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संगारेड्डी . तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले में मंगलवार को सड़क दुर्घटना में तीन इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, घटना चिन्ना कोदुर मंडल के अनंतसागर गांव के बाहरी इलाके की है। पुलिस ने बताया कि हादसे में तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल हुए आठ अन्य छात्रों को सिद्दिपेट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र एसयूवी में सवार होकर परीक्षा देने करीमनगर गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना लौटते समय हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रों की गाड़ी एक खड़ी लॉरी से टकरा गई। पुलिस ने बताया कि एक मामला दर्ज किया गया है।
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नई दिल्ली। मौसम विभाग ने बुधवार से ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में और अधिक बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में भी तेज वर्षा के आसार हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि केरल और महाराष्ट्र में कल तक जबकि तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पूर्वी उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में अगले तीन दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में 13 और 14 सितंबर को व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों में आंधी, तूफान और बिजली गिरने के साथ छिटपुट रूप से भारी बारिश होने के आसार हैं। अगले 24 घंटों के दौरान रायपुर सहित कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पूरे छत्तीसगढ़ में बुधवार से फिर अच्छी बारिश के आसार बन रहे हैं।
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नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि डीजल वाहनों की बिक्री पर 10 प्रतिशत जीएसटी लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया में खबरें चल रही है कि डीजल वाहनों पर अतिरिक्त जीएसटी लगाया जायेगा। श्री गडकरी ने कहा कि सरकार की जानकारी में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीजल वाहनों से वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार स्वच्छ और हरित ईंधन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर रही है।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्पेन और दुबई की 11 दिवसीय यात्रा के लिए मंगलवार सुबह रवाना हो गईं। इस दौरान वह राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए व्यावसायिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगी। बनर्जी ने सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दुबई के लिए उड़ान भरी। बनर्जी संपर्क उड़ान की अनुपलब्धता के कारण रात में दुबई में ही रहेंगी और अगले दिन स्पेन की राजधानी मैड्रिड के लिए रवाना होंगी। उन्होंने राज्य सचिववालय ‘नबन्ना' में मंगलवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘हम तीन दिन तक मैड्रिड में रहेंगे। इस दौरान हम एक वाणिज्यिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और अनिवासी बंगालियों से मिलेंगे। वहां से हम बार्सिलोना के लिए ट्रेन लेंगे, जहां हम ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट' (बीजीबीएस) की दो दिवसीय बैठक में भाग लेंगे।'' उन्होंने कहा कि यह पांच साल में उनका पहला विदेशी दौरा होगा क्योंकि केंद्र ने ‘‘उन्हें पहले आवश्यक अनुमति नहीं दी थी''। बनर्जी के साथ मुख्य सचिव एच. के. द्विवेदी और प्रसिद्ध कोलकाता फुटबॉल क्लब मोहन बागान, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग के वरिष्ठ पदाधिकारी भी होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इस समय लंदन में हैं और वह मैड्रिड में उनके प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘स्पेन इस साल के अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का थीम देश था और इसने हमारे फिल्म महोत्सवों में भी भाग लिया था। वे (परिधान) निर्माण में अच्छे हैं। हमें उम्मीद है कि वे इस साल के बीजीबीएस में भाग लेंगे।'' बनर्जी ने कहा कि वह और प्रतिनिधियों का उनका दल दुबई लौटेगा, जहां बीजीबीएस पर एक बैठक और कुछ अन्य बैठकें निर्धारित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘23 सितंबर को कोलकाता लौटने से पहले हम डेढ़ दिन दुबई में रहेंगे।''यह पूछे जाने पर कि क्या वह कई विश्व प्रसिद्ध फुटबॉल क्लबों का घर माने जाने वाले बार्सिलोना में अपने प्रवास के दौरान किसी फुटबॉल क्लब के पदाधिकारी से मिलेंगी, इस पर बनर्जी ने कहा, ‘‘कुछ नया होने दीजिए। मैं वहां जा रही हूं और मैं बंगाल के लिए कुछ करना चाहती हूं।'' राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा कि बनर्जी अपने बार्सिलोना प्रवास के दौरान ला लीगा के अध्यक्ष जेवियर टेबास से मुलाकात कर सकती हैं। बनर्जी ने राज्य के लोगों से उनकी अनुपस्थिति के दौरान कानून-व्यवस्था को बाधित करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया और कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं।
- औरंगाबाद (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में इस वर्ष की 31 अगस्त तक कम से कम 685 किसानों ने आत्महत्या की जिसमें से सबसे अधिक 186 मौतें राज्य के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे के गृह जिले बीड में हुई हैं। एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। मध्य महाराष्ट्र के शुष्क क्षेत्र में आठ जिले औरंगाबाद, जालना, बीड, परभणी, नांदेड़, उस्मानाबाद, हिंगोली और लातूर शामिल हैं। औरंगाबाद के मंडलीय आयुक्त कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, मराठवाड़ा क्षेत्र में वर्ष 2023 में एक जनवरी से 31 अगस्त तक 685 किसानों ने अपनी जान ले ली और इनमें से मानसून के तीन महीनों (जून से अगस्त) में 294 मौतें हुई। एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में मराठवाड़ा में 20.7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस क्षेत्र में 11 सितंबर तक 455.4 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि इस अवधि में मानसून में हुई बारिश का औसत 574.4 मिलीमीटर है। रिपोर्ट के अनुसार, बीड जिले में सबसे अधिक 186 किसानों ने आत्महत्या की।बीड, बागी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता मुंडे का गृह जिला है जो दो जुलाई को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल हुए थे। उन्हें लगभग दो सप्ताह बाद कृषि मंत्रालय दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, बीड के बाद सबसे अधिक उस्मानाबाद में 113 किसानों ने आत्महत्या की जिसके बाद नांदेड़ में 110, औरंगाबाद में 95, परभणी में 58, लातूर में 51, जालना में 50 और हिंगोली में 22 किसानों आत्महत्या की। file photo
