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नई दिल्ली। बांग्लादेश और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में चल रही हाल के राजनीतिक उथल-पुथल और इन क्षेत्रों में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और सामाजिक-धार्मिक कारकों के कारण भारत के सुदूर इलाकों में शरण, रोजगार और आश्रय की तलाश करने वाले लोगों की बढ़ोतरी हुई है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 2021 से अब तक 586 बांग्लादेशी नागरिकों और 318 रोहिंग्या सहित 916 व्यक्तियों को सफलतापूर्वक पकड़ा है। वहीं, जून और जुलाई 2024 में, आरपीएफ ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 88 बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को पकड़ा। इनमें से कुछ व्यक्तियों ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात कबूल की और उन्हें कोलकाता जैसे गंतव्यों के लिए ट्रेन से यात्रा करते समय रोका गया। यह जानकारी भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
अवैध प्रवासी रेलवे नेटवर्क का उपयोग करते हैंरेल मंत्रालय के अनुसार रेलवे का उपयोग करने वाले घुसपैठियों की संख्या के सटीक आंकड़े सीमित हैं, हाल की रिपोर्टें बताती हैं कि अवैध प्रवासी अक्सर भारत के अन्य हिस्सों में जाने के लिए असम और त्रिपुरा जैसे क्षेत्रों से गुजरने के लिए रेलवे नेटवर्क का उपयोग करते हैं। अक्टूबर 2024 में, रिपोर्ट में बताया गया कि बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा से जुड़े उपायों को बढ़ाने के बावजूद, अवैध प्रवासी भारत में घुसपैठ करना जारी रखते हैं, असम को पारगमन मार्ग के रूप में और रेलवे को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए अपनी पसंदीदा यात्रा के रूप में उपयोग करते हैं।इन घटनाओं से पता चलता है कि घुसपैठियों द्वारा रेलवे का उपयोग न केवल राज्यों में उनकी आवाजाही को सुविधाजनक बनाता है, बल्कि देश में अनधिकृत प्रवेश का पता लगाने और रोकने के प्रयासों को भी जटिल बनाता है।अवैध प्रवासी राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता का विषयआरपीएफ अवैध घुसपैठ के खिलाफ रेलवे नेटवर्क को सुरक्षित करने के लिए सीमा सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों के साथ सहयोग कर रही है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए पुलिस और अन्य अधिकृत एजेंसियों को सौंप दिया जाता है। दरअसल यह लोग ना केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता का विषय हैं, बल्कि बंधुआ मजदूरी, घरेलू नौकरानी, वेश्यावृत्ति और यहां तक कि अंग निकालने के लिए मानव तस्करी सहित शोषण के लिए भी अत्यधिक संवेदनशील हैं।रेलवे सुरक्षा बल ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को हल करने की चुनौती को स्वीकार किया है, तथा भारत की सीमाओं में घुसने का प्रयास करने वाले अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। -
जम्मू. घाटी से विस्थापित होने के 35 साल पूरे होने के अवसर पर सैकड़ों की संख्या में कश्मीरी पंडित रविवार को यहां जगती बस्ती के नजदीक एक मैदान में एकत्र हुए और उस खौफनाक मंजर को यादा किया। कश्मीरी पंड़ितों ने इस अवसपर न्याय और घाटी में वापसी के साथ पुनर्वास की मांग की। कश्मीरी पंडित 19 जनवरी को ‘‘होलोकास्ट डे'' के रूप में याद करता है। यह 1990 में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के बाद घाटी से उनके पलायन की याद दिलाता है। पनुन कश्मीर, यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज (वाईएआईकेएस) और कश्मीर पंडित सभा (केपीएस) जैसे विस्थापित कश्मीरी पंड़ितों के संगठन पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने और समुदाय के हितों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। पनुन कश्मीर के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह स्मरण, दृढ़ता और न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। हम चाहते हैं कि सरकार घाटी में समुदाय के लिए एक ‘अलग राज्य' बनाए।'' सुषमा पंडिता नामक महिला ने कहा कि समुदाय ने पिछले तीन दशकों में कष्टों का सामना किया है और अब वह चाहती हैं कि सरकार आगे आए और समुदाय के उचित पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करे। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को विस्थापित समुदाय की ओर ध्यान देना चाहिए और हमारे बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।''
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नयी दिल्ली. प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ में केंद्र की ‘एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) पहल के तहत फिरोजाबाद से कालीन, कांच के खिलौने और वाराणसी से लकड़ी के खिलौने जैसी वस्तुओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। रविवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने महाकुम्भ में एक स्टॉल लगाया है, जो उद्यमियों को अपने उत्पाद उनके मंच पर मुफ्त में बेचने का अवसर प्रदान करेगा। प्रयागराज मंडल के संयुक्त उद्योग आयुक्त शरद टंडन ने बताया कि 2019 में कुंभ मेले में 4.30 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था और इस बार यह कारोबार 35 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य देश के हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना है।बयान के अनुसार, “फिरोजाबाद से कालीन, जरी-जरदोजी, कांच के खिलौने, वाराणसी से लकड़ी के खिलौने और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बन रहे हैं।” महाकुम्भ में भौगोलिक संकेत (जीआई) वाले उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।
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अयोध्या . उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को मंदिर में भित्ति चित्र और 'थ्रीडी' मूर्तियां लगाने के संबंध में चर्चा के साथ संपन्न हुई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ मंदिर परिसर और मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मंदिर के अंदर कांस्य के भित्ति चित्र लगाए जाने हैं। इसके लिए निर्माण एजेंसी द्वारा नाप लिया गया है और भित्ति चित्र लगाने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। मिश्रा ने बताया कि बैठक में कांस्य और 'थ्रीडी' मूर्तियां लगाने के संबंध में भी चर्चा की गई और भित्ति चित्र के डिजाइन और माप के साथ एक प्रतिमा रखकर भौतिक सत्यापन किया गया। आने वाले दिनों में तेजी से भित्ति चित्र लगाए जाएंगे और दीवारों पर श्रीराम के जीवन के दृश्यों को दर्शाया जाएगा। मिश्रा ने बताया कि पत्थरों पर भित्ति चित्र और कांस्य प्रतिमाओं के साथ श्रीराम के जीवन के दृश्य बनाने का काम जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने बताया कि भित्ति चित्रों के साथ-साथ पत्थरों पर झांकी भी बनाई जाएगी। भित्ति चित्रों और पत्थरों पर दृश्यों के सामने 'थ्रीडी' मूर्तियां रखी जाएंगी। इसका व्यावहारिक मूल्यांकन किया गया है और 'थ्रीडी' मूर्तियां लगाने का क्रम जल्द ही शुरू होगा। मिश्रा ने बताया कि निचले चबूतरे पर कांस्य भित्ति चित्र और दीवारों पर दृश्य बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भगवान के जीवन की घटनाओं का थ्रीडी दृश्य भी दिखाया जाएगा। काम की तैयारियां चल रही हैं और सभी भित्ति चित्र मंदिर परिसर में ही लगाए जाएंगे। अनिल मिश्रा ने बताया कि बैठक के दौरान भित्ति चित्र और थ्रीडी स्थापना के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की गई।
