- Home
- देश
- मुंबई। मुंबई में एक दिन पहले ‘दही हांडी’ उत्सव के तहत मानव पिरामिड बनाने में शामिल कुल 245 ‘गोविंदा’ घायल हो गए। स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन घायलों में से 32 विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 213 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। जन्माष्टमी के तहत दही हांडी उत्सव में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में यह त्योहार पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।उत्सव के तहत दही हांडी के प्रतिभागी बहु-स्तरीय मानव पिरामिड बनाते हैं और हवा में लटकी दही हांडी को तोड़ते हैं।एक अधिकारी ने बताया कि उत्सव के दौरान घायल हुए 11 गोविंदा को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा संचालित केईएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, राजावाडी और सायन अस्पताल में चार-चार तथा जे जे अस्पताल में एक गोविंदा को भर्ती कराया गया।उन्होंने बताया कि अन्य घायल गोविंदाओं को दक्षिण मुंबई में सरकारी सेंट जॉर्ज अस्पताल, जोगेश्वरी में सरकारी ट्रॉमा केयर अस्पताल तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती कराया गया। उत्सव के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में 11,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन धन योजना को सफल बनाने के लिए काम करने वाले लोगों की बुधवार को प्रशंसा की और कहा कि यह योजना वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने में सर्वोपरि रही है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज एक ऐतिहासिक दिन है – जन धन योजना के 10 वर्ष पूरे हो गए हैं। सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं और इस योजना को सफल बनाने के लिए दिन-रात एक करने वाले सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई।’’उन्होंने कहा कि जन धन योजना वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने और करोड़ों लोगों खासकर महिलाओं, युवाओं तथा वंचित समुदायों को सम्मान देने में सर्वोपरि रही है। वर्ष 2014 में आज के दिन शुरू की गयी प्रधानमंत्री जन धन योजना वित्तीय समावेश पर एक राष्ट्रीय मिशन है जिसमें देश के सभी परिवारों के व्यापक वित्तीय समावेश के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण शामिल है। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक बुनियादी बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षरता, ऋण, बीमा और पेंशन सुविधा तक पहुंच के साथ बैंकिंग सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना है। - नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा और धोलेरा की तर्ज पर विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहरों की स्थापना के प्रस्ताव को इस सप्ताह मंजूरी दे सकता है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित 12 औद्योगिक शहरों में से दो आंध्र प्रदेश और एक बिहार में बन रहे हैं।वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में 100 शहरों में या उसके आसपास 'प्लग एंड प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित करने की घोषणा की गई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने पहले बताया था कि ऐसे आठ शहर पहले से ही कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। चार शहरों - धोलेरा (गुजरात), ऑरिक (महाराष्ट्र), विक्रम उद्योगपुरी (मध्य प्रदेश) और कृष्णपट्टनम (आंध्र प्रदेश) में शुरुआती काम हो चुका है और उद्योग के लिए भूमि आवंटन का काम चल रहा है। इसी तरह, अन्य चार शहरों में सरकार का विशेष उद्देश्य वाहन सड़क संपर्क, पानी और बिजली आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया में है। आठ औद्योगिक शहर पहले से ही विकास के चरण में हैं और बजट में 12 नए शहरों की घोषणा के साथ, देश में इन शहरों की कुल संख्या 20 तक पहुंच जाएगी। इस कदम से देश के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ाने और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने जन शिकायत निवारण की समय सीमा मौजूदा 30 दिन से घटाकर 21 दिन कर दिया है। संशोधित दिशा-निर्देशों से जुड़े आदेश में शिकायतों के निपटारे के लिए समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति का सुझाव दिया गया है, साथ ही ‘सरकार के समग्र दृष्टिकोण' पर भी जोर दिया गया है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘इसका अर्थ यह है कि शिकायत को किसी भी मामले में यह कहकर बंद किया जाएगा कि ‘इस मंत्रालय/विभाग/कार्यालय से संबंधित नहीं है' या इस तरह की अन्य भाषा के आधार पर इसे नहीं बंद किया जाएगा। यदि शिकायत का विषय प्राप्त करने वाले मंत्रालय से संबंधित नहीं है, तो इसे सही प्राधिकारी को हस्तांतरित करने का प्रयास किया जाएगा।'' इसमें कहा गया कि जिन मंत्रालयों/विभागों में बड़ी संख्या में जन शिकायतें प्राप्त होती हैं, वहां स्वतंत्र प्रभार के साथ पर्याप्त पद पर एक समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त करने की सलाह दी जाती है, ताकि जन शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निपटान सुनिश्चित किया जा सके। संशोधित दिशा-निर्देशों का उल्लेख करने वाला यह आदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 जून को भारत सरकार के सचिवों के साथ बातचीत के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद जारी किया गया। निर्देशों के अनुपालन में, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने केन्द्रीयकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) को ‘‘नागरिकों के लिए अधिक संवेदनशील, सुलभ और सार्थक'' बनाने के लिए मौजूदा प्रक्रियाओं की समीक्षा की। यह एक ऑनलाइन पोर्टल है, जो लोगों को सरकारी विभागों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। विभाग द्वारा 23 अगस्त, 2024 जारी आदेश में कहा गया, ‘‘सीपीजीआरएएमएस में शुरू किए गए 10 चरणों के सुधारों ने औसत समाधान समय को काफी कम कर दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए, सीपीजीआरएएमएस में मामलों के लिए डीएआरपीजी द्वारा सुझाए गए अधिकतम निवारण समय को और घटाकर 21 दिन कर दिया गया है।'' आदेश में कहा गया कि जिन मामलों में निवारण में अधिक समय लगता है, वहां कारण बताते हुए अंतरिम उत्तर दिया जा सकता है तथा शिकायत के समाधान की अपेक्षित समयसीमा भी बताई जा सकती है।
