- Home
- देश
-
विएंतियान. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को रामायण के लाओ संस्करण की प्रस्तुति देखी, जो भारत और लाओस के बीच साझा विरासत एवं सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस की राजधानी में हैं। विएंतियान पहुंचने के बाद उन्होंने लाओ रामायण ‘फलक फालम' या ‘फ्रलक फ्रराम' की एक कड़ी का मंचन देखा, जिसे प्रतिष्ठित रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग के कलाकारों ने प्रस्तुत किया। ‘फ्रलकफ्रराम डॉट कॉम' के मुताबिक, लाओ रामायण मूल भारतीय संस्करण से अलग है। बौद्ध समूहों के माध्यम से यह 16वीं शताब्दी के आसपास लाओस पहुंचा था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “साझा विरासत और परंपरा दोनों देशों को करीब ला रही है... यह प्रस्तुति भारत-लाओस के समृद्ध और साझा जुड़ाव का एक उत्कृष्ट प्रदर्शन थी।” विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लाओस में आज भी रामायण का मंचन किया जाता है और यह महाकाव्य दोनों देशों के बीच साझा विरासत और सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। बयान के अनुसार, लाओस में सदियों से भारतीय संस्कृति और परंपरा के विभिन्न पहलुओं का पालन एवं संरक्षण किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि दोनों देश अपनी साझा विरासत को रोशन करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इससे पहले, मोदी ने लाओ पीडीआर के केंद्रीय बौद्ध फेलोशिप संगठन के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं के आशीर्वाद समारोह में हिस्सा लिया, जो विएंतियान में सी साकेत मंदिर के प्रतिष्ठित मठाधीश महवेथ मसेनई की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। मोदी ने ‘एक्स' पर लिखा, “लाओ पीडीआर में सम्मानित भिक्षुओं और आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात हुई, जो भारतीयों द्वारा पाली को दिए जा रहे सम्मान को देखकर खुश थे। मैं उनके आशीर्वाद के लिए उनका आभारी हूं।” विदेश मंत्रालय ने कहा कि साझा बौद्ध विरासत भारत और लाओस के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत संबंधों के एक और पहलू का प्रतिनिधित्व करती है। प्रधानमंत्री ने लाओस में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा वट फू मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण कार्य पर आधारित प्रदर्शनी भी देखी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लाओस में वट फू मंदिर और संबंधित स्मारकों के जीर्णोद्धार कार्य में जुटा हुआ है। जायसवाल ने कहा, “वट फू : भारत-लाओस के बीच करीबी सभ्यतागत संबंधों और विरासत का प्रतीक है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लाओस में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल वट फू के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए असाधारण काम कर रहा है।” मोदी ने कहा, “लगातार गहराता सांस्कृतिक जुड़ाव! भारत को वट फू परिसर सहित विभिन्न विरासत स्थलों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार की दिशा में लाओ पीडीआर के साथ मिलकर काम करने पर गर्व है।
-
नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनके योगदान की सराहना की है। भारत के सबसे बड़े समूह टाटा संस के मानद अध्यक्ष (चेयरमैन) रतन टाटा का बुधवार रात 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। धनखड़ ने टाटा को भारतीय उद्योग जगत की एक महान हस्ती बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में टाटा का योगदान देश और विदेशों के उद्यमियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने धनखड़ के हवाले से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘भारतीय उद्योग जगत के ‘दिग्गज' टाटा अपने पीछे एक स्थायी विरासत छोड़ गए हैं, भारत उन्हें बहुत याद करेगा।'' लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि देश ने एक महान उद्योगपति और समाजसेवी को खो दिया है, जिन्होंने न केवल भारतीय उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि अपनी निस्वार्थ सेवा और उदारता से समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘रतन टाटा की सादगी, दूरदर्शिता और सेवा भावना युगों तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है।'' कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रतन टाटा को ‘अनमोल रतन' बताया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व का एक युग समाप्त हो गया है।
उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘टाटा का निधन अपूरणीय क्षति है, उनके उल्लेखनीय योगदान ने न केवल उद्योगों को बदल दिया, बल्कि भारत को नवाचार और उत्कृष्टता के वैश्विक शिखर पर भी पहुंचाया है।'' -
गोंडा. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गोंडा-बुढ़वल रेलखंड पर एक मालगाड़ी तकनीकी दिक्कत के कारण दो हिस्सों में बंट गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। रेलवे के क्षेत्रीय प्रबंधक गिरीश कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि मैजापुर और कर्नलगंज रेलवे स्टेशन के मध्य गेट संख्या 281 (बी) के पास बुधवार को आवारा मवेशी कट जाने से मालगाड़ी अप-बीसीएन के इंजन का होज पाइप खुल गया था। परिणाम स्वरूप ट्रेन के कुछ डिब्बे पीछे छूट गए। उन्होंने बताया कि पीछे छूटी बोगियों में गार्ड की बोगी भी शामिल थी। गार्ड और गेट मैन ने तत्काल इसकी सूचना कर्नलगंज रेलवे स्टेशन के साथ-साथ रेलवे कंट्रोल कमांड को दी। चालक ने आपातकालीन स्थिति में मालगाड़ी को तुरंत रोक दिया। सिंह ने बताया कि सूचना पाकर तत्काल मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने अलग हुई बोगियों को फिर से जोड़कर मालगाड़ी को रवाना किया।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने रात में आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए उनपर चमकीली पट्टी लगाने की घोषणा की है। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि योजना के लिए राज्य के गौ संरक्षण कोष से धनराशि आवंटित की गई है तथा जिलाधिकारियों और पशुपालन विभाग को इसे लागू करने निर्देश दिए गए हैं। सात अक्टूबर को प्रमुख सचिव के. रवींद्र नायक की ओर से जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, राज्य के गौ संरक्षण कोष का एक हिस्सा राजमार्गों और अन्य व्यस्त सड़कों के आसपास रहने वाली गायों पर बांधने के लिए ‘रेडियम' की पट्टियां खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा होने पर वाहन चालक गाय के गले में बंधी पट्टी देखकर सावधान हो जाएंगे, जिससे दुर्घटना से बचा जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि पट्टियां आवारा पशुओं के सींग और गर्दन पर लगाई जाएंगी।पशुपालन विभाग के निदेशक पी. एन. सिंह ने कहा, "योजना से संबंधित आदेश को लागू करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य सर्दी के मौसम में ही आवारा पशुओं पर रेडियम टेप लगाना है।” पशुपालन विभाग इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा हैं। आवारा पशुओं पर पट्टी लगाना राज्य में आवारा पशुओं की समस्या को दूर करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल लगभग 15 लाख आवारा पशु हैं, जिनमें से लगभग 12 लाख पशु आश्रयों में रखे गए हैं। शेष तीन लाख आवारा पशुओं की देखभाल सहभागिता योजना के तहत सीमांत परिवार करते हैं। इन परिवारों को चारे के लिए प्रति पशु अधिकतम 1,500 रुपये प्रति माह मिलते हैं। योजना के तहत एक परिवार अधिकतम चार मवेशियों को रख सकता है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों में खून और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों वाले चावल की आपूर्ति को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की सराहना की और कहा कि इससे गरीबों का स्वास्थ्य और बेहतर होगा। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देशभर के अपने गरीब भाई-बहनों की पोषण सुरक्षा के लिए हमने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति को जारी रखने का फैसला किया है। जरूरी पोषक तत्वों के साथ तैयार इस चावल से उनका स्वास्थ्य और बेहतर होगा।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को ही मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस योजना पर 17,000 करोड रुपये से अधिक का खर्च आएगा। गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इससे पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा और भारत के समृद्ध इतिहास में लोगों की रुचि भी बढ़ेगी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ओर से राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दिए जाने पर मोदी ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास भी सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी कड़ी में राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
-
नयी दिल्ली. राजस्थान ने केंद्र से राज्य के पांच और शहरों को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में शामिल करने का अनुरोध किया है। आधिकारिक रिकॉर्ड से यह जानकारी मिली। राजस्थान ने राज्य की शुष्क भौगोलिक स्थिति और प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया है। छत्तीसगढ़ ने भी केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से रायगढ़ जिले को एनसीएपी के दायरे में लाने का अनुरोध किया है। एनसीएपी के अंतर्गत ‘नेशनल एपेक्स कमेटी' की बैठक के दौरान राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने अनुरोध किया कि राज्य की शुष्क भौगोलिक स्थिति और जलवायु परिस्थितियों के मद्देनजर अजमेर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा और जैसलमेर को इसमें शामिल किया जाए। छत्तीसगढ़ के पर्यावरण विभाग की प्रमुख सचिव आर. संगीता ने भी ‘‘बढ़ते प्रदूषण स्तर'' के कारण रायगढ़ को कार्यक्रम में शामिल करने का अनुरोध किया। जुलाई में, केंद्र ने रायगढ़ जिले में एक कोयला खनन परियोजना को मंजूरी दे दी, जबकि उसके छह महीने बाद ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने इसकी पर्यावरणीय मंजूरी रद्द कर दी थी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-पटना द्वारा किए गए वहन क्षमता और संचयी प्रभाव आकलन में पाया गया कि रायगढ़ में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड प्रदूषण का स्तर सुरक्षित सीमा के भीतर है, लेकिन अति सूक्ष्म कण (पीएम) का स्तर औद्योगिक क्षेत्रों के लिए मान्य अधिकतम स्तर के करीब पहुंच रहा है। भारत ने 2019 में एनसीएपी की शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य 2017 के स्तर की तुलना में 2024 तक पीएम प्रदूषण में 20-30 प्रतिशत की कमी लाना था। बाद में सरकार ने इसमें संशोधन कर 2019-20 के स्तर से 2026 तक 40 प्रतिशत की कमी करने का लक्ष्य तय किया।
-
रायबरेली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली में रेल की पटरियों पर मिट्टी का ढेर मिलने के दो दिन बाद ऐसी ही एक और घटना में मालगाड़ी के रास्ते में पटरी पर सीमेंट से बना स्लीपर पाया गया। रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे रायबरेली-प्रयागराज रेल खंड पर लक्ष्मणपुर रेलवे स्टेशन के पास हुई। घटना के तहत सतना (मध्य प्रदेश) से कुंदनगंज (रायबरेली) आ रही एक मालगाड़ी बेनीकामा के पास लक्ष्मणपुर और दरियापुर स्टेशनों के बीच पटरी पर रखे सीमेंट से निर्मित स्लीपर से टकरा गई। उन्होंने बताया कि मालगाड़ी चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन इसके बावजूद इंजन का कैटल गार्ड पटरी पर पड़े स्लीपर से टकरा गया। बहरहाल, घटना के बाद चालक ने इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष को दी। सूत्रों के मुताबिक, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने स्लीपर को पटरी से हटाया। उसके बाद मालगाड़ी को आगे बढ़ाया गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों ने कहा कि इस सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की जांच की जाएगी। इससे पहले, गत छह अक्टूबर को जिले के रघुराज सिंह स्टेशन के पास रेल की पटरियों पर मिट्टी का ढेर देखा गया था। इसकी वजह से एक शटल ट्रेन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
