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- जम्मू ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अंतिम सांस ले रहा है और उनकी सरकार ने “इस सुंदर क्षेत्र को नष्ट करने वाली” वंशवादी राजनीति का मुकाबला करने के लिए एक नया नेतृत्व पेश किया है।जम्मू क्षेत्र के डोडा जिले में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम और आप मिलकर जम्मू-कश्मीर को देश का एक सुरक्षित व समृद्ध भाग बनाएंगे।”विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 18 सितंबर को होने वाले मतदान से पूर्व प्रधानमंत्री की यह पहली चुनावी रैली थी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर विदेशी ताकतों के निशाने पर आ गया और वंशवादी राजनीति ने इस सुंदर क्षेत्र को अंदर से खोखला कर दिया। राजनीतिक वंशवादियों ने अपने बच्चों को आगे बढ़ाया और नए नेतृत्व को उभरने नहीं दिया।’’उन्होंने कहा कि ‘‘2014 में केंद्र में सत्ता में आने के तुरंत बाद हमने युवा नेतृत्व को उभारने पर ध्यान केंद्रित किया।’’ मोदी ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अंतिम सांस ले रहा है।’’
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले कुछ दिनों में ग्रामीण आवास योजना के नए लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करेंगे और उन्हें स्वीकृति पत्र प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम देश के तीन अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत, उन लाभार्थियों को यह किस्त जारी की जाएगी, जिन्हें सरकार ने अगले पांच वर्षों में 2 करोड़ नए घर बनाने का वादा किया है। यह पिछले 10 वर्षों में देशभर में बनाए गए लगभग 2.6 करोड़ घरों के अतिरिक्त होगा।
पहला कार्यक्रम झारखंड मेंयह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के जन्मदिन, 17 सितंबर, के अवसर पर शुरू होंगे। पहला कार्यक्रम 15 सितंबर को झारखंड में होगा, जहां मोदी 20,000 लाभार्थियों को नए घरों के लिए स्वीकृति पत्र वितरित करेंगे।ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि झारखंड में 1,13,000 घर बनाने का लक्ष्य था, लेकिन राज्य सरकार कम घर बना पाई है।दूसरे कार्यक्रम में 31,000 नए लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र देंगे प्रधानमंत्री मोदीइसके बाद, 16 सितंबर को प्रधानमंत्री गुजरात में 31,000 लाभार्थियों को 93 करोड़ रुपये की पहली किस्त वितरित करेंगे। इसके साथ ही राज्य में 35,000 पूर्ण हो चुके ग्रामीण घरों के ‘गृह प्रवेश’ कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। गुजरात में पिछले 10 वर्षों में लगभग 6.5 लाख घर बनाए गए हैं और इस वर्ष राज्य को 54,135 घरों का लक्ष्य दिया गया है।तीसरे कार्यक्रम में जारी होगी 3,180 करोड़ रुपये की पहली किस्तअंतिम कार्यक्रम 17 सितंबर को ओडिशा के भुवनेश्वर में होगा, जहां प्रधानमंत्री 1 करोड़ नए लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और 3,180 करोड़ रुपये की पहली किस्त वितरित करेंगे। चुनावी राज्यों के लाभार्थी इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगे।लॉन्च होगा नया एप्लीकेशनशिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नए 2 करोड़ घरों की पहली किस्त जारी करने के अलावा, प्रधान मंत्री एक नया एप्लिकेशन भी लॉन्च करेंगे जिसके माध्यम से पीएमजीएसवाई-ग्रामीण के नए लाभार्थी सीधे अपना पंजीकरण करा सकेंगे। चौहान ने बताया कि अब दोपहिया वाहन मालिक, 10,000 से 15,000 रुपये मासिक आय वाले और 2.5 एकड़ सिंचाई वाली जमीन या 5 एकड़ असिंचित भूमि के मालिक भी नए घरों के लिए पात्र होंगे। -
नयी दिल्ली. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले महीने कजान में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक का प्रस्ताव रखा है। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात के दौरान पुतिन ने यह प्रस्ताव रखा। यह मुलाकात सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के सम्मेलन के दौरान हुई। पुतिन-डोभाल की बैठक मोदी द्वारा यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ वार्ता के लगभग तीन सप्ताह बाद हुई। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 22-24 अक्टूबर को रूस के शहर कजान में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग ले सकते हैं। पुतिन-डोभाल की मुलाकात को लेकर रूस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रूसी राष्ट्रपति ने भारतीय नेता की मॉस्को यात्रा के दौरान हुए समझौतों के क्रियान्वयन पर ‘‘संयुक्त कार्यों के परिणामों का सारांश'' प्रस्तुत करने तथा निकट भविष्य की संभावनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर 22 अक्टूबर को मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। मोदी ने जुलाई में रूस का दौरा किया था।
रूसी मीडिया ने डोभाल के साथ बैठक में पुतिन के बयानों के हवाले से कहा, ‘‘हम अपने अच्छे दोस्त मोदी का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें शुभकामनाएं।'' एनएसए ने बुधवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगु के साथ व्यापक बातचीत की और ‘परस्पर हितों' के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। समझा जाता है कि 23 अगस्त को कीव में मोदी की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ हुई बातचीत का मुद्दा भी दोनों एनएसए के बीच बातचीत में आया। रूस में भारतीय दूतावास ने डोभाल और शोइगु के बीच बातचीत पर कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और आपसी हितों के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।'' जेलेंस्की के साथ अपनी बातचीत में मोदी ने कहा था कि यूक्रेन और रूस दोनों को युद्ध को समाप्त करने के लिए बिना समय बर्बाद किए एक साथ बैठना चाहिए और भारत इस क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए ‘सक्रिय भूमिका' निभाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत संघर्ष की शुरुआत से ही शांति के पक्ष में रहा है और वह संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए व्यक्तिगत रूप से भी योगदान देना