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- पुणे ।तटीय कोंकण क्षेत्र और गोवा सहित महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 23 नवंबर से 27 नवंबर तक नमी वाली पछुआ हवाओं के कारण हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। मुंबई और इसके आसपास के जिले कोंकण प्रशासनिक प्रभाग का हिस्सा हैं। पुणे में आईएमडी के मौसम पूर्वानुमान प्रभाग के प्रमुख अनुपम कश्यपी ने मंगलवार को कहा, ‘‘तेज पछुआ हवाओं के चलते कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश होने की संभावना है। 23 से 27 नवंबर तक इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।'' उन्होंने कहा कि 24 से 27 नवंबर की अवधि के दौरान, पश्चिमी महाराष्ट्र में स्थित पुणे में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। file photo
- श्रीनगर। समूचे जम्मू-कश्मीर में पारा जमाव बिंदु के नीचे बना रहा और श्रीनगर शहर में रात में इस मौसम का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने यहां बुधवार को यह जानकारी दी। सुबह के समय घाटी में कोहरा छाया रहा, जिससे श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए हवाई यातायात बाधित हुआ। तापमान बढ़ने से कोहरा छंटने के कारण जल्द उड़ानों का सामान्य संचालन शुरू हो गया।घाटी में शीतलहर की स्थिति बढ़ने से सुबह घने कोहरे की चादर छाई रही।अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में बीती रात को न्यूनतम तापमान शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो इस मौसम में अब तक का सबसे कम तापमान है। उन्होंने बताया कि कश्मीर में पहलगाम सबसे अधिक ठंडा स्थान रहा जहां मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि पुलवामा में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस जबकि कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि उत्तर कश्मीर में गुलमर्ग और दक्षिण कश्मीर में कोकेरनाग ऐसे स्थान रहे जहां मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से ऊपर रहा। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस जबकि कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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अयोध्या/लखनऊ. भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में बनाये जा रहे भव्य राम मंदिर में अगले वर्ष 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘टेंट सिटी' का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें 80 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश-विदेश से लाखों लोगों के अयोध्या पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें ठहरने और भोजन की उत्तम व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। बयान में अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) के सचिव सत्येंद्र सिंह के हवाले से यह जानकारी दी गयी है कि माझा गुप्तार घाट में 20 एकड़ भूमि में टेंट सिटी स्थापित की जाएगी। इसमें लगभग 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के रहने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि अयोध्या धाम में ब्रह्मकुंड के पास भी एक टेंट सिटी स्थापित की जा रही है। इसमें 35 टेंट लगेंगे, जिसमें लगभग 30 हजार श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से बाग बिजेसी में 25 एकड़ भूमि में टेंट सिटी स्थापित की जा रही है, जिसमें लगभग 25 हजार लोगों के रुकने की व्यवस्था हो सकेगी। इसके अलावा कारसेवकपुरम व मणिराम दास की छावनी में भी श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी स्थापित की जाएगी। सत्येंद्र सिंह ने बताया कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के समय कड़ाके की ठंड रहेगी। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए टेंट सिटी स्थापित की जा रही है। शीतकाल में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को देखते हुए टेंट सिटी का निर्माण इस प्रकार किया जाएगा कि श्रद्धालुओं को ठंड से राहत मिल सके। इसके लिए गद्दे-कंबल का भी प्रबंध हो रहा है। यहां ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय व स्नानगृह के अतिरिक्त भोजन के लिए भंडारागृह व मेडिकल शिविर का भी प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एडीए की ओर से जो टेंट सिटी स्थापित की जा रही है वह ठेकेदारों द्वारा निर्मित की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे।
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पणजी. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि सरकार सिनेमाई उत्कृष्टता हासिल करने के उद्देश्य से रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, विलक्षण प्रतिभा के धनी कलाकारों को प्रशिक्षण देने और युवाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवाओं की ऊर्जा में विश्वास करते हैं और वह चाहते हैं कि उन्हें अधिक अवसर और मंच उपलब्ध कराया जाए। वह गोवा में चल रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई)-2023 के ‘फिल्म बाजार' से इतर ‘75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो' खंड का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। यह इस खंड का तीसरा संस्करण है जिसमें 19 राज्यों से 75 युवा फिल्म निर्माताओं का चयन किया गया है।
ठाकुर ने कहा, नौ साल पहले स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत कहीं नहीं था, लेकिन एक नयी नीति के चलते भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप पारिस्थितिकी के रूप में उभरा है और आज देश में एक लाख स्टार्टअप हैं।'' उन्होंने कहा कि जब दुनिया कोविड-19 से जूझ रही थी तब भारत में 50 यूनिकॉर्न थे।
मंत्री ने कहा कि पहले मणिपुर, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसी जगहों से केवल सिनेमा के दर्शक आते थे, लेकिन अब वहां से फिल्म निर्माता भी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार के भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजकों की सबसे बड़ी उपलब्धि उनका नेटफ्लिक्स, जी, अमेजन और अन्य बड़े हाउस के साथ समन्वय स्थापित करना है। -
