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- नयी दिल्ली/कोलकाता। भारत और बांग्लादेश के बीच सभी रेल सेवाएं अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई हैं। रेलवे अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। बांग्लादेश में उथल-पुथल के बीच यह निर्णय लिया गया है।रेल मंत्रालय के अनुसार, मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस ने इस साल जुलाई के मध्य में आखिरी फेरे लगाए थे और बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण तब से उन्हें रद्द कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस दोनों को शुरू में 19 जुलाई, 2024 से छह अगस्त, 2024 तक के लिए रद्द किया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति के कारण रद्दीकरण को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मिताली एक्सप्रेस की सेवा भी अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यात्री ट्रेन सेवाओं के अलावा सभी माल ढुलाई सेवाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया है और अब अंतरिम सरकार कार्यभार संभालेगी। कटिहार के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने बताया, ‘‘न्यू जलपाईगुड़ी-ढाका के बीच चलने वाली मिताली एक्सप्रेस 17 जुलाई 2024 को ढाका गई थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी।'' उन्होंने कहा, ‘‘ट्रेन में भारतीय रेलवे के स्वामित्व वाले 10 डिब्बे हैं, लेकिन चूंकि इन डिब्बों का इस्तेमाल केवल उसी विशेष ट्रेन में किया गया था, इसलिए हमें किसी भी तरह की असुविधा नहीं हुई। ट्रेन का इंजन सीमा पर बदला जाता था, इसलिए जब यह बांग्लादेश में प्रवेश करती है, तो वे हमारे इंजन की जगह अपना इंजन लगा देते हैं।'' मैत्री एक्सप्रेस ढाका और कोलकाता के बीच चलती है, जबकि बंधन एक्सप्रेस खुलना और कोलकाता के बीच चलती है।
- निजामाबाद । तेलंगाना के निजामाबाद के कोठापल्ली गांव के एक स्कूल ने छात्रों को मिड-डे मील में मिर्च पाउडर मिला हुआ चावल परोसकर विवाद खड़ा कर दिया है.। विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं ने घटिया भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की है और पूरे राज्य के स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा करने का आह्वान किया है।. तेलंगाना के पूर्व मंत्री केटी रामा राव ने कांग्रेस सरकार की निंदा की और बेस्वाद दाल के कारण ऐसा भोजन परोसने की आवश्यकता पर सवाल उठाया।. बता दें कि शिक्षकों में से एक ने जांच अधिकारियों को बताया कि कई छात्रों ने चावल के साथ परोसी गई दाल को बेस्वाद पाकर भोजन फेंक दिया था.। उन्होंने इस बारे में अपने शिक्षकों और वहां मौजूद दो ग्रामीणों से शिकायत की.। बाद में, जब छात्र दोपहर का भोजन करने आए, तो उन्हें मध्याह्न भोजन एजेंसी द्वारा मिर्च पाउडर और तेल के साथ चावल परोसा गया.।
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नई दिल्ली। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार कृषि के लिए 100 निर्यात क्लस्टर बनाने पर 18,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने 6,800 करोड़ रुपये निवेश से दलहन मिशन की योजना बनाई है।संसद में मंत्रालय के कामकाज पर हो रही चर्चा का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि जलवायु के अनुकूल कृषि व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार तेजी से देश भर में 50,000 जलवायु अनुकूल गांव विकसित कर रही है। साथ ही बीज की 1,500 नई किस्में भी विकसित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी डिजिटल पहचान दी जाएगी, सरकार इस पर काम कर रही है। चौहान ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वह किसानों को वोट बैंक के रूप में देख रही है।उन्होंने कहा, ‘कौन कहता है कि कृषि क्षेत्र में समस्या नहीं है, लेकिन इसका समाधान भी है। कृषि मंत्रालय जटिल मसलों का समाधान निकालने के लिए किसानों व कृषक संगठनों सहित हर किसी से बात करेगी।’इसके जवाब में विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चौहान झूठ बोल रहे हैं और राज्य सभा को गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि चौहान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।
कांग्रेस ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान झूठ बोलते रंगे हाथ पकड़े गए हैं। मोदी सरकार ने 6 फरवरी, 2015 को उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल करके कहा था कि लागत में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर भारत के किसानों को नहीं दिया जा सकता क्योंकि इससे बाजार खराब हो जाएगा।’कांग्रेस ने कहा कि कृषि मंत्री चौहान ने सदन में कहा है कि सरकार जरूरत पड़ने पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदती है, इसका मतलब यह हुआ कि सरकार ने स्वीकार किया है कि अगर उसे जरूरी नहीं लगता है तो वह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की फसल नहीं खरीदेगी ।कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश और सदन को गुमराह करने को लेकर चौहान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला भी उठाया जाएगा।आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि चौहान ने दावा किया है कि खाद की कीमत 10 रुपये कम की गई है, जो पूरी तरह झूठ है। - नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने से हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए सशक्तिकरण का एक नया युग शुरू हुआ है और क्षेत्र में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है।शाह ने अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किये जाने के पांच साल पूरे होने पर कहा कि क्षेत्र के युवाओं ने सामाजिक-आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को गति दी है, जिससे शांति और समग्र विकास को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के प्रयास सफल हुए हैं।केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अनुच्छेद-370 और अनुच्छेद-35ए को ऐतिहासिक रूप से हटाए जाने के पांच साल पूरे हो गए हैं। इस परिवर्तनकारी निर्णय ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख में हाशिए पर पड़े वर्गों के सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत की है और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत किया है।’’अमित शाह ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और क्षेत्र की आकांक्षाओं और परिवर्तनकारी प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए समर्पण की पुष्टि की।गृहमंत्री अमित शाह ने ही अनुच्छेद-370 और अनुच्छेद-35 ए को निरस्त करने के लिए पांच अगस्त, 2019 को संसद में विधेयक पेश किया था। केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त कर दिये थे, जो जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देता था। सरकार ने तत्कालीन जम्मू कश्मीर राज्य को ‘‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम’’ के जरिये दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 33वें पेरिस ओलंपिक के उपलक्ष्य में आज स्मारक डाक टिकटों का एक सेट जारी किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी के रंग भवन में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों और प्रसिद्ध एथलीटों ने भाग लिया, जो ओलंपिक खेलों के प्रति भारत के समर्थन का एक महत्वपूर्ण क्षण था।
इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित खेल हस्तियों की उपस्थिति ने और चार चांद लगा दिए, जिनमें हाल ही में कांस्य पदक जीतने वाले सरबजोत सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने पेरिस 2024 ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अन्य उल्लेखनीय उपस्थिति लोगों में पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा और स्टीपलचेज एथलीट सुधा सिंह शामिल थीं।स्मारक डाक टिकट ओलंपिक की भावना दर्शाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो खेलों के माध्यम से राष्ट्रों के बीच एकता का प्रतीक है और भारत की समृद्ध खेल विरासत को दर्शाता है। यह विशेष टिकट अब ई-पोस्ट ऑफिस (https://www.epostoffice.gov.in/) पर ऑनलाइन खरीदने के लिए उपलब्ध है। संग्रहकर्ताओं और उत्साही लोगों से अनुरोध है कि वे इसकी एक प्रति प्राप्त करें और इतिहास का एक हिस्सा अपने पास रखें।श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और डॉ. मनसुख मांडविया ने आधिकारिक तौर पर स्मारक टिकट का अनावरण किया, जिसमें भारत की ओलंपिक विरासत और वैश्विक एकता को बढ़ावा देने में खेलों की भूमिका पर गर्व व्यक्त किया। मंत्रियों और एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मैत्री को बढ़ावा देने में खेलों के महत्व पर विचार साझा किए, और ओलंपिक को प्रतिभा एवं समर्पण दिखाने के लिए एक मंच के रूप में महत्व दिया।श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा, "ओलंपिक 2024 को सम्मानित करने वाला नया डाक टिकट हमारे उन खेल नायकों का कीर्तिगान है जिन्होंने वैश्विक मंच पर भारत को गौरवान्वित किया है। यह सम्मान युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करेगा और हमारे देश के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। मैं अपने डाक विभाग को बधाई देता हूं, जिसने कई पहलों के माध्यम से हमेशा खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया है और इस डाक टिकट जारी करने के साथ ही डाक टिकटों के माध्यम से भारत की उपलब्धियों का उत्सव मनाने की अपनी विरासत को और मजबूत किया है। मैं पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय दल को भी अपनी शुभकामनाएं देता हूं।"उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, "खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं है; यह जीवन जीने का एक तरीका है। डाक टिकटों का जारी होना खेलों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो राष्ट्रीय गौरव और एथलीटों के लिए प्रोत्साहन का प्रतीक है।" डॉ. मांडविया ने कहा कि खेल एक स्वस्थ राष्ट्र को बढ़ावा देते हैं, जो धन और समृद्धि के लिए आवश्यक है, और लोगों को एक साथ लाते हैं, जिससे व्यक्तिगत फिटनेस और राष्ट्रीय कल्याण दोनों में वृद्धि होती है। यह पहल खेलों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने एथलीटों को सम्मानित करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। -
नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि ‘गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय' (एसएफआईओ) सहारा समूह की कंपनियों से संबंधित मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और इसकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीतारमण ने यह भी कहा कि सहारा समूह के पूरे मामलों की निगरानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की जा रही है और सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि केवल छोटे निवेशक ही रिफंड का दावा करने के लिए आगे आए हैं। एसएफआईओ पूरे मामले की जांच कर रहा है। यह भी देख रहा है कि सभी निवेशक रिफंड का दावा करने के लिए आगे क्यों नहीं आए और वे कहां हैं।'' मंत्री ने कहा कि एसएफआईओ के विस्तृत विश्लेषण के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जायेगी और कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सहारा समूह की कंपनियों में 3.7 करोड़ निवेशक हैं और अब तक 19,650 लोग रिफंड का दावा करने के लिए आगे आए हैं। उनके मुताबिक, इन दावों में से 17,250 दावों का निपटारा कर दिया गया जबकि बाकी आवेदकों को और कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा गया ताकि उनके दावों का निपटारा किया जा सके। सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार चाहकर भी सहारा समूह की कंपनियों के मामले में कुछ नहीं कर सकती क्योंकि हर चीज की निगरानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय को लगातार रिपोर्ट कर रहे हैं।''
वित्त मंत्री ने कहा कि दिसंबर, 2023 में वित्त मंत्रालय द्वारा संसद को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, सहारा समूह की तीन कंपनियों के मामलों की जांच 31 अक्टूबर, 2018 को एसएफआईओ को सौंपी गई थी। -
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने एक नागरिक मंच द्वारा लोकसभा चुनाव में शुरू में घोषित मतदान प्रतिशत और अंतिम आंकड़ों के बीच असामान्य रूप से बड़े अंतर के किये गये विश्लेषण को रविवार को खारिज कर दिया और कहा कि चुनाव की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए एक ‘झूठा अभियान' चलाया जा रहा है। कांग्रेस ने शनिवार को ‘वोट फॉर डेमोक्रेसी' की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग से लोकसभा मतदान प्रतिशत में वृद्धि के बारे में उठाये गए सवालों को लेकर चिंताओं को दूर करने का आग्रह किया था, जिससे यह घटनाक्रम सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे कुछ राज्यों में शुरू में घोषित मतदाता प्रतिशत और अंतिम आंकड़ों के बीच असामान्य रूप से बड़ा अंतर है। आयोग ने ‘एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, “मानव जाति के इतिहास में अब तक हुए सबसे बड़े चुनावों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ लोग (उम्मीदवारों के अलावा) झूठा अभियान चला रहे हैं। चुनाव के हर चरण में उम्मीदवारों/हितधारकों को शामिल करते हुए सबसे पारदर्शी तरीके से मतदान कराया गया।” आयोग के मुताबिक, मतदान वाले दिन शाम सात बजे मतदान प्रतिशत के आंकड़ों की तुलना करने के ‘निराधार प्रयास' किए गए जबकि कई मतदान केंद्रों पर मतदान समाप्त हो गया था जबकि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाता कतार में प्रतीक्षा कर रहे होंगे। इस परस्थिति में मतदान के एक दिन बाद ही असल प्रतिशत उपलब्ध होगा। निर्वाचन आयोग ने बताया कि चुनावी आंकड़े और परिणाम कानून के तहत वैधानिक रूप और प्रक्रियाओं के अनुसार हैं। आयोग के मुताबिक, “कोई भी उम्मीदवार या मतदाता याचिका के माध्यम से चुनावी परिणाम को चुनौती दे सकता है लेकिन इस आधार पर कोई याचिका दायर नहीं की गई है।” चुनाव याचिका (ईपी) परिणामों की घोषणा के 45 दिनों के भीतर दायर की जा सकती है।