चाहेंगे। मोदी की यूक्रेन की लगभग नौ घंटे की यात्रा, 1991 में उस देश की स्वतंत्रता के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। यह मॉस्को में पुतिन के साथ उनकी शिखर वार्ता के छह सप्ताह बाद हुई। पिछले कुछ दिन में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में भारत की संभावित भूमिका को लेकर मांग उठी है क्योंकि नई दिल्ली के दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। शनिवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने जेलेंस्की के साथ अपनी बातचीत के बाद कहा कि भारत और चीन इस लंबे होते संघर्ष का समाधान खोजने में भूमिका निभा सकते हैं। पिछले बृहस्पतिवार को रूसी शहर व्लादिवोस्तोक में पूर्वी आर्थिक मंच में एक परिचर्चा में पुतिन ने भारत, ब्राजील और चीन का नाम उन संभावित मध्यस्थों के रूप में लिया, जो संघर्ष को हल करने में भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले तो ये चीन, ब्राजील और भारत हैं। मैं अपने सहयोगियों के संपर्क में हूं और मुझे कोई संदेह नहीं है कि हमारे बीच एक दूसरे के साथ विश्वास और भरोसे के जो संबंध हैं, उसे देखते हुए इन देशों के नेता वास्तव में रुचि लेंगे और मदद के लिए हाथ बढ़ाएंगे।'' भारत यह कहता रहा है कि यूक्रेन में संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। -
नयी दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले महीने कजान में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक का प्रस्ताव रखा है।गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात के दौरान पुतिन ने यह प्रस्ताव रखा। यह मुलाकात सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के सम्मेलन के दौरान हुई। पुतिन-डोभाल की बैठक मोदी द्वारा यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ वार्ता के लगभग तीन सप्ताह बाद हुई। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 22-24 अक्टूबर को रूस के शहर कजान में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग ले सकते हैं। पुतिन-डोभाल की मुलाकात को लेकर रूस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रूसी राष्ट्रपति ने भारतीय नेता की मॉस्को यात्रा के दौरान हुए समझौतों के क्रियान्वयन पर ‘‘संयुक्त कार्यों के परिणामों का सारांश'' प्रस्तुत करने तथा निकट भविष्य की संभावनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर 22 अक्टूबर को मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। मोदी ने जुलाई में रूस का दौरा किया था।रूसी मीडिया ने डोभाल के साथ बैठक में पुतिन के बयानों के हवाले से कहा, ‘‘हम अपने अच्छे दोस्त मोदी का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें शुभकामनाएं।'' एनएसए ने बुधवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगु के साथ व्यापक बातचीत की और ‘परस्पर हितों' के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। समझा जाता है कि 23 अगस्त को कीव में मोदी की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ हुई बातचीत का मुद्दा भी दोनों एनएसए के बीच बातचीत में आया। रूस में भारतीय दूतावास ने डोभाल और शोइगु के बीच बातचीत पर कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और आपसी हितों के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।'' जेलेंस्की के साथ अपनी बातचीत में मोदी ने कहा था कि यूक्रेन और रूस दोनों को युद्ध को समाप्त करने के लिए बिना समय बर्बाद किए एक साथ बैठना चाहिए और भारत इस क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए ‘सक्रिय भूमिका' निभाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत संघर्ष की शुरुआत से ही शांति के पक्ष में रहा है और वह संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए व्यक्तिगत रूप से भी योगदान देना चाहेंगे। मोदी की यूक्रेन की लगभग नौ घंटे की यात्रा, 1991 में उस देश की स्वतंत्रता के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। यह मॉस्को में पुतिन के साथ उनकी शिखर वार्ता के छह सप्ताह बाद हुई। पिछले कुछ दिन में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में भारत की संभावित भूमिका को लेकर मांग उठी है क्योंकि नई दिल्ली के दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। शनिवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने जेलेंस्की के साथ अपनी बातचीत के बाद कहा कि भारत और चीन इस लंबे होते संघर्ष का समाधान खोजने में भूमिका निभा सकते हैं। पिछले गुरुवार को रूसी शहर व्लादिवोस्तोक में पूर्वी आर्थिक मंच में एक परिचर्चा में पुतिन ने भारत, ब्राजील और चीन का नाम उन संभावित मध्यस्थों के रूप में लिया, जो संघर्ष को हल करने में भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले तो ये चीन, ब्राजील और भारत हैं। मैं अपने सहयोगियों के संपर्क में हूं और मुझे कोई संदेह नहीं है कि हमारे बीच एक दूसरे के साथ विश्वास और भरोसे के जो संबंध हैं, उसे देखते हुए इन देशों के नेता वास्तव में रुचि लेंगे और मदद के लिए हाथ बढ़ाएंगे।'' भारत यह कहता रहा है कि यूक्रेन में संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।
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फरीदाबाद (हरियाणा)। जिले के वजीरपुर रोड पर एक ऑटोरिक्शा में 30 वर्षीय एक युवक की लाश मिली है, जिसके गले पर चोट के निशान हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर मृतक युवक की पत्नी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की और उसकी हालत भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि राहगीरों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान नागरिक अस्पताल भिजवा दिया। उसने बताया कि मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के हाथरस निवासी दिनेश के तौर पर की गई है। खेड़ी पुल थाना के प्रभारी जय कारण ने गुरुवार को बताया कि गत बुधवार रात नियंत्रण कक्ष को एक व्यक्ति ने सूचित किया कि उनका बेटा ऑटो लेकर अक्सर 11 बजे तक घर पहुंच जाता है लेकिन वह अभी तक घर नहीं लौटा है। उन्होंने बताया कि शव मिलने के बाद बेटे की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले व्यक्ति को बुलाया गया और मौके पर पहुंचे व्यक्ति ने अपना नाम राजपाल बताया और शव की पहचान बेटे दिनेश के तौर पर की। मृतक दिनेश के दोस्त अजय और राहुल ने बताया कि वह दोनों बीती रात साथ थे। उन्होंने कहा कि दिनेश ओला के तहत अपना ऑटो चलाता था और हो सकता है किसी ने उसका ऑटो कहीं ले जाने के लिए बुक किया हो और लूट की नीयत से उसकी हत्या कर दी हो। उन्होंने बताया कि दिनेश का मोबाइल ऑटोरिक्शा की चाबी और उसके पैसे गायब हैं।