ब्रह्मपुर/जाजपुर . ओडिशा के गंजाम और जाजपुर जिलों में मंगलवार को दो सड़क हादसों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गयी जबकि 23 अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि गंजाम जिले में ओडिशा-आंध्रप्रदेश की सीमा पर गौडा गुरात्नही गांव में एक ट्रैक्टर के पलट जाने से दो लोगों की मौत हो गयी जबकि 17 अन्य घायल हो गये। ये लोग ट्रैक्टर पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। उसने बताया कि मृतकों की पहचान जिले के पत्रपुर प्रखंड के जगन्नाथ भुइयां (45) और डेरा सबार (55) के रूप में हुई है । उसके अनुसार घायलों को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है तथा उनमें कुछ की हालत गंभीर बतायी जा रही है। पुलिस ने बताया कि जाजपुर जिले में पानिकोइली के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर एक ऑटोरिक्शा के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर एक नाबालिग समेत दो यात्रियों की जान चली गयी जबकि छह अन्य घायल हो गये। उसके अनुसार भद्रक जिले के तीन परिवारों के 10 लोग इस तिपहिया वाहन से पुरी की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में एक वाहन ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में दो की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान पूजा साहू और शिवेंद्र महापात्रा (11) के रूप में की गयी है।
उसके अनुसार घायलों को जाजपुर जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनमें से गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को कटक के एससीबी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल ले जाया गया क्योंकि उनकी स्थिति बिगड़ने लगी थी। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय बिजली मंत्री आर के सिंह ने मंगलवार को कहा कि देश में अधिकतम बिजली की मांग वर्तमान में 241 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक 335 गीगावाट हो जाएगी और इसे पूरा करने के लिए कोयला आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में 80 गीगावाट जोड़ने की जरूरत है। वर्तमान में 27 गीगावाट की कोयला आधारित क्षमता निर्माणाधीन है। उन्होंने मंगलवार को देश में तापीय बिजली क्षमता वृद्धि पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें स्वतंत्र बिजली उत्पादकों और सार्वजनिक क्षेत्र के बिजली उत्पादक एनटीपीसी, एसजेवीएन, एनएचपीसी, डीवीसी, टीएचडीसीआईएल और एनएलसीआईएल ने भाग लिया। इसके अलावा 13 प्रमुख राज्यों के ऊर्जा सचिवों को भी विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया गया था।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की अधिकतम बिजली मांग 2029-30 में 241 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) के वर्तमान स्तर से बढ़कर 335 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। सितंबर में बिजली की अधिकतम मांग 241 गीगावॉट के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, जो आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ-साथ प्रति व्यक्ति उपयोग के साथ देश में बिजली की खपत में वृद्धि को दर्शाता है। मंत्री ने कहा कि भारत को वर्तमान में निर्माणाधीन 27 गीगावाट की तुलना में 80 गीगावाट कोयला आधारित ताप विद्युत उत्पादन क्षमता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने में सिर्फ नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि मदद नहीं कर सकती है। देश में बिजली की मांग पहले से ही 241 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। -
जमशेदपुर. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में सोमवार की रात बिजली के तार के संपर्क में आने से पांच हाथियों की मौत हो गई। उनमें से दो हाथियों के बच्चे थे। एक वन अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रभागीय वन अधिकारी ममता प्रियदर्शी ने मंगलवार को बताया कि यह घटना जमशेदपुर से करीब 45 किमी दूर घाटशिला अनुमंडल के तहत मुसाबनी के बेनियासाई गांव में हुई। उन्होंने कहा कि वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसी झुंड के चार और हाथियों को वहां से भगाया जो उस समय भी आसपास के इलाकों में घूम रहे थे। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने कहा कि ग्रामीणों ने इलाके में पिछले कुछ दिनों से हाथियों के एक झुंड के होने की सूचना दी थी। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और वन अधिकारियों को इस घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
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मुजफ्फरनगर . उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से 14 नवंबर से लापता 28 वर्षीय सीआरपीएफ जवान का शव मंगलवार को शामली जिले में हरियाणा उत्तर प्रदेश सीमा पर यमुना नदी में मिला। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि मृतक की पहचान सिद्धार्थ चौधरी (28) के रूप में हुई है । एसपी ने बताया कि जवान 10 नवंबर को बनात कस्बे में दिवाली मनाने आया था और 14 नवंबर से लापता था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसके परिवार के सदस्यों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। -
रामगढ़ . झारखंड के रामगढ़ जिले में मंगलवार को एक ट्रेलर के एक ट्रैक्टर और एक कार से टकरा जाने के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। रामगढ़ पुलिस थाने के प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि यह हादसा मंगलवार सुबह रामगढ़ इलाके की चुटुपालु घाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर उस समय हुआ, जब ब्रेक खराब (ब्रेक फेल) होने के कारण तेज रफ्तार एक ट्रेलर ने एक ट्रैक्टर और एक कार को टक्कर मार दी। दुर्घटनास्थल राजधानी रांची से करीब 55 किलोमीटर दूर है। रोहित कुमार ने बताया कि ट्रेलर तेजी से रामगढ़ की ओर जा रहा था और चुटुपालु घाटी में उसके ब्रेक पूरी तरह से खराब (ब्रेक फेल) हो गए। एक अन्य पुलिसकर्मी ने कहा कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर पर सवार दो लोगों और ट्रेलर के चालक के एक सहायक की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि कार में सवार लोग घायल हो गए और उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुर्घटना के कारण नाराज स्थानीय लोगों ने सड़क पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया तथा रांची और पटना को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर लंबा जाम लग गया। पुलिस राजमार्ग से लोगों को हटाने की कोशिश कर रही है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
