- Home
- देश
-
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या पर भारत का जवाब है। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार भारत पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए संकल्पित है और इसके लोग आतंकवाद को जड़ों से समाप्त करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे सशस्त्र बलों पर गर्व है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या पर भारत का जवाब है।’’
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत के सशस्त्र बलों का कड़ा जवाब है, जो दिखाता है कि देश आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत यह सुनिश्चित करेगा कि आतंकवाद के हर अपराधी पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने लिखा, ‘‘ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर किया गया कड़ा प्रहार है। भारत आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।’’ वित्त मंत्री एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस समय इटली के मिलान में हैं।गृह राज्य मंत्री संजय कुमारकेंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने वहीं चोट की जहां (दुश्मन को) दर्द हो। कुमार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर – सटीक, निर्दयी और निर्मम। जब भारत हमला करता है, तो यह तीव्र और तय होता है। हमारी सेना ने वहीं चोट की जहां उसे दर्द हो। पहलगाम के शहीदों का बदला लिया गया। भारत से पंगा लोगे तो कीमत चुकाओगे। अपने वीरों पर गर्व है! मेरा भारत महान।’’केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डीकेंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत माता की जय! हर हर महादेव। जय हिंद।’’ बीआरएस नेता के. कविता ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘भारत माता की जय। जय हिंद।’’पर्यटन मंत्री शेखावतकेंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) में आतंकवादी ढांचे पर हमला करने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भारतीय तिरंगे की एक छवि के साथ ‘जय हिंद!’ लिखा।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर ‘जय हिंद’ और ‘जय हिंद की सेना’ लिखा।गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेलगुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई की सराहना करते हुए ‘एक्स’ पर ‘‘भारत माता की जय’’ का नारा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘‘भारत का ‘आपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ है। भारत माता की जय।’’महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेमहाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय हिंद! ऑपरेशन सिंदूर!’’केंद्रीय मंत्री चिराग पासवानलोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘‘सत्यमेव जयते। जय हिंद की सेना।’’ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझीओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की और कहा कि पूरा देश अपने वीर सैनिकों के साथ है। मुख्यमंत्री माझी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत एकजुट है। ‘आपरेशन सिंदूर’ में हमारे वीर सशस्त्र बलों द्वारा दिखाई गई सटीकता और संकल्प को सलाम करता हूं। आतंकवाद पर हर वार एक संदेश है कि हम अपनी संप्रभुता को चुनौती देने वाले किसी भी प्रकार के खतरे को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पाकिस्तान और पीओके से उत्पन्न होने वाले सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ भारत की एक अडिग राष्ट्रीय नीति है।” उन्होंने कहा, “हमें अपने भारतीय सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है जिन्होंने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया है। हम उनके दृढ़ संकल्प और साहस की सराहना करते हैं। ” खरगे के अनुसार, पहलगाम आतंकवादी हमले के दिन से, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस स्पष्ट रूप से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कोई भी निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सशस्त्र बलों और सरकार के साथ खड़ी है।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिनतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने सशस्त्र बलों के पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए जाने का बुधवार को स्वागत किया। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर स्टालिन ने लिखा, ‘‘ तमिलनाडु आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना के साथ है। हमारी सेना के साथ और हमारे देश के लिए, तमिलनाडु पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा है।’’सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांगसिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बुधवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत अपनी एकता और शांति के खिलाफ किसी भी प्रकार के खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने इस अभियान की सफलता पर गर्व व्यक्त किया।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्माराजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए मिसाइल हमलों का बुधवार को स्वागत किया। शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ‘भारत माता की जय’ लिखते हुए ‘आपरेशन सिंदूर’ हैशटैग के साथ तिरंगे की इमोजी पोस्ट की। उन्होंने लिखा, ‘‘शौर्यं तेजः संयमश्च, यत्र भारतसैनिका:। विजयं तेषु नित्यं स्यात्, जयतु भारतमाता॥’’राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोतराजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’का स्वागत करते हुए बुधवार को कहा कि हम पूरी मजबूती से भारतीय सेना तथा भारत सरकार के साथ खड़े हैं। गहलोत ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर आतंक पर कड़ा प्रहार किया है।’’ ‘जय हिंद’ और भारतीय तिरंगे की इमोजी के साथ गहलोत ने पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी और पूरा भारत इस कार्रवाई का स्वागत करता है और हम भारतीय सेना तथा भारत सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।’’असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्माअसम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई की बुधवार को प्रशंसा की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पोस्टर के साथ ‘जय हिंद’ लिखकर इस कार्रवाई की सराहना की। मुख्यमंत्री ने लड़ाकू विमानों और वायुसेना के जवानों का एक छोटा वीडियो भी पोस्ट किया और लिखा, “भारत की आन बान और शान – भारत की सेना।”पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जीपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जय हिंद! जय इंडिया!’ मुख्यमंत्री का यह संदेश आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के बाद आया। इस पोस्ट को राष्ट्र की सुरक्षा में लगे बलों के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रतिक्रिया ममता बनर्जी के उस पहले रुख के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस भारतीय जमीन पर हुए आतंकी हमलों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई में, उसके साथ खड़ी रहेगी।तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डीतेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बुधवार को कहा कि आतंकवादी ठिकानों पर किए गए हमलों से देश गौरवान्वित है और वह भारतीय सशस्त्र बलों के साथ मजबूती से खड़े हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एक भारतीय नागरिक के रूप में, मैं अपने सशस्त्र बलों के साथ मजबूती से खड़ा हूं। पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर किए गए हमलों से हम गौरवान्वित हैं।” उन्होंने लिखा, “आइए, हम इसे राष्ट्रीय एकजुटता और एकता का क्षण बनाएं, और सभी एक स्वर में बोलें – जय हिंद! ऑपरेशन सिंदूर।”आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडूआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशक के ‘एक्स’ पोस्ट को दोबारा साझा (रीपोस्ट) करते हुए “जय हिंद” लिखा।पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवारराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पहलगाम आतंकी हमले का ‘करारा जवाब’ देने के लिए बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्व रक्षा मंत्री पवार ने कहा कि मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे भारत ने नौ स्थानों पर सफल हवाई हमले किए और बदला लिया। वरिष्ठ राजनेता ने कहा, ‘‘पहलगाम हमले का मुंहतोड़ जवाब देकर देश की संप्रभुता की रक्षा करने और अपने नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए भारतीय सैनिकों को बधाई।’’पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनीपूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जोरदार समर्थन किया और विश्वास जताया कि सशस्त्र बल सीमा पार संचालित आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘‘महज शुरुआत’’ बताते हुए एंटनी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारतीय सेना सीमा पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों के पीछे छिपे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाएगी।मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमामेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई की बुधवार को सराहना की। संगमा से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ भारत याद रखता है और भारत जवाबी कार्रवाई करता है। आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। जय हिंद।”सपा अध्यक्ष अखिलेश यादवसमाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बुधवार को सराहना की। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भारतीय सेवा के पराक्रम की सराहना करते हुए कहा, ‘‘पराक्रमो विजयते (बहादुर विजयी होते हैं)।’’बसपा प्रमुख मायावतीबसपा प्रमुख मायावती ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने की भारतीय सेना की ‘आपरेशन सिंदूर’ कार्रवाई गौरवमय व सराहनीय।’’पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालदिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की। केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमें भारतीय सेना और अपने वीर जवानों पर गर्व है। आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में 140 करोड़ भारतवासी, भारतीय सेना के साथ खड़े हैं। भारतीय सेना का साहस, हर देशवासी का विश्वास है। हम सब साथ हैं…आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। जय हिंद, जय भारत।’’ -
नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर भी शामिल है। बहावलपुर आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद का एक प्रमुख गढ़ माना जाता है। भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से जिन चिन्हित स्थानों पर हमला किया गया, वहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें निर्देशित किया गया। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए विभत्स आतंकी हमले के प्रतिशोध में किए गए इन हमलों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य तनाव में एक और अध्याय जोड़ता है। बताना चाहेंगे, ऐसा पहली बार नहीं है जब भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाया है। इससे पहले भी ऐसे कई मौके आए हैं जब भारत ने पाकिस्तान को नाकों चने चबवा दिए।
ऐसे में हर भारतीय के लिए भारत-पाक सैन्य टकरावों का इतिहास जानना बेहद अहम होगा। यह सब शुरू होता है भारत की स्वतंत्रता और उपमहाद्वीप के विभाजन के बाद 1947 के युद्ध से, जो पुलवामा आत्मघाती बम विस्फोट के प्रतिशोध में भारत की 2019 बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक तक फैला हुआ है।1947 में पहला भारत-पाक युद्धयह युद्ध प्रथम कश्मीर युद्ध के रूप में भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नव स्वतंत्र राष्ट्र भारत और पाकिस्तान के बीच पहला युद्ध तत्कालीन रियासत जम्मू और कश्मीर को लेकर छिड़ा था। इसकी शुरुआत अक्टूबर 1947 में हुई जब पाकिस्तान समर्थित आदिवासी मिलिशिया ने रियासत पर आक्रमण किया। महाराजा हरि सिंह द्वारा जम्मू और कश्मीर के भारतीय संघ में विलय के बाद, भारत ने इस क्षेत्र की रक्षा के लिए अपनी सेना भेजी, जिससे दोनों देशों के बीच पूर्ण पैमाने पर संघर्ष हुआ।यह संघर्ष जनवरी 1949 तक जारी रहा, जब संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्ध विराम लागू किया गया जिसके परिणामस्वरूप नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का विभाजन हुआ।1965 में दूसरा भारत-पाक युद्ध5 अगस्त, 1965 को कश्मीर को लेकर फिर एक बार दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष छिड़ गया। यह तब शुरू हुआ जब हजारों पाकिस्तानी सैनिकों ने स्थानीय विद्रोहियों के वेश में जम्मू और कश्मीर में एलओसी के पार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की। ‘ऑपरेशन जिब्राल्टर’ के नाम से जाना जाने वाला यह गुप्त अभियान, इस क्षेत्र को अस्थिर करने और स्थानीय विद्रोह को भड़काने के उद्देश्य से चलाया गया था। इस पर भारत ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू करके जवाब दिया, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पूर्ण पैमाने पर युद्ध में तब्दील हो गया। युद्ध 23 सितंबर, 1965 तक जारी रहा, जब दोनों पक्ष सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में युद्ध विराम पर सहमत हुए।1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम1971 का भारत-पाक युद्ध पूर्वी पाकिस्तान जो कि अब बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है, पर पाकिस्तानी सेना के दमन और उसकी स्वतंत्रता की मांग के कारण शुरू हुआ था। भारत ने बांग्लादेशी स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थन में युद्ध में प्रवेश किया और पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर भीषण लड़ाई के बाद, 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान की सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस युद्ध के कारण बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया।1999 में कारगिल युद्ध1999 का कारगिल युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच एक उच्च-ऊंचाई वाला संघर्ष था, जो मई से जुलाई तक लड़ा गया था, जब पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारत ने वायु सेना के ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ द्वारा समर्थित क्षेत्र को पुनः प्राप्त करने के लिए ‘ऑपरेशन विजय’ शुरू किया। युद्ध 26 जुलाई को समाप्त हुआ और भारत ने नियंत्रण हासिल कर लिया, यह दिन अब ‘कारगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।2016 में उरी हमला18 सितंबर, 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी में एक भारतीय सेना के अड्डे पर आतंकवादी हमले में 19 सैनिक मारे गए जिसके बाद भारत ने 28-29 सितंबर को नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक की। भारतीय सेना ने पीओके में कई आतंकवादी लॉन्च पैड को निशाना बनाया, जिसमें घुसपैठ की तैयारी कर रहे आतंकवादी हताहत हुए।2019 में पुलवामा हमला26 फरवरी, 2019 को, भारतीय वायु सेना ने पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमले किए, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए -
नई दिल्ली। भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। पाकिस्तान ने बुधवार की सुबह कई प्रमुख हवाई अड्डों पर हाई सिक्योरिटी अलर्ट लागू कर दिया। ऐसी खबरें भी आईं कि पाकिस्तान ने कमोबेश सभी उड़ानें रद्द कर दीं।
कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जाने वाली सारी फ्लाइट्स कैंसिलमीडिया रिपोर्ट्स से सामने आया है कि पाकिस्तान ने कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जानी वाली सारी फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है। वहीं, भारतीय सेना के एक्शन के बाद पाकिस्तान सहमा हुआ है और वहां के आसमान में भी सन्नाटा पसरा है।बुधवार सुबह 11 बजे पाकिस्तानी आसमान में छाई रही खामोशीफ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24’ से पता चलता है कि बुधवार की सुबह 11 बजे पाकिस्तानी आसमान में खामोशी छाई रही। भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के आसमान में एकाध प्लेन ही उड़ते दिखे। इसमें बीजिंग से दुबई और लाहौर से कराची जाने वाली फ्लाइट शामिल थी। अमूमन सुबह के इस वक्त में पाकिस्तान के आसमान में विमानों की काफी आवाजाही होती है। लेकिन, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सहमे पाकिस्तान के आसमान में भी सन्नाटा छाया है।माना जा रहा है कि भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने किसी अनहोनी की आशंका के लिहाज से तमाम फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है। इससे पहले पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय विमानों के लिए बंद करने का फैसला किया था।भारतीय सेना ने आतंकियों के नौ ठिकानों पर किया सटीक हमलाभारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया। बताया गया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित उन आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जाती रही है। कुल मिलाकर नौ स्थानों को निशाना बनाया गया है।किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नहीं बनाया गया निशानाभारत ने एयरस्ट्राइक पर कहा कि हमारी कार्रवाई केंद्रित, संतुलित और गैर-उत्तेजक रही है। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है। भारत ने लक्ष्य चयन और कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय संयम दिखाया है। यह कदम बर्बर पहलगाम आतंकी हमले के बाद उठाए गए हैं, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी। हम अपने उस संकल्प पर कायम हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा -
