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नयी दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने सोमवार को कहा कि भीषण गर्मी का सामना कर रहे राष्ट्रीय राजधानी समेत उत्तर पश्चिम भारत के लोगों को 30 मई के बाद भीषण लू से राहत मिल सकती है। आईएमडी के महानिदेशक ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा कि उत्तर पश्चिम भारत के हिस्सों में भीषण लू चल रही है और यह अगले तीन दिनों तक जारी रह सकती है, लेकिन 30 मई से इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी, क्योंकि एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ वर्षा होने और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि, महापात्र ने यह भी कहा कि यह राहत अस्थायी होगी और जून के महीने में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत भारत के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि जून में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात के कुछ हिस्सों और उत्तरी मध्य प्रदेश समेत उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है। महापात्र ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत में जून के महीने में आम तौर पर तीन दिन लू चलती है, लेकिन इस बार इन इलाकों में दो-चार दिन ज्यादा ऐसी स्थिति बन सकती है यानी इन इलाकों में चार से छह दिन भयंकर लू चलने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि मई के महीने में राजस्थान और गुजरात में नौ से 12 दिन तक लू चली और तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आईएमडी प्रमुख के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, दक्षिणी हरियाणा, दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश और पंजाब में पांच से सात दिन-- 17 से 20 मई और 25-26 मई को लू की स्थिति रही तथा पारा 44-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। महापात्र ने कहा कि मई में दो चरण में लू चली। उन्होंने बताया कि भीषण लू का पहला चरण एक से पांच मई तक रहा और यह मुख्यत: पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप भारत में ही सीमित रहा। उन्होंने कहा कि दूसरा चरण 16 मई से उत्तर पश्चिम भारत में शुरू हुआ और यह अब तक जारी है और अगले तीन दिन यानी 29 मई रह सकता है।
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इंदौर . इंदौर में 53 वर्षीय व्यक्ति अपनी ‘‘लिव-इन'' साथी की लाश के साथ कम से कम तीन दिन रहा और बाद में शव को बोरी में बंद करके सड़क पर लावारिस छोड़ दिया क्योंकि उसके पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। पुलिस की एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) नंदिनी शर्मा ने बताया कि चंदन नगर क्षेत्र में रविवार को 57 वर्षीय महिला की बोरे में बंद लाश मिली। उन्होंने बताया कि महिला का शव चार-पांच दिन पुराना था और काफी सड़ चुका था। एसीपी ने बताया,‘‘हमें महिला के शव पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले। पोस्टमॉर्टम से पता चला है कि वह लीवर संबंधी दिक्कतों और अन्य बीमारियों से लम्बे समय से जूझ रही थी जिनके कारण उसकी स्वाभाविक मौत हुई।'' शर्मा ने बताया कि यह महिला पिछले 10 साल से एक व्यक्ति के साथ रह रही थी। उन्होंने बताया,‘‘जब हम इस 53 वर्षीय व्यक्ति के पास पहुंचे, तो वह राजमोहल्ला क्षेत्र के एक बगीचे में बैठा था। वह रंगाई-पुताई का काम करता है। वह मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर है।'' एसीपी ने बताया कि चार-पांच दिन पहले इस व्यक्ति के पड़ोसियों ने उससे कहा कि उसके घर से बदबू आ रही है और उसे देखना चाहिए कि उसके घर कोई चूहा तो नहीं मर गया है। उन्होंने बताया,‘‘जांच से पता चला है कि यह व्यक्ति अपने घर में महिला के शव के साथ कम से कम तीन दिन से रह रहा था। बदबू को लेकर पड़ोसियों की शिकायत के बाद उसने शनिवार रात इस शव को बोरी में डाला और अपने घर से करीब 200 मीटर दूर ले गया। जब शव के वजन से उसकी सांस फूलने लगी तो वह लाश को सड़क पर लावारिस छोड़कर गायब हो गया।'' एसीपी के मुताबिक इस व्यक्ति ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने अपनी ‘‘लिव-इन'' जोड़ीदार के शव को इसलिए लावारिस छोड़ा क्योंकि उसके पास उसके अंतिम संस्कार के लिए धन नहीं था। उन्होंने बताया कि महिला की मौत के मामले में विस्तृत जांच जारी है और इसके आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। चंदन नगर थाने के प्रभारी इंद्रमणि पटेल ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को महिला के शव का अंतिम संस्कार कराया।
- नयी दिल्ली. एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की ओर से संचालित हेल्पलाइन नंबर पर फोन कॉल करके दूसरी राय के तहत चिकित्सक से परामर्श लेने वाले कैंसर रोगियों में से 20 प्रतिशत की उम्र 40 वर्ष से कम थी जो इस बात का संकेत है कि युवाओं के कैंसर की चपेट में आने के मामले बढ़े हैं। संगठन से प्राप्त डेटा से तो यही पता चलता है। कैंसर रोग विशेषज्ञों की ओर से शुरू किये गये ‘कैंसर मुक्त भारत फाउंडेशन' के मुताबिक एक मार्च और 15 मई के बीच 1368 लोगों ने कॉल किया। अध्ययन से पता चला कि 40 वर्ष से कम उम्र के 60 प्रतिशत कैंसर रोगी पुरुष थे। यह भी पाया गया कि सबसे अधिक प्रचलित मामले सिर और गर्दन के कैंसर (26 प्रतिशत) के थे, इसके बाद ‘गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर' (16 प्रतिशत), स्तन कैंसर (15 प्रतिशत) और रक्त कैंसर (नौ प्रतिशत) के मामले पाए गए। एनजीओ के एक बयान में कहा गया है कि सबसे ज्यादा फोन कॉल हैदराबाद से प्राप्त हुए इसके बाद मेरठ, मुंबई और नई दिल्ली का स्थान था। मरीजों के लिए दूसरे चिकित्सक की निःशुल्क राय उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर (93-555-20202) शुरू किया गया। यह सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चालू रहता है। कैंसर रोगी प्रमुख कैंसर रोग विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) से सीधे बात करने के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं या अपने कैंसर के इलाज पर चर्चा करने के लिए वीडियो कॉल भी कर