पुलिस ने बताया कि मृतक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का रहने वाला था और गत 15 वर्षों से ग्रेटर फरीदाबाद के खेती भुपानी रोड स्थित चांदी वाला बाग में अपने माता-पिता के साथ रहता था। पुलिस ने बताया कि वह पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। - जयपुर। राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक कार टायर फट जाने के कारण पलट गई। इस हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि तारानगर- राजगढ़ मार्ग पर टायर फट जाने से कार पलट गई जिससे उसमें सवार सत्यवान (62), नवीन (50), प्रियांश (ढाई वर्ष) की मौत हो गई जबकि दो महिलाओं समेत पांच अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि घायलों को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उसने बताया कि कार में सवार आठ लोग हरियाणा से जोताराम मंदिर जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि वह पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली,। मिलावट रोकने के लिए खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों से त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और डेयरी उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने और इस तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। एक पत्र में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उल्लेख किया है कि त्योहारों के मौसम में मिठाइयों, नमकीन, दूध और दुग्ध उत्पादों जैसे घी, खोया और पनीर की मांग बढ़ जाती है। नियामक ने कहा, ‘‘...जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए ऐसे उत्पादों में मिलावट करने की आशंका भी बढ़ जाती है।'' ऐसी स्थिति में, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों या नामित अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से ऐसी गतिविधियों की संभावना वाले प्रमुख स्थानों पर विशेष निगरानी रखना, ऐसे उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मिलावट पर रोक लगाने के लिहाज से एक प्रभावी उपाय हो सकता है। एफएसएसएआई ने पत्र में कहा, ‘‘इसके अनुसार, यह अनुरोध किया जाता है कि आपके संबंधित अधिकार क्षेत्र में चल रहे त्योहारी मौसम के दौरान मिठाई, नमकीन, दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे घी, खोया, पनीर आदि के निर्माण और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए।''
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई वरिष्ठ नेताओं ने बृहस्पतिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव और राज्यसभा के पूर्व सदस्य सीताराम येचुरी के निधन पर शोक जताया और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया। येचुरी का बृहस्पतिवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। वह 72 वर्ष के थे। उनकी हालत पिछले कुछ दिन से गंभीर बनी हुई थी और उन्हें कृत्रिम श्वसन प्रणाली पर रखा गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘माकपा महासचिव और पूर्व राज्यसभा सदस्य सीताराम येचुरी के निधन से दुखी हूं। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने एक सुलझे हुए सांसद के रूप में पहचान बनाई। वह अपने ज्ञान और अभिव्यक्ति के लिए भी जाने जाते थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘वह मेरे दोस्त भी थे, जिनके साथ मुझे कई बार संवाद का मौका मिला। मैं उनके साथ अपनी बातचीत को हमेशा याद रखूंगा। उनके शोक संतप्त परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना।'' गडकरी ने कहा, ‘‘सीताराम येचुरी के निधन से गहरा दुख हुआ। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना।'' केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी के दुखद निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने संसद में उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनके परिवार, सहयोगियों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने येचुरी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनका माकपा महासचिव के साथ एक लंबा जुड़ाव था। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम कई दशक पहले इंडिया गेट के लॉन में क्रिकेट खेलते थे जब हम किशोरावस्था में थे। बौद्धिक क्षमता रखने वाले येचुरी ने अपना जीवन एक विचारधारा के लिए समर्पित कर दिया, जिसमें वह दृढ़ता से विश्वास करते थे। उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना।
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मुंबई. बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा के सौतेले पिता अनिल मेहता की प्रारंभिक ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट' में कहा गया है कि उनके सिर पर चोटें आई थीं। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मलाइका अरोड़ा की मां जॉयस का बयान दर्ज किया गया है।
मेहता (62) ने बुधवार सुबह कथित रूप से पॉश बांद्रा इलाके में स्थित ‘आयशा मैनोर' इमारत की छठी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। वह अपनी पत्नी के साथ यहां रहते थे। शव का पोस्टमार्टम उसी शाम एक सरकारी अस्पताल में कराया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर, पैरों और हाथों पर कई चोटें आने के कारण उनकी मौत हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस उनके परिजनों और उन गवाहों के बयान दर्ज कर रही है, जिन्होंने मेहता को इमारत परिसर में खून से लथपथ पाया था। एक अधिकारी ने बताया कि घटना के समय उनकी पत्नी और मलाइका की मां जॉयस फ्लैट में ही थीं।
