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- नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि के अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर कायम रखा है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि भारत दुनिया की वृद्धि का इंजन बनने के लिए तैयार है।दास ने रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश करते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की धीमी पड़ती रफ्तार के बीच घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत मांग होने से जुझारू क्षमता दिखा रही है।आरबीआई गवर्नर ने कौटिल्य के महान ग्रंथ ‘अर्थशास्त्र’ को उद्धृत करते हुए कहा कि देश की प्रगति के लिए वृहद-आर्थिक स्थिरता और समावेशी विकास बुनियादी तत्व हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में कई तरह के और अप्रत्याशित झटकों से निपटने के लिए हमने जिस तरह का नीतिगत मेल किया है, उसने वृहद-आर्थिक एवं वित्तीय स्थिरता को मजबूती दी है।’’उन्होंने कहा कि बाह्य क्षेत्र भी काफी हद तक प्रबंधन के लायक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि दशक भर पहले के दोहरे बहीखाते के दबाव की जगह अब दोहरे बहीखाते के लाभ की स्थिति है जिसमें बैंकों एवं कंपनियों दोनों के खाते मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कठिन वित्तीय परिस्थितियों, भू-राजनीतिक तनाव लंबा खिंचने और बढ़ते भू-आर्थिक विखंडन के असर से सुस्त पड़ रही है।आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘‘वैश्विक रुझानों के उलट घरेलू आर्थिक गतिविधियां जुझारूपन को दर्शाती हैं जो मजबूत घरेलू मांग से आती है। भारत दुनिया की वृद्धि का नया इंजन बनने के लिए तैयार है।’’दास ने कहा कि भू-राजनीतिक दबाव, वित्तीय बाजारों एवं ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव और जलवायु संबंधी घटनाएं वृद्धि परिदृश्य के लिए जोखिम पैदा करती हैं। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने का अनुमान रखा है।आरबीआई ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में छह प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इन तिमाहियों में जोखिम को समान रूप से ध्यान में रखते हुए समूचे वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं अगले वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में वास्तविक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रह सकती है।इसके पहले अगस्त की समीक्षा बैठक में भी आरबीआई ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 6.5 प्रतिशत वृद्धि का ही अनुमान जताया था। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश में भी आगे बढ़ रही है और अपनी अंतर्निहित वृहद-आर्थिक बुनियाद और अन्य समर्थक बिंदुओं से ताकत हासिल कर रही है।हालांकि, दास ने कहा कि जुलाई-सितंबर की तिमाही में कुछ खाद्य उत्पादों की कीमतें बढ़ने से मुद्रास्फीति में गिरावट के रुझान पर असर देखा गया है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान बरकरार रखा है।
- कोलकाता। गोल्डन फाइबर' की बंपर फसल के कारण किसानों को नुकसान होने की खबरें आने के बाद सरकार ने गुरुवार को जूट के लिए न्यूनतम मूल्य तय कर दिया है। एक अधिसूचना में जूट आयुक्त ने कहा कि खेत के स्तर पर न्यूनतम कीमत 5,050 रुपये प्रति क्विंटल और कोलकाता में डिलिवरी के लिए 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। बाजार सूत्रों ने कहा कि यह एक अच्छा कदम है, क्योंकि सबसे अधिक कारोबार वाली किस्म टीडी5 की औसत कच्चे जूट की कीमतें बुधवार को 4,100 रुपये तक गिर गई थी। जूट आयुक्त मलय चंद्र चक्रवर्ती ने कहा कि सभी प्रकार के जूट की न्यूनतम कीमत 31 अक्टूबर तक या कच्चे जूट के किसी भी व्यापार के लिए अगले आदेश तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी खरीदार या विक्रेता इस आदेश में निर्दिष्ट दरों के अलावा अन्य पर लेनदेन करने का हकदार नहीं होगा।'' जूट किसानों ने हाल ही में नादिया, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, उत्तर 24-परगना और हुगली जिलों में अपनी उपज के लिए बेहतर कीमतों और एमएसपी में वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया था और जूट की गांठों में आग लगा दी थी। पश्चिम बंगाल में लगभग पांच-छह लाख लोग जूट की खेती में लगे हुए हैं।जब किसान भारतीय जूट निगम के संग्रह केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकते हैं, ऐसे में जून की न्यूनतम कीमत तय करने की जरूरत पर चक्रवर्ती ने कहा कि ऐसे केंद्रों के माध्यम से पूरी खेतिहरों की आबादी को कवर करना हमेशा संभव नहीं होता है। जूट आयुक्त ने कहा, ‘‘इसलिए, यह आदेश किसानों और जूट के सामान निर्माताओं दोनों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए जारी किया गया है।'' जेसीआई के प्रबंध निदेशक अजय कुमार जॉली ने कहा कि वह जूट आयुक्त के कदम का स्वागत करते हैं क्योंकि इससे जूट बाजार की स्थिति में सुधार होगा और किसानों को राहत मिलेगी। भारतीय जूट निर्माता संघ के पूर्व अध्यक्ष और कई जूट मिलों के मालिक संजय कजारिया ने इस हस्तक्षेप का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कई दशक में यह पहली बार है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया गया है। कजारिया ने कहा कि सरकार द्वारा जूट बैग की खरीद अधिक होनी चाहिए क्योंकि यह पिछले साल की तुलना में अब 20-30 प्रतिशत कम है।