- देहरादून. दिल्ली में केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति के निर्माण की योजना रदद कर दी गई है । प्रतिकृति निर्माण को लेकर हाल में खासा विवाद हुआ था । दिल्ली के बुराड़ी में मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए थे । मंदिर के निर्माण से जुड़े केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट की अध्यक्ष सुमन मित्तल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “उत्तराखंड के कुछ लोगों द्वारा मंदिर निर्माण को लेकर आपत्ति जताए जाने के कारण हमने मंदिर को न बनाने का निर्णय लिया है और हमने सोचा कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत होंगी।” उन्होंने कहा, “हम अब उस नाम से कोई मंदिर नहीं बना रहे हैं।”मित्तल ने बताया कि ट्रस्ट ने मंदिर के निर्माण के लिए क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन दान लेना भी बंद कर दिया है । उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिमालयी धाम के पुजारियों ने राष्ट्रीय राजधानी के बुराड़ी में मंदिर बनाए जाने का यह कहते हुए विरोध किया था कि केदारनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसकी कहीं और प्रतिकृति बनाना सदियों पुराने मंदिर का अपमान होगा । इस मंदिर के निर्माण के विरोध में विपक्षी कांग्रेस ने हरिद्वार में हर की पौड़ी से पदयात्रा भी निकाली थी।
- नयी दिल्ली. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को घोषणा की कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भाजपा में शामिल होंगे। शर्मा ने कहा कि सोरेन 30 अगस्त को रांची में पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ सोरेन की मुलाकात की एक तस्वीर पोस्ट की। झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के सह-प्रभारी शर्मा भी बैठक में शामिल थे।शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हमारे देश के दिग्गज आदिवासी नेता चंपई सोरेन जी ने कुछ समय पहले माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से मुलाकात की। वह 30 अगस्त को रांची में आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल होंगे।” झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सोरेन ने पार्टी नेतृत्व पर उनका अपमान करने का आरोप लगाया था और घोषणा की थी कि वह जल्द ही अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में फैसला करेंगे। यह अनुमान लगाया जा रहा था कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
- नयी दिल्ली. एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) से सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष 6,250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस योजना के तहत 23 लाख पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन दी जाएगी।यूपीएस एक अप्रैल, 2025 से प्रभावी होने पर सरकार के योगदान को मौजूदा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 18.5 प्रतिशत करने का इरादा रखती है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकारी योगदान में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि से सरकार को 6,250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है। सरकार यूपीएस के तहत अपना योगदान बढ़ा रही है, लेकिन कर्मचारियों का योगदान मूल वेतन के 10 प्रतिशत पर बरकरार रहेगा। इसके अलावा, 31 मार्च, 2025 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत 800 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान किया जाना है। ये सेवानिवृत्त कर्मचारी यदि यूपीएस का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें बकाया राशि मिलेगी। एनपीएस एक अंशदायी योजना है, जबकि इससे पहले की पेंशन योजना में सरकार ने अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत भुगतान करने का वादा किया था। एनपीएस एक जनवरी, 2004 से लागू हुई थी। दूसरी ओर यूपीएस सेवा अवधि के आधार पर सुनिश्चित पेंशन देने करने की परिकल्पना करती है।केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा शनिवार को स्वीकृत योजना के जरिए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों से पहले सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा किया गया है। एनपीएस के तहत आने वाले कर्मचारी यूपीएस का विकल्प चुन सकते हैं। एक बार विकल्प चुनने के बाद वापस इसे बदलने का विकल्प नहीं होगा। यूपीएस का विकल्प चुनने वाले कर्मचारी न्यूनतम 25 वर्ष की सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों में मिले औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत की सुनिश्चित पेंशन के लिए पात्र होंगे। दूसरी ओर 25 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि तक आनुपातिक रूप से तय होगी।
