सेवा सेतु योजना: पारदर्शिता और सुशासन की नई मिसाल
0- राकेश को मिला विवाह प्रमाण पत्र ग्रामीण का लाभ, मिला डिजीटल विवाह प्रमाण पत्र
बालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में शासकीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में ’सेवा सेतु’ एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, त्वरित और डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी सोच का परिणाम है कि अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं, एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम गुरेदा में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में सेवा सेतु की सेवाओं का लाभ राकेश कुमार को मिला है। उन्हें शिविर में विवाह प्रमाण पत्र ग्रामीण के तहत डिजीटल विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। राकेश कुमार ने प्रसन्नतापूर्वक बताया कि पहले ग्रामीण स्तर पर विवाह प्रमाण पत्र बनाने के लिए काफी समस्याएं होती थी, लेकिन अब सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से उन्हें अपने विवाह का प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन की इस नवीनतम व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पहले अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए नागरिकों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। प्रमाण-पत्र बनवाने जैसी मूलभूत सेवाओं में समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बड़ी खपत होती थी। सेवा सेतु ने इस पारंपरिक व्यवस्था को बदलते हुए नागरिकों को ’वन स्टॉप सॉल्यूशन’ उपलब्ध कराया है। अब लोग ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर रहे हैं और निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। राज्य शासन की यह पहल केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव का भी संकेत है। यह व्यवस्था नागरिकों को यह भरोसा दिला रही है कि शासन उनकी सुविधा और अधिकारों को प्राथमिकता दे रहा है।
पहले ई-डिस्ट्रिक्ट माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया, जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी हैं। इनमें 54 नई सेवाएं शामिल हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का भी सफल एकीकरण किया गया है। वर्तमान में ’30 से अधिक विभाग’ इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल या कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी हैं। बालोद जिले में वर्तमान में 250 से अधिक सेवा सेतु केन्द्रों का संचालन तहसील स्तर, नगरीय निकाय एवं ग्रामीण स्तर पर किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है। सेवा सेतु इसी अधिकार को व्यावहारिक रूप से मजबूत कर रहा है।













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