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- नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी मतगणना के रुझानों में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है। इस चुनाव के लिए 30 नवंबर को मतदान हुआ था। राज्य की 119 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में मतों की गिनती रविवार सुबह आठ बजे मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई।दक्षिणी राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को साधारण बहुमत हासिल करेन के लिए कम से कम 60 सीट जीतनी होंगी। के. चन्द्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस 2014 में तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिए जाने के बाद से सत्ता पर काबिज है। इसने 2018 का चुनाव भी जीता था। पार्टी इस बार भी लगातार तीसरी बार जीत की उम्मीद कर रही है।कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से पूरे जोर-शोर से चुनाव प्रचार अभियान चलाया था। भाजपा ने भी अपने प्रचार अभियान के दौरान सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ तीखा हमला किया था।तेलंगाना विधानसभा चुनाव में 2,290 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें बीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव, उनके बेटे और सरकार में मंत्री के. टी. रामा राव, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ए. रेवनाथ रेड्डी और भाजपा के लोकसभा सदस्य बंदी संजय कुमार, डी. अरविंद और सोयम बापू राव शामिल हैं।बीआरएस ने राज्य की सभी 119 सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि चुनाव पूर्व समझौते के तहत भाजपा और जनसेना ने क्रमश: 111 और आठ सीट पर चुनाव लड़ा है। वहीं, कांग्रेस ने अपनी सहयोगी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) को एक सीट दी। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम नौ विधानसभा सीट पर चुनाव मैदान में थी।
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गंगटोक. सिक्किम के मुख्य सचिव वी.बी. पाठक ने शनिवार को कहा कि राज्य में अचानक आई बाढ़ में लापता हुए 77 लोगों का दो महीने बाद भी पता नहीं चल पाने के कारण अब उन्हें मृत मान लिया गया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उनके परिवारों को अनुग्रह राशि सहित विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान किये जाएंगे। इसके तहत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया के अनुसार ही मामलों का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चार अक्टूबर को राज्य में आई अचानक बाढ़ में कुल 77 लोग लापता हो गए। बाद में दो शव बरामद किये गये, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। राज्य सरकार चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान कर रही है, जबकि दो लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रदान किए जा रहे हैं। पाठक ने कहा, ‘‘हमने लापता लोगों के मामले को निपटाने के लिए उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के तहत काम करने का फैसला किया है।'' उन्होंने बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही मृतकों के परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इन सभी मामलों को जनवरी तक निपटा लिया जाएगा।
पाठक ने बताया कि परिवारों को पहले पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करानी होगी और फिर प्रक्रिया के अनुसार समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और सरकारी गजट में इसे प्रकाशित करने से पहले विभिन्न स्तरों पर गहन जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर सिक्किम के बाहर का कोई व्यक्ति लापता हुआ था, तो परिवार को अपने राज्य में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी होगी, जिसे जांच के लिए यहां भेज दिया जाएगा। तीस्ता नदी में चार अक्टूबर को आई बाढ़ ने राज्य में कहर बरपाया था, जिसमें कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई, जबकि 77 लोग लापता हो गए थे। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार दिसंबर को महाराष्ट्र की अपनी यात्रा के दौरान सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। एक बयान के अनुसार, वह सिंधुदुर्ग में ‘नौसेना दिवस 2023' समारोह के मौके पर एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे और तारकरली समुद्र तट से भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों द्वारा ‘अभियानगत प्रदर्शन' देखेंगे। हर साल चार दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है।
बयान में कहा गया है कि हर साल नौसेना दिवस के मौके पर भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों द्वारा ‘अभियानगत प्रदर्शन' करने की परंपरा है। इसके अनुसार ये प्रदर्शन लोगों को भारतीय नौसेना द्वारा किए गए अभियानों के विभिन्न पहलुओं को देखने का मौका प्रदान करते हैं। बयान में कहा गया है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति नौसेना के योगदान को उजागर करता है और साथ ही नागरिकों के बीच समुद्री जागरूकता भी पैदा करता है। -