अधिकारी ने कहा कि जॉयस ने बयान में पुलिस को बताया कि वह कमरे में अनिल की चप्पलें देखकर उसे तलाशने लगीं, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने इमारत के चौकीदार को मदद के लिए शोर मचाते सुना और बालकनी से नीचे देखा। मेहता इमारत के परिसर में खून से लथपथ मिले।
अधिकारी ने कहा कि पुलिस एक या दो दिन में चौकीदार और प्रत्यक्षदर्शियों के अलावा मलाइका और उनकी बहन अमृता अरोड़ा के बयान भी दर्ज करेगी। -
नई दिल्ली ।आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने 169 शहरों में पीपीपी मॉडल पर 10,000 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के लिए पीएम-ई-बस सेवा योजना की स्थिति का जायजा लिया। यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि परियोजना के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए, मंत्री ने किसी भी चुनौती का निवारण करने और शहरी परिवहन और स्थिरता के लिए वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया।छत्तीसगढ़ को पीएम-ई-बस सेवा योजना की पहली किस्त में 30.19 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो चार शहरों: रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में ई -परिवहन को बढ़ावा देगा।
छत्तीसगढ़ के लिए, ई-बसों की खरीद के लिए स्वीकृत किए गए सभी बुनियादी ढाँचे के प्रस्ताव, जिसमें चार्जिंग के लिए सिविल डिपो अवसंरचना और बिजली अवसंरचना का विकास शामिल है। मंत्री ने कहा, "यह महत्वाकांक्षी परियोजना छत्तीसगढ़ की अधिक उपयोगी और कुशल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" इस योजना के तहत, चारों शहरों के लिए 240 ई-बसों को मंजूरी दी गई है। मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह पहल न केवल सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता को बढ़ाएगी बल्कि शहरों में पर्यावरणीय स्थिरता लक्ष्यों में भी योगदान देगी। उन्होंने पहल के व्यापक प्रभाव पर जोर देते हुए कहा, "यह एक बहुत अच्छी पहल है जो 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन तक पहुंचने के हमारे प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है। व्यक्तिगत और सार्वजनिक परिवहन दोनों से जुड़े कार्बन को कम करके, हम अपने राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।"पीएम-ई-बस सेवा योजना" 16 अगस्त 2023 को भारत सरकार द्वारा 169 शहरों में पीपीपी मॉडल पर 10,000 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती करके बस संचालन को बढ़ाने और हरित शहरी प्रगतिशीलता पहल के तहत 181 शहरों में बुनियादी ढांचे को उन्नत करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य लक्ष्य डिपो के बुनियादी ढांचे के विकास और उन्नयन के साथ-साथ मीटर के पीछे बिजली के बुनियादी ढांचे के निर्माण करना है, जैसे कि ई-बसों के लिए सबस्टेशन। इस योजना में बस प्राथमिकता, बुनियादी ढांचे, मल्टीमॉडल इंटरचेंज, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और एनसीएमसी-आधारित स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली जैसी हरित पहलों की भी परिकल्पना की गई है। - नई दिल्ली।कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण भारत ने आज ओडिशा तट पर स्थित मिसाइल परीक्षण केन्द्र से वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल- (वी एल-एस आर एस ए एम) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। देश में निर्मित कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली इस मिसाइल का आज दोपहर ओडिशा के तट से दूर बालासोर जिले के चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज से परीक्षण किया गया। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन- डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने संयुक्त रूप से परीक्षण किया। परीक्षण सभी आवश्यक प्रदर्शन मानकों पर खरा उतरा। वी एल-एस आर एस ए एम युद्धपोत पर लगाए जाने वाली हथियार प्रणाली है और समुद्री लक्ष्यों सहित नजदीकी सीमा पर विभिन्न हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
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नई दिल्ली। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय-एमएसडीई के तहत राष्ट्रीय अनुदेशात्मक मीडिया संस्थान-एनआईएमआई ने आज यूट्यूब चैनलों की एक श्रृंखला शुरू की। इस डिजिटल पहल का प्राथमिक उद्देश्य भारत के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान-आईटीआई के लाखों शिक्षार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण वीडियो प्रदान करना है। नए चैनल में अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, बंगाली, मराठी, पंजाबी, मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ में कौशल प्रशिक्षण से संबंधित सामग्री उपलब्ध होगें। इस पहल का उद्देश्य निःशुल्क और सरल डिजिटल माध्यमों से शिक्षार्थियों को उनके तकनीकी कौशल को बेहतर बनाना है। प्रत्येक चैनल आज के व्यावसायिक प्रशिक्षण परिदृश्य में प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के लिए उद्योग विशेषज्ञों द्वारा ट्यूटोरियल, कौशल प्रदर्शन और सैद्धांतिक पाठ पेश करता है। एनआईएमआई की यह पहल, भारत के राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन और नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय नागर विमानन क्षेत्र की वृद्धि संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ के साथ हवाई यात्रा अब समावेशी हो गई है।प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में नागर विमानन पर दूसरे एशिया-प्रशांत मंत्री-स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आर्थिक वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाता है और इसमें तमाम नौकरियां पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि आसमान सभी के लिए खुला रहे और लोगों का उड़ान भरने का सपना पूरा हो सके।
मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए लाई गई ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत 1.4 करोड़ लोग हवाई यात्रा कर चुके हैं। इसने निम्न मध्यम वर्ग के लोगों का भी उड़ान भरने का सपना पूरा किया है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश का बढ़ता मध्यम वर्ग और उनसे पैदा हो रही मांग नागर विमानन क्षेत्र के लिए प्रेरक शक्ति है और उड़ान योजना ने हवाई यात्रा को समावेशी बना दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार देश को उन्नत हवाई परिवहन के लिए तैयार कर रही है और जल्द ही हवाई टैक्सी एक हकीकत बन जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में एक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट बनाने का सुझाव दिया। बुधवार को शुरू हुए इस सम्मेलन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के परिवहन और विमानन मंत्री, नियामकीय निकाय और उद्योग विशेषज्ञ एकत्र हुए हैं। सम्मेलन में 29 देशों के लगभग 300 प्रतिनिधि शामिल हुए। -
नई दिल्ली। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दिग्गज नेता सीताराम येचुरी का आज यानी 12 सितंबर को निधन हो गया। वे लंबे समय से चल रही बीमारी के कारण एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) में भर्ती थे।
माकपा (CPI(M)) के जनरल सेट्रेटरी का निधन 72 वर्ष की उम्र में हुआ। येचुरी पिछले कुछ दिनों से गंभीर हालत में थे और वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीताराम येचुरी का निधन 3 बजकर 5 मिनट पर हुआ।CPI(M) ने मंगलवार को एक बयान में कहा था कि 72 साल के नेता सीताराम येचुरी को सीने में संक्रमण और उससे सांस लेने की बीमारी है। जिसके चलते वे दिल्ली के AIIMS में ICU में सीने में संक्रमण और उससे सांस लेने की बीमारी का इलाज किया जा रहा था। येचुरी 19 अगस्त को हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। -
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में 2022 में हर दिन सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम चार लोग मारे गए और ये दुर्घटनाएं ज्यादातर रात नौ बजे से देर रात दो बजे के बीच हुईं। यह संख्या 2021 में सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों की संख्या से अधिक है।
परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों में से 50 प्रतिशत पैदल यात्री थे जबकि 45 प्रतिशत दोपहिया या तिपहिया चालक और यात्री थे।दिल्ली सरकार ने हाल में ‘2022 दिल्ली सड़क दुर्घटना मृत्यु रिपोर्ट’ को जारी किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में घातक दुर्घटनाओं में 1,571 व्यक्तियों की मौत हुई अर्थात हर दिन कम से चार लोगों की मौत हुई जबकि इन सड़क हादसों को रोका जा सकता था। यह चिंता की बात है कि ये आंकड़े 2021 से 28 प्रतिशत अधिक हैं।’’ रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना में मारे गए कुल 97 प्रतिशत लोग पैदल यात्री, मोटरसाइकिल चालक, साइकिल चालक और ऑटो रिक्शा चालक (मोटर चालित एवं इलेक्ट्रिक दोनों) थे जो कि राष्ट्रीय औसत 70.8 प्रतिशत से अधिक है।सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों में 89 प्रतिशत पुरुष और 11 प्रतिशत महिलाएं थीं, जबकि 30 से 39 वर्ष की आयु के लोगों की संख्या अधिक थी। रिपोर्ट में दुर्घटनाओं के समय का भी विश्लेषण किया गया और निष्कर्ष निकाला गया कि सप्ताह में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं ज्यादातर रात नौ बजे से देर रात दो बजे के बीच होती हैं, जिनमें लोगों के मरने की संख्या अधिक होती है।रिपोर्ट के अनुसार, यह वो समय भी है जब बहुत सारे ‘हिट-एंड-रन’ के मामले होते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार, रविवार और सोमवार को हुई दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा अधिक था। - मुंबई. अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने बुधवार को कहा कि अमेरिका भारत के साथ रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने और ‘हमेशा के लिए सबसे अच्छा दोस्त' बनाने को इच्छुक है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन होने से दोनों देशों के बीच संबंधों में कोई बदलाव नहीं आएगा। चीन का नाम लिए बिना, गार्सेटी ने कहा कि अगर भारत को ‘क्षेत्र के प्रतिस्पर्धी' देशों से मुकाबला करना है, तो उसे एक देश पर निर्भरता को कम करनी होगी। उन्होंने कहा कि एक देश पर अधिक निर्भरता न केवल सुरक्षा के लिहाज से बल्कि आर्थिक नजरिये से भी जोखिम भरा है। यहां मिल्केन इंस्टिट्यूट के कार्यक्रम में राजदूत ने अमेरिकी उद्योगपतियों से अपने लाभ के लिए देश में और अधिक निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम अमेरिका और भारत के बीच बीएफएफ (हमेशा के लिए सबसे अच्छे दोस्त) संबंध बनाना चाहते हैं।'' अमेरिकी राजदूत ने यह भी कहा कि निकट भविष्य में दोनों देशों के बीच संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका में इस साल चुनाव होने हैं। हमारे पास एक नया राष्ट्रपति होगा, लेकिन एक चीज नहीं बदलेगी। वह है, भारत के साथ अमेरिका का रिश्ता और दोस्ती।'' गार्सेटी ने हालांकि भारत के लिए कुछ सलाह भी दी।उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत को अपनी पूर्ण विकास क्षमता तक पहुंचने और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के साथ मुकाबला करने के लिए कई चीजें करने की जरूरत है।'' राजदूत ने कहा, ‘‘अगर हम किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भर हैं, तो हमें सुरक्षा जोखिम के साथ आर्थिक जोखिम का भी सामना करना पड़ सकता है।'
