- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए भारत में परिसर स्थापित करने और संचालित करने के लिए बुधवार को विनियम अधिसूचित किये। यूजीसी के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने कहा, ‘‘विनियमों का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के अनुरूप भारत में विदेशी उच्च शैक्षणिक संस्थानों (एफएचईआई) के प्रवेश को सुविधाजनक बनाना और भारत में उच्च शिक्षा को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान करना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इन विनियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि (भारत) परिसर में दी जाने वाली शिक्षा मूल देश के मुख्य परिसर के समतुल्य हो और इसका संचालन निर्धारित कानून और विनियमों के अनुरूप हो।'' विनियमों के अनुसार, ‘‘भारत में परिसर स्थापित करने के इच्छुक विदेशी संस्थानों को वैश्विक रैंकिंग की समग्र श्रेणी में शीर्ष 500 के भीतर एक स्थान हासिल किया होना चाहिए, जैसा कि आयोग द्वारा समय-समय पर निर्णय लिया जाता है, या वैश्विक रैंकिंग की विषय-वार श्रेणी में शीर्ष 500 में स्थान होना चाहिए और किसी विशेष क्षेत्र में उत्कृष्ट विशेषज्ञता होनी चाहिए, जैसा कि समय-समय पर आयोग द्वारा निर्णय लिया जाता है।'' यूजीसी ने कहा कि यदि कोई एफएचईआई विदेशी योगदान प्राप्त करना या उसका उपयोग करना चाहता है, तो उसे विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम अधिनियम, 2010 के तहत पंजीकरण या पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी और एफसीआरए के तहत कानूनी आवश्यकता का अनुपालन करना होगा। इसमें कहा गया है कि विदेशी विश्वविद्यालयों को उनके भारतीय परिसरों में, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरेट स्तरों पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री, अनुसंधान और अन्य कार्यक्रमों के लिए अध्ययन कार्यक्रम पेश करने की अनुमति दी जाएगी। विनियमों में कहा गया है, ‘‘विदेशी विश्वविद्यालय ऐसे शिक्षण केंद्र, अध्ययन केंद्र या फ्रेंचाइजी नहीं खोल सकते जो उनके गृह क्षेत्राधिकार या भारत के बाहर किसी अन्य क्षेत्राधिकार में उनके कार्यक्रमों के लिए प्रचार गतिविधियों के लिए मूल इकाई के प्रतिनिधि कार्यालयों के रूप में कार्य कर सकते हैं। उन्हें भारत में अपने परिसर में कोई भी नया कार्यक्रम शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से पूर्व अनुमति लेनी आवश्यक है।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इन विनियमों के तहत कोई भी कार्यक्रम ऑनलाइन या मुक्त(ओपन) और दूरस्थ शिक्षा तरीके से पेश नहीं किया जा सकता। हालांकि, ऑनलाइन मोड में व्याख्यान की अनुमति है लेकिन यह कार्यक्रम की आवश्यकताओं के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।'' विनियमों में कहा गया है, ‘‘दो या दो से अधिक विश्वविद्यालय भारत में परिसर स्थापित करने के लिए सहयोग कर सकते हैं, बशर्ते प्रत्येक संस्थान पात्रता मानदंडों को अलग-अलग आधार पर पूरा करते हों। प्रत्येक विदेशी विश्वविद्यालय भारत में एक से अधिक परिसर स्थापित कर सकता है। हालांकि, उन्हें प्रत्येक प्रस्तावित परिसर के लिए आयोग को एक अलग आवेदन करना होगा।'' इसमें कहा गया है कि विदेशी संस्थानों को एकमुश्त आवेदन शुल्क के अलावा यूजीसी को कोई वार्षिक शुल्क नहीं देना होगा। वे अपने स्वयं के बुनियादी ढांचे, भूमि, भौतिक संसाधनों और मानव संसाधनों का उपयोग करके अपने परिसर स्थापित करेंगे। विदेशी विश्वविद्यालय अपने भारतीय परिसरों में भारतीय छात्रों को पूर्ण या आंशिक योग्यता-आधारित या आवश्यकता-आधारित छात्रवृत्ति और शुल्क रियायत प्रदान कर सकते हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान भारत में अपने परिसरों में छात्रों को तभी प्रवेश दे सकते हैं और फीस जमा कर सकते हैं, जब यूजीसी द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद उन्हें इन विनियमों के तहत भारत में अपने परिसर संचालन शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।'' इसमें कहा गया है कि भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों को अपने भर्ती मानदंडों के अनुसार शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती करने की स्वायत्तता होगी। विनियमों में कहा गया है कि भारत में परिसर स्थापित करने वाले विदेशी विश्वविद्यालयों को नए पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले यूजीसी से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
-
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ट्रैवल एजेंसियों से कोविड महामारी के कारण रद्द यात्रा कार्यक्रम का लंबित भुगतान ग्राहकों को नवंबर के तीसरे सप्ताह तक जारी करने को कहा है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने उपभोक्ता-संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के साथ बैठक की, इसमें मेक माई ट्रिप, यात्रा, क्लियर ट्रिप आदि ट्रैवल एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सरकार ने कोविड-लॉकडाउन अवधि के कारण रद्द किए गए टिकटों की बुकिंग राशि वापस न किये जाने के मुद्दे पर बात की। विभाग ने बताया कि उच्चत्तम न्यायालय के अक्टूबर 2020 के आदेश के बावजूद रिफंड अब भी लंबित है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था और 6 ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफार्मों ईज माई ट्रिप, यात्रा, मेक माई ट्रिप, हैप्पी ईजी गो, क्लियर ट्रिप, इक्सिगो और 5 अन्य ट्रैवल एजेंसियों, थॉमस कुक, केसरी टूर्स, वीना वर्ल्ड, नीम होलिडेज, मैगो होलिडेज, को नोटिस जारी किया था। शीर्ष अदालत के आदेश का अनुपालन न करने पर इन ट्रैवल ऐजेंसियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।
