले से मौजूद हैं तो उन्हें हटा दिया जाए। नवंबर में, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सर्दियों के महीनों में, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन दिल्ली में प्रदूषण के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार है - इसकी (वाहनों से उत्सर्जन की) मात्रा पराली जलाने, सड़क की धूल या पटाखे फोड़ने से भी अधिक है। दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय द्वारा दिल्ली में 15 साल से पुराने वाहनों पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास बिना प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र वाले वाहनों का पता लगाने के लिए पहले से ही उपकरण हैं और मुझे लगता है कि उसी प्रणाली का उपयोग 15 साल से अधिक पुराने वाहनों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।'' दिल्ली सरकार का यह फैसला उच्चतम न्यायालय के 2018 के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सुरक्षा बलों को आठ मार्च से मणिपुर में सभी मार्गों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। यह निर्देश शाह ने यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में दिए, जिसमें मणिपुर की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मई 2023 में मेइती-कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद से इंफाल घाटी स्थित मेइती और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी लोगों के क्षेत्रों से यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। कुकी राज्य से बाहर जाने के लिए ज्यादातर मिजोरम होकर जाते हैं, वहीं मेइती कुकी बहुल पर्वतीय क्षेत्रों में नहीं जाते हैं। विश्वास बहाली का यह कदम अवैध और लूटे गए हथियार रखने वालों को आत्मसमर्पण करने संबंधी राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के आदेश के 10 दिन बाद उठाया गया है। मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने यह भी कहा कि केंद्र राज्य में स्थायी शांति बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि आठ मार्च से मणिपुर की सभी सड़कों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद यह इस प्रकार की पहली बैठक थी। मई 2023 से इंफाल घाटी में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई। शाह ने निर्देश दिया कि मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निर्धारित प्रवेश बिंदुओं के दोनों ओर बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि मणिपुर को नशा मुक्त बनाने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाना चाहिए। बैठक में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, उप सेना प्रमुख और सेना की पूर्वी कमान के कमांडर शामिल थे। एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। राज्यपाल भल्ला ने लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिन के भीतर स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने का 20 फरवरी को आग्रह किया था। सात दिन की इस अवधि में मुख्य रूप से घाटी के जिलों में 300 से अधिक हथियार जनता द्वारा सौंपे गए। इनमें मेइती चरमपंथी समूह ‘अरम्बाई टेंगोल' द्वारा सौंपे गए 246 आग्नेयास्त्र शामिल हैं। भल्ला ने लूटे गए और अवैध हथियारों को पुलिस को सौंपने की समयसीमा शुक्रवार को बढ़ाकर छह मार्च शाम चार बजे तक कर दी थी। करीब 22 महीने पहले शुरू हुई जातीय हिंसा के शुरुआती दौर में मणिपुर में अलग-अलग जगहों पर पुलिस से कई हजार हथियार लूटे गए थे। तीन जनवरी को राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद से भल्ला विभिन्न वर्गों के लोगों से मिल रहे हैं और उनसे राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के बारे में प्रतिक्रिया ले रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मणिपुर में कई बैठकों की अध्यक्षता भी की, जहां राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की गई और सुरक्षा बलों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव भल्ला ने अगस्त 2024 तक पांच साल तक शाह के साथ काम किया था। कहा जाता है कि भल्ला को केंद्रीय गृह मंत्री ने चुना और उन्होंने अशांत राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी। मणिपुर में हिंसा तब शुरू हुई जब मई 2023 में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया गया।
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नयी दिल्ली. एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के वरिष्ठ व्याख्याता जोनाथन फ्लेमिंग ने शनिवार को आईसीएआर पूसा परिसर के दौरे पर प्रौद्योगिकी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में भारत के प्रयासों की सराहना की। फ्लेमिंग ने ‘नमो ड्रोन दीदी' योजना के प्रतिभागियों के साथ बातचीत के बाद कहा, “मैं यह देखकर उत्साहित हूं कि भारत महिला सशक्तिकरण के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे कर रहा है।” उन्होंने कहा, “यह पहल न केवल ग्रामीण भारतीय महिलाओं के लिए बल्कि अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि अतिथि प्रोफेसर ने चार महिला प्रतिभागियों - गीता, सीता, प्रियंका और हेमलता द्वारा कृषि प्रयोजनों के लिए उपयोग की जाने वाली ड्रोन प्रौद्योगिकी का सजीव प्रदर्शन देखा। इन प्रतिभागियों ने ड्रोन का उपयोग करके फसल के खेतों में उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव किया। बातचीत के दौरान, महिलाओं ने बताया कि कैसे सरकारी कार्यक्रम ने उन्हें ड्रोन प्रौद्योगिकी अपनाने में मदद करने के लिए प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की। उन्होंने अपनी वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार की सूचना दी और ‘ड्रोन दीदी' के रूप में अपने नए पदनाम पर गर्व व्यक्त किया। -
तरन तारन . पंजाब के तरन तारन जिले में शनिवार तड़के एक मकान की छत गिरने से एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना तड़के करीब साढ़े चार बजे पंडोरी गोला गांव में हुई।
पुलिस के अनुसार, मकान की स्थिति खराब थी और छत पर कुछ बेकार सामग्री रखी हुई थी जिसके वजन के कारण वह ढह गया। घटना के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
मृतकों की पहचान गोबिंदा (40), उसकी पत्नी अमरजीत कौर (36), उनके तीन नाबालिग बच्चों गुरबाज सिंह (14), गुरलाल (17) बेटी एकम (15) के रूप में हुई। -
आगरा (उप्र) .आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह खड़े ट्रक में सवारियों से भरी एक बस टकराने से हुए भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हुई है । पुलिस ने बताया कि हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं। यब बस वाराणसी से जयपुर जा रही थी। पुलिस के मुताबिक थाना फतेहाबाद इलाके में एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे यह हादसा हुआ है। फतेहाबाद के एसीपी अमरदीप लाल ने बताया, “सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। एक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है उसकी शिनाख्त की जा रही है। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिये अस्पताल भेजा गया है।” मृतकों में से तीन की पहचान राजस्थान निवासी गोविंद (68), रमेश (45), और आगरा निवासी दीपक वर्मा (40) के तौर पर हुई है। हादसे में घायल चार लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है जबकि 15 घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं।
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नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टॉनी एबॉट ने दिल्ली की आईएनए मार्केट में मिलेट्स एक्सपीरियंस सेंटर पर जाकर विभिन्न प्रकार के मिलेट्स के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने मिलेट्स से बने व्यंजनों का स्वाद भी चखा। इस मौके पर एबॉट ने कहा, “मैं मिलेट सेंटर का दौरा करके बहुत खुश हूं। मैं इस बात की सराहना करता हूं कि पीएम मोदी ने भारत के लोगों के लिए अपने सामाजिक उत्थान अभियान में मिलेट को बढ़ावा देने को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।”
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा, “मुझे यह स्वीकार करना चाहिए कि मैं मिलेट से वास्तव में परिचित नहीं था। ऑस्ट्रेलिया में, हम गेहूं और चावल खाते हैं, लेकिन ये विभिन्न व्यंजन स्वादिष्ट थे, और सबसे बढ़कर, जाहिर है, वे बहुत स्वस्थ थे…” उन्हें विभिन्न प्रकार के मिलेट्स और उनकी बढ़ती लोकप्रियता से परिचित कराया गया और उन्होंने मिलेट्स से बने कुछ व्यंजन भी चखे।पूर्व प्रधानमंत्री एनएक्सटी कॉन्क्लेव 2025 में भाग लेने के लिए भारत दौरे पर हैं, जो 28 फरवरी से 1 मार्च तक भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री ने मिलेट्स के लाभों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की पहल की सराहना की। पूर्व प्रधानमंत्री एबॉट ने एक हथकरघा प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत और परंपरा का अनुभव किया।इसे मौके पर ‘मिलेट फॉर हेल्थ’ की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक पल्लवी उपाध्याय ने कहा, “हमारी कंपनी यहां भारत सरकार, कृषि मंत्रालय, नेफेड के सौजन्य से सेंटर का संचालन कर रही है। हमारी यह कोशिश है कि हमारे श्री अन्न (मिलेट) से बना हुआ अच्छे से अच्छा भोजन लोगों के सामने लेकर आए। लोगों को यह समझ में आए कि हम श्री अन्न से हम चाहे जो बनाना चाहे जो खाना चाहे वो खा सकते हैं। यह हमारी सभ्यता का हिस्सा है लेकिन हम इसे भूल चुके हैं। खाने के साथ श्री अन्न से हुए उत्पाद भी हैं जिन्हें खरीदकर लोग घर भी बना सकते हैं।’ भारत के प्रस्ताव के आधार पर, संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया था। -