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बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर इलाके में मामूली विवाद के बाद महिला की उसके पति ने कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी भरत कुमार सोनकर ने बताया कि थाना नहटौर के मोहल्ला छापेग्रान में मंगलवार की सुबह लगभग चार बजे मायके में रह रही पत्नी फराह नाज (28) की मामूली कहासुनी के बाद उसके पति आरोपी सलमान ने कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक मामले में आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार फराह करीब डेढ़ साल से मायके में रह रही थी। पुलिस ने बताया कि नजीबाबाद का रहने वाला आरोपी सलमान परिवार में शादी के कारण ससुराल आया था। -
नयी दिल्ली. उत्तरपश्चिमी दिल्ली के मंगोलपुरी रेलवे स्टेशन के समीप लूट के प्रयास में कथित रूप से पांच लोगों ने 36 वर्षीय एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसे (पुलिस को) घटना की सूचना सोमवार रात आठ बजकर 57 मिनट पर मिली।
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जिम्मी चिराम ने बताया कि पीड़ित की पहचान बिहार के मूल निवासी मंजय पासवान के रूप में हुई है, जो हरियाणा के बहादुरगढ़ में रहता था और इलाके में स्थित जूते बनाने की एक फैक्टरी में काम करता था। अधिकारी के मुताबिक, घटना के वक्त पासवान के साथ मौजूद जितेंद्र ने बताया कि वे दोनों स्टेशन के प्लेटफॉर्म को पार कर रहे थे, तभी सामने से आ रहे पांच लोगों ने उन्हें लूटने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई और गिरोह ने चाकुओं से दोनों पर हमला कर दिया। अधिकारी के मुताबिक, जितेंद्र मौके से भागने में सफल रहा, लेकिन आरोपियों ने पासवान को पकड़कर चाकू मार दिया। अधिकारी ने बताया कि कुछ देर बाद जब जितेंद्र वहां से गुजर रहे चार से पांच लोगों के साथ लौटा, तो उसने पासवान को रेल पटरी पर खून से लथपथ अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने बताया कि पासवान की गर्दन पर चोट आई थी। उन्होंने बताया कि हत्या के संबंध में पश्चिम विहार वेस्ट थाने में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या), 307 (हत्या के प्रयास) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। -
बदामपहाड़ . राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा के मयूरभंज जिले में मंगलवार को बदामपहाड़ रेलवे स्टेशन से तीन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। मुर्मू ने बदामपहाड़ से रायरंगपुर तक एक ट्रेन में यात्रा भी की। रायरंगपुर राष्ट्रपति मुर्मू की जन्मस्थली उपरबेडा से करीब 13 किलोमीटर दूर एक गांव है। मुर्मू ने अपने जीवन का काफी समय रायरंगपुर में बिताया है। ट्रेनों को हरी झंडी दिखाए जाने के कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास सहित अन्य वरिष्ठ नेता और रेल अधिकारी मौजूद थे। वैष्णव ने बताया, ''देश के आदिवासी इलाकों तक संपर्क बनाना मोदी सरकार की प्राथमिकता है। यह तीन ट्रेनें कई तरीकों से खनिज संपन्न इलाकों को फायदा पहुंचाएंगीं।'' उन्होंने कहा कि 91 वर्षों में यह पहली बार हुआ है जब ये इलाके रेलवे के मानचित्र पर आए हैं और यहां एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की गई हैं। दक्षिणपूर्वी रेलवे (एसईआर) के अंतर्गत आने वाले बदामपहाड़ स्टेशन को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था और राष्ट्रपति व अन्य गणमान्य हस्तियों के स्वागत के लिए यहां एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हुए, जो इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इन तीन ट्रेनों में शालीमार-बदामपहाड़, बदामपहाड़-राउरकेला साप्ताहिक एक्सप्रेस और बदामपहाड़ से टाटानगर के बीच मेमू (मध्यम से छोटी दूरी वाली ट्रेन)ट्रेन शामिल है। उन्होंने बताया कि ये तीनों ट्रेनें आदिवासी इलाकों को बड़े शहरों से जोड़ेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को दुरुस्त बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र तक पहुंच और आदिवासी पर्यटन को भी बढ़ाएंगी। रेलवे के मुताबिक, शालीमार-बदामपहाड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल में कोलकाता के समीप शालीमार को ओडिशा के बदामपहाड़ से जोड़ने वाली पहली ट्रेन होगी। दूसरी साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन बदामपहाड़ के खनिज समृद्ध क्षेत्रों को भारत के इस्पात शहर राउरकेला से जोड़ेगी जबकि तीसरी टाटानगर-बदामपहाड़ मेमू ट्रेन रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होगी क्योंकि यह रविवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। रेलवे ने बताया कि यह बदामपहाड़ और झारखंड के महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर टाटानगर के बीच एक अतिरिक्त सेवा होगी।
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उत्तरकाशी. बचाव अभियान के दसवें दिन मंगलवार को सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के सकुशल होने का पहला वीडियो सामने आने के बाद उनके बाहर निकलने की बाट जोह रहे उनके परिवारों की उम्मीदें बढ़ गयी है। अधिकारियों ने बताया कि छह इंच की पाइपलाइन के जरिए श्रमिकों तक खिचड़ी भेजने के कुछ घंटों बाद बचावकर्मियों ने उसी पाइप से तड़के उन तक एंडोस्कोपिक फ्लैक्सी कैमरा भेजा जिससे उनके सकुशल होने का वीडियो मिला। यह कैमरा सोमवार देर शाम दिल्ली से सिलक्यारा पहुंचा। उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिससे उसमें मलबे के दूसरी ओर श्रमिक फंस गए जिन्हें निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है । हांलांकि, बचावकर्मियों को पहली कामयाबी सोमवार को मिली जब उन्होंने मलबे के आरपार 53 मीटर लंबी छह इंच की पाइपलाइन डाल दी। इसी पाइपलाइन के जरिए सुरंग में एंडोस्कोपिक फ्लैक्सी कैमरा डाला गया। वीडियो में पीले और सफेद रंग के हेलमेट पहने श्रमिक पाइपलाइन के माध्यम से भेजा गया भोजन प्राप्त करते हुए और एक-दूसरे से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे बचावकर्मियों के साथ ही इन श्रमिकों और उनके परिवारों का मनोबल भी बढ़ा है। एक स्क्रीन पर श्रमिकों को देख रहे अधिकारियों को उन्हें निर्देश देते सुना जा सकता है । अधिकारी उन्हें लेंस साफ करने और उन्हें कैमरे पर देखने को कह रहे हैं । अधिकारी उनसे पाइपलाइन के मुंह के पास आने तथा वॉकी—टॉकी का प्रयोग करने के लिए भी कह रहे हैं। श्रमिकों के रिश्तेदार अब तक उनसे चार इंच के पाइप के जरिए बात कर रहे थे जिससे उन्हें, खाना, पानी, दवाइयों और आक्सीजन की आपूर्ति भी की जा रही थी । लेकिन छह इंच की चौड़ी पाइपलाइन डाले जाने से संचार के बेहतर होने के साथ ही दलिया, खिचड़ी, कटे हुए सेब और केले जैसी खाद्य सामग्री भी बड़ी मात्रा में भेजी जा सकती है। इस पाइपलाइन के जरिए सोमवार रात को श्रमिकों तक खिचड़ी भेजी गयी। खिचड़ी को चौड़े मुंह वाली प्लास्टिक की बोतलों में पैक कर श्रमिकों तक पहुंचाया गया। बचाव अभियान में जुटे सुरक्षा कर्मचारी निपू कुमार ने कहा कि संचार स्थापित करने के लिए पाइप लाइन में एक वॉकी-टॉकी और दो चार्जर भी भेजे गए। सुरंग में फंसे श्रमिकों में शामिल अपने देवर प्रदीप किस्कू की कुशल क्षेम जानने के लिए बिहार के बांका से सिलक्यारा पहुंची सुनीता हेम्ब्रम ने बताया, 'मैंने उनसे सुबह बात की। नए पाइप से उन्हें संतरे भेजे गए हैं। वह ठीक हैं । हेम्ब्रम ने कहा कि नए पाइप के जरिए श्रमिकों से बातचीत में आसानी हुई है । उन्होंने कहा, 'इससे पहले हमें उन्हें अपनी आवाज सुनाने के लिए चिल्लाना पड़ता था लेकिन आज उनकी आवाज स्पष्ट थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कर निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी ली। धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी को श्रमिक बंधुओं से एंडोस्कोपिक फलैक्सी कैमरे की मदद से हुई बातचीत एवं उनकी कुशलता की भी जानकारी दी ।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि सभी श्रमिक भाइयों को सुरक्षित निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दीवाली वाले दिन हुए सुरंग हादसे के बाद से प्रधानमंत्री ने चौथी बार मुख्यमंत्री से बात की है। अमेरिकी ऑगर मशीन के शुक्रवार दोपहर को ड्रिलिंग के दौरान कठोर सतह से टकराने के कारण बचाव अभियान में आई अड़चन के बाद अधिकारियों ने इसका संचालन दोबारा शुरू करने सहित पांच विकल्पों पर एक साथ काम करने का फैसला किया, जिसमें सुरंग के बड़कोट छोर से ड्रिलिंग, सुरंग के उपर से 80 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग तथा सुरंग के बाएं और दाएं से ड्रिलिंग शामिल है। विभिन्न स्थानों पर ड्रिलिंग शुरू करने के लिए भारी मशीनें मौके पर पहुंचा दी गयी हैं । सुरंग के उपर से ड्रिलिंग के लिए 75 टन वजनी मशीन पहुंचाने के लिए सड़क भी बना दी गयी है। इस बीच, सरकार ने दिल्ली में एडवाइजरी जारी कर निजी टेलीविजन चैनलों से बचाव अभियान की खबरों को लेकर संवेदनशील रहने के लिये कहा है .
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चेन्नई. प्रसिद्ध वाइट्रियोरैटिनल सर्जन और लाखों लोगों के लिए किफायती नेत्र देखभाल सुनिश्चित करने वाले शंकर नेत्रालय के संस्थापक डॉ. एस एस बद्रीनाथ का मंगलवार को निधन हो गया । अस्पताल के एक सूत्र ने यह जानकारी दी। अस्पताल के सूत्र ने बताया कि 83 वर्षीय डॉ बद्रीनाथ ने अपने आवास पर अंतिम श्वांस ली। चेन्नई में जन्मे बद्रीनाथ के परिवार में उनकी पत्नी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ वसंती बद्रीनाथ और दो बेटे अनंत एवं शेषु हैं। बद्रीनाथ के निधन पर शोक जताते हुये, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आंखों की देखभाल में उनके योगदान और समाज के लिए उनकी निरंतर सेवा ने एक अमिट छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ‘‘दूरदर्शी, नेत्र विज्ञान के विशेषज्ञ और शंकर नेत्रालय के संस्थापक डॉ. एसएस बद्रीनाथ जी के निधन से गहरा दुख हुआ।'' उन्होंने लिखा, ‘‘नेत्र देखभाल में उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी अथक सेवा ने एक अमिट छाप छोड़ी है। उनका काम पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना। ओम शांति।'' असाधारण दूरदृष्टि, निस्वार्थ सेवा और करुणा के प्रतीक के रूप में डॉ. बद्रीनाथ की सराहना करते हुए, तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट में कहा, ‘‘ शंकर नेत्रालय के माध्यम से, उन्होंने लाखों गरीबों और जरूरतमंदों के जीवन को आसान किया। उनके परिवार और उनके अनुयायियों के प्रति संवेदना। ओम शांति!'' मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उनके परिवार और दोस्तों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ एसएस बद्रीनाथ के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ है। अन्नाद्रमुक महासचिव के पलानीस्वामी तथा कई अन्य लोगों ने भी बद्रीनाथ के निधन पर शोक जताया है।
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर विस्तार इलाके में मंगलवार की सुबह एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी के नाबालिग बेटे की मौत हो गयी। इस मामले में दो आरापियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार लखनऊ में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्वेता श्रीवास्तव का बेटा नैमिष (10) जनेश्वर मिश्र पार्क के पास स्केटिंग प्रैक्टिस के लिये गया था, तभी एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) - पूर्वी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद बच्चे को कुचलने वाली महिंद्रा एक्सयूवी को बरामद कर उसके चालक समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को जल्द ही रिमांड पर लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
श्रीवास्तव ने बताया कि आज सुबह साढ़े पांच बजे गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में पुलिस मुख्यालय में कार्यरत एएसपी श्वेता श्रीवास्तव के बेटे नैमिष को एक वाहन ने टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त वह स्केटिंग की प्रैक्टिस कर रहा था। हादसे में गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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नयी दिल्ली. त्वरित संदेश मंच व्हाट्सएप ने अपनी सुरक्षा सुविधाओं के बारे में उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने और मंच पर गलत सूचनाओं का प्रसार रोकने के लिए ‘तथ्यों की जांच करें' अभियान शुरू किया है। महीने भर चलने वाले इस अभियान में मेटा की स्वामित्व वाली व्हाट्सएप की इन-बिल्ट उत्पाद खूबियों, ब्लॉक और रिपोर्ट जैसे सुरक्षा साधनों और फॉरवर्ड करने से जुड़े बिंदुओं पर ध्यान दिया गया है। इससे उपयोगकर्ताओं को गलत सूचनाओं की पहचान और इसके प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। एक बयान के अनुसार, यह अभियान लोगों को व्हाट्सएप चैनलों पर तथ्यों की जांच करने वाले संगठनों के माध्यम से संदिग्ध या गलत लगने वाली जानकारी के सत्यापन के लिए प्रोत्साहित करता है। बयान के मुताबिक, कोई भी एक कदम गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों को ऑनलाइन फैलने से रोकने में मदद नहीं कर सकता है। ऐसे में व्हाट्सएप का यह अभियान गलत सूचना से लड़ने की एक सरल मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करता है।
