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नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अभिव्यक्ति की आजादी से लेकर शाह बानो प्रकरण और आपातकाल से जुड़े विभिन्न संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर ‘एक परिवार के हित' में संविधान में संशोधन करते रहने का आरोप लगाया। ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' विषय पर राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए सीतारमण ने कहा कि इन संविधान संशोधनों के दौरान कांग्रेस की तत्कालीन सरकारों ने ना तो प्रक्रिया का पालन किया और ना ही संविधान की भावना का कोई सम्मान किया। उन्होंने सहयोगी दलों के दवाब में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं करने के लिए कांग्रेस को ‘महिला विरोधी' भी करार दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लगभग 50 वर्षों तक पिछली कांग्रेस सरकारों की आर्थिक नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘हर बार कांग्रेस ने संविधान में संशोधन किए... केवल परिवार, वंश की मदद करने के लिए ... संविधान में संशोधन करते रहे।'' 42वें संविधान संशोधन और शाहबानो मामले से संबंधित संशोधन समेत विभिन्न संशोधनों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कोई भी संशोधन आर्थिक और सामाजिक पहलुओं पर खरा नहीं उतरा, इस दौरान उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और इनमें संवैधानिक भावना का सम्मान भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संशोधन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की रक्षा करने और परिवार को मजबूत करने के लिए किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नाम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, ‘‘मजरूह सुल्तानपुरी और बलराज साहनी दोनों को 1949 में जेल में डाल दिया गया था। 1949 में मिल मजदूरों के लिए आयोजित बैठकों में से एक में मजरूह सुल्तानपुरी ने एक कविता सुनाई थी जो जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ थी। और इसलिए उन्हें जेल जाना पड़ा।'' सीतारमण ने कहा कि सुल्तानपुरी ने माफी मांगने से इनकार कर दिया था और उन्हें जेल भेज दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का कांग्रेस का रिकॉर्ड यहीं तक सीमित नहीं था। वर्ष 1975 में माइकल एडवर्ड्स ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू पर एक राजनीतिक जीवनी लिखी थी। इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने ‘किस्सा कुर्सी का' नामक एक फिल्म को भी सिर्फ इसलिए प्रतिबंधित कर दिया क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, उनके बेटे और तत्कालीन सूचना और प्रसारण मंत्री पर सवाल उठाया गया था।'' सीतारमण ने, 1950 में उच्चतम न्यायालय की ओर से वामपंथी पत्रिका ‘क्रॉस रोड्स' और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पत्रिका ‘ऑर्गनाइजर' के पक्ष में सुनाए गए एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जवाब में तत्कालीन अंतरिम सरकार ने संविधान संशोधन किया जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाते थे। उन्होंने कहा, ‘‘कई उच्च न्यायालयों ने भी हमारे नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बरकरार रखा, लेकिन अंतरिम सरकार ने जवाब में सोचा कि पहले संशोधन की आवश्यकता है। यह कांग्रेस द्वारा लाया गया था।'' उन्होंने इंदिरा गांधी बनाम राजनारायण मामले से संबंधित संवैधानिक संशोधनों का भी उल्लेख किया और कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, ‘‘ये संशोधन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि सत्ता में बैठे लोगों के हित में लाए गए थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘कल्पना कीजिए कि किसी व्यक्ति के लिए अपनी कुर्सी बचाने के लिए, अदालत के फैसले से पहले ही एक संशोधन किया गया था।'' शाह बानो मामले में उच्चतम न्यायालय के 1986 के एक फैसले का उल्लेख करते हुए सीतारमण ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने इसे पलटते हुए मुस्लिम महिलाओं को गुजारा भत्ता के अधिकार से वंचित कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया जबकि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने संविधान संशोधन करके मुस्लिम महिलाओं को अधिकारों से वंचित किया।'' उन्होंने कहा कि इसके विपरीत उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमेशा महिला आरक्षण और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं खुद इसकी लाभार्थी हूं। सीतारमण ने कहा कि 2008 में राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो गया था लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस इसे लोकसभा में नहीं ले गई, क्योंकि उसके गठबंधन सहयोगी कानून के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस महिला विरोधी है क्योंकि उसने कुर्सी बचाने के लिए महिला आरक्षण विधेयक पारित ही नहीं किया।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सोवियत मॉडल अपनाया था और इंदिरा गांधी ने उसे आगे बढ़ाया लेकिन समाजवादी मॉडल से भारत को कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की सरकारों ने 50 साल तक जो आर्थिक नीतियां अपनाईं, उससे अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं हो पाई।'' इससे पहले, वित्त मंत्री ने 15 महिलाओं सहित संविधान सभा के 389 सदस्यों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने बहुत ही चुनौतीपूर्ण माहौल में भारत का संविधान तैयार किया था। सीतारमण ने कहा कि भारत का संविधान ‘‘समय की कसौटी पर खरा उतरा है। आज हम भारत के लोकतंत्र के विकास पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि देश के संविधान के 75 साल पूरे हो रहे हैं और ‘‘यह समय भारत के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने का है, जो इस पवित्र दस्तावेज में निहित भावना को बनाए रखेगा।'' भारत और उसके संविधान को अपनी अलग पहचान बताते हुए सीतारमण ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 50 से अधिक देश स्वतंत्र हुए और उन्होंने अपना संविधान लिखा। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कई देशों ने अपने संविधानों को बदला है, कई ने न केवल उनमें संशोधन किया है, बल्कि सचमुच अपने संविधान की पूरी विशेषता को बदल दिया है। लेकिन हमारा संविधान समय की कसौटी पर खरा उतरा है।'' उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में समय समय पर संशोधन किए गए हैं।
उच्च सदन में सोमवार और मंगलवार को 'भारतीय संविधान के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' पर चर्चा नियत है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली खान, संगीतकार ए आर रहमान और विभिन्न क्षेत्रों की तमाम हस्तियों ने प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन पर शोक प्रकट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया, जिन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर लोकप्रिय बनाया। हुसैन का अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक अस्पताल में निधन हो गया। हुसैन की मृत्यु फेफड़े संबंधी समस्या ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस' से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई। वह 73 वर्ष के थे। प्रधानमंत्री मोदी ने जाकिर हुसैन के निधन पर शोक जताया और कहा कि उन्हें एक ऐसे सच्चे उस्ताद के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में क्रांति ला दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महान तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्हें एक ऐसे सच्चे उस्ताद के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में क्रांति ला दी।'' मोदी ने कहा कि वह तबला को वैश्विक मंच पर ले गए और अपनी अद्वितीय लय के साथ लाखों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इसके माध्यम से, उन्होंने वैश्विक संगीत के साथ भारतीय शास्त्रीय परंपराओं को मूल रूप से मिश्रित किया, जो एक प्रकार से सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उनकी प्रतिष्ठित प्रस्तुतियां और भावपूर्ण रचनाएं संगीतकारों और संगीत प्रेमियों की पीढ़ियों को समान रूप से प्रेरित करने में योगदान देंगी। उनके परिवार, दोस्तों और वैश्विक संगीत समुदाय के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।'' प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली खान ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि उनके पास कोई शब्द नहीं है।