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अयोध्या. अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में स्थापित ‘रामलला' की मूर्ति को बनाने वाले मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने सोमवार को कहा कि वह खुद को पृथ्वी पर सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानते हैं और मानते हैं कि भगवान राम ने उन्हें इस कार्य के लिए चुना। अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पाने वाले योगीराज ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘मैंने हमेशा महसूस किया है कि भगवान राम मुझे और मेरे परिवार को हर बुरे समय से बचाते रहे हैं तथा मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह वही हैं, जिन्होंने मुझे इस शुभ कार्य के लिए चुना।'' पांचवीं पीढ़ी के मूर्तिकार योगीराज आज यहां भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित लोगों में शामिल थे। मूर्तिकार ने कहा, ‘‘मैंने कई रात जागकर मूर्ति पर बारीकी से काम किया क्योंकि ऐसा करना आवश्यक था। मुझे लगता है कि मैं पृथ्वी पर सबसे भाग्यशाली व्यक्ति हूं और आज मेरे जीवन का सबसे अच्छा दिन है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मूर्ति बनाने की कला अपने पिता से सीखी। आज मेरी मूर्ति को यहां देखकर उन्हें बहुत गर्व होता।'' इस ऐतिहासिक घटना को व्यक्तिगत रूप से देखना योगीराज के लिए गर्व का क्षण था, लेकिन मैसूरु में उनके परिवार ने इस समारोह को टीवी पर देखा। उनकी पत्नी विजेता ने पिछले हफ्ते पीटीआई-भाषा से कहा था, ‘‘उन्होंने (योगीराज) कई रात जागकर रामलला की मूर्ति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। ऐसे भी दिन थे जब हम मुश्किल से ही बात कर पाते थे और वह परिवार को मुश्किल से समय देते थे।'' मैसूरु विश्वविद्यालय से एमबीए अरुण योगीराज ने एक निजी कंपनी के मानव संसाधन विभाग में छह महीने तक प्रशिक्षण लिया था। मूर्तिकार ने कहा, ‘‘लेकिन, मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और निजी क्षेत्र की नौकरी छोड़ दी तथा पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मैसूरु लौट आया।'' योगीराज ने पूर्व में आदि शंकराचार्य की 12 फुट ऊंची मूर्ति बनाई थी, जिसे केदारनाथ में स्थापित किया गया है। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी बनाई है, जिसे दिल्ली में इंडिया गेट के पास स्थापित किया गया है।
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संभल/फिरोजाबाद . अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन सोमवार को फिरोजाबाद में एक मुस्लिम परिवार में जन्मे बच्चे का नाम भगवान राम के नाम पर रखा गया। वहीं संभल जिले के चंदौसी में एक अस्पताल के प्रसूति कक्ष में भगवान राम का एक लघु मंदिर बनाया गया है। फिरोजाबाद के महिला अस्पताल में मुस्लिम परिवार के यहां जन्मे एक बच्चे का नाम 'राम रहीम' रखा गया है।
महिला अस्पताल के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर नवीन जैन ने बताया, “ प्रसूता का नाम फरज़ाना है और आज उसने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की दादी हुस्न बानो ने उसका नाम राम रहीम रखा है।” बानो ने कहा कि उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश देने के लिए बच्चे का नाम राम रहीम रखा है।
वहीं प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर संभल जिले के चंदौसी में स्थित एक निजी नर्सिंग होम के प्रसूति कक्ष में एक लघु राम मंदिर बनाया गया है। सोमवार को गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले भगवान राम के दर्शन कराए गये। नर्सिंग होम की डॉक्टर वंदना सक्सेना ने बताया, “ आज अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर उन्होंने अपने नर्सिंग होम के प्रसूति कक्ष, नवजात शिशु कक्ष को भगवा रंग से सजाया है। साथ ही नवजात कक्ष में एक लघु भगवान श्री राम का मंदिर भी बनाया गया है।” उन्होंने बताया कि हिन्दू गर्भवती महिलाओं को प्रसूति से पहले श्री राम की पूजा-अर्चना कराई जा रही है तथा उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ भी कराया जा रहा है। डॉक्टर वंदना ने बताया, “अस्पताल में सोमवार को कुल छह बच्चों का जन्म हुआ जिनमें तीन लड़के हैं। उनके नाम भगवान राम के नाम पर रखे गए हैं। साथ ही कन्याओं के नाम जानकी और सीता रखे गए हैं।” एक नवजात शिशु के पिता मान सिंह ने बताया, “ आज बड़ी खुशी का दिन है। उनके घर तो बेटे के रूप में भगवान राम आए हैं। इसीलिए उन्होंने अपने बेटे का नाम राम रखा है ।” इस बीच, कानपुर से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नगर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में सोमवार को जन्मे 25 बच्चों में से कई के नाम भगवान राम के नाम पर रखे गए। मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की कार्यवाहक प्रभारी सीमा द्विवेदी ने कहा कि सोमवार को जन्मे 25 शिशुओं में से 10 लड़कियां हैं जबकि बाकी 15 लड़के हैं और सभी स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि भारती मिश्रा नामक महिला ने एक बेटे को जन्म दिया है और उन्होंने यह विश्वास करते हुए कि अपने बच्चे का नाम राम रखा है कि नाम का उसके व्यक्तित्व पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। द्विवेदी ने बताया कि कई अन्य माताओं ने अपने बच्चों का नाम भगवान राम के पर्यायवाची जैसे राघव, राघवेंद्र, रघु और रामेंद्र रखे हैं। उन्होंने बताया कि कई गर्भवती माताओं ने उनसे 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक समारोह के अवसर पर प्रसव कराने का अनुरोध किया था। भदोही से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, जिला अस्पताल में सोमवार को 33 बच्चों ने जन्म लिया।
भदोही के मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष कुमार चक ने बताया कि इनमें से कई माओं ने अस्पताल प्रशासन से इच्छा जाहिर की थी कि वे 22 जनवरी को ही प्रसव की तारीख दें, ताकि वे खुद को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से जोड़ सकें और अपने बच्चों का नाम राम या सीता के नाम पर रख सकें।
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प्रयागराज. अयोध्या में भगवान राम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के साथ संगम नगरी प्रयागराज सोमवार को राम रंग से सराबोर हो गई। सुबह से कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर वासियों के उत्साह और उल्लास में कोई कमी नहीं आई। ‘सनातन एकता मिशन' के अध्यक्ष अशोक पाठक ने कहा, “ भगवान राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने से पूरे प्रयागराज में हर्ष एवं उल्लास का माहौल है। जगह जगह पटाखे फोड़े जा रहे हैं, मिठाइयां बंट रही हैं और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।” सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन में हस्त निर्मित राम मंदिर मॉडल का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के आयोजक लालू मित्तल ने बताया कि हनुमान मंदिर में सुंदरकांड के आयोजन के साथ ही दीपदान और भंडारे का आयोजन किया गया। साथ ही प्राण प्रतिष्ठा के सीधे प्रसारण को राम भक्तों ने देखा। इलाहाबाद की सांसद रीता बहुगुणा जोशी के एक प्रवक्ता ने बताया, “ सांसद महोदया ने मुट्ठीगंज में श्री राम जानकी मंदिर में एलईडी स्क्रीन पर लोगों के साथ प्राण प्रतिष्ठा देखी।” इसी तरह, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने विश्व की सबसे बड़ी 3डी रंगोली विश्व हिंदू परिषद के शिविर में प्रदर्शित की जो 30 फुट चौड़ी और 50 फुट लंबी है। एबीवीपी के प्रदेश मीडिया संयोजक अभिनव मिश्र ने बताया, “ इस रंगोली को बनाने में कुल 321 किलो प्राकृतिक रंग का उपयोग किया गया। यह रंगोली प्रभु राम और अयोध्या के मंदिर पर आधारित है।” मिश्र ने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों में भी विद्यार्थियों ने टीवी पर प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक क्षण देखा और शाम को छात्रावासों को दीपक जलाकर रोशन किया। दारागंज स्थित परकाला स्वामी मठ में विशेष पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