नई दिल्ली। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का भारत ने पाकिस्तान को तगड़ा जवाब दिया है। भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देते हुए पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को नष्ट करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि उन्हें देश के सशस्त्र बलों पर गर्व है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या के प्रति भारत की प्रतिक्रिया हैकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, ” ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या के प्रति भारत की प्रतिक्रिया है। मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” -
नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने दो टूक कहा कि मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए तैयार है।
हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या के प्रति भारत की प्रतिक्रिया है। मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”भारत का पैगाम-छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहींकेंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पहलगाम पर भारत का पैगाम- “छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा भारत की आत्मा पर हमला करने वालों को कड़ी सज़ा मिलेगी। भारत आतंकवाद को उसकी जड़ से उखाड़ फेंकने में सक्षम भी है और संकल्पबद्ध भी है। मिटा देंगे आतंकवाद का नासूर – ऑपरेशन सिंदूर।”विश्व को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना होगाविदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “विश्व को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना होगा।” 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। बताया जा रहा है कि इस एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी रात ऑपरेशन पर करीबी निगरानी बनाए रखीवहीं, भारतीय सेना सुबह 10.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी। इस पूरे ऑपरेशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े। यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें जम्मू-कश्मीर में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। -
नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे भारत सरकार की मंशा स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि भारत के पास पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान आतंकियों की शरणस्थली है। भारत ने नपे-तुले अंदाज में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरता पूर्ण थाविदेश सचिव ने कहा, “26 नवंबर 2008 को हुए हमले के बाद भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरता पूर्ण था, जहां मौजूद लोगों को करीब से उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया, साथ ही उन्हें यह नसीहत दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें।”जम्मू-कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था हमलाउन्होंने आगे कहा कि यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। यह अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य देश के प्रतीक को प्रभावित करना था। पिछले वर्ष लगभग 2 करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इसलिए संभवतः इस समय का मुख्य उद्देश्य एक संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखना था।उन्होंने बर्बर कार्रवाई को लेकर कहा- पहलगाम का हमला बहुत बर्बरतापूर्ण था। पाकिस्तान के आतंकियों से संबंध उजागर हुए हैं, हमलावरों की पहचान भी हुई है। परिवारों के सामने गोली मारी गई, पर्यटकों पर गोली बरसाई गई। आतंक के संबंध का पाकिस्तान से लंबा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। आतंकी हमले में टीआरएफ की भूमिका आई। प्रत्यक्षदर्शियों के इनपुट के आधार पर उन्हें चिन्हित किया गया।हमले का यह तरीका जम्मू-कश्मीर और देश में सांप्रदायिक दंगे फैलाने से प्रेरित थाहमले का यह तरीका जम्मू-कश्मीर और देश में सांप्रदायिक दंगे फैलाने से प्रेरित था। एक समूह ने खुद को टीआरएफ कहते हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। इसे यूएन ने प्रतिबंधित किया है और यह लश्कर से जुड़ा हुआ है।पाकिस्तान स्थित समूहों के लिए कवर के तौर पर टीआरएफ का इस्तेमाल किया गयापाकिस्तान स्थित समूहों के लिए कवर के तौर पर टीआरएफ का इस्तेमाल किया गया। लश्कर जैसे संगठन टीआरएफ जैसे संगठनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहलगाम हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं।टीआरएफ के दावे और लश्कर से सोशल मीडिया पोस्ट इसे साबित करती हैंटीआरएफ के दावे और लश्कर से सोशल मीडिया पोस्ट इसे साबित करती हैं। हमलावरों की पहचान भी हुई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद फैलाने के पाकिस्तान के प्लान की योजना साबित हुई है। पाकिस्तान आतंकवादियों के शरण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। -
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को दोहराया। पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में 9 बड़े आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने रातभर चल रहे ऑपरेशन पर पैनी नजर बनाए रखीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने रातभर इस ऑपरेशन पर नजर रखी। इस बीच जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “दुनिया को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए।” भारतीय सेना ने पुष्टि की है कि हमले पूरी सटीकता के साथ सावधानीपूर्वक किए गए, ताकि पाकिस्तान में किसी नागरिक या सैन्य ढांचे को नुकसान न पहुंचे। इस ऑपरेशन में 22 अप्रैल के पहलगाम हमले से जुड़े आतंकी समूहों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लक्षित किए गए 9 ठिकानों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी समूहों के प्रशिक्षण शिविर और अड्डे शामिल थेसूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन के दौरान शीर्ष सैन्य कमांडरों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। आधिकारिक बयानों के मुताबिक, 9 लक्ष्यों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सक्रिय आतंकी समूहों के कैंप और लॉजिस्टिक ठिकाने शामिल थे।ऑपरेशन का मकसद तनाव बढ़ाना नहीं, बल्कि आतंकी ढांचे को नष्ट करना थाभारतीय सेना के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे हमले केंद्रित और सटीक थे। हमने केवल उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ हमले की योजना बनाई गई थी।” सेना ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन का मकसद तनाव बढ़ाना नहीं, बल्कि आतंकी ढांचे को नष्ट करना था, जिसमें नागरिक, सैन्य और आर्थिक ढांचों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। प्रवक्ता ने कहा, “न्याय हुआ, जय हिंद।”ऑपरेशन सिंदूर 2019 के बालाकोट हवाई हमलों के बाद भारत के सबसे बड़े सीमा-पार ऑपरेशन में से हैभारतीय खुफिया एजेंसियों ने पता लगाया था कि पहलगाम हमले के तार पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों से जुड़े हैं, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के प्रतिनिधि द रेजिस्टेंस फ्रंट ने जिम्मेदारी ली थी। इसके जवाब में भारत ने कूटनीतिक दबाव और सैन्य तैयारियों के साथ निर्णायक कार्रवाई का वादा किया था। ऑपरेशन सिंदूर 2019 के बालाकोट हवाई हमलों के बाद भारत के सबसे बड़े सीमा-पार ऑपरेशन में से है। -
