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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि कृषि क्षेत्र ग्रामीण विकास का आधार है और ग्रामीण परिदृश्य में बदलाव से ही देश के विकसित राष्ट्र बनने की राह आसान होगी। श्री धनखड़ ने नई दिल्ली में चौधरी चरण सिंह पुरस्कार, 2024 के विजेताओं के साथ बातचीत में कहा कि गांव की अर्थव्यवस्था तभी आगे बढ़ सकती है जब किसान और उनका परिवार विपणन, मूल्य संवर्धन और आत्मनिर्भर बनने के लिए मिलकर काम करें। उपराष्ट्रपति ने चौधरी चरण सिंह की उस असाधारण विरासत की सराहना की जिसमें उन्होंने ग्रामीण विकास, किसान कल्याण और समावेशी विकास पर जोर देने की बात कही थी।
श्री धनखड़ ने आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत इस समय विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जापान तथा जर्मनी से आगे निकलकर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की सफलता के लिए अभिव्यक्ति और संवाद दोनों ही बड़ी जिम्मेदारी के साथ मिलकर आगे बढ़ने चाहिए। उन्होंने सांसदों में जवाबदेही का आह्वान करते हुए कहा कि सभी को जनता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी चाहिए। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह गरीबों और किसानों के सच्चे हितैषी थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण और सेवा सभी को प्रेरित करती रहेगी।
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भोपाल। अमरीकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मध्य प्रदेश को वर्ष 2025 के लिए चर्चित वैश्विक गंतव्यों में मान्यता दी है। यह मान्यता मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत, अद्वितीय वन्य जीवन और मनोहर प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाती है।
पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक शिव शेखर शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह वैश्विक मान्यता पर्यटन गंतव्य के रूप में मध्य प्रदेश की स्थिति मजबूत करती है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, टाइगर रिजर्व और सांस्कृतिक विरासत के साथ मध्य प्रदेश हर यात्री को अद्वितीय अनुभव देता है।वॉल स्ट्रीट जर्नल की मान्यता विशेष रूप से प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो, पन्ना और बांधवगढ़ का महत्व उजागर करती है। -
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग ठाकुर, दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा और अन्य नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार पर कुशासन और लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए दस्तावेज जारी किया।
श्री ठाकुर ने आरोप लगाया कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने झूठे वादे किए और दिल्ली के लोगों को गुमराह किया। उन्होंने श्री केजरीवाल को यमुना नदी में प्रदूषण, दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता, भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों पर भी घेरा। श्री ठाकुर ने दिल्ली में केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत योजनाओं को लागू नहीं करने के लिए भी आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने श्री केजरीवाल पर पूर्वांचल के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आप भ्रष्टाचार मुक्त शासन के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन पार्टी के कई नेता भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में है। श्री ठाकुर ने कहा कि दिल्ली की जनता आगामी विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को हराएगी।इस बीच, केजरीवाल ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के पास उनके खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है। श्री केजरीवाल ने कहा कि भाजपा को दिल्ली के लोगों के लिए किए गए कामों का हिसाब देना चाहिए। केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने आज नई दिल्ली के ईस्ट किदवई नगर से मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत की। इस योजना के तहत दिल्ली की पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये मिलेंगे। -
भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार श्रद्धालुओं को देवताओं के दर्शन के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पुरी के जगन्नाथ मंदिर में एक नयी व्यवस्था शुरू करने जा रही है । कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने रविवार को इसकी जानकारी दी। यहां पत्रकारों से बात करते हुए हरिचंदन ने कहा कि सरकार एक जनवरी से जगन्नाथ मंदिर में लोगों के दर्शन के लिए नयी व्यवस्था शुरू करने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, "आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। 27 या 28 दिसंबर तक आवश्यक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। प्रायोगिक आधार पर 30 और 31 दिसंबर को दो दिनों के लिए नयी व्यवस्था शुरू की जाएगी।" उन्होंने कहा कि एक जनवरी से नयी दर्शन व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी।
मंत्री ने कहा कि इस कदम के तहत मंदिर में आने वाली महिलाओं, बच्चों, दिव्यांग व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। नयी व्यवस्था के अनुसार, भक्तगण मौजूदा द्वार (सतपहाचा) से जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश करेंगे, जबकि निकास दो अलग-अलग द्वारों (घंटी और गरदा) से होगा। -
अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ हिंदू पंचांग के अनुसार अगले वर्ष 11 जनवरी को मनाई जाएगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने संवाददाताओं को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ को अन्य हिंदू त्योहारों की तरह ही मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी (22 जनवरी 2024) को की गई थी और 2025 में यह तिथि 11 जनवरी को पड़ेगी इसलिए उस दिन से राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। ट्रस्ट प्रतिष्ठा वर्षगांठ की तैयारियों में जुट गया है।