- इंदौर . केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने सोमवार को कहा कि सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि पारंपरिक ज्ञान पर आधारित आयुर्वेदिक दवाओं को किस तरह उचित मान्यता दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आयुष दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश की हर तहसील में विशेष मेडिकल स्टोर खोलने की कोशिश भी की जा रही है। जाधव ने इंदौर में कहा,‘‘ प्राचीन काल से लेकर अब तक देश में आयुर्वेद का पारंपरिक ज्ञान लोगों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सफर करता आ रहा है। आयुर्वेद में बहुत अच्छी दवाएं हैं, लेकिन उन्हें कोई मान्यता नहीं मिली हुई है। हम सोच रहे हैं कि इन दवाओं को कैसे मान्यता दी जा सकती है?'' उन्होंने कहा कि आमतौर पर मेडिकल स्टोर में आयुष की गिनी-चुनी दवाएं ही मिलती हैं जिससे मरीजों के साथ ही ये औषधियां सुझाने वाले चिकित्सकों को भी दिक्कत होती है। आयुष मंत्री ने कहा,‘‘सरकार चाहती है कि अनुसंधान के बाद आयुष की औषधियां ज्यादा से ज्यादा बाजार में आएं और ये दवाएं हर जगह मिलें। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं कि देश की हर तहसील में आयुष दवाओं का कम से कम एक विशेष मेडिकल स्टोर खोला जाए।' जाधव ने बताया कि देश में तहसील स्तर तक आयुष चिकित्सालय भी खोले जा रहे हैं।अधिकारियों ने बताया कि आयुष मंत्री ने इंदौर, देवास और उज्जैन में अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने बर्ड फ्लू के एच5एन1 वायरस के पाए जाने के बाद पुरी जिले के पिपिली में 11,700 मुर्गियों को मारा है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पिपिली में एक स्थानीय मुर्गीपालन केंद्र में बड़े पैमाने पर मुर्गियों की सामूहिक मौत के बाद, शनिवार को मुर्गियों को मारने का काम शुरू हुआ और सोमवार शाम को यह संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि घरों और आस-पास के गांवों में अतिरिक्त मुर्गियों को मारने का काम मंगलवार को किया जाएगा। रोग नियंत्रण के अतिरिक्त निदेशक जगन्नाथ नंदा ने कहा कि 13 त्वरित कार्रवाई दल मुर्गियों को मारने का काम रहे हैं जबकि कुछ मुर्गी पालन केंद्रों के मालिक भी अपने स्तर पर मुर्गियों को मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं और मुर्गियों की असामान्य मौत की कोई खबर नहीं है। बर्ड फ्लू के मद्देनजर राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और अलर्ट जारी किया है।स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक बिजय महापात्र ने बताया कि बर्ड फ्लू ओडिशा के लिए नयी बात नहीं है, लेकिन विभाग स्थिति से निपटने के लिए पक्षकारों के साथ काम कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं और पॉल्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों से स्वच्छता बनाए रखने और मास्क पहनने का आग्रह किया।
- नयी दिल्ली. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में सोमवार तड़के एक कैंटर ट्रक ने फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कथित तौर पर कुचल दिया जिनमें से तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी और कहा कि दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि कथित घटना शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन के पास तरबूज बाजार में सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई। उन्होंने बताया कि ये सभी लोग बेघर थे और फुटपाथ पर सो रहे थे। एक अधिकारी ने बताया कि एक मालवाहक वाहन सीलमपुर से आयरन ब्रिज की ओर आ रहा था, जो पुल पर बीच में ‘डिवाइडर' पर चढ़ गया और उसने फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया जहां तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। उनमें से एक की पहचान बिहार के कटिहार के मोहम्मद जाकिर (35) के रूप में हुई जो यहां श्रमिक के रूप में काम करता था। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, वह अक्सर उसी फुटपाथ पर सोता था। अन्य दो मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। अधिकारी ने बताया कि दो घायल मुश्ताक (35) और कमलेश (36) को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया।पास की झोपड़ी में सो रहे जैनूल ने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद वह घटनास्थल पर पहुंचा। उसने कहा, ‘‘मैं मौके पर पहुंचा तो मुस्तफा दर्द से जोर-जोर से कराह रहा था। पुलिस आधे घंटे बाद पहुंची और एम्बुलेंस बाद में आई। मैंने घायलों को उठाने और उन्हें अस्पताल ले जाने में पुलिस की मदद की। कोई और मदद के लिए आगे नहीं आया।'' मृतकों में से एक का जिक्र करते हुए स्थानीय निवासी सनी ने कहा, ‘‘मैं उसका नाम नहीं जानता, लेकिन हम उसे बहादुर कहते थे। वह सड़क किनारे किराने का सामान और सिगरेट की दुकान चलाता था।'' पुलिस उपायुक्त (पूर्वोत्तर) जॉय टिर्की ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (लापरवाही पूर्वक वाहन चलाना), 125ए (दूसरों की निजी सुरक्षा को खतरे में डालना) और 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि ट्रक चालक को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं और दो अन्य मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में पांच नए जिले बनाने की घोषणा की। स्थानीय लोगों ने कुल जिलों की संख्या सात करने के कदम का स्वागत किया और कहा कि नये जिले बनने से उनकी लंबे समय से लंबित मांग पूरी हुई है। हालांकि, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के साथ मिलकर राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार सहित अपनी चार प्रमुख मांगों के लिए लड़ रहे लेह के शीर्ष निकाय ने कहा कि वे अपना शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेंगे। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि एक विकसित और समृद्ध लद्दाख बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पांच नए जिले बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘ये नए जिले जांस्कर, द्रास, शाम, नुबरा और चांगथांग होंगे जो लद्दाख के हर हिस्से में शासन को मजबूत करके लोगों के लिए फायदों को उनके दरवाजे तक पहुंचाएंगे।'' शाह ने कहा कि मोदी सरकार लद्दाख की जनता के वास्ते अपार अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि नये जिलों के निर्माण से सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं लोगों तक आसानी से पहुंचेंगी और अधिक से अधिक लोग इनसे लाभान्वित हो सकेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन की सराहना करते हुए इसे बेहतर शासन और समृद्धि की दिशा में एक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जांस्कर, द्रास, शाम, नुबरा और चांगथांग पर अब अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे सेवाओं और अवसरों को लोगों के और करीब लाया जा सकेगा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, ‘‘लद्दाख में पांच नए जिलों का निर्माण बेहतर शासन और समृद्धि की दिशा में एक कदम है।'' इन पांच जिलों के गठन के बाद अब लद्दाख में लेह और करगिल को मिलाकर कुल सात जिले हो जायेंगे।गृह मंत्रालय के मुताबिक, अत्यंत कठिन और दुर्गम होने के कारण वर्तमान में जिला प्रशासन को जमीनी स्तर तक पहुंचने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मंत्रालय के मुताबिक, इन जिलों के गठन के बाद अब केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन की सभी जनहित योजनाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगी और अधिक से अधिक लोग उनका लाभ उठा सकेंगे। मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पांच नए जिलों के गठन की ‘‘सैद्धांतिक स्वीकृति'' देने के साथ ही गृह मंत्रालय ने लद्दाख प्रशासन को नए जिलों के गठन से संबंधित विभिन्न पहलुओं जैसे मुख्यालय, सीमाएं, संरचना और पदों के सृजन आदि के आंकलन के लिए एक समिति बनाने और उसे तीन महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर को पांच अगस्त, 2019 को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। एक केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख और दूसरा जम्मू कश्मीर है। केंद्रशासित प्रदेश होने के नाते लद्दाख केंद्रीय गृह मंत्रालय के सीधे प्रशासनिक नियंत्रण में आता है।पूर्व भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नांग्याल ने केंद्र की घोषणा को लद्दाख के लोगों के लिए ‘जन्माष्टमी का उपहार' करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘2018 में भाजपा ने लद्दाख को एक अलग मंडल दिया और अगले साल केंद्र शासित प्रदेश की मांग को भी पूरा किया और बजट को बढ़ाकर 6,000 करोड़ रुपये कर दिया। हम इस फैसले (नये जिले गठित करने) का स्वागत करते हैं जो लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप है।'' जलवायु कार्यकर्ता एवं लेह शीर्ष निकाय के सदस्य सोनम वांगचुक ने कहा, ‘‘मैं लद्दाख के लोगों की ओर से गृह मंत्री और मोदी सरकार को पांच नए जिलों की घोषणा करने के लिए धन्यवाद देता हूं। यह लोगों, विशेष रूप से जांस्कर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग थी।'' वांगचुक ने भाजपा को क्षेत्र में संविधान की छठी अनुसूची लागू करने के उसके वादे की याद दिलाई और कहा कि सरकार को जनता की प्राथमिक मांगों को पूरा करना चाहिए अन्यथा स्थानीय लोगों का संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस के लद्दाख अध्यक्ष नवांग रिग्जिन जोरा ने भी केंद्र के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सिर्फ प्रशासनिक जिले बनाने से लद्दाख के लोगों का पर्यावरण, संस्कृति और पहचान नहीं बचेगी, जिसके लिए वे पिछले चार साल से सड़कों पर हैं।
- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी....मंदिरों में विशेष पूजानयी दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर उत्तर प्रदेश के मथुरा से लेकर गुजरात के द्वारका तक मंदिरों में विशेष पूजा की जा रही है। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के कार्यक्रम मंगला आरती से शुरू हो चुके हैं। मंदिरों में देर रात से दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।भगवान कृष्ण, द्वापर युग में भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष में अष्टमी की रात प्रकट हुए थे। इस साल द्वापर युग की तरह ही नक्षत्रों का योग बन रहा है। श्रीकृष्ण रात में अवतरित हुए, इस वजह से जन्माष्टमी रात में मनाने की परंपरा है।बात मंदिरों की करें तो श्रीकृष्ण के लीला स्थान मथुरा-वृंदावन के अलावा देश भर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है।मथुरा में रात 12 बजे जन्मभूमि के बिड़ला मंदिर में बालकृष्ण का पंचामृत अभिषेक होगा। वहीं, गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर के पट आज रात 2.30 बजे तक खुले रहेंगे।
- जयपुर. राजस्थान के चूरू जिले के सालासर थाना क्षेत्र में बीती रात लकड़ियों से भरा ट्रक बाइक पर पलट गया जिससे बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गयी । पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पार्वतीसर पुलिया के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर बाइक के ऊपर पलट गया जिससे बाइक सवार शाहरुख खान (22), सोयल (20), और सद्दाम (18) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शाहरुख खान और सद्दाम की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सोयल ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। ट्रक को जब्त कर फरार चालक की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये।
