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मिर्जापुर (उप्र). मिर्जापुर जिले के संत नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक महिला ने पति से विवाद के चलते कथित तौर पर अपने तीन बच्चों को कुएं में फेंक दिया, जिससे तीनों की मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गयी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि महिला ने खुद को भी आग लगा ली थी। हालांकि, वह बच गयी है। अपर पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने बताया कि अपने तीन बच्चों को कुएं में फेंकने की आरोपी चंदा के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, ग्राम पजरा निवासी अमरजीत कोल के बच्चे आकाश (8), कृति (2) और अनु (1) की कुएं में गिरने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद पुलिस के उच्च अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बचाव अभियान शुरू करते हुए कृति व अनु के शव को कुएं से बाहर निकलवाया, जबकि आकाश का शव काफी तलाश के बाद निकाला जा सका। पुलिस ने छानबीन में मिली जानकारी के हवाले से बताया कि घर पर अमरजीत की पत्नी आरोपी चंदा अपने तीनों बच्चों के साथ रहती थी। पति-पत्नी के संबंध आपस में अच्छे नहीं हैं। अमरजीत पेशे से मजदूर है जबकि आरोपी चंदा घर पर रहती है। पुलिस ने दावा किया कि दोनों में हमेशा विवाद होता रहता था, इससे ऊब कर आरोपी महिला ने अपने तीनों बच्चों को कुएं में फेंक दिया।
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नयी दिल्ली. ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे में घायल लोगों के इलाज में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए भारतीय नौसेना ने मेडिकल दलों की तैनाती की है। नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना घायलों को मेडिकल राहत और सहायता मुहैया कराने के लिए ओडिशा राज्य प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। हादसे में अभी तक कम से कम 288 लोगों की मौत हुई है जबकि 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
नौसेना के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘आईएनएस चिल्का से सर्जन, मेडिकल सहायकों, एम्बुलेंस और सहायता सेवा सहित 43 कर्मियों की मेडिकल और सहायता टीम को कल रात रवाना किया गया और फिलहाल वे लोग घायलों की देखभाल कर रहे हैं, तत्काल मेडिकल सहायता दे रहे हैं और बालासोर के जिला अस्पताल में सर्जरी भी कर रहे हैं।'' आईएनएस चिल्का ओडिशा में स्थित भारतीय नौसेना का आधुनिक प्रशिक्षण संस्थान है।
अधिकारी ने बताया, ‘‘कम घायल यात्रियों का इलाज करने के लिए बालासोर के गंगाधर कल्याण मंडप में नौसेना के मेडिकल राहत टीम द्वारा मेडिकल शिविर भी लगाया जा रहा है। नौसेना की टीम घायल लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य में ओडिशा प्रशासन की मदद भी कर रही है।
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अमरावती. आंध्र प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री विदादला रजनी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने ओडिशा में रेल दुर्घटना स्थल के लिए 20 एंबुलेंस और 21 शव वाहन भेजे हैं। उन्होंने ओडिशा में बालासोर जिले में हुए रेल हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर भेजने के लिए और वाहन को तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘इन वाहनों के बेहतर समन्वय के लिए स्वास्थ्य, परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है।'' उन्होंने कहा कि घायलों का इलाज करने के लिए इंतजाम किये गये हैं और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता मुहैया करने के लिए चिकित्साकर्मियों को ओडिशा जाने के वास्ते तैयार रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा से लगी राज्य की उत्तरी सीमा पर स्थित सभी अस्पतालों और चिकित्साकर्मियों को घायलों का इलाज करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई है और 1,000 से अधिक लोग घायल हैं।
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ऋषिकेश. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि संतों को ‘राष्ट्र धर्म' के मूल्य की दृढता से व्याख्या करनी चाहिए। वह स्वामी चिदानंद सरस्वती की जयंती के मौके पर परमार्थ निकेतन में एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उत्तराखंड के ऋषिकेश आये थे। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारी संस्कृति महान है। लेकिन, हमें सभी को इस बात का अहसास कराना होगा। भागवत ने मराठी संत तुकाराम की भक्तिमय कविता का पाठन भी किया। उन्होंने हरिद्वार के प्रमुख संतों से भी भेंट की।