- कोलकाता। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के एक दल ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आयोग के उप चुनाव आयुक्तों धर्मेंद्र शर्मा और नितेश कुमार व्यास ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आरिज आफताब के साथ सोमवार को बैठक की और मतदाता सूची की विशेष सारांश समीक्षा पर चर्चा की। बैठक में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस उपायुक्त और चुनाव अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता सूची के संशोधन पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोग के अधिकारियों ने पंचायत चुनाव और हाल में हुए धूपगुड़ी उपचुनाव की भी समीक्षा की।'
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नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग अक्टूबर की शुरुआत तक पांच चुनावी राज्यों का दौरा संपन्न कर लेगा, जिसके बाद इन राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करने की संभावना है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। आयोग चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहले ही छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और मिजोरम का दौरा कर चुका है। यह सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में राजस्थान और तेलंगाना का दौरा करेगा। आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनुप चंद्र पांडे तथा अरुण गोयल शामिल हैं। दौरे के बाद, निर्वाचन आयोग इन राज्यों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।
चुनाव की घोषणा से पहले आयोग का उन राज्यों का दौरा करना आम बात है जहां चुनाव होने हैं। ऐसे भी उदाहरण हैं जहां उसने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्यों का दौरा किया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम और राजस्थान में विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है। मिजोरम की विधानसभा का कार्यकाल इस साल 17 दिसंबर को समाप्त हो रहा है जबकि तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल जनवरी में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है। . -
नयी दिल्ली. सऊदी अरब ने सोमवार को कहा कि पूरे विश्व ने सबसे सफल जी20 शिखर सम्मेलन को देखा और अतीत में कभी भी बैठक के पहले ही दिन सदस्यों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई थी। जी20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन नौ सितंबर को, रूस-यूक्रेन संघर्ष पर मतभेदों को दूर करते हुए आम सहमति से घोषणापत्र को अपनाए जाने के साथ भारत ने एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणापत्र पर आम सहमति बनने, और उसके बाद इसे अपनाने की घोषणा दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पहले दिन के दूसरे सत्र की शुरुआत में की थी। सऊदी अरब के निवेश मंत्री खालिद ए अल फलीह ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आज पूरी दुनिया सबसे सफल जी20 शिखर सम्मेलन में से एक की चर्चा कर रही है... आपके परिवार के हिस्से के रूप में, मैं आपको बता सकता हूं कि हमें वास्तव में गर्व है। हमने (इससे पहले) कभी भी आम सहमति हासिल नहीं की थी और शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन घोषणापत्र को अंगीकार नहीं किया था।'' उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद यह सहमति बनी। खालिद ने भारत के नेतृत्व की सराहना की। देश के नाम के रूप में ‘इंडिया के बजाय 'भारत' का उपयोग करने का जिक्र करते हुए, सऊदी मंत्री ने कहा कि उनका देश, भारत को हमेशा 'भारत' के रूप में जानता था और "यह आपके संविधान का हिस्सा है''। -
नयी दिल्ली। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने अपने स्थापना दिवस से पहले सोमवार को 2022 के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार देश के 12 युवा वैज्ञानिकों को प्रदान करने की घोषणा की। इन वैज्ञानिकों में सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान, कोलकाता के प्रतिरक्षा विज्ञानी दिप्यमान गांगुली; सीएसआईआर-सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान, चंडीगढ़ के सूक्ष्मजीव विज्ञानी अश्विनी कुमार ; हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग डायग्नॉस्टिक के जीवविज्ञानी एम सुब्बा रेड्डी ; भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के अक्कातु टी बीजू ; और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बंबई के देबब्रत मैती शामिल हैं। गांगुली ने पुरस्कार सूची में अपना नाम आने पर खुशी जाहिर की करते हुए कहा, ‘‘मैं खुश हूं कि यह इस बात की स्वीकृति है कि मैंने जो दीर्घकालिक लक्ष्य रखा है वह बुरा नहीं है। एक शोधार्थी के रूप में मेरी यात्रा जारी रहेगी।'' यह पुरस्कार हर साल 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिकों को दिया जाता है। इसके तहत पांच लाख रुपये और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। गांगुली को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में, जबकि कुमार और रेड्डी को जीव विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। बीजू और मैती को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों में बदलाव करने की सरकार की योजना को लेकर विवाद के बीच इन पुरस्कारों की घोषणा की गई है।
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नयी दिल्ली. कस्बों और शहरों में रहने वाले बच्चों में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों की तुलना में श्वास संबंधी संक्रमण का खतरा अधिक होता है। एक अध्ययन में यह बताया गया है। ‘पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित एक अन्य शोध में बताया गया है कि ‘डे केयर' (माता-पिता की अनुपस्थिति में बच्चों की देखरेख करने वाले संस्थान) में रहने, नम घरों में रहने या अधिक यातायात वाले क्षेत्रों के पास रहने जैसे कारकों की वजह से भी छोटे बच्चों में श्वसन संक्रमण का खतरा अधिक होता है, जबकि स्तनपान कराने से इसका जोखिम कम हो जाता है। दोनों अध्ययन इटली के मिलान में ‘यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी इंटरनेशनल कांग्रेस' में सोमवार को प्रस्तुत किए गए। डेनमार्क स्थित कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के निकलस ब्रस्टैड द्वारा प्रस्तुत पहले अध्ययन में 663 बच्चों और उनकी मांओं को शामिल किया गया। माताएं गर्भावस्था से लेकर अपनी संतानों के तीन साल का होने तक शोध में शामिल रहीं। शोधकर्ताओं ने इस बात पर गौर किया कि बच्चे शहरी क्षेत्रों में रह रहे हैं या ग्रामीण क्षेत्रों में और उनमें श्वास संबंधी संक्रमण कितनी बार हुआ। उन्होंने पाया कि शहरी इलाकों में रहने वाले बच्चों में तीन साल की उम्र से पहले सर्दी एवं खांसी जैसे औसतन 17 श्वसन संक्रमण हुए, जबकि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों में औसतन 15 संक्रमण हुए। शोधकर्ताओं ने गर्भावस्था के दौरान महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं के खून की विस्तृत जांच भी की और जब बच्चे चार सप्ताह