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शमी को गले लगाया, हार के बाद टीम इंडिया का हौसला बढ़ाया
नई दिल्ली। वल्र्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भारत की हार के बाद पीएम नरेंद्र मोदी टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में गए थे। खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाया था। मोहम्मद शमी को मोदी ने गले लगाकर सांत्वना दी थी, तो वहीं जडेजा ने 20 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। वल्र्ड कप 2023 फाइनल के बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में ली गई एक तस्वीर अब सोशल मीडिया पर छाई हुई है। इस तस्वीर में पीएम मोदी भारतीय क्रिकेट टीम के दो दिग्गजों के साथ नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी ने एक ओर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का हाथ पकड़ा रखा है तो दूसरी ओर विराट कोहली के हाथ को भी थामे हुए हैं। यहां पीएम मोदी इन दिग्गजों को वल्र्ड कप फाइनल में मिली हार के बाद ढाढस बंधाते हुए नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर 19 नवंबर को अहमदाबाद में हुए वल्र्ड कप फाइनल मुकाबले के ठीक बाद की है। मैच गंवाने के बाद भारतीय खिलाड़ी जब मैदान छोड़ रहे थे, तब सभी के चेहरे हताशा में लटके हुए थे। कप्तान रोहित और मोहम्मद सिराज की आंखों में तो आंसू भी देखे गए थे। ऐसे में स्टेडियम में मौजूद पीएम मोदी मैच खत्म होने के फौरन बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम पहुंचे थे। यहां उन्होंने काफी देर तक भारतीय खिलाडिय़ों और कोचिंग स्टाफ से बातचीत कर सभी का हौसला बढ़ाया था। इस दौरान कई तस्वीरें क्लिक की गई थी। बस वही तस्वीरें अब रूक-रूक कर सामने आ रही है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि भारत, देश में विदेशी फिल्म बनाने के लिए प्रोत्साहन देगा। इसके लिए फिल्म निर्माण में जो खर्च आएगा, उसमें प्रोत्साहन राशि 40 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि इसकी अधिकतम सीमा 30 करोड़ रुपये (3.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक) होगी, जिसमें उल्लेखनीय भारतीय विषयवस्तु के लिए पांच प्रतिशत का अतिरिक्त बोनस शामिल होगा। उन्होंने आज पणजी, गोवा में भारत के 54वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपने उद्घाटन भाषण में यह बात कही।
श्री ठाकुर ने कहा कि भारत के आकार और विशाल क्षमता को देखते हुए देश में मध्यम व बड़े बजट की अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए उच्च प्रोत्साहन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने में यह आदर्श बदलाव कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए भारत की प्रतिबद्धता और समर्थन के प्रमाण के रूप में कार्य करता है तथा सिनेमाई प्रयासों के लिए पसंदीदा गंतव्य-स्थल के रूप में हमारी स्थिति को मजबूत करता है।"इसके अलावा प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को एक शानदार ट्रिब्यूट देते हुए 54वें आईएफएफआई महोत्सव ने उन्हें 'भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए विशेष मान्यता' पुरस्कार से सम्मानित किया। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने एक्स पर पोस्ट किया, "हर आयु वर्ग की आइकन माधुरी दीक्षित ने चार अद्भुत दशकों से अपने अप्रतिम टैलेंट के जरिए हमारी सिनेमा स्क्रीन की शोभा बढ़ाई है।"मंत्री महोदय ने उन युवा मेधाओं के लिए एक भर्ती अभियान की भी घोषणा की, जिन्हें '75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो' के लिए चुना गया था। इसके जरिये युवा मेधाओं की उदीयमान प्रतिभा और करियर के लिए असीमित अवसरों के द्वार खुल गए हैं। '75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमारो', जो अब अपने तीसरे संस्करण में है, उसकी शुरुआत 2021 में प्रधानमंत्री की परिकल्पना से हुई थी, ताकि युवाओं को सिनेमा के माध्यम से अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया जा सके। मंत्री महोदय ने कहा, "इस साल, 10 श्रेणियों में लगभग 600 प्रविष्टियों में से, 19 राज्यों से 75 युवा फिल्म निर्माताओं को चुना गया है, जिनमें बिष्णुपुर, जगतसिंहपुर और सदरपुर जैसे दूरदराज के इलाके भी शामिल हैं।"मंत्री महोदय ने आईएफएफआई के इस संस्करण में पुरस्कारों की एक नई श्रेणी- सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) श्रेणी- शुरू करने की भी घोषणा की। महोत्सव में नए घटकों पर प्रकाश डालते हुए, श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि आईएफएफआई भारत में मूल कॉन्टेंट रचनाकारों की परिवर्तनकारी भूमिका को मान देगा और उनका सम्मान करेगा तथा रोजगार एवं नवाचार में उनके योगदान को प्रकट करेगा। मंत्री महोदय ने जोर दिया, "पहली बार, आईएफएफआई ने सिनेमा जगत के नवीनतम नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए एक अच्छी तरह से क्यूरेटेड 'वीएफएक्स और टेक पवेलियन' तथा गैर-कथात्मक किस्सागोई को समर्थन देने के हवाले से उसके सह-उत्पादन के लिए एक वृत्तचित्र अनुभाग की शुरुआत करके फिल्म बाजार के दायरे को बढ़ाया है।"महिला सशक्तिकरण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, श्री ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष के आईएफएफआई में 40 उल्लेखनीय महिला फिल्म निर्माताओं की फिल्में शामिल होंगी। उन्होंने कहा, "उनकी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं उनके अद्वितीय परिप्रेक्ष्य इस उत्सव को विविध कथनों और कथाओं को सामने लाने का समारोह बनेंगे।"भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के माध्यम से एक समावेशी और सुगम्य भारत के निर्माण पर लगातार जोर दिया है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण में एक और आयाम जोड़ते हुए, मंत्री महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि आईएफएफआई समावेशिता को एक मार्गदर्शक सिद्धांत बनाकर 'सबका मनोरंजन' यानी 'सभी के लिए मनोरंजन' को कायम रख रहा है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष के उत्सव के सभी स्थल दिव्यांगों के लिए सुविधाओं से सुसज्जित होंगे। दृष्टि और श्रवण बाधित प्रतिनिधियों के लिए एम्बेडेड ऑडियो विवरण और सांकेतिक भाषा प्रावधानों के साथ चार अतिरिक्त विशेष स्क्रीनिंग होंगी।’’