नयी दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 88 नए मामले सामने आए। देश में अब उपचाराधीन कोविड मरीजों की संख्या 396 है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या 5,33,300 है, जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 4,50,02,103 है। मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, संक्रमण से उबरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 4,44,68,407 हो गई है। वहीं, देश में संक्रमण से ठीक होने की दर 98.81 प्रतिशत, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वेबसाइट के अनुसार, भारत में अब तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 220.67 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को उनके 63वें जन्मदिन पर शनिवार को बधाई दी और इसके साथ ही उनके संगठनात्मक कौशल की सराहना की। मोदी ने सेशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने (नड्डा)संगठनात्मक कौशल में मिसाल कायम की है। उनके सरल तथा गर्मजोशी भरे मिजाज ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया है। मैंने पिछले कई दशकों में उन्हें पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करते देखा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने खुद को एक बहुत अच्छे विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में भी प्रतिष्ठित किया है। मैं उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना करता हूं।'' नड्डा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में छात्र नेता रहे और फिर भाजपा की युवा शाखा में भी काम किया। दायित्व बढ़ने के साथ ही उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन के एजेंडे पर बने रहने और गुटबाजी से दूरी को प्राथमिकता दी। भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में लाए जाने से पहले वह हिमाचल प्रदेश में विधायक और मंत्री थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नड्डा के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी। शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि नड्डा भाजपा के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहे हैं तथा अपने संगठनात्मक कौशल एवं कड़ी मेहनत से इसे और मजूबत कर रहे हैं। -
बेंगलुरु. भारत के आदित्य-एल1 उपग्रह में लगे पेलोड ‘आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट' ने काम करना शुरू कर दिया है और यह सामान्य रूप से काम कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को यह जानकारी दी। इसरो ने दो सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया था। इसरो के अनुसार, ‘आदित्य-एल1' सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है। यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित लैग्रेंजियन बिंदु ‘एल1' के आसपास एक प्रभामंडल से सूर्य का अध्ययन कर रही है। इसरो ने एक बयान में कहा कि आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (एएसपीईएक्स) में दो अत्याधुनिक उपकरण सोलर विंड आयन स्पेक्ट्रोमीटर (एसडब्ल्यूआईएस) और सुप्राथर्मल एंड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर (एसटीईपीएस) शामिल हैं। एसटीईपीएस उपकरण 10 सितंबर, 2023 को शुरू किया गया। एसडब्ल्यूआईएस उपकरण दो नवंबर, 2023 को सक्रिय हुआ था और इसने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसरो के अनुसार उपकरण ने सौर पवन आयन, मुख्य रूप से प्रोटॉन और अल्फा कणों को सफलतापूर्वक मापा है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई में आयोजित सीओपी28 सम्मेलन के इतर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ ली गई एक ‘सेल्फी' पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि ‘‘दोस्तों से मिलना हमेशा सुखद होता है''। मेलोनी ने शुक्रवार को ‘एक्स' पर ‘‘सीओपी28 में अच्छे मित्र'' टिप्पणी के साथ सेल्फी पोस्ट की थी।
इसके बाद सोशल मीडिया पर मोदी और मेलोनी के उपनामों को मिलाते हुए ‘हैशटैग मेलोडी' बना दिया गया।
कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए दोनों नेताओं की गर्मजोशी भरी तस्वीर वायरल हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र, राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के उच्च स्तरीय सत्र, सीओपी28 में ‘ट्रांसफॉर्मिंग क्लाइमेट फाइनेंस' पर एक सत्र और लीडआईटी (उद्योग परिवर्तन के लिए नेतृत्व) के एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, जॉर्डन के शासक अब्दुल्ला द्वितीय, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ द्विपक्षीय बैठकें की थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा, ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड कैमरन, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, तुर्की के राष्ट्रपति आर टी एर्दोआन, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली, गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली आदि नेताओं से भी मुलाकात की थी। -
जूनागढ़. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने यहां गुजरात के पूर्व मंत्री दिवंगत दिव्यकांत नानावती की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, "सोमनाथ शरणम प्रपद्ये। श्री सोमनाथ मंदिर शाश्वत सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। आज प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव का दर्शन-पूजन कर सभी के कल्याण की प्रार्थना की। महादेव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।" इसके बाद शाह यहां नानावती की जन्मशती के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल हुए, जहां उन्होंने उन पर लिखे गए लेखों के संकलन का विमोचन किया। शाह ने 1950 के दशक में जूनागढ़ में एक पार्षद और स्थानीय नगर निकाय के अध्यक्ष के रूप में तथा जूनागढ़ से दो बार-1962 में और फिर 1972 में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य के रूप में नानावती के योगदान के लिए उनकी सराहना की। दिवंगत नानावती कांग्रेस विधायक थे, जो चिमनभाई पटेल के नेतृत्व वाली सरकार में कानून, नगर निकाय, नगर नियोजन और शहरी विकास मामलों के कैबिनेट मंत्री रहे। शाह ने कहा कि नानावती ने न केवल जूनागढ़, बल्कि गुजरात के लिए भी कई योगदान दिए।