- प्रतापगढ़ . उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के चिलबिला स्टेशन के प्लेटफार्म के निकट रविवार की सुबह ट्रेन से कटा हुआ एक युवक-युवती का शव बरामद किया गया, जो प्रेमी-प्रेमिका बताये गए हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। नगर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) शिव नारायण वैस ने रविवार को बताया कि चिलबिला रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म के निकट रविवार की सुबह ट्रेन से कटा हुआ युवक एवं युवती का शव बरामद किया गया, जिनकी पहचान राजेंद्र सरोज (28) निवासी बड़ागांव थाना संग्रामपुर जिला अमेठी व ममता सरोज (22) निवासी पिचूरा थाना सांगीपुर जिला प्रतापगढ़ के रूप में की गयी। सीओ ने पुलिस छानबीन के आधार पर बताया कि दोनों प्रेमी प्रेमिका थे, जिन्होंने ट्रेन से कटकर आत्महत्या की है l ममता दर्शन करने और राजेंद्र पुलिस में भर्ती के बहाने घर से निकले थे, स्टेशन पर लोगों ने दोनों को घूमते देखा भी था l उन्होंने बताया कि जीआरपी ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन की जा रही है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि सामूहिक प्रयासों से बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिये स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जिस तरह की भावना लोगों ने दिखाई थी ‘विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसे फिर से दिखाने की जरूरत है। मोदी ने अपने मासिक ‘मन की बात' रेडियो कार्यक्रम में कहा कि उनकी ओर से स्वतंत्रता दिवस पर बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले एक लाख युवाओं के राजनीति में शामिल होने के आह्वान पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली है और कुछ युवाओं ने कहा है कि वंशवाद की राजनीति नयी प्रतिभा को दबा देती है। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल मैंने लाल किले से बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले एक लाख युवाओं को राजनीतिक व्यवस्था से जोड़ने का आह्वान किया है। मेरी इस बात पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इससे पता चलता है कि कितनी बड़ी संख्या में हमारे युवा, राजनीति में आने को तैयार बैठे हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इन युवाओं को बस सही मौके और सही मार्गदर्शन की तलाश है।मोदी ने कहा, ‘‘इस विषय पर मुझे देशभर के युवाओं के पत्र भी मिले हैं। सोशल मीडिया पर भी इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। लोगों ने मुझे कई तरह के सुझाव भेजे हैं। कुछ युवाओं ने अपने पत्रों में लिखा है कि ये वाकई उनके लिए अकल्पनीय है। अपने दादा या माता-पिता के पास राजनीतिक विरासत न होने के कारण वे चाहकर भी राजनीति में चाहकर भी नहीं आ पाते थे।'' उन्होंने कहा कि कुछ युवाओं ने लिखा है कि उनके पास जमीनी स्तर पर काम करने का अच्छा अनुभव है और इसलिए वे लोगों की समस्याओं को सुलझाने में मददगार बन सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ युवाओं ने यह भी लिखा है कि परिवारवादी राजनीति नयी प्रतिभाओं का दमन कर देती है। कुछ युवाओं ने कहा कि ऐसे प्रयासों से हमारे लोकतंत्र को और मजबूती मिलेगी। मैं इस विषय पर सुझाव भेजने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद देता हूं।'' प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे युवा भी राजनीति में आगे आ सकेंगे, जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। मोदी ने कहा कि युवाओं का अनुभव और उनकी लगन देश के काम आयेगी।उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी समाज के हर क्षेत्र में ऐसे अनेक लोग सामने आए थे, जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी। उन्होंने खुद को भारत की आजादी के लिए झोंक दिया था। आज हमें विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए एक बार फिर से उसी भावना की जरूरत है। मैं अपने सभी युवा साथियों को कहूंगा कि इस अभियान से जरूर जुड़ें।'' उन्होंने कहा, ‘‘आपका यह कदम अपने और देश के भविष्य को बदलने वाला होगा।''मोदी ने कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास के पूर्व छात्रों और ‘गैलेक्सआई' अंतरिक्ष स्टार्टअप के युवा उद्यमियों से भी बात की, जिन्होंने अपने काम पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश में बढ़ते जीवंत अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र की सराहना की।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को अंतरिक्ष क्षेत्र में विभिन्न सुधारों से काफी फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि भारत ने चंद्रमा पर अपने अंतरिक्ष यान की सफल लैंडिंग की पहली वर्षगांठ के अवसर पर 23 अगस्त को पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा' और ‘पूरा देश तिरंगा' अभियान एक जबरदस्त सफलता थी।मोदी ने कहा, ‘‘हमने घरों के साथ ही विद्यालयों, स्कूल, विश्वविद्यालयों में तिरंगा लहराते देखा। लोगों ने अपनी दुकानों, दफ्तरों में तिरंगा लगाया, लोगों ने अपने डेस्कटॉप, मोबाइल और गाड़ियों में भी तिरंगा लगाया। जब लोग किसी भाव को व्यक्त करने के लिए हाथ मिलाते हैं, तो यह किसी भी अभियान को अद्वितीय गौरव प्रदान करता है।'' उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज पर 750 मीटर लंबे झंडे के साथ एक तिरंगा रैली भी निकाली गई। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘श्रीनगर की डल झील पर तिरंगा यात्रा की मनमोहक तस्वीरें हम सभी ने देखीं। अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट कामेंग जिले में 600 फुट लंबे तिरंगे के साथ यात्रा निकाली गई। इसी तर्ज पर देश के अन्य राज्यों में भी हर उम्र के लोगों ने ऐसी तिरंगा यात्राओं में हिस्सा लिया।'' उन्होंने कहा कि इस अभियान ने पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरो दिया और यही है ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत।' मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम में असम के बारेकुरी गांव का भी उदाहरण दिया जहां मोरान समुदाय के लोगों का हूलॉक गिबन के साथ बहुत गहरा संबंध है। उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्हें यह एहसास हुआ कि गिबन्स को केले बहुत पसंद हैं, तो उन्होंने केले की खेती भी शुरू कर दी। इसके अलावा उन्होंने तय किया कि गिबन्स के जन्म और मृत्यु से जुड़े रीति-रिवाजों को वैसे ही पूरा करेंगे, जैसा वे अपने लोगों के लिए करते हैं। उन्होंने गिबन्स को नाम भी दिए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में गिबन्स को पास से गुजर रहे बिजली के तार के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में इस गांव के लोगों ने सरकार के सामने इस मामले को रखा और जल्द ही इसका समाधान भी निकाल लिया गया।'' उन्होंने मानव-पशु संबंध का एक और उदाहरण देते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में युवा लोगों ने वन्य पशुओं का उनके सींग तथा दांत के लिए शिकार किए जाने से बचाने के वास्ते 3-डी प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के झाबुआ में एक पार्क में कचरे से अद्भुत कलाकृति तैयार करने के लोगों के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने खिलौनों के पुन: इस्तेमाल की भी पैरवी करते हुए कहा कि यह एक और ऐसा क्षेत्र है, जहां ‘‘हम मिलकर काम कर सकते हैं।'' मोदी ने कहा, ‘‘आप भी जानते हैं कि कई बच्चे कितनी जल्दी खिलौनों से ऊब जाते हैं, वहीं, ऐसे बच्चे भी हैं, जो खिलौनों का सपना संजोए होते हैं। ऐसे खिलौने जिससे अब आपके बच्चे नहीं खेलते, उन्हें आप ऐसी जगहों पर दे सकते हैं, जहां उनका उपयोग होता रहे। ये भी पर्यावरण की रक्षा का एक अच्छा रास्ता है। मोदी ने लोगों से पोषण के बारे में जागरूकता से संबंधित अभियानों से जुड़ने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा, आपका एक छोटा-सा प्रयास कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में बहुत मदद करेगा।मोदी ने यह भी कहा कि 29 अगस्त को तेलुगु भाषा दिवस है। उन्होंने कहा, ‘‘यह वाकई एक शानदार भाषा है। मैं तेलुगु भाषा दिवस पर दुनियाभर के तेलुगु भाषी लोगों को शुभकामनाएं देता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘पैरालम्पिक पेरिस में शुरू होने वाला है। हमारे दिव्यांग भाई और बहन वहां पहुंच गए हैं। 140 करोड़ भारतीय हमारे एथलीट और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। आप भी हैशटैग ‘चीयर4भारत' के साथ हमारे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएं।
- इंदौर. जन्माष्टमी के एक दिन पहले, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को इंदौर में भगवान कृष्ण और राधा की वेश-भूषा में एक पंडाल के नीचे जुटे करीब 5,000 बच्चों के साथ इस पर्व के उत्साह में डूबे दिखाई दिए। इस मौके पर उन्होंने भगवान कृष्ण के अलग-अलग पक्षों पर संवाद के लिए राज्य के नगरीय क्षेत्रों में विशेष केंद्र खोलने और हर विकासखंड में एक गांव को आदर्श ग्राम के तौर पर विकसित किए जाने की घोषणाएं कीं। यादव, इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राधा और कृष्ण की वेश-भूषा में शहर के दशहरा मैदान में जुटे करीब 5,000 बच्चों के साथ जन्माष्टमी का उत्सव मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों पर गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार की। उन्होंने कुछ बच्चों को गोद में उठाकर दुलारते हुए उन्हें मक्खन भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इंदौर का गीता भवन भगवान कृष्ण के विविध पक्षों पर संवाद का बड़ा केंद्र है। हमारी सरकार आने वाले समय में राज्य के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन की तर्ज पर केंद्र खोलेगी जिनसे हमें भगवान कृष्ण के अलग-अलग पक्षों पर चर्चा-परिचर्चा का अवसर मिलेगा।'' उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावित केंद्रों के लिए नगरीय निकायों को राज्य सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों को पौराणिक विषयों पर प्रामाणिक ज्ञान के आदान-प्रदान के स्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा। इंदौर का गीता भवन एक पारमार्थिक ट्रस्ट का संचालित संस्थान है जहां अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यादव ने कहा कि गोकुल और बरसाना के पौराणिक वैभव से प्रेरणा लेते हुए सूबे के हर विकासखंड के एक गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन गांवों में गो पालन, दूध उत्पादन, जैविक खेती और स्वच्छता के साथ ही सुशासन, संस्कारों, पारिवारिक मूल्यों और सह अस्तित्व की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा।