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जयपुर. राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक व्यक्ति ने अपने युवा बेटे की कथित रूप से तलवार से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना अरथुना थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के हुई। आरोपी भंवर सिंह की अपने बेटे नरेंद्र सिंह (30) से किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, रात में नरेंद्र ने नशे की हालत में अपनी मां के साथ मारपीट की थी और शनिवार सुबह आरोपी भंवर सिंह ने सो रहे बेटे पर तलवार से कथित रूप से हमला कर दिया। अरथुना थाना प्रभारी रमेश मीणा ने बताया कि आरोपी भंवर सिंह एक निजी स्कूल में बस चालक है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है।
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रेल दुर्घटना में जीवित बचे 250 यात्री विशेष ट्रेन में चेन्नई के लिए रवाना
विजयवाड़ा. ओडिशा में हुई रेल दुर्घटना में जीवित बचे 250 यात्री चेन्नई जाने वाली विशेष ट्रेन में रवाना हो गए हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। बाहानगा बाजार में दुर्घटना स्थल पर फंसे हुए यात्रियों को लाने के लिए भद्रक से चेन्नई तक के लिए ट्रेन संख्या पी/13671 शुरू की गई है और यह रात साढ़े नौ बजे विजयवाड़ा पहुंचेगी, जहां नौ यात्री उतरेंगे। दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) जोन के विजयवाड़ा रेलवे डिवीजन के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार, भेरमपुर में चार, विशाखापत्तनम में 41, राजामहेंद्रवरम में एक, ताडेपेल्लिगुडेम में दो और चेन्नई में 133 यात्री उतरेंगे। अधिकारी ने कहा कि ट्रेन के रविवार को चेन्नई मध्य रेलवे स्टेशन पहुंचने की उम्मीद है।इस बीच, रेलवे ने कहा कि कोरोमंडल एक्सप्रेस में आंध्र प्रदेश जाने वाले 178 यात्री सवार थे। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के शालीमार से चली थी और इसे तमिलनाडु के चेन्नई जाना था, लेकिन शुक्रवार रात यह ओडिशा के बहानागा बाजार में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रेलवे ने बताया कि इन 178 यात्रियों में से 110 को विशाखापत्तनम, 26 को राजामहेंद्रवरम, एक को ताडेपल्लीगुडेम, दो को इलुरू, जबकि 39 को विजयवाड़ा में उतरना था। -
बालासोर/नयी दिल्ली. ओडिशा के बालेश्वर में शुक्रवार को हुए भीषण रेल हादसे के बाद करीब 48 ट्रेनों को रद्द किया गया है, 39 ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है जबकि 10 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले रोक दिया गया है। हादसे के कारण प्रभावित ट्रेनों में ज्यादातर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व रेलवे परिक्षेत्र की हैं। शुक्रवार को हुए भीषण रेल हादसे में अभी तक 288 लोगों के मरने की सूचना है।
भारतीय रेल के दो परिक्षेत्र द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण पूर्व रेलवे ने चेन्नई-हावड़ा मेल, दरभंगा-कन्याकुमारी एक्सप्रेस और तीन जून को अपनी यात्रा शुरु करने वाली कामख्या-एलटीटी एक्सप्रेस को रद्द कर दिया है। रेलवे ने चार जून को अपनी यात्रा शुरू करने वाली पटना-पुरी विशेष ट्रेन भी रद्द कर दी है।
दक्षिण रेलवे ने तीन जून की रात 11 बजे मंगलोर से रवाना होने वाली मंगलोर-संतरागाछी विवेक सुपरफास्ट एक्सप्रेस, चार जून को चेन्नई से सुबह सात बजे रवाना होने वाले डॉक्टर एमजीआर चेन्नई सेंट्रल - शालीमार कोरोमंडल एक्सप्रेस, चार जून को चेन्नई से सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर रवाना होने वाली डॉक्टर एमजीआर चेन्नई सेंट्रल - संतरागाछी एसी सुपरफास्ट ट्रेन को रद्द कर दिया है। दक्षिण रेलवे ने तीन जून को रंगपाड़ा उत्तर से सुबह सवा पांच बजे रवाना होने वाली रंगपाड़ा उत्तर - इरोड सुपरफास्ट विशेष ट्रेन, छह जून को गुवाहाटी से सुबह छह बजकर 20 मिनट पर रवाना होने वाली गुवाहाटी - श्री एम. विश्वेश्वरैय्या बेंगलुरु त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सात जून को कामख्या से दोपहर दो बजे रवाना होने वाली कामख्या - श्री एम. विश्वेश्वरैय्या बेंगलुरु एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को रद्द कर दिया है। रेलवे ने 10 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले रोकने का निर्णय लिया है...