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सागर. मध्यप्रदेश के सागर जिले में रविवार को एक जर्जर मकान की दीवार ढह जाने से नौ बच्चों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना रहली विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर गांव में एक मंदिर परिसर के पास धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सुबह साढ़े आठ और नौ बजे के बीच हुई। इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मध्यप्रदेश के सागर में दीवार गिरने से हुआ हादसा हृदयविदारक है। इसमें जान गंवाने वाले बच्चों के शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'' प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।'' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने शाहपुर नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और उप अभियंता को निलंबित कर दिया तथा नगर निकायों को जर्जर भवनों का पता लगाने और कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। सागर के मंडल आयुक्त वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शाहपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दीवार ढहने की घटना में 10 से 15 साल के नौ बच्चों की मौत हो गई एवं दो अन्य घायल हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने संवाददाताओं को बताया कि जर्जर मकान के पास एक टेंट में “पार्थिव शिवलिंग निर्माण” कार्यक्रम चल रहा था, उसी दौरान दीवार ढह कर टेंट पर गिर गई। उन्होंने बताया कि कई बच्चे टेंट और मलबे के नीचे दब गए।
भार्गव ने बताया कि घटना में जान गंवाने वाले कई बच्चे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।
जिलाधिकारी दीपक आर्य ने बताया कि बच्चे मंदिर के पास लगाए गए टेंट में बैठे हुए थे तभी बारिश के कारण मकान की दीवार ढह गई। उन्होंने बताया कि हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सात अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आर्य के अनुसार दो घायल बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज हो रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान ध्रुव यादव (12), नितेश पटेल (13), आशुतोष प्रजापति (15), प्रिंस साहू (12), पर्व विश्वकर्मा (10), दिव्यांश साहू (12), देव साहू (12), वंश लोधी (10) और हेमंत (10) के रूप में हुई है। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, “सागर जिले के शाहपुर गांव में भारी बारिश के कारण जर्जर मकान की दीवार गिरने से नौ मासूम बच्चों की मौत की खबर सुनकर मुझे दुख हुआ। मैंने जिला प्रशासन को घायल बच्चों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।” यादव ने घटना में घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। उन्होंने कहा, “मृतक बच्चों के परिवारों को सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।” एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि शाहपुर नगर पंचायत ने जर्जर मकानों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए थे लेकिन उसने स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी और नगर पंचायत के एक उप-अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस घटना पर दुख जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि दीवार गिरने से बच्चों की मौत की यह दूसरी घटना है। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के मद्देनजर यह जरूरी है कि प्रशासन ऐसी घटनाओं को टालने के लिए जर्जर भवनों एवं दीवारों का पता लगाए। -
अहमदाबाद. रेलवे दावा अधिकरण ने कहा है कि जीआरपी और आरपीएफ कर्मियों को ट्रेन यात्रा के लिए वैध अनुमति प्राप्त करनी होगी या टिकट खरीदना होगा और केवल पहचान पत्र ले जाना पर्याप्त नहीं है। अधिकरण ने एक कांस्टेबल द्वारा दायर मुआवजे की याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही, जिसने दावा किया था कि ट्रेन से गिरने के समय वह आधिकारिक ड्यूटी पर था। अधिकरण की अहमदाबाद पीठ ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) कर्मियों को ड्यूटी कार्ड पास जारी करने के परिपत्र के संबंध में ‘‘रेलवे के लापरवाह रवैये'' को भी रेखांकित किया, जिन्हें अक्सर यात्रा करनी पड़ती है। जीआरपी कांस्टेबल राजेश बगुल ने अधिकरण में याचिका दायर कर रेलवे से ब्याज के साथ आठ लाख रुपए का मुआवजा मांगा था और दावा किया था कि दुर्घटना के दिन वह ड्यूटी पर थे। उनकी याचिका के अनुसार, बगुल 13 नवंबर, 2019 को आधिकारिक ड्यूटी के लिए सूरत रेलवे पुलिस थाने गए थे। वह सूरत-जामनगर इंटरसिटी ट्रेन से सूरत से भरूच लौट रहे थे और इसी दौरान वह पालेज स्टेशन पर गिर गए, जिससे उनके बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं और पैर का एक हिस्सा काटना पड़ा। अधिकरण के सदस्य (न्यायिक) विनय गोयल ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि बगुल अपने आधिकारिक यात्रा दावों को साबित करने के लिए कोई वैध यात्रा अनुमति प्रस्तुत करने में असफल रहे हैं। पीठ ने कहा कि वैध यात्रा अनुमति के अभाव में आवेदक को वास्तविक यात्री नहीं माना जा सकता है। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि रेलवे को जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अधिकारियों को वैध यात्रा अनुमति देने के संबंध में जारी परिपत्र का पालन करना चाहिए।