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि बिना दावे वाली राशि के बारे में जानकारी देने वाला उद्गम पोर्टल से 30 बैंक जुड़ गये है। इससे लोगों को बिना दावे वाली राशि का पता लगाने के साथ उसके बारे में दावा करने में मदद मिलेगी। आरबीआई ने 17 अगस्त को उद्गम (बिना दावे वाली जमाराशियां- जानकारी तक पहुँचने का प्रवेश द्वार) पोर्टल शुरू किया था। इसका मकसद लोगों को एक ही स्थान पर कई बैंकों में बिना दावे वाली जमा राशि खोजने की सुविधा प्रदान करना है। शुरू में, यह सुविधा सात बैंकों के साथ शुरू की गयी थी। उस समय आरबीआई ने कहा था कि 15 अक्टूबर तक चरणबद्ध तरीके से इसमें और बैंकों को शामिल किया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा, ‘‘लोगों को सूचित किया जाता है कि 28 सितंबर, 2023 को पोर्टल पर 30 बैंकों से जुड़ी जानकारी की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। यह जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (डीईए) निधि में बिना दावे वाली जमाराशि के लगभग 90 प्रतिशत को ‘कवर' करता है।''तीस बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के सभी प्रमुख बैंक शामिल है। इसके अलावा, सिटी बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और एचएसबीसी जैसे विदेशी बैंक तथा निजी क्षेत्र के बैंकों में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं। वेब पोर्टल को इस रूप से तैयार किया गया है, जिससे लोग बिना दावे वाली राशि/खातों के बारे में पता कर सके और जमा राशि का दावा कर सके या अपने जमा खातों को संबंधित बैंकों में चालू कर सके। रिजर्व बैंक सूचना प्रौद्योगिकी प्राइवेट लिमिटेड, भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेवाएं और भाग लेने वाले बैंकों ने पोर्टल विकसित किया है। उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने फरवरी, 2023 तक बिना दावे वाली लगभग 35,000 करोड़ रुपये की जमा राशि आरबीआई को अंतरित की थी। ये वे खाते थे, जिसमें पिछले 10 साल या उससे अधिक समय से लेन-देन नहीं हुए थे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में सबसे ज्यादा 8,086 करोड़ रुपये की बिना दावे वाली राशि है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (5,340 करोड़ रुपये), केनरा बैंक (4,558 करोड़ रुपये) और बैंक ऑफ बड़ौदा (3,904 करोड़ रुपये) का स्थान है। सामान्य प्रक्रिया में, किसी बैंक में जमा राशि पर 10 साल तक कोई दावा नहीं आने पर उसे रिजर्व बैंक के ‘जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता' कोष में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
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नयी दिल्ली। गांधी जयंती के मौके पर यहां कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन में पहली बार डेढ़ करोड़ रुपये के उत्पाद बिके। केवीआईसी ने बुधवार को यह जानकारी दी। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने कहा, “दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर नयी दिल्ली के बीच में क्नॉट प्लेस स्थित खादी भवन में खादी और ग्राम उद्योग उत्पादों की अभी तक की सर्वाधिक 1,52,45,000 रुपये की बिक्री हुई।” केवीआईसी के चेयरमैन मनोज कुमार के अनुसार, प्रधानमंत्री ने 24 सितंबर को अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में लोगों से गांधी जयंती पर खादी उत्पाद खरीदने की अपील की थी। इससे लोग प्रभावित हुए। आंकड़ों के अनुसार, क्नॉट प्लेस स्थित खादी भवन पर पिछले साल गांधी जयंती पर 1,33,95,000 रुपये की बिक्री हुई थी।
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मुंबई. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को घर तक बैंक की सुविधाएं उपलब्ध कराने को बुधवार को कदम उठाया। इसके तहत, बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए हल्के उपकरण पेश किए, जिनसे विभिन्न बैंक सेवाएं ली जा सकेंगी। एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य वित्तीय समावेश को सशक्त करना और आम लोगों तक जरूरी बैंक सेवाएं पहुंचाना है। यह पहल बैंक सेवाओं का लाभ उठाने में पहुंच और सुविधा बढ़ाने का हिस्सा है। यह कदम ‘कियोस्क बैंकिंग' को सीधे ग्राहकों के दरवाजे तक लाता है। यह ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) एजेंटों को अधिक लचीलापन प्रदान करता है, जिससे उन्हें ग्राहकों, खासकर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने वाले, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। खारा ने कहा कि नई पहल के तहत शुरुआत में पांच प्रमुख बैंकिंग सेवाएं- धन निकासी, जमा, धन हस्तांतरण, बैंक खाते में रुपये पता करना और लेन-देन का लेखा जोखा (मिनी स्टेटमेंट) उपलब्ध कराई जाएंगी। ये सेवाएं बैंक के सीएसपी पर होने वाले कुल लेन-देनों का 75 प्रतिशत से ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि बैंक बाद में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत नामांकन, खाता खोलना और कार्ड-आधारित सेवाएं भी शुरू करने की योजनाएं बना रहा है।