नई दिल्ली। भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य के लोगों की ओर से पहलगाम आतंकवादी हमले में त्वरित न्याय दिलाने वाले देश के बहादुर सैनिकों को सलाम किया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- ‘सिक्किम की जनता की ओर से देश के उन बहादुर सैनिकों को सलाम, जिन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले में त्वरित न्याय दिलाया’मुख्यमंत्री ने आज सुबह सोशल मीडिया फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ संकल्प का एक शक्तिशाली प्रतीक है। सिक्किम की जनता की ओर से देश के उन बहादुर सैनिकों को सलाम, जिन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले में त्वरित न्याय दिलाया।’‘सैनिकों का साहस हमारी संप्रभुता की रक्षा करता है’उन्होंने आगे कहा, ‘सैनिकों का साहस हमारी संप्रभुता की रक्षा करता है और हर भारतीय मां की गरिमा को बनाए रखता है, जो गर्व और स्वतंत्रता के साथ सिंदूर लगाती हैं। जय हिन्द!’ उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें एक नेपाल के नागरिक भी शामिल था। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ देश में उपजा गम और गुस्सा आज बुधवार सुबह नए जज्बे के रूप में दिखा। पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आधी रात बाद किए गए वायुसेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सुनकर लोगों के कलेजे को कुछ ठंडक पहुंचीं। हमले में अपने परिजनों को गंवानों वालों ने बदला लेने के लिए भारतीय सेना को सलाम करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।
विनय नरवाल की मां ने कहा- ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वादे को निभाया’इस हमले में जान गंवाने वाले करनाल (हरियाणा) के विनय नरवाल की मां आशा ने आंसू पोछते हुए कहा, ” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वादे को निभाया है। उन्होंने बदला ले लिया है। मैं उनके साथ हूं, जनता और हमारा पूरा परिवार उनके साथ है। सेना के जवानों को मैं संदेश देना चाहती हूं कि वो आगे बढ़ते रहें और ऐसे ही बदला लेते रहें, जिससे ऐसी घटना दोबारा न घटे।”संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने कहा- ‘ऑपरेशन सिंदूर को सुनकर मैं बहुत रोई। मेरे आंसू आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि हैं’वहीं पुणे की प्रगति जगदाले ने पहलगाम में अपने पति संतोष जगदाले को गंवाया है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करती हैं। उन्होंने पाकिस्तान को यह दिखा दिया कि वह चुप बैठने वालों में से नहीं है। संतोष की बेटी असावरी जगदाले ने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर को सुनकर मैं बहुत रोई। मेरे आंसू आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि हैं।”कौस्तुभ गणबोटे की पत्नी संगीता गणबोटे ने ने कहा- ‘भारत ने जो कार्रवाई की है वो एकदम सही है’पहलगाम में पुणे के कौस्तुभ गणबोटे की भी कायर आतंकवादियों ने जान ली है। उनकी पत्नी संगीता गणबोटे ने ने कहा, ”भारत ने जो कार्रवाई की है वो एकदम सही है और ऑपरेशन का नाम सिंदूर देकर महिलाओं को सम्मान भी दिया है।” कौस्तुभ गणबोटे के बेटे कुणाल गणबोटे ने कहा, ” हमने जो बदला लिया है, वह एकदम सही है और यही होना चाहिए था। हम सभी इसी चीज की प्रतीक्षा कर रहे थे हम भारत सरकार से बहुत उम्मीद लगाकर बैठे थे। सरकार के इस कदम से खुशी में आंखें नम हैं।”इस आतंकी हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी के प्राण पखेरू भी उड़े हैं। उन्होंने अपना नाम न छापने का आग्रह करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करना चाहती हैं। उन्होंने मेरे पति की मौत का बदला लिया है। जिस तरह से उन्होंने पाकिस्तान को जवाब दिया, उसने हमारा भरोसा कायम रखा है। यह उनके पति को सच्ची श्रद्धांजलि है। शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी ने कहा कि वह लगातार खबरें देख रहे हैं। वह भारतीय सेना को सलाम करते हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और सेना ने देश की जनता का दर्द समझा। जब से हमने यह खबर सुनी है, पूरा परिवार कुछ हल्का महसूस कर रहा है। -
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया। इसके बाद देश के कई इलाकों से उड़ानों को रद्द या देर से चलाया गया।
एयर इंडिया ने 7 मई दोपहर तक इन स्थानों के लिए रद्द की उड़ानेंइस स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया ने जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 7 मई दोपहर तक रद्द कर दी हैं। कंपनी ने कहा है कि आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट दिया जाएगा।एयर इंडिया ने यह भी बताया कि अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली भेज दिया गया है। यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद जताया गया है।इंडिगो एयरलाइंस ने भी लिया यह फैसलाइंडिगो एयरलाइंस ने भी जानकारी दी कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए आज के लिए श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, धर्मशाला, बीकानेर और जोधपुर से उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें।उत्तरी भारत के कई हिस्सों में एयरपोर्ट बंदस्पाइसजेट ने भी बताया कि उत्तरी भारत के कई हिस्सों जैसे धर्मशाला, लेह, जम्मू, श्रीनगर और अमृतसर के एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। उड़ानों पर इसका असर पड़ेगा, इसलिए यात्री अपनी यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं और फ्लाइट स्टेटस की जानकारी लेते रहें।‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवादी संगठनों के उन ठिकानों पर किया गया जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में शामिल थे। उस हमले में 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक की जान गई थी। भारत सरकार ने बताया कि इस कार्रवाई में सभी नौ ठिकाने सफलतापूर्वक तबाह किए गए और पाकिस्तान की आम जनता या सेना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।पीएम मोदी ने रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से रखी नजरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े। -
नई दिल्ली। ठीक 15 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान से पहलगाम हमले का बदला ले लिया है। पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया है। देर रात हुए हमले के बाद भारत के रक्षा मंत्री ने इसकी जानकारी साझा की।
पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर रात भर हमले किए गएरक्षा मंत्री ने एक्स पर लिखा- भारत माता की जय! बालाकोट हमले के छह साल बाद पाकिस्तान को फिर से दहलाया गया। आतंकवादी ठिकानों पर रात भर चले अभियान के तहत हमले किए। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग डीजी आईएसपीआर ने कोटली, मुरीदके और बहावलपुर समेत नौ स्थानों पर हमलों की पुष्टि की है। जिसके मुख्य टारगेट जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे जिहादी ठिकाने थे।हमला 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का हिस्सा थायह हमला 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें जम्मू-कश्मीर में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े। भारतीय सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि हमले केंद्रित, नपे-तुले और उकसावे के नहीं थे। लक्ष्य, जिन्हें ज्ञात आतंकी शिविर और बुनियादी ढांचे के रूप में पहचाना गया था, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित थे -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मंगलवार को गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक में 7 मई को होने वाले राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) की तैयारियों की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह मॉक ड्रिल की जा रही है।
