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नई दिल्ली। प्रख्यात लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता एम. टी. वासुदेवन नायर अपनी रचनाओं के जरिए मलयालम कथानक को शीर्ष मुकाम तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। उनका बुधवार शाम को निधन हो गया। एम. टी. के नाम से मशहूर वासुदेवन नायर को कहानी कहने की उनकी विशिष्ट कला, मानवीय भावनाओं और ग्रामीण जीवन की जटिलताओं को उजागर करने के लिए जाना जाता है।
लेखक नायर (91) को हृदय संबंधी समस्याओं के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। साहित्य क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वह कुछ समय से श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। केरल के पलक्कड़ जिले के कुडल्लूर गांव में 1933 में जन्मे एम. टी. ने सात दशकों से अधिक समय तक एक ऐसी साहित्यिक दुनिया की रचना की जिसने आम नागरिकों और बुद्धिजीवियों को समान रूप से आकर्षित किया।उस समय, कुडल्लूर ब्रिटिश भारत के मद्रास प्रेसीडेंसी के अंतर्गत मालाबार जिले का हिस्सा था। वह टी. नारायणन नायर और अम्मालु अम्मा की चार संतानों में सबसे छोटे थे। उनके पिता, श्रीलंका के सीलोन में कार्य करते थे। उन्होंने मलमक्कवु प्राथमिक विद्यालय और कुमारानेल्लूर माध्यमिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 1953 में विक्टोरिया कॉलेज, पलक्कड़ से रसायन विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।उन्होंने शुरू में कन्नूर के तलिपरम्बा के एक खंड विकास कार्यालय में एक शिक्षक तथा ग्रामसेवक के रूप में कार्य किया और उसके बाद वे 1957 में मातृभूमि साप्ताहिक में उप-संपादक के रूप में शामिल हुए। साहित्य के क्षेत्र में सात दशकों में, उन्होंने नौ उपन्यास, 19 लघु कथा संग्रह, छह फिल्मों का निर्देशन, लगभग 54 पटकथाएं तथा कई निबंध और संस्मरण संग्रह लिखे हैं।एम. टी. ने ‘ओरु वडक्कन वीरगाथा’ (1989), ‘कदावु’ (1991), ‘सदायम’ (1992), और ‘परिणयम’ (1994) के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। एम. टी. ने 1965 में लेखिका और अनुवादक प्रमिला से विवाह किया था, लेकिन विवाह के 11 वर्ष बाद दोनों अलग हो गये और इसके बाद उन्होंने 1977 में प्रसिद्ध नृत्यांगना कलामंडलम सरस्वती से विवाह किया।प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया शोकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वासुदेवन नायर के निधन पर शोक जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ‘मलयालम सिनेमा और साहित्य के सबसे सम्मानित शख्सियतों में से एक श्री एमटी वासुदेवन नायर जी के निधन से दुखी हूं। मानवीय भावनाओं की गहन खोज के साथ उनके कार्यों ने पीढ़ियों को आकार दिया है और आगे भी कई लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने मूक और हाशिये पर पड़े लोगों को भी आवाज दी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति.’वहीं राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मू ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘प्रसिद्ध मलयालम लेखक श्री एम टी वासुदेवन नायर के निधन से साहित्य की दुनिया में एक खालीपन सा आ गया है। उनकी रचनाओं में ग्रामीण भारत जीवंत हो उठा। उन्हें प्रमुख साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था और उन्होंने फिल्मों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। मैं उनके परिवार के सदस्यों और बड़ी संख्या में उनके पाठकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।’ -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत के लोकतंत्र की व्यापकता गुरुओं की शिक्षा, साहिबजादों के बलिदान और देश की एकता के मूल मंत्र पर आधारित है।
आज नई दिल्ली में भारत मंडपम में वीर बाल दिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुओं की परंपरा ने हमें सबको समान आदर के साथ देखने की शिक्षा दी है और देश का संविधान भी हमें इसी विचार के लिए प्रेरित करता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर साहिबजादों का जीवन हमें सिखाता है कि देश की अखंडता और विचारधारा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संविधान लोगों को देश की संप्रभुता और एकता को सबसे ऊपर रखने के सिद्धांत की सीख देता है।प्रधानमंत्री ने कहा साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह बहुत छोटे थे, मगर उनका साहस आकाश से भी ऊंचा था। उन्होंने कहा कि आज वीर बाल दिवस हमें सिखाता है कि कोई भी परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों ना हो देश और उसके हितों से बड़ी नहीं हो सकती।श्री मोदी ने कहा कि इतिहास में और वर्तमान में भी युवा ऊर्जा ने भारत की प्रगति में बड़ी भूमिका अदा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 21वीं सदी के जन आंदोलनों तक देश के युवा ने हर क्रांति में योगदान किया है।साल 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने गुरू गोविंदसिहं के साहिबजादों को श्रद्धांजलि देने के लिए वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। हमारे संवाददाता ने बताया है कि इस दिवस पर युवाओं में रचनात्मकता बढाने और विकसित भारत में उनके प्रेरक योगदान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूती से लागू करना और इस कार्य में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर पोषण व्यवस्था मजबूत करना है। लगभग साढ़े तीन हजार बच्चों और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से पुरस्कृत बालकों ने अन्य गणमान्य लोगों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। - महाकुम्भ नगर (प्रयागराज)। प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे महाकुम्भ मेला 2025 के दौरान देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के साथ ही बड़ी संख्या में विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों के आने की संभावना को देखते हुए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने विशेष प्रबंध किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि मेले में आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों को महाकुम्भ मेला की सुखद अनुभूति का अहसास कराने एवं उनके रुकने तथा अन्य प्रोटोकॉल की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। मेला प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, “महाकुम्भ के दौरान देश-विदेश के तीर्थयात्री, पर्यटक, विशिष्ट एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों के अलावा उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों का भी आगमन होगा। मेला क्षेत्र में विशिष्ट / अतिविशिष्ट महानुभावों के आगमन के दौरान सुविधा के लिए चौबीसों घंटे और सातों दिन सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें अधिकारी/कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।” उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले महानुभावों की प्रोटोकॉल व्यवस्था के लिए शासन स्तर से तीन अपर जिलाधिकारी, तीन उप जिलाधिकारी, तीन नायब तहसीलदार एवं चार लेखपाल तैनात किए गए है। इसके साथ ही, सभी 25 सेक्टरों में डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात हैं, जो अपने अपने सेक्टर में प्रोटोकॉल की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।महाकुम्भ मेला 2025, 13 जनवरी को प्रथम मुख्य स्नान पर्व (पौष पूर्णिमा) 2025 से प्रारम्भ होकर अंतिम मुख्य स्नान पर्व (महाशिवरात्रि) 26 फरवरी तक कुल 45 दिनों की अवधि में सम्पन्न होगा। अधिकारियों के मुताबिक, विशिष्ट/अतिविशिष्ट महानुभावों की प्रोटोकॉल व्यवस्था के तहत महाकुम्भ-2025 के दौरान 50 टूरिस्ट गाइड और अन्य सहायक कर्मचारियों की भी तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मेले में आने वाले महानुभावों को ठहरने की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में पांच स्थलों पर 250 टेंट की क्षमता के सर्किट हाउस की व्यवस्था की गई है। साथ ही पर्यटन विभाग के निर्देशन में पर्यटन विकास निगम द्वारा 110 काटेज की टेंट सिटी और सेवा प्रदाताओं के माध्यम से 2200 काटेज की टेंट सिटी विकसित की जा रही है जिसकी बुकिंग प्रयागराज मेला प्राधिकरण की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि स्नान के लिए घाट तैयार करने के अलावा नदी में जेटी एवं मोटर बोट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के कुल 15 विभागों ने अपने शिविर स्थापित किए हैं जिनमें विभागीय अधिकारियों को ठहरने की सुविधा होगी। इसी तरह, मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के कुल 21 विभागों द्वारा अपने शिविर लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन प्रयागराज के अधीन उपलब्ध 21 अतिथि गृहों में कुल 314 कक्षों की व्यवस्था विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों के लिए की गई है।
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- स्वामित्व योजना 2 करोड़ संपत्ति कार्ड के मील के पत्थर को पार करेगी; इससे 50 हजार गांवों को लाभ होगा और संपत्ति अधिकारों को बढ़ावा मिलेगा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 दिसंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व संपत्ति कार्डों के ई-वितरण की अध्यक्षता करेंगे, जो भारत में ग्रामीण सशक्तीकरण और सुशासन यात्रा में एक अहम चरण होगा। इस कार्यक्रम में 10 राज्यों - छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और 2 केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के लगभग 50 हजार गांवों में 58 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरित किए जाएंगे । यह कार्यक्रम स्वामित्व योजना के तहत 2 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार करने और वितरण करने और एक ही दिन में 58 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करने की एक बड़ी उपलब्धि को भी चिह्नित करेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री चयनित लाभार्थियों से बातचीत करेंगे और राष्ट्रव्यापी संबोधन देंगे। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज भी मौजूद रहेंगे। इस समारोह में कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और हितधारक भी वर्चुअल रुप से सम्मिलित होंगे। संपत्ति कार्ड के क्षेत्रीय वितरण समारोह में देश भर में करीब 13 स्थानों पर केंद्रीय मंत्री भी सम्मिलित होंगे।
स्वामित्व योजना के राष्ट्रव्यापी परिवर्तनकारी प्रभाव के लिए व्यापक तैयारियां
पंचायती राज मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से स्वामित्व योजना के बारे में अधिक से अधिक जानकारी और जागरूकता फैलाएगा और 27 दिसंबर 2024 को देश भर में लगभग 20,000 स्थानों पर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित करके मंत्रालय की राष्ट्रीय और अन्य प्रमुख पहलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
स्वामित्व योजना के तहत प्रमुख उपलब्धियां
-ड्रोन मैपिंग कवरेज: 3.17 लाख गांवों में सर्वेक्षण पूर्ण हुआ।
-संपत्ति कार्ड वितरण: 1.49 लाख गांवों में 2.19 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए गए।
-बेहतर सुशासन: डिजिटल रूप से मान्य संपत्ति अभिलेखों ने स्थानीय सुशासन को मजबूत किया है और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) को प्रोत्साहन दिया है।
-वित्तीय समावेशन: संपत्ति कार्डों ने संस्थागत ऋण तक पहुंच को आसान बना दिया है, जिससे ग्रामीण नागरिक सशक्त हुए हैं।
-महिला सशक्तिकरण: संपत्ति के कानूनी स्वामित्व ने महिलाओं को बढ़ी हुई वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है।
-विवाद समाधान: सटीक संपत्ति मानचित्रण से संपत्ति विवादों में काफी कमी आई है।
-स्वामित्व : ग्रामीण भारत के लिए एक परिवर्तनकारी योजना
