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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को लोक सभा और राज्य सभा ने देश में संसदीय और विधान सभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले विधेयक पर विचार के लिए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित कर दी। समिति में लोक सभा के 27 तथा राज्य सभा से 12 सदस्य होंगे। भाजपा के पीपी चौधरी को इसका अध्यक्ष बनाया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से समिति में अनुराग ठाकुर, पुरुषोत्तम रुपाला, पीपी चौधरी, बांसुरी स्वराज, संबित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, बैजयंत पांडा, सीएम रमेश और संजय जायसवाल का नाम है, जबकि कांग्रेस से मनीष तिवारी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सुखदेव भगत सदस्य बनाए गए हैं।उच्च सदन से इस समिति में भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी, भुनेश्वर कालिता, के लक्ष्मण, कविता पाटीदार, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा, कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला और मुकुल वासनिक, तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम के पी विल्सन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, बीजू जनता दल के मानस रंजन मंगराज और वाईएसआर कांग्रेस के वी विजय साई रेड्डी को शामिल किया गया है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार इस बात पर सहमत हुई कि मामला बहुत महत्त्वपूर्ण है और यह हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया के सुधार से संबंधित है, इसलिए हम ज्यादातर प्रमुख राजनीतिक दलों को शामिल करने पर सहमत हुए।’ उन्होंने कहा कि संसद की संयुक्त समिति के आकार की कोई सीमा नहीं है और केंद्र-राज्य संबंधों की जांच करने वाली एक संसदीय समिति में 51 सदस्य थे।कुल 39 सदस्यों वाली समिति में 16 सांसद भाजपा, 5 कांग्रेस, 2-2 सपा, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक से लिए गए हैं। इसके अलावा शिव सेना, तेदेपा, जदयू, रालोद, लोजपा (पासवान), जेएसपी, शिवसेना (उद्धव), राकांपा (शरद), माकपा, आप, बीजद और वाईएसआरसीपी से एक-एक सांसद लिया गया है। समिति में राजग के घटक दलों के 22 और इंडिया गठबंधन के 10 सांसद शामिल किए गए हैं। बीजद और वाईएसआरसीपी ऐसे दल हैं, जो सत्ता पक्ष या विपक्ष किसी भी गठजोड़ का हिस्सा नहीं हैं।इससे पहले, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने निचले सदन में लोक सभा और विधान सभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024’ और उससे जुड़े ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024’ को संसद की संयुक्त समिति के विचार के लिए भेजे जाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। समिति को आगामी बजट सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।संसद में अंतिम दिन कोई काम नहींभारत की विधायिकाओं के कामकाज का अध्ययन करने वाली संस्था पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार शीतकालीन सत्र के दौरान लोक सभा में 52 प्रतिशत तथा राज्य सभा में 39 प्रतिशत कामकाज हुआ। सत्र के दौरान भारी हंगामा हुआ, क्योंकि कांग्रेस अदाणी समूह के खिलाफ कथित रिश्वत के आरोपों की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग कर रही थी, जबकि भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर निवेशक जॉर्ज सोरोस से संबंध रखने के आरोप लगाए। बाद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर भी विपक्ष आक्रामक रहा।सत्र के दौरान प्रमुख कार्यों में संविधान के 75 वर्षों पर चर्चा रही, जिस पर दोनों सदनों में 33 घंटे बहस हुई। पीआरएस के अनुसार लोक सभा में 20 दिनों में से 12 दिन प्रश्न काल 10 मिनट से अधिक नहीं चला। निचले सदन में स्थगन प्रस्ताव के लिए कई नोटिस दिए गए, लेकिन एक को भी स्वीकार नहीं किया गया। सत्र के अंतिम दिन विपक्ष के भारी हंगामे के चलते दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हुआ।लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। यह दिशा निर्देश आंबेडकर के कथित अपमान के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद आए हैं। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच हुई कथित धक्का-मुक्की की घटना का हवाला देते हुए कहा, ‘संसद की मर्यादा और गरिमा सुनिश्चित करना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। संसद के किसी भी द्वार और परिसर के भीतर धरना-प्रदर्शन नहीं करना है और यदि ऐसा होता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।’ - - कुल 26 दिनों के सत्र में लोकसभा की 20 और राज्यसभा की 19 बैठकें आयोजित की गईंनई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र, 2024 शुक्रवार, 20 दिसंबर, 2024 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। यह सत्र सोमवार 25 नवंबर, 2024 को शुरू हुआ था और 26 दिनों तक चले सत्र में लोकसभा की 20 बैठकें और राज्यसभा की 19 बैठकें हुईं।सत्र के दौरान, लोकसभा में 05 विधेयक पेश किए गए और 04 विधेयक लोकसभा द्वारा पारित किए गए तथा 03 विधेयक राज्यसभा द्वारा पारित किए गए। सत्र के दौरान दोनों सदनों द्वारा “भारतीय वायुयान विधेयक, 2024” नामक एक विधेयक पारित किया गया। विधेयक का उद्देश्य विमान अधिनियम, 1934 में समय-समय पर किए गए संशोधनों के कारण होने वाली अस्पष्टता को दूर करने के लिए विमान अधिनियम को फिर से लागू करना है।हमारे देश ने 26 नवंबर, 2024 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया जो हमारे संविधान को अंगीकार करने की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक थी। उस दिन चार थीमों के तहत साल भर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया गया: प्रस्तावना, अपने संविधान को जानें, संविधान का निर्माण और इसकी महिमा का जश्न मनाना। इस अवसर को मनाने के लिए 26 नवंबर, 2024 को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जहां एक स्मारक सिक्के और डाक टिकट के लॉन्च के अलावा “भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा” और “भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक” शीर्षक से दो पुस्तकों का विमोचन भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों, विपक्ष के नेताओं, दोनों सदनों के संसद सदस्यों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया। दुनिया भर में सभी भारतीय राष्ट्रपति के साथ प्रस्तावना पढ़ने में शामिल हुए ।संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के वर्ष भर चलने वाले समारोह के हिस्से के रूप में , 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में और 16 और 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में “भारत के संविधान के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा” पर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई। लोकसभा में यह चर्चा 15 घंटे 43 मिनट तक चली जिसमें 62 सदस्यों ने भाग लिया और प्रधानमंत्री ने इसका उत्तर दिया। राज्यसभा में यह चर्चा कुल 17 घंटे 41 मिनट तक चली, जिसमें 80 सदस्यों ने भाग लिया और गृह मंत्री ने इसका उत्तर दिया।