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- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 2014 में आज ही के दिन उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उसके बाद देश ने कई अकल्पनीय और अभूतपूर्व फैसले लिए हैं।24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभप्रधानमंत्री गुजरात के दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र सहित 24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद-वेरावल वंदे भारत ट्रेन और वलसाड-दाहोद एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।इन वर्षों में देश ने दशकों पुरानी बेड़ियों को तोड़ाप्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा, “आज 26 मई है। साल 2014 में इसी तारीख को मैंने पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। सबसे पहले गुजरात के लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया, फिर करोड़ों भारतीयों ने मुझे आशीर्वाद दिया। आपके आशीर्वाद की शक्ति से मैं दिन रात देशवासियों की सेवा में जुटा रहा। इन वर्षों में देश ने वो फैसले लिए जो अकल्पनीय और अभूतपूर्व हैं। इन वर्षों में देश ने दशकों पुरानी बेड़ियों को तोड़ा है। देश हर सेक्टर में आगे बढ़ा है।”आज देश निराशा के अंधकार से निकलकर विश्वास के उजाले में फहरा रहा तिरंगाउन्होंने कहा कि आज देश निराशा के अंधकार से निकलकर विश्वास के उजाले में तिरंगा फहरा रहा है। आज हम 140 करोड़ भारतीय मिलकर अपने देश को विकसित भारत बनाने के लिए जी-जान से जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की तरक्की के लिए जो कुछ भी चाहिए, वो हम भारत में ही बनाएं, ये आज के समय की मांग है। भारत आज तेज गति से मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। देश की जरूरत के सामान का निर्माण हो या फिर दुनिया के अलग-अलग देशों में हमारे देश की बनी हुई चीजों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।
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नई दिल्ली। देश भर में कोविड-19 के मामलों में तेजी से उछाल आया है। अब तक 1,000 से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिनमें हाल ही में कन्फर्म किए गए 752 नए केस भी शामिल हैं। फिलहाल में केरल सबसे ज्यादा एक्टिव मामले हैं। वहीं, सोमवार को बिहार के पटना में 31 वर्षीय युवक में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। यह नए आउटब्रेक में बिहार में कोविड का पहला मामला है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, केरल में कोविड-19 के 430 एक्टिस केस हैं। जिन राज्यों में तेजी के केस बढ़ रहे हैं उनमें महाराष्ट्र (209), दिल्ली (104), गुजरात (83), कर्नाटक (47), उत्तर प्रदेश (15) और पश्चिम बंगाल (12) शामिल हैं।अकेले दिल्ली में पिछले सप्ताह में 99 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे एक नए आउटब्रेक के बारे में जनता की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वर्तमान में कोई एक्टिव मामला नहीं होने की सूचना दी है।बिहार में कोविड-19 का पहला मामलाबिहार के पटना में 31 वर्षीय युवक में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि संक्रमण की ताजा लहर में यह बिहार का पहला मामला है। मरीज का निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है और उसका राज्य से बाहर की यात्रा का कोई रिकॉर्ड नहीं है।पटना के सिविल सर्जन अविनाश कुमार सिंह ने पीटीआई को बताया, ‘‘पटना के एक युवक में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई, हालांकि उसका राज्य से बाहर की यात्रा का कोई रिकॉर्ड नहीं है। संक्रमण का स्तर बहुत हल्का है। मामले की बारीकी से निगरानी की जा रही है और सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।’’दिल्ली सरकार ने जारी की नई एडवाइजरीपिछले सप्ताह, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने एक नई एडवाइजरी जारी कर सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को तैयारी बढ़ाने का निर्देश दिया। एडवाइजरी में अस्पतालों से प्रमुख उपकरणों की उपलब्धता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है, “वेंटिलेटर, Bi-Pap, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, PSA आदि जैसे सभी उपकरण वर्किंग स्थिति में हों।”अस्पतालों को कर्मचारियों के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी करनी होगी, IHIP पर ILI/SARI मामलों की रिपोर्ट देनी होगी और सभी पॉजिटिव नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल में जमा करना होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि “अस्पताल परिसर में मास्क पहनने सहित श्वसन शिष्टाचार का पालन किया जा रहा है।”भारत में कोविड-19 के नए सब-वेरिएंट पाए गएभारत में तमिलनाडु में कोविड-19 के सबवेरिएंट NB.1.8.1 का एक मामला और गुजरात में LF.7 के चार मामले पाए गए हैं। यह जानकारी INSACOG के अनुसार है, जो पूरे भारत में फैली प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है जो SARS-CoV-2 वायरस के विकास को ट्रैक और अध्ययन करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से दोनों को ‘वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग’ के रूप में लिस्ट किया गया है, लेकिन ‘वेरिएंट ऑफ कन्सर्न’ के रूप में नहीं। ये सब-वेरिएंट एशिया में बढ़ते संक्रमणों से जुड़े हैं। इस बीच, भारत में JN.1 के मामले ज्यादा हैं। - न्यूयॉर्क/मनामा/सियोल. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने न्यूयॉर्क में कहा कि पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए भारत के पास अब एक नया दृष्टिकोण है और इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जायेगा। थरूर ने सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए गुयाना जाने से कुछ घंटे पहले यह बात कही।
थरूर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में 9/11 स्मारक पर जाकर आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी, उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि दुनिया को आतंकवाद की ‘‘साझा समस्या'' के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होना होगा। भारतीय सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को बहरीन के उपप्रधानमंत्री शेख खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख पर चर्चा की। अलग-अलग भारतीय प्रतिनिधिमंडलों ने दक्षिण कोरिया और स्लोवेनिया के नेताओं को 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत की कतई न सहन करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) के बारे में जानकारी दी। पहलगाम में हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस' की घोषणा करने में एकजुट है।'' उन्होंने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। थरूर ने कहा कि पहलगाम हमलों के बाद अब एक नया मानदंड बनने जा रहा है कि पाकिस्तान में बैठा कोई भी व्यक्ति यह सोचने की जुर्रत नहीं करेगा कि वह सीमा पार करके भारतीय नागरिकों की हत्या करेगा और उसे कोई दंड नहीं मिलेगा। थरूर ने कहा कि ऐसा करने वालों को ‘‘इसकी कीमत चुकानी'' होगी।
आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प को व्यक्त करने तथा आतंकवाद के साथ पाकिस्तान के संबंधों को रेखांकित करने के लिए थरूर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल गुयाना, पनामा, कोलंबिया, ब्राजील और अमेरिका की यात्रा पर है। थरूर ने न्यूयॉर्क में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्यों और प्रमुख मीडिया संस्थानों एवं ‘थिंक टैंक' के लोगों के एक चुनिंदा समूह से कहा कि पाकिस्तान के लिए भारत का संदेश स्पष्ट है: ‘‘हम कुछ भी शुरू नहीं करना चाहते थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम आतंकवादियों को केवल एक संदेश भेज रहे थे। आपने शुरू किया, हमने जवाब दिया।''
थरूर ने कहा, ‘‘अब एक नया मानदंड बनने जा रहा है। पाकिस्तान में बैठे किसी भी व्यक्ति को यह मानने की अनुमति नहीं दी जाएगी कि वह सीमा पार करके हमारे नागरिकों की हत्या कर सकता है और उसे कोई दंड नहीं दिया जाएगा। इसकी कीमत चुकानी होगी और यह कीमत व्यवस्थित रूप से बढ़ती जा रही है।'' उन्होंने कहा कि भारत ने अपने कुछ पड़ोसियों से बहुत अलग विमर्श पर ध्यान केंद्रित किया है।
थरूर ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भयावह हमले के बारे में विस्तार से बात की। इसकी जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट' नामक आतंकवादी संगठन ने ली थी लेकिन वह बाद में मुकर गया था। बहरीन की राजधानी मनामा में भारतीय सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने बहरीन के उपप्रधानमंत्री शेख खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख पर चर्चा की। बहरीन में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सर्वदलीय सांसदों ने बहरीन की संसद के उच्च सदन शूरा बहरीन के अध्यक्ष अली बिन सालेह अल सालेह से भी मुलाकात की तथा आतंकवाद के खिलाफ लड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के भारत के संकल्प को रेखांकित किया।'' भाजपा सांसद बैजयंत जय पांडा के नेतृत्व वाला यह प्रतिनिधिमंडल उन सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक हैं, जिन्हें भारत ने विश्व के 33 देशों की राजधानियों का दौरा करने का जिम्मा सौंपा है। वे पाकिस्तान की मंशाओं और आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया, खासकर 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराएंगे। पांडा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और बहरीन के बीच विश्वास, साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित प्रगाढ़, ऐतिहासिक मित्रता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमने आपसी हितों के मामलों और आतंकवाद के सभी स्वरूपों से लड़ने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता पर चर्चा की।'' प्रतिनिधिमंडल के सदस्य एवं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बैठक के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘हमारी सरकार ने हमें यहां भेजा है, साथ ही दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भी अन्य सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को भेजा है, ताकि विश्व को पता चले कि भारत किस खतरे का सामना कर रहा है।'' दक्षिण कोरिया में, जनता दल (यूनाइटेड) के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रवासियों के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार के रुख को दोहराया और कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। सियोल में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व विदेश मंत्री डॉ यून यंग-क्वान, संसदीय विदेश मामलों की समिति के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि किम गुन, पूर्व उप विदेश मंत्री चो ह्यून, राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी केंद्र के निदेशक मेजर जनरल शिन सांग-ग्यून समेत प्रतिष्ठित कोरियाई गणमान्य व्यक्तियों के साथ भी बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के बीच कोई अंतर नहीं किया जा सकता है। इसने कहा, ‘‘कोरियाई पक्ष ने आतंकवाद के प्रति अपना दृढ़ विरोध व्यक्त किया तथा भारत की स्थिति के प्रति अपनी समझ व्यक्त की।'' सियोल गए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘बातचीत के दौरान शांति, क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खतरे का सामना करने के लिए बहुपक्षीय प्रयासों को मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा हुई।'' इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद कनिमोई के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ‘भारत का संदेश दुनिया तक पहुंचाने' के लिए स्लोवेनिया पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल की अगवानी स्लोवेनिया में भारतीय राजदूत अमित नारंग ने की।
भारतीय दूतावास ने यहां ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत का संदेश दुनिया तक पहुंचाया जा रहा। सांसद कनिमोई के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल स्लोवेनिया पहुंचा। राजदूत अमित नारंग और दूतावास के अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।'' राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले के नेतृत्व में एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को कतर शूरा परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. हमदा अल सुलैती और कतर के अन्य सांसदों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि यह यात्रा सीमा पार आतंकवाद पर भारत के एकजुट रुख को दर्शाती है। कतर में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘कतर ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कतई न सहन करने की नीति पर जोर दिया और कहा कि आतंकवाद की वैश्विक स्तर पर निंदा की जानी चाहिए।'' इससे पहले, प्रतिनिधिमंडल ने दूतावास में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
यह प्रतिनिधिमंडल दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया और मिस्र भी जायेगा।
दोहा में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा संदेश दुनिया तक पहुंचाया जा रहा। सुप्रिया सुले के नेतृत्व में कतर आए बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल का हार्दिक स्वागत।'' गुयाना में प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां भारतीय दूतावास ने ‘एक्स' पर कहा कि उनका दौरा भारत के ‘‘आतंकवाद को कतई न सहन करने की नीति'' को रेखांकित करता है। इसने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दृढ़ है और एकजुट है।'' पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने सात मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे, जिसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी कार्रवाइयों का कड़ा जवाब दिया। दोनों पक्षों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच 10 मई को बातचीत के बाद सैन्य संघर्ष को रोकने पर सहमति बनी थी। -