-
नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसर खोले जाने और इनके संचालन से संबंधित विनियम घोषित किये हैं। इसके अनुसार विदेशी विश्वविद्यालय पात्रता शर्ते पूरी करने पर भारत में अपना कैम्पस खोल सकते हैं। साथ ही वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष पांच सौ में इनका स्थान होना जरूरी है। इन विश्वविद्यालयों को नए पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुमति लेनी होगी। ये विश्वविद्यालय भारत में एक से अधिक कैम्पस स्थापित कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें अलग-अलग आवेदन देना होगा। आयोग ने कहा कि भारत में स्थापित विदेशी विश्वविद्यालयों को भर्ती नियमों के अनुसार अपने शिक्षक और अन्य कर्मचारी नियुक्त करने की स्वायत्तता होगी। लेकिन ये ऑनलाइन पाठ्यक्रम या दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम शुरू नहीं कर सकेंगे।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत में पेटेंट आवेदनों में वृद्धि यहां के युवाओं में नवोन्मेष को लेकर बढ़ते उत्साह को दर्शाती है और आने वाले समय के लिए यह बेहद सकारात्मक संकेत है। प्रधानमंत्री विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें कहा गया है कि भारत के निवासियों द्वारा पेटेंट आवेदनों में 2022 में 31.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो शीर्ष 10 पेटेंट आवेदक देशों में किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन, अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी 2022 में सबसे अधिक पेटेंट दाखिल करने वाले देश थे। चीन के नवप्रवर्तक सभी वैश्विक पेटेंट आवेदनों में से लगभग आधे दाखिल कर रहे हैं हालांकि देश की विकास दर लगातार दूसरे वर्ष 2021 में 6.8 प्रतिशत से गिरकर 2022 में 3.1 प्रतिशत हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, “भारत में पेटेंट आवेदनों में वृद्धि हमारे युवाओं के नवोन्वेष को लेकर बढ़ते उत्साह को दर्शाती है और आने वाले समय के लिए यह एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।”
- नयी दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र दिसंबर के दूसरे सप्ताह में आरंभ हो सकता है और क्रिसमस से पहले इसके समापन की संभावना है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि तीन दिसंबर को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की मतगणना के कुछ दिनों बाद यह सत्र शुरू हो सकता है। प्रमुख आपराधिक कानूनों के स्थान पर लाए गए तीन प्रमुख विधेयकों पर सत्र के दौरान विचार किए जाने की संभावना है। गृह मामलों की स्थायी समिति ने हाल ही में तीन विधेयकों पर अपनी रिपोर्ट को स्वीकारा है। शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है और क्रिसमस (25 दिसंबर) से पहले समाप्त हो जाता है। संसद में लंबित एक अन्य प्रमुख विधेयक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित है। मानसून सत्र में पेश किए गए इस विधेयक को सरकार ने विपक्ष और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों के विरोध के बीच संसद के विशेष सत्र में पारित करने पर जोर नहीं दिया। सरकार इस विधेयक के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के दर्जे को कैबिनेट सचिव के बराबर लाना चाहती है। वर्तमान में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर का दर्जा प्राप्त है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन शाजी के. वी. ने बुधवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य सहकारी समितियों की पारदर्शिता तथा दक्षता में सुधार के लिए अगले साल मार्च तक करीब 65 हजार सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत करने का है। नाबार्ड को राष्ट्रीय स्तर की निगरानी तथा कार्यान्वयन समिति और सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन व निर्देशों के तहत सहकारी समितियों को डिजिटल करने के लिए परियोजना प्रबंधक के रूप में नामित किया गया है। सा-धन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘ करीब 10, हजार सहकारी समितियों को पहले ही डिजिटल किया जा चुका है। हम मार्च, 2024 तक 65 हजार समितियों को डिजिटल करने का लक्ष्य बना रहे हैं।''सहकारी समितियों में दक्षता के स्तर पर पिछले कुछ वर्षों में आई खामियों पर उन्होंने कहा, ‘‘ हम पारदर्शिता में सुधार करके और इन संस्थाओं के कंप्यूटरीकरण के जरिये उन्हें महत्वपूर्ण मूल्य श्रृंखला का खिलाड़ी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि नाबार्ड सहकारी समितियों और ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक डेटा वेयरहाउस भी बना रहा है। यह करीब छह महीने में तैयार हो जाना चाहिए। सूक्ष्म वित्त पहुंच के संबंध में क्षेत्रीय असमानता की ओर इशारा करते हुए शाजी ने कहा कि पूर्व और दक्षिण की ओर इसका झुकाव अधिक है। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में सूक्ष्म वित्त पहुंच करीब दो-तिहाई है, जबकि उत्तर, मध्य तथा पश्चिम सहित शेष भारत में केवल एक-तिहाई है। शाजी ने कहा, ‘‘ यह सवाल उठता है कि क्या हम क्षेत्रीय असमानता से ठीक से निपट रहे हैं। यदि आप इस डाटा को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) योगदान या राष्ट्रीय आय योगदान के साथ जोड़ते हैं, तो हम यहां कुछ असमानता पाएंगे।'' लैंगिक समानता पर उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को कर्ज देते समय इसे ध्यान में रखने के लिए कहा है।