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- नयी दिल्ली. रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि जन औषधि बिक्री केन्द्रों के माध्यम से दवाओं की बिक्री, 30 नवंबर, 2024 तक 1,255 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में फार्मास्युटिकल्स विभाग के तहत भारतीय औषधि और चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) की बिक्री नवंबर के अंत तक 1,255 करोड़ रुपये रही, जिससे नागरिकों को लगभग 5,020 करोड़ रुपये की बचत हुई। वर्ष के दौरान, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और असम राइफल्स (सीएपीएफ, एनएसजी और एआर) के साथ कई समझौता ज्ञापनो (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, ताकि सीएपीएफ, एनएसजी और एआर (एमएचए) अस्पतालों में जन औषधि दवाएं लाकर स्वास्थ्य सेवा पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, मॉरीशस में पहला विदेशी जन औषधि केंद्र खोला गया।मंत्रालय ने कहा कि फार्मास्युटिकल्स विभाग ने भी चालू वित्त वर्ष के दौरान 500 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ दवा उद्योग को मजबूत करने के लिए एक योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य देशभर में मौजूदा फार्मा क्लस्टरों और एमएसएमई को उनकी उत्पादकता, गुणवत्ता में सुधार के लिए सहायता प्रदान करना है।
- राजकोट. गुजरात के राजकोट में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को शहर में घुमाने की मांग को लेकर सोमवार को भीड़ ने एक थाने पर पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़ गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (राजकोट ग्रामीण) हिमकर सिंह ने बताया कि विंछिया कस्बे में हुई घटना के सिलसिले में कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सिंह ने कहा, ‘‘भीड़ द्वारा किए गए हमले में पुलिस के तीन कर्मी घायल हुए और करीब दो घंटे बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। हमने हल्का बल प्रयोग किया और करीब 52 लोगों को हिरासत में लिया। हमने आंसूगैस के 10 गोले दागे और लाठीचार्ज किया। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है।'' एसपी ने कहा, ‘‘हमने हत्या के एक मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था, जो पांच दिन की पुलिस हिरासत पर थे। सोमवार सुबह हम उन्हें अपराध स्थल पर ले गए थे। मारे गए व्यक्ति के समुदाय की भीड़ विंछिया पुलिस थाने के बाहर इकट्ठा हुई और आरोपी को पूरे शहर में घुमाने की मांग करने लगी, जो पूरी तरह से अवैध है।'' उन्होंने बताया कि पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ नहीं हटी और उसमें से कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला के साथ अपनी मुलाकात के बाद भारत में कंपनी की महत्वाकांक्षी विस्तार एवं निवेश योजनाओं पर खुशी जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा, ‘‘सत्य नडेला, आपसे मिलकर वास्तव में खुशी हुई। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के महत्वाकांक्षी विस्तार और निवेश योजनाओं के बारे में जानकर खुशी हुई। आपके साथ बैठक में प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष और कृत्रिम मेधा (एआई) के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना भी अद्भुत था।'' नडेला ने इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी को उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘भारत को एआई-फर्स्ट बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने और देश में हमारे निरंतर विस्तार पर साथ काम करने को लेकर उत्साहित हूं। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि एआई मंच की तरफ इस बदलाव से हर भारतीय को लाभ होगा।'' भारतीय मूल के नडेला इस समय तीन दिन की यात्रा पर भारत आए हुए हैं। इस यात्रा पर वह माइक्रोसॉफ्ट के ग्राहकों एवं अन्य हितधारकों को बेंगलुरु एवं दिल्ली में एआई से संबंधित मुद्दों पर संबोधित करेंगे। नडेला पिछली बार फरवरी, 2024 में भारत आए थे। अपनी पिछली यात्रा में उन्होंने देश-दुनिया में इस्तेमाल हो सकने वाले अत्याधुनिक उत्पादों और समाधानों के निर्माण में भारत के डेवलपर समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला था। नडेला ने उस समय लोगों और संगठनों को एआई के युग में सशक्त बनाने के लिए भारत में माइक्रोसॉफ्ट के नए कौशल निवेश की शुरुआत की थी। इस निवेश से माइक्रोसॉफ्ट वर्ष 2025 तक भारत में 20 लाख लोगों को एआई कौशल से लैस करेगी। इसके साथ ही नडेला ने ‘कोड विदाउट बैरियर्स' कार्यक्रम का विस्तार भारत में भी करने की घोषणा की थी। इसके तहत 2024 में 75,000 महिला डेवलपर का कौशल विकास करना था।
- नयी दिल्ली. विमानन कंपनी में चार दशकों तक कमर्शियल पायलट के पद पर सेवा देने के बाद ‘कॉकपिट' को अलविदा कहते हुए कैप्टन देवी शरण ने कहा कि यह बहुत सुखद होता है जब स्वाभाविक रूप से पूर्ण विराम आता है। इंडियन एयरलाइंस की उड़ान संख्या-आईसी814 को आतंकवादियों द्वारा अपरहण किए जाने पर रुपिन कत्याल नामक यात्री की जान न बचाए जाने का अफसोस आज भी कैप्टन देवी शरण को है। साल 1999 में क्रिसमय के पर्व पर हाईजैक हुई इंडियन एयरलाइंस की उड़ान संख्या ‘आईसी-814' के कैप्टन रहे देवी शरण एअर इंडिया से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उन्होंने चार दशक तक इंडियन एयरलाइंस की सेवा की। शरण (65) ने चार जनवरी को मेलबर्न से दिल्ली तक ‘ड्रीमलाइनर' विमान की कमान संभाली थी। यह उनकी आखिरी उड़ान थी। उन्होंने 1985 में पहली बार विमान संचालन किया था। शरण ने कमर्शियल पायलट के तौर पर सेवानिवृत्त होने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यह बहुत खूबसूरत होता है जब पूर्ण विराम स्वाभाविक रूप से आता है... 40 साल बीत गए हैं और इन पलों में मैंने बहुत सारी खूबसूरत यादें संजोई हैं।'' शरण ने विमानन कंपनी में अपने 40 साल के करियर के दौरान चार प्रकार के विमान उड़ाए हैं, जिसमें एयरबस 300, 330 तथा बोइंग 737 और 787 शामिल है। हालांकि, वह पिछले 14 साल से वाइड-बॉडी बोइंग 787 विमान की कमान संभाल रहे थे। कमर्शियल पायलट की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष है।