के हो गए तो उनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता का विश्लेषण किया गया। उन्होंने पाया कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की रोग प्रतिरोधी प्रणाली में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की तुलना में अंतर पाया गया। दूसरा अध्ययन, ब्रिटेन स्थित ‘यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स ससेक्स एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट' के टॉम रफल्स ने पेश किया, जिसमें स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में रहने वाली 1,344 महिलाओं और उनके बच्चों के डेटा को शामिल किया गया। विश्लेषण से पाया गया कि छह महीने से अधिक समय तक स्तनपान कराने से शिशुओं और बच्चों को संक्रमण से बचाने में मदद मिली, जबकि बच्चों को ‘डे केयर' में रखने से यह खतरा बढ़ गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, नमीयुक्त घरों और अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में भी संक्रमण का खतरा अधिक है। -
चित्रदुर्ग . कर्नाटक में चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक में गोल्लाहल्ली के समीप सोमवार तड़के एक सरकारी बस की कथित रूप से एक ट्रक से टक्कर हो जाने पर पांच वर्षीय एक बच्चे समेत पांच यात्रियों की मौत हो गयी जबकि आठ अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि मृतकों की पहचान रायचूर जिले के मास्की के निवासी रवि (23), मानवी के निवासी नरसन्ना (पांच) तथा बेंगलुरु निवासी महाम्मा (35) एवं पर्वतम्मा (53) के रूप में हुई है। उसने कहा कि पांचवें मृत यात्री की शिनाख्त नहीं हो पायी है। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस के दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि तीन ने नजदीकी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनके अनुसार तीनों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने बताया कि आठ घायल यात्रियों को चित्रदुर्ग सामान्य अस्पताल और चल्लाकेरे के तालुक साामान्य अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधीक्षक (चित्रदुर्ग) धर्मेंद्र कुमार मीणा ने कुछ यात्रियों के हवाले से बताया कि चालक बहुत तेजी से एवं लापरवाही से बस चला रहा था । उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उसने ट्रक से आगे निकलने की कोशिश की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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तिरुपत्तूर. तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में सोमवार सुबह एक लॉरी ने सड़क पर खड़ी एक वैन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसकी चपेट में आए कम से कम सात लोगों की कुचलकर मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि हादसे के वक्त पीड़ित सड़क किनारे बैठे थे। उन्होंने कहा कि पीड़ित वैन से सफर कर रहे थे और वाहन में आई खराबी के कारण वह सड़क किनारे बैठकर उसे ठीक किए जाने का इंतजार कर रहे थे।
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देवघर (झारखंड). राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने सोमवार सुबह झारखंड के देवघर में प्रख्यात बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना की। पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी। लालू और राबड़ी सुबह करीब साढ़े सात बजे मंदिर पहुंचे और 12 ‘ज्योर्तिलिंग' में से एक इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के प्रबंधक-सह-पुजारी रमेश परिहस्त के सहयोग से पूजा की। परिहस्त ने कहा, ‘‘बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने लंबे समय बाद मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने देश में लोगों के बीच शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। हमने उनके अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना की।'' लालू के साथ मंदिर में राजद के झारखंड प्रभारी जयप्रकाश नारायण यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, मंत्री सत्यानंद भोक्ता और कई अन्य नेता भी मौजूद थे। पार्टी प्रवक्ता मनोज कुमार ने बताया कि देवघर में पूजा-अर्चना के बाद लालू और राबड़ी झारखंड के दुमका जिले के बाबा बासुकीनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गए, जहां वे पूजा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वे दोपहर को पटना के लिए रवाना होंगे। लालू और उनकी पत्नी रविवार को देवघर पहुंचे थे और सर्किट हाउस में ठहरे थे।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा, राजद की झारखंड इकाई के नेताओं और कार्यर्ताओं ने भी रविवार को पार्टी सुप्रीमो से मुलाकात की। उन्होंने (लालू) आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए हमें राज्य में पार्टी को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने हमें ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ' का मंत्र भी दिया।'' कुमार ने कहा, ‘‘हमारे पार्टी प्रमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूंजीपतियों की पार्टी है। वह देश को बांट रही है और लोगों के बीच मतभेद पैदा कर रही है। अब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।'' इससे पहले, लालू ने चार सितंबर को सोनपुर में प्रसिद्ध बाबा हरीहरनाथ मंदिर के दर्शन किए थे और सात सितंबर को जन्माष्टमी के मौके पर पटना में बांके बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। -
नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आपातकालीन चिकित्सा और शल्य चिकित्सा सेवाओं की दक्षता व प्रभावशीलता को बढ़ाने के प्रयास के तहत मरीजों की देखभाल के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस फैसले का मकसद आपात चिकित्सा की जरूरत वाले रोगियों की बड़ी संख्या होने से उत्पन्न चुनौतियों से निपटना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी जरूरतमंदों को तुरंत और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि एम्स-नयी दिल्ली का मुख्य आपातकालीन विभाग प्रतिदिन 400 से अधिक रोगियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इस लिहाज से लगभग हर तीन मिनट में एक मरीज को देखा जाता है। हालांकि, विभिन्न वार्डों से रोजाना औसतन लगभग 250 मरीजों को छुट्टी दी जाती है, जिससे मरीजों के आने और जाने के बीच असंतुलन पैदा होता है। इसके अतिरिक्त, ओपीडी में कुछ मरीज ऐसे भी आते हैं जो वर्षों पहले समय ले चुके होते हैं। श्रीनिवास ने कहा, “मरीजों की इस निरंतर आमद के कारण अक्सर आपातकालीन विभाग में बिस्तरों की कमी हो जाती है, जिससे प्रतीक्षा समय बढ़ जाता है या आसपास के अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।” इस समस्या से निपटने और एम्स में आपातकालीन सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए, सभी क्लीनिकल विभागों के बीच व्यापक समन्वय कायम करने का प्रयास किया गया है।