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कोच्चि. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत की ताकत एकजुटता में निहित है, जो सफल और विजयी है। यहां वडयाम्बडी में आरएसएस की एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू जीवन शैली सभी मुद्दों का समाधान प्रदान करती है और दुनिया में परम शांति लाती है। भागवत ने कहा कि आरएसएस हिंदू समाज को एकजुट कर रहा है और धर्म की रक्षा के माध्यम से दुनिया को सार्थक समाधान प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘बदलाव केवल अवतारों के आने से नहीं होता।'' उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कहा जाता है कि जो लोग खुद की रक्षा नहीं कर पाते, उन्हें भगवान भी नहीं बचा सकते। हम भारत की संतान हैं। यदि हमारी मातृभूमि लाखों बच्चों के होते हुए भी कमजोर हो जाती है, तो हमारा क्या कर्तव्य है?'' उन्होंने कहा, ‘‘इस कर्तव्य को पूरा करने के लिए हमें शक्ति की आवश्यकता है, शक्ति को प्रभावी बनाने के लिए हमें अनुशासन और ज्ञान की आवश्यकता है।'' भागवत ने कहा, ‘‘परिस्थितियों की परवाह किए बिना दृढ़ निश्चय और उद्देश्य की अटूट भावना आवश्यक है।'' उन्होंने कहा कि केवल ऐसे मानव विकास को बढ़ावा देना ही आरएसएस का मुख्य मिशन है। उन्होंने कहा कि भारत भी विभिन्न संघर्षों को देख रहा है - किसान, उपभोक्ता, श्रमिक और यहां तक कि सत्तारूढ़ और विपक्षी दल भी आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे समस्याओं की सूची बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि, इन मुद्दों का समाधान भारत के भीतर ही है। भागवत ने कहा, ‘‘भारतीय दर्शन सभी को एकजुट करने के बारे में है।'' उन्होंने कहा कि भारत विश्व के फायदे के लिए एक ताकतवर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी विशिष्ट विशेषता इसकी अनूठी सांस्कृतिक एकता है जो विविधता को अपने में समाहित करती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह वह भूमि है जहां लोग काशी से गंगा जल लेकर आते हैं और रामेश्वरम में इसे चढ़ाते हैं। कालडि में जन्मे आदि शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में मठों की स्थापना करके इस एकता को मजबूत किया।'' बैठक में आरएसएस के दक्षिण क्षेत्र संघचालक आर. वन्नियाराजन और दक्षिण केरल प्रांत संघचालक एम एस रामेसन मौजूद थे। भागवत कुछ संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल होने के लिए 16 से 21 जनवरी तक केरल की यात्रा पर हैं।
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अमरावती. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में लचीले बुनियादी ढांचे के बूते भारत आपदाओं के दौरान 'शून्य हताहत' लक्ष्य को अपनाकर इस क्षेत्र में विश्वभर में अगुआ के रूप में उभरा है। शाह ने आंध्र प्रदेश के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के समर्थन पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र ने केवल छह महीनों में राज्य के लिए तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) के दक्षिणी परिसर और विजयवाड़ा के पास राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 10वीं बटालियन परिसर का उद्घाटन करने के बाद कृष्णा जिले के कोंडापवुलुरू में एनडीआरएफ के 20वें स्थापना दिवस समारोह में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। शाह ने लगभग 220 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं, एनडीआरएफ द्वारा एनडीएमए की नीतियों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन ने भारत को आपदा प्रबंधन में एक वैश्विक अगुआ के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने सीडीआरआई की स्थापना करके आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे में पूरी दुनिया में अग्रणी भूमिका निभाई है।'' उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में दृष्टिकोण, कार्यप्रणाली और उद्देश्य में बड़े बदलाव लाने की दिशा में काम किया है। शाह ने कहा कि पहले आपदा के प्रति दृष्टिकोण राहत-केंद्रित था, लेकिन अब ‘बचाव-केंद्रित' दृष्टिकोण है, ताकि लोगों को आपदा से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण में यह 360 डिग्री बदलाव 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद अमल में आया। शाह ने कहा कि पिछले छह वर्षों में गृहमंत्री रहते हुए उन्होंने कई आपदाओं के दौरान क्षेत्र का दौरा किया और पाया कि एनडीआरएफ कर्मियों को देखकर लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि वे अब सुरक्षित हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पहले ओडिशा में एक चक्रवात में 10,000 लोगों की जान चली गई थी और अब पिछले दो वर्षों में दो चक्रवात आए, लेकिन कोई भी हताहत नहीं हुआ, अर्थात देश ने ‘शून्य हताहत' का लक्ष्य हासिल कर लिया है। शाह ने कहा कि नेपाल, इंडोनेशिया, तुर्किये, म्यांमा, वियतनाम और अन्य देशों में एनडीआरएफ के प्रयासों को संबंधित देशों के राष्ट्राध्यक्षों द्वारा व्यापक रूप से मान्यता और सराहना मिली है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत 61,000 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि 12वें वित्त आयोग के अंतर्गत इस मद में 12,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘आपदा रोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन' (सीडीआरआई) की स्थापना की और आज 48 देश इसके सदस्य के रूप में सीडीआरआई के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हुडको और विश्व बैंक के माध्यम से अमरावती के विकास के लिए 27,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। शाह ने युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की पिछली सरकार पर कटाक्ष करते हुए आंध्र प्रदेश के लोगों से कहा कि वे ‘बर्बाद' हुए पांच वर्ष पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायडू और प्रधानमंत्री मोदी राज्य के विकास के लिए नए सिरे से ध्यान केंद्रित कर तेजी से प्रयास करते हुए मिलकर काम करेंगे। गृहमंत्री ने कहा, ‘‘मैं यह आश्वासन देना चाहता हूं कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी-नीत सरकार आंध्र प्रदेश के विकास के लिए चंद्रबाबू नायडू के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।'' शाह ने एनडीआरएफ के बारे में कहा कि आज भारत आपदा प्रबंधन के मामले में विश्व स्तर पर अगुआ के रूप में उभरा है और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में देश दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। एनडीआरएफ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान काम करता है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ‘मानव निर्मित' संकटों के दौरान लोगों की सेवा करने के लिए आगे आता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत के बाद राजग 2025 की शुरुआत में दिल्ली में भी सरकार बनाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के पूरी तरह से आर्थिक रूप से बेहतर स्थिति में आने तक केंद्र से निरंतर समर्थन सुनिश्चित करने की गृहमंत्री से अपील की। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक नीतियों को लेकर वैश्विक स्तर पर काफी रुचि देखने को मिल रही है और दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में ये नीतियां चर्चा का केंद्र रहेंगी। सोमवार से शुरू हो रही वार्षिक विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे वैष्णव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की वृद्धि की कहानी में काफी रुचि है, खासकर डिजिटल बदलाव और नए डिजिटल ढांचे को लेकर। उन्होंने कहा, ‘‘दावोस में विश्व आर्थिक मंच में हमारी विचार प्रक्रिया को समझने, प्रधानमंत्री की आर्थिक नीतियों, डिजिटल बदलाव और कैसे भारत ने डिजिटल ढांचा तैयार किया है और कैसे प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण हुआ है, के बारे में काफी रुचि देखने को मिल रही है।'' वैष्णव ने कहा कि समावेशी वृद्धि, सामाजिक, भौतिक, डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश और प्रौद्योगिकी के लोकतांत्रिकरण के बारे में विस्तृत चर्चा होगी। सूचना एवं प्रसारण, रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने समावेशी विकास और ऐसी वृद्धि पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया है, जो समाज के सबसे निचले तबके के लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तनकारी बदलाव लाएगी। ये लोग पिछले कई दशक से विकास से वंचित रहे हैं।
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लातूर. महाराष्ट्र के लातूर जिले में बर्ड फ्लू से 51 कौओं की मौत हो गई है और अधिकारियों ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय करना शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने बताया कि शनिवार को भोपाल पशु चिकित्सा प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट से पता चला है कि उदगीर शहर में कौओं की मौत एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) से हुई है। उन्होंने बताया कि शनिवार तक उदगीर शहर के विभिन्न हिस्सों में 51 कौवे मृत पाए गए।
अधिकारियों को 13 जनवरी से शहर के बगीचों व अन्य क्षेत्रों में मृत पक्षियों के बारे में शिकायतें मिल रही थीं। अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और मौत के कारण का पता लगाने के लिए 14 जनवरी को छह शवों को प्रयोगशाला भेजा गया। जिला प्रशासन ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय शुरू कर दिए हैं।
जिस जगह मृत कौवे मिले हैं उस स्थान के 10 किलोमीटर के दायरे को ‘अलर्ट जोन' घोषित किया गया है।
आदेश में प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की आवाजाही तथा पक्षियों और जानवरों के परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया है। निर्देश के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों को संक्रमणमुक्त किया जाएगा तथा अधिकारी 10 किलोमीटर के दायरे में सभी पोल्ट्री फॉर्म का सर्वेक्षण करेंगे तथा नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। प्रशासन ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे जिले के अन्य भागों में पक्षियों या जानवरों की किसी भी असामान्य मृत्यु की सूचना निकटतम पशु चिकित्सालय या वन विभाग को दें। -
जम्मू. कटरा और श्रीनगर रेलवे स्टेशन के बीच रविवार को 22 बोगियों वाली रेलगाड़ी का सफल परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से रेल के जरिये जोड़ने वाली नवनिर्मित रेल लाइन पर पहला सफल परीक्षण था। अधिकारियों ने बताया कि 18 एसी कोच (वातानुकूलित डिब्बे), सामान ढोने वाली दो बोगी और दो इंजन वाली यह रेलगाड़ी सुबह करीब आठ बजे कटरा रेलवे स्टेशन से रवाना हुई और रेलवे अधिकारियों की निगरानी में चार घंटे के भीतर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य पर पहुंच गई। यह कटरा और श्रीनगर के बीच पहला ट्रायल रन था।
कश्मीर को रेल मार्ग से जोड़ने की परियोजना पर काम 1997 में शुरू हुआ था, लेकिन भूवैज्ञानिक, स्थलाकृतिक और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण इसे अलग-अलग समय पर भिन्न-भिन्न समयसीमा निर्धारित किये जाने के बावजूद पूरा नहीं किया जा सका। -
महाकुंभ नगर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार सुबह महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में स्नान करके पूजा अर्चना की। यहां संगम तट पर एक अधिकारी ने बताया कि शर्मा शनिवार देर रात मेला क्षेत्र में सेक्टर सात में स्थित राजस्थान मंडप पहुंचे। उन्होंने सुबह नाव से त्रिवेणी संगम का भ्रमण किया।
अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने त्रिवेणी घाट पर डुबकी लगाने के बाद मां गंगे की पूजा अर्चना की और दूध एवं गंगा जल से भगवान महादेव का अभिषेक भी किया। उन्होंने बताया कि शर्मा ने बड़े हनुमान जी मंदिर के दर्शन भी किए।
अधिकारी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की और कुंभ के कुशल संचालन के लिए बधाई दी। इससे पहले, मुख्यमंत्री शर्मा का शनिवार देर रात प्रयागराज हवाईअड्डे पर उत्तर प्रदेश के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने महाकुंभ में बने राजस्थान मंडप का भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्थान के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं से भी भेंट की। -
मुंबई. मुंबई की एक अदालत ने रविवार को सैफ अली खान पर हमला मामले में गिरफ्तार एक व्यक्ति को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय साजिश से संबंधित अभियोजन पक्ष की दलील को खारिज नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने अदालत को बताया कि कथित हमलावर बांग्लादेशी नागरिक है, और उसके कृत्य के पीछे के मकसद का पता लगाने की जरूरत है। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद (30) को दोपहर डेढ़ बजे बांद्रा में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने पेश किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि कथित हमलावर भारत में अवैध रूप से रहने वाला एक बांग्लादेशी नागरिक था और उसके कृत्य के पीछे के मकसद का पता लगाने की जरूरत है। पुलिस ने अदालत से यह भी कहा कि उन्हें यह पता लगाने की जरूरत है कि इस मामले का संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश से है या नहीं। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील संदीप डी शेरखाने ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल कई वर्षों से देश में रह रहा है और उसके पास (देश में रहने के लिए) महत्वपूर्ण दस्तावेज है, और उसका परिवार भी भारत में रह रहा है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अभिनेता सैफ अली खान की मौजूदगी के कारण इस मामले को तूल दिया गया है।