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 70 वर्ष और इससे अधिक आयु के सभी आय वर्गों के लोगों के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य कवरेज को बुधवार को मंजूरी दे दी जिससे करीब छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। इस कदम से 4.5 करोड़ परिवारों के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख रुपये का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। सरकार ने कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को एक नया अलग कार्ड जारी किया जाएगा।आधिकारिक बयान में कहा गया, एबी पीएम-जेएवाई' के दायरे में पहले से ही आने वाले परिवारों के 70 वर्ष और इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का अतिरिक्त ‘टॉप-अप कवर' मिलेगा (जिसे उन्हें परिवार के उन अन्य सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होगा जो 70 वर्ष से कम आयु के हैं)।'' बयान में कहा गया, ‘‘70 वर्ष और इससे अधिक आयु के अन्य सभी वरिष्ठ नागरिकों को परिवार के आधार पर प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का कवर मिलेगा।'' मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी या कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत आते हैं, वे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। बयान में कहा गया कि जो लोग पहले से ही केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस), भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) और आयुष्मान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) जैसी अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, वे या तो अपनी मौजूदा योजना को चुन सकते हैं या एबी पीएम-जेएवाई का विकल्प चुन सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘हम हर भारतीय के लिए सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। इस संदर्भ में, कैबिनेट ने 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के दायरे का और विस्तार करने का आज निर्णय लिया। यह योजना छह करोड़ नागरिकों की गरिमा, उनकी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।'' सरकार के अनुसार, ‘एबी पीएम-जेएवाई' सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन योजना है। इसके तहत देश के 12.34 करोड़ परिवारों के 55 करोड़ व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। पात्र परिवारों के सभी सदस्यों को योजना में शामिल किया गया है, भले ही वे किसी भी आयु वर्ग के हों। बयान के अनुसार, इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती 7.37 करोड़ मरीजों को कवर किया गया है, जिनमें 49 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। इसमें कहा गया है कि इस योजना के तहत आम जनता को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ हुआ है। इसमें कहा गया कि ‘एबी पीएम-जेएवाई' योजना में लाभार्थी आधार का निरंतर विस्तार हुआ है। शुरुआत में इस योजना के तहत 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को कवर किया गया था। जनवरी 2022 में, केंद्र सरकार ने 2011 की जनसंख्या की तुलना में भारत की दशकीय जनसंख्या में 11.7 प्रतिशत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए लाभार्थी आधार को 10.74 करोड़ से संशोधित कर 12 करोड़ परिवार कर दिया। इस योजना का विस्तार कर देश भर में कार्यरत 37 लाख आशा/आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ताओं/आंगनवाड़ी सहायकों तथा उनके परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य देखभाल लाभ प्रदान किया गया। बयान में कहा गया, ‘‘मिशन को आगे बढ़ाते हुए, एबी पीएम-जेएवाई अब देश भर में 70 वर्ष और इससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को पांच लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य कवर प्रदान करेगी।
- नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के इरादे से पटरियों और आसपास के क्षेत्र पर नजर रखने के लिए ट्रेन में कई कैमरे लगाए जाएंगे। वैष्णव का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कई ऐसी दुर्घटनाएं घटी हैं, जिनमें प्राधिकारियों को संदेह है कि ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की गई। वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि ट्रेन के इंजन और गार्ड कोच के अगले-पिछले हिस्सों और दोनों किनारों पर कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि डिब्बों में और इंजन के अगले हिस्से में जानवरों से बचाव के लिए लगे ‘कैटल गार्ड' पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। रेल मंत्री ने कहा कि कैमरे लगाने के लिए तीन महीने के भीतर संविदा जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि कैमरे सभी ट्रेन में लगाए जाएंगे। वैष्णव ने कहा कि एक साझा डेटा सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जहां इन सभी कैमरों में रिकॉर्ड होने वाले वीडियो फुटेज सहेजे जाएंगे। ट्रेन को बेपटरी करने की कथित हालिया कोशिशों को “बेहद गंभीर” करार देते हुए वैष्णव ने कहा कि रेलवे प्रशासन विभिन्न राज्यों के पुलिस प्रमुखों से संपर्क कर उनसे पटरियों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ाने का आग्रह कर रहा है। बाद में सूत्रों ने कहा, “ट्रेन को पटरी से उतारने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए खुफिया नेटवर्क और जन जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
- नयी दिल्ली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इलेक्ट्रिक बस, एम्बुलेंस और ट्रक जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 14,335 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी। इनमें से पहली योजना 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली पीएम ई-ड्राइव योजना है जबकि दूसरी 3,435 करोड़ रुपये के बजट वाली पीएम-ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (पीएसएम) योजना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम ई-ड्राइव योजना प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक बड़ा फैसला है। दो साल की अवधि वाली ‘पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट' (पीएम ई-ड्राइव) योजना मार्च, 2024 तक लागू रहे ‘फेम' कार्यक्रम की जगह लेगी। फेम कार्यक्रम को हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों के त्वरित क्रियान्वयन एवं विनिर्माण के लिए अप्रैल, 2015 में शुरू किया गया था। पीएम ई-ड्राइव योजना 24.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों, 3.16 लाख ई-तिपहिया वाहनों और 14,028 ई-बसों का समर्थन करेगी। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 88,500 चार्जिंग स्टेशनों को भी समर्थन मुहैया कराया जाएगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के लंबी दूरी तय करने से जुड़ी चिंताएं दूर करने में मदद मिलेगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारी उद्योग मंत्रालय इस योजना के तहत मांग प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए ई-वाउचर पेश करेगा। ईवी की खरीद के समय इस योजना के पोर्टल से खरीदार आधार-प्रमाणित ई-वाउचर हासिल कर सकेगा। नई योजना में इलेक्ट्रिक दोपहिया, इलेक्ट्रिक तिपहिया, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक और अन्य उभरते इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने के लिए 3,679 करोड़ रुपये की सब्सिडी/मांग प्रोत्साहन की पेशकश की गई है। इस योजना के तहत राज्य परिवहन उपक्रमों और सार्वजनिक परिवहन एजेंसियों की तरफ से 14,028 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 4,391 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा के क्षेत्र में सक्रिय सीईएसएल 40 लाख से अधिक आबादी वाले नौ शहरों में परिवहन मांग का आंकड़ा तैयार करेगी। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद शामिल हैं। राज्यों के परामर्श से अंतर-शहरी और अंतरराज्यीय ई-बसों को समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा ई-एम्बुलेंस की तैनाती के लिए 500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह मरीजों के आरामदायक परिवहन के लिए ई-एम्बुलेंस का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए सरकार की एक नई पहल है। वैष्णव ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने के लिए भी पीएम ई-ड्राइव योजना में 500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। इस योजना में इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहनों के लिए 22,100 फास्ट चार्जर, ई-बसों के लिए 1,800 फास्ट चार्जर और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए 48,400 फास्ट चार्जर लगाने का प्रस्ताव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए परिव्यय 2,000 करोड़ रुपये होगा। वैष्णव ने कहा, ‘‘यह पूरा कार्यक्रम सतत विकास और यह सुनिश्चित करने में बड़ा मददगार होगा कि हमारा देश इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल की दिशा में तेजी से आगे बढ़े।'' उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (पीटीए) द्वारा ई-बसों की खरीद और संचालन के लिए पीएम-ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (पीएसएम) योजना के तहत 38,000 ई-बसों को लाने के लिए 3,435 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना वित्त वर्ष 2024-25 से वित्त वर्ष 2028-29 तक 38,000 से अधिक ई-बसों की तैनाती का समर्थन करेगी। यह योजना तैनाती की तारीख से 12 साल तक की अवधि के लिए ई-बसों के संचालन का समर्थन करेगी। बयान के मुताबिक, पीएसएम योजना एक समर्पित कोष के जरिये वाहन विनिर्माताओं/ ऑपरेटरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी। पीटीए द्वारा भुगतान में चूक की स्थिति में, कार्यान्वयन एजेंसी सीईएसएल योजना निधि से आवश्यक भुगतान करेगी, जिसे बाद में पीटीए/राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा वसूल किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने दो चरणों में फेम योजना को लागू किया था। फेम-1 और फेम-2 के तहत लगभग 16 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को वित्तीय समर्थन दिया गया।
- जयपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले आगामी कुछ दिनों के लिए राजस्थान के प्रवास पर रहेंगे। आरएसएस की ओर से जारी एक बयान के अनुसार इस दौरान वे विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में सम्मिलित होंगे और कार्यकर्ताओं का प्रबोधन करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने एक बयान में बताया कि डॉ. भागवत राजस्थान क्षेत्र के प्रवास के पहले चरण में जयपुर प्रांत के अलवर में 14 से 17 सितंबर तक रहेंगे। क्षेत्र प्रवास के दूसरे चरण में डॉ. भागवत तीन से छह अक्टूबर तक चित्तौड़ प्रांत में रहेंगे। इसी प्रकार, आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले 25 से 29 सितंबर तक जोधपुर प्रांत में प्रवास पर रहेंगे। इन प्रवासों में वह कार्यकर्ताओं का प्रबोधन करेंगे तथा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि यह प्रवास आरएसएस के शताब्दी वर्ष में उसके कार्यों के विस्तार एवं समाज परिवर्तन के कार्यों को गति प्रदान करने की दृष्टि से हो रहे हैं।
- नयी दिल्ली. इंडिया हैबिटेट सेंटर (आईएचसी) की अध्यक्ष भास्वती मुखर्जी, कई सेवानिवृत्त नौकरशाह, पूर्व राजनयिक और सैन्य अधिकारी बुधवार को भाजपा के सदस्यता अभियान के तहत पार्टी में शामिल हो गए। इस संबंध में एक बयान में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में 19 प्रमुख हस्तियां भाजपा में शामिल हुईं। इनमें आईएचसी की अध्यक्ष और पूर्व राजदूत भास्वती मुखर्जी भी शामिल हैं। बयान में कहा गया कि पार्टी का दामन थामने वाले अन्य लोगों में झारखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) निर्मल, सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी - सरोज बाला, गुंजन मिश्रा, आर.के. बजाज, विजय सिंघल, दिनेश चंद्र अग्रवाल और अश्विनी गर्ग, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) पी.सी. खरबंदा, एस.वी.पी. सिंह, जी.एस. कोहली और एस. गोपाल चटर्जी शामिल हैं।