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भदरवाह/जम्मू. जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में सोमवार को तीन दिवसीय कैलाश यात्रा शुरू हुई तथा यहां प्राचीन वासुकी नाग मंदिर से 12000 से अधिक श्रद्धालु इस वार्षिक तीर्थाटन पर रवाना हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डोडा के उपायुक्त विशेष पॉल महाजन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल कय्यूम और अतिरिक्त उपायुक्त दिलमीर चौधरी ने इन श्रद्धालुओं को 14,700 फुट की ऊंचाई पर स्थित कैलाश कुंड के लिए रवाना किया। कैलाश कुंड प्राचीन ‘नाग' संस्कृति का द्योतक है। यह यात्रा सबसे कठिन यात्राओं में एक समझी जाती है क्योंकि श्रद्धालुओं को इतनी अधिक ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में पूजा -अर्चना करने के लिए 18 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है। वहां वे ठंडे ‘कुंड' में स्नान करते हैं और फिर वासुकी नाग एवं भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं। महाजन ने कहा, ‘‘पिछले साल 35000 से अधिक श्रद्धालु पवित्र कैलाश कुंड गये थे और इस साल हम उसमें कई गुणा वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि हमने एकसाथ इस केंद्रशासित प्रदेश में और राष्ट्रीय स्तर पर इस प्राचीन एवं विशिष्ट तीर्थाटन का प्रचार किया है।'' सुबह करीब नौ बजे गाथा में वासुकी नाग मंदिर से ‘छड़ी मुबारक' को निकाला गया और फिर भदरवाह के वासिक धेरा में वासुकी नाग मंदिर से दूसरा जत्था इसमें शामिल हो गया। जम्मू कश्मीर धर्मार्थ न्यास ने मांग की है कि कैलाश यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। यह न्यास प्राचीन मंदिरों की देखभाल करता है तथा वह इस यात्रा के मुख्य आयोजकों में एक भी है। न्यास के सचिव और भदरवाह के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक शर्मा ने कहा, ‘‘यह शायद जम्मू कश्मीर की एकमात्र यात्रा है जो आतंकवाद के चरम पर रहने के दौरान भी जारी रही।'' उन्होंने कहा कि यह यात्रा हर पहलु से अनोखी है और सरकार को अमरनाथ एवं वैष्णो देवी यात्रा की भांति ही उसे सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए एवं उसे बढ़ावा देना चाहिए। छड़ी मुबारक मार्ग में दो रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को कैलाश कुंड पहुंचेगी।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को कोर कमेटी और चुनाव अभियान समिति सहित चार समितियों का गठन किया जिनमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया गया है। पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कोर कमेटी, चुनाव अभियान समिति, संचार समिति और प्रोटोकॉल समिति के गठन को स्वीकृति प्रदान की। कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा को सात सदस्यीय कोर कमेटी का संयोजक बनाया गया है। कोर कमेटी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, वरिष्ठ नेता चरणदास महंत, प्रदेश सरकार में मंत्री ताम्रध्वज साहू और शिव कुमार डहरिया शामिल हैं। महंत को 74 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बघेल, सिंहदेव, बैज और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को इस समिति में स्थान दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता रवींद्र चौबे की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय संचार समिति और अमरजीत भगत की अध्यक्षता में 25 सदस्यीय प्रोटोकॉल समिति का गठन किया गया है। छत्तीसगढ़ में इस साल नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों और प्लेटफार्म के डिजाइन, विकास और निर्माण में साझेदारी के जरिये भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। मोदी और मैक्रों ने रविवार को जी20 शिखर सम्मेलन से इतर वार्ता की। एक संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘‘दोनों नेताओं ने उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों और प्लेटफार्म के डिजाइन, विकास और निर्माण में साझेदारी के जरिये रक्षा सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तीसरे देशों सहित भारत में उत्पादन को बढ़ाने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इस संदर्भ में, उन्होंने रक्षा संबंधी औद्योगिक रूपरेखा को शीघ्र अंतिम रूप देने का भी आह्वान किया।'' संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और फ्रांस ने जी20 में अफ्रीकी संघ (एयू) की सदस्यता का स्वागत किया और अफ्रीका की प्रगति, समृद्धि और विकास के लिए एयू के साथ काम करने का संकल्प लिया। मोदी और मैक्रों ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत-फ्रांस सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसमें कहा गया है, ‘‘उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्' यानी ‘एक पृथ्वी, एक कुटुम्ब, एक भविष्य' का संदेश लेकर वैश्विक भलाई के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।'' संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘‘डिजिटल, विज्ञान, तकनीकी नवाचार, शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य और पर्यावरण सहयोग जैसे क्षेत्रों पर जोर देते हुए दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए ‘इंडो-फ्रेंच कैंपस' के मॉडल पर इन क्षेत्रों में संस्थागत संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया।'' भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का जिक्र करते हुए मैक्रों ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि यह रिश्ता द्विपक्षीय जुड़ाव से कहीं अधिक है और दोनों देशों को दुनिया के ‘‘बिखराव'' का विरोध करने की दिशा में काम करना होगा। भारत-फ्रांस संबंधों को ‘‘बहुत मजबूत'' करार देते हुए मैक्रों ने कहा कि आने वाले महीनों और वर्षों में अतिरिक्त अनुबंध और खरीद की जाएगी। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने विशेष विवरण नहीं दिया। भारत को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘फ्रांस के लोग बहुत गौरवान्वित हैं और वे आपके देश के प्रति मित्रता महसूस करते हैं।'' मैक्रों ने कहा कि जी20 अध्यक्ष के रूप में, भारत ने दुनिया को एकता और शांति का संदेश देने का भरसक प्रयास किया, जबकि रूस अब भी यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता जारी रखे हुए है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार शाम को जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम' में अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर का दौरा किया। शिखर सम्मेलन की समाप्ति के बाद विश्व नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें करने के बाद, मोदी मीडिया सेंटर आये और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने भारत और विदेश से आये पत्रकारों की ओर हाथ हिलाया, जबकि कैमरामैन के बीच उनकी तस्वीरें लेने की होड़ लगी थी। मोदी इंटरनेशनल मीडिया सेंटर (आईएमसी) के भूतल पर बने हॉल में गए, जिसे शानदार तरीके से सजाया गया था।