हालांकि, पुलिस ने यह कहते हुए 14 दिन की हिरासत की मांग की कि मामला सिर्फ एक अभिनेता के बारे में नहीं है बल्कि इसमें एक क्रूर हमला शामिल है। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि जांच प्राथमिक चरण में है।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि हमले में खान को गंभीर चोटें आईं, जिसमें चाकू के ब्लेड के एक हिस्से का उनके शरीर में धंसना शामिल है। पुलिस ने अदालत को बताया कि चाकू तीन हिस्सों में टूट गया जिसके दो हिस्से मिल गए हैं, जबकि तीसरा हिस्सा आरोपी से बरामद किया जाना बाकी है। पुलिस ने कहा कि घटना के समय आरोपी ने जो कपड़े पहने थे उनपर खून के धब्बे होंगे और जांच के हिस्से के रूप में ये कपड़े जब्त करने की जरूरत है। जांच अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच की आवश्यकता है कि आरोपी अभिनेता के घर में कैसे दाखिल हुआ और हमले के पीछे का मकसद क्या था। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि शहजाद को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए।
रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों पर गौर करने के बाद पुलिस की दलील को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए अंतरराष्ट्रीय साजिश के आरोप को ‘‘असंभव नहीं कहा जा सकता।'' अदालत ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आरोपियों के खिलाफ आरोप सही हैं। इसलिए मामले की जांच के लिए पुलिस को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। पांच दिन की पुलिस हिरासत उचित है।'' अदालत ने बचाव पक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि गिरफ्तारी अवैध थी और कहा कि पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के दौरान सभी आवश्यक मानदंडों का पालन किया था। इससे पहले दिन में पुलिस ने मीडिया को बताया था कि कथित हमलावर मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद एक बांग्लादेशी नागरिक है, जिसने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के बाद अपना नाम बदलकर बिजॉय दास रख लिया था। उसे ठाणे शहर से सटे इलाके से पकड़ा गया था। पुलिस ने कहा था कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह 16 जनवरी को तड़के चोरी के इरादे से बांद्रा में सतगुरु शरण इमारत में बॉलीवुड अभिनेता के घर में दाखिल हुआ था। हमलावर ने सैफ (54) पर कई बार चाकू से वार किया था जिसके बाद पास के लीलावती अस्पताल में उनकी चार-पांच घंटे तक सर्जरी की गई थी।
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए आगामी चुनाव में कुल 719 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरेंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया के बाद कुल 981 उम्मीदवारों में से 719 के नामांकन स्वीकार किए गए हैं। 17 जनवरी को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी जबकि 18 जनवरी को नामांकनों की जांच की गई।
चुनाव आयोग ने बताया कि 70 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कुल 1,040 नामांकन दाखिल किए गए थे। इनमें से 477 नामांकन रद्द कर दिए गए। सबसे ज्यादा उम्मीदवार नई दिल्ली विधानसभा सीट पर हैं जहां 23 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, सबसे कम उम्मीदवार कस्तूरबा नगर और पटेल नगर सीटों पर हैं, जहां केवल 5-5 उम्मीदवार मैदान में हैं। नई दिल्ली विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ बीजेपी के प्रवेश वर्मा (पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे) और कांग्रेस के संदीप दीक्षित (पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे) चुनावी मैदान में हैं।कस्तूरबा नगर सीट पर सबसे कम नामांकन हुए जहां कुल 9 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। यहां से AAP ने रमेश पहलवान, बीजेपी ने नीरज बसोया, और कांग्रेस ने अभिषेक दत्त को उम्मीदवार बनाया है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं दिल्ली में चुनावी मुकाबला तेज हो रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। गौरतलब है कि दिल्ली में 5 फरवरी को एक ही चरण में मतदान होगा और मतगणना 8 फरवरी को होगी। पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि बीजेपी ने 8 सीटें जीती थीं - प्रयागराज । महाकुंभ मेले के क्षेत्र में रविवार को भीषण आग लग गई। पुलिस के अनुसार, इस घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह घटना सेक्टर 19 में हुई। घटना के बाद काले धुएं के घने बादल उठते हुए देखे गए जिससे मेले में मौजूद श्रद्धालुओं और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। महाकुंभ 2025 के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस घटना का वीडियो साझा किया गया।सोशल मीडिया अकाउंट महाकुंभ 2025 ने एक्स हैंडल पोस्ट में लिखा “बहुत दुखद! महाकुंभ में आग की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। हम मां गंगा से सभी की सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं।”फिलहाल दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मेले में लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने महाकुंभ मेले जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
- नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत-चीन संबंध 2020 के बाद की सीमा स्थिति से उत्पन्न जटिलताओं से खुद को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं और संबंधों के दीर्घकालिक विकास पर अधिक विचार किए जाने की जरूरत है। पिछले दशकों में चीन के साथ भारत के संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए जयशंकर ने कहा कि पिछले नीति-निर्माताओं की ‘‘गलत व्याख्या'', चाहे वह ‘‘आदर्शवाद या व्यावहारिक राजनीति की अनुपस्थिति'' से प्रेरित हो, ने चीन के साथ न तो सहयोग और न ही प्रतिस्पर्धा में मदद की है। मुंबई में नानी पालकीवाला व्याख्यान में उन्होंने कहा कि पिछले दशक में इसमें स्पष्ट रूप से बदलाव आया है। विदेश मंत्री ने कहा कि आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता दोनों पक्षों के बीच संबंधों का आधार बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधों के दीर्घकालिक विकास पर अधिक विचार किए जाने की आवश्यकता है। जयशंकर ने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब भारत के अधिकतर देशों के साथ रिश्ते मजबूत हो रहे हैं, भारत को चीन के साथ संतुलन स्थापित करने में एक विशेष चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि दोनों देश उन्नति कर रहे हैं।'' विदेश मंत्री ने कहा कि निकटतम पड़ोसी और एक अरब से अधिक आबादी वाले दो समाजों के रूप में, भारत-चीन के बीच संबंध कभी भी आसान नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सीमा विवाद, इतिहास के कुछ बोझ और भिन्न सामाजिक-राजनीतिक प्रणालियों ने इसे और भी तीखा बना दिया। पिछले नीति-निर्माताओं द्वारा गलत व्याख्या, चाहे वह आदर्शवाद से प्रेरित हो या व्यावहारिक राजनीति की गैरमौजूदगी से, वास्तव में चीन के साथ न तो सहयोग और न ही प्रतिस्पर्धा में मदद मिली है।