उन्होंने कहा, ‘‘मैं जाकिर भाई के बारे में सुनकर पूरी तरह से टूट गया हूं। उस्ताद जाकिर हुसैन एक अद्भुत व्यक्ति थे। वह वास्तव में दुनिया के सबसे लोकप्रिय संगीतकारों में से एक थे।'' संगीत के उस्ताद एआर रहमान ने कहा कि हुसैन ‘‘एक प्रेरणादायक और एक महान व्यक्तित्व थे'', जिन्होंने तबला को वैश्विक स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई। रहमान ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘उनका निधन हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। मुझे अफसोस है कि बाद के दिनों में उनके साथ मिलकर उतना काम नहीं कर पाए जितना दशकों पहले किया था, हालांकि हमने साथ में एक एल्बम की योजना बनाई थी। आप बहुत याद आओगे। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके अनगिनत शागिर्द को इस अपार क्षति को सहन करने की शक्ति मिले।'' सारंगी वादक कमाल साबरी ने हुसैन के निधन को संगीत दुनिया के लिए ‘‘बड़ी क्षति'' बताया। उन्होंने कहा, ‘‘वह एक अद्भुत संगीतकार थे, जिन्होंने लंबे समय तक वैश्विक मंच पर भारतीय संगीत का प्रतिनिधित्व किया।'' मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने कहा कि फरवरी में 66वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार के वास्ते हुसैन के लिए परिधान तैयार करने का उन्हें ‘‘सौभाग्य और सम्मान'' मिला। ग्रैमी पुरस्कार में तबला वादक तीन सम्मान पाने वाले भारत के पहले संगीतकार बने। मल्होत्रा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा, ‘‘मैं उन यादों को जीवन भर संजो कर रखूंगा... प्रेम और सम्मान।'' अपनी पीढ़ी का सबसे महान तबला वादक माने जाने के अलावा हुसैन ने मर्चेंट आइवरी प्रोडक्शन की फिल्म ‘हीट एंड डस्ट', ‘द परफेक्ट मर्डर' और ‘साज' जैसी फिल्मों में अभिनय भी किया। ‘साज' में उन्होंने प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आजमी के साथ काम किया। वरिष्ठ पटकथा लेखक एवं गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि हुसैन के निधन के साथ विश्व संगीत ने एक ताल हमेशा के लिए खो गया। उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘एक महान संगीतकार, एक महान शख्सियत, एक बेहतरीन दोस्त जाकिर साहब हमें छोड़कर चले गए...'' शास्त्रीय गायक वसीफुद्दीन डागर ने कहा, ‘‘वह प्रेरणा का स्रोत थे। यह एक अपूरणीय क्षति है... वह दुनिया भर में सबसे प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार थे।'' बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने कहा कि उन्हें हुसैन के निधन के बारे में जानकर ‘‘दुख'' हुआ है।
उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘वह सचमुच हमारे देश की संगीत विरासत के लिए एक खजाना थे। ओम शांति।'' अभिनेत्री करीना कपूर खान ने ‘इंस्टाग्राम' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उस्ताद हमेशा के लिए।''
प्रसिद्ध अभिनेता कमल हसन ने सोशल मीडिया पर हुसैन के साथ तबला बजाते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की।
दिग्गज तमिल अभिनेता ने कहा, ‘‘जाकिर भाई ! वह बहुत जल्दी हमें छोड़कर चले गए। फिर भी हम, उनके द्वारा दिए गए समय और उनकी कला के रूप में जो कुछ भी उन्होंने पीछे छोड़ा है, उसके लिए आभारी हैं। अलविदा और धन्यवाद।'' संगीतकार विशाल ददलानी ने ‘इंस्टाग्राम' पर कहा कि कोई दूसरा उस्ताद जाकिर हुसैन कभी नहीं होगा।
प्रसिद्ध पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उनकी मुस्कान, आकर्षक व्यक्तित्व और उनकी सहज प्रतिभा ही वह सब है, जो मुझे उनसे मेरी पहली मुलाकात से याद है, जब वह एक गायन प्रतियोगिता में मुझे जज करने आए थे... उन्होंने हमेशा मेरे जैसे युवा कलाकारों को प्रोत्साहित किया।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत ने हुसैन का एक पुराना वीडियो ‘इंस्टाग्राम स्टोरीज' पर साझा करते हुए लिखा, ‘‘आपने भारत को समृद्ध बनाया। आपके योगदान के लिए धन्यवाद।'' अमेरिका में रहने वाली गायिका अनुराधा पलाकुर्थी ने कहा, ‘‘हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में बहुत सारे घराने हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जाकिर हुसैन साहब एक ऐसे व्यक्ति थे, जो इन सबसे परे थे। वह किसी एक घराने के नहीं, बल्कि हर घराने के थे।'' फिल्मकार हंसल मेहता ने ‘एक्स‘ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘कुछ घंटे पहले उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन हो गया। अलविदा उस्ताद जी। वह व्यक्ति, जिन्होंने तबला को आकर्षण का केंद्र बनाया, जिन्होंने एक संगत वाद्य यंत्र को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाने में अहम योगदान दिया। उनके परिवार, प्रशंसकों और दुनिया भर में उनके चाहने वालों के प्रति गहरी संवेदनाएं।'' बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने कहा, ‘‘पद्म विभूषण जाकिर हुसैन के निधन से भारत और संगीत जगत को बहुत बड़ी क्षति हुई है, वह अब तक के सबसे महान संगीतकारों में से एक थे। संगीत में उनका योगदान सीमाओं से परे था। उनकी विरासत हमेशा उनके तबले की थाप के जरिए गूंजती रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।'' महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हुसैन का संगीत सीमाओं में बंधा नहीं था और उनके निधन से दुनिया भर के संगीत प्रेमी दुखी हैं। तेंदुलकर ने कहा कि वह तो इस दुनिया को छोड़कर चले गए हैं, लेकिन उनके तबले की थाप हमेशा लोगों के दिलों में गूंजती रहेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर उनके हाथ लय देते थे, तो उनका मुस्कुराता हुआ चेहरा और विनम्र व्यक्तित्व मधुर संगीत को बयां करते थे... उस्ताद जाकिर हुसैन जी की आत्मा को शांति मिले। हमें आपका (संगीत का) जादू देखने का सौभाग्य मिला।'' -
ठाणे (महाराष्ट्र). प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और हारमोनियम वादक पंडित संजय राम मराठे का यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी। वह 68 वर्ष के थे। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि कलाकार को दिल का गंभीर दौरा पड़ा था और उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार रात उनका निधन हो गया। वह प्रसिद्ध संगीतकार पंडित राम मराठे के सबसे बड़े पुत्र थे। पंडित संजय मराठे अपने पीछे भारतीय शास्त्रीय संगीत और रंगमंच की विरासत छोड़ गए हैं।
हारमोनियम वादन और मधुर गायन में महारत रखने वाले मराठे को बहुत सम्मान प्राप्त था और उन्होंने इस वर्ष अपने पिता की सौवीं जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया था। अपने छोटे भाई मुकुंद मराठे के सहयोग से पंडित संजय मराठे ने अपने पिता की सौवीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रसिद्ध मराठी संगीत नाटक ‘संगीत मंदारमाला' का फिर से मंचन किया। इस प्रस्तुति को पारंपरिक मराठी संगीत नाटक के सार को संरक्षित करते हुए अपने अभिनव प्रयोगों के कारण व्यापक प्रशंसा मिली। पंडित संजय मराठे के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और पोती हैं। - पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण जाकिर हुसैन ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में सोमवार सुबह अंतिम सांस लीनई दिल्ली/ मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन अब इस दुनिया में नहीं रहे। जाकिर का निधन 16 दिसंबर को हुआ है। उन्होंने 73 साल की उम्र में सैन फ्रांसिस्को में अंतिम सांस ली। जाकिर के निधन की पुष्टि उनके परिवार ने की है। जाकिर को पिछले दो हफ्ते पहले अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया। जाकिर ने करीब 6 दशक के लंबे करियर में पद्म श्री,पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे कई अवॉर्ड अपने नाम किए।