गृह मंत्री ने नानावती के बेटे और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता निरुपम नानावती का भी उल्लेख किया, जिन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मामले में जेल जाने पर शाह के वकील के रूप में भी काम किया था। शाह ने 2010 की घटना को याद किया, जब उन्हें सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के वकील नानावती कांग्रेस पार्टी से जुड़े होने के बावजूद उनके साथ खड़े रहे और मुकदमा जीतने में उनकी मदद की। शाह ने याद किया कि कुछ अन्य लोगों की तरह, वह नानावती को अपना वकील बनाने को लेकर संशय में थे, लेकिन उन्होंने उनका मुकदमा लड़ा और जीतने में उनकी मदद की। -
भोपाल.मध्यप्रदेश की राजधानी में दो दिसंबर 1984 की सर्द रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव ने न केवल यहां हजारों लोगों की जान ले ली थी, बल्कि त्रासदी के 39 साल बाद भी यह जीवित बचे लोगों को एक भयंकर सपने की तरह याद है। इस हादसे के बाद यह कारखाना बंद किया जा चुका है।
दो और तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को कीटनाशक कारखाने से जहरीली गैस के रिसाव के बाद कम से कम 3,787 लोग मारे गए और पांच लाख से अधिक लोग शारीरिक रूप से प्रभावित हुए। गैस पीड़ित और रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षण अधीक्षक महेंद्रजीत सिंह (79) ने शनिवार को बताया, "हादसे वाली दो दिसंबर की रात को मैं डर से कांप उठा। मैंने उस ठंडी रात में लोगों को मरते हुए देखा था।" उस भयावह रात को याद करते हुए, सिंह ने कहा, ‘‘उस रात लगभग दो बजे मेरा परिवार सो रहा था, जब यूनियन कार्बाइड कारखाने से कुछ ही दूरी पर स्थित रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया। हम घर से बाहर भागे और कारखाने से निकलने वाली गैस से बचने के लिए स्कूटर से और पैदल भागे।" ऑल इंडिया रिटायर रेलवेमेन फेडरेशन वेस्टर्न ज़ोन के अध्यक्ष सिंह ने कहा, उनके परिवार ने उनके घर से चार किमी दूर एक होटल में रात बिताई। कुछ साल बाद, सिंह ने अपनी मां और छोटे भाई को खो दिया जो जहरीली गैस के संपर्क में आए थे।
उन्होंने कहा, ''गैस रिसाव के तीन दिन बाद, मैंने देखा कि हमारे घर के पास एक पीपल के पेड़ की पत्तियां गिर गई थीं और वह मृत और बेजान दिखाई दे रहा था।'' उन्होंने कहा कि शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़-पौधों पर जहरीली गैस का असर देखा गया।
सिंह ने कहा, "त्रासदी के बाद, ऐसी अफवाहें थीं कि फैक्ट्री से बची हुई जहरीली गैस निकलेगी। ऐसी अपुष्ट खबरों को देखते हुए हमने पड़ोसी होशंगाबाद जिले में शरण ली।" पूर्व रेलकर्मी ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी में अपने कई सहयोगियों को खो दिया है और जो बच गए, वे बीमारियों, विशेषकर सांस लेने की समस्याओं के साथ जी रहे हैं। सेवानिवृत्त सहायक स्टेशन मास्टर रामबली प्रसाद वर्मा (83) ने कहा कि वह भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गये। उन्होंने बताया, ''यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की चारदीवारी के पास स्थित रेलवे केबिन में मेरी ड्यूटी 2 दिसंबर की रात 10 बजे खत्म हो गई।'' आधी रात के आसपास, जब फैक्ट्री से गैस लीक हुई, तब वर्मा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में अपने घर पर थे। उन्होंने कहा, "जहरीली गैस से बचने के लिए हम इधर-उधर भागे और हमें कुछ दूर स्थित सेना के वाहन में शरण मिली।" वर्मा और उनका परिवार दिन निकलने पर घर लौट आए, लेकिन कुछ घंटों बाद फिर से अपना घर छोड़ना पड़ा क्योंकि ऐसी अफवाहें थीं कि बची हुई जहरीली गैस तीन दिसंबर को सुबह 11 बजे के आसपास फिर निकाली जायेगी। इसके बाद वर्मा का परिवार इंदौर चला गया और चीजें ठीक होने पर वापस लौटा था। बुजुर्ग ने कहा, "जब मैं उस ठंडी रात के बारे में सोचता हूं, तो मैं कांपने लगता हूं। गैस के संपर्क में आने के कारण मुझे सांस लेने में दिक्कत आती है और दमा हो गया है । - मुरैना । मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के एक दिन पहले भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को राज्य के मुरैना जिले के शनिश्चरा मंदिर में पूजा-अर्चना की।ग्वालियर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित शनिश्चरा मंदिर में पुजारियों के मंत्रोच्चार के बीच नड्डा ने पूजा-अर्चना की। उनके साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा नेता भी थे।शनिवार को 63 वर्ष के हुये नड्डा ने शुक्रवार को दतिया जिले में प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ का दौरा किया था और विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की जीत के लिए आयोजित एक विशेष अनुष्ठान में भाग लिया था।समाचार चैनलों द्वारा 30 नवंबर को प्रसारित अधिकतर एग्जिट पोल में मध्यप्रदेश में भाजपा को बढ़त दी गई है।मप्र के 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि नतीजे रविवार को घोषित किए जाएंगे।
- रांची। चीन में रहस्यमय निमोनिया फैलने के मद्देनजर झारखंड सरकार ने अपने अस्पतालों को सतर्कता बरतने और श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों की निगरानी, निवारक उपाय और परीक्षण करने को कहा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने जिला प्रशासन को लिखे पत्र में तैयारी रखने और स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।सिंह ने पत्र में कहा, “हाल के हफ्तों में, विशेष रूप से उत्तरी चीन में बच्चों में, श्वसन संबंधी बीमारियों में हुई वृद्धि को देखते हुए आपको ध्यान दिलाया जाता है कि निरंतर निगरानी रखने, मामलों की प्रवृत्ति की निगरानी करने और किसी भी उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की तत्काल आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि मौजूदा ‘इन्फ्लूएंजा’ को देखते हुए सांस संबंधी बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