2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों की पहली श्रृंखला पर चर्चा की गई और पूर्ण मतदान हुआ तथा संबंधित विनियोग विधेयक को लगभग 07 घंटे 21 मिनट की बहस के बाद 17.12.2024 को लोक सभा में प्रस्तुत कर उस पर चर्चा की गई और उसे पारित किया गया।दो ऐतिहासिक विधेयक अर्थात् (i) संविधान (एक सौ उनतीसवां) संशोधन विधेयक, 2024 और (ii) केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024, "एक राष्ट्र, एक चुनाव" के दृष्टिकोण के तहत लोकसभा और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनावों की व्यवस्था को प्रभावी करने के लिए, 17 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में पेश किए गए और 20 दिसंबर, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिए गए।लोक सभा में प्रस्तुत विधेयकों, लोक सभा/राज्य सभा द्वारा पारित विधेयकों तथा दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की सूची अनुलग्नक में संलग्न है।इस सत्र में लोक सभा में विधायी कार्य लगभग 54.5 प्रतिशत तथा राज्य सभा में लगभग 40 प्रतिशत रहा है।अनुलग्नकइस दौरान किए गए विधायी कार्य18वीं लोकसभा का तीसरा सत्र और राज्य सभा का 266वां सत्रI. लोकसभा में प्रस्तुत विधेयकतटीय नौवहन विधेयक, 2024।मर्चेंट शिपिंग बिल, 2024।संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024।केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024विनियोग (सं.3) विधेयक, 2024II. संसद के सदनों की संयुक्त समिति को भेजे गए विधेयक1. संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024।2. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024लोकसभा द्वारा पारित विधेयकबैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024।विनियोग (सं.3) विधेयक, 2024.राज्य सभा द्वारा पारित विधेयकतेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक, 2024।भारतीय वायुयान विधायक, 2024.बॉयलर्स विधेयक, 2024.संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकभारतीय वायुयान विधेयक, 2024.
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पुणे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्व को एक ‘गुरु' की जरूरत है और भारत वह ‘गुरु' बन सकता है। वह ‘विश्वगुरु भारत' विषय पर एक कार्यक्रम में व्याख्यान दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई सोचता है कि भारत को ‘विश्व गुरु' होना चाहिए। दुनिया कुछ सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ रही है और सुविधाओं तथा सेवाओं में वृद्धि हुई है, लेकिन चारों ओर शांति नहीं है। दुनिया के कुछ हिस्सों में युद्ध हो रहे हैं, जबकि प्रदूषण बढ़ रहा है। जब बारिश की उम्मीद होती है, तब बारिश नहीं होती और जब बारिश होती है, तो बहुत नुकसान हो जाता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया को एक गुरु की जरूरत है और भारत वह गुरु हो सकता है। हमारा देश परोपकार के लिए तैयार है। हमें दूसरों के ईश्वर का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। हमें दुनिया भर में सभी के साथ सद्भाव से रहना चाहिए।'' संविधान के बारे में बात करते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इसकी प्रस्तावना के साथ-साथ नागरिकों के अधिकारों को भी नहीं बदला जा सकता। - रायगढ़ । महाराष्ट्र के रायगढ़ में शुक्रवार को सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और 27 लोग घायल हो गए. । सभी लोग लोग एक शादी समारोह शामिल होने के लिए जा रहे थे।. रायगढ़ में तम्हिनी घाट पर बारातियों से भरी एक प्राइवेट बस खतरनाक मोड़ पर पलट गई.। हादसे की जानकारी मिलने पर माणगांव पुलिस टीम बचाव दल और एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंची.।एक अधिकारी ने बताया कि बारातियों से भरी बस लोहगांव से महाड में बिरवाडी की ओर जा रही थी।. इस दौरान बस चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। जिसके कारण बस पलटने से हादसा हो गया। मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। 27 घायलों को इलाज के लिए माणगांव ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया.।मृतकों की पहचान संगीता जाधव, गौरव दराडे, शिल्पा पवार और वंदना जाधव के रूप में हुई है। जबकि एक व्यक्ति की पहचान की जा रही है.। माणगांव पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक निवृत्ती बोराडे ने बताया कि पलटी हुई बस के अंदर फंसे 27 घायल मेहमानों को बचा लिया गया और अस्पताल ले जाया गया. पुलिस हादसे की जांच कर रही है.।
- चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के सम्मान में शुक्रवार से तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। चौटाला का शुक्रवार को गुरुग्राम में निधन हो गया।हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, “राज्य सरकार ने 20 से 22 दिसंबर तक तीन दिन के राजकीय शोक का फैसला किया है। इस अवधि के दौरान पूरे राज्य में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा, जहां यह नियमित रूप से लगा रहता है।”आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के सभी कार्यक्रम रद्द रहेंगे।आदेश के अनुसार हरियाणा सरकार ने दिवंगत के प्रति सम्मान के तौर पर शनिवार को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की है।चौटाला का उनके पैतृक जिले सिरसा में तेजा खेड़ा फार्म पर अपराह्न तीन बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अध्यक्ष और पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे चौटाला का शुक्रवार को 89 वर्ष की आयु में गुरुग्राम में निधन हो गया। पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के बेटे चौटाला को यहां उनके घर पर दिल का दौरा पड़ा और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