-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल 2020 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर) को शुरू की गई स्वामित्व योजना का उद्देश्य ड्रोन और जीआईएस तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को "अधिकारों का रिकॉर्ड" प्रदान करना है। कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2020 को संपत्ति कार्ड के पहले सेट को वर्चुअली वितरित किया, जो इस परिवर्तनकारी पहल के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। स्वामित्व योजना वित्तीय समावेशन, ग्रामीण स्थिरता और आर्थिक विकास लाने के लिए अंतर-विभागीय तालमेल को बढ़ावा देते हुए संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण का उदाहरण है। इसने न केवल संपत्ति मालिकों को सशक्त बनाया है, बल्कि ग्रामीण भारत में बेहतर बुनियादी ढांचा नियोजन, वित्तीय स्थिरता और सतत विकास को भी सक्षम बनाया है।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज वीर बाल दिवस पर नई दिल्ली में असाधारण उपलब्धियों के लिए 17 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इन बच्चों को कला-संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा, खेल और पर्यावरण के क्षेत्र में विशिष्ठ उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने साहिबजादों की बहादुरी और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह दिन श्री गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के बलिदान और साहस का सम्मान करने करने का दिन है।राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां देश के सभी नागरिकों को प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और अवसर प्रदान करना देश की परंपरा का हिस्सा रहा है।इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुरस्कार विजेताओं से भी बातचीत की। आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में खेल के क्षेत्र में पुरस्कार पाने वाली पंजाब की सान्वी सूद ने प्रसन्नता प्रकट की। तकनीक के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त करने वाले जम्मू के ऋषिकेश कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र में कई अवसर हैं, जिनसे देश में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। - नयी दिल्ली। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बुधवार को एक वेबसाइट की शुरुआत की। यह वेबसाइट गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे कार्यक्रमों के आयोजन से संबंधित जानकारी के साथ-साथ उनका सीधा प्रसारण और टिकटों व बैठने की व्यवस्था से संबंधित विवरण प्रदान करेगी। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (25 दिसंबर) पर ‘सुशासन दिवस' के अवसर पर ‘राष्ट्रपर्व' वेबसाइट और इसका मोबाइल ऐप जारी किया। बयान में कहा गया है, ‘‘वेबसाइट गणतंत्र दिवस, बीटिंग रिट्रीट समारोह, स्वतंत्रता दिवस आदि जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के आयोजन से संबंधित जानकारी, सीधा प्रसारण, टिकटों की खरीद, बैठने की व्यवस्था और कार्यक्रमों के रूट-मैप आदि से संबंधित जानकारी प्रदान करेगी।'' रक्षा सचिव ने कहा कि मंत्रालय द्वारा विकसित ‘राष्ट्रपर्व' वेबसाइट और मोबाइल ऐप में झांकी के प्रस्तावों और कार्यक्रमों से संबंधित ऐतिहासिक डेटा के प्रबंधन की भी व्यवस्था है। बयान के अनुसार, इसमें झांकी प्रबंधन पोर्टल भी है, ताकि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और विभागों को गणतंत्र दिवस समारोह के लिए अपनी झांकियों को डिजाइन करने और अंतिम रूप देने में सुविधा प्रदान की जा सके।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि सीआरपीएफ ने नक्सलवाद से निपटने और पूर्वोत्तर राज्यों तथा जम्मू-कश्मीर में शांति एवं स्थिरता बहाल करने में सराहनीय काम किया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शाह ने कहा कि देश में आंतरिक सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। गृह मंत्री ने यह बात सीआरपीएफ मुख्यालय के दौरे के दौरान कही, जहां उन्होंने महानिदेशक अनीश दयाल सिंह सहित बल के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। शाह ने इस दौरान दुनिया के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल के संचालन और प्रशासनिक दक्षता की समग्र समीक्षा की।उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने नक्सलवाद से निपटने और पूर्वोत्तर राज्यों तथा जम्मू-कश्मीर में शांति एवं स्थिरता बहाल करने में सराहनीय काम किया है। सीआरपीएफ प्रमुख ने गृह मंत्री को बल में अनुकंपा नियुक्तियों सहित इसके शहीद जवानों के परिजनों के लिए लागू की जा रहीं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। शाह ने भाषायी एकता को मजबूत करने के लिए बल के दैनिक कामकाज में हिंदी को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। जवानों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ‘श्री अन्न' (मोटा अनाज) के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर देने के साथ ही गृह मंत्री ने जवानों से बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद से लाभ उठाने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य जागरूकता पहल ‘प्रकृति परीक्षण अभियान' में भाग लेने का भी आह्वान किया। बयान में कहा गया कि गृह मंत्री का दौरा राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सीआरपीएफ की प्रतिबद्धता और राष्ट्र निर्माण में इसके बहुमुखी योगदान को सरकार द्वारा महत्व दिए जाने को रेखांकित करता है। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन समेत गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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मुंबई. पुलिस ने ‘सिम स्वैप' साइबर धोखाधड़ी के कारण मुंबई से संचालित एक निजी कंपनी के मालिक द्वारा गंवाए गए 7.5 करोड़ रुपये में से 4.65 करोड़ रुपये ‘फ्रीज' करने में कामयाबी हासिल की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ‘सिम स्वैप' धोखाधड़ी में घोटालेबाज नेटवर्क प्रदाता को धोखा देकर उस व्यक्ति के मोबाइल फोन नंबर को अपने पास मौजूद सिम कार्ड से जुड़वा लेते हैं जिसे वह शिकार बनाना चाहते हैं। इसके बाद उन्हें बैंक द्वारा वास्तविक व्यक्ति को भेजा गया ओटीपी मिल जाता है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि उपनगर कांदिवली में साइबर जालसाजों ने सोमवार को एक निजी कंपनी के मालिक से इसी तरीके से 7.5 करोड़ रुपये ठग लिये। एक अधिकारी ने बताया कि जालसाजों ने ‘सिम स्वैप' की मदद से कंपनी के बैंक खाते तक पहुंच बनाई और कई अनधिकृत लेनदेन किए। उन्होंने बताया कि इसके बाद कुछ ही मिनट के अंदर पैसे कई बैंक खातों में हस्तांतरित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि ठगी का अहसास होने पर कंपनी मालिक ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर फोन करके धोखाधड़ी की जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पीड़ित ने अनधिकृत लेनदेन के बारे में जानकारी देते हुए एक ईमेल भी भेजा।