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सहित विश्व के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। - ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे शहर के बालकुम इलाके में रविवार शाम एक 40 मंजिला इमारत की निर्माणाधीन लिफ्ट गिरने से कम से कम छह श्रमिकों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि यह लिफ्ट 40वीं मंजिल से दुर्घटनाग्रस्त होकर पी-तीन (पार्किंग क्षेत्र में तीन स्तरीय भूमिगत) में जा गिरी। उन्होंने बताया कि जिस इमारत में घटना हुई वह घोड़बंदर रोड पर स्थित है।उन्होंने बताया कि घटना शाम करीब पांच बजकर 30 मिनट की है। प्रथम दृष्टया लिफ्ट के गिरने की वजह इसकी सहायक केबल में से एक केबल का टूटना माना जा रहा है। सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और दमकलकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और भूमिगत पार्किंग से श्रमिकों को बाहर निकाला। तडवी ने कहा, ‘‘फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि लिफ्ट की केबल में खराबी कैसे आई।''मृतक मजदूरों की पहचान महेंद्र चौपाल (32), रूपेश कुमार दास (21), हारुन शेख (47), मिथलेश (35) और कारीदास (38) के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि मरने वाले एक अन्य व्यक्ति की शिनाख्त नहीं हो सकी है ।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के विस्तार और दुनिया की ‘‘नयी वास्तविकताओं'' को प्रतिबिंबित करने के लिए सभी वैश्विक संस्थाओं में सुधारों पर नए सिरे से जोर दिया। जी20 शिखर सम्मेलन के समापन के साथ अमेरिका, रूस और फ्रांस ने भारत की अध्यक्षता में हुई बैठक के नतीजों की सराहना की। समापन सत्र में मोदी ने जी20 की अध्यक्षता हस्तांतरित करते हुए ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा को पारंपरिक गेवल (एक प्रकार का हथौड़ा) सौंपा। ब्राजील आधिकारिक रूप से इस साल एक दिसंबर को जी20 समूह के अध्यक्ष का कार्यभार संभालेगा। लूला ने यह भी कहा कि यूएनएससी को राजनीतिक ताकत हासिल करने के लिये स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यों के रूप में नए विकासशील देशों की जरूरत है, जबकि विश्व बैंक और आईएमएफ में उभरते देशों को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिये।प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अध्यक्षता के दौरान जी20 में लिए गए फैसलों पर हुई प्रगति की समीक्षा के लिए नवंबर में एक डिजिटल सत्र के आयोजन का भी प्रस्ताव दिया। भारत की अध्यक्षता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि में शनिवार को 55 देशों वाले अफ्रीकी संघ को भी स्थायी सदस्यता प्रदान की गई। मोदी ने कहा, ‘‘भारत के पास नवंबर तक जी20 अध्यक्षता की जिम्मेदारी है। अभी ढाई महीने बाकी हैं। इन दो दिनों में, आप सभी ने अनेक बातें यहां रखी हैं, सुझाव दिए हैं, बहुत सारे प्रस्ताव रखे हैं। हमारी ये जिम्मेदारी है कि जो सुझाव आए हैं, उनको भी एक बार फिर देखा जाए कि उनकी प्रगति में गति कैसे लाई जा सकती है।'' मोदी ने कहा, ‘‘इसके साथ ही मैं जी20 शिखर सम्मेलन के समापन की घोषणा करता हूं।'' उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक का संदर्भ देते हुए पूरे विश्व में शांति एवं सौहार्द की प्रार्थना की। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष पर जी20 नेताओं के घोषणापत्र का पाठ ‘‘विभाजनकारी आम सहमति'' के बजाय ‘‘समान राय वाली आम सहमति'' है और यह संकट के समाधान का रास्ता दिखा सकता है। जी20 शिखर सम्मेलन में भारत को शनिवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई, जहां इस प्रभावशाली समूह ने 37 पन्ने के घोषणापत्र को सर्वसम्मति के साथ अपना लिया। भारत ने घोषणापत्र में विकासात्मक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर ‘शत प्रतिशत' आम सहमति हासिल की, जिसमें यूक्रेन पर रूसी आक्रमण का उल्लेख करने से परहेज किया गया और सभी देशों से एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करने के सिद्धांत का पालन करने का आह्वान किया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि इस साल के जी20 शिखर सम्मेलन ने साबित कर दिया है कि यह समूह अपने सबसे अहम मुद्दों का अब भी समाधान निकाल सकता है। शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए बाइडन, महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वियतनाम रवाना हो गए।बाइडन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जब वैश्विक अर्थव्यवस्था जलवायु संकट, नाजुक स्थिति और संघर्ष से जूझ रही है, ऐसे समय में इस साल के शिखर सम्मेलन ने साबित कर दिया कि जी20 अब भी हमारे सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान निकाल सकता है।'' रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में जी20 शिखर सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण सम्मेलन है,, क्योंकि इसके नतीजों ने दुनिया को कई चुनौतियों पर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया और ‘ग्लोबल साउथ' की ताकत और महत्व का प्रदर्शन किया। ‘ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल अक्सर विकासशील और अल्प विकसित देशों के लिए किया जाता है, जो मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोपहर के भोजन पर बैठक के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा विभाजित माहौल को देखते हुए, भारत ने जी20 अध्यक्ष के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया है। जी20 शिखर सम्मेलन के ‘एक भविष्य' सत्र में मोदी ने कहा, ‘‘यह जरूरी है कि दुनिया को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने के लिए वैश्विक निकायों को आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि जब संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 51 सदस्यों के साथ हुई थी, तो दुनिया अलग थी और अब सदस्य देशों की संख्या लगभग 200 हो गई है। मोदी ने कहा, ‘‘बावजूद इसके, यूएन एससी में स्थाई सदस्य आज भी उतने ही हैं। तब से आज तक दुनिया हर लिहाज से बहुत बदल चुकी है। परिवहन हो, संचार हो, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र का कायाकल्प हो चुका है। ये नयी वास्तविकताएं हमारी नयी वैश्विक संरचना में प्रतिबिंबित होनी चाहिए।'' यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्यों में अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमें खुले मन से विचार करना होगा कि आखिर क्या कारण है कि बीते वर्षों में अनेक क्षेत्रीय मंच अस्तित्व में आए हैं, और ये प्रभावी भी सिद्ध हो रहे हैं।'' सुधारों की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि इसीलिए शनिवार को अफ्रीकी संघ को जी20 का सदस्य बनाकर एक ऐतिहासिक पहल की गई।