- जयपुर। जयपुर के भांकरोटा इलाके में शुक्रवार अलसुबह एलपीजी टैंकर को एक ट्रक द्वारा टक्कर मारे जाने के बाद लगी आग ने 30 से अधिक वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में आठ लोग जिंदा जल गए तथा 35 अन्य झुलस गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हादसे में आठ लोगों की मौत हो चुकी है और आग में झुलसे लगभग 35 लोग अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से कुछ वेंटिलेटर पर हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति ने भी हादसे में लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया है।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हादसे के बारे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात कर जानकारी ली। मुख्यमंत्री शर्मा, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा तथा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम घटनास्थल पहुंचे।मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच करवाएंगे और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है।अधिकारियों ने बताया कि हादसा अलसुबह करीब पौने छह बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भांकरोटा के पास एलपीजी टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे आग लग गई।उन्होंने बताया कि देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वहां से गुजर रही एक बस सहित अनेक ट्रक, कार उसकी चपेट में आ गए।घटना के वीडियो में लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए और शुरुआत में स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें एक किलोमीटर दूर से नजर आ रही थीं और राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा ‘‘आग के गोले’’ में तब्दील हो गया था।अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में कम से कम 31 वाहनों के जलने की सूचना है जिनमें 29 ट्रक तथा दो बस शामिल हैं।पुलिस के अनुसार आशंका है कि संभवत: अचानक आग की चपेट में आने से कुछ लोग अपने वाहनों से बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही जल गए।उसने बताया कि सभी वाहनों की गहन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि घायलों में से करीब आधे की हालत ‘बेहद गंभीर’ है।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री खींवसर सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल पहुंचे, जहां झुलसे हुए लोगों को भर्ती कराया गया है।मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों और चिकित्सकों से बात की और उचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना स्थल का दौरा किया और पुलिस अधिकारियों से भी बात की।घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बहुत ही दर्दनाक घटना है। मैं अस्पताल जाकर आया हूं। मैंने वहां उचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। हम घटना की विस्तृत जांच करवाएंगे। घायलों के इलाज की व्यवस्था करेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे हादसों को किस तरह से रोका जाए इस पर भी सरकार निश्चित रूप से विचार करेगी। प्रशासन पूरी तरह से लगा (बचाव कार्य में) हुआ है।’’ इस दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, जिलाधिकारी जितेंद्र सोनी तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा गया, ‘‘ राजस्थान में जयपुर-अजमेर राजमार्ग पर हुए हादसे में लोगों की मौत से दुखी हूं। उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायल को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’’वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘राजस्थान के जयपुर में हुआ सड़क हादसा अत्यंत दुःखद है। इस हादसे में अपना जीवन गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात हुई। स्थानीय प्रशासन घायलों को तुरंत उपचार प्रदान करने का काम कर रहा है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘जयपुर में सड़क दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु प्रार्थना करती हूं। उनके परिवारजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदनाएं! मेरी प्रार्थना है कि घायल हुए लोग शीघ्र ही स्वस्थ हों।’’एक अधिकारी ने बताया, ‘‘राजसमंद से जयपुर आ रही एक निजी स्लीपर बस दुर्घटना के समय गैस टैंकर के पीछे थी। बस में सवार यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं। जले हुए वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाया जा रहा है ताकि यातायात बहाल हो सके।’’राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर शोक जताया है। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, कांग्रेस व भाजपा के कई विधायक भी अस्पताल पहुंचे।जयपुर के पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया, ‘‘एलपीजी टैंकर से एक ट्रक टकरा गया। इससे टैंकर के पीछे का नोजल टूट गई और गैस लीक हो गई, जिससे भीषण आग लग गई।’’उन्होंने कहा, ‘‘टैंकर के पीछे के वाहनों में आग लग गई। दूसरे ओर से आ रहे अन्य वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई घटना के कारण वाहन आपस में टकरा गए।’’जोसेफ ने कहा, ‘‘गैस लीक होने के कारण इलाका ‘‘गैस चैंबर’’ जैसा बन गया। आग बहुत तेजी से फैल गई, जिससे वाहनों के अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।’’घटना के वीडियो में आग की लपटों में घिरे कुछ लोगों को वाहन से बाहर भागते हुए और जलते कपड़े निकालते देखा जा सकता है।बताया जा रहा है कि दुर्घटना वाले इलाके में अनेक पक्षी भी मृत मिले हैं और स्थानीय लोगों ने धुएं के कारण आंखों में खुजली तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की है।भांकरोटा पुलिस थाना के प्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में आग पर काबू पाना मुश्किल था।उन्होंने कहा, ‘‘शुरू में दमकल की टीम जल रहे वाहनों तक नहीं पहुंच पाईं। इलाके में तीन पेट्रोल पंप हैं, लेकिन राहत की बात है कि उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।’’गुप्ता ने बताया कि यह घटना एक निजी स्कूल के सामने की है और पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 25 से अधिक एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया।अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘प्राथमिक सूचना पर मानसरोवर दमकल केंद्र से कुछ दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन बाद में अन्य केंद्रों से भी दमकल गाड़ियां भेजी गईं।’’क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की एक टीम भी घटना की जांच करने के लिए मौके पर पहुंची।अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों की ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पाइप बनाने वाली एक फैक्टरी भी तबाह हो गई और पाइप पिघल गए हैं।हादसे में राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 300 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई।एक स्कूल वैन चालक ने बताया कि आग की लपटें एक किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं और वहां अफरातफरी मची हुई थी। पीड़ितों के परिजनों की मदद के लिए जिला प्रशासन की एक टीम अस्पताल में मौजूद है। जयपुर पुलिस ने दुर्घटना में घायलों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