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दशक में इसमें स्पष्ट रूप से बदलाव आया है। अभी, संबंध 2020 के बाद की सीमा स्थिति से उत्पन्न जटिलताओं से खुद को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।'' जयशंकर ने कहा कि भले ही इस पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन संबंधों के दीर्घकालिक विकास पर अधिक विचार किए जाने की आवश्यकता है। जयशंकर ने कहा कि भारत को ‘‘चीन की बढ़ती क्षमताओं की अभिव्यक्ति'' के लिए तैयार रहना होगा, खासकर उनके लिए जो सीधे भारत के हितों पर असर डालते हैं। जयशंकर ने तर्क दिया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत की व्यापक राष्ट्रीय क्षमता का अधिक तेजी से विकास आवश्यक है। पिछले साल 21 अक्टूबर को बनी सहमति के बाद, भारतीय और चीनी सेनाओं ने डेमचोक और देपसांग के दो शेष गतिरोध स्थलों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली।
- नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण रोधी उपाय हटाए जाने के बाद सभी स्कूलों को एक नोटिस जारी कर ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है। शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने 17 जनवरी को एक नोटिस में कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के चरण तीन के तहत उपायों को तत्काल प्रभाव से उठाने का फैसला किया है। इसमें कहा गया है कि इसके परिणामस्वरूप निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में सभी कक्षाएं तत्काल प्रभाव से ऑफलाइन मोड में संचालित की जाएंगी। डीओई ने नोटिस में कहा, ‘‘...डीओई, एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद), एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) और दिल्ली छावनी बोर्ड के सभी सरकारी, सरकारी गैर सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को सूचित किया जाता है कि ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करें। इस प्रकार सभी स्कूलों में सभी कक्षाएं तत्काल प्रभाव से प्रत्यक्ष तरीके से आयोजित की जाएंगी।'' नियमित कक्षाओं के सोमवार से बहाल होने की उम्मीद है।
- महाकुंभ नगर. उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने महाकुंभ अध्ययन के लिए छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने मेला क्षेत्र में अनंत माधव मार्ग सेक्टर-सात स्थित दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर में शनिवार को इस पाठ्यक्रम की शुरुआत की। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात मिश्रा ने बताया कि शनिवार को महाकुंभ में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने महाकुंभ क्षेत्र में कुंभ अध्ययन में प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को प्रवेश दिलाने के लिए प्रचार अभियान चलाया जाएगा। दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के पूर्व निदेशक एस सी मिश्र इस प्रमाण पत्र कार्यक्रम के पहले विद्यार्थी बने। मिश्रा ने बताया कि शिविर में ही 100 से ज्यादा लोगों ने इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया है।कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय ने पहली बार कुंभ अध्ययन में प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है। इसमें महाकुंभ से संबंधित सभी जानकारियां समाहित की गई हैं। महाकुंभ आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को इसमें प्रवेश लेना चाहिए जिससे उन्हें कुंभ के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया का ध्यान प्रयागराज के महाकुंभ पर है। ऐसे में मुक्त विश्वविद्यालय ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए उन सभी के लिए छह महीने का यह प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है। इसमें कुंभ के आयोजन से लेकर सभी तथ्यों को समाहित गया है। कुलपति ने बताया कि इसका अध्ययन पूरा करने के बाद विश्वविद्यालय की तरफ से एक विशिष्ट प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इस प्रमाण पत्र कार्यक्रम से संबंधित जानकारी महाकुंभ में सभी सेक्टर में श्रद्धालुओं को कुंभ गाइड के माध्यम से पर्चा वितरित करके दी जाएगी।
- सूरत. उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि पर्याप्त रोजगार अवसरों की कमी, अनसुलझी सीमा का मुद्दा और मानव विकास सूचकांक में स्थिति कुछ ऐसी कमजोरियां हैं, जिन्हें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए दूर करने की जरूरत है। सूरत साहित्य महोत्सव-2025 में शुक्रवार को ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत ऐट 2047'' विषय पर अपने विचार रखते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि ने कहा कि 2047 के भारत को अपनी प्रतिक्रिया प्रणाली को एकीकृत करना चाहिए, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में अपनी आंतरिक समस्याओं के साथ ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) का भी समाधान करना चाहिए, ताकि सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी ताकत हमारी भौगोलिक स्थिति, युवा, स्थिर आर्थिक विकास और सेवा क्षेत्र - फार्मा और आईटी- हैं, जो प्रगति कर रहे हैं। हमारी कमजोरियां क्या हैं? पहली, जलवायु परिवर्तन; दूसरी, हमारा विनिर्माण क्षेत्र मजबूत नहीं है; तीसरी, हमारे पास रोजगार के उतने अवसर नहीं हैं। हमारी सीमा, चाहे चीन के साथ हो या पाकिस्तान के साथ, अभी तक वहां स्थिरता नहीं आई है। हमें मानव विकास सूचकांक में सुधार करने की जरूरत है।'' लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि ने कहा, ‘‘समाज में आंतरिक संघर्षों पर काम करना, तनाव कम करना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी जिम्मेदारी है। तभी आंतरिक सुरक्षा भी बेहतर होगी।'' उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत का प्रतिक्रिया तंत्र एकीकृत होना चाहिए और आंतरिक समस्याओं का समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, नेपाल और वामपंथी उग्रवाद से संबंधित मुद्दों को सुलझाना होगा, ताकि सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे और भारत 2047 तक विकसित बन जाए। उप सेनाध्यक्ष ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है और यदि राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा एक साथ नहीं होंगी तो भारत कभी प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुरक्षा के बिना बाह्य और आंतरिक सुरक्षा हासिल नहीं की जा सकती और पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, मानव और ऊर्जा सुरक्षा सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। उप सेना प्रमुख ने कहा कि आज अर्थव्यवस्था को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया को विभिन्न गुटों में विभाजित किया जा रहा है और देश वैश्वीकरण के खिलाफ जाकर क्षेत्रीय गुट बना रहे हैं। सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने भारत भी अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा, विश्व भर में संघर्षों, तथा हाइब्रिड, आर्थिक और साइबर युद्ध - सोशल मीडिया के माध्यम से विमर्श की लड़ाई से प्रभावित है, जो सभी को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम कोई रणनीति बनाते हैं तो अमेरिका, चीन और रूस जैसी महाशक्तियां हमारे लिए महत्वपूर्ण होती हैं।'' उन्होंने कहा कि जहां तक बाहरी सुरक्षा का सवाल है, भारत और चीन के बीच लंबी और अशांत सीमा है, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को जन्म दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘आपने अक्टूबर-नवंबर 2024 में चीन के साथ हमारी वार्ता के बारे में अवश्य सुना होगा, जिसके कारण 2020 के गलवान गतिरोध के बाद हमारे बीच तनाव थोड़ा कम हुआ है और चीन इस क्षेत्र से चला गया है। वर्तमान में स्थिति लगभग सामान्य है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है।'' उन्होंने कहा कि चीन भारत के रणनीतिक पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश और म्यांमा में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि जहां तक बाह्य सुरक्षा का सवाल है, भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों को 2047 तक पूरी तरह विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जहां तक आंतरिक सुरक्षा का सवाल है अनुच्छेद 370 और हाल के चुनावों के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य हो गई है और वहां हाल में हुए चुनाव में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘अब वहां निर्वाचित सरकार है। यहां तक कि जब भी छिटपुट आतंकवादी घटनाएं होती हैं, तो सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, पुलिस और राज्य प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करते हैं। जहां तक पूर्वोत्तर का सवाल है, आप मणिपुर में हिंसा के बारे में जानते हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। हमें उम्मीद है कि इसमें समय लगेगा, लेकिन हम जल्द से जल्द स्थिति को नियंत्रित कर लेंगे।'' उप सेना प्रमुख ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और आंतरिक सुरक्षा बलों ने वामपंथी उग्रवाद पर अच्छी तरह से नियंत्रण किया है और लाल गलियारे में अधिकतम विकास देखा गया है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि ने कहा कि 2047 में भारत ऐसा देश होगा, जहां दुनिया भर के लोग रहना चाहेंगे और इसकी अर्थव्यवस्था 30 हजार अरब डॉलर से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें हर तरह से आंतरिक शांति मिलनी चाहिए और पर्यावरण, ऊर्जा, मानव और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी होना चाहिए।''
- भोपाल. मध्य प्रदेश में सीहोर जिले के ‘स्वामित्व योजना' के एक लाभार्थी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए उन्हें बताया कि इस कार्यक्रम (स्वामित्व योजना) के चलते उसके जीवन में कौने-कौन से सकारात्मक बदलाव आए। केंद्रीय योजना के तहत संपत्ति कार्डों के ई-वितरण के दौरान प्रधानमंत्री ने पिपलिया मीरा ग्राम पंचायत के लाभार्थी मनोहर मेवाड़ा से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। ‘स्वामित्व योजना' (एक तरह की भूमि योजना) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति का स्पष्ट स्वामित्व स्थापित करना है, जहां ड्रोन तकनीक का उपयोग करके भूमि के पार्सल को मैप किया जाएगा। मोदी ने मेवाड़ा से योजना के तहत मिले संपत्ति कार्ड से उनके जीवन में आये बदलाव के बारे में जानकारी ली। मेवाड़ा ने कहा कि जब उनके पास जमीन का स्वामित्व दिखाने के कागजात नहीं होंगे तो कोई भी बैंक उन्हें ऋण नहीं देगा। मेवाड़ा ने प्रधानमंत्री को बताया कि संपत्ति कार्ड मिलने के बाद उन्होंने एक ‘डेरी फार्म' शुरू करने के लिए आसानी से 10 लाख रुपये का ऋण मिल गया। लाभार्थी ने कहा कि उनका परिवार अब डेयरी से प्रति माह 30,000 रुपये कमाता है जिसमें से 16,000 रुपये ऋण चुकाने में खर्च हो जाते हैं। मोदी ने मेवाड़ा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता है कि देश के हर नागरिक का सिर गर्व से ऊंचा हो और उसका जीवन आसान हो। मुख्यमंत्री मनोहर यादव सिवनी के पॉलिटेक्निक कॉलेज के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और लाभार्थियों को ई-स्वामित्व कार्ड वितरित किये। अलग-अलग जिलों में हुए ऐसे ही कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया।
- नयी दिल्ली. मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु समेत देश के आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में 2024 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। बिक्री में गिरावट का मुख्य कारण महाराष्ट्र एवं हरियाणा में चुनाव और संपत्ति की बढ़ी हुई कीमतें हैं। रियल एस्टेट परामर्श मंच प्रॉपटाइगर डॉट कॉम की हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।‘रियल इनसाइट रेजिडेंशियल: एनुअल राउंडअप 2024' शीर्षक से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस विश्लेषण में शामिल आठ में से तीन शहर महाराष्ट्र और हरियाणा में हैं जहां पर बीती तिमाही में विधानसभा के चुनाव संपन्न हुए। हालांकि दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर सालाना आधार पर बाकी सभी सात शहरों शहरों में घरों की बिक्री में गिरावट आई है। दिल्ली-एनसीआर में दिसंबर तिमाही में घरों की बिक्री 50 प्रतिशत बढ़कर 9,808 इकाई रही जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 6,528 था। चुनावों का असर नई आपूर्ति पर भी दिखा। बीते वर्ष की चौथी तिमाही में नयी परियोजनाएं पेश करने में 33 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसका कारण राज्यों में चुनावों के कारण परियोजनाओं की मंजूरी की गति का धीमा होना है। आठ में से पांच शहरों में पिछली तिमाही के दौरान पेश नई परियोजनाओं की संख्या घटी है। संपत्तियों की खरीद-बिक्री या किराये पर लेन-देन की जानकारी देने वाले मंच हाउसिंग डॉट कॉम और प्रॉपटाइगर डॉटकॉम के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा, “अक्टूबर-दिसंबर में त्योहारों के दौरान बिक्री में तिमाही आधार पर वृद्धि हुई। इसके बाद भी अधिकांश क्षेत्रों में बिक्री और नई पेशकश में पिछले साल के मुकाबले गिरावट देखी गई।” उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, प्रमुख राज्यों के चुनावों और देशभर में संपत्ति की कीमतों में वृद्धि जैसे कारणों से कंपनियों और खरीदारों, दोनों ने इंतजार करने का रुख अपनाया। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई क्षेत्र (एमएमआर) में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 33,617 घरों की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 48,553 घरों की बिक्री हुई थी। पुणे में इस दौरान 31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,240 घरों की बिक्री हुई। वहीं बेंगलुरु में 23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 13,236 घरों की बिक्री हुई, हैदराबाद में 36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 13,179 घरों की बिक्री हुई और चेन्नई में पांच प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,073 घरों की बिक्री हुई।