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को अपने 25 सितंबर के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें उसने तमिलनाडु सरकार से राज्य में ‘अगमिक' परंपरा द्वारा शासित मंदिरों में 'अर्चकों' या पुजारियों की नियुक्ति पर मौजूदा शर्तों को बनाए रखने के लिए कहा था। न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की पीठ प्रथम दृष्टया तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे की इस दलील से सहमत नहीं हुई कि राज्य ‘अर्चकों' को नियुक्त करने का हकदार है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, “ ‘अर्चकों' की नियुक्ति एक धर्मनिरपेक्ष कार्य है और राज्य उन्हें नियुक्त करने का हकदार है।” पीठ ने कहा, तर्क यह है कि राज्य सरकार एक विशेष संप्रदाय के मंदिरों में ‘अर्चकों' की नियुक्ति में ‘अगम' परंपराओं के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रही है। ‘अगम' हिंदू शास्त्रों के तांत्रिक साहित्य का संग्रह है और ऐसे ग्रंथों की तीन शाखाएं हैं - ‘शैव, वैष्णव और शाक्त'। शीर्ष अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि तमिलनाडु प्रशासन द्वारा संचालित स्कूलों में ‘अर्चकों' के लिए एक साल का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम करने के बाद अन्य संप्रदायों के लोगों को ‘अर्चक' बनने की अनुमति देकर राज्य सरकार ‘अगम मंदिरों' में ‘अर्चकों' की नियुक्ति की वंशानुगत योजना में हस्तक्षेप कर रही है। पीठ ने 25 सितंबर को ‘अर्चकों' की नियुक्ति के संबंध में यथास्थिति (मौजूदा शर्तों) का आदेश दिया, जिससे राज्य सरकार के अनुसार राज्य भर के मंदिरों में 2405 'अर्चकों' की नियुक्ति रुक जाएगी। शीर्ष अदालत ने अब याचिकाओं पर आगे की सुनवाई 25 जनवरी, 2024 को तय की है और कहा है कि वह इसी तरह के मुद्दे पर मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित कार्यवाही पर रोक नहीं लगाएगी।
- गोपेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बदरीनाथ धाम के दर्शन किए । राष्ट्रपति ने मंदिर में भगवान बदरी विशाल की करीब 25 मिनट तक पूजा अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इससे पहले, मुर्मु भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ में सेना के हेलीपैड पर पहुंची जहां उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी अगवानी की। इस दौरान श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय भी मौजूद रहे । यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ सीधे मंदिर पहुंचीं और मंदिर में भगवान बदरीनाथ की विशेष पूजा की। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनकी विधिवत पूजा संपन्न करवाई। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय की अगुवाई में अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बदरी विशाल का प्रसाद एवं अंगवस्त्र भेंट किया।मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बदरीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखी। मंदिर से बाहर आते समय उन्होंने हाथ हिलाकर बदरीनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर राष्ट्रपति मंगलवार को देहरादून पहुंची थीं। शाम को देहरादून राजभवन पहुंचने के बाद उन्होंने राज्य के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों-राजी और बुक्सा से संवाद किया। मुर्मू ने जनजातियों से केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने को कहा जिससे उनका आर्थिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि समुदाय इसके लिए स्वंय जागरूक रहें और स्वयं भी आगे बढ़ने के प्रयास करें। राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त होने से वे सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से भी आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि यहां के जनजातीय समुदाय शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे हैं। समुदाय के सदस्यों द्वारा राष्ट्रपति को हस्तनिर्मित शॉल और पेंटिंग भी भेंट की गई।राजी जनजाति समुदाय द्वारा इस मौके पर नृत्य प्रस्तुत किया गया।
-
औरैया (उप्र)। औरैया जिले के एक अस्पताल में युवक द्वारा अपनी बहन का शव मोटरसाइकिल से घर ले जाने का हृदय विदारक वीडियो सामने आने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालय का कामकाज संभालने वाले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर बुधवार को संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक समेत दो चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की गयी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर कुमार वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक युवक विधूना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) के बाहर अपनी बहन का शव एक दुपट्टे के जरिये पीठ पर बांधकर मोटरसाइकिल से ले जाता दिख रहा है। इस मामले की जांच के बाद स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक के रूप में कार्यरत चिकित्सक अविचल पांडेय और यहां तैनात एक अन्य चिकित्सक कृपाराम के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि करते हुए उन्हें हटा दिया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर की गयी है।
