जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संवेदनशील पहल
मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को मिला नया जीवन
बालोद/ मानवीय संवेदना और प्रशासनिक जिम्मेदारी का अनुकरणीय उदाहरण उस समय देखने को मिला जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सूचना दी गई कि एक मानसिक विक्षिप्त महिला बालोद के बस स्टैण्ड में घूम रही है। महिला की दयनीय स्थिति को देखते हुए उसकी सूचना जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न को देते हुये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की पहल की। उक्त महिला लंबे समय से सड़क और बस स्टैंड के आसपास भटकती हुई देखी जा रही थी। उसके वस्त्र अस्त-व्यस्त थे तथा वह स्वयं की देखभाल करने में असमर्थ प्रतीत हो रही थी। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भारती कुलदीप ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मानवता के आधार पर निर्णय लेते हुए महिला को तत्काल जिला अस्पताल बालोद में त्वरित इलाज हेतु भेजा गया। अस्पताल में महिला का समुचित चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया। प्राथमिक उपचार के दौरान महिला से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया, तत्पश्चात् महिला ने अपना नाम और अपना पता बताया। चिकित्सकों की सलाह एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत महिला के दीर्घकालिक उपचार और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उसे शासकीय मानसिक चिकित्सालय, सेन्द्री बिलासपुर में भर्ती कराने हेतु श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद से रिफरल आदेश प्राप्त कर एवं आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर महिला को सुरक्षित रूप से चिकित्सालय रवाना किया गया, जहां अब उसका विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि आज के समय में इस प्रकार की संवेदनशीलता समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है, जिससे बेसहारा एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन और उचित उपचार मिल सके।








.jpg)




Leave A Comment