- मुंबई । रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक बुधवार से शुरू हो गई। इस तीन-दिवसीय बैठक में नीतिगत रेपो दर की मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के संदर्भ में समीक्षा की जाएगी। बैठक में किए गए फैसलों की घोषणा शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर करेंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि एमपीसी की बैठक में रेपो दर को एक बार फिर स्थिर रखे जाने का फैसला लिया जा सकता है। मुद्रास्फीति की स्थिति और मौजूदा वैश्विक कारकों को ध्यान में रखते हुए एमपीसी रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर ही बरकरार रख सकती है। रिजर्व बैंक ने पिछले साल रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद बदली हुई परिस्थितियों में रेपो दर में बढ़ोतरी का सिलसिला मई, 2022 में शुरू किया था। नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी का यह सिलसिला फरवरी, 2023 तक जारी रहा। इस दौरान रेपो दर चार प्रतिशत से बढ़कर 6.5 प्रतिशत पर पहुंच गई। हालांकि उसके बाद से आरबीआई की मौद्रिक नीति निर्धारण संबंधी सर्वोच्च इकाई एमपीसी ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है।पिछली तीन द्विमासिक बैठकों में एमपीसी ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर ही बनाए रखा है। रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को फौरी जरूरतों के लिये उधार देता है। इस दर में बदलाव होने से बैंकों को मिलने वाला धन महंगा या सस्ता होता है और उसका असर खुदरा बैंकिंग कर्जों पर पड़ता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘‘इस बार की मौद्रिक नीति में मौजूदा दर संरचना के साथ ही नीतिगत रुख के जारी रहने की संभावना है। इसलिए रेपो दर 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखी जाएगी।'' उन्होंने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति अब भी 6.8 प्रतिशत के उच्च स्तर पर है। हालांकि सितंबर तथा अक्टूबर में इसमें कमी आने की उम्मीद है लेकिन खरीफ की पैदावार को लेकर कुछ आशंकाएं कीमतें बढ़ा सकती हैं। रेटिंग एजेंसी इक्रा लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख (वित्तीय क्षेत्र रेटिंग) कार्तिक श्रीनिवासन ने भी उम्मीद जताई कि एमपीसी नीतिगत दर को स्थिर रखेगी। उन्होंने कहा, ‘‘सितंबर के दूसरे पखवाड़े में नकदी में जो सख्ती देखी गई, वह जारी रहने की संभावना नहीं है...।'' रियल एस्टेट कारोबारियों के निकाय नारेडको (नेशनल रियन एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजन बंदेलकर ने कहा, “आरबीआई का उदार रुख जारी रहने की उम्मीद है।' उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई ने पिछले काफी समय से नीतिगत दर को स्थिर रखा हुआ है, जिसका फायदा क्षेत्र को मिला है। फिर भी त्योहारों को देखते हुए रियल एस्टेट क्षेत्र की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस समय आरबीआई का सकारात्मक कदम हमारे आवास लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।''
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उज्जवला योजना के लाभार्थी की सब्सिडी 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी है। कैबिनेट ने रक्षा बंधन और ओणम के अवसर पर LPG में 200 रुपये कटौती की घोषणा थी। आज उज्जवला के लाभार्थी के लिए 200 से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉनफ्रेंस कर कहा, ''पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। हमने रक्षा बंधन और ओणम के अवसर पर रसोई गैस के सिलेंडर में 200 रुपये की कटौती करके की थी.। ये कीमत घटकर 1100 से कम होकर 900 रुपये हो गई। उज्जवला योजना के लाभार्थी के 700 रुपये में गैस मिलने लगा था। उज्जवला योजना के लाभार्थी की बहनों की अब 300 रुपये की सब्सिडी मिलेगी. यानि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब गैस सिलेंडर 600 रुपये में मिलेंगे। 'दिल्ली में उज्ज्वला लाभार्थी फिलहाल 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के लिये 703 रुपये देते हैं, जबकि इसका बाजार मूल्य 903 रुपये है. केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद उन्हें सिलेंडर 603 रुपये में मिलेगा। -