राय ने बताया, सभी हिंदू त्यौहार विशिष्ट तिथियों के अनुसार मनाए जाते हैं इसलिए रामलला की प्रतिष्ठा की वर्षगांठ भी तिथि के अनुसार ही मनाई जाएगी। राम नवमी, कृष्ण जन्माष्टमी और विवाह पंचमी जैसे त्योहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार मनाए जाते हैं। इसी तरह, राम मंदिर की प्रतिष्ठा की वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में मनाई जाएगी। यह तिथि अगले साल 11 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी को पड़ेगी।” उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में उन संतों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा के लिए बुलाया नहीं जा सका या जो किन्हीं कारणों से नहीं आ सके थे। राय के मुताबिक, राम मंदिर परिसर के अंदर और बाहर वार्षिक उत्सव में आम जनता के भाग लेने की भी व्यवस्था की गई है। राय ने बताया कि 11 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर रामलला का अभिषेक और भव्य आरती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में पांच अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और इसके अलावा दूसरा कार्यक्रम राम मंदिर परिसर के यज्ञ मंडप में होगा और तीसरा कार्यक्रम राम जन्मभूमि परिसर में तीर्थयात्री सुविधा केंद्र में होगा। राय ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर के बाहर अंगद टीले पर आम जनता के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा लेकिन मंदिर परिसर के भीतर आयोजित कार्यक्रम में केवल आमंत्रित सदस्यों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में इस साल 22 जनवरी को अयोध्या स्थित नये मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। -
कुवैत सिटी. कुवैत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर' से रविवार को सम्मानित किया। भारत और कुवैत के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए मोदी को इस सम्मान से नवाजा गया है। कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा ने प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मान से नवाजा।
मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे कुवैत के महामहिम अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल सबा द्वारा ‘मुबारक अल-कबीर ऑर्डर' से सम्मानित किए जाने पर गर्व है। मैं यह सम्मान भारत की जनता तथा भारत और कुवैत के बीच मजबूत दोस्ती को समर्पित करता हूं।'' ‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' कुवैत का एक ‘नाइटहुड ऑर्डर' है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में इसे ‘‘भारत-कुवैत की दीर्घकालिक मित्रता का प्रमाण'' बताया। जायसवाल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने यह सम्मान भारत-कुवैत संबंधों, कुवैत में भारतीय समुदाय और भारत के 1.4 अरब लोगों को समर्पित किया।'' कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ‘केयूएनए' की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों को मजबूत करने के लिए दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया 20वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। यह सम्मान मित्रता के प्रतीक के रूप में राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी संप्रभुओं तथा विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है। इससे पहले यह सम्मान बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश जैसे विदेशी नेताओं को दिया जा चुका है। मोदी शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर कुवैत पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस खाड़ी देश की पहली यात्रा है। -
चेन्नई. चेन्नई स्थित सरमाउंट लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों को कंपनी के प्रति उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण को देखते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कार और मोटरसाइकिल उपहार में दी हैं। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। कंपनी के 20 कर्मचारियों को ‘उच्च लक्ष्य प्राप्त करने' के लिए प्रेरित करने को उन्हें टाटा की कार, एक्टिवा स्कूटी और रॉयल एनफील्ड बाइक उपहार में दी गईं। चेन्नई मुख्यालय वाली सरमाउंट लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड माल ढुलाई में देरी, पारदर्शिता की कमी और अकुशल आपूर्ति श्रृंखला समाधान जैसी लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की आम चुनौतियों का समाधान करती है। कंपनी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक (एमडी) डेन्ज़िल रायन ने बयान में कहा, “हमारा मिशन सभी आकार के व्यवसायों के लिए लॉजिस्टिक्स को सरल बनाना है। हम पारंपरिक माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाओं की कठिनाइयों को समझते हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे समाधान प्रदान करना है जो न केवल कुशल हों, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी सचेत हों।” उपहार के संबंध में उन्होंने कहा कि एक मजबूत कर्मचारी कल्याण कार्यक्रम के कार्यान्वयन से न केवल समग्र कर्मचारी संतुष्टि में सुधार होता है, बल्कि उत्पादकता और जुड़ाव में भी वृद्धि होती है, क्योंकि प्रेरित कर्मचारियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद अधिक होती है।
- प्रयागराज । महाकुम्भ में इस बार स्वच्छता के लिहाज से विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिसके तहत मेले को मच्छर और मक्खियों से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए ‘फॉगिंग मशीनों’ और ‘ब्लोअर मिस्ट’ का उपयोग किया जाएगा। महाकुम्भ के नोडल संयुक्त निदेशक (वेक्टर कंट्रोल) डॉक्टर वी.पी. सिंह ने बताया कि मेले के किसी भी कोने से बस एक कॉल करते ही 30 मिनट में ‘ऑटोमैटिक ब्लोअर मिस्ट’ मौके पर पहुंचकर मच्छर और मक्खी को खत्म कर देंगे।उन्होंने बताया कि अखाड़ों और टेंट सिटी को कीटमुक्त रखने के साथ ही स्वच्छ वातावरण के लिए 110 अत्याधुनिक ब्लोअर मिस्ट और 107 मिनी फॉगिंग मशीनें तैनात की जा रही हैं। महाकुम्भ के दौरान चप्पे-चप्पे पर कीटनाशक का छिड़काव किए जाने की तैयारी है।सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो इसके लिए 62 ‘पल्स फॉगिंग मशीन’ भी मंगवाई गई हैं, इस बार महाकुम्भ में संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 78 विशेष अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में मलेरिया निरीक्षकों की तैनाती की जा रही है, जो श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी प्रत्येक अखाड़े में जाकर संतों और महात्माओं से बात करेंगे और मच्छर, मक्खी की समस्या का तत्काल निदान भी करेंगे। मेला में सहायक नोडल के तौर पर तैनात डॉक्टर आनंद कुमार सिंह ने बताया कि महाकुम्भ में फिलहाल 45 मलेरिया निरीक्षकों की तैनाती की योजना है, इनके अलावा 28 सहायक मलेरिया निरीक्षक भी तैनात किए जाएंगे।