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नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा देश को 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का आंदोलन है। श्री शाह ने यह बात कल शाम गुजरात में गिर सोमनाथ जिले में चंदवा में, विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सभी जरूरतमंदों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, ताकि कोई भी गरीब विकास की इस यात्रा में सहभागी बनने से वंचित न रह जाए। श्री शाह ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से सरकार अपने सभी अग्रणी कार्यक्रमों का लाभ देश के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना चाहती है। श्री अमित शाह ने कहा कि केवल औद्योगिक विकास से और गरीबों की अनदेखी कर देश खुशहाल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब गरीब भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हों।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने विकसित भारत का संकल्प लिया। श्री अमित शाह ने लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ भी वितरित किए। -
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि हाल के वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और साथ ही साथ देश का वैश्विक सम्मान तथा विश्वसनीयता कई गुना बढ़ी है। श्री धनखड़ ने आज नई दिल्ली में आकाशवाणी में प्रतिष्ठित डॉ राजेन्द्र प्रसाद स्मारक व्याख्यान देते हुए यह बाद कही। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के देश भारत को सुनना चाहते हैं और उसके विचारों का सम्मान करते हैं और पूरी दुनिया भारत के युवाओं के कौशल और प्रतिभाओं का लोहा मानती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ को जी-20 की सदस्यता मिली जो दुनिया में भारत की बढ़ती विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा का परिणाम है।
उपराष्ट्रपति ने कहा, एक दशक पहले भारतीय अर्थव्यवस्था पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन आज यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की कड़ी मेहनत और कुशल नेतृत्व के कारण देश ने यह उपलब्धि हासिल की है। श्री धनखड़ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी छोर तक पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। उन्होंने यह भी कहा, देश ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, रेडियो के इतिहास में शायद यह पहला कार्यक्रम है, जो इतना नियमित है और 107 कडियों का सफर पूरा कर चुका है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने देशवासियों से संवाद के लिए रेडियो को चुना और इसके माध्यम से संचार क्रांति पैदा की। श्री धनखड़ ने यह भी कहा कि मन की बात देश के जन की बात बन गई है और लोगों के दिलों तक पहुंचती है।उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुछ बुनियादी वस्तुओं का उत्पादन आवश्यक है। उन्होंने कहा, बहुत दुख होता है जब भारत मोमबत्तियां, लैंप, बच्चों के खिलौने और पतंग जैसी छोटी-छोटी चीजें आयात करता है। श्री धनखड़ ने कहा, आज, जब भारत आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग देश की जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहें। उन्होंने नागरिकों से देश की छवि खराब करने वाले लोगों के प्रयासों को विफल करने का भी आह्वान किया।श्री धनखड़ ने कहा कि देश के युवा इस अमृतकाल में भारत को शीर्ष पर ले जाने की ताकत रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का विश्व गुरु के रूप में फिर से तभी उभरेगा जब देश का प्रत्येक व्यक्ति इस अवधि को कर्तव्य काल समझकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा। श्री धनखड़ ने कहा कि वर्तमान समय में देश को भ्रष्टाचार और वंशवाद जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल लेक्चर का आयोजन आकाशवाणी द्वारा भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में किया जाता है, जो सादगी के प्रतीक, प्रसिद्ध विद्वान और महान दूरदर्शी थे, और उनके मन में भारत और भारतीयता सर्वोपरि थी। कार्यक्रम में सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा, प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी, आकाशवाणी समाचार की प्रधान महानिदेशक डॉ. वसुधा गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि यांत्रिक बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है, हालांकि डीपफेक जैसी तकनीक से सामाजिक खतरा भी उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नैतिकता का समावेश कर इस समस्या से उभरना संभव है। राष्ट्रपति ने यह बात आज राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 111वें दीक्षांत समारोह में कही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेश बैस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्य के उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और राज्य के उच्च तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकात पाटिल भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि तुकडोजी विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या काफी अधिक है और विश्वविद्यालय के 80 हजार विद्यार्थियों में से 50 प्रतिशत से अधिक संख्या छात्राओं की है। इस विश्वविद्यालय के 29 पीएचडी विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या 57 प्रतिशत हैं।राष्ट्रपति ने कहा कि तुकडोजी विश्वविद्यालय की एक गौरवशाली परंपरा रही है और इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थी राजनीति, विज्ञान, न्यायपालिका और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी छाप छोड रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव, पूर्व प्रधान न्यायाधीश एम.