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नलबाड़ी (असम) .अखरी बोडो कई वर्षों से 'ईरी रेशम कीट' का पालन कर रही हैं, लेकिन उन्हें व्यावसायिक रूप से कोई लाभ नहीं मिला था। हाल ही में नलबाड़ी जिले के प्रशासन ने एक अनूठी पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य अखरी बोडो जैसी ग्रामीण परिवेश वाली महिलाओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है। कभी अपनी रसोई में ईरी कीटों का पालन करने वाली अखरी के पास अब इसके लिए एक उचित 'शेड' है और वह अच्छी कमाई कर रही हैं। बरखेत्री विकास खंड के नौरा गांव निवासी अखरी ने कहा, "पहले मैं साल में मुश्किल से दो-तीन फसलें ही उगा पाती थी क्योंकि मेरे पास उचित 'शेड' नहीं था और कीटों के पोषण के लिए पत्तियां भी उपलब्ध नहीं थीं। अब मैं साल में पांच-छह फसलें उगाने में सक्षम हूं और प्रति फसल 8,000-10,000 रुपये कमा रही हूं।" जिले की ग्रामीण परिवेश वाली महिलाएं एक अनूठी पहल के माध्यम से लाभ ले रही हैं, जिसमें मनरेगा और अन्य योजनाओं का उपयोग आजीविका सृजन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए किया जा रहा है। जिला आयुक्त (डीसी) वर्णाली डेका ने कहा कि इस पहल में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभों को एक साथ लाकर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका 'मॉडल' बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। डेका ने कहा, "यह एक बहुआयामी आजीविका पहल है जिसमें हमने आत्मनिर्भर मूल्य श्रृंखला बनाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। इस पहल ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाएं अपने दैनिक घरेलू कामों के साथ-साथ व्यावसायिक पालन-पोषण भी कर सकती हैं।" उन्होंने कहा कि इसके लिए भूमि पर निर्भर न होकर अन्य स्थायी आजीविका विकल्पों की खोज आवश्यक हो गई और प्रशासन ने जिले की पारंपरिक ईरी कीट पालन संस्कृति को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया। मनरेगा के माध्यम से जिले के सभी सात विकास खंडों में 200-250 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ईरी शेड प्रदान किए गए हैं। डेका ने दावा किया कि अपनी शुरूआत के छह महीने के भीतर ही इस पहल ने जिले के हजारों परिवारों को लाभ पहुंचाया है, जिससे उन्हें बेहतर आजीविका के विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। डीसी ने कहा कि इस पहल के शुभारंभ के बाद से जिले ने ईरी बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि पहले इसे कामरूप और रेशम उत्पादन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केन्द्रीय रेशम बोर्ड से मंगाना पड़ता था, लेकिन अब जिला न केवल स्थानीय आपूर्ति को पूरा कर रहा है, बल्कि रंगिया, बाजाली और पानीखैती, गुवाहाटी की कपड़ा मिलों को भी आपूर्ति कर रहा है।
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वायनाड. केरल में वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। अधिकारियों ने शवों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं और अज्ञात शवों के लिए सामूहिक कब्र भी तैयार कर ली है। इस बीच, राज्य में मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दान देने और इस प्राकृतिक आपदा को 'राष्ट्रीय आपदा' के रूप में वर्गीकृत करने पर चर्चा जारी है। रविवार को, उन क्षेत्रों में अधिक कर्मियों और उपकरणों को तैनात किया गया, जहां शव मिलने की संभावना अधिक है और ड्रोन-आधारित ‘इंटेलिजेंट बरीड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम' का उपयोग उन स्थानों की पहचान करने के लिए किया गया, जहां शव शिलाओं के नीचे दबे हो सकते हैं। बचाव कार्यों को आगे बढ़ाते हुए, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), के-9 डॉग स्क्वायड, सेना, विशेष अभियान समूह, मद्रास इंजीनियरिंग समूह, पुलिस, अग्निशमन बल, वन विभाग, नौसेना और तटरक्षक बल सहित विभिन्न बलों के सैकड़ों कर्मियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किया गया। राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन के अनुसार, अब तक 221 शव और 166 मानव अंग बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा फोन पर कुछ लोगों से संपर्क किये जाने के बाद लापता लोगों की संख्या 206 से घटकर 180 हो गई है। वायनाड, मलप्पुरम और कोझिकोड से होकर बहने वाली चालियार नदी के किनारे भी तलाशी अभियान जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि चालियार नदी में कुल 74 शव और 134 मानव अंग मिले हैं, जिससे कुल संख्या 208 हो गई है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आज केरल पुलिस की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए बचाव अभियान में पुलिस और अग्निशमन बल के वीरतापूर्ण प्रयासों की सराहना की। केंद्रीय पर्यटन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आज वायनाड पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र वायनाड भूस्खलन को 'राष्ट्रीय आपदा' के रूप में वर्गीकृत करने की विभिन्न हलकों से की जा रही मांग के पीछे की वैधता की जांच करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘प्रभाव का अध्ययन किया जाना चाहिए।'' मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद उन्होंने जो कुछ भी देखा और समझा, उससे वे केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे। केरल को केंद्र द्वारा दी जाने वाली सहायता के संबंध में गोपी ने कहा कि राज्य को नुकसान का आकलन करना होगा और अनुरोध करना होगा। मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में दान के बारे में सोशल मीडिया पर विवाद पैदा करने का प्रयास भी चर्चा में रहा, खासकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा भूस्खलन से तबाह हुए वायनाड के पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार को दिए गए सहयोग के कारण। कांग्रेस ने कहा कि उसके सभी विधायक इस कोष में अपना एक महीने का वेतन देंगे। वायनाड जिले में भूस्खलन राहत के लिए सीएमडीआरएफ को दिए गए दान के बारे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, केरल सरकार ने रविवार को कोष के उपयोग के बारे में प्रश्नों का समाधान करने के लिए एक अस्थायी शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना की। यह निर्णय सीएमडीआरएफ को दिए जाने वाले दान के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा चलाये जा रहे दुष्प्रचार अभियान और आलोचनाओं के मद्देनजर लिया गया है। सीएमडीआरएफ में योगदान की घोषणा करते हुए विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने यह भी कहा कि यूडीएफ सभी पुनर्वास प्रयासों में भाग लेगा और भूस्खलन में जीवित बचे हुए लोगों के जीवन में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों के साथ-साथ दुनिया में उपलब्ध सभी तकनीकी सहायता का उपयोग चेतावनी तंत्र स्थापित करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चेतावनी जारी होने के बाद कम समय के भीतर लोगों को निकालने की उचित योजना भी होनी चाहिए। केरल के वायनाड जिले में हुई भूस्खलन की घटनाओं के कारण विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए एक ‘टाउनशिप' बनाये जाने संबंधी मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की घोषणा के एक दिन बाद, राज्य के उद्योग मंत्री पी राजीव ने रविवार को कहा कि इसके लिए एक मॉडल परियोजना तैयार की जाएगी। इस बीच, मंत्री राजन ने कहा कि अज्ञात या लावारिस शवों और मानव अंगों को सामूहिक रूप से दफनाने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले पांच शवों को दफनाया गया था और रविवार को आठ और शवों को यहां हैरिसन्स मलयालम लिमिटेड की जमीन पर तैयार कब्रों में दफनाया जाएगा, जिसे इस उद्देश्य के लिए अधिग्रहित किया गया है। उन्होंने कहा कि शवों को सभी धर्मों की प्रार्थनाओं और अंतिम संस्कारों के बीच दफनाया जाएगा। -