उपमुख्यमंत्री ने बुधवार को 'एक्स' पर पोस्ट करके कहा कि उन्होंने जनपद औरैया के बिधूना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शव को पीठ पर बांधकर मोटरसाइकिल से ले जाने से संबंधित वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। पाठक ने कहा कि उन्होंने केन्द्र अधीक्षक और उक्त प्रकरण से संबंधित चिकित्सकों को भविष्य के लिए एक-एक प्रतिकूल प्रविष्टि देकर तत्काल वहां से हटाये जाने का आदेश मुख्य चिकित्सा अधिकारी औरैया को दिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा सुनिश्चित करने के आदेश दिये गए हैं। पद से हटाए गये सीएचसी अधीक्षक अविचल पांडेय ने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर मृतक युवती के परिजन शव वाहन मांगते तो उन्हें उपलब्ध कराया जाता। मुख्य चिकित्सा अधिकारी वर्मा ने बताया कि मंगलवार को जिले की नवीन बस्ती में रहने वाली 20 वर्षीय अंजलि नहाने के लिए पानी गर्म करने कमरे में गई थी। पानी गर्म करने के लिये बाल्टी में ‘इलेक्ट्रिक रॉड' डाली गयी थी, लेकिन इसी दौरान अंजलि बिजली के करंट की चपेट में आ गई। परिजन उसे विधूना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गये, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतका के परिजन पोस्टमार्टम कराये बगैर ही शव को घर ले जाने की बात कहकर बाहर निकले। उन्होंने कहा कि परिजन मोटरसाइकिल से ही शव ले जाने लगे। अंजलि के भाई आयुष ने शव को दुपट्टे की मदद से अपनी पीठ पर बांधा और उसकी दूसरी बहन ने मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर उसे सहारा दिया। इसी दौरान किसी ने इस घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश की। पार्टी ने ‘एक्स' पर अपने पोस्ट में लिखा, ''योगी आदित्यनाथ की सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का निकला जनाजा, बहन के शव को मोटरसाइकिल से घर ले गया भाई! औरैया के बिधूना में सीएचसी के बाहर बाइक पर बहन के शव को पीठ पर बांधकर घर ले जाने की खबर बेहद दुखद एवं इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक एंबुलेंस का इंतजाम ना कर सका। शर्मनाक!'' -
हैदराबाद. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता करने के बाद, अभिनेता पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जनसेना पार्टी ने तेलंगाना में 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी द्वारा मंगलवार को जारी सूची के अनुसार, एकमात्र महिला उम्मीदवार एम. उमादेवी असवराओपेटा (अजजा) निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी, जबकि जनसेना के तेलंगाना प्रभारी शंकर गौड़ को तंदूर सीट से मैदान में उतारा जाएगा। जनसेना ने कुकटपल्ली विधानसभा सीट से एम. प्रेम कुमार, कोडाद से मेकाला सतीश रेड्डी, खम्मम से एम. रामकृष्ण, कोठागुडेम से एल. सुरेंद्र राव, नगरकुर्नूल से लक्ष्मण गौड़ और वायरा विधानसभा सीट से संपत नायक को मैदान में उतारा है। अभिनय की दुनिया से राजनीति में आए पवन कल्याण ने मंगलवार को यहां भाजपा द्वारा आयोजित 'बीसी आत्म गौरव सभा' (पिछड़ा वर्ग स्वाभिमान बैठक) में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मंच साझा किया।
-
नयी दिल्ली. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बंबई ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स-एशिया में भारत में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है और भारत ने इस सूची में रैंक प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालयों की संख्या में चीन को पछाड़ दिया है। बुधवार को जारी की गई रैंकिंग के मुताबिक, भारत में अब "सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाली उच्च शिक्षा व्यवस्था है'' और रैकिंग सूची में भारत के 148 विश्वविद्यालय है जो पिछले साल की तुलना में 37 ज्यादा हैं। इसके बाद चीन के 133 और जापान के 96 संस्थान हैं। म्यांमा, कंबोडिया और नेपाल ने पहली बार रैकिंग सूची में जगह पाई है। पिछले साल की तरह, आईआईएससी बैंगलोर, दिल्ली विश्वविद्यालय और पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान - बंबई, दिल्ली, मद्रास, खड़गपुर, कानपुर - ने एशिया के शीर्ष 100 संस्थानों में स्थान हासिल किया है। क्यूएस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेन सॉटर ने कहा, “ क्यूएस रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की बढ़ती संख्या भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य के विस्तार को दर्शाती है। जहां भारतीय संस्थानों की संख्या और उनके अनुसंधान योगदान में उल्लेखनीय वृद्धि क्षेत्र की शैक्षिक रूपरेखा में अहम विकास का प्रतीक है, वहीं यह वैश्विक शैक्षणिक समुदाय में अपनी स्थिति को और बेहतर करने में भारत के लिए आगे का रास्ता प्रशस्त करती है।” भारत शैक्षणिक प्रतिष्ठा और नियोक्ता प्रतिष्ठा में क्षेत्रीय औसत से नीचे है, लेकिन इसने 10 से अधिक विश्वविद्यालयों के साथ उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रति संकाय ‘मीट्रिक पेपर' में दूसरा सबसे अच्छा क्षेत्रीय परिणाम हासिल किया है। क्यूएस ने एक बयान में कहा, “ भारत ने पीएचडी संकेतक में कर्मचारियों के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ औसत अंक हासिल किए हैं, जो मजबूत अनुसंधान परिणाम और उच्च योग्य प्राप्त संकाय निकाय का संकेत देता है।” बयान में कहा गया है, “ अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क संकेतक में भारत का प्रदर्शन 15.4 अंक के साथ क्षेत्रीय औसत से थोड़ा नीचे है जो 18.8 अंक है। भारत दो महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को संतुलित करने का प्रयास करता प्रतीत होता है जो देश में बड़ी संख्या में छात्रओं की जरूरतों को पूरा करना और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए अपनी अपील को बढ़ाना है। दोनों क्षेत्रों में एक साथ दक्षता हासिल करना एक बड़ी चुनौती है, खासकर उस गति से जो वैश्विक रुझानों से मेल खाती हो।” क्यूएस के मुताबिक, भारत ने ‘आउटबाउंड स्टूडेंट मोबिलिटी' (विदेश जाने वाले छात्र) में भी उपलब्धि हासिल की। अमेरिका में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ भारत 15 वर्षों में पहली बार चीन से आगे निकल गया है।