भारत और विदेश में जाना-माना नाम हुसैन अपने पीछे 60 साल से ज्यादा का संगीत अनुभव छोड़ गए हैं। उन्होंने कुछ महानतम भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संगीतकारों के साथ मंच पर तबला बजाया तथा भारतीय शास्त्रीय एवं विश्व संगीत का ‘फ्यूजन’ रचा, जिससे तबले को एक नई पहचान मिली।महान तालवादक ने विभिन्न विधाओं और शैलियों में संगीत की रचना की। उनके प्रदर्शनों की सूची में ‘जैज’ और ‘कंसर्ट’ भी शामिल हैं। अपने पिता एवं प्रसिद्ध तबला वादक अल्ला रक्खा के संरक्षण में तबला सीखने और बजाने के बाद स्वाभाविक रूप से उनमें 'सर्व-समावेशी संगीत रचनात्मकता' का विकास हुआ। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही संगीत की शुरुआत कर दी थी। इस प्रतिभाशाली बालक ने सात साल की उम्र में अपना पहला संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया और 12 साल की उम्र में ही संगीत कार्यक्रम करने लगे। मुंबई में जन्मे हुसैन अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद 1970 में अमेरिका चले गए। जब बात उनके संगीत की आती थी तो सीमाएं मायने नहीं रखती थीं।फरवरी में, हुसैन 66वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम, सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन और सर्वश्रेष्ठ समकालीन वाद्य एल्बम के लिए तीन ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारत के पहले संगीतकार बने। हुसैन ने 2024 के ग्रैमी में ‘फ्यूजन म्युजिक ग्रुप’ ‘शक्ति’ के तहत 'दिस मोमेंट' के लिए सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम का अपना पहला खिताब हासिल किया, जिसमें संस्थापक सदस्य ब्रिटिश गिटारवादक जॉन मैकलॉघलिन, साथ ही गायक शंकर महादेवन, वायलिन वादक गणेश राजगोपालन और तालवादक सेल्वागणेश विनायकराम शामिल हैं। बाद में उन्होंने बांसुरी वादक राकेश चौरसिया, अमेरिकी बैंजो वादक बेला फ्लेक और अमेरिकी बास वादक एडगर मेयर के साथ 'पश्तो' के लिए सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन और 'एज वी स्पीक' के लिए सर्वश्रेष्ठ समकालीन वाद्य एल्बम के लिए दो अन्य पुरस्कार जीते। पिछले वर्ष जनवरी में विश्व भ्रमण के तहत भारत आए ‘शक्ति’ के कलाकार एक बार फिर जुटे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह देखा गया।‘शक्ति’ के अलावा, हुसैन ने कई अभूतपूर्व कार्यक्रमों में भी योगदान दिया, जिनमें ‘मास्टर्स ऑफ पर्क्यूशन’, ‘प्लैनेट ड्रम’ ‘ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट विथ मिकी हार्ट’, ‘तबला बीट साइंस’ ‘संगम विथ चार्ल्स लॉयड’ और ‘एरिक हारलैंड’ और हाल में हर्बी हैनकॉक के साथ कार्यक्रम शामिल हैं।
- नई दिल्ली/ मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन के बाद उनका आखिरी पोस्ट वायरल हो रहा है। इस पोस्ट को देखकर फैंस काफी इमोशनल हो रहा हैं। दरअसल, जाकिर हुसैन ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपना आखिरी वीडियो 29 अक्टूबर को शेयर किया था। उनका ये वीडियो विदेश का था। इसमें उनका चेहरा नहीं, बल्कि सिर्फ उनकी आवाज सुनाई दे रही है। इस वीडियो में जाकिर वॉक पर जाते हुए वहां के मौसम का सुंदर नजारा दिखाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में खूबसूरत पीले-लाल पत्तों वाले पेड़ नजर आ रही हैं। साथ ही हवा के साथ ये लहलहाते हुए पत्ते बेहद सुकून देने दिख रहे हैं। जाकिर ने इस मोमेंट को वीडियो में ग्रेसफुल और शानदार कहा था।
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नागपुर. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत का जश्न मनाने के लिए रविवार को अपने गृहनगर नागपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित एक रैली का नेतृत्व किया। नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक फडणवीस ने लोगों की 24 घंटे सेवा करने की महायुति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। फडणवीस का नागपुर पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों ने भव्य स्वागत किया। रैली नागपुर हवाई अड्डे से शुरू हुई और धरमपेठ में फडणवीस के आवास पर समाप्त हुई। फडणवीस ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, “यह खुशी का क्षण है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मैं अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि पर आया हूं। नागपुर मेरा परिवार है और मेरा परिवार मेरा स्वागत कर रहा है।" उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन पर संविधान में विश्वास न करने का आरोप लगाया। फडणवीस अपनी पत्नी अमृता फडणवीस, भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले और अन्य लोगों के साथ नागपुर हवाई अड्डे पर एक सजे-धजे खुले वाहन में सवार हुए। रैली के मार्ग पर जगह-जगह फडणवीस के स्वागत लगे बैनर दिखाई दे रहे थे। फडणवीस ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए 'एक हैं तो सेफ हैं' और 'मोदी हैं तो मुमकिन हैं' के नारे लगाए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महायुति (गठबंधन) को गरीबों, आदिवासियों, किसानों, दलितों और ओबीसी तथा अन्य लोगों से (विधानसभा चुनावों में) आशीर्वाद मिला। यह चुनावी जीत लाडकी बहिन (महिलाओं के लिए एक योजना), लाडके शेतकरी (किसान), लाडके युवा (युवाओं), धनगर, मराठा और अन्य वर्गों द्वारा महायुति पर दिखाए गए भरोसे के कारण संभव हुई।” महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीट जीती थीं।
केवल 46 सीट जीतने वाला विपक्षी दलों का गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है। विपक्ष द्वारा ईवीएम के मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, “ये लोग (विपक्षी) निराश हैं। उन्हें लोकतंत्र और निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं है। उन्हें उच्चतम न्यायालय, भारतीय रिजर्व बैंक और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक पर भरोसा नहीं है। इसलिए, वे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान पर विश्वास नहीं करते।”* -
नयी दिल्ली. मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन को हृदय संबंधी समस्याओं के बाद अमेरिकी शहर सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। हुसैन के मित्र और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने रविवार को यह जानकारी दी। हुसैन की प्रबंधक निर्मला बचानी ने बताया कि अमेरिका में रह रहे 73 वर्षीय संगीतकार को रक्तचाप की समस्या थी। बचानी ने कहा, हुसैन हृदय संबंधी समस्या के कारण पिछले दो सप्ताह से सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में भर्ती हैं। चौरसिया ने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी' से कहा, हुसैन अस्वस्थ हैं और फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। हम सभी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित हैं।'' महान तबला वादक अल्लाह रक्खा के सबसे बड़े बेटे जाकिर हुसैन ने अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए भारत और दुनिया भर में एक अलग पहचान बनायी है। हुसैन ने अपने करियर में पांच ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त किए हैं, जिनमें से तीन इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी पुरस्कार में मिले थे। भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक हुसैन को 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