भोपाल, मध्यप्रदेश के भोपाल में 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी मां की मौत से दुखी होकर शनिवार को अपनी बड़ी बहन (दिव्यांग) की कथित तौर पर हत्या करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। कोलार थाना प्रभारी आशुतोष उपाध्याय ने बताया कि पंकज मालवीय ने कथित तौर पर लिखे गए एक सुसाइड नोट में बताया कि वह अपनी मां के बिना अब और नहीं जीना चाहता। अधिकारी ने बताया कि मालवीय का शव कोलार रोड स्थित उनके घर की छत से लटका हुआ मिला जबकि उनकी बहन सुनीता (53) रसोई में गले में फंदा डाले मृत पाई गईं। उन्होंने बताया कि शवों को उनके पिता ने देखा और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “पंकज पिछले महीने अपनी मां की मौत के बाद से अवसाद में था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उसने आत्महत्या करने से पहले सुनीता की हत्या कर दी।” उन्होंने बताया कि मृतक व्यक्ति तलाकशुदा था और अपनी बहन व पिता के साथ उनके फ्लैट में रहता था।
उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - शिमला। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और भारी वर्षा से अचानक आयी बाढ़ और भूस्खलन के कारण 114 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि मौसम विभाग ने राज्य में 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की शनिवार को चेतावनी दी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, यातायात के लिए बंद की गई सड़कों में से 36 मंडी में, 34 कुल्लू में, 27 शिमला में, आठ लाहौल और स्पीति में, सात कांगड़ा में और दो किन्नौर जिले में हैं। एक अधिकारी ने बताया कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम ने 82 मार्गों पर अपनी बस सेवाएं निलंबित कर दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, शुक्रवार शाम से जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 85 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद गोहर में 80 मिलीमीटर, शिलारू में 76.4 मिलीमीटर, पोंटा साहिब में 67.2 मिलीमीटर, पालमपुर में 57.2 मिलीमीटर, धर्मशाला में 56.2 मिलीमीटर और चौपाल में 52 मिलीमीटर बारिश हुई। स्थानीय मौसम कार्यालय ने 7 अगस्त तक भारी बारिश के लिए "येलो" अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि 27 जून से एक अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में 77 लोगों की जान चली गई और 655 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाणा, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर उपखंड में 31 जुलाई की रात को बादल फटने की कई घटनाओं से आई बाढ़ में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। बादल फटने के बाद लापता हुए 45 लोगों की तलाश शनिवार सुबह फिर शुरू की गई, जिसमें सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड के 410 बचावकर्मी ड्रोन की मदद से तलाश में जुटे हैं।
- मुंबई। ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में पुलिस को सचेत करने हेतु लोगों के लिए शुरू की गई '1930' साइबर हेल्पलाइन ने बैंकों से तुरंत संपर्क कर मुंबई में पिछले सात महीनों में 100 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े को होने से रोका है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ रुपये धोखेबाजों के हाथों में जाने से रोके गए और ऐसा शेयर कारोबार, निवेश, कूरियर कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी, ऑनलाइन कार्यों आदि से जुड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी के 35,918 मामलों में कार्रवाई से संभव हो सका। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद तीन शिफ्ट में काम करने वाले तीन अधिकारी और 50 सिपाही तुरंत बैंकों और उसके नोडल कर्मियों से संपर्क करते हैं ताकि पैसे को आगे हस्तांतरित होने से रोका जा सके। आरोपियों के खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं। '' अधिकारी ने कहा कि लोगों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने के लिए पुलिस के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए और ऐसा होने पर तुरंत '1930' हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।
- चंडीगढ़,। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कुल 20,629 मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे। हरियाणा में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग के मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के बाद दो अगस्त को सभी निर्धारित स्थानों पर राज्य के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे सूची की गहन समीक्षा करें तथा 16 अगस्त तक किसी भी त्रुटि की सूचना संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को दें। राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।राज्य के सभी 22 जिलों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के इंजीनियरों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अपने जिला कार्यालय प्रभारी से संपर्क कर इस जांच के दौरान मौजूद रह सकते हैं। अग्रवाल ने बताया कि संशोधित मतदाता सूची तैयार करने के लिए तीन, चार, 10 और 11 अगस्त की विशेष तिथियां निर्धारित की गई हैं। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 27 अगस्त को होगा। मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम शामिल होंगे उन्हें ही वोट देने की अनुमति होगी।