दक्षिण पूर्व रेलवे ने बाहनगर बाजार स्टेशन के पास हुए इस हादसे से प्रभावित यात्रियों के रिश्तेदारों को मौके तक ले जाने के लिए तीन जून को अपराह्न चार बजे हावड़ा से बालासोर तक एक विशेष मेमू (एमईएमयू) ट्रेन भी चलायी है। यह ट्रेन संतरागाछी, उलूबेरिया, बागनान, मछेड़ा, पानस्कुरा, बालिचाक, खड़गपुर, हिजली, बेल्दा और जलेश्वर में रूकेगी। दक्षिण रेलवे से भी हादसे से प्रभावित लोगों के परिजनों/रिश्तेदारों के लिए चेन्नई से भद्रक तक विशेष ट्रेन चला रहा है। ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम शालीमार - चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से भारतीय रेल के इतिहास के सबसे भीषण हादसों में से एक दुर्घटना हुई। शनिवार दोपहर दो बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में अभी तक 288 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में 803 लोग घायल हुए हैं जिनमें से 56 गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्घटना की शिकार हुई दो एक्सप्रेस ट्रेनों में करीब 2,000 लोग यात्रा कर रहे थे। -
बालासोर (ओडिशा) .प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि ओडिशा रेल दुर्घटना के लिए दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटनास्थल का दौरा करने और बालासोर जिले के एक अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद पत्रकारों से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें अपना दर्द बयां करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और इस हादसे में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हादसे की उचित और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटना में मारे गए लोगों को वापस लाना संभव नहीं है, लेकिन सरकार उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।'' इस रेल हादसे को देश के लिए सबक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रियों की सुरक्षा पर और जोर देगी। उन्होंने बचाव और राहत कार्यों में ओडिशा सरकार के प्रयासों की सराहना की और बड़ी संख्या में रक्तदान करने और घायलों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों की सराहना की। वायुसेना के हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचने के बाद मोदी ने बाहानगा में घटनास्थल पर राहत कार्यों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी थे। आपदा प्रबंधन टीम के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के साथ ही दोनों केंद्रीय मंत्रियों को स्थिति के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने ओडिशा की राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री प्रमिला मलिक के साथ-साथ स्थानीय पुलिस प्रमुख से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने घटनास्थल से कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से बात कर घायलों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मोदी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि शोक संतप्त परिवारों को किसी तरह की असुविधा ना हो और प्रभावितों को आवश्यक सहायता मिलती रहे। मोदी ने दुर्घटना के बाद इस मार्ग पर ट्रेन सेवाओं को बहाल करने के लिये किये जा रहे कार्यों की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली, जो हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन का एक हिस्सा है। यह मार्ग पूर्वी भारत को दक्षिण से जोड़ता है। बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘ओडिशा में दुर्घटना स्थल पर स्थिति का जायजा लिया। शब्द मेरी गहरी पीड़ा को बयां नहीं कर सकते। हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं उन सभी की सराहना करता हूं जो लगातार काम कर रहे हैं, और राहत कार्य में मदद कर रहे हैं।'' प्रधानमंत्री बालासोर जिला अस्पताल भी गए, जहां उन्होंने घायल लोगों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने जिन लोगों से बात की, उनमें एक झारखंड का, एक पश्चिम बंगाल का और तीन ओडिशा के थे। मोदी ने उनकी स्थिति के बारे में पूछताछ की और पूछा कि क्या उन्हें इलाज में कोई परेशानी हो रही है। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी परेशानी को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने वहां डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से भी बातचीत की। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने ट्रेन हादसे पर नयी दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना के मद्देनजर स्थिति का जायजा लेने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। समीक्षा बैठक में प्रभावित लोगों के बचाव, राहत और चिकित्सा से संबंधित पहलुओं पर चर्चा की गई।'' ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार रात कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से जुड़े रेल हादसे में मृतक संख्या शनिवार को बढ़कर 288 हो गई। देश के सबसे भीषण रेल हादसों में से एक इस दुर्घटना में 800 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि राहत अभियान में मदद के लिए एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों को ओडिशा के बालासोर में ट्रेन दुर्घटनास्थल के साथ-साथ कटक के उस अस्पताल के लिए रवाना किया गया है, जहां घायलों का इलाज किया जा रहा है। मांडविया ने ट्वीट किया, “अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुवनेश्वर के डॉक्टरों की दो टीम राहत अभियान में मदद के लिए बालासोर में ट्रेन दुर्घटनास्थल और कटक के उस अस्पताल के लिए रवाना की गई हैं, जहां घायलों का इलाज किया जा रहा है।” उन्होंने कहा, “हम कीमती जिंदगियों को बचाने के लिए इस भीषण रेल दुर्घटना के पीड़ितों को सभी आवश्यक सहायता और चिकित्सकीय मदद मुहैया करा रहे हैं।” ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से जुड़े रेल हादसे में कम से कम 261 लोगों की मौत हो गई और 900 से अधिक यात्री घायल हो गए।