मंत्री महोदय ने भारत में मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हाल के दिनों में भारत सरकार द्वारा उठाए गए कई पहलों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “हाल ही में, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में, सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक, 2023 को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से मंजूरी मिली। यह कानून न केवल कानूनी ढांचे को व्यापक बनाता है, अपना ध्यान सेंसरशिप से परे स्थानांतरित करके कॉपीराइट सुरक्षा को शामिल करता है, बल्कि चोरी के खिलाफ कठोर उपाय भी पेश करता है।”एक एकजुट शक्ति के रूप में सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, श्री ठाकुर ने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि अपने पूरे इतिहास में, सिनेमा ने विचारों, कल्पना और नवीनता के भाव को इस तरह से अंगीकार कर लिया है और तराशा है कि यह तेज विघटन से परेशान दुनिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रेरक शक्ति बन गया है।”भारत के सफल चंद्रयान-3 मिशन को कला के दूरदर्शी कार्यों द्वारा प्रस्तुत की गई वैज्ञानिक संभावनाओं से जोड़ते हुए मंत्री महोदय ने कहा, “जब अंतरिक्ष संगठनों की कल्पना तक नहीं की गई थी, उससे बहुत पहले 1902 में कला के एक उल्लेखनीय दूरदर्शी कार्य और जॉर्ज मेलियेज़ की एक फ्रांसीसी फिल्म अ ट्रिप टू द मून ने लोगों के मन में वैज्ञानिक संभावनाओ और प्रगति के बीज बोए थे।'' उन्होंने कहा, "सिनेमा की शक्ति अविश्वसनीय है और यह अद्भुत है कि कैसे ये आइडिया हमारी दुनिया को आकार देते हैं।"श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने हॉलीवुड अभिनेता/निर्माता माइकल डगलस को 2023 के लिए प्रतिष्ठित सत्यजीत रे लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित होने पर बधाई दी। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता, भारतीय पैनोरमा, सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) की प्रतिष्ठित ज्यूरी और भावी 75 रचनात्मक मेधाओं को भी हार्दिक धन्यवाद दिया।अपने वक्तव्य का समापन करते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि आईएफएफआई के लिए उनका दृष्टिकोण एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यह दृष्टिकोण भी शामिल है कि जब भारत अपनी आजादी के 100वें वर्ष का उत्सव मनाएगा तथा जब हम अमृत महोत्सव से अमृत काल की तरफ बढ़ेंगे, तब आईएफएफआई कैसा होना चाहिए। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज ओडिशा के मयूरभंज जिले के कुलियाना में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि उनके बचपन में उनके घर के पास कोई स्कूल नहीं था; इसलिए उन्हें पढ़ाई के लिए घर से दूर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय पास में स्कूल न होने के कारण कई बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते थे, जो आज नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खुलने से अब स्थानीय बच्चों को शिक्षा के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, आर्थिक और सामाजिक कल्याण की कुंजी है। उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चों को शिक्षित करने की सलाह दी।बच्चों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वह भी उन्हीं की तरह साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं। अपनी शिक्षा के कारण उन्हें नागरिकों की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही उन्हें सफल बना सकती है। एक शिक्षित व्यक्ति के रूप में वे अपने विकास के साथ-साथ देश और समाज की प्रगति में भी योगदान दे सकते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऐसी अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से बहुआयामी योजनाएं शुरू की हैं। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए देश भर में 700 से अधिक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में देश भर के 3.5 लाख से अधिक आदिवासी छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकेंगे। - -2018 के राज्य विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार चुनावी राज्यों में बरामदगी में सात गुना वृद्धि-इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएसएमएस) द्वारा प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वयनई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के लगातार प्रयासों की बदौलत पांच चुनावी राज्यों मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में बरामदगी में महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व तेजी देखी गई है। चुनाव की घोषणा के बाद से पांच चुनावी राज्यों में 1760 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की सूचना मिली है, जो 2018 में इन राज्यों में पिछले विधानसभा चुनावों में की गई बरामदगी से सात गुना (239.15 करोड़ रुपये) अधिक है। पांच राज्यों में चल रहे चुनावों और पिछले कुछ राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान जब्ती के आंकड़े प्रलोभनों की निगरानी करने और समान अवसर के लिए चुनावी बेईमानी को रोकने के हवाले से मजबूत उपायों को लागू करके स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ईसीआई की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। याद रहे कि गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और कर्नाटक में पिछले छह राज्य विधानसभा चुनावों में 1400 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की गई थी, जो इन राज्यों में पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में 11 गुना अधिक है। इस बार आयोग ने इलेक्शन एक्सपेंडिचर मॉनिटरिंग सिस्टम (ईएसएमएस) के माध्यम से निगरानी प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी को भी शामिल किया है, जो बहुत सहायक साबित हो रहा है, क्योंकि यह बेहतर समन्वय और खुफिया जानकारी साझा करने के लिए केंद्र और राज्य प्रवर्तन एजेंसियों की एक विस्तृत श्रृंखला को एक साथ जोड़ता है।चुनाव वाले राज्यों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, चुनावों की घोषणा के बाद और 20.11.2023* की स्थिति के अनुसार निम्नलिखित जब्ती की गई है-