- देहरादून,। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बात की और उन्हें राज्य में हाल में हुई भारी बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग और कई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) को हुए व्यापक नुकसान के बारे में जानकारी दी। धामी ने गडकरी से कहा कि मानसून के बाद राज्य में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए राजमार्गों की मरम्मत जल्द की जानी आवश्यक है। गडकरी ने उन्हें स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। गढ़वाल के आयुक्त विनय शंकर पांडे को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। धामी ने यात्रा मार्ग पर जारी बचाव कार्यों की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग और लोक निर्माण विभाग के सचिवों को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने और बहाली कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने कहा कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो केदारनाथ तक जाने वाले यात्रा मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने और इसे बहाल करने में एक सप्ताह का समय लग सकता है, जबकि मार्ग के 150 मीटर टूटे हिस्से की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के रास्ते में बचे हुए 1,000 तीर्थयात्रियों को निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, वे सभी सुरक्षित हैं और उनकी अच्छी तरह से देखभाल की जा रही है। सुमन ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह बचाव अभियान शुरू होने के बाद से 9,099 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। शुक्रवार रात राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में हालांकि बताया गया था कि एक अगस्त को अभियान शुरू होने के बाद से निकाले गए तीर्थयात्रियों की संख्या 10,715 है। भारतीय वायुसेना के चिनूक और एमआई17 हेलीकॉप्टर की भी बचाव अभियान में मदद ली जा रही है।
- बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल करके भूस्खलन के मलबे के नीचे दबे लोगों का पता लगाना संभव नहीं है। केरल में भूस्खलन के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चलाये जा रहे अभियान के बीच उनका यह बयान आया है। सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक के जरिये जमीन की एक निश्चित गहराई की जानकारी हासिल की जा सकती है लेकिन लोगों को खोजने के लिए इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसरो द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में इस संबंध में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सोमनाथ ने कहा, ‘‘मलबे के नीचे दबी वस्तुओं का पता लगाने के लिए अंतरिक्ष-आधारित सेंसर की सीमाएं हैं, जो वर्तमान में एक मुद्दा है। अंतरिक्ष तकनीक से जमीन के नीचे क्या है, इसका पता लगाना संभव नहीं है।'' भारत-अमेरिका मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए चयनित हुए दो ‘गगनयात्री' से संबंधित सवाल का भी सोमनाथ ने जवाब दिया। सोमनाथ ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने की प्रक्रिया ही आपको बहुत कुछ सीखने का मौका देती है। हमारे एक अंतरिक्ष यात्री को तैयारी की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे हमें पता चलेगा कि गगनयान मिशन के लिए गगनयात्रियों को कैसे तैयार किया जाए।'' उन्होंने कहा कि जब गगनयात्री वास्तव में उड़ान के अनुभव से गुजरेंगे, तथा वहां पहले से ही मौजूद अंतरराष्ट्रीय चालक दल के साथ काम करेंगे, तो इससे उन्हें वास्तव में वह ज्ञान और कौशल प्राप्त होगा, जो इसरो को भारत के मिशन के लिए तैयार कर देगा। सोमनाथ ने इसरो की शुरुआती असफलताओं के बारे में भी बात की, जिसने अंततः इसकी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह 23 अगस्त को मनाए जाने वाले पहले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस को लेकर उत्साहित हैं।
- तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित मुंडक्कई और चूरलमाला क्षेत्रों के लोगों को शनिवार को मुफ्त राशन देने की घोषणा की। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जी आर अनिल ने कहा कि मुंडक्कई और चूरलमाला के लोगों को अगस्त महीने का राशन मुफ्त मिलेगा। फिलहाल प्राथमिकता वाले वर्ग को मुफ्त और गैर प्राथमिकता वाले वर्ग को उचित मूल्य पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सभी वर्गों को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराया जाएगा। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुये भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 218 हो गई है। प्रशासन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मृतकों में 90 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं। इसमें बताया गया है कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबे से अब तक 143 मानव अंग भी बरामद किए जा चुके हैं। बयान के अनुसार, 218 शवों में से 152 की पहचान उनके परिजनों ने कर ली है। लगभग 300 लोगों के लापता होने की आशंका है तथा बचावकर्मी नष्ट हो चुके घरों और इमारतों में खोजबीन करते समय जलमग्न मिट्टी सहित अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझ रहे हैं।
- नयी दिल्ली ।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि संघीय व्यवस्था में राज्यपाल केंद्र और राज्यों के बीच कड़ी हैं, वहीं उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि राज्यपालों को राज्य सरकारों से जानकारी मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन में, अपने समापन संबोधन में मुर्मू ने कहा कि जन कल्याण और समग्र विकास के लिए सभी संस्थाओं का सुचारू संचालन बहुत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने के उद्देश्य से चर्चा हुई। बयान में कहा गया, ‘‘राज्यपाल भारत की संघीय व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के बीच कड़ी हैं।''राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास जताया कि राज्यपालों के समूहों द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार, सहकारी संघवाद और केंद्रीय संस्थानों के आपसी समन्वय को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपालों की जिम्मेदारी नागरिकों के लिए आदर्श उदाहरण स्थापित करने की है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि वे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उदाहरण स्थापित करते हैं, तो यह न केवल उनकी पहचान बनेगी, बल्कि लोगों का मार्गदर्शन भी करेगी।'' उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन ने इसमें भाग लेने वाले सभी लोगों के मन पर अमिट छाप छोड़ी है, जिन्होंने महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्यपालों को प्रभावी कामकाज के लिए संबंधित राज्य सरकारों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने में संकोच नहीं करना चाहिए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यपालों से राजभवनों में शासन का आदर्श मॉडल विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजभवनों के प्रभावी संचालन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का निरंतर प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यपालों से अपने कामकाज में प्रौद्योगिकी को अपनाने और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया। सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत राज्यपालों के छह समूहों द्वारा अपने विचार-विमर्श के आधार पर प्रस्तुतीकरण देने और भविष्य की रूपरेखा सुझाने के साथ हुई। राज्यपालों के समूहों द्वारा प्रस्तुत सभी रिपोर्ट के अवलोकन के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके प्रयासों की प्रशंसा की तथा कहा कि राज्यपालों और राजभवनों के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी कार्रवाई योग्य बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।