परकाला मठ के जनसंपर्क अधिकारी अनंत सयनम ने बताया कि प्रयागराज के अलावा अयोध्या में भी परकाला मठ में विशेष पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया और प्रसाद वितरण किया गया। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके चौक लोकनाथ चौराहे से झंडेवाला तिराहे तक 3100 दीपों की श्रृंखला बनाई गई और दीप जलाए गए। चौक में मिठाई की दुकानों को छोड़कर लगभग सभी दुकानें बंद रहीं और दुकानदार रामोत्सव में सहभागी बने। चौक स्थित माया शॉपिंग कांप्लेक्स में देवरहाहंस बाबा सिद्धाश्रम की ओर से सुंदरकांड और भंडारे का आयोजन किया गया। पूरे चौक क्षेत्र में जगह जगह हलवा पूड़ी, दमालू और बूंदी प्रसाद के तौर पर बांटे गए। इसके अलावा, लोगों ने आतिशबाजी भी की। आरएसएस के पदाधिकारी डॉक्टर मुरार जी त्रिपाठी ने बताया, “ यमुना नगर में आज हजारों मंदिरों में कीर्तन भजन और भंडारे का आयोजन किया गया। यहां 11 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्राण प्रतिष्ठा का सीधा प्रसारण दिखाया गया जिसे लाखों लोगों ने देखा।” उन्होंने बताया कि यमुनानगर में 3984 स्थानों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें जसरा में 480, शंकरगढ़ में 436, करछना में 542, कौंधियारा में 493, कोरांव में 542, मांडा में 535, मेजा में 502, उरुवा में 410 स्थानों पर ये कार्यक्रम किए गए। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता अश्वनी मिश्रा ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान, विहिप के प्रांत कार्यालय केसर भवन स्थित महर्षि भारद्वाज वेद विद्यालय के आचार्यों और विद्यार्थियों ने मिलकर भगवान राम का अभिषेक किया। पथरचट्टी रामलीला कमेटी द्वारा नगर में भगवान राम और सीता की झांकियां निकाली गईं जिसमें लोग बढ़चढ़कर शामिल हुए। इसी प्रकार नगर में अलग अलग जगहों पर शोभा यात्राएं निकाली गईं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नौ वर्षीय एक पर्वतारोही, एक कृत्रिम मेधा (एआई) वैज्ञानिक, एक दिव्यांग चित्रकार और ‘गूगल ब्वॉय' समेत 19 बच्चों को सोमवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया। मुर्मू ने इन बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए यह पुरस्कार दिया।
इन पुरस्कार विजेताओं में आदित्य विजय ब्रम्हणे (मरणोपरांत), अनुष्का पाठक, अरिजीत बनर्जी, अरमान उबरानी, हेतवी कांतिभाई खिमसुरिया, इश्फाक हामिद, मोहम्मद हुसैन, पेंड्याला लक्ष्मी प्रिया, सुहानी चौहान, आर्यन सिंह, अवनीश तिवारी, गरिमा, ज्योत्सना अख्तर, सैयाम मजूमदार, आदित्य यादव, चार्वी ए, जेसिका नेई सरिंग, लिन्थोई चनंबम और आर सूर्य प्रसाद शामिल हैं। इन बच्चों में, दो आकांक्षी जिलों समेत 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नौ लड़के तथा 10 लड़कियां शामिल हैं। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, 2024 छह श्रेणियों- कला और संस्कृति, वीरता , नवाचार , विज्ञान और प्रौद्योगिकी , सामाजिक सेवा और खेल के क्षेत्र में योगदान के लिए दिए गए। इस पुरस्कार के सम्मानित बच्चों में महाराष्ट्र के आदित्य विजय ब्रम्हणे (12) शामिल हैं, जिन्हें उनके असाधारण साहस के लिए मरणोपरांत पुरस्कृत किया गया। आदित्य ने रिश्ते के अपने भाइयों हर्ष और श्लोक को नदी में डूबने से बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। राजस्थान के 17 वर्षीय आर्यन सिंह ने कृत्रिम मेधा (एआई)-संचालित रोबोट एग्रोबॉट विकसित किया, जिसका उद्देश्य इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को एकीकृत करके किसानों के जीवन को सरल बनाना है। ‘गूगल ब्वॉय' के नाम से प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के अरमान उबरानी को गणित और विज्ञान में उत्कृष्ट कौशल के लिए सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की आठ वर्षीय अनुष्का पाठक को सम्मानित किया गया जिन्होंने 'कथा वाचन' के क्षेत्र में खुद को स्थापित किया है। पारंपरिक पखावज बजाने में माहिर पश्चिम बंगाल के 13 वर्षीय अरिजीत बनर्जी ने सांस्कृतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है। सेरेब्रल पाल्सी (ऐसी विकारों का समूह जो किसी व्यक्ति की चलने-फिरने और शारीरिक संतुलन बनाए रखने की क्षमता को प्रभावित करता है) से पीड़ित गुजरात की 13 वर्षीय हेतवी कांतिभाई खिमसुरिया को उनकी असाधारण चित्रकारी के लिए पुरस्कृत किया गया। वे दिव्यांग बच्चों की सहायता के लिए अपनी मासिक पेंशन दान कर अपना योगदान दे रही हैं। जम्मू-कश्मीर के 12 वर्षीय इश्फाक हामिद रबाब और मटका के उस्ताद हैं और उन्हें 2020 में भाई मर्दाना राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बिहार के 16 वर्षीय मोहम्मद हुसैन ने हस्तशिल्प कला में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं जीती हैं। उन्होंने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने स्वदेशी खिलौने भी भेंट किए। तेलंगाना की 14 वर्षीय पेंड्याला लक्ष्मी प्रिया एक कुचिपुड़ी नृत्यांगना हैं, जिन्होंने शास्त्रीय नृत्य श्रेणी में कला उत्सव राष्ट्रीय पुरस्कार 2023 जीता है और 'लास्याप्रिया' जैसे खिताब अपने नाम किए हैं। दिल्ली की 16 वर्षीय सुहानी चौहान ने सौर ऊर्जा से संचालित कृषि वाहन 'एसओ-एपीटी' विकसित किया है, जो टिकाऊ खेती के लिए एक प्रभावशाली समाधान पेश करता है। मध्य प्रदेश के नौ वर्षीय अवनीश तिवारी ने डाउन सिंड्रोम से जुड़ी बाधाओं के बावजूद सात साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट आधार शिविर की चढ़ाई की और अपनी असाधारण सामाजिक सेवा के लिए 2022 में श्रेष्ठ दिव्यांग बाल पुरस्कार प्राप्त किया। हरियाणा की नौ वर्षीय गरिमा नेत्रहीन होने के बावजूद 'साक्षर पाठशाला' नामक अपनी पहल के माध्यम से वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही हैं। त्रिपुरा की 16 वर्षीय ज्योत्सना अख्तर बाल विवाह के खिलाफ, शिक्षा के अधिकार के लिए और अपने समुदाय की अन्य लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए मुहिम चला रही हैं ।
असम के 15 वर्षीय सैयाम मजूमदार सांपों को बचाने का प्रयास करने वाले भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं और वे आवारा जानवरों की देखभाल भी करते हैं। उत्तर प्रदेश के 12 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्य यादव को दिव्यांग होने के बावजूद उत्कृष्ट खेल उपलब्धियां हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया। अंडर-8 विश्व शतरंज चैंपियन कर्नाटक की नौ वर्षीय चार्वी ए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर कई खिताब हासिल कर चुकी हैं। अरुणाचल प्रदेश की नौ वर्षीय जेसिका नेयी सारिंग एक अत्यधिक कुशल बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और कई पुरस्कार जीत चुकी हैं। मणिपुर की 17 वर्षीय लिन्थोई चनंबम किसी भी आयु वर्ग में जूडो चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय हैं, जिन्होंने साराजेवो में 2022 विश्व जूडो कैडेट्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। आंध्र प्रदेश के नौ वर्षीय आर सूर्य प्रसाद ने पांच साल की उम्र में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने नौ साल की उम्र में किलिमंजारो पर्वत चोटी फतह की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य पांच से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को पहचानना तथा उन्हें पुरस्कृत करना है। -