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नई दिल्ली। जीएसटी परिषद शनिवार को अपनी बैठक में जीवन व स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कर की दर कम करने, महंगी कलाई घड़ियों, जूतों और परिधानों पर कर की दर बढ़ाने तथा अहितकर वस्तुओं के लिए अलग से 35 प्रतिशत कर लगाने पर विचार कर सकती है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में करीब 148 वस्तुओं में दर फेरबदल पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, विमानन उद्योग की परिचालन लागत के एक प्रमुख घटक एविएशन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।स्विगी और जोमैटो जैसे खाद्य वितरण मंचों पर जीएसटी दर को वर्तमान 18 प्रतिशत (आईटीसी के साथ) से घटाकर पांच प्रतिशत (इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना) करने का प्रस्ताव है।सूत्रों के अनुसार, फिटमेंट कमेटी (जिसमें केंद्र और राज्यों के कर अधिकारी शामिल हैं) ने इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ-साथ छोटे पेट्रोल तथा डीजल वाहनों की बिक्री पर मौजूदा 12 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक की दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।इस बढ़ोतरी से पुरानी छोटी कारें तथा इलेक्ट्रिक वाहन पुराने बड़े वाहनों के बराबर हो जाएंगे। इसके अलावा, जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए जून 2025 तक छह महीने का विस्तार मिलने की संभावना है।क्षतिपूर्ति उपकर व्यवस्था मार्च 2026 में समाप्त हो जाएगी और जीएसटी परिषद ने उपकर के भविष्य के पाठ को तय करने के लिए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के नेतृत्व में मंत्रियों की एक समिति का गठन किया है। जीएसटी व्यवस्था में, अहितकर वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर के अलावा विभिन्न दरों पर क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है।उपकर से प्राप्त आय जिसे मूल रूप से जीएसटी लागू होने के बाद पांच साल या जून 2022 तक के लिए नियोजित किया गया था…इसका इस्तेमाल जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए किया गया। बैठक में एक प्रमुख मुद्दा स्वास्थ्य तथा जीवन बीमा पर जीएसटी दर तय करना है।बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में परिषद द्वारा गठित मंत्री समूह ने नवंबर में अपनी बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए भुगतान किए जाने वाले बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति जताई थी। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य बीमा ‘कवर’ के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को भी कर से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है।वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का भी प्रस्ताव है।मंत्रियों के समूह ने परिधानों पर कर दरों को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने 1,500 रुपये तक की लागत वाले तैयार कपड़ों पर पांच प्रतिशत जीएसटी जबकि 1500 रुपये से 10000 रुपये तक की लागत वाले कपड़ों पर 18 प्रतिशत जीएसटी का प्रस्ताव रखा है। वहीं 10,000 रुपये से अधिक कीमत वाले परिधानों पर 28 प्रतिशत कर लगेगा।मंत्री समूह ने 15,000 रुपये प्रति जोड़ी से अधिक कीमत वाले जूतों पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव रखा है।19 अक्टूबर को हुई पिछली बैठक में 25,000 रुपये से अधिक मूल्य की कलाई घड़ियों पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव किया गया था। -
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि वो केंद्रीय कर्मचारी भी केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के हकदार हैं, जिनका इलाज CGHS के तहत आने वाले अस्पताल में नहीं हुआ हो। जस्टिस ज्योति सिंह ने एक याचिकाकर्ता सीमा मेहता के मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। सीमा मेहता इलाज के दौरान CGHS को तहत आने वाले अस्पताल का पता नहीं लगा पाई थी। सीमा मेहता एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल की कर्मचारी हैं। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उन्हें योजना के तहत रीइंबर्समेंट से इनकार नहीं किया जा सकता है।
सीमा मेहता ने एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद इमरजेंसी ब्रेन सर्जरी कराई थी, जिसके बाद उन्होंने 585,523 रुपए के रीइंबर्समेंट की मांग की। मेहता ने शुरू में अपना इलाज दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में इलाज करवाया था, लेकिन बाद में उन्हें सर गंगाराम अस्पताल ट्रांसफर कर दिया गया था। सर गंगा राम अस्पताल में ही उनकी सर्जरी हुई और इसी दौरान वहां उन्हें कई बार भर्ती होना पड़ा।जब उन्होंने शिक्षा निदेशालय (DoE) और स्कूल से इसके रीइंबर्समेंट की बात की, तो उनके रीइंबर्समेंट को इस आधार पर मना कर दिया गया कि जिस अस्पताल में उन्होंने अपना इलाज करवाया, वह केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के तहत नहीं आता है।कोर्ट ने इसी पर अपनी टिप्पणी में कहा कि मानव का जीवन सबसे ऊपर है और जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है।CGHS अस्पतालों का पता कैसे लगाएं?आप Cghs।nic।in के माध्यम से सभी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर का पता लगा सकते हैं। इस वेबसाइट के मुताबिक, इसमें अस्पताल खोजने का विकल्प है। आप उस क्षेत्र में मौजूद अस्पताल को देखने के लिए ड्रॉपडाउन लिस्ट में से अपने शहर में मौजूद अस्पताल का चयन कर सकते हैं।यह वेबसाइट अस्पताल के बारे में विस्तृत जानकारी देती हैं, जिसमें अस्पताल का पता, कॉन्टेक्ट नंबर और अस्पताल द्वारा दी जा रही सेवाएं शामिल है। इससे आपको यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किस अस्पताल में कौन सा इलाज हो सकता है और कहां क्या क्या सुविधाएं मौजूद हैं। जब एक बार आप संभावित अस्पताल का पता लगा लेते हैं तो यह सलाह दी जाती है कि उनके पैनल में शामिल होने के लिए पुष्टि करने और CGHS के तहत कवर की गई स्पेसिफिक सर्विस के बारे में जानकारी पाने और पूछताछ के लिए सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। -
नई दिल्ली। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला का आज शुक्रवार को गुरुग्राम में निधन हो गया। वह 89 साल के थे। पार्टी प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे और पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के बेटे चौटाला को गुरुग्राम में उनके घर में दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इनेलो सुप्रीमो के निधन से पूरा प्रदेश शोक की लहर में डूब गया है।