- शिमला,।हिमाचल प्रदेश के मंडी में राजबन गांव से एक शव बरामद होने के साथ ही तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि बचाव दल करीब 45 लापता लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 11 वर्षीय अनामिका का शव एक बड़े पत्थर के नीचे मिला।हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों - शिमला, कुल्लू और मंडी - में बादल फटने के बाद लापता हुए करीब 45 लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान शनिवार को फिर से शुरू हो गया लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), पुलिस और होमगार्ड की टीम के कुल 410 बचावकर्मी ड्रोन की मदद से खोज अभियान में शामिल हैं। बुधवार रात कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाणा, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर उपखंड में बादल फटने से आई बाढ़ में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर करम सिंह ने कहा, "संयुक्त बचाव अभियान चल रहा है और लापता लोगों की तलाश के प्रयास जारी हैं। हम मलबे में दबे या फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए विभिन्न उपकरणों और सेंसर का उपयोग कर रहे हैं।'' करम की टीम अन्य लोगों के साथ शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज गांव में लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। सरपारा गांव के प्रधान मोहन लाल कपटिया ने कहा, ‘‘हर गुजरते घंटे के साथ लोगों को जीवित बचाने की संभावना कम होती जा रही है, लेकिन हम बस यही उम्मीद करते हैं कि शव जल्द ही बरामद कर लिए जाएं, क्योंकि देर होने पर शव सड़ जाएंगे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाएगा।'' पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने शनिवार को कुल्लू जिले के सैंज क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कुछ पीड़ित अभी भी राहत राशि का इंतजार कर रहे हैं और उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने को कहा। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार को बताया कि कुल्लू में श्रीखंड महादेव के आसपास फंसे करीब 300 लोग सुरक्षित हैं और मलाणा में करीब 25 पर्यटकों की भी स्थानीय लोग अच्छी तरह देखभाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को रामपुर के समेज गांव का दौरा किया था, जहां 30 से अधिक लोग लापता हैं। सुक्खू ने पीड़ितों के लिए 50,000 रुपये की तत्काल राहत की घोषणा की थी और कहा था कि उन्हें अगले तीन महीनों के लिए किराए के लिए 5,000 रुपये मासिक दिए जाएंगे, साथ ही गैस, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी दी जाएंगी।
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नयी दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि भारत ने यूक्रेन से अपने छात्रों को निकालकर विश्व के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दोनों देशों (रूस तथा यूक्रेन) के साथ 24 घंटे के युद्धविराम के लिए बातचीत करने के बाद ऐसा संभव हो सका। यहां पांचवें डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मारक व्याख्यान में कोविंद ने कहा कि भारत विश्वगुरु बनने की राह पर है और उन्होंने युवाओं से इसमें योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कई उदाहरण भी दिए कि कैसे भारत ने खुद को वैश्विक शक्ति साबित किया है, जिसमें हाल में विधायिका में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी शामिल है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में बात करते हुए कोविंद ने कहा कि हर किसी को उम्मीद थी कि यह एक या दो महीने में खत्म हो जाएगा, यही वजह है कि कई भारतीय छात्र युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंस गए। कोविंद ने कहा, ‘‘जब छह-आठ महीने बीत गए, तो स्थिति ऐसी हो गई कि गुजारा करना मुश्किल हो गया। छात्रों के अभिभावकों की चिंता पर सरकार ने गौर किया। मैं जानबूझकर यह उदाहरण दे रहा हूं, मैं उस समय राष्ट्रपति भवन में था।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पूछा कि इतने सारे भारतीय छात्र यूक्रेन क्यों जाते हैं। मुझे बताया गया कि वहां मेडिकल की पढ़ाई सस्ती है। हमारे छात्र फंस गए, अगर उन्हें कुछ हो जाता तो सरकार जिम्मेदार होती। यह हालांकि सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी, माता-पिता ने उन्हें वहां भेजा था, लेकिन सरकार को दोषी ठहराया जाता।'' कोविंद ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने एक उदाहरण पेश किया है।'' उन्होंने कहा कि भारत ने खुद को एक वैश्विक ताकत साबित किया है और दोनों देशों (रूस और यूक्रेन) से 24 घंटे के लिए युद्ध विराम के लिए बात की है। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों बड़े देश हैं। यदि कोई अन्य देश हस्तक्षेप करता तो क्या वे सहमत होते? नहीं।''
कोविंद ने दावा किया, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन से बात की और शुक्र है कि दोनों सहमत हो गए। चौबीस घंटे के लिए युद्ध रुक गया।'' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान और चीन जैसे अन्य देशों के छात्र भी फंसे हुए हैं, लेकिन उनकी सरकारें उन्हें निकाल नहीं पा रही हैं। कोविंद ने कहा कि भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महिला शक्ति वंदन अधिनियम एक प्रगतिशील कानून है...जब अमेरिका को आजादी मिली, तो महिलाओं को लंबे समय तक मतदान का अधिकार नहीं था। भारत में, जिस दिन हमने संविधान अपनाया, उसी दिन हमने महिलाओं के मतदान के अधिकार को मान्यता दे दी थी।'' यूपीआई भुगतान को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने बताया कि वैश्विक यूपीआई लेनदेन का 46 प्रतिशत भारत में होता है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में कहीं भी डिजिटल भुगतान इस पैमाने पर नहीं है।'' कोविंद ने कहा कि भारतीय रुपये का मूल्य बढ़ रहा है और अब रुपये का इस्तेमाल कम से कम 10 देशों में मुद्रा के रूप में किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद कर सकते हैं कि जल्द ही भारतीय रुपये को डॉलर और पाउंड की तरह स्वीकार्यता मिलेगी।'' पूर्व राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया और बताया कि भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश है। उन्होंने मंगल मिशन का भी उल्लेख किया। कोविंद ने युवाओं से 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के प्रयास में शामिल होने का आग्रह किया। -