-
नयी दिल्ली. हरियाणा विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के प्रमुख के रूप में अपने शपथ ग्रहण से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। भाजपा ने चुनाव के दौरान संकेत दिया था कि जीत की स्थिति में शीर्ष पद के लिए सैनी ही उसकी पसंद होंगे। मार्च में मनोहर लाल खट्टर की जगह अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले सैनी को राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई थी। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सैनी ने पार्टी की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव विश्लेषकों ने भले ही कांग्रेस के चुनाव जीतने की संभावनाओं का दावा किया हो लेकिन उन्होंने हमेशा जोर दिया कि लोग भाजपा सरकार की नीतियों के कारण उस पर भरोसा करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर कांग्रेस की ओर से संदेह जताए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी झूठ का बवंडर खड़ा कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बड़ी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है जो पिछले 10 वर्षों में ऐसी योजनाएं लाए, जिनसे गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को लाभ पहुंचा है। इनसे समाज के सभी वर्गों को मदद मिली। लोग उन्हें प्यार करते हैं और इसलिए भाजपा तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई है।'' यह पूछे जाने पर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और शपथ ग्रहण समारोह कब होगा, सैनी ने कहा कि यह तय करने का अधिकार केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी के संसदीय बोर्ड को है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय पर्यवेक्षक जल्द ही राज्य का दौरा करेंगे और विधायक दल के नेता का चयन करेंगे। इसके बाद संसदीय बोर्ड फैसला लेगा।'' सत्ता विरोधी लहर को दरकिनार करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा ने हरियाणा में जीत की ‘हैट्रिक' लगाकर सत्ता बरकरार रखी और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी की कोशिशों को रोक दिया। हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए। भाजपा ने 48 सीट जीतकर अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की। भाजपा को मिली सीटों की संख्या कांग्रेस की संख्या से 11 अधिक है। वहीं जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) जैसी पार्टियों का सूपड़ा साफ हो गया और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) को सिर्फ दो सीट ही मिल पाईं। आप ने हरियाणा विधानसभा चुनाव अकेले लड़ा था। कांग्रेस की आसान जीत की भविष्यवाणी करने वाले ‘एग्जिट पोल' (चुनाव बाद सर्वेक्षणों) को गलत साबित करते हुए भाजपा लगातार तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाएगी। हरियाणा में पांच अक्टूबर को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव हुए थे।
-
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र में 12,654 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी । इसमें नागपुर और शिरडी हवाई अड्डों पर कार्यों का भूमिपूजन और राज्य में नए 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया । इसके अलावा मुंबई में निर्मित भारतीय कौशल संस्थान और विद्या समीक्षा केंद्र महाराष्ट्र का उद्घाटन किया।
वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नागपुर में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी। इस नए एकीकृत टर्मिनल भवन की अनुमानित लागत लगभग 7000 करोड़ रुपये है।सभी आकार के विमानों के लिए उपयुक्त अलग-अलग संचालन के साथ दो समानांतर रनवे, मौजूदा रनवे का विस्तार और नए रनवे का निर्माण, सालाना 14 मिलियन यात्रियों को संभालने के लिए 3 लाख वर्ग फुट के नए टर्मिनल भवन का विकास, लगभग 9 लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाला एक नया कार्गो कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा जिसमें एक समय में लगभग 100 विमानों को समायोजित करने के लिए पार्किंग बे का निर्माण किया जाएगा।डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे नागपुर के उन्नयन की परियोजना विनिर्माण, विमानन, पर्यटन, रसद और स्वास्थ्य सेवा सहित कई क्षेत्रों में विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगी, जिससे नागपुर शहर और व्यापक विदर्भ क्षेत्र को लाभ होगा।प्रधानमंत्री ने शिरडी हवाई अड्डे पर 645 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले जिस नए एकीकृत टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी, उससे शिरडी आने वाले धार्मिक पर्यटकों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं और सुख-सुविधाएं मिलेंगी। प्रस्तावित टर्मिनल के निर्माण की थीम साईं बाबा के आध्यात्मिक नीम के पेड़ पर आधारित है। यात्री वहन क्षमता में वृद्धि और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विस्तारित टर्मिनल भवन शिरडी में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगा।प्रधानमंत्री ने किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए जिन 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया , वह मुंबई, नासिक, जालना, अमरावती, गढ़चिरौली, बुलढाणा, वाशिम, भंडारा, हिंगोली और अंबरनाथ (ठाणे) में स्थित हैं।इस परियोजना की लागत करीब 5000 करोड़ रुपये है। ये कॉलेज स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों को बढ़ाने के साथ-साथ, लोगों को विशेष तृतीयक स्वास्थ्य सेवा भी प्रदान करेंगे। इन कॉलेजों में छात्रों के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम की 900 सीटें बढ़ जाएंगी। इस निर्णय से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य देखभाल में काफी सुधार होगा।