हिदायतुल्ला और शरद बोबडे इस विश्वविद्यालय की प्रतिभाओं में शामिल हैं। राज्य के उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इसी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने यह भी कहा कि इस विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय को वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राष्ट्रपति ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाने के लिए विश्वविद्यालय और इससे जुडे सभी पक्षों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने विभिन्न विद्यार्थियों को डी.एससी और पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की। तुकडोजी विश्वविद्यालय इस साल अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। -
नई दिल्ली। भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने कीमतों का दबाव कम होने और ठोस मांग के कारण इस वर्ष नवंबर में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। मासिक सर्वेक्षण के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र का ठोस प्रदर्शन अगले वर्ष जारी रहने की संभावना है। एसएंडपी ग्लोबल इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक- पीएमआई अक्टूबर में 55.5 से बढ़कर नवम्बर में 56 हो गया। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इ्ंटेलीजेंस में आर्थिक एसोसिएट निदेशक पोलियाना डी लीमा ने बताया कि घरेलू और विदेशी दोनों स्तरों पर नया कारोबार सुरक्षित करने की कंपनियों की क्षमता इस क्षेत्र की सफलता के केंद्र में रही। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के श्रम बाजार के लिए नए ऑर्डर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने के साथ नए कर्मियों की भर्ती भी बढ़ी। लगभग 400 विनिर्माताओं के पैनल में शामिल खरीद प्रबंधकों को भेजे गए प्रश्नों के उत्तरों के आधार पर एसएंडपी ग्लोबल यह सर्वेक्षण तैयार करता है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2028 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन या COP33 की मेजबानी भारत में करने का शुक्रवार को प्रस्ताव रखा और लोगों की भागीदारी के माध्यम से ‘कार्बन सिंक’ बनाने पर केंद्रित ‘ग्रीन क्रेडिट’ पहल की शुरुआत की। दुबई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के दौरान राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर दुनिया के सामने बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
भारत दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है, जो तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपने निर्धारित योगदान या राष्ट्रीय योजनाओं को हासिल करने की राह पर है।सीओपी28 के अध्यक्ष सुल्तान अल जाबेर और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के अध्यक्ष साइमन स्टिल के साथ आरंभिक पूर्ण सत्र में शामिल होने वाले मोदी एकमात्र नेता थे। प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और अनुकूलन के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया और कहा कि दुनिया भर में ऊर्जा परिवर्तन ‘‘न्यायसंगत और समावेशी’’ होना चाहिए। उन्होंने विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए अमीर देशों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ‘पर्यावरण के लिए जीवन शैली (लाइफ अभियान)’ की पैरोकारी कर रहे हैं, देशों से धरती-अनुकूल जीवन पद्धतियों को अपनाने और गहन उपभोक्तावादी व्यवहार से दूर जाने का आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण कार्बन उत्सर्जन को दो अरब टन तक कम कर सकता है।मोदी ने कहा कि सभी के हितों की रक्षा की जानी चाहिए और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में सभी की भागीदारी जरूरी है। - वायनाड (केरल). कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू किए गए स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम की तारीफ करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यदि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी केंद्र की सत्ता में आई तो पूरे देश में ऐसी योजना लागू की जाएगी। गांधी ने स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में असमानता का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग बड़े अस्पतालों में बेहतरीन इलाज करवा सकते हैं, वहीं वित्तीय संसाधनों के अभाव में लोगों को कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों से निपटने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के सुल्तान बथेरी में स्थित एक निजी अस्पताल के नये खंड के उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विपदाओं के सबसे बड़े पीड़ित अक्सर गरीब लोग होते हैं। उन्होंने इस मौके पर राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र के पुन: मूल्यांकन की जरूरत रेखांकित की। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैं पूरे भारत में बहुत घूमता हूं और मैं देखता हूं कि चिकित्सा विपदाओं के सबसे बड़े शिकार गरीब लोग होते हैं। आपके पास पैसे हैं तो आप हमेशा अच्छे अस्पताल में इलाज करा सकते हैं।'' पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार को, गरीबों को बुनियादी गारंटी के तौर पर किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं देने को प्राथमिकता देनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र के बारे में सोचने के अपने तरीके पर राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्विचार करना होगा और मेरा मानना है कि देश की सरकार को जिस एक गारंटी के बारे में सोचना चाहिए, वह वास्तव में कम मूल्य पर, विशेष रूप से गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बारे में हो।'' कांग्रेस ने राजस्थान में अपनी चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की तारीफ करते हुए इसे पूरे देश के लिए ‘मॉडल' बताया। पार्टी का कहना है कि इसके तहत मेडिकल कवरेज 50 लाख रुपये तक बढ़ाने से गरीबों और मध्यम वर्ग दोनों को लाभ मिलेगा।