नयी दिल्ली. भारत के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के रूप में लोक अदालतों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोग अदालतों के मामलों से ‘इतने तंग' आ गए हैं कि वे बस समझौता चाहते हैं। लोक अदालतें ऐसा मंच हैं जहां न्यायालयों में लंबित या मुकदमेबाजी से पहले के विवादों और मामलों का निपटारा या सौहार्दपूर्ण ढंग से समझौता किया जाता है। पारस्परिक रूप से स्वीकृत समझौते के विरुद्ध कोई अपील दायर नहीं की जा सकती। चंद्रचूड़ ने उच्चतम न्यायालय में विशेष लोक अदालत सप्ताह के उपलक्ष्य में कहा, ‘‘लोग इतना परेशान हो जाते हैं अदालत के मामलों से कि वे कोई भी समझौता चाहते हैं... बस अदालत से दूर करा दीजिए। यह प्रक्रिया ही सजा है और यह हम सभी न्यायाधीशों के लिए चिंता का विषय है।'' मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें हर स्तर पर लोक अदालत के आयोजन में बार और बेंच सहित सभी से जबरदस्त समर्थन और सहयोग मिला। चंद्रचूड़ ने कहा कि जब लोक अदालत के लिए पैनल गठित किए गए थे तो यह सुनिश्चित किया गया था कि प्रत्येक पैनल में दो न्यायाधीश और बार के दो सदस्य होंगे। चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्हें सचमुच में लगता है कि उच्चतम न्यायालय भले ही दिल्ली में स्थित हो, लेकिन यह दिल्ली का उच्चतम न्यायालय नहीं है। यह भारत का उच्चतम न्यायालय है। चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘लोक अदालत का उद्देश्य लोगों के घरों तक न्याय पहुंचाना और लोगों को यह सुनिश्चित करना है कि हम उनके जीवन में निरंतर मौजूद हैं।
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नयी दिल्ली. प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार यामिनी कृष्णमूर्ति (84) का उम्र संबंधी बीमारियों से अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। कृष्णमूर्ति के प्रबंधक और सचिव गणेश ने बताया, "वह उम्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं और पिछले सात महीनों से गहन चिकित्सा ईकाई (आईसीयू) में थीं।" कृष्णमूर्ति का पार्थिव शरीर रविवार को सुबह नौ बजे उनके संस्थान 'यामिनी स्कूल ऑफ डांस' में लाया जाएगा। यामिनी कृष्णमूर्ति के अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। कृष्णमूर्ति के परिवार में दो बहनें हैं।
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नयी दिल्ली केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोगों से 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है जो हर भारतीय में बुनियादी एकता को जागृत करता है। शाह ने कहा कि नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहिए, उसके साथ एक सेल्फी लेनी चाहिए और 'हर घर तिरंगा' की वेबसाइट पर तस्वीर अपलोड करनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा त्याग, निष्ठा व शांति का प्रतीक है। हर घर तिरंगा अभियान आजादी के नायकों को याद करने, राष्ट्रप्रथम का संकल्प लेने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने का माध्यम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर यह अभियान बीते दो वर्षों से जन-जन का अभियान बन गया है। आगामी 9 से 15 अगस्त तक आप भी अपने घरों में तिरंगा लहराकर वेबसाइट पर अपनी सेल्फी अपलोड करें।''
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नई दिल्ली । भारत ने इंडो यूएस स्पेस मिशन के लिए अपना मुख्य अंतरिक्ष यात्री चुन लिया। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारत की तरफ से इस मिशन के मुख्य अंतरिक्ष यात्री होंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए आगामी भारत-अमेरिका मिशन पर उड़ान भरने के लिए अपने अंतरिक्ष यात्री-नियुक्तों में सबसे कम उम्र के व्यक्ति को मुख्य अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना है। भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को हाल ही में प्रोमेशन मिला था।
आईएसएस में भेजेगा नासाइसरो ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजेगा। इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) ने आईएसएस के लिए अपने आगामी एक्सिओम-4 मिशन के लिए अमेरिका स्थित एक्सिओम स्पेस के साथ अंतरिक्ष उड़ान समझौता (एसएफए) किया है। इसमें दो भारतीय मुख्य और बैकअप मिशन पायलट होंगे। बयान के अनुसार, ग्रुप कैप्टन शुक्ला प्राइमरी मिशन पायलट होंगे, जबकि भारतीय वायु सेना के एक अन्य अधिकारी, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, बैकअप मिशन पायलट होंगे।इस महीने के पहले सप्ताह से ट्रेनिंगइन्हें गगनयात्री के नाम से जाना जाएगा। इन अधिकारियों की ट्रेनिंग अगस्त महीने के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। मिशन के दौरान, अधिकारी आईएसएस के लिए चुने गए साइटिस्टों के साथ रिसर्च और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रयोग करेंगे। साथ ही स्पेस आउटरीच एक्टिविटीज में भी शामिल होंगे।ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कौन हैं?यूपी की राजधानी लखनऊ में साल 1985 में जन्मे, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भारतीय वायु सेना में अपना सफर लगभग 18 साल पहले शुरू किया था।उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में ट्रेनिंग ली है। वह एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक टेस्ट पायलट हैं जिनके पास लगभग 2,000 घंटे का उड़ान अनुभव है। उन्होंने सुखोई-30एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एन-32 सहित कई तरह के विमान उड़ाए हैं। ग्रुप कैप्टन शुक्ला के परिवार के अनुसार कारगिल के दौरान भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की वीर गाथाओं को पढ़ने के बाद उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने की प्रेरणा मिली। एक इंटरव्यू में उनकी बड़ी बहन का कहना था कि 1999 में जब कारगिल में युद्ध छिड़ा था, तब वह सिर्फ 14 साल के थे। उस समय पाकिस्तानी घुसपैठियों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारतीय चौकियों पर अतिक्रमण कर लिया था।



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