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इसी तरह, हमें बहुपक्षीय विकास बैंक के ‘मैंडेट' का विस्तार भी करना होगा। इस दिशा में हमारे फैसले तुरंत होने चाहिए और प्रभावी भी होने चाहिए।'' प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जी20 के नेताओं ने भारत मंडपम में प्रतीकात्मक पौधारोपण किया। दो दिवसीय जी20 शिखर सम्मेलन के उपलक्ष्य में यह पौधारोपण किया गया। यह समूह 1999 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद स्थापित किया गया था। मोदी ने अपने संबोधन में साइबर सुरक्षा और ‘क्रिप्टो करेंसी' को दुनिया के वर्तमान और भविष्य को प्रभावित करने वाले ज्वलंत मुद्दों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करेंसी सामाजिक व्यवस्था और मौद्रिक एवं वित्तीय स्थिरता के लिए एक नया विषय है। उन्होंने इसे विनियमित करने के लिए वैश्विक मानकों के विकास की मांग की। मोदी ने कहा कि साइबर जगत आतंकवाद के लिए वित्त पोषण का एक नया स्रोत बनकर उभरा है और इसे सुरक्षित करने के लिए वैश्विक सहयोग और ढांचा आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘‘यह हर देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब हम हर देश की सुरक्षा और संवेदनशीलता का ख्याल रखेंगे तो ‘एक भविष्य' की भावना मजबूत होगी।'' उन्होंने कहा कि दुनिया को ‘‘वैश्विक परिवार'' को वास्तविकता बनाने के लिए ‘‘वैश्विक गांव'' की अवधारणा से आगे जाने की जरूरत है। उन्होंने एक ऐसे भविष्य का आह्वान किया, जिसमें न केवल देशों के हित जुड़े हों, बल्कि उनके दिल भी जुड़े हों। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत ने यूक्रेन सहित कई मुद्दों पर पश्चिमी देशों को अपना दृष्टिकोण आगे बढ़ाने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘‘यह कई मायनों में महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन है। यह हमें कई मुद्दों पर आगे बढ़ने का रास्ता प्रदान करता है।'' लावरोव ने यह भी कहा कि नयी दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन ने वैश्विक प्रशासन और वैश्विक वित्त में निष्पक्षता की दिशा में भी एक दिशा प्रदान की है। रूस के विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘मैं जी20 के राजनीतिकरण के प्रयासों को रोकने के लिए भारत के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं। पश्चिमी देशों का आधिपत्य नहीं कायम हो पाएगा, क्योंकि हम दुनिया में सत्ता के नये केंद्र उभरते हुए देख रहे हैं।'' समापन समारोह को संबोधित करते हुए ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा ने कहा कि भू-राजनीतिक मुद्दों को जी20 में चर्चा पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समूह को “विभाजित जी20” में कोई दिलचस्पी नहीं है और आज की चुनौतियों का सामना संयुक्त कार्रवाई के जरिए ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “हमें संघर्ष के बजाय शांति और सहयोग की जरूरत है।” अगला जी20 शिखर सम्मेलन नवंबर 2024 में रियो डी जनेरियो में होगा। सिल्वा ने कहा, “जो रास्ता हमें नयी दिल्ली से रियो डी जनेरियो तक ले जाएगा, उसके लिए सभी से बहुत समर्पण और प्रतिबद्धता की आवश्यकता होगी।
- बेंगलुरु,। भारत के पहले सूर्य मिशन के तहत सूरज के बाहरी वातावरण के अध्ययन के लिए भेजे गए आदित्य-एल1 यान की पृथ्वी की कक्षा से संबंधित तीसरी प्रक्रिया रविवार तड़के सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यह जानकारी दी। इसरो ने बताया कि अंतरिक्ष एजेंसी के बेंगलुरु स्थित टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) ने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इसरो ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "पृथ्वी की कक्षा से संबंधित तीसरी प्रक्रिया (ईबीएन-3) आईएसटीआरएसी, बेंगलुरु से सफलतापूर्वक पूरी की गई। मॉरीशस, बेंगलुरु, एसडीएससी(सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र)-शार और पोर्ट ब्लेयर में आईएसटीआरएसी/इसरो के केंद्रों ने इस अभियान के दौरान उपग्रह की निगरानी की।" अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि प्राप्त की गई नयी कक्षा 296 किलोमीटर x 71,767 किलोमीटर है। उसने कहा कि ‘आदित्य एल1' की पृथ्वी की कक्षा से संबंधित चौथी प्रक्रिया 15 सितंबर 2023 को भारतीय समयानुसार देर रात लगभग दो बजे निर्धारित है। ‘आदित्य एल1' भारत की पहली अंतरिक्ष आधारित वेधशाला है, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित पहले सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु (एल-1) में रहकर सूरज के बाहरी वातावरण का अध्ययन करेगी। इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी57) ने दो सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के दूसरे लॉन्च पैड से ‘आदित्य एल1' का सफल प्रक्षेपण किया था। ‘आदित्य एल1' की कक्षा संबंधी पहली और दूसरी प्रक्रिया को क्रमशः तीन सितंबर और पांच सितंबर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया था। ‘आदित्य एल1' को लैग्रेंज बिंदु एल-1 की तरफ स्थानांतरण कक्षा में प्रवेश करने से पहले कक्षा संबंधी एक और प्रक्रिया से गुजरना होगा।
- नयी दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस सहित जी20 नेताओं ने रविवार सुबह यहां महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजघाट पर जी20 नेताओं की अगवानी की। उन्होंने जी20 नेताओं को 'अंगवस्त्रम' पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान, पृष्ठभूमि में 'साबरमती आश्रम' का चित्र दिखाई दिया, जो 1917 से 1930 तक महात्मा गांधी का निवास स्थान था और जिसने स्वतंत्रता संग्राम के मुख्य केंद्रों में से एक के रूप में काम किया। जी20 नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान, मोदी और सुनक सहित कुछ नेता नंगे पैर चलते नजर आए, जबकि अन्य को राजघाट पर आगंतुकों को प्रदान किए गए सफेद जूते पहने देखा गया। प्रधानमंत्री जी20 नेताओं को साबरमती आश्रम के महत्व के बारे में समझाते नजर आए।मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा कि प्रतिष्ठित राजघाट पर जी20 परिवार ने शांति, सेवा, करुणा और अहिंसा के प्रतीक महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा, "अलग-अलग राष्ट्र जैसे-जैसे एकजुट हो रहे हैं, गांधी जी के शाश्वत आदर्श एक सामंजस्यपूर्ण, समावेशी और समृद्ध वैश्विक भविष्य के लिए हमारी सामूहिक दृष्टि का मार्गदर्शन कर रहे हैं।"