‘कंधार विमान अपहरण' प्रकरण के बाद से देवी शरण को केवल एक ही बात का अफसोस रह गया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा सोचता हूं कि काश मैं (रुपिन) कत्याल को बचा पाता।'' जब उनसे कंधार प्रकरण के बारे में पूछा गया तो कैप्टन ने कहा कि एक कमरे में बैठकर इसके बारे में चर्चा करना बहुत आसान है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी अपहरण एक जैसा नहीं होता और परिस्थिति के अनुसार काम करना पड़ता है। दिशानिर्देश मिल सकते हैं, लेकिन कोई खास बात नहीं हो सकती है। पेशेवर के तौर पर किसी भी खतरे के लिए तैयार रहना पड़ता है।'' काठमांडू से दिल्ली आने वाली ‘इंडियन एयरलाइंस' की उड़ान संख्या आईसी-814 का 24 दिसंबर 1999 को अपहरण कर लिया गया था। जब विमान 26,000 फुट की ऊंचाई पर था तब कैप्टन शरण को विमान में नकाबपोश आतंकवादी की मौजूदगी का पता चला था, जिसके हाथ में एक हथगोला और रिवॉल्वर थी। जब विमान का अपहरण किया गया था तब उसमें 180 यात्री थे और इनमें से अधिकांश को आठ दिनों तक कष्टदायक समय का सामना करना पड़ा था क्योंकि लोगों की जान बचाने के कारण विमान चालक (कैप्टन) को विमान को अमृतसर, लाहौर, दुबई और कंधार में उतारना पड़ा था। हालांकि, इस हादसे में रुपिन की मौत भी हो गई थी। इंडियन एयरलाइंस का 2007 में एयर इंडिया में विलय कर दिया गया।शरण ने सेवानिवृत्ति के मौके पर अपने संदेश में अपने शानदार और यादगार करियर के लिए एयर इंडिया के अपने मित्रों और सहकर्मियों को धन्यवाद दिया। शरण ने उन यात्रियों का भी आभार जताया, जिन्होंने वर्षों तक उन्हें (शरण) विमान संचालन का मौका दिया। ‘एयर इंडिया' ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें शरण के विमानन कंपनी के साथ बिताए गए दिनों की झलकियां दिखाई गई हैं। कंपनी ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, ‘‘आसमान सिर झुकाता है, रनवे विमान ‘आईसी-814' के कैप्टन को सलाम करता है।'' जब उनसे युवा पीढ़ी को कुछ संदेश दिए जाने के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि शरण ने कहा कि निरंतरता, धैर्य और कड़ी मेहनत बहुत महत्वपूर्ण है। विमानन कंपनी से सेवानिवृत्ति के बाद उनकी अगली योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं लंबी छुट्टियों की योजना बना रहा हूं।
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी बजट की तैयारियों को लेकर उद्योग और सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों समेत विभिन्न पक्षों के साथ परामर्श का दौर सोमवार को पूरा कर लिया। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट को लेकर परामर्श की प्रक्रिया एक महीने तक चली। इस प्रक्रिया की शुरुआत छह दिसंबर, 2024 को हुई थी और छह जनवरी, 2025 को यह पूरी हो गई। बयान के अनुसार, ‘‘विचार-विमर्श के तहत विभिन्न क्षेत्रों के नौ समूहों के साथ बैठकें हुईं। इनमें 100 से अधिक आमंत्रित प्रतिनिधि शामिल हुए। इन बैठकों में किसान संगठनों एवं कृषि अर्थशास्त्रियों, श्रमिक संगठनों, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञ, एमएसएमई, व्यापार और सेवाओं, उद्योग, अर्थशास्त्रियों, वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए।'' इन परामर्श बैठकों में पूंजी बाजार के साथ बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और शहरी क्षेत्र के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सीतारमण ने बहुमूल्य सुझाव साझा करने के लिए प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि केंद्रीय बजट 2025-26 तैयार करते समय उनके सुझावों पर सावधानीपूर्वक गौर किया जाएगा। इसके अलावा 10 जनवरी से लोग केंद्रीय बजट 2025-26 के बारे में अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार ‘माईगॉव' मंच पर साझा कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि नागरिकों को इस वार्षिक पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसका उद्देश्य 'जनभागीदारी' की भावना के साथ प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाना। वित्त मंत्रालय और माईगॉव पोर्टल देशभर के नागरिकों से नवोन्मेषी और रचनात्मक सुझाव प्राप्त करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। लोग माईगॉव मंच पर जाकर अपने सुझाव दे सकते हैं। इन बैठकों में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, वित्त विभाग और दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडेय, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू, संबंधित मंत्रालयों के सचिव, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और वित्त मंत्रालय एवं संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। आम बजट 2025-26 एक फरवरी को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। यह सीतारमण का लगातार आठवां बजट और नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट होगा।
- नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मसौदा मानदंडों के अनुसार, उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ-साथ लोक प्रशासन, लोक नीति और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ पेशेवर भी कुलपति के रूप में नियुक्ति के लिए जल्द ही पात्र होंगे। नये दिशा-निर्देश विश्वविद्यालयों में संकाय सदस्यों की नियुक्ति के मानदंडों में भी संशोधन करेंगे, जिनके तहत कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ ‘मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग' (एम.ई.) और ‘मास्टर्स ऑफ टेक्नोलॉजी' (एम.टेक.) में स्नातकोत्तर डिग्री रखने वाले लोगों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) उत्तीर्ण किए बिना सहायक प्रोफेसर स्तर पर सीधे भर्ती किए जा सकने की अनुमति मिल जाएगी। मसौदा मानदंड उम्मीदवारों को उनकी उच्चतम शैक्षणिक विशेषज्ञता के आधार पर पढ़ाने की अनुमति भी देंगे। उदाहरण के लिए, रसायन विज्ञान में पीएचडी, गणित में स्नातक और भौतिकी में स्नातकोतर डिग्री वाला उम्मीदवार अब रसायन विज्ञान पढ़ाने के लिए योग्य होगा। इसी तरह, जो व्यक्ति अपने पूर्व के शैक्षणिक विषयों से अलग किसी विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा पास करते हैं, वे उस विषय को पढ़ा सकेंगे जिसमें उन्होंने नेट के लिए अर्हता प्राप्त की थी। यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार के अनुसार, यूजीसी (विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा में मानकों के रखरखाव के लिए उपाय) विनियम, 2025, 2018 के दिशानिर्देशों का स्थान लेंगे। इससे पहले, कुलपति पद के लिए उम्मीदवारों का ऐसा प्रतिष्ठित शिक्षाविद होना आवश्यक था, जिनके पास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में या प्रमुख अनुसंधान या शैक्षणिक प्रशासनिक भूमिका में कम से कम 10 साल का अनुभव हो। अब, उद्योग, सार्वजनिक प्रशासन, सार्वजनिक नीति या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कम से कम 10 साल के वरिष्ठ स्तर के अनुभव वाले ऐसे व्यक्ति भी कुलपति के पद के लिए भी पात्र हैं जिनका शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा है।