- चेन्नई। चेन्नई में एक श्रद्धालु का आईफोन गलती से एक मंदिर के दानपात्र में गिर गया, जिसे लौटाने के अनुरोध को तमिलनाडु हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग ने यह कहते हुए विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया कि वह अब मंदिर की संपत्ति बन गया है। अपनी गलती का एहसास होने के तुरंत बाद दिनेश नामक श्रद्धालु ने तिरुपुरुर में स्थित श्री कंडास्वामी मंदिर के अधिकारियों से संपर्क करके अनुरोध किया कि दान करते समय अनजाने में दानपात्र में गिरा उसका फोन वापस किया जाए। शुक्रवार को दानपात्र खोलने के बाद, मंदिर प्रशासन ने दिनेश से संपर्क किया और कहा कि फोन मिल गया है और उन्हें फोन का केवल डेटा प्रदान किया जा सकता है। हालांकि, दिनेश ने डेटा लेने से इनकार कर दिया और कहा कि उनका फोन उन्हें वापस किया जाए। शनिवार को जब यह मामला हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्त मंत्री पी. के. शेखर बाबू के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने जवाब दिया, “जो कुछ भी दान पेटी में जमा किया जाता है, चाहे वह मनमर्जी से न दिया गया हो, भगवान के खाते में चला जाता है।” बाबू ने यहां पत्रकारों से कहा, “मंदिरों की प्रथाओं और परंपराओं के अनुसार, हुंडी (दानपात्र) में चढ़ाया गया कोई भी चढ़ावा सीधे उस मंदिर के देवता के खाते में चला जाता है। नियमों के अनुसार श्रद्धालुओं को चढ़ावा वापस करने की अनुमति नहीं है।” मंत्री ने यहां माधवरम में अरुलमिगु मरिअम्मन मंदिर के निर्माण कार्य और वेणुगोपाल नगर में अरुलमिगु कैलासनाथर मंदिर से संबंधित मंदिर के तालाब के जीर्णोद्धार का निरीक्षण करने के बाद कहा कि वह विभाग के अधिकारियों के साथ इस बारे में चर्चा करेंगे कि क्या श्रद्धालु को मुआवजा देने की कोई संभावना है। उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श के बाद वह निर्णय लेंगे।यह राज्य में ऐसी पहली घटना नहीं है। हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मई 2023 में केरल के अलप्पुझा की श्रद्धालु एस. संगीता की सोने की चेन अनजाने में पलानी के प्रसिद्ध श्री धनदायुथपानी स्वामी मंदिर के दानपात्र में गिर गई थी। संगीता जब चढ़ावे के लिए अपने गले से तुलसी की माला उतार रही थीं, तो सोने की चेन दानपात्र में गिर गई थी। हालांकि, उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए और सीसीटीवी फुटेज से यह पुष्टि करने के बाद कि चेन दुर्घटनावश गिर गई थी, मंदिर न्यासी मंडल के अध्यक्ष ने अपने निजी खर्च पर उसी कीमत की एक नयी सोने की चेन खरीदकर श्रद्धालु को दे दी थी। अधिकारी ने बताया कि हुंडी स्थापना, सुरक्षा और लेखा नियम, 1975 के अनुसार, हुंडी में चढ़ाया गया कोई भी चढ़ावा किसी भी समय मालिक को वापस नहीं किया जा सकता है, क्योंकि वह मंदिर का हो जाता है।
- महाकुम्भ नगर। आस्था के सबसे बड़े समागम महाकुम्भ में पहली बार आगंतुकों को डोम सिटी में रहने का आनंद मिलेगा। महाकुम्भ नगर के अरैल क्षेत्र में तैयार हो रही डोम सिटी में ठहर कर हिल स्टेशन की अनुभूति कर सकेंगे। यह डोम सिटी, पर्यटन विभाग के सहयोग से एक निजी कंपनी तैयार कर रही है। कंपनी के निदेशक अमित जौहरी का कहना है कि पर्यटन विभाग की तरफ से सवा तीन हेक्टेयर जमीन कंपनी को मिली है जिसमें 51 करोड़ रुपये की लागत से देश की पहली डोम सिटी तैयार की जा रही है। जौहरी के मुताबिक, 15 से 18 फीट की ऊंचाई पर स्थापित की जा रही इस डोम सिटी में 360 डिग्री पोली कार्बन शीट के कुल 44 डोम बनाए जा रहे हैं। ये पूरी तरह बुलेट प्रूफ और फायर प्रूफ हैं। पर्यटक इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ 24 घंटे रहकर कुम्भ का नजारा देख सकते हैं। इसका अनुभव किसी हिल स्टेशन से महाकुम्भ का अवलोकन करने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस पूरी डोम सिटी में 176 कॉटेज भी बनाए जा रहे हैं जहां ठहरने की सभी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। हर एक कॉटेज में एसी, गीजर और सात्विक आहार की व्यवस्था होगी। कॉटेज का किराया स्नान पर्व के दिन 81,000 रुपये प्रतिदिन और सामान्य दिनों में 41,000 रुपये प्रतिदिन होगा। इसी तरह डोम का किराया स्नान पर्व के दिन 1.10 लाख रुपये प्रतिदिन और सामान्य दिनों में 81,000 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है।कंपनी के मुताबिक, डोम की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। कॉटेज के वातावरण को आध्यात्मिक बनाने के लिए यहां धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन की भी व्यवस्था होगी।