ये अधिकारी बैठक में हुए शामिलकेंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और सिविल डिफेंस के प्रमुख वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इसके अलावा बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक पीयूष आनंद, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड के महानिदेशक विवेक श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।तैयारियों की हुई समीक्षागृह मंत्रालय की बैठक के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक सदस्य ने कहा कि हम तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन खामियों को दूर किया जाना है, उनकी पहचान कर ली गई है। इस बैठक का उद्देश्य ग्रामीण और गांव स्तर के क्षेत्रों सहित 244 नागरिक सुरक्षा-निर्दिष्ट जिलों में मॉक ड्रिल की तैयारियों का आकलन करना और समन्वित निष्पादन सुनिश्चित करना था।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का दिया निर्देशउल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूती देने के उद्देश्य से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया था।पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के बाद लिया गया निर्णययह निर्णय पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के बाद लिया गया है। इस मॉक ड्रिल में हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों को सचेत करने के लिए सायरन की प्रभावशीलता का परीक्षण करना और नागरिकों और छात्रों को बुनियादी आत्म-सुरक्षा उपायों के बारे में शिक्षित करना शामिल है।आपातकालीन स्थिति में निपटने का किया जाएगा पूर्वाभ्यासइसके अलावा युद्ध के संभावित खतरे के दौरान अंधेरा कर देने की आपात प्रक्रिया (क्रैश ब्लैकआउट) का अभ्यास और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को छिपाकर बुनियादी ढेंच की रक्षा करना शामिल होगी। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी की योजनाओं को अद्यतन किया जाएगा और उनका पूर्वाभ्यास भी कराया जाएगा।इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्यइस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना और राज्य तथा स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा करना है। यह मॉक ड्रिल विभिन्न स्तरों पर नागरिक सुरक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता को जांचने का एक समन्वित प्रयास है।गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे इस अभ्यास की पूरी योजना पहले से तैयार करें और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर उसका सफल आयोजन सुनिश्चित करें। यह पहल देश की समग्र सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है और भविष्य की किसी भी आपात स्थिति से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। -
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक महिला की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर-द्वितीय के प्रपौत्र की विधवा होने का दावा करते हुए कानूनी ‘उत्तराधिकारी' होने के नाते लाल किले पर कब्जे का अनुरोध किया था। प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने शुरू में याचिका को ‘‘गलत धारणा'' वाली और ‘‘निराधार'' करार दिया और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘शुरू में रिट याचिका दायर की गई थी जो गलत और निराधार है। इस पर विचार नहीं किया जा सकता।'' पीठ ने याचिकाकर्ता सुल्ताना बेगम के वकील को याचिका वापस लेने की अनुमति नहीं दी। वकील ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी के परिवार की सदस्य हैं।''
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अगर दलीलों पर विचार किया जाए तो ‘‘केवल लाल किला ही क्यों, फिर आगरा, फतेहपुरी सीकरी आदि के किले क्यों नहीं''। दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने पिछले साल 13 दिसंबर को बेगम द्वारा दिसंबर 2021 में उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि चुनौती ढाई साल से अधिक की देरी के बाद दायर की गई थी, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता। बेगम ने कहा कि वह अपने खराब स्वास्थ्य और बेटी के निधन के कारण अपील दायर नहीं कर सकीं।
उच्च न्यायालय ने कहा था, ‘‘हमें उक्त स्पष्टीकरण अपर्याप्त लगता है। मामले में ढाई साल से अधिक की देरी भी हुई है। याचिका कई दशकों तक लंबित रही, जिसके कारण (एकल न्यायाधीश द्वारा) ने इसे खारिज कर दिया था। देरी के लिए माफी के अनुरोध का आवेदन खारिज किया जाता है। नतीजतन, अपील भी खारिज की जाती है। यह समय सीमा से बंधा हुआ है।'' एकल न्यायाधीश ने 20 दिसंबर, 2021 को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अवैध रूप से लिए गए लाल किले पर कब्जा हासिल करने के अनुरोध वाली बेगम की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 150 से अधिक वर्षों के बाद अदालत का रुख करने और इसमें हुई अत्यधिक देरी को लेकर कोई न्यायसंगत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने परिवार को उनकी संपत्ति से वंचित कर दिया था, जिसके बाद बादशाह को देश से निर्वासित कर दिया गया था और लाल किले का कब्जा मुगलों से जबरदस्ती छीन लिया गया था। इसमें दावा किया गया है कि बेगम लाल किले की मालिक थीं क्योंकि उन्हें यह उनके पूर्वज बहादुर शाह ज़फर-द्वितीय से विरासत में मिला था, जिनकी मृत्यु 11 नवंबर, 1862 को 82 वर्ष की आयु में हुई थी और भारत सरकार इस संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर चुकी है। याचिका में केंद्र को लाल किले को याचिकाकर्ता को सौंपने या पर्याप्त मुआवजा देने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। -
नयी दिल्ली. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की और कहा कि रूस आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का पूरा समर्थन करता है तथा पहलगाम आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। रूसी दूतावास की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि पुतिन ने आतंकवादी हमले को ‘‘बर्बर'' करार दिया और दोनों नेताओं ने हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ ‘‘बिना समझौता किए लड़ाई'' की आवश्यकता पर बल दिया। इसने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने इस वर्ष भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री का निमंत्रण स्वीकार कर लिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मोदी के साथ बातचीत में पुतिन ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।'' पुतिन 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले की सबसे पहले निंदा करने वाले विश्व नेताओं में शामिल हैं। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। जायसवाल ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति ने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को ‘‘पूर्ण समर्थन'' देने की बात कही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उन्होंने (पुतिन) इस बात पर जोर दिया कि इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।'' जायसवाल ने कहा कि मोदी तथा पुतिन ने ‘भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और प्रगाढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने रूस के ‘विजय दिवस' की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर रूसी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस वर्ष के अंत में भारत में होने वाले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। रूसी वक्तव्य में कहा गया कि राष्ट्रपति ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए बर्बर आतंकवादी हमले में भारतीय नागरिकों की मृत्यु पर एक बार फिर गहरा शोक जताया। इसमें कहा गया कि बातचीत के दौरान विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के रूप में रूस-भारत संबंधों की रणनीतिक प्रकृति पर जोर दिया गया। वक्तव्य में कहा गया कि ये संबंध ‘‘बाहरी प्रभाव'' के अधीन नहीं हैं तथा सभी क्षेत्रों में गतिशील रूप से विकसित हो रहे हैं। इसमें कहा गया कि मोदी ने पुतिन और सभी रूसी लोगों को ‘विक्टरी डे' की 80वीं वर्षगांठ की बधाई दी।
मोदी और पुतिन के बीच फोन पर बातचीत रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत करने के कुछ दिन बाद हुई है। इस बातचीत के बाद जयशंकर ने हमले के ‘‘दोषियों, समर्थकों और साजिशकर्ताओं'' को न्याय के दायरे में लाने का भारत का संकल्प दोहराया। रूसी दूतावास के अनुसार, लावरोव ने 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र के प्रावधानों के अनुरूप द्विपक्षीय आधार पर राजनीतिक एवं कूटनीतिक तरीकों से नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया। पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत ने हमले के ‘‘सीमा पार संबंधों'' का हवाला देते हुए इसमें शामिल लोगों को कठोरतम दंड देने का वादा किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ 29 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि सशस्त्र बलों को आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने की ‘‘पूर्ण अभियानगत स्वतंत्रता'' है। -
नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लीलता को लेकर केंद्र सरकार गंभीर हो गई है। संसद की सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी स्थायी समिति 7 मई को सुबह 11 बजे बैठक करने जा रही है, जिसमें उल्लू जैसे ऐप्स पर परोसे जा रहे कंटेंट को लेकर अहम चर्चा होगी। इस बैठक में संसदीय समिति सरकार से सवाल पूछेगी और ठोस कार्रवाई की मांग भी करेगी। इस समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद निशिकांत दुबे हैं, जिन्होंने इस मुद्दे पर पहले ही कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह नहीं चलेगा, हमारी कमेटी इस पर कार्रवाई करेगी। यह मोदी सरकार है, अब इंतजार कीजिए।”