ओम प्रकाश चौटाला का जन्म 1 जनवरी 1935 को हरियाणा के सिरसा जिले के चौटाला गांव में हुआ था।रोचक रहा ओमप्रकाश चौटाला का राजनीतिक करियरहरियाणा की राजनीति ओमप्रकाश चौटाला के नाम के बिना अधूरा है। पांच बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे चौटाला, राज्य की अलग अलग विधानसभा सीटों से 7 बार विधायक रहे चुके थे।ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहली बार दिसंबर 1989 में बैठे थे। वह 22 मई 1990 तक इस पद पर रहे।चौटाला दूसरी बार मुख्यमंत्री 1990 में फिर बने जब उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता को पद से हटाकर 12 जुलाई 1990 को मुख्यमंत्री पद की दूसरी बार शपथ ली। हालांकि, राजनीतिक विवशता के चलते वह दूसरी बार सिर्फ 5 दिन ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ सकें और उन्हें 17 जुलाई 1990 को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।22 अप्रैल 1991 को उन्होंने तीसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन दो हफ्ते बार उन्हें फिर से अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।24 जुलाई 1999 को उन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्री पद बने। मार्च 2000 में वह पांचवी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। चौटाला ने इस दौरान साल 2005 तक अपना पूरा कार्यकाल पूरा किया।शिक्षक भर्ती घोटाले में जाना पड़ा था जेलओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला पर आरोप लगा था कि उन्होंने राज्य में जाली दस्तावेजों की मदद से तीन हजार से अधिक शिक्षकों की अवैध रूप से भर्ती कराई। इस मामले में सीबीआई को जांच सौंपी गई थी। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फरवरी 2023 में ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को 10 साल की सजा सुनाई थी।प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोकप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के निधन पर शोक जताया और कहा कि उन्होंने देश के उप प्रधानमंत्री रहे अपने पिता चौधरी देवीलाल के कार्यों को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। प्रदेश की राजनीति में वह वर्षों तक सक्रिय रहे और चौधरी देवीलाल जी के कार्यों को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया। शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने इस पोस्ट के साथ एक पुरानी तस्वीर भी साझा की जिसमें वह चौटाला के साथ खिलखिलाकर हंस रहे हैं। संभवत: यह तस्वीर उस समय की है जब मोदी गुजरात के और चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत आधुनिक हथियारों और तकनीक के मामले में पीछे रह गया था, लेकिन मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद यह रक्षा क्षेत्र में ‘‘अभूतपूर्व'' गति से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है। सिंह ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युद्धकला तेजी से बदल रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए उच्चस्तरीय तकनीक अपनाये जाने की जरूरत है। रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से बदलते समय के अनुरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ‘क्वांटम कंप्यूटिंग' जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों पर पकड़ मजबूत करने का आह्वान किया तथा उनसे भारत की विरासत को कभी न भूलने का आग्रह किया। सिंह आईआईटी दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय इंजीनियरिंग अकादमी के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ये विशिष्ट प्रौद्योगिकियां आने वाले समय में लगभग हर क्षेत्र को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘अभी हम शुरुआती चरण में हैं। हमारा लक्ष्य सबसे पहले इन तकनीकों पर पकड़ मजबूत करना होना चाहिए, ताकि भविष्य में इनका उपयोग लोगों के कल्याण के लिए किया जा सके और उनकी तत्काल बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।'' सिंह ने कहा कि दुनिया निरंतर विकसित हो रही है और रक्षा क्षेत्र इस परिवर्तन से बचा नहीं रह सकता। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सिंह ने कहा कि पहले कुछ कारणों से भारत आधुनिक हथियारों और तकनीक के मामले में पीछे रह गया था, लेकिन जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, देश अभूतपूर्व गति से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘आधुनिक युद्धकला में तेज गति से बदलाव हो रहा है, इसलिए उच्च तकनीक को अपनाने की जरूरत है। इस दिशा में हमने युवाओं की प्रतिभा को सामने लाने के लिए रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडीईएक्स) और प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) जैसी योजनाएं शुरू की हैं, जिसके माध्यम से उनके साथ-साथ देश के सपने भी साकार हो सकते हैं।'' सिंह ने कहा कि भारत एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है, क्योंकि वह उन हथियारों का भी निर्यात कर रहा है, जिनका वह कभी आयात करता था। उन्होंने इस ‘‘क्रांतिकारी परिवर्तन'' का श्रेय सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, शिक्षाविदों, इंजीनियरों और नवोन्मेषकों के सामूहिक प्रयासों को दिया और विश्वास जताया कि देश जल्द ही वैश्विक क्षेत्र में एक सशक्त तकनीकी बढ़त हासिल कर लेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश शीघ्र ही वैश्विक क्षेत्र में तकनीकी रूप से मजबूत बढ़त हासिल कर लेगा। रक्षा मंत्री ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सहयोग से देश के वैज्ञानिक विकास में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) की भूमिका की सराहना की। साथ ही उन्होंने उद्योग, अनुसंधान एवं विकास संगठनों और शिक्षाविदों के बीच और भी बेहतर संबंध स्थापित करने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि विकसित देशों में शैक्षणिक परिसर अग्रणी प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सिंह ने कहा, ‘‘भारत इस समय सबसे युवा देश है। हमारे युवाओं में नया करने का जुनून और क्षमता है। हमारी सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। हम उनके नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं और उनकी जरूरतों के हिसाब से उन्हें निधि उपलब्ध कराते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज नवाचार और ‘स्टार्ट-अप' का केंद्र बन गया है, जिसकी वजह से हम लगातार तकनीकी कौशल हासिल कर रहे हैं। हम हमेशा अपने इंजीनियरों और नवोन्मेषकों के साथ खड़े रहेंगे। हमारे संयुक्त प्रयासों से हम ‘आत्मनिर्भर भारत' के अपने सपने को साकार करेंगे।''
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श्रीनगर।’ जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में कम से कम पांच आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि बुधवार आधी रात के बाद शुरू किए गए अभियान में सुरक्षा बल के दो जवान भी घायल हो गए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने बुधवार रात जिले के बेहिबाग इलाके के कद्देर गांव में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया।उन्होंने बताया कि तलाश अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलाईं जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और अभियान मुठभेड़ में तब्दील हो गया। अधिकारी ने बताया, ‘‘पांच आतंकवादियों के शव बाग में पड़े हैं लेकिन अभी तक उन्हें कब्जे में नहीं लिया गया है।’’ file photo -
नई दिल्ली। मध्य रेलवे ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले के लिए 34 विशेष रेलगाड़ियों को चलाने की घोषणा की है। यह मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा। ये विशेष रेलगाड़ियाँ मुंबई, पुणे, नागपुर और अन्य शहरों से चलाई जायेंगी। कुंभ मेले के लिए विशेष रेलगाड़ियों की बुकिंग 20 दिसंबर से शुरू होगी। इन विशेष रेलगाड़ियों में बिना आरक्षण के भी यात्रा की जा सकेगी।