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अलग-अलग रह रहे अभियंता दंपति को विवाह विच्छेद की अनुमति देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि शादी एक ऐसा रिश्ता है जो आपसी विश्वास, साहचर्य और साझा अनुभवों पर बनता है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने कहा कि अलगाव की अवधि और पति-पत्नी के बीच स्पष्ट तल्खी यह स्पष्ट करती है कि विवाह को बचाने की कोई संभावना नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘विवाह आपसी विश्वास, साहचर्य और साझा अनुभवों पर बना एक रिश्ता है। जब ये आवश्यक तत्व लंबे समय तक गायब रहते हैं तो वैवाहिक बंधन किसी भी सार से रहित केवल कानूनी औपचारिकता बनकर रह जाता है।'' इसमें कहा गया है कि अदालत ने लगातार माना है कि लंबे समय तक अलगाव और मेल-मिलाप करने की अक्षमता वैवाहिक विवादों पर निर्णय लेने में एक प्रासंगिक कारक है। पीठ ने कहा कि मौजूदा मामले में अलगाव की अवधि और दोनों पक्षों के बीच स्पष्ट दुश्मनी से यह स्पष्ट हो जाता है कि शादी को बचाने की कोई संभावना नहीं है। पीठ ने कहा कि पति और पत्नी दो दशकों से अलग-अलग रह रहे हैं और यह तथ्य इस निष्कर्ष को और पुष्ट करता है कि यह विवाह अब व्यवहार्य नहीं है। शीर्ष अदालत ने उन महिलाओं की अपील खारिज कर दी जिन्होंने क्रूरता के आधार पर विवाह विच्छेद की अनुमति देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के आठ जून, 2018 के फैसले को चुनौती दी थी। पीठ ने कहा कि पति ने यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए हैं कि अपीलकर्ता (पत्नी) ऐसे व्यवहार में शामिल थी जिससे उसे अत्यधिक मानसिक और भावनात्मक परेशानी हुई। दोनों ने 30 जून, 2002 को शादी की थी और दोनों से नौ जुलाई, 2003 को एक बेटी का जन्म हुआ। दोनों पक्षों के बीच कलह बच्ची के जन्म के ठीक बाद शुरू हुई जब पत्नी ने अपने माता-पिता के घर से लौटने से इनकार कर दिया। प्रसव के लिए माता-पिता के घर गई पत्नी ने लौटने से इनकार कर दिया।
- कन्नौज। कन्नौज जिला मुख्यालय के सराय मीरा देविन टोला निवासी एक युवती शिवांगी ने लिंग परिवर्तन कराने के बाद रानू (32) बनकर अपनी सहेली ज्योति (25) से शादी कर ली। इस शादी को परिजनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिये सार्वजनिक किया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार कन्नौज के सराय मीरा देविन टोला निवासी इन्द्र गुप्ता की सबसे छोटी बेटी शिवांगी उर्फ रानू ने अपनी सहेली ज्योति से शादी कर ली। दोनों सहेलियों की शादी नवंबर माह में 25 तारीख को हुई। इसके पहले ही शिवांगी ने लिंग परिवर्तन करा लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद यह शादी सुर्खियों में आ गयी। शिवांगी उर्फ रानू ने बताया कि चार साल पहले उसकी दुकान पर ज्योति जेवर खरीदने आई थी तभी से उसकी जान पहचान हो गई और फिर गहरी दोस्ती हो गई। ज्योति ने शिवांगी उर्फ रानू के मकान में ब्यूटी पार्लर खोल लिया जिससे दोनों की नजदीकियां और बढ़ गई और शादी का फैसला कर लिया। इसके बाद रानू (32) ने लडका बनने का फैसला लिया और लिंग परिवर्तन के लिए इंटरनेट पर जानकारी की। उसने दिल्ली के एक विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह ली और लिंग बदलवाने के लिए तीन ऑपरेशन कराये। एक ऑपरेशन होना अभी बाकी है। रानू ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उसने ज्योति (25) से नवम्बर में शादी कर ली। इस शादी में परिवार ने पूरा सहयोग किया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि ज्योति और रानू शादी से खुश हैं।
- भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान को शनिवार को दो बाघों के बदले गुजरात से दो एशियाई शेर मिले। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पशु आदान प्रदान कार्यक्रम के तहत शेर और शेरनी शाम को गुजरात के जूनागढ़ के सक्करबाग प्राणी उद्यान से भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे। यह स्थान यहां से करीब एक हजार किलोमीटर दूर है। अधिकारी ने बताया, "दोनों शेरों की उम्र करीब तीन साल है। उन्हें वन विहार में देखभाल और चिकित्सा जांच के लिए अलग बाडे में रखा गया है। वर्तमान में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में दो शेर और तीन शेरनी हैं।" उन्होंने बताया कि शेरों के जोड़े के बदले में छह साल की उम्र का एक बाघ (बांधवगढ़-2) और बाघिन (बंधनी) को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से जूनागढ़ चिड़ियाघर को दिया गया है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अदान-प्रदान योजना के तहत अनुमति मिलने के बाद 17 दिसंबर को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से एक बाघ और बाघिन को लेकर नौ सदस्यीय टीम जूनागढ़ चिड़ियाघर गई थी। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश की राजधानी में बड़ी झील के किनारे स्थित है।
- बेंगलुरु। भारत के ‘स्पैडेक्स' मिशन के प्रक्षेपण यान को एकीकृत कर दिया गया है और इसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले ‘लांचिंग पैड' पर ले जाया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यान को ‘डॉक' (एक यान से दूसरे यान के जुड़ने)करने और ‘अनडॉक'(अंतरिक्ष में जुड़े दो यानों के अलग होने) करने के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी का विकास और प्रदर्शन करना है। इसरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “ प्रक्षेपण यान को एकीकृत कर दिया गया है और अब उपग्रहों को इसपर स्थापित करने तथा प्रक्षेपण की तैयारियों के लिए इसे पहले ‘लांचिंग पैड' पर ले जाया गया है।” इसरो के मुताबिक,‘स्पैडेक्स' मिशन, पीएसएलवी द्वारा प्रक्षेपित दो छोटे अंतरिक्ष यान का उपयोग करके ‘अंतरिक्ष में डॉकिंग' के प्रदर्शन के लिए लागत प्रभावी प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन है। इसरो ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं जैसे कि चंद्रमा पर भारत का अभियान, चंद्रमा से नमूने वापस लाना, भारतीय अंतरिक्ष केंद्र(बीएएस) का निर्माण और संचालन के लिए आवश्यक है। अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग' प्रौद्योगिकी की तब जरूरत होती है जब साझा मिशन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए कई रॉकेट प्रक्षेपित करने की जरूरत होती है। इस मिशन में सफलता मिलने पर भारत अंतरिक्ष ‘डॉकिंग' प्रौद्योगिकी प्राप्त करने वाला दुनिया का चौथा देश बनने की ओर अग्रसर होगा। इसरो के मुताबिक स्पैडेक्स मिशन के तहत दो छोटे अंतरिक्ष यान (प्रत्येक का वजन लगभग 220 किग्रा) पीएसएलवी-सी60 द्वारा स्वतंत्र रूप से और एक साथ, 55 डिग्री झुकाव पर 470 किमी वृत्ताकार कक्षा में प्रक्षेपित किये जाएंगे, जिसका स्थानीय समय चक्र लगभग 66 दिन का होगा।