नयी दिल्ली. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने परंपरागत अपशिष्ट जल शोधन विधियों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प विकसित किया है जिसमें ‘स्पेंट मशरूम वेस्ट' (मशरूम की कटाई के बाद बचा अपशिष्ट) से तैयार ‘बायोचार' और एक प्राकृतिक एंजाइम ‘लैकेस' का उपयोग किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बायोचार एक प्रकार का चारकोल है जिसे बायोमास जैसे कि लकड़ी, कृषि अपशिष्ट और अन्य जैविक पदार्थों को उच्च तापमान पर, ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में गर्म करके बनाया जाता है। जलशोधन के लिए मशरूम अपशिष्ट का उपयोग करने की इस तकनीक को 'भीमा' नाम दिया गया है जो लैकेस एंजाइम की सहायता से अपशिष्ट जल से एंटीबायोटिक तत्वों को हटाने का कार्य करती है और पारंपरिक विधियों में उत्पन्न होने वाले विषैले उप-उत्पादों से बचा जा सकता है। इस शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित ‘जर्नल ऑफ इनवायरमेंट मैनेजमेंट' में प्रकाशित हुए हैं।
यह नव विकसित प्रणाली विश्वकर्मा पुरस्कार 2024 की ‘जल स्वच्छता' विषयवस्तु के अंतर्गत अंतिम सूची में चयनित हुई है। आईआईटी गुवाहाटी के कृषि एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी स्कूल के प्रमुख सुदीप मित्रा ने बताया कि उनकी शोध टीम ने अस्पतालों के अपशिष्ट, औद्योगिक अपशिष्ट और सतही जल में सामान्यतः पाए जाने वाले 'फ्लोरोक्विनोलोन' समूह के हानिकारक एंटीबायोटिक्स जैसे 'सिप्रोफ्लॉक्सासिन', 'लेवोफ्लॉक्सासिन' और 'नॉरफ्लॉक्सासिन' को हटाने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने कहा, “पारंपरिक अपशिष्ट जल शोधन विधियां महंगी होती हैं और द्वितीयक प्रदूषक उत्पन्न करती हैं। इसके विपरीत, हमारा तरीका प्राकृतिक एंजाइम लैकेस का उपयोग करके प्रदूषकों को विघटित करता है।” पीएचडी शोधकर्ता अनामिका घोष ने कहा, “इस तकनीक की एक अन्य विशेषता यह है कि विघटन प्रक्रिया में जो उप-उत्पाद बने, वे विषैले नहीं हैं जिससे यह तकनीक पर्यावरण के लिए सुरक्षित और टिकाऊ समाधान के रुप में देखी जा सकती है।” यह अनुसंधान आईआईटी-गुवाहाटी में जैव विज्ञान और जैव इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर लता रंगन और उनके छात्रों के सहयोग से किया गया है। अनुसंधान दल ने हाल में किसानों के लिए बायोचार तैयार करने और कृषि के लिए इसके अनेक लाभों पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। मोरीगांव जिला कृषि कार्यालय के सहयोग से उसके कार्यालय परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में कुल 30 स्थानीय किसानों ने भाग लिया। -
रायबरेली .रायबरेली के डलमऊ में गंगा घाट पर अस्थि विसर्जन के लिए गए पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के तीन सदस्य गंगा नदी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गयी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक अमेठी के जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के पालपुर से नौ लोगों का एक समूह आज सुबह डलमऊ गंगा घाट पर अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचा था। विसर्जन के दौरान समूह के चार सदस्य कथित तौर पर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथियों ने तुरंत शोर मचाया, जिससे आस-पास के गोताखोरों और स्थानीय लोग भी जुट गए। गोताखोरों की त्वरित कार्रवाई से एक युवक को बचा लिया गया, लेकिन तीन लोगों की डूबने से मौत हो गयी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव कुमार सिन्हा ने बताया, ‘‘मृतकों की पहचान चंद्र कुमार कौशल (60), बालचंद्र कौशल (42) और उनके बेटे आर्यन (17) के रूप में हुई है।'' सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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अयोध्या .टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रविवार को भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली अपनी पत्नी एवं अभिनेत्री अनुष्का शर्मा परिवार के साथ अयोध्या पहुंचे जहां उन्होंने हनुमानगढ़ी और भगवान श्री रामलला के दर्शन-पूजन किए। विराट-अनुष्का ने पहले हनुमानगढ़ी जाकर हनुमान जी की पूजा अर्चना की और आशीर्वाद मांगा। इसके बाद भगवान श्री रामलला का दर्शन किया। हनुमानगढ़ी के महंत संजय दास ने बताया कि दोनों रविवार सुबह हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे और फिर उन्होंने राम मंदिर में दर्शन किए। क्रिकेटर और अभिनेत्री ने अपनी यात्रा के दौरान मीडिया से दूरी बनाए रखी।
इससे पहले, 13 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के अगले दिन विराट और अनुष्का वृंदावन पहुंचे थे। दोनों ने प्रेमानंद महाराज को दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया था। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से बात की। इस खास एपिसोड में उन्होंने वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने योग और स्वस्थ जीवन पर जोर देते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया ही स्ट्रॉन्ग इंडिया’ की नींव है। यह कार्यक्रम आकाशवाणी, दूरदर्शन, और अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया।
अब आयुष को पूरी दुनिया में वैज्ञानिक तरीके से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगीपीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ”योग दिवस के साथ-साथ आयुर्वेद के क्षेत्र में भी कुछ ऐसा हुआ है, जिसके बारे में जानकर आपको बहुत खुशी होगी। कल ही यानी 24 मई को डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक और मेरे मित्र तुलसी भाई की मौजूदगी में एक एमओयू साइन किया गया है। इस समझौते के साथ ही इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ हेल्थ इंटरवेंशन्स के तहत एक डे डेडिकेटेड ट्रेडिशनल मेडिसिन मॉड्यूल पर काम शुरू हो गया है। इस पहल से, आयुष को पूरी दुनिया में वैज्ञानिक तरीके से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।”सीबीएसई की अनोखी पहल: स्कूलों में आप ने ब्लैकबोर्ड तो देखा होगा, लेकिन अब कुछ स्कूलों में ‘शुगर बोर्ड’ भी लगाया जा रहा हैस्कूलों में हो रहे विकास के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ”आपने स्कूलों में ब्लैकबोर्ड तो देखा होगा, लेकिन अब कुछ स्कूलों में ‘शुगर बोर्ड’ भी लगाया जा रहा है। सीबीएसई की इस अनोखी पहल का उद्देश्य है, बच्चों को उनके शुगर इनटेक के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत, कितनी चीनी लेनी चाहिए, और कितनी चीनी खाई जा रही है, ये जानकर बच्चे खुद से ही हेल्दी विकल्प चुनने लगे हैं। यह एक अनोखा प्रयास है और इसका असर भी बड़ा सकारात्मक होगा। बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली की आदतें डालने में यह काफी मददगार साबित हो सकता है। कई अभिभावकों ने इसे सराहा है और मेरा मानना है, ऐसी पहल दफ्तरों, कैन्टीनों और संस्थानों में भी होनी चाहिए। आखिरकार, सेहत है तो सब कुछ है। फिट इंडिया ही स्ट्रॉन्ग इंडिया की नींव है।’मन की बात’ का प्रसारण 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों, और 11 विदेशी भाषाओं में किया जाता है, जिसमें फ्रेंच, चीनी, और अरबी जैसी भाषाएं शामिल हैं। -
नई दिल्ली।‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया। हर बार की तरह पीएम मोदी ने अद्भुत और प्रेरणास्पद किस्से सुनाए। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में काटेझरी गांव की कहानी देशवासियों के साथ साझा की। यह भारत का एक ऐसा गांव है जहां पर आजादी के 77 साल बाद कोई सरकारी बस पहुंची। उन्होंने ये भी बताया कि इतने बरसों बाद बस पहुंचने की वजह क्या रही?
जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत कियापीएम मोदी ने कहा, ” मैं आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताना चाहता हूं, जहां पहली बार एक बस पहुंची। जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत किया। बस को देखकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। गांव में पक्की सड़क थी, लोगों को जरूरत थी, लेकिन पहले कभी यहां बस नहीं चल पाई थी। क्योंकि ये गांव माओवादी हिंसा से प्रभावित था।”माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैउन्होंने आगे कहा, ” यह जगह है महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में, और इस गांव का नाम है, काटेझरी। काटेझरी में आए इस परिवर्तन को आसपास के पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। अब यहां हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी है। गांव के लोगों का कहना है कि बस के आने से उन लोगों का जीवन बहुत आसान हो जाएगा।”केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई हैबता दें कि केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में माओवाद को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस गांव में 20 मई को बस सेवा शुरू हुई, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ ), छत्तीसगढ़ पुलिस, और अन्य विशेष बलों ने संयुक्त अभियान चलाए हैं।( - गुवाहाटी. असम सरकार ने शनिवार को पहलगाम आतंकवादी हमले के चार पीड़ितों के परिवारों को अनुग्रह राशि प्रदान की तथा राज्य के मंत्री देशभर के विभिन्न शहरों में उनके आवासों पर गये। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘एक्स' पर कई पोस्ट में कहा कि उनके तीन कैबिनेट सहयोगी पीड़ितों के घरों पर गये। उन्होंने कहा, ‘‘असम के लोगों की ओर से मेरे सहयोगी रानोज पेगु ने जयपुर में दिवंगत नीरज उधवानी के परिवार को सहायता राशि प्रदान की है। हमें उम्मीद है कि इससे उन्हें तत्काल कठिनाइयों से निपटने में मदद मिलेगी।'' पेगु ने कहा कि उन्होंने उनकी पत्नी और उधवानी की मां को तीन-तीन लाख रुपये सौंपे।मंत्री रंजीत कुमार दास उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुभम द्विवेदी के आवास पर गये। उन्होंने कहा, ‘‘असम इस अपूरणीय क्षति की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमेशा याद रखा जायेगा।'' मंत्री कृष्णेंदु पॉल कोलकाता में बिटन अधिकारी के आवास पर गये। पॉल ने कोलकाता में एक अन्य पीड़ित समीर गुहा के परिवार से भी मुलाकात की और सहायता राशि सौंपी। असम सरकार जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दे रही है।
- नयी दिल्ली. नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने शनिवार को कहा कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सुब्रह्मण्यम ने नीति आयोग शासी परिषद की 10वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कुल मिलाकर वैश्विक और आर्थिक माहौल भारत के अनुकूल है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जब बोल रहा हूं, तब हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। आज हम 4,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के आंकड़ों का हवाला देते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था जापान से बड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही भारत से बड़े हैं और अगर हम अपनी योजना और सोच पर कायम रहते हैं, तो ढाई-तीन साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे।'' आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल के बयान पर एक सवाल का जवाब देते हुए, सुब्रह्मण्यम ने कहा, ‘‘शुल्क दरें क्या होंगी, यह अनिश्चित है। लेकिन जिस तरह चीजें बदल रहीं हैं, हम विनिर्माण के लिए सस्ती जगह होंगे।'' ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका में बिकने वाले एप्पल आईफोन का विनिर्माण अमेरिका में ही होगा, न कि भारत में या कहीं और। नीति आयोग के सीईओ ने यह भी कहा कि संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने का दूसरा चरण तैयार किया जा रहा है और इसकी घोषणा अगस्त में की जाएगी।
- मुंबई. महाराष्ट्र सरकार जल्द ही अहिल्यानगर जिले में 18वीं सदी की इंदौर शासक अहिल्याबाई होल्कर की जन्मस्थली चोंडी के लिए 681 करोड़ रुपये की विकास योजना को मंजूरी देगी। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मई को चोंडी में अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह में भाग लेंगी। शिंदे ने अहिल्यानगर में संवाददाताओं को बताया कि विकास योजना को मंजूरी देने वाला सरकारी प्रस्ताव (जीआर) सोमवार या मंगलवार को जारी होने की संभावना है। शिंदे ने बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की थी और उन्हें 31 मई के कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। परिषद के अध्यक्ष ने कहा, "राज्य सरकार ने तीर्थयात्रा विकास परियोजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसमें से चोंडी को 681 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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गुव्वलचेरुवु. आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में शनिवार सुबह एक ट्रक के कार से टकरा जाने की घटना में दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत अपने परिवार के साथ चिंतापुट्टायपल्ली गांव जा रहे थे, इस दौरान सुबह करीब साढ़े नौ बजे गुव्वलचेरुवु घाट रोड पर यह हादसा हुआ। पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, “वे कार से कडप्पा की ओर जा रहे थे। उनके पीछे फर्नीचर से लदा हुआ ट्रक चल रहा था। ट्रक ने एक मोड़ पर कार को टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार कुल छह लोगों में से चार की मौत हो गई।” मृतकों में श्रीकांत, उनकी पत्नी, बेटी और एक भतीजा शामिल हैं। हादसे में घायल दो वयस्कों की हालत खतरे से बाहर है। अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। -
जमशेदपुर. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कृष्ण कुमार (40), उनकी पत्नी डोली देवी (35) और उनकी नाबालिग बेटियों के शव शुक्रवार रात आदित्यपुर थाना क्षेत्र के गम्हरिया के चित्रगुप्त नगर स्थित उनके घर में फंदे से लटके मिले। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर आत्महत्या की आशंका जताई है।
अधिकारियों ने बताया कि गम्हरिया स्थित एक इस्पात संयंत्र में वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में काम करने वाले कृष्ण कुमार को हाल ही में कैंसर से पीड़ित होने का पता चला था, जिसके बाद से वे मानसिक रूप से काफी तनाव में थे। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। -