- बेंगलुरु. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक इंजीनियर और उसकी पत्नी ने यहां अपने किराये के मकान में अपने दो नाबालिग बच्चों की कथित तौर पर हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अनूप कुमार (38), उनकी पत्नी राखी (35), उनकी पांच वर्षीय बेटी और दो वर्षीय बेटे के रूप में की गई है। पुलिस को संदेह है कि दंपति ने पहले अपने बच्चों को जहर दिया और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह दंपति घर में फंदे से लटके पाए गए और आत्महत्या के पीछे का कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। अनूप कुमार एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट के तौर पर काम करता था। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला यह परिवार पिछले दो साल से वर्तमान पते पर रह रहा था।पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना का पता सोमवार सुबह तब चला जब घरेलू सहायिका काम पर आई। बार-बार कोशिश करने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर महिला ने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मकान में दाखिल हुई तब शव मिले। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के पीछे एक कारण वित्तीय लेनदेन बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अनूप कुमार ने किसी को व्यापार या जमीन के सौदे के लिए पैसे उधार दिए थे, लेकिन उनके साथ धोखाधड़ी हुई। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में अपने भाई को एक ई-मेल लिखा है, जिसकी पुष्टि की जानी है।उन्होंने बताया कि दंपत्ति अपनी बेटी को लेकर भी परेशान थे, जो दिव्यांग बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक वास्तविक कारण का पता नहीं चल पाया है। पुलिस उपायुक्त (मध्य बेंगलुरु) शेखर एच. टेक्कन्नावर ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने मृतक के परिवार को सूचित कर दिया है और उनके यहां आने का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
- इंदौर . इंदौर को देश का पहला भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लक्ष्य से जुड़ी अनूठी इनामी योजना का लाभ लेने के लिए स्थानीय लोग भिखारियों के बारे में प्रशासन को फोन करके सूचना दे रहे हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने शहर में भीख लेने के साथ ही भीख देने और भिखारियों से कोई सामान खरीदने पर कानूनी रोक लगा दी है और इस प्रतिबंध के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान किया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन के दो जनवरी को जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में भिक्षावृत्ति की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है। उन्होंने बताया कि भिखारियों के बारे में प्रशासन को सूचना देने के लिए एक मोबाइल नम्बर भी जारी किया गया है। जिलाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि पिछले चार दिनों में करीब 200 व्यक्तियों ने इस नंबर पर फोन करके प्रशासन को भिखारियों के बारे में सूचना दी है जिनमें से 12 लोगों की सूचना जांच में सही पाई गई है। उन्होंने बताया, ‘‘इन 12 में से छह लोगों को सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय बुलाकर उन्हें 1,000-1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। भिखारियों के बारे में सही सूचना देने वाले दूसरे लोगों को भी यह राशि प्रदान की जाएगी।'' अधिकारियों ने बताया कि भिक्षावृत्ति के खिलाफ प्रशासन के जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस कानूनी प्रावधान के तहत दोषी को एक वर्ष तक के कारावास या 5,000 रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं से दण्डित किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, गुजरे चार महीनों के दौरान शहर में भिक्षावृत्ति में शामिल करीब 400 लोगों को पुनर्वास के लिए एक आश्रय स्थल भेजा गया है, जबकि 64 बच्चों को बाल देखरेख संस्थान पहुंचाया गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के 10 शहरों को भिक्षुकमुक्त बनाए जाने की प्रायोगिक (पायलट) परियोजना शुरू की है जिनमें इंदौर शामिल है।
- नयी दिल्ली. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कर्नाटक में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामलों का पता लगाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि तीन महीने की बच्ची को ‘ब्रोंकोन्यूमोनिया' की शिकायत थी और उसे बेंगलुरु के बैपटिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसके एचएमपीवी से संक्रमित होने का पता चला था। उसे पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ‘ब्रोन्कोन्यूमोनिया' से पीड़ित आठ महीने के एक शिशु को तीन जनवरी को बैपटिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद जांच में उसके एचएमपीवी से संक्रमित होने का पता चला। बताया जाता है कि शिशु के स्वास्थ्य में अब सुधार है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दोनों मरीजों का कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा का इतिहास नहीं है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि एचएमपीवी का संक्रमण पहले से ही भारत सहित कई देशों में फैल रहा है तथा विभिन्न देशों में इससे संबंधित श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले सामने आए हैं। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, आईसीएमआर और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) नेटवर्क के वर्तमान आंकड़ों के आधार पर यह पता चलता है कि देश में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) या गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है। मंत्रालय ने कहा कि वह सभी उपलब्ध निगरानी माध्यमों के जरिए स्थिति की निगरानी कर रहा है और आईसीएमआर पूरे साल एचएमपीवी संक्रमण के रुझानों पर नजर रखेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पहले से ही चीन में स्थिति के बारे में समय पर अद्यतन सूचनाएं दे रहा है ताकि संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में और अधिक जानकारी मिल सके। मंत्रालय ने कहा कि देश भर में हाल में की गई तैयारियों से पता चलता है कि भारत श्वसन संबंधी बीमारियों में किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय तुरंत लागू किए जा सकते हैं।