-
नयी दिल्ली. केंद्रीय बिजली मंत्री आर के सिंह ने राज्यों के बिजली मंत्रियों से नियमित आधार पर क्षेत्र के प्रदर्शन की समीक्षा करने और बिल के मामले में 87 प्रतिशत दक्षता बनाये रखने को कहा है। उन्होंने बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिये पर्याप्त कोयला भंडार बनाये रखने तथा बिना किसी कटौती के बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने का भी सुझाव दिया। बिजली, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने राज्यों के बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के बारे में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। सिंह ने मंगलवार को संपन्न दो दिन के सम्मेलन में कहा, ‘‘राज्यों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से वितरण और उत्पादन कंपनियों के प्रदर्शन की समीक्षा और निगरानी करनी चाहिए। ताकि यह देखा जा सके कि ऊर्जा खाते तैयार किये गये हैं, बिल के स्तर पर दक्षता 87 प्रतिशत से अधिक, जबकि संग्रह 97 प्रतिशत से ऊपर है। तभी व्यवस्था में जवाबदेही आएगी और प्रणाली सुचारू बनी रहेगी। राज्यों के बिजली मंत्रियों और अधिकारियों को सभी सरकारी विभागों में ‘प्री-पेड स्मार्ट मीटर' लगाने के लिये भी कहा गया है। सिंह ने राज्यों के मंत्रियों से वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले नियमित रूप से बिजली दरें तय करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सब्सिडी देना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं लेकिन इसके लिये भुगतान करना होगा। सिंह ने कहा, ‘‘राज्य जो चाहें सब्सिडी दे सकते हैं, लेकिन सब्सिडी के लिये भुगतान करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों को सलाह दी जाती है कि वे बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिये पर्याप्त कोयला भंडार बनाए रखें और नये कनेक्शन के लिए समय कम करने तथा बिना किसी कटौती के बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम करें। -
नयी दिल्ली. केंद्र सरकार को उसके विभिन्न विभागों के खिलाफ 1.13 लाख लोक शिकायतें मिली हैं और चालू वर्ष में केंद्रीय मंत्रालयों में शिकायतों के निस्तारण का औसत समय 19 दिन है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी दी गयी। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने अक्टूबर, 2023 के लिए केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीग्रैम्स) की मासिक रिपोर्ट जारी की जिसमें लोक शिकायतों के प्रकारों और श्रेणियों तथा उनके निस्तारण की प्रकृति का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है। उसने कहा, ‘‘केंद्रीय सचिवालय ने अक्टूबर 2023 में शिकायतों और अपीलों में सबसे कम लंबित मामले दर्ज किए। अक्टूबर, 2023 की प्रगति से पता चलता है कि केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा 1,23,491 (आगे बढ़ाई गई सहित) शिकायतों का निवारण किया गया है।'' बयान के मुताबिक वर्ष 2023 में जनवरी से अक्टूबर तक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में शिकायत निस्तारण का औसत समय 19 दिन है। सीपीग्रैम्स के पोर्टल पर सरकार के विभागों के खिलाफ शिकायतें दायर की जा सकती हैं।
-
नयी दिल्ली. वर्ष 2022 में दुनिया में कुल 75 लाख लोगों में तपेदिक (टीबी) होने का पता चला। यह 1995 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वैश्विक टीबी निगरानी शुरू किए जाने के बाद यह सर्वाधिक है। यह जानकारी 192 देशों और क्षेत्रों के आंकड़ों वाली एक रिपोर्ट में दी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2023 वैश्विक टीबी रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर, 2022 में अनुमानित एक करोड़ छह लाख लोग टीबी से बीमार पड़े, जो 2021 के आंकड़े एक करोड़ तीन लाख से अधिक है। रिपोर्ट 2022 में टीबी निदान और उपचार सेवाओं के पैमाने में एक महत्वपूर्ण विश्वव्यापी सुधार को रेखांकित करती है। यह टीबी संबंधी सेवाओं पर कोविड-19 व्यवधानों के हानिकारक प्रभावों को दूर करने के लिए एक उत्साहजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है। वर्ष 2020 और 2021 में टीबी के नए मामलों का पता चलने में वैश्विक स्तर पर गिरावट आई थी, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक गिरावट भारत, इंडोनेशिया और फ़िलीपीन में दर्ज की गई थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा, ‘‘सदियों तक, हमारे पूर्वज तपेदिक से पीड़ित रहे और मरते रहे, बिना यह जाने कि यह क्या था, इसका कारण क्या था, या इसे कैसे रोका जाए।'' उन्होंने कहा, "आज, हमारे पास ज्ञान और उपकरण हैं जिनका उन्होंने केवल सपना देखा होगा। हमारे पास राजनीतिक प्रतिबद्धता है, और हमारे पास एक अवसर है जो मानवता के इतिहास में किसी भी पीढ़ी के पास नहीं है: टीबी की कहानी में अंतिम अध्याय लिखने का अवसर।" भौगोलिक रूप से, 2022 में, टीबी की चपेट में आने वाले अधिकतर लोग दक्षिण-पूर्व एशिया (46 प्रतिशत), अफ्रीका (23 प्रतिशत) और पश्चिमी प्रशांत (18 प्रतिशत) के डब्ल्यूएचओ क्षेत्रों में थे, जबकि पूर्वी भूमध्य सागर क्षेत्र में यह आंकड़ा (8.1 प्रतिशत), अमेरिका (3.1 प्रतिशत) और यूरोप (2.2 प्रतिशत) था। रिपोर्ट के अनुसार, टीबी से संबंधित मौतों की कुल संख्या (एचआईवी वाले लोगों सहित) 2022 में 13 लाख थी, जो 2021 के आंकड़े 14 लाख से कम है। मगर, कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुए व्यवधान के परिणामस्वरूप, 2020-2022 की अवधि में लगभग पाँच लाख अतिरिक्त मौतें हुईं। एचआईवी के साथ जीवन गुज़ार रहे लोगों के लिए यह अब भी एक घातक बीमारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बहु औषधि-प्रतिरोधी टीबी (एमडीआर-टीबी) एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बना हुआ है।