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार हर भारतीय के लिए किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका यह बयान केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 70 वर्ष और इससे अधिक आयु के सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य कवरेज को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम हर भारतीय के लिए सुलभ, किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संदर्भ में, मंत्रिमंडल ने आज 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे का और विस्तार करने का निर्णय लिया है।'' उन्होंने यह भी कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना, जिसे मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है, हरित गतिशीलता को बढ़ावा देगी और हमें एक टिकाऊ भविष्य बनाने में मदद करेगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम-ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (पीएसएम) योजना से इस क्षेत्र में अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थिरता को प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्रिमंडल ने बुधवार को इलेक्ट्रिक बस, एम्बुलेंस और ट्रक जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 14,335 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी। इनमें से पहली योजना 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली पीएम ई-ड्राइव योजना है जबकि दूसरी 3,435 करोड़ रुपये के बजट वाली पीएम-ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (पीएसएम) योजना है।
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पूर्वी गोदावरी .आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में बुधवार को एक ‘मिनी' ट्रक के पलट जाने से उसमें सवार सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह हादसा पूर्वी गोदावरी जिले के देवरापल्ली मंडल के चिन्नईगुडेम के चिलका पकाला इलाके में हुआ।
पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक नरसिम्हा किशोर ने पत्रकारों को बताया, ‘‘सात लोगों की मौत हो गई, एक व्यक्ति बच गया और उसकी हालत ठीक है। वह बात करने की स्थिति में है।'' काजू से लदा ‘मिनी' ट्रक टी नरसापुरम मंडल के बोर्रामपलेम से निदादावोलु मंडल के ताडीमल्ला जा रहा था, तभी चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और ट्रक पलट गया। पुलिस के मुताबिक, काजू की बोरियों के नीचे फंस जाने के कारण दम घुटने से उन लोगों की मौत हुई।
स्थानीय लोगों और पुलिस ने शवों को बोरियों के नीचे से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए कोव्वुरू अस्पताल ले जाया गया। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने अल्पसंख्यकों के बारे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर बुधवार को विपक्ष के नेता पर निशाना साधा और कहा कि वे (अल्पसंख्यक) भारत में सबसे सुरक्षित हैं। अमेरिका में गांधी की इस टिप्पणी से संबंधित एक सवाल के जवाब में कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कुछ धर्मों, भाषाओं और समुदायों को अन्य की तुलना में कमतर समझता है, रीजीजू ने कहा, ‘‘चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, भारत को बदनाम नहीं किया जा सकता, क्योंकि भारत का संविधान और संस्कृति लोगों के बीच भेदभाव नहीं करती है।'' उन्होंने कहा कि जो लोग भारत विरोधी ताकतों की मदद से भारत को बदनाम करना चाहते हैं, वे सफल नहीं होंगे। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रीजीजू ने कहा कि भारत के पड़ोस में रहने वाले अल्पसंख्यक, यदि वहां उनके साथ कुछ गलत होता है तो वे यहां आते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित हैं।
गांधी ने आरोप लगाया था कि आरएसएस कुछ धर्मों, भाषाओं और समुदायों को अन्य की तुलना में कमतर मानता है। उन्होंने कहा था कि भारत में राजनीति के लिए नहीं बल्कि इसी बात की लड़ाई लड़ी जा रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने सोमवार को वाशिंगटन के वर्जीनिया उपनगर में हर्नडॉन में भारतीय अमेरिकी समुदाय के सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘‘सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि लड़ाई किस बारे में है। लड़ाई राजनीति के बारे में नहीं है।'' रीजीजू ने कहा कि भारतीय संविधान और संसदीय प्रणाली पर आखिरी बार हमला 1975 में आपातकाल के दौरान हुआ था। चीन द्वारा भारतीय भूमि पर कब्जा करने संबंधी गांधी के दावे से संबंधित एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए रीजीजू ने कहा कि विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से कोई भी हमारी जमीन पर कब्जा नहीं कर पाया है... पिछली बार मैंने सदन में विपक्षी दलों के नेताओं से कहा था कि अगर उनके पास समय हो तो वे मेरे साथ (सीमा तक) आएं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने महात्मा गांधी की प्रसिद्ध ट्रेन यात्राओं से जुड़े एक एक डिब्बे का बुधवार को यहां अनावरण किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्र को एकजुट करने के महात्मा गांधी के मिशन में अहम भूमिका निभाने वाली उनकी प्रसिद्ध रेल यात्राओं का यह डिब्बा प्रतीक है। इसकी बहुत सावधानी से मरम्मत की गई है। इसे यहां राजघाट स्थित गांधी दर्शन में स्थापित किया गया है। इस डिब्बे को भूरे रंग से रंगा गया है और इस पर “III” अंकित है जो तृतीय श्रेणी को दर्शाता है। दरअसल, गांधी जी तृतीय श्रेणी में ही सफर करते थे। इसकी सीढ़ियों पर महात्मा गांधी की एक आदमकद मूर्ति स्थापित की गई है, जिसमें उन्हें डिब्बे से उतरते हुए दिखाया गया है। शेखावत ने विशेष डिब्बे का अनावरण करने के बाद पत्रकारों से कहा, “उनकी मृत्यु के 75 वर्ष से अधिक समय बाद भी, गांधीजी द्वारा अपनाए गए दर्शन और सिद्धांत न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए अब भी प्रासंगिक हैं।” संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि यह डिब्बा रेल मंत्रालय ने दान दिया है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन यात्राओं ने गांधीजी के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उन्हें सभी क्षेत्रों के लोगों से जुड़ने, उनके संघर्षों को समझने और सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के अपने दर्शन को विकसित करने, सामूहिक शक्ति की ताकत का एहसास करने और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्र को एकजुट करने की आवश्यकता का एहसास हुआ।” इसने कहा कि इस प्रकार रेलवे एकजुट, समावेशी भारत का ताना-बाना बुनने के उनके मिशन में एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गया।

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