ईएसएमएस एक ऐसा प्रयास है, जिसका उद्देश्य प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से अन्य संबंधित एजेंसियों को सूचना का त्वरित आदान-प्रदान करना है। ईएसएमएस चुनाव व्यय निगरानी प्रक्रिया में शामिल कई प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सीईओ और डीईओ स्तर पर आसान समन्वय प्रदान करता है। मंच वास्तविक समय की रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करता है, विभिन्न एजेंसियों से रिपोर्ट एकत्र करने और संकलित करने और बेहतर समन्वय में समय बचाता है। चुनाव वाले राज्यों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, यह आंतरिक ऐप अच्छी तरह से काम कर रहा है और चुनाव व्यय निगरानी प्रक्रिया में मदद कर रहा है।निगरानी प्रक्रिया जून और अगस्त के बीच चुनाव वाले राज्यों में वरिष्ठ डीईसी/डीईसी की अध्यक्षता में टीमों के दौरे के साथ शुरू हुई, जिसमें भाग लेने वाले मैदानी स्तर पर सक्रिय बलों को व्यय निगरानी के महत्व के बारे में संवेदनशील बनाने तथा चुनावों की तैयारी के लिए उनके इनपुट की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रवर्तन एजेंसियों और जिलों के साथ चर्चा की गई। इसके बाद, आयोग ने इन राज्यों में समीक्षा के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए प्रलोभनों के प्रवाह को रोकने और प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा बहु-स्तरीय कार्रवाई पर जीरो-टॉलरेंस दृष्टिकोण पर जोर दिया, जो इन राज्यों में जब्ती में वृद्धि में परिलक्षित होता है। इन दौरों के दिन से, प्रवर्तन एजेंसियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी और जब तक चुनावों की घोषणा की गई, तब तक वे पहले ही 576.20 करोड़ रुपये की जब्ती की सूचना दे चुके थे।आयोग ने चुनाव वाले राज्यों और उनके संबंधित पड़ोसी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों, आबकारी आयुक्तों, महानिदेशक (आयकर) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा भी की।आईआरएस, आईसी एंड सीईएस, आईआरएएस, आईडीएएस और अन्य केंद्र सरकार की सेवाओं के 228 अनुभवी अधिकारियों को व्यय पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात किया गया है। कड़ी निगरानी के लिए, 194 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों को व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि निगरानी प्रक्रिया में फील्ड स्तर की टीमों की पर्याप्त उपलब्धता हो और धन-बल के खतरे से निपटने के लिए डीईओ/एसपी और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ नियमित फॉलो-अप किया जाए। चुनाव वाले राज्यों में चल रहे चुनावों के पूरा होने तक कड़ी निगरानी के प्रयास जारी रहेंगे और जब्ती के आंकड़ों में और वृद्धि होने की उम्मीद है। - शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि 23 साल से अधिक उम्र के बेरोजगार युवाओं को ई-टैक्सी एवं ई-बसों की खरीद के लिए बिना गारंटी वाले कर्ज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के पहले चरण में ई-टैक्सी योजना की शुरुआत करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सब्सिडी देने का फैसला रोजगार बढ़ाने और हरित पहल के प्रोत्साहन के लिए किया गया है। इस योजना के तहत ई-टैक्सी की खरीद में 20 लाख रुपये की लागत आने पर राज्य सरकार 10 लाख रुपये की सब्सिडी देगी। इन ई-टैक्सी को विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाओं में लगाया जाएगा। इस तरह राज्य सरकार 40,000 रुपये की मासिक आय सुनिश्चित करेगी।हिमाचल सरकार परिवहन निगम की करीब 3,000 बसों को बदलना चाहती है और इनके स्थान पर ई-बसों का बेड़ा खड़ा किया जाएगा। जल्द ही 350 ई-बसें खरीदी जाएंगी और अगले तीन वर्षों में 1,500 ई-बसें भी खरीदने की योजना है। सुक्खू ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि 23 साल से अधिक उम्र के युवाओं को ई-बसों एवं ई-टैक्सी की खरीद के लिए कर्ज बिना किसी गारंटी के मुहैया कराया जाएगा। इस कर्ज पर राज्य सरकार 50 प्रतिशत की सब्सिडी भी देगी। यह कदम हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2026 तक हरित राज्य बनाने के लिए उठाया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वाहनों के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग की एक वेबसाइट की भी शुरुआत की।
- बारीपदा (ओडिशा) । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को आदिवासी समुदायों के बीच जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया और लेखकों से इससे जुड़ने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने ओडिशा में मयूरभंज जिले के कुलियाना में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का भी आज उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि साहित्य किसी समुदाय की संस्कृति का दर्पण होता है और लेखकों को आदिवासी समुदायों की जीवनशैली के बारे में लिखना चाहिए ताकि अन्य लोग उनके जीवन मूल्यों के बारे में जान सकें।अखिल भारतीय संथाली लेखक संघ के 36वें वार्षिक सम्मेलन और साहित्यिक महोत्सव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकांश संथाली साहित्य मौखिक परंपरा में उपलब्ध है और किसी भी भाषा को लोकप्रिय बनाने में लेखकों की बड़ी भूमिका होती है। राष्ट्रपति ने कहा, “लेखक समाज के सजग प्रहरी होते हैं। वे अपने कार्यों से समाज को जागरूक करते हैं और उसका मार्गदर्शन करते हैं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक साहित्यकारों ने हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को राह दिखाई थी…। निरंतर जागरूकता से ही सशक्त एवं जीवंत समाज का निर्माण संभव है।”पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने संथाली भाषा में बातचीत की। मुर्मू ने कहा कि भाषा और साहित्य वे सूक्ष्म धागे हैं जो राष्ट्र को एक साथ बांधते हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य विभिन्न भाषाओं के बीच व्यापक आदान-प्रदान से ही समृद्ध होता है तथा यह कार्य अनुवाद के माध्यम से संभव है। उन्होंने कहा, “संथाली भाषा के पाठकों को अनुवाद के माध्यम से अन्य भाषाओं के साहित्य से भी परिचित कराया जाना चाहिए। संथाली साहित्य को अन्य भाषाओं के पाठकों तक पहुंचाने के लिए इसी तरह के प्रयासों की आवश्यकता है।”मुर्मू ने कहा कि आदिवासी समुदायों का मानना है कि जंगल का उनसे नहीं, बल्कि उनका (आदिवासियों) जंगल से संबंध है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज जलवायु परिवर्तन एक बड़ी समस्या है और इस समस्या से निपटने के लिए प्रकृति के अनुकूल जीवन बहुत महत्वपूर्ण है ताकि इन मुद्दों से निपटा जा सके।मुर्मू ने संथाली लेखकों से आग्रह किया कि वे ओल चिकी का प्रसार करने के लिए बच्चों पर ध्यान केंद्रित करें और उनके लिए भाषा में पत्रिकाएं प्रकाशित कर नियमित रूप से उनके साथ संवाद करें।