नई दिल्ली। इस साल 14 मार्च को होली का त्योहार पड़ रहा है। वहीं साल का पहला चंद्रग्रहण भी इसी दिन लगने वाला है। ऐसे में सभी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि चंद्रग्रहण का सूतक भारत में मान्य होगा नहीं? दरअसल, हर साल फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा की तिथि पर शाम के वक्त होलिका दहन होता है, वहीं इसके अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाता है। इस साल 13 मार्च को होलिका दहन और 14 मार्च को होली मनाई जाएगी। लेकिन इस बार चंद्रग्रहण पर होली का साया पड़ रहा है।
होली के दिन पड़ने वाले चंद्रग्रहण का समय सुबह 9:29 बजे से दोपहर 3:29 तक रहने वाला है। राहत की बात है कि यह चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ऐसे में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसका प्रभाव मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अफ्रीका के अधिकांश क्षेत्र के अलावा प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक महासागर, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका पर पड़ेगा। भारत में चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रग्रहण भारतीय समय अनुसार दिन में घटित होने वाला है।चंद्रग्रहण का ज्योतिषीय, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व होता है। धार्मिक दृष्टि से इसका कारण राहु-केतु माने जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार, ये ग्रहण केतु के कारण लगने वाला है। राहु और केतु को सांप की भांति माना गया है, जिनके डसने पर ग्रहण लगता है। वहीं, कुछ का मानना है कि जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं, तब चंद्रग्रहण लगता है।14 मार्च को लगने वाला यह चंद्रग्रहण कन्या राशि में होगा। इसलिए कन्या राशि के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस राशि से संबद्ध जातकों के लिए ये चंद्रग्रहण अशुभ फल देने वाला रहेगा। अगर चंद्रग्रहण के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें, तो ये एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं, तो इस दौरान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है, लेकिन चंद्रमा पर नहीं पड़ता है। इस घटना को ही चंद्रग्रहण कहते हैं। -
चमोली। उत्तराखंड के बद्रीनाथ के पास एक बर्फीले तूफान में 47 मजदूर फंस गए हैं, जिनमें से अब तक 10 मजदूरों को बचा लिया गया है। भारी बर्फबारी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना और अन्य़ एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हुई है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ में शुक्रवार को एक बड़ा बर्फीला तूफान आया, जिसमें बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के लिए बर्फ हटाने का काम कर रहे 57 मजदूर फंस गए। बचाव दल अब तक कम से कम 16 मजदूरों को सुरक्षित निकाल चुका है, जबकि 41 मजदूर अब भी फंसे हुए हैं। यह बर्फीला तूफान माणा गांव के पास BRO के एक कैंप पर गिरा।ये मजदूर एक निजी एजेंसी के कर्मचारी हैं, जिसे BRO ने ठेके पर लिया था। चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है। समाचार एजेंसी ANI ने तिवारी के हवाले से कहा, “वहां कोई सैटेलाइट फोन उपलब्ध नहीं है, जिससे साफ तौर पर संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है।”भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड ने बचाव कार्य की तस्वीरें जारी की हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा गया, “गढ़वाल सेक्टर में माणा गांव के पास GREF कैंप पर एक बर्फीला तूफान आया। कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। भारतीय सेना की IBEX ब्रिगेड ने भारी बर्फबारी और छोटे-छोटे बर्फीले तूफानों के बावजूद तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 10 लोगों को बचा लिया गया है और सेना द्वारा उन्हें मेडिकल सहायता दी जा रही है। अतिरिक्त सैनिकों और उपकरणों को मौके पर भेजा जा रहा है।”उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “चमोली जिले के माणा गांव के पास BRO द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान कई मजदूरों के बर्फीले तूफान में दबे होने की दुखद खबर मिली। राहत और बचाव कार्य ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा किया जा रहा है। मैं भगवान बद्री विशाल से सभी श्रमिक भाइयों की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं।”





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