जैसलमेर. कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले ने पूरे देश के साथ साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सैनिकों को भी आक्रोशित कर दिया था और पड़ोसी देश के साथ संघर्ष छिड़ने पर उन्होंने सीमावर्ती चौकियों पर कमान संभाली। सीमा सुरक्षा बल की सैनिक जसबीर ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले पर उन्हें बहुत गुस्सा आया।
उन्होंने कहा, "हम भी शादीशुदा हैं और पहलगाम हमला हुआ तो हमें भी बहुत गुस्सा आया। हमने उन महिलाओं का दर्द महसूस किया जिन्होंने अपने पति खो दिए।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से दुश्मन को जवाब मिल गया है।
जसबीर ने कहा, “उनकी हरकत का जवाब उन्हें मिल गया है। अगर आइंदा ऐसी हरकत करेंगे तो उसका जवाब भी मिलेगा।” राजस्थान के चार जिलों - श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर की 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है। जसबीर ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी की भी प्रशंसा की और कहा कि महिला अधिकारियों को वहां देखना गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा, "बहुत गर्व की बात थी। हमें बहुत अच्छा लगा कि उन्होंने इतना अच्छा काम किया और हमारे देश का नाम रोशन किया।” उन्होंने कहा, “पाकिस्तान वालों को भी पता चला कि भारत से पंगा लेना कोई आसान बात नहीं है। एक अन्य सैनिक सरिता ने कहा कि पहलगाम हमले के तुरंत बाद उन्हें पुरुषों के साथ तैनात किया गया था।
उन्होंने कहा,"ड्रोन उड़े, संदिग्ध हरकतें देखी गईं, लेकिन हमारे बलों ने हर कोशिश को विफल कर दिया। दिन हो या रात, हालात चाहे जो भी रहे हों हम ड्यूटी पर तैनात थे।” सैनिक सोनल ने हमले के बाद की भावनात्मक स्थिति को याद करते हुए कहा, "पहलगाम के आतंकी हमले में कई महिलाओं के पतियों को निशाना बनाया गया। यह हमारे सिंदूर पर सीधा प्रहार था। पाकिस्तान का तो ऐसी हरकतों का इतिहास रहा है लेकिन अब हम हमेशा तैयार और सतर्क रहते हैं।" सैनिक ने कहा, “पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम किया है। आगे भी करेंगे।'
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सात मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू करते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया। बदले में, पाकिस्तान ने जैसलमेर, बाड़मेर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों समेत कई स्थानों पर नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की विफल कोशिश की। इस बीच सीमा पर भीषण गर्मी को देखते हुए बीएसएफ ने अपने जवानों के लिए कई कदम उठाए हैं। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि जवानों के शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखने के लिए ड्यूटी पॉइंट पर वाटर कूलर, नींबू पानी, छाछ की व्यवस्था की गई है। अधिकारी ने कहा, "रेगिस्तान में पारा 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है और बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन बीएसएफ के जवान और अधिकारी पूरी तरह से सतर्क हैं और ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।" - - इस साल मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमाननयी दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया जो 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर इसका सबसे जल्दी आगमन है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मानसून 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था।दक्षिण-पश्चिमी मानसून सामान्यतः एक जून तक केरल में प्रवेश करता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता है। 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिमी भारत से इसकी वापसी शुरू हो जाती है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, मानसून दक्षिणी राज्य में पिछले साल 30 मई को, 2023 में आठ जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में तीन जून को, 2020 में एक जून को, 2019 में आठ जून को, और 2018 में 29 मई को आया था। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी उसी तरह पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह बड़े पैमाने पर परिवर्तनशीलता और वैश्विक, क्षेत्रीय एवं स्थानीय कारकों से तय होता है। आईएमडी ने अप्रैल में इस साल मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान जताया था जिससे अल नीनो की स्थिति की संभावना खारिज हो गई। अल नीनो प्रणाली भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर राज्य का विकास जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सभी राज्य प्रगति नहीं करेंगे, तब तक भारत भी पूरी तरह से विकसित नहीं हो सकता। यह बैठक ‘विकसित भारत : 2047 के लिए विकसित राज्य’ विषय पर भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
अपने उद्घाटन भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि भारत में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और इसलिए हमें ऐसे शहरों का निर्माण करना चाहिए जो भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा, “विकास, नवाचार और स्थिरता हमारे शहरों के विकास का आधार होना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों से मिलकर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हमें विकास की रफ्तार तेज करनी होगी। अगर केंद्र और राज्य मिलकर काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहेगा।”उन्होंने राज्यों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव दिया कि हर राज्य को कम से कम एक पर्यटन स्थल को वैश्विक स्तर पर विकसित करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, “हर राज्य को ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ मॉडल अपनाना चाहिए। इससे आसपास के शहरों और क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।”प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिक अब केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा, “विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। यह 140 करोड़ लोगों की आकांक्षा है और इसे तभी पूरा किया जा सकता है जब हर राज्य मिलकर विकास करे।” महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश को महिलाओं को वर्कफोर्स में शामिल करने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे महिलाएं सम्मान के साथ कार्यबल में शामिल हो सकें।”यह बैठक केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक विचार-विमर्श का मंच है। इसमें उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास और देशभर में स्थायी रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा की गई।- -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह 11 बजे आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार साझा करेंगे। यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की 122वीं कड़ी होगी। आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क, आकाशवाणी समाचार की वेबसाइट और न्यूज ऑन मोबाइल ऐप पर यह कार्यक्रम सीधे प्रसारित होगा। आकाशवाणी समाचार, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। आकाशवाणी से हिंदी प्रसारण के तुरंत बाद मन की बात कार्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित होगा।