साइबर अपराध शाखा के अधिकारियों ने तत्काल संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क किया और शिकायत को एनसीसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर भी डाल दिया। अधिकारी ने कहा कि साइबर पुलिस की टीम ने धोखाधड़ी के चार घंटे में पीड़ित की गंवाई हुई कुल धनराशि में से 4.65 करोड़ रुपये ‘फ्रीज' करने में कामयाबी हासिल की, हालांकि शेष राशि का अधिकांश हिस्सा ठगों ने खातों से निकाल लिया। -
नयी दिल्ली. सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को 10,000 नई बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) की शुरुआत की। इस मौके पर शाह ने कहा कि सरकार पांच साल की समयसीमा से पहले दो लाख ऐसी समितियां स्थापित करने का अपना लक्ष्य हासिल कर लेगी। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि जब तक सहकारी समितियां पंचायत स्तर पर प्रभावी ढंग से काम नहीं करेंगी, तब तक सहकारिता के जरिये समृद्धि हासिल नहीं की जा सकती। मंत्री ने कहा, ‘‘हमने पांच साल में दो लाख पैक्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम पांच साल से पहले यह लक्ष्य हासिल कर लेंगे। तीन महीने में हमने 10,000 नये पैक्स स्थापित किये हैं।'' इस पहल को दो चरणों में शुरू किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) 32,750 नए एम-पैक्स स्थापित करेगा, जबकि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) 56,500 डेयरी सहकारी समितियां और राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी) 6,000 मत्स्य सहकारी समितियां स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में, नाबार्ड 45,000 एम-पैक्स बनाएगा, एनडीडीबी 46,000 डेयरी सहकारी समितियां और एनएफडीबी 5,500 मत्स्य सहकारी समितियां स्थापित करेगा। राज्य सरकारें लगभग 25,000 नई सहकारी समितियां बनाएंगी। शाह ने बंद पड़े पैक्स के परिसमापन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की, जिससे 15,000 गांवों में नई समितियां स्थापित की जा सकेंगी। मौजूदा मानदंडों के तहत, जब तक कि एक पैक्स को बंद घोषित न कर दिया जाए, तब तक उस गांव में दूसरा पैक्स स्थापित नहीं किया जा सकता है। मंत्री ने नव स्थापित सहकारी समितियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र, सूक्ष्म एटीएम और रुपे किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए। शाह ने इस क्षेत्र में डिजिटलीकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले से ही मौजूदा पैक्स को कंप्यूटरीकृत कर दिया है और उन्हें 32 विभिन्न पहल के साथ एकीकृत कर दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अकेले प्रौद्योगिकी ही पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कंप्यूटरीकृत किया है, सॉफ्टवेयर दिया है और विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने समितियों से नए प्रशिक्षण मॉड्यूल का उपयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि सहकारी समितियां तब तक परिचालित नहीं हो सकती हैं, जब तक प्रशिक्षित कामगार न हों।'' उन्होंने कहा कि अब तक 11,695 पैक्स नए मॉडल कानूनों के तहत पंजीकृत हैं।
मंत्री ने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर सहकारी क्षेत्र में उनके योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वाजपेयी के शासन के दौरान संविधान में 97वां संशोधन लाया गया था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद थे। -
खजुराहो .प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मध्यप्रदेश में ‘केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना' की आधारशिला रखते हुए देश में जल संसाधनों के विकास में डॉ. बी.आर. आंबेडकर के योगदान को नजरअंदाज करने का कांग्रेस पर आरोप लगाया। मोदी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि 21वीं सदी में केवल वे देश और क्षेत्र ही आगे बढ़ सकते हैं, जिनके पास पर्याप्त और अच्छी तरह से प्रबंधित जल संसाधन हैं। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी आंबेडकर के बारे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी पर विवाद और इस मुद्दे पर विपक्षी कांग्रेस के देशव्यापी विरोध के बीच आई है। मोदी ने कहा, ‘‘आंबेडकर की दूरदर्शिता और सोच ने देश के जल संसाधनों को मजबूत करने, उनके प्रबंधन और बांध निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।'' उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं के विकास और केंद्रीय जल आयोग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश की जल संरक्षण की बढ़ती जरूरतों पर कभी ध्यान नहीं दिया और जल संरक्षणवादी के रूप में आंबेडकर के प्रयासों को कभी मान्यता नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘‘इक्कीसवीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती जल सुरक्षा है। इक्कीसवीं सदी में केवल वही देश और क्षेत्र आगे बढ़ेंगे, जिनके पास उचित प्रबंधन के साथ पर्याप्त जल संसाधन होंगे।'' इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राज्य के खंडवा जिला स्थित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र का वर्चुअल उद्घाटन भी किया और दौधन सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखी। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सीआर पाटिल और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्रमशः बेतवा और केन नदियों के पानी से भरे दो कलश मोदी को सौंपे, जिन्होंने इसे नदी जोड़ने के काम की शुरुआत के लिए परियोजना के एक मॉडल पर डाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सुशासन एक साथ नहीं चल सकते, क्योंकि पिछली कांग्रेस सरकारों ने परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद 35-40 साल तक इसमें कुछ नहीं किया और देरी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा नदी को जोड़ने से बुंदेलखंड क्षेत्र में समृद्धि और खुशहाली के नये द्वार खुलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत मध्यप्रदेश के 10 जिलों के करीब 44 लाख और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर कुल 44,605 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से दो हजार गांवों के करीब 7.18 लाख किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा भी पैदा होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर उनकी स्मृति में एक स्मारक टिकट और सिक्का भी जारी किया। तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने सिंचाई जरूरतों के साथ-साथ बाढ़ से निपटने के लिए नदियों को जोड़ने का प्रस्ताव रखा था। प्रधानमंत्री मोदी ने खजुराहो कार्यक्रम में 437 करोड़ रुपये की लागत से 1,153 अटल ग्राम सेवा सदनों के निर्माण के लिए भी भूमिपूजन किया।
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लखनऊ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐसा सुशासन दिया, जिसने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और उनके कार्यकाल में आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 8.4 प्रतिशत पर पहुंच गई थी, जो स्वतंत्र भारत की एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही। सिंह ने यहां लोकभवन में सुशासन दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन की परिभाषा के तहत हर व्यक्ति की जरूरतें पूरी होती हैं, वह सुरक्षित महसूस करता है और उसे अपने विचार रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि अटल जी के दृष्टिकोण को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने अटल जी की ऐतिहासिक योजनाओं को याद करते हुए कहा कि उनकी दूरदृष्टि ने भारत को सड़कों, दूरसंचार और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में नई दिशा दी। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अंत्योदय योजना जैसे अभियानों ने भारत के गांवों और गरीबों की जिंदगी बदल दी।'' उन्होंने कहा, ‘‘अटल जी ने न केवल शहरों को सड़कों से जोड़ा, बल्कि गांवों को भी जोड़ा। दूरसंचार क्षेत्र में क्रांति लाकर उन्होंने हर हाथ में मोबाइल का सपना पूरा किया। मोदी सरकार ने 1,500 से अधिक अनावश्यक कानूनों को खत्म कर कारोबारी सुगमता में भारत को 50वें पायदान पर पहुंचाया। जल्द ही भारत शीर्ष 20 देशों में शुमार होगा।'' उन्होंने डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) योजना की सफलता पर जोर देते हुए कहा कि अब गरीबों को सीधे उनके खाते में पैसा पहुंचता है। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार कहा था कि केंद्र से 100 पैसा भेजा जाता है, लेकिन लाभार्थियों तक केवल 14 पैसा पहुंचता है, लेकिन मोदी सरकार ने इस भ्रष्टाचार को खत्म किया।'' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भयमुक्त समाज की स्थापना की है। सिंह ने कहा कि गरीबों को मकान उपलब्ध कराने के मामले में यह राज्य देश में पहले पायदान पर है। उन्होंने कहा, ‘‘चार करोड़ से अधिक गरीबों को पक्के मकान मिले हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत मकान महिलाओं के नाम दर्ज हैं।'' रक्षा मंत्री ने कहा कि जहां राज्य में कानून व्यवस्था सुधरी है और चार करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है।
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नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। आज शाम सात बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शहर के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 को पार कर गया है। रोहिणी में 390, जहांगीरपुरी में 388, वजीरपुर में 380, बवाना में 373 और आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 354 दर्ज किया गया।
- गोपेश्वर (उत्तराखंड)। बदरीनाथ में बर्फवारी के बाद भीषण ठंड से ठिठुर रही 17 गायों को चमोली जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को निचली घाटियों में लाया गया। अधिकारियों ने यहां बताया कि स्थानीय लोगों ने बदरीनाथ की बर्फ से भरी गलियों में ठिठुर रही गायों की दुर्दशा पर जिला प्रशासन का ध्यान खींचा जिसके बाद जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर उन्हें नीचे लाया गया । उन्होंने बताया कि बदरीनाथ से सभी 17 गायें मंगलवार को वापस लायी जा चुकी हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ सहित प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार को हुई बर्फवारी के बाद से पूरे प्रदेश में ठंडी हवाएं चल रही हैं जिससे भीषण ठंड पड़ रही है ।
- नयी दिल्ली/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि तीन नए आपराधिक कानून -भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम - नागरिक अधिकारों के रक्षक और ‘न्याय की सुगमता' का आधार बन रहे हैं। उत्तराखंड में तीन आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर यहां एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नये कानूनों को यथाशीघ्र शत-प्रतिशत लागू करने को कहा। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने क्रमशः औपनिवेशिक काल के भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लिया। नए कानून एक जुलाई को लागू हुए।