सकते हैं। कैंसर मुक्त भारत अभियान का नेतृत्व कर रहे प्रधान अन्वेषक और वरिष्ठ ‘ऑन्कोलॉजिस्ट' डॉ. आशीष गुप्ता ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत के बाद से यह पूरे भारत के कैंसर रोगियों के लिए एक सहायता प्रणाली साबित हुई है और हर दिन लगभग सैकड़ों फोन कॉल प्राप्त होते हैं। ‘‘यह अध्ययन हमें उपचार के प्रति अधिक लक्षित कैंसर दृष्टिकोण बनाने और भारत को ‘कैंसर मुक्त' बनाने में मदद करता है। हमने पाया कि सिर और गर्दन के कैंसर के मामले सबसे अधिक हैं, जिसे जीवनशैली में सुधार, टीकाकरण और जांच से लगभग पूरी तरह से रोका जा सकता है। स्तन और मलाशय के कैंसर का प्रारंभिक चरण में पता लगाने के लिए प्रभावी जांच विधि मौजूद है। दुर्भाग्य से समुचित जांच को कम अपनाने के कारण लगभग दो तिहाई कैंसर का देर से पता चलता है।'' अध्ययन में यह भी पाया गया कि भारत में पता लगाए गए कैंसर के मामलों में से 27 प्रतिशत मामले चरण एक और दो के होते हैं, जबकि 63 प्रतिशत कैंसर के मामले तीसरे या चौथे चरण के होते हैं। दूसरी राय के तहत परामर्श लेने वाले कैंसर रोगियों का सबसे आम सवाल यह था कि उनके कैंसर का इलाज सही और अद्यतन है या नहीं। उन्होंने कहा, कुछ मरीजों ने अपने कैंसर से संबंधित इलाज के लिए नवीनतम उपचार या दवा की उपलब्धता के बारे मे भी जानना चाहा क्योंकि कैंसर के इलाज में लगभग हर हफ्ते नई दवाओं को मंजूरी दी जाती है। उन्होंने कहा कि दूसरा सबसे आम सवाल यह था कि मरीज यह पूछ रहे थे कि उनका कैंसर किस चरण में है।डॉ. गुप्ता ने कहा कि कैंसर मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य शिक्षा और शीघ्र पता लगाने के माध्यम से व्यक्तियों और समुदायों में कैंसर होने के मामलों और मरीजों पर इसके असर को कम करना है। अध्ययन से पता चला कि संगठन तक पहुंचने वाले 67 प्रतिशत कैंसर रोगी ऐसे थे जो निजी अस्पतालों से कैंसर का इलाज करा रहे थे, जबकि 33 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो सरकारी अस्पतालों से इलाज करा रहे थे। डॉ. आशीष गुप्ता ने कहा कि भारत में मोटापे की बढ़ती दर, आहार संबंधी आदतों में बदलाव खासकर अधिक प्रसंस्कृत भोजन की खपत में वृद्धि और गतिहीन जीवन शैली का भी उच्च कैंसर दर से संबंध है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में कैंसर के खतरे को रोकने के लिए तंबाकू और शराब के सेवन से बचना चाहिए और एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना चाहिए।
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नई दिल्ली। भीषण गर्मी की लहर देश के ज्यादातर हिस्सों को अपनी चपेट में लिए हुए है और रविवार 26 मई भी इससे अलग नहीं रहा। आइए, रविवार को भारत के 10 सबसे गर्म शहरों की लिस्ट आपके साथ शेयर करते हैं, क्योंकि राजस्थान, दिल्ली और आसपास के इलाकों में लू (हीटवेव) से लेकर भीषण लू (सीवर हीटवेव) जैसी परिस्थितियां बनी हुई रहीं।
-फलोदी – 49.8°C तापमान के साथ सबसे गर्म रहा।-इसके बाद क्रमशः बाड़मेर (49°C), बीकानेर (48.6°C), जैसलमेर (48.5°C) का स्थान रहा।-दिल्ली का मुंगेशपुर 48.3°C और नजफगढ़ 48.1°C तापमान के साथ तपता रहा।-गंगानगर (47.8°C), चूरू और झांसी (दोनों 47.6°C) भीषण गर्मी की चपेट में रहे।-फरीदकोट (47.4°C) और कोटा (47.1°C) भी काफी गर्म रहे।-पंजाब, हरियाणा, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिमी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी का प्रकोप रहा।-राजस्थान में तेज गर्मी के कारण रविवार को दो लोगों की मौत हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को हीट स्ट्रोक से 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत की पुष्टि की, जबकि बूंदी शहर से एक और मौत की खबर आई।भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 48 घंटों में बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है। राज्य में अगले तीन-चार दिनों तक भीषण गर्मी बनी रहेगी।पूर्वी राजस्थान में बुधवार से और पश्चिमी राजस्थान में गुरुवार से कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग गर्मी के कारण होने वाली मौतों का ऑडिट कर रहा है, जैसा कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल में मानकों के अनुसार किया जाता है। - देहरादून. । उत्तराखंड वन विभाग ने नैनीताल जिले में स्थित दो इको-टूरिज्म स्थलों ‘टिफिन टॉप' और ‘चाइना पीक' में प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपये का शुल्क लगा दिया है जिस पर प्रकृतिप्रेमियों ने ऐतराज जताया है । नैनीताल के रहने वाले और उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव इंदु पांडे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि विभाग का यह फैसला ‘इकोटूरिज्म' के लिए प्रतिकूल है और उन जैसे पुराने जमाने के लोगों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खीझ पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि तीन प्रवेश द्वारों पर तीन कर्मचारी टिकट बेच रहे हैं।पांडे ने दावा किया कि यह एक ऐसी वसूली है जो प्रकृति प्रेमियों को इन प्राचीन स्थलों में घूमने के लिए हतोत्साहित करेगी। पांडे ने इस बारे में पूछे जाने पर बताया कि वह जब भी नैनीताल में होते हैं, इन स्थानों की ट्रैकिंग पर जाते हैं । उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह राज्य सरकार के अधिकारियों से बात करेंगे । पूर्व मुख्य सचिव ने कहा कि इन स्थानों पर वैसे ही बहुत सीमित लोग जाते हैं । उन्होंने कहा कि ‘चाइना पीक' के लिए ट्रेक इतना मुश्किल है कि हर कोई वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता । संपर्क किए जाने पर नैनीताल के वन प्रभागीय अधिकारी चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि विभाग ने इन स्थलों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए वहां आने वालों पर प्रवेश शुल्क लगाया है । उन्होंने कहा, “हम इन स्थानों से कूड़ा और प्लास्टिक इकट्ठा कर रहे हैं । लोगों की शिकायत है कि इन क्षेत्रों में बहुत सारा कूड़ा और प्लास्टिक है । इन जगहों के बेहतर प्रबंधन के लिए हमने टिकट लगाया है ।”
