क्रिकेट के मैदान से समाज निर्माण की ओर — सिख प्रीमियर लीग का ऐतिहासिक फिनाले 18 जनवरी को
रायपुर। क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा देने का सशक्त माध्यम है—इसी सोच को साकार कर रहा है ऑल इंडिया सिकलिगर सिख प्रीमियर लीग (SPL)। गुरुद्वारा कलगीधर साहिब युवा सेवादार, आमनाका रायपुर द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित क्रिकेट आयोजन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है, जिसका ग्रैंड फिनाले 18 जनवरी को दोपहर 12 बजे आयोजित किया जाएगा।
इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में नागपुर और नर्मदापुरम की टीमें आमने-सामने होंगी। आयोजन स्थल रहेगा एमबीपीएल ग्राउंड, सरोना रोड, रायपुर, जहां हजारों क्रिकेट प्रेमियों की उपस्थिति से मैदान उत्सव स्थल में परिवर्तित हो जाएगा।
खेल के जरिए नशामुक्ति, एकता और प्रतिभा का संदेश
13 जनवरी से शुरू हुई इस अखिल भारतीय SPL प्रतियोगिता में देशभर से आई टीमों ने दमदार प्रदर्शन किया। पांच दिनों तक चले मुकाबलों के उतार-चढ़ाव के बाद नागपुर और नर्मदापुरम ने फाइनल में जगह बनाई है। यह प्रतियोगिता केवल जीत-हार तक सीमित नहीं, बल्कि सिख युवाओं को नशे से दूर रखने, भाईचारे को मजबूत करने और उनकी खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच देने का अभिनव प्रयास है।
समाज की सामूहिक भागीदारी से आयोजन को मिली शक्ति
इस आयोजन को सफल बनाने में समाज के वरिष्ठजनों, गणमान्य प्रतिनिधियों, आयोजक मंडल, महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भूमिका रही है।
गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब के प्रधान सरदार तिलक सिंह, सरदार रंधावा सिंह बावरी, हरपाल सिंह भामरा, रिंपी सिंह सहित आयोजन समिति के वरिष्ठ एवं युवा सदस्य निरंतर सक्रिय रहे।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
SGPC धर्म प्रचार कमेटी छत्तीसगढ़ के प्रमुख गुरमीत सिंह सैनी, संजय सिंघल, छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, छत्तीसगढ़ सिख संगठन के संस्थापक हरपाल सिंह भामरा, अध्यक्ष दलजीत सिंह चावला, छत्तीसगढ़ सिख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक जी.एस. भामरा सहित गुरबख्श सिंह साहनी, गुरदीप सिंह आनंद, समाज सेवक बसंत अग्रवाल, सोनू शर्मा, लोकेश अग्रवाल खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
शहीदी संदेश के साथ भविष्य निर्माण
गुरुद्वारा कलगीधर साहिब युवा सेवादारों द्वारा आयोजित यह SPL क्रिकेट लीग शहीद श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान, साहस और मानवता के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है। खेल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी का संचार इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
क्रिकेट प्रेमियों से अपील है कि वे इस ऐतिहासिक फाइनल के साक्षी बनें और समाज निर्माण के इस अभियान का हिस्सा बनें।










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