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नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत कभी भी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और परमाणु धमकियों के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने यह बात बीते शुक्रवार को जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कही। जयशंकर ने साफ किया कि भारत, पाकिस्तान से किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बिना, केवल द्विपक्षीय रूप से ही निपटेगा और इस पर किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। जयशंकर ने कहा, “मैं ऐसे समय में बर्लिन आया हूं जब भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी तरह कायम है। हम कभी परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेंगे और पाकिस्तान से किसी भी मसले पर केवल सीधी बातचीत ही होगी।”
इस मौके पर जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुआ आतंकवादी हमला बेहद क्रूर था और जर्मनी इसकी कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा, “हम भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार देते हैं। यह सराहनीय है कि मौजूदा समय में संघर्षविराम लागू है और हमें उम्मीद है कि यह स्थिति स्थिर रहेगी ताकि भारत-पाकिस्तान बातचीत से समाधान निकाल सकें।” दोनों विदेश मंत्रियों ने भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी चर्चा की। साथ ही, भविष्य में आपसी सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई, जिनमें टेक्नोलॉजी, रक्षा, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन प्रमुख हैं।बातचीत के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बर्लिन में भारत-जर्मनी रणनीतिक संबंधों पर उपयोगी बातचीत हुई। पड़ोस से लेकर वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। मैं भारत में जर्मन विदेश मंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।” गौरतलब है कि जर्मनी, विदेश मंत्री जयशंकर की तीन देशों की यात्रा का आखिरी चरण है। इस दौरे की शुरुआत 19 मई को नीदरलैंड्स से हुई थी, इसके बाद उन्होंने डेनमार्क की यात्रा की थी। दोनों देशों में उन्होंने शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विस्तार से चर्चा की।- -
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में मामूली बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने हालात की समीक्षा करते हुए बताया कि अभी तक दिल्ली में 23 सक्रिय कोविड-19 केस सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि निजी लैब्स से हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जांच की जा रही है कि ये संक्रमित लोग दिल्ली के निवासी हैं या बाहर से आए हैं। हालांकि उन्होंने राजधानी के नागरिकों से घबराने की आवश्यकता नहीं होने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार और सभी सरकारी अस्पताल कोविड से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अस्पतालों के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट्स और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक चल रही है ताकि हालात पर करीबी नजर रखी जा सके।
इसके साथ ही मंत्री पंकज सिंह ने यह भी घोषणा की कि आने वाले 100 दिनों में दिल्लीवासियों को 39 नए आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात दी जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 से जुड़ी सतर्कता को लेकर सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके पास पर्याप्त संख्या में कोविड बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाइयां, वैक्सीन, वेंटिलेटर, बाय-पैप मशीन और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हों।कोविड ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग देने की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही, सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) और एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन) के मामलों की रिपोर्टिंग रोजाना आईएचआईपी पोर्टल पर करनी होगी। दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर भी सभी कोविड संबंधी आंकड़े प्रतिदिन साझा किए जाएंगे। आईसीएमआर की गाइडलाइंस के अनुसार कोविड जांच की जाएगी, जिसमें आईएलआई के 5% और एसएआरआई के 100% मामलों की अनिवार्य जांच शामिल है।इसके अलावा, कोविड पॉजिटिव पाए गए सभी मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोकनायक अस्पताल भेजे जाएंगे ताकि किसी भी नए वेरिएंट की पहचान समय पर हो सके। अस्पताल परिसरों में मास्क पहनना और अन्य श्वसन शिष्टाचारों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, कोविड नियमों का पालन करें और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच करवाएं। -
नई दिल्ली। भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के संज्ञान में आया है कि फील्ड असिस्टेंट (जीडी) के 1736 पदों की भर्ती के संबंध में एक फर्जी विज्ञापन ऑनलाइन प्रसारित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, रिपोर्टों से पता चलता है कि इस फर्जी भर्ती से जुड़ी कथित लिखित परीक्षा के लिए फर्जी एडमिट कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं।कैबिनेट सचिवालय ऐसे किसी भी भर्ती विज्ञापन से स्पष्ट रूप से इनकार करता है और स्पष्ट करता है कि फील्ड असिस्टेंट (जीडी) की भर्ती के लिए कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
जनता को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें तथा भर्ती से संबंधित किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल कैबिनेट सचिवालय या भारत सरकार के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही करें। -
नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि उसने दशकों से सीमा पार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमलों का सामना किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा पर एक खुली बहस में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए बार-बार नागरिकों को ढाल बनाया है। श्री हरीश ने कहा कि दुनिया ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए कुख्यात आतंकियों के अंतिम संस्कार में वरिष्ठ सरकारी, पुलिस और सैन्य अधिकारियों को शामिल होते हुए देखा है। श्री हरीश ने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना ने इस महीने की शुरुआत में जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया था।