- महाकुम्भ नगर. मेला पुलिस ने महाकुम्भ मेले में बम धमाका करने की धमकी देने के आरोपी छात्र से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि उसने अपने सहपाठी को फंसाने के लिए उसका फर्जी इंस्टाग्राम एकाउंट बनाया और महाकुम्भ में विस्फोट की धमकी का संदेश पोस्ट कर दिया। आरोपी छात्र को पुलिस ने शनिवार को बिहार के पूर्णिया में हिरासत में ले लिया और रविवार को उसे प्रयागराज लाकर पूछताछ की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुम्भ) राजेश द्विवेदी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी किशोर कक्षा 11वीं का छात्र है और उसने किसी बात को लेकर अपने सहपाठी को फंसाने के लिए उसके नाम का फर्जी इंस्टाग्राम एकाउंट बनाकर यह धमकी भरा संदेश वायरल किया। उन्होंने बताया कि आरोपी छात्र ने अपने दोस्त के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर उसके जरिए अपमानजनक और भड़काऊ पोस्ट साझा की जिसमें महाकुम्भ में 1000 लोगों को मारने की धमकी दी गई थी। द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में मेला कोतवाली थाना में बीएनएस और आईटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और तीन टीमों को इस मामले की जांच में लगाया गया था। उन्होंने बताया कि रविवार को आरोपी नाबालिग छात्र को संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
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नयी दिल्ली.श्रमिक संगठनों ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में ईपीएफओ के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को पांच गुना करने, आठवें वेतन आयोग के तत्काल गठन और अत्यधिक अमीर लोगों (सुपर रिच) पर अधिक कर लगाने की सोमवार को मांग की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अपनी परंपरागत बजट-पूर्व बैठक में श्रमिक संगठनों के नेताओं ने आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये सालाना करने, अस्थायी कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना लाने और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की भी मांग की। सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगी। इस क्रम में वह विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर रही हैं। ट्रेड यूनियन को-आर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) के राष्ट्रीय महासचिव एसपी तिवारी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार को सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की पहल पर रोक लगानी चाहिए और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि जुटाने के लिए बेहद अमीर लोगों पर अतिरिक्त दो प्रतिशत कर लगाना चाहिए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा दिए जाने और उनकी न्यूनतम मजदूरी भी तय किए जाने की मांग रखी। भारतीय मजदूर संघ के संगठन सचिव (उत्तरी क्षेत्र) पवन कुमार ने कहा कि कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (ईपीएस-95) के तहत देय न्यूनतम पेंशन को पहले 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 5,000 रुपये मासिक किया जाना चाहिए और फिर इसमें वीडीए (परिवर्तनीय महंगाई भत्ता) को भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पेंशन से होने वाली आय को कर से मुक्त किए जाने की मांग भी सरकार से की। कुमार ने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे को संशोधित करने के लिए आठवें वेतन आयोग का तत्काल गठन किया जाना चाहिए। श्रमिक संगठन भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के राष्ट्रीय सचिव स्वदेश देव रॉय ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि फरवरी, 2014 में सातवें वेतन आयोग का गठन होने के बाद से 10 साल से अधिक समय बीत चुका है। देव रॉय ने सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों में स्थायी कर्मचारियों की संख्या में आई भारी गिरावट पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में इन उपक्रमों में 21 लाख स्थायी कर्मचारी थे लेकिन 2023-24 में यह संख्या घटकर आठ लाख से थोड़ी अधिक रही। नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (एनएफआईटीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के लिए अलग से बजट आवंटन की मांग की। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नए जम्मू रेलवे डिवीजन के उद्घाटन सहित रेल से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मोदी ने तेलंगाना में चारलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन का भी उद्घाटन किया और पूर्वी तटीय रेलवे के रायगडा रेलवे डिवीजन भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले दशक में रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन, रेलवे की अवसंरचना में स्पष्ट बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हाईस्पीड ट्रेन की मांग बढ़ रही है और वह समय दूर नहीं है जब भारत में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, जम्मू रेलवे डिवीजन के निर्माण से 742.1 किलोमीटर लंबे पठानकोट, जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर, बारामूला, भोगपुर, सिरवाल और बटाला-पठानकोट और पठानकोट से जोगिन्दर नगर खंडों को महत्वपूर्ण लाभ होगा, जिससे लोगों की लंबे समय से लंबित आकांक्षा पूरी होगी और भारत के अन्य हिस्सों से संपर्क में सुधार होगा। बयान में कहा गया है कि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बुनियादी ढांचे का विकास होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा। तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरी जिले में चारलापल्ली न्यू टर्मिनल स्टेशन को प्रवेश के नये प्रावधान के साथ एक नए कोचिंग टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया है। इसकी लागत लगभग 413 करोड़ रुपये है। अच्छी यात्री सुविधाओं वाले इस पर्यावरण अनुकूल टर्मिनल से सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचीगुडा जैसे शहर के मौजूदा कोचिंग टर्मिनलों पर भीड़-भाड़ कम होगी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान पूर्व तटीय रेलवे के रायगढ़ रेलवे डिवीजन भवन की आधारशिला भी रखी। बयान में कहा गया है कि यह ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में संपर्क में सुधार करेगा और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतिनिधित्व करेगा।