बैठक में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव के भी शामिल होने की संभावना है। समिति के सदस्यों का मानना है कि उल्लू जैसे कई ऐप्स पर बिना किसी सेंसरशिप के लगातार बोल्ड और अश्लील कंटेंट दिखाया जा रहा है, जो समाज और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। इसके खिलाफ सख्त नीतिगत और कानूनी उपायों पर विचार किया जाएगा।समिति के कई सदस्यों ने इन प्लेटफॉर्म्स को भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए खतरा बताया है। समाज के कई वर्गों से भी लगातार शिकायतें आ रही हैं कि ये कंटेंट बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार को प्रभावित कर रहे हैं। इस बैठक के जरिए सरकार यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जा रहे कंटेंट को लेकर कड़े नियम लागू हो सकते हैं। - नयी दिल्ली।. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच कई राज्यों से सात मई को ‘मॉक ड्रिल' आयोजित करने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन और नागरिकों को किसी भी हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना शामिल है। अन्य उपायों में दुर्घटना की स्थिति में ‘ब्लैकआउट' के उपाय, महत्वपूर्ण संयंत्रों और प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा निकासी योजनाओं को अद्यतन करने एवं उनका पूर्वाभ्यास करने के प्रावधान शामिल हैं। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा अपने विकल्पों पर विचार करने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शीर्ष रक्षा अधिकारियों सहित कई उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं। इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। मोदी ने हमले को अंजाम देने वालों और साजिश करने वालों का ‘‘दुनिया के आखिरी छोर तक पीछा करने'' और ‘‘उनकी कल्पना से भी'' ज्यादा कठोर सजा देने का संकल्प जताया है।
- नई दिल्ली.। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच गृह मंत्रालय की ओर से ‘मॉक ड्रिल' के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी डीसीपी से तैयारियों के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) ने राष्ट्रीय राजधानी में गश्त तेज करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। एक सूत्र ने बताया, ‘‘हमने शहर में दिन और रात की गश्त बढ़ा दी है। हमने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती सीमाओं पर पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया है। शहर में सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी गई है। सभी डीसीपी अपने जिलों में व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। वे सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) और थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ बैठकें कर रहे हैं।'' सूत्र के मुताबिक, चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए पैदल गश्त को काफी हद तक बढ़ा दिया गया है, खासकर शाम और रात के समय। उसने बताया कि कनॉट प्लेस, इंडिया गेट, जनपथ, यशवंत पैलेस, गोल मार्केट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों और अहम प्रतिष्ठानों के लिए विशेष गश्ती इकाइयों को तैनात किया गया है। सूत्र के अनुसार, ‘‘मॉक ड्रिल के दौरान टीम बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और श्वान दस्तों की तैनाती सुनिश्चित करेंगी। टीम पालिका बाजार, जनपथ, खान मार्केट और सरकारी भवनों के पास अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार विध्वंस-रोधी जांच करेंगी।'' उसने कहा, ‘‘रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), बाजार कल्याण संघों (एमडब्ल्यूए), नागरिक सुरक्षा समितियों के सदस्यों के साथ-साथ महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर तैनात निजी सुरक्षा गार्डों के साथ बैठकें की जा रही हैं। वे बहुत महत्वपूर्ण हैं और उनसे किसी भी चिंताजनक स्थिति में तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा गया है।'' file photo
-
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आज सोमवार को चिंता जताई। उन्होंने दोनों देशों से “अधिकतम संयम (maximum restraint)” बरतने की अपील की और स्पष्ट रूप से कहा कि “सैन्य समाधान कोई समाधान नहीं है”। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “मैं पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने चेताया कि किसी भी तरह की सैन्य टकराव “तेजी से नियंत्रण से बाहर” हो सकता है और इसे टालना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “यह समय है संयम बरतने का और पीछे हटने का है। सैन्य समाधान कोई समाधान नहीं होता। संयुक्त राष्ट्र हर उस पहल का समर्थन करेगा जो तनाव को कम करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए हो।”
गुटेरेस की यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने हमले के दोषियों को सख्त सजा देने की बात कही है। सरकार ने अपनी सेना को कार्रवाई के तरीके, समय और स्थान तय करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी है। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के लिए “सिंधु जल संधि” को भी निलंबित करने का निर्णय लिया है।वहीं विपक्षी दलों ने भी इस गंभीर हमले के जवाब में सरकार द्वारा उठाए गए हर कदम को समर्थन देने की बात कही है। गुटेरेस का बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से भारत-पाक तनाव पर शांति की अपील के रूप में देखा जा रहा है। -
नई दिल्ली। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी लगातार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री पूरे मामले पर तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक भी कर चुके हैं।
रक्षा सचिव ने मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री को ताजा हालात और सैन्य तैयारियों की जानकारी दीमाना जा रहा है कि रक्षा सचिव ने सोमवार को हुई इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री को ताजा हालात और सैन्य तैयारियों की जानकारी दी। वहीं, सोमवार को ही नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा मंत्री से मुलाकात की। इससे पहले रविवार को भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से पीएम आवास पर मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि वायुसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को मौजूदा स्थिति और एयर फोर्स की तैयारियों से अवगत कराया। यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली।सोमवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुईवहीं, शनिवार को नौसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इस बीच सोमवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान जापानी रक्षा मंत्री ने भारत को अपना समर्थन दिया।जापान के रक्षा मंत्री ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त कीउन्होंने बताया कि जापान भारत के साथ खड़ा है। भारत और जापान के रक्षा मंत्रियों की इस महत्वपूर्ण बैठक में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की भी चर्चा हुई। जापान के रक्षा मंत्री नाकातानी ने पहलगाम हमले के मामले में भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की।जापान के राजदूत ने आतंकी हमले समेत आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा कीइससे पहले भारत में जापान के राजदूत ओनो के इंची ने रक्षा सचिव से मुलाकात की थी। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से यह मुलाकात हुई थी। इस बैठक के दौरान जापान के राजदूत ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले समेत आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की।पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम का लगातार उल्लंघन कर रही हैउल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम का लगातार उल्लंघन कर रही है। जापान के रक्षा मंत्री फिलहाल भारत में हैं और इस बीच 4-5 मई की रात के दौरान भी पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की है। पाकिस्तान बीते 11 दिनों से नियंत्रण रेखा पर इस तरह की फायरिंग कर रहा है। सेना के मुताबिक 4-5 मई की रात को पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की है। -