- शहडोल। मध्यप्रदेश में शहडोल जिले के छपरा टोला गांव में शनिवार दोपहर एक घर की दीवार गिरने से पांच वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। सीधी थाने के प्रभारी राजकुमार मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि छत्तीसगढ़ से कुछ रिश्तेदार स्थानीय निवासी लालजी घासी से मिलने आए थे। उन्होंने बताया कि रिश्तेदारों में अभिषेक घासी (पांच) भी शामिल था। उनके अनुसार घर की कच्ची दीवार उस समय ढह गई, जब अभिषेक दो अन्य बच्चों के साथ आंगन में खेल रहा था। मिश्रा ने बताया कि जब तक तीनों बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया तब तक अभिषेक की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि अन्य दो बच्चे खतरे से बाहर हैं।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि वह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच कृष्णा नदी पर डबल डेकर केबल आधारित पुल के निर्माण में तेजी लाएंगे। तेलंगाना सरकार ने शनिवार को यह बात कही। यह आश्वासन नयी दिल्ली में गडकरी और तेलंगाना के पर्यटन मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव के बीच एक बैठक के दौरान आया। आधिकारिक बयान में कहा गया, गडकरी ने परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के राव के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उन्हें आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी तथा सितंबर के अंत तक निविदाएं शुरू कर दी जाएंगी।'' तेलंगाना में सोमाशिला और आंध्र प्रदेश में संगमेश्वर को जोड़ने वाला पुल विभिन्न कारणों से दो साल से लंबित है जिसके निर्माण पर 1,082.56 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
-
नयी दिल्ली. दुनिया में पहली बार अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण के तहत भारत लाए गए अफ्रीकी चीतों को जल्द ही जंगल में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लगभग एक साल पहले भारत लाए गए चीतों को मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में स्वास्थ्य जांच और निगरानी के लिए रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र की चीता परियोजना संचालन समिति ने शुक्रवार को फैसला किया है कि देश के मध्य भागों से मानसून के चले जाने के बाद अफ्रीकी चीतों और भारत में जन्मे उनके शावकों को जंगलों में छोड़ा जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, ''समिति के सदस्यों और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अधिकारियों ने कुनो का दौरा किया और चीतों को छोड़ने के विषय पर चर्चा की। बारिश का दौर समाप्त हो जाने के बाद व्यस्क चीतों को जंगल में छोड़ा जाएगा, जबकि शावकों और मादा चीताओं को दिसंबर के बाद छोड़ा जाएगा।'' अधिकारी के अनुसार, सभी 25 चीते स्वस्थ हैं, जिसमें 13 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं।
नामीबिया से आठ चीतों का पहला जत्था सितंबर 2022 में भारत लाया गया था और 12 चीतों का दूसरा जत्था पिछले फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। कुछ चीतों को शुरू में जंगल में छोड़ दिया गया था, लेकिन पिछले वर्ष अगस्त में तीन चीतों की 'सेप्टीसीमिया इन्फेक्शन' के कारण मौत हो गई थी, जिनमें नामीबिया से लाई गई एक मादा चीता और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए दो नर चीता शामिल थे। 'सेप्टीसीमिया इन्फेक्शन' एक ऐसा संक्रमण है जो बैक्टीरिया के रक्तप्रवाह में प्रवेश हो जाने से फैलता है। वर्तमान में केवल एक चीता ही जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उसे देखना और पकड़ना कठिन है। भारत आने के बाद से सात वयस्क चीतों, तीन मादा और चार नर की मौत हो चुकी है, जिनमें से चार की मौत 'सेप्टीसीमिया इन्फेक्शन' के कारण हुई। ये सभी मौतें मार्च 2023 से जनवरी 2024 के बीच हुईं। भारत में 17 शावकों का जन्म हुआ है और उनमें से 12 जीवित बचे हैं। इस प्रकार कुनो में शावकों सहित चीतों की कुल संख्या 24 है। -
भुवनेश्वर. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने शनिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को एक पत्र लिखकर पुरी में 12वीं सदी के मंदिर के रत्न भंडार की मरम्मत और नवीनीकरण से पहले इसका निरीक्षण कार्य शुरू करने का आग्रह किया है। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने एएसआई महानिदेशक को लिखे पत्र में केंद्रीय एजेंसी से रत्न भंडार को अपने नियंत्रण में लेने और नवीनतम तकनीक का उपयोग करके स्कैनिंग और भू-भौतिकीय जांच शुरू करने का आग्रह किया ताकि भगवान जगन्नाथ मंदिर के कोषागार के आंतरिक और बाहरी कक्षों के संरक्षण, मरम्मत और जीर्णोद्धार का कार्य किया जा सके। पत्र में कहा गया कि रत्न भंडार के भीतरी और बाहरी दोनों कक्ष खाली होने के कारण एसजेटीए को लगता है कि रत्न भंडार के अंदर कुछ गुप्त सुरंगें या कक्ष हो सकते हैं, जिसके चलते निरीक्षण कार्य आवश्यक है। एसजेटीए ने पत्र में कहा कि आवश्यक सर्वेक्षण और निरीक्षण कार्य पूरा हो जाने के बाद मरम्मत कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार से लोहे के खाली संदूक और अलमारियों को 12वीं सदी के मंदिर परिसर में स्थित नीलाद्रि विहार संग्रहालय के पास एक कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को महाराष्ट्र और राजस्थान का दौरा करेंगे। महाराष्ट्र में वह 11 लाख नयी लखपति दीदियों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे जबकि राजस्थान में वह उच्च न्यायालय की प्लेटिनम जुबली के समापन समारोह को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री 25 अगस्त को पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे जलगांव में लखपति दीदी सम्मेलन में भाग लेंगे और इस दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान हाल ही में लखपति बनीं 11 लाख नयी लखपति दीदियों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे तथा उन्हें सम्मानित भी करेंगे।