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नई दिल्ली। ओडिशा के बालासोर जिले के बहानागा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस और मालगाड़ी आपस में भिड़ गई। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में कम से कम पचास लोगों के मरने की आशंका हैं वहीं साढ़े तीन सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। तलाशी व बचाव अभियान की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।
मृतकों के परिजनों के लिए रेल मंत्रालय ने मुआवजे का एलान किया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 2 लाख रुपए और मामूली चोटों वाले लोगों के लिए 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के बालासोर जिले में हुई ट्रेन दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की और स्थिति का जायजा लिया।विशेष राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि बालासोर कलेक्टर को भी सभी जरूरी व्यवस्था करने के लिए मौके पर पहुंचने और राज्य स्तर से किसी भी अतिरिक्त मदद की आवश्यकता होने पर एसआरसी को भी सूचना दे दी गई है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, "ओडिशा के बालासोर मे हुई रेल दुर्घटना का समाचार सुनकर स्तब्ध हूँ। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी गहन संवेदना प्रकट करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है की सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे।"केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एम्स भुवनेश्वर में घायलों के लिए बिस्तर आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा में रेल दुर्घटना के कारण हुई लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है।एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा-"ओडिशा में हुई रेल दुर्घटना से व्यथित हूँ। दुख की इस घड़ी में, मेरे विचार शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। रेल मंत्री @अश्विनी वैष्णव से बात की और स्थिति का जायजा लिया। दुर्घटना-स्थल पर बचाव कार्य जारी है। दुर्घटना से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा रही है।"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा ट्रेन हादसे में मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना बेहद पीड़ादायक है। एनडीआरएफ की टीम पहले ही दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विशेष राहत आयुक्त नियंत्रण कक्ष में दुर्घटना की स्थिति और बचाव कार्यों की समीक्षा की।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, चेन्नई, तमिलनाडु संदीप मित्तल ने बताया कि ओडिशा में हुए रेल हादसे की घटना के संबंध में उस रेल में सफर कर रहे लोगों को सभी प्रकार की सहायता देने के लिए तमिलनाडु सरकार ने इंतजाम किए हैं।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।ओडिशा ट्रेन दुर्घटना पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों की मदद के लिए ओडिशा सरकार, दक्षिण पूर्व रेलवे के साथ समन्वय कर रही है। आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को तुरंत 033- 22143526/22535185 नंबर के साथ सक्रिय कर दिया गया है। - गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम से गैंगस्टर लॉरेंस बिस्नोई और गोल्डी बराड़ से कथित तौर पर जुड़े 10 शूटर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार पिस्तौल, 28 गोली, दो वाहन और पुलिस की सात वर्दी बरामद की गई है। उसने बताया कि जब्त वाहनों में से एक वाहन चोरी का है जिसे दिल्ली से चुराया गया था।पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों राकेश कुमार उर्फ अनिल, हरजोत सिंह उर्फ लीला, अजय इशरवालिया उर्फ पंजाबी, प्रिंस उर्फ गोलू, जोगिंदर उर्फ जोगा, संदीप उर्फ दीप और सिंदरपाल उर्फ बिट्टू को बुधवार को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। उसने बताया कि पूछताछ के दौरान उपरोक्त आरोपियों ने अपने तीन और साथियों धर्मेंद्र उर्फ धर्मा, दीपक उर्फ दिलावर और भरत के बारे में जानकारी दी जिन्हें राजीव चौक देवी लाल स्टेडियम के नजदीक से पकड़ा गया। गौरतलब है कि आरोपी लॉरेंस बिस्नोई और आरोपी गोल्डी बराड़ पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में कथित तौर पर शामिल हैं। मूसेवाला की पिछले साल 29 मई को पंजाब के मनसा जिले में हत्या कर दी गई थी। डीसीपी (अपराध) विजय प्रताप सिंह ने कहा, ‘‘वे गुरुग्राम किसी बड़ी डकैती और अपहरण की योजना को अंजाम देने आए थे। उनकी योजना पुलिसकर्मी बनकर अपराध करने की थी और जोगिंदर पुलिस निरीक्षक का वेश धारण करने वाला था। उनकी मंशा किसी का अपहरण कर करोड़ों रुपये की फिरौती वसूलने की थी।'' हालांकि, पुलिस ने उनके मंसूबे कामयाब होने से पहले ही उन्हें पकड़ लिया। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने आरोपी गोल्डी बराड़, आरोपी रोहित गोदारा और आरोपी वीरू (माना जाता है कि ये तीनों विदेश में रह रहे हैं) के निर्देश पर अपराधों को अंजाम दिया है।----