- लखनऊ । विश्व ध्यान दिवस पर, लखनऊ की एक 57 वर्षीय महिला ने एक घंटे से अधिक समय तक पानी पर तैरते हुए एक ही योग मुद्रा का प्रदर्शन किया। ध्यान और इसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया, जिसमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के उच्चतम प्राप्त करने योग्य मानक का आनंद लेने के लिए सभी के अधिकार को याद किया गया। इसके अतिरिक्त, महासभा ने स्वास्थ्य और कल्याण के पूरक दृष्टिकोण के रूप में योग और ध्यान के बीच संबंध को स्वीकार किया। योगासन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की मालविका बाजपेयी ने बताया कि रोमा हेमवानी ने एक घंटे, 24 मिनट और एक सेकंड तक 'जलीय ध्यान मुद्रा' रखने का एक नया रिकॉर्ड बनाया। यह कार्यक्रम गोमती नगर के विभूति खंड क्षेत्र में हिल्टन गार्डन इन के छत पर बने स्विमिंग पूल में हुआ। योग और ध्यान की शौकीन हेमवानी ने कहा कि इस रिकॉर्ड-सेटिंग उपलब्धि के साथ उनका प्राथमिक लक्ष्य जलीय ध्यान की प्राचीन प्रथा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसके शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य लाभों को उजागर करना है। संयुक्त राष्ट्र ने 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया है ताकि इस बात पर जोर दिया जा सके कि कैसे ध्यान शारीरिक और समग्र कल्याण में योगदान देता है। यह तिथि शीतकालीन संक्रांति को चिह्नित करती है, जब दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं। हेमवानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार, शीतकालीन संक्रांति इस बात का प्रतीक है कि ध्यान के माध्यम से, व्यक्ति की आध्यात्मिकता और ऊर्जा का आंतरिक प्रकाश अंधकार की लंबी अवधि को दूर कर सकता है। मालविका बाजपेयी ने कहा कि हेमवानी के रिकॉर्ड का विवरण जल्द ही योगासन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड काउंसिल की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। यह एक निजी संगठन है, जो योग के क्षेत्र में उपलब्धियों का रिकॉर्ड रखने के लिए समर्पित है और गाजियाबाद में पंजीकृत है।
- अगरतला. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सभी बैंकों से पूर्वोत्तर के लोगों और वहां की जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए वहां के लिए अलग वित्तीय दिशानिर्देश तैयार करने को कहा, ताकि इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सके। यहां ‘बैंकर्स कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए उन्होंने पूर्वोत्तर के विकास की जिम्मेदारी वहन करने को भी कहा। शाह ने कहा, "क्या रिजर्व बैंक, नाबार्ड और अन्य बैंकों द्वारा एमएसएमई, व्यवसाय, ऋण, व्यक्तिगत ऋण के संबंध में तैयार किये गये दिशानिर्देश देश के बाकी हिस्सों और पूर्वोत्तर के लिए भी एक जैसे होने चाहिए? यह कैसे संभव है। पूर्वोत्तर के लिए बैंकिंग दिशानिर्देश एक जैसे नहीं हो सकते।'' उन्होंने कहा, "पूर्वोत्तर के लिए नए मापदंडों के साथ अलग वित्तीय दिशानिर्देश तैयार करना आवश्यक है। बैंकिंग सचिव, नाबार्ड के अध्यक्ष और एसबीआई को पूर्वोत्तर के लोगों और इसकी जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए विशेष वित्तीय दिशानिर्देश बनाने चाहिए।" उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर अब निवेश और विनिर्माण के लिए सबसे आकर्षक स्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य के कारोबार के लिए बैंकों को कहीं न कहीं निवेश करना होगा और पूर्वोत्तर को छोड़कर कोई अन्य स्थान भविष्य के कारोबार के लिए सबसे अच्छी जगह नहीं है। शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर अगले 10 वर्षों में 20 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर से विकसित होगा। उन्होंने कहा, "आपको यह ध्यान में रखना होगा और कुछ जोखिम उठाने होंगे। पूर्वोत्तर के लोगों और इसकी जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए अपनी वित्तीय नीति को थोड़ा सरल बनाएं।" गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी "बैंकिंग रहित" गांवों को बैंकों और डाकघरों की शाखाओं से जोड़ा जाना चाहिए और सभी डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) भ्रष्टाचार के बिना लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा, "पूर्वोत्तर में विकास बैंकिंग के माध्यम से पहुंचना चाहिए।शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में अधिकतम संभावनाएं हैं और जरूरत है कि पूर्वोत्तर को आंकड़ों के जरिए नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ देखा जाए। उन्होंने कहा, "सभी बैंकों और उद्यम पूंजीपतियों को पूर्वोत्तर के विकास के लिए अपना सहयोग देना चाहिए। वे पूर्वोत्तर के विकास को अपनी जिम्मेदारी समझें।" गृह मंत्री ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करके पूर्वोत्तर में वाणिज्य और उद्योगों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "पूर्वोत्तर भारत आर्थिक विकास का प्रवेश द्वार बनेगा और नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र न केवल भारत के विकास का प्रवेशद्वार बनेगा, बल्कि पूरे देश के लिए विश्वास का पुल भी बनेगा।" उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर को निर्यात का प्रमुख प्रवेशद्वार बनाने के लिए भी काम किया जा रहा है।शाह ने कहा कि कुछ साल पहले बांग्लादेश के साथ परिक्षेत्रों के आदान-प्रदान के बाद भारत के जलमार्ग बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह से जुड़ गए हैं और चटगांव बंदरगाह के माध्यम से पूर्वोत्तर के सभी उत्पादों को वैश्विक बाजारों में निर्यात किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "पूर्वोत्तर में बहुत संभावनाएं हैं। आज पूर्वोत्तर में आप जो भी उत्पादन करते हैं, चटगांव बंदरगाह के माध्यम से वैश्विक बाजार के लिए उसके दरवाजे खुले हैं।" गृह मंत्री ने कहा कि 140 करोड़ लोगों वाले देश के हर कोने में विकास होना चाहिए। सम्मेलन में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उनके त्रिपुरा समकक्ष माणिक साहा और बैंकिंग क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी भी शामिल हुए।