नयी दिल्ली. देश में कोयला उत्पादन सितंबर महीने में 15.81 प्रतिशत बढ़कर 6.72 करोड़ टन रहा। एक साल पहले इसी महीने में यह 5.80 करोड़ टन था। कोयला मंत्रालय ने बुधवार को बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान कोयला उत्पादन 12.06 प्रतिशत बढ़कर 42.82 करोड़ टन रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 38.22 करोड़ टन था। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लि. का उत्पादन सितंबर महीने में बढ़कर 5.14 करोड़ टन रहा जो एक साल पहले इसी महीने में 4.57 करोड़ टन था। कोयला आपूर्ति आलोच्य महीने में बढ़कर 7.03 करोड़ टन रही जो बीते वित्त वर्ष के इसी महीने में 6.11 करोड़ टन थी। मंत्रालय ने कहा कि कोयला क्षेत्र में अच्छी वृद्धि देखी गई। उत्पादन, आपूर्ति और स्टॉक उल्लेखनीय स्तर पहुंचा।। बयान में कहा गया, ‘‘इस असाधारण वृद्धि का श्रेय सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियों को जाता है। इन कंपनियों ने इस उल्लेखनीय प्रगति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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नयी दिल्ली,। रेलवे ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 75.82 करोड़ टन माल की ढुलाई की जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 73.66 करोड़ टन था। रेलवे की माल ढुलाई इन छह महीनों में 2.15 करोड़ टन अधिक रही। रेल मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में कहा, ‘‘रेलवे ने अप्रैल-सितंबर में 81,697 करोड़ रुपये कमाये हैं, जो पिछले साल की समान अवधि के 78,991 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 2,706 करोड़ रुपये अधिक है।'' बयान के मुताबिक, सितंबर में 12.35 करोड़ टन माल की ढुलाई की गई जो साल भर पहले की समान अवधि के 11.58 करोड़ टन की तुलना में 6.67 प्रतिशत अधिक है। माल लदान में वृद्धि से रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। रेलवे ने सितंबर, 2022 में 12,332.7 करोड़ रुपये की माल ढुलाई आय के मुकाबले सितंबर, 2023 में 12,956.95 करोड़ रुपये का माल राजस्व अर्जित किया जो करीब 5.06 प्रतिशत अधिक है। मंत्रालय ने कहा कि रेलवे ने सितंबर के महीने में कोयले में 5.97 करोड़ टन, लौह अयस्क में 1.42 करोड़ टन, पिग आयरन और तैयार इस्पात में 57.8 लाख टन, सीमेंट में 62.5 लाख टन, खाद्यान्न में 45.4 लाख टन और उर्वरक में 42.3 लाख टन का लदान किया। रेलवे ने कहा है कि ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और त्वरित नीति निर्माण से समर्थित कारोबार विकास इकाइयों के काम ने उसे इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने में मदद की है।
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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि सरकार के लिए कोर बैंकिंग समाधान ‘ई-कुबेर' 31 मार्च, 2024 को रविवार के दिन भी चालू रहेगा। आम तौर पर ई-कुबेर सुविधा सरकारी अवकाशों, हर महीने के दूसरे एवं चौथे शनिवार और सभी रविवार के दिन चालू नहीं रहती है। हालांकि, महालेखा नियंत्रक (सीजीए) ने यह सुझाव दिया है कि 31 मार्च को वित्त वर्ष का अंतिम दिन होने से सभी तरह के सरकारी लेनदेन के लिए ई-कुबेर का सक्रिय रहना जरूरी है। इस बिंदु को ध्यान में रखते हुए ई-कुबेर को 31 मार्च, 2024 को भी चालू रखने का फैसला किया गया है। आरबीआई ने एक अधिसूचना में ई-कुबेर को 31 मार्च, 2024 को भी चालू रखने की जानकारी देते हुए कहा कि रविवार होने के बावजूद यह एक कामकाजी दिन होगा। ऐसा होने से उस दिन ई-कुबेर के जरिये किए गए सरकारी लेनदेन वित्त वर्ष 2023-24 का ही हिस्सा माने जाएंगे।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की एनएमडीसी का लौह अयस्क उत्पादन सितंबर में 9.8 प्रतिशत बढ़कर 30 लाख टन हो गया। कंपनी ने यह जानकारी दी। खनन कंपनी ने पिछले साल सितंबर में 27.3 लाख टन लौह अयस्क का उत्पादन किया था। कंपनी की बिक्री भी सितंबर में 25 प्रतिशत बढ़कर 31.1 लाख टन हो गई, जो पिछले साल इसी महीने में 29.1 लाख टन थी। एनएमडीसी ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से सितंबर तक 1.956 करोड़ टन लौह अयस्क का उत्पादन किया, जो पिछले साल समान अवधि में 1.618 करोड़ टन था। इस दौरान बिक्री भी बढ़कर 2.053 करोड़ टन हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 1.363 करोड़ टन थी। इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली एनएमडीसी देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क खनन कंपनी है।
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नई दिल्ली। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.3 प्रतिशत बनाए रखने का निर्णय लिया है। भारत में अनेक बाहरी चुनौतियों के बावजूद, मजबूत आर्थिक वृद्धि जारी रहने को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