सूरत. अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के विग्रह पर सुशोभित बहुमूल्य रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट और मंदिर की चांदी की दो प्रतिकृति गुजरात के सूरत में तैयार की गईं। प्रधानमंत्री ने नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में सोमवार को जब विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई तब रामलला के सिर पर वह मुकुट उनकी शोभा बढ़ा रहा था। यह जानकारी पूरे घटनाक्रम से परिचित लोगों ने दी। उन्होंने बताया कि तीन किलोग्राम वजनी मंदिर की रजत प्रतिकृतियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के बाद मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत को उपहार में दिया जिन्हें सूरत के जौहरी ने बनाया है। सूरत स्थित उद्योगपति और ग्रीनलैब डायमंड्स के प्रमुख मुकेश पटेल ने भगवान राम की मूर्ति के लिए 11 करोड़ रुपये का स्वर्ण मुकुट उपहार में दिया, जो कीमती रत्नों से जड़ा हुआ है और इसका वजन छह किलोग्राम है। सूरत के डी खुशालदास ज्वैलर्स के मालिक दीपक चोकसी ने बताया कि तीन किलोग्राम वजनी मंदिर की चांदी की प्रतिकृतियां उनके प्रतिष्ठान ने लगभग चार महीने पहले बनाई गई थीं, जब राम मंदिर में विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख की घोषणा की गई थी। चोकसी ने कहा, ‘‘सूरत सोने, चांदी और हीरे के लिए प्रसिद्ध है, और डी खुशालभाई ज्वैलर्स द्वारा तैयार की गई दो चांदी की मंदिर प्रतिकृतियां प्रधानमंत्री मोदी और भागवत जी को उपहार में दी गई थीं। चार महीने पहले, हम मंदिर के मॉडल के साथ (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) योगीजी से मिले थे। उन्होंने सुझाव दिया था कि हम रामलला को मंदिर मॉडल में स्थापित करेंगे और कुछ अन्य बदलाव करेंगे।'' उन्होंने कहा कि दोनों मॉडल को तैयार करने में कारीगरों को साढ़े तीन महीने लगे और हाथ से उनकी प्रतिकृति बनाई गई। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश नावदिया ने कहा कि रामलला के लिए सोने और कीमती पत्थरों से बना स्वर्ण मुकुट सूरत के ग्रीनलैब डायमंड्स द्वारा बनाया गया और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को उपहार में दिया गया। नवदिया ने बताया कि सूरत की कंपनी के दो कर्मचारियों को रामलला की मूर्ति के सिर का माप लेने और उसके अनुसार मुकुट तैयार करने के लिए पांच जनवरी को एक विमान से अयोध्या भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सोने के मुकुट में साढ़े चार किलोग्राम सोना लगा है और इसमें छोटे और बड़े आकार के हीरे, माणिक, मोती और नीलम सहित अन्य कीमती रत्न जड़े गए हैं।
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अयोध्या. अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित रामलला की मूर्ति के आभूषण अध्यात्म रामायण, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और अलवंदर स्तोत्रम जैसे ग्रंथों के व्यापक शोध और अध्ययन के बाद तैयार किए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट ने यह जानकारी दी। आभूषण अंकुर आनंद के लखनऊ स्थित हरसहायमल श्यामलाल ज्वेलर्स द्वारा तैयार किए गए हैं।
ट्रस्ट के एक सदस्य ने कहा, ‘‘रामलला को बनारसी कपड़े से सजाया गया है, जिसमें एक पीली धोती और एक लाल पटका/अंगवस्त्रम शामिल है। ये अंगवस्त्रम शुद्ध सोने की ‘जरी' और धागों से सजाए गए हैं, जिनमें शुभ वैष्णव प्रतीक - शंख, पद्म, चक्र और मयूर शामिल हैं।'' उन्होंने कहा कि ये परिधान दिल्ली के डिजाइनर मनीष त्रिपाठी द्वारा बनाए गए थे, जिन्होंने इस परियोजना के लिए अयोध्या धाम से काम किया। ट्रस्ट के सदस्य ने कहा, ‘‘इन दिव्य आभूषणों का निर्माण अध्यात्म रामायण, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और अलवंदर स्तोत्रम जैसे ग्रंथों में श्रीराम की शास्त्रोक्त महिमा के वर्णन के एक व्यापक शोध और अध्ययन पर आधारित है। -
नयी दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सोमवार को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को ‘सांस्कृतिक अभ्युदय का सवेरा' करार दिया और विश्वास जताया कि यह गौरवशाली भारत को वैश्विक प्रगति व प्रतिष्ठा की आभा से प्रदीप्त करेगा। नड्डा ने इससे पहले यहां झंडेवालान मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्राण प्रतिष्ठा समारोह का सीधा प्रसारण देखा। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सनातन संस्कृति के धर्मावलंबियों के लिए यह पावन क्षण धन्य करने वाला है। सदियों की प्रतीक्षा, त्याग व बलिदान से प्राप्त हुए इस पुण्य अवसर ने हमारे अंतर्मन में प्रभु (श्री राम) के उच्च आदर्शों को आत्मार्पित कर अपने कर्तव्यों के निर्वहन की प्रेरणा दी है।'' अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प सिद्ध होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘मां भारती के सांस्कृतिक अभ्युदय का यह सवेरा हमारे गौरवशाली राष्ट्र को वैश्विक प्रगति व प्रतिष्ठा की आभा से प्रदीप्त करेगा।'' भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 500 से अधिक वर्षों के अनवरत संघर्ष के बाद आज का यह पावन क्षण भावुक करने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘सियावर रामचन्द्र की जय! अयोध्याधाम में प्रभु श्री रामलला विधि-विधान प्राण प्रतिष्ठित हुए हैं। यह हमारी पीढ़ी का परम सौभाग्य है कि हम इस पल के साक्षी हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आइए, हम सभी भगवान श्री राम के आदर्शों, जीवन मूल्यों को आत्मार्पित करें और समाज व संस्कृति के लिए स्वयं को समर्पित करें।''
- अयोध्या (उप्र)। अयोध्या में सोमवार को रामलला के नये विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर पवित्र शहर के निवासियों में भावनात्मक उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि उन्हें वास्तव में ऐसा लगता है कि वे दिव्य, 'नव्य' और 'भव्य' अयोध्या में रह रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा से संपूर्ण अयोध्या वासी भाव विह्वल हैं। नवनिर्मित राम मंदिर से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले शिक्षक कृष्णनाथ सिंह ने कहा, ''अब हमारी अयोध्या 'दिव्य' अयोध्या, 'नव्य' अयोध्या और 'भव्य' अयोध्या बन गई है।'' अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करते हुए उन्होंने कहा, ''यह न केवल अयोध्या या उत्तर प्रदेश के प्रत्येक निवासी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि हमारे रामलला को वह उचित स्थान मिला है जिसके वह हकदार हैं।'' सिंह ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत खास है, क्योंकि निजी तौर पर मैंने कारसेवकों के संघर्ष को बहुत करीब से देखा है। आंध्र प्रदेश और नागपुर के कारसेवक आंबेडकर नगर जिले के हमारे गांव से होते हुए अयोध्या से मिर्ज़ापुर पहुंचते थे। हमारा काम यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी कारसेवक भूखा न रहे। मुझे राहत है कि मेरे परिवार द्वारा किए गए प्रयासों के अंततः सकारात्मक परिणाम मिले हैं।'' प्रतिष्ठा समारोह पर खुशी व्यक्त करते हुए अयोध्या के खजुरहट क्षेत्र के निवासी यशवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, “लोगों में बहुत खुशी है, क्योंकि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के लिए उनकी 'तपस्या' खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा, "सुबह क्षेत्र के शिव मंदिर की सफाई की गई और दिन भर सुंदरकांड का पाठ और प्रसाद वितरण जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरा क्षेत्र भगवान राम की भक्ति में डूबा हुआ है।" बालापकौली निवासी शैलेश सिंह ने कहा, "अयोध्या के निवासी के रूप में हम लंबे समय से चाहते थे कि भगवान राम का एक भव्य और दिव्य मंदिर बनाया जाए। हम भी अब इसका हिस्सा बन गए हैं।” इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए, अयोध्या के कौशलपुरी कॉलोनी के निवासी लवकुश श्रीवास्तव ने कहा, "आज, हम एक ऐसी अयोध्या देख रहे हैं, जो दिव्य, नई और भव्य है। अयोध्या के हर निवासी के लिए 22 जनवरी एक ऐतिहासिक तारीख होगी और वह इस पल को जीवन भर याद रखेंगे।" प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान पूरा होने पर निर्मोचन चौराहा निवासी हिमांशु वर्मा अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने कहा, "जैसे ही अनुष्ठान पूरा हुआ, मैंने अपने बड़े भाई को गले लगाया। मेरे परिवार के सदस्यों ने कहा कि यह 'कलियुग' में राम-भरत 'मिलाप' है।"