- नयी दिल्ली. देश के आठ राज्यों में सामुदायिक स्तर पर किये गए रक्त सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले एक अध्ययन के अनुसार, ‘एनीमिया' के मामलों का एक बड़ा हिस्सा विटामिन बी12 की कमी और वायु प्रदूषण जैसे कारणों से जुड़ा पाया गया। हालांकि, एनीमिया आमतौर पर लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण होता है।‘यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन' में प्रकाशित अध्ययन से यह भी पता चला कि आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया कुल मामलों के एक तिहाई से भी कम हैं। 'विटामिन बी12 इंडिया स्टडी' और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (आईसीएमआर-एनआईएन), हैदराबाद के शोधकर्ताओं ने कहा कि उनके निष्कर्षों से पता चलता है कि एनीमिया के कारण के रूप में आयरन की कमी मुख्य रूप से जिम्मेदार नहीं लगती। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार, इसतरह ‘‘इन परिणामों का एनीमिया की रोकथाम और सुधार के लिए नीतिगत निहितार्थ हैं।'' अध्ययन के लेखकों के अनुसार, एनीमिया, एक रक्त विकार है जिसमें स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं अपर्याप्त होती हैं या खराब हो रही होती हैं। यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है और माना जाता है कि यह और भी बदतर होती जा रही है, जैसा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के रुझानों से पता चला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण सर्वेक्षण एनीमिया के कारण की जांच नहीं करते हैं, क्योंकि वे केवल उंगली से लिये गए रक्त के नमूने के आधार पर केशिका रक्त हीमोग्लोबिन को मापते हैं। अध्ययन दल ने 2019 के व्यापक राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण का हवाला दिया, जिसमें नसों से लिए गए भारतीय बच्चों के रक्त के नमूनों में हीमोग्लोबिन के स्तर का विश्लेषण किया गया था, और एनीमिया की कम व्यापकता पाई गई थी। हालांकि, अध्ययन के लेखकों ने कहा कि आयरन की कमी को एनीमिया का प्रमुख कारण माना जाता है। इस अध्ययन के लिए, पूर्वोत्तर, मध्य, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम भारत के राज्यों से किशोरों, वयस्कों और बुजुर्गों सहित कुल 4,613 लोगों को शामिल किया गया था। अध्ययन के लेखकों के अनुसार, ‘‘नसों से लिए गये रक्त के नमूने पर आधारित सर्वेक्षण में, पुरुषों और महिलाओं में एनीमिया की मौजूदगी, उन्हीं राज्यों में केशिका रक्त-आधारित एनएफएचएस-5 सर्वेक्षण के परिणामों से स्पष्ट रूप से कम पाया गया।'' उन्होंने लिखा, ‘‘महिलाओं में, आठ राज्यों में एनीमिया का प्रसार 41.1 प्रतिशत था, जबकि एनएफएचएस-5 में 15 से 49 वर्ष की आयु की महिलाओं के लिए यह 60.8 प्रतिशत था।''
- भारत विकासशील देशों के लिए है आदर्श: साउलोनयी दिल्ली. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने कहा है कि जलवायु सेवाओं की गुणवत्ता के मामले में भारत बहुत अच्छी स्थिति में है और वह विकास एजेंडे में मजबूत मौसम विज्ञान सेवाओं की अहम भूमिका को समझता है। साउलो ने यहां बताया कि मौसम विज्ञान और जलवायु सेवाएं अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिनमें साधन, परिवहन, पर्यटन, ऊर्जा और कृषि आदि शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि भारत के विपरीत, कई विकासशील देशों ने अभी तक इन सेवाओं का अपने विभिन्न क्षेत्रों के साथ पूरी तरह से समेकन नहीं किया है। अक्षय ऊर्जा में मौसम सेवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए साउलो ने कहा, ‘‘यदि आप अक्षय ऊर्जा - पवन, सौर और जलविद्युत - के बारे में सोचते हैं, तो वे सभी मौसम पर निर्भर करती हैं। अक्षय ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत मौसम सेवा की जरूरत है। भारत पूरे विकास एजेंडे में मौसम सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका को समझता है लेकिन कई विकासशील देश अभी तक वहां नहीं पहुंचे हैं।'' यहां भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना के 150 वर्षगांठ साल समारोह में हिस्सा ले रहीं साउलो ने कहा, ‘‘मौसम विज्ञान और जलवायु सेवाओं की गुणवत्ता के मामले में भारत बहुत अच्छी स्थिति में है, जिसका श्रेय भारतीय मौसम विज्ञान विभाग को जाता है।'' उन्होंने कहा कि आईएमडी का 150 वर्ष पूरा होना एक अद्वितीय उपलब्धि है।उन्होंने कहा, ‘‘भारत जैसे विकासशील देश से मेरी अपेक्षा है कि वह मौसम सेवाओं की भूमिका को सुदृढ़ बनाए, न केवल टीवी पर मौसम पूर्वानुमान के प्रदाता के रूप में, बल्कि जलवायु अनुकूलन, उत्पादकता, ऊर्जा परिवर्तन और लोगों के जीवन को सुरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी के प्रदाता के रूप में भी।'' सटीक मौसम पूर्वानुमान के व्यापक आर्थिक निहितार्थों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अच्छे मौसम पूर्वानुमान का मूल्य निवेशकों, व्यवसायों, उत्पादकता, साधन, परिवहन, पर्यटन (और) हर चीज के लिए बहुत बड़ा है। क्या आप किसी ऐसी गतिविधि के बारे में सोच सकते हैं जो मौसम से प्रभावित न हो?'' उन्होंने विकासशील देशों के संदर्भ में चेतावनी दी, ‘‘यदि आप निर्णय लेने की प्रक्रिया में मौसम संबंधी जानकारी का उपयोग नहीं करते हैं, तो आप अपने व्यवसाय से सर्वोत्तम लाभ प्राप्त करने का अवसर खो देते हैं।''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के जाफना में एक सांस्कृतिक केंद्र का नाम तमिल कवि और संत तिरुवल्लुवर के नाम पर रखे जाने का स्वागत किया। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह महान तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि के साथ भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक, भाषाई, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों का प्रमाण है। श्रीलंका स्थित भारतीय दूतावास ने उस समारोह की तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें सांस्कृतिक केंद्र का नामकरण ‘तिरुक्कुरल' के लेखक के नाम पर किया गया। ‘तिरुक्कुरल' तमिल भाषा का एक प्रसिद्ध साहित्य है, जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सूक्तियां दी गई हैं।