विश्व बैंक ने अप्रैल की अपनी रिपोर्ट में 2023-24 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान पहले के 6.6 प्रतिशत से घटाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया था। विश्व बैंक के भारत के विकास संबंधी नवीनतम विवरण के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था पर अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की अर्धवार्षिक प्रमुख रिपोर्ट में कहा गया है कि बडी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत वर्ष 2022-23 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में शामिल था। - नयी दिल्ली। कर आकलन वर्ष 2023-24 के लिए 30 सितंबर की तय समयसीमा तक 30.75 लाख से अधिक ऑडिट रिपोर्ट ई-फाइलिंग पोर्टल पर जमा की गई थीं। आयकर विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। आयकर विभाग ने एक बयान में कहा कि इन ऑडिट रिपोर्ट में से 29.5 लाख कर ऑडिट रिपोर्ट आकलन वर्ष 2023-24 से संबंधित हैं। इनके अलावा कुछ रिपोर्ट फॉर्म 29बी, 29सी, 10सीसीबी से संबंधित हैं। विभाग ने कहा कि करदाताओं की सुविधा के लिए विभाग ने सघन पहुंच कार्यक्रम भी संचालित किए थे। इन कार्यक्रमों के तहत ई-मेल, एसएमएस, सोशल मीडिया के जरिये निर्धारित समय के भीतर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के संबंध में जागरूकता फैलाने से संबंधित 55.4 लाख संदेश भेजे गए थे। इसके अलावा आयकर विभाग की वेबसाइट पर भी करदाताओं की जागरूकता से संबंधित कई वीडियो अपलोड किए गए थे। ये प्रयास करदाताओं एवं कर पेशेवरों की तरफ से तय समय के भीतर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने में मददगार रहे हैं।
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नयी दिल्ली. भारत ने 5जी सेवाओं की शुरुआत कर मोबाइल डाउनलोड स्पीड में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। ब्रॉडबैंड और मोबाइल इंटरनेट नेटवर्क की गति की जानकारी देने वाली कंपनी ओकला के अनुसार देश 'स्पीडटेस्ट ग्लोबल इंडेक्स' में 72 पायदान चढ़कर 47वें स्थान पर पहुंच गया है। इस तरह भारत ने केवल बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे अपने पड़ोसियों से आगे है, बल्कि कुछ जी20 देशों, जैसे मेक्सिको (90वां), तुर्की (68वां), ब्रिटेन (62वां), जापान (58वां), ब्राजील (50वां) और दक्षिण अफ्रीका (48वां स्थान) से भी आगे है। देश में 5जी की शुरुआत के बाद से मोबाइल स्पीड में 3.59 गुना वृद्धि देखी गई है। औसत डाउनलोड स्पीड सितंबर 2022 में 13.87 एमबीपीएस था, जो बढ़कर अगस्त 2023 में 50.21 एमबीपीएस हो गई। ओकला की रिपोर्ट में कहा गया है, ''इस सुधार के कारण स्पीडटेस्ट ग्लोबल इंडेक्स में भारत 119वें स्थान से 72 पायदान ऊपर चढ़कर 47वें स्थान पर पहुंच गया है।'' 5जी सेवाओं की शुरुआत के साथ सभी दूरसंचार सर्किलों में समग्र उपयोगकर्ता अनुभव में सुधार हुआ है। इस दौरान परिचालकों ने बुनियादी ढांचे में भी उल्लेखनीय निवेश किया है।
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नयी दिल्ली,। वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सात प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान पट्टे पर कार्यालय स्थल की मांग शुद्ध रूप से पांच प्रतिशत बढ़कर 1.03 करोड़ वर्ग फुट हो गई। जेएलएल ने एक रिपोर्ट में यह अनुमान पेश किया है। रियल एस्टेट सलाहकार जेएलएल इंडिया ने सोमवार को पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि एक साल पहले की समान तिमाही में शुद्ध कार्यालय पट्टा 98.6 लाख वर्ग फुट का था। रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही कार्यालयों को पट्टे पर दिए जाने के मामले में पिछले डेढ़ साल में सबसे अच्छी रही है। यह रिपोर्ट देश के सात प्रमुख शहरी बाजारों के प्रदर्शन पर आधारित है। जेएलएल इंडिया के कार्यालय पट्टा परामर्श प्रमुख राहुल अरोड़ा ने कहा, ‘‘जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत के कार्यालय बाजार का प्रदर्शन मांग की मजबूत बुनियाद और वैश्विक प्रतिकूलताओं के लगभग नगण्य होने का सबूत है। इस तेजी के पीछे भारत की प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी से आने वाली मांग की अहम भूमिका है।'' आलोच्य तिमाही में बेंगलुरु में 23.8 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थल पट्टे पर दिए गए जबकि दिल्ली-एनसीआर में पट्टे पर कार्यालय स्थल की मांग 17 लाख वर्ग फुट रही। चेन्नई, पुणे और कोलकाता में भी पट्टे पर कार्यालय स्थल की मांग बढ़ी। हालांकि, हैदराबाद और मुंबई में किराये पर दिए गए कार्यालय क्षेत्र में शुद्ध रूप से गिरावट दर्ज की गई है।