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भोपाल ।मध्य प्रदेश में लोगों ने 'जय श्री राम' के नारों, भक्ति गीतों और प्रार्थनाओं के साथ सोमवार को अयोध्या के मंदिर में रामलला की नयी मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओरछा में राम राजा मंदिर से डिजिटल तरीके से प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखा।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पहुंचे यादव ने निवाड़ी जिले में ओरछा के मंदिर में पूजा-अर्चना की। ओरछा को ‘छोटी अयोध्या' के रूप में भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान राम दिन में ओरछा में रहते हैं और रात होने पर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में विश्राम करते हैं। ओरछा को राजा राम के साम्राज्य के रूप में जाना जाता है और ऐसा माना जाता है कि यह देश का एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां राम को सिर्फ भगवान के तौर पर नहीं, बल्कि एक प्रिय राजा के रूप में भी पूजा जाता है। मंदिर के सूत्रों के अनुसार, भगवान राम के सम्मान में स्थानीय पुलिस द्वारा प्रतिदिन तीन बार 'सलामी गारद' दिया जाता है। विभिन्न जिलों के अलग-अलग इलाकों में 'प्रभात फेरियां' निकाली गईं, जिसमें रंग-बिरंगे वस्त्र पहने और भगवा झंडे पकड़े पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने ढोल की थाप के बीच भगवान राम की स्तुति में भक्ति गीत गाए। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने के तुरंत बाद भक्तों ने पूरे राज्य में पटाखे फोड़े। राज्य भर के मंदिरों में उत्सव जैसा माहौल था और चारों ओर अगरबत्तियों की सुगंध फैली हुई थी।राज्य के विभिन्न शहरों में सुबह से ही लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए उमड़ पड़े और 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए एक-दूसरे को बधाई दी। मुख्यमंत्री यादव ने रविवार को लोगों से अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को एक ऐतिहासिक समारोह बनाने की अपील की थी। - नयी दिल्ली,। अयोध्या में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन से शहर में प्रति वर्ष कम-से-कम पांच करोड़ पर्यटकों के आने की संभावना है। यह संख्या स्वर्ण मंदिर और तिरूपति मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुओं से कहीं अधिक है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अपनी एक रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि हवाई अड्डे जैसे बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर खर्च करने से उत्तर प्रदेश का यह शहर एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक एक नए हवाई अड्डे, विस्तारित रेलवे स्टेशन, आवासीय योजनाओं और बेहतर सड़क संपर्क के साथ नए होटलों और अन्य आर्थिक गतिविधियों के चलते यहां प्रति वर्ष पांच करोड़ से अधिक पर्यटक आ सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में प्रति वर्ष 3-3.5 करोड़ लोग आते हैं, जबकि तिरूपति मंदिर में 2.5-3 करोड़ लोग आते हैं। विश्व स्तर पर, वेटिकन सिटी में हर साल लगभग 90 लाख पर्यटक आते हैं और सऊदी अरब के मक्का में लगभग दो करोड़ पर्यटक आते हैं। जेफरीज के अनुसार, ''धार्मिक पर्यटन अभी भी भारत में पर्यटन का सबसे बड़ा खंड है। कई लोकप्रिय धार्मिक केंद्र बुनियादी ढांचे की बाधाओं के बावजूद हर साल 1-3 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसलिए, बेहतर संपर्क और बुनियादी ढांचे के साथ एक नए धार्मिक पर्यटन केंद्र (अयोध्या) का निर्माण एक बड़ा आर्थिक प्रभाव पैदा कर सकता है।'' रिपोर्ट में कहा गया कि पर्यटन ने वित्त वर्ष 2018-19 (कोविड-पूर्व) के दौरान जीडीपी में 194 अरब डॉलर का योगदान दिया और वित्त वर्ष 2032-33 तक इसके आठ प्रतिशत की दर से बढ़कर 443 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या में नए हवाई अड्डे का चरण -1 चालू हो गया है और यह 10 लाख यात्रियों को संभाल सकता है। रेलवे स्टेशन को प्रतिदिन 60,000 यात्रियों को संभालने के लिए विस्तारित किया गया है। वर्तमान में अयोध्या में 590 कमरों वाले लगभग 17 होटल हैं। इसके अलावा 73 नए होटल तैयार किए जा रहे हैं। इंडियन होटल्स, मैरियट और विंडहैम पहले ही होटल बनाने के लिए समझौते कर चुके हैं। आईटीसी भी अयोध्या में संभावनाएं तलाश रही है। ओयो की योजना अयोध्या में 1,000 कमरे जोड़ने की है।
- अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर परिसर में कुबेर टीला पहुंचकर शिव मंदिर में भगवान शिव की पूजा की और जटायु की मूर्ति का अनावरण किया। प्रधानमंत्री ने शिवलिंग का जलाभिषेक किया और मंदिर की परिक्रमा भी की।राम मंदिर का निर्माण करा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम जन्मभूमि परिसर में कुबेर टीला पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। बाद में प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के परिसर में 'जटायु' की एक मूर्ति का अनावरण किया।उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में शामिल श्रमिकों पर फूलों की वर्षा की।जटायु रामायण के एक प्रसिद्ध गरुड़ पात्र हैं। जब रावण सीता का हरण करके लंका ले जा रहा था तो जटायु ने सीता को रावण से छुड़ाने का प्रयत्न किया था। इससे क्रोधित होकर रावण ने उनके पंख काट दिये थे।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में सोमवार को श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा को करोड़ों राम भक्तों के लिए अविस्मरणीय दिन करार दिया और कहा कि यह मंदिर युगों-युगों तक सनातन संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक रहेगा। शाह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय श्री राम- …5 सदी की प्रतीक्षा और प्रतिज्ञा आज पूर्ण हुई।''उन्होंने कहा, ‘‘आज का दिन करोड़ों रामभक्तों के लिये कभी ना भूलने वाला दिन है। आज जब हमारे रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं तब असंख्य रामभक्तों की तरह मैं भी भावविभोर हूं। इस भावना को शब्दों में समेट पाना संभव नहीं है।'' शाह ने कहा कि इस पल की प्रतीक्षा में न जाने कितनी पीढ़ियां खप गईं लेकिन कोई भी डर और आतंक रामजन्मभूमि पर फिर से मंदिर बनाने के संकल्प और विश्वास को डिगा नहीं पाया। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने राम मंदिर के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले सभी लोगों को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अनेक अपमान और यातनाएं सहीं पर धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद्, हजारों श्रेष्ठ संत और असंख्य नामी-गुमनामी लोगों के संघर्ष का आज सुखद व सुफल परिणाम आया है। यह विशाल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर युगों-युगों तक अविरल अविनाशी सनातन संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक रहेगा।'' शाह ने राम मंदिर निर्माण के संकल्प को सिद्ध करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी जताया। शाह ने राजधानी दिल्ली में स्थित बिरला मंदिर में पार्टी के अन्य नेताओं के साथ ‘प्राण प्रतिष्ठा' समारोह का सीधा प्रसारण देखा।