प्रधानमंत्री ने भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) का उद्घाटन किया इसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत स्थापित, यह टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट और भारत सरकार के बीच एक सहयोग है। संस्थान मेक्ट्रोनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, औद्योगिक स्वचालन और रोबोटिक्स जैसे अत्यधिक विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना बना रहा है।अधिकारियों के मुताबिक विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकों को स्मार्ट उपस्थिति, स्वाध्याय जैसे लाइव चैटबॉट के माध्यम से महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक डेटा तक पहुंच प्रदान करेगा। यह स्कूलों को संसाधनों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने, अभिभावकों और राज्य के बीच संबंधों को मजबूत करने और उत्तरदायी सहायता प्रदान करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जानकारियां प्रदान करेगा। यह शिक्षण के तौर तरीकों और छात्रों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए तैयार किए गए निर्देशात्मक संसाधन भी प्रदान करेगा। - रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर के कपाट इस वर्ष तीन नवंबर को सुबह साढ़े आठ बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य पदाधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि परंपरा के अनुसार, केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए भाई दूज के अवसर पर तीन नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कपाट सुबह साढ़े आठ बजे बंद होंगे। पदाधिकारी ने बताया कि शीतकाल के दौरान भगवान केदारनाथ के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर में होंगे। उच्च गढ़वाल क्षेत्र में स्थित केदारनाथ मंदिर सहित चारों धामों के कपाट हर साल अक्टूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं, जिन्हें अगले वर्ष फिर अप्रैल-मई में खोला जाता है। अन्य तीन धामों में यमुनोत्री के कपाट भैया दूज पर जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। वहीं बदरीनाथ मंदिर के बंद होने की तिथि दशहरे के त्यौहार पर तय की जाएगी।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्वच्छ शौचालय और शिशु देखभाल कक्ष जैसी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मंगलवार को ‘हमसफर नीति' की शुरुआत की। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘हमसफर नीति' में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप स्टेशनों पर स्वच्छ शौचालय, शिशु देखभाल कक्ष, व्हीलचेयर के लिए प्रावधान, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग स्थल और ठहरने की सुविधाएं शुरू की जाएंगी। मंत्रालय ने कहा कि यह नीति राजमार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और आनंददायक अनुभव प्रदान करेगी। इसके अलावा यह नीति उद्यमियों को सशक्त बनाएगी, रोजगार पैदा करेगी और सेवा प्रदाताओं के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाएगी। गडकरी ने इस नीति की शुरुआत के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ‘हमसफर' ब्रांड देश के विश्वस्तरीय राजमार्ग नेटवर्क पर यात्रियों और चालकों के लिए अत्यधिक सुरक्षा और आराम का पर्याय बन जाएगा। गडकरी ने कहा, ‘‘अगर कोई टोल वसूल रहा है तो उसे यात्रियों की सुरक्षा और आराम को भी सुनिश्चित करना होगा।'' उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर उच्च गुणवत्ता वाली, मानकीकृत सेवाएं प्रदान करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल से समाज के हाशिये पर मौजूद स्थानीय तबकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण के अनुकूल होगी और पारिस्थितिकी एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति को तैयार करते समय जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, अपशिष्ट पुनर्चक्रण और सौर ऊर्जा जैसी बातों को भी ध्यान में रखा गया है। गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप स्टेशन के मालिकों से मानदंडों के हिसाब से बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों के लिए शौचालय को साफ रखना और सार्वजनिक उपयोग के लिए खुला रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि कई पेट्रोल पंप पर शौचालय बंद रहते हैं। राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप के लिए शौचालय को साफ रखना और सार्वजनिक उपयोग के लिए खुला रखना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर पेट्रोल पंप बंद किए जा सकते हैं।'' बयान के मुताबिक, हमसफर नीति में सुविधाओं के मानक को बनाए रखने और यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पंजीकृत सेवा प्रदाताओं की निगरानी और निरीक्षण के लिए कठोर प्रावधानों की रूपरेखा भी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा नियुक्त बाहरी एजेंसी इनका नियमित निरीक्षण करेगी। सेवा प्रदाताओं की औसत रेटिंग थ्री स्टार से कम होने पर उन्हें ईमेल एवं एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे और कम स्कोर वाली ऐसी सुविधाओं का कई बार निरीक्षण किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मौजूदा/ आने वाली सुविधाओं के सेवा प्रदाताओं को शामिल करने के लिए ‘हमसफर नीति' को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 19 जुलाई, 2024 को मंजूरी दी थी।