- अयोध्या .राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ने दुनिया भर में सुरक्षा के लिए एक मानक स्थापित किया है। बड़े-बड़े पत्थरों के साथ दिन-रात लगातार काम करने के बावजूद, अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता वाली कोई दुर्घटना नहीं हुई। यह जानकारी राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के एक पदाधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ब्रिटिश सुरक्षा परिषद ने बिल्डर को 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने गोल्डन ट्रॉफी प्रदान की। विशेषज्ञों के अनुसार यह सम्मान मंदिर निर्माण के दौरान लागू किये गये नये उत्कृष्ट सुरक्षा के उपायों को दर्शाता है। यह पुरस्कार वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुपालन और सावधानीपूर्वक योजना और निष्पादन का प्रमाण है, जो इसे विश्व स्तर पर अन्य निर्माण परियोजनाओं के लिए एक मॉडल बनाता है। पारंपरिक नागर शैली में निर्मित राम जन्मभूमि मंदिर 380 (पूर्व-पश्चिम) 250 फीट की चौड़ाई में फैला है और 161 फीट ऊंचा है। संरचना में 392 खंभे और 44 दरवाजे हैं। यह पूर्व की ओर है और इसमें 32 सीढ़ियों वाला एक भव्य प्रवेश द्वार है। सभी मापदंडों पर पांच सितारा रेटिंग प्राप्त करने वाले निर्माण ही प्रतियोगिता में प्रवेश के लिए योग्य हैं। राय ने कहा, " रोज आने वाले हजारों भक्तों को समायोजित करते हुए निर्बाध निर्माण को बनाए रखना महत्वपूर्ण चुनौतियां प्रस्तुत करता है, फिर भी, शुरुआत से ही असाधारण सावधानियों को लागू किया गया था, और सब कुछ ईश्वरीय कृपा से सुचारू रूप से आगे बढ़ा।
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कोलकाता. उड़ान परिचालन के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा कोलकाता हवाई अड्डा महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की शाही उपस्थिति से लेकर क्यूबा के राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो जैसे विदेशी गणमान्यों के आगमन और कॉनकॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित विमान के परिचालन का गवाह रहा है। इंग्लैंड की महारानी के अलावा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल नासिर, दिव्यांग लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वालीं हेलेन केलर और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान उन प्रमुख विदेशी गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे, जिनका देश के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक कोलकाता हवाई अड्डे पर अलग-अलग समय पर आगमन हुआ। यह हवाई अड्डा कुछ प्रतिष्ठित विमानों का भी गवाह रहा है, जिसमें दुनिया का पहला सुपरसोनिक वाणिज्यिक विमान ‘कॉनकॉर्ड' और सबसे बड़ा कार्गो विमान ‘बेलुगा एक्सएल' भी शामिल हैं। कॉनकॉर्ड ने 1994 और बेलुगा एक्सएल ने 2024 में इसके रनवे से उड़ान भरी। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएससीबीआई) के शताब्दी समारोह का उत्सव मना रहा है, जिसे पहले दमदम हवाई अड्डे के रूप में जाना जाता था। इन 100 वर्षों में, हवाई अड्डा अपने स्वयं के विकास और आधुनिकीकरण के दौर से गुजरते हुए ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह बना है। हालांकि, हवाई अड्डे पर दुर्घटनाएं भी देखने मिली हैं। अधिकारियों के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, एक हेमीज विमान ने इंग्लैंड के ब्लैकबुश हवाई अड्डे से सिंगापुर के लिए उड़ान भरी था, जिसे कराची, दिल्ली और कलकत्ता (अब कोलकाता) में रुकना था। कलकत्ता के तत्कालीन दमदम हवाई अड्डे के रनवे पर उतरते समय यह एक डकोटा विमान से टकरा गया, जो एक समानांतर रनवे पर खड़ा था। हेमीज विमान गलत रनवे पर उतरा था, जिससे दुर्घटना हुई। विमान के गलत रनवे पर उतरने का यह एकमात्र उदाहरण नहीं था। दिसंबर 2008 में, बागडोगरा से कोलकाता की एक निजी एयरलाइन की उड़ान पर चालक दल के सदस्यों समेत करीब 110 लोग एक बड़ी दुर्घटना से बच गए थे, जब विमान कोलकाता हवाई अड्डे के मुख्य रनवे पर उतर गया था, जो बंद था। फिदेल कास्त्रो सितंबर, 1973 में दम दम हवाई अड्डे पर उतरे थे जबकि मार्च, 1955 में हेलेन केलर की और फरवरी 1972 में मुजीबुर रहमान की अगवानी इस हवाई अड्डे पर की गई थी। रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता सर रॉबर्ट रॉबिन्सन 1950 में शहर आए थे और दमदम हवाई अड्डे पर सत्येन बोस और मेगनद साहा ने उनका स्वागत किया था। इन महान वैज्ञानिकों की विधिवत तस्वीरें ली गईं, जो हवाई अड्डे के अभिलेखागार में रखी गई हैं। -
मड़कसिरा.आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाई जिले में शनिवार सुबह एक वाहन खड़े हुए ट्रक से टकरा गया, जिससे दो साल की बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पेनुगोंडा के उपमंडल पुलिस अधिकारी वेंकटेश्वरलु ने बताया कि दुर्घटना मड़कसिरा गांव से लगभग पांच किलोमीटर दूर कोडिकोंडा सिरा में राष्ट्रीय राजमार्ग 544ई पर सुबह लगभग 5.30 बजे हुई। उन्होंने कहा कि वाहन में 13 लोग सवार थे और संभवत: चालक को झपकी आ जाने के कारण यह हादसा हुआ।
पुलिस के अनुसार, यह घटना उस दौरान हुई जब 13 तीर्थयात्रियों का एक समूह तिरुमाला से लौट रहा था। -
अगरतला. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्त होने के साथ ही पुलिस बल के दृष्टिकोण में बदलाव का समय आ गया है ताकि लोगों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके। शाह ने यहां पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 72वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 वर्ष में 20 शांति समझौतों पर हस्ताक्षर करके क्षेत्र में शांति स्थापित की, जिसके परिणामस्वरूप 9,000 सशस्त्र उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने पिछले चार दशक तक पूर्वोत्तर में उग्रवाद से लड़ाई लड़ी है। अब उग्रवाद समाप्त हो चुका है, तो हमें पुलिस बल के दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत है ताकि लोगों को प्राथमिकी दर्ज होने के तीन साल के भीतर न्याय मिल सके।'' गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल संपर्क के लिए 81,000 करोड़ रुपये और सड़क नेटवर्क के लिए 41,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पूर्वोत्तर में विकास गतिविधियों में तेजी लाए जाने का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग के सत्ता में आने के बाद से केंद्रीय मंत्रियों ने इस क्षेत्र के राज्यों में ‘‘700 रातें बिताईं हैं।'' वरिष्ठ भाजपा नेता ने सब्जी की खेती, दूध, अंडे और मांस के उत्पादन को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के उत्थान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘केवल जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) में बढ़ोतरी समग्र विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। सब्जियों, दूध, अंडे और मांस में आत्मनिर्भरता हासिल करने की जरूरत है।'' शाह ने कहा कि इसके अलावा, केंद्र सरकार इस क्षेत्र में जैविक खेती पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहले ही राष्ट्रीय जैविक निगम लिमिटेड (एनओसीएल) का गठन किया है। मैं (पूर्वोत्तर के) सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूं कि वे जैविक उत्पादों की पैकेजिंग, विपणन और निर्यात के लिए एनओसीएल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करें।'' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को लोगों से ध्यान को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह जीवन में शांति एवं सद्भाव लाने का एक शक्तिशाली तरीका है। मोदी ने ‘विश्व ध्यान दिवस' के अवसर पर ‘एक्स' पर लिखे एक ‘पोस्ट' में कहा कि प्रौद्योगिकी के युग में दैनिक दिनचर्या में ध्यान को शामिल करने में ऐप और वीडियो मूल्यवान उपकरण हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज विश्व ध्यान दिवस पर मैं सभी से आह्वान करता हूं कि वे ध्यान को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और इसकी परिवर्तनकारी क्षमता का अनुभव करें। ध्यान व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ हमारे समाज और इस ग्रह पर शांति एवं सद्भाव लाने का एक शक्तिशाली तरीका है।'' संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ध्यान और इसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 21 दिसंबर के दिन को विश्व ध्यान दिवस के रूप घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट के अनुसार, महासभा ने स्वास्थ्य और कल्याण के पूरक उपायों के रूप में योग और ध्यान के बीच संबंध को स्वीकार किया।
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देवास . मध्यप्रदेश के देवास जिले में शनिवार तड़के एक घर से संचालित की जा रही डेरी में आग लगने से एक दंपति और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकार दी एक अधिकारी ने बताया कि आग नयापुरा इलाके में सुबह करीब पौने पांच बजे लगी। नाहर दरवाजा पुलिस थाने की प्रभारी मंजू यादव ने बताया, "हमें नयापुरा में एक दूध की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी और उसी परिसर में एक परिवार रह रहा था।" उन्होंने बताया कि पीड़ित दंपति और उनके दो बच्चों की मौत दम घुटने और जलने से हुई। अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग की एक टीम ने आग पर काबू पा लिया है। पुलिस के अनुसार, दिनेश कारपेन्टर (35), उनकी पत्नी गायत्री (30), बेटी इशिका (10) और सात वर्षीय बेटे चिराग की आग में मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) पुनीत गहलोत ने कहा कि दिनेश इमारत के भूतल पर डेरी चलाते थे और अपने परिवार के साथ दूसरी मंजिल पर रहते थे। अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, "हम आग के कारणों की जांच कर रहे हैं। डेरी भूतल पर थी और परिवार दूसरी मंजिल पर था, जबकि पहली मंजिल खाली थी।" उन्होंने कहा कि आग भूतल पर लगी थी और संदेह है कि यह तेज से भड़क गई क्योंकि वहां कुछ ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे। एसपी ने कहा कि परिवार दूसरी मंजिल पर होने के बावजूद बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक टीम द्वारा जांच किए जाने के बाद आग लगने का सही कारण पता चलेगा। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है। गहलोत ने कहा कि घटना गंभीर थी और पुलिस ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और स्थानीय नगर निकाय के साथ समन्वय कर रही है।
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-छत्तीसगढ़ , उत्तर प्रदेश , ओडिशा और राजस्थान ने संयुक्त वन और वृक्ष आवरण में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की
नई दिल्ली। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2021 से भारत का कुल वन और वृक्ष क्षेत्र 1,445 वर्ग किलोमीटर बढ़ा है, जो 2023 में कुल भौगोलिक क्षेत्र का 25.17 प्रतिशत तक पहुंच गया है। शनिवार को जारी भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 में यह भी कहा गया है कि भारत ने 2005 के स्तर की तुलना में 2.29 बिलियन टन का अतिरिक्त कार्बन सिंक हासिल किया है। पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपनी जलवायु योजनाओं या राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के हिस्से के रूप में, देश ने 2030 तक अतिरिक्त वन और वृक्ष क्षेत्र के माध्यम से 2.5 से 3 बिलियन टन का अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का कुल वन क्षेत्र 2021 में 7,13,789 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 2023 में 7,15,343 वर्ग किलोमीटर हो गया, जो इसके भौगोलिक क्षेत्र का 21.76 प्रतिशत हो गया। इसमें कहा गया है कि वृक्ष आवरण में 1,289 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है और अब यह देश के भौगोलिक क्षेत्र का 3.41 प्रतिशत है।