- नयी दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित राममंदिर में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त है। सिंह ने कहा कि अयोध्या का आयोजन ‘क्रांतिकारी कार्य' था और जो इस पल के गवाह रहे लोग भाग्यशाली हैं।रक्षामंत्री ने प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर यहां एक शिव मंदिर में दर्शन किए और इसके बाद यह टिप्पणी की। अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुई और पूरे कार्यक्रम को देशभर के लोगों ने टेलीविजन के जरिये अपने घरों और मंदिरों में देखा। राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘यह क्रांतिकारी कार्य हो रहा है। प्रत्येक व्यक्ति महसूस कर रहा है कि नए युग की शुरुआत हो रही है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के फलस्वरूप हम सभी महसूस कर रहे हैं कि लंबे समय के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम राम अयोध्या वापस आ रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ यह हम सभी के लिए बहुत खुशी की बात है। हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें इस क्षण का साक्षी बनने का अवसर मिल रहा है।'' रक्षामंत्री ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने एक नये युग की शुरुआत की है। उन पर भगवान राम का आशीर्वाद है।'' शीर्ष विपक्षी नेताओं के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं शामिल होने के सवाल पर सिंह ने कहा, ‘‘ मुझे किसी (राजनीति) पार्टी पर टिप्पणी नहीं करनी है।'' राम मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद वहां मौजूद अतिथियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भगवान राम अब तंबू में नहीं रहेंगे, बल्कि अब एक भव्य मंदिर में निवास करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे राम आए हैं। युगों-युगों के लंबे इंतजार के बाद हमारे राम आ गए हैं।
- इंदौर/दमोह/भोपाल । अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के दिन सोमवार दोपहर मध्य प्रदेश के तीन जिलों के विभिन्न अस्पतालों में कम से कम 47 बच्चों को जन्म हुआ। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंदौर के तीन अस्पतालों में 33 बच्चों का जन्म हुआ, वहीं दमोह में 13 और भोपाल में एक बच्चे का जन्म हुआ। इंदौर के सरकारी पीसी सेठी अस्पताल के डॉ. वीरेंद्र राजगीर ने बताया कि अस्पताल में सोमवार को 18 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें नौ बच्चियां और इतने ही बच्चे शामिल हैं। राजगीर ने बताया कि 17 बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जबकि एक का सीजेरियन प्रक्रिया से हुआ। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित्रा यादव ने बताया कि सरकारी एमटीएच अस्पताल में 11 शिशुओं का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जबकि तीन का जन्म सिजेरियन प्रक्रिया से हुआ। इनमें से आठ लड़कियां और छह लड़के हैं। उन्होंने बताया कि सभी शिशु स्वस्थ हैं। इसी तरह देपालपुर सिविल अस्पताल की डॉ. सुषमा बोरीवाल ने बताया कि अस्पताल में सिजेरियन प्रक्रिया से एक बच्ची का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि यह बच्ची दंपति संजना और लोकेश की है। बच्ची के पिता लोकेश ने कहा, ‘‘मैं 22 जनवरी को प्रसव के लिए अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों के संपर्क में था, लेकिन मुझे बताया गया कि गर्भावस्था का समय पूरा नहीं हुआ है। हालांकि, पूर्वाह्न करीब 11 बजे संजना ने प्रसव पीड़ा होने की शिकायत की, जिसके बाद ऑपरेशन किया गया।'' उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा, दोनों स्वस्थ हैं। डॉ. मनीषा जैन ने बताया कि राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में सिजेरियन प्रक्रिया से एक बच्चे का जन्म हुआ। रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) डॉ विशाल शुक्ला ने कहा कि दमोह जिले में दिन में सात लड़कों और छह लड़कियों का जन्म हुआ। धनकुंवर नाम की महिला ने कहा, ‘‘शुभ दिन जन्म लेने के कारण मैंने अपने बेटे का नाम राम रखा है।''एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में सोमवार को जन्मे बच्चों की कुल संख्या का विवरण जुटाने में समय लगेगा। अयोध्या के राम मंदिर में दोपहर साढ़े बारह बजे रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गयी।वहीं देशभर में, माता-पिता बनने जा रहे कई दंपत्तियों ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को प्रसव कराने का चिकित्सकों से अनुरोध किया था। जबकि, उन्हें प्रसव की ‘निर्धारित' तिथि इस तारीख के पहले या बाद की बताई गई थी। उनका मानना है कि इस दिन जन्म लने वाले बच्चे में ‘मर्यादा पुरूषोत्तम' राम के गुण होंगे।
- अयोध्या (उप्र) ।मतभेद त्याग कर एकजुट रहें, क्योंकि राम राज्य आ रहा है : मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को भगवान राम के बाल स्वरूप के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद कहा कि राम राज्य आ रहा है और देश में सभी को मतभेद त्याग कर एकजुट रहना चाहिएc सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया और इसे लाखों लोगों ने अपने घरों और देशभर के मंदिरों में टेलीविजन पर देखा। अयोध्या में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यहां आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अकेले ही तप किया है और अब हम सभी को यह करना है।'' भागवत ने कहा कि अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ साथ भारत का आत्म गौरव भी लौटा है। उन्होंने कहा ‘‘आज का कार्यक्रम नए भारत का प्रतीक है जो खड़ा होगा और पूरी दुनिया की मदद करेगा।'' उन्होंने कहा कि राम लला 500 साल बाद कई लोगों की तपस्या की वजह से वापस लौटे हैं और ‘‘मैं उन लोगों के कठोर परिश्रम और त्याग को शत शत नमन करता हूं।'' भागवत ने कहा ‘‘लेकिन राम क्यों गए ? वह इसलिए गए क्योंकि अयोध्या में कलह थी। राम राज्य आ रहा है और हमें सभी मतभेद त्याग कर, कलह खत्म कर छोटे छोटे मुद्दों पर लड़ना झगड़ना बंद करना होगा। हमें अपना अहंकार त्यागना होगा और एकजुट रहना होगा।'' उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि राम सर्वव्यापी हैं तथा हमें अपने बीच ही समन्वय करना होगा। उन्होंने कहा कि धर्म का पहला सत्य आचरण ही एकजुट रहना है। भागवत ने कहा कि करुणा दूसरा आचरण है। उन्होंने लोगों से कहा कि जो कुछ भी अर्जित किया जाता है उसका न्यूनतम हिस्सा अपने लिए रख कर शेष को परमार्थ के लिए देना चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘यही करुणा का मतलब है। आपको अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना होगा। सरकारी योजनाएं गरीब को राहत दे रही हैं, हमें भी समाज को देखना चाहिए क्योंकि हर कोई हमारा भाई है, अपना है। जहां भी आप दुख या पीड़ा देखते हैं, वहां आपको सेवा करना चाहिए।'' उन्होंने लोगों से लालची न बनने और अनुशासित जीवन जीने के लिए कहा। उन्होंने कहा ‘‘हमें हमारे देश को एक वैश्विक पथ प्रदर्शक बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा।''