- ग्वालियर। मध्य प्रदेश में ग्वालियर के निकट मंगलवार को रेलवे की पटरियों पर लोहे का फ्रेम पड़ा मिला और इसे आगरा जा रही एक मालगाड़ी के चालक ने समय रहते देख लिया, जिससे दुर्घटना होने की आशंका टल गई। शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीआरपी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।जीपीआर थाना प्रभारी एमपी ठक्कर ने बताया कि ग्वालियर स्टेशन के उप प्रबंधक से मंगलवार तड़के साढ़े चार बजे सूचना मिली कि बिरला नगर स्टेशन के पास रेलवे की पटरियों पर लोहे का फ्रेम रखा हुआ मिला है। उन्होंने बताया कि जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पटरियों पर लोहे का चौकोर फ्रेम बरामद किया, जिससे दुर्घटना होने की आशंका थी। ठक्कर ने बताया कि झांसी से आगरा जा रही एक मालगाड़ी के चालक ने बिरला नगर स्टेशन के पास लोहे के फ्रेम को देखा और तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि रेलवे अधिनियम के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
- श्रीनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन की सराहना की। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) 42 सीट के साथ जम्मू कश्मीर में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और वह अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ केंद्र शासित प्रदेश में अगली सरकार बनाने के लिए तैयार है। कांग्रेस को छह सीट मिली हैं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में जेकेएनसी के सराहनीय प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई देना चाहता हूं।" नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी पार्टी केंद्र के साथ रचनात्मक संबंध की उम्मीद करती है। उन्होंने कहा, "बधाई संदेश के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद नरेन्द्र मोदी साहब। हम संघवाद की सच्ची भावना में रचनात्मक संबंध की आशा करते हैं ताकि जम्मू-कश्मीर के लोग निरंतर विकास और सुशासन से लाभान्वित हो सकें।
- नयी दिल्ली.सरकार 10 नए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज स्थापित करेगी और ईएसआई निगम के सदस्यों के लिए बेरोजगारी भत्ता योजना को जून, 2026 तक बढ़ाएगी। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने यहां ईएसआई निगम की एक बैठक में ईएसआईसी के बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की। मंत्रालय ने कहा कि मांडविया ने देश के विभिन्न स्थानों पर 10 नए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की घोषणा की। यह निर्णय अगले पांच साल में 75,000 नई मेडिकल सीटें बनाने की प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवास पर की गई घोषणा का समर्थन करेगा। उन्होंने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना को एक जुलाई, 2024 से शुरू होकर 30 जून, 2026 तक दो साल की अवधि के लिए बढ़ा दिया है। वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य उस अवधि के दौरान बेरोजगारी भत्ते के रूप में सहायता प्रदान करना है, जब कोई बीमित व्यक्ति कमाई के लिए नया रोजगार तलाशता है।
- नयी दिल्ली। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर सत्ता कायम रखने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि राज्य के लोगों ने झूठ को खत्म कर दिया और सत्य, विकास और सुशासन की जीत सुनिश्चित की है। भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होना भारत के संविधान और लोकतंत्र की जीत है। मोदी ने कहा कि जब भी भाजपा किसी राज्य में सरकार बनाती है, तो लोग लंबे समय तक उसका समर्थन करते हैं और कांग्रेस के लिए ‘‘नो एंट्री'' बोर्ड लगा देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस शायद ही कभी सत्ता में वापस आती है। 13 साल हो गए जब कांग्रेस असम में सत्ता में वापस आई थी, और कुछ राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस 60 साल से सत्ता में नहीं लौटी है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘एक बार जब लोग कांग्रेस को बाहर कर देते हैं, तो वे उसे वापस नहीं आने देते। वे कांग्रेस के लिए ‘नो एंट्री' बोर्ड लगा देते हैं...यह ऐसी पार्टी है जिसने हमेशा माना कि सत्ता उसका जन्मसिद्ध अधिकार है।'' मोदी ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने कमाल कर दिया है और हर जगह कमल खिल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दलितों, आदिवासियों, किसानों और युवाओं को हर संभव तरीके से भड़काने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उसकी चालों और दुष्प्रचार को समझ लिया और पार्टी को नकार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता की धरती पर सत्य, विकास और सुशासन की जीत हुई है। मोदी ने कहा कि आज हरियाणा में विकास की गारंटी ने झूठ की गोटी को मात दे दी है। उन्होंने कांग्रेस पर देश को बदनाम करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘परजीवी' बन गई है जो अपने गठबंधन सहयोगियों पर निर्भर है और कई बार उन्हें निगल जाती है। मोदी ने कहा कि हरियाणा का गठन 1966 में हुआ था और अब तक राज्य में 13 चुनाव हो चुके हैं। मोदी ने कहा, ‘‘इनमें से 10 चुनावों में हरियाणा की जनता ने हर पांच साल में सरकार बदली। हालांकि, हरियाणा की जनता ने कुछ उल्लेखनीय काम किया है। पहली बार किसी सरकार को लगातार तीसरी बार मौका मिला है।
- कोलकाता। रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' (जीआरएसई) लिमिटेड ने मंगलवार को भारतीय नौसेना को सर्वेक्षण पोत ‘आईएनएस निर्देशक' सौंपा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। ‘आईएनएस निर्देशक' जीआरएसई द्वारा निर्मित चार ऐसे पोतों की श्रृंखला में दूसरा है, जिसका पहला पोत 10 महीने पहले दिसंबर, 2023 में नौसेना को सौंपा गया था। जीआरएसई अधिकारी ने बताया कि ये भारतीय नौसेना के लिए देश में निर्मित सबसे बड़े सर्वेक्षण पोत हैं।आईएनएस निर्देशक 110 मीटर लंबा है। आईएनएस निर्देशक, आईएनएस संध्याक के साथ शामिल होगा, जो जीआरएसई द्वारा दिया गया पहला बड़ा सर्वेक्षण पोत (एसवीएल) है। जीआरएसई अधिकारी ने कहा कि संध्याक श्रेणी के एसवीएल समुद्री सीमाओं का सर्वेक्षण कर सकते हैं और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान और भौगोलिक डेटा एकत्र कर सकते हैं, जो भारत की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि ये जहाज एक-एक हेलीकॉप्टर ले जा सकते हैं और कम तीव्रता वाले संघर्ष में शामिल हो सकते हैं। जीआरएसई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पी आर हरि (सेवानिवृत्त) ने कहा, ‘‘हमें इस श्रृंखला के पहले पोत के 10 महीने बाद इस पोत की आपूर्ति करने पर गर्व है।'' उन्होंने कहा कि इन युद्धपोतों में स्वदेशी सामग्री का प्रतिशत अधिक है और ये केंद्र सरकार की आत्मनिर्भरता की नीति के अनुरूप हैं।