-
नयी दिल्ली. पूर्व उपप्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी बुधवार को 96 साल के हो गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई वरिष्ठ नेताओं ने आडवाणी को बधाई देते हुए कहा कि वह ईमानदारी और प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं तथा उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने राष्ट्रीय प्रगति और एकता में अहम योगदान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, "श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की बधाई। वह ईमानदारी और प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं जिन्होंने महान योगदान दिया जिससे हमारे देश को मजबूती मिली। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने राष्ट्रीय प्रगति और एकता को आगे बढ़ाया है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं।'' मोदी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में उनके प्रयास 140 करोड़ भारतीयों को प्रेरित करते रहेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा, ‘‘आडवाणी जी ने अपने अथक परिश्रम और संगठन कौशल से पार्टी को सींचा और कार्यकर्ताओं को गढ़ा । भाजपा की स्थापना से लेकर सत्ता तक आने में उनका अतुलनीय योगदान हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का अक्षुण्ण स्रोत है।'' पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। केंद्रीय मंत्री और पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भी आडवाणी को उनके जन्मदिन की बधाई दी।
उन्होंने एक्स पर लिखा, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, हमारे प्रेरणास्रोत श्रद्धेय श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं । आप स्वस्थ और दीर्घायु रहें, ईश्वर से यही कामना करता हूं।'' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं हम सबके प्रेरणास्रोत, श्री लालकृष्ण आडवाणीजी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय राजनीति के वे एक प्रमुख स्तंभ रहे हैं और भाजपा संगठन को भी उन्होंने बहुत मज़बूती प्रदान की है।'' उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक सक्रिय रहे आडवाणीजी का योगदान अप्रतिम है। मैं ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घजीवी होने की कामना करता हूं।'' भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्र और संगठन के प्रति उनका समर्पण सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। केंद्रीय मंत्रियों एस जयशंकर, निर्मला सीतारमण और भूपेन्द्र यादव तथा अन्य भाजपा नेताओं ने भी आडवाणी को जन्मदिन की बधाई दी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता प्रफुल्ल पटेल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रख्यात राजनेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण और सेवा को गहराई से स्वीकार किया जाता है और सराहना की जाती है।'' सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने आडवाणी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि भाजपा के विकास में उनकी भूमिका और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा अद्वितीय है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल में वह देश को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में ले जायेंगे। पीएम मोदी ने 17 नवंबर को राज्य विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश के दमोह शहर में एक जनसभा को संबोधित करते कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे।उन्होंने कहा कि लोगों ने छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस को सत्ता सौंपी, लेकिन उनके मुख्यमंत्री सट्टेबाजी और काला धन पैदा करने में शामिल पाए गए।2014 के बाद देश की अर्थव्यवस्था 10वें से 5वें स्थान पर
मोदी ने कहा कि 2014 के बाद देश की अर्थव्यवस्था 200 से अधिक वर्षों तक देश पर शासन करने वाले ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया में 10वें से 5वें स्थान पर पहुंच गयी।उन्होंने कहा कि 2014 में जब हम सत्ता में आए तो देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में 10वें स्थान पर थी। धीरे-धीरे यह 9वें, 8वें, 7वें और 6वें स्थान पर पहुंची लेकिन कहीं कोई इसके बारे में बात नहीं कर रहा था।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब यह 200 साल तक देश पर राज करने वाले ब्रिटेन को पीछे छोड़कर 5वें स्थान पर पहुंची तो हर कोई हैरान रह गया और भारत की ओर देखने लगा।’’ मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान वह देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में ले जायेंगे। अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के मद्देनजर सभी स्कूलों की दिसंबर की शीतकालीन छुट्टियों में फेरबदल किया गया है और यह अब नौ नवंबर से 18 नवंबर तक होंगी। बुधवार को दिल्ली शिक्षा निदेशालय के एक परिपत्र में यह जानकारी दी गई। इससे पहले खराब वायु गुणवत्ता के कारण तीन नवंबर से 10 नवंबर तक छुट्टियों की घोषणा की गई थी।