- ईटानगर। अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मौके पर अरूणाचल प्रदेश भी सोमवार को धार्मिक उत्साह के रंग से सराबोर रहा और पूर्वोत्तरी राज्य के विभिन्न हिस्सों में विशेष पूजा अर्चना की गईं और रैलियां निकाली गईं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि राज्य की राजधानी में इस ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने के लिए व्यापारियों ने बाजारों को स्वैच्छिक रूप से बंद रखा था। प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर बड़ी संख्या में निजी स्कूलों ने भी आज छुट्टी की घोषणा की थी। राजधानी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित राजबीर सिंह ने ‘ बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा, "उन मंदिरों में कड़ी सुरक्षा की गई जहां भगवान राम के भक्त बड़ी संख्या में पूजा करने के लिए आते हैं।" अयोध्या से समारोह का सीधा प्रसारण करने के लिए राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गईं, और इन स्थानों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायक पहुंचे। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने निर्जुली में पूर्वोत्तर क्षेत्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एनईआरआईएसटी) परिसर में, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने निचली दिबांग घाटी में, उपमुख्यमंत्री मंत्री चौना मीन ने नामसाई में और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बियुराम वाहगे ने यहां पार्टी कार्यालय में ऐतिहासिक कार्यक्रम देखा। सामाजिक संगठन ‘सद्भाव अरूणाचल' के अध्यक्ष टी निग्लर ने राज्य की राजधानी के 18 मंदिरों को पांच-पांच किलोग्राम मिठाई वितरित की। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने रविवार शाम तक ईटानगर के लोगों को 10,800 राम ज्योति (मिट्टी के दीए) वितरित कर दिए थे। खांडू ने इस अवसर पर लोगों को बधाई दी।उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, “ अयोध्या धाम में नवनिर्मित राम मंदिर में राम लला के विराजमान होने के अवसर पर आप सभी को शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम सभी को सुख-समृद्धि प्रदान करें और विश्व का कल्याण करें। जय श्री राम।”
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नयी दिल्ली। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए सोमवार को देश भर से विशिष्ट अतिथियों के आगमन से नवनिर्मित हवाई अड्डे पर लगभग 100 उड़ानों का आवागमन होने की उम्मीद है। इस समारोह के लिए आमंत्रित लोगों की सूची में 7,000 से अधिक मेहमान शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में अयोध्या के भव्य मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सैकड़ों विशिष्ट हस्तियां पहुंचीं। अयोध्या स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस विशेष अवसर पर उड़ानों की आवाजाही की संख्या लगभग 100 तक पहुंचने की उम्मीद है क्योंकि समारोह के बाद लोग वापस लौटना शुरू कर देंगे। अधिकारी ने बताया कि अपराह्न करीब 2.30 बजे तक हवाई अड्डे पर 18 चार्टर्ड उड़ानें आईं जबकि 17 चार्टर्ड विमानों ने यहां से उड़ान भरी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि रविवार को कॉरपोरेट दिग्गजों और विशिष्ट अतिथियों सहित कई लोग अयोध्या पहुंचे थे। इस तरह रविवार को हवाई अड्डे पर उड़ानों की संख्या लगभग 90 थी। इस कार्यक्रम के लिए सुबह की उड़ानों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, अनुपम खेर, कैलाश खेर, जुबिन नौटियाल, प्रसन जोशी, मनोज जोशी, दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और उद्योगपति अनिल अंबानी पहुंचे। इनके अलावा हेमा मालिनी, कंगना रनौत, श्री श्री रविशंकर, मोरारी बापू, रजनीकांत, पवन कल्याण, मधुर भंडारकर, सुभाष घई, शेफाली शाह और सोनू निगम रविवार को ही अयोध्या पहुंच गए थे। - जयपुर । अयोध्या स्थित राम मंदिर में ‘श्री रामलला' के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर राजस्थान में सोमवार को त्योहार जैसा माहौल देखा गया। राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों में सजावट के साथ ही विशेष भजन कीर्तन हुए तो लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं देते नजर आए। अयोध्या में भगवान राम के बाल स्वरूप के विग्रह की ‘प्राण प्रतिष्ठा' सोमवार को की गई। इसके मद्देनजर राजस्थान भर में धार्मिक आयोजन किए गए। मंदिरों में भजन-कीर्तन और रामायण तथा सुंदरकांड का पाठ किया गया। जयपुर समेत कई शहरों में रामधुनी के साथ प्रभात फेरियां निकाली गईं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा श्योपुर-प्रतापनगर रोड स्थित देहलावास बालाजी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। वह बाद में प्रताप नगर में प्रेम मंदिर गए और उन्होंने वहां भी पूजा-अर्चना की। मंत्रियों और विधायकों ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन किये। अधिकारियों के मुताबिक, शर्मा का आज चूरू में सालासर बालाजी मंदिर और सीकर में खाटू श्याम जी मंदिर जाने का भी कार्यक्रम है। राजधानी जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर जुलूस निकाले गए।जैसलमेर में बीएसएफ के जवानों ने तनोट माता मंदिर में रामायण का पाठ किया। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित इस मंदिर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं, लोगों ने अपने घरों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया और झंडें लगाए । भगवान राम और राम मंदिर की छवि वाले भगवा रंग के झंडे घरों और दुकानों के ऊपर लहराते दिखाई दिए। अनेक लोगों ने अपने वाहनों पर भी ये ध्वजाएं लगाए। इन झंडों की बहुत मांग थी और ये ध्वज न केवल किराना और सामान्य वस्तुओं की दुकानों पर, बल्कि सड़क किनारे भी बिक रहे थे। टोंक रोड पर किराने की दुकान के मालिक संजय गुप्ता ने बताया, “पिछले दो दिनों में लोगों ने सभी आकार के झंडे खरीदे। मांग अधिक थी और लोगों ने कई झंडे खरीदे। झंडों के साथ ही पटाखे की भी बिक्री हुई।” उन्होंने कहा कि इसी तरह दिपावली जैसा जश्न मनाने के लिए लोगों ने कंदीलें भी खरीदीं।जयपुर के अल्बर्ट हॉल में राम मंदिर की 35 फुट ऊंची झांकी बंगाल के कारीगरों ने बनाई है। प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार शाम को अल्बर्ट हॉल में रामोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। भाषा कुंज पृथ्वी नोमान