- नयी दिल्ली। गूगल ने एचपी के साथ मिलकर भारत में क्रोमबुक का विनिर्माण शुरू किया है। पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) विनिर्माता ने सोमवार को यह जानकारी दी। क्रोमबुक उपकरणों का विनिर्माण चेन्नई के पास फ्लेक्स संयंत्र में किया जा रहा है। वहां एचपी अगस्त, 2020 से लैपटॉप और डेस्कटॉप श्रृंखला का उत्पादन कर रही है। गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने सोमवार को ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा, ‘‘हम भारत में क्रोमबुक के विनिर्माण के लिए एचपी के साथ भागीदारी कर रहे हैं। भारत में पहली बार क्रोमबुक का उत्पादन किया जा रहा है। इससे भारतीय छात्रों के लिए किफायती और सुरक्षित कंप्यूटिंग तक पहुंच सुगम होगी।'' एचपी के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की कि क्रोमबुक का उत्पादन भारत में शुरू हो गया है। नयी क्रोमबुक ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 15,990 रुपये से शुरू होती है। सरकार की 17,000 करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना में एचपी भी एक आवेदक है। गूगल और एचपी की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि क्रोमबुक 12वीं तक शिक्षा के लिए एक अग्रणी उपकरण है। इससे दुनियाभर में पांच करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों को फायदा हो रहा है। क्रोमबुक के स्थानीय स्तर पर उत्पादन से एचपी के भारत में पीसी पोर्टफोलियो का विस्तार हुआ है।
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नयी दिल्ली. भारती एयरटेल ने शनिवार को कहा कि उसके 5जी नेटवर्क पर पांच करोड़ ग्राहक हो गए हैं। कंपनी ने बताया कि एयरटेल 5जी प्लस सेवा शुरू करने के एक साल के अंदर ही उसने यह उपलब्धि हासिल की है। सुनील मित्तल की अगुवाई वाली दूरसंचार कंपनी ने कहा कि एयरटेल 5जी प्लस सेवाओं की पहुंच देश के सभी जिलों में हो गई है। कंपनी ने एक बयान में कहा, “एयरटेल ने पांच करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा जोड़ते हुए 5जी खंड में वृद्धि का सिलसिला जारी रखा है।” यह उपलब्धि सबसे तेजी से हासिल करते हुए एयरटेल 5जी प्लस सेवाएं अब सभी राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध है। भारती एयरटेल के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) रणदीप सेखों ने कहा कि कंपनी लाखों ग्राहकों द्वारा 5जी को अपनाने की गति से रोमांचित है। ‘हम इस मील के पत्थर तक लक्ष्य से पहले पहुंच रहे हैं।
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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को प्रणाली से 2,000 रुपये के बैंक नोटों को वापस लेने के विशेष अभियान को सात अक्टूबर तक बढ़ा दिया। आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट वापस लेने के आखिरी दिन जारी एक बयान में कहा कि जनता ने 19 मई से 29 सितंबर तक कुल 3.42 लाख करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट वापस किए हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि अब तक बदले गए नोट इस मूल्य वर्ग में कुल प्रचलित मुद्रा का 96 प्रतिशत है। आरबीआई ने कहा कि 2,000 रुपये के नोट सात अक्टूबर के बाद भी वैध मुद्रा बने रहेंगे, लेकिन इन्हें केवल आरबीआई कार्यालयों में ही बदला जा सकेगा।
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नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने सीबीडीटी चेयरमैन नितिन गुप्ता का कार्यकाल अनुबंध के आधार पर जून 2024 तक नौ महीने के लिए बढ़ा दिया है। उन्हें शनिवार को उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति के दिन सेवा विस्तार दिया गया। गुप्ता (60) आयकर विभाग के 1986 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी हैं। उन्हें पिछले साल जून में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) प्रमुख नियुक्त किया गया था। वह 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे। एक सरकारी आदेश में कहा गया कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने एक अक्टूबर 2023 से 30 जून 2024 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, अनुबंध के आधार पर गुप्ता को सीबीडीटी चेयरमैन के रूप में फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दी है।
- नयी दिल्ली. स्थिर गृह आवास ब्याज दर के बीच मजबूत मांग के चलते जुलाई से सितंबर के बीच सात प्रमुख शहरों में आवास की बिक्री सालाना आधार पर 36 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 1,20,280 इकाई हो गई। रियल एस्टेट परामर्श कंपनी एनारॉक ने एक शोध रिपोर्ट में यह जानकारी दी। एक साल पहले की समान अवधि में सात प्रमुख शहरों में आवास बिक्री 88,230 इकाई थी।एनारॉक ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि इस साल जुलाई-सितंबर की अवधि में सात शहरों में आवास की औसत कीमतें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ी। हैदराबाद में सबसे ज्यादा 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। एनारॉक ने इस बात को रेखांकित किया कि जुलाई-सितंबर में तिमाही बिक्री अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (एमएमआर) और पुणे ने कुल बिक्री में 51 प्रतिशत योगदान दिया। पुरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के दो बार से नीतिगत दर को यथावत रखने से बिक्री अच्छी बनी हुई है।