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत में विश्व की स्वास्थ्य एवं आरोग्य राजधानी बनने की अपार क्षमता है और वह दिन दूर नहीं जब दुनिया ‘मेक इन इंडिया' के साथ-साथ ‘हील इन इंडिया' को भी मंत्र के रूप में अपनाएगी। मोदी ने यह टिप्पणी रोहिणी में केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान के नये भवन की डिजिटल तरीके से आधारशिला रखते हुए की और इसे "आयुर्वेद की अगली बड़ी छलांग" करार दिया। समारोह में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 187 करोड़ रुपये के निवेश से 2.92 एकड़ में फैली नयी सुविधा में 100 बिस्तरों वाला एक अस्पताल होगा जो आयुर्वेद अनुसंधान को आगे बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित होगा। गरीब से गरीब व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराने पर केंद्र के जोर का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार आयुष और आयुर्वेद जैसी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में आयुष पद्धति का विस्तार 100 से अधिक देशों में किया गया है। मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का पहला संस्थान भारत में स्थापित किया जा रहा है। मोदी ने कहा कि उन्होंने कुछ सप्ताह पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के दूसरे चरण का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि आज केन्द्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान की नींव रखी गई है और इसके लिए उन्होंने दिल्ली के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की राजधानी बनने की अपार संभावनाएं हैं और वह दिन दूर नहीं जब दुनिया 'मेक इन इंडिया' पहल की तरह 'हील इन इंडिया' को मंत्र के रूप में अपनाएगी। मोदी ने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में आयुष उपचार का लाभ उठाने में सुविधा प्रदान करने के लिए विशेष आयुष वीजा सुविधा शुरू की गई है और बहुत कम समय में सैकड़ों विदेशी नागरिकों को इस सुविधा का लाभ मिला है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जाधव ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘यह सुविधा अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाएगी, तथा देश भर में लाखों लोगों के जीवन पर स्थायी प्रभाव डालेगी।
- रांची. इस साल गणतंत्र दिवस पर नयी दिल्ली में आयोजित परेड में झारखंड अपनी झांकी में उद्योगपति और देश के पहले इस्पात शहर जमशेदपुर के सूत्रधारों में से एक दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा को राज्य की ओर से श्रद्धांजलि देगा। झारखंड उन 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल होगा जो 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी झांकियां प्रदर्शित करेंगे। झारखंड सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य ने अपनी समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक विविधता और विकासात्मक प्रगति को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के लिए सावधानीपूर्वक तैयारियां की हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘इस वर्ष झारखंड की झांकी में राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा को राज्य की श्रद्धांजलि प्रदर्शित की जाएगी, साथ ही राज्य की जीवंत संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और शिक्षा के माध्यम से महिलाओं के बढ़ते सशक्तिकरण पर भी प्रकाश डाला जाएगा। चयन प्रक्रिया के दौरान झांकी के डिजाइन की रचनात्मकता और प्रासंगिकता की सराहना की गई है।'' गत वर्षों में झारखंड की झांकी राज्य की पहचान के अन्य पहलुओं पर केंद्रित रही थी।पिछले साल झांकी में राज्य के प्रसिद्ध टसर सिल्क का प्रदर्शन किया गया था, जबकि 2023 की झांकी में देवघर के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर को दर्शाया गया था। बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे, जिसमें बहु-चरणीय चयन प्रक्रिया के तहत गणतंत्र दिवस परेड के लिए अंतिम 15 प्रतिभागियों का चयन किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान झारखंड की झांकी के डिजाइन को व्यापक सराहना मिली। बयान के मुताबिक चयनित राज्यों को 19 जनवरी 2025 तक अपनी झांकियां पूरी करनी हैं, तथा 23 जनवरी को पूर्ण पूर्वाभ्यास निर्धारित है। दिवंगत रतन टाटा का योगदान झारखंड के विकास में महत्वपूर्ण माना जाता है, जो एक पिछड़ा क्षेत्र था और 2000 में एक राज्य बना। टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नुसरवानजी टाटा के नाम पर झारखंड के इस शहर का नाम जमशेदपुर रखा गया। यह दिवंगत रतन टाटा की दूरदृष्टि थी जिसने जमशेदपुर के विकास को गति दी और इसे वैश्विक मानचित्र पर ला खड़ा किया। उन्होंने पहली बार 1963 में जमशेदपुर का दौरा किया था, ताकि यह देख सकें कि टाटा स्टील, कैसे काम करती है। इसके बाद उन्होंने 1965 में अपने प्रशिक्षण कौशल को निखारने के लिए शहर का दौरा किया। रतन टाटा 1993 में टाटा स्टील के चेयरमैन बने। उनका पिछले साल नौ अक्टूबर को निधन हो गया।
- सागर द्वीप. पश्चिम बंगाल सरकार ने 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर गंगासागर में पवित्र स्नान की तैयारियों के तहत दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप और उसके आसपास लगभग 13,000 पुलिस कर्मियों को तैनात करने का फैसला किया है। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अधिकारी ने कहा कि गंगासागर मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने में अभी दो-तीन दिन का समय और लगेगा। अधिकारी ने बताया, “हमने इस साल मेले के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए हैं। इस वर्ष अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है, क्योंकि हमें बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं के यहां पहुंचने की उम्मीद है।” उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सादे पोशाक वाले सुरक्षाकर्मियों को भी सागर द्वीप और उसके आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, पिछले वर्षों की तरह प्रशासन इस साल भी तटरक्षक बल की मदद से तटों की निगरानी करेगा और मेला क्षेत्र में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवान भी मौजूद रहेंगे। जिला प्रशासन के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सागर द्वीप के चारों ओर, खासकर कचुबेरिया से मेला क्षेत्र तक और कपिल मुनि आश्रम के आसपास अतिरिक्त लाइट लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र और आसपास के इलाकों की हलचल पर कड़ी नजर रखने के लिए अतिरिक्त टावर स्थापित किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, “प्रशासन ने कुल 1,150 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। यहां डीएसपी (पुलिस उपायुक्त) रैंक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, नागरिक स्वयंसेवक और राज्य आपदा प्रबंधन के कर्मी भी मौजूद रहेंगे।” मकर संक्रांति के दौरान गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर डुबकी लगाने के लिए सागर द्वीप पर बड़ी संख्या में देशी-विदेशी श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं।