- पन्ना।.मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रविवार तड़के एक तेज रफ्तार ट्रक के सड़क किनारे स्थित घर में जा घुसने से एक महिला की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर बृजपुर पुलिस थाने के अंतर्गत भुसाड़ा गांव में रात करीब डेढ़ बजे पीड़िता अपने घर के आंगन में सो रही थी उस दौरान यह हादसा हुआ। बृजपुर पुलिस थाना प्रभारी भानु प्रताप ने कहा कि ट्रक के चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया जिससे ट्रक घर में जा घुसा। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में 55 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई और उसके परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने नशे में धुत चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
- नासिक.। महाराष्ट्र के नासिक में एक आभूषण कंपनी पर आयकर विभाग ने छापा मारकर 26 करोड़ रुपये की ‘बेहिसाब' नकदी बरामद की है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि आभूषण कंपनी और उसके प्रवर्तकों द्वारा कथित कर चोरी के संबंध में जानकारी मिलने के बाद तलाशी शुरू की गई। उन्होंने कहा कि तलाशी के दौरान अब तक लगभग 26 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं और आयकर विभाग की टीम को कथित अघोषित निवेश से संबंधित कुछ ‘आपत्तिजनक' दस्तावेज मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है। इसी तरह की कार्रवाई में आयकर विभाग ने पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित जूता व्यापारी और उससे संबंधित कुछ इकाइयों पर छापेमारी करके 57 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे।
- नयी दिल्ली।लोकसभा चुनाव के बीच, सरकार ने रविवार को एक असमान्य कदम उठाते हुए थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे को एक महीने का सेवा विस्तार दे दिया और अब वह 30 जून तक इस पद पर बने रहेंगे। जनरल पांडे 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले थे।रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने जनरल पांडे के एक महीने के सेवा विस्तार को मंजूरी दी। जनरल पांडे के सेवा विस्तार से करीब पांच दशक पहले 1970 के दशक की शुरूआत में इस तरह का पहला उदाहरण देखने को मिला था, जब तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने (तत्कालीन) थल सेना प्रमुख जनरल जी जी बेवूर के सेवा काल को एक साल के लिए बढ़ा दिया था। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, जनरल बेवूर को दिये गए सेवा विस्तार के मद्देनजर, तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल प्रेम भगत थल सेना प्रमुख बने बिना ही सेवानिवृत्त हो गए थे जबकि उनके (जनरल बेवूर) बाद उन्हें ही इस शीर्ष पद पर नियुक्त होना था। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने सेना नियम 1954 के नियम 16ए(4) के तहत, थल सेना प्रमुख जनरल मनोज सी पांडे को एक महीने का सेवा विस्तार दिया है, जो उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख (31 मई) से आगे 30 जून तक है।'' वर्तमान में ‘वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ' के रूप में सेवा दे रहे लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, जनरल पांडे के बाद वरिष्ठतम अधिकारी हैं। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी के बाद वरिष्ठतम अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह हैं जो दक्षिणी थल सेना कमांडर हैं। दोनों ही सैन्य अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी और लेफ्टिनेंट जनरल सिंह पाठ्यक्रम सहपाठी हैं।लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी के पास चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर व्यापक अभियानगत अनुभव है। उन्होंने फरवरी में लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचिंद्र कुमार की जगह ली थी और सेना के उप प्रमुख का प्रभार संभाला था। जनरल एम एम नरवणे के सेवानिवृत्त होने के बाद जनरल पांडे ने 30 अप्रैल, 2022 को थल सेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। सेना का शीर्ष पद संभालने से पहले, जनरल पांडे उप प्रमुख के रूप में सेवा दे रहे थे। वह ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स' से बल का नेतृत्व करने वाले पहले अधिकारी हैं। अपने विशिष्ट करियर में, जनरल पांडे ने अंडमान-निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ के रूप में भी सेवा दी है, जो भारत की एकमात्र त्रि-सेवा कमान है। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के छात्र रहे हैं। जनरल पांडे दिसंबर 1982 में ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स' (द बॉम्बे सैपर्स) में शामिल हुए थे।
- पणजी। दक्षिण गोवा जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में बेकाबू निजी बस सड़क किनारे बनी दो झोपड़ियों में जा घुसी, जिससे चार मजदूरों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना शनिवार रात करीब 11.30 बजे वर्ना औद्योगिक क्षेत्र में हुई, उस समय सड़क निर्माण का काम करने वाले मजदूर झुग्गियों में सो रहे थे। पुलिस उपाधीक्षक संतोष देसाई ने कहा कि बस चालक की पहचान पास के कार्टोलिम गांव के निवासी भरत गोवेकर के रूप में हुई है, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि वाहन चालक की चिकित्सा जांच से पुष्टि हुई है कि घटना के समय वह शराब के नशे में था। एक मजदूर ने दावा किया कि बस चालक ने घटना स्थल पर मौजूद अन्य मजदूरों को घटना के बारे में किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एक निजी कंपनी के कर्मचारियों को ले जा रही बस दो झुग्गियों में जा घुसी, जहां मजदूर सो रहे थे। उन्होंने कहा, “चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।” पुलिस ने बताया कि मजदूरों को एक ठेकेदार ने काम पर लगाया था।एक मजदूर ने पत्रकारों को बताया कि बस उनकी झुग्गियों में जा घुसी। मजदूर रूपेंद्र कुमार माथुर ने दावा किया, “घटना के बाद, बस चालक ने हमें किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। बस चालक शराब के नशे में था।” माथुर के चाचा रमेश माथुर और भाई अनिल माथुर की इस घटना में मौत हुई है।उन्होंने यह भी दावा किया कि घटनास्थल पर चिकित्सा सहायता देर से पहुंची, जिसके कारण पीड़ितों को मडगांव के जिला अस्पताल ले जाने में देरी हुई। रूपेंद्र माथुर ने यह भी कहा कि वह दुर्घटना प्रभावित झुग्गियों में से एक में रह रहे थे, लेकिन एक फोन कॉल सुनने के लिये झोपड़ी से बाहर आने के कारण वह बच गए। उन्होंने कहा, “मोबाइल फोन पर बात करने के लिए झोपड़ी से बाहर आए तीन और लोग भी बच गए।”गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि नशे की हालत में गाड़ी चला रहे बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि मजदूरों को झुग्गियों में ठहराने वाले ठेकेदार और उप-ठेकेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार ठेकेदारों और उपठेकेदारों को काली सूची में डाल देगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