- नई दिल्ली । 15 दिसंबर को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में टीबी मुक्त भारत जागरूकता के लिए क्रिकेट मैच का आयोजन किया। जिसमें राज्यसभा चेयरमैन XI और लोकसभा स्पीकर XI के बीच मुकाबला हुआ।ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) भारत में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है. ऐसे में टीबी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के सांसद एक दोस्ताना क्रिकेट मैच खेलें। लोकसभा स्पीकर XI टीम की अगुआई श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने किया ,जबकि राज्यसभा स्पीकर XI की कप्तानी श्री किरेन रिजिजू ने किया । 20-20 क्रिकेट मैच मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में हुआ । केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू ने राज्यसभा स्पीकर XI की ओर से मैच खेले। मैंच के उपरांत श्री साहू ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में योगदान देने की दिशा में सार्थक पहल है। प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र से प्रेरित होकर, हम में से हर कोई इस मुहिम में शामिल होकर 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए जन आंदोलन में अपना सहभागिता सुनिश्चित करना चाहिए।प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियानयह वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन की दिशा में देश की प्रगति में तेज़ी लाने के लिये स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) की एक पहल है।भारत के राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को सतत् विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals-SDGs) में निर्धारित वर्ष 2030 की अवधि से पाँच वर्ष पूर्व देश से वर्ष 2025 तक टीबी महामारी को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।6th December 2024 भारत के टीबी उन्मूलन प्रयासों में एक महत्वपूर्ण क्षण में, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने हरियाणा के पंचकूला में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव की उपस्थिति में तीव्र 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान का शुभारंभ किया।देश भर के 347 जिलों में लागू किए जाने वाले इस अभियान का लक्ष्य टीबी के छूटे हुए मामलों, खासकर उच्च जोखिम वाले समूहों में, का पता लगाना और उनका इलाज करना तथा टीबी से होने वाली मौतों को काफी हद तक कम करना है।एक समय था जब टीबी को 'धीमी मौत' माना जाता था और टीबी से पीड़ित परिवार के सदस्यों को भी इसके प्रसार को रोकने के लिए अलग कर दिया जाता था। और 1962 से टीबी के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं, लेकिन 2018 में माननीय प्रधानमंत्री ने सतत विकास लक्ष्यों की 2030 की समय सीमा से बहुत पहले टीबी को खत्म करने का विजन बनाया।आज टीबी का पता समय से पहले ही चल जाता है, जिसका श्रेय देश भर में 1.7 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को जाता है। सरकार ने 2014 में प्रयोगशालाओं की संख्या 120 से बढ़ाकर आज 8,293 प्रयोगशालाएँ करके नैदानिक सेवाओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने दवाओं के प्रति संवेदनशील टीबी के लिए एक नई छोटी और अधिक प्रभावी व्यवस्था सहित दैनिक आहार शुरू किया है, जिससे टीबी के उपचार की सफलता दर 87% तक बढ़ गई है।1.17 करोड़ से अधिक टीबी रोगियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 3,338 करोड़ रुपये की निक्षय सहायता प्रदान की गई है। सरकार ने हाल ही में निक्षय पोषण राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है और टीबी रोगियों के पोषण सहायता के लिए ऊर्जा बूस्टर भी जोड़े हैं।सरकार ने अब निजी चिकित्सकों के लिए भी यह अनिवार्य कर दिया है कि वे किसी भी नए टीबी रोगी को सूचित करें ताकि उनके उपचार पर तुरंत नज़र रखी जा सके।यह एक छोटा कदम लग सकता है, लेकिन इससे निजी क्षेत्र में टीबी के मामलों की सूचना मिलने की दर में 8 गुना वृद्धि हुई है।भारत में टीबी की दर में कमी 2015 में 8.3% से बढ़कर आज 17.7% हो गई है, जो वैश्विक औसत से काफी आगे है। पिछले 10 वर्षों में भारत में टीबी के कारण होने वाली मौतों में भी 21.4% की उल्लेखनीय कमी आई है।भारत ने जनभागीदारी , निक्षय पोषण योजना, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे सफल अभियानों के माध्यम से टीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ी है , जिसकी दुनिया भर में प्रशंसा की जाती है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका अनुकरणीय कार्य हमें एक मजबूत और अधिक एकजुट देश के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करता है। अपने नेतृत्व कौशल के लिए 'सरदार' की उपाधि से सम्मानित पटेल को आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में सराहा जाता है, जिन्होंने सैकड़ों रियासतों को अनुनय-विनय और आवश्यकता पड़ने पर बल का प्रयोग करके संघ में एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मोदी ने 'एक्स' पर कहा, "महान सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र की एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने आधुनिक भारत की नींव रखी।" उन्होंने कहा, "उनका अनुकरणीय कार्य हमें एक मजबूत, अधिक एकजुट देश के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करता है। हम उनके जीवन से प्रेरणा लेते रहेंगे और समृद्ध भारत के उनके सपने को साकार करने की दिशा में काम करेंगे।" -
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए उत्कृष्ट सुविधाओं से सुसज्जित एक अत्याधुनिक बहु-उपयोगी परिसर ‘शुभ्रा भवन' का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे अगले सप्ताह जनता को समर्पित किया जाएगा। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। नवनिर्मित सुविधा केंद्र 18,000 वर्ग फुट में फैला है और इसके निर्माण पर 6.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अधिकारी ने कहा कि इसका उद्घाटन श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा 18 दिसंबर को किया जाएगा। पवित्र तीर्थयात्रा के पारंपरिक मार्ग पर दर्शनी ड्योढ़ी से लगभग आधा किलोमीटर दूर बाणगंगा पर शुभ्रा भवन का निर्माण किया गया है। इसमें कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी जिसमें 200 लोगों के रहने की क्षमता वाला एक विशाल प्रतीक्षा लाउंज, माओं के लिए कमरा, एक केंद्रीकृत सूचना और पंजीकरण केंद्र, दुकान, जलपान कियोस्क, बैंक व जल एटीएम और कर्मचारियों के लिए 18 आधुनिक आवासीय कक्ष शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि परिसर में एक आपदा प्रबंधन स्टोर भी है और यह तीर्थयात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, ‘एक्सेस कंट्रोल' और आग की चेतावनी देने वाली प्रणाली सहित अन्य सुरक्षा प्रणालियों से लैस है।
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हापुड़ .उत्तर प्रदेश के हापुड़ में शनिवार को एक व्यक्ति ने कथित तौर पर झगड़े के बाद पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह बाबूगढ़ क्षेत्र के मुक्तेश्वर के निवासी आरोपी रमेश और उसकी पत्नी संगीता के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया, तभी गुस्से में आकर आरोपी रमेश ने संगीता (40) के गर्दन पर धारदार हथियार से हमला करके उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि वारदात के बाद से आरोपी फरार है।
थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। -
बोकारो. झारखंड के बोकारो-रामगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक वाहन के ट्रक से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह दुर्घटना शुक्रवार देर शाम बोकारो के कसमार थाना क्षेत्र के दांतू गांव के पास हुई।
बेरमो के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) बीएन सिंह ने बताया कि चार पहिया वाहन जाम में फंसे ट्रक से पीछे से टकरा गया। एसडीपीओ ने बताया कि चार पहिया वाहन में करीब आठ लोग सवार थे, जिनमें से पांच लोगों की मौत हो गई।