उन्होंने कहा, ‘‘ इसने गृह आवास ब्याज दरों को स्थिर रखा है, जिससे आवास खरीदने की भावना अधिक बनी हुई है।'' आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2023 के दौरान दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में आवास की बिक्री छह प्रतिशत बढ़कर 15,865 इकाई हो गई, जो एक साल पहले की अवधि में 14,970 इकाई थी। एमएमआर में समीक्षाधीन अवधि के दौरान आवास बिक्री 26,400 इकाइयों से 46 प्रतिशत बढ़कर 38,500 इकाई हो गई। बेंगलुरु में आवास की बिक्री 29 प्रतिशत बढ़कर 16,395 इकाई हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 12,690 इकाई थी। पुणे में बिक्री अधिकतम 63 प्रतिशत बढ़कर 14,080 इकाइयों से 22,885 इकाई हो गई।हैदराबाद में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 11,650 इकाइयों से 41 प्रतिशत बढ़कर 16,375 इकाई हो गई। चेन्नई में 3,490 इकाइयों से 42 प्रतिशत बढ़कर 4,940 इकाई हो गई। इस साल जुलाई-सितंबर के दौरान कोलकाता में आवास की बिक्री सात प्रतिशत बढ़कर 5,320 इकाई हो गई, जो एक साल पहले की अवधि में 4,950 इकाई थी। गुरुग्राम स्थित रियल्टी कंपनी क्रिसुमी कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मोहित जैन ने कहा कि मुख्य रूप से आय के बढ़ते स्तर के कारण घर खरीदने की बढ़ती आकांक्षा से पिछले कुछ वर्षों में आवास की मजबूत मांग है। इसके आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली. विदेश यात्रा पैकेज और उदारीकृत धन प्रेषण योजना (एलआरएस) पर सात लाख रुपये से अधिक खर्च करने वालों के लिए स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की सबसे ऊंची 20 प्रतिशत की दर एक अक्टूबर से लागू होगी। वर्तमान में रिजर्व बैंक के एलआरएस के तहत विदेशों में हस्तांतरित धन पर सात लाख रुपये से अधिक की राशि पर पांच प्रतिशत टीसीएस लगता है। एक अक्टूबर से टीसीएस की दर 20 प्रतिशत हो जाएगी। अभी एक वित्त वर्ष में सात लाख रुपये तक के एलआरएस हस्तांतरण पर कोई टीसीएस नहीं लगता है। एक अक्टूबर से भी यह प्रावधान जारी रहेगा। वहीं विदेशी टूर पैकेज की खरीद पर वर्तमान में पांच प्रतिशत टीसीएस लगता है। एक अक्टूबर से सात लाख रुपये तक के ऐसे खर्च पर पांच प्रतिशत टीसीएस लगेगा। हालांकि, सात लाख रुपये से अधिक के खर्च पर टीसीएस दर 20 प्रतिशत से अधिक होगी। कोई करदाता संबंधित आकलन वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करते समय भुगतान की गई टीसीएस राशि का क्रेडिट ले सकता है। चिकित्सकीय उपचार और शिक्षा प्रत्येक के लिए सात लाख रुपये से अधिक के वार्षिक खर्च पर पांच प्रतिशत का टीसीएस जारी रहेगा। विदेशी शिक्षा के लिए ऋण लेने वालों के लिए सात लाख रुपये की सीमा से ऊपर 0.5 प्रतिशत की कम टीसीएस दर लागू रहेगी। बजट 2023-24 में एक जुलाई से प्रभावी एलआरएस और विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस दरों को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया था। वित्त मंत्रालय ने बाद में 28 जून को ऊंची दरों के कार्यान्वयन को एक अक्टूबर तक के लिए टालने की घोषणा की थी।
- नयी दिल्ली। वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में कमजोरी के रुख के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 650 रुपये की गिरावट के साथ 58,950 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।चांदी की कीमत भी 1,000 रुपये की गिरावट के साथ 73,100 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में तेजी के कारण बहुमूल्य धातुओं पर असर होने से कॉमेक्स सोना छह महीने के निचले स्तर पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,877 डॉलर प्रति औंस रहा। चांदी की कीमत भी गिरावट के साथ 22.55 डॉलर प्रति औंस रह गयी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वरिष्ठ उपाध्यक्ष-जिंस शोध नवनीत दमानी ने कहा, बाजार का ध्यान अब दूसरी तिमाही के लिए संशोधित अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के आंकड़ों और दिन के अंत में आने वाले साप्ताहिक बेरोजगार दावों पर केंद्रित है।
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अहमदाबाद. अमूल ब्रांड के तहत अपने दुग्ध उत्पाद बेचने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने कहा है कि दूध के दामों में और बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक जयेन एस मेहता ने बुधवार को कहा कि मानसूनी बरसात अच्छी रहने के बाद दूध खरीद का काम काफी बेहतर रहने का अनुमान है। ऐसे में दूध के दाम और बढ़ने की उम्मीद नहीं है। मेहता ने कहा, “गुजरात में समय पर मानसून के कारण इस साल स्थिति काफी अच्छी है, कम से कम इसका मतलब है कि उत्पादकों पर चारे की लागत के लिए अधिक दबाव नहीं है, और हम दूध खरीद के अच्छी खरीद के दौर में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए हम किसी भी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।'' उन्होंने यह बात इस सवाल के जवाब में कही कि क्या आने वाले महीनों में कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी होगी। निवेश योजनाओं पर उन्होंने कहा कि वे हर साल करीब 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं और यह अगले कई वर्षों तक ऐसा होता रहेगा। मेहता ने कहा, ‘‘...