- चतरा.। झारखंड के चतरा जिले में कथित तौर पर पुलिस का मुखबिर होने के शक में नक्सलियों ने आदिवासी समुदाय के एक व्यक्ति और उसके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना शनिवार रात कुंडा थाना क्षेत्र के हिंदिया कला गांव में हुई।उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान छेदी बिरहोर और उनके बेटे पंकज बिरहोर के रूप में हुई है, जो आदिवास समुदाय से हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास पांडे ने कहा,"छेदी बिरहोर और उनके बेटे की कथित तौर पर तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के सदस्यों ने हत्या की।'' पंकज के बड़े भाई विधायक बिरहोर ने पुलिस को बताया कि करीब 60-70 नक्सलियों ने उनके घर को घेर लिया और दरवाजा खटखटाया तथा जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो वे छत के रास्ते घर में घुस गये। पहले तो उन्होंने उनकी पिटाई की और फिर गोली मारकर हत्या कर दी।'' विधायक ने कहा कि जब हमला हुआ तब वह घर में नहीं था।उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "अगर मैं घर पर होता तो मुझे भी मार दिया जाता।" file photo
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शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पूर्णागिरि मंदिर दर्शन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस के ऊपर गिट्टियों से भरा डंपर (एक प्रकार का ट्रक) पलट जाने से 11 लोगों की मौत हो गयी और 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में लोगों की मौत होने पर शोक संवेदना व्यक्त की।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने रविवार को बताया कि सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र में रहने वाले श्रद्धालु शनिवार रात एक निजी बस से पूर्णागिरी मंदिर दर्शन करने के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बस चालक ने रात में खुटार थाना क्षेत्र के हजियापुर में एक ढाबे पर बस रोकी जिसके बाद कुछ यात्री ढाबे पर खाना खाने चले गए जबकि कुछ लोग बस में ही बैठकर जलपान करने लगे। उन्होंने बताया कि इसी बीच गोला की तरफ से आ रहा गिट्टियों से भरा डंपर अनियंत्रित होकर बस के ऊपर पलट गया और इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई तथा 10 अन्य लोग घायल हो गए। मीणा ने बताया कि मृतकों की पहचान सुमन देवी (36), अजीत (15), आदित्य (आठ), रामगोपाल (48), रोहिणी (20), प्रमोद (30), छुटकी (50), शिव शंकर (48), सीमा (30) सुधांशु (सात) एवं सोनवती (45) के रूप में की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना में 10 अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि डंपर चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश को निर्देशक पायल कपाड़िया पर गर्व है, जो अपनी फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट' के लिए 2024 के कान फिल्म महोत्सव में ‘ग्रैंड प्रिक्स' पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म निर्माता बन गई हैं। मोदी ने यह भी कहा कि अपनी उल्लेखनीय प्रतिभा के माध्यम से भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) की पूर्व छात्रा ने "भारत की समृद्ध रचनात्मकता की झलक" प्रदर्शित की है। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "अपने काम 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' के लिए 77वें कान फिल्म समारोह में ‘ग्रैंड प्रिक्स' जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पायल कपाड़िया पर भारत को गर्व है। भारत की समृद्ध रचनात्मकता की झलक के साथ एफटीआईआई की पूर्व छात्रा की उल्लेखनीय प्रतिभा वैश्विक मंच पर चमक रही है। यह प्रतिष्ठित सम्मान न केवल उनके असाधारण कौशल का सम्मान करता है, बल्कि भारतीय फिल्म निर्माताओं की नयी पीढ़ी को भी प्रेरित करता है।" शनिवार रात संपन्न हुए 77वें कान फिल्म महोत्सव में 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' को ‘पाम डी'ओर' के बाद महोत्सव का दूसरा सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। कपाड़िया की फिल्म बृहस्पतिवार रात प्रदर्शित हुई। यह 30 वर्ष में मुख्य प्रतियोगिता में प्रदर्शित होने वाली किसी भारतीय महिला निर्देशक की पहली भारतीय फिल्म है। मुख्य प्रतियोगिता के लिए चयनित की गई पिछली भारतीय फिल्म शाजी एन करुण की 1994 में आई ‘स्वाहम' थी। मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट' में कनी कुसरुति, दिव्य प्रभा और छाया कदम ने भी काम किया है।
- नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के पहले पांच चरणों में डाले गए मतों की संख्या पर लोकसभा क्षेत्र-वार आंकड़ा शनिवार को जारी किया और कहा कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की शरारतपूर्ण मंशा के तहत एक झूठा विमर्श गढ़ा जा रहा है। उसने यह भी कहा कि डाले गए वोटों की संख्या में कोई भी छेड़छाड़ संभव नहीं है।उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें निर्वाचन आयोग को मतदान केंद्र-वार मतदान प्रतिशत के आंकड़े अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। इसके एक दिन बाद निर्वाचन आयोग ने यह आंकड़ा जारी किया। निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की पूर्ण संख्या को शामिल करने के लिए मतदान प्रतिशत आंकड़े के प्रारूप का और विस्तार करने का निर्णय लिया है। पूर्ण संख्या उन मतदाताओं की संख्या है जिन्होंने असली में वोट डाला है। निर्वाचक (इलेक्टर) वे हैं जो निर्वाचक नामावली में पंजीकृत हैं और वोट डालने के लिए पात्र हैं। निर्वाचन आयोग यद्यपि मतदान प्रतिशत जारी कर रहा था, लेकिन हर चरण में मतदाताओं की वास्तविक संख्या सार्वजनिक करने का अनुरोध किया जा रहा था। कुछ विपक्षी दलों द्वारा व्यक्त की गई इस आशंका का जिक्र करते हुए कि मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी की जा सकती है, निर्वाचन आयोग ने कहा कि डाले गए वोटों के संग्रह और भंडारण की प्रक्रिया सख्त, पारदर्शी और भागीदारीपूर्ण है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव की शुरुआत होने की तारीख से मतदान के आंकड़े जारी करने की पूरी प्रक्रिया ‘‘सटीक, सुसंगत और चुनाव कानूनों के अनुसार और किसी भी तरह की विसंगति से रहित'' रही है। उसने कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिये जाने के बाद मतदाताओं (निर्वाचकों) की अंतिम सूची उम्मीदवारों को दी जाती है। इसने कहा, ‘‘सभी उम्मीदवारों के अधिकृत चुनाव एजेंट के पास लगभग 10.5 लाख मतदान केंद्रों में से प्रत्येक के लिए विशिष्ट रूप से 543 सीटों पर फॉर्म 17 सी (वह दस्तावेज जिसमें डाले गए वोटों के बूथ-वार आंकड़ा रखा जाता है) होता है। आयोग ने कहा कि इससे पता चलता है कि आंकड़ों में हेराफेरी की कोई गुंजाइश नहीं है।निर्वाचन आयोग ने कहा कि किसी निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए वोटों की कुल संख्या, जैसा कि फॉर्म 17 सी में दर्ज है, किसी की काल्पनिक शरारतपूर्ण मंशा से भी कभी नहीं बदली जा सकती है क्योंकि यह सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के पास उपलब्ध है। निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘मतदान प्रतिशत आंकड़ा हमेशा ऐप पर उपलब्ध होता है। आयोग स्पष्ट करता है कि मतदान प्रतिशत आंकड़ा जारी करने में कोई देरी नहीं हुई है।'' आयोग ने कहा, ‘‘मतदान के चरण .. के प्रेस नोट को जारी करने में किसी भी कथित देरी का मतलब यह नहीं है कि मतदाता मतदान ऐप के माध्यम से आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं था।''
- राजकोट. गुजरात के राजकोट शहर में शनिवार शाम एक ‘गेम जोन' में भीषण आग लगने से चार बच्चों समेत कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।पुलिस ने बताया कि ‘गेम जोन' के मालिक और प्रबंधक को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। वहीं राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है। अधिकारियों ने बताया कि गेमिंग गतिविधियों के लिए निर्मित फाइबर के एक ढांचे में शाम करीब साढ़े चार बजे आग लग गई, जिसके बाद प्रभावित टीआरपी गेम जोन में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि भीषण आग के कारण ढांचा ध्वस्त हो गया। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) राधिका भराई ने कहा, ‘‘आग की घटना में 27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। शव पूरी तरह से जल गए हैं और उनकी पहचान करना मुश्किल है।'' एसीपी विनायक पटेल ने कहा कि मृतकों में 12 साल से कम उम्र के कम से कम चार बच्चे शामिल हैं।जिले के अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान जारी होने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाना-मावा रोड स्थित गेम जोन में यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चों सहित कई लोग खेल रहे थे। सरकार ने घटना की जांच अपर पुलिस महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी है। राजकोट के जिलाधिकारी प्रभाव जोशी ने बताया, ‘‘गेम जोन में आग लगने की सूचना अग्नि नियंत्रण कक्ष को शाम करीब 4:30 बजे मिली। आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ियां और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाया जा रहा है।'' हालांकि, भीषण आग लगने का सही कारण पता नहीं चल पाया है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत अन्य नेताओं ने भी घटना पर दुख जाहिर किया है। मोदी ने बचाव और राहत प्रयासों के बारे में जानकारी लेने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, "राजकोट में आग की घटना से हम सभी अत्यंत दुखी हैं। कुछ समय पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल जी के साथ मेरी टेलीफोन पर बात हुई। उन्होंने मुझे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।" राष्ट्रपति मुर्मू ने एक पोस्ट में कहा, "गुजरात के राजकोट में एक 'गेम जोन' में आग लगने की घटना में लोगों की मौत के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं ईश्वर से हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।" मुख्यमंत्री पटेल ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये तथा प्रत्येक घायल को 50,000 रुपये की राशि देने की घोषणा की है। आग लगने के बाद राजकोट के पुलिस आयुक्त राजू भार्गव ने मीडियाकर्मियों को बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी और शहर के सभी ‘गेमिंग जोन' को परिचालन बंद करने का संदेश जारी किया गया है। पटेल ने ट्वीट किया, "राजकोट में आग की घटना पीड़ा देने वाली है। मैं इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।" उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देगी। यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि ऐसी घटना दोबारा न हो।'' पटेल ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरी घटना की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गई है। खरगे ने भीषण आग की घटना में लोगों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि इस मामले में जवाबदेही जल्द से जल्द तय हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राज्य सरकार के लचर रवैये के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। ममता बनर्जी ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘गुजरात के राजकोट में आग लगने की घटना के बारे में जानकर स्तब्ध हूं, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जान चली गई। गेम जोन में लगी आग में कई अन्य लोग फंस गए, जो चिंताजनक है।''