- नयी दिल्ली। भारत और मालदीव ने सोमवार को ‘‘नैसर्गिक साझेदार'' के तौर पर दोनों देशों के लोगों के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र के लाभ के लिए समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी किए गए ‘दृष्टिकोण दस्तावेज' में यह भी कहा गया कि दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ‘भारत और मालदीव: व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के लिए एक दृष्टिकोण' के नाम से जारी दस्तावेज में कहा गया है कि दोनों पक्ष ‘‘भारत की सहायता से निर्मित माले में अत्याधुनिक मालदीव रक्षा मंत्रालय (एमओडी) भवन का शीघ्र उद्घाटन करने पर सहमत हुए हैं, जो रक्षा मंत्रालय की आधुनिक अवसंरचना क्षमता को बढ़ाएगा।'' इसमें कहा गया है कि भारत और मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिसका दोनों देशों की सुरक्षा और विकास पर बहुआयामी प्रभाव पड़ता है। दोनों देशों ने दस्तावेज में कहा, ‘‘स्वाभाविक साझेदार के रूप में, भारत और मालदीव अपने लोगों के साथ-साथ वृहद हिंद महासागर क्षेत्र के लाभ के लिए समुद्री और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प लेते हैं।'' इसमें कहा गया है कि मालदीव अपने विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र के कारण समुद्री डकैती, आईयूयू (अवैध, अप्रतिबंधित और अनियमित) मछली पकड़ने, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद सहित पारंपरिक और गैर-पारंपरिक समुद्री चुनौतियों का सामना कर रहा है।दस्तावेज में कहा गया कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि भारत एक ‘‘विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदार'' के रूप में, विशेषज्ञता साझा करने, क्षमताओं को बढ़ाने और द्वीपीय राष्ट्र की जरूरतों और आवश्यकताओं के अनुसार संयुक्त सहयोगी उपाय करने में मालदीव के साथ मिलकर काम करेगा। इसमें कहा गया कि इस पर भी सहमति जताई गई कि भारत की सहायता से उथुरु थिला फाल्हू (यूटीएफ) में चल रही मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) की बंदरगाह परियोजना ‘एकाथा', एमएनडीएफ की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी और इसके समय पर पूरा होने के लिए पूर्ण समर्थन देने पर सहमति जताई गई। दस्तावेज के मुताबिक भारत और मालदीव ने एमएनडीएफ की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रक्षा मंचों और परिसंपत्तियों के प्रावधान के साथ मालदीव को समर्थन देने पर भी सहमति व्यक्त की, साथ ही मालदीव सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी समुद्री और सुरक्षा आवश्यकताओं बढ़ाने में भी सहयोग पर सहमत हुए। दस्तावेज में कहा गया कि दोनों पक्षों ने मालदीव को रडार प्रणाली और अन्य उपकरणों के प्रावधान के साथ एमएनडीएफ की निगरानी क्षमता बढ़ाने में सहायता करने तथा मालदीव सरकार की आवश्यकताओं के अनुसार क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के माध्यम से ‘हाइड्रोग्राफिक' मामलों पर द्वीपसमूह राष्ट्र को सहायता देने पर सहमति जताई। इस बीच, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यहां शाम को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि कहा कि मालदीव हमेशा से भारत की ‘पड़ोसी पहले' नीति और ‘सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह संबंध ऐतिहासिक है, यह दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों, व्यापार और आर्थिक संबंधों तथा बहुत ही ठोस विकास साझेदारी पर आधारित है।'' मिस्री ने कहा कि यह ‘‘दृष्टिकोण दस्तावेज़ हमारे बीच पिछले कई वर्षों में तैयार किए गए संबंधों का खाका है तथा यह आगामी यात्रा के लिए रूपरेखा प्रदान करता है।'' दस्तावेज में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने आपदा प्रतिक्रिया और जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें बेहतर पारस्परिकता क्षमता हासिल करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और अभ्यास भी शामिल है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि देश में पिछले 10 साल में हरित स्रोतों से बिजली उत्पादन 86 प्रतिशत बढ़कर 360 अरब यूनिट रहा है। इसके साथ भारत एकमात्र जी-20 देश है जिसने अपने जलवायु लक्ष्यों को समय से पहले पूरा किया है।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने जर्मनी में चल रहे ‘हैम्बर्ग सस्टेनेबिलिटी' सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। जोशी ने कहा कि भारत ने 2014 के बाद से अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। यह 175 प्रतिशत बढ़कर आज 208 गीगावाट से अधिक हो गई है, जो उस समय 75 गीगावाट थी। कुल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 86 प्रतिशत बढ़कर 360 अरब यूनिट हो गया जो पहले 193.5 अरब यूनिट था। उन्होंने कहा, ‘‘भारत एकमात्र जी-20 देश है जिसने अपने जलवायु लक्ष्यों को समय से पहले पूरा किया है। हमने जी-20 देशों में प्रति व्यक्ति उत्सर्जन सबसे कम होने के बावजूद यह लक्ष्य हासिल किया है।'' मंत्री ने कहा कि भारत अपने बंदरगाह बुनियादी ढांचे को भी उन्नत कर रहा है। इसका मकसद हाइब्रिड मॉडल का उपयोग करके हरित शिपिंग ईंधन और जहाजों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, टिकाऊ समुद्री परिवहन की जरूरत बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। भारत सरकारी पहल, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से प्रेरित होकर हरित शिपिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है।'' जोशी ने भारत के महत्वाकांक्षी हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में अवसर तलाशने के लिए क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों को आमंत्रित भी किया ।