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नयी दिल्ली/लंदन. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता वार्ता की प्रगति की शनिवार को समीक्षा की और उम्मीद जतायी कि बाकी मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा ताकि एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभप्रद और दूरदर्शी मुक्त व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सके। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि नयी दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के इतर सुनक के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, मोदी ने भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान ब्रिटेन की ओर से मिले समर्थन की सराहना की, जिस दौरान जी20 की विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में उच्च स्तरीय भागीदारी हुई। अक्टूबर 2022 में ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने के बाद 43 वर्षीय सुनक की यह पहली भारत यात्रा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ रोडमैप 2030 के अनुसार द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, विशेष रूप से अर्थव्यवस्था, रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, हरित प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और गतिशीलता क्षेत्रों में। दोनों नेताओं ने महत्व और आपसी हित के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, "मोदी और सुनक ने मुक्त व्यापार समझौते संबंधी वार्ता की प्रगति की समीक्षा भी की और उम्मीद जतायी कि बाकी मुद्दों को जल्द सुलझा लिया जाएगा ताकि एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभप्रद और दूरदर्शी मुक्त व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सका।" बैठक के बाद ‘एक्स' पर एक पोस्ट में, मोदी ने कहा, ‘‘दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हमने व्यापार संबंधों को गहरा करने और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।'' मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन एक समृद्ध और टिकाऊ ग्रह के लिए काम करते रहेंगे।
सुनक ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘दो राष्ट्र, एक महत्वाकांक्षा। हमारे साझा मूल्यों, हमारे देश के लोगों के बीच संबंध और निश्चित रूप से क्रिकेट के प्रति हमारे जुनून में निहित एक महत्वाकांक्षा।'' इससे पहले बैठक को लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट' की ओर जारी एक बयान में कहा गया कि रक्षा प्रौद्योगिकी, नवाचार के क्षेत्र और वाणिज्य दूतावास संबधी कुछ मुद्दों पर सहयोग बैठक के एजेंडे में शामिल था। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के तौर पर भारत की पहली यात्रा के दौरान सुनक को मिले "गर्मजोशीपूर्ण स्वागत" का भी उल्लेख किया। ‘डाउनिंग स्ट्रीट' के प्रवक्ता ने कहा, "नेताओं के बीच ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत के बारे में सार्थक बातचीत हुई।'' प्रवक्ता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (सुनक) ने एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता करने की ब्रिटेन की महत्वाकांक्षा दोहरायी, जिससे दोनों देशों में उद्योगों और कर्मियों को लाभ होगा और वस्तुओं और सेवाओं दोनों में हमारा व्यापार बढ़ेगा। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि मंत्री और वार्ता दल एक एफटीए की दिशा में तेजी से काम करना जारी रखेंगे।'' शुक्रवार को यहां पहुंचे सुनक ने जी20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र के बाद मोदी से बातचीत की। इससे पहले, जब कार्यक्रम स्थल पर मोदी ने उनका स्वागत किया तो इसके जवाब में सुनक ने उन्हें नमस्ते किया। मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हमने व्यापार संबंधों को गहरा करने और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।'' बताया जाता है कि सुनक ने इस वर्ष जी20 में भारत की "उत्कृष्ट अध्यक्षता" के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसने देश के ‘‘महत्वपूर्ण वैश्विक नेतृत्व और प्रभाव'' को प्रदर्शित किया है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने ब्रिटेन और भारत के बीच घनिष्ठ और बढ़ते संबंधों को उल्लेखित किया। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि अतीत की प्रगति को आधार बनाते हुए भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना, अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी, व्यापार और नवाचार में आधुनिक साझेदारी को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। दोनों नेताओं ने वाणिज्यि दूतावास संबधी कई मुद्दों पर भी चर्चा की।'' डाउनिंग स्ट्रीट ने यह संकेत दिया कि ब्रिटेन के भारतीय मूल के नेता सुनक की निकट भविष्य में भारत की एक और यात्रा हो सकती है । इसने कहा कि दोनों नेताओं ने ‘‘फिर से मिलने के अवसर को लेकर उत्सुकता जतायी।'' प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री ने सफल जी20 शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को एक बार फिर बधाई दी। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को शिखर सम्मेलन स्थल ‘भारत मंडपम' में जी20 मेहमानों के लिए एक भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया, जिसमें मोटे अनाज से बने व्यंजन और कश्मीरी कहवा परोसे गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रात्रिभोज शुरू होने से पहले एक मंच पर अतिथियों का स्वागत किया, जिसकी पृष्ठभूमि में बिहार के नालंदा महाविहार (नालंदा विश्वविद्यालय) की तस्वीर लगी हुई थी, साथ ही भारत की अध्यक्षता में जी20 का विषय- 'वसुधैव कुटुम्बकम्- एक पृथ्वी, एक कुटुम्ब, एक भविष्य' को दर्शाया गया था। नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यह विश्वविद्यालय दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक था। राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन का स्वागत किया और मंच पर उनका अभिवादन किया और उनसे संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से भी संक्षिप्त बातचीत की जो अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ रात्रि भोज में शामिल होने आए थे। रात्रिभोज के मेनू (व्यंजन सूची) के अनुसार, गणमान्य व्यक्तियों को परोसे गए व्यंजनों में ‘श्री अन्ना' (मोटे अनाज से बने व्यंजन और कश्मीरी कहवा शामिल था। ये व्यंजन भारत की विविध पाक परंपरा को दर्शाते हैं। रात्रिभोज के लिए विशेष तौर पर तैयार व्यंजन सूची पर लिखा था, ‘‘परंपराओं, रीति-रिवाजों और ऋतुओं का संगम, भारत कई मायनों में विविधतापूर्ण है। स्वाद हमें जोड़ता है। हम शरद ऋतु का उत्सव मना रहे हैं, इस मेनू (व्यंजन सूची) में इस ऋतु की प्रचुरता है। यह भारत भर में पायी जाने वाली खाद्य सामग्री की समृद्धता को दर्शाता है एवं आधुनिक वैश्चिक विविधता में हमारी समृद्ध पाक- कला को व्यक्त करता है और यह ‘‘वसुधैव कुटुंबकम - ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' की भावना को समर्पित है।'' मेनू के एक अन्य पृष्ठ पर जी20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर ‘भारत के राष्ट्रपति' द्वारा आयोजित रात्रिभोज का उल्लेख किया गया था। इसमें कहा गया था कि पूरे भारत में उगाए जाने वाले मोटे अनाज का स्वाद ‘अपने सम्मानित मेहमानों तक पहुंचाने के लिए हमने आज मेनू में कुछ व्यंजन शामिल किए हैं', जिसमें विभिन्न प्रकार के मोटे अनाज का उपयोग किया गया है...। विशिष्ट मेहमानों को परोसे गए शुरुआती भोजन (स्टार्टर)- में ‘पात्रम' - ‘ताजी हवा का झोंका' दही के गोले और भारतीय मसालेदार चटनी से सजे कंगनी श्रीअन्न लीफ क्रीस्प्स (दूध, गेहूं और मेवा युक्त) था। मुख्य भोजन- वनवर्णम ‘मिट्टी के गुण' ग्लेज्ड फॉरेस्ट मशरूम, कुटकी श्रीअन्न क्रिस्प्स