प्रधानमंत्री देश भर से आने वाली लखपति दीदियों के साथ भी बातचीत करेंगे। इस दौरान, प्रधानमंत्री 2,500 करोड़ रुपये का एक ‘रिवॉल्विंग फंड’ जारी करेंगे जो 4.3 लाख स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लगभग 48 लाख सदस्यों को लाभान्वित करेगा।पीएमओ ने कहा कि वह 5,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का भी वितरण करेंगे जिससे 2.35 लाख एसएचजी के 25.8 लाख सदस्यों को लाभ होगा। इसने कहा, ‘‘लखपति दीदी योजना शुरू होने के बाद से अब तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। सरकार ने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है।’’जलगांव से प्रधानमंत्री जोधपुर पहुंचेंगे और वहां करीब साढ़े चार बजे राजस्थान उच्च न्यायालय की प्लेटिनम जुबली के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री राजस्थान उच्च न्यायालय संग्रहालय का भी उद्घाटन करेंगे। - लेह। लद्दाख के लेह जिले में एक बस के सड़क से 200 फुट गहरी खाई में गिरने से सात लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लेह के उपायुक्त संतोष सुखदेव ने बताया कि बस में एक स्कूल के कर्मचारी थे जो एक विवाह समारोह में जा रहे थे। उन्होंने बताया कि इस दौरान दुर्बुक इलाके में बस खाई में गिर गई। सेना ने बताया कि दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए जिनमें तीन बच्चे और 17 महिलाएं हैं। सेना ने बयान में कहा, ‘‘लद्दाख के दुर्बुक के पास तैनात भारतीय सेना के जवानों ने गुरुवार को सुबह लगभग 11 बजे एक स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायता प्रदान की।'' सेना ने बताया कि बस में 27 यात्री सवार थे। उसने कहा कि क्षेत्र में मौजूद उसके सैनिक तुरंत दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और पीड़ितों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
- सासाराम। बिहार के रोहतास जिले के नौहट्टा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बनाही गांव की एक नहर (आहर) में गुरुवार को एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ कूदकर जान दे दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक मृतकों में धोबीनिया टीकर गांव निवासी संजय चौहान की पत्नी आशा देवी (29) व उनके दो बच्चे सत्यम (9) और आदित्य (7) शामिल हैं। नौहट्टा के थाना प्रभारी मोहम्मद कमलुद्दीन के अनुसार गहरे पानी में चले जाने के कारण डूबने से तीनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पानी में एक बच्चे का शव देखकर ग्रामीणों द्वारा सूचित किए जाने पर घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने शवों को नहर से बाहर निकाला। थाना प्रभारी ने बताया कि इस घटना के कारण के बारे में तत्काल पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। (सांकेतिक फोटो)
- नयी दिल्ली । कोलकाता की एक विशेष अदालत ने शहर के सरकारी आर.जी. कर अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म एवं हत्या मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य संदीप घोष और चार अन्य चिकित्सकों की ‘पॉलीग्राफ' जांच कराने की अनुमति गुरुवार को दे दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने घोष और नौ अगस्त को घटना के दिन ड्यूटी पर मौजूद रहे चार अन्य कनिष्ठ चिकित्सकों को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया ताकि उनकी ‘पॉलीग्राफ' जांच कराने की अनुमति मांगी जा सके। उन्होंने कहा कि ‘लाई डिटेक्टर' जांच केवल अदालत की अनुमति और संदिग्ध की सहमति के बाद ही की जा सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई की अर्जी को विशेष अदालत ने स्वीकार कर लिया। एजेंसी ने मुख्य आरोपी संजय रॉय की भी ‘पॉलीग्राफ' जांच कराने का अनुरोध किया है। इससे पहले दिन में, सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय में आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने स्नातकोत्तर चिकित्सक के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले को दबाने का प्रयास किया था और जब तक संघीय एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली, तब तक अपराध स्थल पर छेड़छाड़ की जा चुकी थी। अस्पताल के सेमिनार हॉल में महिला चिकित्सक के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल में नौ अगस्त को चिकित्सक का शव मिला था, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। कोलकाता पुलिस ने इस घटना के संबंध में अगले दिन रॉय को गिरफ्तार किया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त को इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी और इसके अगले दिन केंद्रीय एजेंसी ने जांच कोलकाता पुलिस से अपने हाथ में ले ली।
-
बरेली,। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गुरुवार को छापेमारी में एक पुलिस निरीक्षक के आवास पर लगभग 9.96 लाख रुपये नकद बरामद होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि जानकारी मिली कि निरीक्षक रामसेवक ने कथित तौर पर मादक पदार्थ से जुड़े मामले में शामिल दो संदिग्धों को छोड़ने के लिए रिश्वत ली है। उन्होंने कहा, "संदिग्ध आलम और नियाज अहमद को कथित तौर पर सात लाख रुपये की रिश्वत लेने के बाद हिरासत से रिहा कर दिया गया।" पुलिस के अनुसार, फरीदपुर पूलिस के क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह के नेतृत्व में की गई छापेमारी में निरीक्षक रामसेवक के आवास पर नकदी बरामद हुई। पुलिस ने कहा कि रामसेवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। रामसेवक फरार हो गया है। पुलिस ने बताया कि निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

.jpg)
.jpg)


















.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)

.jpg)