सिंह ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि कुल आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से पांच मृत अवस्था में थे। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना से पहले सड़क पर एक और दुर्घटना हुई थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क को जाम कर रखा था। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भारतीय संविधान की 75 साल की यात्रा को ‘असाधारण' करार देते हुए शनिवार को कहा कि देश विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में बहुत मजबूत कदम रख रहा है। संविधान के 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘75 वर्ष की ये उपलब्धि असाधारण है। जब देश आजाद हुआ और उस समय भारत के लिए जो-जो संभावनाएं व्यक्त की गई थीं उन संभावनाओं को निरस्त करते हुए, परास्त करते हुए भारत का संविधान हमें यहां तक ले आया है।'' मोदी ने कहा कि भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में बहुत मजबूत कदम रख रहा है और 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प उसे स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक विकसित भारत बनाने का है। इस महान उपलब्धि के लिए संविधान निर्माताओं के साथ-साथ देश के कोटि-कोटि नागरिकों को ‘‘आदरपूर्वक नमन'' करते हुए मोदी ने कहा कि संविधान की ही देन है कि उन्हें लगातार तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में कई उतार और चढ़ाव आए लेकिन देश की जनता हमेशा संविधान के साथ खड़ी रही लेकिन कांग्रेस के एक परिवार ने संविधान को भावना को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस और गांधी-नेहरू परिवार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस यात्रा में पचपन साल तक एक परिवार ने राज किया और इस परिवार की कुविचार, कुरीति और कुनीति की परंपरा निरंतर चल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद 1952 तक अस्थायी व्यवस्था थी क्योंकि चुनाव नहीं हुए थे और अंतरिम व्यवस्था थी। उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों में भी चुनाव नहीं हुए थे और जनता का कोई आदेश नहीं था और 1951 इन्होंने अध्यादेश के जरिए संविधान को बदला और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला किया। यह संविधान निर्माताओं का भी अपमान था। जब संविधान सभा में उनकी कुछ न चली तो जैसे ही मौका मिला, उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी पर हथौड़ा मार दिया।'' विविधता में एकता को भारत की विशेषता बताते हुए मोदी ने कहा कि आज का यह अवसर देश की प्रगति भी विविधता का उत्सव मनाने का भी है। उन्होंने कहा कि लेकिन गुलामी की मानसिकता में पले-बढ़े लोगों ने और भारत का भला न देख पाने वाले लोगों ने इस विविधता में भी विरोधाभास ढूंढा। उन्होंने कहा, ‘‘वे इस उत्सव को मनाने के बजाय उस विविधता में ऐसे जहरीले बीज बोने के प्रयास करते रहे, ताकि देश की एकता पर चोट पहुंचे। अनुच्छेद 370 यही था। देश की एकता में दीवार बना पड़ा था, लेकिन देश की एकता हमारी प्राथमिकता थी, जो हमारी संविधान की भावना थी... इसीलिए अनुच्छेद 370 को हमने जमीन में गाड़ दिया।'' आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल के माथे से यह कलंक कभी नहीं मिट सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में जब भी लोकतंत्र की चर्चा होगी तो कांग्रेस के माथे से कभी यह कलंक मिट नहीं सकेगा क्योंकि लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। भारतीय संविधान निर्माताओं की तपस्या को मिट्टी में मिलाने की कोशिश की गई थी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का गणतांत्रिक अतीत विश्व के लिए प्रेरक रहा है और इसलिए देश को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ‘‘जब हम संविधान लागू होने के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तो अच्छा संयोग है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला आसीन हैं जो संविधान की भावना के अनुरूप भी है। -
नयी दिल्ली. सरकार कृत्रिम मेधा (एआई) समाधान में सुरक्षा और भरोसे से जुड़े पहलुओं के आकलन के लिए एक प्रणाली बनाने पर काम कर रही है लेकिन वह नियमन के साथ इसकी शुरुआत नहीं करना चाहती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव एस कृष्णन ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की तरफ से आयोजित 'वैश्विक आर्थिक नीति मंच' सम्मेलन में कहा कि सरकार ने कॉपीराइट और अस्तित्व से संबंधित संकट जैसे कुछ मुद्दों को छोड़कर प्रमुख विनियमनों पर व्यापक रूप से ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि इंडियाएआई मिशन के तहत सरकार ने ‘जिम्मेदार एआई' और ‘सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई' के बीच एक बारीक अंतर रखने की कोशिश की है। पश्चिमी देशों में जिम्मेदार एआई की अवधारणा है जिसमें सरकार से किसी नियमन की अपेक्षा नहीं होती है। कृष्णन ने कहा, ‘‘सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई तब होता है जब आप नवाचार करते हैं और इसके बारे में ज़िम्मेदारी से प्रयास करते हैं लेकिन इसका मूल्यांकन किया जाएगा। हम देखेंगे कि यह सुरक्षित और विश्वसनीय हो ताकि यह सबके लिए काम करे।'' इसके साथ ही सचिव ने कहा, ‘‘इसपर हम अभी काम कर रहे हैं। हम विनियमन से शुरुआत नहीं करना चाहते हैं। विनियमन एक तरह से इस विशेष क्षेत्र में नवाचार को नुकसान पहुंचाएगा।'' उन्होंने कहा कि एआई परिदृश्य में एआई, गलत प्रतिनिधित्व और डीपफेक से होने वाले नुकसान के बारे में विनियमन की जरूरत है और गलत प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई करने के लिए देश में पर्याप्त कानून हैं। उन्होंने एआई की वजह से आने वाले समय में भारत में नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कहा कि देश में इसका प्रभाव पश्चिम की तुलना में उतना तीव्र नहीं है। कृष्णन ने कहा, ‘‘भारत में नौकरी छूटने के संबंध में हमारी चिंताएं, खासकर जेनरेटिव एआई के साथ पश्चिम की तुलना में शायद उतनी अधिक नहीं हैं, जहां कार्यालय की नौकरियां यहां की तुलना में बहुत अधिक हैं।'' उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत डेटा के उपयोग से जुड़ी चिंताओं का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम में ध्यान रखा गया है और जल्द ही इसके नियम जारी कर दिए जाएंगे।
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बहराइच (उप्र). जिले में कक्षा में मोबाइल चलाने से मना करने पर 11वीं कक्षा के एक छात्र ने अध्यापक को कथित रूप से चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) रामानंद प्रसाद कुशवाहा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "थाना मोतीपुर अंतर्गत मिहींपुरवा कस्बे में नवयुग इंटर कॉलेज है जहां छात्रों को मोबाइल लाना व इस्तेमाल करना मना है। तीन दिन पहले राजेंद्र प्रसाद नामक अध्यापक ने कक्षा 11वीं में पढ़ने वाले कुछ लड़कों के मोबाइल अपने पास जब्त कर लिए थे। इस पर छात्र नाराज थे।" उन्होंने बताया कि आज जब वह शिक्षक छात्रों की हाजिरी ले रहे थे तभी उनमें से एक लड़के ने उनको चाकू मारकर घायल कर दिया जिसके बाद घायल अध्यापक को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अध्यापक के परिजन की तहरीर पर एक लड़के के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हमलावर छात्र से चाकू बरामद कर उससे पूछताछ की जा रही है। कुशवाहा ने बताया कि कक्षा व कॉलेज के गलियारों में लगे सीसीटीवी फुटेज तथा छात्रों व स्कूल कर्मियों से की जा रही पूछताछ के आधार पर अगर अन्य छात्रों की संलिप्तता मिली तो उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जाएगी। घायल अध्यापक राजेंद्र प्रसाद ने अस्पताल में संवाददाताओं को बताया, "बीते दिनों कुछ बच्चों का मोबाइल जमा किया गया था। हालांकि बाद में सबको उनके मोबाइल वापस कर दिए गये थे लेकिन इस बात को लेकर वे नाराज थे। घटना में तीन छात्र शामिल थे। एक लड़का कटार लेकर आया, दूसरे ने हमला किया तो तीसरे ने उनकी मदद की। अचानक मेरे गले पर हमला हुआ तो मैं कुछ समझ नहीं सका। जब मैंने बचने के लिए उसे हटाया तो उसने मेरे सिर पर वार कर दिया।"
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मथुरा. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इस्कॉन वृंदावन में एक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करेगा, जिसमें भगवद् गीता और सनातन धर्म की शिक्षा प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने वृंदावन में स्थित इस्कॉन के गुरुकुल परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "इस्कॉन का पहला विश्वविद्यालय देश का भविष्य बनेगा।" मंत्री ने कहा, "भगवान कृष्ण की शिक्षा का प्रचार-प्रसार दिवंगत भक्तिवेदांत स्वामी और इस्कॉन के अनुयायियों द्वारा किया गया है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय नालंदा विश्वविद्यालय की तरह महान होगा, जिसने एक हजार साल पहले 10 हजार छात्रों को शिक्षा दी थी।" मंत्री ने कहा, "संस्कृत और संस्कृति के विकास से भारत की मूल संस्कृति सुरक्षित रहेगी।"
