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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 135वें एपिसोड में रविवार को कहा कि भारतीय संस्कृति धीरे-धीरे दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग भारत के संगीत, आध्यात्मिकता और पुरानी परंपराओं को अपना रहे हैं। पीएम मोदी ने डोमिनिकन रिपब्लिक का एक उदाहरण देते हुए स्पैनिश बोलने वाले स्थानीय लोगों के एक समूह के बारे में बताया जो वैदिक साहित्य पढ़ने और वैदिक मंत्रों का जाप सीखने के लिए एक साथ आए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भारतीय संस्कृति दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच रही है। हमारे गीत, संगीत और आध्यात्म को दुनिया-भर के लोग जान रहे हैं और अपना रहे हैं। भारत से हजारों किलोमीटर दूर कैरेबियाई सागर में डोमिनिकन रिपब्लिक नाम का एक देश है। वहां भारतीयों की संख्या करीब 100 है शायद इससे भी कम होगी। इसके बावजूद भारतीय संस्कृति और आध्यात्म से जुड़ा एक बहुत अच्छा प्रयास वहां हो रहा है।”उन्होंने बताया कि वहां स्पेनिश भाषा बोलने वाले कुछ लोगों ने एक टीम बनाई है। इस टीम का नाम है, ‘ब्रहमकमल डोमिनिकाना’। टीम के सदस्य मिलकर वैदिक साहित्य का अध्ययन करते हैं। वे वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी सीख रहे हैं। उन्हें इसकी कोई औपचारिक तौर पर प्रशिक्षण नहीं मिली है, लेकिन ऑडियो रिकॉर्डिंग्स सुनकर वैदिक मंत्रों का सही उच्चारण सीखा है। आज वे कई मंत्रों का बहुत अच्छे से जाप कर लेते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, “इनमें पुरुष सूक्तम, श्री सूक्तम, श्री रुद्रम, दुर्गा सूक्तम और देवी महात्मयम शामिल हैं। भारत से इतनी दूर रहकर हमारी परंपराओं को सीखने का उनका यह प्रयास बहुत प्रेरक है। मैं ‘ब्रहमकमल डोमिनिकाना’ वहां के सभी सदस्यों को उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मैं ऐसे सभी लोगों की हृदय से सराहना करता हूं जो भारतीय संस्कृति को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें एपिसोड में मेघालय के रूट ब्रिज की चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण इन रूट ब्रिजों के सामने कई चुनौतियां भी आती हैं। ऐसे समय में मेघालय के लोगों ने इस प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है। पहले ये पता लगाना भी आसान नहीं था कि ऐसे ब्रिजों की संख्या कितनी है? स्थानीय लोगों ने खुद इनकी गिनती शुरू की। इसके बाद समुदायों ने इन ब्रिजों की देख-भाल की जिम्मेदारी भी संभाली। आज स्थानीय लोग 120 से अधिक रूट ब्रिजों की देख-रेख कर रहे हैं। कुछ टीमें हर साल इन पुलों की स्थिति की जांच करती हैं। कुछ लोगों ने आस-पास के क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए नर्सरी भी तैयार की है। इस तरह के इनके संरक्षण के लिए एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार हो गया है।
उन्होंने कहा कि मेघालय की पहचान बादलों से है, खूबसूरत नजारों से है। जो मेघालय जाता है, उसे वहां के लोगों का अपनापन भी लंबे समय तक याद रहता है। लेकिन, मेघालय की एक और विशेषता है, जिसकी मैं आज, ‘मन की बात’ में, आपसे चर्चा करना चाहता हूं। ये है – मेघालय के रूट ब्रिज। रास्ता वाला route नहीं, जड़ों वाला root।पीएम मोदी ने कहा कि इन रूट ब्रिजों की कहानी बहुत रोचक है। उन्होंने बताया कि ये ब्रिज कुछ दिनों या कुछ वर्षों में नहीं बनते। इन्हें तैयार होने में कई दशक लगते हैं। रबर के पेड़ों की जड़ों को धीरे-धीरे दिशा दी जाती है। इन जड़ों को जल-धाराओं के पार ले जाया जाता है। समय के साथ वही जड़ें एक मजबूत ब्रिज का रूप ले लेती हैं। इन ब्रिजों की एक और विशेषता है। ये जीवित ब्रिज हैं। समय बीतने के साथ ये और मजबूत हो जाते हैं। इनमें मेघालय के लोगों की सृजनशीलता दिखाई देती है। इनके पीछे वर्षों का धैर्य और प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान है। ये ब्रिज बताते हैं कि मनुष्य प्रकृति के साथ मिलकर कितनी अद्भुत चीजें बना सकता है।प्रधानमंत्री ने बताया कि अब भारत ने मेघालय के रूट ब्रिजों को UNESCO World Heritage Site Network में शामिल कराने के लिए आवेदन किया है।पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष हैली वार जी को Padma Award से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अपने जीवन के 50 से अधिक वर्ष इन रूट ब्रिजों की देखभाल में लगाए हैं। उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है|प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि यदि उन्होंने कभी इन रूट ब्रिजों की यात्रा की हो, तो उनकी तस्वीरें social media पर जरूर साझा कीजिए। आपकी तस्वीरें दूसरे लोगों को भी मेघालय की इस अनोखी धरोहर के बारे में जानने के लिए प्रेरित करेगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में असम के दुर्लभ पक्षी ‘हरगिला’ (ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क) और उसके संरक्षण की प्रेरक कहानी देशवासियों के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था, जब असम के कुछ इलाकों में इस पक्षी को अशुभ माना जाता था, लेकिन लोगों की सोच बदलने के प्रयासों ने आज इसे गांवों की पहचान बना दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरगिला एक बेहद दुर्लभ पक्षी है, जो प्रकृति को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद लंबे समय तक लोगों के मन में इसे लेकर गलत धारणाएं बनी रहीं। लोग इस पक्षी को अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। यहां तक कि जिन पेड़ों पर हरगिला अपने घोंसले बनाता था, उन्हें भी काट दिया जाता था।पीएम मोदी ने बताया कि इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने यह स्थिति देखी और लोगों की सोच बदलने का संकल्प लिया। पूर्णिमा देवी ने सबसे पहले महिलाओं से संवाद किया और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर लोगों को समझाया कि हरगिला पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण है। धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ती गईं और फिर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर गांवों से दूर भगाया जाता था, वही आज कई गांवों की पहचान और गर्व का प्रतीक बन चुका है।प्रधानमंत्री ने इस प्रयास को समाज में जागरूकता और सामूहिक भागीदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।ज्ञात हो कि हरगिला दुनिया के सबसे दुर्लभ और विशाल सारस प्रजातियों में से एक है। इसका नाम संस्कृत के दो शब्दों ‘हड’ (हड्डी) और ‘गिला’ (निगलना) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ ‘हड्डी निगलने वाला पक्षी’ है। यह मुख्य रूप से भारत के असम और कंबोडिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। वैश्विक स्तर पर इस पक्षी की करीब 80 प्रतिशत आबादी अकेले असम में रहती है। हरगिला एक मांसाहारी और मृतभक्षी (स्कैवेंजर) पक्षी है। यह सड़े-गले मांस, मरे हुए जीवों और कचरे को खाकर प्राकृतिक सफाईकर्मी की भूमिका निभाता है। साथ ही, यह आर्द्रभूमि (वेटलैंड) और जलाशयों के आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चर्चित रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में उत्पन्न युद्ध जैसी स्थिति का उल्लेख करते हुए नागरिकों से संयम और उनकी अपील के असर पर बात की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी देशवासियों से आग्रह किया था कि जहां तक संभव हो, कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचें। साथ ही उन्होंने विदेश यात्रा को टालने, कार पूलिंग को बढ़ावा देने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की सलाह दी थी। इसके अलावा उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के बजाय प्राकृतिक और केमिकल-मुक्त खेती को अपनाने तथा जैविक खाद के अधिक उपयोग का आग्रह भी किया था।पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि देशवासियों ने उनकी अपील को न केवल सुना, बल्कि उस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने निर्णय लिया है कि वे अपने पारिवारिक आयोजनों में इस बार नया सोना नहीं खरीदेंगे और आवश्यकता होने पर पुराने सोने को रीसायकल करके उपयोग करेंगे।उन्होंने यह भी बताया कि कई नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया है कि उन्होंने इस बार विदेश यात्राओं को टाल दिया है। इसके साथ ही कार पूलिंग को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अब कई लोग एक ही दिशा में जाने के लिए साझा वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल ईंधन की बचत हो रही है, बल्कि यातायात और प्रदूषण में भी कमी देखने को मिल रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग अब बसों और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक खेती और जैविक खाद की मांग में वृद्धि दर्ज की गई है। पीएम मोदी ने कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि इस ग्लोबल क्राइसिस का हम भारतीय मिलकर मुकाबला कर रहे हैं। मुझे विश्वास है जन भागीदारी की यही शक्ति हमें मजबूती देगी, हमें सफल बनाएगी।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कहा कि जून के महीने में देश ने सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी कुछ ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो हर देशवासी को गर्व से भर देती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में कोलकाता में नौ-सेना से जुड़े एक कार्यक्रम में INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को भारतीय नौ-सेना के बेड़े में शामिल किया गया। इन जहाजों का डिज़ाइन और निर्माण तक, सब कुछ स्वदेशी है।
मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने आगे कहा कि जून के महीने में ही विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में भी देश ने एक बड़ी सफलता पाई। C-295, ये विमान ‘Made In India’ है और C-295 विमान ने अपनी पहली उड़ान पूरी की है, और ऐसे 40 विमान, भारत में ही बनाए जा रहे हैं। इससे MSME और एयरोस्पेस क्षेत्र (Aerospace sector) को नई शक्ति मिल रही है। रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी मजबूत हो रहा है। इसी महीने DRDO ने स्वदेशी ‘Long Range Land Attack Cruise Missile’ का भी सफल परीक्षण किया है। इसको DRDO की Laboratories और Indian Industries Partners ने मिलकर बनाया है, यानि, आज समुद्र से लेकर आकाश तक हमारा भारत अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि जून में एक और आयोजन हुआ जिसमें पूरी दुनिया भारत के प्रयासों से जुड़ी, और ये कार्यक्रम था ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’। इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के अनेक विविध कार्यक्रम हुए। हमारे देश में करोड़ों लोगों ने स्थान-स्थान पर योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।उन्होंने बताया कि इस महीने, अहमदाबाद में आयोजित ‘विश्व योगासन चैम्पियनशिप’ की भी बड़ी चर्चा हुई। इसमें भारत ने कुल 114 पदक जीते हैं, इनमें 102 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। भारत इस चैम्पियनशिप की पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा। पीएम मोदी ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई भी दी। - पुरी. ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ के स्नान अनुष्ठान के सोमवार से शुरू हो रहे आयोजन के लिए शहर भर में त्वरित कार्रवाई दल (क्यूएटी) और श्वान दस्तों को तैनात किया गया है। इसके अलावा छह सूत्रीय कार्ययोजना के तहत छतों पर निगरानी व्यवस्था और एक एकीकृत नियंत्रण केंद्र भी स्थापित किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस ने करीब चार लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना के मद्देनजर व्यापक तैयारियां की हैं ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस महानिरीक्षक (सेंट्रल रेंज) सत्यजीत नाइक ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद बताया कि इस अवसर पर विशेष इकाइयों के सहयोग से पुलिस बल की 79 प्लाटूनों के साथ कई दक्ष इकाइयों तथा अधिकारियों को भी तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उन्नत सुरक्षा उपायों के तहत क्यूएटी, श्वान दस्ते, छतों पर निगरानी, एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) के माध्यम से निगरानी, दंगा-रोधी जांच और समुद्री सुरक्षा व्यवस्थाएं भी की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि पूरे उत्सव के दौरान सहायता केंद्र, पुलिस नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा सहायता केंद्र व वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता सेवाएं लगातार चलती रहेंगी।
- नयी दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में साझा सीट आवंटन प्रणाली (सीएसएएस) के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के पंजीकरण का पहला चरण शुरू हो गया है। इस संबंध में 26 जून को जारी की गई एक अधिसूचना के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी-यूजी) 2026 में भाग लिया है और वे विश्वविद्यालय के कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं, वे सीएसएएस पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के 67 कॉलेजों में 73 स्नातक (यूजी) और 100 से अधिक बीए पाठ्यक्रमों में दाखिला केवल सीयूईटी-यूजी 2026 के अंकों के आधार पर मिलेगा। इसके लिए छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा तय की गई पाठ्यक्रम-विशिष्ट योग्यताएं पूरी करनी होंगी। विश्वविद्यालय के अनुसार, अभ्यर्थी केवल अपने सीयूईटी-यूजी 2026 के आवेदन नंबर का उपयोग करके सीएसएएस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। एक नयी पहल के तहत, पोर्टल पर जानकारी भरने की गलतियों को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारत सरकार के 'एपीआई सेतु' के माध्यम से उम्मीदवार का नाम, जन्म तिथि, फोटो और हस्ताक्षर जैसे जरूरी विवरणों को स्वतः जोड़ दिया गया है। शुरुआती पंजीकरण पूरा करने के बाद, अभ्यर्थियों को सीएसएएस के दूसरे चरण में भाग लेना होगा। इसके दौरान उन्हें अपने पसंदीदा पाठ्यक्रमों और कॉलेज के विकल्पों के लिए अपनी प्राथमिकताएं चुननी होंगी। दूसरे चरण में अभ्यर्थियों को अपने सीयूईटी-यूजी प्रश्नपत्रों का मिलान 12वीं कक्षा में पढ़े गए विषयों से करना होगा। विश्वविद्यालय ने कहा कि पाठ्यक्रमों की पात्रता तय करने और अभ्यर्थियों के अंकों की गणना करते समय केवल उन्हीं भाषा और विषय आधारित सीयूईटी प्रश्नपत्रों पर विचार किया जाएगा, जिन विषयों को छात्र ने 12वीं कक्षा में पढ़ा और उत्तीर्ण किया है। अधिसूचना के अनुसार, दूसरे चरण की समय-सारणी जल्द जारी की जाएगी।
- छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, जिले के बैहर थाना क्षेत्र में हुई पहली घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि गढ़ी थाना क्षेत्र में हुई दूसरी घटना में एक महिला की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गयी। बैहर थाना प्रभारी जयंत मर्सकोल्हे ने बताया कि हवाई पट्टी बिरवा के समीप भमोड़ी गांव में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने से बिरवा निवासी सतीश वलके (19) और लक्की मेरावी (18) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि भमोड़ी निवासी झाम सिंह ताराम (34) ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया जबकि चार अन्य लोगों का बैहर अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, गढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत खुर्सीपार के कोमो गांव में बिजली गिरने से नुंकाटोला निवासी चंद्रावती पुसाम (39) की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
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लखनऊ. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अयोध्या स्थित राम मंदिर को प्राप्त दान से जुड़े कथित गबन के मामले के बाद अपना इस्तीफा दे दिया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। मंदिर ट्रस्ट की ओर से इसके कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि द्वारा प्रेस को दिए गए एक बयान में कहा गया है कि मंदिर ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में इस मामले में निर्णय लेगा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर दान के गबन से जुड़े विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद, जिसके राय उपाध्यक्ष हैं, ने भी इस खबर की पुष्टि की।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने राय और अन्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा, दोनों के इस्तीफे के बारे में गिरि का पत्र पोस्ट किया, हालांकि राम मंदिर ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में इस्तीफों पर फैसला करेगा। ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे के बारे में बंसल ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया, ''हां, इसकी पुष्टि हो गई है।'' प्रेस नोट में गोविंद देव गिरि ने कहा, "श्री राम मंदिर (अयोध्या) में पिछले कुछ दिनों में हमने जो घटनाएं सुनी हैं, उससे हम स्तब्ध, आहत और बहुत दुखी हैं। यहां सभी राम भक्तों और राम सेवकों के प्रतिनिधियों के रूप में सेवा करते हुए, हम भगवान राम के भक्तों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने यह भी कहा, ''श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा मिल गया है। ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में इस पर फैसला करेगा।" उन्होंने कहा कि ट्रस्ट भगवान राम की सेवा में व्यक्तिगत रूप से चांदी की ईंटें, आभूषण आदि समर्पित करने वाले भक्तों को आश्वस्त करता है कि ये वस्तुएं सुरक्षित खाते (सुरक्षित हिसाब सहित) के साथ उपलब्ध हैं। मंदिर के दानपात्र से प्राप्त धन के संबंध में ट्रस्ट के अनुरोध पर उप्र सरकार द्वारा गठित एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और इस पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बयान में कहा गया, "हम सभी को आश्वस्त करते हैं कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो। हम मांग करते हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिले। हम असामाजिक, धर्म-विरोधी और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म की छवि को धूमिल करने के प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे।" बयान में लोगों से अनुरोध किया गया है कि फैलाई जा रही भ्रामक और निराधार अफवाहों से बचें और दूसरों को भी इनका शिकार न बनने दें। गोविंद देव गिरि ने बयान में कहा, "हमें विश्वास है कि बादल छंट जाएंगे, अंधकार दूर हो जाएगा, सूर्य का सत्य-प्रकाश चमकेगा और भगवान राम की भक्ति की प्रबल धारा निर्बाध रूप से बहती रहेगी। जय श्री राम।
गिरि की ओर से इस्तीफों को लेकर शनिवार को पुष्टि किए जाने से एक दिन पहले प्राथमिकी में नामित आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दान के गबन और कुप्रबंधन के बारे में चौंकाने वाले निष्कर्षों के बाद मंदिर ट्रस्ट द्वारा यह प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तार किए गए लोगों में राय का एक पूर्व चालक भी शामिल है जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि आठ नामित आरोपियों में से कुछ के पास से लगभग 80 लाख रुपये के अलावा कुछ विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा सोमवार को पुनर्निर्मित आरोग्य सेतु ऐप की शुरुआत करेंगे। यह ऐप मूल रूप से कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन अब यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी को संपूर्ण रूप से प्रबंधित करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार का नया आरोग्य सेतु 2.0 नागरिकों को एक ही डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने, अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी को प्रबंधित करने और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) सेवाओं को व्यापक रूप से अपनाने में मदद करेगा। कोरोना वायरस महामारी के दौरान इससे संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने, जोखिम के प्रति जागरुकता और नागरिक सहभागिता के लिए विकसित इस ऐप को बाद में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) को सौंप दिया गया, ताकि इसे भारत के डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था में लंबे समय तक एकीकृत किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, आरोग्य सेतु 2.0 को एबीडीएम के दृष्टिकोण के अनुरूप फिर से बनाया गया है और यह ऐप के लगभग 20 करोड़ डाउनलोड का उपयोग देश भर में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए करेगा। यह ऐप उपयोगकर्ताओं को अपना 'आभा' (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाने और प्रबंधित करने, स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंच और इसे सुरक्षित रखने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं पर डिजिटल पंजीकरण के लिए 'स्कैन एंड शेयर' सुविधा का उपयोग करने की अनुमति देगा। इसकी प्रमुख विशेषताओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नया मंच व्यक्तियों और परिवारों के लिए एक विश्वसनीय व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड के रूप में काम करेगा और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार को गति देगा। -
मलप्पुरम (केरल). केरल में लोगों को लावारिस हालत में मिले और सुरक्षित रखने के लिए करीपुर पुलिस थाने में जमा कराए गए करीब 64 ग्राम सोने के आभूषणों के कथित रूप से गायब होने के मामले की जांच शुरू कर दी गयी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, राज्य विशेष शाखा से सूचना मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में एक टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोने की तीन चेन, दो बालियां, एक अंगूठी और एक कंगन लोगों को लावारिस हालत में मिले थे। इन्हें उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने के उद्देश्य से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस थाने में जमा कराया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कुछ आभूषण करीपुर हवाई अड्डे पर यात्रियों को लावारिस अवस्था में मिले थे। इन्हें पुलिस थाने में रखी एक अलमारी में सुरक्षित रखा गया था। उन्होंने बताया कि जांच के तहत पुलिस थाने में लगे सीसीटीवी की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सकें कि आभूषण चोरी हुए हैं या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डीएसपी जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट मलप्पुरम जिला पुलिस प्रमुख को सौंपेंगे।
