ब्रेकिंग न्यूज़

 जीएसटी दरों में हालिया सुधार से कैंसर का इलाज किफायती होने की संभावना: एम्स शोधकर्ता

 नयी दिल्ली ।  हाल ही में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में किए गए बदलाव कैंसर उपचार को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव का संकेत देते हैं। एम्स के शोधकर्ताओं ने यह बात कही है। इन सुधारों में कर संरचना को सरल बनाना, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों पर कर हटाना तथा तंबाकू उत्पादों पर कर में वृद्धि शामिल है। दिल्ली में स्थित एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक शंकर और वैज्ञानिक डॉ. वैभव साहनी ने 'फ्रंटियर' में प्रकाशित एक टिप्पणी में कहा कि इन सुधारों के दौरान कैंसर मरीजों की आर्थिक समस्याओं का ध्यान रखा गया है और उपचार खर्च की वहनीयता से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया। शोधकर्ताओं ने उल्लेख किया कि जीएसटी परिषद ने अपनी 56वीं बैठक में कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं समेत 33 जीवनरक्षक दवाओं को जीएसटी से पूर्णतः छूट देने की सिफारिश की। इन दवाओं पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था, जिसे अब शून्य कर दिया गया है। इसके अलावा, दुर्लभ बीमारियों और कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली तीन महत्वपूर्ण दवाओं पर पहले पांच प्रतिशत जीएसटी था, जिसे घटाकर शून्य कर दिया गया है। जीएसटी परिषद ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों पर भी जीएसटी नहीं लगाने की सिफारिश की। इन पॉलिसियों पर पहले 18 प्रतिशत जीएसटी लागू था। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस नीतिगत सुधार का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें कुछ ऐसी पेटेंट दवाएं भी शामिल हैं, जिनका कोई जेनेरिक विकल्प उपलब्ध नहीं है। एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत, परिषद ने तंबाकू उत्पादों पर कर स्लैब बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने की भी सिफारिश की है, जो देश में किसी भी वस्तु वर्ग के लिए सबसे अधिक है। हालांकि, तंबाकू और उससे संबंधित उत्पाद 28 प्रतिशत के कर स्लैब के तहत ही रहेंगे, जब तक कि ऋण और मुआवजा उपकर का भुगतान नहीं हो जाता। शोधकर्ताओं ने कहा, "फिर भी, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों पर नया कर स्लैब सही दिशा में उठाया गया कदम है और इससे प्राप्त राजस्व को देश में कैंसर देखभाल के वित्तपोषण में इस्तेमाल करने का अधिक अवसर मिलेगा।" उन्होंने कहा, "साहित्य में ऐसे प्रमाण उपलब्ध हैं जो इस तथ्य का समर्थन करते हैं कि तंबाकू पर कराधान से स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होता है, विशेषकर समाज के आर्थिक रूप से वंचित वर्गों में।" एम्स, दिल्ली के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. शंकर ने कहा, "कई जीवनरक्षक कैंसर दवाओं और दुर्लभ बीमारियों के उपचारों पर जीएसटी पूर्णतः हटाया जाना, साथ ही चिकित्सा उपकरणों और डायग्नोस्टिक्स पर कर में कमी, मरीजों के जेब से होने वाले खर्च को काफी हद तक कम करेगा, बशर्ते निर्माता पूरी तरह मरीजों को ये लाभ दें।" शोध लेखकों ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा को जीएसटी से छूट दिए जाने से उपचार तक पहुंच में मौजूद वित्तीय बाधाएं और कम हो सकती हैं, विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए।  

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english