- जयपुर. राजस्थान सरकार ने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए पहली बार सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर्स' के लिए नव प्रसारक नीति जारी की है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी इस नीति में नव प्रसारकों के लिए दो श्रणियां बनाई गई हैं। श्रेणी ‘ए' में एक लाख से अधिक ‘सब्सक्राइबर' अथवा ‘फॉलोअर्स' वाले सोशल मीडिया ‘इनफ्लुएंसर्स' को और श्रेणी ‘बी' में न्यूनतम सात हजार से एक लाख तक ‘सब्सक्राइबर' अथवा ‘फॉलोअर्स' वाले सोशल मीडिया ‘इनफ्लुएंसर्स' को रखा गया है। एक सरकारी बयान के अनुसार जिला स्तर पर प्रत्येक श्रेणी में एक-एक नव प्रसारक और संभाग स्तर पर श्रेणी ‘ए' में दो एवं ‘बी' में एक नव प्रसारक का चयन किया जाएगा। नव प्रसारक ‘फेसबुक', ‘एक्स', ‘इंस्टाग्राम' और ‘यूट्यूब' में से अपने कम से कम दो सोशल मीडिया अकाउंट्स पर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और निर्णयों से संबंधित एक पोस्ट प्रतिदिन ‘अपलोड' करेंगे। साथ ही, सरकार के विभिन्न सोशल मीडिया ‘हैंडल्स' के पोस्ट्स को प्रतिदिन ‘शेयर' अथवा ‘री-पोस्ट' कर योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे। विभाग इन ‘इन्फ्लुएंसरों' को विषय सामग्री निर्माण, वीडियो और ऑडियो संपादन, एसईओ, सोशल मीडिया प्रबंधन और ब्रांडिंग कौशल में प्रशिक्षण देकर सहायता करेगा। बयान के अनुसार "उन्हें इन कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अपने प्लेटफार्मों पर सरकारी सामग्री को साझा करने या फिर से पोस्ट करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।" राजस्थान भर में कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने में सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर्स' को शामिल करने के लिए राज्य बजट 2024-25 में नीति की घोषणा की गई थी।
- नयी दिल्ली. भारत ने देश के शैक्षणिक संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विदेशी छात्रों के लिए दो विशेष श्रेणी के वीजा शुरू किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि गृह मंत्रालय ने 'ई-छात्र वीजा' और 'ई-छात्र-एक्स' वीजा पेश किए हैं और सभी आवेदकों को सरकार द्वारा शुरू किए गए 'स्टडी इन इंडिया' (एसआईआई) पोर्टल का उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि ई-छात्र वीजा सुविधा का लाभ एसआईआई पोर्टल पर पंजीकृत पात्र विदेशी छात्र उठा सकते हैं, जबकि ई-छात्र-एक्स वीजा का लाभ ई-छात्र वीजा धारकों के साथ रहने वालों को मिलेगा। एसआईआई पोर्टल से उन विदेशी छात्रों की दाखिला प्रक्रिया सुविधाजनक बनेगी जो भारत में दीर्घकालिक या अल्पकालिक कोर्स करना चाहते हैं। छात्रों को ‘इंडियन वीजा ऑनलाइन' पोर्टल पर अलग से वीजा के लिए आवेदन करना होगा, लेकिन उनके आवेदन की प्रामाणिकता एसआईआई आईडी द्वारा जांची जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि इसलिए छात्रों के लिए एसआईआई वेबसाइट के माध्यम से भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों में आवेदन करना अनिवार्य है। अधिकारियों ने बताया कि ई-छात्र वीजा ऐसे विदेशी नागरिकों को दिया जाएगा, जो भारत में अध्ययन के लिए दाखिला लेंगे और जो भारत में वैधानिक व नियामक निकाय द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में नियमित, पूर्णकालिक, स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और ऐसे अन्य औपचारिक प्रोग्राम में अध्ययन करना चाहते हैं। पाठ्यक्रम की अवधि के आधार पर पांच साल तक के लिए छात्र वीजा जारी किए जाएंगे। वीजा की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
- महाकुम्भ नगर. एक सप्ताह में प्रारंभ होने जा रहे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागम में साधु संत अपनी कुटिया लगभग बसा चुके हैं। ऐसे में इस मेले में एक ऐसे संत भी हैं जो कुटिया में नहीं, बल्कि एक बस में प्रवास करते हैं जहां एक संपूर्ण देवालय भी स्थापित है। सेक्टर-18 में संगम लोअर मार्ग पर अलोपशंकरी चौराहे के पास बन रहे शिविर में पिछले एक माह से खड़ी सफेद रंग की बस सभी का ध्यान आकर्षित कर रही है जिसमें कथित तौर पर विश्व का सबसे वजनी ‘स्फटिक' शिवलिंग रखा है। स्वामी सच्चिदानंद चैतन्य जी ने बताया, ‘‘वर्ष 1992 में उज्जैन सिंहस्थ कुम्भ के लिए उनके गुरु जी श्री लक्ष्मण चैतन्य ब्रह्मचारी जी ने यह बस तैयार कराई थी जिसे उन्होंने नाम दिया ‘श्री श्री हरसिद्धी'। यह बस हर सिद्धियों की प्रदाता है। इसके बाद उन्होंने संपूर्ण तीर्थों का भ्रमण किया।'' डा. श्री लक्ष्मण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज, धर्म सम्राट स्वामी श्री करपात्री जी महाराज के उत्तराधिकारी शिष्य थे और वाराणसी में अखिल भारतीय धर्म संघ के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे थे। उन्होंने बताया, “गुरु जी ने बस के ऊपर एक चौकोर टंकी बनवाई थी जिसमें उन्होंने उन सभी तीर्थों, सरोवरों का पवित्र जल एकत्र किया जिनका शास्त्रों, पुराणों में वर्णन है। फिर सभी 12 ज्योतिर्लिंगों का इस जल से अभिषेक किया और यहां रखे स्फटिक के शिवलिंग का उन 12 ज्योतिर्लिंगों से स्पर्श कराया।” स्वामी सच्चिदानंद चैतन्य ने बताया कि 2001 में गुरु जी काशी में ब्रह्मलीन हो गए जिसके बाद उनकी शिष्या गुरु मां डॉ. कल्याणी चैतन्य ब्रह्मचारिणी (अम्मा जी) ने भी अपना पूरा जीवन इसी बस में व्यतीत किया और 2023 में गुरु मां ने भी शरीर त्याग दिया। उन्होंने बताया कि गुरु जी और गुरु माता ने इसी बस में जप-तप किया, तीर्थ यात्रा की। उन्होंने बताया, ‘‘पहले इस बस में रसोई, शौचालय सभी सुविधाएं थीं। इस बस में पीछे का हिस्सा खोलकर इसे मंच का रूप दिया जा सकता है। इस बस में ही शुद्धता के साथ भोजन प्रसाद तैयार करने के लिए अनाज के भंडारण की व्यवस्था है।'' स्वामी सच्चिदानंद चैतन्य ने बताया कि इतने पुराने मॉडल की इस गाड़ी का टाटा के पास कोई सामान (कल पुर्जा) नहीं है, लेकिन मैकेनिक इतनी पुरानी गाड़ी (टाटा 1210 मॉडल) का दर्शन करके आनंदित हो जाते हैं और कहीं ना कहीं से जुगाड़ कर गाड़ी बना देते हैं। बस में रखे स्फटिक शिवलिंग के बारे में उन्होंने बताया कि यह शिवलिंग उनके गुरु ने इस बस में स्थापित किया जिसका वजन 65 किलो है और दावा किया कि यह विश्व का सबसे बड़ा स्फटिक का शिवलिंग है।