- नयी दिल्ली । अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, चिरंजीवी, आलिया भट्ट-रणबीर कपूर और विक्की कौशल-कैटरीना कैफ सहित भारतीय सिनेमा के कई सितारे सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए। फिल्मकार रोहित शेट्टी, राजकुमार हिरानी, अभिनेता आयुष्मान खुराना, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने तथा उनके पति श्रीराम नेने और फिल्म निर्माता महावीर जैन भी इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बने। अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी, अभिनेता रजनीकांत, पवन कल्याण, गायक शंकर महादेवन, निर्देशक मधुर भंडारकर, सुभाष घई, अभिनेत्री शेफाली शाह और उनके पति विपुल शाह, अभिनेता रणदीप हुडा तथा उनकी पत्नी लिन लैशराम, आदिनाथ मंगेशकर, संगीतकार अनु मलिक और प्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम रविवार को ही अयोध्या पहुंच गए थे। अमिताभ बच्चन सोमवार को अपने बेटे एवं अभिनेता अभिषेक बच्चन के साथ मुंबई से अयोध्या के लिए रवाना हुए। अमिताभ मंदिर परिसर में अभिनेता अरुण गोविल के साथ बातचीत करते हुए नजर आए। गोविल ने 1987 के टीवी धारावाहिक ‘रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाया था। कार्यक्रम स्थल पर बच्चन परिवार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रविशंकर प्रसाद तथा उद्योगपति अनिल अंबानी से भी मुलाकात की। इससे पहले अभिनेता चिरंजीवी को अयोध्या हवाई अड्डे पर एक विशेष विमान से उतरते हुए देखा गया था। चिरंजीवी के साथ उनकी पत्नी सुरेखा और बेटे एवं अभिनेता राम चरण भी थे। अनुष्ठान पूरा होने के बाद, सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान, अभिनेता अजय देवगन और गायिका श्रेया घोषाल सहित कई हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दीं। देवगन ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘विश्वास नहीं कर सकता कि मैं अपने जीवनकाल में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा जैसी ऐतिहासिक और शुभ घटना का गवाह बनने का भाग्यशाली हूं। यह देखकर गर्व होता है कि कैसे हमारा पूरा देश अयोध्या में हमारे राम लला के स्वागत के लिए एकजुट हुआ है।'' उस्ताद अमजद अली खान ने लिखा, ‘‘राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह सभी के लिए शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक ज्ञान लाए। सभी को अयोध्या राम मंदिर के सुखद और पूर्ण दर्शन की शुभकामनाएं।'' अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक ‘दीपक' की तस्वीर साझा की।अभिनेत्री कंगना रनौत ने ‘जय श्री राम' का नारा लगाते हुए मंदिर पर सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘‘राम आ गए।''गायक हरिहरन ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि समारोह में भाग लेना वास्तव में विनम्र अनुभव है।अभिनेता अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में समारोह के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दीं। दोनों अभी फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां' की शूटिंग कर रहे हैं।
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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों द्वारा विदेशों में जाकर शादी रचाने के बढ़ते चलन का मुद्दा उठाया और कहा कि लोगों को ‘‘भारत में ही शादी'' करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि देश का धन देश में ही बना रहे। गुजरात के अमरेली शहर में बनने वाले खोडलधाम ट्रस्ट कैंसर अस्पताल के शिलान्यास समारोह को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करने की भी अपील की। मोदी ने कहा कि लोगों को कैंसर के इलाज में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी सरकार ने कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के लिए चिकित्सा देखभाल प्रदान करने और सस्ती कीमतों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 30 नए अस्पताल स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी के शीघ्र निदान में मदद के लिए ग्रामीण स्तर पर 1.5 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) भी बनाए गए हैं। श्री खोडलधाम ट्रस्ट-कागवाड का प्रबंधन करने वाले लेउवा पाटीदार समुदाय के सदस्यों की सभा को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा, ‘‘क्या विदेश में शादी करना उचित है? क्या हमारे देश में शादी नहीं हो सकती? भारत का कितना धन बाहर चला जाता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आपको ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि विदेश में शादी करने की बीमारी आपके समुदाय में न आए। शादी मां खोडल (समुदाय द्वारा पूजनीय देवी) के चरणों में क्यों नहीं होनी चाहिए? इसलिए मैं कहता हूं ‘वेड इन इंडिया'। शादी हिंदुस्तान में करो। ‘मेड इन इंडिया' की तरह ‘वेड इन इंडिया'।'' उन्होंने लोगों से देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करने की भी अपील की। मोदी ने कहा, ‘‘जितना संभव हो, पहले अपने देश की यात्रा करें। यदि आप यात्रा करना चाहते हैं, तो अपने देश के भीतर यात्रा करें, पर्यटन को बढ़ावा दें।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज किसी भी व्यक्ति या परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि लोगों को इलाज में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘इस विचार के साथ, लगभग 30 नए कैंसर अस्पताल स्थापित किए गए हैं तथा 10 और कैंसर अस्पतालों पर काम चल रहा है।'' उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए शीघ्र निदान महत्वपूर्ण होने के कारण, केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्तर पर 1.5 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं और कैंसर के शीघ्र निदान में मदद करने के लिए इन स्वास्थ्य केंद्रों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। मोदी ने कहा कि सरकार के प्रयासों से इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा और स्तन कैंसर का शीघ्र पता लगाने में भी मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना से छह करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मदद मिली है, जिनमें से बड़ी संख्या में कैंसर रोगी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10,000 जन औषधि केंद्र भी खोले, जो 80 प्रतिशत तक की छूट पर दवाएं उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25,000 की जाएगी। मोदी ने कहा कि कम कीमत पर दवाओं की उपलब्धता से मरीजों को 30,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतों को भी नियंत्रित किया है जिससे लाखों रोगियों को मदद मिली है। मोदी ने गुजरात की भी तारीफ की और कहा कि राज्य ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों का मॉडल पेश किया है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 20 वर्षों में गुजरात ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में 20 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 11 से बढ़कर 40 हो गई है। एमबीबीएस सीटों की संख्या पांच गुना और परास्नातक (पीजी) सीटों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि राजकोट में एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित किया गया है। मोदी ने कहा कि राज्य में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या 2002 में 13 थी, जो बढ़कर 100 हो गई है। उन्होंने कहा कि इन 20 वर्षों के दौरान राज्य में डिप्लोमा फार्मेसी कॉलेजों की संख्या भी छह से बढ़कर 30 हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘गुजरात ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े सुधारों का मॉडल पेश किया है। ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को आदिवासी और गरीब क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है। एम्बुलेंस सेवा-108 पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।'' मोदी ने खोडलधाम ट्रस्ट के अगले कुछ हफ्तों में 14 साल पूरे करने के लिए लेउवा पाटीदार समुदाय को भी बधाई दी और कहा कि इसने शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में अपनी सेवा के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन को बदलने के लिए काम किया है। उन्होंने समुदाय के सदस्यों से नौ अनुरोधों-पानी बचाएं, डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करें, साफ-सफाई पर जोर दें, भारत में बने उत्पादों को बढ़ावा दें, देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा दें, प्राकृतिक खेती, ज्वार-बाजरा का इस्तेमाल करें, फिटनेस का ख्याल रखें और नशीली दवाओं तथा अन्य व्यसन से दूर रहने की भी अपील की।