दूध की खरीद में वृद्धि के साथ-साथ प्रसंस्करण सुविधाओं में भी विस्तार की आवश्यकता है, हम राजकोट में एक नए डेयरी संयंत्र की घोषणा करेंगे... जिसकी क्षमता 20 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक की होगी और वहां एक नई पैकेजिंग और प्रसंस्करण इकाई भी होगी।'' उन्होंने कहा कि राजकोट परियोजना में कम से कम 2,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जबकि कई अन्य परियोजनाएं भी चल रही हैं। यूरोपीय संघ (ईयू) जैसे कुछ व्यापारिक साझेदारों द्वारा मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के तहत इस क्षेत्र में आयात शुल्क रियायतों की मांग के बारे में पूछे जाने पर, मेहता ने कहा कि दूध देश में 10 करोड़ से अधिक परिवारों के लिए आजीविका का स्रोत है और अधिकांश उत्पादक छोटे और सीमांत किसान हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर विकसित देश अपना अधिशेष उत्पादन हमारे देश में डंप करना चाहते हैं, तो यह हमारे किसानों के लिए एक समस्या बन सकता है और अमूल ने सरकार के सामने कई बार यही बात रखी है।'' उन्होंने कहा कि सरकार भी इसे मुख्य मुद्दा समझती है और इसीलिए सभी एफटीए में डेयरी क्षेत्र को बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत यूरोपीय ‘चीज' जैसे डेयरी सामान को मामूली 30 प्रतिशत शुल्क पर आयात करने की अनुमति देता है... वे देश ऐसी ही पहल करते नहीं दिखते ... यूरोपीय संघ को डेयरी उत्पादों का निर्यात करना मुश्किल है... अमेरिका में 60-100 प्रतिशत शुल्क है... भारत एक खुला बाजार है लेकिन यहां हम नहीं चाहते कि उनका अधिशेष सस्ती दर पर हमारे देश में आए और हमारे छोटे किसानों की आजीविका को नुकसान पहुंचाए।
- नयी दिल्ली। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया का एकल शुद्ध मुनाफा 31 मार्च, 2023 को समाप्त वित्त वर्ष में 48.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 309.5 करोड़ रुपये रहा है। कारोबार आसूचना मंच टॉफलर द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष में 208.34 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था।आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी की परिचालन आय 17,041.72 करोड़ रुपये रही, जो पिछले पांच वित्त वर्षों में सबसे अधिक है। एक नियामकीय सूचना में कंपनी ने कहा कि राजस्व में वृद्धि घरेलू बाजार में बिक्री बढ़ने के कारण हुई है। यह मुख्य रूप से भारत 2.0 परियोजना के तहत नए मॉडलों की पेशकश के कारण था। वित्त वर्ष 2021-22 में परिचालन आय 12,410.48 करोड़ रुपये थी जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में यह 6,796.52 करोड़ रुपये रही थी। शुद्ध मुनाफे के मामले में, पिछले पांच वित्त वर्षों में कंपनी ने 2020-21 में अपना सबसे ऊंचा 756.97 करोड़ रुपये शुद्ध मुनाफा कमाया था।
- मुंबई । वैश्विक मांग में कमी और घरेलू कारोबारियों के पास कच्चे माल के बढ़ते भंडार के बीच रत्न एवं आभूषण उद्योग ने अपने सदस्यों से 15 अक्टूबर से दो महीने के लिए कच्चे हीरों का आयात बंद करने को कहा है। एक परिपत्र के अनुसार, ‘‘ऑर्डर में स्पष्ट मंदी के साथ ...अमेरिका और चीन जैसी बड़ी उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाओं से खुदरा पॉलिश वाले हीरे और आभूषणों की मांग पिछली कई तिमाहियों में प्रभावित हुई है, जबकि 2021 और 2022 में मांग सर्वकालिक उच्चस्तर पर थी। इसमें कहा गया है, ‘‘इसके चलते जनवरी-अगस्त के दौरान देश के निर्यात में 25 प्रतिशत की गिरावट आई है, सितंबर में भी इसी तरह की प्रवृत्ति रही है। ऐसे कारकों के कारण, पिछले कुछ महीनों में पॉलिश हीरों की हमारी सूची में वृद्धि हुई है और मांग और आपूर्ति की स्थिति बेमेल होने से कीमतें नरम हैं।'' यह परिपत्र, मंगलवार को रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी), भारत डायमंड बोर्स, सूरत डायमंड बोर्स, मुंबई डायमंड मर्चेंट्स एसोसिएशन और सूरत डायमंड एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया है। परिपत्र में कहा गया है कि उद्योग, विशेषकर छोटे और मझोले उद्यमों के हितों की रक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत है। इसमें कहा गया है, ‘‘सदस्यों को 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर, 2023 तक कच्चे हीरों के आयात को रोकने की सलाह दी जा सकती है। यह आकलन किया गया है कि कच्चे हीरों के आयात को रोकने से उद्योग को मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।'' इसके बाद स्थिति की दिसंबर, 2023 के पहले सप्ताह में फिर समीक्षा की जाएगी। fi;le photo

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