गुरुकुल में मंत्री का स्वागत करते हुए वृंदावन में स्थित इस्कॉन के पीआरओ पवन दुबे ने कहा, "हम वृंदावन में इस्कॉन का पहला विश्वविद्यालय विकसित करने जा रहे हैं। यह हमारी प्राचीन संस्कृति और संस्कृत पर आधारित होगा।"
- प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में इस बार अखाड़े भी डिजिटल हो रहे हैं। महाकुंभ में सनातन धर्म के ध्वज वाहक 13 अखाड़े अपने-अपने अखाड़े का डेटाबेस तैयार कर रहे हैं।श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत जमुना पुरी के मुताबिक उनके अखाड़े में कंप्यूटर और बही खाता दोनों का इस्तेमाल हो रहा है। अखाड़े के ऑडिट में इससे मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स दाखिले के लिए जो भी रिकॉर्ड रखना होता है वह इसी डाटा बेस में रहता है। इसी से फाइल चार्टर्ड अकाउंट को शेयर कर दी जाती है।महाकुंभ में प्रवास के लिए पहुंच चुके श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंत्री सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी बताते हैं कि महाकुंभ में हमारे अखाड़ों के ऑडिट होते हैं। उनका कहना है कि एक दौर था जब अखाड़े के प्रबंधक बही खाते से इसकी जानकारी ऑडिट के लिए देते थे लेकिन अब सबके पास गैजेट हैं। सोमेश्वरानंद कहते हैं कि उनका अखाड़ा संस्कृत विद्यालय भी चलाता है। इन विद्यालयों में छात्रों की संख्या से लेकर विद्यालय की आय-व्यय की पूरी जानकारी भी इसी डाटा बेस के माध्यम से एकत्र रखते हैं।गौरतलब है कि सनातन धर्म के 13 अखाड़े अध्यात्म, भक्ति और साधना के प्रचारक और प्रसारक मात्र ही नहीं हैं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इनके आचार्यों द्वारा कई वैश्विक अभियान भी चलाए जा रहे हैं। आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अरुण गिरी का कहना है कि धर्म के साथ मानवता बचाने के लिए भी संत कार्य कर रहे हैं। इसी के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए वह वृक्षों को रोपित करने का अभियान चला रहे हैं जिसका डाटा बेस भी वह बनवा रहे हैं। इससे उनका समय बचता है, पारदर्शिता स्थापित होती है और प्रबंधन में भी मदद मिल रही है। उनका कहना है कि आदिवासी और वंचित समाज के साथ सनातन धर्म की निकटता स्थापित करने में डाटा बेस उपयोगी साबित होगा।श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती कहते हैं कि अन्वेषण और विस्तार के लिए अखाड़ों को डिजिटल युग के अनुरूप ही इसे स्वीकार करना होगा। उनका कहना है कि आदिवासी समाज को जागृत कर उन्हें सनातन धर्म की परम्परा से जोडऩे की उनकी आदिवासी विकास यात्राओं का उनका अनुभव भी यही है कि वंचित समाज में सनातन धर्म की जड़ों को मजबूत करने के लिए उनकी जानकारी एकत्र कर उसका डाटा बेस तैयार करना एक आवश्यकता है।संतों के सबसे बड़े वैष्णव अखाड़ों में भी डाटा बेस बनाने पर सहमति है , लेकिन कुछ तकनीकी समस्याएं होने की वजह से इसे आने वाले समय में अमल में लाने की बात अखाड़े कह रहे हैं। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के श्री महंत राम जी दास का कहना है कि संन्यासी संप्रदाय के अखाड़ों की तरह वैष्णव अखाड़ों के पास अपने ट्रस्ट नहीं हैं। इसलिए ऑडिट की आवश्यकता उन्हें नहीं पड़ती। लेकिन यह मौजूदा डिजिटल युग में वैष्णव अखाड़ों को भी अपने अपने अखाड़ों के डाटा बेस बनाने होंगे। file photo
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नई दिल्ली। संसद हमले की 23वीं बरसी: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
राष्ट्र आज उन सुरक्षाकर्मियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, जिन्होंने 23 साल पहले 13 दिसंबर 2001 को आतंकवादी हमले के दौरान संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी थी। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसदों ने आज संसद भवन में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शहीदों के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। - जयपुर । राजस्थान में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है और फतेहपुर में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। मौसम केंद्र, जयपुर के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में एक दो स्थानों पर अत्यंत शीतलहर तथा कहीं कहीं शीतलहर दर्ज की गई।पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं और शुष्क मौसम के कारण शेखावटी अंचल में इस समय कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है.। पिछले तीन दिनों से लगातार शीत लहर चलने के कारण लोग ठंड से बेहाल हैं।. खासकर, फतेहपुर में लगातार तीसरे दिन न्यूनतम तापमान जमाव बिन्दू (0 डिग्री सेल्सियस) से नीचे दर्ज किया गया।. रात के समय खुले में खड़े वाहनों की छतों, सोलर प्लेटों, खेतों की तारबंदी, बाड़ और खुले मैदानों पर ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं.।मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में अगले 2-3 दिन तक शीत लहर चलने के आसार हैं और 15 दिसंबर के बाद भी ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।. गुरुवार सुबह से सीकर में कड़ाके की सर्दी रही, जबकि दिनभर सूरज भी धुंधला सा नजर आया. । धूप में बैठे रहने के बावजूद लोग ठिठुरते रहे.। हवा में नमी का स्तर 50 प्रतिशत से ऊपर होने के कारण लोग हीटर और चाय की चुस्कियों से भी राहत महसूस नहीं कर पाए.।गुरुवार को फतेहपुर में न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं सीकर में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री और अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री रहा.। शेखावाटी अंचल में इस कड़ाके की सर्दी के चलते लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल चुकी है. । सर्दी का असर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है,। जहां दुकाने देरी से खुलने लगी हैं और जल्दी बंद हो रही हैं. ।चाय की दुकानें और गर्म दूध की थड़ियों पर देर रात तक भीड़ देखी जा रही है।. ग्रामीण इलाकों में लोग दिनभर अलाव तापते रहे, लेकिन सर्दी का असर कम नहीं हो रहा है.। ऐसे में, लोग सर्दी से बचने के उपायों में लगे हुए हैं और खासकर रात में ओढ़ने के लिए गर्म कपड़े और कंबल का सहारा ले रहे हैं।
- मुंबई । रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को शुक्रवार को एक बम की धमकी वाला ईमेल मिला। यह मैसेज रूसी भाषा में नए गवर्नर संजय मल्होत्रा की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर भेजा गया था। इस मेल में आरबीआई के मुंबई ऑफिस को टारगेट किया गया है। इस मैसेज के बाद बैंक के मुंबई ऑफिस में हड़कंप मच गया। मुंबई पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।मुंबई पुलिस के Zone 1 DCP के मुताबिक, “भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर एक धमकी भरा ईमेल मिला था। रूसी भाषा में लिखे इस ईमेल में बैंक को उड़ाने की योजना की चेतावनी दी गई थी। माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग (एमआरए मार्ग) पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।” यह घटना संजय मल्होत्रा के RBI के 26वें गवर्नर के रूप में पदभार ग्रहण करने के कुछ ही दिनों बाद हुई है। उन्होंने शक्तिकांत दास का स्थान लिया है, जिन्होंने हाल ही में अपना छह साल का कार्यकाल पूरा किया है। राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी मल्होत्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा नियुक्त किया गया था।दिल्ली के स्कूलों में मिली धमकीइससे पहले, शुक्रवार सुबह दिल्ली के तीन स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल मिला। यह धमकी पश्चिम विहार के भटनागर इंटरनेशनल स्कूल से तड़के 4:21 बजे, श्रीनिवास पुरी के केम्ब्रिज स्कूल से सुबह 6:23 बजे और ईस्ट ऑफ कैलाश के डीपीएस से सुबह 6:35 बजे फोन (धमकी भरे ई-मेल के संबंध में) मिला। इससे पहले, 9 दिसंबर को दिल्ली के कम से कम 44 स्कूलों को इसी तरह के ईमेल मिले थे।