- मुंबई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को ‘‘शासन में स्थिरता और निरंतरता के साथ-साथ निर्णायक नेतृत्व'' दिया है। केंद्र में मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शासन में स्थिरता और निरंतरता देने के साथ-साथ निर्णायक नेतृत्व दिया है... मोदी सरकार के नौ साल के कार्यकाल में पारदर्शिता रही।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनधन खातों में दो लाख करोड़ रुपये की राशि जमा हुई है और इस अवधि में डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार तेजी से हुआ है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के नेताओं ने मोदी को असली देशभक्त और दुनिया के सबसे प्रिय नेताओं में एक करार दिया है एवं यहां तक कहा है कि ‘मोदी बॉस हैं।' उल्लेखनीय है कि पिछले महीने इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की थी और उन्हें ‘दुनिया का सबसे प्रिय नेता' करार दिया था। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने हाल में नरेंद्र मोदी का उल्लेख ‘द बॉस' के तौर पर किया था। ठाकुर ने कहा, ‘‘यह केवल मोदी की प्रशंसा नहीं है बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए सम्मान की बात है।'' उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सफलता और गत नौ साल में भारत में हुए विकास को हजम नहीं कर पा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में कहा कि उनके लिए, ‘‘परिवार पहले आता है, पार्टी बाद में और देश आखिर में।'' उन्होंने कहा कि 26/11 आतंकवादी हमले (मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को हुआ आतंकी हमला) के दौरान तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ‘साइलेंट मोड' (चुप्पी साधने की मुद्रा) में चली गई थी जबकि मोदी सरकार (अपने कार्यकाल में हमले होने पर) सर्जिकल या एयर स्ट्राइक कर ‘स्ट्राइकिंग मोड' (हमलवार मुद्रा) में रही। मंत्री ने कहा कि देश में रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ा है।उन्होंने कहा कि गत नौ साल में संविधान के अनुच्छेद-370 को समाप्त किया गया और राम मंदिर का निर्माण हो रहा है जबकि ‘नए भारत'की जरूरत के अनुसार संसद की नयी इमारत का निर्माण किया गया। ठाकुर ने कहा, ‘‘लेकिन राहुल गांधी आपत्ति जता रहे हैं जबकि वह अब सांसद भी नहीं हैं।''अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की ‘द केरला स्टोरी' और ‘द कश्मीर फाइल्स' फिल्मों को लेकर की गई आलोचनात्मक टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार में अभिव्यक्ति की आजादी है इसलिए लोग अपने विचार रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग इच्छा होने पर ही फिल्म देखने जाते हैं क्योंकि कोई जबरदस्ती उन्हें सिनेमाघरों में नहीं ले जा सकता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बारे में ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी। खेल मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे ठाकुर ने कहा, ‘‘हम खिलाड़ियों के साथ हैं और सभी को न्याय पाने का अधिकार है।''
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को दावा किया कि रेहड़ी-पटरी वालों को आसान कर्ज दिलाने के लिए शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि' योजना सभी सरकारी योजनाओं में सबसे अधिक कारगर साबित हो रही है। पुरी इस योजना के तीन वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।एक बयान के अनुसार, कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना देश के शहरों और छोटे कस्बों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल साक्षरता की दिशा में अहम कदम साबित हुई है। बयान में कहा गया कि रेहड़ी-पटरी वालों में ‘स्वरोजगार, स्वावलम्बन, स्वाभिमान' पैदा करने के उद्देश्य से एक जून, 2020 को शुरू की गई यह योजना केंद्र सरकार की छोटे कर्ज संबंधी योजनाओं में सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। पुरी ने रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ऋण आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के वास्ते बृहस्पतिवार को ‘पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप' की भी शुरुआत की। उन्होंने योजना के लाभार्थियों से संवाद भी किया।
- नयी दिल्ली। जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने गुरुवार को कहा कि जी-20 अध्यक्ष के रूप में भारत आर्थिक विकास के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा और वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच रूस तथा चीन सहित सभी सदस्य देशों को साथ लाने का प्रयास करेगा। कांत ने ‘टाइम्स नेटवर्क इंडिया आर्थिक सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि सितंबर में यहां जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान आर्थिक विकास के उद्देश्यों पर ध्यान देने और राजनीति को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) पर छोड़ने की जरूरत है। जी-20 शिखर सम्मेलन में सहमति बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हम राजनीति की दुनिया में रह रहे हैं, लेकिन हमें अपने उद्देश्यों के बारे में स्पष्ट होना चाहिए... हम आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित हैं और यह भारत की प्राथमिकता है।'' भारत ने जी-20 की अध्यक्षता एक दिसंबर, 2022 को एक साल के लिये संभाली। जी-20 शिखर सम्मेलन नयी दिल्ली में 9-10 सितंबर को होगा। कांत ने कहा, ‘‘इसीलिए, हम सभी को साथ लाएंगे... हम बहुत आशान्वित हैं। हमारा उद्देश्य वास्तव में रूस और चीन सहित सभी 20 देशों को एक साथ लाना और कोई रास्ता निकालना है।'' उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 के लिये पहली बार भारत एजेंडा तय कर रहा है और पूरी दुनिया उसकी सकारात्मक तथा रचनात्मक पहल का जवाब दे रही है। कांत ने आगे कहा कि जी-20 अध्यक्ष के रूप में भारत का काम आर्थिक और विकासात्मक सहित कई मुद्दों पर आम सहमति बनाना है, जो दुनिया के उभरते बाजारों को प्रभावित कर रहे हैं।
- देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो की गुरुवार को कथित तौर पर अपनी ही सर्विस राइफल की गोली लगने से मौत हो गयी। हालांकि, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि कमांडो प्रमोद रावत ने आत्महत्या की है या उनकी मौत गलती से गोली चलने से हुई। कमांडो बैरक में हुई घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम ने अपनी जांच शुरू कर दी है। कुमार ने बताया कि कमांडो की गर्दन पर गोली लगने का निशान है, लेकिन उसके निकलने का कोई निशान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही घटना के कारण का पता लगाया जा सकेगा।''
- पुणे। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मकरंद जी. जोशी ने गुरुवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की पुणे स्थित इकाई अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर) के निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने जिस पद का प्रभार संभाला वह पहले डॉ. प्रदीप कुरुलकर के पास था। कुरुलकर को पिछले महीने की शुरुआत में एक पाकिस्तानी एजेंट को गोपनीय जानकारी प्रदान करने के आरोप में महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तार किया था। एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उत्कृष्ट वैज्ञानिक डॉ. जोशी ने अमेरिका के क्लेमसन विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है। वह अगस्त 2000 में आर एंड डीई (इंजीनियर), पुणे में शामिल हुए। इसमें कहा गया कि अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर) की स्थापना छह दशक पहले हुई थी और यह भारतीय रक्षा बलों के तीनों अंगों के लिए विभिन्न इंजीनियरिंग प्रणालियों के स्वदेशी विकास के लिए जिम्मेदार एक प्रमुख प्रणाली इंजीनियरिंग प्रयोगशाला है।
- रांची। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर में पांच पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की है। नये निर्णय के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं को अब 5.75 रुपये प्रति यूनिट के स्थान पर 5.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। इसी तरह शहरी उपभोक्ताओं को अब 6.25 रुपये प्रति यूनिट के स्थान पर 6.30 रुपये प्रति यूनिट कीदर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अमिताव कुमार गुप्ता ने कहा कि नयी दरें गुरुवार से प्रभाव में आ गयीं।
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) श्रेणी दो और तीन के अंतर्गत 5,159 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करेगा। इन पदों के लिये विज्ञापन पिछले साल आये थे। खाद्य मंत्रालय ने एक सरकारी बयान में कहा कि एफसीआई ‘‘हाल के वर्षों में नियुक्ति के मामले में अग्रणी रहा है। निगम हर साल बड़ी संख्या में युवाओं की भर्ती करता है।'' बयान में कहा गया है, ‘‘विभिन्न श्रेणियों (श्रेणी एक, दो, तीन और चार) के तहत पदों को नियमित रूप से विज्ञापित किया जा रहा है। एफसीआई ने वर्ष 2020 के दौरान श्रेणी तीन के अंतर्गत 3,687 अधिकारियों, वर्ष 2021 के दौरान श्रेणी II के 307 और श्रेणी I के 87 अधिकारियों की नियुक्ति की है।'' एफसीआई ने वर्ष 2022 में श्रेणी दो और तीन के 5,159 पदों के लिये विज्ञापन दिया था।बयान में कहा गया है, ‘‘11.70 लाख उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया है। दो चरणों में ऑनलाइन परीक्षा पहले ही पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही समाप्त होने की संभावना है।'' एफसीआई, खाद्यान्न की खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है।
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नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विमानन कंपनी स्पाइस जेट को तत्काल 75 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। यह राशि एक मध्यस्थता निर्णय से जुड़ी 578 करोड़ रुपये की राशि पर ब्याज के तौर पर मीडिया उद्यमी कलानिधि मारन और उनकी काल एयरवेज को सौंपी जाएगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा 13 फरवरी, 2023 को पारित आदेश में कोई संशोधन नहीं किया गया है, और इसलिए इसका पालन करना होगा।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने 29 मई को पारित आदेश में कहा, “चूंकि निर्णय देनदार (स्पाइसजेट) डिक्री धारक (मारन और काल एयरवेज) को 75 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करने में विफल रहा था, इसलिए उच्चतम न्यायालय के 13 फरवरी, 2023 के आदेश के पैरा 15 (2) के संदर्भ में, निर्णय देनदारों को ब्याज के रूप में पूरी बकाया राशि तत्काल जमा करने के लिए कहने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसलिए ऐसा निर्देश दिया जाता है। संपत्ति का शपथ पत्र भी आज से चार सप्ताह के भीतर दाखिल किया जाए।” उच्चतम न्यायालय ने 13 फरवरी के अपने आदेश में कहा था, “अपीलकर्ता (स्पाइसजेट) तीन महीने के अंदर प्रतिवादी (मारन और काल एयरवेज) को 75 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान याचिका के निपटान के चलते लंबित ब्याज के कारण देयता के ऐवज में करेंगे।” उच्च न्यायालय ने दो नवंबर, 2020 को एयरलाइन को उसके पूर्व प्रवर्तक मारन और काल एयरवेज के साथ शेयर हस्तांतरण विवाद के सिलसिले में ब्याज के तौर पर लगभग 243 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने सात नवंबर, 2020 को उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी।इसके बाद इस वर्ष 13 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने कहा कि स्पाइस जेट की 270 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी को तुरंत भुनाया जाना चाहिए और मारन व काल एयरवेज को मध्यस्थ न्यायाधिकरण के आदेश के अनुरूप बकाया राशि के ऐवज में उसका भुगतान किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि उसने स्पाइस जेट को तीन महीने के अंदर मारन और काल एयरवेज को 75 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। - लुधियाना (पंजाब)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यहां गुरुवार को कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनावों से पहले कभी मुफ्त उपहारों की पेशकश नहीं की, बल्कि बगैर किसी भेदभाव के जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया। मोदी सरकार की पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मांडविया ने कहा कि देश ने इस अवधि के दौरान तेज गति से प्रगति की है। मंत्री ने कहा, ‘‘देश कोविड-19 महामारी से सफलतापूर्वक निपटा। ना केवल देश के 130 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया, बल्कि अन्य देशों को भी (कोविड के) टीकों का निर्यात किया गया।''उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का एक रोडमैप तैयार किया है और इस पर काम शुरू कर दिया गया है।’’मांडविया ने कहा कि मोदी सरकार ने ‘रेवड़ी’ (चुनावों से पहले मुफ्त उपहार बांटने की) संस्कृति को खत्म कर दिया और लोगों का सशक्तीकरण किया।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पंजाब के लोग इसका फायदा नहीं उठा सके थे क्योंकि राज्य सरकार ने समय पर अस्पतालों को धन आवंटित नहीं किया था।उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद पंजाब के लोगों को फिर से इस योजना के तहत लाभ मिलना शुरू हो गया है।
- जींद (हरियाणा)। हरियाणा में जींद के रामकली गांव में एक महिला ने कथित रूप से मकान की छत से छलांग लगा दी और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतका के भाई की शिकायत पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जुलाना थाना के जांच अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि मृतका के भाई की शिकायत पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार रामकली गांव के दीपक की पत्नी मोनिका ने संदिग्ध हालत में मकान की छत से छलांग लगा दी और अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया। मोनिक के भाई और चंद्रपाल गांव के निवासी जोनी ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन मोनिका की शादी दिसंबर 2016 मे रामकली गांव के दीपक के साथ हुई थी। भाई ने आरोप लगाया शादी के बाद से ससुराल वाले मोनिका को दहेज के लिए तंग कर रहे थे जिसका मामला अदालत में चल रहा है। जोनी का कहना है कि लगभग एक माह पहले दीपक मोनिका को अपने साथ ले आया। उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन ने दहेज उत्पीडऩ से तंग आकर आत्महत्या की है। पुलिस ने जोनी की शिकायत पर आरोपी पति दीपक, आरोपी जेठ संदीप, आरोपी जेठानी शिमला, आरोपी ससुर राजबीर के खिलाफ देहज हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम करा मायका पक्ष को सौंप दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। (सांकेतिक फोटो।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड' ने दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का हल ‘मैत्री की भावना' से करने का गुरुवार को संकल्प लिया। साथ ही, इस पड़ोसी देश (नेपाल) से अगले 10 वर्षों में बिजली का आयात मौजूदा 450 मेगावाट से बढ़ा कर 10,000 मेगावाट करने सहित कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। मोदी और प्रचंड के बीच हुई व्यापक वार्ता में, भारतीय पक्ष 40 मेगावाट तक बिजली भारत के मार्फत नेपाल से बांग्लादेश को निर्यात किये जाने के प्रथम त्रिपक्षीय ऊर्जा कारोबार पर सहमत हुआ। इस कदम को वृहद क्षेत्रीय सहयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।मोदी ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों को हिमालय की ऊंचाई तक ले जाने के लिए प्रयास जारी रखेंगे। भारत और नेपाल ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किये, जिनमें ‘ट्रांजिट' की एक संशोधित संधि शामिल है, जिसे विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह नेपाल को भारत के अंतरदेशीय जलमार्गों तक पहुंच उपलब्ध कराएगी और इससे व्यापार एवं निवेश में बहुत योगदान मिलने की उम्मीद है। दोनों पक्षों ने संपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को विस्तारित करने के लिए एक भविष्योन्मुखी रुख के तहत जलविद्युत, पेट्रोलियम से संबद्ध बुनियादी ढांचा, रेल संपर्क, सीमा के आरपार भुगतान प्रणाली और व्यापार तथा निवेश में सहयोग विस्तारित करने की कई नयी पहल को भी ठोस रूप दिया। बैठक के बाद, मोदी ने अपने प्रेस बयान में कहा कि उन्होंने और प्रचंड ने भविष्य में दोनों देशों के बीच साझेदारी को ‘सुपर हिट' बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं ।नरेन्द्र मोदी ने प्रचंड की मौजूदगी में कहा, ‘‘हम अपने संबंधों को हिमालय की ऊंचाई तक ले जाने का प्रयास जारी रखेंगे। और इस भावना के साथ, हम सभी मुद्दों का समाधान करेंगे, चाहे वह सीमा विवाद से संबद्ध हो या कोई अन्य मुद्दा हो।'' भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आये प्रचंड ने अपनी टिप्पणी में कहा कि उन्होंने और मोदी ने सीमा मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री मोदीजी से, स्थापित राजनयिक तंत्र के माध्यम से सीमा मुद्दे का हल करने का अनुरोध किया।''