- ऊना . हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित अंब-अंदौरा स्टेशन से नयी दिल्ली जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के चार डिब्बे उस समय क्षतिग्रस्त हो गए, जब उपद्रवियों ने ट्रेन पर पथराव किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि शनिवार अपराह्न लगभग सवा एक बजे बसाल गांव के निकट अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पथराव किया और दो डिब्बों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिये। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और दोषियों को पकड़ने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
- जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने रविवार को कहा कि राज्य के अगले पांच वर्षों में 350 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है। दीया कुमारी ने कहा कि राज्य में सोना, लोहा, पेट्रोलियम और हाल ही में खोजे गए लिथियम भंडार सहित प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में पांच लाख से अधिक नौकरियां पैदा करने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ ऊर्जा और डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री ने रविवार को जयपुर में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के राजस्थान राज्य कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) आज देश के सबसे पुराने और सबसे सक्रिय और दूरदर्शी चैंबर्स में से एक है। इस अवसर पर आईसीसी-राजस्थान राज्य कार्यालय की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. जयश्री पेरीवाल ने कहा कि राज्य और राष्ट्र दोनों की आर्थिक दृष्टि को साकार करने में चैंबर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। आईसीसी राज्य और केंद्र सरकार दोनों के साथ साझेदारी करके इस भूमिका को पूरा करने का प्रयास करेगी।
- नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने सभी 17 जोन को उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है जो रेलगाड़ियों के परिचालन के संबंध में यात्री सूचना प्रणाली में डेटा नहीं डालते या गलत जानकारी देते हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। बोर्ड ने रेलवे के सभी जोन को स्टेशन पर लगाए गए यात्री सूचना डिस्प्ले बोर्ड को राष्ट्रीय रेलगाड़ी पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) के साथ एकीकृत करने का भी निर्देश दिया है, ताकि रेलगाड़ियों के परिचालन की सटीक और विश्वसनीय जानकारी सुनिश्चित हो सके। एनटीईएस वेबसाइट अन्य जानकारी के अलावा ट्रेन की वास्तविक स्थिति की जानकारी देती है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर लगे ‘ट्रेन संकेतक बोर्ड' पर ट्रेन नंबर, उनके नाम और डिब्बों के सटीक स्थान की जानकारी दी जाती है। रेलवे बोर्ड ने 27 सितंबर को सभी 17 जोन को लिखे पत्र में कहा है कि ये यात्री सूचना प्रणालियां यात्रियों और रेलवे के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद मंच के रूप में काम करती हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘ऐसी प्रणालियों द्वारा यात्रियों को दी जाने वाली ट्रेन संबंधी जानकारी की विश्वसनीयता बहुत महत्वपूर्ण है और प्रदर्शित की जाने वाली जानकारी में कोई भी कमी/त्रुटि यात्रियों के लिए असुविधा पैदा करती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि ऐसी प्रणालियों पर प्रदर्शित प्रत्येक ट्रेन की जानकारी सही और विश्वसनीय हो।'' पत्र में कहा गया है, ‘‘उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सीआरबी (अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड) और सीईओ रेलवे बोर्ड ने इच्छा व्यक्त की है कि रेलवे द्वारा ऐसी प्रणालियों पर ट्रेन की जानकारी का सही और विश्वसनीय प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उचित महत्व दिया जाना चाहिए।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी यात्री सूचना प्रणालियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए ताकि ट्रेनों के बारे में जानकारी स्टेशन पर बिल्कुल सही मिले।
- हरिद्वार. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की नेता साध्वी प्राची ने अपनी जान को खतरा बताते हुए रविवार को पुलिस से सुरक्षा मुहैया की गुहार लगाई। साध्वी प्राची ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनके वैदिक निकेतन आश्रम में अपने दो छोटे बच्चों के साथ शरण लेने आयी एक महिला ने उनके खिलाफ साजिश रची है। साध्वी ने पुलिस से पूरे प्रकरण की जांच करने तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया है।विहिप नेता ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अपने आश्रम में सोनिया नाम की एक महिला को शरण दी थी, जिसने खुद को बेसहारा बताया था। साध्वी ने बताया कि कुछ दिन पहले आश्रम में सोनिया से मिलने एक धर्म विशेष का व्यक्ति एक बच्चे के साथ आया, जिससे उन्हें उस पर शक हुआ और उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद महिला (सोनिया) से आश्रम खाली करने को कहा गया लेकिन पिछले 15 दिन से वह एक-दो दिन करके समय मांगती जा रही है और आस-पड़ोस में उनके खिलाफ दुष्प्रचार भी कर रही है। साध्वी ने बताया कि इस बीच उन्होंने फिर पुलिस को इसकी सूचना दी जिसने सोनिया के सामान की तलाशी ली। उन्होंने बताया कि पुलिस को तलाशी में महिला के पास सोनिया चौधरी, सोनिया बानो, प्रज्ञा शर्मा आदि कई नामों के आधार कार्ड के अलावा धर्म विशेष के ग्रंथ, एक हथियार और दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि उन्हें संदेह है कि उनके खिलाफ कोई बड़ी साजिश हो रही है, जिसका उन्हें समय रहते पता चल गया। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा बना हुआ है। साध्वी ने पुलिस से पूरे प्रकरण की जांच करने की मांग करते हुए सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है.