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भद्रक. ओडिशा के भद्रक जिले में रविवार को एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को रौंद दिया, जिससे उस पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना भद्रक ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र के रानीताल में राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर हुई। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक बालासोर की ओर जा रहा था तभी उसने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद ट्रक का चालक मौके से भाग गया।
मृतकों की पहचान बापी प्रधान, जीतू प्रधान और संकर्षण प्रधान के रूप में की गई, जो थिडी थाना क्षेत्र के भाटपाड़ा गांव के निवासी थे। पुलिस ने बताया कि उनकी उम्र 28 से 30 वर्ष के बीच थी। उसने बताया कि दुर्घटना का स्पष्ट कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है संभवत: भारी बारिश हादसे की वजह हो सकती है। -
अयोध्या। उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले अतिथियों के वाहनों की पार्किंग के लिए 51 स्थानों पर व्यापक इंतजाम किये हैं। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि इन पार्किंग में 22,825 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। पार्किंग के लिए किसी को भटकना न पड़े, इसके लिए पार्किंग स्थलों को गूगल मैप पर अपलोड कर दिया गया है। वहीं, पार्किंग स्थलों को वीवीआईपी, वीआईपी और अन्य मेहमानों के लिए भी आरक्षित किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), यातायात बीडी पॉल्सन ने बताया कि अयोध्या धाम में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों की गाड़ियों को पार्क करने के लिए 51 स्थानों को चिह्नित किया गया है। इनमें एक समय में एक साथ करीब 22,825 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि रामपथ पर पांच स्थानों, भक्ति पथ मार्ग पर एक स्थान, धर्म पथ मार्ग पर चार स्थानों, परिक्रमा मार्ग पर पांच स्थानों, बंधा मार्ग पर दो स्थानों, टेढ़ी बाजार रामपथ से महोबरा मार्ग पर एक और टेढ़ी बाजार रामपथ से उनवल मार्ग पर सात स्थानों को पार्किंग के लिए चिह्नित किया गया। इसके अलावा अयोध्या से गोंडा मार्ग पर दो, एनएच 27 पर 10 स्थानों, तीर्थ क्षेत्र पुरम में सात स्थानों और कारसेवक पुरम टेंट सिटी के आस-पास तीन स्थानों, रामकथा मंडपम टेंट सिटी पर चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इन पार्किंग को सरकारी, निजी और पर्यटन विभाग की भूमि पर बनाया गया है। इसके अलावा अयोध्या धाम में बनी मल्टीलेवल पार्किंग में भी गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) राजेश तिवारी ने बताया कि रामपथ और भक्ति पथ स्थित छह पार्किंग स्थानों को अति विशिष्ट मेहमानों के वाहनों के लिए आरक्षित किया गया है। यहां पर वीवीआईपी मेहमानों की 1,225 गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। इसके अलावा धर्म पथ मार्ग और परिक्रमा मार्ग पर नौ पार्किंग स्थानों को वीआईपी के लिए आरक्षित किया गया है। यहां पर वीआईपी की 10 हजार से अधिक गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। वहीं, पुलिस बल के लिए एनएच-27 में आठ पार्किंग स्थानों को आरक्षित किया गया है। यहां पुलिस की दो हजार से अधिक गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। साथ ही यहां पर सुरक्षा के लिहाज से काफी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। इन पार्किंग स्थल की निगरानी ड्रोन से की जाएगी।
- तिरुपति/अयोध्या। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) अध्यक्ष बी.कुरुणाकर रेड्डी ने रविवार को राम मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को लड्डू सौंपे। रेड्डी राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या आए हैं।तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने वाले टीटीडी ने राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए एक लाख लड्डुओं की आपूर्ति करने पर सहमति व्यक्त की है। प्रत्येक लड्डू का वजन 25 ग्राम है जो प्राण प्रतिष्ठा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं में वितरित किए जाएंगे। इन्हें हाल में 350 बक्सों में एक मालवाहक विमान से तिरुपति हवाई अड्डे से अयोध्या रवाना किया गया था। टीटीडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘देवस्थानम के अध्यक्ष ने सोमवार को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने वाले भक्तों के बीच वितरित करने के लिए तिरुमला श्रीवारी मंदिर में विशेष रूप से तैयार किए गए एक लाख लड्डू राम मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को सौंपे।'' रेड्डी रविवार को अयोध्या राम मंदिर पहुंचे और उन्होंने विशेष पूजा में हिस्सा लिया।टीटीडी अध्यक्ष ने आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रतिनिधियों से बातचीत की। रेड्डी ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि कलयुग में श्री वेंकटेश्वर स्वामी तिरुमला में प्रकट हुए जो त्रेता युग में श्री रामचंद्र मूर्ति थे। रेड्डी ने टीटीडी अध्यक्ष के नाते स्वयं को श्री वेंकटेश्वर स्वामी का पहला सेवक मानते हुए इस बात पर खुशी व्यक्त की कि उन्हें राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेने का सौभाग्य मिला। रेड्डी ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों और प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने वाले सभी भक्तों को शुभकामनाएं दीं।
- भुवनेश्वर। ओडिशा के एक शिक्षक और कलाकार ने सोमवार को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या के मंदिर की साढ़े पांच इंच लंबी प्रतिकृति बनाई है। कलाकार ईश्वर राव ने कागज, माचिस की तीली और चॉक से यह प्रतिकृति बनाई है।राव ने कहा, ‘‘यह मॉडल साढ़े पांच इंच ऊंचा और ढाई इंच चौड़ा है। मंदिर के सामने भगवान हनुमान की एक इंच लंबी आकृति भी है। यह आकृति चॉक से बनाई गई है।" भगवान हनुमान के भक्त राव को यह प्रतिकृति बनाने में सात दिन लगे।उन्होंने कहा "ये सात दिन मेरे जीवन के सबसे अच्छे दिन थे क्योंकि मैंने मंदिर बनाते समय भगवान श्री राम से प्रार्थना की थी।" उन्होंने कहा कि उन्होंने विश्व कप टूर्नामेंट, गणेश पूजा और क्रिसमस जैसे विभिन्न अवसरों की प्रतिकृति बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उनके काम की सराहना की। राव ने कहा, "अगर मुझे इसे मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को दिखाने का मौका मिले तो मुझे बहुत खुशी होगी।"
- अयोध्या।राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूरा होने के बाद 22 जनवरी की शाम अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगाएगी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दीपों से रोशन होगी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी (आरटीओ) आर. पी. यादव ने बताया कि 22 जनवरी की शाम 100 प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे और इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप दीप जलाए जाएंगे तो इसमें स्थानीय कुम्हारों की मदद ली जा रही है और उनसे दीपों को खरीदा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद योगी सरकार की तरफ से पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा और राज्य पर्यटन विभाग की ओर से इसकी भव्य तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि रामलला, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किये जायेंगे।
























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