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक में चर्चा के दौरान शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीनों नए आपराधिक कानून नागरिक अधिकारों के रक्षक और ‘न्याय की सुगमता' का आधार बन रहे हैं। शाह ने कहा कि नए कानून पीड़ित और नागरिक केंद्रित हैं और इन्हें इसी भावना के साथ शीघ्रता से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को नये कानूनों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी एवं अन्य क्षेत्रों में खामियों को दूर करने के प्रयास करने चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को उन क्षेत्रों के सभी पुलिस थानों और कारागारों में नए कानूनों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को प्राथमिकता देनी चाहिए जहां अधिक प्राथमिकी दर्ज होती हैं। बयान में कहा गया कि बैठक में उत्तराखंड में पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर देते हुए शाह ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक से अधिक फोरेंसिक मोबाइल वैन उपलब्ध होनी चाहिए। शाह ने धामी को तीनों नए कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की हर 15 दिन में समीक्षा करने तथा मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सप्ताह में एक बार समीक्षा करने को कहा। उन्होंने उत्तराखंड के डीजीपी को सुझाव दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी पुलिस अधीक्षक निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों की जांच करें। शाह और धामी के अलावा गृह मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के शीर्ष अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
- ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक घर शिक्षा का केंद्र बन गया है, जहां पिछले कुछ वर्षों से स्थानीय बच्चों को मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है और उनकी याद में एक पुस्तकालय भी है। शासकीय गोरखी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी उनके जैसे काव्यात्मक मन वाले होनहार छात्रों को तैयार कर रहा है। इसी स्कूल से वाजपेयी ने पढ़ाई की थी।वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर उन्हें याद करते हुए गोरखी स्कूल की प्रधानाचार्य राजबाला माथुर ने कहा, "दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बचपन से ही एक प्रतिभाशाली छात्र और अच्छे लेखक थे। उनके शब्दों का जादू उनके स्कूली दिनों से ही स्पष्ट था और यह स्कूल के शिक्षकों द्वारा बताया गया था।" प्रधानाचार्य ने कहा कि स्कूल अब पूरी तरह से बदल गया है और 'स्मार्ट' बन गया है, जहां छात्रों को ब्लैकबोर्ड के बजाय डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाया जा रहा है। लेकिन आज भी स्कूल से जुड़ी वाजपेयी की यादें देखी जा सकती हैं। उन्होंने कहा, मैं भाग्यशाली हूं कि मैं उस स्कूल में काम कर रही हूं जहां भारत रत्न और देश के पूर्व प्रधानमंत्री ने पढ़ाई की। स्कूल में उनके जैसे कई छात्र हैं जो बहुत ही होनहार और ऊर्जावान हैं; जो वर्तमान परिस्थितियों के साथ-साथ सुंदर चीजों का वर्णन करने के लिए खुद को काव्यात्मक तरीके से व्यक्त करते हैं।उन्होंने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि स्कूल के छात्रों के बीच कहीं न कहीं उनकी उपस्थिति महसूस की जा सकती है। माथुर ने कहा कि उनकी जयंती भी हर साल यहां मनाई जाती है। इसी तरह, कमल सिंह का बाग इलाके में स्थित वाजपेयी का पैतृक घर उनकी यादों को संजोए हुए है और उनके सपने को साकार कर रहा है। आज भी पूर्व प्रधानमंत्री के पिता की याद में छात्रों को मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है।शिक्षिका ज्योति पांडे ने कहा कि इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। उन्होंने कहा, घर में पुस्तकालय भी है और छात्रों के लिए कंप्यूटर इंस्टीट्यूट भी है। इसमें एक रीडिंग रूम है, जहां लोग देश-दुनिया की ताजा खबरें जान पाते हैं। कई साल बीत गए, लेकिन आज भी उनके घर में वाजपेयी के व्यक्तित्व की झलक देखने को मिलती है, जो उनके जीवन से जुड़ी कई कहानियां बयां करता है। उनकी जिंदगी सादा जीवन और उच्च विचार का उदाहरण थी।बहादुरा स्वीट्स के मालिक विकास शर्मा ने बताया, वाजपेयी को खाने-पीने का बहुत शौक था। बहादुरा के लड्डू और चाची के मंगोड़े उन्हें बेहद पसंद थे। जब भी कोई ग्वालियर से दिल्ली जाता था, तो उनके लिए ये दोनों व्यंजन ले जाना नहीं भूलता था। भारत रत्न से सम्मानित वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। तीन बार प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी का अगस्त 2018 में निधन हो गया था।
- अलप्पुझा (केरल) .केरल के तटीय जिले अलप्पुझा में मंगलवार को आवारा कुत्ते के हमले में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पीड़िता की पहचान जिले के अंबालाप्पुझा के पास थकाझी निवासी कार्त्यायनी (81) के रूप में हुई है।उन्होंने बताया कि आवारा कुत्ते के हमले में उसके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। कुत्ते का यह हमला थ्रिक्कुन्नापुझा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत वालियाझीकल इलाके में उसके बेटे के घर पर अपराह्न करीब चार बजे हुआ। महिला थकाझी से अपने बेटे और उसके परिवार से मिलने आई थी और जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त वह घर पर अकेली थी। जब पीड़िता के बेटे और बहू अपने घर लौटे तब कार्त्यायनी एक कमरे में गिरी पाई गयी।पुलिस ने बताया कि उसे तुरंत वंदनम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इसने बताया कि उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रख दिया गया है।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंगलवार को की गई राज्यपालों की नियुक्ति के तहत पूर्व केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को मणिपुर का, पूर्व सेना प्रमुख विजय कुमार सिंह को मिजोरम का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, खान के स्थान पर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने एक बयान में कहा कि आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति मुर्मू ने ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बयान में कहा गया है कि मिजोरम के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति को दास के स्थान पर ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। बयान में कहा गया है कि ये नियुक्तियां उस तारीख से प्रभावी होंगी, जिस दिन वे अपने-अपने कार्यालयों का कार्यभार संभालेंगे।
