टीनएजर्स ने ली शपथ: खुद रहेंगे अलर्ट, दूसरों को भी करेंगे जागरूक
- सुरक्षित इंटरनेट दिवस: संत ज्ञानेश्वर स्कूल में लगी कार्यशाला में बच्चों को दिए गए महत्वपूर्ण टिप्स
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मंगलवार, 10 फरवरी को '/राष्ट्रीय सुरक्षित इंटरनेट दिवस' पर कार्यशाला लगाई गई। स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने पावर पॉइंट के माध्यम से 11वीं और 12वीं के बच्चों के साथ शिक्षकों को इंटरनेट की व्यापक दुनिया में खुद को और अपने परिजनों को सुरक्षित रखने के तरीके बताए। इस अवसर पर टीनएजर्स ने साइबर क्राइम से खुद से अलर्ट रखने और दूसरो को जागरूक करने की शपथ ली।
परितोष ने बताया कि सुरक्षित इंटरनेट दिवस यानी ‘सेफर इंटरनेट डे’ हर साल फरवरी के दूसरे मंगलवार को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों और वयस्कों को इंटरनेट के जिम्मेदार, सुरक्षित और स्मार्ट उपयोग के लिए प्रेरित करना है। इस वर्ष आयोजन की थीम एआई के ‘स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प, एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग’ पर आधारित है।
उन्होंने सोशल मीडिया एकाउंट में मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की बात कही। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध ऑनलाइन व्यवहार की रिपोर्ट साइबर क्राइम में करने का सुझाव भी दिया।
आईटी विशेषज्ञ परितोष ने स्कूली बच्चों को सावधान किया कि आज ओटीपी और यूपीआई फ्राड अधिक हो रहे हैं। अपराधी बुजुर्ग वर्ग को ज्यादा निशाना बनाते हैं इसलिए आप सभी की जिम्मेदारी है कि आप अपने घर के बुजुर्गों को इसके लिए अलर्ट करें। वहीं इनवेस्टमेंट फ्राड भी इन दिनों तेजी से बढ़े हैं।
परितोष डोनगांवकर ने कहा कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर खोजने के लिए हम गुगल करते हैं। यहां भी फ्राड की गुंजाइश अधिक होती है। इसलिए जिस कंपनी का कस्टमर केयर सर्च कर रहे हैं, उसकी सही स्पेलिंग जरूर लिखें। इस अवसर पर प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार, शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने परितोष का स्वागत सूत माता और कामधेनु गाय की प्रतिमा भेंटकर किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अखिल खरे ने किया।


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