नई दिल्ली। चिनाब नदी पर बने सलाल बांध के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं जिससे सोमवार को रियासी जिले में जलस्तर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। वहीं रामबन में चिनाब नदी पर बगलिहार जलविद्युत परियोजना बांध के जल प्रवाह को भी रोका गया।
अब झेलम नदी के किशनगंगा बांध पर भी इसी प्रकार के कदम उठाने की योजना बना रहा भारतवहीं भारत अब झेलम नदी के किशनगंगा बांध पर भी इसी प्रकार के कदम उठाने की योजना बना रहा है। उत्तर कश्मीर के किशनगंगा बांध और जम्मू संभाग के रामबन जिले में जल विद्युत बांध बगलीहार भारत को जल प्रवाह के समय को नियंत्रित करने की क्षमता प्रदान करते हैं।‘यह पीएम मोदी का सशक्त सिद्धांत’एक्स पर एक पोस्ट में भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के हित में कठोर निर्णय लेने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है और प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यों से यह प्रदर्शित किया है। यह पीएम मोदी का सशक्त सिद्धांत है, जो आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में दृढ़ और अडिग है। पानी और हमारे नागरिकों का खून एक साथ नहीं बह सकता।पाकिस्तान की तरफ पानी का प्रवाह रोका गयावहीं दिनेश नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि हमें खुशी है कि सरकार ने पाकिस्तान की तरफ पानी का प्रवाह रोक दिया है। जिस तरह से पहलगाम में हमारे पर्यटकों को मारा गया, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब मिलना चाहिए। वह जो भी निर्णय लेंगे हम सरकार के साथ हैं।पाकिस्तान को कई तरह से मुंहतोड़ जवाब दे रही है सरकारएक अन्य स्थानीय व्यक्ति राधे शाम ने कहा कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। सरकार का यह कदम बहुत अच्छा है। हमारी सरकार पाकिस्तान को कई तरह से मुंहतोड़ जवाब दे रही है। हम सब सरकार के साथ हैं। जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में भारी बारिश के बाद 2 मई को चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ गया था। बताना चाहेंगे कि पहलगाम के बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों और नागरिकों के मारे जाने के बाद भारत ने दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को रद्द करने का निर्णय लिया। - बेंगलुरु. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि वाराणसी की गंगा आरती की तर्ज पर मांड्या जिले में कृष्णा राजा सागर बांध के पास होने वाली कावेरी आरती धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाएगी। सरकार का लक्ष्य दशहरा तक इस कार्यक्रम को शुरू करना है और वह लगभग 10,000 लोगों के आरती देखने के लिए व्यवस्था करने की योजना बना रही है। शिवकुमार जल संसाधन विभाग के प्रमुख भी हैं। उन्होंने कावेरी आरती के आयोजन पर चर्चा करने के लिए पर्यटन मंत्री एच. के. पाटिल, धार्मिक बंदोबस्ती मंत्री रामलिंगा रेड्डी, कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगदागी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। उन्होंने कहा, ‘‘तैयारियां की जा रही हैं। कावेरी आरती केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है, हम तमिलनाडु और केरल की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को भी इसमें शामिल करने की योजना बना रहे हैं। हमने इस बात पर भी चर्चा की कि इसे सप्ताह में कितने दिन आयोजित किया जाना चाहिए और पूजा अनुष्ठानों का प्रारूप क्या होना चाहिए।'' स्थान के बारे में शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि आरती सीधे बांध पर नहीं बल्कि पास के एक स्थान पर होगी, जहां से पानी बेंगलुरु की ओर बहता है। उन्होंने कहा, "यह सुरक्षा कारणों से है। तकनीकी समिति सटीक स्थान को अंतिम रूप देगी।" दशहरा तक आरती शुरू होने की उम्मीद है। कर्नाटक से पुजारियों का एक दल अनुष्ठान करेगा।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को विवाद समाधान तंत्र को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित करने की जोरदार वकालत की, ताकि पंचायतों को गांवों में विवादों में मध्यस्थता करने और उन्हें सुलझाने के लिए कानूनी रूप से सशक्त बनाया जा सके। मुर्मू ने कहा कि गांवों में सामाजिक सद्भाव राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक शर्त है।मुर्मू ने यह भी कहा कि गांव में पारिवारिक या भूमि विवादों में मध्यस्थता करने वाले लोग सामाजिक रूप से सशक्त होते हैं, लेकिन उनमें कानूनी सशक्तीकरण का अभाव होता है, जिसके कारण ऐसे मामले ग्राम स्तर पर नहीं सुलझ पाते। राष्ट्रपति मुर्मू ने यहां मध्यस्थता पर प्रथम सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विवादों के समाधान के दौरान, प्रभावित पक्षों को पता होता है कि मध्यस्थों के पास कानूनी शक्तियों का अभाव है, इसलिए वे निर्णयों से सहमत नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जहां ग्राम स्तर पर विवादों का समाधान वहीं हो जाए और माहौल खराब न हो तथा लोग सद्भावना से रहें। उन्होंने कहा कि कई बार विवाद बहुत बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई छोटे-मोटे मुद्दों को जमीनी स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है। इस कार्यक्रम में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना, भावी प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित थे। मुर्मू ने कहा कि शायद यह किसी चूक या समय की कमी के कारण हो सकता है कि गांव से लेकर उच्चतम न्यायालय तक न्यायिक व्यवस्था स्थापित नहीं हो पायी है। उन्होंने कहा कि गांवों में मध्यस्थता की व्यवस्था पहले से ही मौजूद है, लेकिन चूंकि अब लोग शिक्षित हो चुके हैं, इसलिए उन्हें पता है कि मध्यस्थों के पास कोई शक्ति नहीं है। मुर्मू ने कहा कि मध्यस्थता अधिनियम, 2023 सभ्यतागत विरासत को मजबूत करने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘अब हमें इसमें गति लाने और इसके अभ्यास को मजबूत करने की जरूरत है।'' राष्ट्रपति ने कहा कि मध्यस्थता न्याय प्रदान करने का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो भारत के संविधान के मूल में है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न केवल विचाराधीन विशिष्ट मामले में, बल्कि अन्य मामलों में भी बड़ी संख्या में मुकदमों के बोझ को कम करके न्याय प्रदान करने में तेजी ला सकती है। उन्होंने कहा कि इससे समग्र न्यायिक प्रणाली और अधिक कुशल बन सकती है तथा विकास के वे रास्ते खुल सकते हैं, जो अवरुद्ध हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यापार करने में सुगमता और जीवन जीने में सुगमता दोनों को बढ़ा सकती है। उन्होंने रेखांकित किया, ‘‘जब हम इसे इस तरह से देखते हैं, तो मध्यस्थता 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने का एक महत्वपूर्ण साधन बन जाती है।'' मुर्मू ने कहा कि भारत में न्यायिक तंत्र की एक लंबी और समृद्ध परंपरा है जिसमें अदालत के बाहर समझौता अपवाद से अधिक एक आदर्श था। उन्होंने कहा कि पंचायत की संस्था सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि पंचायत का प्रयास न केवल विवाद का समाधान करना था, बल्कि इसके बारे में पक्षों के बीच किसी भी कड़वाहट को दूर करना भी था। मुर्मू ने अफसोस जताते हुए कहा, ‘‘यह हमारे लिए सामाजिक सद्भाव का एक स्तंभ था। दुर्भाग्य से, औपनिवेशिक शासकों ने इस अनुकरणीय विरासत को नजरअंदाज कर दिया, जब उन्होंने हम पर एक विदेशी कानूनी प्रणाली लागू की। नयी प्रणाली में मध्यस्थता और अदालत के बाहर समाधान का प्रावधान था और वैकल्पिक तंत्र की पुरानी परंपरा जारी रही, लेकिन इसके लिए कोई संस्थागत ढांचा नहीं था।'' उन्होंने रेखांकित किया कि मध्यस्थता अधिनियम, 2023 उस खामी को दूर करता है और इसमें कई प्रावधान हैं, जो भारत में एक जीवंत और प्रभावी मध्यस्थता तंत्र का आधार रखेंगे। मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यस्थता केवल एक सुधार नहीं है, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि "अधिक मध्यस्थता, कम मुकदमेबाजी" मुख्य मंत्र होना चाहिए। मंत्री ने मौजूद लोगों को याद दिलाया कि रामायण में अंगद और महाभारत में भगवान कृष्ण ने मध्यस्थ की भूमिका निभायी थी और कहा कि मध्यस्थता भारतीय संस्कृति में अंतर्निहित है। सीजेआई खन्ना ने ‘मेडिएशन एसोसिएशन आफ इंडिया' की शुरुआत भी की, जिसके बारे में अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि यह मध्यस्थता अधिनियम 2023 के तहत प्रस्तावित भारतीय मध्यस्थता परिषद के निर्माण में उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।
-
शाबाश श्रीकांत....