परिपत्र में कहा गया है, ‘‘दिल्ली में व्याप्त गंभीर वायु गुणवत्ता के कारण ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (GRAP)-4 उपायों के कार्यान्वयन और निकट भविष्य में ऐसी प्रतिकूल मौसम स्थितियों से कोई राहत नहीं मिलने की आशंका के मद्देनजर सत्र 2023-24 के लिए समयपूर्व शीतकालीन अवकाश का आदेश दिया गया है ताकि स्कूल पूरी तरह से बंद रहें और बच्चे और शिक्षक दोनों घर पर रह सकें। परिपत्र के अनुसार, ‘‘इसलिए सभी स्कूलों में नौ नवंबर से 18 नवंबर 2023 (शनिवार) तक शीतकालीन अवकाश रहेगा।’’ दिल्ली और उसके उपनगरों में हवा की गुणवत्ता बुधवार सुबह फिर से गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। पड़ोसी राज्यों में धान की कटाई के बाद पराली जलाने से निकलने वाले धुएं का राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण में एक तिहाई योगदान रहता है।मंगलवार शाम चार बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 395 से बढ़कर 421 पर पहुंच गया। मामूली गिरावट के बावजूद श्वसन प्रणाली में गहराई तक प्रवेश कर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करने में सक्षम सूक्ष्म कण पीएम 2.5 की सांद्रता राष्ट्रीय राजधानी में सरकार द्वारा निर्धारित 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की निर्धारित सीमा से सात से आठ गुना अधिक हो गई है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की स्वस्थ सीमा से 30 से 40 गुना अधिक है। गंगा के मैदानी इलाकों के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक बताई गई है। पड़ोसी गाजियाबाद (382), गुरुग्राम (370), नोएडा (348), ग्रेटर नोएडा (474) और फरीदाबाद (396) में भी वायु गुणवत्ता की खतरनाक स्थिति की सूचना मिली है। दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने में सक्षम संख्यात्मक मॉडल-आधारित ढांचा ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के आंकड़ों के अनुसार, पड़ोसी राज्यों विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से मंगलवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण का योगदान 37 प्रतिशत हिस्सा रहा। बुधवार को इसके 33 फीसदी होने की संभावना है। - शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला में पटगेहर संपर्क सड़क के निर्माण में लगी जेसीबी के बुधवार को 150 फुट गहरी खाई में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा व्यक्ति ज़ख्मी हो गया।पुलिस ने बताया कि बंटी ठाकुर को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया जबकि जेसीबी संचालक प्रेम चंद का इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि चालक के मशीन पर से नियंत्रण खो बैठने की वजह से हादसा हुआ। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाही से गाड़ी चलाना), 337 (चोटिल करना) और 304ए (लापरवाही की वजह से जान जाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
- बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कर्नाटक के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री डी.बी. चंद्रेगौड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें जनसेवा के प्रति निष्ठावान व्यक्ति करार दिया। गौड़ा का 87 वर्ष की उम्र में चिक्कमगलुरु जिले में मुदीगेरे तालुक के दरादाहल्ली में स्थित उनके आवास पर मंगलवार तड़के बढ़ती उम्र से संबंधित बीमारियों से निधन हो गया।मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, ”डी.बी. चंद्रेगौड़ा जी के निधन से बहुत दुख हुआ। जनसेवा के प्रति निष्ठावान और एक सांसद, विधायक तथा कर्नाटक में मंत्री के रूप में उनके व्यापक अनुभव ने एक अमिट छाप छोड़ी है। हमारे संविधान के बारे में उनकी गहरी समझ और सामुदायिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता उल्लेखनीय रही। मैं उनके परिवार और समर्थकों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ओम शांति।” गौड़ा ने सभी चार सदनों का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें विधानसभा, विधानपरिषद, लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं।वह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, कर्नाटक क्रांति रंगा, जनता पार्टी, जनता दल, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसे विभिन्न राजनीतिक दलों का हिस्सा रहे थे।
- बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पहले सौर मिशन ‘आदित्य एल1' को ‘सौर प्रज्वाल' (सोलर फ्लेयर्स) की पहली उच्च ऊर्जा एक्स-रे झलक दिखाई दी है। अंतरिक्ष एजेंसी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि 29 अक्टूबर से अपनी पहली अवलोकन अवधि के दौरान ‘आदित्य एल1' अंतरिक्ष यान में लगे ‘हाई एनर्जी एल1 ऑर्बिटिंग एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर' (एचईएल1ओएस) ने सौर प्रज्वाल को रिकॉर्ड किया है। सौर प्रज्वाल सौर वातावरण का अचानक चमकना है।रिकॉर्ड किया गया डेटा राष्ट्रीय समुद्रीय और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) के भूस्थैतिक परिचालन पर्यावरणीय उपग्रह (जीओईएस) द्वारा प्रदान किए गए एक्स-रे प्रकाश वक्रों के अनुरूप है। इसरो के एक वैज्ञानिक ने बताया कि सौर प्रज्वाल की पहली उच्च ऊर्जा एक्स-रे झलक को दर्ज करना इस बात का संकेत है कि मिशन अब तक अपेक्षित रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