- नई दिल्ली। उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत के तहत ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’(Operation Amistad underway) शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से भारत ने प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पहल की है। इसके लिए भारतीय सेना की एक विशेष मेडिकल टुकड़ी को वेनेजुएला रवाना किया गया ।भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय दल, भारतीय वायुसेना के दो विमानों से वेनेजुएला के लिए रवाना हुआ है। इनमें नौ अनुभवी सैन्य चिकित्सक भी शामिल हैं। यह दल वेनेजुएला के आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार, सर्जरी, ट्रॉमा प्रबंधन तथा प्रभावित लोगों को गहन चिकित्सा प्रदान करेगा।भारतीय सेना के अनुसार उनकी यह मेडिकल टीम अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय राहत सामग्री लेकर गई है। इनमें भारत के आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित अत्याधुनिक भीष्म क्यूब भी शामिल है। यह एक मॉड्यूलर और तेजी से तैनात किया जा सकने वाला फील्ड अस्पताल है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में उन्नत ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है।इसी बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया कि ऑपरेशन अमिस्ताद जारी है। उन्होंने लिखा, ”भारतीय वायु सेना के दो सी-17 विमान भूकंप प्रभावित वेनेजुएला के राहत एवं बचाव प्रयासों में सहायता के लिए तत्काल राहत सामग्री लेकर रवाना हुए। इस सहायता में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट के साथ 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा दो भीष्म क्यूब भी भेजे गए हैं। भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ा है तथा हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।”भीष्म क्यूब की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम समय में स्थापित होकर लगभग 200 मरीजों तक को उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं प्रदान कर सकता है। इस प्रणाली ने भारत की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को नई मजबूती दी है। इसे दुनिया के विभिन्न संकटग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।भारत का यह मिशन केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकट की घड़ी में मित्र देशों के साथ खड़े रहने की उसकी नीति का भी प्रतीक है। वेनेजुएला के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत इस संकट में मदद के लिए मौजूद है; हम आपके साथ हैं।ऑपरेशन अमिस्ताद भारत की उस मानवीय सोच को भी दर्शाता है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ के सिद्धांत पर आधारित है। प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान सहायता पहुंचाने की भारत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान वैश्विक मानवता, करुणा और सहयोग के प्रति देश की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण बन गया है।वेनेजुएला में राहत एवं चिकित्सा सहायता का यह मिशन हजारों प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा। साथ ही साथ यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीय और जिम्मेदार मानवीय शक्ति की छवि को भी और मजबूत करेगा।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 1-3 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगी। यह समिट दोनों पक्षों को द्विपक्षीय सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा करने और मजबूत करने के साथ-साथ परस्पर हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देगा।यह प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत का पहला आधिकारिक दौरा होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी अगस्त 2025 में जापान के दौरे पर पहुंचे थे, जहां वे 15वें भारत-जापान सालाना समिट में शामिल हुए। यह भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है।फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में जीत पर जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची को बधाई दी थी। एक सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा था कि दोनों देशों के बीच स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप दुनिया भर में शांति, स्थिरता और खुशहाली बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि ताकाइची की काबिल लीडरशिप भारत-जापान दोस्ती को और ऊंचाइयों पर ले जाएगी।इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने अगस्त 2025 में टोक्यो में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ भारत-जापान आर्थिक मंच कार्यक्रम के दौरान शीर्ष उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी पर प्रकाश डाला और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए पांच-पॉइंट रोडमैप पेश किया।उन्होंने कहा अभी भारत-जापान बिजनेस फोरम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें कंपनियों के बीच हुई बिजनेस डील का विस्तार से वर्णन दिया गया है। इस प्रगति के लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।दो दिवसीय जापान दौरे पर पीएम मोदी ने प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के एक समूह के साथ एक बैठक की। इस दौरान भारत और जापान के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, उन्होंने टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने से संबंधित कई समझौते पर मुहर लगी।पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ मियागी प्रांत के सेंडाई शहर का दौरा किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (टीईएल मियागी) का दौरा किया। कारखाने में उन्हें टीईएल की वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भूमिका, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भारत के साथ वर्तमान व भविष्य के सहयोग के बारे में जानकारी दी गई थी।
- नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने देश को नशे के खतरे से बचाने के लिए तैयार किए गए ‘विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल’ का भी शुभारंभ किया। संबोधन में अमित शाह ने कहा कि देश आज नशे के खिलाफ लड़ाई के बेहद निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और आने वाले तीन साल बेहद अहम होंगे।अमित शाह ने कहा कि 26 जून भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है। एक ओर देश नशे के खिलाफ प्रभावी रोडमैप तैयार कर रहा है, वहीं आज महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती भी है। ‘बंकिम बाबू’ ने गुलामी के दौर में देश के आत्मविश्वास को जगाने का काम किया और ‘वंदे मातरम’ जैसी अमर रचना दी।उन्होंने कहा, “‘वंदे मातरम्’ केवल एक नारा या गीत नहीं है। यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और देश के पुनर्निर्माण का मंत्र है। आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का सबसे बड़ा उद्घोष भी ‘वंदे मातरम’ ही था। इतिहास गवाह है कि देश के अनेक स्वतंत्रता सेनानी फांसी के फंदे पर चढ़ते समय भी अपने अंतिम शब्द के रूप में ‘वंदे मातरम’ का ही उच्चारण करते थे।”गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि देश के अगले 100 वर्षों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सभी सरकारों, विभागों, संतों, युवाओं और मातृशक्ति को एक मंच पर आकर संयुक्त रूप से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में समाज के हर वर्ग की भागीदारी बेहद जरूरी है।अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों से अपील की कि राष्ट्रीय नशीले पदार्थ समन्वय पोर्टल (एनसीओआरडी) की बैठकों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें पूरी तरह परिणाम-उन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में लिए गए फैसलों का प्रभावी क्रियान्वयन हो, उनकी नियमित समीक्षा हो और कमियों का गंभीर विश्लेषण किया जाए, तभी वास्तविक सफलता मिलेगी।उन्होंने रियल-टाइम सूचना साझा करने पर भी विशेष जोर दिया। अमित शाह ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने इसके लिए कई डिजिटल पोर्टल विकसित किए हैं। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि सभी ड्रग्स से जुड़े मामलों का विवरण समय पर इन पोर्टल्स पर अपलोड किया जाए, ताकि केंद्र सरकार लगातार निगरानी कर आवश्यक सुझाव और फीडबैक दे सके।गृह मंत्री ने कहा कि आज का नारकोटिक्स नेटवर्क लगातार विकसित हो रहा है। ड्रग्स तस्कर नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई और चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसलिए इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक समग्र और आधुनिक रणनीति अपनानी होगी।उन्होंने साफ कहा कि ड्रग्स के अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सरकार की नीति पूरी तरह बेहद सख्त होनी चाहिए। वहीं, जो लोग नशे के शिकार हैं, उनके प्रति सहानुभूति अपनाते हुए इलाज, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में वापस लाने पर जोर देना चाहिए। अमित शाह ने पिछले वर्षों में नशे के खिलाफ हुई कार्रवाई के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में 26 लाख किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स जब्त किए गए थे। जबकि 2014 से 2026 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 18 लाख किलोग्राम तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सरकार का अभियान लगातार प्रभावी और सफल दिशा में आगे बढ़ रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि 2004 से 2014 के दौरान जब्त किए गए ड्रग्स की कीमत करीब 40 हजार करोड़ रुपए थी, जबकि 2014 से 2026 के बीच जब्त किए गए मादक पदार्थों का मूल्य बढ़कर लगभग 1 लाख 84 हजार करोड़ रुपए हो गया। उनके मुताबिक, यह नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और समाज को मिलकर लगातार काम करना होगा। उन्होंने दोहराया कि नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले वर्षों में इस दिशा में और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को कहा कि जोधपुर में 35 वर्षों से अधिक समय से प्रतीक्षित नया एयरपोर्ट टर्मिनल अब जनता की सेवा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को नए टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। नई दिल्ली से जोधपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जोधपुर एयरपोर्ट केवल शहर ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान के लिए हवाई संपर्क का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था और हवाई यात्रा दोनों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके चलते यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।शेखावत ने कहा कि मौजूदा टर्मिनल पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा था, इसलिए आधुनिक सुविधाओं से लैस नए टर्मिनल की आवश्यकता महसूस की गई। उन्होंने बताया कि टर्मिनल की तकनीकी मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है और निरीक्षण समिति मौके पर मौजूद है। सभी औपचारिकताएं शुक्रवार शाम या अधिकतम शनिवार तक पूरी होने की उम्मीद है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 4 जुलाई से जोधपुर और पूरे पश्चिमी राजस्थान के लोगों को आधुनिक टर्मिनल के माध्यम से बेहतर और सुगम हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि नया टर्मिनल क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति देगा। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसी दिन लगभग 13,000 करोड़ रुपए की लागत वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का शिलान्यास भी किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी का भी उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम पहले 21 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन 20 अप्रैल को रिफाइनरी में आग लगने की घटना के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करते हुए नॉन-डॉमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति पर सभी क्षेत्रीय प्रतिबंध को हटा दिया है और पश्चिम एशिया संकट से पूर्व की आपूर्ति स्थिति बहाल की है। इसके अलावा एलपीजी की विशाल आपूर्ति, जिसे संकट की शुरुआत में निलंबित कर दिया गया था, को संकट-पूर्व खपत स्तरों के 50 प्रतिशत तक बहाल किया गया है जिससे वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को महत्वपूर्ण राहत प्राप्त हुआ है। यह बहाली हाल ही में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में हुए सुधार के बाद की गई है।दरअसल, पश्चिम-एशिया संकट के दौरान, घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए, सरकार ने अनिवार्य वस्तु अधिनियम के अंतर्गत आदेश जारी किए थे, जिनमें सी3-सी4 स्ट्रीम को केवल एलपीजी उत्पादन के लिए इस्तेमाल करना था उन्हें पेट्रोकेमिकल व अन्य डाउनस्ट्रीम कामों से हटाकर इसके लिए उपयोग करना था। देश में एलपीजी के बेहतर उत्पादन और आयातित एलपीजी कार्गो की अनुमानित उपलब्धता के मद्देनजर सरकार ने एलपीजी पूल में सी3-सी4 स्ट्रीम में परिवर्तन को कम करने का भी निर्णय लिया है।वहीं, एलपीजी के अलावा दूसरे कामों के लिए सी3-सी4 स्ट्रीम का बढ़ा हुआ आवंटन लागू किया जाएगा लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू एलपीजी की उपलब्धता पर कोई असर न पड़े और देश में एलपीजी का कुल उत्पादन प्रतिदिन कम से कम 40 टीएमटी बना रहे। मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र को पेट्रोकेमिकल तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए उन्नत सी3-सी4 स्ट्रीम का संगठनवार आवंटन जारी करने एवं मंत्रालय को नियमित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न वैश्विक आपूर्ति बाधा उत्पन्न होने के बाद सरकार ने पूरे देश में घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। जिसके बाद कुछ समय के लिए वाणिज्यिक पैक एलपीजी की आपूर्ति पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए। नीतिगत मध्यवर्तनों एवं तेल विपणन कंपनियों के समन्वित प्रयासों ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक आपूर्ति शृंखला होने के बावजूद आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद की।सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे औद्योगिक एवं वाणिज्यिक एलपीजी ग्राहकों का पूरा डेटा बनाए रखें जिससे कुशल योजना और आपूर्ति प्रबंधन को सुगम बनाया जा सके। ओएमसी के बीच एक एकीकृत क्षेत्रीय डेटाबेस भी रखा जाएगा ताकि निगरानी एवं संचालन समन्वय को मजबूत किया जा सके।साथ ही, सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन का विस्तार करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। वाणिज्यिक एवं थोक उपभोक्ता, जो पहले ही पीएनजी पर स्थानांतरित हो चुके हैं वे पीएनजी का ही उपयोग करेंगे। अन्य पात्र एलपीजी उपभोक्ता, जिन्हें पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है या जो पीएनजी पर स्थानांतरित होने की प्रक्रिया में हैं, उन्हें सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं के समन्वय से चरणबद्ध रूप से पीएनजी पर स्थानांतरित किया जाएगा।
- नई दिल्ली। चंपत राय ने शुक्रवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। न्यास की स्थापना केंद्र सरकार ने 2020 में अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए की थी। एक अन्य न्यासी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया। इन दोनों के इस्तीफे से एक दिन पहले गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंदिर को दान की गई धनराशि में कथित घपले के लिए आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।राय के करीबी सूत्रों ने कहा कि उनके विरुद्ध कोई सीधा आरोप नहीं है लेकिन उन्होंने मामले की जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया। 79 वर्षीय राय संघ के स्वयंसेवक रहे हैं और उन्हें 2018 में अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया था। वहीं 65 वर्षीय मिश्रा न्यास के 15 न्यासियों में से एक हैं। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि संस्थान को राय द्वारा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव पद से इस्तीफा देने की कोई जानकारी नहीं है।अयोध्या की एक अदालत ने कथित दान राशि गबन मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों को सोमवार तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया। अभियोजन अधिकारी के. सी. वर्मा ने अयोध्या में मीडिया को बताया कि जांच के दौरान 79.8 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार कि गए आठ लोग हैं अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव। यादव को चंपत राय का पूर्व चालक बताया जाता है।अभियोजन अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार किए गए पांच से छह लोग बैंक कर्मचारी थे जिन्हें मंदिर में प्राप्त नकद दान की गिनती के लिए नियुक्त किया गया था और वे बैंक से वेतन प्राप्त कर रहे थे। उन्होंने बताया कि टिन्नू यादव बैंक कर्मचारी नहीं था बल्कि चालक के रूप में काम करता था जबकि सुभाष श्रीवास्तव दान गिनती प्रक्रिया का प्रभारी था।उधर उत्तर प्रदेश के देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि गबन के आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई एसआईटी की रिपोर्ट सौंपे जाने के तुरंत बाद शुरू हो गई। उन्होंने इस विवाद को कुछ राजनीतिक दलों द्वारा ‘हताशा’ में राम भक्तों को निशाना बनाने और अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास बताया।अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि सभी आरोपी अयोध्या में ही थे और उन्हें गुरुवार देर रात पूछताछ के लिए उठाया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 306 (क्लर्क या नौकर द्वारा मालिक के कब्जे में संपत्ति की चोरी), 316 (आपराधिक विश्वासघात), 317 (चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना) और 61 (आपराधिक साजिश) सहित अन्य प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है।राम मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित गबन का विवाद 7 जून को सामने आया। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया जिसने 23 जून को सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर 25 जून की रात प्राथमिकी दर्ज की गई और अयोध्या पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा 7 जून को यह मुद्दा उठाए जाने के बाद कुछ आरोपियों के नाम सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे थे। तीन-सदस्यीय एसआईटी की अध्यक्षता लखनऊ के मंडल आयुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एसआईटी ने इस सप्ताह राज्य सरकार को सौंपी गई अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कड़े सुझाव दिए हैं। विपक्षी नेताओं ने प्राथमिकी को आंखों में धूल झोंकने जैसा बताया है। उनका आरोप है कि इसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा सहित न्यास के वरिष्ठ पदाधिकारियों की कोई जिम्मेदारी नहीं तय की गई है।कांग्रेस ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को भंग करने की मांग की। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि एक ओर भाजपा पंजीकृत न्यासों को कड़े एफसीआरए नियमों के माध्यम से नियंत्रित करना चाहती है और दूसरी ओर आरएसएस जैसी पूरी तरह अपंजीकृत संस्थाएं हमारे देश के मंदिरों को ‘लूटने और बर्बाद करने’ के लिए स्वतंत्र हैं।आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अयोध्या में कहा कि चोरी के पीछे जो लोग हैं वे आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से हटाने की ‘साजिश’ भी कर रहे थे।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को राज्यों से गार्ड उपलब्ध कराने वाली निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस से जुड़े मामलों सहित सभी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने को कहा। राष्ट्रीय राजधानी में निजी सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्यशाला में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पुलिस आधुनिकीकरण) आर.प्रसन्ना ने कहा कि इन एजेंसियों को नया लाइसेंस तय समय-सीमा के भीतर जारी किया जाए और लाइसेंस नवीनीकरण के लंबित मामलों के निपटान में भी कोई कोताही न बरती जाए। एक बयान के मुताबिक, प्रसन्ना ने बताया कि इसी मामले में केंद्रीय गृह सचिव दो जुलाई को सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने इन एजेंसियों को पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिये राज्यों के संबंधित अधिकारियों को 'प्राइवेट सिक्योरटी एसोसिएशन' के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर बैठक करने को भी कहा। गृह मंत्रालय की उप सचिव कृति गर्ग ने बताया कि सरकार निजी एजेंसियों से जुड़े मुद्दों पर राज्यवार नजर रख रही है ताकि इनके निपटान में कोई देरी न हो। गृह मंत्रालय के नेतृत्व में इस कार्यशाला का आयोजन 'सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री' (केप्सी) और फिक्की समेत पांच संगठनों ने संयुक्त रूप से किया, जिसमें डेढ़ दर्जन से ज्यादा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने शिरकत की। बयान के अनुसार, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए हर बार पुलिस सत्यापन कराने और कार्यालय बदलने पर नए सिरे से लाइसेंस लेने के नियम को गैर जरूरी बताते हुए इसे खत्म करने का सुझाव दिया।