- अयोध्या। अयोध्या में तालाबों पर कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की शुरुआत करते हुए प्रशासन ने रविवार को दो जगहों पर ध्वस्तीकरण कार्य किया।उप जिलाधिकारी विकास दुबे ने मंगलवार को बताया, 'सप्तसागर तालाब 1952 से अस्तित्व में है जिस पर कुछ स्थानीय निवासियों ने अतिक्रमण करके उसे धीरे-धीरे पाट दिया था। तालाब 2021 तक दिखता था और इसकी तस्वीर भू अभिलेखों में दिखाई देती है। इस पर धीरे-धीरे अतिक्रमण किया गया था। पहले भी कई मौकों पर प्रशासन ने इन लोगों को तालाब पर अतिक्रमण न करने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने अधिकारियों की बात नहीं मानी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या के उपजिलाधिकारी विकास दुबे ने कहा कि सप्तसागर की जमीन प्लॉट संख्या 69 की है, जबकि सप्तसागर की जमीन पर मकान बनाने वाले लोगों की जमीन प्लॉट संख्या 95 के तहत दर्ज हैं।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका विजन और मिशन विकसित भारत के संकल्प में निरंतर शक्ति का संचार करता रहेगा।”प्रधानमंत्री ने नमो ऐप पर वाजपेयी की 100वीं जयंती पर लिखा एक आलेख भी साझा किया और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के साथ जिस प्रकार देश को एक नई दिशा और गति दी, उसका प्रभाव हमेशा ‘अटल’ रहेगा। उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे उनका भरपूर सान्निध्य और आशीर्वाद मिला।”आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म हुआ थावर्ष 1924 में आज ही के दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म हुआ था। वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक थे। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल 1996 में मात्र 13 दिन का था। इसके बाद, वह 1998 में फिर प्रधानमंत्री बने और 13 महीने तक इस पद को संभाला। वर्ष 1999 में वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया।प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। वह एक सक्रिय स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ जीवनपर्यंत भारत में शिक्षा के अग्रदूत बने रहे। देश के लिए उनका अतुलनीय योगदान हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।”पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को प्रयागराज में हुआ था। वर्ष 1909 में उन्होंने कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता की थी। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई। उन्हें वर्ष 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘‘भारत रत्न’’ से नवाजा गया था।प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली तत्कालीन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने 24 दिसम्बर, 2014 को पंडित मदन मोहन मालवीय के साथ वाजपेयी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने का ऐलान किया था।
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नयी दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को प्रमुख अर्थशास्त्रियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों से मिलेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस दौरान वह आगामी बजट के लिए उनके विचार और सुझाव लेंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2025 को लोकसभा में 2025-26 का बजट पेश करेंगी। र्थशास्त्रियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों के अलावा नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल होंगे।
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नाहरलगुन. केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को देश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। रीजीजू ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (उत्तर पूर्व सीमांत मुख्यालय) द्वारा आयोजित रोजगार मेले को संबोधित करते हुए पिछले 10 वर्षों में केंद्र के विकास प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि रोजगार मेलों का उद्देश्य युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना है। संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रीजीजू ने केंद्रीय सशस्त्र बलों के लिए चयनित 258 सफल प्रतियोगियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। रीजीजू ने नए भर्ती हुए युवाओं को बधाई देते हुए उन्हें 2047 तक ‘विकसित भारत' के सपने को साकार करने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ने सफल प्रतियोगी को भविष्य में देश के नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने की अपील करते हुए इसे राष्ट्र सेवा की दिशा में पहला कदम करार दिया। इससे पहले दिन के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से देश भर के विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों के लिए चयनित 71,000 से अधिक सफल प्रतियोगियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को अंगदान को लेकर लोगों में झिझक जिक्र करते हुए कहा कि चिकित्सक इस नेक काम के बारे में जागरुकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राष्ट्रीय राजधानी में वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि अंग प्रतिरोपण की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की सूची बढ़ रही है। मुर्मू ने कहा, ‘‘इस मुद्दे के समाधान के लिए कृत्रिम अंगों का विकास और मृतक के परिवारों द्वारा अंग दान आवश्यक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अंगदान के प्रति लोगों में एक तरह की झिझक है। चिकित्सक इसे दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इस नेक काम के लिए प्रेरित करने के वास्ते लोगों में जागरुकता फैलाने में मदद कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई), एमआरएनए तकनीक, रोबोटिक्स आदि का उपयोग चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है।
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बेंगलुरु. बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ‘‘डिजिटल अरेस्ट'' का शिकार हो गया और उसे 11.8 करोड़ रुपये का उस वक्त चूना लग गया, जब जालसाजों ने पुलिस अधिकारी बनकर दावा किया कि उसके आधार कार्ड का दुरुपयोग धनशोधन के लिए बैंक खाते खोलने में किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह धोखाधड़ी 25 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच हुई।