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘विकसित भारत' का संकल्प नारी, युवा, किसान और गरीब के चार ‘अमृत स्तंभों' पर टिका है और यही चार उनके लिए सबसे बड़ी जातियां हैं जिनका उत्थान ही भारत को विकसित बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये चारों जातियां जब सारी समस्याओं से मुक्त होंगी और सशक्त होंगी तो स्वाभाविक रूप से देश की हर जाति सशक्त होगी, पूरा देश सशक्त होगा। प्रधानमंत्री ने यह दावा भी किया कि 10 साल तक उनके काम को देखने के बाद लोगों को उनकी सरकार पर अपार विश्वास है। उन्होंने पिछली सरकारों पर खुद को नागरिकों का 'माई-बाप' मानने और वोट बैंक को ध्यान में रखकर काम करने का आरोप भी लगाया। जाति को लेकर प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दल जाति आधारित जनगणना को मुद्दा बनाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा' के लाभार्थियों से संवाद किया और ‘प्रधानमंत्री महिला किसान ड्रोन केंद्र' के साथ ही देश में जन औषधि केंद्रों की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने की परियोजना की शुरुआत की। उन्होंने झारखंड के देवघर में 10,000वें जन औषधि केंद्र को जनता के लिए समर्पित भी किया। मोदी ने कहा, ‘‘विकसित भारत का संकल्प चार अमृत स्तंभों पर टिका है। ये अमृत स्तंभ हैं - हमारी नारीशक्ति, हमारी युवा शक्ति, हमारे किसान और हमारे गरीब परिवार। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है- गरीब। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है- युवा। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है- महिलाएं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है- किसान।'' उन्होंने कहा कि इन चार जातियों का उत्थान ही भारत को विकसित बनाएगा और अगर इन चारों जातियों का उत्थान हो जाएगा तो इसका मतलब है कि सबका उत्थान हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस देश का कोई भी गरीब चाहे वह जन्म से कुछ भी हो, उसका जीवन स्तर सुधारना और इसी प्रकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर देना ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी महिला चाहे उसकी जाति कोई भी हो, मुझे उसे सशक्त करना है। उसके जीवन की मुश्किलें कम करनी है। उनके जो सपने दबे पड़े हैं, उनको पंख देना है तथा संकल्प से भरना है। इस देश का कोई भी किसान चाहे उसकी जाति कुछ भी हो, मुझे उसकी आय बढ़ानी है। उसका सामर्थ्य बढ़ाना है। खेती को आधुनिक बनाना है।'' मोदी ने कहा कि वह जब तक इन चार जातियों को मुश्किलों से उबार नहीं देते, तब तक वह चैन से नहीं बैठने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बस, आप मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि मैं इतनी शक्ति से काम करूं कि इन चारों जातियों को सारी समस्याओं से मुक्त कर दूं। यह चारों जातियां जब सशक्त होंगी तो स्वाभाविक रूप से देश की हर जाति सशक्त होगी। जब यह लोग सशक्त होंगे तो पूरा देश सशक्त होगा। इसी सोच पर चलते हुए आज विकसित भारत संकल्प यात्रा गांव-गांव पहुंच रही है।'' ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा' पूरे देश में सरकार की प्रमुख योजनाओं की संपूर्ण पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है ताकि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से सभी लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान इस यात्रा को ‘मोदी की गारंटी' वाली गाड़ी बताया और कहा कि अब तक यह 12,000 से ज्यादा पंचायतों में पहुंच चुकी है तथा करीब 30 लाख लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लोग अब इस विकास रथ को मोदी की गारंटी के कार्ड वाली गाड़ी कहने लगे हैं। आपने इसे मोदी की गारंटी वाली गाड़ी बना दिया है। मुझे यह जानकर अच्छा लगा कि आपको मोदी पर इतना विश्वास है। मैं भी आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपको दी हुई सभी गारंटियों को मैं पूरा करूंगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जहां पर दूसरों से उम्मीद खत्म हो जाती है, वहीं से मोदी की गारंटी शुरू हो जाती है। इसलिए मोदी की गारंटी वाली गाड़ी की भी धूम मची हुई है। विकसित भारत का संकल्प मोदी का या किसी सरकार का नहीं है। यह सबको साथ लेकर सबके सपनों को साकार करने का संकल्प है।'' उन्होंने कहा कि देशवासी जिस तरीके से इस यात्रा को जन आंदोलन का रूप देकर आगे बढ़ा रहे हैं, वह प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘जो कोई भी इस विकसित भारत संकल्प यात्रा को देख रहा है वह कह रहा है कि अब भारत रुकने वाला नहीं है। भारत अब लक्ष्य को पार करके ही आगे बढ़ने वाला है। भारत अब रुकने वाला नहीं है और ना ही कभी थकने वाला है। अब तो विकसित भारत बनाना 140 करोड़ देशवासियों ने ठान लिया है। और जब देशवासियों ने संकल्प कर लिया है तो फिर यह देश विकसित होकर ही रहने वाला है।'' मोदी ने कहा कि लोगों में यह उत्साह अनायास नहीं है, इसका कारण है कि पिछले 10 साल उन्होंने मोदी को देखा है, मोदी के काम को देखा है और इसके कारण उन्हें भारत सरकार पर अपार विश्वास है। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि लोगों ने वह दौर भी देखा है जब पहले की सरकारें खुद को जनता का ‘माई-बाप' समझती थीं और इस वजह से आजादी के अनेक दशकों बाद तक देश की बहुत बड़ी आबादी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रही। उन्होंने कहा कि यह वह दौर था जब भारत की आधे से अधिक आबादी सरकार से निराश हो चुकी थी और उसकी उम्मीद ही खत्म हो चुकी थी। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उस समय की सरकारें भी हर काम में अपनी राजनीति देखती थीं। उन्हें चुनाव और वोट बैंक नजर आता था। वे यही खेल खेलते थे। गांव में जाएंगे तो उस गांव में जाएंगे जहां से वोट मिलने वाले हैं। किसी मोहल्ले में जाएंगे तो वैसे मोहल्ले में जाएंगे जो मोहल्ला वोट देता है। दूसरे मोहल्ले को छोड़ देंगे। ऐसा भेदभाव इनका स्वभाव बन गया था।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार ने निराशा की स्थिति को बदला है।उन्होंने कहा, ‘‘आज देश में जो सरकार है वह जनता को जनार्दन मानने वाली सरकार है और हम भेदभाव से नहीं बल्कि सेवा भाव से काम करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘सरकार, नागरिकों की जरूरत की पहचान करे और उन्हें उनका हक दे। यही तो स्वाभाविक और सच्चा सामाजिक न्याय है।'' केंद्र की कई योजनाओं के, ओड़िशा के एक लाभार्थी से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा ‘मोदी की गारंटी' वाली गाड़ी है और गांव-गांव जा रही है। उन्होंने उक्त लाभार्थी से आग्रह किया कि उन्हें अब देश को विकसित बनाने में योगदान का संकल्प लेना चाहिए और इस अभियान में गांव के लोगों को भी जोड़ना चाहिए। जम्मू की महिला लाभार्थी ने जब उन्हें यह बताया कि उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर एक ट्रैक्टर खरीदा है तो मोदी ने उनसे कहा, ‘‘मेरे पास तो एक साइकिल भी नहीं है और आप ट्रैक्टर की मालकिन हो गईं।''
- क्योंझर/भुवनेश्वर। ओडिशा के क्योंझर जिले में शुक्रवार को तड़के एक वाहन के, सड़क के किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा जाने से तीन महिलाओं और एक बच्चे समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई तथा आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि ये मौतें ‘शून्य मृत्यु सप्ताह’ पहल के पहले दिन हुईं। यह पहल राज्य सरकार द्वारा सर्दियों की शुरुआत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।पुलिस ने बताया कि दुर्घटना घाटागांव इलाके में बालीजोडी गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-20 पर उस वक्त हुई, जब वाहन में सवार लोग एक मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ा। अधिकारी ने बताया कि घायलों में से पांच लोगों का इलाज क्योंझर जिला मुख्यालय अस्पताल में चल रहा है, जबकि तीन अन्य की हालत बिगड़ने पर उन्हें कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर दुख व्यक्त किया और घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।पटनायक ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। पुलिस ने बताया कि गंजाम जिले के पुडामारी गांव से कुल 20 लोग त्रारिणी देवी के दर्शन के लिए मंदिर जा रहे थे। मंदिर से तीन किलोमीटर की दूरी पर यह दुर्घटना हुई। पुलिस को संदेह है कि वाहन चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, ओडिशा के 5टी (परिवर्तन पहल) और नबीन (नए) ओडिशा कार्यक्रम के अध्यक्ष वी. के. पांडियन ने समन्वय की सुविधा और पीड़ितों की मदद के लिए क्योंझर और गंजाम के जिलाधिकारियों से भी बात की।
- पुणे। राष्ट्रपति एवं सेना की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बल चिकित्सा कॉलेज (एएफएमसी) को शुक्रवार को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ (राष्ट्रपति का निशान) से सम्मानित किया और सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा में महिला अधिकारियों की भूमिका को सराहा।पुणे स्थित एएफएमसी को उसके 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह पुरस्कार दिया गया।‘राष्ट्रपति का निशान’ किसी सैन्य इकाई को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। सशस्त्र बलों में शामिल हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख पुजारियों ने अभिषेक संबंधी अनुष्ठान किया जिसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने एएफएमसी को राष्ट्रपति का निशान प्रदान किया।इस कार्यक्रम में केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकारों और सशस्त्र बलों के गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने सभा को संबोधित करते हुए सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं में, खासकर कोविड महामारी के दौरान संस्थान की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं में महिला अधिकारियों की भूमिका की भी सराहना की और अन्य महिलाओं से उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता शुक्रवार को भी ‘बेहद खराब श्रेणी’ में रही, जबकि शहर का न्यूनतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे शहर की सापेक्षिक आर्द्रता 100 प्रतिशत थी।मौसम विभाग ने एक से पांच दिसंबर तक हल्के से मध्यम कोहरा छाये रहने की संभावना व्यक्त की है।शुक्रवार को सुबह 11 बजे शहर की वायु गुणवत्ता 380 दर्ज की गई। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच एक्यूआई को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब‘, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ तथा 401 और 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