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राजौरी/जम्मू. जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को राजौरी जिले के बधाल गांव का दौरा किया जहां दो महीने से भी कम समय में रहस्यमयी परिस्थितियों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने शोकसंतप्त परिवारों से मिलकर उन्हें निर्णायक जांच कराने का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने शोक संतप्त परिवार के लोगों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह गांव, जम्मू कश्मीर और देश के लिए एक बड़ी त्रासदी है। कोई भी सरकार नहीं चाहेगी कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों की मृत्यु हो।'' चौधरी ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया है कि सरकार जारी जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मौतें किसी स्वभाविक कारण से हुई हैं, तो सरकार इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकती। लेकिन अगर यह अन्य कारण से हुई है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। हम पता लगाएंगे कि इन सभी लोगों की जान कैसे गई। हमें उम्मीद है कि वास्तविकता जल्द ही सबके सामने आ जाएगी।'' राजौरी के कोटरंका उपमंडल के बधाल गांव में पिछले साल दिसंबर से अब तक तीन परिवारों के सोलह सदस्यों की मौत हो चुकी है और इनमें से सात लोगों की मौत रविवार से अब तक हुई है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों के तीन घरों को सील कर दिया है और उनके 21 करीबी रिश्तेदारों को कड़ी निगरानी में रखने के लिए सरकारी आवास में स्थानांतरित किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस द्वारा गठित एक विशेष जांच दल मौतों के पीछे के कारणों की जांच कर रहा है। चौधरी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं और यह पता लगाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि ये मौतें स्वभाविक कारणों से हुई हैं या नहीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘प्रभावित परिवारों को मुआवजे का प्रारंभिक भुगतान कर दिया गया है।''
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महाकुंभ नगर. सबसे अधिक 5.30 लाख नागा संन्यासियों वाले जूना अखाड़ा में शनिवार को नागा दीक्षा की शुरुआत हो गई और प्रथम चरण में 1,500 अवधूतों को नागा संन्यासी की दीक्षा दी जा रही है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय मंत्री श्री महंत चैतन्य पुरी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गंगा के तट पर श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के अवधूतों को नागा दीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले चरण में 1,500 अवधूतों को नागा दीक्षा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जूना अखाड़ा, संन्यासी अखाड़ों में सबसे अधिक नागा संन्यासियों वाला अखाड़ा है। इस अखाड़े में निरंतर नागा साधुओं की संख्या बढ़ रही है। नागा संन्यासी बनने में सबसे पहले साधक को ब्रह्मचारी के रूप में रहना होता है और उसे तीन साल तक गुरुओं की सेवा करनी होती है और अखाड़ा के नियमों को समझना होता है। पुरी ने बताया कि इस अवधि में ब्रह्मचर्य की परीक्षा ली जाती है। यदि अखाड़ा और उस व्यक्ति का गुरु इस बात को लेकर निश्चिंत हो जाते हैं कि वह दीक्षा का पात्र हो गया है तो उसे ब्रह्मचारी से महापुरुष और फिर अवधूत बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ में गंगा किनारे उसका मुंडन कराने के साथ उसे 108 बार गंगा नदी में डुबकी लगवाई जाती है और अंतिम प्रक्रिया में उसका पिंडदान और दंडी संस्कार आदि शामिल होता है। पुरी ने बताया कि अखाड़े की धर्म ध्वजा के नीचे अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर उसे नागा दीक्षा देते हैं। प्रयागराज के महाकुंभ में दीक्षा लेने वालों को राज राजेश्वरी नागा, उज्जैन में दीक्षा लेने वालों को खूनी नागा, हरिद्वार में दीक्षा लेने वालों को बर्फानी और नासिक वालों को खिचड़िया नागा के नाम से जाना जाता है। इन्हें अलग-अलग नाम से केवल इसलिए जाना जाता है, जिससे उनकी यह पहचान हो सके कि किसने कहां दीक्षा ली है।
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नई दिल्ली। भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में वे अमेरिकी के अरबपति, राजनेता और मशहूर हस्तियों से मुलाकात करेंगे। उद्योगपति मुकेश अंबानी को ट्रंप के खास मेहमान के तौर पर समारोह का न्योता मिला है।
बताया जाता है कि मुकेश अंबानी शनिवार को वॉशिंगटन डीसी पहुंच गए हैं। उन्होंने ट्रंप के साथ कैंडल लाइट डिनर में भी भाग लिया। सूत्रों ने बताया कि ट्रंप के साथ कैंडल लाइट डिनर में भाग लेने वाले वे एकमात्र भारतीय थे। इस दौरान उन्होंने नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी ऊषा वेंस से भी मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अंबानी दंपती ट्रंप परिवार के निजी आमंत्रित सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।ट्रंप के परिवार से हैं अंबानी के अच्छे संबंधभारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी के परिवार के ट्रंप के परिवार के साथ अच्छे संबंध हैं। 2017 में जब डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप समिट के लिए हैदराबाद आईं तो अंबानी वहां मौजूद थे। जब इवांका राष्ट्रपति ट्रंप की सलाहकार थीं। फरवरी 2020 में जब ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में भारत आए थे तब भी अंबानी मौजूद थे।अनंत-राधिका के प्री वेडिंग में भी आईं थी इवांकामार्च 2024 में गुजरात के जामनगर में मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और मंगेतर राधिका मर्चेंट के प्री वेडिंग समारोह में भी डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका, उनके पति जेरेड कुशनर और उनकी बड़ी बेटी अरेबेला रोज शामिल हुए थे। उन्होंने समारोह में पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर भाग लिया था। वे यहां तीन दिन तक रहे थे।समारोह में भारत का दबदबाशपथ ग्रहण समारोह में वीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए जहां एक ओर अमेरिकी उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों ने आयोजन समिति को एक मिलियन डॉलर से अधिक का चंदा दिया है। वहीं दूसरी ओर भारत का दबदबा बरकरार रखते हुए मुकेश अंबानी को ट्रंप ने व्यक्तिगत निमंत्रण दिया है। शपथ ग्रहण समारोह में मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन और उनकी पत्नी जिल बाइडन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और उनके पति जेंटलमैन डग एम्हॉफ, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन भी भाग लेने की संभावना है।ये भी होंगे शामिलसमारोह में टेक उद्यमी एलन मस्क, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस, एप्पल के मुख्य कार्यकारी टिम कुक और मार्क जुकरबर्ग, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, गूगल के मुख्य कार्यकारी सुंदर पिचाई भाग लेंगे। इनकी कंपनियों ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए एक मिलियन अमेरिकी डॉलर का चंदा दिया है।

























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