- -प्रचार के मानदंडों को तर्क संगत बनाया जाएगानई दिल्ली। मतदाताओं के लिए सुविधा बढ़ाने और मतदान के दिन व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से की गई विभिन्न पहलों के अनुरूप, चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल डिपॉज़िट सुविधा प्रदान करने और प्रचार के मानदंडों को तर्क संगत बनाने के लिए दो और व्यापक निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और चुनाव संचालन नियम, 1961 के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुरूप हैं।शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते कवरेज और उपयोग से न केवल आम मतदाताओं बल्कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं द्वारा मतदान के दिन मोबाइल फोन के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए, चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल जमा करने की सुविधा देने का फैसला किया है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर केवल मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी और वह भी फोन बंद करने के बाद। मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के पास बहुत ही साधारण लकड़ी के ख़ाने यानि बॉक्स या जूट के बैग उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे। मतदाता को मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रतिकूल स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ मतदान केंद्रों को इस प्रावधान से छूट दी जा सकती है। मतदान केंद्र के भीतर मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करने वाले चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49एम, का सख्ती से पालन किया जाना लागू रहेगा।इसके अलावा, चुनाव के दिन सुविधा में सुधार के उद्देश्य से, आयोग ने चुनावी कानूनों के अनुरूप प्रचार के लिए स्वीकार्य मानदंडों को मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार से 100 मीटर की दूरी तक तर्कसंगत बनाया है। हालांकि, मतदान के दिन मतदान केंद्र के आसपास 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। इसलिए, अगर मतदाता आयोग द्वारा जारी अपनी आधिकारिक मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस) नहीं ले जा रहे हैं, तो मतदाताओं को अनौपचारिक पहचान पर्ची जारी करने के लिए मतदान के दिन उम्मीदवारों द्वारा स्थापित बूथ अब किसी भी मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर स्थापित किए जा सकते हैं।चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग कानूनी ढांचे के अनुसार तय नियमों के आधार पर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही मतदाताओं के लिए सुविधाओं में विस्तार के लिए निरंतर नवाचार भी कर रहा है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का विषय ‘विकसित राज्य से विकसित भारत @2047’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है। यह बैठक केंद्र और सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को ‘टीम इंडिया’ की भावना से एक साथ लाने का प्रयास है। प्रधानमंत्री का मानना है कि जब तक राज्यों में जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं होगा, तब तक 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं पूरी नहीं की जा सकतीं। इसलिए सभी राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप, लेकिन स्थानीय जरूरतों पर आधारित दीर्घकालिक और समावेशी विजन दस्तावेज तैयार करें, जिनमें मानव विकास, आर्थिक प्रगति, सतत विकास, तकनीकी नवाचार और शासन सुधार शामिल हों।
इसके अलावा राज्यों को सलाह दी गई है कि वे अपने भूगोल और जनसंख्या संबंधी विशेषताओं का उपयोग करें, और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करें। इस प्रक्रिया में डेटा-आधारित कार्यप्रणालियों, आईसीटी सक्षम इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स और मॉनिटरिंग व इवैल्यूएशन सेल्स की मदद से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। बैठक का एक अहम एजेंडा यह भी होगा कि राज्यों को विकसित भारत की नींव के रूप में कैसे तैयार किया जाए। इसके तहत उद्यमिता को बढ़ावा, स्किलिंग में सुधार, और स्थायी रोज़गार के अवसरों पर विचार किया जाएगा।यह बैठक 13-15 दिसंबर 2024 को हुई मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन में हुई चर्चा को भी आगे बढ़ाएगी। गौरतलब है कि उस सम्मेलन का विषय-‘उद्यमिता, रोज़गार और कौशल को बढ़ावा देना-सांख्यिकीय लाभांश का उपयोग’ था। इसमें छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर सिफारिशें दी गई थीं : टियर 2 और 3 शहरों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अनुकूल माहौल बनाना, टियर 2 और 3 शहरों में सर्विस सेक्टर के लिए अनुकूल माहौल, ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई और अनौपचारिक रोजगार, शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई और अनौपचारिक रोजगार, हरित अर्थव्यवस्था में अवसर: नवीकरणीय ऊर्जा, हरित अर्थव्यवस्था में अवसर: सर्कुलर इकॉनमी। इस अहम बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्रीगण, और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और सीईओ शामिल होंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग जगत से पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश करने के लिए पहले कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, पिछले 11 वर्षों में यह क्षेत्र पिछड़े सीमांत क्षेत्र से ग्रोथ फ्रंट रनर यानि विकास में अग्रणी क्षेत्र में तब्दील हो गया है।
राष्ट्रीय राजधानी में राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की नीति ने पूर्वोत्तर को विकास में प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र अब भारत की विकास कहानी के केंद्र में आ गया है।उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस नीति के तहत केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों ने पूर्वोत्तर राज्यों का 700 से अधिक बार दौरा किया है और उन्होंने अपने दौरे के दौरान उनके लिए एक रात रुकना भी अनिवार्य कर दिया है।उन्होंने बताया कि इससे केंद्र को विकास की रणनीति तैयार करने में जमीनी हकीकत और लोगों की आकांक्षाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने में मदद मिली।पूर्वोत्तर का विकास एक “भावनात्मक जुड़ाव”उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर का विकास न केवल क्षेत्र के बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास में परिलक्षित एक ईंट और मोर्टार की कहानी है, बल्कि एक “भावनात्मक जुड़ाव” भी है, जिसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है।पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे की क्रांतिपीएम मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे की क्रांति ने अब लंबे समय से पिछड़े क्षेत्र को अवसरों की भूमि में बदल दिया है। पीएम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 11,000 किलोमीटर से अधिक राजमार्ग, सैकड़ों किलोमीटर रेलवे लाइन और जलमार्गों का विकास इस बुनियादी ढांचे के विकास का हिस्सा है, जिसने क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। इसके अलावा, राज्य में 4 जी और 5 जी कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले बड़ी संख्या में मोबाइल टावर और 1600 किलोमीटर पाइपलाइन गैस ग्रिड का निर्माण किया गया है।यह बुनियादी ढांचा अब विकास को आगे बढ़ाने के लिएयह बुनियादी ढांचा वह रीढ़ है जिसका उपयोग उद्योग अब विकास को आगे बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, क्योंकि अब क्षेत्र में पर्याप्त बिजली, राजमार्ग और रसद है।उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में शांति लौट आई है क्योंकि 10,000 से अधिक युवाओं ने मुख्यधारा में वापस आने के लिए बंदूकें छोड़ दी हैं, क्योंकि सरकार ने आतंकवाद और हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है।उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति उपलब्धप्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि केंद्र ने क्षेत्र में स्कूलों, मेडिकल कॉलेजों, आईआईटी और तकनीकी संस्थानों में शिक्षा प्रणाली में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। परिणामस्वरूप, अब उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति उपलब्ध है।पूर्वोत्तर क्षेत्र को एक गतिशील और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए किया डिज़ाइन23-24 मई को होने वाला दो दिवसीय शिखर सम्मेलन, पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) को एक गतिशील और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की अप्रयुक्त आर्थिक क्षमता को प्रस्तुत करके और प्रमुख हितधारकों, निवेशकों, उद्योग के नेताओं और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर वैश्विक और घरेलू दोनों निवेशकों को आकर्षित करना है।यह शिखर सम्मेलन केंद्र सरकार द्वारा सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ किए गए रणनीतिक शिखर सम्मेलन-पूर्व जुड़ावों की श्रृंखला का समापन है। इनमें उच्च-स्तरीय रोड शो, राज्य गोलमेज सम्मेलन, राजदूतों की बैठक और वाणिज्य के द्विपक्षीय चैंबरों के साथ सत्र शामिल थे।शिखर सम्मेलन से पहले मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, गुवाहाटी और नई दिल्ली सहित प्रमुख भारतीय शहरों में रोड शो सफलतापूर्वक आयोजित किए गए, ताकि इस क्षेत्र में गति और निवेशकों की रुचि पैदा की जा सके। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को पूरी तरह से दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है और यह साबित कर दिया है कि भारत में आतंकवाद पाकिस्तान प्रायोजित है।
शाह ने ऑपरेशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदम उठाने का श्रेय पीएम मोदी को दिया22वें सीमा सुरक्षा बल (BSF) इन्वेस्टिचर समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान के दौरान बोलते हुए, शाह ने भारतीय सशस्त्र बलों की प्रशंसा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति में आमूल-चूल परिवर्तन और ऑपरेशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदम उठाने का श्रेय दिया।हमने न तो किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया और न ही किसी एयरबेस पर हमला कियाउन्होंने भारत की संयमित और सटीक रणनीति को रेखांकित करते हुए कहा, “हमने न तो किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया और न ही किसी एयरबेस पर हमला किया। हमने केवल और केवल उन आतंकी अड्डों को नष्ट किया जिन्होंने हमारे देश में अपराध किए थे।” शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय नेतृत्व, खुफिया जानकारी और सैन्य क्षमता को दिया।ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से देश दुनिया में एक्सपोज हो गया है“ऑपरेशन सिंदूर प्रधानमंत्री की दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति, हमारी एजेंसियों की सटीक खुफिया सूचनाओं और सेना की जबरदस्त मारक क्षमता का परिणाम है। जब ये तीनों एक साथ आते हैं, तो ऑपरेशन सिंदूर जैसा अभियान होता है।” गृहमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से देश दुनिया में एक्सपोज हो गया है।भारत में हो रही आतंकी घटनाएं पाकिस्तान द्वारा प्रायोजितशाह ने BSF के एक कार्यक्रम में कहा “ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की घटनाओं के कारण पाकिस्तान अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। भारत में जो आतंकवाद है, वह पाकिस्तान प्रायोजित है। जब पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला हुआ, तो पाकिस्तानी सेना ने ही जवाब दिया। दुनिया ने देखा कि जब मारे गए आतंकवादी नेताओं का अंतिम संस्कार हुआ, तो पाक सेना के वरिष्ठ अधिकारी न केवल मौजूद थे, बल्कि उनके जनाजे को कंधा देते और नमाज में हिस्सा लेते नजर आए,”पाहलगाम आतंकी हमले के बाद, हमने पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया2014 के बाद भारत की बदलती सुरक्षा नीति पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा, “दशकों से देश आतंकवाद का सामना कर रहा है। पाकिस्तान ने कई बार हमला किया, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जब उरी में बड़ा हमला हुआ, तो हमने सर्जिकल स्ट्राइक की। पुलवामा हमले के बाद हमारी सेना ने एयर स्ट्राइक से जवाब दिया। और अब, एक बार फिर हमने आतंकी अड्डों को खत्म कर दिया।”भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर संयमित और सटीक प्रहार करते हुए अपनी दृढ़ नीति का परिचय दियापाहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों की तेज और रणनीतिक प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए गृहमंत्री ने कहा:”दुनिया भर में कई देशों ने आतंकी हमलों का जवाब दिया है, लेकिन भारत की प्रतिक्रिया अलग रही है। जब पाहलगाम में हमला हुआ, हमने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस अभियान के चंद मिनटों में हमने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, जिनमें से 2 उनके मुख्यालय थे।” बीएसएफ के योगदान को स्वीकार करते हुए गृहमंत्री ने कहा “जब यह तय किया गया कि एक सीमा पर एक बल सुरक्षा देगा, तब बीएसएफ को दो सबसे चुनौतीपूर्ण सीमाओं बांग्लादेश और पाकिस्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई। आप अपनी क्षमताओं के चलते ही दोनों सीमाओं की सुरक्षा बखूबी कर रहे हैं।”



















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