वन और वृक्ष आवरण को मिलाकर भारत के भौगोलिक क्षेत्र का 8,27,357 वर्ग किलोमीटर या 25.17 प्रतिशत है। यह 2021 से 1,445 वर्ग किलोमीटर की कुल वृद्धि को दर्शाता है, जिसमें अकेले वन आवरण में 156 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) के अनुसार, वन आवरण से तात्पर्य उस सभी भूमि से है, जिसका वृक्ष छत्र घनत्व 10 प्रतिशत से अधिक है और जो एक हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, चाहे स्वामित्व का प्रकार या कानूनी स्थिति कुछ भी हो। इसमें प्राकृतिक वनों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मानव निर्मित वृक्षारोपण, बाग और वृक्ष पैच शामिल हैं जो आकार और छत्र घनत्व मानदंडों को पूरा करते हैं। वृक्ष आवरण को आरक्षित वन क्षेत्र (आरएफए) के बाहर पेड़ों के पैच और अलग-अलग पेड़ों के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक हेक्टेयर से कम होते हैं।पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि रिपोर्ट का सबसे सकारात्मक निष्कर्ष यह है कि भारत ने 2005 के स्तर की तुलना में पहले ही 2.29 बिलियन टन का अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाया है। 2023 में भारत का कार्बन स्टॉक 7,285.5 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो 2021 की तुलना में 81.5 मिलियन टन अधिक है। तेजी से बढ़ते दक्षिण एशियाई देश में 2030 तक वन और वृक्ष आवरण में 31.71 बिलियन टन कार्बन स्टॉक होने का अनुमान है। एफएसआई के महानिदेशक अनूप सिंह ने कहा कि बांस के आवरण का भी अनुमान लगाया गया है और उसे वृक्ष आवरण में शामिल किया गया है। भारत का कुल बांस-असर वाला क्षेत्र अब 1,54,670 वर्ग किलोमीटर होने का अनुमान है, जो 2021 की तुलना में 5,227 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि है।राज्यों में, छत्तीसगढ़ (+684 वर्ग किलोमीटर), उत्तर प्रदेश (+559 वर्ग किलोमीटर), ओडिशा (+559 वर्ग किलोमीटर) और राजस्थान (+394 वर्ग किलोमीटर) ने संयुक्त वन और वृक्ष आवरण में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। केवल वन आवरण के लिए, सबसे बड़ी वृद्धि मिजोरम (+242 वर्ग किलोमीटर), गुजरात (+180 वर्ग किलोमीटर) और ओडिशा (+152 वर्ग किलोमीटर) में देखी गई। कुल क्षेत्रफल के संदर्भ में, मध्य प्रदेश सबसे बड़े वन और वृक्ष आवरण (85,724 वर्ग किलोमीटर) के साथ सबसे आगे है, इसके बाद अरुणाचल प्रदेश (67,083 वर्ग किलोमीटर) और महाराष्ट्र (65,383 वर्ग किलोमीटर) हैं।वन क्षेत्र के मामले में मध्य प्रदेश शीर्ष पर बना हुआ है (77,073 वर्ग किमी), उसके बाद अरुणाचल प्रदेश (65,882 वर्ग किमी) और छत्तीसगढ़ (55,812 वर्ग किमी)। भौगोलिक क्षेत्र के प्रतिशत के रूप में वन क्षेत्र पर विचार करते समय, लक्षद्वीप पहले स्थान पर (91.33 प्रतिशत) है, उसके बाद मिजोरम (85.34 प्रतिशत) और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (81.62 प्रतिशत) हैं। एफएसआई ने पिछले दशक में पश्चिमी घाट और पूर्वी राज्य क्षेत्र (डब्ल्यूजीईएसए) में वन क्षेत्र में आए बदलावों का भी विश्लेषण किया और पाया कि वन क्षेत्र में कुल 58.22 वर्ग किमी की कमी आई है। इस अवधि के दौरान, बहुत घने वनों में 3,465.12 वर्ग किमी की वृद्धि हुई, जबकि मध्यम घने वनों और खुले वनों में क्रमशः 1,043.23 वर्ग किमी और 2,480.11 वर्ग किमी की कमी आई। देश के पहाड़ी जिलों में वन क्षेत्र 2,83,713.20 वर्ग किलोमीटर है, जो इन जिलों के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 40 प्रतिशत है। नवीनतम आकलन पहाड़ी जिलों में वन क्षेत्र में 234.14 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्शाता है।आईएसएफआर की नवीनतम रिपोर्ट में पूर्वोत्तर क्षेत्र में वन क्षेत्र में 327.30 वर्ग किलोमीटर की कमी दिखाई गई है। इस क्षेत्र में कुल वन और वृक्ष क्षेत्र 1,74,394.70 वर्ग किलोमीटर है, जो क्षेत्र के भौगोलिक क्षेत्र का 67 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार, देश का कुल मैंग्रोव क्षेत्र 4,991.68 वर्ग किलोमीटर है, जो 2021 से 7.43 वर्ग किलोमीटर की शुद्ध कमी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत घने वन में वृद्धि के बावजूद, पिछले दशक में मध्यम घने वन और खुले वन श्रेणियों में क्रमशः 1,043.23 वर्ग किलोमीटर और 2,480.11 वर्ग किलोमीटर की गिरावट देखी गई। एफएसआई वर्ष 1987 से वन क्षेत्र तथा वर्ष 2001 से वृक्ष क्षेत्र का आकलन कर रहा है। राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार भारत के भौगोलिक क्षेत्र का 33 प्रतिशत भाग वन या वृक्ष क्षेत्र के अंतर्गत होना चाहिए। - नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026 के बजट से पहले आयोजित बैठक में राज्यों के वित्त मंत्रियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राज्यों के लिए पूंजीगत व्यय के लिए ब्याज मुक्त कर्ज आवंटन की अवधि 50 साल तक करने और उधारी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है।बजट पूर्व परामर्श के बाद केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने कहा, ‘हमने केंद्र से राज्यों द्वारा उधार लेने की सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 3 फीसदी से बढ़ाकर 3.5 फीसदी करने का आग्रह किया है। हमने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 3.5 फीसदी की सीमा से अधिक कर्ज लेने की अनुमति देने की भी मांग की है। राज्यों ने केंद्रीय वित्त मंत्री से बुनियादी ढांचे के फाइनैंस के लिए अतिरिक्त 60 अरब रुपये और राज्यों के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजा उपकर को जारी रखने के लिए भी कहा है।’आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पी केशव ने कहा, ‘केंद्रीय वित्त मंत्री ने हमारे विचार सुने। हमारी सबसे बड़ी मांग पूंजीगत व्यय के लिए सहायता बढ़ाने की है। हमें उम्मीद है कि केंद्र इसमें मदद करेगा। हमने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष वित्तीय पैकेज का भी अनुरोध किया है।’सूत्रों ने कहा कि राज्यों ने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए लंबी अवधि का कर्ज आवश्यक है। इसके अलावा राज्यों ने पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना को ज्यादा लचीला बनाने की भी मांग की गई।ऐसे वक्त में जब सार्वजनिक सेवाओं और विकास से जुड़ी पहल में बढ़ते खर्च को देखते हुए, ऋण क्षेत्र में बढ़ती मांग को अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनाए रखने के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है।बुनियादी ढांचा विकास एक दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु है क्योंकि राज्य अपने क्षेत्र से जुड़ी विशेष सड़क और रेलवे परियोजना के लिए अलग से फंड आवंटित किए जाने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि इसके लिए यह अहम है कि केंद्र क्षेत्रीय विषमता की पहचान करे और संसाधनों का आवंटन इस तरह करे कि इससे प्रत्येक राज्य की परिवहन और कनेक्टिविटी से जुड़ी जरूरतों का समाधान निकल सके।









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