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जम्मू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवगठित जम्मू रेल मंडल का ऑनलाइन माध्यम से सोमवार को उद्घाटन करेंगे। इससे भारत के सुदूर उत्तरी क्षेत्र में रेल सेवाओं के कुशल प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त होगा। जम्मू में नये रेल मंडल की स्थापना के साथ ही इस क्षेत्र के लोगों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांग पूरी हो गई है। यह अहम घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब कटरा से कश्मीर के लिए बहुप्रतीक्षित ट्रेन सेवाओं के उद्घाटन से पहले मंगलवार को अंतिम परीक्षण होना है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री कल नयी दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से जम्मू रेल मंडल का उद्घाटन करेंगे।'' जम्मू में आयोजित कार्यक्रम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सांसद जुगल किशोर शर्मा शामिल होंगे और इसे संबोधित करेंगे। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के भी इसमें हिस्सा लेने की उम्मीद है। जम्मू मुख्यालय वाले इस नवनिर्मित मंडल के साथ फिरोजपुर मंडल का पुनर्गठन होगा।
जम्मू रेल मंडल में पठानकोट-जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला (423 किलोमीटर मार्ग), भोगपुर-सिरवाल-पठानकोट (87.21 किमी), बटाला (छोड़कर)-पठानकोट (68.17 किमी) और पठानकोट-जोगिंदर नगर (छोटी लाइन, 163.72 किमी) शामिल हैं। जम्मू रेल मंडल के तहत आने वाले रेल खंडों की कुल लंबाई 742.1 किमी होगी। वर्तमान में, भारतीय रेलवे देश भर में 17 जोन और 68 मंडलों के माध्यम से अपना ट्रेन सेवाओं का परिचालन करता है। नव गठित मंडल भारत की प्रतिष्ठित रेल परियोजनाओं के संचालन की देखरेख करेगा, जिसमें देश का पहला केबल-आधारित रेल पुल, अंजी खाद पुल और कौरी में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे मेहराब पुल शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के दस साल के शासन को ‘‘आपदा'' करार दिया और कहा कि इसके सत्ता से हटने से ही राजधानी में सुशासन का राज स्थापित होगा। राजधानी के रोहिणी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘परिवर्तन रैली' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पार्टी उम्मीदवारों के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में दिल्ली का दिल जीतने का सबसे ‘‘स्वर्णिम अवसर'' बताया और जनता से दिल्ली को ‘‘आप-दा'' से मुक्ति दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘बीते 10 साल में दिल्ली ने जिस तरह की राज्य सरकार देखी है, वो किसी ‘आप-दा' से कम नहीं है। यह एहसास आज दिल्ली वालों को अच्छे से हो चुका है। इसलिए अब दिल्ली में एक ही आवाज़ गूंज रही है- ‘आप-दा' नहीं सहेंगे... बदल के रहेंगे।'' प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से कहा कि दिल्ली के उज्ज्वल भविष्य के लिए वह भाजपा को अवसर दें क्योंकि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी ही राजधानी का विकास कर सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, ओडिशा, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भाजपा की चुनावी जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने विश्वास जताया कि इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत होगी। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ही दिल्ली को दुनिया की बेहतरीन राजधानी का गौरव दिला सकती है। भाजपा ने अपने बेहतरीन उम्मीदवार उतारे हैं। मैं सभी उम्मीदवारों से भी कहूंगा कि दिल्ली का दिल जीतने का यह सबसे स्वर्णिम अवसर है। आप जुट जाइए और दिल्ली को ‘आप-दा' से मुक्ति दिलाइए।'' मोदी ने कहा कि जिस ‘आप-दा' सरकार के पास दिल्ली के लिए कोई दृष्टिकोण न हो और जिसे दिल्ली की परवाह न हो, वह दिल्ली के लोगों का विकास नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि आज भी दिल्ली को आधुनिक बनाने के लिए जितने भी काम हैं, वह केंद्र की भाजपा सरकार ही कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप-दा वालों के काम का कोई हिसाब नहीं है, लेकिन इनके कारनामे बेहिसाब हैं। ये तब होता है जब नीयत में खोट होता है और जनता के प्रति निष्ठा नहीं होती है। ये ‘आप-दा' वाले दिल्ली चुनाव में अपनी हार सामने देखकर बौखला गए हैं, झूठ फैला रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार झूठे आरोप लगाती है कि केंद्र सरकार उसे काम नहीं करने देती है या फिर केंद्र सरकार उन्हें पैसे नहीं देती है। उन्होंने कहा, ‘‘... ये कितने बड़े झूठे हैं...इसका उदाहरण इनका शीशमहल है। आज ही एक बड़े अखबार ने सीएजी रिपोर्ट के आधार पर शीशमहल पर हुए खर्च का खुलासा किया है। जब दिल्ली के लोग कोरोना से जूझ रहे थे, तब दिल्ली के लोग ऑक्सीजन और दवाओं के लिए भटक रहे थे, तब इन लोगों का पूरा फोकस अपना शीशमहल बनवाने पर था।'' मोदी ने कहा, ‘‘इन्होंने शीशमहल का भारी भरकम बजट बनाया। यही इनकी सच्चाई है... इन्हें दिल्ली के लोगों की कोई परवाह नहीं है।
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नयी दिल्ली. खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने गुजरात के पोरबंदर में ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम का नेतृत्व किया जबकि ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने गुवाहाटी से इस पहल का समर्थन किया। मांडविया के साथ 150 से अधिक साइकिल सवारों ने उनके लोकसभा क्षेत्र पोरबंदर के उपलेटा में म्यूनिसिपल आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से तालुका स्कूल क्रिकेट ग्राउंड तक पांच किलोमीटर का सफर तय किया। तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता बोरगोहेन देश के विभिन्न हिस्सों से अन्य प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के साथ गुवाहाटी में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के क्षेत्रीय केंद्र से साइकिलिंग पहल में शामिल हुईं। पूर्व राष्ट्रमंडल हैवीवेट कुश्ती चैंपियन संग्राम सिंह ने भी दिल्ली में इस कार्यक्रम में भाग लेकर अपना समर्थन देने का संकल्प लिया। पिछले महीने मांडविया द्वारा शुरू किए जाने के बाद से देश भर में 2500 से अधिक स्थानों पर साइकिलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है। मांडविया ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘साइकिल चलाना प्रदूषण का समाधान है। यह अच्छे स्वास्थ्य का मंत्र है। सभी को साइकिल चलानी चाहिए क्योंकि यह फिट रहने के लिए फायदेमंद है। आप एक ग्रुप बना सकते हैं और साथ में साइकिल चला सकते हैं। '' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2019 में ‘फिट इंडिया' पहल की शुरुआत की थी। खेल मंत्रालय भारतीय साइकिलिंग महासंघ (सीएफआई) और ‘माई भारत' के सहयोग से ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' का आयोजन करता है।