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महाकुम्भ नगर. संगम की रेती पर लगने जा रहे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन से एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुम्भ नगर पहुंचे और सभी जरूरी तैयारियों का जायजा लिया। सूचना विभाग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संगम पर श्रद्धालुओं को पूजा पाठ करवाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। लोगों को विधिवत पूजा पाठ करने के लिए कहीं भटकना न पड़े, इसके लिए यहां पर ब्राह्मण, पुरोहित और पंडा मौजूद रहेंगे। एसडीएम महाकुम्भनगर, अभिनव पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस बार महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगम स्नान के दौरान देश-विदेश से आने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए, इसके लिए संगम पर वस्त्र बदलने की भी व्यवस्था होगी। पाठक ने बताया कि इसके अलावा संगम से पुरानी और जर्जर नावें हटाई जा रही हैं और इनके स्थान पर फ्लोटिंग जेटी का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही उसे आकर्षक बनाने के लिए विशेष प्रकार के फूलों से सजाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने संगम तट पर तैयारियों, प्रधानमंत्री की सभा के लिए बने आयोजन स्थल, गंगा रीवर फ्रंट और मेला क्षेत्र में बने अस्पताल का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने लेटे हनुमान जी का भी दर्शन किया।
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नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में बताया कि बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक कई लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं और केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों को समयबद्ध तरीके से रिक्तियों को भरने के लिए समय-समय पर निर्देश भी दिए जाते हैं। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार को पता है कि केंद्र सरकार के तहत हर मंत्रालय, विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (पीएसयू) को 2019 से शून्य भर्ती या बहुत कम भर्ती के कारण 30 से 60 प्रतिशत तक कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को समय-समय पर रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि रिक्तियों और भर्तियों का ब्यौरा संबंधित मंत्रालय, विभाग और पीएसयू आदि द्वारा रखा जाता है। उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए रोजगार मेलों के माध्यम से रिक्त पदों को मिशन मोड में भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 40-45 शहरों में केंद्रीय स्तर पर 13 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है और विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, उनसे सम्बद्ध संगठनों और केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि द्वारा रोजगार मेलों में कई लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, ‘‘बैकलॉग रिक्तियों के साथ रिक्तियों का होना और उन्हें भरना एक सतत प्रक्रिया है।'' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि बैकलॉग आरक्षित रिक्तियों की पहचान करने के लिए एक आंतरिक समिति का गठन करें, ऐसी रिक्तियों के मूल कारण का अध्ययन करें, ऐसी रिक्तियों के कारकों को दूर करने के उपाय शुरू करें और विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से उन्हें भरें। मंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार के प्रत्येक मंत्रालय और विभाग को उप सचिव और उससे ऊपर के रैंक के एक अधिकारी को संपर्क अधिकारी के रूप में नामित करने की भी आवश्यकता है, ताकि आरक्षण से संबंधित आदेशों और निर्देशों का उचित अनुपालन सुनिश्चित हो सके।'' सिंह ने कहा कि इसके अलावा, प्रत्येक मंत्रालय और विभाग को संपर्क अधिकारी के सीधे नियंत्रण में एक विशेष आरक्षण प्रकोष्ठ स्थापित करना आवश्यक है जो कर्तव्यों के निर्वहन में उसकी सहायता करेगा।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का दौरा करेंगे, जहां वे 6,670 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के अलावा पूजा-अर्चना भी करेंगे तथा महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 दिसम्बर को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। वह प्रयागराज जाएंगे और दोपहर करीब 12:15 बजे संगम तट पर पूजा और दर्शन करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 12:40 बजे प्रधानमंत्री अक्षय वट वृक्ष में पूजा करेंगे, उसके बाद हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन और पूजा करेंगे।'' बयान में कहा गया कि दोपहर डेढ़ बजे वह महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।
पीएमओ ने कहा, ‘‘इसके बाद, दोपहर लगभग 2 बजे वह प्रयागराज में 6,670 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शुरुआत करेंगे।'' प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए जिन विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उनमें प्रयागराज में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट रोड जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएमओ ने कहा कि स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री, गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों के अवरोधन, दोहन, दिशा परिवर्तन और उपचार की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे नदी में अशोधित जल का कोई निर्वहन नहीं होगा। वह पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा सहित प्रमुख मंदिर गलियारे का उद्घाटन करेंगे। पीएमओ ने कहा, ‘‘इन परियोजनायों से भक्तों को एक स्थल से दूसरे स्थल की ओर आने जाने में आसानी होगी और ये आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी।'' प्रधानमंत्री कुंभ सहायक कृत्रिम मेधा (आधारित) चैटबॉट की भी शुरुआत करेंगे जो महाकुंभ मेला 2025 पर भक्तों को कार्यक्रम संबंधी मार्गदर्शन और अपडेट देने के लिए विवरण प्रदान करेगा। महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। - नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 दिसंबर से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के तीन दिवसीय दौरे पर जायेंगे। इस दौरान वह राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करेंगे और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों एवं स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पिछले सप्ताह यहां शाह से मुलाकात की थी और उन्हें बताया था कि कभी नक्सल प्रभावित रहे बस्तर और कोंडागांव जिले अब पूरी तरह से नक्सलियों से मुक्त हो गए हैं तथा अन्य क्षेत्रों से भी नक्सलियों के सफाए के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री 14 से 16 दिसंबर तक छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे और इस दौरान वह सुरक्षा और शांति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि रायपुर में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के अलावा शाह छत्तीसगढ़ पुलिस को ‘प्रेसीडेंट्स कलर अवार्ड' भी प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि वह जगदलपुर जाएंगे, जहां वह आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों, स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों से बातचीत करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में भी शामिल होंगे और जगदलपुर में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा उग्रवाद के शिकार परिवारों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि शाह सुरक्षा शिविरों का दौरा करेंगे और विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे तथा वहां सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी करेंगे। उन्होंने बताया कि ‘प्रेसिडेंट्स कलर' से छत्तीसगढ़ पुलिस का मनोबल बढ़ेगा, क्योंकि पुलिस ने पिछले कई वर्षों में नक्सलियों से निपटने में उत्कृष्ट कार्य किया है। एक सूत्र ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ कतई न सहन करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति और अत्याधुनिक तरीकों से अभियान चलाए जा रहे हैं।'