- तिरुपति। एक रूसी श्रद्धालु अचुता माधव दास ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के विभिन्न न्यासों को गुरुवार को 7.6 लाख रुपये का दान दिया। अपने मित्र के साथ आए दास ने दान का चेक टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी ए.वी.धर्म रेड्डी को सौंपा।टीटीडी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया, ‘‘दानकर्ता ने 1.64 लाख रुपये एसवीबीसी ट्रस्ट को और एक-एक लाख रुपये की राशि एसवी अन्न प्रसादम ट्रस्ट, गोसमरक्षणा, प्राणदान, विद्यादान, वेदपरायण ट्रस्ट और श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना को दिया है।''
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इंफाल. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को भारत-म्यांमा सीमा पर स्थित मणिपुर के मोरेह का दौरा किया और कुकी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने वहां सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि शाह सोमवार रात को विमान से इंफाल पहुंचे। उन्होंने दोपहर में कांगपोकपी जिले का दौरा किया और विभिन्न संगठनों से मुलाकात की। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मणिपुर के मोरेह में कुकी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से आज मुलाकात की।'' अधिकारी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर एक अलग पोस्ट में कहा कि उन्होंने मोरेह में रहने वाले कुछ तमिल व्यापारियों सहित विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। शाह ने कहा, ‘‘मोरेह में कुकी और अन्य समुदायों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। उन्होंने मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार की पहल को मजबूत समर्थन व्यक्त किया है।'' उन्होंने कहा कि शाह ने तेंगनुपाल जिले के मोरेह में विभिन्न केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक भी की। शाह ने ट्वीट किया, ‘‘मोरेह (मणिपुर) में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया।''
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका इस यात्रा में शाह के साथ हैं। हालांकि इन बैठकों में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह शामिल नहीं हुए थे।
हिंसा ग्रस्त मणिपुर में शांति बहाली के अपने प्रयासों के तहत केंद्रीय गृह मंत्री ने मंगलवार को मैतेई और कुकी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने जातीय हिंसा से त्रस्त राज्य में इस तरह की घटनाओं में इजाफा के मद्देनजर सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने शाम में सर्वदलीय बैठक भी की। गृह मंत्री मणिपुर के चार दिवसीय दौरे पर हैं और राज्य में शांति बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
मंगलवार को मैतेई और कुकी समुदाय के लोगों ने शांति के लिए प्रतिबद्धता जताई थी और आश्वस्त किया था कि वे संकटग्रस्त राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में काम करेंगे। शाह ने मंगलवार को मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और इंफाल में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि मणिपुर की शांति और खुशहाली उनके सरकार की शीर्ष प्राथमिकता और अधिकारियों को शांति में खलल डालने वाली किसी भी प्रकार की गतिविधि से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया। तीन मई को मणिपुर में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद गृह मंत्री पहली बार पूर्वोत्तर राज्य का दौरा कर रहे हैं। मणिपुर में ‘जनजातीय एकता मार्च' के बाद पहली बार जातीय हिंसा भड़क उठी। अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मैतेई समुदाय ने तीन मई को प्रदर्शन किया था जिसके बाद ‘जनजातीय एकता मार्च' का आयोजन किया था। मणिपुर करीब एक महीने से जातीय हिंसा से प्रभावित है और राज्य में इस दौरान झड़पों में इजाफा देखा गया है। कुछ सप्ताह की खामोशी के बाद पिछले रविवार को सुरक्षा बलों एवं उग्रवादियों के बीच गोलीबारी भी हुई। अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। -
बेंगलुरु. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक ने बुधवार को बेंगलुरु में बार-बार आने वाली बाढ़ से बचने के लिए बरसाती नालों (एसडब्ल्यूडी) के बुनियादी ढांचे की 600 किलोमीटर से अधिक इजाफा करने की सिफारिश करते हुए एक रिपोर्ट प्रकाशित की। कंपनी ने यह भी कहा कि सरकार को एसडब्ल्यूडी अवसंरचना के रिमॉडलिंग और विस्तार पर 2,800 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहिए। ‘बेंगलुरु शहरी बाढ़' शीर्षक अपनी रिपोर्ट में, नाइट फ्रैंक ने रेखांकित किया कि चूंकि बेंगलुरु देश के आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्रों में से एक है, इसलिए शहर के विकास को समायोजित करने के लिए रियल एस्टेट विकास का विस्तार जारी रहेगा। कंसल्टेंसी कंपनी ने कहा कि लंबी अवधि के अस्तित्व के लिए, रियल एस्टेट के सामंजस्यपूर्ण विकास और बेंगलुरु के पारिस्थितिकी तंत्र को और नुकसान पहुंचाए बिना सहायक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर अधिक जोर देने की जरूरत है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि शहरी बाढ़ की बार-बार होने वाली घटनाओं से बचने के लिए शासी निकायों को शहर के एसडब्ल्यूडी बुनियादी ढांचे का कायाकल्प और पुनर्निर्माण करने की आवश्यकता है। पिछले साल सितंबर में, मूसलाधार बारिश के कारण बेंगलुरु के कई हिस्सों में पानी भर गया था और आईटी कंपनियों के साथ-साथ कई आवासीय इलाके कई दिनों तक जलमग्न रहे थे।






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