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जयपुर. राजस्थान में भीषण गर्मी का सितम शनिवार को जारी रहा जहां फलौदी में अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। तेज गर्मी के कारण राज्य में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश के लिए जिलों के कलेक्टर को अधिकृत किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टर को राज्य में लू से आमजन एवं पशु-पक्षियों को राहत प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने सभी जिला कलेक्टर को सुचारू व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, शनिवार को राज्य में फलौदी 50 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री, जैसलमेर में 48 डिग्री, बीकानेर में 47.2 डिग्री, चूरू में 47 डिग्री, जोधपुर में 46.9 डिग्री, गंगानगर में 46.5 डिग्री, कोटा में 46.3 डिग्री और राजधानी जयपुर में 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बीच, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर प्रदेश की जनता बिजली कटौती एवं पेयजल की आपूर्ति न होने से त्रस्त है, तो दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस संकट को दूर करने के लिए समस्या का समाधान खोजने की बजाय दूसरे प्रदेशों में जाकर चुनाव प्रचार करने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भीषण गर्मी के बावजूद लोगों को बिजली और पीने का पानी मुहैया नहीं करा पा रही है, जिसके कारण राज्य के ग्रामीण इलाकों में लोगों को पीने के पानी के लिए मीलों पैदल चलना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘शहरवासी भारी राशि खर्च करके पानी के टैंकर खरीद कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। सरकार की अनदेखी के कारण प्रदेश में भीषण बिजली संकट उत्पन्न हो गया है तथा सरकार द्वारा अघोषित रूप से दो से चार घंटे की बिजली कटौती प्रदेश की राजधानी में की जा रही है, वहीं प्रदेश के अन्य शहरों व ग्रामीण इलाकों में कई घंटे तक बिजली के अभाव में जनता गर्मी से परेशान हो रही है।'' आपदा प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आगामी तीन दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने की संभावना है। राज्य में जारी लू तथा उष्ण रात्रि का दौर आगामी तीन-चार दिन जारी रहने की प्रबल संभावना है। उन्होंने बताया कि 29 मई से पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में तथा 30 मई से पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। शर्मा ने बताया कि जून के प्रथम सप्ताह में राज्य के ज्यादातर भागों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज होने की संभावना है।
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नर्ई दिल्ली। भारत की बिजली मांग शुक्रवार को चालू सत्र की नई ऊंचाई 239.96 गीगावाट पर पहुंच गई। देश के विभिन्न हिस्सों में पारे के बढ़ते स्तर के कारण एयर कंडीशनर (एसी) और कूलर जैसे उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है।
बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बिजली की अधिकतम मांग या दिन में सबसे अधिक आपूर्ति शुक्रवार को 239.96 गीगावाट दर्ज की गई, जो इस साल गर्मी के मौसम में अब तक की अधिकतम है। बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को यह 236.59 गीगावाट थी, जबकि बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग 235.06 गीगावाट थी।बिजली की मांग का सर्वकालिक उच्च स्तर 243.27 गीगावाट सितंबर, 2023 में दर्ज किया गया था। इस गर्मी के मौसम में यह रिकॉर्ड टूट सकता है। इसी महीने बिजली मंत्रालय ने मई के लिए दिन के दौरान 235 गीगावाट और शाम के समय 225 गीगावाट और जून, 2024 के लिए दिन के दौरान 240 गीगावाट और शाम के समय 235 गीगावाट की अधिकतम बिजली मांग का अनुमान लगाया था।उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मई में बिजली की मांग पहले से ही 240 गीगावाट के स्तर के आसपास है, जिसका अनुमान बिजली मंत्रालय ने जून महीने के लिए लगाया था।उन्होंने राय दी कि बिजली की मांग और बढ़कर सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर सकती है। इसके अलावा, बिजली मंत्रालय ने यह भी अनुमान लगाया है कि इस गर्मी के मौसम में बिजली की अधिकतम मांग 260 गीगावाट तक पहुंच सकती है।आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल, 2024 में अधिकतम बिजली की मांग 224.18 गीगावाट थी, जब देश के विभिन्न हिस्सों में गर्मी के मौसम की शुरुआत हुई थी। मार्च में यह 221.82 गीगावाट, फरवरी में 222.16 गीगावाट और जनवरी में 223.51 गीगावाट थी। मई के दौरान, अधिकतम आपूर्ति छह मई को 233 गीगावाट और 21 मई को 233.80 गीगावाट तक पहुंच गई। पिछले साल मई में यह 221.42 गीगावाट दर्ज की गई थी। -
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा की बेटी मिराया ने शनिवार को पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और कहा कि युवाओं को बाहर आकर बदलाव के लिए मतदान करना चाहिए।
मिराया ने अपने माता-पिता और भाई रेहान राजीव वाद्रा के साथ नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में लोधी रोड पर स्थित एक मतदान केंद्र पर मतदान किया। मिराया ने ‘ बताया, ‘‘युवाओं के लिए मेरा एकमात्र संदेश है कि बाहर आएं और मतदान करें। बदलाव लाना हमारा काम है इसलिए हमें बाहर आकर ऐसा करने की जरूरत है।’’ उन्होंने पहली बार मतदान किया है। रेहान वाद्रा ने कहा, ‘‘यहां गर्मी है, हमें सीधे बदलाव लाने और लोकतंत्र में भाग लेने का यह मौका पांच साल में मिलता है। इसलिए सभी को बाहर आना चाहिए और मतदान करना चाहिए।’’प्रियंका गांधी ने कहा कि लोगों को आगे आना चाहिए और बदलाव के लिए वोट करना चाहिए। उनके पति रॉबर्ट वाद्रा ने भी अपना वोट डाला और कहा, ‘‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि लोग यह सुनिश्चित करेंगे कि गठबंधन (इंडिया गठबंधन) जीत जाए।’’ - जबलपुर . जिले में 10 साल की एक बच्ची ने बृहस्पतिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसकी मां ने उसे पर्यटन स्थल भेड़ाघाट ले जाने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पांचवीं कक्षा की छात्रा अपनी मां से उसे भेड़ाघाट ले जाने के लिए कह रही थी। एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार धनवंतरी नगर थाने के निरीक्षक विनोद पाठक ने बताया कि जब मां ने इनकार कर दिया, तो बच्ची मकान के ऊपरी हिस्से में चली गई और दरवाजे के पर्दे से फांसी लगा ली। उन्होंने कहा, ‘‘शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। मामले में जांच की जा रही है।''
- नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी कृष्णमूर्ति ने बृहस्पतिवार को कहा कि 25 मई को मतदान कराने के लिए एक लाख से अधिक मतदान कर्मियों को तैनात किया जाएगा जबकि लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने दिल्ली में 70 पिंक मतदान केंद्र स्थापित किए हैं और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस प्रकार का एक मतदान केंद्र होगा जो पूरी तरह से महिला मतदान कर्मचारियों द्वारा संचालित किया जाएगा। कृष्णमूर्ति ने बताया कि इसके अतिरिक्त 70 मॉडल मतदान केंद्रों पर उन्नत सुविधाएं होंगी तथा पहली बार प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में एक मतदान केंद्र ऐसा होगा जिसमें पूरी तरह से दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) का स्टाफ होगा। उन्होंने कहा, "हमने चुनाव प्रबंधन के सभी पहलुओं की सावधानीपूर्वक योजना बनाई और क्रियान्वित की है।"कृष्णमूर्ति ने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों और भीषण गर्मी होने के मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के अपेक्षित उच्च तापमान से निपटने के लिए व्यापक सुविधाएं की गई हैं। उन्होंने कहा, "हमारी तैयारी पूरी है। मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर छायादार क्षेत्र बनाए जाएंगे जिसमें कूलर और पंखे लगे होंगे।" कृष्णमूर्ति ने कहा, "हमने हर मतदान केंद्र पर पीने का पानी, शौचालय, 'रैंप' और व्हीलचेयर की उपलब्धता सुनिश्चित की है।" उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त सभी मतदान स्थलों पर 'पैरामेडिकल स्टाफ' तैनात किया जाएगा।मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने मतदान के बाद घर तक मुफ्त यात्रा की पेशकश करने के लिए मोटरसाइकिल टैक्सी 'रैपिडो' के साथ साझेदारी की है। बयान में कहा गया कि मतदाताओं को 'जोमैटो' और 'स्विगी' से ऑनलाइन खाना मंगवाने के लिए खाना डिलीवरी करने वाले सोशल मीडिया मंच से विशेष कूपन भी मिलेंगे और विभिन्न रेस्तरां मतदान की स्याही दिखाने पर छूट प्रदान करेंगे।
- देहरादून. उत्तराखंड की मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को बताया कि राज्य में चारधाम यात्रा सुगम एवं सुचारू रूप से संचालित हो रही है और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया गया है कि यात्री सिर्फ पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर आएं। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के साथ डिजिटल बैठक में उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि सभी राज्यों विशेषकर पांच प्रमुख राज्यों के मुख्य सचिवों से अनुरोध किया गया है कि सिर्फ पंजीकरण के बाद ही श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से जिस तिथि का पंजीकरण हुआ हो, उसी तिथि पर आने का आग्रह किया गया है। रतूड़ी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से सबसे अधिक यात्री चारधाम पर आते हैं। उन्होंने कहा कि चारों धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 31 मई तक चारधाम यात्रा के ‘ऑफलाइन' पंजीकरण पर भी रोक लगाई गई है। मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि इस वर्ष यमुनोत्री में 1,38,537 श्रद्धालुओं ने यात्रा के पहले 10 दिन में दर्शन किए और यह आंकड़ा गत दो वर्षों से 127 प्रतिशत अधिक है। गंगोत्री धाम में पहले 10 दिन में 1,28,777 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जो गत दो वर्षों से 89 प्रतिशत अधिक है। केदारनाथ धाम में इस वर्ष पहले 10 दिन में 3,19,193 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जो गत 2 वर्षों से 156 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार बदरीनाथ धाम में इस वर्ष पहले 10 दिन में 1,39,656 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जो गत दो वर्षो से 27 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय गृह सचिव भल्ला ने चारधाम यात्रा के लिए केंद्र से हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्य सचिव को धामों, यात्रा मार्गों एवं ठहराव स्थलों में यात्रियों की रिर्पोट प्रतिदिन गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर यात्रा मार्ग पर भीड़ प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की मदद लेने के भी निर्देश दिए। केंद्रीय गृह सचिव ने भविष्य में चारधाम यात्रा प्रबंधन की रणनीति बनाने के लिए एक समिति गठित करने को भी कहा। उन्होंने जमीनी स्तर पर यात्रा प्रबन्धन पर कड़ी निगरानी पर भी विशेष जोर दिया।
- -दूरदर्शन किसान 26 मई 2024 को दो AI एंकर AI कृष और AI भूमि लान्च करेगा-ये एंकर देश-विदेश की पचास भाषाओं में बात कर सकते हैंनई दिल्ली। दूरदर्शन एक और उपलब्धि हासिल करने जा रहा है क्योंकि 9 साल की अपार सफलता के बाद डीडी किसान 26 मई 2024 को एक नए रंग रूप और एक नए अंदाज के साथ, भारत के किसानों के बीच आ रहा है। जहां चैनल की प्रस्तुति एक नए अंदाज में होने जा रही है।'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' के इस युग में ये देश का पहला सरकारी टीवी चैनल बनने जा रहा है जहां AI एंकर पर सभी की निगाहें रहेंगी। दूरदर्शन किसान दो AI एंकर AI कृष और AI भूमि लान्च करने जा रहा है। ये न्यूज एंकर एक कंप्यूटर हैं, जो हूबहू इंसान की तरह ही हैं और इंसानों की तरह ही काम कर सकते/सकती हैं। ये एंकर बिना रुके या फिर बिना थके 24 घंटे और 365 दिन न्यूज़ पढ़ सकते हैं।किसान दर्शक इन्हें कश्मीर से तमिलनाडु और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक देश के सभी राज्यों में देख पाएंगे। ये AI एंकर देश विदेश में हो रहे कृषि अनुसंधान, अनाज मंडियों में हो रही उठापटक या फिर मौसम की फेरबदल, हर आवश्यक जानकारी किसानों तक पहुंचाएंगे। इन एंकर की एक खास बात यह भी है कि ये देश-विदेश की पचास भाषाओं में बात कर सकते हैं।