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राज कपूर का शताब्दी वर्ष भारतीय सिनेमा के लिए एक स्वर्णिम युग का प्रतीक है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज कपूर के परिवार को उनकी अंतरराष्ट्रीय ‘‘सॉफ्ट पावर'' पर एक वृत्तचित्र बनाकर शोमैन की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। राज कपूर को अक्सर भारतीय सिनेमा के सबसे महान ‘शोमैन' के रूप में संदर्भित किया जाता है।अभिनेता रणबीर कपूर समेत राज कपूर के परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और उन्हें राज कपूर फिल्म महोत्सव में आने का निमंत्रण दिया था। फिल्म निर्माता एवं अभिनेता राज कपूर की 14 दिसंबर को 100वीं जयंती मनायी जाएगी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘राज कपूर का 100वां जन्मदिन भारतीय सिनेमा की स्वर्णिम यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस यात्रा की शुरुआत 1947 की ‘नील कमल' से हुई थी और हम 2047 की ओर अग्रसर हैं। जब हम 100 साल की इस यात्रा को देखते हैं तो यह देश के लिए एक बड़ा योगदान है।'' उन्होंने कहा, ‘‘कूटनीतिक दुनिया में हम ‘सॉफ्ट पावर' के बारे में बहुत बात करते हैं। और ऐसे समय में जब यह उक्ति अस्तित्व में भी नहीं थी, राज कपूर साहब ने पूरी दुनिया में भारत की ‘सॉफ्ट पावर' स्थापित की। यह भारत के लिए उनकी बड़ी सेवा थी।'' इसके बाद प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि परिवार को राज कपूर और उनकी फिल्मों के वैश्विक प्रभाव को दृश्य प्रारूप के माध्यम से प्रस्तुत करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘क्या हम कुछ कर सकते हैं, शायद एक ऐसी फिल्म जो मध्य एशिया के लोगों के दिल और दिमाग पर राज कपूर की छाप को दर्शाए... मध्य एशिया के लोगों के जीवन पर उनका बड़ा प्रभाव था और मुझे लगता है कि हमें इसे पुनर्जीवित करना चाहिए और इसे नई पीढ़ी से जोड़ना चाहिए। हमें इसे जोड़ने के लिए कुछ करना चाहिए और मुझे लगता है कि यह संभव है।'' राज कपूर की फिल्मों की ताकत को याद करते हुए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से जुड़ा एक वाकया सुनाया। उन्होंने कहा, ‘‘जनसंघ के जमाने में दिल्ली में चुनाव हुए और वे चुनाव हार गए। तो आडवाणी जी और अटल जी ने कहा, ‘हम चुनाव हार गए, अब हमें क्या करना चाहिए? तो चलो कोई फिल्म देखते हैं।' उन्होंने कहा, ‘‘वे एक फिल्म देखने गए और यह राज कपूर की फिल्म ‘फिर सुबह होगी' (1958) थी और फिर एक नई सुबह हुई थी।'' उन्होंने यह भी बताया कि एक बार वह चीन गए थे, जहां मेजबान राज कपूर की फिल्मों के गाने बजा रहे थे। मोदी ने कपूर परिवार से कहा, ‘‘मैंने अपनी टीम से इसे मोबाइल पर रिकॉर्ड करने को कहा और ऋषिजी को भेज दिया। वह बहुत खुश हुए थे।'' रणबीर कपूर ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से उनका परिवार केवल प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर बात कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि हम आपको क्या कहेंगे, हम आपको ‘प्राइम मिनिस्टर' जी कहेंगे या प्रधानमंत्री जी कह कर संबोधित करेंगे।'' अभिनेता ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि एक बार रूस में एक कैब चालक ने उनसे पैसे लेने से इनकार कर दिया था क्योंकि वह राज कपूर के पोते हैं। राज कपूर की फिल्में रूस में काफी लोकप्रिय थीं। रीमा जैन ने उनसे और परिवार से मिलने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘आपने आज हमारे परिवार को इतना सम्मान दिया है और पूरा देश इसे देखेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता का नाम भारत के बाहर भी प्रसिद्ध हुआ, इस अर्थ में हम उन्हें सांस्कृतिक राजदूत कह सकते हैं।'' रीमा जैन ने भारत को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज भारत का कद बहुत बड़ा है। आप योग को ही लें। दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, तो वहां योग के लिए बहुत सम्मान है। जब भी मैं दोपहर या रात्रि भोज के लिए विश्व के नेताओं से मिलता हूं, तो वे हमेशा मेरे साथ योग पर चर्चा करते हैं।'' रणबीर की बहन ऋद्धिमा कपूर साहनी ने बताया कि उनकी, उनकी मां नीतू कपूर की और उनकी चचेरी बहनों करिश्मा और करीना की योग में काफी रुचि है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए अपने पति रणबीर कपूर के साथ आईं आलिया भट्ट ने दुनियाभर में हिंदी गानों की लोकप्रियता के बारे में बात की और प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या उन्हें गाने सुनने का समय मिलता है। मोदी ने जवाब दिया, ‘‘जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं गाने सुनना पसंद करता हूं।''रीमा जैन ने कहा कि उनके दोनों बेटे - अरमान और अदार - अपने नाना से कभी नहीं मिले, लेकिन अब वे उनके बारे में एक फिल्म बना रहे हैं। अरमान ने कहा कि उन्होंने फिल्मों के बारे में सब कुछ अपने नानाजी की फिल्मों से सीखा है।इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘जब आप किसी के बारे में शोध करते हैं, तो आप उसी दुनिया में रहते हैं। आप बहुत भाग्यशाली हैं कि भले ही आप अपने नानाजी से कभी नहीं मिले, लेकिन फिर भी आप उनके जीवन को अनुभव कर रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि वह करीना कपूर खान और सैफ अली खान के दोनों बच्चों तैमूर और जेह से मिलने के लिए उत्सुक थे। बातचीत के दौरान सैफ ने मोदी से कहा कि वह उनके जीवन में पहले प्रधानमंत्री हैं जिनसे उनकी मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘आप पहले प्रधानमंत्री हैं जिनसे मैं मिला हूं...आप बहुत ऊर्जावान हैं और आप बहुत मेहनत करते हैं। आप जो भी करते हैं, मैं आपको बधाई देना चाहता हूं। हमारे लिए अपने दरवाजे खोलने और उपलब्ध होने के लिए आपका धन्यवाद।'' इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अभिनेता से कहा कि उनकी सैफ के पिता मंसूर अली खान पटौदी से मुलाकात हुई थी और अब वह अगली पीढ़ी से मिलने की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘मैं आपके पिता से मिला हूं और मुझे लगा था कि आज तीसरी पीढ़ी (तैमूर और जेह) से भी मिलूंगा, पर आप लाये नहीं।'' प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सैफ ने कहा कि ‘‘अपने देश के प्रमुख'' से बातचीत करना एक गर्मजोशी भरा अनुभव था। कपूर परिवार में नीतू कपूर, करिश्मा कपूर, करीना कपूर खान, सैफ अली खान, अदार जैन, अरमान जैन और अनीसा मल्होत्रा भी शामिल थे। कपूर परिवार ने प्रधानमंत्री को आगामी राज कपूर फिल्म महोत्सव के लिए आमंत्रित किया। तेरह से 15 दिसंबर तक 34 शहरों के 101 सिनेमाघरों में आयोजित होने वाला यह महोत्सव राज कपूर के सिनेमा को समर्पित अब तक का सबसे व्यापक पुनरावलोकन होगा। रणबीर कपूर ने कहा कि वह परिवार से बातचीत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान हमें बहुत मजा आया और हमने उनसे कई व्यक्तिगत सवाल पूछे। बैठक से पहले हम बहुत असहज थे लेकिन वह बहुत अच्छे हैं और उन्होंने हमें सहज महसूस कराया और मैं वास्तव में उनका धन्यवाद करता हूं।'' अभिनेत्री करीना कपूर खान ने कहा कि प्रधानमंत्री से बातचीत करना उनका सपना था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि मेरे दादाजी के 100वें जन्मदिन के अवसर पर हमें यह मौका मिला। उनमें बहुत सकारात्मक ऊर्जा है और वह वास्तव में एक वैश्विक नेता हैं।'' आलिया भट्ट ने कहा कि यह कपूर परिवार के लिए गर्व का क्षण है। करिश्मा कपूर ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर वह अभिभूत महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मेरे दादाजी और परिवार को बहुत प्यार और सम्मान दिया। मुझे लगता है कि यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण और यादगार दिन है। इसलिए मोदी जी, हमें आपके साथ समय बिताने और आपसे बातचीत करने का मौका देने के लिए धन्यवाद।''









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