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को पासपोर्ट शुल्क के ढांचे में बदलाव किया जिसके तहत 36 पन्नों के नये सामान्य पासपोर्ट के लिए अब 1,500 रुपये की जगह 2,500 रुपये का भुगतान करना होगा। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना से यह जानकारी सामने आई। बीस जून को तैयार अधिसूचना के मुताबिक, पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन कर आवेदन शुल्क के ढांचे में बदलाव किया गया है। नए नियम एक जुलाई 2026 से लागू होंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि 36 पन्नों के नये सामान्य पासपोर्ट या इतने ही पन्नों के पासपोर्ट को फिर से जारी किए जाने के लिए सामान्य आवेदन शुल्क 2,500 रुपये होगा, जबकि तत्काल सेवा के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। मौजूदा समय में 36 पन्नों के नये सामान्य पासपोर्ट या इतने ही पन्नों के पासपोर्ट को फिर से जारी किए जाने के लिए सामान्य आवेदन शुल्क 1,500 रुपये, जबकि तत्काल शुल्क 3,500 रुपये है। अधिसूचना के अनुसार, 60 पन्नों के नये सामान्य पासपोर्ट या इतने ही पन्नों के पासपोर्ट को फिर से जारी किए जाने के लिए सामान्य आवेदन शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये, जबकि तत्काल आवेदन शुल्क 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है। अधिसूचना में कहा गया है, "केंद्र सरकार ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा-24 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन के लिए उक्त नियम बनाए हैं। इन नियमों को पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 कहा जा सकता है। ये नियम एक जुलाई 2026 से लागू होंगे।" अधिसूचना में सरकार ने एक अनुसूची भी जारी की है, जो "पासपोर्ट नियम, 1980 की अनुसूची चार" की जगह लेगी। संशोधित अनुसूची में दो उप-श्रेणियों का जिक्र है---आवेदकों के लिए (18 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोग/15 से 18 साल के बीच की उम्र के नाबालिग, अगर उन्होंने इस श्रेणी में आवेदन किया हो); और नाबालिग आवेदक (18 साल से कम उम्र के)।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा करेंगे। प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल और भारतीय नौसेना के दो पोत भी हिस्सा लेंगे। मंत्रालय ने कहा, ''सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर जाएंगे और सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशेष अतिथि के रूप में भाग लेंगे।'' विदेश मंत्रालय ने कहा, ''यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत एवं स्थायी मित्रता की फिर से पुष्टि करेगी तथा सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।'' प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2015 में सेशेल्स का दौरा किया था।
मंत्रालय ने कहा, ''यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी तथा पारस्परिक हित से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।'' विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की संसद को भी संबोधित करेंगे और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी के रूप में सेशेल्स का भारत के 'महासागर' (क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) दृष्टिकोण तथा 'ग्लोबल साउथ' के प्रति उसकी प्रतिबद्धता में विशेष स्थान है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें सत्य, न्याय, साहस और अटूट विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी करोड़ों लोगों को सच्चाई और इंसाफ के रास्ते पर डटे रहने की प्रेरणा देती है।
पीएम मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को नमन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि हजरत इमाम हुसैन का बलिदान आज भी अनगिनत लोगों को सत्य और न्याय की राह पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत साहस, दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास की अमर शक्ति की भी याद दिलाती है।हजरत इमाम हुसैन, पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे (दोहिते), हजरत अली और हजरत फातिमा के छोटे पुत्र थे। इस्लाम के इतिहास में उनका स्थान बेहद सम्मानित और महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने 61 हिजरी यानी 680 ईस्वी में कर्बला के मैदान में सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।इतिहास के अनुसार, इमाम हुसैन ने अत्याचारी शासक यजीद के सामने झुकने और उसकी सत्ता को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद कर्बला के युद्ध में उन्होंने अपने परिवार और 72 वफादार साथियों के साथ तीन दिन तक भूखे-प्यासे रहकर संघर्ष किया और शहादत स्वीकार कर ली, लेकिन अन्याय के आगे कभी सिर नहीं झुकाया।यह शहादत आज भी इस्लाम में अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने का सबसे बड़ा प्रतीक मानी जाती है। हजरत इमाम हुसैन का बलिदान केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए सत्य, न्याय, साहस और इंसानियत की रक्षा का अमर संदेश देता है। यही वजह है कि सदियों बाद भी उनकी कुर्बानी दुनिया भर के लोगों को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और सच्चाई के रास्ते पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है। -
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने ‘नशा मुक्त भारत’ का संदेश दिया है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ड्रग्स के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर ड्रग्स के खिलाफ हमारी राष्ट्रीय लड़ाई में शामिल सभी योद्धाओं को शुभकामनाएं।”
अमित शाह ने आगे लिखा, “मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने ड्रग्स के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है। इसके तहत नार्को-कार्टेल्स का कठोरता से सफाया किया जा रहा है और प्रभावित लोगों का उचित देखभाल और सहानुभूति के साथ इलाज किया गया है। यह दिन हमारी युवा पीढ़ी को ड्रग्स से बचाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।”वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नशा सिर्फ व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार, समाज और राज्य की उन्नति में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प देवभूमि उत्तराखंड को नशे के अभिशाप से मुक्त कर स्वस्थ, जागरूक और सशक्त युवाशक्ति के माध्यम से एक समृद्ध भविष्य का निर्माण करना है। आइए, अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर हम सभी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में व्यापक जन जागरूकता फैलाने एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लें।”उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नशा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास में बाधा है। यह व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और भविष्य तीनों को कमजोर करता है। आइए, आज ‘अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस’ के अवसर पर नशा-मुक्त समाज की दिशा में हर व्यक्ति को जागरूक कर एक बेहतर कल की ओर बढ़ें।”वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस’ के अवसर पर लोगों से अपील करते हुए कहा, “आइए, हम सभी नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें।” उन्होंने कहा, “नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। स्वस्थ, जागरूक और सशक्त राष्ट्र के निर्माण हेतु आवश्यक है कि हम स्वयं नशे से दूर रहें तथा जन-जागरूकता के माध्यम से दूसरों को भी इस बुराई से मुक्त होने के लिए प्रेरित करें।” मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी ‘अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस जागरूक’ पर लोगों से बड़ी अपील की। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस जागरूक करता है कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सजग करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान दें और स्वस्थ, सुरक्षित व सशक्त देश के संकल्प को साकार करने में अपनी भागीदारी निभाएं।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड की महारानी मैक्सिमा से मुलाकात की। इस दौरान इस बात पर चर्चा की कि कैसे भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित बदलाव वित्तीय सेवाओं को ज्यादा सुलभ और किफायती बना रहा है।
पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नीदरलैंड्स की महामहिम रानी मैक्सिमा से मिलकर खुशी हुई। वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि (यूएनएसजीएसए) भी हैं और लंबे समय से दुनिया भर में वित्तीय समावेशन की समर्थक रही हैं।”पीएम ने बताया कि इस बैठक के दौरान उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि कैसे भारत में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए हो रहा बदलाव कैसे वित्तीय सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचा रहा है और उन्हें किफायती बना रहा है। इससे लोगों की ‘जीवन को आसान बनाने’ (Ease of Living) में मदद मिल रही है और बड़े स्तर पर लोगों को सशक्त बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने अनुभवों को दुनिया भर के साझेदार देशों के साथ साझा करने के लिए हमेशा तैयार है।आपको बता दें, महारानी मैक्सिमा भारत दौरे पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि (यूएनएसजीएसए) के रूप में आई हैं। बुधवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा कि महारानी मैक्सिमा का यह दौरा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है। साथ ही यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुभव से सीखने और उसे समावेशी विकास व टिकाऊ विकास के लिए इस्तेमाल करने पर भी केंद्रित है।अपने दौरे के दौरान महारानी मैक्सिमा ने अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों से सीधे बातचीत की और वित्तीय सेवाओं के इस्तेमाल से जुड़े उनके अनुभवों और वित्तीय समस्याओं को समझा। यूएनएसजीएसए ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पोस्ट में जानकारी दी। उन्होंने भारत की ‘जन धन योजना’ के लाभार्थियों से भी मुलाकात की। यह सरकार की एक पहल है, जिसके तहत लोगों को आसान और सस्ती बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का काम किया गया है।यूएनएसजीएसए ने कहा कि इन बातचीत से मिली जानकारी उनकी आगे की बैठकों में मदद करेगी, जिनमें वह निजी और सरकारी क्षेत्र के नेताओं से मुलाकात करेंगी।प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने नीदरलैंड्स की यात्रा के दौरान रानी मैक्सिमा और राजा विलेम-अलेक्जेंडर से भी मुलाकात की थी। उस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने महारानी मैक्सिमा को मीनाकारी और कुंदन के झुमके उपहार में दिए थे। ये दोनों ही भारत की प्रसिद्ध आभूषण कला परंपराएं हैं, जिनकी शुरुआत राजस्थान से हुई है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वेनेजुएला में भूकंप के कारण हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत इस लातिन अमेरिकी देश को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। वेनेजुएला के तटीय क्षेत्र में बुधवार शाम को आए शक्तिशाली भूकंपों के कारण कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई है और 700 लोग घायल हुए हैं। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''वेनेजुएला में भीषण भूकंप के कारण हुई तबाही से गहरा दुख हुआ है। मैं भारत के लोगों की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता, विशेष रूप से अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है और इस कठिन समय में सभी प्रभावितों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा, ''भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार खड़ा है।''
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जम्मू. बाबा अमरनाथ के प्रति गहरी आस्था के चलते नेपाल से बड़ी संख्या में साधु-संत वार्षिक अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए जम्मू पहुंचने लगे हैं। इनमें से कई साधु वर्षों से लगातार इस यात्रा में शामिल होते आ रहे हैं और इसे अपनी धार्मिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। तीन जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू शहर के ऐतिहासिक राम मंदिर में साधु-संतों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक जाने वाले साधुओं के लिए यह मंदिर प्रमुख पड़ाव और ठहरने का केंद्र है। नेपाल से आए साधु छोटा डोमी दास ने बताया कि वह पिछले नौ वर्षों से नियमित रूप से अमरनाथ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष साधु-संत बड़े उत्साह के साथ यात्रा में शामिल होते हैं और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नेपाल के ही एक अन्य साधु विष्णु देव ने कहा कि वह कई बार अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं और इस बार भी यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। पहली बार अमरनाथ यात्रा पर आए बिचारे दास ने कहा कि बाबा अमरनाथ के दर्शन करना उनका लंबे समय से सपना था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को सुंदर और अपनापन महसूस कराने वाला स्थान बताया तथा शांति और सभी लोगों के कल्याण की कामना की। नेपाल के जनकपुर निवासी देव नारायण चौधरी ने कहा कि उनके गांव में अमरनाथ यात्रा को लेकर काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में साधु तथा श्रद्धालु यात्रा के लिए रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बाबा अमरनाथ सभी श्रद्धालुओं की रक्षा करेंगे। कठिन पर्वतीय मार्ग और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। नेपाल से आए निकिल दास ने कहा कि बचपन से उन्होंने सुना है कि बाबा अमरनाथ के दर्शन से आध्यात्मिक शांति मिलती है और जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं। एक अन्य साधु जमना दास ने बताया कि उन्हें जम्मू पहुंचने में 10 दिन लगे। उन्होंने यात्रा के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था दो जुलाई को जम्मू से रवाना होगा। यात्रा तीन जुलाई से अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से शुरू होगी। नेपाल से आने वाले साधु-संतों की मौजूदगी भारत और नेपाल के बीच गहरे आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक संबंधों को भी रेखांकित करती है, जो राजनीतिक सीमाओं से परे आज भी मजबूत बने हुए हैं।


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