- लखनऊ/बरेली.उत्तर प्रदेश में बरेली के करगैना की रहने वाली 21 वर्षीय युवती एक मानसिक विकार से पीड़ित होने की वजह से पिछले करीब 16 सालों से अपने बाल खा रही थी जिस वजह से उसके पेट में करीब दो किलोग्राम बाल जमा हो गए थे और इन्हें पिछली 26 सितंबर को ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया। बरेली के जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, वह ‘ट्राइकोफेजिया' नामक मानसिक विकार से पीड़ित है जिसमें मरीज अपने बाल खाने लगता है। उन्होंने बताया कि पेट में जमा बालों की वजह से युवती के पेट की गुहा और उसकी आंत के कुछ हिस्से भी बंद हो गये थे। इस बीमारी का पता पिछली 20 सितंबर को तब लगा, जब लड़की के परिजन बरेली के जिला अस्पताल आए और सीटी स्कैन रिपोर्ट में उसके पेट में बालों का ढेर दिखा। इस बात का खुलासा होने पर अस्पताल के डॉक्टरों के भी होश उड़ गए। बरेली के जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर एमपी सिंह ने इस बीमारी के बारे में कहा कि ‘ट्राइकोफेजिया' एक मानसिक विकार है, जिससे पीड़ित मरीज को अपने बाल खाने की अदात पड़ जाती है। सिंह ने बताया, ''लड़की के पेट में गांठ से ‘ट्राइकोफेजिया' बीमारी का संकेत मिल रहा है। इसलिए लड़की की कई चरणों में काउंसलिंग की गई। मनोचिकित्सक डॉक्टर आशीष कुमार और डॉक्टर प्रज्ञा माहेश्वरी ने काउंसलिंग की और बाद में उसने स्वीकार किया कि पांच साल की उम्र से ही उसे अपने सिर के बाल खाने की लत लग गई थी।'' उन्होंने बताया कि परिणामस्वरूप उसके पेट में करीब दो किलो बाल जमा हो गए थे, जिन्हें 26 सितंबर को ऑपरेशन के बाद निकाला गया। सिंह के मुताबिक, लड़की के पेट में बालों की मात्रा इतनी ज्यादा हो गयी थी कि उसके पेट की गुहा और यहां तक कि उसकी आंत के कुछ हिस्से को बालों ने पूरी तरह से जकड़ लिया था। सर्जन ने कहा कि युवती ठोस चीजें नहीं खा पा रही थी और वह जो तरल खाद्य पदार्थ ले रही थी, वे भी उल्टी की वजह से बाहर निकल रहे थे। उन्होंने मनोवैज्ञानिक विकार और उससे संबंधित पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, ''रोगी युवती को जो मनोवैज्ञानिक समस्या थी, उसे ‘ट्राइकोफेजिया' कहा जाता है। इसमें मरीज अपने ही सिर के बाल खाने लगता है। इसके परिणामस्वरूप ‘गैस्ट्रिक बेजोअर' विकसित होते हैं। इसके मुख्य लक्षण उल्टी और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द हैं।'' सिंह ने कहा कि जठरांत्र संबंधी मार्ग में बालों का गोला बनने से गंभीर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं और इसके लिए आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। इस बीच, परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि उनकी बेटी चुपके से अपने बाल तोड़कर खा जाती थी तथा उसे पता था कि ऐसा करना अजीब है, फिर भी वह यह काम करती रही। उनके मुताबिक, ऐसा 16 साल से हो रहा था। बाद में उसके पेट में तेज दर्द होने लगा।परिजनों ने बताया कि शुरू में वह दर्द निवारक दवाएं लेती थी, लेकिन बाद में वे दवाएं भी बेअसर हो गईं जिसके बाद अल्ट्रासाउंड कराया, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बाद में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराया तो मामला सामने आया।
- श्योपुर। मध्यप्रदेश का कुनो राष्ट्रीय उद्यान मानसून के दौरान बंद रहने के बाद रविवार को पर्यटकों के लिए फिर से खुल गया। कुनो, देश में चीतों के लिए एकमात्र आवास स्थल है। हालांकि चीतों की एक झलक पाने के लिए आगंतुकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि इन्हें अभी तक जंगल में नहीं छोड़ा गया है। विलुप्त होने के करीब आठ दशक बाद सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ बड़े चीतों को यहां उद्यान में लाया गया और भारत में उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए बाड़ों में रखा गया। इसके बाद फरवरी 2023 में भारत सरकार की एक परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए।उद्यान के निदेशक उत्तम शर्मा ने बताया कि 487 वर्ग किलोमीटर ‘बफर जोन' सहित 1,235 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस उद्यान को फिर से खोल दिया गया है और आगंतुकों को सुबह साढ़े छह बजे से पूर्वाह्न 10 बजे तक और अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक जाने की ही अनुमति है। उन्होंने बताया कि पार्क में 24 चीते हैं, जिनमें नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 वयस्क चीते शामिल हैं। पर्यटक कब चीतों को देख पायेंगे यह पूछने पर शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।वन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया, “इस पर निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाएगा। केंद्र सरकार अंतर-महाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना का नेतृत्व कर रही है।” कुनो को छोड़कर मध्यप्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यान एक अक्टूबर को फिर से खुल गए। बारिश के मौसम और जंगली जानवरों की प्रजनन अवधि के कारण यह सभी उद्यान एक जुलाई से बंद थे। शर्मा ने कुनो को फिर से खोलने में देरी के बारे में बताया कि यह श्योपुर जिले में अत्यधिक बारिश के कारण हुआ। भारी मूसलाधार बारिश के कारण पार्क के अंदर की सड़कें खराब हो गई हैं। मानसून (एक जून से 30 सितंबर तक) के दौरान मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सबसे अधिक 1,323.2 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई जबकि यहां औसत बारिश 666.4 मिमी होती है।
- भुवनेश्वर।ओडिशा सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुबंध पर कार्यरत 9200 कनिष्ठ शिक्षकों की सेवा को नियमित कर दिया है। एक आधिकारिक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है। स्कूल एवं सर्व शिक्षा विभाग ने इस फैसले की जानकारी प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को शनिवार को दी।विभाग ने बताया कि शिक्षकों की कैरियर उन्नयन नीति के अनुसार, कनिष्ठ शिक्षकों (योजनाबद्ध), जिन्हें शिक्षा सहायक और जूनियर शिक्षक (अनुबंधित) भी कहा जाता है, को छह साल की निरंतर और संतोषजनक सेवा पूरी करने के बाद प्रारंभिक शिक्षक संवर्ग के लेवल-पांच (ए) के पद पर नियमित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में अप्रशिक्षित कनिष्ठ शिक्षकों और ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा (ओटीईटी) उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को नियमित नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने शनिवार को विभिन्न योजनाओं के तहत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नवनियुक्त 16,009 कनिष्ठ शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी दिए। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में यहां कलिंग स्टेडियम में आयोजित समारोह के दौरान कुछ लोगों को नियुक्ति पत्र दिये।









.jpg)

.jpg)





.jpg)
.jpg)





.jpg)
.jpg)

