पहले फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन का शुभारम्भ, हरदीप सिंह पुरी बोले- किसानों की आय बढ़ाने और तेल आयात घटाने में मिलेगी मदद
नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को नई दिल्ली में मारुति सुजुकी द्वारा निर्मित भारत के पहले फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन नबीन भी उपस्थित रहे। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ई20 से लेकर ई100 तक विभिन्न इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों पर चल सकते हैं। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यात्री वाहन क्षेत्र में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का प्रवेश केवल एक नए वाहन का लॉन्च नहीं, बल्कि देश के ऊर्जा परिवर्तन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 37 लाख यात्री वाहन हैं और इस क्षेत्र में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाने से इथेनॉल आधारित परिवहन को नई गति मिलेगी।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सैन्य संघर्ष शुरू होने से पहले भारत के एलपीजी आयात का लगभग 60% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता था। इसके बावजूद भारत ने 1.4 अरब की आबादी वाले देश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी तेल की कमी नहीं हुई और लोग सामान्य रूप से सड़क व हवाई यात्रा करते रहे। उन्होंने बताया कि गलत सूचना फैलाकर कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशें भी हुईं, लेकिन समय पर नीतिगत हस्तक्षेप और प्रभावी प्रबंधन से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा रणनीति के तीन प्रमुख स्तंभों- उपलब्धता, सामर्थ्य और स्थिरता- के बीच संतुलन बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत ने कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी। देश ने एलपीजी उत्पादन क्षमता को संकट से पहले के स्तर की तुलना में काफी बढ़ाया है और प्राकृतिक गैस व सीएनजी की आपूर्ति विस्तार पर भी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों में दुनिया के कई देशों की तुलना में कम वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती का भी उल्लेख किया।
सतत विकास पर बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ऊर्जा परिवर्तन की सबसे सफल पहलों में शामिल हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में इथेनॉल मिश्रण 1.5% से भी कम था, जो 2025-26 में बढ़कर 20% तक पहुंच गया है। यह लक्ष्य निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले हासिल कर लिया गया। इथेनॉल खरीद 38 करोड़ लीटर से बढ़कर 1,040 करोड़ लीटर से अधिक हो गई है, जबकि उत्पादन क्षमता 421 करोड़ लीटर से बढ़कर लगभग 2,000 करोड़ लीटर तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि इससे कच्चे तेल के आयात में कमी, विदेशी मुद्रा की बचत, उत्सर्जन में कमी और किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यदि नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री का 50% हिस्सा फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में परिवर्तित हो जाता है, तो इससे 311.8 करोड़ लीटर इथेनॉल की अतिरिक्त मांग पैदा होगी। इससे किसानों को 12,403 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है। साथ ही 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी भी आएगी। उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने इथेनॉल आधारित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को शून्य-उत्सर्जन वाहन की श्रेणी में रखा है। ई85 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण पर चलने वाले वाहनों से कण पदार्थ (पीएम) का उत्सर्जन लगभग शून्य होता है, जिससे वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने में मदद मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने सरकार के फ्लेक्स-फ्यूल रोडमैप की जानकारी देते हुए कहा कि बीआईएस मानकों के अनुरूप ई85 को फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए एकल ईंधन मानक के रूप में निर्धारित करने का प्रस्ताव है। योजना के तहत शुरुआती चरण में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में 50 से 100 फ्लेक्स-फ्यूल अनुकूल ईंधन आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। दिसंबर 2026 तक इनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 500 और वर्ष 2027 के अंत तक प्रमुख शहरों में लगभग 5,000 आउटलेट तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सरकार मूल्य सहायता, सड़क कर में छूट, उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम और भंडारण व वितरण अवसंरचना के विकास जैसे उपायों पर भी काम कर रही है।
हाल ही में हीरो मोटोकॉर्प द्वारा फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलों और अब मारुति सुजुकी द्वारा फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन लॉन्च किए जाने का उल्लेख करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत स्वच्छ गतिशीलता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का ऊर्जा परिवर्तन देश में ही विकसित तकनीकों, भारतीय किसानों के सहयोग और भारतीय उपभोक्ताओं की भागीदारी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने वाहन निर्माताओं से सभी श्रेणियों में फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल तेजी से लाने और तेल विपणन कंपनियों से देशभर में ई85 की उपलब्धता बढ़ाने का आग्रह किया।




.jpg)




Leave A Comment