चंद्रपुर. महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के एक युवक ने अपनी शादी में भव्य समारोह का आयोजन नहीं किया और उसकी जगह एकत्र की गयी धनराशि का उपयोग अपने गांव के लोगों को उनके खेतों तक पहुंचने में मदद करने के लिए सड़क बनाने में किया। वरोरा तहसील के सुसा गांव के श्रीकांत एकुडे ने समाज सुधारक ज्योतिराव फुले द्वारा समर्थित 'सत्यशोधक' मॉडल से प्रेरित होकर 28 अप्रैल को एक सादे समारोह में अंजलि से विवाह किया। कृषि में स्नातकोत्तर श्रीकांत ने कहा कि उन्होंने रिश्तेदारों से पारंपरिक उपहार स्वीकार करने के बजाय इस अवसर पर लगभग 90 पौधे लगाए। श्रीकांत ने बताया कि जब उनकी शादी की योजना बनाई जा रही थी तो उन्होंने अनुरोध किया था कि पारंपरिक तरीके से समारोहों और दावतों पर पैसा खर्च न किया जाए। अपने परिवार के सदस्यों और मेहमानों को राजी करने के बाद उन्होंने 50,000 रुपये एकत्र किए और इसका उपयोग लगभग 600 मीटर लंबी सड़क बनाने में किया, ताकि उनके गांव के लोग बिना किसी कठिनाई के अपने खेतों तक पहुंच सकें। श्रीकांत ने बताया, "मानसून के दौरान हमारे गांव से खेतों तक जाने वाला रास्ता बहुत खराब हो जाता था। लोगों के लिए अपने खेतों तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाता था। स्थानीय लोगों और ग्राम पंचायत की मदद से हमने सड़क बनवाई।" उन्होंने कहा कि लोग उपकरण, बर्तन और फर्नीचर जैसे उपहारों पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन उन्होंने अपने मेहमानों से कहा कि वे उनके लिए ऐसी कोई चीज न खरीदें। श्रीकांत ने कहा, "हमने सुसा गांव में पौधे लगाने के लिए धन जुटाया, जहां 36 विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ लगाए गए।" - नयी दिल्ली.भारत ने शनिवार को ‘स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म' का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया, जिसे सेना की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि दुनिया में बहुत कम देशों के पास ऐसी जटिल प्रणाली है। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने यह परीक्षण किया।डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने कहा कि प्रतिकृति उड़ान हवा से भी हल्की उच्च ऊंचाई वाली प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक ‘मील का पत्थर' है, जो समताप मंडल की ऊंचाइयों पर बहुत लंबे समय तक हवा में रह सकती है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस ‘एयरशिप' को लगभग 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक उपकरणीय पेलोड के साथ रवाना किया गया। पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस एयरशिप का सफल उड़ान परीक्षण किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रणाली के सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी।उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पृथ्वी अवलोकन और खुफिया निगरानी एवं टोही क्षमताओं को अद्वितीय रूप से बढ़ाएगी, जिससे भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास ऐसी स्वदेशी क्षमता है।
- मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के जैत थाना क्षेत्र में रामताल वृंदावन रोड पर शनिवार शाम एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों और चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार एक तेज रफ्तार कार ने सवारी ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे वह पलट गया और इसके बाद सड़क पर घायल पड़े लोगों को पीछे से आ रहे डंपर ने कुचल दिया। पुलिस के मुताबिक ऑटो चालक के अलावा तीन भाइयों की मौके पर ही मौत हो गयी तथा उनका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सक उसकी जान बचाने के भरसक प्रयास खर रहे हैं। सभी भाई मप्र के इंदौर से एक शादी समारोह में शामिल होने वृन्दावन पहुंचे थे। पुलिस अधीक्षक (शहर) आरविंद कुमार ने बताया कि गोविंद नगर क्षेत्र के जयसिंहपुरा खादर का निवासी आटो-रिक्शा चालक साबिर (25) तथा इंदौर निवासी सगे भाइयों प्यारे लाल शर्मा (60), हुकुम चंद शर्मा (40) व मुकेश शर्मा (45) तथा उनके चचेरे भाई शिवम शर्मा को प्रेम मंदिर के दर्शन कराकर वापस होटल छोड़ने ले जा रहा था। तभी यह हादसा हुआ और चालक के अलावा तीनों सगे भाइयों की मौत हो गयी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आटो रिक्शा के टुकड़े सौ मीटर के दायरे मैं फैल गए तथा चालक सहित पांचों सवार भी सड़क पर गिर गए, जिन्हें पीछे से आ रहे एक डंपर ने कुचल दिया। दुर्घटना होते ही कार और डंपर चालक अपने वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचित कर दिया गया है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसे में मारे लोगों के आश्रितों को हरसंभल आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी।

.jpg)


.jpg)







.jpg)



.jpg)
.jpg)








.jpeg)
.jpg)