और करी पत्ते के साथ तैयार केरल लाल चावल के साथ परोसे गए कटहल गैलेट (दूध और गेंहू युक्त) था। रात्रिभोज में परोसी गई भारतीय रोटियों में कलौंजी के स्वाद वाले मुलायम बन (दूध और गेंहू युक्त) और बाकरखानी- इलायची के स्वाद वाली मीठी रोटी (दूध, चीनी और गेंहू युक्त) शामिल थी। खाने के बाद परोसे गए मिष्ठान में ‘मधुरिमा' - जो इलायची की खुशबू वाला सांवा का हलवा, अंजीर-आड़ू मुरब्बा और अंबेमोहर राइस क्रिस्प्स (दूध, श्रीअन्न, गेंहू और मेवा युक्त) शामिल था। रात्रिभोज में राष्ट्राध्यक्षों और भारत सरकार द्वारा आमंत्रित लोगों सहित लगभग 300 अतिथि शामिल हुए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा अपनी पत्नी रितु बंगा के साथ और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सबसे पहले प्रगति मैदान में नवनिर्मित कन्वेंशन सेंटर पहुंचने वालों में शामिल थीं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और साड़ी पहने हुए उनकी पत्नी योको किशिदा, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी रात्रि भोज में शामिल हुए। इन सभी के साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू और मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और उनकी पत्नी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो और उनकी पत्नी, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का भी रात्रि भोज स्थल पर स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज सहित जी20 के कुछ नेताओं को नालंदा विश्वविद्यालय के महत्व के बारे में बताते देखा गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत मंडपम में जी20 नेताओं, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के लिए औपचारिक रात्रिभोज की मेजबानी की। नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र तथा इसके हरे-भरे 'लॉन' रात में रंगीन रोशनी से जगमगाते नजर आए तथा इसके फव्वारों और अत्याधुनिक इमारत के सामने रखी 'नटराज' की मूर्ति ने आयोजन स्थल पर भव्यता में चार चांद लगा दिए। भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत एक महत्वपूर्ण फैसला किया गया जिसके तहत 55 सदस्यीय अफ्रीकी संघ को शनिवार को जी20 समूह का एक नया स्थायी सदस्य बनाया गया। 1999 में स्थापना के बाद से यह इस प्रभावशाली गुट का पहला विस्तार है। जी20 के सभी सदस्य देशों ने ‘ग्लोबल साउथ' के प्रमुख संगठन को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के संगठन में शामिल करने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। ‘ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों के लिए किया जाता है। जी20 शिखर सम्मेलन शनिवार को भारत मंडपम में शुरू हुआ और यह रविवार को संपन्न होगा। -
नयी दिल्ली. महत्वाकांक्षी भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे की योजना की शनिवार को घोषणा की गई और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत 'कनेक्टिविटी' को क्षेत्रीय सीमाओं तक नहीं बांधता और उसका मानना है कि यह आपसी विश्वास को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान 'वैश्विक बुनियादी ढांचे और निवेश के लिए साझेदारी' तथा 'भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे' की घोषणा से संबंधित कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि आज "हम सभी एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक साझेदारी पर पहुंच गए हैं"। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप के आर्थिक एकीकरण का प्रभावी माध्यम बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह पूरी दुनिया की कनेक्टिविटी और सतत विकास को एक नयी दिशा देगा।" मोदी ने कहा, "यह पूरी दुनिया के लिए सतत विकास को बढ़ावा देगा।
उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि मजबूत कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा मानवता के लिए बुनियादी आधार है तथा भारत ने हमेशा इस पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हम एक विकसित भारत के लिए एक मजबूत नींव रख रहे हैं। पीजीआईआई (वैश्विक बुनियादी ढांचे और निवेश के लिए साझेदारी) के माध्यम से, हम ‘ग्लोबल साउथ' देशों में बुनियादी ढांचे के अंतर को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत कनेक्टिविटी को क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं करता है। हमारा विश्वास है कि कनेक्टिविटी आपसी विश्वास को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।" ‘ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों के लिए किया जाता है। मोदी ने सभी देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया। उन्होंने कर्ज के बोझ के बजाय वित्तीय व्यवहार्यता को बढ़ावा देने के साथ-साथ सभी पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "कनेक्टिविटी पर इतने बड़े कदम के साथ, हम भविष्य के विकास के लिए बीज बो रहे हैं।"
अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन ने कहा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि वे नए भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे के लिए एक "ऐतिहासिक समझौते" को अंतिम रूप देने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा, "इस गलियारे के प्रमुख हिस्से के रूप में, हम जहाजों और रेलगाड़ियों में निवेश कर रहे हैं, जो भारत से संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन और इज़राइल के माध्यम से यूरोप तक विस्तारित है। इससे व्यापार करना बहुत आसान हो जाएगा। मैं प्रायोजकों और विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी और (सऊदी युवराज) मोहम्मद बिन सलमान को धन्यवाद देना चाहता हूं।” यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने गलियारे पर समझौते की सराहना करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, "रेल लिंक के साथ यह भारत, अरब की खाड़ी और यूरोप के बीच अब तक का सबसे सीधा कनेक्शन होगा, जिससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार की गति में 40 प्रतिशत का इजाफा होगा।" फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह पहले वैश्विक हरित व्यापार मार्ग से संबंधित है क्योंकि हाइड्रोजन भी इस परियोजना का हिस्सा है। जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम इसे सफलतापूर्वक लागू करें और जर्मनी इस संबंध में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।" इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि नया गलियारा वैश्विक एकीकरण को मजबूत करने में एक मील का पत्थर है। उन्होंने मोदी, बाइडन और अन्य सभी को धन्यवाद दिया जिन्होंने इसे संभव बनाया। मेलोनी ने कहा, "इससे हमारी आर्थिक प्रगति बढ़ेगी। इटली इस पहल में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है और हम भूमध्यसागरीय एवं हिंद प्रशांत के बीच सेतु निर्माण में योगदान देना चाहते हैं।




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