पुलिस के अनुसार, अपनी शिकायत में 39-वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने आरोप लगाया कि 11 नवंबर को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का अधिकारी बताया। कथित अधिकारी ने दावा किया कि आधार से जुड़े उनके सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध विज्ञापनों और अभद्र संदेश भेजने के लिए किया गया था। प्राथमिकी में कहा गया है कि बाद में, उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उनके आधार विवरण का दुरुपयोग धनशोधन के लिए बैंक खाते खोलने में किया जा रहा है। जालसाज ने उन्हें मामले को गोपनीय रखने की हिदायत दी और कथित तौर पर धमकी भी दी कि अगर उन्होंने डिजिटल तरीके से जांच में सहयोग नहीं किया, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्राथमिकी में कहा गया है कि इसके बाद उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया जिसमें उन्हें स्काइप ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया, जिसके बाद मुंबई पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने उन्हें वीडियो कॉल किया और दावा किया कि एक व्यवसायी ने उनके आधार का इस्तेमाल करके छह करोड़ रुपये के लेनदेन के लिए बैंक खाता खोला है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 25 नवंबर को पुलिस वर्दी में एक अन्य व्यक्ति ने स्काइप पर उन्हें फोन किया और आरोप लगाया कि उनके मामले की सुनवाई शीर्ष अदालत में हो रही है और धमकी दी कि अगर उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया तो उसके परिवार को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फर्जी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए जालसाजों ने कथित तौर पर उनसे ‘‘सत्यापन उद्देश्यों'' के बहाने कुछ खातों में धनराशि अंतरित करने या कानूनी परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा। प्राथमिकी के अनुसार, इंजीनियर ने गिरफ्तारी के डर से अलग-अलग बैंक खातों में कई बार में 11.8 करोड़ रुपये अंतरित किए। हालांकि, जब जालसाजों ने और रकम की मांग शुरू की, तो उन्हें एहसास हुआ कि वह धोखेबाजों के जाल में फंस गये हैं और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धोखाधड़ी के आरोप में आईटी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में जांच की जा रही है। -
हिसार. हरियाणा के हिसार जिले के बुडाना गांव में ईंट-भट्ठे की दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को बताया कि हादसा उस समय हुआ जब बच्चे सो रहे थे। पुलिस ने बताया कि इस घटना में एक लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई। उसने बताया कि मृतकों की पहचान निशा (तीन माह), सूरज (नौ), नंदिनी (पांच) और विवेक (नौ) के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार बुडाना में भट्ठे पर उत्तर प्रदेश के कई मजदूर परिवार काम करते हैं। भट्ठे पर ईंट बनाने और चिमनी के पास खंभे लगाने का काम किया जा रहा है। बच्चे और कुछ मजदूर भट्ठे की दीवार के पास सो रहे थे, तभी वह उन पर गिर गई।
हांसी के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि सूरज, नंदिनी और विवेक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि निशा ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। पांच वर्षीय गौरी की हालत गंभीर है जिसका इलाज हिसार के सरकारी अस्पताल में किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि सभी पांच बच्चे उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर जिले के बधाव गांव के निवासी थे। पुलिस अधीक्षक मीणा ने घटना के बाद अस्पताल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। पीड़ित परिवारों ने मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। उन्होंने बताया कि अगर कोई शिकायत मिलती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -
नई दिल्ली। सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में पिछले साल के मुकाबले इस बार प्री-प्लेसमेंट और अंतरराष्ट्रीय मार्केट समेत सभी तरह की नौकरियों के प्रस्तावों में वृद्धि हुई है। इन संस्थानों में प्लेसमेंट सीजन का पहला चरण पूरा हो चुका है। आईआईटी दिल्ली को प्री-प्लेसमेंट समेत 1,200 से अधिक प्रस्ताव मिले हैं। पिछले साल की समान अवधि में इस संस्थान को 1,050 प्रस्ताव आए थे।
इसी प्रकार आईआईटी कानपुर में 250 कंपनियों की ओर से 1,109 छात्रों को नौकरियों के प्रस्ताव मिले हैं। पिछले साल पहले चरण में इस संस्थान के 989 छात्रों को नौकरी के प्रस्ताव आए थे। हालांकि दोनों ही संस्थानों ने छात्रों को दिए जाने वाले औसत पैकेज और किस क्षेत्र में नौकरी मिली, इसका खुलासा नहीं किया है। खास यह कि आईआईटी के छात्रों को अलग-अलग उद्योगों से ऑफर आए हैं।इस वर्ष आईआईटी के छात्रों को अपने यहां नौकरी देने वाली बड़ी कंपनियों में अमेरिकन एक्सप्रेस, बार्कलेज, बीसीजी, कार्स24,डॉयचे बैंक, गोल्डमैन सैक्स, गूगल, इंटेल इंडिया, मीशो, माइक्रॉन टेक्नोलॉजी, माइक्रोसॉफ्ट, ओला, ऑरेकल, रिलायंस और क्वालकॉम आदि हैं।पहले चरण में आईआईटी छात्रों को विदेशों से भी पिछले साल के मुकाबले नौकरी के अधिक प्रस्ताव आए हैं। एक आधिकारिक बयान में आईआईटी कानपुर ने कहा कि पहले चरण के प्लेसमेंट की खास बात यह रही कि छात्रों को 28 अंतरराष्ट्रीय आफर मिले हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 27 प्रतिशत अधिक हैं। आईआईटी दिल्ली को जापान, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, ताइवान, यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों के 15 अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से 50 छात्रों को नौकरी के प्रस्ताव मिले हैं।प्रमुख उद्योगों में भी इस बार आईआईटी से बहुत अधिक छात्रों का चयन हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) ने बड़ी संख्या में आईआईटी से छात्रों को लिया है। सबसे ज्यादा भर्तियां बीपीसीएल ने की हैं।आईआईटी कानपुर में स्टूडेंट प्लेसमेंट ऑफिस के चेयरमैन प्रोफेसर राजू कुमार गुप्ता ने कहा, ‘अगले साल जनवरी के मध्य से शुरू होने वाले दूसरे प्लेसमेंट चरण में अन्य चरण के प्लेसमेंट अभियान में और अधिक छात्रों की नौकरी लगने की संभावना है।’



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