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भुवनेश्वर. पुरी में जगन्नाथ मंदिर के ऊपर रविवार तड़के एक ड्रोन देखे जाने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। ड्रोन तड़के करीब 4:10 बजे मंदिर के ऊपर देखा गया और यह करीब आधे घंटे तक मंडराता रहा, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं उत्पन्न हो गईं, क्योंकि यह क्षेत्र उड़ान निषिद्ध क्षेत्र है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की जांच के लिए अलग-अलग टीम गठित की गई हैं।
कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने चिंता जताते हुए कहा, ‘‘मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘पुरी एसपी (पुलिस अधीक्षक) ने टीम गठित करके घटना की जांच शुरू कर दी है। मुझे उम्मीद है कि संबंधित व्यक्ति की पहचान कर ली जाएगी और ड्रोन जब्त कर लिया जाएगा।'' हरिचंदन ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार मंदिर परिसर के चारों ओर स्थित चार निगरानी टावरों पर चौबीसों घंटे पुलिस कर्मियों को तैनात करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘‘संदेह है कि किसी व्लॉगर ने मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ाया होगा। हालांकि, इसके पीछे गलत इरादा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। -
पोरबंदर. गुजरात के पोरबंदर के बाहरी इलाके में स्थित हवाई अड्डे पर रविवार दोपहर उतरने के दौरान भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई जिससे चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पोरबंदर के पुलिस अधीक्षक भागीरथसिंह जडेजा ने बताया कि यह घटना दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर हुई जब आईसीजी का ‘एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर' (एएलएच) नियमित उड़ान से लौट रहा था। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के रनवे पर उतरने की कोशिश करते समय हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उसमें आग लग गई। बाद में दमकल की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। जडेजा ने बताया कि चालक दल के तीनों सदस्यों को हेलीकॉप्टर से गंभीर हालत में बाहर निकाला गया और पोरबंदर के एक अस्पताल ले जाया गया। कमला बाग पुलिस थाने के निरीक्षक राजेश कनमिया ने बताया, ‘‘ उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया जबकि एक ने अस्पताल लाए जाने के बाद दम तोड़ दिया।'' उन्होंने बताया कि चालकदल के सदस्यों की अभी पहचान नहीं हो पाई है।
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चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने रविवार को यहां कहा कि सिंधु घाटी लिपि एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है और उन्होंने इसे पढ़ने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार देने की घोषणा की। सिंधु सभ्यता की खोज के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए स्टालिन ने कहा, ‘‘हम अब भी सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि को स्पष्ट रूप से समझने में असमर्थ हैं।'' उन्होंने कहा कि इसे समझने का विद्वान आज भी प्रयास कर रहे हैं और ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के मद्देनजर इस लिपि की पहेली को सुलझाने वाले व्यक्तियों या संगठनों को 10 लाख अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा। सिंधु सभ्यता, जो सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, अपनी शहरी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है और इसकी लिपि को अब तक पढ़ा नहीं जा सका है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में 12,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से पहले रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की जनता को ऐसी सरकार चाहिए जो चौतरफा विकास के साथ-साथ जनकल्याण को पूरी तरह समर्पित हो। मोदी ने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में दिल्ली-एनसीआर के लिए रविवार को बेहद महत्वपूर्ण दिन भी बताया। उन्होंने कहा, “दिल्ली-एनसीआर के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। आज पहली बार जहां नमो भारत ट्रेन राजधानी में प्रवेश करेगी, वहीं दिल्ली मेट्रो के विस्तार सहित कई विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का सुअवसर मिलेगा।”वह साहिबाबाद स्टेशन से न्यू अशोक नगर स्टेशन तक नमो भारत ट्रेन में यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा, “दिल्ली की जनता-जनार्दन को अब राजधानी के चौतरफा विकास के साथ-साथ जनकल्याण को पूरी तरह समर्पित सरकार चाहिए।”विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। मोदी ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार दिल्ली में क्षेत्रीय संपर्क के विस्तार के साथ ही सफर को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी में 4500 करोड़ रुपये की कई परियोजानाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था।उन्होंने झुग्गी झोपड़ी के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी पर करारा हमला भी किया था।मोदी ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा था, “मैंने कभी अपने लिए घर नहीं बनाया। मैं भी शीशमहल बना सकता था लेकिन मोदी का सपना है कि हर गरीब को घर मिले।” उन्होंने केजरीवाल को ‘कट्टर बेईमान’ और दिल्ली सरकार को राजधानीवासियों के लिए ‘आपदा’ करार दिया था। दिल्ली में फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं।

























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