- मुंबई । मुंबई के तट पर नौसैनिक पोत के पर्यटक नौका को टक्कर मारने से 13 लोगों की मौत होने के एक दिन बाद गुरुवार को अधिकारियों ने ‘गेटवे ऑफ इंडिया’ से नौका सवारी करने वाले सभी लोगों के लिए जीवनरक्षक जैकेट अनिवार्य कर दी है। बुधवार को हुई दुर्घटना में जीवित बचे कुछ लोगों ने दावा किया कि नौका पर पर्याप्त जीवनरक्षक जैकेट नहीं थीं।बुधवार दोपहर नौसेना के पोत ने इंजन परीक्षण के दौरान यात्री नौका 'नील कमल' को टक्कर मार दी थी, जिसकी वजह से नौसेना के एक कर्मी और दो संविदा कर्मियों समेत 13 लोगों की मौत हो गई जबकि लगभग 100 लोगों को बचा लिया गया। नौका 100 से अधिक यात्रियों को गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा द्वीप ले जा रही थी।‘गेटवे ऑफ इंडिया’ पर तैनात एक सहायक नौका निरीक्षक देवीदास जाधव ने बताया कि उन्होंने प्रत्येक यात्री के लिए जीवनरक्षक जैकेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। भाऊचा ढक्का पर नावों के मालिकों का कहना है कि लोगों को जीवनक्षक जैकेट पहननी चाहिए, लेकिन कई बार यात्री ऐसा नहीं करते, हालांकि आपात स्थिति में ये जीवन रक्षक साबित हो सकती हैं। नौका मालिक समीर बामने ने कहा कि कुछ यात्री लाइफ जैकेट पहनने से कतराते हैं, इसका कारण यह है कि उमस के दौरान अत्यधिक गर्मी और पसीने की वजह से वे असहज महसूस करते हैं।
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नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में सत्तारूढ भाजपा और विपक्षी सदस्यों के विरोध प्रदर्शन और जवाबी विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत आज घायल हो गए। मीडिया से बातचीत में श्री सारंगी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया, जिसके कारण वह सांसद उन पर गिर पड़े, और वे घायल हो गए। उन्होंने कहा कि जब श्री गांधी आए तब वे सीढियों के पास खडे थे। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घायल सांसदों से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने भाजपा के सांसदों पर हमला किया। श्री रिजिजू ने शारीरिक बल का प्रयोग करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के आचरण के प्रति आपत्ति जताई है।
इस बीच, श्री गांधी ने कहा कि जब वे संसद के भीतर जाने का प्रयास कर रहे थे, तब भाजपा के सांसद उन्हें रोकने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया और धमकाया भी गया। श्री गांधी ने कहा कि प्रवेश द्वार से सदन के भीतर जाने का उनका अधिकार है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया को बताया कि सत्तारूढ पार्टी के सांसदों ने संसद के प्रवेश द्वार पर बाधा पहुंचा कर लोकसभा अध्यक्ष के निर्देशों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य को प्रवेश द्वार को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ सांसदों ने उन्हें धक्का दिया। उन्होंने इस बारे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला को पत्र लिखा है और मामले की जांच करने का अनुरोध किया है। - नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को यहां पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, आठों पूर्वोत्तर राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।पश्चिमी त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट विशाल कुमार ने बताया, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को एनईसी के 72वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करने के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचेंगे।’’ उन्होंने बताया कि एनईसी की पूर्ण बैठक के अलावा शाह वित्तीय समावेशन, ऋण वितरण, डिजिटल समावेशन आदि की समीक्षा के लिए बैंकरों के साथ भी एक बैठक करेंगे। सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के निदेशक बिम्बिसार भट्टाचार्य ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि शाह रविवार को ब्रुहापारा में ब्रू (रियांग) शिविरों का भी दौरा करेंगे और धलाई जिले के मसूराईपारा में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। जुलाई 2018 में ब्रू बस्ती समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद यह पहली बार है जब केंद्रीय गृह मंत्री जमीनी हकीकत का आकलन करने के लिए इन शिविरों का दौरा करेंगे।इस समझौते के तहत ब्रू जनजाति से जुड़े 5,407 परिवारों के 32,876 लोगों को पूर्वोत्तर राज्य के 19 स्थानों पर बसाया गया है। केंद्र ने उनके पुनर्वास के लिए 661 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित किया था। शाह राज्य से रवाना होने से पहले रविवार को रवींद्र सतबर्षिकी भवन में राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।पश्चिम त्रिपुरा के पुलिस अधीक्षक किरण कुमार ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के दो दिवसीय दौरे के मद्देनजर राजधानी के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उन्होंने कहा, ‘‘ केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे और एनईसी के पूर्ण सत्र के मद्देनजर पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगरतला और उसके आसपास के इलाकों में त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के करीब 2,000 जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के करीब 100 जवानों को तैनात किया गया है साथ ही बीएसएफ से भारत-बांग्लादेश सीमा पर कड़ी निगरानी रखने का अनुरोध किया गया है।’’
- नयी दिल्ली। रेल मंत्रालय ने उन दावों को "बेबुनियाद" और "भ्रामक" करार देते हुए बुधवार को खारिज किया कि महाकुंभ मेले के दौरान यात्रियों को मुफ्त यात्रा की अनुमति दी जाएगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रावधान मौजूद नहीं है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "भारतीय रेलवे के संज्ञान में आया है कि कुछ मीडिया संस्थान ऐसी खबरें प्रसारित कर रहे हैं कि महाकुंभ मेले के दौरान यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।" बयान के मुताबिक, "भारतीय रेलवे इन खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन करता है, क्योंकि ये पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक हैं।" इसमें कहा गया है, "भारतीय रेलवे के नियमों और विनियमों के तहत वैध टिकट के बिना यात्रा करना पूरी तरह से वर्जित और दंडनीय अपराध है। महाकुंभ मेले या किसी अन्य मौके के दौरान मुफ्त यात्रा का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है।" बयान के अनुसार, भारतीय रेलवे महाकुंभ के दौरान यात्रियों के लिए निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें कहा गया है, "यात्रियों के बड़ी संख्या में आने के मद्देनजर विशेष यात्री क्षेत्र, अतिरिक्त टिकट काउंटर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थापना सहित पर्याप्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।"