- बेंगलुरु। बेंगलुरु स्थित कम से कम 15 निजी विद्यालयों को शुक्रवार को सुबह एक ई-मेल मिला जिसमें विद्यालय परिसरों में बम होने का दावा किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह ई-मेल मिलने के बाद स्कूल के कर्मचारी और छात्रों के अभिभावक बेहद घबरा गए।पुलिस ने बताया कि स्कूल प्राधिकारियों ने पुलिस को तत्काल इसकी जानकारी दी जिसके बाद वह बम निरोधक दस्ते और तोड़फोड़ रोधी जांच दल के साथ संबंधित संस्थानों में पहुंची।उसने बताया कि छात्रों और कर्मचारियों को स्कूल परिसरों से तुरंत बाहर निकाल लिया गया और अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।छात्रों के माता-पिता को घटना के बारे में जैसे ही पता चला, वे बेहद घबरा गए और अपने बच्चों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए स्कूल भागे।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ईमेल में दावा किया गया है कि स्कूल परिसरों में विस्फोटक रखे गए हैं। हमें कमान केंद्र से एक फोन कॉल आया और हमने अपने दलों को शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित विद्यालयों में भेजा। स्कूल परिसरों से सभी छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।’’उन्होंने कहा कि अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है और प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि यह एक फर्जी संदेश है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पुलिस दल मौके पर तैनात हैं।पुलिस ने बताया कि पिछले साल भी कुछ शरारती तत्वों ने बेंगलुरु के विद्यालयों में बम होने का दावा करते हुए इसी प्रकार के ईमेल भेजे थे, जो बाद में एक अफवाह साबित हुए।कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने उन विद्यालयों में से एक स्कूल का दौरा किया जहां बम होने का दावा किया गया है। उन्होंने स्कूल और पुलिस से स्थिति की जानकारी ली।उन्होंने कहा, ‘‘टीवी पर समाचार देखकर मैं थोड़ा परेशान हो गया था, क्योंकि कुछ ऐसे विद्यालयों का जिक्र किया गया है जिन्हें मैं जानता हूं और जो मेरे घर के पास हैं, इसलिए मैं स्थिति का पता लगाने बाहर गया। पुलिस ने मुझे मेल दिखाया है। प्रथम दृष्टया यह फर्जी प्रतीत हो रहा है। मैंने पुलिस से बात की… लेकिन हमें सतर्क रहना चाहिए। माता-पिता चिंतित हैं, लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।’’शिवकुमार ने माता-पिता से चिंता न करने की अपील की और कहा कि उनके बच्चे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ शरारती लोगों ने ऐसा किया होगा। हम 24 घंटे में उन्हें पकड़ लेंगे। अपराध शाखा पुलिस सक्रिय है, वे अपना काम कर रहे हैं… हमें भी सतर्क रहना चाहिए और लापरवाही नहीं करनी चाहिए।’’
- भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र शुक्रवार को गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया और अगले कुछ दिनों में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने बताया कि चक्रवाती तूफान, चार दिसंबर की शाम के करीब आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और चेन्नई के समुद्र तट को पार करेगा।विभाग के मुताबिक, यह प्रणाली सुबह साढ़े पांच बजे चेन्नई से लगभग 800 किमी, आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से 970 किमी, बापतला से 990 किमी और पुडुचेरी से 790 किमी दूर समुद्र के ऊपर केंद्रित थी।आईएमडी ने कहा कि इसके पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने, दो दिसंबर तक गहरे दबाव में तब्दील होने तथा तीन दिसंबर के आसपास चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।एक बयान के मुताबिक, यह उसी दिशा में आगे बढ़ेगा और चार दिसंबर की शाम के आसपास चक्रवाती तूफान के रूप में चेन्नई और मछलीपट्टनम के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश और निकटवर्ती उत्तरी तमिलनाडु के तट को पार करेगा। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस प्रणाली का ओडिशा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- नोएडा। नोएडा में जेपी बिश टाउन सोसायटी में रहने वाले लद्दाख के पूर्व राज्यपाल और देश के पूर्व रक्षा सचिव राधा कृष्ण माथुर के बैंक अकाउंट से साइबर ठगों ने 2,28,360 रूपये निकाल लिए।माथुर का कहना है कि ठगों ने उनके खाते से नेट बैंकिंग के सहारे रकम निकाली क्योंकि उन्होंने ना तो किसी को अपने बैंक अकाउंट की जानकारी दी थी, और ना ही ओटीपी नंबर शेयर किया था।थाना सेक्टर 126 के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार ने बताया कि सेक्टर 128 स्थित जेपी बिश टाउन सोसायटी में रहने वाले लद्दाख के पूर्व उप राज्यपाल एवं भारत सरकार के पूर्व रक्षा सचिव राधा कृष्ण माथुर ने बीती रात थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है।रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके खाते से इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से धोखाधड़ी करके दो लाख 28 हजार 360 रूपए निकाल लिए। उन्होंने बताया कि पीड़ित ने ना तो किसी को अपने बैंक की जानकारी दी थी, ना ही उन्होंने किसी से कोई ओटीपी नंबर साझा किया था। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में अब कोई डिवीजन (श्रेणी) या डिस्टिंक्शन (विशेष योग्यता) नहीं दी जाएगी।सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक सान्याम भारद्वाज ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर कोई श्रेणी, विशेष योग्यता या कुल प्राप्तांक नहीं दिए जाएंगे। यदि किसी अभ्यर्थी ने पांच से अधिक विषयों में परीक्षा दी है तो उसे प्रवेश देने वाला संस्थान या नियोक्ता, उसके लिए सर्वश्रेष्ठ पांच विषयों पर विचार करने का फैसला कर सकता है।’’भारद्वाज ने कहा कि बोर्ड अंक प्रतिशत की गणना नहीं करता, उसकी घोषणा नहीं करता या सूचना नहीं देता।उन्होंने कहा, ‘‘यदि उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए अंक प्रतिशत आवश्यक है तो गणना प्रवेश देने वाले संस्थान या नियोक्ता द्वारा की जा सकती है।’’इससे पहले, सीबीएसई स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के उद्देश्य से वरीयता सूची जारी करने की परिपाटी भी समाप्त कर चुका है।

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