डीडी किसान के उद्देश्यों में शामिल कुछ खास तथ्य-डीडी किसान देश का एक मात्र टीवी चैनल है, जिसकी स्थापना भारत सरकार द्वारा किसानों को समर्पित की गई है। इस चैनल की स्थापना 26 मई 2015 को की गई थी।डीडी किसान चैनल की स्थापना का उद्देश्य था कि वह हमेशा सजग रहते हुए मौसम, वैश्विक बाजारों इत्यादि में होने वाले बदलावों से किसानों को अवगत कराता रहे, ताकि किसान पहले से ही उपयुक्त योजनाएं बना सकें और समय पर सही निर्णय ले सकें। डीडी किसान चैनल 9 साल से इन मापदंडों पर खरा उतर रहा है।डीडी किसान चैनल प्रगतिशील किसानों के प्रयासों को सभी लोगों के सामने लाने का काम भी कर रहा है, जिसका उद्देश्य देश में कृषि और ग्रामीण समुदाय की सेवा करना तथा उन्हें शिक्षित कर समग्र विकास का वातावरण बनाने की दिशा में काम करना है। डीडी किसान चैनल कृषि की त्रिआयामी अवधारणा जिसमें संतुलित खेती, पशुपालन और वृक्षारोपण शामिल हैं, को मजबूत कर रहा है।
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नई दिल्ली। रमेश बाबू वी. ने 21 मई को केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, आर. के. सिंह ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रमेश बाबू वी. ने थर्मल इंजीनियरिंग में एम.टेक की डिग्री प्राप्त की है और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है। वह मई 2020 में अपनी सेवानिवृत्ति तक एनटीपीसी के निदेशक (संचालन) के पद पर कार्यरत रहे, इससे पहले उन्होंने एनटीपीसी में विभिन्न पदों पर कार्य किया।
केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) की स्थापना भारत सरकार द्वारा विद्युत नियामक आयोग अधिनियम, 1998 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। सीईआरसी एक केंद्रीय आयोग है जिसे विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रयोजनों को लागू करने के लिए ईआरसी अधिनियम, 1998 को निरस्त कर बनाया गया है। आयोग में एक अध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं। इसके अलावा, अध्यक्ष, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण आयोग का पदेन सदस्य होता है।विद्युत अधिनियम, 2003 के अंतर्गत सीईआरसी के प्रमुख कार्यों में, अन्य बातों के साथ-साथ, केंद्र सरकार के स्वामित्व अथवा नियंत्रण वाली उत्पादन कंपनियों के टैरिफ को विनियमित करना, एक से अधिक राज्यों में विद्युत उत्पादन एवं बिक्री के लिए संयुक्त योजना वाली अन्य उत्पादन कंपनियों के टैरिफ को विनियमित करना, विद्युत के अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन को विनियमित करना तथा विद्युत के अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन के लिए टैरिफ निर्धारित करना आदि शामिल हैं। अधिनियम के अंतर्गत, सीईआरसी को कुछ अन्य कार्य भी करने का अधिकार है जिनमें अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन और व्यापार के लिए लाइसेंस जारी करना, विवादों का निपटारा करना, राष्ट्रीय विद्युत नीति और टैरिफ नीति तैयार करने के संबंध में केंद्र सरकार को सलाह देना; विद्युत उद्योग की गतिविधियों में प्रतिस्पर्धा, दक्षता और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना; और विद्युत उद्योग में निवेश को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं। -
नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने गुरुवार को लगभग छह लाख 80 हजार मोबाइल नम्बरों को फर्जी और अवैध पाया है। संदेह है कि ये नम्बर अमान्य, अस्तित्वहीन, नकली पहचान प्रमाण और केवाईसी के फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके प्राप्त किए गए हैं। विभाग ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इन नम्बरों को पुर्नसत्यापित करने के निर्देश दिये हैं। साठ दिन के अन्दर पुर्नसत्यापित न किये जाने पर इन मोबाइल नम्बरों को खत्म कर दिया जाएगा। विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलीजैंस तकनीक से धोखाधडी करने वाले इन नम्बरों की पहचान की है। यह पहल पहचान धोखाधड़ी से निपटने में एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती है।
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नई दिल्ली। मौसम विभाग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के ज्यादातर भागों और दिल्ली में कहीं-कहीं सोमवार तक भीषण गर्मी जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार और सोमवार को भीषण गर्मी रहेगी। कोंकण और गोवा में आज तथा असम में कल मौसम गर्म और नर्म बना रहेगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों, अंडमान-निकोबार दीप समूह के शेष भागों, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल है।
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मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में औद्योगिक क्षेत्र डोंबिवली में ब्लास्ट हो जाने से नौ लोगों की मृत्यु हो गई है और 56 लोग घायल हैं। यह घटना गुरुवार को हुई, जब एक केमिकल कंपनी के बॉयलर में विस्फोट के बाद आग लग गई। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विस्फोट के पीड़ितों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां छोटे-छोटे लगातार तीन धमाके हुए। ये इतने तेज थे कि लगभग 3 किमी तक सुनाई दिए। आसपास की इमारतों के शीशों में दरारें आ गईं। वहीं, विस्फोट की वजह से आसपास के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए।हादसे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। इस घटना पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर कहा कि डोंबिवली की केमिकल कंपनी में बॉयलर विस्फोट की घटना दुखद है। मामले में 8 लोगों को निलंबित कर दिया गया है।उन्होंने आगे कहा कि घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई। कई एम्बुलेंस तैयार रखी गईं। मैंने कलेक्टर से चर्चा की है। NDRF, TDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों को भी भेजा गया है।




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