- जींद . हरियाणा में जींद जींद की आबोहवा बेहद खराब होने के चलते जिला प्रशासन ने प्राथमिक विद्यालयों में आगामी आदेश तक छुट्टी कर दी है। इससे पहले झज्जर, गुरूग्राम, बहादुरगढ़ आदि जिलों में प्रदूषण की वजह से प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की छुट्टियां कर दी गई थीं। फिलहाल जींद का प्रदूषण स्तर (एक्यूआई) 443 रहा जो बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने प्रदूषण से बच्चों के बचाव के लिए यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए स्कूल प्रबंधक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखें। यह आदेश जिला के सभी निजी एवं सरकारी शिक्षण संस्थाओं में सात नवंबर से लागू होगा जो आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
- छिंदवाड़ा (मप्र)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में मंगलवार शाम केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल को ले जा रही एक कार से टक्कर होने पर एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई और मंत्री समेत चार लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उप मंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) सुधीर जैन ने बताया कि यह दुर्घटना अमरवाड़ा इलाके में सिंगोड़ी के पास हुई। पटेल भाजपा उम्मीदवार बंटी साहू के पक्ष में प्रचार करने के बाद वापस नरसिंहपुर जा रहे थे। साहू 17 नवंबर के विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर राज्य कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ के खिलाफ चुनाव मैदान में खड़े हैं। जैन ने कहा कि मृतक की पहचान शिक्षक निरंजन चंद्रवंशी (35) के रूप में की गई जो घटना के वक्त वह अपने बेटे के साथ घर लौट रहे थे। अधिकारी ने बताया कि मंत्री को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि अन्य तीन घायल लोगों की पहचान जतिन (17), संस्कार (10) और निखिल (7) के रूप में हुई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रह्लाद पटेल नरसिंहपुर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि पुलिस दुर्घटना की जांच कर रही है।
-
नई दिल्ली। सरकार ने गुमराह करने वाले और डीप-फेक वीडियो की पहचान करने के संबंध में सोशल मीडिया कंपनियों के लिए परामर्श जारी किया है। सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि गुमराह करने वाले और डीप-फेक वीडियो की पहचान के लिए तत्काल उचित प्रयास किए जाएं।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह के मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी नियम-2021 के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। परामर्श में कहा गया है कि इस तरह की सामग्री को पोस्ट किए जाने के 36 घंटे के अंदर हटा दिया जाना चाहिए।कंपनियों को यह भी याद दिलाया गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने में विफल रहने पर सूचना प्रौद्योगिकी नियम-2021 के नियम-सात के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा-79(1) के तहत मिले संरक्षण से वंचित किया जा सकता है। -
ठाणे। नवी मुंबई उपनगर में स्थित एक गणेश मंदिर से दो अज्ञात व्यक्तियों ने करीब 40 हजार रुपये कथित तौर पर चुरा लिए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, घटना नेरुल इलाके के शिरवणे में स्थित मंदिर में सोमवार तड़के की है।
नेरुल थाने के एक अधिकारी ने शिकायत के हवाले से बताया कि दो व्यक्तियों ने मंदिर परिसर में रखी 'दान पेटी' को तोड़ दिया और उसमें से 35 से 40 हजार रुपये की नकदी निकाल ली। मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे आरोपियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच मानी जा रही है। दोनों आरोपियों में से एक ने अपने चेहरे को रुमाल से ढका हुआ है जबकि दूसरे व्यक्ति ने काला मास्क पहना हुआ है। मंदिर के ट्रस्टी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 380 (चोरी), 457 (अपराध करने के लिए रात में गुप्त रूप से घर में अतिक्रमण करना या घर में सेंध लगाना)और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। -
चंडीगढ़. पंजाब के खेल मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर मंगलवार को यहां डॉक्टर गुरवीन कौर के साथ शादी के बंधन में बंध गए। पार्टी सूत्रों ने बताया कि विवाह समारोह सिख रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ।
हेयर (33) बरनाला से दो बार विधायक निर्वाचित हुए हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। हेयर के पास खेल के अलावा जल संसाधन, भूमि एवं जल संरक्षण, खान एवं भूविज्ञान और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग भी हैं। डॉ. गुरवीन कौर पेशे से रेडियोलॉजिस्ट हैं। उनका परिवार उत्तर प्रदेश के मेरठ में रहता है। हेयर पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने के बाद विवाह करने वाले तीसरे मौजूदा मंत्री हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले साल गुरप्रीत कौर के साथ विवाह किया था। इसी साल कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की शादी भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी डॉ. ज्योति यादव से हुई थी।


.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)







.jpg)

.jpg)
.jpeg)

.jpg)



.jpg)