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नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि चीनी मिलों ने 2024-25 के चालू सीजन के पहले 70 दिनों में गन्ना किसानों को 8,126 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 13 दिसंबर तक कुल देय गन्ना मूल्य 11,141 करोड़ रुपये था। उन्होंने बताया कि 3,015 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसमें कर्नाटक में सबसे अधिक 1,405 करोड़ रुपये बकाया है, उसके बाद उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का स्थान है। भारत में चीनी सीजन अक्टूबर से सितंबर तक चलता है।जोशी ने गन्ने के बकाये में कमी का श्रेय मौजूदा नीतिगत हस्तक्षेपों को दिया। पिछले 2023-24 सीजन में 1,11,674 करोड़ रुपये के कुल गन्ना बकाये में से लगभग 1,10,399 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जिसके उपरांत 13 दिसंबर तक केवल 1,275 करोड़ रुपये बकाया रह गए हैं। इस प्रकार प्रभावी रूप से बकाया का 99 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। file photo
- नयी दिल्ली ।सेवानिवृत्ति कोष निकाय, ईपीएफओ और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के ग्राहक जल्द ही ई-वॉलेट के जरिये दावा निपटान राशि का उपयोग करने में सक्षम हो सकते हैं। एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में सचिव सुमिता डावरा ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की त्वरित निकासी के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा, ‘‘यह बीमाकृत व्यक्ति, एक योगदानकर्ता के लिए बहुत रुचि का क्षेत्र है कि वह अपना पैसा अधिक आसानी से किस तरह निकाल सकता है।'' डावरा ने कहा कि स्वतः निपटान के मामलों में ईपीएफ का पैसा बैंक खाते में जाता है और अंशधारक इस राशि को बैंक खाते से किसी भी एटीएम के जरिये निकालने में सक्षम हैं। पर्यटन शिखर सम्मेलन में शिरकत करने आईं डावरा ने कहा, ‘‘अब आप इस बारे में बात कर रहे हैं कि दावा सीधे वॉलेट में कैसे जा सकता है, तो फिर हमें कोई व्यवस्था बनानी होगी। इसके लिए हमने बैंकरों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। हम इस बारे में एक योजना भी बनाने जा रहे हैं कि हम इसे व्यावहारिक रूप से किस तरह अंजाम दे सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बारे में भारतीय रिजर्व बैंक से संपर्क कर रहे हैं और हम बहुत जल्द ही एक योजना तैयार कर लेंगे।''
- नयी दिल्ली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बुधवार को संसद को बताया कि पिछले पांच साल में सीवर और सेप्टिक टैंक में 419 लोगों की मौत हुई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि हाथ से मैला ढोने के कारण किसी की मौत होने की सूचना नहीं है। उनके द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच साल में सीवर और सेप्टिक टैंक में 419 लोगों की मौत हुई है। तमिलनाडु (67), महाराष्ट्र (63), उत्तर प्रदेश (49), गुजरात (49) और दिल्ली (34) उन राज्यों में हैं, जहां इस तरह की मौतों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गईं।
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महाकुंभ । नगर तीर्थराज प्रयागराज की संगम नगरी में महाकुंभ-2025 के आयोजन को अब कुछ दिन ही बचे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (यूपीएसटीडीसी) मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए टेंट सिटी स्थापित कर रहे हैं। यूपीएसटीडीसी महाकुंभ मेला क्षेत्र में 300 बिस्तर वाले डीलक्स अस्थायी प्रवास स्थल (डॉर्मेटरी) की स्थापना में जुटा है, जिसमें कुल 50 टेंट लगाए जाएंगे। इसमें चार बिस्तर युक्त 20 टेंट, छह बिस्तर युक्त 10 टेंट और आठ बिस्तर युक्त 20 टेंट स्थापित होंगे। यूपीएसटीडीसी के अधिकारियों के मुताबिक, महाकुंभ मेला क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों, विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों तथा आम तीर्थयात्रियों की जरूरतों के अनुसार टेंट सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नये 300 बिस्तर वाले डीलक्स डॉर्मेटरी में प्रत्येक टेंट का क्षेत्रफल 250 वर्ग फुट से लेकर 400 वर्ग फुट होगा। अधिकारियों के अनुसार, इन टेंट में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के समूह को एक साथ ठहरने और महाकुंभ क्षेत्र में विश्वस्तरीय सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि इन तंबुओं में एसी, डबल बेड, दरी, सोफा सेट, डेस्क, इलेक्ट्रिक गीजर, अग्निशमन यंत्र, रजाई, कंबल, मच्छरदानी, वाईफाई, 'डाइनिंग एरिया', 'वेटिंग लाउंज' और 'मीटिंग लाउंज' जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अधिकारियों के मुताबिक, यूपीएसटीडीसी इन टेंट को उपलब्ध कराने के अलावा संगम बोट राइड, सोफा बोट राइड, बनाना बोट राइड, क्रूज राइड समेत प्रयागराज संगम पर पूजन तथा प्रयागराज के धार्मिक और पौराणिक महत्व के तीर्थों के दर्शन के भी पैकेज उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि टेंट में ठहरने की सुविधा 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच उपलब्ध रहेगी और बुकिंग का विकल्प यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट और महाकुंभ मेला ऐप पर भी उपलब्ध होगा।
- अनंतनाग (जम्मू कश्मीर)। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का कार्य पूरा हो जाने के साथ ही अगले महीने तक कश्मीर के देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाने की संभावना है। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने यहां यह जानकारी दी। उत्तरी रेलवे महाप्रबंधक अशोक वर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि रियासी क्षेत्र में स्थित आखिरी सुरंग का काम एक सप्ताह में पूरा हो जायेगा। वर्मा ने कहा, ‘‘ यह परियोजना बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। हमें उम्मीद है कि जनवरी में कनेक्टिविटी शुरू हो जाएगी। उसके बाद वंदे भारत समेत सभी ट्रेन चलेंगी और सभी ट्रेन के लिए समय सारिणी तैयार की जाएगी। हमें उम्मीद है कि जनवरी में यह परियोजना शुरू हो जाएगी।'' उन्होंने मंगलवार को कहा कि परियोजना के पूरा होने से बहुत बड़ा फर्क आएगा और ‘कश्मीर की स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन आएगा।' वर्मा ने कहा कि रियासी में सुरंग का काम अपने अंतिम चरण में है और एक सप्ताह के भीतर पूरा हो जाएगा। उनके अनुसार इसे पहले टी-1 कहा जाता था लेकिन अब यह टी-33 के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘ पटरियां बिछाने का काम पूरा हो चुका है और अभी बिजली का काम चल रहा है। उम्मीद है कि एक सप्ताह में यह काम पूरा हो जाएगा। अगले 15 दिनों में सीआरएस निरीक्षण भी हो जाएगा, जिसके बाद ट्रेन चलेंगी।'' वर्मा ने परिचालन की समीक्षा करने और चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास का आकलन करने के लिए घाटी में कई रेलवे स्टेशनों का दौरा किया। वैष्णो देवी की तलहटी में स्थित तथा कटरा एवं रियासी को जोड़ने वाले 3.2 किलोमीटर लंबे टी-33 के लिए पटरियां बिछाने का काम पिछले सप्ताह पूरा हो गया है। इसके परिणामस्वरूप कटरा और रियासी के बीच अंतिम 17 किलोमीटर का खंड भी पूरा हो गया, तथा अब कश्मीर से दिल्ली के लिए पहली सीधी ट्रेन का संचालन संभव हो सकेगा।