राष्ट्रपति ने कहा कि ओल चिकी में एक भारतीय भाषा के रूप में विस्तार करने की क्षमता है और उन्होंने संथाली लेखकों से भाषा के समग्र विकास के लिए उनके लेखन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।ओल चिकी लिपि को लोकप्रिय बनाने वाले पंडित रघुनाथ मुर्मू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुर्मू ने कहा, “दूसरों से इसे मान्यता देने की अपेक्षा करने से पहले हमें स्वयं अपनी ओल चिकी भाषा को महत्व देना चाहिए। संथाली बच्चों को आपस में इस भाषा में बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।”उन्होंने कहा कि संथाली बच्चों को ओल चिकी लिपि में छोटी कहानियां पढ़ने की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए ताकि वे भविष्य में भाषा का विकास कर सकें।ओल चिकी को दिसंबर, 2003 में संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया गया था और भारत सरकार ने इस भाषा को मान्यता दे दी है।मयूरभंज जिले के रायरंगपुर की रहने वाली मुर्मू ने कुलियाना में एकलव्य विद्यालय के बुनियादी ढांचे पर खुशी व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि स्कूल खुलने से स्थानीय बच्चों को शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे।आदिवासी समुदाय से संबंध रखने वाली 65 वर्षीय मुर्मू ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा, “उनके घर के पास कोई स्कूल नहीं था; इसलिए उन्हें पढ़ाई के लिए घर से दूर जाना पड़ा। उस समय पास में स्कूल न होने के कारण कई बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते थे, जो आज नहीं है।”सम्मेलन में ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम के कई प्रमुख संथाली शिक्षाविदों ने भाग लिया। ओडिशा के मंत्री सुदाम मरांडी और जगन्नाथ सरका भी इस दौरान उपस्थित थे। इससे पहले दिन में मुर्मू भारतीय वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर से बारीपदा स्थित पुलिस लाइन पहुंचीं जहां राज्यपाल रघुबर दास, जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू, राज्य के अनुसूचित जाति-जनजाति विकास मंत्री जगन्नाथ सरका ने उनका स्वागत किया। बिश्वेश्वर टुडू स्थानीय सांसद भी हैं।मुर्मू ओडिशा के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। वह मंगलवार को ओडिशा के बादामपहाड़ रेलवे स्टेशन से तीन रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि ये ट्रेन-शालीमार-बादामपहाड़ और बादामपहाड़-राउरकेला साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन तथा बादामपहाड़ और टाटानगर के बीच ‘मेमू’- “आदिवासी क्षेत्रों को बड़े शहरों से जोड़ेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य देखभाल तथा आदिवासी पर्यटन तक पहुंच को बढ़ावा देंगी”।
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नई दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिल्क्यारा सुरंग के भीतर फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। केंद्र सरकार राहत और बचाव कार्यों की लगातार जानकारी ले रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक बचाव उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री को राहत और बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। खबर है कि प्रशासन, निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों के संपर्क में है और सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ये श्रमिक इस महीने की 12 तारीख से सुरंग के धंसे हुए भाग में फंसे हुए है।बचाव प्रयासों में मदद के लिए अंतर्राष्ट्रीय सुरंग और भूमिगत स्थल एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने सुरंग के स्थान पर निरीक्षण किया है और बचाव अभियान में लगी एजेंसियों को अपने सुझाव दिए हैं। सरकार सुरंग में फंसे मजदूरों का मनोबल बनाए रखने और बचाव कार्यों के संचालन पर निरंतर नजर रख रही है। सुरंग के उस भाग में बिजली और पानी आपूर्ति की व्यवस्था है, जहां श्रमिक फंसे हुए है। उन्हें भोजन और दवाइयां 4 इंच के कंप्रेसर पाइप के जरिए भेजी जा रही है। रेल विकास निगम लिमिटेड ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अन्य वर्टिकल पाइप लाइन के लिए काम करना शुरू कर दिया है। सीमा सड़क संगठन ने इस सुविधा के लिए मात्र एक दिन में सम्पर्क-सड़क बनाने का काम पूरा किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड, सुरक्षा प्रबंध पूरे करने के बाद सिल्क्यारा छोर से खुदाई का काम जारी रखे हुए है। सेना ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एक बॉक्स तैयार कर लिया है। - उन्नाव (उप्र) .उन्नाव जिले के बारासगवर क्षेत्र में रविवार को पंखे में उतरे करंट की चपेट में आने से चार सगे भाई-बहनों की मौत हो गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) आशुतोष कुमार ने बताया बारासगवर थाना क्षेत्र के लालमन खेड़ा गांव के निवासी वीरेंद्र कुमार के घर के बरामदे में एक फर्राटा पंखा रखा था और शाम करीब पांच बजे बरामदे में खेलते हुए उसके एक बच्चे ने पंखे को छू लिया और वह पंखे में उतरे करंट की चपेट में आ गया। उन्होंने बताया कि करंट की चपेट में आये बच्चे को बचाने आये उसके तीन अन्य भाई-बहन भी करंट की चपेट में आ गये और इस घटना में चारों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। आशुतोष कुमार ने कहा कि मृतक बच्चों के नाम मयंक (नौ), हिमांशी (आठ), हिमांक (छह) और मानसी (पांच) हैं। सभी सगे भाई-बहन थे। सूत्रों ने बताया कि घटना के वक्त बच्चे ही घर पर मौजूद थे और उनके माता-पिता खेत में काम करने गये थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विधिक कार्यवाही की।
- चेन्नई. तमिलनाडु के वेप्पमपट्टू में रविवार को एक ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने यह जानकारी दी। जीआरपी के अनुसार, व्यक्ति और उसकी बेटियों ने रेलवे क्षेत्र में अनधिकार प्रवेश किया और पटरियों को पार करते समय वे एक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। जीआरपी के एक अधिकारी ने बताया, ''व्यक्ति और उसकी बेटियों ने ट्रेन को आते नहीं देखा, जिससे उसकी (ट्रेन की) चपेट में आकर उनकी मौत हो गई।'' स्थानीय लोगों ने सड़क पार करने के लिए पुल/सबवे के निर्माण में बहुत ज्यादा देरी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में मदद के लिए पुल-सबवे की जरूरत है।

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