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और पी पी चौधरी तथा कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाद्रा उन 21 लोकसभा सदस्यों में शामिल हैं, जो संसद की उस संयुक्त समिति का हिस्सा होंगे, जो एक साथ चुनाव कराने संबंधी दो विधेयकों की पड़ताल करेगी। लोकसभा की बृहस्पतिवार की कार्यसूची में समिति का हिस्सा बनने वाले 21 सांसदों के नाम शामिल हैं, जिसके गठन का प्रस्ताव कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तमभाई रूपाला, भर्तृहरि महताब, अनिल बलूनी, सी एम रमेश, बांसुरी स्वराज, विष्णु दयाल राम और संबित पात्रा भाजपा के लोकसभा सदस्यों में शामिल हैं, जो इस समिति का हिस्सा होंगे। सूत्रों ने बताया कि कानून राज्य मंत्री रह चुके चौधरी को समिति का संभावित अध्यक्ष माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि ठाकुर भी इस पद के लिए दावेदार हैं। नियमों के अनुसार अध्यक्ष ओम बिरला अंतिम निर्णय लेंगे।
कांग्रेस के मनीष तिवारी और सुखदेव भगत, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, तृकां के कल्याण बनर्जी, द्रमुक के टी एम सेल्वागणपति, तेदेपा के जी एम हरीश बालयोगी, राकांपा (शरद चंद्र पवार) की सुप्रिया सुले, राष्ट्रीय लोकदल के चंदन चौहान तथा जन सेना पार्टी के बालाशोवरी वल्लभनेनी अन्य लोकसभा सदस्य हैं। राज्यसभा एक अलग संदेश में समिति के लिए अपने 10 सदस्यों के नाम घोषित करेगी। समिति में शामिल किए जाने वाले लोकसभा सदस्यों में से 14 भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के हैं, जिनमें से 10 भाजपा के हैं। -
मुंबई.महाराष्ट्र में मुंबई तट के नजदीक बुधवार को नौसेना के जहाज के एक नौका से टकराने के कारण 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 99 अन्य लोगों को बचा लिया गया। नौसेना ने यह जानकारी दी। नौसेना की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि नौसेना का एक जहाज इंजन परीक्षण के लिए जा रहा था, लेकिन तभी शाम चार बजे इसने नियंत्रण खो दिया और करंजा के पास यह नीलकमल नामक नौका से टकरा गई। यह नौका यात्रियों को गेटवे ऑफ इंडिया से लोकप्रिय पर्यटन स्थल ‘एलीफेंटा' द्वीप पर लेकर जा रही थी। नौसेना ने कहा, ‘‘नौसेना ने तटरक्षक बल और समुद्री पुलिस के समन्वय से खोज एवं बचाव प्रयास तुरंत शुरू किए। बचाव अभियान में नौसेना के चार हेलीकॉप्टर, नौसेना के 11 जहाज, तटरक्षक बल की एक नाव और समुद्री पुलिस की तीन नावों की मदद ली जा रही है।'' इसमें कहा गया, ‘‘नौसेना और अन्य जहाजों की मदद से जीवित बचे लोगों को आसपास की जेटी पर पहुंचाया गया और फिर उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब तक 99 लोगों को बचाया जा चुका है।'' नौसेना ने बताया कि इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें नौसेना का एक कर्मचारी और नौसेना के जहाज में सवार ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) के दो लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर खोज एवं बचाव अभियान के साथ-साथ सभी कर्मचारियों का लेखा-जोखा भी तैयार किया जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में संवाददाताओं को बताया कि इस घटना में 101 लोगों को बचा लिया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुंबई बंदरगाह में नौसेना के जहाज के एक नौका से टकरा जाने के कारण लोगों की जान जाने से बहुत दुःखी हूं। इस घटना में घायल हुए लोगों का तत्काल इलाज किया जा रहा है।'' सिंह ने कहा, ‘‘शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल द्वारा व्यापक खोज एवं बचाव अभियान जारी है तथा कई संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।''
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लखनऊ. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी 19 से 25 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश में मनाई जाएगी। अटल ने लगातार पांच बार लोकसभा में लखनऊ का प्रतिनिधित्व किया था। सरकार की ओर से बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को लखनऊ के संत गाडगे महाराज सभागार, संगीत नाटक अकादमी से शताब्दी समारोह का उद्घाटन करेंगे। बयान के अनुसार, संस्कृति विभाग और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कविता पाठ शामिल होंगे। ललित कला अकादमी की निदेशक डॉ. श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि प्रदर्शनी में अटल के जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें "कवि, आलोचक, कुशल प्रशासक, अनुकरणीय राजनीतिज्ञ और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिकाएं" शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य उनके उल्लेखनीय व्यक्तित्व के माध्यम से वर्तमान और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करना है। शुक्ला ने कहा, "प्रदर्शनी में राज्य भर के विभिन्न जिलों के कलाकारों की बनाई 30-35 से अधिक पेंटिंग प्रदर्शित की जाएंगी।" उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश इस पहल के तहत आयोजित ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए मणिपुर, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के साथ समझौता करेगा। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सूचना विभाग संगीत नाटक अकादमी में सुशासन पर एक प्रदर्शनी आयोजित करेगा।
इस अवसर पर योगी मुख्यमंत्री कार्यालय लोक भवन में अटल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देंगे। लोक भवन में अटल के जीवन और योगदान को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। बयान के मुताबिक, हफ्ते भर चलने वाले समारोह के विजेताओं को 25 दिसंबर को अटल की जन्म शताब्दी पर पुरस्कृत किया जाएगा। -
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में एक घर में आग लगने के बाद दम घुटने से दो बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले के शिव नगर इलाके में एक घर में जिस समय आग लगी उस समय उसमें रहने वाले लोग सो रहे थे। आग लगने के कारण घर के अंदर धुआं भर गया। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे जब स्थानीय लोगों ने आग देखी तो वे तत्काल वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि उस घर में रहने वाले लोगों को कठुआ के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो नाबालिगों समेत छह को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया, ‘‘दस लोगों को अस्पताल लाया गया जिनमें से छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया और चार अन्य का उपचार किया जा रहा है।'' चिकित्सक ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि दम घुटने के कारण उनकी मौत हुई। उन्होंने बताया कि किसी के भी शरीर पर जलने के निशान नहीं है।




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